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तिन लंड की चुसाई

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अजनबी लंड लेने का मन

हेलो दोस्तोँ, मैँ हूँ प्रीती, एक 36 साल की बुटीसीयन. मैँ दिल्ली मेँ रहती हूँ और मेरी शादी नहीँ हुई है. मुझे किसी चीज़ की कमी नहीँ है, मेरे पास पैसा है ,नाम है, काम है. सब कुछ है, लेकिन मेरा सिर्फ और सिर्फ एक ही शौक है. मुझे लंड चूसना बहुत पसन्द है. यह लत मुझे 18 साल की होने पर लग गई थी जब मैँने पहली बार मेरे पडोसी अंकल गुप्ता के 70 साल के लंड को पहली बार चूसा था. वो मज़ा आज भी मैँ हर बार महसूस करती हूँ. और इसी डर से के शादी के बाद मुझे लंड चूसने का मौका ना मिले, मैँने शादी नहीँ की. आखिर हर इंसान को अपने शौक को पूरा करने का हक़ होता है. मेरा भी है. अपने इसी शौक के चलते मैँने एक के बाद एक करके करीब 125 लंड अब तक चूस लिये हैँ. जिसमेँ हर उम्र,लम्बाई मोटाई, रंग और देश के लंड शामिल हैँ. मैँने तो एक बार तीन लंड एक साथ चूसे थे. जी हाँ, यकिन नहीँ होता है ना? लेकिन यह सच है. और बहुत मज़ेदार भी है. सुनेंगे कि मैँने कैसे तीन लंड एक साथ चूसे? तो चलिये सुनाती हूँ आपको आज मैँ वो कहानी जब मैँने एक साथ तीन लंड चूसे. एक दिन की बात है, मैँ रात के वक्त एक पार्टी मेँ थी और उसके बाद जब मैँ वापस आ रही थी तो मुझे बहुत बोर्र्यत महसूस होने लगी क्योंकि पार्टी मेँ कुछ खास मज़ा नहीँ आया. वहाँ गजल लगा कर सब को दारू पिला दिया बस हो गई पार्टी. गाडी से घर लौटते वक्त मेरे मन मेँ ख्याल आया क्योँ ना आज किसी अजनबी लंड को चखा जाये.

इसी आशा मेँ मुझे एक 18 साल का लडका दिखा जो गुब्बारे बेच रहा था. सडक पर और कोई नहीँ था. मैँ उसके पास आई, देखने मेँ वो काला दुबला पतला था. उसे देखकर मुझे लगा आज कुछ नया ही टेस्ट करके देखा जाये. बस फिर क्या था मैँने उसे अपने पास बुलाया और उसके सारे गुब्बारे खरीद लिये और उसे कहा कि वो मेरे साथ जरा मेरे घर तक चले क्योंकि मुझे अकेले डर लगेगा. हम दोनोँ गाडी मेँ आगे बढ गये. तभी मैँने उसकी जांघ पर हाथ रख दिया. वो चौंक गया. तो मैँ मुस्कुरा कर बोली, तुम अगर मुझे अपना लंड चूसने दोगे तो मैँ तुम्हेँ 500 रुपिया दूंगी. वो यह सुनकर ही हक्का बक्का रह गया. फिर मैँने उसके लंड को उसके पैंट के ऊपर से ही मसलना शुरु कर दिया. मैँने गाडी एक सुनसान गली मेँ लगा दिया और उसकी पैंट को निकाल कर नीचे कर दिया. उसका 7'' का लंड अब खडा था. वो बहुत काला और बदबू भी कर रहा था. उसकी झांटेँ भी पसीने की महक से सराबोर थी. लेकिन शराब और सेक्स के नशे मेँ मुझे कुछ सूझ नहीँ रहा था.

बस फिर क्या था मैँने उसके लंड को मुँह मेँ भर कर चूस लिया. वो सकप्का गया और अपने हाथ से मेरे सिर को अपने लंड पर दबाव डालने लगा. मैँने उसके लंड को पूरा मुँह मेँ भर लिया और वो सिसिया कर कमर उठाने लगा. वो यह आज तक नहीँ किया था यह मुझे अहसास हो रहा था. अब उसने अपने हाथ से मेरी चूची को मसलना शुरु कर दिया और मुझे भी मज़ा आने लगा.

मन किया यह रात कभी खत्म ना हो और मैँ यूँ ही सारी रात उसके लंड को चूसती रहूँ. कभी मैँ उसके सुपाडे को चूसती तो कभी उसके पेशाब के छेद मेँ अपनी जीभ डालने की कोशिश करती. तो कभी उसके अंडकोषोँ को दबाती चाटती और चूसती. वो बस इस जन्नत का मज़ा ले रहा था. उसके लिये यह पहली बार का स्वर्ग जैसा आन्नद था. उसने सपने मेँ भी नहीँ सोचा था कि कोई इस कदर उसका लंड चूसेगा. वो अपने हाथ से मेरी चूची को मेरे टी शर्ट और फिर मेरी ब्रा से निकालने मेँ कामयाब हो गया. उसने मेरी चूची और निप्पल को जोर जोर से दबाना शुरु कर दिया. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

तभी बाहर से किसी ने खिडकी पर खटखटाना शुरु किया. हम दोनोँ ही चौंक गये. मैँने विंडो नीचे किया तो देखा वहाँ पर दो आदमी थे. एक की उम्र करीब 5 साल और दूसरा करीब 35 साल का था. दोनोँ ही शकल से दिहाडी मजदूर लग रहे थे. बुड्ढे आदमी ने पूछा यह सब क्या चल रहा है. मैँ डर गई और बोली सुअरी, हमेँ जाने दो. लेकिन इसके पहले कि मैँ कार स्टार्ट करके वहाँ से निकलती, मैँने देखा दूसरे आदमी ने फुरती से कार की चाभी को निकाल लिया और वो मुस्कुराने लगा. मुझे अब डर लगने लगा था. मुझे समझ नहीँ आया कि मैँ अब क्या करूँ. बुड्ढे आदमी ने कहा, अब तो तुम कहीँ नहीँ जाओगी. अब यहाँ पुलीस आयेगी. मैँ डर कर बाहर आ गयी और उसके पांव पडने लगी. मुझे माफ कर दो. प्लीज़ मुझे माफ कर दो. मैँ अपनी चूची को अन्दर करना भूल गयी थी और वो दोनोँ ही मेरी चूची को देखे जा रहे थे. तभी दूसरे आदमी ने मुझे पीछे से पकडा और मेरी चूची को दबाने लगा.

बुड्ढे आदमी ने मुझे घुटने के बल बैठाया और फिर अपने पैजामे मेँ से अपना 10'' का मोटा लम्बा और काला लंड मेरे मुँह मेँ घुसेडने लगा और बोला. ले चूस इसे, तुझे लंड चूसने का बहुत शौक है ना. ले चल लग जा काम पर साली रंड. मैँने अचानक से यह सीन देखा और मुझे लगा एक से भले तीन ही सही और लगी उसके लंड को चूसने.

और एक साथ तिन आ गए

मुझे उसका लोडा मेरी पिंक लिप्स पर चुभता हुआ लगा. मैँने आंख बन्द करके उसके लंड को चूसना शुरु किया. उसका लंड बडी मुश्किल से मेरे मुख मेँ जा पा रहा था. तभी पीछे वाले आदमी ने मुझे और ज़ोर से चूची दबा कर मदहोश करना शुरु कर दिया. इस बीच वो गुब्बारे वाला लडका भी अगया और उसने भी अपना लंड निकाल कर मेरे मुख मेँ डालने की कोशिश किया. अब मैँ दो दो लंड एक साथ चूसने की कोशिश कर रही थी. मुझे यह अनुभव कभी नहीँ मिला था. ऐसा मज़ा मुझे सपने मेँ भी नहीँ मिला था. मैँ बडी जोर जोर से दो दो लंड मुँह मेँ भर कर चूसे जा रही थी. वाह, क्या मज़ा और नशा था उसमेँ. इसी बीच वो तीसरा आदमी भी आ गया. उसने मुझे अपने लोडेको पकडने को हाथ मे दे दिया. उसका लंड काफी बडा था और काफी तना हुआ था. मुझे अब इस लंड चुसाई के खेल मेँ बहुत मज़ा आ रहा था.

अब वहाँ पर लंड चुसवाने की होड लग गई थी. तीनोँ अब अपने अपने लोडे को एक साथ मेरे मुँह मेँ घुसाने की कोशिश करने लगे. मुझसे जितना हो सकता था उतना मुँह मैँने खोला. लेकिन एक साथ तीन लंड खाना बडी कठिन डगर थी. फिर भी मैँने हिम्मत नहीँ हारा और तीनोँ लोडो को बराबर एक एक करके मज़ा देने लगी. कभी एक का लंड चूसती और दो लंड हाथ से हिलाती तो कभी कभी दो लंड एक साथ ही मुख मेँ घुसवा लेती. उनके अंडकोष भी मेरे गाल पर थपकी दे रहे थे तो मैँ उनके अंडकोषोँ को भी बारी बारी से सहला और चाट रही थी. जल्दी ही गुब्बरे वाला लडका मेरे मुख के अन्दर ही झडने लगा और उसने अपने हाथ से मेरे सिर को पकड कर अपने लंड पर दबा लिया. उसकी सारी पिचकारी मैँ निगल गयी. वो वहीँ थक कर बैठ गया और हांफने लगा. उसे झडता देख कर दूसरा 35 साल वाला आदमी भी मेरे मुख मेँ लंड को डाल कर जोर जोर से मुख को ही चोदने लगा और फिर अचानक से उसने एक जोरदार पिचकारी छोड दिया मेरे मुख मेँ. मैँ उसके गाढे वीर्य को पी गयी और जीभ से चाटने लगी.

इसी बीच वो बुड्ढा अब मुझे लंड चुसवाते चुसवाते एक कोने मे ले गया और मैँ बडी तन्मयता से उसका लोडा चूस रही थी. कि अचानक से उसने मुझे लिटाया और मेरी जींस को निकाल कर पैंटी को फाड दिया और एक ही झटके मेँ मेरी चूत मेँ अपना मोटा काला लोडा घुसेड दिया. मैँ उसके लंड के छोने से ही झडने लगी. ह्ह्ह्य्य्य्य. मुझे नहीँ पता था कि लंड चूसने के बाद तुरंत चुदने से अद्भुत मजा आता है. और फिर वो भी मेरे अन्दर ही झड गया.
 
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