Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.
JavaScript is disabled. For a better experience, please enable JavaScript in your browser before proceeding.
You are using an out of date browser. It may not display this or other websites correctly.
You should upgrade or use an
alternative browser .
**फ्लॅशबॅक**
बहुत साल पहले दो लड़कियों के बाद ठाकुर खानदान मे एक वारिस ने जनम लिया सब बहुत खुश थे
पूरे शहर मे खुशियाँ मनाए जा रही थी और मनाए भी क्यू नही उनके मालिक को उनका वारिस मिल गया था
जिसका नाम रखा गया जय
बहुत अट्रॅक्टिव लड़का था
सबसे बड़ी बात थी उसकी आँखें
जो बहुत रेयर वाय्लेट कलर की थी
दोनो बहनें बेहद खुश थी उन्हे तो जैसे एक प्यार सा टेडी मिल गया हो
पूरे दिन उसके साथ खेलते रहते कभी अपने नज़ारो से अलग नही होने देती
ऐसे ही सब कुछ अच्छा चल रहा था की ठाकुर को एक और बचा हुआ
ये लड़की थी बिल्कुल किसी डॉल की तरह
अब जय को खेलने के लिए एक नए चीज़ मिल गई थी
उसकी बड़ी बहनें उसका ध्यान रखती और वो अपनी छोटी बेहन का
पर ये ज़्यादा दिन नही चला
कहते है ना अच्छे काम करने वालो के दुश्मन बहुत होते है
यहाँ भी वही हुआ
ठाकुर को मरने की बहुत कोशिश की गये और साथ साथ मे जय को भी क्यूकी आख़िर कार वारिस जो था ठाकुर खानदान का
तो हार कर ठाकुर ने अपने दिल पर पत्थर रख कर अपने सब बच्चो को अपने से दूर भेजने का ख़याल कर लिया
उसने जय को भेज दिया लंडन और अपने बछियों को कही दूसरी जगह
उससे दुख तो बहुत हुआ पर वो कर भी क्या सकता था
अपने बच्चो को बचाने का उससे इस अच्छा कोई ऑप्षन भी तो नही लग रहा था
पर यही ग़लती हो गये उससे
उसने जय को अकेले ही भेज दिया वही दूसरी तरफ बहनें सब साथ मे थी
शहर को सॉफ सुथरा करने के चक्कर मे वो अपने बेटे को ही भूल गया
ना कभी मिलने जाता और ना कभी बात हो पाती
उसका पूरा ध्यान बस शहर मे शांति लाने मे था
और वो बच्चा जो बिना मा बाप के दूसरे देश मे था वो अब बड़ा होने लगा और बिना मा बाप के कैसे बड़ा होगा ये तो आप सब जानते ही हो
अकेले पन से बचने के लिए सबका एक ही सहारा होता है नशा
उसने भी वही स्टार्ट कर दिया पर उसके साथ साथ वो मार्षल आर्ट्स और अलग अलग तरह की फाइटिंग टेक्निक्स मे ट्रेन होने लग गया
उसके दिल मे अपने पेरेंट्स को लेकर बुरे ख़याल ही बस्ते चले गये
कहते है ना छोटी उमर मे सबसे ज़्यादा ध्यान देना चाहिए अगर वहाँ ग़लत संगत आ गई तो पूरी जिंदगी बर्बाद हो सकती है
जय ने अपने एक अलग ही जिंदगी बना ली उसमे क्या था
सबसे पहला नशा
और दूसरा फाइटिंग
वही दूसरी तरफ टाइम के साथ साथ उसकी बहनों के दिल से ये बात लगभग गायब ही हो गई की उनका कोई भाई भी था
एक तो बचपन की बातें आधी याद रहती है और यहाँ तो एक दो साल ही तो साथ थे
पर जय को लगता था की एक दिन वो अपनी बहनों से मिलेगा और वो किसी भी हालत मे उसको पहचान लेगी
पर शायद वो ग़लत था उसकी बहनों के तो दिमाग़ से ये बात पूरी निकल ही चुकी थी
जय बड़ा हुआ और एक्सपर्ट होगया नशे मे और मार्षल आर्ट्स मे
शायद ही ऐसे कोई फाइटिंग टेक्निक बची होगी जो उसने नही सीखी
उसके कोई दोस्त नही थे एक भी नही क्यूकी वो कभी किसी से बात नही करता था
बस अपने मे खोया रहता और अगर कोई उससे बात करने की कोशिश करता तो उसके बिहेवियर से डर कर भाग जाता
पर कहते है ना किसी कामयाब आदमी को बर्बाद करने के लिए
या बर्बाद आदमी को कामयाब करने के लिए एक लड़की ही बहुत होती है
वोही यहाँ हुआ
एक लड़की आई पत्थर को पहले पिघलाया और फिर उससे पहले से भी कठोर बना कर चली गई
……………………..
चलो अब लव स्टोरी पर चलते है
ऐसे ही एक दिन जय नशे मे अपने फ्लॅट की तरफ जा रहा था की कही दूर उसे एक लड़की दिखाई दी
वैसे तो हर रोज ही दिखती थी और जय उनको इग्नोर करके आगे निकल जाता है पर आज शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था
जय ने उसे देखा उसने जय को देखा और फिर बड़े आटिट्यूड के साथ इग्नोर मार दिया
जय ने भी सोचा भाड़ मे जाए और वहाँ से मूड कर जाने लगा तो किसी ने उसका हाथ पकड़ लिया
मूड कर देखा तो मेल ईगो था
ऐसे कैसे छोड़ देगा साथ भाई
मेल ईगो बहुत कुत्ति चीज़ होती है अच्छे ख़ासे सिचुयेशन की गान्ड मार कर रख देता है
आज शायद जय सोचता होगा की उस दिन मेल ईगो की बातें नही सुनी होती तो लाइफ मे थोड़ी सी काम तकलीफ़ होती पर अब जो होना था वो तो हो चुका
मेल ईगो ने अपना काम कर दिया
मेल ईगो- साले ऐसे कैसे इग्नोर कर दिया इसने
आज तक तो ऐसा कभी नही हुआ
अब तो जो नही हुआ वो हो ही गया है तो बीसी इस लड़की को तो ज़रूर अपना बनाना है जय
इसने हर्ट कर दिया मुझे
जय मुड़ना नही है
मुड़ना नही है
जा और जाके दिखा इसको इसकी ओकात
जय- क्या फ़र्क पड़ता है
वैसे भी पूरी दुनिया भी तो इग्नोर मारती है
इसने भी मार दिया तो कॉन्सा बॉम्ब फट गया
मेल ईगो- हा बॉम्ब फट गया
पूरी दुनिया मारे चलेगा पर एक लड़की मारे
नही बिल्कुल नही
तुझे अपनी इज़्ज़त बचानी है
तुझे अपनी इज़्ज़त बचानी है
जय- तेरे चक्कर मे और बेज़्जती ना हो जाए
और साले लड़की और है कुछ बोल भी नही पाउन्गा
मेल ईगो- बी आ डिक नोट आ पुसी
अब तू जाएगा और अपनी बेज़्जती का बदला लेकर वापस आएगा
अब मेल ईगो से कौन जीत सकता है
जय भी हार गया और चला गया उस लड़की की तरफ उसने जय को अपने तरफ आता देख लिया था
एक तो रात का टाइम उपर से जय नशे मे
कोई भी लड़की डर जाएगी यार
वो लड़की भी थोड़ी डर गई थी और जैसे ही जय उसके पास पहुचा
उसने अपने पर्स से स्प्रे निकाला और जय पर मारने ही वाली थी की जय ने उसका हाथ पकड़ लिया
जय- पागल है क्या
वो सॉरी इंडियन हो
मैं तो बाद कुछ पूछने आया था
और डरो मत मैं कुछ नही करूँगा
लड़की- क्या पूछने आए थे?
जय- तुमने मुझे इग्नोर क्यू किया
लड़की ने ऐसे डाइरेक्ट क्वेस्चन की तो बिल्कुल भी उम्मीद नही की थी
वो एक सेकेंड जय का फेस देखने लगी फिर
लड़की- क्यूकी तुम स्ट्रेंजर हो
रात का टाइम है और
तुमने बहुत ड्रिंक कर रखी है
जय- अब इससे मेरा मेल ईगो तो हर्ट होगया ना
तुम उससे सॉरी बोल दो और मैं यहाँ से चला जाउन्गा
और मे बीआईकॅन ड्रॉप यू अट युवर प्लेस
लड़की- तुम पागल हो
मैं किसी को सॉरी वओररी नही बोलने वाली
जय- ठीक है फिर तुम खुद ही सोच लो
मैं एक स्ट्रेंजर हू
रात भी बहुत हो रखी है
और मैने ड्रिंक भी तो कर रखी है
वो लड़की थोड़ा डर गई
लड़की- देखो मुझे जाने दो
नही तो मैं पोलीस को कॉल कर दूँगी
जय- करदो
पुराना रिश्ता है मेरा उनके साथ
करो करो
नंबर नही है क्या
अच्छा लाओ मैं कर देता हू
अब तो वो लड़की बहुत बुरी तरह डर गई
जय- अच्छा नही करनी
अच्छी बात है
तुम्हारी प्राब्लम का सॉल्व कर देते है
मेरा नाम जय है
मैं इंडिया से हू
पर इंडिया की कुछ भी यादें नही है सिवाय एक दो के
अब मैं स्ट्रेंजर नही रहा ना
रात और ड्रिंक का मैं कुछ कर नही सकता
तो जल्दी से अब सॉरी बोलो और मैं चला जाउन्गा
लड़की अब थोड़ा बेटर फील करने लगी
उसे लाइक सम काइंड ऑफ फीलिंग आने लगी की ये कुछ नही करेगा
और जय वैसे भी बहुत हॉट था तो उसने सोचा थोड़ा टाइम ही पास कर लिया जाए क्यूकी कॅब उसको मिल नही रही थी
और क्या पता फिर ये मुझे घर भी ड्रॉप कर दे
लड़की- सॉरी तो मैं नही बोलूँगी
और मैं क्यू बोलू
मेरी लाइफ मैं जिसको चाहू इग्नोर करू
जय- नाम क्या है तुम्हारा?
लड़की- और वो मैं क्यू बताऊं
जय- क्यूकी बस फेस से इस शहर मे तुम्हे ढूँढना बहुत मुस्किल होगा
अगर नाम पता चल जाए तो काम ईज़ी हो जाएगा
लड़की- और तुम क्यू ढूँढना चाहते हो मुझे
जय- तुमसे सॉरी जो बुलवाना है
लड़की- फिर तो ट्राइ करते रहना क्यूकी सॉरी मैं बोलने वाली नही हू
जय- फिर तुम्हे ग़लत साबित करते है
तुम अपना नाम बताओ
मैं तुम्हे ढूँढ लूँगा और तुमसे सॉरी भी बुलवा दूँगा
लड़की- ऐसा कभी नही होगा
जय- तो नाम बता दो
लड़की कुछ देर सोच कर
लड़की- रूचि
जय- ओके रूचि जल्दी मिलते है
और जय वहाँ से जाने लगता है
रूचि- प्लीज़ मेरी कॅब मिलने तक रुक जाओ
उसकी आवाज़ मे हल्का डर था
जय- अब अगर मैं तुम्हे ड्रॉप करने का बोलूँगा तो मुझे अड्रेस भी मिल जाएगा
चलो मैं ड्रॉप कर देता हू
रूचि- इतनी भी तकलीफ़ करने की ज़रूरत नही है
बस कॅब बुक होने तक वेट कर लो
वोही बहुत है
जय-आईहॅव आ ऑफर फॉर यू
रूचि- व्हाट??
जय- इफ़ यू किस मी राइट नाउ
उसके अगले मिनिट मे यहाँ कॅब आज़एगी और अगर तुम नही करती तो सुबह तक भी वेट कर लेना पर तुम्हे कोई कॅब नही मिलेगी
रूचि- तुम पागल हो
जय- ट्राइ कर लो
बहुत टाइम है हमारे पास
रूचि- देखते है
जय- चलो देखते ही है
ऐसे ही उन्हे वेट करते करते लगभग एक घंटा होगया था
जय- अभी भी यकीन नही हुआ तुम्हे या और वेट करना है
रूचि- मैं कैसे मान लू की तुम सच बोल रहे हो
ऐसे भी तो हो सकता है की कॅब अवालेबल ही ना हो
और बाद मे भी ना आए तो
जय- नाइस पॉइंट
तो पहले कॅब बुला लेते है
उसके बाद किस फिर तुम चली जाना
जय अपना फोन निकाल कर कुछ टाइप करता है और विदिन आ मिनिट एक कॅब आजाती है
रूचि तो ऐसे सर्प्राइज़ हुए जैसे भूत देख लिया हो
जय- तो अब किस अदरवाइज़ वापस भेज देता हू कॅब और हम और वेट कर सकते है
रूचि- हाउ दा हेल यू डिड दट
जय- आई ऐम आ मेजीशियन
जय रूचि को अपनी तरफ खींचता है कमर को पकड़ कर उसे और अपनी नज़दीक करते हुए बिल्कुल शरीर से सटा लेता है
रूचि की आँखें अपने आप बंद हो जाती है वो मानो जो हो रहा है उसपर यकीन करने की कोशिश कर रही हो
जय की गरम गरम सासे वो बिल्कुल अच्छे से फील कर पा रही थी
और जैसे ही उनके होंठ मिलने वाले थे जय पीछे हट जाता है
जय की तरफ से कोई रियेक्शन ना देख कर रूचि अपनी आँखें खोलती है और जय की तरफ ऐसे देखती है जैसे बोल रही हो क्या हुआ
रुक क्यू गये
जय- स्मेल आ रही है तुम्हे से
नेक्स्ट टाइम नहा कर आना और हा ब्रश करने मत बोलना और वहाँ से रॉकेट की स्पीड से गायब हो जाता है
रूचि बस उसे जाता देखती रह जाती है
जय मन में
क्यू बे मेल ईगो साले खुश है अब
किस करने से क्या मिलता असली मज़ा तो इसमे है
जय के जाने के बाद रूचि का चेहरा भी देखने लायक होता है
वो भी मन में
पता नही क्या समझता है अपने आपको
खुद मे से इतनी स्मेल आ रही थी दारू की और मुझे ज्ञान देके चला गया
नेक्स्ट टाइम मिलेगा तब अच्छा सबक सिखाउन्गी
उसका मूड बिल्कुल खराब हो गया था वो चुप चाप कॅब मे बैठी और वहाँ से चली गई...
जय तो पूरी तरह से भूल गया था रूचि को
उसने सॉरी वाली बात पर भी ज़्यादा ध्यान नही दिया क्यूकी उस दिन रूचि की बेज़्जती तो कर ही दी थी जय उससे ही खुश होगया बस
पर उनकी किस्मत मे कुछ और ही लिखा हुआ था
उस इन्सिडेंट को लगभग तीन से चार दिन हो गये थे
जय वही रात को बेहद नशे मे कहाँ था ये तो उसे भी नही पता था
की सामने फिर वही लड़की को देखता है
जय उसके पास जाके
जय- शायद किस्मत मिलाना चाहती है हमें
रूचि- शायद जिंदगी से प्यार नही है आपको
ऐसे ही नशा करते रहे तो ज़्यादा दिन नही चल पाओगे
जय- इतनी सस्ती लाइफ नही है मेरी की एक दारू की बॉटल ख़तम कर दे
तो आज फिर कॅब की वेट हो रही है?
रूचि कुछ नही बोलती
जय- जॉब करती हो क्या यहाँ
और इतना रात मे अकेले घूमना सेफ नही है
रूचि- हा जब तक तुम्हारे जैसे लोग रहेंगे तब तक कैसे सेफ हो सकता है
जय- व्हाट दा हेल डज़ दट मीन
मैं तो कुछ किया भी नही
रूचि- वोही तो कुछ किया ही नही(बहुत धीमे से बोलती है)
जय- सही है शराफ़त का जमाना ही नही रहा
मेरी वजह से कॅब मिली थी तुम्हे उस दिन
रूचि- तुम्हारी वजह से उतना वेट करना पड़ा मुझे
तुमने ही कुछ किया होगा जिससे कॅब नही आ रही थी
जय- हा ये तो फॅक्ट है मैने ही कुछ किया था
और आज भी कर दिया है
तो बहुत टाइम है अपने पास
रूचि- तुम क्या चाहते हो मेरे से
जय- सॉरी बुलवाना
मैने सोचा था की छोड़ यार उस दिन काफ़ी होगया था पर अब नही
अब तुम सॉरी बोलो अदरवाइज़ यहाँ वेट करते रहना और मैं भी चला
रूचि- पर मेरी ग़लती क्या है
तुम खुद परेशान कर रहे हो मुझे
जय- ओक बाइ
हॅव आ वेरी गुड नाइट
रूचि- प्लीज़ मत जाओ
अच्छा बाबा सॉरी
अब तो रुक जाओ
जय- यॅ दट'स लाइक आ गुड गर्ल
चलो कॉफी पीते है
रूचि- तुम अपना इलाज़ क्यू नही करा लेते
मिड नाइट हो रखी है कहाँ मिलेगी कॉफी
और तुमने इतनी ड्रिंक भी कर रखी है
जय- शहर को मैं ही चलाता हू
तुम बोल दो किस शॉप कर कॉफी पीनी है वोही खुल जाएगी
रूचि- अगर वो शॉप वाला बनाता ही नही होगा तो
जय- तो भी बनाएगा
जिंदगी प्यारी नही है क्या साले को
रूचि- तुम डॉन हो
जय- अगर तुम्हे डॉन पसंद है तो डॉन मान लो
रूचि- मुझे तो लगता है तुम बड़ी बड़ी फैंकते हो और कुछ नही है
जय- ये बताओ कॉफी कहाँ पीनी है
रूचि भी ये सोचते हुए की देखते है कितना सच बोल रहा है
एक माल की तरफ इशारा कर देती है
जय- कुछ छोटी ही ख्वाहिश है तुम्हारी
वैसे अच्छा है माल मे काफ़ी सारे कमरे होंगे
हम कुछ भी कर सकते है
रूचि- मना करवाने का अच्छा तरीका है
पर मुझे वही कॉफी पीनी है नही तो मेरी कॅब बुला दो मैने सॉरी भी बोल दिया है और मैं चली जाउन्गी
जय- मैने कब मना किया
चलो माल मे
मैं तो बस पॉसिबिलिटी बता रहा था
रूचि- हा तो चलो
टाइम क्यू वेस्ट कर रहे हो मुझे घर भी जाना है
जय- तुम्हे इलाज़ की ज़रूरत है
जय इतना बोल कर आगे चलने लगता है और रूचि उसके थोड़ा पीछे
माल के सामने पहुच जाते है जहा कुछ सेक्यूरिटी गार्ड बैठे थे
रूचि- चलो रुक क्यू गये
तुम तो डॉन हो ना
रूचि मज़ाक बनाते हुए बोली
जय गार्ड से- ओपन दा गेट
गार्ड बिना जय की तरफ देखे
साब बंद है सुबह आना
अभी अलाउ नही है
रूचि जय की तरफ देख कर हँसने लग जाती है
जय- एक बार चेहरा भी देख ले मेरा
फिर बताना अलाउ है या नही है
और जैसे ही गार्ड ने जय का चेहरा देखा वो अपनी जगह से लगभग 10 कदम पीछे उछल के पड़े
गार्ड- सॉरी सर
वो देखा नही आपको
माफ़ कर दीजिए
गेट हा
गेट अभी खोल देता हू
जय- और दो कप कॉफी लेके आ
गार्ड- जी सर
रूचि की तो आँखें फटी की फटी रह गये
उसे यकीन करने मे थोड़ा टाइम लगा फिर यकीन करना ही पड़ा
जय- कोई बहुत हँस रहा था
अभी क्या हुआ
तुम यहाँ बैठो मैं कही अच्छा सा रूम ढूँढ कर आता हू
फिर मस्ती करेंगे
रूचि- जय आई ऐम सॉरी
मैं मज़ाक कर रही थी
वो काफ़ी डर गई थी
जय- पर मैं तो नही कर रहा था ना
रूचि- मुझे नही पीनी कॉफी
मैं जा रही हूँ
जय- मैने बोला तुम्हे जाने को नही ना
तो चुप चाप बैठी रहो
और क्या है तुम्हारा
मैं भूत लगता हू या भूतो जैसे हरकते करता हू जो बात बात पर डर जाती हो
अभी तक कुछ किया क्या मैने
अगर करना ही होता तो बहुत पहले नही कर चुका होता
इंसान हू मैं
इंसानीयत को कैसे बचाया जाता है उसकी समझ है
अभी चुप चाप यहाँ बैठो कॉफी पीना और फिर चली जाना जहा जाना है
कोई नही रोकेगा तुम्हे
जय को कुछ ज़्यादा ही गुस्सा आगया था
रूचि- आई ऐम सॉरी मेरा वो मतलब नही था
दो सेकेंड के गॅप के बाद
आप कितना गुस्सा करते हो
जय- क्यूकी मुझे वोही आता है
तब तक उनकी कॉफी आजाती है
रूचि- आपकी गर्लफ्रेंड है?
जय- नही है
तभी तो इतनी मेहनत कर रहा हू
रूचि- ओह्ह्ह मतलब मुझे इंप्रेस करने की कोशिश की जा रही है
जय- इरादा तो वोही है
देखते है आगे
रूचि- वेल आईमस्ट से आई ऐम ऑलरेडी इंप्रेस्ड
जय मुस्कुराते हुए
सो युवर प्लेस ओर माइन?
रूचि- ह्म माइन
हाहाहा और हँसने लगती है
रूचि- अब इतना तो समझ गई हू तुम्हे
डराने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी तुम्हे अब
जय- ओह्ह शिट ये तो प्राब्लम हो गयी
बट इतनी भी मेहनत नही करनी पड़ेगी मुझे
एक बार तुम मुझे जान गयी तो अपने आप डरने लग जाएगी
रूचि- तो बता दो ना की कौन हो तुम
जय-नोट आ गुड टाइम
जय- चलो हो गई कॉफी अब निकलते है
रूचि- इतनी जल्दी
एक कॉफी और ना प्लीज़
जय- सीधे बोल दो की मेरे साथ टाइम स्पेंड करना है
रूचि- तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड करना है
जय- चलो तो तुम्हारा घर बहुत दूर है
कार मे स्पेंड कर लेना
रूचि- तुम मुझे ड्रॉप करने जा रहे हो
जय- सोच तो रहा हूँ अगर कोई मूह मीठा करा दे तो
रूचि- चलो चलो मूह मीठा भी हो जाएगा
श शिट ये क्या बोल दिया(मन में)
वैसे तुम्हे कैसे पता मेरा घर किधर है
जय-आईनो एवेरितिंग
ये मेरा शहर है
और मैं तो ये सोचता था की यहाँ सब मुझे जानते होंगे
रूचि- वाले आई ऐम सॉरी
बट मैं नही जानती थी तुम्हे
शायद मैं न्यू हू यहाँ इसलिए
जय- बहुत बोलती हो तुम
चलो घर चलते है
रूचि- मुझे बोलना पड़ता है क्यूकी तुम बिल्कुल नही सुनते
फिर दोनो माल से बाहर आते है और रूचि जय की तरफ देखने लगती है
जय- क्या???
रूचि- क्या हम पैदल घर जाएँगे
वैसे बता दूं की मेरा घर बहुत दूर है
कही तुम थक ना जाओ
जय- हाहाहा वेरी फन्नी
चलो और जय सेम वाली कार को अनलॉक करता है तो रूचि
रूचि- तुम्हारे पास कार थी तो इतने देर से टाइम पास क्यू कर रहे थे
जय- श मेडम और बैठने का मन तुम्हारा था
समझी
मुझे ब्लेम मत करो
और चलो चुप चाप
मुझे और भी बहुत काम होता है
ऐसे ही बकवाश करते करते वो रूचि के घर पहुच जाते है
और दोनो गेट के बाहर कार मे ही बैठे रहते है शायद एक दूसरे का वेट कर रहे थे कुछ बोलने का
रूचि- यू वाना कम??
विल हॅव आ ड्रिंक टुगेडर
जय- शुवर
फिर दोनो रूचि के फ्लॅट पर चले जाते है अंदर जाकर
रूचि- प्लीज़ सिट मैं दो मिनिट मे चेंज करके आई
जय- नो प्राब्लम
और जय वही हॉल मे सारी चीज़े देखने लगता है
घर बहुत प्यारे तरीके से सजाया हुआ था
अभी जय चीज़ें देख ही रहा था की रूचि आ गई
उसके हाथ मे दो ग्लास भी थे
जय- जहर मत दे देना
अभी तो मुझे बहुत पाप करने है
रूचि बस मुस्कुराते हुए एक ग्लास जय को दे देती है
माहौल थोड़ा सेक्षुयल हो गया था
मन में ही रोमॅंटिक सॉंग्स बजने लग गये थे
और बस दो या तीन शिप के बाद ही दोनो के होंठ मिल गये
ग्लास कहाँ जाकर गिरे किसी को नही पता उनके कपड़े कहाँ गये वो भी नही पता
ये सब जानने के लिए नेक्स्ट अपडेट का इंतज़ार करे...
यू श्योर आ???
रूचि- फक युवर श्योर
जस्ट...
बट डू इट स्लोली आई वान्ट टू फील एवेरितिंग
जय- आह आई ऐम आ मॉन्स्टर
आई डॉन’ट डू स्लो
जय रूचि के टॉप को फाड़ते हुए बोलता है
रूचि- आ दर्द होता है
प्लीज़
जय- लुक अट मी
जस्ट लुक अट मी
फील दा लव
दट पेन दट फक्किंग पेन ईज़ व्हाट एवेरिवन वांट्स
रूचि बस जय की आँखों मे खो जाती है जो वो सब ऐसे कर रहा था जैसा कभी रूचि ने एक्सपेक्ट भी नही किया था
रूचि सिंपल स्लो पसंद करती थी वैसी जय वाइल्ड लवर था
उससे चिर फाड़ करना पसंद था
जब तक सामने वाली ज़ोर ज़ोर से चिल्लाए नही तब तक उसे मज़ा नही आता
जय ने अपनी शर्ट भी निकाल फेकि और रूचि के उपर आकर उसे किस करने लगा
दोनो मानो एक दूसरे से अलग ही नही होना चाह रहे थे
एक दूसरे को पागलो की तरह बस चबाना चाह रहे थे
जब रूचि की सासे उखड़ने लगी तब जाके उसने अपने आपको रोका और हवस के नशे मे जय की गर्दन को काटने लगी
जय अब नीचे की तरह हुआ और टॉप फाड़ने के बाद ब्रा मे कद उसके मॉट मॉट चूहों को आज़ाद कर दिया
पहले तो बहुत प्यार से सहलाया और फिर अपना असली रूप दिखाते हुए बहरमी से मसलने लगा
रूचि- अहह
आआअरर्र्र्र्र्ररराआआअम्म्म्ममम
सस्स्स्सेसस्स्स्सीईईईईईई
ककककककाआअरर्र्र्रेऊऊऊऊऊऊ
पल्लीीआसीए दार्र्र्द्द्दद्ड हहूवततत्ताआअ हाऐईइ
अहह अहह
जय अब मसलते हुए उन्हे चाटने लगा
बारी बारी से मूह मे लेके रूचि के मॉट मॉट चुचियो को चूसने लगा
रूचि के मूह से आजीब अजीब आवाज़े निकल रही थी
वो बस इस पल मे खो जाना चाहती थी
और शायद खो ही गई थी
जय थोड़ा और नीचे हुआ और नंबर आया नाभि का
अगर अभी प्यार होता तो नाभि पर भी रुकता पर अभी हवस का नंगा नाच चल रहा था तो नाभि को छोड़ सीधे काम की जगह पर पहुच गया
काली रंग को गोरे रंग से अलग होते बिल्कुल टाइम नही लगा और सीधा मूह लगा छूट पर और
अहह अहह अहह माआआआआआआआआआआ
अहह
की आवाज़े गूँज गईं रूचि के मूह से
जय ने एक उंगली भी साथ साथ अंदर बाहर करनी शुरू करदी
दोहरी मार को कब तक झेल पाती रूचि
और वो तेज तेज आवाज़ करते हुए झड़ने लगी
ह अहह जयययययययययययययययययययी
अहह अहह इम्म्म्मममममममममममममममम कूऊऊऊऊऊम्म्म्मममममिईीईईईईईन्न्नननननननगगगगघह
अहह अहह
और कुछ ही देर मे रूचि का शरीर अकड़ने लगा और वो शांत पड़ गई
रूचि अपने साँसों को कंट्रोल करते हुए
तुमने तो मुझे पागल कर दिया
इतना मज़ा तो कभी नही आया
जय- कोई मेरे जैसा नही मिला होगा ना
रूचि- ऑश आई ऐम नोट आ स्लट ओके
वो तो मैं खुद ही कर लेती थी
जो भी मिलता उसी से या फिर उंगली से
जय- तो क्या मैं पहला हू इस जिस्म के रस को पीने वाला
रूचि जय की आँखों मे देखती हुए हा मे इशारा करती है
ये जो आँखों से बातें होती है ना वो बहुत जल्दी ट्रिग्गर करती है सामने वाले को
रूचि की आँखों ने जो हरकते की उसकी वजह से जय उसके पास गया और बड़े प्यार से उसके होंठ चूमने लगा
और धीरे धीरे रूचि के चुचों को दबाने लगा
अभी वो बिल्कुल धीरे धीरे प्यार से सब कर रहा था
यही कुछ दो या तीन मिनिट्स चला फिर जय ने किस तोड़ कर
रूचि को खड़ा किया और सर पर हाथ रख कर उसे नीचे की तरफ फोर्स करने लगा
रूचि भी बहुत अच्छे से इशारा समझ गई
वो घुटने पर बात कर बड़े प्यार से जय की जीन्स का बटन खोलने लगी
उसके लंड का उभार उसके अंडरवेर मे सॉफ दिख रहा था
रूचि को भी मस्ती सूझी
उसने बिना अंडरवेर निकाले वही पर किस करने लगी
और काफ़ी ज़ोर ज़ोर से कर रहा थी जैसे उसके चुचों के निचोड़ने का बदला ले रही हो
जय की आँखें भी अपने आप बंद हो गई और वो बेड पर गिर गया
रूचि ने अपने दाँतों से जय के अंडरवेर का एक हिस्सा पकड़ा और खेच कर उसके शरीर से अलग करने लगी
जिससे लंड सीधे उसके मूह पर किसी स्प्रिंग की तरह पड़ा
अहह
एक आवाज़ निकली जय और रूचि दोनो के मूह से
रूचि की नज़र जैसे ही जय के लंड पर गया उससे इंतज़ार करना बहुत मुस्किल होगया और अगले ही सेकेंड उसने पूरा अपने मूह मे घुसाने की कोशिश करने लगी
जिससे उसे दो तीन बार खशी भी हुई पर आज तो रूचि शायद जय के लंड को खा ही जाना चाहती थी
अहह अहह अहह
जय- रूचि आह यू आर अमेज़िंग
अहह फक्ककककककककककक
रुक्ककचहिईीईईईईईईईईईईईईईईईईईई
अहह अहह
पूरा लीई मुहह मीईए अहह दो इत्त्तत्त लिक्क्कीईए आआआ स्ल्ल्लूउउउउत्त्त्टतत्त
अहह अहह अहह
रूचि भी पूरी जी जान से लगी हुई थी
मज़ा उसे भी खूब आ रहा था पर फर्स्ट टाइम था इसलिए जल्दी थक गई
रूचि- जय आह आई ऐम टाइयर्ड
नाउ फक मी प्लीज़
मैं और वेट नही कर सकती
अहह मूह दुखने लगा है
जय एक झटके से बेड से उठा और रूचि को गोद मे उठा कर काफ़ी उँचे से नीचे फेक दिया
रूचि- अहह
क्या कर रहे हो
जय- गद्दे की क्वालिटी चेक कर रहा था
अच्छी है
अब चलो दंगल करे
जय ने रूचि की दोनो टाँगे फैलाई और उसकी कोमल लाल चूत को देखने लगा
फिर अपने मूह से दो उंगलिया गीली कर के उसकी चूत मे घुसा दी
अहह
जय प्लीज़ डॉन’ट टीज़ मी नाउ
अहह
जय ने एक दो बार उंगली अंदर बाहर की फिर अपने लंड को सेट करने लगा
जय- यू विल क्राइ बट बिलीव मी आई विल नोट स्टॉप
तुम जितना चिल्लाओगी मैं उतना ही तेज करूँगा
आंड अट दा एंड यू विल लव इट
जय लंड को रूचि की चूत पर रगड़ते हुए बोल रहा था
रूचि- जो करना है करो
पर प्लीज़ जल्दी करो
जय ने एक हाथ से अपने लंड को पकड़ रखा था और दूसरे हाथ से झुक कर रूचि का गला पकड़ लिया और उसकी आँखों मे देखते हुए त्ाआअप्प्प्प्प्प की आवाज़ आई
रूचि- अहह माआऐययईईन्न्णणन् माआआआआआआआआआआ
माआआआआआआआररर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर ग्ाआयययययययययईईरएर
अहह
जीईईययययययययययययययययययययी
अहह निकककककककााआआआाअलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लूऊऊऊऊऊऊऊऊ
अहह अहह
माआआआआआआआररर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर डाआाालल्ल्ल्ल्ल्लाआआआआअ
माआाद्ददडाअरर्र्रररकक्चूऊऊद्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड राआआअन्न्ननन्न्ँद्द्द्द्द्द्ददडिईईईईईई न्न्न्न्नाआहहिईीईई हहुउऊुउउ जूऊऊऊऊओ ईईएकककककककक ब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्बबबााआअरर्र्ररर मीईईईईई हहिईीईईईईईईईईईईई पप्पौउउउर्र्रराआा गुउुउउस्स्स्स्साआअ दीययययययाआआ
जय तो लगा हुआ था
ताआप्प्प्प्प्प ताआप्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प
रूचि-अहह अहह अहह अहह अहह आअररर्राआआमम्म्ममम सस्स्सीईईई
अहह पल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लीईइसस्स्सीईई
अहह
त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प आह रुचहिईीई तुउुउउ माअस्स्स्थटत्त हहााई रीईईई ओउूर टीएरर्रृिइ चहूुूत्त्त्तत्त अहह किट्टन्ंनन्निईीईईईई तिगज्गघहत्त्त्तत्त अहह अहह
रुक्ककचहिईीईईईईईईईईईईईईईईईईईई ब्ब्ब्बबबाहहुउऊुउउत्त्त्तत्त माआज़्ज़्ज़्ज़्ज़ाआआआ आआआईईए रर्राआाहहााआ
हहाआआआआआ
त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प त्ाआअप्प्प्प्प्प अहह अहह
रूचि- अहह जीएयययययययी अहह अहह चूऊऊद्ददड अहह कूँमम्मूऊंन्णणन् फुउकककककककककककक मीईईईईई अहह हहाआर्द्दद्डर्र्र्र्र्र्र्ररर
कूऊँम्म्ममीईए फुऊूक्ककककक मीईईईईई अहह हाआर्द्ददीएरर्र्ररर
ौउुउउर्र्र्ररर कूऊओक्ककककककककककककक इसस्स्सस्स सूऊऊ गूऊद्द्द्दद्ड
ह जीईईययययययययययययययययययययी ह जीईईययययययययययययययययययययी अहह
लिक्क्कीईए तहाआटतदटटतत्त
अहह
जयययययययययययययययययययी ईईईईईईईइइम्म्म्मममममम कूओंम्म्मममिईीईईईईईन्न्नननगगगगग
जयययययययययययययययययययी फ़ाआस्स्स्स्थटट्तीईररररर डूऊंन्न्नतत्त्टटतत्त स्टॉप्प्प्प्पूऊ अहह डूऊंन्न्नतत्त्टटतत्त स्टॉप्प्प्प्पूऊ प्लीज़ डूऊंन्न्नतत्त्टटतत्त स्टॉप्प्प्प्पूऊ
जय रूचि की गान्ड पर तेज तेज थप्पड़ मारते हुए
अहह मैंन्ननणणन् भीईीईईईईईई
अहह अहह अहह अहह अहह अहह अहह अहह
और दोनो एक साथ झड़ गये
जय ने पूरा का पूरा माल रूचि की चूत मे भर दिया
दोनो इस ताबड़तोड़ चुदाई से इतना थक गये की एक साथ नंगे ही बेड पर गिर गये और ज़ोर ज़ोर से सासे लेने लगे
रूचि- तुमने सच कहा था यू आर आ मॉन्स्टर....
रूचि- आज कही घूमने चले?
जय- आज नही कल चलते है
रूचि- आज क्यू नही?
जय- यार अभी ट्रैनिंग है मेरी
कल चलते है ना
रूचि- किस चीज़ की ट्रैनिंग
कही तुम स्पाइ तो नही हो ना
जय- मेरी शक्ल देख कर तुम्हे मैं स्पाइ लगता हू
रूचि- शक्ल से क्यू नही लग सकते
अच्छे बॉडी है
स्मार्ट भी हो
दो मुलाकात मे लड़की पटा ली
थोड़ा अजीब भी हो
तो क्यू नही हो सकते स्पाइ
जय- अच्छा अगर मैं होता भी तो तुम्हारे पीछे क्यू पड़ता
क्या तुम किसी मिनिस्टर की बेटी हो या किसी क्रिमिनल की
रूचि- हाहहहाहा अच्छा मज़ाक था
मेरे डॅड बिज़्नेसमॅन है
जय- हा तो बिज़्नेसमॅन की बेटी को पटा कर पैसे हड़पने का मन हो मेरा
रूचि- तुम्हारे पास खुद ही इतना पैसा लगता है मेरे क्या लोगे
जय- मेरे पास बिल्कुल पैसे नही है
मैं तो रोड पर सोता हू
रूचि- हा और वो कार भी कही से चुराई हुए होगी
और और वो कॅब वाला काम भी ऐसे ही होगया होगा है ना
जय- किस्मत शायद
रूचि- कोई किस्मत विस्मत नही है
अगर नही बताना तो मत बताओ
चलो कुछ खिला तो दो
भूख लगी है
जय अपने लंड की तरफ इशारा करते हुए
इसे इस खा ले
रूचि- इतनी हिमत नही है मेरे मे
अभी तो नही खा सकती इस बाद मे खा लूँगी
और कुछ खिला दो
जय- क्या खाना है ये बताओ
कुछ खिला दो का क्या मतलब होता है
रूचि- सुसी
जय- मतलब
रूचि- मेरी फॅवुरेट है सुसी
जय- हा ऐसा लगता है फ्राइड राइस मे मिला कर दे दिया हो
रूचि- तुम ना चुप ही रहो
एक मिनिट बाद
रूचि- यार भूख लगी है
प्लीज़ ना
अब बोलॉगे कुछ
जय- तुमने ही बोला चुप रहो
रूचि- ये बहुत पुराना होगया है
अब जल्दी से कुछ लेके आओ
जो तुम्हे पसंद हो
जय फोन पर कुछ टाइप करता है और फिर रूचि को कमर से पकड़ कर अपनी तरफ खेच लेता है
रूचि थोड़ा नखरे करते हुए
कुछ खिलाया तो जा नही रहा तुमसे और बकवाश किए जा रहे हो
जय- बकवाश कहाँ कर रहा हू
रूचि- अच्छा छोड़ो मैं जा रही हूँ
जय से छुड़ा कर वहाँ से जाने लगती है
जय- ये तो लेजा
मुझे पसंद नही है
रूचि मूड कर देखती है तो एक आदमी सुसी वहाँ रख कर चला गया
रूचि- पहले ये बताओ कौन हो तुम( जय से)
जय- ये बहुत सीक्रेट है
अभी खाना है तो खाओ और जाना है तो जाओ
रूचि वापस आकर खाने लगती है
बीच बीच मे एक दो बाइट जय को भी खिलाती है पर वो मना कर देता है
खाने के बाद
रूचि- अब मैं जा रही हूँ थोड़ा काम है
कल चलेंगे घूमने
अगर तुम्हे टाइम मिले तो फ्लॅट आ जाना
ओके बाइ
मुहह
लव यू
जय बस बदले मे मुस्कुरा देता है
जब रूचि नज़रो से ओझल हो जाती है तब जय भी वहाँ से निकल जाता है
और पहुच जाता है अपने ठिकाने
आदमी- हम जैसे लोगो की लव स्टोरी नही होती
जय- बट लस्ट स्टोरी तो हो सकती है है
आदमी- ऐसा लग तो नही रहा
जय- ज़्यादा दिमाग़ मत चलाया करो और काम पर ज़्यादा ध्यान दिया करो
जय- काम का क्या रहा
आदमी- थोड़ी प्राब्लम आ रही है
जय- तो तुम यहाँ क्या गान्ड मरा रहे हो
या तो प्राब्लम रिमूव करो या प्राब्लम की वजह
मुझे कल तक काम फिनिश चाहिए
आदमी- हमने बहुत खून ख़राबा कर दिया है
पोलीस वालो की नज़र मे आ गये है
जय- पोलीस वालो को उनका पैसे टाइम से मिल जाता है
पूरे शहर के हर एक पोलीस वाले को मैं पाल रहा हू
तो क्या हुआ अगर दो चार लोग ज़्यादा मर गये तो
इतना तो संभाल सकते है ना वो
आदमी- थोड़ी दिल से सोच कर देखो
जय- वो तो नही है
अब अगर तेरा ज्ञान देना होगया हो तो काम पर ध्यान दो नही तो एक और खून मे मेरा नाम जुड़ जाएगा
आदमी- कुछ ओल्ड पीपल है वो मान नही रहे
बोल रहे है की आन्सेस्टर्स की ज़मीन है बेच नही सकते
फीलिंग्स जुड़ी है उनकी
जय- अमाउंट डबल करदो
आदमी- फिर भी नही माने
जय- घर मे कौन कौन है?
आदमी- दो बूढ़े और एक जवान लड़की शायद ग्रांड डॉटर है उनकी
जय- उसे उठा लो
जब पेपर पर साइन होज़ाये तो पैसो के साथ लड़की को सही सलामत वापस पहुचा देना
आदमी- वो लोग रोने लग गये थे
हाथ जोड़ कर खड़े हो गये
ये मैं नही कर सकता
जय- बेटा हमारे डंडे मे एमोशन्स की जगह नही है
पैसे लिए है हमने पीछे नही हट सकते
तो अपने एमोशन्स को गान्ड मे डाल और काम ख़तम कर
आदमी- ये मैं नही कर सकता
आई ऐम सॉरी
धाय धाय धाय धाय धाय धाय धाय की आवाज़े गूँजी और वो आदमी वही ज़मीन पर ढेर हो गया
जय- साला गटर का कीड़ा
गाड़ी निकालो बीसी मैं जाके बात करता हू
जय की पूरी गेंग की सामने की हालत देख कर ही फट गये तो तुरंत गाड़ी निकल कर उस घर की तरफ चल दिए
वहाँ पहुच कर
जय- वेट हियर
मैं अकेले जाके बात करके आउन्गा
और किसी को अंदर मत घुसने देना
आई वान्ट सम अलान टाइम वित ओल्डीस
और जय जाके नॉक करता है
एक बहुत ही ओल्ड एज्ड आदमी गेट खोलता है
आदमी- व्हाट यू वॉंट सन?
जय- आ वर्ड कॅन ई?
अंदर आने का इशारा करके पूछता है
आदमी- आ सॉरी यॅ कम इन
बेटा टी कॉफी एनितिंग?
जय- नो थॅंक्स
आदमी- तो बताइए क्या कर सकता हू आपके लिए
जय- ये घर
आदमी- बेटा मैं आपके आदमियो को भी बोला है
ये घर मैं नही बेच सकता
जय- ऐसी कीमत कही नही मिलेगी
आदमी- कुछ चीज़े की कीमत नही लगा सकते बेटा
मुझे माफ़ कर दीजिए पर घर नही बेच सकता मैं
जय आराम से पीछे होकर बैठ गया और लंबी सास छोड़ कर
जय- देखिए अंकल मैं अमाउंट ले चुका हू तो काम करना पड़ेगा
आप प्यार से माने तो ठीक नही तो बहुत रास्ते है आपको आख़िरी मोका दे रहा हू
इस टाइम कीमत जो आप बोले
आदमी- बेटा कीमत की तो बात ही नही है
और जब तक जान है ये तो मैं नही बेचुँगा
जान के अलावा और क्या ले सकते हो
जय- इज़्ज़त
सुना है बहुत सुंदर पोती है आपकी
आपके जाने के बाद उसका कौन है ये जालिम जमाने मे
और आज कल लोग भी तो सारीफ़ नही है है
जवान अकेले लड़की के लिए बिल्कुल सेफ जगह नही है ये शहर
बाकी आप समझदार है अब मैं चलता हू एक बार सोच लेना क्या बोला है मैने
और अपनी पोती का ख़याल रखना कही ऐसा ना हो वो कॉलेज जाने के लिए घर से निकले और वापस घर पहुचे ही ना
समझ गये ना अंकल जी अच्छा अब मैं चलता हू
जय हाथ जोड़ कर वहाँ से निकलने वाला ही होता है की
आदमी- मुझे मंजूर है
पर आई हॅव आ कंडीशन
जय मुस्कुराते हुए बैठ गया
बोलिए कितने पैसे
आदमी- पैसे नही चाहिए
तुमने ज़ुबान दी है ना की तुम ये घर जिसे भी हर कीमत पर दोगे
मतलब ज़ुबान की कीमत है
जय- बहुत
आदमी- तो मुझे पैसे नही चाहिए
मुझे तुम्हारी ज़ुबान चाहिए
जय- किस चीज़ के लिए
आदमी- मैं अब बूढ़ा होगया हू पता नही कब मर जाऊँ
मुझे तुम्हारी ज़ुबान चाहिए की मेरे जाने के बाद मेरी पोती का तुम ख़याल रखोगे
उसे इस अकेले शहर मे कोई नुकसान नही होना चाहिए
उसकी आँखों मे कभी आँसू ना आए
उसे किसी चीज़ की कमी ना रहे
जय- ये तो बहुत बड़ी किमात माँग ली आपने
आदमी- ये मेरी कीमत है
मंजूर है तो ठीक नही तो मैं आख़िरी सास तक अपने पोती और अपने घर की हिफ़ाज़त करूँगा
जय कुछ सोच कर मंजूर है
आदमी- मुझे तुम्हारे वर्ड्स चाहिए
जय- मैं जय ठाकुर आज आपको ज़ुबान देता हू की आपके पोती की हर हाल मे हिफ़ाज़त करूँगा
आदमी अगले ही सेकेंड पेपर्स पर साइन कर देता है
जय पेपर्स लेके वहाँ से चला जाता है
जय मन में
साला आज के टाइम पर कोई किसी पर इतना ट्रस्ट कैसे कर सकते है
और वो भी मुझ जैसे कमीने पर
चलो छोड़ो घर मिल गया बहुत है
वहाँ से जय गाड़ी में बैठ कर चला गया और रूचि के फ्लॅट पर जाके मज़े करके सोगया....
मॅक- बॉस तुम्हे काम दे और पूरा ना हो ऐसे कभी नही हो सकता
जय- ये मुझे पता है
मैं सोच रहा था की उस ज़मीन पर खुद का मल्टिपलेक्स बना डू
मॅक- जय तुम पैसे ले चुके हो
जय- तो
तूने मुझे बोला था की साला फॅमिली ड्रामा झेलना पड़ेगा
लोकेशन अच्छी है प्रॉफिट तगड़ा होगा
मॅक- जय तुम ऐसा नही कर सकते
मेरे करोड़ों अटके पड़े है
जय- ठीक 51% पार्ट्नरशिप
मॅक- तुम पागल हो क्या
जय अपने आदमी से
अगली बार ये रेस्पेक्ट शो ना करे तो इसका गला काट देना
मॅक डरते हुए
देखो आपने जितने बोले उतने पैसे दिए है मैने
वो ज़मीन मेरे लिए बहुत इंपॉर्टेंट है
जय- आई डॉन’ट केयर
51% पार्ट्नरशिप अदरवाइज़ नतिंग
अब तुम जा सकते हो
मॅक- क्या ज़ुबान की कोई वॅल्यू नही है
जय- ना बिल्कुल नही है
जहा ज़्यादा प्रॉफिट वही ज़ुबान चली जाती है
अब आउट
और जय अपनी ऊँची और कंफर्टबल चेयर पर फैल कर बैठ गया
माथुर( जय का खास आदमी)
ये इतनी आसानी से नही भूलेगा
जय- भूलना भी नही चाहिए
मैं यहाँ पर चॅरिटी करने नही आया हू
अगर ये भूल जाए तो याद दिलाओ इसे
माथुर- ऐसे तो कोई हमारे पास किसी काम के लिए आएगा ही नही
जय- तो हम चले जाएँगे
किसी भी बिल्डर को पकड़ के ले आओ
आराम से पैसे निकलेगा
अभी मैने स्टार्ट किया है
अभी तो खून की नदिया बहनी बाकी है
माथुर- आगे क्या करना है
जय- ज़्यादा कुछ नही बस मुझे और पवर चाहिए
मेरा नाम लंडन के छोटे से लेकर बड़े बुड्ढे तक हर किसी को पता होना चाहिए
उसके लिए चाहे तुझे कुछ भी करना पड़े आई डॉन’ट केयर
मुझे बस मेरा नाम चाहिए
जितना खून चाहिए बहा दो पर लंडन पर अब मेरा राज होना चाहिए
अब मैं चला मेरी चिड़िया के पास
और जय वहाँ से रूचि के घर आजाता है
जय को इतना लेट देख कर
रूचि- क्या बात है जनाब बड़ी जल्दी याद आ गई मेरी
जय- याद तो नही आई पर क्या करे ये(नीचे के तरफ इशारा करके) मानता ही नही
रूचि- हा तो शहर मे कमी है क्या और ना तुम्हारे पास पैसो की तो जाओ और कर लो इसे ठंडा
जय- उनमे वो मज़ा कहा जो तुझमे है मेरी जान
तू चीज़ लाजवाब तेरा कोई जवाब नहीं
रूचि- उल्टी सीधी चीज़ बोलते रहो
आज घूमने जाना था ना
जय- तो मैने कब मना किया चलो
रूचि- पर जाएँगे कहा
जय- वो तुम सोचोमैं काफ़ी मेहनत करके आया हू
रूचि- बीच पर चले
जय- हा सेक्स ऑन दा बीच
नाइस आइडिया
रूचि- उसके अलावा भी बहुत कुछ होता है करने को
जय- तो रो क्यू रही है
ओरल भी कर लेंगे
रूचि- जयययययययययययययययययययी
जय- अच्छा ठीक है
चलो तो अब
वैसे कोन्से बीच
रूचि- ******
जय- ओह्ह्ह नाइस चाय्स
वहाँ तो भीड़ भी नही रहती
खुले मे सारे आम करेंगे
रूचि बस मुस्कुरा देती है
वैसे मेरे हिसाब से ये अभी जो चल रहा है वो प्यार नही है बिल्कुल भी नही है
फिर क्या है
मतलब अट्रॅक्षन हो सकता है पर सोचने वाली बात ये है की जिस टाइप का बंदा है जय उससे कोई भी सरीफ़ लड़की रीलेशन नही बनाएगी और ऐसा हो नही सकता की अभी तक रूचि को जय के बारे मे कुछ पता ना चला हो
तो अब सवाल ये है की क्यू
आख़िर क्या वजह है
चलो ये आप लोग बता दो क्या पता सही पकड़ लो
जय- तो चले क्या
या यही रात करनी है
रूचि- तुम प्यार से बोल लिया करो कभी
हम भी थोड़ा खुश हो लें
जय- वो तो आदत नही है
रूचि- पता है मुझे किस चीज़ की आदत है तुम्हे
चलो अब
रास्ते मे
रूचि- जय तुम इंडिया मे कहा रहते हो
जय- क्यू मेरे घर रिश्ता लेके जाना है क्या
रूचि- तुम सीधे सीधे जवाब भी दे सकते हो
जय- मैं इंडिया मे नही रहता
रूचि- फॅमिली तो रहती होगी कही
जय- उससे तुम्हे क्या
मैं यही हू ना
रूचि- गुस्सा क्यू कर रहे हो
मैं तो ऐसे ही पूछ रही थी
नही बताना तो मत बताओ
जय- मैं तो ऐसे ही पूछ रही थी
(रूचि की आक्टिंग करते हुए)
ये एमोशनल ड्रामा कही और चलाना
मेरे सामने नही चलेंगे
रूचि- अच्छा तो ये तो बता सकते हो की तुम करते क्या हो
जय- कुछ भी नही
मैं तो स्टूडेंट हू
रूचि- नही बतानी तो मत बताओ
झूठ क्यू बोलते हो
जय- हा नही बताना
रूचि- हमारे बीच मे क्या है
जय- ह्म तुम्हे क्या लगता है
रूचि- प्यार
जय- तो प्यार ही होगा
रूचि- मुझे तुम्हारे मूह से सुनना है
जय- अच्छा एक बात बताओ
एक लड़का था बचपन से मेरे साथ रहता था
हम साथ मे खाते साथ मे सारे काम करते
मैं उसे अपना भाई समझता था
पर उसने मुझे धोका दे दिया
तुम्हे पता है मैने क्या किया उसके साथ
रूचि- ना मे गर्दन हिला दी
जय- लकी गेस
रूचि- जाने दिया
जय- नही
मैने उसके आँखें,ज़ुबान,किड्नी लिवर सब निकाल कर उसके हाथ पैर काट दिए
पर उसे मरने नही दिया
उसके बाद उसके पूरे शरीर को आसिड से नहलाया पर फिर भी उसे मरने नही दिया
कैसे मरने देता भाई जैसा जो था मेरे लिए वो
उसके बाद मैने उसका इलाज़ कराया उसे बिल्कुल ठीक कराया और फिर से उसके साथ वोही सब किया
मैने इतने बार किया की वो अंत मे हॉस्पिटल मे ही मर गया
डॉक्टर्स की ग़लती या उसके शरीर ने उसका साथ छोड़ दिया मुझे पता नही
पर मेरे लिए तो डॉक्टर की ही ग़लती थी
उनका काम था उससे जिंदा रखना
अब मैं कैसे याद रखू की किसने मुझे धोका दिया और कैसे लोगो को दिखाऊँ की उसके साथ क्या होता है
इसलिए मैने उन सारे डॉक्टर्स को गरम तेल मे फ्राइ कर दिया
जब उनका मास पूरा पक गया तब अपने पालतू कुत्तों को खिला दिया
सही किया ना मैने
रूचि की तो ये सब सुन कर गान्ड ही फट गई
उसके गले से आवाज़ निकलनी बंद हो गई
शरीर पूरा पसीने से भीग गया
इतनी ठंड की बावजूद वो पसीने से भीग गई थी
जय- क्या हुआ तुम्हे
तुम क्यू इतना डर गई
पता है मैने तुम्हे क्यू बताया तुम्हे
हा पता है
ये बताने के लिए की मेरे साथ धोका देने वाले का मैं क्या हाल करता हू
फिर चाहे वो कोई भी हो
मैं किसी को नही बख्सता
बाकी तो तुम समझदार हो
मुझे नही पता मुझे तुमसे प्यार है या नही है
मुझे ये नही हमारे बीच मे क्या है
पर मुझे उससे कोई फ़र्क नही पड़ता
पर अगर तुम्हे जाना है तो अभी चले जा नही तो तुम सोच भी नही सकती मैं क्या करूँगा
जय रूचि का चेहरा देख कर थोड़ा मुस्कुराते हुए
अरे यार मैं तो मज़ाक कर रहा था
देख अपना चेहरा
और ज़ोर ज़ोर से हँसने लगता है
रूचि को अभी ऐसा लग रहा था जैसे वो किसी साइको के साथ बैठी हो
पर किसी तरह जय ने उसे नॉर्मल कर दिया
जय- लो आगया हमारा आज का सेक्स पॉइंट
रूचि- तुम नही मनोगे??
जय- मैं तो माना हुआ हू
तुम भी तो मानी हुए हो
अच्छा छोड़ो चलो यार
और वो अंदर घुस जाते है
रूचि- यहाँ तो कोई भी नही है
आज क्लोज़ है क्या ये
जय- आज यहाँ कोई नही आएगा
रूचि- मतलब
जय- आज ये लोगो के लिए ऑफ है
रूचि- बीच कैसे ऑफ हो सकता है
जय- कुछ भी हो सकता है
रूचि- तो अब क्या करेंगे
जय- बेब हमारे लिए थोड़ी है
आज यहाँ बस तुम और मैं
और हा एक और चीज़ भी हो तो है
रूचि- क्या
जय- हवस
और जय रूचि को उठा कर पानी मे फेक देता है
रूचि चिल्लाते हुए
क्या है यार
कपड़े तो चेंज करने देते
चाप्प्प्प्प्प्प
और जय भी कूद गया और कूदते हुए रूचि को अपनी बाहों मे भर लिया
ये ना जब तुम नखरे करती हो ना तो मैं वाइल्ड होने लगता हू
रूचि की गान्ड मे अपना लंड फील करते हुए
और फिर पता है मैं क्या करता हू
हल्के हाथो से रूचि के चुचों को दबाते हुए उसके गर्दन के पास अपना नाक घिसने लगा
ह्म्म्म्म पता है क्या
फिर मैं तुम्हारे ये मोटे मोटे चुचों को पूरा खा जाने का मन करता है
अपने लंड पर तुम्हारा मूह को फील करने का मन करता है
और ये गान्ड हाए तुम्हारी गान्ड
इस पर इतने थप्पड़ मारने का मन करता है की ये बंदर जैसी लाल हो जाए और फिर अपना लंड घुसा कर इतनी बुरी तरह चोदने का मन करता है की तुम ज़ोर ज़ोर से चिल्लाओ और कसम से मैं नही रुकु
क्या तुम्हारा मन भी ऐसा ही करने का करता है
अहह अहह जय थोड़ा ज़ोर से रूचि के चुचियो को मसलते हुए पूछता है
जय- नही करता क्या तुम्हारा मन
क्या तुम मुझसे मरवाओ गी अपनी ये मोटी गान्ड अहह
बोलो ना जान
रूचि जो जय के ऐसी बातो से पहले ही पानी छोड़ रही थी
रूचि- ह्म प्लीज़ ऐसे मत बोलो मुझसे कंट्रोल नही हो रहा
जय- तो मत करो ना कंट्रोल
आजा और समा जा मुझमे
जय रूचि की गर्दन काटते हुए बोलता है