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कामुक-कहानियाँ - मेरी चाची नंबर वन compleet

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कभी हम फ्रेंच किस करते कभी लिपलोक्क किस्सिंग करते फिर चाची ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरे लंड को पकड़ सहलाने लगी और मैं चाची के बूब्स को फिर से चूसने लगा फिर तकरीबन 15 मीं के बाद मैं उठा और चाची की गंद के नीचे दो तकिये रख कर चाची की टाँगे अपने कंधो पर रख दी और अपने लंड को चाची की बूर के हॉल पर सेट कर के एक ही झटके मे अपना लंड चाची की बूर मे जड़ तक डाल दिया चाची के मूँह से हल्की सी सिसकारी निकली और मुझ से कहा तेज़ तेज़ करो जल्दी.

अब मुझ से और बर्दाश्त नही होता और मैं चाची को चोद्ने लगा और चाची आआहह ययईआअहह ऊहह आअम्म्म्म सस्स्सस्स ऊओ फुऊूक्कककक हहाआंन्न हहाआंन्न की आवाज़े निकालने लगी फिर तकरीबन 30 मीं के बाद मैं चाची के अंदर ही फारिघ् होगया इस बीच चाची 4 बार फारिघ् हुई थी फिर उस दिन के बाद ये एक कभी ना ख़तम होने वाला सिलसिला शुरू हुआ चूत मारने के साथ साथ मैने चाची की गंद भी मारी जैसा कि मैने आप को बताया था कि मेरे चाचा चाची की कोई औलाद नही थी इस लिए चाची ने मुझसे अपना बच्चा पैदा करवाया चाची को तो पता है कि ये बच्चा उस का मेरा है लेकिन चाचा को ये पता नही कि ये बच्चा मेरा है.

वो मेरे बच्चे को अपना बच्चा समझते है लेकिन जब चाचा मेरे बच्चे को मारता है तो मुझे इतना गुस्सा आता है कि दिल करता है कि चाचा को रोकू और कहूँ कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे बच्चे को मारने की लेकिन क्या करूँ मजबूर हूँ. तो दोस्तो ये कहानी यही ख़तम होती है फिर मिलेंगे एक और नई कहानी के साथ तब तक के लिए विदा आपका दोस्त राज शर्मा

समाप्त

 
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