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चूतो का समुंदर



मैं कामिनी के बूब्स को देखने लगा…..कामिनी के बूब्स ब्रा मे तने हुए थे.....उसके बूब्स भी किसी से कम नही थे, आंटी के बराबर ही थे….पूरे कड़क बूब्स..निप्पल तने हुए..

मैने सोचा..इन्हे चूसने मे मज़ा आयगा…बस इसकी गंद भी दमदार हो तो मज़ा आ जाय.....

तभी मुझे ख्याल आया कि पूल पार्टी मे तो कई चूत ऑर गंद मारने को मिल सकती है तो क्यो ना वो टॅबलेट ट्राइ करूँ जो दीपा दे गई थी….टेस्ट भी हो जायगा कि कितना दम है उन टॅब्लेट्स मे…

मैं ऐसा सोच कर वापस हुआ ऑर मेरे पेंट की जेब से 1 टॅबलेट निकाल ली….ऑर पास मे ड्रिंक था ही तो…पानी के साथ टॅबलेट खा ली…

कामिनी-क्या हुआ…बड़ी देर कर रहे हो(वो वैसे ही लेटी थी)

मैं-कुछ नही 1 बियर ले रहा था…

कामिनी-बियर लेकर यही आ जाओ,,,,पूल मे बियर पीने का अलग ही मज़ा है

मैं-ह्म्म्मर....जानता हूँ...अभी आया

ऑर मैने 1 बियर की बॉटल ओपन करके ली…ऑर पूल मे एंटर हो गया

मैं जब कामिनी के पास पहुचा तो जाँघो तक पानी मे था…..ऑर मैं कामिनी के रब्बर बेड से साइड मे खड़ा हो गया

मैं-हाँ..तो अब ज़रूरत पूरी करे

कामिनी(मेरी आँखों मे देख कर)- मैं तो कब्से वेट कर रही हूँ आपका…आप ही टाइम ले रहे है..

मैं-आप बोल देती तो आपके रूम मे आ जाता

कामिनी-मैने आज के दिन मज़े करने का सोचा था…मुझे काम भी थे ना….ऑर आपका लंड भी चूतो मे बिज़ी था

मैं-ह्म्म…तो आप सब जानती हो

कामिनी-हाँ,,,रजनी ऑर दीपा मुझसे कुछ नही छुपाती…उन्हे पता है कि चुदाई मेरा शौक है….तो मुझे तो बताएँगी ही ऐसे तगड़े लंड के बारे मे

मैं-अब बातें ही करेगी या मज़े भी करना है

कामिनी-आज आपको फुल मज़ा देना है….

मैं-ह्म्म्मआ…पर मज़े मैं अपने हिसाब से करूगा…

कामिनी-हाँ…हाँ…क्यो नही….वैसे किस तरह से मज़े लेना चाहते है

मैं-आज मैं आपकी गंद के मज़े लूगा….

कामिनी-ऑर मेरी चूत का क्या…???

मैं-वो भी देख लेंगे….पहले गंद…

कामिनी-ठीक है…वैसे मेरी चोइस भी गंद मरवाने की ज़्यादा है

मैं-तो देर किस बात की हो जाओ सुरू

फिर कामिनी ने मेरे लंड को अंडरवर के उपेर से हो मसलना सुरू कर दिया.....ऑर थोड़ी देर बाद मेरे लंड को बाहर निकाला ऑर झुक कर किस कर के बोली...

कामिनी- सच मे जैसा सुना था वैसा ही है...

ओर फिर कामिनी ने लंड मुँह मे भरकर चूसना सुरू कर दिया

कामिनी एक मझे हुए खिलाड़ी की तरह लंड को चूस रही थी…..

कामिनी ने 1-2 मिनिट लंड की शानदार चुस्साई की…….उसकी चुसाइ से ऑर टॅबलेट की पवर से….कुछ ही मिनिट मे ही मेरा लंड पूरा हार्ड हो गया…मैने कामिनी को रोका ऑर बोला

मैं-बस …अब बाकी का काम आपकी गंद करेगी

कामिनी-ठीक है…जैसा तुम चाहो…पर वहाँ पर

कामिनी ने मुझे पूल के किनारे पड़े बेड की तरफ इसरा किया...

मैं- ओके....चलो फिर

कामिनी-आप ही उठा के ले चलिए ना...प्लीज़

मैने- ठीक है तो अब मेरे बाजुओ का दम दिखाता हूँ...

मैने फिर कामिनी को जाँघो से पकड़ कर उठ लिया ओर कामिनी ने मेरे गले मे बाहे डाल दी....

मैं कामिनी को गोद मे टाँग कर पूल से निकाल कर उस बेड पर आ गया...

जैसे ही हम बेड पर आए तो मैने कामिनी को पलटा के लिटा दिया ऑर कामिनी की गंद को देखने लगा.....,,,

क्या गांद थी कामिनी की….बिल्कुल आंटी और दीपा की गंद के जैसे बड़ी…..मेरा तो दिल खुश हो गया

मैने बेड पर आकर देर ना करते हुए…कामिनी की पैंटी को निकाल फेका ऑर ब्रा को दोनो बूब्स से साइड कर दिया

कामिनी-बड़ी जल्दी मे लग रहे हो

मैं-ऐसी गंद देख कर मन जल्दी कर रहे है….(शायद टॅबलेट का असर भी था…)

मैने कामिनी को बेड पर लिटा कर उसके बूब्स पर हमला कर दिया,…

मैं एक बूब्स को पागलो की तरह मुँह मे भर कर चूस जा राजा था ऑर दूसरे को तेज़ी से मसल रहा था…

शायद टॅबलेट का फुल असर चढ़ चुका था….मैने ज़ोर ज़ोर से कामिनी के बूब्स को चूस ऑर मसल रहा था,,,,...

कामिनी-आअहह…ऊओह…..आअरर्राांम्म्म…सससी

मैं-उउउम्म्म्मम…अहहह….उउउंम्म….आहह

मैने एक बूब चूस्ता फिर दूसरा ऑर ऐसे ही 2-3 मिनिट बूब्स की चुसाइ करता रहा…

फिर मैने कामिनी को कुतिया बना दिया ऑर उसकी गंद उभर कर मेरे सामने आ गई....

मैने कामिनी की गंद को जीभ से चाटना सुरू किया ऑर साथ ही साथ उसकी चूत मे उंगली भी करने लगा.....

कामिनी मस्ती मे आहें भरने लगी ऑर मैं कामिनी की गंद ऑर चूत के मज़े लेता रहा.....

मैं-कामिनी, अब तेरी गंद फाड़ता हूँ ऑर मैने कामिनी की गंद मे एक साथ 2 उंगली डाल दी…

कामिनी-आहह…

मैं(मन मे)-साली को ज़्यादा दर्द नही हुआ…मतलब गंद खुली हुई है

कामिनी-जल्दी करो मैं भी तड़प रही हूँ..

मैं-ओके...अभी लो...

मैने कामिनी को साइड से लिटाया ऑर घुटनो के सहारे उसके चेहरे के सामने अपना लंड कर दिया...

कामिनी देर ना करते हुए मेरा लंड मुँह मे भरकर चूसने लगी ऑर साथ साथ अपनी उंगलियो से अपनी गंद मारने लगी…

5 मिनिट तक लंड कामिनी के मुँह मे आगे पीछे करते हुए मैं कामिनी के मुँह को चोदता रहा ऑर कामिनी अपनी उंगलियो से अपनी गंद चोदती रही….

फिर मैने कामिनी के मुँह से अपना लंड निकाला ऑर बेड पर लेट गया….कामिनी तुरंत उठ कर मेरे दोनो साइड मे पैर रख कर मेरी गोद मे आ गई ऑर अपनी गंद मेरे लंड के उपर रगड़ने लगी

मैं-अब अंदर लोगि या बाहर से ही मज़े करोगी

कामिनी-हाँ...अंदर ही लेना है...थोड़ी मालिश कर दूं..अपनी चूत से

फिर कामिनी ने मेरे लंड पर अपनी चूत रगड़ना चालू किया ऑर कुछ देर तक अपनी गंद को आगे पीछे करती हुई अपनी चूत मेरे लंड पर रगड़ती रही...

 


उसके बाद कामिनी थोड़ा उपेर उठी ऑर मैने लंड को कामिनी की गंद पर सेट करके उसकी गंद को दोनो तरफ से पकड़ लिया

कामिनी-हाँ…धीरे-धीरे

पर मैने लंड को थोड़ा अंदर करते ही कामिनी की कमर पकड़ कर एक झटके से उसे मेरे लंड पर बैठा दिया…

मेरा लंड सटाक से कामिनी की गंद मे चला गया ओर कामिनी तड़प उठी

कामिनी-आअहह.......आआईयइ.....म्म्म्मीमाआ........द्द्ध्हीएर्र्रीए....

.कककककाअहहाअ,,,,,त्ततह.......फफफफफफ़ाआद्द....ददडिईईई....आहहह

मैं-रो मत तेरी गंद तो पूरी खुली है.....ऑर नखरे करती है

कामिनी-आअहह….खुली है…पर…तेरा…बड़ा है...

मैं-अब नखरे बंद करो..

ऑर मैने कामिनी की कमर को पकड़ कर जोरदार धक्के देना शुरू किया,,,,,

कुछ ही धक्को मे कामिनी नॉर्मल हो गई ऑर बड़बड़ाने लगी

कामिनी-आअहह…आहह…यस…यस….यस…ऊहह…ऊहह…यस

मैं-यस बेबी…टेक इट…..

कामिनी-आहह…मज़ा आ गया…येस्स्स..येस्स…उउउफ़फ्फ़…

मैं कामिनी की कमर पकड़ कर उछाल-उछाल के चोद रहा था ऑर हमारी चुदाई की आवाज़ो से शांत पूल मे रौनक आ गई

मैं-यस…बेबी….ये..ले

कामिनी-यस..येस…यस..तेज्ज..तीज्ज्ज..आअहह…….ज़ोर..सी..ज्जूओर्र…ससीई

ट्त्थ्ह्हाप्प्प…आटत्तताप्प…..आअहह…ययययएसस्स….ऊओ….यईएसस्स…त्ट्तीएजज्ज़…ऊओह….

.आहह…त्तताप्प्प….हमम्म…ययईईआअहह..यईससस्स

ऐसी ही आवाज़ो के साथ कामिनी अपनी गंद मरवा रही थी…

करीब 10 मिनिट बाद मैने कामिनी को अपनी गोद से उतार कर साइड मे कुटिया बनाया ओर पीछे से उसकी गंद मे लंड डाल दिया ओर तेज़ी से गंद मारने लगा…ऑर कामिनी ने अपने एक हाथ से अपनी चूत मसलना सुरू कर दिया....

कामिनी-आअहह…आहह…यस…यस….यस…ऊहह…ऊहह…यस

मैं-यस बेबी…टेक इट…..

कामिनी-आहह…मज़ा आ गया…येस्स्स..येस…उउउफ़फ्फ़…फ्फ़ाआस्स्स्टटत्…ययईएह…आहह.

मैं कामिनी की कमर पकड़ कर तेज़ी से उसकी गंद मार रहा था ऑर मेरी जांघे उसकी मालदार गंद से टकरा रही थी ऑर तप-थप की आवाज़ो से गंद चुदाई की मस्त आवज़ो के साथ पूल मे मस्ती बढ़ गई.......

कामिनी-यस..यस…यस....आअहह…….ज़ोर..सी..ज्जूओर्र…ससीई…अहहह…..फ़फफ़ाआस्तटत्त

ट्त्थ्ह्हाप्प्प…आआआहाप्प…..आअहह…ययययएसस्स….ऊओ….यईएसस्स…त्ट्तीएजज्ज़…ऊओह…

..आहह…त्तताप्प्प….हमम्म…त्ताप्प्प…आटत्तताप्प…..आअहह…ययययएसस्स….ऊओ….यईएसस्स…

त्ट्तीएजययईईआअहह..यईससस्स...उउफ्फ...म्म्मा.आ...यईसस्स...ज्ज्जूर्र...ससीए...यययसस्स..आअहह

मैने पिछले 20 मिनिट से लगातार कामिनी की गंद मार रहा था....

और कामिनी ने भी अपनी उंगली को अपनी चूत मे डाल कर आगे-पीछे करना चालू रखा था …

कामिनी-आअहह…..ऊहह…एस्स…येस्स…ययईसस्स…..फ़फफ़ास्स्टटत्…

मैं-यी…ईए……टेक इट.…मस्त गंद है…तेरी...यह

मेरी गंद मारने की स्पीड के साथ कामिनी के हाथ की स्पीड भी चूत मे तेज हो गई थी....ऑर चुदाई की आवाज़े भी बढ़ने लगी…....

आअहाप्प…..आअहह…ययययएसस्स….ऊओ….यईएसस्स…त्त्तीएज्ज्ज…ऊओह…..आहह…त्तताप्प्प….हमम्म…त्ताप्प्प…

आटत्तताप्प…..आअहह…ययययएसस्स….ऊओ….यईएसस

कामिनी-आहह…म्म्मैयईयाईिन्न्न…आऐईयईईई….ऊहह….ऊओ…..

त्ट्तीज़्ज़ज्ज…ऊहह…यईएसस्स…यईएसस….

ऑर कामिनी तेज़ी से झड़ने लगी….लेकिन मैं पूरी तेज़ी से कामिनी की गंद मारता रहा….थोड़ी देर बाद कामिनी बोली..

कामिनी-आहह...मुझे लंड की सवारी करनी है...आहह

मैं-आजा मेरी रानी...अभी करवाता हूँ..रुक ...

मैने कामिनी की गंद से लंड निकाला ओर उसकी चूत को झुका कर मुँह मे भर लिया....

पहले मैने कामिनी का चूत रस पिया ऑर फिर उसकी चूत को तेज़ी से अपनी जीभ से चोदने लगा....

थोड़ी देर तक कामिनी की चूत चूस कर मैने कामिनी को छोड़ा ऑर साइड मे लेट गया ...

कामिनी उठी ऑर मेरे लंड पर आने लगी तो मैने कहा..

मैं-कामिनी …अपनी गंद मेरे साइड करके आओ......

कामिनी(मुस्कुराते हुए)-क्यो..????

मैं-यार तेरी गंद बड़ी मस्त है…देख-देख के मारने मे मज़ा बढ़ जायगा

कामनि-ठीक है ये लो

ऑर कामिनी मेरी तरफ अपनी गंद कर के मेरे पैरो के दोनो तरफ पैर करके बैठने लगी….मैने नीचे से कामिनी की गांद मे लंड सेट किया..ऑर कामिनी पूरा लंड ले कर मेरी उपर बैठ गई…

थोड़ी देर कामिनी लंड को गंद मे लिए अपनी गंद मेरे उपर घुमाती रही फिर उसने अपने पैरो को फैला के सेट किया ऑर हाथो को पीछे कर के मेरे सीने पर रखा ओर मेरे लंड पर उछलने लगी…

मेरी आँखो के सामने मस्त नज़ारा था…कामिनी की गंद मेरे लंड पर उछल रही थी ऑर मेरा लंड पिस्टन की तरह कामिनी की गंद मे अंदर बाहर हो रहा…था…

चुदाई का महॉल फिर से गर्म हो गया ऑर आवाज़े बढ़ने लगी

आअहाप्प…..आअहह…ययययएसस्स….ऊओ….यईएसस्स…त्ट्तीएजज्ज़…ऊओह…..आहह…त्तताप्प्प….हमम्म…त्ताप्प्प…

आटत्तताप्प…..आअहह…ययययएसस्स….ऊओ….यईएसस

कामिनी-आहह…अच्छा…लगा….गंद मस्त है ना…????

मैं-बहुत मस्त….मज़ा आ गया…इसको तो डेली पेलता रहुगा..

कामिनी-आहह….मैं….भी…ऐसा…लंड…आहह…..मज़ा…एयेए..गया

मैं-ऑर..तेज…मेरी रानी….

कामिनी-आहह..ओह...यस...यस..यस....मज़ा...ल्ल्लूओ

मैने भी कामिनी के बड़े-बड़े बूब्स को पीछे से हाथ आगे करके सहलाना सुरू किया...ऑर फिर मैने 2 उंगली कामिनी की चूत मे फसा दी...ऑर गंद मारना चालू रखा....

अब कामिनी की गंद के साथ साथ-उसकी चूत भी भरी हुई थी.......

 
ऐसे ही कामिनी 10 मिनिट उछलती रही ऑर गंद ऑर चूत मरवाती रही…ऑर फिर से झड़ने लगी....

कामिनी-आअहह…एम्म,एयेए……आऐईयइ.:..…ऊओ…ऊओह…ऊहह….आहहह...म्म्मात...उउफ़फ्फ़.....उउफ़फ्फ़...आअहह

ऐसे ही उछलती हुई कामिनी झड गई ऑर उसकी चूत का रस मेरी जाँघो पर बहने लगा…

जैसे ही कामिनी झड़ी तो उसने उछलना बंद कर दिया ऑर तक कर मेरे उपेर लेट गई…मेरा लंड अभी भी कामिनी की गंद मे फसा हुआ था......

थोड़ी देर मे कामिनी उठ कर साइड मे लेट गई..

मैं-क्या हुआ…इतनी जल्दी थक गई…मेरा तो कुछ हुआ ही नही...

कामिनी-उउफ़फ्फ़…कैसा लंड है ये झड़ने का नाम ही नही लेता….मैं थक गई…रूको

मैं(मन मे)-ये तो टॅबलेट का कमाल है साली

कामिनी लेटी हुई आहे भर रही थी ऑर थकान को दूर कर रही थी

मैं-तो मेरे मज़े का क्या…अब क्या करूँ ,,,किसके पास जाउ

कामिनी-कही नही…तुम रूको ..आज तो मैं ही तुम्हे मज़ा कराउन्गी….चाहे मेरी गंद फट क्यो ना जाए

मैं-पर तुम तो लेट गई

कामिनी-थोड़ी देर रूको …आज मैं इस लंड को झडा के ही रहूंगी…चाहे मुझे कितनी देर भी क्यो ना चुदना पड़े…

मैं-ह्म्म..ठीक है तुम रेस्ट करो…मैं बियर पीता हूँ

मैं उठ कर बियर पीने लगा ऑर कामिनी लेटी हुई थकान दूर करने लगी….फिर से गंद मरवाने के लिए….

मैने बियर की ऑर बॉटल ली ऑर चेयर पर बैठ कर बियर पीने लगा….

मेरे सामने कामिनी अपने बड़े-बड़े बूब्स को उपर नीचे करती हुई सासे ले रही थी…

थोड़ी देर मे कामिनी नॉर्मल हो गई ऑर उसने अपने हाथ से अपने बूब्स को मसलना सुरू कर दिया…ऑर मैं बियर पीते हुए उसे देख रहा था…

फिर कामिनी उठी और मेरे पास आकर बोली

कामिनी-अकेले-अकेले बियर पीओगे…मुझे भी पिलाओ

मैं(बियर को कामिनी को देते हुए)-ये लो…तुम भी पियो

कामिनी(सिर हिलाते हुए)-ऐसे नही

मैं-तो कैसे..??

कामिनी ने बियर की बॉटल मेरे हाथ से ली ऑर घुटनो पर बैठ गई

मैं(मन मे)-अब ये क्या करने वाली है

कामिनी ने मेरे लंड को हाथ से पकड़ा ऑर मेरे लंड को बियर से नहला दिया…

मैं-ओह…ये क्या..

कामिनी(उंगली का इशारा करके)-सस्शह…..मुझे मेरी बियर पीने दो...

मैं-ह्म्म्मल..पी जाओ रानी…

कामिनी ने बियर से तर मेरे लंड को चूसना सुरू किया

कामिनी-सस्स्रररुउउप्प्प….सस्स्रररुउउप्प….सस्स्रररुउउप्प…सस्रररुउपप

मैं-आहह..कमाल कर दिया…चूस मेरी जान चूस ले

कामिनी-सस्स्रररुउपप…सस्स्रररुउउप्प्प…सस्स्रररुउउप्प…सस्स्रररुउउप्प

उसके बाद कामिनी ने लंड को मुँह से निकाला ऑर बियर मेरे सीने से बहने लगी…

बियर मेरे सीने से होती हुई मेरे लंड पर आ रही थी ऑर कामिनी ने मेरे जिस्म को चाट ते हुए…पूरी बियर सॉफ कर दी ऑर मेरे लंड ओर बाल्स को चूस कर सॉफ कर दिया…

कामिनी-आहह..मैने तो पी ली…अब आ जाओ…तुम्हे मज़ा करवाती हूँ…

मैं-तुम जाओ बेड पर ऑर मुझे बियर पीने दो…दिखाओ तो तुम्हारी गंद मे कितनी ताक़त है…..मुझे पास बुला सकती है या नही…..

कामिनी-ऐसा क्या…अब देखो मेरी गंद का कमाल.....

इतना कह कर कामिनी बेड पर चली गई ऑर मैने दूसरी बियर ओपन कर के पीना सुरू कर दिया…

कामिनी बेड पर जकेर लेट गई ओर अपने पैर उठा कर अपनी उंगलियो से गंद ऑर चूत को सहलाते हुए मुझे आने का इशारा करने लगी…

मैने बियर पीते हुए मज़ा ले रहा था….

थोड़ी देर बाद कामिनी कुतिया की तरह झुक कर मेरी तरफ देखते हुए अपनी उंगलियो से अपनी गंद मारने लगी…ऑर मुझे आने की दावत देने लगी…

सामने का नज़ारा देख कर ऑर कामिनी की गंद देख कर मैने भी अपने हाथ से लंड को हिलाने लगा…ऑर बियर पीने लगा…

करीब 3-4 मिनिट तक कामिनी अपनी गांद दिखाते हुए मुझे बुला रही थी ऑर मैं भी अब गरम हो गया था...

ओर टॅब्लेट्स की वजह से लंड तो पूरा खड़ा हुआ था.....

मैं उठा ऑर जा कर अपनी 4 उंगलिया कामिनी की गंद मे पेल दी ऑर उसकी गंद मे उंगलियो को आगे-पीछे करने लगा…..

कामिनी-आहह…एयेए…ही..अगये…आब्ब…डाल्ल्ल..बभिि…दद्दूव

मैं-आहा रानी तेरी गंद है ही ऐसी कि खिंचा चला आया….अभी डालता हूँ….

मैने धीरे-धीरे अपनी उंगलियों से कामिनी की गंद मारते हुए…दूसरे हाथ से कामिनी के बूब्स भी मसल्ने लगा ऑर कामिनी आहे भरती हुई अपनी चूत मसल्ने लगी

कामिनी-आहह…आअहह….क्क्या चोदते हो…मज़ा आ गया

मैं-तुझे पसंद आया कि नही

कामिनी-आहह…जब रजनी ने कहा था…तो..आहह

मैं-क्या कहा था..???

कामिनी-तेरे लंड के बारे मे..आहह

मैं—अच्छा

कामिनी-हाअ…उसी ने तो कहा था..कि…गंद मरवा लूँ……आहह….मस्त मारेगा तू

मैं-तो कैसी लगी गंद चुदाई

कामिनी-सच मे…अक्चह…मस्त कर दिया…अब लंड भी डालो..

मैं-ये लो…

मैने बियर को नीचे रखा ओर अपने लंड कामिनी की गंद मे सेट करके पूरा लंड अंदर डाल दिया.....

कामिनी-आहह….मज़ा आ गया…..आअहह

मैं-तेरी गांद तो पूरी खुल गई

कामिनी-तेरा लंड है ही ऐसा ….आअहह…कुवारि गंद को भी भोसड़ा बना दे..आहह

ऑर मैने अपने धक्को की स्पीड तेज कर दी…ऑर कामिनी ने अपनी चूर मसलनी चालू रखी

 


कामिनी-यस..यस…फास्ट..फास्ट…ऊओह..यस….तीज्ज्ज…..आअहह

मैं-या..बेबी…ये…लो…ईएसस

कामिनी-आअहह…..ऊहह…ऊओह…ऊहह….

मैं-टेक इट…अंदर…तक ले….ये...ले

कामिनी-ओह..ओह..ओह…ओह्ह…म्मायन्न…आईईइ…

ऑर चीखते हुए…कामिनी,,,झड़ने लगी…मैने अपनी स्पीड से गंद मारनी चालू रखी…

कामिनी—ऊहह..ऊहह..ऊहह..उउंम..उउंम

मैं-ईीस्स……क्या गंद है….ये ले….ईएह

मैने 2 मिनिट कामिनी के झड़ने के बाद भी गंद मारता रहा…

फिर मैने कामिनी को छोड़ा ऑर खड़े होकर बियर पीने लगा…

मेरी बियर फिर ख़तम हो गई ऑर मैं फिर जा कर दूसरी बियर ले आया….जैसे ही मैं बियर ले कर आया तो कामिनी सीधी लेटी थी…ऑर उसकी चूत से रस बह रहा था…मेरे मुँह मे तो पानी आ गया

मैने झुक कर कामिनी की टाँगों को उठा कर फैला दिया ऑर उसकी चूत चाटने लगा…

मैं-सस्स्र्रुरुउपप..सस्स्ररुउपप..सस्ररुउपप…सस्ररुउप्प्प

कामिनी-ऊहह…माइ गॉड….ख़ाआ..जाआ…ऊहह…उउउफ़फ्फ़…

मैं-सस्ररुउपप…सस्ररुउपप…उउउंम्म….म्म्मुह

कामिनी-ओह्ह…मज़ाअ..आअगेयाअ…..काँमाअल्ल…हहाइी..कच्छूवस्स्सस्स

जब मैने कामिनी का चूत रस पी लिया तो खड़ा होकर बियर पीने लगा ऑर कामिनी से बोला

मैं-चल अब गंद उठा

कामिनी-ये लो मेरे राजा….मार लो…

ऑर कामिनी ने अपने हाथो से पकड़े हुए..अपनी गंद को उठा दिया ऑर फैला भी दिया..

मैने बियर से कामिनी की चूत को नहला दिया और बियर कामिनी की चूत से होते हुए उसकी गंद तक बहने लगी.....

उसके बाद मैं झुक कर कामिनी की जाँघो को चाट ते हुए उसकी चूत मे भरी बियर को चूस कर पीने लगा.....

जब मैने चूत को चूस लिया तो फिर मैने कामिनी की गंद के छेद मे बियर डाल दी ऑर लंड को गंद पर सेट किया ऑर धक्का मार के लंड गंद मे डाल दिया....

कामिनी ने अपने पैरो को उठा कर अपने हाथो से अपनी जाँघो को पकड़ लिया और मैने कामिनी की गंद मारना चालू कर दिया…

कामिनी-ऊहह…तू…तो…..पागाअल्ल्ल…क्काअरर….द्द्दीगगगगगा….आअहह

मैं(बियर पीते हुए)-हहाअ…मेरी रानी…तू मज़ा कर

कामिनी-ऊहह....म्माअरर...ज्जूओर्र...स सी....आअहह...इट्ट्टन्न्ना..म्म्म ज़्ज़्ज़ा....ऊहह...

कामिनी की गंद मे बियर के साथ लंड अंदर बाहर हो रहा था ऑर कामिनी की सिसकिया भी निकल रही थी...

एक बार फिर से चुदाई की आवाज़े शोर मचाने लगी

आहहह…ऊहह….प्पुउउक्च्च्छ…प्प्प्प्ुउउककचह…प्प्प्उक्च…ऊहह..यईएसस्शह…….आअहह…ययईएससस्स….

ययईएसस…ज्जूओर्र..सससी…..उउउफफफ्फ़….प्प्प्ुउउककच्छ..प्प्प्ुउउउक्चह….आहहह,,,,ऊहह,,,,,,,यईएसस्स….

प्प्प्उक्चह..प्पउक्चह..ऊहह

ऐसे ही मैं कामिनी की गंद 10 मिनिट मारता रहा ओर फिर उठ कर बियर पीने लगा…

कामिनी-आहह…तेरा लंड तो अभी भी खड़ा है…कब झडेगा

मैं(हँसते हुए)-थक गई क्या….या हार मान गई

कामिनी-नही…आज इसे झडा कर ही दम लूगी…आजा मेरे राजा,,,,गंद रेडी है…मार ले…जितनी मारना हो…चाहे तो फाड़ दे…..मैं…हार नही मानूगी

मैं-ऐसा क्या…तो अभी आया…रुक

मैं बियर ख़त्म करके कामिनी के पास गया ऑर उससे कहा.....

मैं-अब आजा …फिर से मेरी कुतिया बन जा....

कामिनी-लो बन गई…अब कुतिया की गंद फाड़ दो…

ओर ऐसा कहते ही कामिनी कुतिया के पोज़ मे आ गई....

मैने देर ना करते हुए …..अपने लंड को कामिनी मे गंद मे डाल दिया ओर कमर पकड़ कर तेज़ी से धक्के मारने लगा.....

कामिनी-आअहह..म्मार्र..फादद...दीए..

मैं-हाँ..मेरी कुतिया...आप देख आज तो तेरी फटी

कामिनी-ये कुतिया…फटवाने को तैयार है …मार्र…द्दे..

करीब 5 मिनिट मे तेज़ी से कामिनी की गंद मारता रहा….मुझे कामिनी की गंद मारते हुए टोटल 1 घंटे से ज़्यादा हो गया था…अब मैं भी झड़ने के करीब था…

मैने कामिनी को आगे से सिर के बल झुका कर तेज़ी से धक्के मारना सुरू कर दिया ऑर कामिनी ने भी अपने हाथ से अपनी छूट को तेज़ी से मसलना सुरू काइया

अब मैं झड़ने ही वाला था

मैं-कामिनी-मान गये..तेरी गंद ने झड़ने को मना लिया लंड को..

कामिनी-आहह…कुतिया का क्मााल देखा..आअहह

मैं-हाँ..मेरी कुत्ति….अब तो ऐसे ही फाड़ुँगा…अपनी कुतिया की गंद

कामिनी-आहह…ऊहह….कुतिया…आ जायगी…आहह….हुकुम्म्म्म…कार्ररररनन्नाअ…ऊहह

मैं-तो ये ले…

कामिनी-आअहह…म्म्मैुईन्न्न..ऊहह..एयेए…ईईईईई….ऊऊहह…यस.स..येस…एस..सूओह्ह्ह

ऑर कामिनी फिर से झड़ने लगी…उसके साथ मैं भी झड़ने लगा…

मैं-मैं भी..ये ले…आअहह…

कामिनी-ऊहह.....ऊहह....यईसस्स..

.....बभहार्रर द्दूव....उउंम्म...उउंम्म

ऑर मैं झाड़ते हुए कामिनी की गंद अपने लंड रस से भरने लगा.......

जब मैं झड चुका तो मैं खड़ा हुआ ऑर पलटा…..तो मेरे सामने कोई खड़ा मिला…

मैं कुछ बोल पाता उससे पहले वो निकल गई….हां…वो एक लड़की थी

मैं(मन मे)-ये कौन थी….????,,,,काम करने वाली तो नही लगती थी….तो थी कौन???

मैने एक लड़की को देखा था बट कुछ जानता नही था उसके बारे मे….ना ही उससे मिला था पहले ..यहाँ इस साड़ी के घर मे....

फिर मैने सोचा कि यहण सब मस्ती करने आए है , तो होगी कोई…टेन्षन किस बात की ऑर मैं बियर लेकर कामिनी के साथ बेड पर बैठ गया…

कामिनी भी उठ कर बैठ गई ऑर हम किस करने लगे…..

 
मिनी और डॉली आप दोनो का धन्यवाद आपको कहानी पसंद आ रही है
 


जब हमने किस कर लिया …तो हम बियर पीते हुए बाते करने लगे…

कामिनी-आहह…आज तो तुमने मार ही डाला…

मैं-अच्छा…फिर भी तुमने हार नही मानी क्यो..

कामिनी-हाँ....ऐसे कैसे हार मान जाती....खातिरदारी पूरी करने का जो बोला था...

मैं-ह्म्म....तो मज़ा आया..*???

कामिनी-हाँ…..बहुत मज़ा आया….एक साथ मे इतनी बार कभी नही झड़ी…

मैं-ह्म्म..तो अब तो मन भर गया ना…

कामिनी-मन तो नही भरा…अभी मन तो बहुत कुछ माँग रहा है…पर..

मैं-पर क्या..???

कामिनी- मेरे घर शादी जो है…आज रात मे बहुत काम है….नही तो…

मैं-नही तो..???

कामिनी(मेरे लंड की तरफ इशारा कर के)-नही तो इसको छोड़ती नही…

मैं-अच्छा…इतनी चुदाई के बाद भी…???

कामिनी—हाँ….बिल्कुल…मेरी चूत ने इस लंड का स्वाद नही चखा अभी..

मैं-जब तुम्हारी गंद फट गई मेरी चुदाई से तो सोचो चूत का क्या होता…

कामिनी-जो होता सो होता…मज़ा तो आता…

फिर हम दोनो हँसने लगे…ऑर कामिनी ने कहा

कामिनी-वैसे कितनी टॅबलेट खाई थी..???

मैं(मन मे )साली को पता चल गया…

कामिनी-बोलो ..???

मैं-टॅबलेट ..कैसी टॅबलेट..???

कामिनी-अरे मेरे राजा…वही टॅबलेट जो दीपा ने तुम्हे दी थी…समझे..

मैं-अच्छा तो ये प्लॅनिंग आपकी है…

कामिनी-हां…मैं चाहती थी कि मेरी दम से ठुकाई करो तुम..

मैं-वो तो मैं बिना टॅबलेट के कर सकता हूँ…दीपा ने बताया नही..???

कामिनी-हाँ..दीपा ने बताया ऑर रजनी ने भी.....तुम चुदाई लंबी ही करते हो...

मैं-फिर ये टॅबलेट का क्या ड्रामा है..*??

कामिनी-अरे टॅबलेट से तुमने ज़्यादा चुदाई की....इतनी की मैं 2 दिन चुदने की सोच भी नही सकती..

मैं-अभी तो कह रही थी की चूत बाकी है अब क्या हुआ..

कामिनी-अरे मन की बात बोली थी पर बॉडी साथ नही देती ना….इतनी ठुकाई हुई है ऑर उपर से अभी काम भी है तो 2 दिन तो रेस्ट बनता है..

मैं-तब तो चूत रह जाएगी….मैं तो चला जाउन्गा…

कामिनी-अरे जाओगे कहाँ…हम भी वही रहते है…आपके पास आ जाएँगे….ऐसे पीछा नही छोड़ेगे..

मैं-अच्छा पर मेरे पास आने की कीमत होती है…

कामिनी-हाँ…दीपा ने कहा था मुझसे…

मैं-तो फिर…क्या सोचा..

कामिनी-कीमत तैयार है…..बस इंतज़ार है सही वक़्त का..

मैं(हँसते हुए)-ओके...तब ठीक है....मैं इंतज़ार करूगा...

कामिनी-वैसे लंबी चुदाई की तरह बियर भी बहुत पी जाते हो…

मैं-हाँ…चुदाई के साथ बियर का नशा नही होता …तो पी लेता हूँ…पर अब तो मुझे भी रेस्ट की ज़रूरत है…

कामिनी-हाँ बिल्कुल…आप रेस्ट करो..रात मे जागना भी तो है….शादी जो है…

मैं-ह्म्म्म..

ऐसे ही हम बियर पीते हुए बाते कर रहे थे कि कामिनी की नौकरानी आ गई ऑर बोली

नौकरानी-मेडम ,,,,सॉरी,,,वो आपको अंदर बुला रहे है…

कामिनी-ओके..तुम जाओ..मैं आती हूँ..

मैं तो सोच रहा था कि नौकरानी ने हम दोनो को नंगे ही देख लिया तो कामिनी भड़केगी उस पर ....पर वो तो कुछ नही बोली....शायद वो भी जानती होगी कि कामिनी चुदक्कड़ औरत है...

मैं-चलो मैं भी थोड़ा रेस्ट कर लूँ…

कामिनी-ओके..चलिए…

इसके बाद हम ने अपने कपड़े पहने ऑर प्राइवेट पूल से बाहर आ गये…कामिनी मुझे किस कर के बाद मे मिलने का बोल के निकल गई ओर मैं फिर गार्डेन मे घूमने लगा…...

मैं घूमते हुए सोच रहा था कि अब क्या करू…मन तो कह रहा था कि आंटी को कॉल करू ऑर उनके साथ मस्ती करूँ बट बॉडी रेस्ट माँग रही थी….ऑर रात मे भी तो जागना है…

यही सोच कर मे पूल से बापिस हवेली की तरफ आने लगा…ऑर फिर मुझे मनु का ख़याल आया कि मनु आई ही नही…मतलब मेरी डाल नही गली मनु के साथ….फिर सोचा कोई नही…मनु को देखेगे बाद मे…

फिर मुझे चलते हुए उस लड़की का ख्याल आया…जो मुझे कामिनी की गंद मारते हुए देख रही थी….

मैं सोचने लगा कि क्या वो कोई गेस्ट है या इसी फॅमिली की कोई लड़की है….पता नही पर लड़की सच मे खूबसूरत थी…

मैने ज़्यादा तो नही देखा पर मस्त माल लग रही थी…शायद उससे फिर मुलाक़ात हो जाए…

मैं ये सब बातें सोचते हुए रूम की तरफ जा ही रहा था कि मुझे आंटी और दीपा मिल गई…

आंटी-अरे बेटा किस सोच मे हो जो हमें देखा भी नही

मैं-अरे नही आंटी कुछ नही…मैं बस थक गया था तो रेस्ट करने जा रहा हूँ..

दीपा-हां..थकोगे क्यो नही…आज तो कामिनी की फाड़ ही डाली

आंटी-सच मे…क्यो बेटा उस कुतिया की फाड़ दी..???

मैं-ह्म्म..

दीपा-अरे रजनी….मैने इसे टॅबलेट दे दी थी …वही वाली

आंटी-अरे मेरा बेटा तो बिना टॅबलेट के ही फाड़ देता है,…तुझे नही पता क्या

दीपा-हाए मेरी जान ..मुझे तो सब पता है…मैं भी गंद फड़वाने को घूम रही हूँ..पर तुम्हारा बेटा फाड़ता ही नही…

आंटी-सुना बेटा…अब इस कुतिया की भी फाड़ देना..

ऑर आंटी हँसने लगी…साथ मे दीपा ऑर मैं भी हँसने लगे..

मैं-आंटी…अब थोड़ा रेस्ट कर ले..रात मे शादी है…

 


आंटी-हाँ..हम भी रूम मे जा रहे थे….चलो....

ऑर हम तीनो रूम की तरफ चलने लगे..

मैं-आंटी…वैसे आपने किसके साथ ..???

आंटी-बेटा अब इस जिस्म को तुम्हारी मर्ज़ी के बिना कोई मर्द छु भी नही सकता…

दीपा-ऑर हां..मेरी बॉडी को भी

मैं-तो क्या…आप दोनो ऐसे ही बैठे रहे..मस्ती नही की..

आंटी-की बेटा बिल्कुल की…पर हाँ... हम ने बिना मर्द के मस्ती की

मैं-वो कैसे

दीपा-डीटेल बाद मे कभी सुनना..बस ये सुन ले कि हम ने आपस मे एक-दूसरे को ठंडा किया..

मैं-आप दोनो ने...??

आंटी-अरे वो रिचा भी थी ऑर एक गेस्ट भी मिल गई थी...

दीपा-फिर हम ने आपस मे एक-दूसरे को चूस कर ठंडा कर दिया…

मैं(दोनो के गले मे हाथ डाल कर)-ओह मेरी रानियों....मेरी वजह से तुम दोनो बिना लंड के मस्ती करती रही...सो..सॉरी

आंटी- अरे बेटा सॉरी मत बोल....हम तेरे लिए कुछ भी कर लेगे...क्यो दीपा...???

दीपा-हाँ बिल्कुल...

उसके बाद मैने दोनो को गले से लगाया ऑर किस किया...ओर ऐसे ही बातें करते हुए हम रूम तक पहुच गये....…

वहाँ दीपा और आंटी अपने रूम्स मे चली गई ऑर मैं अपने रूम मे आ गया…

रूम मे आते ही मैने हमेशा की तरह कपड़े निकाले ऑर बेड पर जा कर सो गया……...

कामिनी की दमदार चुदाई ने मुझे थका दिया था…ऑर साथ मे टॅबलेट खाने से ज़्यादा चुदाई भी हो गई थी…उसका असर अब मेरी बॉडी पर हो रहा था….

इसी वजह से मुझे मस्त नीद आई …ऑर 2-3 घंटो की नीद ले कर जैसे ही मैं उठा…तो मुझे याद आया कि रात हो चुकी है ऑर आज तो शादी है यहाँ…

मैं सोच रहा था कि आज शादी मे जाने के लिए कोई मुझे बुलाने क्यो नही आया…ना ही आंटी ऑर ना ही दीपा

क्या ये लोग अपने आप मे इतने मस्त हो गये कि मेरी परवाह ही नही कि मैं कहाँ हूँ, क्या कर रहा हूँ..???

मुझे ये सोच कर आंटी और दीपा पर गुस्सा आ रहा था..ऑर गुस्से मे भरा हुआ ही मे बाथरूम मे घुस गया…

बाथ रूम मे जाकर मैं फ्रेश हुआ ऑर नाहया….ऑर नहाते हुए भी मैं आंटी ऑर दीपा के लिए गुस्सा होता रहा…

नहाने के बाद मैं टॉवेल लपेटे हुए रूम मे आया तो मेरा फ़ोन रिंग कर रहा था…

मैने सोचा कि ये ज़रूर आंटी या दीपा का कॉल होगा….अब आई है मेरी याद…

पर मैने जैसे ही फ़ोन उठाया तो मैं ग़लत साबित हो गया…ये तो मनु का कॉल आ रहा था…

मैने सोचा कि साली इसने आन्सर तो दिया नही ऑर ना ही बिकनी मे मेरे सामने आई…मतलब इसके मन मे मेरे लिए कुछ भी नही…

तो मुझे कॉल क्यो कर रही है…

फिर सोचा देखते है…बात तो करूँ…

( कॉल पर)

मैं-हेलो

मनु-हाई…आप जाग गये…

मैं-ह्म्म….तो आपने ये पूछने फ़ोन किया कि मैं जगा कि नही

मनु-हाँ….इसी लिए किया था

मैं-आपको क्या पड़ गई मुझसे पूछने की…आप तो…

मनु(मेरी बात काट कर बोली)-देखिए मैं सिर्फ़ पूछ रही थी कि आप जागे या नही….ऑर कुछ नही

मैं(गुस्से मे)-हाँ..जाग गया ..ऑर ना भी जागता तो आपको क्या..???

मनु-मुझे कुछ नही…मुझे तो आपकी आंटी ऑर दीपा बोल गई थी कि इस टाइम आपको जगा दूं…बस

मैं-क्यो वो दोनो कहाँ गई जो आपको तकलीफ़ दे दी

मनु-वो दोनो कामिनी के साथ किसी काम मे बिज़ी है….शायद कॉल ना कर पाए इसलिए मुझसे कहा था…

मैं-ओके…मैं जाग गया….ऑर हाँ..थॅंक्स…

मनु-थॅंक्स की कोई ज़रूरत नही…मैने बस अपनी फरन्ड के कहने से कॉल किया..

मैं-तो सॉरी…जो आपको मुझे जगाने के लिए , कॉल करने का कष्ट करना पड़ा..

 
मनु(चुप रही)

मैं-हेलो…रख दिया क्या,…??

मनु-नही ..अब रखती हूँ…बाइ

मैं-एक मिनिट सुनो तो…

मनु- हाँ बोलिए…

मैं-मैने कुछ पूछा था…हाँ नही तो ना ही बोल दीजिए…क्लियर तो हो जायगा…

मनु-मैं रखती हूँ..आप रेडी हो कर नीचे आ जाना..बाइ

इससे पहले की मैं कुछ बोल पाता …मनु ने कॉल कट कर दी ओर मुझे फिर से टेन्षन दे दी…

मुझे ये समझ मे नही आ रहा था कि ये मनु आख़िर चाहती क्या है…ना तो ये हाँ बोल रही है ऑर ना ही ये मुझे मना कर रही है……आख़िर चल क्या रहा है इसके माइंड मे…

फिर मैने सोचा की मनु को तो बाद मे समझ लेंगे अभी रेडी हो लिया जाए…शादी मे जाने को…

इसके बाद मैं मस्त तरीके से रेडी हुआ…1 शानदार सूट पहना ऑर ढेर सारा बॉडी डियो लगाया….ऑर अपने आप को देख कर बोलने लगा…

मैं(आईने के सामने)-ह्म्म…पर्फेक्ट….बंदा है तो मस्त….आज तो शादी मे छा जायगे…हाहहहहा

मैं अपने ही आप से अपनी तारीफ करने के बाद रूम से बाहर आ गया ऑर नीचे की तरफ चल दिया…

नीचे की तरफ जाते हुए मुझे वो लड़की दिखाई दी जिसे मैने सोनू के साथ चुदाई करते हुए देखा था…ऑर सोनू उसे दीदी कह कर बोल रहा था…

वो लड़की वेस्टर्न लहगा पहने हुए थी….अच्छा सा मेक अप…मॅचिंग ज्वेल्लेरी…सच मे बड़ी प्यारी लग रही थी…

मैने सोचा कि ये इतनी सुंदर है ऑर काम ऐसे….अपने भाई से चुद रही है…फिर मैने सोचा कि इसमे सुंदरता और चुदाई का क्या संबंध....

मैं भी हॅंडसम हूँ…सरीफ़ दिखता हूँ..पर मैं भी तो अपने से बड़ी औरतों को और दूसरो की बिबीयों को चोदता हूँ…और तो और…अपने खास दोस्त की माँ और बेहन को भी चोदता हूँ…तो क्या मैं सही हूँ..????

ये सोच कर मैने तय किया कि छुदाई चीज़ ही ऐसी है कि कई लोग रिश्तों को भूल जाते है….

सोचतटे हुए मैं उस लड़की के पास पहुच गया ऑर मैने देखा कि वो किसी का वेट कर रही है…

मैं-हेलो

लड़की-उम्म..हेलो…आप..??

मैं-माइ नेम ईज़ अक…मैं रजनी आंटी के साथ आया हूँ..आप जानती होगी शायद…

लड़की-ओह हाँ…वो तो कामिनी बुआ की खास सहेली है….

मैं-ओह…तो कामिनी जी आपकी बुआ है…??

लड़की-हाँ…मेरा नाम सोनम है…मैं भी उसी शहर मे रहती हूँ…जहाँ से आप आए है…

मैं-ओह अच्छा…वैसे आप करती क्या है..???

सोनम-मैं कॉलेज मे हूँ….

मैं-ओह ओर आपके मम्मी डेडी…वो आए हुए है…???

सोनम-हाँ बिल्कुल…आप मेरी मम्मी से तो मिल चुके है ना…

मैं-सॉरी…पर मैं नही जानता …आप किसकी बात कर रही है..??

सोनम-अरे वो उस दिन आप साथ मे बैठे थे ना ,,,,नाश्ते की टेबल पर….

मैं-हाँ..पर वहाँ तो दो आंटी थी…आपकी मम्मी…???

सोनम-अरे सुषमा…वो मेरी मम्मी है…ऑर पायल मेरी मौसी है….ऑर हाँ मेरा भाई भी तो था वहाँ…सोनू

मैने जैसे ही सोनम की मम्मी ऑर भाई के बारे मे सुना तो मैं सोचता रह गया कि इतनी अच्छी लड़की….जो चाहे तो 1 मिनिट मे बाय्फ्रेंड बना ले..आख़िर अपने ही भाई से क्यो चुद रही है…फिर सोचा जाने दो…अपनी -2 पसंद…क्या कर सकते है

सोनम-हेलो..क्या सोचने लगे..

मैं- वो..मैं..वो..सोच रहा था कि आंटी लोग दिखाई नही दे रही…

सोनम-वो सभी आंटी लोग कामिनी बुआ के रूम मे है …कुछ काम चल रहा है शायद…

मैं-अच्छा…ऑर हाँ..आप यहाँ…अकेली.....मतलब किसी का वेट कर रही है क्या…????

सोनम-अरे हाँ…मैं वो दीदी..आइ मीन कामिनी बुआ की लड़की है ना…मेरी दीदी…उनका वेट कर रही हूँ…वो रेडी हो कर आती ही होगी…

मैं-ओह अच्छा…वैसे आप इस ड्रेस मे बहुत खोबसूरत दिख रही है…

सोनम-आप मेरे साथ फ्लर्ट तो नही कर रहे ना…???

मैं-वो मैं तो बस यू ही…

सोनम-हहेहेहहे…अरे आप तो डर गये मैं तो मज़ाक कर रही थी…

मैं-ओह..आपने तो डरा ही दिया था…पर मैने सच कहा …आप सच मे अच्छी लग रही हो…ऑर हाँ मैं फ्लर्ट नही कर रहा था बस…

सोनम-अरे छोड़िए ना…आप जैसे हॅंडसम लड़के फ्लर्ट नही करेगे तो कौन करेगा..हाँ

मैं-हॅंडसम ऑर मैं..???...क्यो टाँग खीच रही है..

सोनम-मैं सच बोल रही हूँ…आपकी गर्लफ्रेंड ने नही बताया…

मैं-सॉरी..इस मामले मे मैं अनलकी हूँ…मेरी कोई गर्लफ्रेंड है ही नही..

 


सोनम-सो सॅड…पर अनलकी आप नही…वो लड़किया है जो आपकी गर्लफ्रेंड नही है…

मैं-अच्छा….ऐसा क्या..

सोनम-जी हां…

मैं-वैसे सोनम जी आपका बाय्फ्रेंड तो बहुत लकी होगा ना…

सोनम- ऐसा क्यो ..???

मैं-अरे इतनी प्यारी गर्लफ्रेंड जिसकी हो वो लकी ही होगा…

सोनम-सॉरी …आपकी तरह इस मामले मे मैं भी अनलकी हूँ…नो बाय्फ्रेंड

मैं-हो ही नही सकता…आप इसनी सुंदर है कि कोई भी लड़का एक नज़र देख कर ही आपको प्रपोज़ कर दे

सोनम(शरमाते हुए)-हट..इतनी भी अच्छी नही दिखती…

मैं-अच्छा ..अभी बताता हूँ….

और उसके बाद मैने सोनम की आँखो मे देखते हुए कहा कि..

मैं-सोनम जी …आप मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी….आइ रियली लाइक यू

सोनम का मुँह खुला का खुला रह गया …वो कुछ भी नही बोली…बस मुझे देखती रही…

मैं सोनम के आन्सर का वेट कर रहा था कि अब ये क्या कहेगी …इतने मे किसी ने रूम के अंदर से सोनम को आवाज़ देना चालू किया…ओर तब जाकर सोनम होश मे आई ऑर बोली

सोनम-मैं…वो…दीदी…मैं….जाती हूँ…वो बुला रही है…

मैं-जी आपको मैं रोक नही सकता…पर मैने अपने दिल की बात कही है आपसे…आगे आपकी मर्ज़ी…

सोनम-मैं जाती हूँ..बाइ…

मैं(पीछे से)-सोचिएगा ज़रूर…

ऑर मैं आगे कुछ कहता उससे पहले सोनम रूम मे एंटर हो कर रूम को बंद कर देती है....ऑर मैं अकेला खड़ा रह गया.......

खड़े हुए मैने सोचा कि मैने अभी-2 जो किया ...वो सही किया..???

मैने थोड़ी देर उसके इंतज़ार मैं खड़ा रहा कि शायद वो आ जाय पर वो नही आई....

और थोड़ी देर खड़े रहने के बाद मैं नीचे की तरफ निकल गया ऑर सोचने लगा कि ये मैं क्या करके आ गया….प्रपोज…पर क्यो…????

पता नही मुझे क्या हो गया था,,,,मैं जानता था कि सोनम अपने भाई से चुदती है फिर भी मैं उसके चेहरे की मासूमियत मे इतना खो गया कि उसे प्रपोज ही कर दिया…

पता नही सोनम क्या सोच रही होगी मेरे बारे मे कि पहली बार मिला ओर सीधा प्रपोज…क्या लड़का है…

ऑर मैं अपने आप से बाते करते हुए ऑर अपने आप पर हँसते हुए…हवेली के बाहर गार्डेन मे आ गया…….

वहाँ मेरे सामने जो खड़ा मिला उसे देख कर मैं अपने होश ही खो बैठा ऑर बस एक नज़र उसे ही देखने लगा….

मेरे सामने मनु खड़ी हुई थी …और मैं नज़र गढ़ाए हुए उसे देखने लगा…

क्या बताऊ दोस्तो कितनी सुंदर लग रही थी वो…..उसने शाइनिंग ब्लू साड़ी पहनी हुई थी ….साथ मे स्लीब्लेस्स ब्लाउस…होंठो पर शाइन मारती पिंक लिपस्टिक…ओह माँ....

मैं तो मनु को देख कर ही बेसूध सा हो गया…मैं उस समय ये भूल गया था कि मनु भी आंटी की आगे के बराबर ही है…ऑर शादीशुदा है…

मैं तो उस समय यही सोच रहा था कि क्या लड़की है…अगर ये हाँ बोले तो अभी शादी कर लूँ…

मनु मुझे ऐसे घूरते हुए देख कर शरमा गई और बोली..

मनु-हेलो….क्या हुआ…???

मैं(ख्यालो से बाहर आ कर)-म्म..मुझे ..कुछ नही….क्या होना था…

मनु-तो फिर ऐसे क्या घूर रहे थे…???

मैं-क्या बताऊ…तुम चीज़ ही ऐसी हो कि सामने आती हो तो होश उड़ जाते है….

मनु(शरमा जाती है)-अच्छा…झूट अच्छा बोल लेते हो..

मैं-झूट..???...बिल्कुल नही , किसी से भी पूछ लो...रूको अभी किसी से पूछता हूँ…

ऑर मैं किसी को ढूँढने का नाटक करने लगा…

मनु-ओके..ओके…मान लिया…किसी से पूछने की ज़रूरत नही….

मैं-मानती हो ना...तुम सच मे बेहद खूबसूरत दिख रही हूँ...

मनु(शरमा जाती है)-अब बस भी करो…

मैं-कैसे बस करू.....मेरे दिल मे तुम बसती ही जा रही हो...ऑर तुम तो मेरे बारे मे सोचती भी नही...

मनु(चुप खड़ी रही)-

मैं-क्या हुआ...बोलो ना...

मनु(बिल्कुल चुप, बस मेरी बात सुन रही थी)

मैने पास जाकर मनु का हाथ पकड़ा तो मनु सिहर उठी ओर फिर मैने उसके हाथ पर किस कर दिया…मेरे किस करते ही मनु का पूरा बदन काँप गया ऑर उसके मुँह से सिसकी निकल गई…

मनु-उम्म्म्मह..

मैं-आइ लव यू…

मनु-(बस मुझे देख रही थी ऑर उसके चेहरे पर शर्म ऑर डर के भाव आ गये थे…)

हम कुछ देर तक यू ही एक दूसरे की आँखो मे झाँकते रहे ऑर तब तक मैं मनु का हाथ मेरे हाथ मे ही थामे रहा...

अचानक मनु होश मे आई ऑर अपना हाथ छुड़ा कर बोली

मनु-मैं जा रही हूँ…मुझे थोड़ा काम है…

मैं-मनु, ऐसे मत जाओ…कुछ तो बोलो..

मनु-मैं जा रही हूँ…बाद मे मिलते है…

ऑर इसके बाद मनु तेज़ी से चलती हुई हवेली के अंदर चली गई ऑर मैं फिर अकेला रह गया...

थोड़ी देर बाद मैने गार्डेन मे उस तरफ चलना शुरू किया जहाँ शादी का फंक्षन होना था…

मैं चलते हुए फिर सोचने लगा कि यार मेरे साथ हो क्या रहा है…..चूत चाहता हूँ तो लाइन लग के मिल जाती है…ऑर किसी पर प्यार आता है तो साला कुछ होता ही नही..

आज भी पहले सोनम मिली….पता नही क्यो उसे प्रपोज किया ऑर वो बिना कुछ बोले चली गई और एक ये मनु है…2 दिन मे कितनी बार आइ लव यू कह चुका इसे , पर ये ना तो हाँ कहती है ऑर ना ही मना करती है…

ये सोनम ओर मनु…मुझे ना बोल देती तो टेन्षन नही होती पर इस दोनो की चुप्पी तो मार डालेगी मुझे…

ऐसे ही मैं फंक्षन की जगह पहुच गया…..

 


आज भी यहा संगीत के दिन जैसी ही रौनक थी….या उससे भी ज़्यादा,,,लाइट, म्यूज़िक, ड्रिंक ,स्टेज…सब आलीशान था…

आज गेस्ट भी ज़्यादा थे…लड़के वाले भी है ना….ऑर आज बार काउंटर सामने के साइड था….ऑर कुछ लोग टल्ली हो कर ड्रिंक कर रहे थे…

फिर मैं वहाँ आए हुए गेस्ट मे से लड़कियो ऑर औरतों को देखने लगा….

आज तो संगीत से ज़्यादा मस्त माल थे यहाँ पर…छोटी से लेकर बड़ी…सब लड़किया सजी हुई थी…ऑर अपने नखरो से सबको पागल कर रही थी…आज औरते भी मस्त थी…पर सभी वेड्डिंग ड्रेस मे…मतलब आज कुछ को छोड़ कर बाकी सब लड़की ऑर औरते फुल ड्रेस मे थी…संगीत के दिन की तरह मिनी ड्रेस मे नही…

मैं ऐसे ही घूमते हुए ऑर छूट वालीयो को आँखो से चोदते हुए बार काउंटर पर पहुचा… ऑर वहाँ 1 लार्ज स्कॉच ली ऑर जाम हाथ मे लेकर फिर से घूमते हुए मस्त मालो का मज़ा लेने लगा…

थोड़ी देर तक घूमने के बाद मुझे आंटी लोग आती दिखी….

आज तो आंटी, दीपा, रिचा, कामिनी…सब अच्छे से तैयार होकर…फुल ड्रेस मे सराफत से आ रही थी….उन्हे देख कर कोई कह भी नही सकता था कि ये सब मुझसे रंडियों की तरह चुदि है…

मैं भी आंटी के पास पहुचा ऑर हम ने आपस मे विश किया और फिर बाते होने लगी….

मैं-आप लोग तो आज मस्त दिख रहे हो….मार ही डालोगे…

आंटी-बेटा…तुम ज़्यादा कहर ढा रहे हो…मेरा तो मन हो गया…हहेहहे

दीपा- हाँ...तुझे तो बस यही दिखता है…आज मन मत बनाना…आज तो ये मेरा है…

रिचा-क्या बात कर रहे हो तुम दोनो

रिचा को हमारे बारे मे अभी पता नही था....तो कामिनी ने बात को संभाला....

कामिनी-अरे रिचा ये ऐसे ही मज़ाक कर रही है….

इतने मे कामिनी को किसी ने कुछ काम के लिए बुला लिया ऑर कामिनी , आंटी ऑर दीपा को भी साथ ले गई…कामिनी ने रिचा को भी कहा पर वो मेरे साथ रुक गई….

मैं-क्या हुआ…तुम क्यो रुक गई…??

रिचा-तुमसे बात जो करनी थी.

मैं-तो बोलो फिर..

रिचा-क्या बोलू…तुमने तो उस दिन से देखा भी नही मुझे…भूल ही गये…

मैं-अरे नही मेरी जान…पर क्या करूँ यहाँ मौका कहाँ मिलता है…ऑर तुम भी तो बिज़ी थी ना...

रिचा.- तभी तो ये बोलना था कि मैं कल जा रही हूँ….घर पहुचते ही मैं कॉल करूगी …आ जाना…पूरे 2 दिन मेरी चुदाई करना…

मैं(हँसते हुए)-दो दिन….सह पाओगी…

रिचा-हाँ सह लूगी…तुम दो दिन मे मेरी चूत ऑर गंद फाड़ देना…

मैं-अच्छा..ऐसा क्या..पर..

रिचा-पर क्या..*??

मैं-मैने तो सुना है तुम्हारी बेटी है , मेरे ही बराबर तो कैसे होगा...

रिचा-मैने सब सोच लिया है…मेरी बेटी कॉलेज फरन्ड के साथ टूर पर चली गई आज…ऑर 3 दिन बाद आयगी तो हमे दो दिन मिल जायगे…सिर्फ़ मैं और तुम ..

मैं-पर तुम्हारी बेटी तो यहाँ साथ मे आई थी ना...???

रिचा-हाँ आई थी पर उसकी सहेली का कॉल आया ऑर वो सुबह ही निकल गई…अच्छा ही हुआ…वरना मैं पूल पार्टी मे नही जा पाती…

मैं-तो आज खूब मज़े उड़ाए है पूल पार्टी मे….

रिचा-हाँ…पर मज़ा तो अब सिर्फ़ तुम ही दोगे…..ये मज़ा कुछ खास नही रहा…

मैं-ओके..ओके…शादी निपट जाए तो कल घर , फिर मैं तुम्हारी ऐसी चुदाई करूगा कि एक हफ्ते बेड से नही उठ पओगि..

रिचा-सच…ओह माइ गॉड…ऐसी ही करना…पूरी गर्मी निकल जाय कुछ दिन के लिए…

मैं-हाँ..पर मेरी कीमत याद है ना..

रिचा-कीमत..???

मैं-अरे मेरी प्यार की भूख…याद है ना…

रिचा-हाँ..याद है…उसका इंतज़ाम हो रहा है…घर पहुच कर पक्का बता दूगी..ओके..

मैं-ओके..

तभी आंटी ने रिचा को आने का कहा….ऑर रिचा मुझे बाइ कह कर आंटी के पास चली गई…

आंटी लोग किसी रसम मे बिज़ी थी , तो मैने फिर से स्कॉच के सीप लेते हुए घूमने लगा.......

घूमते हुए मुझे वो लड़की दिखाई दी जो मेरी ओर कामिनी की गंद चुदाई देख रही थी…

उस लड़की ने वेस्टर्न वेड्डिंग ड्रेस पहना हुआ था…ऑर बड़ी सेक्सी दिख रही थी…..परफ़ेक्ट फिगर था ,,,,

अचानक उसकी नज़र मुझ पर पड़ी ऑर उसके चेहरे के एक्सप्रेशन बदल गये…

वो खा जाने वाली नज़रो से मुझे देखने लगी….

मैने भी बिना डरे उससे नज़रे मिलाए रखी ऑर कुछ देर बाद वो मुझे घूर्ना छोड़ कर दूसरी लड़कियो के साथ निकल गई...

घूमते हुए मुझे पता चला कि अभी लड़के वालो मे कुछ लोग आए नही तो प्रोग्राम लेट ही होगा ...उनके आने के बाद...

तो मैने अपना स्कॉच का पेग ख़त्म किया ऑर काउंटर पर जा कर दूसरा पेग उठा लिया….

मैं फिर से घूम रहा था ऑर मेरी नज़र एक औरत पर पड़ी…वो मुझे ही देख रही थी…मैने भी उसे देखना शुरू कर दिया…

हम दोनो आखे मिलाए एक दूसरे को देखते रहे ऑर साथ ही साथ मैं अपना पेग भी पीता रहा…..

वो औरत मुझे सेक्सी लग रही…थी…उसके भरे हुए बूब्स…ऑर गोरे- गोरे बाजू..साथ मे उसका चिकना पेट ऑर नाभि जो कि साड़ी से बाहर झाक रही थी…सच मे पूरी सेक्सी औरत थी…

पता नही कुछ दिन से मुझे क्या हो गया था…मैं लड़की या औरत को देख कर उसे चोदने का सोचने लगा..था…

मैं(मन मे)-यार माल तो मस्त है ऑर मुझे देख भी रहा है…पता लगाना होगा…इसके माइंड मे क्या चल रहा है…

यही सोच कर मैं उसके पास जाने को हुआ..तभी उसके पास एक औरत आ गई ऑर वो उससे बात करने लगी….पर वो बात करते हुए भी मुझे देख रही थी…

मैने सोचा कि इसे साइड मे बुलाते है..अगर आ गई तो समझो कुछ बात बन सकती है..नही तो भाड़ मे जाय….

और कोई पंगा हो गया तो..???...अरे आंटी है ना..ऑर जिसके घर मे शादी है वो कामिनी…वो भी तो मेरे लंड की दीवानी है…वो दोनो सब संभाल लेगी…

यही सोच कर मेरी हिम्मत बढ़ गई ओर मैने आँखो से ही इशारा करके उसे एक साइड मे आने को कहा…ऑर उसने भी पलक झुका कर सिर को हिला दिया…

मतलब मेरा काम बन गया…अब आ जाएगी…आगे क्या..???...वो देखते है…

मैने साइड मे जाने लगा..ऑर भीड़ से अलग जा कर साइड मे रुक गया…थोड़ी देर बाद जब उसके साथ वाली औरत चली गई तो वो भी सबकी नज़र से बचाती हुई मेरे पास आ गई…

वो मेरे पास खड़ी हो गई…पर चुप थी..ऑर मैं भी सोचने लगा कि बुला तो लिया…अब आ भी गई…पर बोलू क्या..???

साला इससे ईज़ी तो चुदाई करना होता है…अजनबी औरत से क्या बात करू..???

मैं सोच ही रहा था कि वो पहले बोल पड़ी…

औरत-ही…मेरा नाम स्मिता है…ऑर आपका..???

मैं-ह्म्म..ओह…स्मिता..आइ एम अक…

स्मिता(कड़क आवाज़ मे)-तो बताइए आपने मुझे क्यो बुलाया…???

मेरी तो गंद ही चॉक ले गई कि अब क्या बोलू..होशियारी मे बुला तो लिया…...

मैं-वो..मैने ..तो…बस..यू ही..

स्मिता-यू ही..????...मतलब…आप किसी को भी यूँ ही बुला लेते हो…

मैं-हाँ..उसमे क्या बुराई है..थोड़ी बात करने के लिया….

स्मिता- अच्छा क्या बात करने के लिए बुलाया…

मैं-वो आप मुझे …वो…ऐसे…देख रही ..

स्मिता(ज़ोर से)-मतलब….आपने मुझे क्या समझ रखा है…मैं अच्छे खानदान से हूँ..ऑर हाँ…मैं शादीशुदा हूँ..समझे....

मैं(डरते हुए)-वो ..आप…..धीरे..बोलिए…मैने तो बस यू ही…

स्मिता –यू ही…???...क्या सोच कर बुला लिया….

दोस्तो मेरी तो सच मे फटने लगी थी कि अब फैल गया रायता…लोग मुझे धो डालेगे…

क्योकि हमारे यहा ग़लती चाहे लड़के की हो या लड़की की…लोग गंद तो लड़के की ही मारते है…

मैं(डरते हुए)-ओके..मेरी ग़लती…सॉरी…प्लीज़..आप…सॉरी...

ऑर ये कह कर मैं जाने को हुआ कि मुझे झटका लगा…

 
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