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Guest
आज भी पूनम के मोबाइल पे कई सारे मैसेज आए थे. ये मैसेज भी पूनम की पैंटी में हलचल कर देते थे. शाम में जब वो घर आ रही थी तो उसके गली के कार्नर पे गुड्डू खड़ा था. पूनम अंदर ही अंदर खुश हो गयी। गुड्डू पूनम को देख रहा था और पूनम से जब उसकी नज़र मिली तो फिर से न चाहते हुए भी पूनम मुस्कुरा दी. उसे डर था की लोग देखेंगे तो क्या सोचेंगे. लेकिन आसपास ज्यादा लोग थे नहीं. पूनम गली के अन्दर मुड़ी तो गुड्डू उसके साथ चलने लगा और पूनम के हाथ में एन्वेलोप देते हुए बोला “तुम्हारा काम हो गया.” पहले तो पूनम को कुछ समझ में नहीं आया की गुड्डू क्या बोल रहा है और वो एन्वेलोप लेने में हिचक भी रही थी की , उसे लग रहा था कि लोग देखेंगे तो क्या सोचेंगे, लेकिन उसके हाथ खुद ब खुद आगे बढ़ गैर और वो एन्वेलोप ले ली. वो सोंची की रोड पे अब क्या मना करना. मैं मना करुँगी, फिर वो कुछ बोलेगा, फिर कोई देखेगा या सुनेगा तो उससे अच्छा है की चुपचाप रख लेती हूँ, फ़ोन पे बता दूंगी. गुड्डू ने एन्वेलोप पकड़ाया और बिना कुछ बोले सीधे वापस चला गया. पूनम एन्वेलोप को बैग में रख ली और गेट का ताला खोल कर अन्दर आ गयी.
अन्दर घर को अच्छे से लॉक करने के बाद वो सबसे पहले एन्वेलोप खोलने लगी. उसे पता था कि अंदर क्या होगा और उसकी चुत गीली हो चुकी थी। वो एन्वेलोप खोलती हुई गुड्डू को कॉल लगायी और पूछी की वो क्या बोल रहा था.
गुड्डू ने फ़ोन रिसीव किया और पूनम के पूछते ही बताया की “अमित को धो दिए फिर से.” पूनम शौक्ड हो गयी. वो आश्चर्य से पूछी “मतलब?” गुड्डू हँसता हुआ बोला “अब से वो तुम्हारे बारे में कहीं भी और किसी से भी बात नहीं करेगा. हरामी साला प्यार का मजाक उडाता है.”
पूनम अन्दर ही अन्दर खुश भी थी और उदास भी. पूछी “तुम लोगों ने उसे बहुत मारा क्या?” गुड्डू बोला “वैसे लौंडो को बहुत मारने की जरूरत ही नहीं पड़ती. एक हाथ लगते ही कदमो में गिर कर माफ़ी मांगने लगते हैं. फिर भी 4-5 थप्पड़ तो लगाया ही. उससे कम में अपना मन नहीं भरता.” पूनम को अच्छा लग रहा था की अमित को उसके किये की सजा मिल गयी. गुड्डू आगे बोला “उसके दो दोस्त भी थे साथ में, उनको भी दो दो थप्पड़ मारे. मादरचोद के साथ रहेंगे तो भुगतना तो पड़ेगा ही न.” पूनम अभी भी कुछ नहीं बोली.
गुड्डू पूनम को चिढ़ाता हुआ बोला “क्या हुआ जान? तुम्हे बुरा लगा क्या?” पूनम को थोडा बुरा लगा तो था. बोली “पीटने की क्या जरूरत थी. बस डांट कर समझा देते. जैसे पिछली बार किये थे. वो तो उसी में समझ जाता.” गुड्डू बोला “पीटने में मज़ा आता है बेबी. तुम उसकी टेंसन मत लो. बस अब नंगी हो जाओ और जो भेजा हूँ उसके मज़े लो.” बोलता हुआ गुड्डू ने कॉल कट कर दिया.
पूनम अभी तक एन्वेलोप खोल चुकी थी और उसकी नज़र जहाँ रुकी हुई थी वो एक कलरफुल मैग्जिन का पेज था और पुरे पेज में एक लड़की पूरी नंगी होकर दोनों हाथ ऊपर उठाये अदा के साथ खड़ी थी. लड़की बहुत खुबसूरत थी और उसका गोरा नंगा बदन पूरी तरह से चमक रहा था. गुड्डू और विक्की को भले लगा हो की वो हसीना पुनम की तरह दिखती है, लेकिन पूनम को ऐसा बिलकुल नहीं लगा.
पूनम गुड्डू को वो बात तो बोल ही नहीं पाई थी जिसके लिए कॉल लगायी थी। वो फिर से गुड्डू को कॉल लगाने लगी और दूसरी बाँकी पिक्स देखने लगी. अगली पिक में वही लड़की नंगी खड़ी थी और उसके पीछे अभी एक बिल्कुल काला लड़का खड़ा था जिसका एक हाथ लड़की की चुचियों को ढके था और दूसरा हाथ उसकी चूत को. लड़की मुस्कुराती हुई कैमरे की तरफ देख रही थी. इतने में गुड्डू ने कॉल रिसीव कर लिया था और बोला “बोलो जान, क्या हुआ.”
अन्दर घर को अच्छे से लॉक करने के बाद वो सबसे पहले एन्वेलोप खोलने लगी. उसे पता था कि अंदर क्या होगा और उसकी चुत गीली हो चुकी थी। वो एन्वेलोप खोलती हुई गुड्डू को कॉल लगायी और पूछी की वो क्या बोल रहा था.
गुड्डू ने फ़ोन रिसीव किया और पूनम के पूछते ही बताया की “अमित को धो दिए फिर से.” पूनम शौक्ड हो गयी. वो आश्चर्य से पूछी “मतलब?” गुड्डू हँसता हुआ बोला “अब से वो तुम्हारे बारे में कहीं भी और किसी से भी बात नहीं करेगा. हरामी साला प्यार का मजाक उडाता है.”
पूनम अन्दर ही अन्दर खुश भी थी और उदास भी. पूछी “तुम लोगों ने उसे बहुत मारा क्या?” गुड्डू बोला “वैसे लौंडो को बहुत मारने की जरूरत ही नहीं पड़ती. एक हाथ लगते ही कदमो में गिर कर माफ़ी मांगने लगते हैं. फिर भी 4-5 थप्पड़ तो लगाया ही. उससे कम में अपना मन नहीं भरता.” पूनम को अच्छा लग रहा था की अमित को उसके किये की सजा मिल गयी. गुड्डू आगे बोला “उसके दो दोस्त भी थे साथ में, उनको भी दो दो थप्पड़ मारे. मादरचोद के साथ रहेंगे तो भुगतना तो पड़ेगा ही न.” पूनम अभी भी कुछ नहीं बोली.
गुड्डू पूनम को चिढ़ाता हुआ बोला “क्या हुआ जान? तुम्हे बुरा लगा क्या?” पूनम को थोडा बुरा लगा तो था. बोली “पीटने की क्या जरूरत थी. बस डांट कर समझा देते. जैसे पिछली बार किये थे. वो तो उसी में समझ जाता.” गुड्डू बोला “पीटने में मज़ा आता है बेबी. तुम उसकी टेंसन मत लो. बस अब नंगी हो जाओ और जो भेजा हूँ उसके मज़े लो.” बोलता हुआ गुड्डू ने कॉल कट कर दिया.
पूनम अभी तक एन्वेलोप खोल चुकी थी और उसकी नज़र जहाँ रुकी हुई थी वो एक कलरफुल मैग्जिन का पेज था और पुरे पेज में एक लड़की पूरी नंगी होकर दोनों हाथ ऊपर उठाये अदा के साथ खड़ी थी. लड़की बहुत खुबसूरत थी और उसका गोरा नंगा बदन पूरी तरह से चमक रहा था. गुड्डू और विक्की को भले लगा हो की वो हसीना पुनम की तरह दिखती है, लेकिन पूनम को ऐसा बिलकुल नहीं लगा.
पूनम गुड्डू को वो बात तो बोल ही नहीं पाई थी जिसके लिए कॉल लगायी थी। वो फिर से गुड्डू को कॉल लगाने लगी और दूसरी बाँकी पिक्स देखने लगी. अगली पिक में वही लड़की नंगी खड़ी थी और उसके पीछे अभी एक बिल्कुल काला लड़का खड़ा था जिसका एक हाथ लड़की की चुचियों को ढके था और दूसरा हाथ उसकी चूत को. लड़की मुस्कुराती हुई कैमरे की तरफ देख रही थी. इतने में गुड्डू ने कॉल रिसीव कर लिया था और बोला “बोलो जान, क्या हुआ.”