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कभी गुस्सा तो कभी प्यार

उस लड़के ने पूनम का हाथ पकड़ लिया और जबर्दस्ती एंवव्लोप पकड़ाता हुआ बोला "हिम्मत तो मुझमे बहुत कुछ करने की है, लेकिन मैं जबर्दस्ती नहीं करना चाहता।" वो एन्वेलोप को पूनम के हाथ में पकड़ा कर रोड की तरफ चल दिया।

पूनम एन्वेलोप को नीचे गिरा दी और गुस्से में आगे बढ़ गयी। लेकिन फिर उसे लगा की कहीं ये एन्वेलोप किसी और के हाथ लग गया तो उसकी बदनामी हो जायेगी। उसे पता था कि इसके अंदर क्या होगा। वो 5-7 कदम पीछे आई और एन्वेलोप उठा कर पर्स में रख ली। वो पीछे मुड़ कर देखी तो वो लड़का उसे देख कर मुस्कुरा रहा था। पूनम खुद पे खीज गयी की वो लड़का उसके बारे में क्या सोच रहा होगा। लेकिन अब क्या हो सकता था।

वो घर में अंदर आ गयी और रात का इंतज़ार करने लगी। पूनम की 3 दिन पहले चूदी हुई चिकनी चुत पे चीटियां रेंगने लगी थी। वो उस एन्वेलोप को खोलने का इंतज़ार कर रही थी। उसे पता था कि अंदर क्या होगा। लेकिन उसे अफ़सोस भी हो रहा था कि उसे लेटर लेते हुए उस लड़के ने देखा था और इसका मतलब एक तरह से उसके प्रपोजल को स्वीकार करना हुआ था।

पूनम को गुस्सा आ रहा था कि किस तरह उस लड़के ने उसका हाथ पकड़ा था और एन्वेलोप पकड़ा दिया था। लेकिन पूनम के रियेक्ट करने से पहले वो जा चूका था। लेकिन उस लड़के की नज़रों में ये बात आई होगी की पूनम को उसका प्रपोजल स्वीकार है और वो बस नखरे कर रही है। पूनम को इसी बात का अफ़सोस सबसे ज्यादा हो रहा था।

जब सब सोने चले गए तो पूनम आज फिर से गेट बंद कर ली और एन्वेलोप खोलने लगी। उसके दिल की धड़कन बढ़ गयी थी। वो एन्वेलोप खोलने से पहले ही अपने ट्रोउजर और पैंटी को नीचे कर चुकी थी। उसे पता था की अंदर क्या होगा।

वो एन्वेलोप को खोली तो उसे पेपर दिखा जिसे वो निकाल ली। पेपर थोड़ा मोटा था लेकिन pics न देखकर पूनम उदास हो गयी। वो एन्वेलोप को अच्छे से फैला कर देखी, लेकिन अंदर और कुछ नहीं था। ना फोटो और ना ही गुलाब की पंखुरियाँ।

उदास होकर पूनम बेड पर अच्छे से अपनी पीठ टिका कर बैठ गयी और पेपर देखने लगी। पेपर पे कंप्यूटर से प्रिंट किया हुआ था। जो पहला शब्द वो पढ़ी, उसके साथ ही अचानक से उसे अपने कमर के नीचे कुछ तेज़ दौड़ता हुआ महसूस हुआ।

वो एक कहानी थी और उसका शीर्षक था जिस पर पूनम की नज़र गयी थी। "पूनम की चुदाई।" अपनी चुदाई की बात पढ़कर पूनम अपनी चुत में कुछ उबलती हुई महसूस की। वो आगे पढ़ना शुरू की और तुरंत ही पेज पलटने लगी। ये एक लड़की की चुदाई की कहानी थी की कैसे वो दो लड़कों से चुदवाई और उसे कितना मज़ा आया था। कहानी के बीच बीच में कहानी के हिसाब से फोटो लगे हुए थे।

2-3 पेज पढ़ते पढ़ते ही पूनम अपने कपड़ों को पूरा उतार दी और नंगी होकर कहानी पढ़ने लगी और अपनी चुत और चुच्ची मसलने लगी। वो लगातार नहीं पढ़ रही थी और जहाँ उसे चुदाई का सीन मिल रहा था बस वहीँ पढ़ रही थी। थोड़ी ही देर में उसकी चुत ने जवानी का रस उगल दिया और पूनम हाँफती हुई बेड पे निढाल पड़ गयी।

पूनम थोड़ी देर बाद जब उठी और वो पेपर दुबारा उठाई तो उसे लगा की उसमें एक पेपर अलग से है। वो उसे पढने लगी। ये उन लड़कों का लेटर था। लव लेटर। नहीं, लस्ट लेटर।

पूनम लेटर पढने लगी. अभी तुरंत ही उसकी चुत ने काम रस उगला था तो उसे अभी फिर से उन लड़कों पे गुस्सा आने लगा था. वो गुस्से में ही लेटर पढने लगी.

प्यारी पूनम,

उम्मीद है तुम्हे मेरा पहला लेटर और साथ में भेजे हुई तस्वीरें पसंद आई होंगी. उन तस्वीरों को देख कर तुमने महसूस किया होगा की इस जवानी में हमें कितने सुख मिलते हैं और किस किस तरह से लोग उसका मज़ा लेते हैं. फिर तुम क्यों इस सुख से दूर रहना चाहती हो.

मैं तुमसे ज्यादा कुछ नहीं मांग रहा. बस एक बार अपनी इस हसीं और मदमस्त जवानी का सुख हमें भी लेने दो. मैं तुम्हे यकीं दिलाता हूँ की इसमें तुम्हे इतना मज़ा आएगा की तुम दूसरी दुनिया में पहुँचने लगोगी.

तुम्हारे हाँ के इंतज़ार में

तुम्हारी जवानी का प्यासा.

इस कागज के नीचे 2 फोटो पेपर थे जिनपे 5-6 फोटो प्रिंट किये हुए थे. पूनम की चुत की आग फिर से भड़कने लगी. वो उन तस्वीरों को गौर से देखने लगे. ये चुदाई की तस्वीरें नहीं थी. ये सिर्फ लंड की तस्वीर थी. पूनम की सांस अटक गयी. एक पिक में जिसका लंड था वो खरा था और टेबल पे उसका लंड रखा हुआ था. ऐसा लग रहा था जैसे कोई मोटा सा रॉड रखा हुआ हो, और लंड पे बोल्ड मार्कर से लिखा हुआ था “पूनम का तोहफा”

पूनम दूसरी पिक देखी उसमे लड़का लंड के साथ में फोग डियो को लगाया हुआ था और लंड की लम्बाई डिओ के उस बोतल के बराबर ही थी. इस पिक में भी वो लंड पे अपना नाम लिखा हुआ साफ साफ देख रही थी. इसी तरह और भी पिक्स थी और सब के सब लंड के क्लोज-अप वाली पिक्स ही थे.

 
पूनम पेज पलटी तो इसमें भी लंड की ही पिक्स प्रिंट किये हुए थे. पूनम की नज़र जिस तस्वीर पे रुकी वो उसमे एक नंगी लड़की अपने दोनों पैरों को फैलाये हुए सीधी लेटी हुई थी और लड़का अपने लंड को ऐसे रखे हुए था जैसे नाप रहा हो की लंड चुत के अंदर अगर होती तो कहाँ तक जाती. और उसके बगल वाली पिक में लंड चुत के अन्दर था. पूनम इमेजिन करने लगी और सोचने लगी की लंड कितना अन्दर तक होगा और उसका हाथ अपने आप चुत के छेद को छेड़ने लगा. इस पिक्स में लंड पे कुछ लिखा हुआ नहीं था. ये शायद दुसरे वाले का होगा.

पूनम दोनों पेज में लंड को गौर से देखने लगी. ये दोनों दो अलग अलग लंड थे और पूनम के अंदाज़े से वो दोनों ही लंड उसकी चुत में जाने क लिए तड़प रहे थे. पूनम पहले की भी पिक्स निकल ली. वो पहले वाले पिक्स में और इस पिक्स में लंड देखने लगी. उसे अंदाज़ा हो गया की उन पिक्स में जिस लंड से वो लड़कियां मज़े ले रहे हैं, वो यही दोनों लंड हैं और इन्ही दोनों लड़कों के हैं. पूनम अपनी चुत पे ऊँगली फिराने लगी थी और उसे मज़ा आ रहा था.

वो पिक्स रख दी और सोचने लगी की ‘मैं चुदवा तो ली हूँ, दर्द बहुत हुआ लेकिन मज़ा तो बहुत आ रहा था.’ वो रेस्टूरेंट के दृश्य पूनम की आँखों के सामने घूमने लगे जब अमित उसकी चुचियों को चूस रहा था मसल रहा था और जब वो उसकी पैंटी निकाल कर उसकी चुत को चूस रहा था और ऊँगली अन्दर बाहर कर रहा था. वो अपने मज़े को महसूस करने लगी. वो सोचने लगी की जब अमित ने उसकी चुत में लंड सटाया ही था की वो कितनी उत्तेजित हो गयी थी और उसकी चुत ने काम रस छोड़ दिया था.

लेकिन साथ साथ ही उसे अफ़सोस भी हो रहा था की वो बहुत ज्यादा मज़ा नहीं ले पाई थी. वो अमित के लंड को नोटिस करने लगी और इन पिक्स को देखने लगी तो उसे लगा की ये लंड तो बहुत बड़े हैं. पूनम सबको समेट कर रख दी और सोने लगी, लेकिन उन आँखों में नींद कहाँ जिसे चुदवाने की फिक्र हो.

वो अपने कपड़े पहन ली थी और सोचने लगी की ये लड़के कितने हरामी हैं और कैसे लड़कियों के बारे में सोचते हैं. कोई प्यार मोहब्बत की बात नहीं, कोई जिंदगी भर साथ निभाने के वादे नहीं, बस जवानी का मज़ा, सेक्स बस. बस लड़कियों को चोदना है, उनका मज़ा लेना है बस. इन लोगों ने मुझे भी रंडी समझ लिया है क्या. जिस जिस लड़कियों को इन्होने चोदा होगा वो रंडियां होंगी. मैं ऐसी नहीं हूँ. मैं ऐसा कुछ नहीं करने वाली और अबकी मैं उन्हें साफ साफ मना कर दूंगी और फिर ज्यादा हुआ तो शोर शराबा भी कर दूंगी.

उसे अफ़सोस हो रहा था की उस लड़के ने उसे एन्वेलोप उठाते हुए देख लिया था, उन लड़कों ने उसे मुस्कुराते हुए देख लिया था. लेकिन वो इन सारी गलतियों को सुधार लेगी. और रही बात मज़ा करने की, तो उसके पास उसका प्यार अमित तो है ही. जो न सिर्फ उसे सेक्स का मज़ा देगा, बल्कि उससे प्यार भी करता है और शादी भी करेगा, जिसका मतलब सिर्फ जिस्म के मज़े से नहीं है. वो अपने रूम का गेट खोल दी और अमित के बारे में सोंचते सोंचते सो गयी.

आज पूनम का मेन्सट्रूअल पीरियड ख़त्म हो गया था तो वो बाल धो कर नहा ली और फ्रेश होकर ऑफिस के लिए निकल ली. रोड पे आते ही वो दोनों लड़के रोड के उस पार खड़े दिख गए. पूनम नज़रे नीची करके चल रही थी, लेकिन न चाहते हुए भी उसकी नज़र उन से मिल ही जा रही थी. पूनम अपनी गली से निकल रही थी और वो ठीक सामने रोड के दुसरे साइड से पूनम को ही देख रहे थे.

जब पूनम रोड पे आई तो उसकी नज़र उन लड़कों के पैंट पर गयी. उसकी नज़र वहां कुछ पल के लिए रुक गयी जब उसके मन में आया की इन्ही पैंट के अन्दर वो बड़ा सा राक्षस मौजूद है जो लड़कियों के चुत को फाड़ता हुआ उनके पेट तक पहुँच जाता है. फिर से पूनम की नज़रें उस लड़के से मिल गयी और उसे महसूस हुआ की वो उनके पैंट की तरफ देख रही थी वो उसने देख लिया है. वो लड़का मुस्कुरा दिया और फिर से अचानक से न चाहते हुए भी पता नहीं कैसे पूनम की मुस्कराहट उसके चेहरे पे फ़ैल गयी. वो अपनी मुस्कान को किसी तरह दूसरी तरफ देखते हुए और चेहरे पे हाथ फेर कर छुपायी, लेकिन जिसे जो देखना था, उसने वो देख लिया था.

पूनम आगे बढ़ गयी और अब जब वो नार्मल हुई तो उसे फिर से अपने पे गुस्सा आ रहा था. लेकिन अब भला हो ही क्या सकता था. बिता हुआ वक़्त गुजर चूका था. पूनम को समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा कैसे हो जाता है। उसके मन में उन लड़कों के लिए कोई फीलिंग नहीं थी और वो उन से नफरत करती थी।

पूनम अपने ऑफिस आ गयी. उसकी चुत में फिर से खुजली हो रही थी. उसका चुदवाने का मन कर रहा था लेकिन वो चुद नहीं सकती थी. अमित आज कहीं बाहर गया हुआ था तो उससे मिलने भी नहीं आया था.

शाम में जब पूनम वापस अपने घर आई तो आज उसे रस्ते में कोई भी नहीं दिखा. वो राहत की साँस ली. पूनम पे चुत का खुमार चढ़ा हुआ था। घर आने के बाद उसे मन नहीं लग रहा था और वो आज फिर से सबके सोने का इंतज़ार कर रही थी. सबके सोते ही वो रूम बंद की और आलमीरा से उन लड़कों का भेजा हुआ सब कुछ निकल ली. वो अपने सारे कपड़े उतारकर नंगी हो गयी। उसकी चुत तो गेट बंद करते ही गीली हो गयी थी।

 
शाम में जब पूनम वापस अपने घर आई तो आज उसे रस्ते में कोई भी नहीं दिखा. वो राहत की साँस ली. पूनम पे चुत का खुमार चढ़ा हुआ था। घर आने के बाद उसे मन नहीं लग रहा था और वो आज फिर से सबके सोने का इंतज़ार कर रही थी. सबके सोते ही वो रूम बंद की और आलमीरा से उन लड़कों का भेजा हुआ सब कुछ निकल ली. वो अपने सारे कपड़े उतारकर नंगी हो गयी। उसकी चुत तो गेट बंद करते ही गीली हो गयी थी।

वो कहानी पढने बैठ गयी और आज वो पूरी कहानी पढ़ी. उसे बहुत मज़ा आ रहा था और वो कहानी पढ़ते हुए नंगी होकर अपनी चुत सहलाते जा रही थी. और कहानी ख़तम होने से पहले उसकी चुत ने काम रस छोड़ दिया. वो चुदवाना चाहती थी। उसकी चुत की प्यास ऊँगली करने से कम नहीं हो रही थी बल्कि और बढ़ रही थी। वो उस तरह से चुदवाना चाहती थी जैसे फोटो में वो रंडियाँ चुद रही थी। उसे चुत के अंदर ऊँगली नहीं लण्ड चाहिए था जो उसकी चुत की दीवारों को अंदर तक रगड़ता हुआ उसकी चुदाई करे। लेकिन अफ़सोस की ऐसा हो नहीं पा रहा तंग।

पूनम सारी चीजों को वापस अलमीरा में रखी, अपने कपड़े पहनी और गेट खोल कर सोने लगी. सुबह वो तैयार होकर फिर से ऑफिस चल दी. आज फिर से वो लड़के वहीं खड़े थे और अपनी होने वाली रंडी को वासना भरी नज़रों से घूर रहे थे.

पूनम लेग्गिंग्स कुर्ती पहनी हुई थी और चलने से उसकी ऊपर नीचे होती छाती और कुर्ती जो चुत के पास दोनों जांघों के बीच में सट गयी थी, उन जगहों को वो ऐसे देख रहे थे जैसे वहां कपड़े हो ही नहीं और पूनम रोड पे नंगी ही चलकर उनकी तरफ आ रही हो. पूनम आज खुद पे पूरा कण्ट्रोल किये हुए थी और उन लड़कों की तरफ देख भी नहीं रही थी. लेकिन जिस तरह से वो लड़के उसे देख रहे थे, उसे बहुत गुस्सा आ रहा था. लेकिन इस तरह वो देखते भी क्यू नहीं, पूनम की हरकतों ने उन्हें समझा दिया था की बस अब कुछ ही समय की बात है और ये मस्त माल उनके लण्ड के नीचे होगी और अपने हसीं जिस्म का मज़ा दे रही होगी.

पूनम अब रोड पे आ गयी थी और अब उसे महसूस हो रहा था कि उन लड़कों की ऑंखें उसकी पीठ, कमर और गांड पे चिपकी हुई है। वो रोड पे खुद को नंगी महसूस कर रही थी। उसके पास कोई चारा नहीं था। वो लड़के उससे दूर थे और पूनम भी पुरे कपड़े पहने थी, लेकिन एक स्त्री अपने जिस्म पे पड़ती निगाहों को भी जान लेती है।

पूनम ऑफिस पहुँच गयी और इन सबको भूल कर वो अपने काम में लग गयी। आज पूनम की बात अमित से हो पाई. पूनम उसे अपने ऑफिस के फ़ोन से उसके मोबाइल पे कॉल की थी और आज फिर से दोनों दोपहर में उसी केबिन में थे. पूनम आज इस केबिन में नहीं बल्कि एक बंद कमरे में अमित के साथ रहना चाहती थी जहाँ वो उस दिन से भी ज्यादा मस्ती से चुदवा सके. लेकिन आज ऐसा संभव नहीं था क्यू की अमित के नज़रों में आज कोई रूम खाली नहीं था. उस दिन तो पूनम और अमित की किस्मत अच्छी थी की अमित का वो दोस्त घर में अकेला था और उसके घर जाने में कोई दिक्कत नहीं था. लेकिन आज ऐसा नहीं था और अमित होटल जाने का रिस्क नहीं ले सकता था.

अमित पूनम को किस कर रहा था, उसकी चुच्ची मसल रहा था, निप्पल चूस रहा था और चुत में भी ऊँगली करता हुआ चूस रहा था, लेकिन पूनम को मज़ा नहीं आ रहा था. आज उसकी चुत ने पानी नहीं छोड़ा और जब वेटर आया तो अमित वापस अपनी जगह पे बैठ गया था. वेटर के जाते ही उसने अपना लंड बाहर निकल लिया और पूनम गौर से उस लंड को देखने लगी. उसे ये लंड फोटो वाले लंड से थोड़ा छोटा लगा, लेकिन वो इग्नोर कर दी. अब जो भी है, यही लंड उसके लिये बना है.

 
वो झुक कर लंड चूसने लगी. आज उसे बुरा नहीं लग रहा था. वो लंड को ज्यादा से ज्यादा मुंह में भर रही थी . अमित खड़ा हो गया और अब पूनम सहूलियत के साथ लंड चूसने लगी. अमित को बहुत मज़ा आ रहा था. 5 दिन पहले तक जो लड़की इतनी शरीफ थी की 6 महीने तक उसे खुद को किस भी नहीं करने दी थी, आज रेस्तौरेंट के केबिन में आराम से उसका लंड चूस रही थी. अमित पूनम के सर पे हाथ रख कर लंड चुसवाने का मज़ा ले रहा था.

उसे बहुत मज़ा आ रहा था और जब उसका लंड पूनम के मुंह के अन्दर था, उसके लंड ने एक झटका मारा और पूनम को अपने मुंह में कुछ गर्म सा महसूस हुआ. अचानक इस तरह होने पे वो खुद को सम्हाल नहीं पाई और अपना मुंह पीछे कर ली. अमित के लंड से वीर्य टपक रहा था और जो वीर्य पूनम के मुंह में गिरा था, वो अनजाने में ही सही, लेकिन पूनम उसे निगल चुकी थी.

पूनम लण्ड से गिरते हुए वीर्य को आश्चर्य से देख रही थी और फिर वो एक पल के लिए सोची की क्या करे और फिर उसे लगा की इससे पहले की देर हो जाये और सारा वीर्य ख़त्म हो जाये, वो अमित के लंड को अपने मुंह में फिर से ले ली. फिर से वीर्य उसके मुंह में गिरा और वो उसका स्वाद समझने लगी. मुंह में जाते ही अमित के लण्ड ने फिर से झटका मारा और फिर से वीर्य पूनम के मुंह में गिरा. पूनम ताज़ा ताज़ा गरमा गर्म वीर्य अपने मुंह में ले रही थी. उसे अजीब सा लगने लगा. वो अपना मुँह हटा ली और मुँह में आये वीर्य को बाहर फेंकने की तयारी करने लगी. लेकिन तुरंत ही उसके मन में ये ख्याल आया की पहली बार लंड चूसते वक़्त भी तो उसे बुरा लगा था, लेकिन वो लंड चुसी न. वो वीर्य को निगल गयी.

अमित के लंड पे अभी भी वीर्य की कुछ बूदें जमा थी, वो सोची की फिर से लंड मुंह में ले ले, लेकिन वो ऐसा कर नहीं पाई. उसे अजीब सा लग रहा था और उबकाई आनेवाली थी, वो गिलास से एक घूँट पानी पीने लगी. अमित अभी तक यूँ ही खड़ा था. उसके लिए तो ये एक अचीवमेंट था की उसने पूनम जैसी हसीना को अपना लंड चुसवाया था और उसे अपना वीर्य पिलाया था।

पूनम के मुँह का टेस्ट अभी तक बदला नहीं था और उसे अपने गले में कुछ अटका हुआ सा लग रहा था तो वो कोल्ड ड्रिंक की बोतल उठा ली और पीने लगी.अमित का लण्ड अब सिकुड़ गया था तो उसने अपने लंड को अन्दर किया और बैठ गया. वो भी कोल्ड ड्रिंक पीने लगा. वो पूनम की तरफ देख रहा था और जब पूनम की नज़र उससे मिली तो पूनम अचानक से खिलखिला कर हंस दी. वो अपनी हंसी रोक नहीं पा रही थी और बोली “खूब खुश हो न. छिः... कितना गन्दा चीज़ पिला दिए मुझे.” अमित भी शरारती मुस्कान भरता हुआ बोला “इतना ही गंदा था तो पी क्यू.” पूनम तिरछी नज़र करती हुई शर्माती हुई नीचे देखकर बोली “वो तो तुम्हारी ख़ुशी के लिए.” दोनों हँस दिए और रेस्टॉरेंट से बाहर आ गए और फिर पूनम वापस अपने ऑफिस आ गयी.

पूनम खुश थी की आज उसने वीर्य का टेस्ट तो कर लिया. लेकिन फिर भी उसकी प्यास अभी तक मिटी नहीं थी. उसे बहुत कुछ करना था और उसकी चूत में जैसे कुछ दौड़ रहा था. लेकिन वो कर ही क्या सकती थी.

आज जब पूनम वापस घर जा रही थी तो फिर से वो लड़का पूनम की गली के कार्नर पे था. शाम हो चूकी थी तो फिर से रोड पे सन्नाटा था, और जो 1-2 लोग थे भी तो वो लड़का डरने वालों में से नहीं था. आज पूनम सोंच ली की उस लड़के को मार कर भगा देगी. हालाँकि उसे डर भी था की कहीं बात ज्यादा न बढ़ जाये या उसके घर में न पहुँच जाये. लेकिन इस लड़के के दिमाग में जो बात बैठा हुआ है, उसे निकाल देना बहुत जरूरी है.

पूनम रोड पे ही थी की वो लड़का पूनम के नजदीक आ कर बोला “हाय डार्लिंग “

सुनते ही पूनम का गुस्सा सांतवे असमान पे जा पहुंचा. बोली “तुम समझते क्या हो खुद को. अपनी बहन को भी वही सब दिए हो क्या. भागो यहाँ से और ख़बरदार अगर कभी अगर मेरे आसपास भी आये तो.”

 
पूनम को गुस्से में देख उस लड़के को भी गुस्सा आना ही था. वो भी गुस्से में ही बोला “बोल तो ऐसे रही हो जैसे कितनी शरीफ हो. तुम्हे क्या लगता है मैं तुम्हारे बारे में कुछ नहीं जनता क्या.” उसके मुंह से ऐसा सुनकर पूनम शॉक्ड सी हो गयी. वो लड़का आगे बोला “देखो, तुम किसके साथ क्या कर रही हो और क्या नहीं, मुझे उससे कोई मतलब नहीं , मैं बस इतना कह रहा हूँ की मेरे साथ भी एक बार मस्ती कर लो. बस.”

पूनम की बोलती बंद हो गयी थी, लेकिन वो फिर से अपने गुस्से को बढाती हुई बोली “मुझे ऐसी वैसी समझने की गलती भी मत करना. मैं उस टाइप की लड़की नहीं हूँ. भागो यहाँ से नहीं तो तुम सोंच भी नहीं सकते की मैं तुम्हारा क्या करवाउंगी. बोलती हुई पूनम तेज़ तेज़ कदमो से चलती हुई अपने घर की तरफ चल पड़ी। वो जब अपने घर का गेट खोल रही थी तो देखि की वो लड़का अभी भी कार्नर पे ही खड़ा था और उसे ही देख रहा था.

पूनम को बहुत डर लग रहा था की कहीं उसकी माँ ये सब देख न ली हो या सुन न ली हो. लेकिन उसकी माँ अन्दर किचेन में कुछ कर रही थी. पूनम चैन की साँस ली और अपने रूम में चली गयी. थोड़ी देर बाद वो छत पे जाकर देखी लेकिन अभी वहां कोई नहीं था.

पूनम को बहुत डर लग रहा था. उसे समझ में नहीं आ रहा था की क्या करे. कभी उसका मन होता की माँ को ये सब बता दी, लेकिन फिर डर होता की कहीं अगर उसके घर में अमित के बारे में न पता चल जाये. दूसरा डर ये था की कहीं ये बात पापा को पता चली तो पापा उसका घर से बाहर निकलना बंद करवा देंगे और फिर न तो वो नौकरी कर पायेगी और न ही अमित से मिल पायेगी, जिसे वो अपना सब कुछ दी चुकी है और जिससे वो बहुत प्यार करती है और शादी करना चाहती है.

2-3 इसी तरह शांति से गुजर गए थे। पूनम उन लड़कों के लेटर और पिक्स को डर से फेंक दी थी की कहीं उसकी माँ उसे देख न ले। वो लड़के उसे दिखे जरूर थे लेकिन फिर से उनलोगों ने कोई भी रिएक्शन नहीं दिया था। पूनम की चुत की खुजली मिटी नहीं थी और वो चाह कर भी अमित से चुदवा नहीं पाई थी। अभी स्थिति ऐसी थी की उसे अफ़सोस हो रहा था कि वो उन पिक्स को क्यू फेंक दी। उसे फिर से उसी तरह के पिक्स देखने का मन कर रहा था और वो चाह रही थी की वो लड़के फिर से उसे पिक्स और स्टोरी अगर दे देते तो अच्छा रहता।

 
पूनम अपने पेरेंट्स के साथ रात का खाना खा रही थी की फ़ोन आया की पूनम के मामा का एक्सीडेंट हो गया है और वो लोग हॉस्पिटल में हैं.. सब लोग परेशान हो गए. उसकी मम्मी का तो रो रो कर बुरा हाल था. उसके मम्मी पापा अभी ही वहां के लिए निकल पड़े. दोनों ने जाने से पहले पूनम को बहुत कुछ समझा दिया था की सारे गेट, खिड़की अच्छे से बंद कर लेना और लाइट ऑफ रखना, कोई कितना भी आवाज़ दे गेट मत खोलना इत्यादी. वो अपनी बेटी को अकेली छोड़कर जाना भी नहीं चाहते थे और ऐसे में रात में ले जाना भी ठीक नहीं था.

मम्मी पापा के जाते ही पूनम घर में अकेली हो गयी. इससे पहले भी वो 2-3 बार अकेली रही थी, लेकिन आज उसके मन में एक अनजानी ख़ुशी थी. मम्मी पापा के जाते ही वो अपने घर के सारे खिड़की दरवाजे को चेक की की वो ठीक से बंद हैं की नहीं और फिर सबसे पहले अपने सारे कपड़े उतर कर वो नंगी हो गयी और फिर अमित को कॉल लगायी. अमित तो शॉक्ड हो गया की इतनी रात में पूनम उसे कॉल की है. थोड़ी देर अमित को परेशान करने के बाद वो अमित को बताई की वो घर में अकेली है और सारी रात अकेली ही रहने वाली है. अमित तो आने के लिए उतावला हो गया. पूनम उसे बताई की सामने के गेट से मत आना, पीछे का जो रास्ता है उधर से आना. अमित भी अपने घर में किसी दोस्त के एक्सीडेंट का बहाना बनाकर घर से निकल पड़ा अपनी प्रेमिका के साथ रात बिताने, उसकी चुदाई करने.

अभी अमित के आने में टाइम था तो वो इधर से उधर घूमने लगी। उसे नंगी रहने में बहुत मज़ा आ रहा था। उसकी चुत फिर से गीली होने लगी और वो चाह रही थी की जल्दी से अमित आये और उसकी इस गीली चुत को रौंद कर चोद डाले. वो सोफे पे अपने पैरों को फैलाये हुए बैठी थी और अपनी हसीं चुत को सहलाती हुई सोच रही थी की आज कैसे कैसे अमित से चुद्वायेगी. आज उसके पास पूरा टाइम था.

थोरी देर बाद घर का फ़ोन बज उठा. वो कॉल रिसीव की तो अमित का फ़ोन था की वो आ रहा है और उसके घर के पास आ चूका है. पूनम उसे पीछे के गेट का रास्ता समझाई। पहले तो वो सोंची थी की नंगी ही अमित के लिए गेट खोलेगी, ताकि अमित उसे देख कर शॉक्ड हो जाये, लेकिन वो ऐसा कर नहीं पाई. एक बार की चुदाई में वो इतनी बेशर्म नहीं बनी थी.

वो अपनी मम्मी की एक नाइटी पहल ली. उसे वो नाइटी ढीली हो रही थी, लेकिन पूनम को इससे कोई प्रॉब्लम नहीं था. कौन सा इसे पहन कर कहीं उसे बाहर जाना था. बस गेट खोलना था और कुछ ही देर में तो अमित इसे उतार कर उसके बदन से अलग कर फेंक देता. नाइटी फुल गाउन स्टाइल का था और सामने में चैन लगा हुआ था छाती तक.

थोरी देर बाद फिर पूनम के घर का फ़ोन बजा. फिर से अमित था और वो पीछे के गेट तक पहुँच गया था. पूनम एक लम्बी साँस ली और गेट खोलने चल दी. वो नाइटी के अंदर और कुछ नहीं पहनी थी। उसे आज रात भर अपने यार के साथ मस्ती करना था. खूब चुदवाना था. वो गेट का लॉक खोली और गेट को हल्का सा खोल कर धीरे से बोली “अमित?” अमित “ह्म्म्म” बोलता हुआ गेट को धक्का दिया और पूनम गेट खुलने दी. अमित आधा गेट खोल कर ही अन्दर आ गया और उसके अन्दर आते ही पूनम तुरंत गेट बंद कर दी.

अमित की सांसे तेज़ चल रही थी. वो मुस्कुराता हुआ पूनम को देखने लगा. पूनम भी उसे देख कर मुस्कुराते हुए शर्मा दी और नज़रें नीची कर ली. अमित ने अपनी बाँहों को फैलाया और पूनम उसमे सिमट गयी. पूनम को आज कुछ जयादा ही शर्म महसूस होरहा था. वो अपनी चुदाई के लिए आज अमित को बुलाई थी.

अमित ने पूनम का चेहरा ऊपर उठाया और उन पंखुरियों पे अपने होठ रख दिए और उस फूल का रसपान करने लगा. अमित का हाथ पूनम की पीठ और गांड पे घूम रहा था और उसने कस के पूनम को अपने बदन से चिपकाया हुआ था। पूनम भी अमित के बदन से चिपकी हुई अपनी मुलायम आज़ाद चुच्चियों को अमित के सीने से दबाये हुए उसके होठों को चूस रही थी। अमित अपनी जानेमन के जिस्म को सहलाता हुआ नाइटी को ऊपर उठाता गया. पूनम को उम्मीद भी यही थी और वो भला क्यू उसे रोकती. जब नाइटी कमर तक आ गयी तो अमित को ये देख कर बहुत ख़ुशी हुई की उसकी रानी ने अन्दर कुछ भी नहीं पहना हुआ है. उसके हाथों में पूनम की नंगी मुलायम गांड थी जिसे हुए वो दबाता हुआ मसल रहा था।

 
पूनम ने अमित का हाथ पकड़ लिया और “ये सब कुछ नहीं होगा” बोलते हुए वो अमित से छिटक कर दूर हो गयी. अमित बस खड़ा देखता रह गया. उसे पूनम से इस हरकत की उम्मीद नहीं थी. पूनम मुस्कुराती हुई बोली “बैठो, कॉफी बनाती हूँ.”

“तुमने मुझे कॉफी पिलाने बुलाया है इतनी रात में “ बोलता हुआ अमित फिर से पूनम की तरफ बढ़ा ताकि फिर से उसे अपनी बाँहों में भर सके और उसके हसीं बदन का मज़ा ले सके. वो अभी भी अपने हाथों में उसके गुदाज नितम्बों की छुअन महसूस कर रहा था.

पूनम मुस्कुराती हुई किचन की तरह चल पड़ी. “तुमने कभी मेरे हाथ का बना कुछ टेस्ट नहीं किया है न, तो सोची की आज अच्छा मौका है, तुम्हे टेस्ट करा देती हूँ आज.” अमित थोड़ी देर तो यु ही खड़ा रहा. उसे पूनम पे गुस्सा भी आ रहा था और वो खीज भी रहा था. लेकिन वो कर ही क्या सकता था। अभी कुछ दिन पहले तक तो वो पूनम को गले लगाने से भी डरता था और अब तो इतना कुछ हो रहा था। उसके पास तो पूरी रात पड़ी थी। वो भी किचन की तरफ चल पड़ा.

पूनम किचन स्लैब के पास खड़ी थी और कॉफी बनाने के लिए बर्तन में पानी और दूध डाल रही थी. अमित पूनम के बदन को गौर से निहारा और पीछे आकर उसकी गांड पे अपना हाथ सहलाया. पूनम का रोम रोम हिल गया लेकिन वो अमित की हरकत का कोई विरोध नहीं की. अमित नाइटी के ऊपर से उसकी गांड को सहला रहा था और अन्दर कोई और कपड़ा न होने से उसके चिकनेपन का मज़ा ले रहा था.

वो फिर से नाइटी को ऊपर करने लगा और पूनम के बदन से सट कर उसके गर्दन और कान पे किस करता हुआ “आई लव यू मेरी जान” बोला. पूनम बहुत रोमांचित महसूस कर रही थी. अमित की हरकतों से ज्यादा मज़ा उसे ये महसूस करके आ रहा था की वो किचन में बस नाइटी पहने खड़ी है और उसका BF उसके बदन से खेल रहा है.

अमित फिर से नाइटी को कमर तक उठा चूका था और अब उसका हाथ फिर से पूनम की चिकनी गांड पे था। गांड को सहलाता हुआ अमित अब अपना हाथ सामने लाया तो उसका हाथ चिकने पेट से फिसल कर चुत पे पहुँच गया जहाँ अभी हल्की हल्की झांटें उग आई थी. पूनम का बदन सिहर रहा था और उसकी चुत गीली हो चुकी थी. पूनम अमित का हाथ पकड़ ली और उसे अपने बदन से हटाते हुए बोली “तुम फिर शुरू हो गए.”

अमित ने अपना हाथ हटा लिया नाइटी फिर से नीचे हो गयी. अब अमित का एक हाथ सामने से नाइटी के ऊपर से ही पूनम के पेट पे था और दूसरा हाथ वो गर्दन को सहलाता हुआ सामने ला रहा था. अब उसे पूनम से कोई डर नहीं लगता था क्यू की को अपनी GF की एक बार चुदाई कर चुका था. उसका नीचे वाला हाथ और गर्दन के पास वाला हाथ दोनों बीच में आये और अब उसके दोनों हाथों में पूनम का एक एक लड्डू था जिसे वो बड़े प्यार से सहला रहा था. अमित से ज्यादा मज़ा पूनम ले रही थी नाइटी के ऊपर से अपनी खुली चूचियां मसलवा कर। अमित भी बिना ब्रा वाली चूचियों को नाइटी के ऊपर से मसल कर बहुत खुश था। पहले तो अमित चूचियों को बस सहला रहा था, लेकिन थोड़ी ही देर में वो नाइटी के ऊपर से ही उन गोल मुलायम और अब भारी हो गयी चूचियों को मसल रहा था।

अमित का मुंह पूनम के कान पे किस कर रहा था और उसका बदन पीछे से पूनम के जिस्म में पूरी तरह सटा हुआ था. पूनम अपनी गांड पे अमित के लण्ड के उभार को महसूस कर रही थी. वो अभी अमित को रोक नहीं रही थी। अमित अपना हाथ नाइटी के अन्दर डालना चाह रहा था लेकिन उसे रास्ता नहीं मिल रहा था. नाइटी फुल नेक वाली थी और गर्दन के पास तक थी. तभी अमित को सामने सीने पे लगा चेन दिखा और उसने चेन को खोल कर नीचे कर दिया.

अब उसे पीछे से ही पूनम की चूचियां नाइटी में झूलती हुई दिख रही थी. उसने अपने हाथों से नाइटी को साइड किया और अब आराम से नंगी चुचियों को हाथ में लेकर हल्के हाथों से मसलने लगा. उसे बहुत अच्छा लग रहा था लेकिन अभी भी उसे अपने हाथों और चुचियों के बीच में कुछ रुकावट लग रहा था. वो नाइटी को कंधे से नीचे करने लगा और नाइटी अब कमर पे आकर पूनम के हाथ पे अटकी हुई रुकी थी. अमित ने उसे उतार देना चाहा लेकिन पूनम फिर से अपनी नाइटी को कंधे पे कर ली और बोली “मम्म अमित, ये क्या कर रहे हो तुम.” पूनम की आवाज़ में खुमारी साफ झलक रही थी.

अमित फिर से चूच्ची मसलता हुआ नाइटी नीचे करने लगा. नाइटी बस कंधे पे अटकी थी तो अमित ने जरा सा नीचे खिंचा ही था की नाइटी वापस से पूनम के कमर के पास पहुँच गयी और पूनम के कलाई के वजह से नीचे नहीं गिरी थी. अमित ने पूनम के कान में कहा “गिरने दो न उसे, क्यू रोक रही हो जानू.” अमित ने बहुत प्यार से ये अल्फाज़ पूनम के कानो में धीरे से कहा था. उसने पूनम को अपनी तरफ घुमाया और उसके होठ चूसने लगा.

अब पूनम की नंगी चुच्ची अमित के सीने से दब रही थी। पूनम के बदन को सहलाता हुआ अमित नाइटी को फिर से नीचे खिंचा और पूनम अपने हाथ को सीधी कर दी, नाइटी नीचे गिर गयी और पूनम नंगी होकर अपने प्रेमी की बाँहों में समां गयी. अमित पूनम के होठों को चुसे जा रहा था और उसकी चूची और गांड को कमर को सहलाता मसलता जा रहा था. पूनम अमित की बाँहों में समाती जा रही थी। आज उसे कोई हड़बड़ी नही थी। आज तो उसे रात भर इसी तरह नंगी होकर जी भरकर मस्ती करना था।

 
अब पूनम की नंगी चुच्ची अमित के सीने से दब रही थी। पूनम के बदन को सहलाता हुआ अमित नाइटी को फिर से नीचे खिंचा और पूनम अपने हाथ को सीधी कर दी, नाइटी नीचे गिर गयी और पूनम नंगी होकर अपने प्रेमी की बाँहों में समां गयी. अमित पूनम के होठों को चुसे जा रहा था और उसकी चूची और गांड को कमर को सहलाता मसलता जा रहा था. पूनम अमित की बाँहों में समाती जा रही थी। आज उसे कोई हड़बड़ी नही थी। आज तो उसे रात भर इसी तरह नंगी होकर जी भरकर मस्ती करना था।

पूनम वापस अपने होश में आई जब उसे कॉफी के उबलने का एहसास हुआ. वो अमित की पाकर से खुद को छुड़ाई और बोली “छोड़ो, कॉफी गिर जायेगा.” अमित ने भी अपनी पकड़ को ढीला कर दिया और पूनम जल्दी से वापस किचन स्लैब की तरफ घूम कर गैस को बंद की और फिर कॉफी को कप में डालने लगी. अमित पीछे से पूनम के नंगे गोरे, चिकने मुलायम जिस्म को निहार रहा था.

पूनम को एहसास था की वो किस अवस्था में है और उसे शर्म आ रही थी. वो अमित से एक बार चुद चुकी थी और उसके साथ मस्ती भी कर चुकी थी, लेकिन फिर भी इस तरह पूरी नंगी रहने में उसे शर्मिंदगी का अनुभव हो रहा था. वो एक हाथ से कलाई से अपनी चुचियों को ढंकी और एक कप अमित के हाथ में पकड़ाती हुई बोली “लो, चलो बहार.”

पूनम झुक कर अपनी नाइटी उठाने लगी. अमित ने पैर से पूनम की नाइटी को दबा दिया और बोला “नहीं, अब इसे उठाने की जरूरत नहीं है, ऐसे ही रहने दो.” पूनम शर्माती हुई मुस्कुराती हुई बोली “अच्छा मिस्टर, खुद तो पुरे सूट बूट में हो और मैं ऐसे ही रहूँ.” वो अमित के पैर के निचे से नाइटी खिंच ली और उसे अपने बदन पे रख ली.

अमित ने अपने कॉफी को स्लैब पे रख दिया और पूनम के बदन से सट कर नाइटी हटाने लगा. बोला “नहीं, इसे रहने दो. मैं भी हटा देता हूँ अपने सारे कपड़े, प्लीज़ तुम ऐसे ही रहो. ऐसा मौका हमें फिर कहाँ मिलेगा.” वो फिर से पूनम के लिप को चूसने लगा तो पूनम उसे रोक दी और बोली “ठीक है, नहीं पहनूंगी, कम से कम शरीर पे ऐसे ही तो रहने दो. मुझे ऐसे नंगी रहने में शर्म आती है.”

अमित कुछ नहीं बोला और अपना कॉफी का कप हाथ में ले लिया. पूनम भी अपना कप हाथ में ले ली. अमित वहीं खड़ा था की कहीं पूनम वापस से नाइटी पहन न ले. लेकिन पूनम नाइटी को पहनी नहीं थी, बस अपने कंधे पे रखे हुए थी. पूनम बोली “चलो बाहर.” तो अमित बोला “नहीं, पहले तुम चलो. मैं बाहर जाऊंगा तो तुम नाइटी वापस पहन लोगी.” पूनम शरमाते हुए बोली “बोली न, नही पहनूंगी. लेकिन तुम पहले जाओ. मैं आगे रहूंगी तो तुम्हे पीछे से सब दखता रहेगा.”

अमित आगे चल दिया और बाहर हाल में आकर सोफे पे बैठ गया. पूनम भी उसके पीछे ही आकर दुसरे सोफे पे बैठ गयी. वो नाइटी को कंधे पे ही रखे थी, लेकिन वो ऐसे रखा हुआ था की अमित को कुछ दिख नहीं पा रहा था. अमित अपने शर्ट के बटन को खोल कर शर्ट को ढीला कर दिया बेल्ट को खोल कर जीन्स के बटन को भी खोल दिया था.

वो उठ कर पूनम के बगल में बैठने आ गया तो पूनम फिर से मुस्कुराती हुई बोली. “कॉफी पियो न चुपचाप. जब से आये हो शैतानी ही कर रहे हो.” उसकी आवाज़ में शरारत भरी हुई थी. अमित कॉफी को टेबल पे रखता हुआ बोला “जिसके सामने इतनी रसीली जानेमन बैठी हो, उसे कॉफी पीने में मज़ा आएगा क्या?”

 
वो पूनम से सट कर बैठ गया और उसके बदन को सहलाता हुआ उसके बदन को चूमने लगा और फिर पूनम की नाइटी को उसके बदन से हटाकर दूर फेंक दिया. पूनम अब नंगी बैठी थी और अब अमित भी पूनम के जिस्म से खेलता हुआ अपने शर्ट को उतार दिया और फिर गंजी भी उतार कर अपने जिस्म से पूनम के जिस्म को सटा कर कोमलता का मज़ा लेने लगा. पूनम नंगी थी और अमित का साथ दे रही थी. वो बोली “पहले कॉफी तो पी लो.” अमित खड़ा हो गया और अपनी जीन्स को उतारने लगा.

पूनम उसके सामने नंगी बैठी थी और वो अपना कप हाथ में लेकर कॉफी पीने लगी थी। अमित जीन्स तो उतार चुका था, लेकिन उसे अपनी चड्डी उतारने में शर्म आ रही थी. वो पूनम के पास बैठने आने लगा तो पूनम बोली “इसे क्यू नहीं उतारे, मेरा उतारने में तो बहुत मज़ा आ रहा था.” अमित पूनम के बगल में बैठ गया और बोला "तुम्हारा मैंने उतारा था, इसलिए बहुत मज़ा आ रहा था। अपना भी मैं ही उतारूँ क्या!!!" अमित ने पूनम का हाथ पकड़ कर अपनी जांघों पे रख लिया और पूनम कॉफी पीती हुई हाथ आगे बढ़ा कर चड्डी के ऊपर लण्ड पे ले आयी। अमित इस तरह बैठ गया कि पूनम आसानी से अपना हाथ चड्डी के अंदर कर दी लण्ड सहलाते हुए और चड्डी नीचे करने लगी। अमित कमर ऊपर कर दिया और अपनी चड्डी नीचे कर उतार दिया। उसका लंड अभी पुरा टाइट नहीं था और उसकी जांघों के बीच में झूल रहा था.

दो जवान नंगे जिस्म आपस में सट कर कॉफी पी रहे थे. अमित का कॉफी पीने में कोई इंटरेस्ट नहीं था, लेकिन कहीं पूनम नाराज़ न हो जाये इस डर से वो कॉफी पी रहा था और पूनम के जिस्म को सहला रहा था. उसने पूनम को उठा कर अपनी जांघों पे बिठा लिया और एक हाथ से उसके कमर, पीठ और चूची को सहला रहा था और दुसरे हाथ से कोफ्फी पी रहा था. अमित का लंड करवट लेने लगा था तो उसने पूनम का एक हाथ अपने लंड पे रख दिया. अब दोनों जवान जोड़े एक एक हाथ से कॉफी पी रहे थे और दुसरे हाथ से एक दुसरे के बदन को सहला रहे थे.

अमित ने जल्दी से अपना कॉफी ख़तम कर लिया और अब दोनों हाथों से पूनम की जवानी के मज़े लूटने लगा. उसका हाथ अब पूनम की चुत के पास था उसकी उँगलियाँ पूनम के जवानी के रस में भीग रही थी. पूनम की भी कॉफी ख़तम हो गयी थी तो वो अब सिसकारी लेने लगी थी. अमित उसकी चूच्ची को चूस रहा था और चुत में ऊँगली डाल कर अन्दर बाहर कर रहा था. पूनम अपने पैरों को अच्छे से फैला दी थी और अमित के लंड पे अपने हाथ को अच्छे से ऊपर नीचे कर रही थी. वो पूरी तरह गरमा गई थी और अब उसे अपनी चुत में ऊँगली नहीं, अमित का लण्ड चाहिए था।

वो अमित की गोद से उठ खड़ी हुई और अपने बेड रूम की तरफ चल पड़ी. अमित भी उसके पीछे आने लगा. बेड के पास पहुँचने से पहले ही अमित ने पूनम को अपनी बाँहों में पकड़ लिया और एक साथ ही दोनों बेड पे आ बैठे. अमित ने पूनम को बेड पे सीधा लिटा दिया और उसके दोनों पैरों के बीच में आता हुआ उसकी चुत को चूसने लगा. अमित का हाथ पूनम की चूचियों को मसल रहा था और पूनम आह आह करती हुई अपने दोनों पैरों को अच्छे से मोड़ कर फैला दी थी और अमित पुरे मज़े से पूनम के जवानी के मज़े ले रहा था.

वो पूनम के बगल में लेट गया और उसके चूच्ची को मुंह में भरता हुआ लंड को चुत के पास रगड़ने लगा. अब अमित पूनम के ऊपर आ गया और लण्ड को चुत से रगड़ता हुआ अंदर डालने की कोशिश करने लगा। जो लंड अभी कुछ देर पहले तक पूरा टाइट था, अभी अचानक ढीला हो गया. पूनम अपने पैरों को पूरा फैलाये इस इंतज़ार में थी अब अमित उसपे हमला करेगा और वो उस दर्द को बर्दाश्त करेगी. पूनम खुद को कंट्रोल किये हुए थी की कहीं उस दिन की तरह ऐसा न हो की लण्ड चुत से सटे और वो पानी छोड़ दे। अमित लंड को चुत से सटा कर दबा रहा था, लेकिन लंड में अब इतनी अकड़ नहीं थी की पूनम के चुत के किले को भेद सके.

अमित परेशान हो गया की ये क्या हो रहा है. जिस लड़की के बारे में सोच कर उसका लंड टाइट हो जाता था, जिसकी सील को वो तोड़ चुका है, वो सामने चुत फैलाये नंगी लेटी है और मेरा लंड ढीला पड़ रहा है. उसने फिर से कोशिश किया लेकिन कोई फायदा नहीं. वो अपने लंड को हाथो से रगड़ कर टाइट करने लगा, लेकिन जैसे उसके लंड ने कसम खा रखी हो की आज वो खड़ा नहीं होगा. उसे बहुत गुस्सा आ रहा था. ऐन मौके पे उसका लंड उसे धोखा दे रहा था.

पूनम को समझ में नहीं आया की हुआ क्या है जो अभी तक अमित ने उसकी चुत पे धावा नहीं बोला है. वो नीचे देखी तो अमित परेशानी से अपने लुंज पुंज लंड को जगाने की कोशिश कर रहा था. पूनम भी चिड़चिड़ा गयी की ये क्या हो रहा है और वो अपना हाथ बढा कर लंड को हाथ में ले ली. पूनम का हाथ लगते ही लंड में थोड़ी जान तो आई, लेकिन अभी भी वो पूरी तरह खड़ा होने के मूड में नहीं था.

 
पूनम उठ कर बैठ गयी. वो चुत में लंड लेने के लिए पूरी तरह तैयार थी लेकिन लंड तो जैसे लड़ाई से पीछे भाग रहा था. पूनम लंड को सहलाने लगी और फिर जब लंड थोड़ा टाइट हुआ तो वो लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी. उसे भी समझ में नहीं आ रहा था की अचानक ये क्या हुआ है, उस दिन वो इसी लंड से चुदी थी और इसी लण्ड ने उसकी कुँवारी चुत की सील तोड़कर खून निकाला था और उस दिन रेस्टुरेंट में इसी लंड को चूस कर वो इसका वीर्य पीई थी. अमित सीधा लेट गया था और पूनम उसके लंड पे झुक कर उसे चूस रही थी.

लंड टाइट हो गया था तो पूनम उसके ऊपर आकर बैठने लगी जिससे की लंड उसकी चुत में आ जाये, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा था. लण्ड टाइट हो गया था तो अमित ने पूनम को सीधा लिटा दिया और चुत पे धक्का लगाने लगा. लेकिन फिर से लंड ढीला हो गया था. पूनम पुरी तरह से गर्म थी तो वो चिड़चिड़ा रही थी। अमित को अपने एक दोस्त की बात याद आ गयी जो वो लोग आपस में अक्सर करते थे की "देख लेना बेटा, कहीं ऐसा न हो की चोदने जाओ तो लंड खड़ा ही न हो.

“चोदन चोदन सब करे चोद सके न कोई,

जब चोदन की बारी आई, लंड खड़ा न होए.”

अभी यही हालत अमित की थी. पूनम को अजीब सी चिड़चिड़ाहट हो रही थी की इतना अच्छा मौका मिला, सोची की रात भर हर तरह से चुदवाऊँगी, तो अब इसका लंड ही किसी काम का नहीं हो रहा है. पूनम फिर से अमित का लंड चूसने लगी तो फिर से अमित का लंड टाइट हो गया लेकिन पूनम के छोड़ते ही वो फिर से ढीला हो गया. अमित बहुत शर्मिंदगी महसूस कर रहा था।

पूनम भी आज चुदवाने के पुरे मूड में थी. इतना अच्छा मौका उसे पता नहीं फिर मिलता की नहीं। वो बेड से उतर कर वेसिलीन ले आई और उसे अपनी चुत पे लगा ली और फिर से अमित को सीधा लिटा कर उसका लंड चूसने लगी. अब जब लंड टाइट हुआ तो वो लंड पे भी वेसलीन लगा दी और फिर लण्ड को हाथ से पकड़ कर उसके ऊपर बैठ गयी और उसे अपनी चुत पे दबाने लगी. उसकी चूत तो ऐसे ही गीली थी, वेसिलीन ने उसे पूरी तरह चिकना कर दिया था. लंड को चूत के छेद पे सटा कर वो रगड़ने लगी और फिर जब रास्ता बन गया तो उसे अन्दर लेने लगी.

उसकी इस हरकत से लंड भी और टाइट हो गया था और लंड उसके हाथ में था तो सुपाड़ा अन्दर आने लगा. सुपाड़ा के अन्दर आते ही वो लंड को हाथ से छोड़ दी और उसे दबाने लगी. लंड टाइट हो गया था तो सरसराता हुआ अन्दर पहुँच गया. पूनम आनंद से लबरेज़ हो गयी। पूनम खुद को एडजस्ट की और लण्ड को पूरी तरह अपनी चुत में समा ली। लंड चूत की दीवारों से रगड़ता हुआ पूरा अंदर पहुँच गया। पूनम अपना हाथ अमित के सीने पे रखी और अपनी कमर को ऊपर उठा कर वापस से नीचे करने लगी। लण्ड अब पूरी तरह से टाइट होकर अन्दर बाहर हो रहा था और पूनम अपने BF से चुद रही थी।

अब अमित जोश में आ गया और वो पूनम की चुच्ची पे हाथ रख कर उसे मसलने लगा। पूनम अमित के ऊपर लेट गयी और उसकी चुच्ची अमित के सीने से दब रही थी। अब अमित पूनम की पीठ और गांड को सहला रहा था और पूनम अपनी कमर को जोर जोर से ऊपर नीचे करती हुई अमित के होठों को पागलों की तरह चूस रही थी। उसे बहुत मज़ा आ रहा था। वो पूरी नंगी होकर पुरे मज़े से चुद रही थी। जोर जोर से धक्के लगाने से लण्ड बाहर निकल गया तो पूनम वापस से उसे चुत में डाल ली। जब दूसरी बार लण्ड चुत से बाहर निकला तो अमित पूनम को नीचे करके खुद उसके ऊपर आ गया और चूत पे फुल स्पीड में धक्के लगाने लगा. पूनम को और मज़ा आने लगा था और तभी अचानक अमित ने लंड बाहर निकल लिया और उसकी चुत के ऊपर पेट पे वीर्य गिराने लगा. पूनम कुछ समझ नहीं पाई.

 
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