सब समान रखने के बाद नौकर चला गया ओर सोनू ने गेट को अंदर से लॉक करके बोलना शुरू किया…
सोनू-भाई, बात है सेक्स के बारे मे…
मैं-अच्छा…तो कैसी बात है…आइ मीन सेक्स किया है या करना है…???
सोनू-भाई बियर पीते हुए बात करे..
मैं –हाँ,,,हाँ,,क्यो नही
हमने फिर बियर की बॉटल ओपन की और बियर पीते हुए बात करने लगे…
मैं-हाँ भाई अब बोल
सोनू-भाई पता नही मुझे क्या हो गया है,,,हर वक़्त सेक्स करने का मन करता है…
मैं-तो इसमे ग़लत क्या है…हम जवान है तो ऐसा मूड तो होगा ही ना
सोनू-भाई पर….मेरे साथ प्राब्लम अलग है
मैं-अच्छा,,,क्या है वो..??
सोनू-भाई आज कल मुझे कोई भी औरत या लड़की दिखती है तो लगता है कि इसकी बजा दूं….शायद इसलिए कि मुझे कोई सेक्स पार्ट्नर नही मिला
मैं(मन मे)-साला अपनी बेहन को चोदता है ऑर कह रहा है कि सेक्स पार्ट्नर नही मिला,,,,,गन्दू झूट क्यो बोल रहा है…
सोनू-क्या हुआ…बोलो ना कुछ..
मैं-अच्छा ये बता कि तूने आज तक सेक्स किया है या नही….
सोनू-हाँ….क्या है
मैं-कितनी चूत फाडी यार…
सोनू-अरे कहाँ यार…एक ही मिली अभी तक..ऑर वो भी कम ही मिल पाती है….
मैं(मन मे)-लगता है कि इसने सिर्फ़ अपनी बेहन को ही चोदा है अब तक, या फिर ये झूट बोल रहा है…
सोनू-कहाँ खो गये…??
मैं-कुछ नही मैं ये सोच रहा था कि तुझे सेक्स करना कितना पसंद है…
सोनू-मतलब..??
मैं-देख बुरा मत मानना ..एक दोस्त के नाते एक बात पुच्छू…???
सोनू-हाँ भाई…बिल्कुल बुरा नही मानूँगा, दोस्त बोला है तुझे,,,बिना संकोच के पूछ…
मैं-ओके, पर बात अच्छी ना लगे तो इग्नोर कर देना, दिल पे मत लेना…
सोनू-अरे पूछ ना भाई…कुछ भी पूछ…
मैं-अच्छा ये बता तुझे किस तरह की लड़किया या औरते पसंद आती है..ज़्यादा…???
सोनू-यार सच बोलू तो पसंद तो सब आती है..पर मुझे आंटी ज़्यादा मस्त लगती हैं…
मैं-वो क्यो..???
सोनू-यार वो उनके बड़े-बड़े बूब्स और मोटी गंद….पागल ही कर देती है…
मैं-अच्छा,,,अब ये बता कि क्या तुझे सिर्फ़ बाहर वाली ही पसंद आती है या घर वाली भी..???
सोनू-मतलब..???
मैं-देख बुरा नही मानना…पर मैं ये पूछ रहा था कि जैसे तुझे बाहर की चूत देख कर सेक्स का मन करता है , क्या वैसे ही तुझे अपने घर या रिस्तेदार की औरतें ऑर लड़कियो को देख कर सेक्स का मन करता है क्या,,,,????
मेरी बात सुन कर सोनू चुप रहा बस मुझे घूरता रहा, मैने सोचा कि शायद बुरा मान गया तो मैं बोला...
मैं- भाई दिल पर मत ले , चल बियर ख़त्म कर , जो दिल मे हो वो बताना.....
इसके बाद मैं बियर पीने लगा ओर सोनू सोच मे पड़ गया....मैं सोच रहा था कि पता नही सोनू क्या बोलेगा अब.....?????
थोड़ी देर तक मैं बियर पीते हुए सोनू को देखता रहा....वो किसी गहरी सोच मे था.....मैने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा.....
मैं-देख भाई मैने कहा था ना कि बुरा मत मानना, मैं बस तेरी हेल्प करने की सोच रहा हूँ , इसी लिए पूछा..सॉरी भाई
सोनू-अरे, कोई बात नही,,,इसमे बुरा मानने जैसी कोई बात नही,,,,तू बस मेरे मन की जानना चाहता था,,,है ना..???
मैं-हां, बिल्कुल...तो फिर बता...
सोनू-भाई , देख मुझे ग़लत मत समझना,…पर सच तो ये है कि मुझे सब औरतो ऑर लड़कियो को देख कर उन्हे चोदने का मन करता है….चाहे वो कोई भी हो…
मैं-अच्छा…ऑर तेरी माँ को देख कर भी..
सोनू-बुरा मत मानना,,,पर हाँ मेरा तो कब्से मन है कि मैं अपनी माँ को चोदु..ऑर उससे भी ज़्यादा….
मैं-क्या..??
सोनू-देख भाई तू मेरा दोस्त है इसलिए तुझे बता रहा हूँ…पर ये बात किसी को पता नही चलनी चाहिए…
मैं-ट्रस्ट मी..दोस्त हूँ तेरा…किसी से नही कहुगा बोल...
सोनू-भाई मेरा मन करता है कि ….......कैसे बोलू...????
मैं-बेझिझक बोल भाई...
सोनू-यही कि कोई मेरी माँ को रंडी की तरह चोदे वो भी मेरे सामने...
मैं(शॉक्ड) - क्या..*??,,,,पर क्यो...*???
सोनू-पता नही भाई..लेकिन मैं अपनी माँ को चुदते हुए देखना चाहता हूँ पहले....फिर मैं भी उन्हे चोदना चाहता हूँ...
मैं-ह्म्म्म ..अच्छा ऑर ये बता की अपनी बेहन के बारे मे क्या सोच है तेरी...
सोनू-भाई मैं अपनी दीदी को किसी के साथ मिल कर चोदना चाहता हूँ…ऑर हां..मैं तो उन्हे चोदुगा ही….
मैं-क्या बात है…मतलब तेरी इक्षा तो हट कर है…हाहाहा
सोनू-हाँ भाई , पता नही ये सपना सच होगा कि नही…पर मुझे सबसे पहले चूत चाहिए ,,,,
मैं-अगर मैं तेरी सारी इक्षा पूरी कर दूं तो…
सोनू-क्या…सच मे…मज़ाक मत कर..???
मैं-अगर कर दूं तो बोल….मुझे क्या मिलेगा…???
सोनू(सोच मे पड़ गया)- मैं क्या दे सकता हू...???...तू ही बता...???
मैं(मन मे )- एक रिस्क लेता हूँ...अगर ये अपनी माँ ओर बेहन को चुदवा सकता है तो बाकी के परिवार को तो चुदवा ही देगा...
सोनू- क्या हुआ....??? बोल मैं क्या कर सकता हूँ तेरे लिए...???
मैं- भाई अगर मैं तेरी माँ ऑर दीदी को तेरा बना दूं ऑर तुझे चूत भी दिलवाऊ तो मुझे भी कुछ चाहिए...
सोनू- भाई मैं समझा नही...सॉफ बोल ना....क्या चाहिए....???
मैं - तेरे परिवार की सारी चूते...
सोनू(डरे हुए)- भाई ये क्या...???..कैसे...???
मैं- वो मैं देख लुगा ..तू बस हाँ बोल...
सोनू- ओके ...मुझे कोई प्राब्लम नही..पर प्लीज़ भाई कोई लफडा मत करना
मैं- डोंट वरी..ट्रस्ट मी...
सोनू- तब तो ओके...इसी बहाने मुझे भी मिल जायगी...
मैं - हां...अब इस मॅटर को बाद मे देखेगे...अभी तेरे सपनो की बात करे...मैं पूरा करूँगा तेरा सपना..ओके
सोनू-भाई, अगर तूने ये सब कर दिया तो मैं अपने परिवार की सब चूत तुम्हे दिलवाने मे हेल्प करूगा…
मैं-अच्छा…ऑर क्या दे सकता है…???
सोनू-भाई जिंदगी से बड़ा कुछ नही...मैं अपनी जिंदगी तेरे हवाले कर दूँगा....तू जो बोलेगा..वो मैं करूगा...बाकी तू बता की क्या चाहिए तुझे...*???
साला सोनू तो चूत के चक्कर मे ज़्यादा ही इमोशनल हो गया....
मैं(सोच कर)-ठीक है....तो पहले तुम्हारा काम हो जाए…उसके बाद मैं अपनी डिमॅंड बताउन्गा…ओके
सोनू-ठीक है पर तू ये सब नही कर पाएगा भाई…मेरी माँ बहुत शरीफ है….नही मानेगी..
मैं-वो मुझ पर छोड़ दे….मेरा काम है, मैं देख लुगा….
सोबू- पर जब तक मेरी तड़प का क्या करूँ..इसका इलाज तो बताओ….
मैं-तू सहर मे ही रहता है , मैं तुझे चूत का इंतज़ाम कर दूँगा…ओके
सोनू-पर भाई शहर तो कल जाउन्गा शायद ...अभी का क्या..???
मैं-ह्म्म्मश..तो आज रात को तुझे एक चूत दिलवाता हूँ…बदले मे मेरा एक काम करना होगा…
सोनू-बोल भाई , कुछ भी बोल…
मैं-तो सुन…तुझे कैसे भी करके..अपनी माँ को मेरे रूम मे लाना होगा…1घंटे के लिए…ऑर याद रहे किसी को भी ये पता ना चले कि तेरी माँ मेरे रूम मे है…
सोनू(सोच मे पड़ गया)-भाई माँ का किसी को पता तो नही चलने दूँगा पर माँ तेरे रूम मे आयगी क्यो…क्या बोलुगा मैं…
मैं-तू बस उन्हे 1 घंटे के लिए सबसे छुपा के ले आ..बाकी मेरे रूम मे रोकने का काम मैं देख लुगा...
सोनू-ये मैं कर सकता हूँ…पर मुझे चूत कैसे मिलेगी…ऑर किसकी..???
मैं-वो मैं तुझे कॉल कर दूँगा….तू पहले माँ को लाना मेरे रूम मे ऑर तुझे चूत दे दूँगा…ओर तेरी माँ को मैं संभाल लूगा...ओके
सोनू-डन भाई..लो ये मेरा नंबर. ले लो…