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चुदाई घर बार की complete



कुछ देर तक मैं अपनी आखेँ बंद किए लेटा रहा और अपनी साँस बहाल करता रहा और फिर अपनी आखेँ खोल के देखा तो अबू भी अम्मी और फरजान को छोड़ने के बाद आराम कर रहे थे

कुछ देर हम सब ने आराम किया और उस के बाद अम्मी फरजान को ले के मेरी तरफ आ गई और बाजी फरीदा को अबू की तरफ ले गई और उस के बाद फिर से एक दौर चुदाई का लगा और

फिर हम सब नंगे ही रूम मैं सो गये एक साथ जुब हम उठे और नहा के नाश्ता कर लिया तो अबू ने मुझे कहा क तुम शहर चले जाओ (जिस का अबू ने नाम भी बताया) और वहाँ किसी मकान का इंतज़ाम करो

मैं शहर आ गया अबू से पैसे ले के और अब हम सब लोग यहाँ मकान ले चुके थे और ज़मीन बेच के यहाँ शिफ्ट भी हो चुके हैं .

इस बात को अब ६ साल हो गए थे मेने इंजीनियरिंग करके एक कम्पनी मै अच्छी नौकरी ज्वाइन कर ली..

उसकी बाद मुझे विदेश मैं एक अच्छी जॉब मिल गयी तो मै सब को लेके यहाँ आ गया ..३ साल पहले अब्बू का दिल की बीमारी से इंतकाल हो गया पर अब्बू ने मेरी और फरी बाजी का निकाह करवा दिया था

फिर मेने २ साल पहले फरीदा बाजी का और १ साल पहले फरजान को निकाह .अच्छे लड़कों से करवा दिया........वो अपने घर मै खुश है.

मै ..अम्मी और मेरी प्यारी बेगम, मेरी फरी बाजी जो आज भी मेरे लिये कुछ भी करने को तैयार रहती है

हम तीनों एक ही घर पे रह के ..अपनी जिंदगी का मज़ा ले रही हैं ...

जो भी हमारे बीच हुआ ...किसी को पता नहीं है.... फरीदा और फरजाना के शोहर फरी को मेरी बेगम के रूप मै जानते हैं...

कभी कभी हम सब भाई बहन और अम्मी ..जब भी अकेले मोका मिलता है... पुराने दिन याद करते है .. हमें..अब्बू की कमी बहुत खलती है... पर क्या करे...

समाप्त

 
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