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करीना कपूर की पहली ट्रेन (रेल) यात्रा

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करीना को उस रिश्वत के बारे में कुछ बोलना नहीं था तो वो बोलती है- “माइंड योर ओन बिजनेस ओके, जस्ट टेल मी, कि ये कोने में जो सी॰सी॰टी॰वी॰ है, उसका वीडियो रिकॉर्ड्स कहाँ मिलेगा?”

रमेश अपने सामने एक मजबूर औरत पाकर बोलता है- “मुझे पता है कि वो वीडियो रिकॉर्ड्स कहाँ है?”

करीना खुश होते हुये बोलती है- “कहाँ है, बोलो-बोलो जल्दी…”

रमेश अब इस सिचुयेशन को अच्छी तरहह भाँप चुका था, कहा- “लेकिन पहले मेरी शर्त पूरी करो फिर ही बताऊँगा…”

करीना मन ही मन- “हे भगवान्… क्या मुशीबत है, *** मैंने सोचा था कि गरीब लोग ज़्यादातर अच्छे होते हैं, मदद करते हैं, लेकिन मैंने जितने भी कामन मर्द देखे हैं, उनमें तो सिर्फ़ हवस ही हवस है, छीछी… अच्छाई नाम की तो चीज ही नहीं है। अब मैं क्या करूँ? कुछ समझ में नहीं आ रहा? अगर मैंने इसकी शर्त मान ली तो सैफ से धोखा हो जायगा, और अगर नहीं मानी तो उस वीडियो रिकॉर्डिंग तक नहीं पहुँच पाऊँगी, और अपने परिवार से दूर उस सबूत की वजह से जेल में अपनी आधी जिंदगी बरबाद कर दूँगी, और मेरा केरियर तो डूबेगा ही। सारी सैफ, मेरे पास कोई रास्ता नहीं है…”

करीना मजबूरी में- “ठीक है, लेकिन अगर तुमने उसके बाद भी वीडियो रिकॉर्डस नहीं दिए तो, जेल में जाने के पहले में तुम्हें मार दूँगी समझे ना?”

रमेश अपनी बत्तीसी दिखाते हुये बोलता है- “हाँ, क्या आंटी आप भी डरती हैं, मैं जुबान का पक्का हूँ, चलिए, अब ये चादर तो हटाइए…” कहकर रमेश करीना की चादर पकड़कर अपनी ओर खींचता है।

और करीना मजबूरी में अपनी चादर से पकड़ छोड़ती है, और चादर धीरे-धीरे करीना के बदन से छूटती हुई पूरी रमेश के हाथ आ जाती है। अब करीना का पूरा नंगा बदन एक लो-क्लास लड़के के सामने है।

करीना शरम से बेड पर लेटी अपने 38” की चुचियों को जैसे तैसे एक हाथ से छुपा रही थी, वैसे ही दूसरे हाथ से अपनी चूत की पंखुड़ियाँ छुपा रही थी।

अपने सामने एक खूबसूरत औरत को ऐसे नंगी लेटी, अपने प्राइवेट अंगों को छुपाते देखकर रमेश का 8 इंच लम्बा लण्ड पूरा खड़ा हो जाता है।

जब करीना की नजर रमेश की पैंट पर जाती है, तो खड़े लण्ड का उभार करीना को दिखता है। और करीना अपनी नजर शरम से दूसरी तरफ कर लेती है, और गुस्से में बोलती है- “मुझे तुम्हारे साथ सेक्स नहीं करना, जो करना है वो ऊपर ही ऊपर करो…”

लेकिन इस बात को रमेश नज़रअंदाज कर देता है। रमेश अपनी हाफ़ पैंट निकालता है, वो अपनी माँ के बाद पहली बार किसी औरत के सामने नंगा होने वाला था, और वो बहुत उत्तेजित था कि आगे क्या होगा? रमेश अपनी पैंट और शर्ट निकाल देता है। वो अब सिर्फ़ अपनी फटी काली अंडरवेर में बेड के बाजू में बेड पर करीना के लेटे हुये नंगे बदन के नज़दीक फर्श पर खड़ा था, और एक नंगी औरत का गोरा नंगा बदन देखकर अपने खड़े लण्ड को अपने एक हाथ से दबा रहा था।

तभी वो अपनी अंडरवेर निकालकार पूरा नंगा हो जाता है। करीना ने तो शरम से कब की अपनी आँखें बंद कर ली थी जब रमेश अपने कपड़े निकालने लगा था। रमेश अपने खड़े लण्ड को मसलते हुये बोलता है- “आंटी, अपनी आँखें तो खोलिए…”

करीना अपनी आँखें खोलती है और जब उसकी नजर अपने कपड़े निकालकर फटी हुई अंडरवेर में खड़े रमेश पर जाती है, तो वो पूरी हिल जाती है। रमेश दिखने में तो एक सिकुड़ा सा लड़का था, लेकिन उसका लण्ड पूरा 8” इंच का तगड़ा लण्ड था, और ये भयकर सप्राइज करीना ने सोचा भी नहीं था।

रमेश- “आंटी, मेरे चींटू को अपने हाथ से मसलिये ना, मेरे लण्ड को किसी औरत ने कभी सुख नहीं दिया, आप पहली औरत हैं जो मेरे साथ संभोग करेंगी…”

सच बताऊँ तो रमेश को संभोग के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

करीना- “मैंने तुम्हें पहले ही कहा है कि, मैं तुम्हारे साथ सेक्स नहीं कर सकती, तुम्हें जो करना है, वो ऊपर से ही कर लो…”

रमेश- “पहले आप अपने गुप्त अंगों से हाथ हटाकर खड़ी तो होइए, अगर आप मेरा साथ नहीं देंगी तो वो वीडियो टेप आपको नहीं मिलेगी…”

करीना ये सुनते ही मजबूरी में बेड से उठकर फर्श पर खड़ी हो जाती है, और अपने हाथ अपने गुप्त अंगों से हटा लेती है, और सामने एक नंगा लड़का जिसका लण्ड 8” इंच का है, उसको देखकर शरम से अपनी नजर नीचे झुकाए खड़ी हो जाती है।

रमेश के सामने अब एक भरी हुई मस्त गोरी औरत अपनी मांसल जांघें, 38” की चुचियाँ, 36” की मोटी गाण्ड लिए हुये खड़ी थी, और ये देखकर रमेश पूरा पगला सा जाता है, और कहता है- “आंटी, सच में आप बेहद ही खूबसूरत हैं, लेकिन शकील जैसे गलत आदमी के हाथ आप लगी हैं, जिसको औरत की इज्जत करना आता ही नहीं है…” और ये बोलते हुये रमेश करीना के पीछे जाता है।

और टमाटर की तरह बेल्ट की मार से लाल हुई गाण्ड की फांकों को देखकर बोलता है- “आपकी गाण्ड भी मस्त है आंटी। आपकी गाण्ड शकील चाचा ने मारी क्या?”

करीना अब ऐसी भाषा सुन-सुनकर इसकी आदी हो चुकी थी, इसलिए वो गुस्सा नहीं हो रही थी। लेकिन जैसे ही शकील का नाम आता है, वो गुस्सा हो जाती है और बोलती है- “शट अप, बिल्कुल नहीं, मैं तो कल्पना भी नहीं कर सकती उसके साथ सेक्स की। वो तो एक दानव है, जिसने बेल्ट से मेरी गाण्ड पर मारा, मुझे अभी भी दर्द हो रहा है…”

ये सुनते ही रमेश करीना के पीछे अपने घुटनों के बल खड़ा होता है, और करीना की गाण्ड की लाल हुई फांकों को अपने एक हाथ से सहलाने लगता है, और बोलता है- “मुझे तो लगा था कि शकील चाचा ने आपके पिछवाड़े को बड़ी बेदर्दी से ठोंका होगा…” और ये बोलते हुये रमेश अपना मुँह करीना की गाण्ड की फांकों के नज़दीक ले जाता है, और अपनी जुबान से गाण्ड की फांके चाटने लगता है।

गाण्ड की फांके चाटने से करीना की गाण्ड का दर्द कम हो जाता है, करीना को अब अच्छा महसूस होने लगता है, और रमेश की इस हरकत से करीना के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगती हैं- “अह्ह… अह्ह… ओह्ह…”

 
रमेश करीना की लाल हुई गाण्ड की फांकों को किसी आइसक्रीम की तरह चाट रहा था, और करीना की सिसकारियाँ सुनकर और ज़्यादा जोश में आ जाता है। फिर अपने दोनों हाथों से करीना की गाण्ड की फांके फैलाता है। अब उसके सामने करीना की गाण्ड का सुनहरा छेद था और नीचे चूत की पंखुड़ियाँ थीं, ये देखकर रमेश अपने आपको किसी स्वर्ग की अप्सरा के साथ महसूस कर रहा था। वो अपना मुँह करीना की फैली हुई गाण्ड के बीच ले जाता है। उसकी नाक करीना की गाण्ड के छेद को छू रही थी, और औरत के पानी की खुशबू जो चूत से आ रही थी, वो सूँघ-सूँघ के रमेश पागल हो रहा था।

दूसरी तरफ करीना, किसी लो-क्लास लड़के को ऐसे अपनी गाण्ड को फैलाता महसूस करके करीना के मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं।

उधर रमेश ने अपनी जुबान से करीना की चूत की पंखुड़ियाँ चाटना शुरू किया ही था, कि करीना के बदन में गुदगुदी होने लगती है, और करीना को ऐसे हिलती देखकर रमेश अपने हाथ की एक उंगली करीना की चूत में डालता है, और अपनी जुबान से करीना की गाण्ड के छेद से से लेकर, उंगली करने से चूत से निकले रस को चाट रहा था।

करीना के लिए रमेश की इस हरकत से सीधा खड़ा रहना मुश्किल हो जाता है, और करीना नीचे बैठने लगती है, कि तभी रमेश बैठती करीना को आगे झुका देता है, जिससे करीना डागी स्टाइल में आ जाती है। रमेश अब अपनी दो उंगलियाँ करीना की चूत में अंदर-बाहर कर रहा था, और करीना की गाण्ड के छेद को कुत्ते की तरह चाट रहा था।

करीना को अब अच्छा महसूस होने लगता है, क्योंकि करीना का ध्यान गाण्ड की फांकों पर जो दर्द हो रहा था, उसपर से हट। चुका था, वो सिसकने लगती है- “आह्ह… आऽऽ आह्ह… आऽआ…”

अब रमेश ने अपनी तीसरी उंगली और फिर चौथी उंगली भी करीना की चूत में डाल दी। अब करीना की चूत पूरी स्ट्रेच हो रही थी, और करीना को दर्द हो रहा था, लेकिन साथ ही साथ अच्छा भी महसूस हो रहा था। रमेश अपनी चारों उंगलियाँ करीना की चूत में अंदर-बाहर कर रह था, पुछ-पुछ, पुच्च-पुच्च, पुछ-पुछ, पुच्छ-पुच्छ की आवाज़ें आ रही थीं।

करीना- “आह्ह… आह्ह… दर्द हो रहा है, धीरे… आह्ह… आऽ आऽ निकालो अह्ह…”

रमेश पूरी रफ्तार से करीना की चूत में अपनी चारों उंगलियाँ अंदर-बाहर करते हुये बोलता है- “आंटी मजा आ रहा है ना?” पुछ पुछ पुछ पुछ पुछ पुछ पुछ पुछ पुछ पुछ पुछ पुछ पुछ पुछ पुछ पुछ

और 5 मिनट उंगली से चोदने के बाद रमेश अपनी उंगलियाँ चूत में पूरी डालकर, हिलाता है, और इस हिलाने से 2-3 मिनट में करीना की चूत में से औरत वीर्य बहने लगता है और ये देखकर रमेश, चूत से अपनी उंगलियाँ निकालता है, और एक रस की पिचकारी करीना की चूत से निकलती हुई सीधा रमेश के मुँह पर उड़ती है, और ये रस्स पीने के लिये रमेश अपना मुँह खोलता है। और अपना मुँह फिर से करीना की फैली हुई गाण्ड में डालता है… और चूत से निकलती रस की हर एक बूँद रमेश चाट-चाटकर पी जाता है।

करीना- “अह्ह… ओह्ह… अह्ह… रमेश आह्ह…”

रमेश सारा रस चाटकर अपना मुँह गाण्ड की फांकों से निकालकर पूछता है- “आंटी मजा आया?”

करीना रमेश की बात को नज़रअंदाज करती है और बोलती है- “आह्ह… अब तो बताओ वो वीडियो रिकॉर्ड कहाँ है? आऽऽ…”

रमेश- “जल्दी क्या है मैडमजी, आराम से बताऊँगा आपको। मैंने तो आपको मजा दे दिया, अब आपकी बारी…”

करीना अपने घुटनों के बल बैठकर बोलती है- “मतलब?”

रमेश- “अंजान क्यों हो रही हैं आप? आपको भी पता है कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूँ। मैंने एक फ्रेंड के मोबाइल पर एक पॉर्न देखा था, उसमें एक लड़की लड़के का लण्ड मुँह में लेती है, वैसे ही…”

करीना- “ओह्ह… ये नहीं हो सकता…”

रमेश- “तो फिर मैं चला जाता हूँ, फिर शकील भाई आएँगे, और आपके साथ क्या होगा वो तो आप कल्पना ही कर सकती हैं?”

करीना मन ही मन- “क्या मुशीबत है, अगर इसने मेरी मदद नहीं की तो पता नहीं शकील मुझे ब्लैकमेल करके मुझसे क्या-क्या करवा सकता है? ओ माई गोड…”

और रमेश अपने 8” इंच के लण्ड को हाथ में मसलते हुये करीना के मुँह के सामने नज़दीक आता है, रमेश का लण्ड पूरा काला, लेकिन 8” इंच लंबा और तगड़ा था, जो उसकी सिकुड़ी बाडी से मैच नहीं करता था। करीना अपनी आँखें बंद कर लेती है।

रमेश “क्या आंटी, गरीब को भी मजे लेने दो आपके खूबसूरत मुँह के, जरा नकाब तो हटाइए…”

करीना हड़बड़ाते हुये बोलती है- “नो नो, नहीं, मेरे धर्म में औरतें अपना चेहरा पराए मर्दों के सामने एक्सपोज नहीं करती, मैं नकाब नहीं उतार सकती…”

रमेश- “हाँ, ओके… लेकिन मेरा लण्ड तुम्हें चूसना ही होगा, नहीं तो मैंमें तुम्हारी मदद नहीं करूँगा, समझी?”

ये सुनते ही करीना, मजबूरी में अपनी आँखें खोलती है, और पहले ऊपर रमेश की आँखों में देखती है, फिर नीचे रमेश के लण्ड को देखती है।

 
तभी रमेश अपना लण्ड करीना के नकाब को होंठों तक उठाते हुये, होठों को रमेश का काला लण्ड छू रहा था- “आंटी चालू करो ना अपना खेल, मुझे पता है कि तुम्हें मर्दों के लण्ड से खेलना आता है…”

करीना ये सुनते ही, मजबूरी में, रमेश का लण्ड हाथ में पकड़ती है। और पहली बार किसी औरत के स्पर्श से रमेश के बाडी में एक अलग सी हवस की आग जाग उठती है। करीना की आँखें खुली थी, और सामने एक 8” इंच के लण्ड को अपने कोमल हाथ से दबा रही थी, और मसल रही थी।

उस बदसूरत लण्ड को ऐसे खुद से ही मुँह मे लेना करीना को आ नहीं रहा था, इसलिये वो अपनी आँखें बंद करती है, और सामने सैफ को कल्पना करती है, और करीना ने जब सैफ का लण्ड पहली बार मुँह मे लिया था, वो पल याद करती है। और झट से करीना अपनी जुबान बाहर निकालती है, और सैफ का लण्ड समझकर रमेश के काले बदसूरत लण्ड की टोपी को अपनी जुबान से चाटना शुरू करती है। करीना एक हाथ से रमेश का लण्ड पकड़ रही थी और मसल रही थी, और अपनी जुबान से रमेश का लण्ड किसी आइसक्रीम की तरह चाट रही थी- “उम्म्म्म उम् म्म्मम…”

एक हाई-फ़ाई औरत उसके लण्ड को आइसक्रीम की तरह चाट रही थी, और इस अहसास से ही रमेश सातवें आसमान में पहुँच चुका था- “ओह।ह हाँऽ आंटी, ऐसे ही, ऐसे ही कीजिए… अह्ह… मजा आ रहा है, आंटी…”

और वहाँ करीना रमेश का लण्ड अपने मुँह मे ले चुकी थी, करीना के लाल होंठ और गरम जुबान की रगड़ से रमेश को बहुत ही ज़्यादा मजा आ रहा था। उससे लग रहा था, कि वो अभी झड़ जाएगा, लेकिन उसको अपने स्टेमिना के बारे में कुछ भी पता नहीं था, क्योंकि ये तो उसका पहला सेक्स अनुभव था, वो भी अंजाने में करीना कपूर के साथ।

करीना सैफ के लण्ड की कल्पना करके रमेश का काला बदसूरत लण्ड चूस रही थी। लेकिन करीना रमेश का आधा लण्ड ही मुँह में ले पा रही थी, और चूस रही थी।

अब रमेश करीना के बाल पकड़ता है, और अपनी हवस की गंगा में बहता जाता है। रमेश उस गंगा में करीना के बाल पकड़कर किसी चूत की तरह करीना का मुँह चोदने लगता है, और दूसरे झटके में करीना के मुँह मे रमेश का पूरा 8” इंच का लण्ड करीना के हलक में पहुँच चुका था,

करीना के मुँह को ठोंकने से मुँह से बह रही कार से रमेश को और ज़्यादा मजा आने लगता है। करीना के होंठ रमेश के मोटे लण्ड के करण पूरे स्ट्रेच हो रहे थे, और इस टाइटनेस को महसूस कर रमेश, और ज़्यादा जोश में करीना का मुँह चोदने लगता है।

करीना रमेश का लण्ड निकालने की कोशिश करती है, लेकिन रमेश की पकड़ से वो छूट नहीं पाती है। करीना के होंठ अब दर्द कर रहे थे।

रमेश- “अह्ह… मजा आ रहा है आंटी, आह्ह… अह्ह…” 15 मिनट तक रमेश करीना के बाल पकड़कर किसी चूत की तरह अपने लण्ड से चोफकर, अपना लण्ड करीना के मुँह से निकालता है।

करीना के मुँह से लार बह रही थी, सारी लार बहकर जमीनपर गिरती है।

रमेश- “वाह… आंटी, आप तो लण्ड चूसने में मास्टर हैं…” ये बोलते हुये रमेश करीना को खड़ा होने के लिये कहता है, और करीना खड़ी हो जाती है। जब करीना खड़ी हो जाती है, तब रमेश करीना को धक्का देकर बेड पर लेटा देता है।

रमेश की इस हरकत से करीना बोलती है- “ये क्या कर रहे हो? बेवकूफ़…”

एक खूबसूरत अप्सरा को ऐसे नंगा लेटा देखकर रमेश के शरीर में बिजलियाँ दौड़ने लगती हैं। वो करीना की बात को अनसुना करता है, और करीना के नंगे बदन पर चढ़ जाता है।

और ये देखकर करीना अपनी आँखें मजबूरी में बंद कर लेती है। अब रमेश का काला शरीर करीना के गोरे नंगे खूबसूरत बदन से लिपट जाता है, रमेश के चेहरे के सामने करीना के दो 38” साइज के चूचे थे, जिसमें से दूध की महक आ रही थी।

पहले ही करीना के चूचे अब्दुल और शकील के चूसने, दबाने, दाँत से काटने, से दर्द कर रहे थे, और अब तीसरा रमेश भी, करीना के चूचे अपने दोनों हाथ में लेकर दबा रहा था। करीना कहती है- “नहीं प्लीज़्ज़ि… आज नहीं… मेरी दोनों चुचियाँ दर्द कर रही हैं। अह्ह…”

रमेश- “सारी आंटी, लेकिन मैं भी मजबूर हूँ, मुझे जो दूध की महक आपकी चुचियों से आ रही है, वो पागल कर रही है…” और ये बोलते हुये रमेश करीना के दाएँ निप्पल को पूरा अपने मुँह में ले लेता है, और बाएँ हाथ से दबाने लगता है। इससे कुछ दूध की बूँदें रमेश के मुँह मे जा रही थीं।

करीना- “ओह, ऊऊव्वव… आह्ह…”

रमेश बारी-बारी करीना के चूचे हाथ से दबा-दबा के चूस रहा था, और बीच-बीच में करीना का निप्पल अपने दाँत में पकड़ता और किसी रबर की तरह ऊपर की ओर खींचता। इससे करीना की दर्द से चीखें निकलती थीं। क्योंकि पहले ही करीना की चुचियों ने टॉर्चर सहा था। तभी रमेश करीना की चुचियाँ पूरे जोर से दबा देता है।

करीना- “अह्ह… कमीने, मेरी चुचियाँ फट गईं अह्ह…” और जरा सी दूध की बूंदे करीना के निप्पल के ऊपर जमा हो जाती हैं।

ये देखकर रमेश झट से बारी-बारी वो दूध की बूंदे चूस लेता है। रमेश करीना के बदन से हट जाता है, और करीना के पैरों के पास घुटनों के बल बैठ जाता है, और बोलता है- “आंटी, आपका दूध पीकर तो मुझे अपनी माँ के दूध की याद आ गई…” और रमेश शांत हो जाता है।

करीना अपनी चुचियों को सहलाते हुये बोलती है- “क्या तुम अपनी माँ का दूध भी ऐसे ही पीते हो?”

ये सुनते ही रमेश रोने लगता है।

रमेश को रोता देखकर करीना का कमजोर दिल झट से पिघल जाता है, और करीना बोलती है- “क्या हुआ, तुम रो क्यों रहे हो? रोना तो मुझे चाहिए। तुम्हारी माँ कहाँ रहती है?”

रमेश रोते हुये बोलता है- “सारी आंटी, मैंने आपको दर्द दिया, लेकिन मैं भी क्या करूँ? पहली बार किसी औरत के जिस्म से मेरा जिस्म मिला है, तो मेरा कंट्रोल अपने ऊपर नहीं रहा, लेकिन आपका दूध जैसे ही मैंने पिया तो मुझे अपनी माँ की याद आ गई, जिसको मेरा बेवड़ा बाप रोज-रोज मारता था, उसी ने मुझे यहाँ काम पर लगवाया, जिससे वो मेरी इनकम उसके पीने में उड़ा सके…”

करीना- “ओह्ह… सो सैड… लेकिन तुम्हारी माँ तलाक क्यों नहीं दे देती?”

रमेश- “मेरे बाप का जुल्म सहते-सहते मेरी माँ मर गई, और अब मैं मार खाता हूँ हर वक्त बाप का, लेकिन आज पहली बार मैं आपके साथ खुश हूँ…”

 
करीना मन ही मन- “बेचारा रमेश… उसकी लाइफ में खुशी ही नहीं है। लेकिन सिर्फ़ आज ये लड़का मेरे साथ खुश है। अगर मेरा जिस्म किसी रोते को हुँसा सकता तो मुझे इस बात का अपराधबोध नहीं होनी चाहिए…” करीना रमेश के दर्द को पूरी तरह से महसूस कर रही थी।

इससे करीना की आँखें भी भर आती हैं, और वो बेड से उठकर, घुटनों के बल बैठकर रमेश के सामने बैठ जाती है, और बोलती है- “देखो रमेश, कलका सोचकर ऐसे रोते नहीं, अब तुम अपनी जिंदगी का सोचो, जो बहुत लंबी है, समझे…” ऐसा बोलते हुये करीना रमेश को 10 मिनट प्रवचन देती है।

किसी हाई-फ़ाई औरत को अपने लिये फिकर करता देखकर रमेश का दुख कम हो जाता है, और प्रवचन देती करीना को गले से लग जाता है, और बोलता है- “आंटी आप बहुत अच्छी हैं, मैंने आपके साथ बहुत गलत हरकतें की, फिर भी आपका दिल मेरे दुख को देखकर पिघल गया…”

करीना- “इट्स ओके रमेश, तुम्हें जरासी खुशी तो मिली ना? तो जो हुआ वो छोड़ो समझे, और ऐसे औरतों की तरह रोना छोड़ो…” रमेश का लण्ड अब भी पूरा तना हुआ था, जिसपर करीना की नजर बार-बार जा रही थी।

रमेश अपनी नज़रें झुकाते हुये बोलता है- “आंटी, अपने मेरा इतना दुख समझा। लेकिन मुझे एक प्राब्लम हो गई है…”

करीना- “क्या प्राब्लम है बताओ? मैं हल करती हूँ…” करीना रमेश के दुख में इतना खो गई थी, कि उसे ये भी अहसास नहीं था कि वो एक लड़के के सामने नंगी बैठी है।

रमेश- “मुझे कभी किसी औरत ने प्यार नहीं दिया, लेकिन आज मुझे आप जैसी सच्चे दिल वाली औरत मिली जो मेरे दुख को समझ सकती है। क्या आप मुझे प्यार देंगी? सिर्फ़ एक बार, और मेरा सारा डिप्रेशन कम हो जायगा, प्लीज़्ज़ि…”

करीना रमेश की बात का कोई जवाब नहीं देती। और रमेश करीना के कंधे को धीरे-धीरे धक्का देते हुये करीना को पीछे बेड पर लेटा देता है। करीना अब पूरी होश में थी, पहले ही उसने सैफ के लण्ड को कल्पना करके, रमेश का लण्ड पूरे प्यार से चूसा था।

रमेश अब करीना के ऊपर कोई जोर जबर्जस्ती नहीं कर रहा था। करीना के ऊपर इस दिन में बहुत बार से्सुअल अटैक हुआ, और इस कारण अब करीना पूरी गरम भी हो चुकी थी, और रमेश का लण्ड भी अब पूरी तरह से गरम हो चुका था। एक औरत वो भी खूबसूरत गोरे बदन वाली, जो पहली बार रमेश के सामने पूरी नंगी लेटी थी, लेकिन रमेश उस औरत की रियल आइडेंटी से अंजान था। जिसे वो एक कामन औरत समझ रहा था, वो औरत असलियत में करीना कपूर बोलीवुड सुपर स्टार है, इससे वो अंजान था। क्योंकि करीना ने चेहरे पर नकाब पहना हुआ था।

रमेश की नजर करीना के पहने नकाब पर नहीं थी। वो तो सिर्फ़ करीना के प्राइवेट अंगों को देखकर लार टपका रहा था। करीना ने अपनी आँखें बंद कर ली, और रमेश पहली बार किसी औरत की ठुकाई से कुछ ही पल दूर था। वो मन ही मन बोलता है- “क्या नसीब पाया है मैंने। लगता है कि भगवान ने ही मेरी हवस की प्यास मिटाने के लिए इस खूबसूरत आंटी को यहाँ मेरे साथ संभोग करने भेजा है। मैं इस मौके का पूरा आनंद लूटूगा, मैं अब इस आंटी को पी जाऊँगा…” ऐसा बोलते हुये रमेश करीना की टांगे फैलाता है, और सामने गुलाबी चूत और उसके टाइट छेद में से बहता रस्स देखकर रमेश अपना मुँह करीना की चूत के पास ले जाकर अपनी जुबान से सारा शहद चाट-चाट के पी लेता है।

करीना- “ओह्ह… अम्म्म्म… आऽऽ ओह्ज… आह्ह…”

तभी करीना की टांगे रमेश और ज़्यादा फैलाता है, और आगे की तरफ करता है, इससे करीना की गाण्ड की फांके ऊपर की ओर हो जाती हैं, और करीना की चूत और गाण्ड का छेद पूरी तरह खुल जाता है, और रमेश के सामने एक्सपोज हो जाता है। एक बोलीवुड एक्ट्रेस की चूत और गाण्ड का छेद पूरी तरह से एक लो-क्लास लड़के के सामने एक्सपोज हो जाता है।

और वहाँ भोली करीना बेड पर अपनी गाण्ड की फांके ऊपर उठाए अपने मुँह से सिसकारियाँ निकाल रही थी, करीना के गोरे बदन ने भी अब रेजस्ट करना छोड़ दिया था। क्योंकि उससे पता था, कि अगर उसको कोई शकील जैसे दानव से बचा सकता है, तो वो है रमेश। जो अब करीना की जांघें फैलाकार, अपनी कमर आगे करके अपने लण्ड को करीना की चूत के छेद से रगड़ते हुये नीचे सुनहरी गाण्ड पर लाता है, और मन ही मन बोलता है- “साला कुछ समझ में नहीं आ रहा की मैं अपना लण्ड इस आंटी के किस छेद में डालूँ? ये मेरा पहला मौका है, कुछ समझ में नहीं आ रहा…”

रमेश एक लो क्लास लड़का है, जो दिखने में बदसूरत है, खीसे में पैसे नहीं होते, इसलिये वो किसी रंडी को भी नहीं ठोंक सकता, और यहाँ उसके साथ करीना जैसी मस्त बोलीवुड स्टार की टांगे फैला के लेटी थी, और रमेश सोच रहा था कि किस छेद में लण्ड डालूँ?

करीना की पहचान एक नकाब के कारण ही रमेश से छिपी थी, और इस कारण ही करीना जरा सा कंफर्टेबल थी। और तभी करीना का कंफर्ट एक दर्द में बदल गया, क्योंकि रमेश करीना की गाण्ड के छेद में लण्ड डालने के लिये, अपने लण्ड की टोपी करीना की सुनहरी गाण्ड के छेद के ऊपर रखकर जोर से अंदर धकेल रहा था।

करीना- “अह्ह, कमीने कहाँ घुसा जा रहा है, मेरी गाण्ड में? मम्मीई…”

चूत से रिसता रस्स और रमेश के चाटने से करीना की गाण्ड का छेद रमेश के थूक और करीना के औरत के पानी से गीला था। इस कारण जब रमेश करीना की गाण्ड में लण्ड घुसाने की कोशिश कर ही रहा था, कि तभी एक ‘पूछ’ की आवाज से रमेश के लण्ड की टोपी करीना की गाण्ड में घुस गई।

 
चूत से रिसता रस्स और रमेश के चाटने से करीना की गाण्ड का छेद रमेश के थूक और करीना के औरत के पानी से गीला था। इस कारण जब रमेश करीना की गाण्ड में लण्ड घुसाने की कोशिश कर ही रहा था, कि तभी एक ‘पूछ’ की आवाज से रमेश के लण्ड की टोपी करीना की गाण्ड में घुस गई।

रमेश- “अह्ह… आंटी आपका छेद तो पूरा टाइट है, अह्ह… मजा आ रहा है आंटी, आप तो ग्रेट हो, मस्त हो आप, लगता है आपकी शादी नहीं हुई, इसलिये ये छेद इतना टाइट है…”

करीना डर से चीखते हुये गुस्से में बोलती है- “यू अरे फूल, आह्ह मेरी गाण्ड… अबे बेवकूफ़ तुमने अपना वो मेरी गाण्ड में घुसाया है, कमीने, अपना वो निकाल वहाँ से अह्ह…”

लेकिन रमेश को हवस का नशा चढ़ चुका था, अपने पहले सेक्स में उसके जैसे लड़के को एक हाइ-फ़ाई औरत का बदन खेलने को मिला था, इस कारण पहले ही रमेश चकित था। इसलिए करीना की आवाजें नज़रअंदाज करके रमेश करीना की जांघें कस के आगे की तरफ करके, अपने दोनों हाथों से पकड़ता है, और जरा अपना जोर बढ़ाता है, इससे एक-एक इंच करके करीना की गाण्ड में रमेश का काला 8 इंच का लण्ड घुसा जा रहा था।

करीना रमेश की पकड़ से छूटने की कोशिश करती है, लेकिन रमेश की करीना की जाँघ पर की पकड़ इतनी मजबूत थी कि करीना उस पकड़ से छूट नहीं पाई। उधर रमेश अपना आधा लण्ड करीना की पूरी तरह से स्ट्रेच हुई गाण्ड को आधे तक चोद रहा था। क्योंकि करीना की गाण्ड किसी ने भी नहीं मारी थी, इसलिए करीना की गाण्ड इतनी टाइट थी। और उस गाण्ड को एक लो-क्लास चाय वाला, अपने 8” इंच के लण्ड को 4 इंच तक धीरे-धीरे अंदर-बाहर कर रहा था।

रमेश- “अह्ह… ओह्ह… अलग सा सुकून मिल रहा है आंटी, वाह… अह्ह…”

और करीना जोर-जोर से दर्द के कारण चीख रही थी। लेकिन रमेश इस दर्द भरी चीख को अपने हवस की वजह से सुन नहीं पा रहा था। जिस औरत का दूध पीकर रमेश बोला था कि आपके दूध का टेस्ट मेरी माँ के दूध जैसा है, उसी औरत की गाण्ड को अब रमेश आधे तक चोद रहा था। रमेश अपने लण्ड के ठोंकने की तेजी बढ़ाता है, फच -फॅक फच -फॅक, फच -फॅक, फच -फॅक ।

करीना- “ओह्ह… मर गई, मेरे फट गई आह्ह… हे भगवान्… क्या पाप किया था, ओह्ह… अह्ह… आह्ह… आह्ह… आऽऽ ऊऊउउ…”

इन चीखों को सुनकर रमेश को उस औरत पर जरा भी रहम नहीं आया। रमेश करीना की टांगे अपने दोनों हाथों से पकड़ता है, और टांगे फैलाते हुये आगे की तरफ ले जाता है। करीना के घुटने अल्लमोस्ट करीना के कान के नज़दीक तक आ जाते हैं, और करीना की चूत और गाण्ड का छेद अच्छी तरह से खुल जाता है। और तभी रमेश करीना की गाण्ड में जोरदार झटका मारता है, और रमेश का लण्ड करीना की गाण्ड में 7” इंच तक घुस्स जाता है,।

पहली बार करीना अपनी गाण्ड मरवा रही थी, और अपनी बुरी किस्मत की वजह से वो गाण्ड एक लो-क्लास चाय वाला मार रहा था। दर्द से करीना की आँखों से आँसुओं की बूँदें टपक रही थीं। रमेश अब 7 इंच तक करीना को ठोंक रहा था।

रमेश- “अह्ह… ओह्ह… हाँऽ मज्जा आए गवा, वाह…, अह्ह… फच-फच, फच-फच, फच-फच, फच-फच …”

तभी रमेश जब गाण्ड ठोंक रहे अपने लण्ड की तरफ देखता है, तो उसपर कुछ खून की बूंदे थीं, जो करीना की गाण्ड से रिस रही थीं। लेकिन ये देखकर भी रमेश रुकता नहीं, और वो एक और झटका मारता है। फिर तो पूरा 8 इंच का काला बदसूरत डंडा करीना जैसी कोमल गाण्ड वाली सुपरस्टार की गाण्ड के छेद में था।

रमेश अब अपने पूरे 8 इंच के लण्ड को करीना की फटी गाण्ड में अंदर-बाहर कर रहा था। अब रमेश की जांघें करीना की ऊपर उठी गाण्ड की गोरी-गोरी फांकों को छू रही थीं, और इसलिए करीना की गाण्ड की फांके रमेश के हर झटके से आगे पीछे जिगल- विगल हो रही थीं। रमेश की काली जांघें करीना की गाण्ड की गोरी फांकों से बार-बार टकरा रही थीं- “ठप-ठप, ठप-ठप, ठप-ठप-ठ, ठप-ठप-ठप…” तभी रमेश अपनी स्पीड और ज़्यादा बढ़ाता है। रमेश की चुदाई के जोर से करीना एक-एक इंच सरक के ऊपर की ओर रमेश के जबरदस्त झटकों से धकेले जा रहा था।

करीना सिसक उठी- “आह्ह… आऽ आऽ मर गई अह्ह… ओह्ह… दुख रहा है, अह्ह…”

रमेश की गाण्ड ठुकाई के झटके अब तेज होते जा रहे थे, इसलिए करीना का दर्द से बुरा हाल हो रहा था, करीना को ऐसा लग रहा था कि कोई उसके गाण्ड के छेद में गरम चाकू खचा-खच घुसा रहा है। 10 मिनट गुजर गये, लेकिन अभी तक रमेश झड़ नहीं रहा था।

तभी करीना की जोर से चीख निकलती है- “अह्ह, मेरीई गाण्ड ओओऽ माँऽ अह्ह…” और करीना की चूत से पानी की पिचकारी पूरे जोर से निकलती हुई रमेश के काले शरीर पर और मुँह पर लगती है।

लेकिन रमेश ठोंकना बंद नहीं करता, और बोलता है- “आह्ह आंटी आपका तो मूत निकल्ल गया, आह्ह… हाहाहाहा…” और वो हँसने लगता है।

करीना को भी अहसास होता है, कि उसने अभी-अभी पेशाब किया था। एक बड़ी बोलीवुड एक्ट्रेस ने अपना पेशाब एक लो-क्लास लड़के के काले शरीर पर छोड़ा था। लेकिन गाण्ड से निकलता हुआ खून करीना के दर्द की गवाही दे रहा था, और रमेश की बर्बरता का सबूत था वो खून।

20 मिनट हो गये थे, और रमेश को भी अब अहसास होता है कि वो अब झड़ ने वाला है। अब वो अपने झटकों की स्पीड दरिंदगी की हद तक बढ़ा देता है, ठक-ठक, ठक ठक-ठक, फच - फच, फच - फच फच - फच ।

करीना के 38” के चूचे रमेश के हर झटके से आगे पीछे उछल रहे थे। ये हार्डकोर चुदाई का नजारा, बेहद ही ज़्यादा उत्तेजक था। रूम में करीना की गाण्ड ठुकाई का आवाज गूँज रही थी। करीना को अहसास होता है कि रमेश के साथ वो अनप्रोटेक्टिड सेक्स कर रही है। इसलिए जैसे तैसे वो बोलती है- “आह्ह… कमीने… बाहर निकाल्ल्ल, अंदर मत छोड़ अह्ह… ओह्ह…”

लेकिन रमेश करीना की बात का जवाब नहीं देता है।

करीना अब तक 3 बार अपना पानी छोड़ चुकी थी, और रमेश पहली बार किसी औरत की चुदाई में अपना पानी छोड़ने वाला था, इसलिए वो पहले से ही उत्तेजित था। रमेश चिल्लाया- “आऽ आऽ आऽ निकल्ल रहा है… आंटी और निकलने वाला है… आह्ह…”

तभी रमेश एक जोरदार झटके से सारा वीर्य करीना की गाण्ड में झाड़ देता है। पहली बार रमेश किसी औरत के अंदर झड़ा था, इसलिए उसका वीर्य बहुत ज़्यादा था। करीना की गाण्ड वीर्य से ओवरफ्लो कर रही थी, खून और वीर्य करीना की गाण्ड से बहे रहे थे।

करीना तब दर्द और अपनी फूटी किस्मत पर फूट-फूट कर रो रही थी, और बोलती है- “उम्म्म तुम्हें मैंने बोला था ना के बाहर निकालना, अंदर क्यों छोड़ा? अह्ह…”

 
रमेश अपना लण्ड करीना की गाण्ड के अंदर ही रखे-रखे बोलता है- “आंटी मुझे सुनाई नहीं दिया, सारी…”

करीना रोते हुये बोलती है- “अब निकालो इसे, जल्दी, अह्ह…”

रमेश धीरे-धीरे अपना लण्ड बाहर निकालना है।

करीना- “ओह्ह…”

आख़िरकार रमेश अपने लण्ड की टोपी करीना की परखच्चे उड़ी गाण्ड से निकालता है। जब वो उस औरत की, यानी करीना की गाण्ड की ठोंक के उसने जो हालत की थी, वो जब देखता है, तब करीना का दर्द उसे महसूस होता है और बोलता है- “ओह्ह… सारी आंटी, लेकिन मुझे भी पता नहीं था कि मैं ऐसा भी कुछ कर सकता हूँ…”

करीना की गाण्ड का सुनहरा छेद लाल हो चुका था, और ऐसा लग रहा था कि करीना की गाण्ड का छेद रमेश की दरिंदगी से सूज् चुका है।

करीना अपना दर्द कंट्रोल करके तब मजबूरी में बोलती है- “अह्ह… तुम अब वो वीडियो रिकॉर्डस कहाँ हैं? वो बोलो जल्दी, अह्ह…”

रमेश करीना की जांघें छोड़ता है, और, खुद करीना के बाजू में जाकर लेट जाता है, और बोलता है- “मैडमजी अगर मैंने आपको ये बात बताई तो आप भड़क जाएँगी मेरे पे…”

करीना- “अबे बेवकूफ़, मैं तुम्हारे पे पहले से ही भड़की हुई हूँ, अह्ह… दुख भी रहा है, तुम सिर्फ़ बताओ…”

रमेश- “आंटी, वो वीडियो रिकॉर्डस मैं आपको नहीं बता सकता…” और वो करीना की आँखों में देखता है।

करीना झट से जैसे-तैसे बेड से उठकर बैठ जाती है, और गुस्से में रमेश को घूरते हुये बोलती है- “तुम्हें जो करना था, वो तुमने मेरे साथ किया, और अब तुम अपनी बात से पलट क्यों रहे हो कमीने…”

करीना का गुस्सा देखकर रमेश बोलता है- “नहीं आंटी, मैं पलट नहीं रहा, ऐसा है कि ऐसा कोई वीडियो रिकॉर्ड है ही नहीं, जो आप बोल रही हैं…”

करीना गुस्से में बोलती है- “झूठ मत बोल, समझे ना? मैं बेवकूफ़ नहीं हूँ, यहाँ कोने में सी॰सी॰टी॰वी॰ लगा है, उसकी रिकॉर्डिंग मुझे चाहिए, सीधे-सीधे बोलो…”

रमेश- “आंटी वो सी॰सी॰टी॰वी॰ बंद है, और शकील चाचा इस सी॰सी॰टी॰वी॰ को इस्तेमाल करके रिश्वत देने वालों को ब्लैकमेल करते हैं, अगर वो मर्द हो तो रिश्वत से ज़्यादा पैसे धमकी देकर वसूल करते हैं, और लड़की हो तो उसका आपकी तरह हाल करते हैं, समझी आप? मुझे ये सब पिछले महीने में ही पता चला है…”

करीना गुस्से में बोलती है- “क्या? मतलब शकील मुझे बेवकूफ़ बना रहा था? और कमीने तुमने भी मुझे बेवकूफ़ बना दिया, हरामजादे…” और करीना गुस्से में रमेश के लण्ड को पकड़कर दबा देती है।

रमेश दर्द से- “अह्ह… मेरी अह्ह… छोड़ो, आंटी प्लीज़्ज़ि… आंटी आपकी वजह से ही माँ के मरने के बाद किसी औरत ने मुझसे प्यार किया है, प्लीज़्ज़ि… बात को समझिये अह्ह…”

पता नहीं क्यों लेकिन करीना का गुस्सा रमेश की बात सुनकर जरा सा कम हो जाता है, और वो रमेश के लंड छोड़ते हुये बोलती है- “ह्म् म्म्म… हम दोनों में जो भी हुआ, अगर तुमने बाहर किसी को भी बताया तो, मैं तुम्हें इस चलती ट्रेन से नीचे फैंक दूँगी समझे?”

रमेश “हाँ… आंटी, आपका हुकुम सर आँखों पर…”

करीना जैसे तैसे बेड से नीचे उतरती है।

रमेश भी बेड से उतरता है, और अपने कपड़ों को पहनने लगता है, और करीना फर्श पर जैसे-तैसे खड़ी हो जाती है। उसकी चुदाई से सूजी हुई गाण्ड दर्द कर रही थी। ये देखकर रमेश अपनी हाफ़ पैंट और शर्ट पहनकर, करीना की साड़ी, पेटीकोट, ब्लाउज, को समेटकर करीना को देने के लिये बढ़ा।

करीना अपने कदम सभाल-सभाल कर रख रही थी, और सामने रमेश को अपनी साड़ी, ब्लाउज पेटीकोट लिये खड़ा देखकर करीना एक मजबूर औरत की तरह बोलती है- “वही रखो बेड पर, मुझे फ्रेश होने जाना है, ओह्ह… आह्ह… ऊओव्व…”

रमेश करीना को ऐसे दर्द से बिलखता देखकर बोलता है- “आंटी आपको कोई हेल्प चाहिए?” और तभी करीना लड़खड़ाकर गिरने ही वाली थी कि रमेश करीना को कमर से पकड़ लेता है, और बोलता है- “आंटी मैं आपको बाथरूम तक छोड़ देता हूँ…” और रमेश करीना को सहारा देते हुये बाथरूम में छोड़ देता है।

 
अभी भी करीना की गाण्ड से रमेश का वीर्य बहे जा रहा था- “जाओ अब तुम, मैं बाकी का करलूँ गी। जाओ… ये सब दर्द तुम्हारा दिया हुआ ही है। जाओ…”

करीना की बात सुनकर रमेश अपना मुँह लटकाकर बाथरूम से बाहर चला जाता है, करीना बाथरूम का दरवाजा बंद करके शावर चालू करके नहाने लग जाती है।

करीना की सूजी हुई गाण्ड में होता दर्द, अब शावर से बरस रहे ठंडे पानी से कम हो गया था। करीना मन ही मन- “आह्ह… ओह्ह… मेरी जिंदगी का ये सबसे गंदा काला दिन है। मैंने सोचा था कि गरीब लोग अच्छे होते हैं, लेकिन मैंने जितने भी गरीब अब तक देखे हैं, सबके सब हवस के पुजारी हैं, छीछी… उस कमीने टी॰टी॰ई॰ ने जो भी मेरे साथ गंदा खेल खेला है, उसका मैं बदला तो लूँगी ही। अह्ह… मेरी गाण्ड बहुत दुख रही है, उस साले नौसिखिये ने तो मुझ पर शकील से ज़्यादा ही जुल्म किया, लेकिन मैं रमेश पर गुस्सा क्यों नहीं हो रही हूँ। कुछ समझ में नहीं आ रहा? जिस लड़के ने मेरी कुँवारी गाण्ड को खोला, जिस छेद में मैंने सैफ को भी घुसाने नहीं दिया, उस छेद में वो लो-क्लास लड़के ने छीछी… मुझे बोलने में भी शरम आ रही है, लेकिन फिर भी मुझे गुस्सा नहीं आ रहा, क्यों? अम्म्म्मम… ह्म् म्म्मम… क्योंकि उस बेचारे को किसी औरत ने प्यार नहीं दिया, वो प्यार उसे मुझसे मिला। मेरे साथ रहकर उसे अपनी माँ की याद आई। तो जो भी मेरे और रमेश के बीच हुआ, उसका अपराधबोध मुझे नहीं मानना चाहिए। आख़िरकार रमेश भी एक इंसान है, और मैं भी…” ये सोचकर एक पल के लिये करीना ने अपने दुख को कम करने के लिये रास्ता बनाया।

फिर वो शावर के नीचे खड़ी होकर उन दानवों की बदन पर लगी हुई थूक शावर के पानी की धार से सॉफ करने में लग जाती है, बाथरूम में साबुन था, लेकिन वो शकील का प्राइवेट साबुन था, और करीना को ये अंदाज़ा हो गया था, इसलिये वो सिर्फ़ शावर के पानी में ही नहा रही थी। साबुन के बिना वो अपने चूसने और टॉर्चर होने से लाल हुये चूचों को मसल-मसलकर धो रही थी। और कुछ मिनट बाद जब उसका हाथ गाण्ड रगड़ने लगा तो करीना दर्द से चिल्ला उठी- “अह्ह, मेरीईऽ गाण्ड… उस कमीने ने मेरी गाण्ड सुजा दी है… आह्ह… सारे मर्द सिर्फ़ अपना ही सोचते हैं, ये नहीं सोचते कि औरत को दर्द हो रहा है या नहीं? सिर्फ़ चढ़ जाते हैं, कमीने कहीं के। थैंक गोड कि मैंने इमरजेंसी के लिये पेन किल्लर की टैबलेट पर्स में रख ली है… अह्ह…”

और दूसरी तरफ रमेश बेड पर की सारी चीजें, पहले जैसे थी वैसे रख देता है, क्योंकि अगर शकील यहाँ आया तो इस कोच में जो भी हुआ उसका शक़ ना हो।

15 मिनट बाद करीना रमेश को आवाज लगाती है और बाथरूम के अंदर से बोलती है- “रमेश, मेरा पेटीकोट, ब्लाउज और कोई सॉफ सुथरा तौलिया यहाँ देना जरा…”

ये सुनते ही रमेश करीना का रेड पेटीकोट, ब्लाउज और तौलिया समेटकर बाथरूम के पास जाकर बाथरूम के दरवाजे पर नाक करता है।

करीना को समझ में आ जाता है कि रमेश कपड़े लेकर आया होगा, तो करीना दरवाजा जरा सा खोलती है, और रमेश के हाथ से से झट से सब चीजें ले लेती है, और दरवाजा बंद करके पेटीकोट और ब्लाउज हैंगर पर लटका देती है।

रमेश- “क्या आंटी, अब इतना क्यों शरमा रही हैं, आप मुझसे? मैंने तो आपके नंगे बदन को पूरा नंगा तो देखा ही है, तो अब क्या शरमाना?”

करीना रमेश की बात को अनसुना करके, रमेश के दिए हुये तौलिए, पेटीकोट, ब्लाउज बाथरूम के अंदर लेकर, बाथरूम का दरवाजा बंद कर देती है, और फिर रेड पेटीकोट और रेड ब्लाउज हैंगर पर लटका कर, अपना गोरा बदन तौलिया से पोंछने लग जाती है, और अपनी फूटी किस्मत को कोसते हुये रोने लग जाती है।

तभी कोच के दरवाजे पर नाक नाक होता है। और दरवाजे से आती ये आवाज सुनकर रमेश मन ही मन- “लगता है, शकील चाचा ही आ गये होंगे, थैंक गोड कि मैंने सारी चीजें जगह पर रख दी हैं…” और रमेश दरवाजा खोलने बढ़ता है, और दरवाजे के नज़दीक जाकर दरवाजा खोलता है। और सामने पुलिस के कपड़े में 3 लोगों को देखते ही रमेश की फट जाती है। वो तीनों लोग ट्रेन में रखे गार्ड्स थे।

रमेश डर से हकलाते हुये बोलता है- “कऽक्या हुआ साहब, आप यहाँ कैसे?”

वो तीनों लोग ट्रेन पुलिस हैं, जो इस ट्रेन में ड्यूटी करते हैं। सफ़र करने वालों को कोई भी परेशानी हो तो, ये तीन गार्ड्स उन्हें हेल्प करते हैं। ज़्यादातर ये तीनों गार्ड्स औरतों के साथ होने वाली छेड़छाड़, चोरी, झगड़ा, सुलझाने में ही रहते हैं। वो तीनों ही दिखने में बहुत तगड़े और बदसूरत काले सांड हैं, और इसलिए ही उन तीनों साड़ों की यहाँ गार्ड के तौर पर नौकरी लगी। उन तीनों का नाम हरी, स्वामी, और तीसरा है नौशक। उन तीनों की उमर 55 साल के ऊपर है, उन तीनों में से नौशक जिसकी उमर हरी और स्वामी से दो साल ज़्यादा है, वो एक नम्बर का चुदक्कड है, जहाँ भी चूत को ठोंकने का मौका मिले वो मौका हाथ से जाने नहीं देता, उस मौके का नौशाक पूरी तरह से फ़ायदा उठता है, और औरतों को जलील कर-करके ठोंकता है,

लेकिन इसके उलट हरी और स्वामी हैं, जो सिर्फ़ अपने काम से काम रखते हैं, उन दोनों को नौशक के बारे में सब पता था, कि वो हर वक्त हवस का भूखा रहता है, इसलिये हरी और स्वामी ने नौशक को वार्निंग देकर रखी है कि ड्यूटी के वक़्त अगर उसने कोई भी जलील हरकत की तो उसकी शिकायत सीधा हाई कमांड को करके उसे इस नौकरी से सस्पेंड करवा देंगे,

 
इस धमकी के कारण ही नौशक ने अभी तक ट्रेन में अपनी हवस मिटाने के लिये कोई कांड नहीं किया था, और आज किसी सफ़र करने वाले ने उन गार्ड्स को किसी बात की शिकायत की थी, जिसे देखने, हरी, नौशक, और स्वामी ये तीनों गार्ड्स आए थे।

रमेश की बात सुनकर उन तीनों गाडों में से स्वामी अंदर कोच में झाँकते हुये बोलता है- क्यों रे रामू, तुम शकील टी॰टी॰ई॰ के कोच में क्या कर रहे हो? और शकील कहाँ पर है?”

स्वामी की बात को सुनकर रमेश हड़बड़ाते हुये बोलता है- “साहब वो… शकील चाचा ने मुझे यहाँ की सॉफ सफाई करने को बोला है, और वो तो नम्बर 9 की बोगी में किसी का झगड़ा सुलझाने के लिये गये हैं”

तभी नौशक वहाँ आगे की कोच में बैठे हुये मुसाफिरों से पूछता है- क्या रे, इनमें से किसी ने, शिकायत की थी, हमको…”

तो एक औरत जो अपने बच्चे और पति के साथ वहाँ टी॰टी॰ई॰ कोच से लगे हुये कोच में बैठी हुई थी, जिसका नाम सरिता है, वो झट से बोलती है- “भैया, हमने ही आपको शिकायत की थी, मोबाइल से…”

हरी उस औरत की तरफ देखकर बोलता है- “हाँ तो अब बताइए कि क्या प्राब्लम है आपको, इस टी॰टी॰ई॰ कोच से?”

सरिता- “भैया, वो उस कोच से, किसी औरत के रोने और चीखने की आवाजें आ रही थीं…”

टी॰टी॰ई॰ कोच से लगकर ही सरिता और उसके पति का कोच है, इसलिए टी॰टी॰ई॰ कोच में जो भी हरकत होती उसकी हलचल, उसकी आवाज, सरिता और उसके पति के कोच में आ जाती, और उन पति और पत्नी को क्या पता कि जिसकी चीखें उन्होंने सुनी थी वो करीना कपूर खान की हैं। लेकिन इस सबसे सब मुसाफिर अंजान हैं।

सरिता की बातें सुनकर नौशक का लण्ड हलचल करने लगा, और वो रमेश को धक्का देकर बाजू हटा देता है, और कोच के अंदर घुसकर बोलता है- “क्या बे, कहाँ छिपा रखा है, उस अबला नारी का बलात्कार करके, बोल कमीने?” नौशक तो सिर्फ़ इस उत्तेजना में अंदर घुसा था कि कोई नंगी औरत के दर्शन कर लेगा, लेकिन अंदर कोई नहीं था।

रमेश- “कऽक्या, मजाक कर रहे हो, भाई, मैं और ये गंदी हरकत? कर ही नहीं सकता…”

हरी- “अबे साले, सीधे-सीधे बता कि माजरा क्या है, किस औरत की आवाजें आ रही थीं, यहाँ से? बोल हरामी…”

तभी बाथरूम से आवाज आती है, और वो करीना थी जो अपना पेटीकोट पहन रही थी और जरा सा धक्का बाल्टी पे लग गया, और बाल्टी गिर गई, और इसलिए बड़ी सी आवाज आई।

ये सुनकर नौशक झट से बोलता है- “तो अच्छा, यहाँ उस अबला नारी को छिपा कर रखा है, हरामी…”

रमेश- “नहीं साहब, वहाँ तो, वही, वो वो…”

स्वामी- “क्या, हकला क्यों रहा है, फट गई?”

तभी दरवाजा खोलकर करीना नकाब पहनकर अपने बाल पोंछते-पोंछते, पेटीकोट और ब्लाउज में बाहर आ जाती है। और जैसे ही उसकी नजर अंदर आए हुये गार्ड्स, हरी, स्वामी और नौशक पर जाती है, तब करीना अपने ब्लाउज में क़ैद 38” के चूचों को अपने दोनों हाथों से छिपाते हुये गुस्से में बोलती है- “तुम लोग कौन हो, और एसे यहाँ क्या कर रहे हो?”

तीनों गार्ड्स के सामने एक खूबसूरत्त नकाब पहनी औरत सिर्फ़ ब्लाउज और पेटीकोट में थी। एक मिनट के लिये तो वो तीनों करीना का बदन नीचे से उपर तक देखते रह जाते हैं, मोटी जांघें, 38” के चूचे जो इतने बड़े थे के करीना अपने चूचों को अपने हाथ से पूरी तरह छिपा भी नहीं पा रही थी।

तभी तीनों में से नौशक होश में आता है और बोलता है- “क्या बे रामू, तूने इस औरत को किडनैप करके बाथरूम में छिपाया था क्या? अब तो तुझे लंबी जेल होगी…”

फिर करीना की तरफ देखते हुये स्वामी बोलता है- “मेम, अब आप सेफ हो, अब आप इस राक्षस की चुंगल से आज़ाद हो, अब सिर्फ़ आपको थाने में चलना होगा हमारे साथ, इस रामू की शिकायत रजिस्टर करने के लिये…”

ये सुनते ही करीना जरा असमंजस में पड़ जाती है, उसे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या चल रहा है?

तभी रमेश डरते हुये बोलता है- “मैंने कुछ नहीं किया, आप आंटी से ही पूछिए, शकील चाचा ने ही मुझे आंटी का खयाल रखने के लिये यहाँ रुकने के लिये कहा था, और वो भी आते ही होंगे, उनसे पूछिएगा…”

हरी रमेश की बातें बड़ी गौर से सुनकर बोलता है- “अच्छा, ठीक है…”

फिर करीना की तरफ देखते हुये बोलता है- “क्या रामू सच बोल रहा है मेडमजी?”

 


करीना को पता चल चुका था कि ये लोग पुलिस हैं, और उन्हें लग रहा है कि यहाँ रमेश उसे किडनैप करके रेप कर रहा था, और अगर करीना ने रेप होने की बात मानी तो, सफ़र के बीच से ही उसे थाने जाना होगा, और अपना नकाब उतारकर कबूलनामा भी देना होगा, इससे उसकी पहचान भी एक्सपोज हो जायेगी, और सारी न्यूज चैनेल पर ब्रेककींग न्यूज होगी- “बोलीवुड स्टार करीना कपूर का बलात्कार ट्रेन में एक चाय वाले ने किया…” और इसलिए करीना की बदनामी हो सकती है। इस सबका अंदाज़ा करीना लगा लेती है।

और उसी वक़्त पीछे से आवाज आती है- “अरे क्या चल रहा है, मेरे कोच में? चलो हटो…” और शकील अंदर आ जाता है और सामने वो औरत पेटीकोट और ब्लाउज में खड़ी थी, जिसकी निगरानी के लिये रमेश को इस कोच में रखा था।

रमेश शकील को सामने देखकर जरा सा डर जाता है, लेकिन जेल जाने से अच्छा उसे शकील की मार खाना ही सही लगता है। और रमेश बोलता है- “शकील चाचा, ये लोग मुझपर आंटी के साथ बलात्कार का झूठा आरोप लगा रहे हैं…”

शकील को सब माजरे का अंदाज़ा हो जाता है, और शकील गुस्से में रमेश की तरफ देखता हे, और नौशक जो शकील का अच्छा दोस्त था उससे धीरे से बोलता है- “अबे यार, ये जो खड़ी है ना, वो रंडी है एक नम्बर की, समझा? इसका कोई क्यों बलात्कार करेगा, अगर ये खुद ही अपनी गाण्ड चोदने दे…”

नौशक भी धीरे से बोलता है- “क्या ये बात है? तो पहले ही मुझे बताकर रखता तो इतना हंगामा नहीं होता?”

शकील- “अब तू ही सम्भाल इस सिचुयेशन को…”

फिर नौशक हरी और स्वामी को बाजू में लेजाकर सब बता देता है। नौशक की बात सुनकर स्वामी करीना की तरफ देखकर बोलता है- “क्या रे, तू क्या सच में सड़क छाप रंडी है?”

स्वामी की बात सुनकर करीना जरा सा सकते में आ जाती है, लेकिन अगर उसने अपनी सच्चाई बताई और शकील, और रमेश ने जो भी उसके साथ हैवानियत की, वो एक बलात्कार था; ये अगर बता दिया तो, बहुत बड़ा बवाल हो सकता है, और उसकी इज्जत मीडिया में तार-तार हो सकती है, इसलिए करीना अपने गुस्से और डर को काबू में करके मजबूरी में बोलती है- “हाँ…”

तभी नौशक बोलता है- “तू रंडी है, तो साली इतना चीख क्यों रही थी?”

करीना नौशक की बात का कोई जवाब नहीं देती, और अपने चेहरा जैसे तैसे छिपाते हुये, शरम और गुस्से से नीचे जमीन पर देखकर अपनी फूटी किस्मत को कोस रही होती है।

शकील नौशक को जाने का इशारा करता है।

नौशक हरी और स्वामी को बोलता है- “चलो भाई लोग, यहाँ अपना कोई काम नहीं, ये हरामजादी तो रंडी है, चलो…”

स्वामी नौशक की तरफ देखकर बोलता है- “अरे लेकिन… …”

नौशक स्वामी की बात बीच में काटते हुये बोलता है- “अरे स्वामी, क्यों इस रंडी की चिंता कर रहा है, जाने दे…"

फिर नौशक स्वामी और हरी को कोच से बाहर ले जाता है, और उन्हें बोलता है- “चलो यारो आज पेग लगाते हैं 3-4, आज की पार्टी मेरी तरफ से…”

स्वामी और हरी, औरतों से ज़्यादा, तो शराब की बूँदों के लिये तरसते हैं, स्वामी और हरी, एक नम्बर के बेवड़े हैं, और ये बात नौशक अच्छी तरह से जानता है। इसलिए उन दोनों को, नौशक शराब की रिश्वत देता है, और उन्हें कोच से दूर, नम्बर 7 बोगी में ले जाता है, जहाँ उनका कोच है, और नौशक वहाँ अपनी छिपाई हुई दारू की बोतल निकालता है। और वो तीनों बेंच पर बैठकर दारू पीने में लग जाते हैं, नौशक हरी और स्वामी को जानबूझकर स्ट्रॉंग पेग बनाकर पिलाता है।

और दूसरी तरफ शकील पूरा शाक में था, क्योंकि बाहर जो उसने उन कपल्स की बातें सुनी थी, उससे शकील आग बाबूला हो जाता है, और रमेश को मारने के लिये उसकी तरफ बढ़ता है।

ये देखकर रमेश की फट जाती है।

लेकिन तभी, करीना को में समझ आ जाता है कि शकील रमेश को मारने के लिये आगे बढ़ रहा है, इसलिये वो पेटीकोट और ब्लाउज में बीच में आ जाती है और बोलती है- “ओये बूढ़े, अपनी औकात में रह समझा, उस बेचारे को क्यों मारने जा रहे हो?”

उस औरत की ये हरकत देखकर शकील गुस्से में बोलता है- “ओये रंडी, एक बात समझ ले कि मैं तेरा वो वीडियो पुलिस को दिखाऊँगा, तो तू जेल में सड़ेगी समझी? अब मेरे रास्ते से हट जा, साली रन्डी, तुझे ठोंकने का हक सिर्फ़ मुझे है, समझी? लेकिन आज इस हरामजादे ने अपनी हद पार कर दी…”

और तभी करीना बीच में शकील की बात काटकर बोलती है- “हे यू, बास्टर्ड, झूठे मक्कार, तुझे जो वीडियो देना है ना, वो दे उस पुलिस को समझा? मैं नहीं डरती, जा…” और करीना जमीन पर गिरी हुई साड़ी लेकर पहनने लगती है।

शकील- “देख, मैं सच में दे दूँगा वीडियो, मजाक मत समझ?”

करीना साड़ी पहनते हुये बोलती है- “अरे जा ना… मुझे पता है जा, तुम्हें जो करना है वो कर…”

तभी शकील साड़ी पहन रही करीना का हाथ पकड़ता है और बोलता है- “क्या री, क्या पता चला है तेरे को, जरा बता मुझे भी?”

करीना शकील की इस हरकत से गुस्से में बोलती है- “ओ बूढ़े, हाथ छोड़ मेरा, मुझे पता है कि वो सी॰सी॰टी॰वी॰ बंद है, समझा ना?” और करीना दूसरे हाथ से शकील को जोरदार थप्पड़ मार देती है।

और इस झटके से शकील करीना का हाथ छोड़ देता है, और बोलता है- “साली रंडी, तू तो गई, तूने गलत आदमी को झापड़ मारा है…” और शकील करीना को मारने झपटता है।

लेकिन पीछे से रमेश शकील को पकड़ लेता है, और बोलता है- “आंटी आप जाइए, जल्दी साड़ी पहनकर, मैं इसे देखता हूँ…” कहकर रमेश शकील को गर्दन से कसके पकड़ लेता है।

शकील- “मादरचोद… छोड़ हरामजादे…”

रमेश- “आज नहीं चाचा, अब और नहीं…” कहकर रमेश शकील की गर्दन को पीछे से कसके पकड़कर दबाने लगता है।

करीना रमेश की बात सुनकर अपनी साड़ी पहनने में लग जाती है, और 5 मिनट में साड़ी पहनकर तैयार हो जाती है। रमेश ने शकील की गर्दन इतनी कसके दबाई जिससे शकील भी अब बेहोश हो चुका था।

ये देखकर करीना डरते हुये बोलती है- “क्यों, तुम अब मेरी हेल्प क्यों कर रहे हो?”

रमेश करीना की तरफ देखकर बोलता है- “आंटी, मेरी माँ तो मर गई है, लेकिन आज मैंने जो आपका दूध पिया, इससे मुझे मेरी माँ की याद आ गई, आप यहाँ से जाइए जल्दी, मैं तो सिर्फ़ आपके दूध का कर्ज़ उतार रहा हूँ, जल्दी जाइए, ये कमीना मरा नहीं है, सिर्फ़ बेहोश हुआ है…”

करीना रमेश की बात सुनकर पूरी इमोशनल हो जाती है और बोलती है- “तुम भी ना रमेश… लेकिन जब इसे होश आएगा तो ये आदमी तुम्हें मारेगा…”

रमेश- “आप मेरी चिंता मत कीजिए, मैं अपना देख लूँगा, लेकिन आप जाइए…”

और कमजोर दिल वाली करीना का दिल पिघल जाता है, और करीना बिना सोचे-समझे रमेश की तरफ बढ़ जाती है, और रमेश के पास जाकर, उसे कसके गले लगाती है, और बोलती है- “थैंक यू रमेश, मैं एक दिन तुम्हारी लाइफ जरूर चेंज करूँगी…”

करीना की बिना ब्रा की चुचियाँ, रमेश की छाती से कसके दबी थीं, एक मिनट की जादू की झप्पी देकर करीना कोच से निकलकर बाहर चली जाती है।

करीना अपना पर्स लेकर जैसे-तैसे अपने कोच की तरफ बढ़ रही थी। गाण्ड चुदाई के बाद करीना को चलने में जरा दि्कत आ रही थी, लेकिन करीना सभल-सभलकर कदम आगे बढ़ा रही थी। तभी आसपास के कोच में बैठे लोगों में चर्चा शुरू हो जाती है।

पब्लिक की आवाज- “अरे, यही है ना वो, जिसकी चीखें उन कपल्स ने सुनी थी, और गार्ड्स बोल रहे थे कि ये सड़क छाप रंडी है?”

 
इस तरह की अपने बारे में पब्लिक में होती बातचीत सुनकर वो शरम और गुस्से से लाल हो जाती है, लेकिन वो अपने आपको समझाती है कि ‘उसने अभी भी नकाब पहन रखा है, तो उसकी असली पहचान पर कोई दाग अब तक नहीं लगा’ इसलिए पब्लिक में उसके बारे में चल रही गंदी बातों को करीना नज़रअंदाज करते हुये किसी तरह आगे बढ़ती है।

उधर टी॰टी॰ई॰ कोच में रमेश मन ही मन- “पता नहीं मैंने ऐसा किस जोश में आकर किया, लेकिन जो भी मैंने किया वो अपनी माँ के लिये ही किया, पता नहीं मुझे क्यों उस आंटी में अपनी माँ की परछाई दिखती है?”

तभी शकील बेहोशी से जाग उठता है, और रमेश को खयालो में खोया देखकर धीरे-धीरे उठकर रमेश के पीछे जाता है, और रमेश के बाल एक हाथ से पकड़ लेता है।

और रमेश को कुछ समझ में नहीं आता, शकील ने उसके बाल इतने जोर से पकड़े थे कि रमेश की दर्द से चीख निकल जाती है- “आआयययीईई…”

शकील रमेश के बाल और गर्दन पकड़कर बोलता है- “अबे हरामजादे, तेरी इतनी हिम्मत कि तूने मुझे मारने की कोशिश की? नमकहराम, आज तो तुझे मैं मार-मार के नामर्द बना दूँगा…” ये बोलते हुये शकील रमेश के बाल खींचकर उसे नीचे गिरा देता है, और पागल गधे की तरह लात रमेश के पेट और मुँह पर मारने लगता है।

रमेश- “आईईई चाचा, आईईइ, बच्चे की जान लोगे क्या? अह्ह… आईईई… मर गया…”

रमेश की चीखों को नज़रअंदाज करके शकील रमेश पर अपना गुस्सा निकालने लगता है, उसे बेदर्दी से मारने लगता है। रमेश के कपड़े फट जाते हैं, सर पर लगी चोट से खून बहने लगता है, और रमेश बेहोश हो जाता है। और पूरी तरह बेहोश हो जाता है, 15 मिनट रमेश की पिटाई के बाद शकील भी अब थक चुका था।

शकील- “ओह्ह… साला, मैंने तो सोचा था कि ये हरामी रमेश लल्लू है। लेकिन ये तो हरामी भड़वा निकला, नमकहराम, साला ड्यूटी पर हूँ इसलिये मजबूरी में जिंदा छोड़ रहा हूँ, नहीं तो इस साले को आज मार ही डालता…” तभी शकील का वाइब्रेशन मोड पर रखा हुआ मोबाइल बजने लगता है। शकील फ़ोन अपने पाकेट से निकालता है तो वो फ़ोन करने वाला नौशक था, इसलिए शकील झट से फ़ोन उठाता है।

शकील- “क्या भाई, आपको मेरा सलाम, जो आपने मुझे बचा लिया उस सिचुयेशन से, नहीं तो हरी और स्वामी मेरा बैंड बजा देते…”

नौशक- “चल वो छोड़, मैंने तुझे दोस्त के नाते हेल्प की थी, लेकिन तुझे भी मेरा एक फेवर करना होगा…”

शकील- “आप जो बोलें, वो सर आँखों पर। मैं क्या हेल्प कर सकता हूँ आपकी?”

नौशक- “वो थी ना, वो रंडी, उसके साथ मुझे मजे करने हैं… और तुझे ही उस रंडी और मेरा टांका भिड़वाना है, समझा? नहीं तो?”

शकील नौशक की बात काटते हुये बोलता है- “अरे भाई, दरसल बात ये है कि वो रंडी नहीं है, वो तो कोई मेच्यूर औरत है, जिसको मैंने ब्लैकमेल करके फँसाया था…”

नौशक- “अबे कमीने, तू तो बोला था कि वो रंडी है…”

शकील- “अरे हा… हाँ … लेकिन अगर मैं सच्चाई बोलता तो मेरी जाब चली जाती, और ब्लैकमेल करने के आरोप में जेल भी हो जाती, समझा…”

नौशक- “मतलब तूने फिर से वो बंद सी॰सी॰टी॰वी॰ से शिकार किया? मतलब तू अब भी उस औरत को कंट्रोल कर सकता है ना?”

शकील- “पहले तो वो मस्त माल पूरे कंट्रोल में थी, लेकिन उस चाय वाले ने सारी गड़बड़ क दी, और अब उस रंडी को सच्चाई पता चल गई है कि वो सी॰सी॰टी॰वी॰ बंद है, समझा? इसलिए अब वो माल मेरे हाथ से निकल चुका है…”

नौशक- “शकील, एक बात समझ ले, मैंने तेरी हेल्प में अब तक बहुत पापड़ बेले हैं, तुझे बहुत सी मुषीबतों से बाहर निकाला है, तुझे कैसे भी करके उस माल के साथ मेरा टांका भिड़वाना ही होगा, समझा? नहीं तो मैं अपनी दोस्ती भूल जाऊँगा, और तेरा सब काला चिट्ठा खोल दूँगा…”

ये सुनकर शकील डर जाता है और झट से बोलता है- “भाई, तू उस औरत के लिये इतना क्यों, अपना दिमाग गरम कर रहा है, मैं तेरा टांका किसी और आइटम के साथ भिड़ा दूँगा, टेंशन मत ले…”

नौशक गुस्से में- “उस जैसा माल मैंने जिंदगी में नहीं देखा है, मस्त मोटी-मोटी जांघें, बड़े-बड़े दूध के टैंकर, गोरा बदन, जिसका मजा मुझे लेना ही है, समझा? तूने भी लिया होगा, अब तुझे मेरा इंतज़ाम भी करना होगा। मैं तुझे 3 घंटे की मोहलत देता हूँ…” ऐसा बोलते हुये नौशक फ़ोन रख देता है।

और उसके बाजू में दारू पीकर बेहोशी में लेटे हुये हरी और स्वामी की तरफ देखकर मन ही मन बोलता है- “इन दोनों को तो मैंने दारू पिलाकर रास्ते से हटा दिया है, अब देखते हैं कि ये शकील मेरा टांका उस रंडी के साथ भिड़ाता है या नहीं? अगर नहीं भीड़ाता तो, मेरा उस मस्त लचीली गाण्ड वाली को चोदने का सपना चूर-चूर हो जाएगा…” फिर वो एक ओर दारू का पेग बनाता है, और पीने में लग जाता है।

दोपहर के 3:04 बज चुके हैं, करीना को भी पता नहीं चला कि उस टी॰टी॰ई॰ कोच में करीना ने 3 घंटे बिता दिए थे, वो भी दर्दनाक 3 घंटे, हाहाहा।

और वहाँ करीना के कोच में, गोगा और उसके साथ बैठे, समीर, संदेश अब होश में आ गये थे, और अब्दुल अपने हाथ से गये चुदाई के मौके को सोचकर मन ही मन बोलता है- “साला, अपना नसीब ही खराब है, इतना मस्त माल मेरे हाथ लगा था, उस साले टी॰टी॰ई॰ ने सब प्लान पर पानी देर दिया, नहीं तो आज तो उस मस्त माल को तो ठोंक ही देता, क्या मस्त टेस्टी दूध था उसका, उम्म्म…”

तभी समीर और रमेश जो कि अब पूरे होश में आ गये थे, वो उपर की सीट से नीचे देखते हुये बोलते हैं- “अबे गोगा, वो तेरी रिश्तेदार कहाँ गई?”

 
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