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हीरोइन श्रद्धा कपूर की चूत का पानी

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Guest
हीरोइन श्रद्धा कपूर की चूत का पानी -1



नमस्कार दोस्तों मेरा नाम राज है। वैसे तो मैं मुंबई में रहता हूं, पर काम के वजह से गोआ में रहता हूं। मैं एक बार टेंडर हु मेरा काम बार मे आए लोगो को उनके पसंद की दारू देना था। और बहुत बड़े लोग आते थे वह दारू पीने।

अब में कुछ अपने बारे में बता देता हूं। मेरी कद 6'2 है, शरीर भी रोज़ाना कसरत करने की वजह से फिट है। ज्यादा बोर ना करते हुए में सीधा कहानी पर आता हूं।

एक दिन बार मे श्रद्धा कपूर आई हुई थी। वो अकेली की आई थी। किस्मत से श्रद्धा मेरे पास ही आई और उसने अपने ड्रिंक का आर्डर दिया।

"सौनो क्या तुम मुझे अपनी कंपनी दोगे" उसने अपना ड्रिंक लेते हुए कहा।

कभी-2 हम लोग को भी कस्टमर के साथ डर्क करना पड़ता था उनको कंपनी देने के लिए। और उसका हम पैसे चार्ज भी करते थे।

तो उसने मुझ से पूछा और मैं तो उसका बहुत बड़ा फैन था तो मैने हाँ करदी।

उस समय श्रद्धा ने जीन्स और सेंडो टाइप टॉप पहना था, और उसके ऊपर जैकिट। वो बहुत क्यूट लग रही थी, एकदम गोरी चिट्टी दूध सी सफेद। ना कोई दाग था चेहरे पर, बस आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स थे, शायद ज्यादा काम करने की वजह से।

हम लोग दारू पिरहे थे और साथ मे बात भी कर रहे थे।

"तुम तो काफी यंग लगते हो, फिर भी ये काम, क्यों ?" श्रद्धा ने मुझ से पूछा।

"फैमिली प्रॉब्लम है, घर मे कमाने वाला कोई नही है" मेने उसे बताया।

"एक और ड्रिंक" श्रद्धा ने मुझसे एक और ड्रिंक मंगा।

वो कुछ ज्यादा ही पिराही थी। और उसकी आंखें गुलाबी हो गई थी नशे के कारण। शायद काम का स्ट्रेस था।

"मेम आप से एक बात कहु" मेने उनसे पूछा।

"हाँ बोलो ना, यु कैन तेल्ल में एनी थिंग" उसने मुझे अपने नशीली आंखों से देखते हुए कहा।

उनकी ज़बान बोलते वक्त लड़खड़ा रही थी।

"आप बहुत सुंदर हो" आखिर मेने अपने दिल की बात बोल ही दी। मैं कब से ये बात उनको बोलना चाहता था।

"फ्लर्ट कर रहे हो" श्रद्धा ने मुझ से मुस्कुराते हुए पूछा।

"नही मेम मैं तो बस ऐसे ही बोल रहा था" मेे झेप गया था।

"वैसे तुम भी बड़े हैंडसम हो" उसने मुझ से आंख मार कर बोला।

और में भी मुस्कुराने लगा था उनकी बात सुन कर।

"एक और" श्रद्धा ने मेरे सामने खाली गिलास रखते हुए कहा।

"मेम अपने कुछ ज्यादा ही पीली है, आपको अब और नही पीना चाहिए" मैं उनसे बोला।

क्योंकि अब उनका नशा बहुत भारी पैड रहा था और वो अकेले भी आई थी। ऐसे में घर जाना मुश्किल हो सकता है।

"हाँ तुम ठीक कह रहे हो" श्रद्धा ने बोला।

"चलो मैं चलती हु, तुम से बात करके अछा लगा" उसने आगे कहा।

"सेम हियर मैम" मेने मुस्कुराते हुए कहा।

वो लड़खड़ाते कदमो के साथ चली गई। और मैं उसकी मटकती गांड देख रहा था। जो बहाए को निकली हुई थी। क्या मस्त गांड थी उनकी। एक दम गोल-2।

खेर, आज का काम खत्म कर के मैं रोड पर घर जाने के लिए रिक्शा ढूंढ रहा था और अचानक से एक गाड़ी यह वहा घूमते हुए मेरे सामने आकर रुकी। वो श्रद्धा थी।

"कैन आई ड्राप यु सम वेर" उसने मुझ से अपनी नशीली आंखों से देखते हुए पूछा।

अब इतनी सुंदर और हॉट लड़की मुझे ड्राप करने के लिए पूछे तो में कैसे मना कर पाता। वैसे तो मैं बड़ा सख्त लोंडा हु, पर यहा पर में पिघल गया।

मैं उस के साथ मे फ्रंट सीट पर बैठ गया। और अपने फ्लैट का पता बताया और हम चलपडे मेरे घर की तरफ।

श्रद्धा को गाड़ी चलाने में तकलीफ हो रही थी। शायद वो बहुत ज्यादा नशे में थी पर क्या हॉट लग रही थी वो। मैं उसे गाड़ी के फ्रंट मिरर से देख रहा था। उसका जैकिट थोड़ा पीछे होगया था और क्लीवेज बराबर दिख रहा था। मेरी नजर तो उसके बूब्स के बीच से जाती हुई लाइन में थी, बहुत गहरी नजर आरही थी।

गाड़ी का AC चालू होने के बावजूद उसके क्लीवेज पर पसीना था इस वजह से उसका सीना चमक रहा था। क्या मस्त लग रहा था, एक दम गोरा-2 चमकीला।

अचानक से गाड़ी की ब्रेक लगी और मैं होश में आया।

"राज आई कैन नॉट ड्राइव नाउ" और उसने अपना चेहरा स्टेरिंग पर रख दिया।

नशे की वजह से वो अब और गाड़ी नही चला सकती थी। मैं गाड़ी से बाहर निकला और श्रद्धा का हाथ पकड़ कर उसे कार से बाहर निकाला। वो लड़खड़ा रही थी इसलिए मैंने उसकी कमर पकड़ली और उसका हाथ पकड़ कर अपने कंधे पर रख दिया।

उसके बदन से पसीने और परफ्यूम की मिली झूली कषबू आरही थी। मेने उसकी कमर पर अपने हाथ का दबाव डाला और उससे सहारा दे कर गाड़ी में बिठा दिया। मस्त नरम-2 कमर थी उसकी। उनका बदन भी एक दम गर्म था।

अब में ड्राइव कर रहा था और सोच रहा था कि अब क्या करूँ, श्रद्धा को अपने घर ले जाउ या उसके होटल छोड़ दु।

फिर मेने सोचा कि होटल में छोड़ना ही ठीक रहेगा। श्रद्धा तो सो चुकी थी मेरे कंधे पर अपना सिर टिक के। उसके बदन से मदहोश कर देने वाली कषबू आरही थी। मेने अपने आप पर कंट्रोल किया और कुछ सोच कर श्रद्धा के पर्स में देखने लगा।

और मुझे काम की चीज मिल ही गई उनके होटल की चाबी जिस पर उनके होटल का नाम लिखा था। मै उसके होटल की तरफ गाड़ी बड़ा दिया। बहुत रात हो चुकी थी, रोड भी खाकी था तो जल्द ही हम पहुच गए।

गाड़ी पार्क करने के बाद में उनको सहारा दे कर उनके रूम में ले आया। और बेड पर लेटा दिया। फिर उनकी सेंडल निकाल कर उनकी तरफ दखने लगा वो सोते हुए बड़ी क्यूट लग रही थी। उनके सरीर के सारे कटाव दिख रहे थे। उनकी ब्रा का स्ट्रिप भी दिख रहा था।

मेने रूम का AC चालू किया और उनको चादर उड़ाने लगा कि श्रद्धा ने मेरा हाथ पकड़ लिया। और में धड़ाम से बेड पर गिर गया बिल्कुल उसके बाजुमें। फिर उन्होंने मुझे कसके पकड़ लिया और अपना गाल मेरे गाल से चिपका दिया।

उनके मस्त फुले हुए गाल बहुत सॉफ्ट थे, मुलायम और कोमल। मेने उनसे छूटने की कोशिश की तो।

"प्लीज राज डोंट लीव मि अलोन" वो मुझे और कस कर पकड़ने लगी।

"मेम में कही नही जारहा हु, बस आपके लिए निम्बी पानी मंगा रहा हु" वो कुछ ज्यादा ही नशे में थी इस लिए मेने सोचा कि निम्बो पानी मंगा लेता हूं उनके लिए।

"ठीक है पर मुझे छोड़ कर मत जाना" अब उन्होंने अपनी पकड़ ढीली करदी।

 
हीरोइन श्रद्धा कपूर की चूत का पानी -2

दोस्तो आप सोच रहे होंगे कि इतनी हॉट लड़की मुझे बेड पर खिंच रही है और में उससे दूर भाग रहा हु। तो बात ये है कि ये बॉलीवुड की टॉप मोस्ट हेरोइन में से एक है और अगर मेने उड़के साथ कुछ कर दिया वो भी उसके नशे का फायदा उठा कर तो मुझे ही भारी पड़ता था जब वो होश में आती तो।

मेने रूम सर्विसेज को कॉल कर के निम्बो पानी मंगाया और कुछ ही देर में वेटर लेकर आगया।

पहले मेने श्रद्धा को उठाया और उसे बेड पर पीठ टिका कर बैठा दिया और उसे अपने हाथों से निम्बो पानी पिलाने लगा। वो गट-2 कर के सारा निम्बो पानी पी गई।

फिर उसे थोड़ा-2 होश आने लगा। वो सीधा वाश रूम की तरफ भागी और सारि दारू की उल्टी करने लगी और उसका सारा नशा उतर गया। वो हाथ मुँह धो कर बाहर आई।

"में यहा पर कैसे आई" श्रद्धा ने अपना मुंह टॉवेल से पोचते हुए बोला।

फिर मेने उसे सारि बात बता दी।

"थैंक यू सो मुच् तुम्हारी जगह कोई और होता तो पता नही मेरे साथ क्या करता" ये बोल कर उसने मुझे बड़े प्यार से गले लगा लिया।

आह, क्या सॉफ्ट बूब्स थे श्रद्धा के जो मेरे सीने पर में फील कर सकता था।

"अब मुझे जाना चाहिए" मैं उनसे अलग होते हुए बोला।

"नो, इतनी रात को कैसे जाओगे" उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिए।

"आज यही पर रुक जाओ मेरे साथ प्लीज" श्रद्धा ने मुझे बड़े प्यार से बोला।

उन्होंने मुझे इतने प्यार से बोला तो में मना नही कर पाया और मैने हाँ कर दी। वो फ्रेश होने का बोल कर वाश रूम में चली गई। फिर थोड़ी देर बाद श्रद्धा आई तो मैं फ्रेश होने चला गया।

फिर हम एक ही बेड पर लेट गए हालांकि में उनसे कह रहा था कि में सोफे पर सो जाता हूं पर उन्होंने मुझे जबरदस्ती अपने साथ बेड पर सोने को कहा। हम दोनों को नींद तो आ नही रही थी इसलिए हम बाते कर रहे थे।

मैं:- आज अपने कुछ ज्यादा ही पी लिया था।

श्रद्धा:- हाँ, वो आज एक सीन मुझ से नही हो पारहा था और 12 टेक के बाद डायरेक्टर ने गुस्से में पैकअप कर दिया, इसी बात से परेशान हो कर कुछ ज्यादा ही पी लिया।

मैं:- वैसे ऐसा कोनसा सीन है जो आप नही कर पा रही थी।

श्रद्धा:- छोड़ो ना वो बात को।

"अरे बताओ ना प्लीज" मेने उनसे रिकवेस्ट की।

श्रद्धा:- किसिंग सीन था ना, मुझ से बराबर नही हो रहा था।

मैं:- इस मे क्या है, वो तो कोई भी कर सकता है।

श्रद्धा:- तुमने कभी किसी को किस्स किया है।

अब मेरे पास उसके सवाल का कोई जवाब नागी था, क्योंकि मेने कभी किसी को किस्स नही किया था। इसलिए मैंने बिना कुछ बोले 'ना' में गर्दन हिला दी।

श्रद्धा:- किस्स करना इतना आसान भी नही होता, बहुत ही सेंशुल तरीके से करना पड़ता है।

मैं:- मुझे कैसे पता होगा मेने तो कभी किया ही नही।

"पहले तो बड़े बोल रहे थे कि कोई भी कर सकता है, अब बोलो" वो मिरी तांग खीचते हुए बोली।

मैं अब चुप था....

श्रद्धा:- मेरे पास एक आईडिया है, जिससे तुम भी किस्स कर पाओगे और मेरी भी प्रैक्टिस हो जाएगी।

मैं बस श्रद्धा को देखता रह गया... और बोला "क्या ?"

"हम दोनों किस्स करे क्या ?" उसने मुझसे पूछा और साथ मे आईडिया भी बता दिया।

अब भी मैं कुछ नही बोल पाया मुझे कुछ नही समझ आरहा था कि क्या बोलना चाहिए। पहली बार कोई लड़की वो भी बॉलीवुस की हेरोइन मुझे किस्स करने का ऑफर दे रही थी। मैं बस अपने सोच मैं डूबा था कि मुझे क्या करना चाहिए।

"ओह्ह कम ऑन राज, डोंट थिंक सो मुच्" बोल कर उसने मेरा हाथ पकड़ कर बेड पर घुटने के बल बैठा दिया।

और अपने लिप्स मेरे लिप्स के एक दम करीब ला कर मुझसे पूछा "कान आई"

श्रद्धा की गर्म साँसे मैं अपने लिप्स पर महसूस कर पारहा था। उसकी बात का जवाब में दें नही पाया और अपनी आंखें बंद कर दी। उसने भी मेरी चुपी को हाँ समझी और अपने नरम होठ मेरे होठो से चिपका दिया।

वो मेरे होठो को बड़े प्यार से चूस रही थी और मैं भी उसी के तरह अपने होठ हिलाने लगा। श्रद्धा के होठो का स्वाद बड़ा ही मीठा था। धीरे-धीरे श्रद्धा ने अपनी जीब मेरे मुंह मे डाल कर गोल-गोल घुमाना शुरू किया।

मैं भी उसके जीब को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू किया, उसके मुँह की सारी लार मेरे मुँह में आने लगी और मैं सब गटक गया। फिर उसने मेरी जीभ को अपने मुह में खींच लिया, में भी अपनी जीब को उसके पूरे मुँह में घुमाने लसग। हम दोनों बहुत देर तक किस्स करते रहे। जब सास लेने में तकली होने लगी हो मेने किस्स थोड़ दिया।

और हमारे होंठो के बीच थूक का एक धागा सा बन गया। मैं बेड पे गिर के लंबी-लंबी सांस भरने लगा। जब मैने आंखे खोल कर देखा तो श्रद्धा भी मेरे बाजू में लेट कर गहरी सांस ले रही थी। उसका उभरा हुआ सीना ऊपर नीचे हो रहा था। मेरी नजर उसके बूब्स पर टिकी हुई थी। उसके निप्पल्स भी कड़क हो गए थे, जो टॉप के ऊपर से आसानी से दिख रहे थे।

श्रद्धा ने मेरी नजर पहचान ली थी और वो झट से मेरे ऊपर चढ़ कर फिर से किस्स करने लगी, में भी उसका साथ देने लगा। उंसने किस्स करते हुए मेरी शर्ट के बटन खोना शुरू किया और जल्द ही मेरा शर्ट बदन से अलग हो गया। मेरा शर्ट उतारने के बाद उसने अपनी जैकेट के साथ टॉप भी उतार दी।

काले रंग की ब्रा में उसके कसे हुए मामे बहुत ही कड़क और बड़े लग रहे थे।

ये सीन देख कर मेरा लंड पूरा कड़क हो कर उसकी चूत पर लग रहा था। श्रद्धा ने मेरे लंड की कड़क पन अपने चूत पर महसूस कर ली थी। उंसने मेरी ब्लेट खोलना शुरू किया तो मैने उसका हाथ पकड़ लिया।

"क्या ये ठीक रहेगा" मेने श्रद्धा का हाथ पकड़ते हुए उसे कहा।

"आई डोंट नो, जो हो रहा है होने दो" श्रद्धा ने मेरा पैंट उतार दिया।

उंसने मेरे अंडर वेयर के ऊपर से ही मेरे लंड को पकड़ लिया और दबा-दबा में उसकी लंबाई नापने लगी। उसके हाथ लगते ही मेरा लंड अंडर वेयर के अंदर की झटके मारने लगा। उसके नरम-नरम हाथो का स्पर्श पा कर मेरे शरीर मे झुरझुरी सी उठने लगी।

लंबाई नापने के बाद श्रद्धा ने मेरी अंडर वेयर भी निकाल दी और मुझे पूरी तरह से नंगा कर दिया। उंसने मेरे झटके खाते हुए लंड को अपने हाथ मे लेलिया और बड़े प्यार से उसे इधर-उधर कर के देखने लगी जैसे कि वो पहली बार किसी के लंड को देख रही है।

"पहली बार देख रागी हो" मैं उसकी हरकते देख कर उसे पूछा।

"हाँ, पर ये चमड़ी पूरी तरह से नीचे क्यों नही होरही है" ये बोल कर उसने एक ही झटके में मेरे लंड की खाल को नीचे कर दिया और लंड का टोपा पूरी तरीके से उसके आँखों के सामने आगया।

 
हीरोइन श्रद्धा कपूर की चूत का पानी -3



मैं ज्यादा मुठ भी नही मारता था और कभी खुद से लंड की खाल नीचे करने की हिम्मत नही हुई थी इसलिए वो टोपे से चिपका हुआ था। श्रद्धा के द्वारा झटके से खाल को नीचे करने की वजह से मुझे बहुत तेज दर्द उठा और मेरी ज़ोर से चीख निकल गई।

"आआआआआहहहहहहहहहहहहह" मेरी चीख सुन कर श्रद्धा ने अपने हाथ मेरे लंड से हटा लिए।

"क्या हुआ" मेरी चीख सुन कर वो भी घबरा गई थी।

"चमड़ी... चिपकी... हुए... थी..." लंड में बहुत तेज दर्द होरहा था और लंड का सुपाडा भी एक दम लाल होगया था, जैसे मेरे बदन का सारा खून लंड के टोपे में आगया है।

"सॉरी मुझे पता नही था कि वो चिपका हुआ है" उंसने मेरे लंड के टोपे को सहला कर बोला।

"आआहहहहहह प्लीज हाथ मत लगाओ दर्द हो रहा है" उसके सहलाने की वजह से मुझे फिर से दर्द होने लगा था और लंड भी सिकुड़ कर छोटा होगया था।

"अरे दर्द हो रहा है मेरे बेबी को" बोल कर श्रद्धा ने मेरे लंड को नीचे से पकड़ कर अपने मुँह में लेलिया और बड़े प्यार से चूसने लगी।

तब जाकर मुझे राहत मिली, अब दर्द थोड़ा कम होगया था और लंड की अकड़न भी वापिस आरही थी। ऐसा लग रहा था कि लंड किसी गर्म और गीले जगह में घुस गया है। श्रद्धा के मुँह की गर्माहट से मेरा लंड फिरसे खड़ा होगया और वो मेरे सुपाडे को अपने जीभ से सहलाने लगी। मेरा लंड उसके मुंह मे ही झटके मार रहा था।

और मैं भी उसके मुँह की गर्मी ज्यादा देर तक झेल नही पाया, जब मेरा निकलने वाला था तब मेरे उसे बताया।

"श्रद्धा मेरा निकलने वाला है" बोल कर में उसे अलग करने लगा पर उंसने अपना मुंह नही हटाया और तेज-तेज मेरे लंड को चूसने लगी। मैं समझ गया कि वो सारा माल पीना चाहती है, ये सोच के ही मेरे लंड ने एक के बाद एक पिचकारी उसके मुंह मे मारना सुरु की।

मेरा सारा वीर्या श्रद्धा ने अपने मुँह में जमा कर लिया पर अब भी उंसने अपना मुंह मेरे लंड से नही हटाया था। मेरे पूरी तरह से झड़ने के बाद उसने अपना मुँह 'ओ' शेप बनाते हुए अपना मुँह मेरे लंड से अलग किया और सारा वीर्या पी गई। थोड़ा वीर्या उसके ठुड्डी पर भी लग गया था जो उंसने अपनी उँगलियीं में लेकर चाट लिया।

मेरे लंड पर अब भी थोड़ा वीर्या था उसके नजर में आते ही उसने मेरे लंड को अपने हाथ मे लेकर अपनी जीब बाहर निकाल कर टोपे पर लगी हुई मलाई चाट गई।

श्रद्धा ने फर से मेरे अदखडे लंड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी। वो मेरे लंड को जितना हो सके उतना अपने मुँह में लेने की कोशिश कर रही थी और मेरा लंड फिर से उसके मुँह में खड़ा होने लगा। वो मेरे लंड को अपने मुँह में फूलता हुआ महसूस कर रही थी।

क्या मस्त नजारा था दोस्तों श्रद्धा मेरे पैरों के बीच मे पेट के बल लेट कर मेरे लंड को अपने मुँह में तेजी से अंदर बाहर कर रही थी और अपने मुँह की लार से मेरे लंड को नहला रही थी।

जब श्रद्धा ने मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर निकाला तो मेरे लंड के और उसके मुँह के बीच उसके लार का धागा सा बन गया।

अब वो मेरे ऊपर आकर मेरी आंखों में देखने लगी।

श्रद्धा:- राज आज जो हम दोनों के बीच मे होगा वो किसी को नही पता चलना चाहिए, प्रॉमिस मि की ये बात तुम किसी को नही बताओगे प्लीज।

मैं:- मैं आपकी बात समझ सकता हु, आई प्रॉमिस यु की ये बात मैं किसी को नही बताऊंगा।

"देट्स लाइक माई गुड बॉय" बोल कर उंसने मेरे होठ चुम लिए।

"नाउ उन्ड्रेस मि" बोल कर वो मेरे साइड में लेट गई।

"ओके मय बेबी" बोल कर मेरे उसके गाल पर किस्स कर दिया।

अब गाल पर किस्स करते-करते में नीचे की तरफ आने लगा और गर्दन पर किस्स करने लगा और अपने जिब से गर्दन को चाटने लगा। मेरे इस हरकत से वो सिहर गसी और उड़ने अपना सीना ऊपर उठा दिया। मेरे अपने हाथ नीचे लेजाकर उसकी ब्रा का हक खोल दिया।

अब तो उसके बूब्स और भी उभरे हुए और बड़े लग तहे थे। मेने थोड़ा नीचे जाकर उसकी ब्रा को बदन से अलग कर दिया। मस्त गोल मटोल मामे अब मेरी आँखों के सामने थे, जो उसकी साँसों के साथ ऊपर नीचे हो रहे थे। एक दम पहाड़ जैसे चुचे के ऊपर लाल रंग के निप्पल्स कयामत धा रहे थे।

ऐसा लग रहा था कि दो बड़े वेनिला आइस क्रीम के स्कूप्स के ऊपर लाल चेरी रख दी हो जो एक रिदम के साथ ऊपर नीचे होरहा था। मेने जल्दी से उन आइस क्रीम के पहाड़ों को अपने हाथो में भर लिया ताकि उसके पिगलने से पहले मैं खलु।

पर वो आइस क्रीम के पहाड़ इतने बड़े थे कि मेरे हाथों में समा नही पारहे थे। इस लिए आइस क्रीम खाने के लिए मेने अपना मुह सीधा चेरी पर लगा दिया और चेरी को खाने की कोशिश करने लगा।

"आह काटो मत दर्द होता है" दर्द के मारे उसकी सिसकी निकल गई।

फिर मैं अपने जिब और होठो का इस्तेमाल कर के उसके बॉब्स चूसने लगा और वो मुझे अपने बूब्स चूसते हुए देखने लगी। श्रद्धा के मामे मेरी लार के परत से ढक चुके थे।

"ओह यस बेबी सक्क मय बूब्स" वो मजे से अपने बूब्स चुस्वते हुए कहने लगी।

उसके बूब्स अछि तरह से चूसने के बाद मैं फिर से किस्स करने लगा।

"अब नीचे से भी चुसो" श्रद्धा ने किस्स तोड़ कर बोला।
 
हीरोइन श्रद्धा कपूर की चूत का पानी -4



"गंदे बच्चे मेरे मुँह से गंदे शब्द सुनन्ना चाहते हो" वो मधक आवाज में बोली।

मैं:- हाँ, प्लीज बोलो ना।

श्रद्धा:- राज... मय... बेबी... प्लीज... सक्क मय... पुसी.... यु मेक में.... सो... वेट... डाउन.... देअर...

मैं:- ऐसे नही हिंदी में बोलो ना प्लीज।

श्रद्धा:- क्यों परेशान कर रहे हो।

मैं:- पहले बोलो नही तो नही चुसुंग।

श्रद्धा:- अच्छा बोलती हु, प्लीज मेरी चूत चुसो.... अपने जीब से चाटो.... मेरी चूत रो रही है....

उसकी उतेजना अपने चरम सीमा पर थी। तो मेरे उसे और परेशान करना ठीक नही समझा और उसकी जीन्स का बटन खोल कर उसके बदन से अलग कर दिया।

उसकी फूली हुए चूत वाइट पैंटी में मेरे आंखों के सामने आगई जो पानी छोड़ने की वजह से पूरी तरह से भीग चुकी थी।

मेने पैंटी के ऊपरसे ही उसकी चूत को चूम लिया और उसके चूत का रस मेरे होठो पर लग गया। मेरे उसके आंखों में दखते हुए अपने होठो पर लगा हुआ उसका चूत रास अपने जिब से चाट लिया।

"यम्मी, आप बहुत टेस्टी हो" मेने जिब अपने होठो पर फेरते हुए कहा।

"तो अछे से चुसो ना" बोल कर श्रद्धा ने अपनी गांड उठा कर खुद ही पैंटी को नकाल दिया। क्या मस्त फूली हुई चूत थी उसकी और उसकी चूत पूरी उसके चूत रस से सनी हुई थी इसलिए चूत चमक भी रही थी।

उसकी फूली हुई चूत देख कर मेरे मुह से लार टपकने लगी और मेने अपने मुँह को सीधा उसकी चूत में घुसा दिया। उसकी चूत का दाना फूल कर अंगूर के दाने के जितना मोटा हो गया था। उसके चूत के दाने को मैं अपने मुह में भर के चूसने लगा और वो मचलने लगी।

जब वो अपने चरम सीमा पर थी तो चीखते चिल्लाते हुए कहने लगी।

"सक्क... मि हार्डर... आई एम.... कम्मिनग..... ओह... यस बेबी सक्क मि.... आई एम फीलिंग सो गुड.... आई एम कम्मिनग..... यस.... यस....यस..." बोलते हुए वो झाड़ गई।

और उसके चूत से निकलता हुआ मीठा रस चपर-चपर करके मैं पी गया। उसके चूत का गर्म-गर्म रस पीकर मजा आगया।

श्रद्धा के चूत का पानी पीने के बाद में उसके बाजू में लेट गया और उसके ऊपर नीचे होते हुए ममो को देखने लगा। बहुत ही मस्त नजारा था। उसके बूब्स को इस तरह ऊपर नीचे देखकर बड़ा मजा आरहा था और मेरा लंड नीचे उसके झागों के ऊपर झटके मार रहा था।

पता नही मेरे मन मे क्या आया और मैने उसके सॉफ्ट बूब्स पर चेहरा रख दिया और उसके सॉफ्टनेस को अपने गालो पर फील करने लगा। फिर थोड़ा ऊपर आकर उसके गर्दन पर अपने होठ रगड़ने लगा।

"प्लीज... फ़क.... मि राज.... प्लीज...." श्रद्धा तड़पते हुए बोली।

मेने ड्रेसिंग टेबल से कोल्ड क्रीम उठाई और उनके चूत के मुँह पर लगाने लगा और अपनी उंगली उसके चूत में डाल-डाल कर चूत के अंदर तक क्रीम लगा दी। ठंडी क्रीम उसके चूत पर लगते ही श्रद्धा के मुँह से मस्ती भारी "आह" निकल गई। अछि तरफ से उसकी चूत को चिकन करने के बाद उनकी फूली हुए गोरी चूत चमकने लगी।

"सो स्वीट ऑफ यु" मेरे अच्छे से क्रीम लगाने के बाद वो बोली।

"और नही तो क्या मैं आपको ज्यादा दर्द नही देना चाहता" मैं अब भी उसकी चूत को सहला रहा था। बहुत ही सॉफ्ट सा एहसास था उसकी नरम चूत का जो में अपने उंगलियों पर फील कर रहा था।

"अब बस भी करो, नही तो ऐसे ही पानी छूट जाएगा और अब ये क्रीम मुझे दो में तुम्हारे उस पर लगती हु" अब श्रद्धा ने मुझे रोक दिया।

"उस पर किस पर" मैने उसकी टांग खीचते हुए बोला।

"तुम्हारे लंड पर, यही सुन्ना चाहते थे ना तुम" बोल कर उंसने मेरे हाथ से क्रीम छीन लिया।

श्रध्दा ने थोड़ा सा क्रीम अपने हाथों में लिया और अपने उंगलियों से मेरे लंड के टोपे पर लगाने लगी। और उसके हाथो का नरम स्पर्श मेरे लंड पर बहुत ही मज़ा दे रहा था उसके कारण मेरे लंड के मुँह पर प्रि काम की एक मोटी बून्द आगई थी जो मोती के जैसे चमक रही थी।

शायद उसे क्रीम लगाने में मजा नही आरहा था इसलिए उंसने ड्रेसिंग टेबल से बॉडी लोशन की बोतल उठाई और मुझे धक्का दे कर बेड पर गिर दिया और मेरे टैंगो के बीच मे आकर मेरे लंड को एक हाथ से मुठी में भर कर और दूसरे हाथ से लोशन को मेरे लंड पे डाल कर मुठ मारने लगी।

अछि तरीके से मेरे लंड को चिकना करने के बाद श्रद्धा ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे खीचते हुए उठाया। मैं तो मजे में अपनी आंखें बंद कियेहुए था। मुझे उठाने के बाद वो खुद बेड पर लेट गई और मेरे लंड को अपने चूत के मुँह पर रगड़ने लगी।

"ओह्ह फ़क.... योर डिक.... इस सो हार्ड...." मेने लंड को अपनी चूत पर महसूस करते ही श्रद्धा बोली।

उसकी नरम चूत का स्पर्श अपने लंड के टोपे पर महसूस कर के मुझे अलग ही मजा मिल रहा था। अब हम दोनों से बर्दाश करना मुश्किल था इसलिए मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर टिकाया और अंदर डालने की कोशीश करने लगा पर मुझे चूत का सही रास्ता नही पता था।

इसलिए उंसने खुद ही मेरे लंड को अपनी चूत के मुँह पर लगा दिया और मुझे धक्का मारने का इशारा किया। मेने भी अपने लंड को पकड़ कर उसकी चूत में पल्ता चला गया। मेने ये भी नही देखा कि उसे मेने एक ही बार मे और वो भी धीरे-धीरे लंड डालने की वजह से कितना दर्द हो रहा है।

जब मैने उसकी तरफ देखा तब उसका मुँह खुला हुआ था और आंखे भी थोड़ी नम थी।

उसका दर्द कम करने के लिए में उसके बूब्स दबाने लगा और उसके निप्पल्स के साथ खेलने लगे।

मेने अपने दोनों हाथों का इस्तेमाल करते हुए उसके बूब्स को अपने हाथों में पकड़ा और अपने अंगूठे का इस्तेमाल करते हुए निप्पल्स के एलोरा को सहलाने लगा।

धीरे-धीरे उसका दर्द कम होने लगा और वो नीचे से अपनी कमर हिलाने लगी।

जब मेरे उसकी तरफ देखा तो उसने मेरा चेहरा पकड़ कर अपने होठ मेरे होठो से मिला दिए और जोरसे चूसने लगी।

श्रद्धा को किस्स करते हुए मैं अपनी कमर भी हिलाने लगा, अब हम दोनों को बराबर मजा आने लगा था।

श्रद्धा के मुह से मस्ती भरी सिसकारियां निकल रही थी।

"ओह्ह... यस.... फ़क.... फ़क.... यस... फ़क मि... फ़क मि हार्ड.... ओह्ह माई गॉड.... यस... यु अरे सो गुड......"

वो जोर-जोर से चीख कर सिसकारियां भर रही थी।

बहुत देर तक इस पोजीशन में चुदाई करने से मैं थक गया था। रूम में AC चल रहा था फिर भी हम दोनों के बदन पसीने से भीग चुके थे।

अब मेने उसकी चूत से लंड बाहर निकाला।

तो श्रद्धा मुझ पर चीख पड़ी... "क्यों निकाला कितना मजा आरहा था... अंदर करो... वापिस अंदर करो..."

श्रद्धा ने मुझे धक्का दे कर बेड पर गिरा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गई और एक ही झटके में मेरा लंड अपनी चूत में लेलिया और लंड पर कूदने लगी।

उसका चेहरा मेरे चेहरे के एक दम करीब था। वो अपनी गरम-गरम सासे मेरे चेहरे पर छोड़ रही थी।

फिर उसने मेरे सीने पर हाथ रख कर लंड पर जोर-जोर से कूदने लगी उसके मोटे मामे मेरी आँखों के सामने ऊपर-नीचे होरहे थे।

श्रद्धा की चूत का रस मेरे लंड से बहता हुआ मेरे टट्टो पर जमा हो गए थे।

थोड़ी देर मेरे लंड पर इस पोजीशन में कूदने के बाद वो गांड मेरी तरफ करके फिर से मेरे लंड पर बैठ गई और कूदने लगी। उसके गांड का पिंक कलर का छेद मेरे आंखों के सामने खुल और बंद हो रहा था।

 
हीरोइन श्रद्धा कपूर की चूत का पानी -5



मेने श्रद्धा की कमर पकड़ कर उसे पीछे की तरफ खीचते हुए अपनी पीठ बेड पर टिका कर बैठ गया और श्रद्धा के कूदने का सिलसिला बदस्तूर जारी था। कुछ देर बाद उसके कूदने की रफ्तार तेज हो गई और एक जोरदार सिस्कार के साथ वो झाड़ गई।

झड़ने के बाद वो मेरे सीने पर अपना सिर टिका कर मेरे लंड पर ही बेठ गई और लंबी-२ सांस भरने लगी।

फिर मेने एक हाथ नीचे ले जाकर उसके चूत के दाने को अपने उंगलियो से सहलाने लगा और दूसरे हाथ से उसके एक बूब्स को दबाने लगा।

"अब मुझ से और नही होगा तुम खुद ही धक्के मार लो" वो लंबी-२ सांस लेते हुए बोली।

मेने उसकी कमर पकड़ कर उसे आगे की तरफ झुका कर घोड़ी बना दिया और पीछे से उसकी मोटी गांड पर एक थपड मार कर अपना लंड उसकी चूत में पेल कर धक्के लगाने लगा।

उसकी गांड और मेरी झांग के टकराने की वजह से पूरे रूम में थाप-२ की आवाज आरही थी और लंड के गीली चूत में अंदर-बाहर होने की वजह से फच-२ की आवाज आरही थी।

मेरे ज़बरदस्त धक्कों की वजह से वो पूरी आगे की तरफ सिर टिका कर लेट गए।

अब मेरा भी बस होने ही वाला था, इसलिए मैंने श्रद्धा से पूछा "मेरा निकलने वाला है"।

"अहह... यस... मेरे अंदर ही निकल... दो... फ़क यस..." वो मस्ती में सिसकारियां भरते हुए बोली।

कुछ ७-८ धक्कों के बाद में श्रद्धा की टाइट चूत में ही झाड़ गया, मेरे लंड ने लगातार ५-६ वीर्या की पिचकारी उसकी चूत में मेरी होगी।

उसकी चूत वीर्या से पूरी भर गई थी और थोड़ा पानी साइड से बहता हुआ उसकी चूत से बाहर आने लगा।

मेने जब अपना लंड उसकी चूत से बहत निकाला तो उसकी चूत और मेरे लंड का मिला झूला पानी बाहर आने लगा।

हम दोनों ही बहुत थक गए थे लंड बाहर निकाल ने के बाद में बेड पर लेट कर लंबी-२ सांसे लेन लगा और श्रद्धा भी मेरे सीने पर सिर रख कर लेट गए और लंबी-२ सांसे भरने लगी।

मेने श्रद्धा को अपने बहो में भर लिया और हम दोनों ही सपनो की दुनिया मे डूब गए।

मैं तो सपने में भी सोच नही सकता था कि मेरे लाइफ का सबसे पहला सेक्स किसी सेलेब्रिटी के साथ होगा। मैं नींद में भी श्रद्धा को चोदने के सपने देख रहा था। उसकी बदन की गर्माहट मैं अपने बदन पर फील कर सकता था।

जब सुबह को मेरी आँख खुली तो श्रद्धा बेड पर नही थी। बाथरूम से पानी गिरने की आवाज आरही थी। मेने कमरे की हालत देखी तो हमारे कपड़े यहा-वहा बिखरे हुए थे और बेड पर भी हल्का खून और हमारे प्रेम रस के दाग थे।

मैं बाथरूम गया तब श्रद्धा बाथटब में लेटी थी उसका बदन साबुन से बने झाग के नीचे छुपा हुआ था।

जब उसकी नजर मुझ पर पड़ी तो उसने अपने एक उंगली से इशारा करते हुए अपने पास बुलाया।

उंसने मुझे अपने पीछे जगह दिया तो मैं भी बाथटब में उसके साथ लेट गया।

ठंडे-२ पानी मे श्रद्धा का गर्म बदन का एहसास ही मदहोश करदेने वाला था। मेने उसके कमर से होते हुए उसके पेट पर हाथ लेजाते हुए उसको अपने गोद मे बिठा दिया।

मेरा लंड उसकी गांड की दरार के बीच मे फस कर झटके मारने लगा। श्रद्धा की हालत भी कुछ इस तरह ही थी। उंसने अपनी गांड की दरार में मेरा लंड महसूस करके अपनी गांड को मेरे लंड पर दबा दी। उंसने मेरे सीने पर लुढ़क कर लंबी-२ सासे भरने शुरू कर दिए।

मैं अपना हाथ नीचे लेजाकर उसकी चूत को सहलाने लगा तो श्रद्धा के मुह से दर्द और मस्ती की मिली-झूली "आह" निकल गई।

मैं:- क्या हुआ।

श्रद्धा:- दर्द हो रहा है, आह धीरे।

मैं:- कहा पर दर्द हो रहा है।

उंसने मेरा हाथ अपनी चूत के ऊपर दबा दिया।

श्रद्धा:- यहा पर, धीरे-२ करो ना अच्छा लग रहा है।

मेने उसके एक कंधे से उसके बाल हटा कर उसके नंगे कंधे को चूमते हुए गर्दन तक आया और चूमने लगा। उंसने अपना पूरा बदन ढीला छोड़ किया। मैं अब एक हाथ से उसकी चूत को और दूसरे हाथ से उसके नरम मामे को सहलाने लगा।

"आह... आह... ओह्ह... अंदर मत करो दर्द हो रहा है"

जब मैने अपने उंगली उसके चूत में डालने की कोशिश की तो उंसने मेरा हाथ पकड़ लिया।

उंसने घूम कर मेरा चेहरा अपने हाथों में थमा और मेरी आंखों में देखते हुए मेरे होठ अपने होठो में भर कर चूसने लगी।

इस बार उसके किस्स करने का अंदाज बिल्कुल अलग था, एक दम सॉफ्ट और प्यार भरा। मैं भी उसका बराबर साथ दे रहा यह।

कुछ देर किस्स करने के बाद हम दोनों शावर के नीचे आगए और एक दूसरे के बदन को रगड़ कर साबुन को निकालने लगे।

नहाने के बाद एक दूसरे के बदन को टॉवेल से पोच दिया। जब मैं बाथरूम से बाहर आने को हुआ तो श्रद्धा ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरे सामने अपने घुटने के बल बेठ कर मेरे लंड को पकड़ कर ऊपर कर दिया और मेरे टट्टो को अपने मुह में भर कर चूसने लगी।

उंसने पूरे गोटे एक ही बार में अपने मुह में लेलिये जिस वजह से उसके गाल पूरे फूल गए।

"पुटुक" की आवाज के साथ मेरे गोटो को उंसने अपने मुह से बाहर निकाल दिया और मेरे लंड के टोपे के ऊपर अपनी जीभ फेरने लगी।

देखते ही देखते वो मेरा लंड पूरा अपने मुह में भर कर चूसने लगी। उसकी मुह की गर्मी और गीले पैन को मैं ज्यादा देर तक झेल नही पाया।

मैं:- आह.... श्रद्धा.... मेरा निकल ने.... वाला है....

मेरे इतना बोलते ही श्रद्धा ने मेरा लंड अपने मुह से बाहर निकल दिया और मेरे खड़े लंड पे धोका हो गया।

मैं:- क्या हुआ ? रुक क्यों गई ? फिर से चुसो ना मेरा निकलने ही वाला है।

मेने अपना लंड वापिस उसके मुह में डालने की कोशिश की तो वो उठा गई।

श्रद्धा:- इतनी भी क्या जल्दी है...

श्रद्धा मेरा हाथ पकड़ कर वॉश बेसिन के पास ले गई और वहा से क्रीम उठा कर मेरे लंड पर लगाने लगी।

"आह" उसके नरम हाथ का स्पर्श और क्रीम के ठंडे एहसास से मेरे मुह से आह निकल गई।

"क्या हुआ" वो मेरे लंड के ऊपर अछे से क्रीम लगा रही थी।

"आप का हाथ बहुत ठंडा है" मेरी आँखें अब बंद हो गई थी और श्रद्धा मेरे सीने को चूमते हुआ मेरे लंड पर क्रीम लगा रही थी।
 
हीरोइन श्रद्धा कपूर की चूत का पानी -6

क्रीम लगाने के बाद वो मेरी तरफ अपनी गांड करके थोड़ी झुकी और अपनी गांड हाथो से फैला कर बोली "प्लीज राज... फ़क मय एस्स..." उंसने एक दम सेक्सी अंदाज में बोला।

उसके गांड का टाइट होल देख कर मेरी आँखों मे चमक आगई। मेने अपने लंड को उसकी गांड के छेद पर टिका के थोड़ा दबाव डाला तो मेरा लंड का टॉप थोड़ा अंदर गया।

धीरे-२ मैं और दबाव डालता गया और मेरा लंड और अंदर फिसलता गया। अब तक मेरा आधा लंड अंदर चला गया था और श्रद्धा की हालत खराब होगई थी।

मैं थोड़ी देर रुक गया और श्रद्धा के बूब्स को दबाने लगा और उसकी चिकनी गर्दन पर किस्स करने लगा।

श्रद्धा का दर्द धीरे-२ काम होने लगा तो उसने अपना हाथ पीछे लेजाकर मेरे लंड को पकड़ कर देखा कि कितना बाकी है। जैसे ही उंसने अपना चेहरा पीछे कर के देखा तो मैने उसके गाल पर किस्स कर दिया और उसे सामने लगे आईने की तरफ इशारा किया।

इस वक्त वो आगे की तरफ झुकी थी अपनी गांड को बाहर निकले हुए और जब उसने हम दोनों को इस पोजीशन में देखा तो वो शर्मा गई और अपनी आंखें झुका ली।

मेने उसके निप्पल्स को पिंच किया तो उसके मुह से "आह" निकल गई। मेरा लंड अब भी उसकी टाइट गांड में फसा हुआ झटके मार रहा था और उसके गांड की गर्मी पल-२ बढ़ते ही जा रही थी।

अब उंसने भी अपनी कमर को हिलाना शुरू कर दिया और मैं भी आधे लंड से उसकी गांड मारने लगा।

उसका चेहरा पूरा लाल होगया था। धीरे-२ उसकी गांड मेरा पूरा लंड खा गई और श्रद्धा भी मज़े से अपनी गांड मरवाने लगी। अब मेने तेज़ धक्के लगाना शुरू कर दिए थे और श्रद्धा के मोटे बूब्स ज़ोर-२ से उछल रहे थे तो मैने उन्हें पकड़ लिया और दबाने लगा।

श्रद्धा:- यस यस यस... बेबी... फ़क... फ़क मय एस्स.... फ़क मय एस्स होल... हार्डर... डीपर.... ओह्ह यह... आई एम कम्मिनग... कम्मिनग.... अहह... ओह्ह.... आहहह....

उसके टाइट गांड की गर्मी मैं ज्यादा देर तक झेल नही पाया और कुछ ही धक्कों के बाद उसकी गांड में ही झड़ने लगा और उसकी सूजी हुई चूत ने भी पानी छोड़ दिया।

कुछ देर युही खड़े रह कर हम लंबी-२ सासे भरने लगे और जब मैने अपना लंड उसकी गांड से निकाला तो पॉप की आवाज के साथ मेरा लंड बाहर आगया और उसके मुह से आह निकल गई।

श्रद्धा घूम कर मेरे बहो में गिर गई उसके गांड से मेरा वीर्या बहता हुआ झांगो तक आगया। मेरे उसको पकड़ कर शॉवर के नीचे लाया और उसकी चूत और गांड को साफ करने लगा और वो भी मेरे लंड को साफ करने लगी।

एक दूसरे को साफ करने के बाद हम दोनों बाथरूम से बाहर आगए श्रद्धा को चलने में तकलीफ होरीही थी तो मैने उसे अपनी गोद मे उठा कर बेड पर लिटा दिया।

"अब आप आराम करो, मैं कुछ खाने को आर्डर करता हु।" मेरे श्रद्धा के ऊपर चादर डालते हुए कहा।

वो पूरा दिन मैं श्रद्धा से साथ रहा और उसका ध्यान भी रखा। उसकी चूत और गांड दोनों सूज गई थी। में उसके लिए दवाई लाया और उसकी चूत और गांड पर लगाया, जिस वजह से अगले दिन उसका सूजन और दर्द दोनों चला गया। दवाई लगते वक्त कई बार मेरा लंड भी खड़ा होजाता था, पर श्रद्धा उसे मुह में लेकर ठंडा कर दिया करती थी।

इस ही तरफ अगले दिन वो ठीक से चल पा रही थी तो मैने उससे विदा लिया। उंसने मेरा नंबर भी लिया और कहा की जब उसे समय मिलेगा या वो फिर कभी गोआ आई तो मुझे कॉल करेगी और हम अपना चुदाई प्रोग्राम बनाएगे।

श्रद्धा कपूर के जाने के बाद मेरे लाइफ मैं और कोई लड़की नही आई जिसके साथ मे चुदाई कर सकू। पर जल्द ही कोई मिल जाएगी।

तो दोस्तो आप को मेरी ये कहानी केसी लगी मुझे रिप्लाई कर के जरूर बताइयेगा।

 
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