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चूतो का समुंदर

फिर मैं ऑर आंटी…रेडी होकर रूम से बाहर आए,,वहाँ दीपा ऑर आंटी की बाकी की दो फ्रेंड भी रेडी होकर खड़ी थी

दीपा-रजनी कितना लेट…सब चले गये है…फंक्षन स्टार्ट हो गया होगा

आंटी-अच्छा….मैने लेट करवाया…???

दीपा- ऑर क्या

आंटी-अच्छा बेटा नहा तू रही थी 1 घंटे तक ऑर बोल मुझे रही है(ऐसा कह कर आंटी ने स्माइल कर दी दीपा को)

दीपा(शरमा गई)-वो..तो…अरे छोड़ ना बातो को..चलो चलते है

दीपा के कहते ही मैं ऑर आंटी एक दूसरे को देख कर मुस्कुराते हुए चल दिए

मैं(चलते हुए)

मैं-आंटी

आंटी-हाँ बोलो

मैं-आंटी जबसे हम आए है …आपने अपनी फ्रेंड से मिलवाया ही नही….

आंटी-ओह अच्छा…अभी लो

इसके बाद हम सब वहीं रुक गये ऑर आंटी बोली

आंटी-तुम दीपा को तो जानते ही हो

मैं-हाँ आंटी दीपा को तो जान ने लगा हूँ…पर पूरी तरह नही(स्माइल कर दी)

दीपा-तो जान जाओगे..अभी तो टाइम ही टाइम है…ऑर हम सब हँसने लगे

आंटी-अच्छा ये है रिचा…ये टीचर है…ऑर इसकी बेटी भी आई हुई है…तुम्हारे बराबर की ही होगी …

मैं-हेलो रिचा जी

रिचा-नही, सिर्फ़ रिचा…

मैं-ओके…हेलो रिचा(ऑर मैने रिचा को स्माइल की…उसने भी रेस्पॉन्स मे स्माइल कर दी)

आंटी-ऑर ये है मनोरमा…हम इसे प्यार से मनु कहते है

मैं-ओके…तो मैं क्या कहूँ इनको

मनोरमा-आप भी मनु ही कहिए ....प्यार से

ऑर हम सब खिलखिला उठे

मैं-ओके…हेलो मनु

आंटी-मनु के पति आउट ऑफ कंट्री मे है……कम ही आते है..इंडिया

मैं-ओह…बिग बिज़्नेस मॅन…दटस ग्रेट

आंटी-बाकी की जान -पहचान अपने हिसाब से करते रहना …अब चलो …लेट ना हो जाय

अब हम सब हॉल से होते हुए …हॉल के लेफ्ट साइड …..खुले ग्राउंड मे पहुच गये …जहाँ फंक्षन का शानदार इंतज़ाम था….

हेवी डेकोरेशन…लाउड म्यूज़िक …..मस्त लाइटिंग..

सच मे रौनक तो कमाल की थी…ऑर सामने था बड़ा था स्टेज …जहाँ पर संगीत का प्रोग्राम था….

चलते हुए आंटी ने बताया कि डिन्नर स्टेज के पीछे होगा…ऑर बार काउंटर भी लगाया हुआ है…

( मैं बता दूं कि मैं कभी-कभी ड्रिंक कर लेता हूँ…ज़्यादातर पार्टीस मे…ऑर कभी मूड बन जाय तो चुदाई भी ड्रिंक करके करता हूँ )

ऐसे ही बाते करते हुए हम स्टेज के पास पहुच गये......

हमारे पहुचते ही कामिनी हमारे पास आई

कामिनी-यार तुम लोग भी ना…कितना टाइम लगाती हो….

आंटी-यार सॉरी लेट हो गये बट अभी प्रोग्राम शुरू नही हुआ अच्छा है

कामिनी ने मुझे देखा ऑर कहा

कामिनी-वेल-वेल,,,,कम सर..आप तो आज कमाल लग रहे हो...पता नही कितने मर मिटेंगे आप पर आज रात...हहेहहहे

मैं-थॅंक्स , बट आप से कम ही हूँ…आप लोग तो आज…बिजलियाँ ही गिरा दोगि

ओर हम सब हँसने लगे

कामिनी ने हमे टेबल्स पर आने को कहा

वहाँ पर सिट्टिंग अरेंजमेंट ऐसा था कि एक टेबल के साथ 4 चेर थी...

कामिनी रिचा ऑर आंटी,,,1 टेबल पर बैठ गई..जहाँ पहले से कामिनी की पहचान की लेडी भी बैठी थी

 


दूसरी टेबल पर मैं, दीपा ऑर मनु आ गये…

( मैने बैठते हुए नज़र घुमाई तो देखा कि वहाँ सब के सब मॉर्डन ऑर मिनी ड्रेस मे थे…मतलब सब लड़किया ऑर औरतें…मर्द नही…हहहहहा )

मैने सोचा कि संगीत के टाइम ऐसी ड्रेस…कुछ समझ नही आया….

मैने दीपा को अपने पास आने का इशारा किया ऑर वो अपना कान मेरे पास करके बोली

दीपा-क्या हुआ

मैं- एक बात बताओ…यहाँ सभी लॅडीस संगीत मे आई है या बार डॅन्सर है

दीपा-हहेहेहहे…ऐसा क्यो बोल रहे हो

मैं-देखो ना सब के सब कैसे कपड़े पहने हुए है

दीपा-हम भी तो ऐसे ही कपड़े पहने हुए है...

मैं-हाँ….पर मैने सोचा आप लोग मॉर्डन ख़यालातों की हो…बट यहाँ तो सभी…

दीपा-अरे ..मेरी बात सुनो…

मैं-हाँ

दीपा-ये आज के फंक्षन की थीम है

मैं-थीम….ऐसी कोई थीम रखता है क्या

दीपा-अब क्या बताऊ…जिस लड़की की शादी है…वो फॉरिन मे पढ़ी है…तो उसी ने थीम रखी

मैं-ऐसी कैसी थीम यार

दीपा-आज की थीम है मिनी ड्रेस….हाँ कल वेस्टर्न थीम है

मैं-आंटी को पता है

दीपा- हाँ…कल रात मे सबको बता दिया था…उसे भी कॉल किया था कामिनी ने

मैने(मन मे)-तभी आंटी ने कोई साड़ी नही ली अपने साथ….

दीपा-ऑर हाँ..कल सुबह पूल पार्टी है

मैं-पूल पार्टी यहाँ गाओं मे कहाँ..???

दीपा-अरे तुम जानते क्या हो अभी…यहाँ पर तो 5 स्विम्मिंग पूल है

मैं(शॉक्ड हो कर)- 5 पूल

दीपा-हाँ, 3 ओपन ऑर 2 प्राइवेट...

मैं-अच्छा…कहाँ है???

दीपा- यही पीछे साइड….कल दिखाउन्गी…मज़ा करेगे हम

मैं दीपा से बार कर रहा था ऑर मनु को देख कर बोला

मैं-अच्छा ये मनु कैसी है

दीपा-मतलब

मैं-अरे जैसे आंटी ने तुमसे मिलवा दिया…तुम मुझे इससे मिलवा दो

दीपा-मरवाओगे क्या…उसे पता भी नही चलना चाहिए कुछ भी

मैं-क्यो… क्या वो ये शौक नही रखती

दीपा- पता नही…पर आज तक सुना नही….हाँ इसका पति बाहर ही रहता है,,,,तो तड़पति तो होगी बट…दूर ही रहना

मैं-लेकिन मुझे तो ये पसंद आ गई…कुछ करो ना

दीपा-नही हो सकता…मनु ऑर रिचा…इस मामले मे नही पड़ती

मैं-ऑर कामिनी

दीपा- वो तो रेडी है…बस सही टाइम का वेट है उसे तो

मैं-लेकिन मुझे तो मनु ऑर रिचा भी चाहिए

दीपा-यार प्लीज़…उसमे मैं कोई हेल्प नही कर सकती पर हाँ

मैं(बीच मे ही)-पर क्या

दीपा-तुम ट्राइ का लो…रिचा चुदाई को प्यासी है…लेकिन शरमाती है…अकेले मे पट सकती है

मैं-ऑर मनु

दीपा-प्यासी तो वो भी है…बट वो नही मानेगी शायद

मैं-तब तो मैं मना के ही रहुगा

दीपा-देख कर कोई गड़बड़ मत कर देना

मैं-दीपा डार्लिंग….मुझे चूत को तैयार करना आता है…..देखती जाओ यहाँ से जाने के पहले इसे चोद कर ही रहुगा

दीपा(मुस्कुरा कर)-ठीक है…अगर इसे चोद दो,,,,तो मज़ा आ जाय….लेकिन हमे मत भूलना

मैं-अरे नही जान

दीपा-आज रात को रेडी रहना…मस्ती के लिए

तभी किसी ने दीपा को आवाज़ दी ऑर वो..आती हूँ..कह कर चली गई….

अब सिर्फ़ मैं ऑर मनु ही थे…मैने मनु को देखा तो पाया कि ये तो आंटी ऑर दीपा से भी हॉट लग रही है..ऑर फिर उस पर से मिनी ड्रेस उसको ऑर भी हॉट बना रही थी

मैं(मन मे)-ये मिल जाय तो मज़ा आयगा…पर कैसे…क्या करूँ…ट्राइ करता हू)

मैं-अरे मनु जी आप चुप क्यो बैठी है

मनु-आपसे बोला था कि जी मत बोलिए…प्ल्ज़्ज़..मनु कहिए

मैं-ओके..सॉरी…बट आप चुप क्यो है

मनु-आप आप दीपा के साथ बिज़ी थे ऑर यहाँ कोई है नही..तो मैं क्या करती

मैं-सॉरी,….मैं वो आज की थीम के बारे मे पूछ रहा था

मनु-ओह…कोई बात नही…वैसे थीम कैसी लगी तुम्हे

मैं(मुस्कुरा कर)-मस्त…मुझे तो मज़ा आ गया

मनु(आँखे नचाती हुई)-अच्छा… मज़ा वो क्यो???

मैं-अरे... जब इतने सारे माल ,इतनी हॉट ड्रेस पहन कर आपके सामने हों तो मज़ा तो आयगा ही...

मनु-ओह हो..माल???

मैं-माल ही तो है…वो भी हॉट माल

मनु-अच्छा..ऑर तुम्हारी आंटी…उसने तो ज़्यादा ही हॉट ड्रेस पहनी हुई है…

मैं-हाँ..वो तो है..बट उनके बारे मे क्या कह सकता हूँ..

मनु-हाँ…वो तो कम ही ऐसी ड्रेस पहनती है...

मैं(चौुक्ते हुए)-कम मतलब…वो तो पहली बार…

मनु(बीच मे ही बोली)-अरे पहली बार तो नही…हाँ तुम्हारे सामने पहली बार होगा

मैं-अच्छा…वो कब पहनती है , वैसे

मनु-जब हम सब फरन्ड कोई पार्टी मे होते है…जहाँ तुम्हारी आंटी के घर से कोई ना हो

मैं-मतलब अपने शहर मे भी पहनती है

मनु-हाँ,बिल्कुल…ऑर हां…किसी से कहना मत..हम सब पहचान वालो को मना करते है कि इसके घर ना बोले

मैं-तो आंटी ऐसा भी करती है

मनु-अरे तुम्हे क्या बताऊ की तुम्हारी आंटी ओर क्या-2 करती है

मैं-ऑर ..मतलब क्या करती है

मनु(हड़बड़ा कर)-अरे कुछ नही…वो तो ऐसे ही कह दिया

मैं-आप झूट मत बोलिए…

मनु-मैं सच कह रही हूँ..

मैं-मैं आपकी आँखो मे सॉफ देख रहा हूँ कि आप कुछ छिपा रही है

मनु-नही ऐसा कुछ नही है…तुम ग़लत सोच रहे हो

मैने सोचा कि इससे पता तो करना ही है कि आंटी क्या करती है…पर कैसे….हाँ आइडिया…

मैं-ठीक है तो मैं खुद पूछ लेता हूँ

मनु(हड़बड़ा गई)-सीसी…किस से..पूछ लोगे

मैं-आंटी से…उन्हे बोलुगा कि आप कहा रही थी …ऑर ज़रूरत पड़ी तो दीपा से

आंटी-नही-2 ऐसा मत करना…वो मुझे गुस्सा करेगी

मैं-तब तो आप ही बोलो वरना

मनु-मुझे कुछ नही पता…छोड़ो भी

मैं(कुर्सी से उठते हुए)-कोई बात नही मैं अभी पूछता हूँ

मुझे उठते हुए देख कर मनु ने मेरा हाथ पकड़ लिया..

मनु-प्ल्ज़्ज़..ऐसा मत करो...प्राब्लम हो जाएगी

मैं- तो ठीक है आप बोलो

मनु(कुछ सोच कर)-पर तुम्हे क्यो जान ना है…रहने दो

मैं-बताओगी या नही….या मैं जाउ

 


मनु उठ कर मेरे बाजू की चैरे पर आ गई ...और

मनु-हाँ.....पर यहाँ नही...रूम मे चलेगे तब

मैं-तो चलो

मनु-नही अभी नही…बता दुगी...ट्रस्ट मी

मैं-ठीक है..जैसा कहो

ओर मैने मेनू की तरफ देखा..उसकी आँखो मे डर दिख रहा था…

मैं-आप डरो मत…आप जैसी लड़की को डरना अच्छा नही लगता

मनु- थोड़ा नॉर्मल हो गई

मैं-वैसे एक बात बोलूं

मनु-क्या

मैं-अगर आप बुरा ना माने तो

मनु-नही मानूँगी बोलो

मैने सोचा इस पर ट्राइ तो कर ही लूँ…पटी तो पटी वरना अपन को कौन सी कमी है

मैं-आप आज क़हर ढा रही है

मनु(शरमा कर)-छोड़िए भी……

मैं-सच मे आपने तो मुझे पहली नज़र मे घायल कर दिया था

मनु(चौुक्ते ही)-क्या कहा ???

मैं-आपने सुना ना…फिर से बोलू क्या

मनु-नही...बट...ऐसा क्यो

मैं(मन मे )-ह्म्म...नॉर्मल है मतलब पट सकती है बट इसे पटाने के लिए जल्दबाज़ी ठीक नही…आराम से ट्राइ करना होगा

मनु-चुप क्यो हो…बताओ…ऐसा क्यो

मैं-अब जो सही है वो बोल दिया…आप पर दिल आ गया

मनु(नज़रे झुका कर मुस्कुरा दी)-अच्छा..दिल आ गया…झूट

मैं-कसम से आप को देख तभी आप दिल को पसंद आ गई थी

मनु(अब शरमा रही थी)-अच्छा ऐसा क्या पसंद आ गया…मैं भी तो सुनूँ

मैं(मन मे)-ये आंटी की सारी फ्रेंड सेम ही है क्या….तारीफ की नही ऑर लाइन पर आ जाती है….हाहहाहा

मनु-बोलिए…इतना सोचना पड़ गया

मैं- अरे वो मैं आपकी आँखो मे खो गया था

मनु(फिर से शरमा गई)-अच्छा…जी…अब बोलिए भी…क्या पसंद आ गया

मैं-अब कहाँ से शुरू करू....आपके ये खुले हुए लंबे बाल.....काली मदमस्त आँखे....गुलाबी होंठ...उपर से ये गोरा बदन जिस पर इतनी अच्छी ड्रेस पहनी हुई है...

मनु-बस-बस...आप तो शायर हो गये…

मैं-अरे आपको देख कर तो गूंगा भी शायरी करने लगेगा…

मनु(शर्म के मारे लाल हो गई)-तुम भी ना कुछ भी…

मैं-अरे अभी बात तो सुनिए…सबसे बढ़कर तो आपका फिगर क़यामत ढा रहा है

मनु-शरमाते हुए चुप रही ऑर नज़रे झुका ली

मैं-सच मे….माफ़ कीजिए पर आपके पति की तो किस्मत खुल गई…

जैसे ही मैने मनु के पति की बात की मनु के चेहरे पर शरम की जगह उदासी ऑर गुस्से ने लेली ऑर वो बोली

मनु-छोड़िए….मैं अभी आती हूँ

मैं- अरे सुनो तो......

पर मनु बिना कुछ बोले वहाँ से चली गई….

मैं शॉक्ड था कि जो अभी शर्मा रही थी ऑर मज़े से अपनी तारीफ सुन रही थी….गुस्सा क्यो हो गई…????....ऑर मैं सोच रहा था कि बात बन रही है ऑर ये तो भाग गई…क्या हुआ आख़िर..??

मैं सोचता रहा कि बात क्या है….बट कोई जवाब नही था…मेरा तो मूड ही खराब हो गया

तो मैं वहाँ से उठा ऑर बार काउंटर की तरफ चल दिया......

बार काउंटर पर पहुच कर

काउंटर मॅन-हेलो सर ...क्या दूं आपको

मैं- वन स्कॉच लार्ज

उसने मुझे स्कॉच का लार्ज पेग बन कर दिया..ऑर बोला

काउंटर मॅन-सर प्ल्ज़ हॅव शीट…आप बस ऑर्डर कर देना

 


मैने देखा वहाँ कुछ सोफे थे ऑर टेबल्स भी…मैं जाकर सोफे पर बैठ गया ओर स्कॉच पीने लगा…

मैने पहला पेग ख़त्म कर के दूसरे का ऑर्डर दिया…इतने मे 1 वेटर कुछ स्नकस भी रख गया..

मैं स्कॉच पीते हुए सोचने लगा कि ऐसा क्या हुआ कि मनु उठ कर चली गई….क्या हुआ????

इसी तरह सोचते हुए मैं 3 पेग ख़तम कर गया ऑर चौथा मेरे हाथ मे था तभी सामने से एक माल आता हुआ दिखा….वाउ…पाठाका थी….अरे ये तो रिचा है…ये यहाँ कैसे…ये भी पीने आई है क्या….?????

मैं सोच रहा था तब तक वो मेरे पास आकर मुझसे बोली

रिचा-अरे आप यहाँ मैं कब्से देख रही थी आपको

मैं-मुझे..??? क्या हुआ…कोई काम था

रिचा-क्यो बिना काम से आपके पास नही आ सकती क्या...

मैं-अरे मतलब …सॉरी …बोलिए क्या हुआ..ऑर आपकी फ्रेंड्स कहाँ है

रिचा-वो सब बिज़ी है…मैं बोर हो रही थी तो सोचा आपसे बात करूँ

मैं-हाँ क्यो नही….बैठिए ना

रिचा-चलो आपको फ़ुर्सत तो है….मुझे लगा आप दीपा को ही टाइम देते हो…हहेहहे

मैं(थोड़ा चौंक गया)-मतलब…???

रिचा-अरे कुछ नही…आप फ्री हो ना

मेरा तो मूड ऑफ था…फिर सोचा शायद मनु नही तो ये ही पट जाय….चान्स मारते है

मैं-अरे आप जैसी हसिनाओ के लिए तो हमेशा फ्री ही हूँ

रिचा-हां देखा है मैने

मैं-क्या देखा

रिचा(डरते हुए)-वो..कुछ नही ..यही कि आप फ्री हो..

मैं-अच्छा…ये बताओ आप ड्रिंक करोगी

रिचा-नही मैं नही पीती

मैं-ओह सॉरी…तो मैं भी नही पी रहा

रिचा- नही-नही आप पीजिए...मेरी बजह से...

मैं(बात काट ते हुए)- अरे नही...कोई बात नही....मैं तो ऐसे ही पीता हूँ....कोई हॅब्बिट नही है

रिचा-ओके…बट यहाँ शोर बहुत है कही शांति मे जा कर बात करते है

मैं-क्यो नही ,,,कहाँ चले बोलो

रिचा-आइए मेरे साथ

मैं रिचा के साथ बार काउंटर से उठ कर जाने लगा...तभी मैने देखा कि ये तो अंदर की तरफ जा रही है

मैं-रिचा....अंदर चलना है क्या

रिचा-हां...वो यहाँ शोर बहुत है....ऑर हाँ अभी फंक्षन मे टाइम है,,,चलिए थोड़ी देर बाद आ जायगे

मैं-अरे फंक्षन की मुझे टेन्षन नही...मैं तो बस पूछ रहा था...

रिचा-आपको मुझ पर भरोसा नही क्या …..

मैं-ऐसा क्यो कहा

रिचा-वो आप ऐसे बोले कि , पता नही मैं कहाँ ले कर चली जाउन्गी,...हहेहहे

मैं(मुस्कुरा कर)-ऐसी बात नही....आपके साथ तो कही भी चला जाउन्गा

रिचा-(शरारती अंदाज मे)-सच...मना मत कर देना

मैं-आप बोलो तो ...आप जो कहो...वो करूगा...जहाँ भी चलना हो चलो

रिचा-आइए फिर...आपको भी शिकायत का मौका नही दूगी

उसके बाद मैं ऑर रिचा अंदर जाने लगे जहाँ 1 गलियारा आया, जिसके दोनो तरफ रूम्स थे,,,,,चलते हुए मैं रिचा की गंद देख कर खुश हो गया....मस्त गंद थी उसकी...

मैने सोचा कि काश ये मुझे मिल जाय तो मज़ा आ जायगा ऑर मनु की बजह से जो मूड ऑफ हुआ वो भी फ्रेश हो जायगा

मैं रिचा को देखता रहा ऑर थोड़ी देर बाद रिचा एक रूम के सामने रुक गई…उसने लॉक खोला ऑर अंदर चली गई….मुझे साथ ले कर

अंदर आते ही रिचा ने रूम बंद कर दिया…ऑर बोली

रिचा-अब यहाँ बात करते है

मैं-ठीक है ...

इस रूम मे भी सब समान था...पता नही कितना खर्चा किया कामिनी ने इन सब मे

 


मैं रिचा के साथ बेड पर बैठ गया ऑर बोला

मैं-वैसे रिचा बंद कमरे मे बात करेगे हम....????

रिचा(नोटी अंदाज मे)-क्यो बंद कमरे मे बात नही कर सकते क्या

मैं(मन मे)-ये यहाँ बात करने को नही लाई…ज़रूर कुछ प्लान करके आई है…पर क्या…???...पूछ ही लेता हूँ

मैं-रिचा

रिचा-हाँ बोलो

मैं-सच बताओ हम यहाँ क्यो है इस कमरे मे...???

रिचा-बोला ना कि शांति मे बात करेगे

मैं-सच बताओ…जल्दी

रिचा-यही बात है सच

मैं(मन मे)-थोड़ा नाटक करना होगा…ऐसे लाइन पर नही आयगी

मैं(गुस्सा दिखाते हुए)-ठीक है तो मुझे यहाँ नही करनी कोई बात चलो बापिस

रिचा-हाँ चलते है ,,,थोड़ा रूको तो

मैं(बेड से खड़ा होकर)-तुम बैठो , मैं चला…

जैसे ही मैं जाने को हुआ रिचा ने मेरा हाथ पकड़ कर रोकना चाहा…ऑर मैने सभल नही पाया ऑर रिचा के उपेर आ गया…रिचा मेरे बजन से बेड पर लेट गई ऑर मैं उसके उपर गिर गया......

मैने सभल नही पाया और रिचा के उपर आ गया…रिचा मेरे बजन से बेड पर लेट गई और मैं उसके उपर गिर गया... .

रिचा-आओउक्चछच…

मैं-सस्स….सौररी….सूउरी…

और जैसे ही मैने उठने की कोसिस की …रिचा ने मुझे बाहों मे कस किया…जिससे मैं उठ नही पाया

मैं-क्या हुआ

रिचा…कुछ नही पर हो सकता है

मैं(नौरमल होते हुए)-क्या*???

रिचा-जो चाहो

मैं-सॉफ-2 कहो…और छोड़ो मुझे…जाने दो

रिचा-ठीक है…चले जाना..पर ऐसे ही …कुछ मज़ा तो देते जाओ

मैं-क्या बोल रही हो …क्या करना है...????

रिचा-वही जो दीपा के साथ कर रहे थे

मैं(शॉक्ड हो गया)-क्क्या…क्या..बोल रही हो

रिचा-(धीरे से)-वही जो दीपा के साथ नंगे हो कर कर रहे थे

मैने सोचा कि इसे कैसे पता फिर सोचा कि क्या फ़र्क पड़ता है…इसकी चूत तो मिलेगी

मैं-अच्छा…तो इसलिए यहाँ लाई हो मुझे

रिचा(शरमाते हुए)-हाँ

मैं-तुम्हें कैसे पता चला…

रिचा-वो तुम्हारा रूम ठीक से लॉक नही हुआ था शायद और मैं दीपा को देखने आई थी तब देख लिया

मैं-ओह,,,,,तो ये बात है…पर मैने तो सुना था कि तुम्हे ये पसंद नही…दीपा की तो बात अलग है

रिचा-सही है…पर तुम्हारा वो देख कर कोई भी पागल हो जायगा…और अब उठो मेरे उपर से

मैं-अभी तो लेटना बाकी है मेरी रानी….

रिच-शरमा कर चुप रही

मैं-तो तुम्हे चाहिए क्या हैं

रिचा-वही जो दीपा को दिया

मैं-उसका नाम होता है वो बोलो

दीपा(शरमाते हुए)तुम्हारा लंड

मैं-ये हुई ना बात…अब देख क्या करता हूँ मैं

और इतना बोल कर मैं रिचा को किस करने लगा….रिचा तो इसके लिए वेट ही कर रही थी और वो भी मुझे किस करने लगी…

 
मैं जानता था कि हमे जल्दी वापस फंक्षन मे जाना होगा यही सोच कर मैने किस तोड़ा और रिचा से कहा

मैं-रिचा…जल्दी करते है…नही तो सब हमें ढुड़ने लगेगे

रिचा-हाँ, ये तो मैने सोचा ही नही…लेकिन टेन्षन मत लो अभी तो टाइम है फंक्षन मे

मैं-ओके…

और हम फिर से एक दूसरे के होंठो को चूसने लगे….

थोड़ी देर किस करने के बाद मैने रिचा के बूब्स दवाने स्टार्ट कर दिए….

कितने बड़े-बड़े बूब्स थे आहह…चूसने मे मज़ा आयगा…

यही सोच कर मैने रिचा की ड्रेस को कंधे से निकालना शुरू किया….और ड्रेस के साथ उसकी ब्रा को भी साइड मे किया…..

क्योकि ड्रेसस्स लोंग नेक की थी तो उसका बूब आधा बाहर ही था…मैने थोड़ा ड्रेस से खींच कर 1 बूब बाहर निकाल लिया और ज़ोर से दवाने लगा….

रिचा किस कर रही थी और अंदर ही अंदर बूब दबवाने के कारण आहह-आहह करने लगी

करीब 5-6 मिनट तक हम ऐसे ही किस करते रहे फिर किस को तोड़ कर

रिचा-आआहह…कितनी ज़ोर से मसल्ते हो तुम

मैं-मैं ऐसा ही सेक्स पसंद करता हूँ..

रिचा-हाँ पता है…दीपा को ऐसे ही पेल रहे थे

मैं(मुस्कुरा कर)- हाँ…अब तुम्हे पेलुगा….

मैं रिचा की टाँगो को सहलाते हुए उसकी ड्रेस को कमर तक लाया और नीचे होकर उसकी मोटी-मोटी जाँघो को चूमने लगा…

रिचा-आहह…क्या कर रहे हो…

मैने- चुप रह कर जाँघो को चाट ता और चूमता रहा

रिचा-सच मे कमाल हो तुम….आज तक किसी ने ऐसे नही चूमा मुझे…ह्म्म्म

थोड़ी देर तक जाँघो को चूमते हुए मैने अपना हाथ रिचा की पैंटी के उपर से उसकी चूत पर रखा और सहलाने लगा…

रिचा अब पूरी तरह गरम थी….उसकी चूत से बहते हुए पानी से ये बात सॉफ पता चल रही थी…

मैं नीचे चूत को सहला रहा था और रिचा ने अपने दूसरे बूब्स को भी बाहर करके…दोनो बूब्स को मसलना शुरू कर दिया,,,

कुछ देर बाद मैं उठा और रिचा को नंगा करने लगा…

मैने रिचा की पैंटी की पट्टी को चूत से साइड करके ..उसकी चूत को मसल दिया

रिचा-आहह…

मैं-क्या हुआ…अभी तो कुछ किया ही नही

रिचा-आज सालो बाद किसी मर्द का हाथ लगा है चूत पर

मैं(चूत को सहलाते हुए)-कोई बात नही…आज से मैं पूरा ख्याल रखुगा इसका…

रिचा(मुझे किस करके)-सच मे…भूल मत जाना

मैं-लेकिन ये सॉफ रखना…मुझे चिकनी चूत पसंद है

रिचा- जब भी आओगे सॉफ ही मिलेगी...कोई शिकायत नही होगी

मैं(अभी भी चूत सहलाते हुए)-ह्म्म...हमेशा ख्याल रखना

और ये कहते हुए मैने चूत को ज़ौर से मसल दिया…रिचा आहह करके रह गई

मैने रिचा को बेड से उठाया…और पलट के पीछे से उसकी गंद देखने लगा…और उसकी गंद पर किस कर दिया…

रिचा-तुम्हें पसंद आई

मैं-यही तो सबसे ज़्यादा पसंद आई…

और मैने पैंटी को नीचे खीच दिया और रिचा को थोड़ा झुका कर उसकी गंद की दरार मे जीभ फिराने लगा...

रिचा-आहह,,,करते रहो

मैं-अपनी जीभ को गंद के छेद से चूत तक फेरता रहा

रिचा-आहह…अच्छा लग रहा है….करते रहो

फिर मैने रिचा को बेड पर थोड़ा और झुका दिया...और पैंटी को पैरो से निकाल फेका...

रिचा के झुकने से उसकी गंद का छेद और चूत सॉफ-सॉफ मेरी आँखो के सामने थी

मैने देर ना करते हुए…अपनी जीभ को रिचा की गंद के छेद पर रख दिया और चाट ने लगा…

रिचा तो पागलो जैसे मज़े मे सिसकने लगी…

रिचा-आअहह…तुम मुझे आअहह पागल कर दोगे…उउउंम्म…

मैने रिचा की गंद चाट ते हुए अपनी एक उंगली उसकी चूत मे डाल दी…

मेरे इस दोहरे हमले से रिचा पागलों की तरह बड़बड़ाने लगी

रिचा---आहह.....म्म्म्मा आंणन्न् ग्गगाइइइ......ट्तूम.....क्या...करते होई...आअहह....इतना मज़ा...आहह....आज तक नही आया....आहह

मैने गंद को चाटना और चूत मे उंगली करना जारी रखा और साथ ही एक हाथ रिचा के आगे ले जाकर उसके बूब को मसलने लगा

 
अब रिचा को बूब, चूत और गंद…तीनो जगह से मज़ा मिल रहा था…करीब 5 मिनट तक रिचा मज़ा लेती रही और फिर झड़ने लगी

रिचा-आहह…मैं आई….आअहह

मैने रिचा के झाड़ते ही अपना मुँह उसकी गंद से हटा कर उसकी चूत मे लगा लिया और रिचा मस्ती मे सिसकारी लेते हुए मेरे मुँह मे झड़ने लगी.....

रिचा-आअहह….कमाल हो तुम….पी जाओ….आहहह..आहह…..पूरा…आहह

जब रिचा झड गई तो मैने उसकी चूत को जीभ से अंदर तक चाट कर सॉफ कर दिया…

फिर मैने कहा...

मैं-मज़ा आया रिचा

रिचा ने पलटकर मुझे किस किया और कहा

रिचा-इतना मज़ा मुझे कभी नही आया…कसम से…आज तुमने मुझे पागल ही कर दिया

मैं-अरे जान..अभी कहाँ…अभी देखती जाओ कितना मज़ा करवाता हूँ

रिचा-मैं तैयार हूँ…और हम किस करने लगे

थोड़ा किस करने के बाद रिचा ने मेरे कपड़े निकालना शुरू किया..

रिचा ने एक-एक करके मेरे सारे कपड़े निकाल कर मुझे नंगा कर दिया…और मेरे लंड को हाथ मे लेकर बोली

रिचा-उस दिन इसी को देख कर मैं आज चुदने वाली हूँ…और लंड पर किस कर दिया…

मैं-कैसा लगा

रिचा-इसके लिए…सालो के बाद चूत पानी छोड़ने लगी थी मेरी….और एक किस और किया मेरे लंड पर…

मैं-अच्छा…तो इसे टेस्ट करती रहोगी या तैयार भी करोगी…जल्दी चलना है

रिचा-समझी…और रिचा मे मेरे लंड के टोपे को चाटना शुरू किया….

थोड़ी देर मेरे लंड के टोपे को चाट कर गीला करने के बाद रिचा ने मेरी बॉल्स को मुँह मे भर लिया और लंड को हाथ से उपर-नीचे करते हुए मेरी बॉल्स चूसने लगी....

मस्ती मे मेरी आह निकल गई

मैं-आहह….रिचा तू तो रंडी की तरह चूस रही है…क्या बॉल चूस्ति है…ऐसे ही चूस मेरी रानी

रिचा-उउंम्म…मम्मूउहह…..उउउंम्म

2-3 मिनट तक बॉल्स चूसने के बाद रिचा ने बॉल्स को मुँह से निकाल कर मेरे लंड को पूरा मुँह मे भर लिया और चूसने लगी…

रिचा मेरा लंड चूसे जा रही थी और मैं मज़े मे आसमान मे उड़ रहा था

रिचा-सस्स्ररुउउप्प्प,,,,सस्स्रररुउउप्प्प….सस्रर्रप्प्प.

मैं-और तेज …मेरी रानी

रिचा-उउंम्म…सस्रररुउउप्प…सस्स्ररुउुउउप्प्प…उउंम्म

मैं-हाँ ऐसे ही…आज से तू मेरी ….इसी लंड से तेरा ख्याल रखुगा…चूस आहह..

ऐसे ही कुछ देर रिचा पूरी स्पीड से मेरा लंड चूस्ति रही...जब मेरा लंड पूरा तैयार हो गया तो मैने रिचा को रोक दिया बेड से खड़ा होकर रिचा को बेड पर झुका दिया...

मैं-रिचा...आप तुम्हारी फटने वाली है

रिचा-तो फाडो ना..फटवाने तो आई हूँ

मैं(हँसते हुए)-आजा फिर मेरी रानी

मैने रिचा के 1 पैर को बेड से नीचे रखा और एक पैर से वो घुटने पर बेड पर थी…इससे उसकी चूत थोड़ा खुल गई….

मैने लंड को रिचा की चूत पर सेट किया और हल्के से धक्का मारा…

मेरा लंड रिचा की चूत मे घुस गया

रिचा-आहह….

मैने 1और धक्का मारा और आधे से ज़्यादा लंड चूत के अंदर घुस गया

रिचा-आअहह…आराम से…सालो बाद चुद रही हूँ

मैं-हाँ…तभी तो फाड़ने मे मज़ा आयगा…वैसे काफ़ी टाइट है तेरी चूत

रिचा- हां….प्यार से फाडो ना

मैने फिर से 1 धक्का दिया और मेरा लंड पूरा का पूरा रिचा की चूत मे घुस गया,,,

रिचा-आहह..ममी....मर गई..आहह

मैं-अभी तो बड़ा फाड़ने का बोल रही थी अब रोती है

रिचा-आअहह..आराम से…बड़ा है….

 


मैने अपना लंड आधा बाहर निकाला और एक साथ पूरा अंदर डाल दिया

रिचा-आहहह…म्मार्र डाल…..म्म्मादआ

( मैं खुली हुई चूत के साथ प्यार से चुदाई कम ही करता हूँ)

मैने रिचा को कमर से पकड़ा और धक्के मारने स्टार्ट कर दिए…...

रूम मे आवाज़े गूजना शुरू हो गई

तप..ठप..थप…ठप….

ठप..तःप…थप्प….

ये रिचा की मालदार गंद और मेरी जाघो के टकराने की थी…साथ मे रिचा भी सिसक रही थी

रिचा-आअहह…..आआहह…..म्म्म्म माआ….ऊओ…आअहह

तप..त्ततप्प्प्प..त्तताप्प्प..

त्ताप्प्प…त्तताप्प्प…त्ततपप्प

आअहह…म्म्मात…..त्तह[प्प्प

इस तरह की आवाज़ो से रूम गूँज रहा था

5 मिनट की दमदार चुदाई के बाद

रिचा-आहह…माअस्स्टटत् हहाईईईई…..आअहह आईीससी हहीी

मैं-तो ये ले….तेरी चूत का भोसड़ा बनाता हूँ

रिचा-आहह…म्म्म्मां णन्न्,,,गाइइ..आहह…..ज़ोर से…ज़ोर से

मैने धक्को की स्पीड तेज करके रिचा की चुदाई करनी जारी रखी

रिचा—आहह…..ऊउरर तीज्ज्ज,,,हह,,,आईईसी,,हहीी,,,,उउंम्म

करीब 10 मिनट की चुदाई मे रिचा झड़ने लगी

रिचा-आहह…म्म्म्मामाइ..गगैइइया…आहह….ऊऊर..ट्टीएजज्ज़..म्म्मि यन्न ….आअहह…गगग्गैइिईईई

और रिचा के झड़ने पर आवाज़ें बदले गई

तप…त्तप्प्प्प…कचाआप्प…कचप्प…आहह…म्म्माह…कच्छप्प्प्प…त्तहापप्प…कचप्प…आऐईइ…अहहह…त्तप्प..कचछप्प…ऊओह…हहाअ….

रिचा के झड़ते ही मैने अपना लंड निकाला और इससे पहले रिचा कुछ समझ पाती उसकी गंद मे घुसा दिया…

मेरे लंड का ¼ हिस्सा रिचा की गंद मे चला गया

रिचा-आअहह...वहाँ नही....आअहह

मैं-अरे ऐसी मस्त गंद कोई बेवकूफ़ ही चोदे बिना रहेगा

रिचा-आहह नही ....वहाँ दर्द होगा

मैं-साली दर्द होने दे..मज़ा भी मिलेगा रुक

और मैं एक ज़ोर का झटका दिया…..

मेरा लंड 6 इंच के करीब रिचा की गंद मे गया और रिचा रोते हुए कराहने लगी…..

रिचा-म्माआ….माअरर….गाइइ….आअहह

मैने उसके रोने पर ध्यान दिए बिना एक जोरदार शॉट मार दिया और मेरा लंड रिचा की गंद मे पूरा समा गया…रिचा का मुँह खुला रह गया और आँखो से आँसू बहने लगे

मैं-क्या हुआ….मज़ा आया

रिचा-आअहह…माअरर डाअलाअ….साले

मैने देर ना करते हुए धक्के देना स्टार्ट कर दिया और रिचा तड़पने लगी...

रिचा-नाहहिि…आअहह…म्म्मााआ….न्णाननीकककालल्लूओ…..

आआहह…..र्ररूओककक्ूव…..म्म्मााअरररर ग्गगाइइइ…आहहाहह

मैं-चुप कर साली…ये ले….चिल्ला मत…मज़ा ले

रिचा-आअहह......ददार्र्द्द...आअहह

करीब 5 मिनट मैं रिचा की गंद मारता रहा और उसकी चीखे सिसकियो मे बदलने लगी

रिचा-आअहह…..क्क्या…कियेया…थोड़ा..ररूउकू…प्पल्ल्लज़्ज़

मैं जैसे ही रुका बोली..

रिचा-तुमने तो मार ही डाला…आह

मैं-पहली बार गंद मरवाई है क्या

रिचा-नही…पर इतना बड़ा लंड नही लिया गंद मे

मैं-तो आज मज़े ले रानी

रिचा-हाअ….अब तो गंद भी लंड माग रही है…लेकिन प्यार से मारो प्लीज़

मैं-ठीक है मेरी जान…आज…अलग पोज़िशन मे मारता हूँ

और मैने रिचा की गंद से लंड निकाल लिया…सच मे रिचा को दर्द हो रहा था और इसका कारण जब समझ मे आया जब मैने अपने लंड पर थोड़ा खून देखा

 
रिचा-आअहह…सच मे फाड़ ही दी तुमने

मैं-अभी फाड़ दी तो जाने दो…अब मज़ा करता हूँ ..

रिचा-हाँ…जल्दी अब सबर नही होता मेरे राजा

मैं-आज मेरी रानी

और इतना कह कर मैं पास पड़े सोफे पर बैठ गया और रिचा को सोफे के नीचे लिटा कर उसके पैरो को उपर उठा कर उसके सिर की तरफ कर दिया

रिचा-क्या कर रहे हो

मैं-तू बस देख कितना मज़ा देता हूँ…

ये कह कर मैने रिचा की चूत को चाटा और गंद के छेद पर थूक दिया…

इसके बाद मैने रिचा की गंद पर लंड सेट करके अंदर डाल दिया और उसे पैरो से पकड़ कर चोदने लगा....

रिचा-आअहह…आअरररामम से

मैं-आराम से नही….ज़ोर से ले

रिचा-हहा...हहा....आअहह...ज्जूउर्र से

मैं-ये ले

रिचा-आहह...ऑर...त्तेज..आहह

मैं रिचा के पैर को कमर से पकड़े हुए जोरदार शॉट मारता रहा और 10 मिनट ऐसे ही चोदने के बाद

रिचा-आहह...ररूउको...मेरी कमर

मैं-(रुक कर)- क्या हुआ

रिचा-मेरी कमर मे दर्द होने लगा

मैं समझ गया कि इस पोज़िशन मे इसे दर्द हो रहा है...मैने तुरंत रिचा को उठाकर सोफे पर घुटनो के सहारे कुतिया बना दिया......

रिचा भी आगे सिर रख कर थोड़ा झुक गई...मेने फिर पीछे से लंड सेट करके गंद मारना स्टार्ट कर दिया....

और 10 मिनट बाद ...

रिचा----आहहाहह म्मादईयैईंन आआ रहहीी हहू

और रिचा आवने एक हाथ से अपनी चूत मसल्ने लगी

मैने रिचा के कंधो को ज़ोर से पकड़ा और तेज धक्के देने लगा

रिचा-माऐईन्न…आहह…आगगगगगगाविईई

ये कहते हुए रिचा झड गई….मैने भी झड़ने की कगार पर था

मैं-रिचा मैं आया…कहाँ निकालु

रिचा- मुझे टेस्ट करना है..आहह

मैने झट से रिचा की गंद से लंड निकाला और रिचा सोफे पर लेट गई ..

मैं रिचा के मुँह के पास खड़ा हुआ और रिचा ने मेरा लंड पकड़ कर आधा मुँह मे लिया और हाथो से लंड हिलाने लगी…

थोड़ी देर बाद ही मैं रिचा के मुँह मे झड़ने लगा और रिचा मेरा लंड रस पीने लगी ….

फिर रिचा मेरा लंड चूस कर सॉफ करने लगी....

मैं-मज़ा आया,,

रिचा-(लंड मुँह मे भरे हुए)-उउउम्म्म्म

मैं- मुझे भी …सच मे तुम्हारी गंद तो कमाल है

रिचा(लंड मुँह से निकाल कर)-आअहह…तुम भी सॉलिड चुदाई करते हो…मज़ा आ गया

मैं-तो चलो अब चलते है….सब फंक्षन मे हमे देख रहे होंगे

रिचा-ठीक है…

और उसके बाद हमने कपड़े पहने और चेहरे को ठीक-तक करके फंक्षन की तरफ आने लगे

रिचा-अब कब करोगे

मैं-जब मेरा मूड होगा

रिचा-अरे…बोलो ना…करोगे ना..??

मैं(रिचा की गांद पर थप्पड़ मार कर)-क्यो नही तेरी गांद जब बुलाएगी तब आ जाउन्गा

रिचा-ठीक है मेरा नंबर ले लो…तुम जब चाहो जहाँ चाहो…बस कॉल कर देना

हमने नंबर एक्सचेंज किए…रिचा ने कहा

रिचा-प्ल्ज़्ज़ जल्दी आना…सालो बाद चुदि हूँ…वो भी एक मस्त लंड से….अब तड़पाना मत

मैं-ओके..आउन्गा…बट मेरा फ़ायदा करवाना होगा

रिचा-क्या चाहिए तुम्हे…पैसे???

मैं(हँसते हुए)-पैसा तो मेरे पास बेसुमार है...भूल गई क्या

रिचा-ओह सौररी…तो मैं क्या दे सकती हू…अपने जिस्म के अलावा

मैं-मुझे बस प्यार की भूख है…उसे पूरा करती रहना

रिचा-और ये भूख कैसे पूरी होती है

मैं-मुझे चूत और गंद मिले …वो भी मर्ज़ी से…वही मेरे लिए सच्चा प्यार है… समझ गई

रिचा-(मुस्कुरा कर)- हाँ समझ गई…मैं कॉसिश करूगी

मैं-दट’स गुड…

और ऐसे ही बाते करते हुए हम फंक्षन की जगह जाने लगे .

मैने रिचा को रोक कर …बार कोंटेर पर जाकर 1 स्कॉच का गिलास ले लिया....

रिचा- ये किस लिए

मैं-अगर कोई पूछे तो बोल देगे कि हम बार पर थे...आगे कुछ एक्सप्लेन करने की ज़रूरत नही पड़ेगी ..

रिचा-लंड के जैसे दिमाग़ भी तेज है

मैं(मुस्कुरा कर)-वो तो है...और हाँ..याद रहे...किसी को कुछ भी पता ना चले समझी

रिचा-मैं भी यही चाहती हूँ…

और हम बाते करते हुए अपनी टेबल्स पर पहुच गये ...वहाँ आंटी, कामिनी,दीपा और मनु हमे ही देख रहे थे...

 
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