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जगदीश राय की नज़रे चूचियों से निशा की पेट के तरफ फिसला तभी।
निशा (शर्माते हुए): ओह पापा…सोर्री।। ओह मेरे बाथरूम के शावर में पानी का फाॅर्स नहीं है न…।इस्लिये यहाँ चलि आयी…।
निशा ने यह कहते हुए अपने दाए हाथ से अपने दोनों चूचियों को ढक लिया, जिससे वह मुलायम बड़े चूचे दबकर और गोलदार बन गये। और फिर धीरे से उसने अपनी बायीं कलाई से अपने चूत को ढक लिया।
जगदीश राय चुप रहा और बस घूरता रहा।
जगदीश राय की ऑंखें बिना मौका गवाते हुए निशा की चूत को अच्छी तरह निहार लिया। निशा का पूरा शरीर एक अप्सरा की तरह , बाथरूम की रौशनी में चमक रहा था।
नंगी निशा सिर्फ हाथो से अपने ख़ुद को ढकते हुए धीरे से बाथरूम से बहार आयी। और धीरे धीरे , नंगे पैर और नंगे बदन से जगदीश राय के तरफ बढ़ रही थी।
निशा का हर एक कदम जगदीश राय पर भारी पड़ रहा था। निशा की साँसे भी तेज़ी से चल रही थी, जो उसकी चूचियों के उतार-चढाव से प्रकट हो रहा था।
करीडोर की चौड़ाई(विड्थ) सिर्फ 2:5 फुट का था। जब निशा पास आयी, जगदीश राय एक साइड हो गया।
अब निशा 2:5 फुट कॉरिडोर में , पूरी नंगी जगदीश राय के सामने थी। और निशा धीरे से, जगदीश राय के आँखों में देखते हुए उनके सामने से निकल रही थी।
उसने बहुत ही नज़ाकत से ख्याल रखा की उसकी नंगा शरीर पापा को स्पर्श न करे।
जगदीश राय , ने अपने आप को कण्ट्रोल करने के लिए निशा के सामने आते की गहरी सास लिए आंखें बंद कर ली। और फिर एक सेकंड बाद आँख खोला तो निशा उनके सामने से निकल चुकी थी।
जगदीश राय वहीँ खड़ा निशा की नंगी पीठ और बड़ी मदहोश गांड को अपने कमरे की तरफ जाते देखा।
निशा अपने कमरे के दरवाज़े पर पहुच कर अपने पापा के तरफ देखा। जगदीश राय तेज़ सासो से बाथरूम के तरफ बढ़ रहे थे। उनकी चाल से यह महसूस किया जा सकता था की वह मदहोश है। तभी निशा ने फिर से अपनी चाल चल दी।
निशा (सॉरी फेस से मुस्कुराते हुए): पापा…। मैं अपनी हेयर-बैंड अंदर भूल आयी हु… क्या आप ला देंगे मुझे…प्लीज…
जगदीश राय बाथरूम के अंदर गया और देखा की सामने एक लाल रंग की हेयर-बैंड जैसी चीज़ पड़ी थी। पर अगर वह नहीं भी होती तो भी जगदीश राय उसे लेकर निशा के पास चला जाता।
जगदीश राय हेयर बैंड लेकर निशा को घूरते हुए निशा की तरफ बढा। निशा का सिर्फ अब साइड-व्यू ही दिखाई दे रहा था, और उस पर निशा की कमर और गांड क़यामत ढा रही थी।
जगदीश राय सूखे मुह लेकर निशा के सामने खड़ा हो गया और एक बच्चे की तरह हेयर-बैंड हाथ में लिए खड़ा था। निशा उनकी ऑंखों में देखकर मुस्कुरायी और फिर कहा।
निशा: थैंक यू पापा…यू आर वैरी स्वीट…
और फिर निशा ने अपने दोनों हाथ चूचियों से निकाल लिया और अपनी पूरी चूची अपने पापा के नज़रों के सामने पेश किया।
एक 20 साल की बेटी आज पहली बार अपने पापा के सामने पूरी नंगी खड़ी थी। निशा की नंगी चूची जगदीश राय से सिर्फ 6 इंच के अंतर मे थी और जगदीश राय गुलाबी निप्पल को घूरता रहा।
ओर निशा अपने कमरे में घूस गयी और अपने पापा के चेहरे पर दरवाज़ा बंद किया।
जगदीश राय कुछ देर वहीँ निशा के दरवाज़े के बाहर खड़ा रहा। वह बौखला गया था।
निशा (शर्माते हुए): ओह पापा…सोर्री।। ओह मेरे बाथरूम के शावर में पानी का फाॅर्स नहीं है न…।इस्लिये यहाँ चलि आयी…।
निशा ने यह कहते हुए अपने दाए हाथ से अपने दोनों चूचियों को ढक लिया, जिससे वह मुलायम बड़े चूचे दबकर और गोलदार बन गये। और फिर धीरे से उसने अपनी बायीं कलाई से अपने चूत को ढक लिया।
जगदीश राय चुप रहा और बस घूरता रहा।
जगदीश राय की ऑंखें बिना मौका गवाते हुए निशा की चूत को अच्छी तरह निहार लिया। निशा का पूरा शरीर एक अप्सरा की तरह , बाथरूम की रौशनी में चमक रहा था।
नंगी निशा सिर्फ हाथो से अपने ख़ुद को ढकते हुए धीरे से बाथरूम से बहार आयी। और धीरे धीरे , नंगे पैर और नंगे बदन से जगदीश राय के तरफ बढ़ रही थी।
निशा का हर एक कदम जगदीश राय पर भारी पड़ रहा था। निशा की साँसे भी तेज़ी से चल रही थी, जो उसकी चूचियों के उतार-चढाव से प्रकट हो रहा था।
करीडोर की चौड़ाई(विड्थ) सिर्फ 2:5 फुट का था। जब निशा पास आयी, जगदीश राय एक साइड हो गया।
अब निशा 2:5 फुट कॉरिडोर में , पूरी नंगी जगदीश राय के सामने थी। और निशा धीरे से, जगदीश राय के आँखों में देखते हुए उनके सामने से निकल रही थी।
उसने बहुत ही नज़ाकत से ख्याल रखा की उसकी नंगा शरीर पापा को स्पर्श न करे।
जगदीश राय , ने अपने आप को कण्ट्रोल करने के लिए निशा के सामने आते की गहरी सास लिए आंखें बंद कर ली। और फिर एक सेकंड बाद आँख खोला तो निशा उनके सामने से निकल चुकी थी।
जगदीश राय वहीँ खड़ा निशा की नंगी पीठ और बड़ी मदहोश गांड को अपने कमरे की तरफ जाते देखा।
निशा अपने कमरे के दरवाज़े पर पहुच कर अपने पापा के तरफ देखा। जगदीश राय तेज़ सासो से बाथरूम के तरफ बढ़ रहे थे। उनकी चाल से यह महसूस किया जा सकता था की वह मदहोश है। तभी निशा ने फिर से अपनी चाल चल दी।
निशा (सॉरी फेस से मुस्कुराते हुए): पापा…। मैं अपनी हेयर-बैंड अंदर भूल आयी हु… क्या आप ला देंगे मुझे…प्लीज…
जगदीश राय बाथरूम के अंदर गया और देखा की सामने एक लाल रंग की हेयर-बैंड जैसी चीज़ पड़ी थी। पर अगर वह नहीं भी होती तो भी जगदीश राय उसे लेकर निशा के पास चला जाता।
जगदीश राय हेयर बैंड लेकर निशा को घूरते हुए निशा की तरफ बढा। निशा का सिर्फ अब साइड-व्यू ही दिखाई दे रहा था, और उस पर निशा की कमर और गांड क़यामत ढा रही थी।
जगदीश राय सूखे मुह लेकर निशा के सामने खड़ा हो गया और एक बच्चे की तरह हेयर-बैंड हाथ में लिए खड़ा था। निशा उनकी ऑंखों में देखकर मुस्कुरायी और फिर कहा।
निशा: थैंक यू पापा…यू आर वैरी स्वीट…
और फिर निशा ने अपने दोनों हाथ चूचियों से निकाल लिया और अपनी पूरी चूची अपने पापा के नज़रों के सामने पेश किया।
एक 20 साल की बेटी आज पहली बार अपने पापा के सामने पूरी नंगी खड़ी थी। निशा की नंगी चूची जगदीश राय से सिर्फ 6 इंच के अंतर मे थी और जगदीश राय गुलाबी निप्पल को घूरता रहा।
ओर निशा अपने कमरे में घूस गयी और अपने पापा के चेहरे पर दरवाज़ा बंद किया।
जगदीश राय कुछ देर वहीँ निशा के दरवाज़े के बाहर खड़ा रहा। वह बौखला गया था।