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चुदाई का सिलसिला

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शास रूम मे जाकर बेड पर बैठ गया थोड़ी ही देर मे कुसुम तेल की शीशी ले आई . और शास के बराबर मे लेट कर अपनी चूत सहलाना शुरू कर देती है . शास कुसुम की टाँगों के बीच बैठ जाता है और अपनी ज़ुबान से कुसुम की चूत को चाटते हुए एक हाथ से कुसुम के संतरों को दबाना शुरू कर देता है

जैसे ही शास का दो तरफ़ा हमला होता है तो कुसुम जिसकी चूत में पहले से ही आग लगी हुई थी अब उसकी बर्दास्त से बाहर हो जाती है

कुसुम... शास प्लीज़ अब और मत तरसाओ...डाल दो....इस अपने लंड को मेरी चूत में......बुझा दो अब इसकी आग....कब से प्यासी है....तुम्हारे इस लंड के इंतजार में.....मेरे राजा...मएरए ज्जानू, मेरे साजन.......मेरी जनम जनम की प्यास बुझा दो... .सस्शाआससस्स.....प्लीज़......अब घुसा दो..... चूत में आग लगी है बुझा दो ना अपने लंड के पानी से.......उउउउउम्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउcccccछ्ह्ह्ह्ह्ह आआआआहह कुसुम बड़बड़ाती जा रही थी..

.और शास चूत में दूर तक मूह दिए कस्तूरी की गंध का पानी पीने में मस्त था........कुसुम के टाँगो की चौड़ाई बढ़ती ही जा रही थी......अब शास पूरी तरह मस्त हो चुका था......

शास....कुसुम मेरी जान, मेरी रानी ले इसे भी ले...क्या याद करेगी.......ले इस लंड का भी मज़ा ले........ये भी तुम्हारी इस गुलाबी.....कुँवारी चूत का रस पीने को फूँकार रहा है..... शास कुसुम के दोनो पैरो के बीचा आया और दोनो टाँगो को उठा कर अपने कंधो पर रख लिया..........कुसुम की चूत पानी छोड़ छोड़ कर इतनी चिकनी ( लूब्रिकेटेड) हो चुकी,

थी कि अब उसे चुदाई के लिए किसी क्रीम या आयिल की ज़रूरत नही रह गयी थी........

शास...ने अपने लंड का भारी सूपड़ा कुसुम की चूत के छेद पर अड्जस्ट किया और कुसुम की दोनो चुचियाँ पकड़ कर, लंड का चूत पर दबाव बनाया ! .... पर चूत कुँवारी होने के कारन अत्यधिक टाइट थी इसीलिए लंड अंदर नही जा पाया.....

मगर शास तो शायद इसके लिए पहले से ही तय्यार था.......कुसुम की सिसकारियो के बीच....शास ने कुसुम के होंठो को अपने होंठो में दबा लिया, और चूतड़ उठाकर एक धक्का मार दिया !......लंड के सुपाडे. ... ने....चूत की दीवारे फाडते हुए कुसुम की चूत में अपनी जगह बना ली..... कुसुम की जोरदार चीखा निकल गयी.....

.अगर शास ने कुसुम के होंठो को अपने होंठो में ना दबाया होता तो चीख की आवाज़ नीचे ज़रूर चली जाती.....ओओओओओओओओओ ओओओओओओओओओओ ओओओओओओओओओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउऊऊऊऊऊओह्ह्ह्ह्ह्ह्हहूऊऊऊऊऊऊन्न्ननननननननननणणन् मगर शास लगता है अब चुदाई में इतना निपुण हो चुका था,...कि....बिना ओर समय और मौका गँवाए उसी पल दूसरा और जोरदार धक्का मार चुका था.......

.कुसुम चीखती रही,... छटपटाती रही,.......उसकी आँखों से आँसुओ की धारा बहती रही......पर शास की पकड़ बिल्कुल ढीली नही पड़ी ..... और होंठो में होंठ दबाए चूमता रहा........शास का लंड कुसुम की चूत को फड़ता हुए लगभगआधा लंड कुसुम की चूत में समा चुका था.......

 
शास...मस्ती में चुदाई का मज़ा ले रहा था.....और कुसुम दर्द से मरी जा रही थी......

कुसुम...शास प्लीज़ एक बार निकाल लो....प्लीज़ में मरी जा रही हूँ....दुबारा डाल लेना.....कुसुम से दर्द सहेन नही हो पा रहा था.....जैसे किसी ने ब्लेड से चीर दी हो उसकी चूत......कुसुम पछता रही थी..... लंड खाने के चक्कर में पड़कर उसे नही पता था.....ये दर्द भी झेलना पड़ सकता है..... उसने तो शिरफ़ चुदाई के मज़े के बारे में ही सुना था......चूत की मीठी मीठी खुजली का एहसास ही किया था.......शास के पहली बार स्पेर्श का आनंद ही लिया था.....

.चुदाई के एक मीठे एहसास ने कुसुम को यहाँ तक पहुचा दिया था.....कुसुम की इस छटपटाहट का शास पर कोई असर नही था.....उसका लंड तो कुँवारी चूत का रस पीकर और मस्त और मोटा हो रहा था......वो तो चूत के अंदर मस्त होकर झटके मार रहा था.......लंड की अकड़ बता रही थी की उसने चूत पर विजय हाँसिल कर ली है......शास ने लंड की अकड़ को भाप कर कुसुम पर अपनी पकड़ और मजबूत की.......होंठो को मूह में लिया..... और एक और जोरदार धक्का लगा दिया....कुसुम अभी इसके लिए अपने को तय्यार भी नही कर पाई थी......उसकी चीख शास के मूह में ही समा गयी........

उसकी छटपटाहट....शास की मजबूत बाँहो में दब कर रह गयी........कुसुम की चुचिया शास की छाती के नीचे मसली जा रही थी.......और शास के लंड ने कुसुम की चूत के पूरी गहराई को नाप लिया था......लंड का सुपाडा....कुसुम की बच्चेदानि को छू रहा था.......कुसुम छटपटा रही थी...आँखो से पानी बह रहा था......और शास उसके होंठो का रस पीने में मस्त था.....इसी तरह लगभत 10-15 मिनूट गुजर गयी......अब कुसुम का दर्द कुछ कम हो रहा था.....उसकी उखड़ी साँसे फिर गरम होने लगी थी......शास की बाँहो की पकड़ भी कुछ ढीली पड़ने लगी थी......कुसुम की दर्दीली चीखे अब सिसकारियों में बदलने लगी थी......उउउउउउउईईईईएम्म्म्म्म्म्म आआआअहह सस्स्स्स्स्स्स्शहाआआआसस्स्स्स्स्सस्स म्म्म्ममाआअरर्र्र्ररर हहिईिइ द्द्द्दाआआल्ल्ल्ल्लाआआआआ.....आआआआआहह हह...........

दोस्तो आज इतना ही ..................................

 


अब शास का मूह कुसुम के होंठो को छोड़ कर कुसुम की चुचियो पर आ चुका था.....वह मस्ती में चुचिया मसल मसल कर दूध पी रहा था.........कुसुम के शरीर से खेल रहा था.....कुसुम का दर्द मीठी उत्तेजना में बदलने लगा था.....और अब कुसुम की चूत ने फिर पानी छोड़ना शुरू कर दिया.......कुसुम के हाथ धीरे धीरे अब शास की कमर पर आने लगे थे........कुसुम ने धीरे धीरे अपने चूतड़ हिलाने जैसे ही शुरू किए.........शास ने लंड को हल्के से अंदर बाहर करना शुरू कर दिया.....कुसुम की चूत की मीठी पयास जागने लगी.......चूत कुछ ही देर पहले के दर्द को भूलकर....लंड को अपनी दीवारो में दबाने लगी......ये कैसा एहसास......दर्द की चीखे अब मज़े की मीठी सिसकारियो में बदलने लगी थी.......शास की कमर पर कुसुम की बाँहो का बढ़ता कसाव.....शास को और उत्तेजित करने लगा.....लंड के, अंदर बाहर की रफ़्तार बढ़ने लगी थी........कमरे में अब कुसुम की कामुक सिसकारिया गूंजने लगी थी.........आआआआआआहह उउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह शास.....मेरे शास.....और ज़ोर से.....आआआआआहह हा......ऐसे ही.......ऊवूऊवम्म्म्म्म आआअहह की धुन पर शास के लंड की रफ़्तार बढ़ती ही जा रही थी..........चुदाई का संगीत रूम में गूजने लगा था.......शास के लंड की स्पीड के साथ कुसुम के चूतड़ उछालने की क्रिया भी बढ़ रही थी....अब कुसुम पूरा चुदाई का मज़ा ले रही थी.........भूल चुकी थी उस दर्द को......अब तो शास के लंड को और अंदर तक लेने लगी थी....... जैसे ही शास के लंड का सुपाडा अंदर जाकर बच्चेदानि पर ठोकर मारता कुसुम की मीठी सिसकारी निकल जाती....उउउउउउम्म्म्म्म्म्म्माआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.......सी हट लंड का घामाशान कुसुम और शास को सातवे आसमान की सैर करा रहा था.......कुसुम की उत्तेजना अब चरम पर पहुँच चुकी थी...उसके बदन में अजीब सा खिचाव......सारा सरीर...आनंद की और........आँखे बंद होने लगी...सिसकारियाँ लंबी होने लगी......शास...आआआआहह.....उउउउउम्म्म्म्म ये में कहाँ जा रही हूं .................................................. .............................................

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शास.......उउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म आआहह और कुसुम अपने पहले स्खलन (झड़ने) की और...... एकाएक कुसुम ने शास को बाँहो में जाकड़ किया और ज़ोर से.....सस्स्शहाआअसस्सस्स उउउउम्म्म्म्म्म्माआआआ म्माऐईन गाईइईईईईईईईईईईईए..और उसकी चूत से गरम पानी के फ़ौवारे शास के लंड पर गिरे.....तभी शश के लंड ने भी पानी छोड़ना शुरू कर दिया......गरम-गरम वीर्या(गुम) की कई पिचकारी कुसुम की चूत में छोड़ दी जो सीधे बच्चेदानि पर गिरी.....कुसुम ने और ज़ोर से शास को दबोच लिया.........शास भी उउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह्हाआल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लीईईईईईईईईए की आवाज़ के साथ झाड़ गया... एक दूसरे को बाँहो में जकड़े.....कुसुम और शास......लंबी साँसे.....आँखे बंद......दोनो...दूर-बहुत दूर...सातवे आसमान की सैर पर......एक दूसरे को प्यार से भिंचे हुए..........कितने ही देर तक.....ऐसे ही.......सारी दुनिया से बेख़बर......लगभत 15 मिनूट तक ऐसे ही...एक दूसरे की बाँहो में........फिर लौट आए इसी दुनिया में.....कुसुम ने शास ...के होंठ चूम लिए और चेहरा शास के शीने में छुपा लिया

शास...मस्ती में चुदाई का मज़ा ले रहा था.....और कुसुम दर्द से मरी जा रही थी......

कुसुम...शास प्लीज़ एक बार निकाल लो....प्लीज़ में मरी जा रही हूँ....दुबारा डाल लेना.....कुसुम से दर्द सहेन नही हो पा रहा था.....जैसे किशी ने ब्लेड से चीर दी हो उसकी चूत......कुसुम पछता रही थी..... लंड खाने के चक्कर में पड़कर उसे नही पता था.....ये दर्द भी झेलना पड़ सकता है..... उसने तो शिरफ़ चुदाई के मज़े के बारे में ही सुना था......चूत की मीठी मीठी खुजली का एहसास ही किया था.......शास के पहली बार स्पेर्श का आनंद ही लिया था......चुदाई के एक मीठे एहसास ने कुसुम को यहाँ तक पहुचा दिया था.....कुसुम की एस छटपटाहट का शास पर कोई अशर नही था.....उसका लंड तो कुँवारी चूत का रस पीकर और मस्त और मोटा हो रहा था......वो तो चूत के अंदर मस्त होकर झटके मार रहा था.......लंड की अकड़ बता रही थी की उसने चूत पर विजय हाँसिल कर ली है......शास ने लंड की अकड़ को भाप कर कुसुम पर अपनी पकड़ और मजबूत की.......होंठो को मूह में लिया..... और एक और जोरदार धक्का लगा दिया....कुसुम अभी इसके लिए अपने को तय्यार भी नही कर पाई थी......उसकी चीख शास के मूह में ही समा गयी........उसकी छटपटाहट....शास की मजबूत बाँहो में दब कर रह गयी........कुसुम की चुचिया शास की छाती के नीचे मसली जा रही थी.......और शास के लंड ने कुसुम की चूत के पूरी गहराई को नाप लिया था......लंड का सुपाडा....कुसुम की बच्चेदानि को छू रहा था.......कुसुम छटपटा रही थी...आँखो से पानी बह रहा था......और शास उसके होंठो कारस पीने में मस्त था.....एसी तरह लगभत 10-15 मिनूट गुजर गये......अब कुसुम का दर्द कुछ कम हो रहा था.....उसकी उखड़ी साँसे फिर गरम होने लगी थी......शास की बाँहो की पकड़ भी कुछ ढीली पड़ने लगी थी......कुसुम की दर्दीली चीखे अब सिसकारियों में बदलने लगी थी......उउउउउउउईईईईएम्म्म्म्म्

म्म आआआअहह सस्स्स्स्स्स्स्शहाआआआसस्स्स्स्स्सस्स म्म्म्ममाआअरर्र्र्ररर ह्ह्ह्ह्हीई द्द्द्दाआआल्ल्ल्ल्लाआआआआ.....आआआआआहह हह...........

अब शास का मूह कुसुम के होंठो को छोड़ कर कुसुम की चुचियो पर आ चुका था.....वह मस्ती में चुचिया मसल मसल कर दूध पी रहा था.........कुसुम के शेरर से खेल रहा था.....कुसुम का दर्द मीठी उत्तेजना में बदलने लगा था.....और अब कुसुम की चूत ने फिर पानी चोदना शुरू कर दिया.......कुसुम के हाथ धीरे धीरे अब शास की कमर पर आने लगे थे........कुसुम ने धीरे धीरे अपने चूतड़ हिलाने जैसे ही शुरू किए.........शास ने लंड को हल्के से अंदर बाहर करना शुरू कर दिया.....कुसुम की चूत की मीठी पयास जागने लगी.......चूत कुछ ही देर पहले के दर्द को भूलकर....लंड को अपनी दीवारो में दबाने लगी......ये कैसा एहसास......दर्द की चीखे अब मज़े की मीठी सिसकारियो में बदलने लगी थी.......शास की कमर पर कुसुम की बाँहो का बढ़ता कसाव.....शास को और उत्तेजित करने लगा.....लंड के, अंदर बाहर की रफ़्तार बढ़ने लगी थी........कमरे में अब कुसुम की कामुक सिसकारिया गूंजने लगी थी.........आआआआआआहह उउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह शास.....मेरे शास.....और ज़ोर से.....आआआआआहह हा...... ही.......उउउउउम्म्म्म्म्म्म आआअहह की धुन पर शास के लंड की रफ़्तार बढ़ती ही जा रही थी..........चुदाई का संगीत रूम में गूजने लगा था.......शास के लंड की स्पीड के साथ कुसुम के चूतड़ उछालने की क्रिया भी बढ़ रही थी....अब कुसुम पूरा चुदाई का मज़ा ले रही थी.........भूल चुकी थी उस दर्द को......अब तो शास के लंड को और अंदर तक लेने लगी थी....... जैसे ही शास के लंड का सुपाडा अंदर जाकर बच्चेदानी पर ठोकर मारता कुसुम की मीठी सिसकारी निकल जाती....उउउउउउम्म्म्म्म्म्म्माआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.......सी चूत लंड का घामाशाण कुसुम और शास को सातवे आसमान की सैर करा रहा था.......कुसुम की उत्तेजना अब चरम पर पहुत चुकी थी...उसके बदन में अजीब सा खिचाव......सारा सरीर...मस्ती की और........आँखे बंद होने लगी.....सिसकारियाँ लंबी होने लगी......शास...आआआआहह.....उउउउउम्म्म्म्म ये में कहाँ जा रही हूँ .................................................. ..............................................

शास.......उउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म आआहह और कुसुम अपने पहले स्खलन (झड़ने) की और...... एकाएक कुसुम ने शास को बाँहो में जाकड़ किया और ज़ोर से.....सस्स्शहाआअसस्सस्स उउउउम्म्म्म्म्म्माआआआ एम्मॅयेयीन गाईइईईईईईईईईईईईए..और उसकी चूत से गरम पानी के फ़ौवारे शास के लंड पर गिरे.....तभी शश के लंड ने भी पानी छोड़ना शुरू कर दिया......गरम-गरम वीर्या(गुम) की कई पिचकारी कुसुम की चूत में छोड़ दी जो सीधे बच्चेदानी पर गिरी.....कुसुम ने और ज़ोर से शास को दबोच लिया.........शास भी उउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह्हाआल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लीईईईईईईईईए की आवाज़ के साथ झाड़ गया... एक दूसरे को बाँहो में जकड़े.....कुसुम और शास......लंबी साँसे.....आँखे बंद......दोनो...दूर-बहुत दूर...सातवे आसमान की सैर पर......एक दूसरे को प्यार से भिंचे हुए..........कितने ही देर तक.....एआसे ही.......सारी दुनिया से बेख़बर......लगभत 15 मिनूत्स तक ऐसे ही...एक दूसरे की बाँहो में........फिर लौटआए इसी दुनिया में.....कुसुम ने शास ...के होंठ चूम लिए और चेहरा शास के सीने में छुपा लिया.......

शास... ने कुसुम का चेहरा अपने हाथों में लिया और उप्पेर किया......और कुसुम के होंठ चूमकर...धीरे से बोला........ कुसुम तुम्हारी चूत तो बहुत ही टाइट थी....मज़ा आ गया......आज पूरे यक़ीन के साथ कह रहा हूँ आज वास्तव में स्वर्ग की सैर की है......आज पहली बार इतना मज़ा आया...??????????? कह नही सकता......मन करता है तुझे तो बस चोदता ही जाऊ.....शास का लंड अभी तक कुसुम की टाइट चूत में ही फँसा हुवा था.........तुम्हे और तुम्हारी इस चूत को पाकर तो में निहाल हो गया........कुसुम.!

कुसुम...तो मना किसने किया है......?????

शास...क्या मतलब है...????

कुसुम...आपने ही तो कहा है....कि “मन करता है तुझे तो बस चोदता ही जाउ.” ..?????

शास...तो फिर...??????

कुसुम...मैने कब मना किया है मेरे राजा जी.....कुसुम ने कामुक मुस्कुराहट के साथ कहा.....उसकी आँखूं में चमक सी आ गयी थी.....

शास...तो में कब अभी रुका हूँ...??? लंड तो चूत में ही है........????

कुसुम...कुसुम ने शास के होंठ चूमकर...अभी मन नही भरा क्या.????

शास...बस एक ही बार में क्या मन भरता है...????

कुसुम...थक नही जाओगे..??? रात भर तो सीमा दीदी को चोदा है...????

शास...तुम्हारी चूत का रस पीकर थकान मिट गयी.......

कुसुम...अच्छा जी....मेरी चूत के रास में क्या विटमिन्स और मिनरल्स मिले थे..???

शास...जान तुम्हारी चूत के रस में तो..केशर..मिली थी....अभी भी उसी की डकारे आ रही हैं.......उसी की खुसबू अभी तक महक रही है साँसों में...

कुसुम... क्या चूत का रस हजम नही हुवा.????? जो डकारे आ रही है......????

कुसुम... शास...अभी दूध पीकर हजम कर लेता हूँ.......

कुसुम...कोई आ जाएगा.. ????जानते हो कितना समय हो गया है....???.अभी रहने दो बाद में पी लेना.....सीमा दीदी भी आनेवाली होंगी.........

शास...तो क्या हुवा....आजाने दो...और शास ने कुसुम की दोनो चुचिया अपने हाथों में भर ली.....और मस्त होकर दबा दबा कर दूध पीने लगा......शास का लंड फिर एन्ठने लगा और धीरे धीरे कुसुम की चूत में अंदर बाहर होने लगा.......कुसुम भी फिर से गरम होने लगी.....उसके चूतड़ भी उप्पेर नीचे होने लगे....

कुसुम....क्या इरादा है शास...दूध पीकर चूत का रास हजम करना है,,??? या फिर फिर से चूत का रस्स पीने का इरादा बना लिया है.......?????

शास...नही चूत का रस पीने का नही......एकबार और चोदने का इरादा ज़रूर बन गया है.......लगता है इस लंड को तुम्हारी चूत जीयादा ही पसंद आ गयी है....बाहर आने के लिए तय्यार ही नही हो रहा है...........

कुसुम भी तो यही चाह रही थी.....शास ने उसके मन की बात कहकर.....उसकी उत्तेजना और बढ़ा दी थी.......पर शास की बात सुनकर उसके गालो पर लालिमा दौड़ गई थी......उसके कान लाल हो गये.....चूत फिर पानी छोड़ने लगी थी.......

शास कभी चुचियाँ कभी कुसुम के होंठ चूमने लगा......और उसके लंड की स्पीड एक बार फिर बढ़ने लगी थी......कुसुम के चुटटर भी तेज..तेज उप्पेर नीचे होकर पूरा लंड अंदर ले रही थी.......साँसे तेज होने लगी...चुदाई की स्पीड बढ़ने लगी......चूत में पहले से वीर्या (गुम) और पानी भरा होने के कारण चूत से फूच..फूच....फुचा...फूच..की आवाज़ होने लगी थी......इससे शास और जोरदार ढंग से धक्के मारने लगा........लूब्रिकेटेड हुई चूत में लंड दना..दान....अंदर बाहर हो रहा था........शास...कुसुम की चुचियों को बेरहमी से मसल्ने लगा......कुसुम की सिसकारियाँ फिर गूजने लगी थी.....पूरे रूम में कामुक आवाज़े गूँज रही थी...उउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउ ऊवूऊवूयूयूवख शास और कुसुम की मिलीजुली आवाज़े.....जैसे रति. और कामदेव चुदाई कर रहे हों.....एक बार फिर दोनो की पकड़ मजबूत होने लगी........सिसकारिया...तेज होने लगी......और एक बार फिर बंद होती आँखे............कुसुम................पानी छोड़ने के लिए पूरी तरह तय्यार.....और उउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्मीईईईस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्साआअ आआआआआआअहह्की धून पर कुसुम शास में सामने की कोशिस करने लगी............वो फिर सातवे आसमान पर..स्वर्ग लोक में पहुँच गई......उसकी चूत का गरम गरम पानी शास के लंड पर गिरकर उसको भी पानी छोड़ने के लिए विवस कर रहा था......आख़िर....शास के लंड ने भी...धूम मचाते हुए......जोरदार पिचकारी कुसुम की चूत में छोड़ दी........दोनो इस तरह चिपक गये जैसे वे दो नही एक ही हूऊऊऊऊओ...................

ऊउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह्ष्छ्ह्हीयीयियूयूवूऊवूऊवूऊवूयूवक चहाआआआआअहह की धून के साथ दोनो तेज तेज सांसो के साथ आपस में चिपक कर शांत हो गये..........

 
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