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कभी गुस्सा तो कभी प्यार

पूनम बिना पैंटी के थी तो उसे बहुत अजीब लग रहा था. आज पहली बार वो बिना पैंटी के रोड पे थी. बिना पैंटी के तो वो घर पे नही रहती थी, आज अपने बाय्फ्रेंड के साथ रोड पे घूम रही थी. बिना पैंटी के उसे ऐसा लग रहा था जैसे वो नीचे कुच्छ पहनी ही नही है और नंगी है. उसे बहुत शर्म आ रही थी. उसे लग रहा था की उसके स्कर्ट पे दाग लग रहा होगा.

5 मिनिट मे वोलोग एक घर के सामने थे. पूनम पुछि भी कि ये किसका घर है, ये हम कहाँ आ गये हैं. लेकिन अमित ने कोई जवाब नही दिया और वो अंदर आकर गेट पे नॉक किया. गेट एक लड़के ने खोला, जिसे अमित ने अपनी बाइक की चाभी दी और बोला जा कोल्ड ड्रिंक और स्नॅक्स ले कर आना. और आने से पहले फोन कर लेना.

वो लड़का मुस्कुराता हुआ पूनम की तरफ देखा और सिर झुकाकर "नमस्ते भाभी" बोलता हुआ बाहर चला गया और पूनम शरमा गयी कि वो लड़का क्या सोच रहा होगा मेरे बारे मे. वो अमित से बोली भी ये बात तो अमित बोला वो कुच्छ नही सोचेगा. वैसे भी और कहाँ जाते. अभी इसके मम्मी पापा यहाँ नही है तो इसलिए यहाँ आ गये.

दोनो अंदर आ गये और अमित ने गेट बंद किया और पूनम को बाहों मे भरकर गोद मे उठा लिया और उसके होठ चूमते हुए उसे बेड पे गिरा दिया. वो बहुत खुश था. वो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अकेले था एक घर मे जिसके साथ वो बहुत कुच्छ कर चुका था और यहाँ और भी बहुत

कुच्छ करने आया था. गिरने पे पूनम के मुँह से “आह. क्या कर रहे हो की आवाज़ आई. लेकिन अमित ने कुच्छ नही सुना. अब उसे डर नही

लग रहा था. उसने पूनम के लोंग स्कर्ट को पकड़ा और नीचे खिचने लगा.

 
दोनो अंदर आ गये और अमित ने गेट बंद किया और पूनम को बाहों मे भरकर गोद मे उठा लिया और उसके होठ चूमते हुए उसे बेड पे गिरा दिया. वो बहुत खुश था. वो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अकेले था एक घर मे जिसके साथ वो बहुत कुच्छ कर चुका था और यहाँ और भी बहुत

कुच्छ करने आया था. गिरने पे पूनम के मुँह से “आह. क्या कर रहे हो की आवाज़ आई. लेकिन अमित ने कुच्छ नही सुना. अब उसे डर नही

लग रहा था. उसने पूनम के लोंग स्कर्ट को पकड़ा और नीचे खिचने लगा.

पूनम हडबडा गयी और अपनी स्कर्ट को पकड़ ली. अमित ने पूनम की स्कर्ट पकड़े देखा तो अपने हाथ को पूनम के पैरों पे रेंगता हुआ उसकी जांघों को सहलाने लगा. उसका हाथ उपर जा रहा था और अंदर पैंटी तो थी नही. पूनम अपनी जांघों को सटा ली और अपने हाथ को

आगे करके अमित का हाथ रोकने लगी. अब अमित का हाथ उपर नही जा पा रहा था तो वो साइड से हाथ को पूनम की कमर तक ले

आया. पूनम जब तक अपने बचने का कोई रास्ता ढूँढती, अमित का हाथ उसकी चूत के उपर था.

पूनम अमित का हाथ रोकती हुई अपने घुटने मोड़ ली. अमित चिड गया. "क्या कर रही हो जानू, छोड़ो ना, देखने दो ना, इतना अच्छा मौका मिला है, अच्छे से देखने दो ना."

पूनम सोच रही थी कि वो सही कर रही है या नही. उसके दिमाग़ मे वो फोटोस घूमने लगे जो उसने रात मे देखे थे. वो स्कर्ट से अपनी पकड़ ढीली कर दी. अमित ने तुरंत स्कर्ट को नीचे खींच दिया और पूनम नीचे से नंगी हो गयी. उसे शर्म आने लगी तो वो अपने दोनो हाथों को उपर

करके अपनी कलाई को अपनी आँखों पे रख ली.

अमित ने स्कर्ट को पूनम के पैर से बाहर निकाल दिया और अपनी गर्लफ्रेंड के चमकते हुए जिस्म को देख रहा था. चूत एरिया पूरा चिकना था और चमक रहा था. पूनम को लगा कि अमित उसकी चूत को घूर रहा होगा तो वो शरमा गयी और अपनी टॉप को नीचे की तरफ खींच कर

अपनी चूत को ढकने की कोशिश करने लगी. अमित चूत पे झुक गया और चूत के उपर किस किया. पूनम का जिस्म झनझणा उठा. उसकी

दोनो जांघे आपस मे चिपक गयी.

अमित ने पैरों को फैलाने का कोशिश किया लेकिन कामयाब नही हो पाया तो वो अपना हाथ टॉप के अंदर करके टॉप उठाने लगा और फिर से उस दूधिया चुचियों को बाहर निकाल दिया. अमित चुचि पे झुक गया और अच्छे से मुँह मे भरकर चूसने लगा. पूनम का जिस्म हिलने लगा.

अमित चुचि चूस्ता हुआ उसके बदन को सहला रहा था. पूनम की गीली चूत और गीली होने लगी. अब अमित का हाथ फिर से पूनम की चूत

पे था लेकिन अब पूनम की जंघे ढीली हो गयी थी और अमित की उंगली उसकी चूत की दरारों को सहला रही थी.

अब अमित उठ कर बैठ गया और उसने दोनो पैरों को मोड़ कर फैला दिया. वो पहली बार किसी चूत को इस तरह से देख रहा था. चूत के लब खुल गये थे. अमित दोनो पैरों के बीच अच्छे से बैठ गया और चूत को मुँह मे भरकर अच्छे से चूसने लगा. पूनम की चूत पिघलने लगी थी.

अमित का हाथ उपर आया और उसने दोनो चुचियों को पकड़ लिया और सहलाने लगा.

पूनम को बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन अभी उसे लंड देखना था. उसे अपनी चूत मे लेना था और अपना कुँवारापन दूर करके मस्ती करना था.

अमित चूत चूस्ते हुए ही चुचि मसल रहा था. उसने निपल को ज़ोर से मसल दिया. पूनम उसके हाथ पे हल्के से एक चपत मारी और बोली बस मुझे ही परेशान करो, अपना तिज़ोरी मे बंद ही रखो. अमित तो खुशी से फूला नही समा रहा था. वो चूत चूस्ते हुए ही अपने शर्ट के बटन

खोलने लगा. ऐसा करने मे उसे परेशानी हो रही थी तो वो खड़ा हुआ और अपने कपड़े उतारने लगा.

पूनम फिर से अपने टॉप से अपनी चूत को ढँक ली और अपनी कलाई को अपने आँख पे रख कर लेटी रही. अमित जल्दी जल्दी अपना सारा कपड़ा उतार लिया और पूरा नंगा हो गया और पूनम के बगल मे आकर लेट गया और उसके होठ चूमते हुए उसके बदन को सहलाने लगा.

 
अपने जिस्म से सटे हुए अमित को नंगा पाकर पूनम फिर से गरमा गयी और अमित का साथ देने लगी. अमित उसे अपने बदन मे चिपकाए

उसके होठों को चूस रहा था और उसकी कमर गान्ड को सहला रहा था.

अमित उसके टॉप को उतारने लगा लेकिन वो ऐसा कर नही पा रहा था तो पूनम उठ कर बैठ गयी और अपनी टॉप को उतार दी. अमित तुरंत उसके पिछे आया और ब्रा का हुक खोल दिया. और ब्रा उतारने मे पूनम की मदद करने लगा. अगले ही पल दो जवान जिस्म एक साथ

एक कमरे मे नंगे थे. अमित पूनम के जिस्म से लिपट कर उसके बदन की नर्मी का मज़ा ले रहा था.

पूनम अभी तक ठीक से लंड को देख नही पाई थी. वो अमित का लंड हाथ मे पकड़ कर सहलाने लगी. अब वो उठ कर अमित के दोनो पैरों

के बीच मे आकर बैठ गयी. अमित का लंड चारो तरफ बालों से घिरा हुआ था. पूनम को हँसी आ गयी. कल उसकी भी चूत ऐसी ही थी.

पूनम लंड को हाथ मे लेकर चारो तरफ से अच्छे से देखने लगी. वो बॉल्स को भी देख रही थी और उसे भी सहलाने लगी. अमित तो जैसे

पागल हो गया. पूनम ज़ोर से बॉल को दबाई और पूछी ये क्या है? अमित दर्द से चिल्ला उठा. तुम पागल हो क्या. उसे ऐसे दबाते हैं क्या?

पूनम हंस दी. मुझे क्या पता.और वो बॉल्स को सहलाते हुए लंड को मुँह मे लेकर चूसने लगी. अभी उसे बिल्कुल भी कुच्छ गंदा नही लग रहा

था. लंड पूरा टाइट हो गया और उसके मुँह मे भर गया. पूनम को बहुत आश्चर्य हुआ कि लंड अपना साइज़ कैसे बदलता रहता है.

अमित आह ह डार्लिंग आहह म्‍म्म्म मज़ा आ गया म्‍म्म्म और ज़ोर से चूसो आहह और अंदर आहह करता जा रहा था और पूनम भी पूरे लंड को मुँह मे भर कर लॉलिपोप की तरह चूसे जा रही थी. वो बीच मे लंड को मुँह से बाहर निकालती थी और उसे देखती भी थी. उसे मज़ा आ रहा था. उसे गर्व हो रहा था कि वो भी अब लंड चूस सकती है. अमित को भी बहुत मज़ा आ रहा था. वो उस पल को थॅंक्स कह रहा था जब

उसने पूनम को प्रपोज किया था. उसे लगा कि अब अगर पूनम उसका लंड इसी तरह चुस्ती रही तो वो वीर्य गिरा देगा तो उसने पूनम को रोक दिया और उठ कर बैठ गया.

अब अमित ने पूनम को सीधा लिटा दिया और उसके दोनो पैरों के बीच मे आकर उसके बदन पे लेट गया. पूनम का मान कांप गया. वो समझ गयी कि अमित अब उसे चोदने की तैयारी कर रहा है. उसका मन हुआ कि अमित को रोक दे. लेकिन ना तो उसका मन पूरा था और

ना ही उसका जिस्म उसके आधे मन का साथ देने को तैयार था.

पूनम की चूत पूरी गीली थी और अमित का लंड भी. अमित ने लंड को चूत के छेद पे अच्छे से सटाया और लंड के अंदर जाने के लिए रास्ता बनाने लगा. पहली बार पूनम की चूत के साथ लंड का मिलन हो रहा था. टाइट लंड के साथ घर्षण होते ही पूनम का बदन ऐंठने लगा. पूनम

इस मिलन को सम्हाल नही पाई. वो अपना हाथ अमित क़ी पीठ पे लगा कर उसे अपनी तरफ खींच ली. वो तेज साँसे ले रही थी. उसकी चूत

ने फिर से पानी छोड़ दिया था.

पहले तो अमित को समझ नही आया कि अचानक पूनम को हुआ क्या. उसने पुछा "क्या हुआ जानू?"

पूनम लंबी साँसे लेते हुए शरमाती हुई आँखें बंद किए लेटी रही.

अमित ने फिर अंदाज़ा लगाते हुए पुछा "क्या हुआ. पानी छोड़ दी क्या?"

पूनम अपनी दोनो कलाई से अपनी आँखों को ढक ली और शरमाते मुस्कुराते हुए हां मे सिर हिलाई. अमित मुस्कुरा उठा. उसकी गर्लफ्रेंड

बिना लंड अंदर डाले ही पानी छोड़ दी थी. पूनम अमित की मुस्कुराहट देख कर झेंप गयी.पूनम शरमा गयी थी अपनी चूत की इस हरकत पे.

अमित पूनम के बदन पे लेट गया और उसके होठ चूस्ते हुए उसकी चुचि मसल्ने लगा और फिर निपल चूसने लगा. उसने फिर से पूनम के पैरों को फैलाया और अपने लंड को चूत के छेद पे सटा दिया और अच्छे से लेट गया. फिर से लंड चूत से रगड़ खा रहा था. उसने एक ज़ोर

का धक्का मारा और लंड चुत के अंदर जाने के लिए पूनम के जिस्म को चीरता हुआ रास्ता बनाने लगा. पूनम को तेज दर्द हुआ. वो दर्द सह

नही पाई और चीखती हुई अमित की पकड़ से छिटक गयी. चूत लंड का शिकार बनते बनते रह गयी.

 
दोनो अंदर आ गये और अमित ने गेट बंद किया और पूनम को बाहों मे भरकर गोद मे उठा लिया और उसके होठ चूमते हुए उसे बेड पे गिरा दिया. वो बहुत खुश था. वो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अकेले था एक घर मे जिसके साथ वो बहुत कुच्छ कर चुका था और यहाँ और भी बहुत

कुच्छ करने आया था. गिरने पे पूनम के मुँह से “आह. क्या कर रहे हो की आवाज़ आई. लेकिन अमित ने कुच्छ नही सुना. अब उसे डर नही

लग रहा था. उसने पूनम के लोंग स्कर्ट को पकड़ा और नीचे खिचने लगा.

पूनम हडबडा गयी और अपनी स्कर्ट को पकड़ ली. अमित ने पूनम की स्कर्ट पकड़े देखा तो अपने हाथ को पूनम के पैरों पे रेंगता हुआ उसकी जांघों को सहलाने लगा. उसका हाथ उपर जा रहा था और अंदर पैंटी तो थी नही. पूनम अपनी जांघों को सटा ली और अपने हाथ को

आगे करके अमित का हाथ रोकने लगी. अब अमित का हाथ उपर नही जा पा रहा था तो वो साइड से हाथ को पूनम की कमर तक ले

आया. पूनम जब तक अपने बचने का कोई रास्ता ढूँढती, अमित का हाथ उसकी चूत के उपर था.

पूनम अमित का हाथ रोकती हुई अपने घुटने मोड़ ली. अमित चिड गया. "क्या कर रही हो जानू, छोड़ो ना, देखने दो ना, इतना अच्छा मौका मिला है, अच्छे से देखने दो ना."

पूनम सोच रही थी कि वो सही कर रही है या नही. उसके दिमाग़ मे वो फोटोस घूमने लगे जो उसने रात मे देखे थे. वो स्कर्ट से अपनी पकड़ ढीली कर दी. अमित ने तुरंत स्कर्ट को नीचे खींच दिया और पूनम नीचे से नंगी हो गयी. उसे शर्म आने लगी तो वो अपने दोनो हाथों को उपर

करके अपनी कलाई को अपनी आँखों पे रख ली.

अमित ने स्कर्ट को पूनम के पैर से बाहर निकाल दिया और अपनी गर्लफ्रेंड के चमकते हुए जिस्म को देख रहा था. चूत एरिया पूरा चिकना था और चमक रहा था. पूनम को लगा कि अमित उसकी चूत को घूर रहा होगा तो वो शरमा गयी और अपनी टॉप को नीचे की तरफ खींच कर

अपनी चूत को ढकने की कोशिश करने लगी. अमित चूत पे झुक गया और चूत के उपर किस किया. पूनम का जिस्म झनझणा उठा. उसकी

दोनो जांघे आपस मे चिपक गयी.

अमित ने पैरों को फैलाने का कोशिश किया लेकिन कामयाब नही हो पाया तो वो अपना हाथ टॉप के अंदर करके टॉप उठाने लगा और फिर से उस दूधिया चुचियों को बाहर निकाल दिया. अमित चुचि पे झुक गया और अच्छे से मुँह मे भरकर चूसने लगा. पूनम का जिस्म हिलने लगा.

अमित चुचि चूस्ता हुआ उसके बदन को सहला रहा था. पूनम की गीली चूत और गीली होने लगी. अब अमित का हाथ फिर से पूनम की चूत

पे था लेकिन अब पूनम की जंघे ढीली हो गयी थी और अमित की उंगली उसकी चूत की दरारों को सहला रही थी.

अब अमित उठ कर बैठ गया और उसने दोनो पैरों को मोड़ कर फैला दिया. वो पहली बार किसी चूत को इस तरह से देख रहा था. चूत के लब खुल गये थे. अमित दोनो पैरों के बीच अच्छे से बैठ गया और चूत को मुँह मे भरकर अच्छे से चूसने लगा. पूनम की चूत पिघलने लगी थी.

अमित का हाथ उपर आया और उसने दोनो चुचियों को पकड़ लिया और सहलाने लगा.

पूनम को बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन अभी उसे लंड देखना था. उसे अपनी चूत मे लेना था और अपना कुँवारापन दूर करके मस्ती करना था.

अमित चूत चूस्ते हुए ही चुचि मसल रहा था. उसने निपल को ज़ोर से मसल दिया. पूनम उसके हाथ पे हल्के से एक चपत मारी और बोली बस मुझे ही परेशान करो, अपना तिज़ोरी मे बंद ही रखो. अमित तो खुशी से फूला नही समा रहा था. वो चूत चूस्ते हुए ही अपने शर्ट के बटन

खोलने लगा. ऐसा करने मे उसे परेशानी हो रही थी तो वो खड़ा हुआ और अपने कपड़े उतारने लगा.

पूनम फिर से अपने टॉप से अपनी चूत को ढँक ली और अपनी कलाई को अपने आँख पे रख कर लेटी रही. अमित जल्दी जल्दी अपना सारा कपड़ा उतार लिया और पूरा नंगा हो गया और पूनम के बगल मे आकर लेट गया और उसके होठ चूमते हुए उसके बदन को सहलाने लगा.

 
अपने जिस्म से सटे हुए अमित को नंगा पाकर पूनम फिर से गरमा गयी और अमित का साथ देने लगी. अमित उसे अपने बदन मे चिपकाए

उसके होठों को चूस रहा था और उसकी कमर गान्ड को सहला रहा था.

अमित उसके टॉप को उतारने लगा लेकिन वो ऐसा कर नही पा रहा था तो पूनम उठ कर बैठ गयी और अपनी टॉप को उतार दी. अमित तुरंत उसके पिछे आया और ब्रा का हुक खोल दिया. और ब्रा उतारने मे पूनम की मदद करने लगा. अगले ही पल दो जवान जिस्म एक साथ

एक कमरे मे नंगे थे. अमित पूनम के जिस्म से लिपट कर उसके बदन की नर्मी का मज़ा ले रहा था.

पूनम अभी तक ठीक से लंड को देख नही पाई थी. वो अमित का लंड हाथ मे पकड़ कर सहलाने लगी. अब वो उठ कर अमित के दोनो पैरों

के बीच मे आकर बैठ गयी. अमित का लंड चारो तरफ बालों से घिरा हुआ था. पूनम को हँसी आ गयी. कल उसकी भी चूत ऐसी ही थी.

पूनम लंड को हाथ मे लेकर चारो तरफ से अच्छे से देखने लगी. वो बॉल्स को भी देख रही थी और उसे भी सहलाने लगी. अमित तो जैसे

पागल हो गया. पूनम ज़ोर से बॉल को दबाई और पूछी ये क्या है? अमित दर्द से चिल्ला उठा. तुम पागल हो क्या. उसे ऐसे दबाते हैं क्या?

पूनम हंस दी. मुझे क्या पता.और वो बॉल्स को सहलाते हुए लंड को मुँह मे लेकर चूसने लगी. अभी उसे बिल्कुल भी कुच्छ गंदा नही लग रहा

था. लंड पूरा टाइट हो गया और उसके मुँह मे भर गया. पूनम को बहुत आश्चर्य हुआ कि लंड अपना साइज़ कैसे बदलता रहता है.

अमित आह ह डार्लिंग आहह म्‍म्म्म मज़ा आ गया म्‍म्म्म और ज़ोर से चूसो आहह और अंदर आहह करता जा रहा था और पूनम भी पूरे लंड को मुँह मे भर कर लॉलिपोप की तरह चूसे जा रही थी. वो बीच मे लंड को मुँह से बाहर निकालती थी और उसे देखती भी थी. उसे मज़ा आ रहा था. उसे गर्व हो रहा था कि वो भी अब लंड चूस सकती है. अमित को भी बहुत मज़ा आ रहा था. वो उस पल को थॅंक्स कह रहा था जब

उसने पूनम को प्रपोज किया था. उसे लगा कि अब अगर पूनम उसका लंड इसी तरह चुस्ती रही तो वो वीर्य गिरा देगा तो उसने पूनम को रोक दिया और उठ कर बैठ गया.

अब अमित ने पूनम को सीधा लिटा दिया और उसके दोनो पैरों के बीच मे आकर उसके बदन पे लेट गया. पूनम का मान कांप गया. वो समझ गयी कि अमित अब उसे चोदने की तैयारी कर रहा है. उसका मन हुआ कि अमित को रोक दे. लेकिन ना तो उसका मन पूरा था और

ना ही उसका जिस्म उसके आधे मन का साथ देने को तैयार था.

पूनम की चूत पूरी गीली थी और अमित का लंड भी. अमित ने लंड को चूत के छेद पे अच्छे से सटाया और लंड के अंदर जाने के लिए रास्ता बनाने लगा. पहली बार पूनम की चूत के साथ लंड का मिलन हो रहा था. टाइट लंड के साथ घर्षण होते ही पूनम का बदन ऐंठने लगा. पूनम

इस मिलन को सम्हाल नही पाई. वो अपना हाथ अमित क़ी पीठ पे लगा कर उसे अपनी तरफ खींच ली. वो तेज साँसे ले रही थी. उसकी चूत

ने फिर से पानी छोड़ दिया था.

पहले तो अमित को समझ नही आया कि अचानक पूनम को हुआ क्या. उसने पुछा "क्या हुआ जानू?"

पूनम लंबी साँसे लेते हुए शरमाती हुई आँखें बंद किए लेटी रही.

अमित ने फिर अंदाज़ा लगाते हुए पुछा "क्या हुआ. पानी छोड़ दी क्या?"

 
पूनम अपनी दोनो कलाई से अपनी आँखों को ढक ली और शरमाते मुस्कुराते हुए हां मे सिर हिलाई. अमित मुस्कुरा उठा. उसकी गर्लफ्रेंड

बिना लंड अंदर डाले ही पानी छोड़ दी थी. पूनम अमित की मुस्कुराहट देख कर झेंप गयी.पूनम शरमा गयी थी अपनी चूत की इस हरकत पे.

अमित पूनम के बदन पे लेट गया और उसके होठ चूस्ते हुए उसकी चुचि मसल्ने लगा और फिर निपल चूसने लगा. उसने फिर से पूनम के पैरों को फैलाया और अपने लंड को चूत के छेद पे सटा दिया और अच्छे से लेट गया. फिर से लंड चूत से रगड़ खा रहा था. उसने एक ज़ोर

का धक्का मारा और लंड चुत के अंदर जाने के लिए पूनम के जिस्म को चीरता हुआ रास्ता बनाने लगा. पूनम को तेज दर्द हुआ. वो दर्द सह

नही पाई और चीखती हुई अमित की पकड़ से छिटक गयी. चूत लंड का शिकार बनते बनते रह गयी.

"अरे बाप रे बाप.... तुम पागल हो क्या...कैसे अचानक से धक्का लगाए. जान लोगे क्या." पूनम अमित को डाँट ती हुई बोली. उसे चूत मे तेज़ दर्द हुआ था. अमित हडबडी मे था. उसे यकीन नही था कि उसकी किस्मत मे इतना अच्छा मौका कैसे आ मिला था और हर पल यही डर लग रहा था कि पता नही पूनम कब उसे मना कर दे. वो बोला "मुझे क्या पता, मैं भी पहली बार कर रहा हूँ. कोई एक्सपर्ट नही हूँ. इसबार ठीक से करूँगा."

पूनम आज पूरी तरह तैयार थी. उन लड़कों के लेटर और पिक्स का पूरा असर था पूनम पे. वो भी सोच रही थी कि बहुत अच्छा मौका मिला है आज. उसे आज चुदवाना ही था.

अमित ने फिर से लंड को निशाने पे लगाया और इस बार उसने पूनम को कंधे से पकड़ लिया. उसने पूनम के पैरों को अच्छे से फैला दिया

और इस बार फिर से ज़ोर का धक्का मारा. फिर से दर्द की तेज़ लहर पूनम के बदन मे दौड़ गयी और "आहह मम्मीयायीयी" चीखती हुई पूनम अमित की पकड़ से छिटक गयी. "तुम पागल हो सच मे. तुम्हे आता भी है कुच्छ. छोड़ो मुझे नही करवाना. पागल लड़का जान से मार

देगा मुझे."

अमित झेंप गया. बोला "तो मैं क्या करूँ. तुम अच्छे से पैर फैलाती ही नही हो. रास्ता बनाओगी तब तो अंदर जाएगा."

पूनम उठ कर बैठ गयी. " मुझे नही बनाना रास्ता और मुझे कुच्छ नही करवाना अब." वो बोल तो रही थी लेकिन वो लंड को अंदर लेना चाहती थी.

अमित को भी लगा की हाथ आया मौका चला गया. वो पूनम से रिक्वेस्ट करने लगा "आओ, इस बार अच्छे से करूँगा. पहली बार मे दर्द

करता ही है. तुम अच्छे से पैर फैलाओ और भागना नही, थोड़ा दर्द सहना."

पूनम सीधी लेट गयी. "ऐसे बोल रहे हो जैसे ना जाने कितनो को किए हो. किए ही होगे. तुम लड़कों का क्या भरोसा."

अमित ने कोई रिप्लाइ नही दिया. अभी उसे बहस नही करना था. अभी उसका पूरा फोकस अपने लंड को पूनम की चूत मे भेजने मे था. उसने पूनम के दोनो पैरों को अच्छे से फैला दिया और उंगली से छुकर अच्छे से रास्ता चेक करके लंड को चूत के छेद पे सटा दिया. वो पूनम के उपर लेट गया और हल्के से दबाब बनाने लगा.

पूनम को हँसी आ गयी. लेटने के बाद अमित का लंड अपने निशाने से भटक गया था. पूनम अमित को उपर उठने का इशारा दी और अपने हाथ से लंड पकड़ कर अपनी चूत पे सही जगह पे लगा दी. छेद पे लंड के सॅट ते ही पूनम के चेहरे का रंग बदलने लगा. चूत के अंदर आग

जलने लगी. वो पैरो को अच्छे से फैला ली और दर्द सहने के लिए मेंटली प्रिपेर हो गयी. वो दोनो हाथ तकिये पे रख कर हमला झेलने के लिए रेडी हो गयी.

अमित अच्छे से उसके बदन पे लेटा हुआ था और उसने पूनम को कंधे के पास से पकड़ा हुआ था. उसने लंड पे ताक़त लगाना स्टार्ट किया और पूनम दर्द बर्दाश्त करती हुई "आहह म्‍म्म्मम" करने लगी. चूत के पहरेदार अपनी रानी की रक्षा मे लगे थे. लंड को अंदर ना जाता देख अमित ने एक धक्का मारा. लंड का धक्का चूत पे पड़ते ही पूनम का जिस्म दर्द से सिहर उठा. ना चाहते हुए भी वो पिछे छिट्की, लेकिन

अमित ने इस बार उसे पकड़ रखा था. चूत और लंड दोनो ही पूरी तरह से गीले थे, तो लंड सर्सरा कर रास्ता बनाता हुआ चूत की गहराई मे

अंदर गुफा मे उतर गया.

 
पूनम दर्द से छटपटा रही थी. "आहह उउई माआà आहह मर गयी रे आहह निकालूऊओ आहह अमित प्लज़्ज़्ज़ म्‍म्म्मम अरे बाप रे आहह"

अमित एक बार तो डर गया लेकिन इतनी मेहनत से लंड अंदर गया था तो वो उसे निकालना नही चाहता था. अमित पूनम की गर्दन को पकड़ते हुए होठों पे किस किया और चुचि सहलाते हुए फिर से लंड को अंदर दबाने लगा. अब रास्ता बन चुका था और लंड अपने लिए जगह

बनाता हुआ अंदर गहराई मे सरकने लगा.

दर्द कम करने के लिए पूनम अपने पैर को अच्छे से फैला कर अड्जस्ट कर ली. अब अमित सही पोज़िशन मे आया और धक्के लगाने लगा. लंड पूनम की चूत मे अंदर बाहर हो रहा था. पूनम का दर्द कम हो गया था और उसे अब मज़ा आ रहा था. फाइनली वो चुद गयी थी. उसकी

जवान चूत ने लंड का मज़ा चख लिया था.

"आहह अमित...म्‍म्म्मम आहह क्या किए रे... मारो अब्ब्ब आहह ज़ोर से....अरे बाप रे बाप आहह माआअ आहह म्‍म्म्मम उउउइईईईईईई ओह" पूनम के मुँह से दर्द और आनंद मिक्स होकर बाहर आ रहा था. उसे खुशी थी कि वो चुद गयी थी और जवानी के मज़े ले रही थी. अमित पूरी

स्पीड मे धक्के लगा रहा था और लंड का धक्का चूत पे लगने पे फॅक फॅक की आवाज़ आ रही थी और चूत का रस बाहर बहता आ रहा था.

अमित पूनम के जिस्म पे पूरी तरह से लेट गया. लंड चूत मे पूरा अंदर था. अमित का जिस्म झटके मारने लगा और पूनम को अपने जिस्म के अंदर गर्म लावा गिरता हुआ महसूस हुआ. पता नही क्या हुआ, उसे बहुत अजीब सा फील हुआ और इस गर्मी मे उसकी चूत ने भी फिर से

कम रस उडेल दिया.

जब अमित के लंड ने पूरा वीर्य पूनम की चूत मे भर दिया और अब वो साइज़ मे सिकुडने लगा तो अमित पूनम के बदन से उतर कर बगल मे गिर गया. वो हाँफ रहा था और यही हाल पूनम का भी था. चूत से लिक्विड बह कर बाहर आ रहा था. पूनम का हाथ अपनी चूत पे चला

गया और जब वो अपने हाथ को देखी तो उसके चेहरे का रंग उतर गया.

"ये क्या है, ये क्या किया तुमने? आहह माआआ" वो हडबडा कर उठ बैठी और अपना हाथ अमित को दिखाती हुई बोली. वो अच्छे से बैठ गयी ताकि अपनी चूत को अच्छे से देख सके. उसका चूत खून से लाल थी. वो फिर से हाथ लगाकर देखी. इस बार उसका हाथ उसकी चुदि

हुई चूत के छेद पे था. वहाँ भी खून लगा हुआ था.

पूनम रोने लगी. उसकी नज़र अमित के लंड पे गयी. उसपे भी खून के दाग थे. "ये क्या हो गया! आहह..... अब क्या होगा. ये तुम क्या कर दिए अमित. ये कैसे ठीक होगा. कैसे डॉक्टर को बताउन्गी. आअन्न्न्न्न मम्मी पापा को पता चल जाएगा कि मैं क्या कर दी. तुमने कैसे कर दिया

अमित आहह म्‍म्म्ममम" पूनम ज़ोर ज़ोर से रोती हुई बोल रही थी. अमित अभी तक उठ कर बैठ गया था.

"अरे... कुच्छ नही हुआ. तुम... तुम रो क़्न रही हो. जब लड़की पहली बार करवाती है तो खून निकलता ही है. सबके साथ ऐसा होता है. इसमे

घबराने वाली कोई बात नही है." अमित पूनम के कंधे पे हाथ रख कर समझाता हुआ चुप करने की कोशिश करता हुआ बोला.

"चुप रहो तुम. तुम्हे क्या है, दर्द तो मुझे हुआ ना. खून तो मेरा निकल रहा है ना. तुम्हे क्या, तुम्हे तो बस मज़ा लेना था, तुमने ले लिया." पूनम

रोती हुई गुस्से से अमित का हाथ अपने कंधे से झटक दी और परेशानी मे बोली.

अमित थोरी देर चुप रहा. पूनम को रोता देख वो फिर बोला "तुम घबराओ मत प्लज़्ज़्ज़, कुच्छ नही हुआ है. सब के साथ पहली बार होता है. इसे ही सील टूटना कहते हैं." पूनम अपनी चूत के छेद को फैला कर देख रही थी कि खून अभी भी आ रहा है क्या. अमित भी झुक कर चूत देखता हुआ बोला.

पूनम अपने जांघों को सटा ली जिससे चूत अमित को नही दिखे. "बोल तो ऐसे रहे हो जैसे ना जाने कितनो का सील तोड़े हो और कितनो के साथ ये सब किए हो. किए ही होगे. मैं ही पागल थी जो तुम्हारी बातों मे आ गयी. मुझे यहाँ आना ही नही चाहिए था. पता नही ये कैसे ठीक

होगा. मम्मी को पता चल गया तो क्या होगा. हे भगवान. उफ़फ्फ़.... मुझे यहाँ आना ही नही चाहिए था. पता नही मैं क़्न आ गयी यहाँ. अब क्या होगा. उफ़फ्फ़...."

अमित कुच्छ नही बोला. कुच्छ बोल कर वो पूनम से झगड़ा नही करना चाहता था. आज तो नही. और इस टॉपिक पे तो बिल्कुल नही.

पूनम इधर उधर देखी, जो वो ढूँढ रही थी, वैसा कुच्छ उसे मिला नही. वो गुस्से मे ही अमित को बोली "मेरी पैंटी लाओ. पोंच्छूँगी. पैंटी को पॉकेट मे रख लिया और मैं बिना पैंटी पहने इसके पिछे पिछे घूम रही हूँ. और साहब इतने उतावले हो गये कि पता नही कैसे क्या किए कि

खून निकाल दिए."

अमित बेड से उतरा और अपने पॉकेट से पैंटी निकाल कर पूनम को देने लगा. लेकिन फिर उसने अपना रूमाल निकाल कर पूनम को दिया.

पूनम अमित को गुस्से से देखी और गुस्से से ही रूमाल लेकर अपनी चूत पोछ्ने लगी. रूमाल लाल और सफेद लिक्विड से भीग गया.

"बाथरूम किधर है?" पूनम गुस्से से ही अमित से पुछि और बेड से नीचे उतर गयी. अमित ने तुरंत उसे बाथरूम का रास्ता बताया. पूनम रूमाल से अपनी चूत पोछ्ते हुए बाथरूम के अंदर चली गयी. अमित उसके पिछे आ रहा था कि कहीं सच मे कोई प्राब्लम ना हुई हो, क्यूँ कि डर तो उसे भी लग रहा था. पहली बार उसने चुदाई की थी और पहली बार ही उसने चूत से खून देखा था.

पूनम गुस्से से गेट बंद कर ली और अंदर टाय्लेट करके चूत को अच्छे से धो ली. चूत से अभी खून तो नही बह रहा था, लेकिन उसे दर्द बहुत हो रहा था. वो अपनी चूत को सहलाई. अब उसका डर कम हो गया था और वो समझ गयी कि उसकी सील टूट गयी है. अब वो कुँवारी कली नही रही, औरत बन गयी है. उसकी चूत ने लंड का पानी पी लिया है

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अमित वापस रूम मे आ गया था. उसकी नज़र बेड पे गयी जहाँ खून का दाग लगा हुआ था. वो बॉटल से पानी निकाल कर उसे साफ करने लगा.

पूनम बाथरूम से नंगी ही बाहर आई। अभी उसे नंगी चलने में शर्म आ रही थी, लेकिन उसके पास कोई कपड़ा था ही नहीं। अमित नंगे ही चादर पे लगे खून के दाग को साफ करने की कोशिश कर रहा था। पूनम सबसे पहले अपनी पैंटी पहन ली और फिर स्कर्ट पहनते हुए अमित से पूछी "ये क्या कर रहे हो?" अमित बिना कुछ बोले बाथरूम चला गया।

पूनम ब्रा पहन ली और फिर टॉप पहनने के बाद वो बाथरूम में जाकर देखि तो अमित चादर का वो हिस्सा साफ करके बाहर आ रहा था। वो अभी भी पूरा नंगा ही था और उसका लण्ड बिल्कुल सिकुड़ा हुआ था। पूनम को हंसी आ गयी लेकिन वो चादर बिछाने में अमित की मदद करने लगी। पूनम को हँसता देख अमित भी थोड़ा रिलैक्स हो गया। पूनम को अपने लण्ड की तरफ देखते देख कर वो शर्मा गया और वो भी अपने कपड़े पहन लिया।

उसने अपने दोस्त को फ़ोन करके बुला लिया। पूनम को फिर शर्म आने लगी की 'वो लड़का क्या सोचेगा गीली चादर देखकर मेरे बारे में। जो सोचेगा सोचने दो। मुझे आज चुदवाना था, तो मेरी चुदाई हो गयी। वैसे भी जब इतनी देर हमलोग अकेले यहाँ थे तो आरती तो नहीं ही कर रहे होंगे।'

पूनम अमित को बोल दी की उसका दोस्त आएगा और हमलोग तुरंत यहाँ से निकल जाएंगे और अमित ने किया भी ऐसा ही। यहाँ का जो काम था, वो हो गया है। दोस्त से तो वो बाद में मिल ही लेगा। उसके आते ही दोनों वहां से निकल गए। पूनम बिना पैंटी पहने यहाँ आयी थी और अब चुद कर यहाँ से जा रही थी।

रास्ते में एक जगह वो लोग समोसा खाने रुके। अमित पूनम को दुकान में बिठा कर 5 मिनट के लिए बोल कर बाहर गया और जब आया तो उसने पूनम के हाथ में एक छोटा सा पैकेट दिया। पूनम उससे इशारे में पूछी की "ये क्या है?" अमित अपना मुँह पूनम के नज़दीक लाकर धीरे से बोला "घर पहुँच कर इसे खा लेना। टेबलेट है I-Pill। इससे कुछ होगा नहीं। प्रेग्नेंट नहीं होओगी।"

पूनम की जान सुख गयी। 'हे भगवान ..... ये चीज़ तो वो सोची ही नहीं थी। अगर कुछ हो जाता तो। मस्ती के चक्कर में कहीं मुँह दिखाने के लायक नहीं रहती।' वो टेबलेट को पर्स में रख ली और समोसा खाने लगी। वो धीरे से अमित को बोली "थैंक्स अमित।"

अमित अब रिलैक्स्ड हो चूका था। बोला "किसलिए, सील तोड़ने के लिए!" अचानक से पूनम शर्मा गयी और मुस्कुराते हुए नीचे देखने लगी।

शाम हो गया था। पूनम अपने घर आ गयी। सुबह की कुँवारी लड़की अभी चुदी चुदाई औरत बनकर घर लौटी थी। पूनम घर में ऐसे रियेक्ट की जैसे वो ऑफिस से ही सीधे घर आई हो। वो अपने कपड़े चेंज की और बांकी दिनों की ही तरह मम्मी पापा से बातें करने लगी और टीवी देख रही थी। खाना खाने के बाद जब पूनम अपने रूम में आयी तो वो फिर से आज गेट बंद कर ली और सबसे पहले तो पर्स से टेबलेट निकल कर खा ली।

अब वो रिलैक्स्ड थी। वो अपने ट्रोउजर और पैंटी को उतार दी और आलमीरा से फोटो और लेटर निकाल कर बेड पे रख ली। इसी फोटो और लेटर की वजह से तो वो आज चुद कर आई थी। अब पूनम एक छोटा आइना बेड पे ले आयी और उसमें अपनी ताज़ा चुदी हुई चुत देखने लगी की अब उसकी रानी की क्या हालत है। उसकी चुत के अंदर अभी भी कुछ जलन जैसा हो रहा था।

ऊपर से तो चुत नार्मल ही दिख रहा था। वो बेड पे लेट गयी और पिक्स देखते हुए सोचने लगी की इन पिक्स जैसा वो क्या क्या की। उसे अफ़सोस होने लगा की वो ज्यादा कुछ कर नहीं पाई। अमित बस उसे सीधा सीधी लिटा कर चोदा था। ना तो वो लण्ड के ऊपर बैठ पायी थी और ना ही अमित ने पीछे से उसके चुत में लण्ड डाला था। और तो और, बेचारी वीर्य भी टेस्ट नहीं कर पाई। अमित ने तो वीर्य को उसके चुत में ही भर दिया था।

पूनम को लगने लगा की उसकी आज की चुदाई बेकार गयी और उसे और भी चुदवाना होगा। वो अपने पैरों को पूरा फैलाये हुए चुत सहला रही थी। लेकिन उसे मज़ा नहीं आ रहा था। आज दिन में उसकी चुत से 4 बार रस छूटा था। वो अपने कपड़े पहन ली और पिक्स को वापस आलमीरा में रख दी।

 
पूनम सुबह जागी तो उसके चुत का दर्द बढ़ गया था और उसका मेन्सट्रूअल पीरियड स्टार्ट हो गया था। अभी उसके पीरियड में 7-8 दिन बांकी था। वो डर गई, पर अब क्या हो सकता था। वो आज ऑफिस से छुट्टी ले ली। वैसे भी आज फ्राइडे था तो आज छुट्टी लेने का मतलब था 3 दिनों की छुट्टी, क्यू की सैटरडे और संडे को तो उसका ऑफिस बंद ही रहता है।

पूनम की मम्मी उससे पीरियड के बारे में पूछी की ये इतना पहले कैसे हो गया, लेकिन पूनम सीधा सीधी बोल दी की "मुझे क्या पता। मैं तो खुद हैरान हूँ।" उसकी माँ उसे प्यार से समझायी की "पीरियड का डेट आगे पीछे होने का मतलब है कि शरीर में किसी किस्म की खराबी होना। तो अगर अगले महीने भी ऐसा हुआ तो फिर डॉक्टर से चेक करवाएंगे।" पूनम कुछ नहीं बोली।

पूनम सारा दिन घर पर ही रही। वो अपने घर में लगे फ़ोन से अमित को कॉल करके बात की और उसे बतायी की वो आज ऑफिस नहीं गयी है। अमित शरारत भरे अंदाज़ में बोला की "कल ज्यादा थक गयी क्या!" पूनम बोली की "कल ऐसे किये हो की कल जो खून निकल सो अभी तक निकल ही रहा है।"

पहले तो अमित को समझ नहीं आया और वो परेशान हो गया कि पूनम की तबियत खराब हो गयी है। उसे डर भी लगने लगा की कहीं कोई गड़बड़ तो नहीं हो गयी है। जब पूनम आगे बोली की "और अभी 4-5 दिन और निकलता रहेगा।" तब अमित को समझ आया और वो रिलैक्स होकर मुस्कुरा दिया। इसका मतलब सब चीज़ ठीक है और वो पूनम जैसी गर्म माल का सील तोड़ चूका है।

रात में पूनम का मन हुआ की पिक्स देख ले, लेकिन वो सो गयी। सैटरडे और संडे का दिन भी इसी तरह बीत गया। आज तो वो अमित से बात भी नहीं की थी। वो घर से बाहर नहीं निकली थी, इसलिए उसे वो दोनों गुंडे भी नहीं दिखे थे।

आज मंडे को पूनम ऑफिस चल दी। वो अभी रोड पे आयी ही थी की उसे वो दोनों लड़के दिख गए। वो दोनों पूनम को देख रहे थे और अपनी आँखों से उसके बदन को सहला रहे थे। पूनम उन दोनों को इग्नोर करते हुए अपनी नज़रें नीची करके चली जा रही थी। उसने अपनी नज़र ऊपर की तो उसकी नज़र उस लड़के से मिली जो उस दिन गली के कार्नर पे खड़ा था। वो मुस्कुरा रहा था। पूनम बुरा सा मुँह बनाकर चलती रही और वो लड़के टाइट लेग्गिंग्स और कुर्ती में पूनम की गुदाज पीठ और मटकती गांड देखते रहे।

दोपहर का लंच वो अमित के साथ ही की और शाम में जब वो घर वापस आ रही थी तो देखी की वही लड़का आज फिर से गली के कॉर्नर पे खड़ा था। पूनम की धड़कन तेज़ हो गयी। रोड पे आसपास में कोई नहीं था। वो सोचने लगी की कैसा रिएक्शन देना है।

पूनम अपनी चाल तेज़ कर दी थी ताकि उस लड़के के कुछ करने से पहले वो घर पहुँच जाये। लेकिन पूनम जैसे ही गली के लिए मुड़ी, वो लड़का पास आ गया और बोला "तुमने कोई जवाब नहीं दिया पूनम?"

पूनम कोई जवाब नहीं दी और चलती रही। उसने फिर से अपने बात को दोहराया तो पूनम बोली "कैसा जवाब?"

"मेरे लेटर का। मेरे प्रपोजल का?"

"तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे वैसे लेटर देने की। मैं उस टाइप की लड़की नहीं हूँ। तुम अपनी हदों में रहो।" पूनम गुस्से में बोली। वो सोच चुकी थी की साफ साफ मना कर देने से और गुसा जाने से वो लोग फिर उसे परेशान नहीं करेंगे।

"मुझे पता है तुम किस टाइप की हो!" उस लड़के के हाथ में फिर से वैसा ही एन्वेलोप था जो वो पूनम की तरफ बढ़ा रहा था। पूनम का हाथ आगे बढ़ने के लिए तैयार था लेकिन पूनम उसे आगे बढ़ने से रोकी और फिर से गुस्से में बोली "तुम्हे प्यार से समझायी तो समझ में नहीं आया?"

 
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