रवि समझ चुका था कि स्वीटी उसे घर के अंदर लेजाकार उससे
चुदवाना चाहती है इसलिए वो तुरंत गाड़ी के बाहर निकला जिससे
स्वीटी भी बाहर निकल घर का दरवाज़ा खोल सके...
"लगता है कि अब तो हमे भी अंदर जाना ही पड़ेगा" प्रीति ने गाड़ी से
बाहर उतरते हुए कहा..उसके कदमों मे नशे की हल्की लड़खड़ाहट
थी.. उसने अंदर घुस कर देखा..कि लिविंग रूम मे स्वीटी अपने कपड़े
उतार रही थी और रवि भी अपने कपड़े उतारने मे लगा हुआ था..
"चलो प्रीति तुम भी साथ मे आ जाओ.. आज हम दोनो मिलकर इसके लंड
का सारा रस नोचोड़ लेंगे" स्वीटी ने प्रीति को लिव्निग रूम मे आते
देखा तो बोली.
रवि तो हैरत भरी नज़रों से दोनो को देख रहा था.. उसे तो विश्वास
नही हो रहा था कि कोई लड़की इतनी बिंदास भी हो सकती है..
"नही स्वीटी मैने इससे कहा था कि इसे जलाने के लिए में इसकी
बेहन की चुदाई करूँगी और अगर आज अगर वो तय्यार नही है तो में
इसके सामने तुम्हारी चूत का मज़ा लूँगी" प्रीति ने जवाब दिया.
तब तक स्वीटी ने रवि के लंड को अपने मुँह मे ले लिया था.. रवि ने
देखा कि प्रीति अब स्वीटी के पीछे आ गयी और पीछे से उसके
निपल को भींचने लगी और साथ ही उसकी गर्दन को चूम रही थी..
घर के बाहर खड़े राज ने सोनिया से कहा, "क्यों ना हम भी घर के
अंदर चलते है.. बाहर कुछ ठंड ज़्यादा है"
सोनिया को भी राज की बात माननी पड़ी और वो उसके पीछे पीछे घर के
अंदर चली आई... दोनो लिविंग रूम मे पहुँचे और देखा कि रवि
ज़मीन पर चित लेटा हुआ था और स्वीटी उसकी टाँगो के बीच झुकी
उसके लंड को अपने मुँह मे ले जोरों से चूस रही थी.... और प्रीति
उसके पीछे बैठी थी..उसने अपना चेहरा स्वीटी के चूतदों मे दबा
रखा था और उसकी चूत को चूस रही थी और चाट रही थी.. साथ
ही वो एक हाथ से अपनी चूत मे दो उंगलियाँ अंदर घुसा अंदर बाहर
कर रही थी...
तभी स्वीटी अपनी जगह से थोड़ा उठी और रवि की टाँगो पर चढ़
गयी.. उसके खड़े लंड को पकड़ उसने पहले तो अपनी चूत पर घिसा
फिर उसे चूत के मुँह से लगा उस पर बैठती गयी.. रवि का लंड जड़
तक उसकी चूत मे घुस गया... प्रीति स्वीटी के सामने आ गयी और
दोनो लड़कियाँ एक दूसरे को चूमने लगी... चुचियाँ मसल्ने लगी...
अपनी बेहन और चचेरी बेहन को इस तरह एक दूसरे के साथ खेलते
देख राज का लंड किसी लोहे की रोड की तरह तन कर खड़ा हो गया..
सोनिया की निगाहें राज के खड़े लंड पर टिकी हुई थी... उसके लंड को
देखने की उसकी जिग्यासा और बढ़ गयी.. राज तो उनके साथ शामिल होना
चाहता था लेकिन वो सोनिया की वजह से चुप खड़ा था और उसकी ओर से
इशारा मिले इसका इंतेज़ार करने लगा...
सोनिया चुप चुप खड़ी दोनो लड़कियों को एक दूसरे को चूमते और
खेलते देख रही थी.. उसे अस्चर्य हो रहा था कि स्वीटी सब लाज़
शरम छोड़ सबके सामने उसके भाई के लंड पर उछल उछल कर चुदाई
कर रही थी... वो देख रही थी कि किस तरह स्वीटी और प्रीति एक
दूसरे की निपल को दाँतों के बीच पकड़ काट रहे थे तो कभी एक
दूसरे की चुचियों को मसल रहे थे.. वो दोनो के साथ ये खेल
खेल चुकी और उनके साथ शामिल होना चाहती थी...
तभी स्वीटी की नज़रे सोनिया पर पड़ी जो ललचाई नज़रों से उन्हे देख
रही थी.. "राज तुम अपना लंड सोनिया को क्यों नही दिखाते.. ये भी
तो देखे कि वास्तव मे तुम्हारा लंड कितना लंबा और मोटा है" स्वीटी
ने जोरों से रवि के लंड पर उछलते हुए कहा..
सोनिया ने पलट कर राज को देखा, "क्या तुम सही मे मेरा लंड देखना
चाहती हो?" राज ने पूछा...
सोनिया ने शर्मा कर अपनी गर्दन हां मे हिला दी... वो तो खुद मरी
जा रही थी राज का लंड देखने की लिए.. कि क्या सही मे उसका लंड
उतना ही मोटा और लंबा है जितना स्वीटी ने उसे इशारे से बताया था...
राज ने मुस्कुराते हुए अपनी पॅंट की बेल्ट को खोला और फिर जीन्स के
बटन खोल अपनी जींस को नीचे खिसकाने लगा... वहीं स्वीटी और
प्रीति दोनो सोनिया की प्रतिक्रिया जानने के लिए के लिए थोड़ा रुक
गयी....
जैसे ही राज ने अपनी शॉर्ट्स भी नीचे खिसकाई सोनिया कि तो जैसे
सांस ही हलक मे अटक गयी.. राज का अर्ध मुरझाया लंड भी किसी
घोड़े के लंड से कम नज़र नही आ रहा था.. उसने इतना मोटा और
लंबा लंड आज से पहले कभी नही देखा था..
"हे भगवान इतना मोटा और लंबा" सोनिया अस्चर्य से बोल पड़ी..
"है ना मस्ताना लंड" स्वीटी ने सोनिया से पूछा,, "अभी तो ये और
बड़ा होगा.. इसे मेरे पास लाओ राज में चाहती हूँ कि सोनिया इसकी
पूरी लंबाई और मोटाई देखे"