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किराए का पति compleet

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किराए का पति--8

गतान्क से आगे……………………………..

"सोनी तुम कोई बच्ची नही हो कि इतनी छोटी सी बात भी तुम्हारी समझ मे नही आए. तुम जिससे प्यार करती थी उसने तुम्हारे प्यार का सौदा कर लिया. राजदीप ने उसे 50 लाख का ऑफर दिया तुम्हारे खिल्लाफ गवाही देने का ठीक उसी तरह जिस तरह उसने मुझे दिया था लेकिन वो बेवकूफ़ ये नही जानता कि अगर ट्रस्ट केस नही जीत पाएगा तो उसे एक फूटी कौड़ी भी नही मिलने वाली है." मेने सोनिया को समझाया.

"कैसा सौदा राज ज़रा मुझे खुल कर समझाओ?" सोनिया ने कहा.

"थोड़ा सब्र करो अभी थोड़ी देर मे सब कुछ तुम्हारी समझ मे आ जाएगा." मेने कहा.

सोनिया का वकील अमित के पास जा कर उससे सवाल करने लगा.

"मिस्टर. अमित क्या आज आपको मिस सोनिया के खिलाफ गवाही देने के लिए पैसे दिए जा रहे है."

"नही बिल्कुल भी नही."

"आप झूट बोल रहे मिस्टर. अमित मेरे पास सबूत है कि आपको इस गवाही के 50 लाख दिए जा रहे है. ठीक से और ठंडे दीमग से जवाब देना अगर आपका झूठ पकड़ा गया तो झुटि गवाही के एवज मे आपको साज़ा भी हो सकती है." वकील ने कहा.

अमित के पसीने छूट गये. इस वकील को इतनी सही रकम का पता कैसे चला वो सोचने लगा. उसने अपना सिर उठाकर राजदीप और उसके वकील की ओर देखा.

"ये क्या है मिस्टर. अमित, उस तरफ देख रहे है जैसे वो आपको बताएँगे कि क्या जवाब देना है, आप मेरी बात का जवाब दीजिए आपको 50 लाख मिले है या नही?" वकील ने थोड़ी उँची आवाज़ मे कहा.

राजदीप के वकील ने कई बार ऑब्जेक्षन उठाने की कोशिश करी पर जज ने अमित को जवाब देने के लिए कहा और जैसे वो था उसने दिया, "नही मुझे पैसे नही मिले."

उसके बाद कई लोगों की गवाही हुई. आख़िर लंच के लिए कोर्ट बर्खास्त हो गयी.

खाने के मेज पर सोनिया बिफ़्फ़र रही थी, "राज ऐसे वक़्त मे तुम खाना कैसे खा सकते हो. जो तुमने मेरे साथ किया उतना ही बहोत था और आज ये हरामी मेरे ही खिलाफ गवाह दे रहा है."

"अभी केस ख़तम नही हुआ सोनी आगे आगे देखो क्या होता है." मेने थोड़ा मज़ाक मे कहा.

"अब मज़ाक मत करो राज, मुझे मेरी दुनिया डूबती नज़र आ रही है और तुम मेरी हँसी उड़ा रहे हो." सोनिया ने कहा.

"सोनी अभी जिंदगी ख़तम नही हुई है. अगर ख़तम भी हुई तो तुम्हारा पैसा तुम्हारे पास ही रहेगा." मेने कहा.

"तुम्हारा कहने का क्या मतलब है."

"यही सोनिया कि अमित सिर्फ़ इतना कह सकता है कि वो तुम्हारा प्रेमी था.और इसके लिए वो गवाह भी इकट्ठे कर सकता है. वो ये साबित कर सकता है कि तुम एक बेवफा पत्नी हो. वो तुम्हे बदनाम कर सकता है कि तुमने अपने पति से बेवफ़ाई की है. लेकिन सही बात ये है कि इन सब बातों की चिंता किया बिना तुम अपना सिर उँचा रखो और हालातों का सामना करो." मेने कहा.
 
लंच के बाद केस फिर शुरू हुआ. अब हमारे वकील की बारी थी गवाह पेश करने की. उसने कई गवाह पेश किए जो हमारी शादी मे सहरीक हुए थे. अब उनके वकील ने मुझे कटघरे मे बुलाया सवालात के लिए.

"मिस्टर राज में आपसे कुछ ज़्यादा सवाल नही पूछूँगा, सिर्क दो तीन. क्या आपकी मिसेज़ सोनिया की शादी एक सौदा, या फिर नकली है?"

"नही बिल्कुल भी नही."

"इसका मतलब है कि तुम सिर्फ़ नाम के पति नही हो? बल्कि एक पति सभी ज़िम्मेदारियाँ तुम निभाते हो?"

"हां में निभाता हूँ और इसका सबूत मेरी पत्नी का फूला पेट हो जो सात महीने के गर्भ से है."

"हां ये तो में भी देख रहा हूँ. लेकिन क्या आपको पूरा यकीन है कि ये बच्चा आपका ही है."

"हां मुझे पूरा यकीन है, फिर भी आप चाहें तो हम दोनो का डीयेने टेस्ट करा सकते है."

"एक आखरी सवाल मिस्टर. राज, क्या आप अपनी पत्नी को प्यार करते है?"

"हां."

फिर राजदीप का वकील मुझसे सवाल करने लगा. "मिस्टर. राज जैसे कि आपने इस अदालत को बताया कि आप अपनी पत्नी से प्यार करते है. मिस्टर. अमित ने इस अदालत मे कहा कि आपकी पत्नी के इनके साथ संबंध थे इसके बावजूद आप ये कहना चाहते है कि आप अपनी पत्नी को प्यार करते है."

"हां इसके बावजूद मे यही कहूँगा कि में अपनी पत्नी से प्यार करता हूँ."

"अगर सच कहूँ मिस्टर. राज तो में क्या ये अदालत भी आपकी बात पर यकीन नही करेगी. एक पति जिसकी पत्नी का दूसरे मर्द से संबंध हो वो कैसे कह सकता है कि वो उससे प्यार करता है."

"आपको या इस अदालत को असलियत का पता नही है वकील साहब. मिस्टर. अमित मेरी पत्नी को ब्लॅकमेल कर रहा है. और मेरा यकीन है कि मिस्टर. राजदीप और उनका ट्रस्ट इसके साथ मिले हुए है. में ये तो नही कहूँगा कि इस वक़्त हमारे संबंध अच्छे है लेकिन फिर भी में सोनिया से प्यार करता हूँ."

अदालत मे मौजूद लोगों ने मेरी इस बात पर ताली बजा मेरी सरहाना की.

थोड़ी देर की खामोशी के बाद राजदीप के वकील ने फिर मुझसे सवाल किया.

"मिस्टर. राज आप ये तो अच्छी तरह जानते होंगे कि गीता पर सौगंध खाकर झूट बोलने की सज़ा क्या है?"

"हां में जानता हूँ."

"आपने अभी मिस्टर. राजदीप और उनके ट्रस्ट पर मिस्टर. अमित के साथ शामिल होने का इल्ज़ाम लगाया है, ये जानते हुए भी किसी पर इल्ज़ाम लगाना और उसे साबित ना कर पाने की सज़ा क्या है. क्या आपं अपना बयान बदलना चाहेंगे?"

"नही बिल्कुल भी नही. क्यों कि ये इत्तेफ़ाक़ नही हो सकता कि ट्रस्ट की डिन्नर पार्टी मे ये सोनिया के साथ था और आज ये इसके खिल्लफ गवाही दे रहा है. ज़रूर वहाँ कुछ हुआ जिससे वो आज ट्रस्ट के साथ दे रहा है."

"क्या आप अदालत को बताएँगे कि आप क्यों इतने यकीन से कह रहे है कि ट्रस्ट मिस्टर. अमित के साथ मिली हुई है?"

 
"मेरी पत्नी ने ट्रस्ट के एक फक्न्षन को अटेंड किया था. और किसी ने उसकी ड्रिंक्स मे नशीली दवा मिला दी थी. और उस रात किसी ने उसकी सेक्षुयल तस्वीरे खींच ली थी. और ठीक दो हफ्ते बाद मिस्टर. अमित वो लेकर आए और मेरी पत्नी को धमकाने और ब्लॅकमेल करने लगे. मेरी पत्नी समाज मे अपनी पोज़िशन और इज़्ज़त के वजह से डर गयी. सोनिया मिस्टर. अमित की हर बात मानने को तयार हो गयी जिसमे से एक शर्त मिस्टर. अमित की थी कि सोनिया को उसके साथ हमबिस्तर होना पड़ेगा. दुर्भाग्य से मुझे भी इन बातों का पहले से पता नही था, लेकिन जब आज सुबह मिस्टर. अमित ने इनके खिल्लफ गवाही दी तो लंच के समय मुझे सोनिया ने बताया कि उस रात उसके साथ क्या हुआ था."

"पर आपके पास इस बात क्या सबूत है मिस्टर. राज."

"हां मेरे पास इस बात का सबूत नही है कि ट्रस्ट भी मिला हुआ, लेकिन मेरे पास वो तस्वीरे है जिनकी बिना पर मिस्टर. अमित मेरी पत्नी को ब्लॅकमेल कर रहे है."

"ठीक है अब दूसरे मुद्दे पर आते है. क्या आपको मिसेज़ सोनिया का पति बनने की कीमत दी गयी है."

"कीमत का सही मायना बताइए."

"ठीक है क्या आपको मिसेज़ सोनिया का पति बनने की एवज मे कुछ मिल रहा है."

"हां मिल रहा है."

"मिस्टर. राज मुझे उम्मीद नही थी कि आप कबूल करेंगे. वैसे क्या आप बताएँगे कि मिसेज़ सोनिया का पति बनने के बदले मे आपको क्या मिल रहा है?"

"एक अच्छा जीवन साथी, प्यार मोहब्बत और एक अपनापन, सच कहूँ तो इसकी इस आदत ने मुझे बिगाड़ कर रख दिया है." मेने जवाब दिया.

"बहुत खूब मिस्टर. राज. क्या आपको 50 लाख रुपये नही मिले इनका पाँच साल के लिए इनका पति बनने के लिए?"

"नही मुझे नही मिले है."

"अगर में ये कहूँ कि मेरे पास इस बात का पक्का सबूत है तो आप क्या कहेंगे."

"सबूत तो बनाए भी जा सकते है उसी तरह जिस तरह आपने अमित को 50 लाख रुपये देकर यहाँ गवाही के लिए तय्यार कर लिया बल्कि में तो ये कहूँगा कि मेरा पास सबूत है कि मुझे कुछ नही मिला."

"किस तरह के सबूत की बात कर रहे है आप?"

"वकील साब आप मेरी एक बात का जवाब दीजिए. अगर किसी इंसान के एक हाथ मे 50 लाख रुपये और दूसरे हाथ मे 1 करोड़ रुपया हो और उससे कहा जाए कि उसे इसमे से एक को चुनना है, तो वो किसे चुनेगा."

"लाजमी है कि 1 करोड़ को ही चुनेगा."

"तो आप के कहने के अनुसार अगर मुझे मिसेज़. सोनिया का नकली पति बनने के लिए 50 लाख मिले है तो मुझसे बड़ा गधा और बेवकूफ़ इंसान कोई नही होगा जो राजदीप कि 1 करोड़ की ऑफर को ठुकरा दिया जो वो मुझे सोनिया के खिलाफ गवाही देने के लिए दे रहा था." मेने कहा.
 
फिर मेने अदालत मे वो टेप प्रस्तुत की जिसमे खाने पर राजदीप ने मुझे 1 करोड़ की ऑफर दी थी. टेप सुनने के बाद जज ने फ़ैसला सोनिया के हक़ मे सुना दिया. जज ने राजदीप और उसके ट्रस्ट पर मुक़दमा चलाने का भी हुकम दिया.

कोर्ट से घर जाते वक़्त रास्ते भर सोनिया चुप रही और सिर्फ़ मुझे देखती रही. आख़िर मे उसने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा, "राज वो तस्वीरे उसी रात की है ना जिस दिन तुमने मेरे साथ वो कुछ किया था."

"हां"

"इसका मतलब तुम्हे पहले से पता था कि अमित मेरे साथ ऐसा कर सकता है."

"हां मुझे अमित पर यकीन नही था और मुझे पहले से अमित के इस मुद्दे को अदालत मे झूटलाना था कि तुम्हारा उसके साथ जिस्मानी संबंध है."

"पर तुम्हे इस बात का पता कैसे चला?" सोनिया ने पूछा.

"इसके लिए तुम्हे मीनाक्षी को धन्यवाद और इनाम देना होगा." मेने कहा.

फिर मेने सोनिया को बताया कि किस तरह मीनाक्षी को हम दोनो की कहानी का पता चला और एक दिन उसने अमित को किसी से फोन पर बात करते सुन लिया कि वो गवाही देने के लिए तय्यार है.

"वैसे तो ये सब अलग अलग कड़ियाँ थी लेकिन जब राजदीप ने मुझे खाने पर मिलने के लिए बुलाया तो मेरा शक़ यकीन मे बदल गया. इसलिए उससे मिलने जाते समय में अपने साथ टेप रेकॉर्डर ले गया था और सब बातों को रेकॉर्ड कर लिया."

"क्यों राज.....क्यों? तुमने मुझे ये सब पहले नही बताया. क्यों मुझे इतनी परेशानियों से गुज़रने दिया..."

"मुझे तुम पर भरोसा नही था सोनी."

"तुम्हे मुझ पर भरोसा नही था... मुझ पर, तुम्हारा कहने का मतलब क्या है." सोनिया थोड़ा गुस्से मे बोली.

"शायद मुझे कहना नही आया, मेरा कहना का मतलब ये है कि प्यार मे अंधी औरत पर में भोरसा नही कर सकता था."

"राज पहलियाँ मत बुझाओ, साफ सॉफ कहो क्या कहना चाहते हो."

"तुम्हे याद है सोनी जब हम पहली बार मिले थे और तुमने मुझे ये ऑफर दी थी और कहा था कि राज प्यार अँधा होता है. में अमित से प्यार करती हूँ और उसके लिए कुछ भी कर सकती हू. अगर में तुम्हे बताता कि तुम्हारी पीठ पीछे अमित तुम्हारे प्यार का सौदा कर रहा है तो तुम सबसे पहले दौड़ कर अमित के पास जाती. और वो ये बात राजदीप को बताता तो उन्हे सब पता चल जाता." मेने कहा.

"तुम कम्से कम हमारे वकील को तो बता सकते थे."

"सोनी वो तुम्हारा वकील है मेरा नही. जैसे ही में उसे ये बात बताता वो तुम्हे कहता और तुम सबसे पहले दौड़ कर अमित के पास जाती."

क्रमशः…………………………………..

 
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