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जय- आई डॉन’ट अंडरस्टॅंड व्हाई यू आर सो मच वरीड अवाउट आ गुलाम
निशा-आई हेट यू आंडआई हेट यू मोर व्हेन यू सेड युवरसेल्फ आ गुलाम
जय- आई सेड बिकॉज़ आई ऐम
निशा- नो यू आर नोट
जय- यू नो व्हाट मैने एक्सपेक्ट किया था की तुम शरारती, हँसमुख होगी पर तुम तो सीरीयस निकली इस घर मे दो सीरीयस ही काफ़ी है और की ज़रूरत नही है
निशा- आपने कैसे एक्सपेक्ट किया और आप कैसे जानते थे मेरे बारे मे
जय- ओके लेट'स मेक आ डील
अस्क मी एनितिंग अवाउट यू
आई मीन एनितिंग
अगर मैने सच बताया तो तुम अभी मेरे रूम से चली जाओगी और वापस कभी रात मे नही आओगे और अगर सच नही बता पाया तो आई विल टेल यू एवेरितिंग
निशा- पागल समझा है क्या
बट लेट मी रिफ्रेज़ इट
अगर सच बताया तो अभी के लिए चली जाउन्गी पर बाद के लिए प्रॉमिस नही कर सकती
और अगर झूठ बताया तो यू हॅव टू गिव मी आ किस
मुस्कुराते हुए बोली
जय ने सोचा आज के लिए तो मुसीबत टलेगी
जय- ओके बट ओन्ली वन क्वेस्चन
निशा- पर मैं कुछ भी पूछ सकती हू
जय- ओन्ली अवाउट यू
कुछ भी
निशा- ओके
आज वो बहुत ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो गई थी
मन में दोस्तो के बारे मे पता हो सकता है, स्कूल के बारे मे भी, बाय्फ्रेंड था नही, कहाँ रहती थी और किसके साथ ये भी पता हो सकता है
क्या पुच्छू क्या पुच्छू
अरे हा मार्क्स
मार्क्स वो भी सब्जेक्ट वाइज़ मुझे खुद मेरे मार्क्स याद नही रहते इसको कैसे याद होंगे
पर अगर हुए तो
क्या पता डॅड के पास मार्क्स शीट जाती हो
फिर उसने सोचा चलो ब्लफ करते है
निशा- आ कामन थिंग अवाउट माइ पेट आंड माइ बाय्फ्रेंड
जय स्माइल करते हुए उठा और गेट खोल दिया
निशा को जाने के लिए इशारा करने लगा
निशा जय के चेहरे को देख कर ही समझ गई की आन्सर पता है वो खुद को ही गालियाँ देने लगी
निशा धीमे धीमे चल कर गेट तक बाहर निकल कर
निशा- पहले आन्सर तो दो
जय- यू नेवेर हॅड आ बाय्फ्रेंड नॉर आ पेट
और गेट बंद कर देता है
निशा बेचारी का सारा एग्ज़ाइट्मेंट ही ख़तम हो जाता है
सॅड फेस बना कर अपने रूम मे चली जाती है और सोचने लगती है कल के लिए क्वेस्चन
और सोचते सोचते सो जाती है
………………………………………
सुबह ब्रेकफास्ट पर
प्रिया- डॅड मैने कुछ लिस्ट बनाई है उन लोगो पर मुझे शक है
ठाकुर- अच्छा काम किया बेटा
तुम जय को लेके चले जाना और हा याद रखना उसे सिर्फ़ ज़रूरत की चीज़ें बताना
प्रिया- समझ गई डॅड
पर उन लोगो का क्या करना है
ठाकुर- अब तुम संभाल रही हो तो तुम जानो क्या करना है
प्रिया- आज मीटिंग करती हू सबके साथ फिर देखते है क्या करना है
ठाकुर- जैसी तुम्हारी मर्ज़ी
फिर सब शांति से ब्रेकफास्ट करते है और अपने अपने काम के लिए निकल जाते है
प्रिया जय को लेकर फॅक्टरी आजाती है और जय को बोल कर जो लिस्ट उसने तैयार करी थी उन सबको मीटिंग हॉल मे बुला लेती है पर जय को बाहर ही रहने देती है
उसे डर था की कही जय को पता चल गया तो वहाँ क्या हो सकता है
अंदर क्या बाते हुई ना जय को पता है और ना मुझे वो शायद रूम मे ही रह गये करीब एक दो घंटे बाद प्रिया बाहर निकली और उसके पीछे पीछे सब लोग जिनके चेहरे पर डर सॉफ झलक रहा था
बाहर आते ही
प्रिया- लो यहाँ का तो काम होगया अब हमारे पास बहुत टाइम है घूमने के लिए
चलो कही चलते है
जय- घर चले
प्रिया- घर तो हर रोज जाते है
चलो कही घूमने चलते है
क्या अपनी बेहन को घुमाओगे नही(बेहद प्यार से बोलती है)
और जय मना नही कर पाता
और वो लोग फॅक्टरी से निकल कर ऐसे ही सड़कों पर घड़ी घुमाने लगते है क्यूकी जय को पता नही था की जाना कहाँ है और प्रिया शहर मे न्यू थी
जय तो घूमने के लिए कही भी शांत जगह पर बात कर दारू पी लेता था इस ज़्यादा उसने ना कभी सोचा और ना कभी किया
प्रिया- कब से यही कार घुमा रहे हो
कही चलना नही है क्या
जय- आप बताओगे तभी तो चलूँगा
प्रिया- मैं तो न्यू हू यहाँ तुम्हे पता होना चाहिए जगह के बारे मे कही भी चल लो बस ज़्यादा भीड़ नही होनी चाहिए जहा शांति से कुछ देर बात सके या फिर एक काम करो वो उस दिन वाली जगह पर ही चल लो वो ठीक रहेगा बहुत शांति रहती है वो तो उस दिन उन लफंगो ने मज़ा खराब कर दिया नही तो खूब एंजाय कर रहे थे
जय भी बिना कुछ कहे उस साइड मे कार घुमा देता है और हल्की फुल्की बाते करते करते वो जगह पर पहुच गये
प्रिया- तुम्हे ये जगह बहुत पसंद है ना
जय-ह्म
प्रिया- शायद कुछ पुरानी यादें जुड़ी हुई है
जय- काइंड ऑफ
प्रिया- अच्छा उस दिन तुम किसी लड़की के बारे मे बता रहे थे फिर अचानक भड़क गये
कौन है वो बताना चाहोगे
जय- मैं भी कभी एक आम इंसान हुआ करता था
हँसता था,खुश रहता था खूब मस्ती भी करता था अकेला था पर खुश था पर फिर एक दिन जिंदगी मे वो पता नही क्यू आई पर साथ मे मेरा सब कुछ लेके चली गई
मैने कभी किसी को नही बताया की यहाँ आकर मैने जो भी किया क्यू किया पर असलियत ये थी की मैं गुस्से मे था मैं टूटा हुआ था और मुझे सब अपने दुश्मन नज़र आने लगे थे
मुझे प्यार करने वाला कोई नही और ना कोई समझने वाला था मैं बस एक टूटा हुआ इंसान था जिसने अपनी इंसानीयत खो दी थी और उसे पता भी नही चला की कब वो एक शांत हँसमुख लड़के से हैवान बन गया
मैं उसे ब्लेम नही करता इसमे उसकी कोई ग़लती नही थी ग़लती मेरी ही थी की मुझे उससे प्यार होगया था और उसके लिए आई ऐम जस्ट आन अनदर पर्सन इन हर लाइफ
मै हमेशा यही सोचता था की जो मैने किया वो सबकी वजह वो थी पर ये सच नही था
सच ये था की जो मैं आज हू दट'स हू आई ऐम आंड दट'स हू आईऑल्वेज़ वाज़
मुझे बस एक मोके की तलाश थी और उसने बस मुझे वो मौका दे दिया और फिर मैने कभी पीछे मूड के नही देखा
आई डॉन’ट नो व्हाई आई ऐम टेल्लिंग यू ऑल दिस मे बी यू आर दा ओन्ली वन हू कॅन अंडरस्टॅंड ओर यू आर दा ओन्ली वन हू ऑल्वेज़ अंडरस्टॅंड..
निशा-आई हेट यू आंडआई हेट यू मोर व्हेन यू सेड युवरसेल्फ आ गुलाम
जय- आई सेड बिकॉज़ आई ऐम
निशा- नो यू आर नोट
जय- यू नो व्हाट मैने एक्सपेक्ट किया था की तुम शरारती, हँसमुख होगी पर तुम तो सीरीयस निकली इस घर मे दो सीरीयस ही काफ़ी है और की ज़रूरत नही है
निशा- आपने कैसे एक्सपेक्ट किया और आप कैसे जानते थे मेरे बारे मे
जय- ओके लेट'स मेक आ डील
अस्क मी एनितिंग अवाउट यू
आई मीन एनितिंग
अगर मैने सच बताया तो तुम अभी मेरे रूम से चली जाओगी और वापस कभी रात मे नही आओगे और अगर सच नही बता पाया तो आई विल टेल यू एवेरितिंग
निशा- पागल समझा है क्या
बट लेट मी रिफ्रेज़ इट
अगर सच बताया तो अभी के लिए चली जाउन्गी पर बाद के लिए प्रॉमिस नही कर सकती
और अगर झूठ बताया तो यू हॅव टू गिव मी आ किस
मुस्कुराते हुए बोली
जय ने सोचा आज के लिए तो मुसीबत टलेगी
जय- ओके बट ओन्ली वन क्वेस्चन
निशा- पर मैं कुछ भी पूछ सकती हू
जय- ओन्ली अवाउट यू
कुछ भी
निशा- ओके
आज वो बहुत ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो गई थी
मन में दोस्तो के बारे मे पता हो सकता है, स्कूल के बारे मे भी, बाय्फ्रेंड था नही, कहाँ रहती थी और किसके साथ ये भी पता हो सकता है
क्या पुच्छू क्या पुच्छू
अरे हा मार्क्स
मार्क्स वो भी सब्जेक्ट वाइज़ मुझे खुद मेरे मार्क्स याद नही रहते इसको कैसे याद होंगे
पर अगर हुए तो
क्या पता डॅड के पास मार्क्स शीट जाती हो
फिर उसने सोचा चलो ब्लफ करते है
निशा- आ कामन थिंग अवाउट माइ पेट आंड माइ बाय्फ्रेंड
जय स्माइल करते हुए उठा और गेट खोल दिया
निशा को जाने के लिए इशारा करने लगा
निशा जय के चेहरे को देख कर ही समझ गई की आन्सर पता है वो खुद को ही गालियाँ देने लगी
निशा धीमे धीमे चल कर गेट तक बाहर निकल कर
निशा- पहले आन्सर तो दो
जय- यू नेवेर हॅड आ बाय्फ्रेंड नॉर आ पेट
और गेट बंद कर देता है
निशा बेचारी का सारा एग्ज़ाइट्मेंट ही ख़तम हो जाता है
सॅड फेस बना कर अपने रूम मे चली जाती है और सोचने लगती है कल के लिए क्वेस्चन
और सोचते सोचते सो जाती है
………………………………………
सुबह ब्रेकफास्ट पर
प्रिया- डॅड मैने कुछ लिस्ट बनाई है उन लोगो पर मुझे शक है
ठाकुर- अच्छा काम किया बेटा
तुम जय को लेके चले जाना और हा याद रखना उसे सिर्फ़ ज़रूरत की चीज़ें बताना
प्रिया- समझ गई डॅड
पर उन लोगो का क्या करना है
ठाकुर- अब तुम संभाल रही हो तो तुम जानो क्या करना है
प्रिया- आज मीटिंग करती हू सबके साथ फिर देखते है क्या करना है
ठाकुर- जैसी तुम्हारी मर्ज़ी
फिर सब शांति से ब्रेकफास्ट करते है और अपने अपने काम के लिए निकल जाते है
प्रिया जय को लेकर फॅक्टरी आजाती है और जय को बोल कर जो लिस्ट उसने तैयार करी थी उन सबको मीटिंग हॉल मे बुला लेती है पर जय को बाहर ही रहने देती है
उसे डर था की कही जय को पता चल गया तो वहाँ क्या हो सकता है
अंदर क्या बाते हुई ना जय को पता है और ना मुझे वो शायद रूम मे ही रह गये करीब एक दो घंटे बाद प्रिया बाहर निकली और उसके पीछे पीछे सब लोग जिनके चेहरे पर डर सॉफ झलक रहा था
बाहर आते ही
प्रिया- लो यहाँ का तो काम होगया अब हमारे पास बहुत टाइम है घूमने के लिए
चलो कही चलते है
जय- घर चले
प्रिया- घर तो हर रोज जाते है
चलो कही घूमने चलते है
क्या अपनी बेहन को घुमाओगे नही(बेहद प्यार से बोलती है)
और जय मना नही कर पाता
और वो लोग फॅक्टरी से निकल कर ऐसे ही सड़कों पर घड़ी घुमाने लगते है क्यूकी जय को पता नही था की जाना कहाँ है और प्रिया शहर मे न्यू थी
जय तो घूमने के लिए कही भी शांत जगह पर बात कर दारू पी लेता था इस ज़्यादा उसने ना कभी सोचा और ना कभी किया
प्रिया- कब से यही कार घुमा रहे हो
कही चलना नही है क्या
जय- आप बताओगे तभी तो चलूँगा
प्रिया- मैं तो न्यू हू यहाँ तुम्हे पता होना चाहिए जगह के बारे मे कही भी चल लो बस ज़्यादा भीड़ नही होनी चाहिए जहा शांति से कुछ देर बात सके या फिर एक काम करो वो उस दिन वाली जगह पर ही चल लो वो ठीक रहेगा बहुत शांति रहती है वो तो उस दिन उन लफंगो ने मज़ा खराब कर दिया नही तो खूब एंजाय कर रहे थे
जय भी बिना कुछ कहे उस साइड मे कार घुमा देता है और हल्की फुल्की बाते करते करते वो जगह पर पहुच गये
प्रिया- तुम्हे ये जगह बहुत पसंद है ना
जय-ह्म
प्रिया- शायद कुछ पुरानी यादें जुड़ी हुई है
जय- काइंड ऑफ
प्रिया- अच्छा उस दिन तुम किसी लड़की के बारे मे बता रहे थे फिर अचानक भड़क गये
कौन है वो बताना चाहोगे
जय- मैं भी कभी एक आम इंसान हुआ करता था
हँसता था,खुश रहता था खूब मस्ती भी करता था अकेला था पर खुश था पर फिर एक दिन जिंदगी मे वो पता नही क्यू आई पर साथ मे मेरा सब कुछ लेके चली गई
मैने कभी किसी को नही बताया की यहाँ आकर मैने जो भी किया क्यू किया पर असलियत ये थी की मैं गुस्से मे था मैं टूटा हुआ था और मुझे सब अपने दुश्मन नज़र आने लगे थे
मुझे प्यार करने वाला कोई नही और ना कोई समझने वाला था मैं बस एक टूटा हुआ इंसान था जिसने अपनी इंसानीयत खो दी थी और उसे पता भी नही चला की कब वो एक शांत हँसमुख लड़के से हैवान बन गया
मैं उसे ब्लेम नही करता इसमे उसकी कोई ग़लती नही थी ग़लती मेरी ही थी की मुझे उससे प्यार होगया था और उसके लिए आई ऐम जस्ट आन अनदर पर्सन इन हर लाइफ
मै हमेशा यही सोचता था की जो मैने किया वो सबकी वजह वो थी पर ये सच नही था
सच ये था की जो मैं आज हू दट'स हू आई ऐम आंड दट'स हू आईऑल्वेज़ वाज़
मुझे बस एक मोके की तलाश थी और उसने बस मुझे वो मौका दे दिया और फिर मैने कभी पीछे मूड के नही देखा
आई डॉन’ट नो व्हाई आई ऐम टेल्लिंग यू ऑल दिस मे बी यू आर दा ओन्ली वन हू कॅन अंडरस्टॅंड ओर यू आर दा ओन्ली वन हू ऑल्वेज़ अंडरस्टॅंड..