शास रूम मे जाकर बेड पर बैठ गया थोड़ी ही देर मे कुसुम तेल की शीशी ले आई . और शास के बराबर मे लेट कर अपनी चूत सहलाना शुरू कर देती है . शास कुसुम की टाँगों के बीच बैठ जाता है और अपनी ज़ुबान से कुसुम की चूत को चाटते हुए एक हाथ से कुसुम के संतरों को दबाना शुरू कर देता है
जैसे ही शास का दो तरफ़ा हमला होता है तो कुसुम जिसकी चूत में पहले से ही आग लगी हुई थी अब उसकी बर्दास्त से बाहर हो जाती है
कुसुम... शास प्लीज़ अब और मत तरसाओ...डाल दो....इस अपने लंड को मेरी चूत में......बुझा दो अब इसकी आग....कब से प्यासी है....तुम्हारे इस लंड के इंतजार में.....मेरे राजा...मएरए ज्जानू, मेरे साजन.......मेरी जनम जनम की प्यास बुझा दो... .सस्शाआससस्स.....प्लीज़......अब घुसा दो..... चूत में आग लगी है बुझा दो ना अपने लंड के पानी से.......उउउउउम्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउcccccछ्ह्ह्ह्ह्ह आआआआहह कुसुम बड़बड़ाती जा रही थी..
.और शास चूत में दूर तक मूह दिए कस्तूरी की गंध का पानी पीने में मस्त था........कुसुम के टाँगो की चौड़ाई बढ़ती ही जा रही थी......अब शास पूरी तरह मस्त हो चुका था......
शास....कुसुम मेरी जान, मेरी रानी ले इसे भी ले...क्या याद करेगी.......ले इस लंड का भी मज़ा ले........ये भी तुम्हारी इस गुलाबी.....कुँवारी चूत का रस पीने को फूँकार रहा है..... शास कुसुम के दोनो पैरो के बीचा आया और दोनो टाँगो को उठा कर अपने कंधो पर रख लिया..........कुसुम की चूत पानी छोड़ छोड़ कर इतनी चिकनी ( लूब्रिकेटेड) हो चुकी,
थी कि अब उसे चुदाई के लिए किसी क्रीम या आयिल की ज़रूरत नही रह गयी थी........
शास...ने अपने लंड का भारी सूपड़ा कुसुम की चूत के छेद पर अड्जस्ट किया और कुसुम की दोनो चुचियाँ पकड़ कर, लंड का चूत पर दबाव बनाया ! .... पर चूत कुँवारी होने के कारन अत्यधिक टाइट थी इसीलिए लंड अंदर नही जा पाया.....
मगर शास तो शायद इसके लिए पहले से ही तय्यार था.......कुसुम की सिसकारियो के बीच....शास ने कुसुम के होंठो को अपने होंठो में दबा लिया, और चूतड़ उठाकर एक धक्का मार दिया !......लंड के सुपाडे. ... ने....चूत की दीवारे फाडते हुए कुसुम की चूत में अपनी जगह बना ली..... कुसुम की जोरदार चीखा निकल गयी.....
.अगर शास ने कुसुम के होंठो को अपने होंठो में ना दबाया होता तो चीख की आवाज़ नीचे ज़रूर चली जाती.....ओओओओओओओओओ ओओओओओओओओओओ ओओओओओओओओओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउऊऊऊऊऊओह्ह्ह्ह्ह्ह्हहूऊऊऊऊऊऊन्न्ननननननननननणणन् मगर शास लगता है अब चुदाई में इतना निपुण हो चुका था,...कि....बिना ओर समय और मौका गँवाए उसी पल दूसरा और जोरदार धक्का मार चुका था.......
.कुसुम चीखती रही,... छटपटाती रही,.......उसकी आँखों से आँसुओ की धारा बहती रही......पर शास की पकड़ बिल्कुल ढीली नही पड़ी ..... और होंठो में होंठ दबाए चूमता रहा........शास का लंड कुसुम की चूत को फड़ता हुए लगभगआधा लंड कुसुम की चूत में समा चुका था.......