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चाचा बड़े जालिम हो तुम compleet



"चाचा ...कितनी बार कहु अपने बेडरूम की बाते? ऐसा कुछ नही होता था, पल्लू सरकने पे तो सब कुछ ख़तम होता था. मेरे जिस्म को मसल्ते-मसल्ते ही रहमान का दम निकल जाता है. इतने तजुर्बेदार होके पे भी आप यह बचकाना सवाल करते हो. और चाचा आधी नंगी मैं नही खड़ी थी आपने किया है मुझे आधी नंगी.इससे मेरी वासना कैसे भड़केगी?"

"रज़िया बेटी तेरा पति बचकानी हरकत करता है इसलिए तुझे बच्चा नही होता समझी? साला तेरी चूत मे लंड घुसाने के पहले ही झाड़ जाता है तो खाक तेरी कोख मे बच्चा होगा? यह बता क्या मेरे हाथ से मेरे सामने आधी नंगी हुई तो गरम नही हुई? क्या अब भी तेरी चूत ठंडी और निपल कड़क नही हुए?" रज़िया का जिस्म मसल्ते हरी डाइरेक्ट्ली लंड ,चूत और चुदाई की बात करता है."

"शियी, चाचा, कैसे बाते करते हो? चूत!!??? लंड !!!??? चुदाई!!!??? अपनी बेटी की उमर की लड़की के सामने यह बात कैसे करते हो चाचा?" रज़िया एकदम मासूम बनती है. हाला कि उसे यह शब्द पहले से पता है पर नाटक करना उसकी फ़ितरत थी.

हरी रज़िया को अब खड़ी करके उसकी नाइटी पूरी उतारता है. नंगी रज़िया का जिस्म देखते हरी बोला, "हां बेटी, मर्द का लंड औरत की चूत मे घुसाके औरत को चोद्ता है, अच्छे से चोदने के बाद चूत मे पानी निकालता है जो औरत की कोख मे जाके उसे मा बनाता है, पर तुझे कैसे पता होगा? बहानचोड़ तेरा पति तो नमार्द है, मैं दिखाता हूँ तुझे मर्द क्या होता है, लंड किस कहते है और चुदाई कैसे करते है लंड से."

हरी ज़रा सख्ती से मम्मे मसलके निपल चूसने लगता है जिससे रज़िया दर्द से चीखते बोली, "ऊहह.. तो ऐसे बच्चा होता है? तो फिर कैसे होगा मेरे बच्चा ? वो तो घुसाने के पहले ही पानी उगलता है मेरे जिस्म पे ही. आहह चाचा धीरे दबाओ ना, इन दोनो को क्या ज़ोर से दबाने से क्या फ़र्क पड़ेगा?"

हरी और ज़ोर्से निपल मसल्ते उनको हल्के बाइट करते बोला, " आरे बेटी, अब यह हरी चाचा तुझे बच्चा देगा समझी? तेरी यह चूत को चोद्के उसमे इतना पानी भर दूँगा कि तू ज़रूर मा बनेगी. तेरा पति जो बच्चा तुझे नही दे सका वो यह हरी चाचा देगा. रज़िया ऐसे ज़ोर्से मम्मे दबाने और इन निपल को चबाने पे दर्द होता है? मज़ा नही आ रहा तुझे?

"हां चाचा दर्द होता है. तुम धीरे करते हो ना तब मज़ा आता है. होले - हौले मसलके चूसो ना इनको चाचा."

क्रमशः.......

......
 
Raj-Sharma-stories

चाचा बड़े जालिम हो तुम--4

गतान्क से आगे......

हरी बिना रुके मम्मो से खेलते बोला, "इतना साल पति के साथ धीरे से किया अब असली मर्द के हाथ से दर्द क्यो होता है जान ले. माज़ा आएगा, बेटी चल तेरे बेडरूम मे, आज तुझसे मेरा बिस्तर गर्म करवा के तुझे चोद्के इलाज करूँगा."

रज़िया खुद दोनो बाँहे हरी के गले मे डालते बोली, "चाचू, अब यहा करे या बिस्तर मे बेडरूम मे उससे क्या फ़र्क पड़ेगा? जो भी करना हो करो लेकिन मेरी अंदर की प्यास बुझा दो. हां पर हौले - हौले मसलके करो चाचा, मेरा जिस्म . . हाई, धीरे - धीरे सब . करके .. पहली बार का है ना इसलिए कहती हूँ प्यार से करना जो करना है."

. हरी ने रज़िया का एक हाथ लूँगी के उप्पर से अपने लंड पे रखते उसके मम्मे और ज़ोर्से मसल्ते रज़िया को दर्द देते बोला, " आरे बेटी, धीरे - धीरे तेरे पति जैसे नमार्द करते है, हम जैसे गरम मर्द नही. तुझे बच्चा चाहिए ना तो जैसा मैं चाहू वैसा करूँगा, तेरे इस मुसलमानी जिस्म का भोसड़ा बना दूँगा, तुझे एक इज़्ज़तदार बीवी से एक रंडी औरत बनाके रखूँगा. अब तू मेरी लूँगी खोल औरमेरा लॉडा देख उसे सहला, उसकी पूजा कर और मुझसे मिन्नत कर तुझे चोद्के मा बनाने की."

एक पराए मर्द के हाथ नंगी होके उससे जिस्म मसलवाने और उसका लंड सहलाने मे रज़िया को ज़रा भी शर्म नही आई बल्कि अब दोनो हाथ से लंड सहलाते हरी के हाथ अपने मम्मो पे दबाते वो बोली, "अच्छा चाचा जैसे आपका जी चाहे वैसे मस्लो, लेकिन ध्यान रखना मेरा पहली बार का है एक पराए मर्द के साथ यह सब करना इसलिए मुझे ज़्यादा दर्द मत देना. और क्या बोला अपने? मिन्नत करू आपसे? पूजा करू इसकी? वो क्यों चाचा? आपका तो औज़ार है कि लंबा पाइप? देखो कितना बड़ा और मोटा हो गया है. अब इसकी मैं मिन्नत करूँगी तो अल्लाह जाने क्या हॅश्र होगा मेरा. मेरे मिया का औज़ार तो घुसाने से पहले ही झाड़ जाता है और आपका औज़ार घुसा तो बाहर ही नही निकलेगा. चाचा यह भोसड़ा क्या होता है? रंडी क्या होती है? रंडी तो बुरा शब्द है ना?"

रज़िया के जवाब से खुश होके हरी बोला, "आरे बेटी, पहली बार तू इतना मस्त लंड लेने वाली है पता है पर उसके लिए मिन्नत इसलिए माँगने को बोल रहा हूँ ताकि तुझे अहसास हो कि तुझे चोद्के मेहरबानी करनेवाला हूँ. जितनी तू मिन्नत करेगी उतने ज़्यादा जोश मे तुझे चोदुन्गा समझी बेटी? और भोसड़ा मतलब आज तुझे मेरे इस लंड से चोदने के बाद जब कभी तेरा मिया तेरी चूत मे लंड डालेगा, तुझे लगेगा जैसे किसी बच्चे की उंगली घुसी है तेरी चूत मे, तेरी चूत और गांद चोद्के इतनी चौड़ी कर डालूँगा कि तुझे सिर्फ़ मेरे लंड जैसे बड़े लंड से ही चुदवाने मज़ा आएगा. रंडी खराब शब्द है तो ज़रूर पर क्या एक पराए मर्द से चुदवाके तू रंडी बाजी नही कर रही? इसलिए तुझे अब मैने रंडी बुलाया."

हाथ नीचे करके हरी की लूँगी उप्पर उठाते रज़िया बोली, "चाचा यह बात सही है कि आप अपने इस औज़ार को मेरे नीचेवाले छेद मे डालके अपना कीमती रस अंदर डालके मुझे मा बनाओगे यह मुझ पर मेहेरबानी होगी. पर सच बोलो आपको मेरा जिस्म बहुत पसंद है ना? सच्ची बोलो. चाचा मैं भी सच कहती हूँ कि आप मेरे छेद मे रस डाल रहे हो इसके लिए मैं आपके औज़ार को चुस्के और बड़ा बनाउंगी." रज़िया अब नंगे लंड को पकड़के सर्प्राइज़्ड होके उसे मसल्ते बोली, "हाई अल्लाह, कितना लंबा और मोटा है आपका औज़ार. बाप रे बाप, इतनी मोटी तो मेरे पति की कलाई भी नही. अब समझी की आपने क्यों बोला कि मस्ती करने के बाद मेरा भोसड़ा बन जाएगा. चाचा मस्ती करने के बाद अगला पिछला छेद चौड़ा होता है और उसे भोसड़ा कहते है यह तो मुझे आज ही मालूम हुआ है ."

 


रज़िया की आदाओ और बातो से खुश होके हरी ने उसका सीना चूमते कहा, "हां री मेरी रंडी बेटी, तू तो मेनका है. साली तुझे देख के बड़े - बड़े साधु और मौलवी भी तुझे चोदना चाहँगे. इतनी करारी जवानी और कसा जिस्म तो आज तक नही देखा. बेटी जब भी मैं किसी औरत को चोद्ता हूँ तो उससे मैं मिन्नत करवाने लगता हूँ. इससे मेरे लॉड को अच्छा लगता है और इसलिए तू भी मुझसे मिन्नत कर, मेरे लॉड की भीक माँग ताकि मैं बेरहमी से तुझे चोद सकु. गांद और चूत चुदाई से बड़े होते है तो उसे भोसड़ा कहते है. अब मेरे साथ है तो आगे - आगे देखती जा तुझे बहुत सारी बाते समझ आएगी, चल मेरी रंडी बेटी, अपने हरी चाचा से भीक माँग लॉड कि."

हरी का मोटा गर्म लंड सहलाते रज़िया उसका सीना चूमते बोली, "चाचा आपके बिना कहे और बोले ही देखिए मैने तो मिन्नते शुरू कर दी है. देखो कैसे तना हुआ है मेरे हाथो मे आपका औज़ार. मैं क्या इसे अपने पेट पे रगडू ताकि मेरी नाभि थोड़ी बड़ी हो जाए और आपको उसके अंदर अपनी जीब डालने मे मज़ा आए. एक बात बोलो चाचा, तुम्हारा लंड सहलाती हूँ तो आप कहते हो मैं मेनका जैसी हूँ तो मैं जब रास्ते पे निकलती थी तब तो कोई मुझे वासना भरी नज़र से नही देखता था या आहे नही भरता था क्यों?"

"सिर्फ़ ऐसा मसल मत मेरा लॉडा रज़िया, मेरी प्यारी रंडी बेटी, मेरा लंड हाथ मे लेके, उसको चुमके मुझे बोल तेरी प्यास बुझाने को मेरे लॉड को चूम, उसकी पूजा कर जिससे खुश होके मैं तुझे चोदने की मेहरबानी करू. पहले तू मेरा लॉडा चूस, . चाट, मेरी . जीब से साफ कर उसके बाद मैं तेरी नाभि और चूत चाटूँगा मेरी रंडी बेटी." रज़िया को नीचे बिठा लंड उसके चहेरे पे घुमाते अब हरी आगे बोला, "बेटी तेरी सास बड़ी खाड़ुस और गुस्सेवाली औरत है और सब लोग उससे डरते है इस लिए तुझे रास्ते पे देखके भी कोई आहे नही भरता. पर मेरे जैसे मर्द तुझे चोदने की तमन्ना रखते है, तुझे नंगी करके बेरहमी से चोदने की बड़ी इच्छा है कई मर्दो को."

हरी चाचा का चहेरे पे घूमता गर्म लंड रज़िया बेशर्मी से पकड़ते 1 - 2 बार उसकी टोपी चूमते मूह मे डालते गन्ने की तरह चूसने लगी. फिर धीरे - धीरे पूरा लंड निगलके उसे निकालके हरी की गोतिया अब चाट के 1 - 1 करके दोनो को बारी - बारी मूह मे लेके बोली , ". मेरी सास खाड़ुस और गुस्से वाली है तो क्या हुआ? मैं तो करीबन अकेली ही बाहर निकलती हूँ. मैने तो तब कभी यह फील नही किया कि कोई मर्द मुझपे मरता है. और आप कह रहे हो तुम्हारे जैसे मर्दो की इच्छा है . जी भरके मस्ती करने की?"

अपनी लूँगी निकाल डालते हरी रज़िया के बालो मे हाथ घूमाते प्यार से चहेरा सहलाते रज़िया के मूह मैं लंड डालके उसका मूह चोद्ते बोला, ". ऐसे ही चूस चाचा का लॉडा मेरी रंडी बेटी. भगवान से दुआ है तेरी जैसी रंडी बेटी मेरे जैसे हर एक चुड़क्कड़ को मिले. अरे तेरी हरामी सास से कौन पंगा ले इसलिए कोई तुझे नही छेड़ता था. तेरी हरामी सास गाली देने मे तो झोपड़पट्टी की औरत को भी शर्माके रख दे. एक बार जब बाजू का केलवाला तुझे देखके कुछ बोला तो इत्तफाक से तेरी सास वही खड़ी थी और तब उसे जो खरी खोटी सुनाई उसको कि बेचारा दूसरे दिन से आया ही नही यहा."

हरी का लॉडा रज़िया के मूह मे पूरा घुसा हुआ था और रज़िया बारी - बारी उसे चुस्के बाहर निकाल के गोतिया और लंड के बेस को चाटने लगी. फिर हरी एके झांट के बालो को भी अपनी जीब से सॉफ करते वो बोली, "मुझे तो ऐसा कुछ सासू जी ने नही बताया था. वैसे वो केलेवाला कौन था और वो क्या बोला था? वैसे क्या आप अभी बोल रहे हो ऐसा बोला था क्या चाचा?"

इतने बोलते रज़िया हरी की गांद की तरफ अपनी जीब का रुख़ करती है. हरी बड़े प्यार से रज़िया के बालो मे हाथ घूमाते एक पैर सोफे पे रखके उसका सिर अपनी गांद तक ले जाते बोला, "अब तेरी सास क्या बताती तुझे? वो केलेवाला बोला था 'हरी भाई रज़िया को मेरा केला देने की बड़ी इच्छा है, साली क्या मस्त माल है, . गांद मे केला डालना चाहिए. साली बहुत गांद मटका कर चलती है, एक दम रंडी जैसी चाल है इसकी.' जब रहीम यह बोल रहा था तेरी सास पीछे खड़ी थी, मैने उससे देखा था इसलिए मैं कुछ नही बोला क्योंकि मैं तेरी सास का गुस्सा जानता था. पर तेरी सास ने सुना और मा बेहन की गालिया देते बहुत डांटा रहीम को. वो बेचारा डर के निकल ही गया वाहा से और फिर कभी ठेला नही लगाया उसने इधर. वैसे मेरी रंडी बेटी रज़िया, तुझे अच्छा लगता है जब मैं तुझे रंडी बोलता हूँ, गालिया देता हूँ? क्या तू मेरी रंडी बनेगी, मेरी रखैल बनेगी, एक हिंदू बाप की रखैल मुसलमान बेटी बनेगी तू?"
 


हरी की गांद हाथो से फैलाते रज़िया ने 1 - 2 बार चाटी. एक पनजेंट स्मेल और टेस्ट का अनुभव हुआ उसे. फिर 1 - 2 बार गंद चाट के वो बोली, "लेकिन चाचा कुछ तो बोलती ना मेरी सास मेरे पहनावे पे? कि रज़िया ऐसा मत पहनो, ऐसा मत करो, पर उन्होने तो मुझे कभी नही टोका. नॉर्मल रहती थी वो तो. और क्या चाचा, हर कोई मर्द ऐसा तो नही सोचता ना जैसा आप और केलेवाला सोचते है. शायद उस. वजह से सास ने मुझे कभी टोका नही किसी बात पे."

अपनी गांद और झांट और गांद को चटवाकर हरी को अच्छा लग रहा था. यह साली रज़िया तो एकदम रंडी निकली. कैसे बिना बोले हरी की गांद चाट रही थी. जब रज़िया ने जीब हरी की गंद के छेद पे दबाई तो हरी उसका सिर गांद पे दबाते बोला, ". और अच्छे से चाट बेटी अपने हिंदू बाप की गांद, मज़ा आ रहा है तेरे चाटने से रंडी बेटी. रज़िया तेरी सास तुझे कभी कोई पहरावे के बारे मे टोकती नही वो इसलिए कि तेरी सास को तेरा सजना धजना अच्छा लगता है. वो मुझसे बोली कि लाखो मे एक बहू है मेरी. कितना अच्छा दिखती है पर ज़रा भी घमंडी नही, ना किसी दूसरे मर्द को देखती है ना कोई दर्द किसी से शेअर् करती है, सबको खुश रखती है मेरी प्यारी बहू. देख अभी तू कैसे तेरे हरी चाचा को खुश कर रही है."

हरी को टर्न करके झुकाते रज़िया उसकी गांद खोलके चाटने लगी. इससे उसके मम्मे हरी की नंगी जाँघो पे रगडे जा रहे थे. ऐसे ही गांद चाटते और मम्मे झांग पे रगड़ते रज़िया बोली, ". आप ठीक कहते है चाचा. इसलिए मेरी सास कभी मुझे टोकती नही क्योकि मैने आजके पहले कभी छिछोरिपन नही किया था जैसे आज आपके साथ कर रही हूँ. चाचा मैं ऐसे चाट्ती हूँ और आप को अच्छा लगता है तो क्या सभी मर्दो को आता है ऐसा मज़ा? मैं अपने पति की भी यही सेवा करती हूँ तो वो इतना उछलता नही जैसे आप कर रहे है. शायद उसका खून आपके इतना गर्म नही होता होगा. पर चाचा, पता नही मुझे बोहुत मज़ा आता है ऐसा करने मे. मेरे जिस्म मे मानो सरसराहट सी होती है, मर्द का लिंग मूह मे लेने और उसका पिछवाड़ा चाटने मे."

रज़िया का एक हाथ अपने लंड पे रखते हरी बोला, "हां बेटी, तेरी जैसे जवानी औरत से गांद चाटवाके सब मर्दो को मज़ा आता है. आजतक जितनी औरतो ने गांद चाती मेरी वो तेरे सामने कुछ नही. तू जी जान से गांद चाट्ती है, पूरे प्यार से चाट रही है, तू मेरी गांद चाट और मैं तेरी गांद मारूँगा. बेटी तूने यह बताया नही कि तुझे तेरा यह हिंदू बाप पसंद है या नही? इस हिंदू बाप की रंडी मुसलमान बेटी बनके रहेगी?"

रज़िया हरी को तुर्न करके सोफे पे बिठाते उसकी गोदी मे अपना मूह डालके उसकी झांट को चाटने लगी. झतो से आती खुशुबू से रज़िया मदहोश होके अपनी टाँगे खोलके हरी को अपनी नंगी चूत का दर्शन करवाते बोली, "हाई रब्बा, इसका मतलब मेरे जैसी कई लड़कियो के साथ..चाचा? और हां चाचा, मुझे आपकी रंडी मुसलमान बेटी बनके रहना पसंद है. आजसे यह रंडी मुसलमान बेटी अपने हिंदू बाप की जो वो चाहे वैसे सेवा करेगी."

रज़िया का मूह झांतो पे दबा कर पैर के अंगूठे से रज़िया की चूत कुरेदते हरी बोला," हां बेटी, तेरी जैसे बहुत लड़कियो को चोदा है मैने , कमसिन और शादी शुदा औरतो को चोदना मेरा शौक है. मेरा लॉडा देखके तेरी जैसे लड़किया कुछ भी करने लगती है मेरे लिए. वैसे तू लंड , झाट और गांद चाटने मे बड़ी माहिर लगती है रज़िया? कितने लॉड चूसने है तूने आज तक?"

पैर फैलाक़े चौड़े करते रज़िया हरी के अंगूठे को चूत मे घुसने के लिए चूत का मूह खोलके लंड को मूह से निकालते उसकी तरफ मूह करते बोली, "आपकी कसम चाचा, आज से पहले सिर्फ़ अपने मिया का ही लंड चूसा और उसकी गांद चाती थी. पर पता नही आज मुझे क्या हो गया है. कुछ पता ही नही चलता कि मैं ऐसा क्यूँ करती हून. शायद इतने तगड़े लंड के सामने होने से मैं बेशर्म हो गये हूँ और रंडी जैसे बर्ताव कर रही हूँ.

क्रमशः.......
 
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चाचा बड़े जालिम हो तुम--5

गतान्क से आगे......

एक पैर से रज़िया की नंगी टाँगे सहलाते दूसरे का अंगूठा चूत पे रगड़ते अंदर दबाते हरी रज़िया के बाल पकड़के अपनी गंद चाटने वाले रज़िया के होंठ और झीब चूमते उसके मम्मे मसल्ते बोला, "आरे बेटी, तू ऐसी रंडी बाजी इसलिए कर रही है क्योकि तू बहुत दिनो से प्यासी थी और ऐसा लंड देखने के बाद तू अपने आप पे कॉंट्रल नही रख सकी समझी? रज़िया मेरा यह लॉडा देखके तो कितनी औरतो ने चुदवाने से इनकार किया पर तू मेरा लंड चुस्के उसे और ही कड़क कर रही है. बहनचोड़ साली आज तुझे खूब चोदुन्गा मदेर्चोद रंडी."

हरी के मूह से गंदी गलिया सुनके भी रज़िया खुश थी. आज उसे ऐसा लंड मिला था जिसके सामने वो खुद रंडी बनने तय्यार थी तो गालिया कौनसी बड़ी बात थी. रज़िया हरी को बाक़ायदा किस करते उसके लंड से खेलते बोली, "ह्म्‍म्म्म इस्श चाचा कुछ हो रहा है आपके मसल्ने और गालिया देने से. चाचा मुझे मारे मम्मे और कड़क लगने लगे है और चूत और ही प्यासी लगती है. चाचा, आपको कैसे पता चला कि मैं प्यासी हून?"

नंगी रज़िया को गोद से उठाके खड़ी करके पूरे जिस्म को सहलाते, गंद मसल्ते, मम्मे चूस्ते, चूत मे उंगली करते हरी बोला, "रज़िया, मेरी रंडी बेटी, मैने तेरी नज़र से समझा क़ि तू प्यासी है, अगर प्यासी नही होती तो वो जिस्म दिखानेवाली नाइटी पेहन्के आती क्या मेरे सामने? मेरी रंडी बेटी, इतनी लड़किया चोदि पर तेरी जैसे लड़की नही देखी, शादी के 6 साल बाद भी इतने सख़्त मम्मे, टाइट गोल गांद, ऐसी चॉक्लेट रंग की चूत और यह कसा हुआ जिस्म. आह मस्त माल है तू, मैं बहुत दिनो से तुझे चोदना चाहता था, पर हिम्मत नही हुई, आज पूरी इच्छा पूरी करूँगा. बेटी यह बता तू क्या सोचती थी मेरे बारे मैं?"

हरी का लंड पकड़के खुद अपनी चूत पे रगड़ते रज़िया बोली, "मैं क्या सोचती आपके बारे मे? आप तो मेरे पिता की उमर के थे, पर आपका तना हुआ लंड देखा तो मैने सोचा पचास साल के बूढ़े या पचास साल के जवान. मानने मे ही नही आता..और अभी जब आपने कहा कई लड़कियो को आपने खुश किया है, यह सुनके तो मैं हैरान ही हो गयी हूँ. पता नही मैं भी खुश होके रात को सोयूँगी कि नही. चाचा यह बात रहने दो कि मैं बेचैन थी इसलिए मैने नाइटी पहनी है. यह तो मैं हर रात पहनती हूँ. और मेरी चूत के कलर का मेरी प्यास से क्या लेना देना चाचा?"

हरी रज़िया को टर्न करके उसकी नंगी गांद पे अपना मोटा गर्म लंड रगड़ते, उसकी नेक पर बाइट करते, चूत मैं उंगली करते बोला, " आरे पिता की उमर का हुआ पर बाप नही हूँ ना? बहनचोड़ साली देख खुद कैसे मेरा लंड अपनी चूत पे रगड़ रही थी हरामी? तेरी मा की चूत मदरचोड़, आख़िर मैं भी एक मर्द हूँ, अब तेरे चूतिया मिया का इस उमर मे लॉडा खड़ा नही होता तो मैं क्या कर सकता हूँ? हम जैसे हिंदुओं ने तेरी जैसी मुसलमान लड़की को देखा नही क़ि लॉडा बोलता है चोदो इसे, अब तू देख आज रात भर तुझे कैसे चोद्ता हूँ, तेरी चूत, मूह और गांद मारके तुझे बहाल करूँगा, तुझे वो खुशी दूँगा जो आज तक नही मिली समझी? आज रात भर तेरी चूत मे मेरा लॉडा होगा और तुझे चोद्ता रहूँगा साली हरामी."

अपना हाथ पीछे करके अपनी गांद पे दस्तक दे रहे लंड को पकड़के, गांद पे रगड़ते अब रज़िया बोली, "इस्शह चाचा बोहुत लंबा और मोटा है आपका लॉडा, लेकिन ग़लत जगह पे ग़लत चीज़ क्यों करते हो? आपके इस लॉड की आज रात की सही जगह पीछे नही आगे का छेद है. वैसे अगर अपने लॉड को पीछे घुसाया तो आगे के छेद की क्या आपकी उंगली लेगी? चाचा सच बोलो ऐसा जिस्म आजतक नही देखा ना? मुझे तो पता नही, लेकिन तुम्हारे लंड की सख्ती देखके कहती हूँ कि मैने आजतक आपके लंड जैसा सख़्त लॉडा देखा नही. लगता है इसको मेरा जिस्म बहुत रास आएगा.ये गुलाबी चुचियो के उपर की नौक और यह काली नही हुई चूत, सही मैं चाचा आपकी सख्ती और सहलाना मुझे बेचैन कर रहा है चाचा. देखो मेरे जिस्म मे कही सख्ती और कही नर्मी आ गयी है."

 


रज़िया को झुकाते उसकी गांद फैलाते लंड गांद पे रखते हरी बोला, "ओह मेरी रंडी बेटी, यह लॉडा भगवान ने तेरी जैसी गर्म रांड के आगे पीछे और मूह मे डालने के लिए ही बनाया है. देख अब तेरी गंद मे लॉडा जाएगा तो चूत को शांत करने के लिए उसमे उंगली करूँगा, क्या तू नही चाहती हरी चाचा का लॅंडा तेरी चूत और गंद को चोद्के तुझे खुशी दे? तेरी जैसी सख़्त औरत सही मे देखी नही, लगता है तेरे मिया ने तेरा ज़्यादा मस्ती से जिस्म नही मसला है और ना ही बेरहमी से चोदा है तुझे इसलिए अभी तेरे मम्मे ढीले नही हुए और चूत अभी काली नही पड़ी. तुझे और बेचैन करके रंडी जैसी अदाए करवाने की लिए ही तो इतना मसला पर बेटी अब तू भी जवानी के मज़े ले मुझसे.”

अपनी गांद के छेद पे हरी का लंड मसलके लेते पूरा मज़ा ले रही थी. उसे पता था कि जो लंड चूत फाड़नेवाला है वो गांद की क्या हालत करेगा? पर फिर भी अपनी गंद लंड पे रगड़ते रज़िया बोली, "चाचा, आज पहली बार मैं इतनी गर्म होके लंड , चूत, गंद और चुदाई जैसे शब्द इस्टामाल कर रही हूँ. मुझे पता है कि यह शब्द मेरे मूह से शोभा नही देते पर आपकी हर्कतो से आज मैं बेशर्म होके सब बोल रही हूँ." हरी इस बीच अपना सिर रज़िया की बगल से आगे करते उसका एक निपल चूसने लगा तो रज़िया बोली, "चाचा, आप जैसे हर हिंदू मर्द को मुसलमान औरत क्यों पसंद आती है? ऐसा क्यों मुझे पता नही चला आज तक. आप लोगो की औरते कितनी खूबसूरत और नाज़ुक होती है. कितनी शर्म और हया संभालते रहती है, कितनी सॉफ सुथरी रहती है.हम लोगो मे भी लड़किया अच्छी होती है पर घर का मर्द हर लड़की को चोद्ता है,आपको पता है हम लोगो मे सगे भाई बेहन को छोड़के कोई भी रिश्ते मे निकाह हो सकता है.हमारी लड़किया पर्दे मे रहती है पर घर के मर्द उन्हे चोद्ते है इसलिए उसका जिस्म ढीला पड़ता है. यह अलग बात है कि रहमान के बाद आज आप पहले मर्द हो जिसके सामने नंगी हुई हूँ मैं. और चाचा, हमारी लड़कियो मैं शर्म नही होती जैसे आप लोगो मे है फिर भी आप लोग हमे चोदने क्यों बेकरार होते है?"

रज़िया का मम्मा चुस्के छोड़ते हरी अब उसकी कमर पकड़ते लंड गांद के छेद पे दबाते बोला, "रज़िया बेटी, तू हरी चाचा की रांड़ बनने जा रही है तो ये शब्द होने हीचाहिए ही तेरे मूह मे. एक हिंदू मर्द के हाथ नंगी होना शोभा देता है पर क्या चूत गंद चुदाई बोलना शोभा नही देता? जो लॉडा, चूत भगवान ने बनाए है उसने ही यह शब्द बनाए है तो गंदे कैसे होंगे? हां पर इन्हे तू सिर्फ़ किसी मर्द के हाथो नंगी होके चुदवाते वक़्त ही इस्तामाल करना. बेटी हमारी लड़किया ऐसी होती है पर वो इतनी शरमाती है कि खड़ा लंड सो जाता है. अब तुझे ही देख, 10-15 दिन मे ही तू आज रंडी जैसा बेशर्मी से मेरे हाथो नंगी होके चुदवाने तय्यार हुई. हमारी लड़किया इतना नाटक करती है कि उनसे जल्दी उनकी मा को पटा के हम चोद सकते है इसलिए मेरे जैसे हिंदू को तेरी जैसी हरामी मुसलमान लड़किया चोदने मेबड़ा मज़ा आता है. "

गांद पे बढ़ते लंड के दबाव से डरते रज़िया कुछ सोचके अपने आप को हरी की गिरफ़्त से छुड़ाते बोली, "चाचा पहले प्लीज़ चूत की आग बुझाओ ना. अभी तो गंद मे कुछ हुआ भी नही. अब जब चूत की आग बुझेगी तो तब फिर गांद की आग भड़क जाएगी. फिर ज़्यादा मज़ा आएगा और फिर मैं आपका लॉडा अंदर खुद ही डलवा दूँगी. पर पहले मेरी छाती और चूत की तो पूरी खातिर होने दो. या चाचा यह कह दो कि आपको मेरी चूत और मम्मो मे मज़ा नही आता?"

रज़िया की रिक्वेस्ट हरी अनसुनी करता है क्योकि उसे रज़िया के मुहसे सुनना है कि रज़िया को हरी से बच्चा चाहिए इसलिए रज़िया हरी के सामने नंगी होके चुदवाने तय्यार हुई. फिर लंड रज़िया की मस्त गांद पे रगड़ते हरी बोला," नही बेटी, हिंदू मर्द मुसलमान औरत की गांद पहले मारके उसे अपनी कुतिया बनाता है जिससे वो हमेशा उसके सामने झुकी रहे. तेरी गांद चोद्ते वक़्त भी देख कैसे तेरे मम्मे और चूत की खातिरदारी करता हूँ. चल तय्यार हो जा गांद मरवाने को."
 


पर रज़िया ने कैसे भी अपने आप को छुड़ाके नीचे बैठके हरी का लंड चूमते हुए कहा, "चाचा प्लीज़, पहले चूत की आग शांत करो मेरी. इतने सालो से आज सही ढंग से चूत की आग भड़की है और सामने इतना तगड़ा लंड है तो पहले चूत चुदवाने की बड़ी तमन्ना है मेरी. चाचा इतने तने हुए लॉडा से मेरी चूत चोद्के उसे पाक होने दो. मुझे पता है इसमे से इतना रस बहेगा कि मेरी ज़िंदगी भर की प्यास बुझेगी. प्लीज़ चाचा आज इस रस से मेरी चूत को भर दो तो मेरे बच्चा होगा और फिर प्रेग्नेंट होने के बाद तो आप जब भी चोदने आओगे तब आप मेरी गांद मे यह मूसल जैसा लॉडा घुसाके मेरी गांद की ही खेती करना."

हरी खुश होके रज़िया के मम्मे मसल्ते 2 उंगलिया चूत मे डालते बोला, "आह साली मदरचोड़ रंडी बेटी, अब आई ना असलियत पे. तेरी मा को चोदु रंडी, तू इसलिए मेरे हाथ नंगी हुई कि तुझे बच्चा चाहिए है ना? साली तेरी मा को कुत्ते चोदे मदरचोड़ मुझे यह पता था पर तेरे मूह से सुनना था इसलिए तुझे इतना हैरान किया.तेरे मिया मे दम नही ना रज़िया तुझे बच्चा देने का, है ना रंडी?साली जब कभी तेरे मिया का लॉडा चूत मे घुसके झड़ता था तब भी तू मा नही बन सकी इसका मतलब यह भी है कि तेरे मिया के रस मे ताक़त नही तुझे मा बनाने की. अब देखमैं तुझे चोदुन्गा तो कैसे 9 महीनो मे मा बनेगी तू. मदरचोड़ साली तुझे मा बनाउन्गा तो मुझे क्या देगी?"

हरी रज़िया को बिस्तर पे सुलाके उसके टाँगो को फैलक़े उसमे बैठता है. नंगी लेटी रज़िया की हाथ मे उसने अपना लंड दिया. बेशर्म रज़िया बड़े प्यार से उस लंड को अपनी चूत पे रखते बोली, "ओह चाचा, कितनी गलिया दे रहे हो? अब सच बोलना पाप है क्या चाचा? वो जाने दो पर चाचा मेरे पास देने लायक जो चीज़ है वो दे रही हूँ आपको, मेरी यह चूत और गंद. और बोलो क्या चाहिए? पहले चूत चोद्के मुझे प्रेग्नेंट बनाओ और जब मैं पेट से रहूंगी तब मेरी गंद का दरवाज़ा दूँगी और जब मा बनूँगी तो तुम्हे हर रोज़ मेरा दूध पिलायुंगी, और क्या चाहाए? और एक बात सच्ची बताना चाचा, आप जो मेरे जिस्म पे इतनी मेहनत करोगे तो क्या इस सारी मेहनत मुशक्कत के बाद मेरे जिस्म से यह सख्ती नही जाएगी ना?"

हरी लंड चूत पे दबाता है. रज़िया की चूत धीरे धीरेओपन होके उसमे लंड की टोपी अंदर घुसती है. जैसे ही टोपी घुसी हरी बोला, "आह, बहनचोड़ रंडी, मुझे तेरी जैसी हरामी मुसलमान औरत का दूध पीने मे मज़ा आएगा. ठीक है रंडी बेटी, अब तुझे पहले बच्चे दूँगा और फिर तेरा पिछवाड़ा खोल दूँगा अपने लॉड से. और बेटी सुन, जब मैं तेरे जिस्म पे मेहनत करूँगा, इस बड़े लॉड से चूत और गांद मारूँगा, इतने रफ हाथो से मम्मे मसलके चुसूंगा तो थोड़ी सख्ती तो जाएगी पर तू डाइयेटिंग करके सख्ती फिर ला सकती है."

ज़िंदगी मे पहले बार चूत इतनी फैलने से रज़िया दर्द से चिल्लाते बोली, "अहह माआआआअ माआअरररर दियाआ मेरे को कक्चहाआकचाअ. उफफफ्फ़ कितना तगड़ा है, पर कोई बात नही, आज जान भी जाए पर मैं यह लंड ले लूँगी चाचा. उफ़फ्फ़ आहह कोई बीच का रास्ता निकालो कि यह सख्ती, निपल का गुलाबीपन और यह चूत काली ना हो. भले ही यह पहले जैसा टाइट ना हो लेकिन उनका टाइटनेस और रंग खराब ना हो."

रज़िया का एक मम्मा चूस्ते दूसरा मस्ती से मसल्ते लंड और दबाते हरी रज़िया की टाइट चूत स्ट्रेच होके आधा लॉडा घुसाते बोला, "अफ तेरी मा की चूत, साली क्या टाइट चूत है तेरी रंडी. बड़ा मज़ा आएगा तुझे चोदने मदरचोड़. उम्म रज़िया साली क्या गर्म चूत है तेरी रंडी. तेरे जिस्म की सख्ती और रंग कायम रखने की तुझे कोई दवा दूँगा जिससे तेरी चूत का गुलाबी पन बरकरार रहे. अब बाकी बाते छोड़ चूत चुदवा ले रंडी."
 


हरी के अगले 2-3 धक्को को रज़िया अपनी कमर उठाके झेलती है जिससे अब पूरा लॉडा उसकी चूत मे घुस जाता है. हरी को कस्केजाकड़ ते वो बोली, "उफ़फ्फ़ माआ, क्याआ लॉडा है चाचा आपका, बहुत ही माज़ा आ रहा है मुझे. लगता है आज मेरी सुहागरात है असली मायने मे. पर चाचा ये मेरी मा की चूत और बदन नही, मेरी चूत और जिस्म है. थोड़ा धीरे - धीरे मसल्ते चोदो ना, नही तो बोहुत ही चौड़ी हो जाएगी. आअघहूंम्म....ओह्ह्ह, चहका क्या आप हर मुसलमान औरत को इसी तरह चोद्ते हो? ऊओ माआ मेरा मतलब उनकी चूत को इसी तरह निखारते हो...आअगघह चाचा देदो अपना लॉडा मेरी गर्म चूत को, चोदो और चोदो इसे."

क्रमशः.......
 
Raj-Sharma-stories

चाचा बड़े जालिम हो तुम--6

गतान्क से आगे......

हरी रज़िया के मम्मे बेरहमी से निचोड़के अब फुल स्पीड से चुदाई करता बोला, "हां पता है बेटी यह मम्मे तेरे है, तेरी मा के नही, पर तेरी मा के मम्मे और चूत भी ऐसे ही होगी जवानी मैं इसलिए तेरी जैसी मस्त मुसलमान बेटी पैदा की उसने है ना? बेटी धीरे - धीरे चुदाई और मसलना तो तेरे मिया जैसे लोग करते है मेरे जैसे गर्म मर्द नही, तू बता आज मेरे साथ जितना नशा तुझे आया है पहले आया था कभी? रज़िया मैं हर चुदासी मुसलमान औरत को ऐसे ही चोदता हूँ क्योंकि तेरी जैसा गर्म पर अतृप्त औरत को असली लंड का मज़ा नही मिलता जो हम देते है."

अपनी मा का हरी से इतना गंदा ज़िक्र सुनके ना जाने क्यों रज़िया मे और जोश आया और हरी से चुदवाते स्माइल करते बोली, "चाचा, मैं मम्मो की नही, मेरी चूत की बात कर रही हूँ. मेरी अम्मी की चूत तो शायद अब ढीली हो चुकी है. हां पर आप जैसा मर्द उसे फिर से नौजवान बना सकता है. चाचा रहमान ने पहले दिन से मुझे ठीक से नही मसला तभी तो आपको मेरा यह ऐसा सख़्त जिस्म चोदने को मिला? नहीं तो अगर वो आप ही की तरह शुरू हो गया होता तो लटके हुए मम्मे और फैली हुई चूत मिलती ना?"

हरी रज़िया के पैर पेट पे मोडके दबाते चूत उप्पर उठाते चोद्ते बोला, "नही रज़िया बेटी, आगर तेरी मा को किसी मेरे जैसे तगड़े लॉड ने चोदा होगा तो ही तेरी मा की चूत ढीली हुई होगी, पर अगर सिर्फ़ तेरे बाप ने चोदा है उसे तो उसकी चूत भी अभी मस्त होगी. साली तू तो तेरी मा को सुलानेको तय्यार हो गई मेरे नीचे, बड़ी गर्मी है तेरी मुसलमान चूत मे. कोई बात नही रज़िया तेरी मा को भी मेरा लॉडा दूँगा और उसे भी नौजवान बना दूँगा. तेरी बात भी ठीक है रंडी, अगर पति ऐसे बेरहमी से मम्मे मसलता और चूत चोद्ता तो मुझे तो भोसड़ा मिलता चोदने. यह ले साली आज तेरी गर्मी निकालता हूँ."

पैर उपर उठाते ही रज़िया के मम्मे हरी के मूह के सामने आए जिन्हे हरी चाटने लगा. इस पोज़िशन मे लॉडा पूरा अंदर जाता था जिससे रज़िया के जिस्म मे मदहोशी फैलने लगी और वो हरी से बोली, "आह चाचा इतने उतावले मत हो. अभी तो पूरी रात है, आराम से कीजिए, अभी से पैर उठा लिए मैं झार जाउन्गि. पैर नीचे करके और गीला कीजिए मुझे और वैसे ही चोदो चाचा."

मूह के पास आए मम्मे बारी - बारी चूमते उनके निपल बाइट भी करते हरी बोला, " आरे बेटी, तुझे आज जिस सफ़र पे ले चला हूँ उसमे अकेली झड़ने नही दूँगा. जैसे तू झड़ने आएगी मैं चोदना बंद करके तेरे जिस्म से खेलके तुझे फिर गर्म करके चोदुन्गा. तुझे तो मैं पूरी रात इतना चोदुन्गा कि तू सुबह चल नही पाएगी. यह हरी चाचा का लॉडा है तेरे चूतिया पति की उंगली नही समझी? और बेटी तेरी मा के बारे मे बात क्यों बंद कर दी? अच्छा नही लगा मा को चोदने की बात निकली तो?"

अपने टाँगो की कैची करते उसे हरी की गांद पे दबाते रज़िया बोली, "हां चाचा, मैं जानती हूँ कि आज आप मेरा हाल खराब करनेवाले है और मैं उसके लिए तय्यार हूँ. और चाचा, इतना मस्त लंड मिले तो क्यों नही अपना हुस्न उसके नीचे लूटा दूँ मैं? रही अम्मी की बात तो मुझे कैसे पता उन्हे किसने चोदा है? हां लेकिन एक बार जब 2-3 महीने पहले उनको मैने कपड़े बदलते हुए देखा था तभी मैने जो देखा उस हिसाब से लगता है अम्मी को अब्बू के अलावा किसी पराए मर्द ने छुआ नही जिस तरह से आप बता रहे हो. लगता है अम्मी ने अब्बू के अलावा और किसी का हाथ नही लगने दिया अपनेबदन पे."

रज़िया का गोरा सीना चुम्के उनको काटते चुदाई के निशान उनपे छोड़ते हरी बोला, "रज़िया तू झाड़ भी गयी तो दुबारा तेरी चूत गर्म करके चोदुन्गा तुझे. आज तेरे मस्त मुसलमानी जिस्म पे मेरे हिंदू लंड की बेरहम चुदाई की छाप छोड़ जाउन्गा. तू जो बोल रही है उस हिसाब से तेरी मा ने जवानी गवा दी. बेटी तेरी मा मेरे हाथ आती तो उसका जिस्म मुझसे चुदवाके और सवर जाता."

रज़िया की चूत से लंड निकालके झटके से रज़िया को कुतिया बनाके झुकाके हरी अब पीछे से लंड चूत मे डालने लगा. पर रज़िया भी हरामी थी. वो हरी से खुदको छुड़ाकर टाँगे फैला कर हरी को अपने उप्पर खिचते लंड चूत पे रखते बोली, "चाचा मेरी रिदम टूट जाती हैऐसा करने से. आप एक ही पोज़िशन मे पहले यह चुदाई पूरी करो फिर दूसरी पोज़िशन मे लाके गरम करके चोदो. चाचा आप शायद ठीक कहते है, मेरी अम्मी ने सिर्फ़ अब्बू से चुदवाके जवानी का मज़ा नही लिया. आप उसे चोदना चाहते हो पर आप मेरी अम्मी को पटायांगे कैसे?"

 


रज़िया के इस आक्षन से गुस्सा होके हरी एक ही धक्के मे पूरा लॉडा चूत मे घुसाता है जिससे रज़िया ज़ोरो से उछलती है. जैसे रज़िया उछलती है तो उसका सीना उठता है. हरी रज़िया के मम्मे बेरहमी से पकड़के दबोचते नीचे चूत चोद्ते बोला, "मदरचोड़, तेरी मा की चूत, तू हरी चाचा को सिखाती है कैसे चोदना चाहिए तेरी जैसे रंडी को? तेरी मा की चूत, साली बहुत मुसलमान लड़किया मेरे लंड की शागिर्द है समझी?" ज़ोरो से रज़िया को चोद्ते अब ज़रा शांत होते हरी बोला, "बेटी अब तेरी मा को मुझसे कैसे चुदवाना है यह तुझे ही सोचना है, ऐसा समझ तेरी चूत की शांति के बदले तुझे तेरी मा को मुझसे चुदवाने की कीमत देनी होगी, बोल देगी ना?

रज़िया के पूरे गोरे जिस्म पे अपने रफ हाथ फेरते हरी उसे चोद रहा था. हरी के इस हमले से रज़िया बुरी तरह बौखला गयी. अपना जिस्म एकदम कड़क करके टाइट कर लेती है जिससे उसके मम्मे एकदम टाइट खड़े होते है और जिन्हे हरी बेरहमी से मसले जा रहा था. ऐसे बेरहमी से चुदवाने मे उसे मज़ा भी आ रहा था. हरी का मूह अपने निपल पे दबाते हुए रज़िया बोली, "आगगगगगगगघह, उम्म्म्म छ्चाआककचाअ और चोदो मुझे ऐसे. बड़ा अच्छा लग रहा है." हरी का माथा चूमते रज़िया आगे बोली,"चाचा मैं आपको मेरे घर का रास्ता, अड्रेस और फोन नंबर सब कुछ दूँगी पर आप बताइए मुझे मैं अपनी अम्मी से कैसे कहु कि आपसे चुदवा ले? आप ही कुछ टिप्स दीजिए ना? चाचा और आजसे समझाइये मैं भी आपकी शागिर्द हो गयी हूँ और जैसा आप बताएँगे चुदवा लूँगी."

हरी पूरा लंड बाहर निकलते ज़ोर्से उसे अंदर घुसाके चोद रहा था. रज़िया का पूरा जिस्म धक्को से थरथराता है जिसे मस्ती से सहलाके मसल्ते हरी बोला, " आरे घर का रास्ता और अड्रेस नही चाहाए. मैं चाहता हूँ कि तू मेरा लंड पकड़के मुझे तेरी मा की चूत तक पहुँचा समझी? हरामी रांड़, सब बात की टिप्स मैं दूँगा तो साली तू क्या सिर्फ़ नीचे लेट के चूत चुदवा लेगी. अपने हरी चाचा के लिए ज़रा दिमाग़ भी लगा, इससे तेरी मा को भी खुशी मिलेगी ना?"

इस बात पे हल्की हरामी स्माइल करते रज़िया बोली, "अर्रे चाचा दिमाग़ की क्या बात करते हो? अगर होता तो कब से आपके नीचे ना सो जाती, मेरी सास को यह कहने ना आना पड़ता ना कि हरी भाई मेरी बहू को चोद्के मुझे पोता दो."

हरी रज़िया की इस बात पे हड़बड़ाते चोदना बंद करते बोला, "क्या बोली तू? तेरी सास को यह कहने ना आना पड़ता? मतलब क्या इसका बेटी? तू बोलना क्या चाहती है कि तेरी सास ने हमे भेजा है यहा तेरी मुसलमान जवानी चोदने? इतनी गिरी लगती है तेरी सास तुझे रज़िया?"

रज़िया और हरामीपन करते हरी के गाल चाट के बोली, "चाचा मैने आप दोनो को देखा उस्दिन बंगले के बाहर बात करते. आपको कुछ पैसे भी देते देखा. ऊस्दिन से आप मुझसे बहुत बाते करने लगे. तो मुझे शक हुआ कि दाल मे कुछ काला है. जिस तरह आप मेरे पास आने लगे मैं समझी कि इन सब बातो को मेरी सास की मंज़ूरी है और इसलिए मैं भी आपके पास आने लगी. जब मेरी सास ने बेटी के घर जाने की बात की तब मुझे यकीन हुआ कि मेरा शक और पक्का होने लगा. जिस दिनसे सास बेटी के घर गयी आप और ही पास आने लगे, अब यह इत्तफ़ाक़ है या सही मैं ऐसा हुआ है उसका मुझे पता नही..लेकिन जो भी हुआ हो मेरे फ़ायदे के लिए हुआ, है ना? और हरी चाचा सच बोलो क्या आपको मेरी अम्मी मे इंटेरेस्ट है? आप उसे चोदना चाहते हो सच मे चाचा?"
 

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