शमा कभी देव को देखती तो कभी अपनी मम्मी नेहा को… नेहा आज कुछ ज़्यादा ही खुस लग रही है… जिसे नेहा छुपाने का सफल प्रयास कर रही है… पर वह शमा की नज़रों से बच ना सकी… क्या बात है मम्मी आज कुछ ज़्यादा ही खुश लग रही हो… शमा ने नेहा से पूछा… नही तो ऐसी तो कोई बात नही और वैसे भी मैं तो हमेशा ही ऐसे ही खुश रहती हूँ… तुमने शायद आज ध्यान दिया है… नेहा ने कहा… शमा की ये बात सुनकर देव अंदर ही अंदर डर गये कहीं शमा को उन दोनो के बारे में पता तो नही चल गया है… फिर देव खुद ही सोचने लगे शमा को पता कैसे चलेगा वो तो वैसे भी उप्पेर के रूम में सोई थी… नही नही उसे कुछ नही पता है वो तो ऐसे ही अपनी मम्मी से नॉर्मली बात कर रही है… देव ने अपने मन को समझाया… नही मम्मी मुझे लगा कि आप कल से ज़्यादा खुश लग रही हैं इसलिए पूछ लिया… क्यों आंटी आप को क्या लगता है… शमा ने वाशु से पूछा. शमा मुझे तो ऐसा नही लगता नेहा तो ऐसे ही रहती है हमेशा तुम ही पता नही कहाँ खोई रहती हो आज कल …. वाशु ने नेहा का साथ देते हुए कहा… हां शायद मैं ज़्यादातर अपने में ही खोई रहती ना इसलिए ऐसा लगा मुझे …
शमा ने बात को आगे ना बढ़ाते हुए वाशु की हां में हां मिला दिया… तब तक देव नाश्ता कर चुके थे.. और ऑफीस जाने के लिए निकल गये… वाशु देव को छोड़ने बाहर तक गयी और फिर डोर लॉक करके वापस नेहा और शमा के पास बैठ गयी…. और तीनो फिर से बातें करने लगी… थोड़ी देर में तीनो ने नाश्ता किया और शमा उठकर अपने रूम में चली गयी.. नेहा और वाशु रसोई और घर की साफ सफाई में लग गयी.. शमा अपने रूम में जाकर फिर से सो गयी रात के घटनाकर्म को देख कर उसकी नींद उड़ गयी थी जिसके कारण वो ठीक से सो नही पाई थी… दोपहेर तक नेहा और वाशु घर काम करती रही और खाना बनाती रही इस बीच दोनो में रात की बात को लेकेर कोई बात नही हुई… सब काम निपटाने के बाद दोनो अपने अपने रूम मे नहाने के लिए चली गयी… कुछ ही देर में दोपहेर के खाने का वक्त हो चला है… वाशु नेहा को खाने के कहने उसके रूम में जाती है… नेहा अपने रूम में शीशे के सामने खड़ी तैय्यार हो रही है… वाशु उसके रूम में आती है… नेहा मैं खाना लगा रही हूँ तुम शमा को लेकेर आ जाओ… कमरे में आते ही वाशु ने नेहा से कहा और ये कहकर वो रसोई में चली गयी…… नेहा तय्यार होने के बाद शमा को उठाने उसके रूम में जाती है… रूम में पहुच कर नेहा देखती है शमा फिर सो रही है… नेहा शमा को उठाती है शाम उठ जाती है और कहती है क्या हुआ मम्मी. खाने के लिए बुलाने आई थी मैं तो .. नेहा कहा. मेरा मन नही है अब्भी खाने का….. शमा ने कहा. आज कल मैं देख रही हूँ तुम्हारा मन किसी भी चीज़ में नही है… नेहा ने कहा. ऐसी कोई बात नही है मम्मी सब ठीक है… शमा ने कहा. तो फिर चलो खाना खाने .. नेहा ने शमा के बालों में उंगलियाँ फिराते हुए कहा. शाम उठ जाती है और फ्रेश होने के लिए वॉशरूम में घुस जाती है… नेहा वहीं बैठी हुई शमा का वेट करती है… शमा फ्रेश होकेर बाहर आती है और फिर दोनो मा बेटी नीचे आ जाती है. वाशु ने डाइनिंग पर खाना लगा दिया है… तीनो खाना खाते हैं…
खाना खाने के बाद तीनो बातें करने लगी… तीनो अभी बातें कर ही रही थी कि फोन की घंटी बजी… ट्रिंग ट्रिंग…….ट्रिंग… वाशु ने जाकर फोन उठाया तो पता चला ये नेहा के लिए फोन था… नेहा ने जाकर वाशु से रिसीवर लिया और बात करने लगी… शमा और वाशु दोनो नेहा एक एकतरफ़ा बातें सुन रही है.. पूरी बात करने के बाद नेहा दोनो को बताती है कि ये उसकी बहेन का फोन थॉ वो कब से उनके घर पर फोन ट्राइ कर रहे थे… जब बात नही हुई तो यहाँ फोन किया… ये तो हमे भी पता है मम्मी पर पूरी बात बताओ के आख़िर फोन किसलिए किया है… एक गुड न्यूज़ है आज शाम को श्री यहाँ दो तीन दिन के लिए आ रहा है… (श्रीकांत नेहा की बहेन का बेटा है जो किसी एंट्रेन्स एग्ज़ॅम के लिए उनके यहाँ आ रहा है.. जिसे प्यार से सब श्री कहकर बुलाते हैं…) और मैने उसे यहीं रहने के लिए बुला लिया है क्योंकि हम तो पहले से ही यहाँ रह रहे है… मोहन और स्वीटी के लॅंडन जाने के बाद से और श्री ने भी यहाँ रहने के लिए हां कर दी है… श्री भैया आ रहे हैं ये तो बड़ी खुशी की बात है कम से कम मुझे तो बोरियत नही होगी… शमा ने कहा. ये तुमने बहुत अच्छा किया नेहा जो तुमने श्री को यहाँ बुला लिया वरना तो हम फिर यहाँ अकेले रह जाते.. वाशु ने खुश होते हुए कहा.. कितने बजे की ट्रेन से आ रहा है श्री… शमा ने पूछा… यही कोई 5 बजे की ट्रेन है उसकी और वो यहाँ 5.30 तक पहुँचेगा… नेहा ने कहा. ओके तब तक थोड़ा आराम कर लेते है… और सभी अपने कमरों मे आराम करने चली गयी….
शाम के समय शमा श्री को लेने के लिए अपनी स्कूटी लेकेर स्टेशन पहुँची और श्री की ट्रेन का इंतज़ार करने लगी… शमा ठीक टाइम पर पहुँच गयी … ट्रेन को आने में बस कुछ ही पल बचे थे..... थोड़ी ही देर में ट्रेन आ गयी यात्री उतरने लगे… शमा खड़ी हुई एक एक कोच से उतरते हुए यात्रियों को देख रही है कि उसे जल्दी से श्री दिख जाए जिसके लिए वो यहा आई है.. पर उसे श्री उसे दिखाई नही दे रहा है… शमा बड़े गौर से सब को देख रही है कहीं तो श्री दिखेगा है… और फिर एक कोच से एक हॅंडसम नौजवान उतरता है… शमा उसे देखती है और दौड़ कर उसके पास जाती है…. दोनो एक दूसरे को देखते ही पहचान लेते है…. हाई भैया कैसे हो… शमा श्री के पास जाते ही उसे विश करती है… मैं ठीक हूँ दीदी… आप बताइए और सब कैसे हैं… श्री आगे बढ़कर शमा के गले लगते हुए उसे विश करता है… दोनो के बीच फॉर्मल बातें होती है और फिर दोनो घर के लिए निकलते हैं… दीदी आपका तो मन नही लग रहा होगा स्वीटी के बिना और राज और प्रीति भी यहाँ नही है.. श्री ने पूछा… पहले नही लगा पर अब तुम आ गये तो मन लग जाएगा .. शमा ने ज्वाब दिया… दोनो पार्किंग में आ गये और शमा अपनी स्कूटी को स्टार्ट करती है श्री उसके पीछे बैठ जाता है और दोनो ऐसे ही बातें करते हुए घर आ जाते हैं…
दोनो घर पहुँचते हैं और नेहा दरवाजा खोलती है श्री आगे बढ़ते हुए नेहा के पैर छूता है और विश करता है नेहा भी उसे असिर्वाद देती है और अंदर आने को कहती है… वाशु ड्रॉयिंग रूम में बैठी है श्री वाशु के भी पैर छूकर असिर्वाद लेता है… शमा रसोई से पानी लेकेर आती है और श्री को देती… श्री पानी पीता है… नेहा श्री को कहती हैबेटा हाथ मुँह धोकेर फ्रेश हो जाओ मैं कुछ खाने को लाती हूँ… कहकेर नेहा रसोई में चली जाती है… वाशु शमा को कहती है बेटा श्री को राज का रूम दिखा दो और समान उसमे रखवा दो.. श्री के पास सिर्फ़ एक बॅग था जिसे उठाकर वो शमा के पीछे पीछे उपेर आ जाता है… शमा राज के रूम में आ जाती है श्री भी पीछे पीछे रूम में आता है… भैया ये है आपका रूम आप यहाँ रहेंगे और बराबर वाले रूम में मैं ठहरी हू… आप फ्रेश होकेर नीचे आ जाओ… कहकेर शमा नीचे आ जाती है… और वाशु के पास बैठ जाती है… नेहा ने चाय नाश्ता रेडी किया और ड्रॉयिंग रूम में ही लेकेर आ गयी और तीनो बैठ कर श्री का वेट करने लगे… कुछ ही देर में श्री भी नीचे आता है और फिर चाय पीते हैं और बातें करते है… घर में सब कैसे है तुम्हारे मम्मी पापा और रूचि कैसी है.. सब ठीक हैं मौसी जी सब मज़े में हैं.. रूचि भी ठीक है बी.कॉम 1स्ट्रीट में है… श्री जवाब देता है… तुम्हारी पढ़ाई कैसे चल रही है… नेहा ने पूछा.. अच्छी चल रही बस ये एंट्रेन्स हो जाए फिर अड्मिशन का देखते है… श्री ने जवाब दिया.. रूचि की भी छुट्टियाँ होंगी उसे भी ले आते… शमा ने कहा… मैने तो कहा था पर उसने मना कर दिया वो कह रही थी कि जब सभी यहाँ होंगे तभी आउन्गि… श्री ने जवाब दिया … और ऐसे ही सब बातें करते रहे… चाय ख़त्म होने के बाद नेहा ने श्री से कहा बेटा जाओ आराम कर लो… बहुत थक गये होगे सफ़र कर के…. श्री उठकर उपेर रूम में चला जाता है… शमा भी अपने रूम में चली जाती है…
वाशु और नेहा झूठे बर्तनो को सॉफ करने के लिए रसोई में चली जाती है… सब काम निपटा लेने के बाद… वाशु में आज श्री की पसंद का खाना बना लूँ… नेहा वाशु से पूछती है… मारूँगी एक अगर आगे से किसी चीज़ के लिए पूछा तो ये तुम्हारा ही घर है जो चाहे करो खाओ पीयो.. श्री भी मेरे बेटे जैसा है उसके लिए कुछ भी बनाओ… ये कोई पूछने की बात है.. वाशु ने थोड़ा गुस्सा करते हुए कहा… वाशु को गुस्सा करते देख नेहा वाशु के पास आती है और अपने दोनो हाथो से अपने कान पकड़ कर सॉरी बोलती है… नेहा को ऐसे देख कर वाशु का गुस्सा फुर्र हो जाता है… और वह नेहा को गले लगा लेती है… दोनो की चूचियाँ एक दूसरे से टकराती है और दोनो की आह निकल जाती हैं फिर दोनो हस्ने लगती है… नेहा अभी खाना बनने में थोड़ा वक्त है क्यूँ ना दोनो बैठ कर बाते करें और वैसे भी मुझे तुमसे रात के बारे मे पूछना है.. हां ये ठीक रहेगा… और दोनो रसोई से निकल कर वाशु के रूम में जाने लगती है… उधर शमा किसी काम से फिर से नीचे आती है… सीढ़ियों से उतरते हुए वह वाशु और नेहा के खिलखिलाते हुए चेहरों को देखती है… दोनो वाशु के रूम में चली जाती है… शमा को रात की बात याद आ जाती है और वो उत्सुकतावास उनकी बातें सुनने के लिए उसी खिड़की के पास आ जाती है… और दोनो की बातें सुनने के लिए खिड़की से अपने कान लगा देती है…
Shama Kabhi dev ko dekhti to Kabhi apni mummy Neha ko… Neha aaj kuch jyada hi kush lag rahi hai… jise Neha chupane ka safal prayas kar rahi hai… par wah Shama ki najron se bach na saki… kya baat hai mummy aaj kuch jyada hi khush lag rahi ho… Shama ne Neha se poocha… nahi to aisi to koi baat nahi aur waise bhi main to hamesha hi aise hi khush rahti hoon… tumne sayad aaj dhyan diya hai… Neha ne kaha… Shama ki ye baat sunker Dev ander hi ander dar gaye kahin Shama ko un dono ke bare mein pata to nahi chal gaya hai… phir Dev khud hi sochne lage Shama ko pata kaise chalega wo to waise bhi upper ke room mein soyee thi… nahi nahi use kuch nahi pata hai wo to aise hi apni mummy se normally bat kar rahi hai… Dev ne apne man ko samjaya… nahi mummy mujhe laga ki aap kal se jyada kush lag rahi hain isliye pooch liya… kyon anuty aap ko kya lagta hai… Shama ne Vashu se poocha. Shama mujhe to aisa nahi lagta Neha to aise hi rahti hai hamesha tum hi pata nahi kahan khoyee rahti ho aaj kal …. Vashu ne Neha ka sath dete hue kaha… haan sayad main jyadatar apne mein hi khoyee rahti na isliya aisa laga mujhe … Shama ne baat ko aage na badhate hue Vashu ki haan mein haan mila diya… tab tak Dev nasta kar chuke the.. aur office jane ke liye nikal gaye… Vashu Dev ko choodne bahar tak gayee aur phir door lock karke wapas Neha aur shama ke paas beith gayee…. Aur teeno fir se batein karne lagi… thodi der mein teeno ne nasta kiya aur Shama uthkar apne room mein chali gayee.. Neha aur Vashu rasoi aur ghar ki saf safai mein lag gayee.. Shama apne room mein jaker phir se so gayee raat ke ghatnakrm ko dekh kar uski neend udd gayee thi jiske karan wo thieek se so nahi payee thi… dopaher tak Neha aur Vashu ghar kaam karti rahi aur khana banati rahi iss beech dono mein raat ki baat ko leker koi baat nahi hui… sab kaam nptane ke baad dono apne apne room me nahane ke liye chali gayee… kuch hi der mein dopaher ke khane ka wakt ho chala hai… Vashu Neha ko khane ke kahne uske room mein jati hai… Neha apne room mein sheeshe ke samne khadi taiyyar ho rahi hai… Vashu uske room mein aati hai… Neha main khana laga rahi hoon tum Shama ko leker aa jao… kamre mein aate hi Vashu ne Neha se kaha aur ye kahker wo rasoi mein chali gayee…… Neha tayyar hone ke baad Shama ko uthane uske room mein jati hai… room mein pahuch ker Neha dekhti hai Shama fir so rahi hai… Neha Shama ko uthati hai Sham auth jati hai aur kahti hai kya hua mummy. Khan eke liye bulane aayi thi main to .. Neha kaha. Mera man nahi hai abbhi khane ka….. Shama ne kaha. Aaj kal main dekh rahi hoon tumhara man kisi bhi cheecj mein nahi hai… Neha ne kaha. Aisi koi baat nahi hai mummy sab theek hai… Shama ne kaha. To fir chlo khana kahne .. Neha ne Shama ke balon mein ungliyan firate hue kaha. Sham auth jati hai aur fresh hone ke liye washroom mein ghus jati hai… Neha wahin baithi hui Shama ka wait karti hai… Shama fresh hoker bahar aati hai aur fir dono maa beti neeche aa jati hai. Vashu ne dining par khana laga diya hai… teeno khana khate hain… khana khane ke baad teeno batein karne lagee… Teeno abhi baatein kar hi rahi thi ki phone ki ghanti baji… tring tring…….tring… Vashu ne jaker phone uthay to pata chala ye Neha ke liye phone tha… Neha jaker Vashu se receiver liya aur baat karne lagi… Shama aur Vashu dono Neha ek ektarfa batein sun rahi hai.. puri baat karne ke baad Neha dono ko batati hai ki ye uski behen ka phone thaw o kab se unke ghar par phone try kar rahe the… jab baat nahi hui to yahan phone kiya… ye to humjein bhi pata hai mummy par puri baat batao ke akhir phone kisliye kiya hai… ek good news hai aaj sham ko Shree yahan do teen din ke liye aa raha hai… (Shreekant Neha ki behen ka beta hai jo kisi entrance exam ke liye unke shara aa raha hai.. jise pyar se sab Shree kahker bulate hain…) aur maine use yahin rahne ke liye bula liya hai kyonki hum to pahle se hi yahan rah rahe hai… mohan aur Sweety ke landon jane ke baad se aur Shree ne bhi yahan rahne ke liye haan kar di hai… Shree bhaiya aa rahe hain ye to badi khis ki baat hai kam se kam mujhe to boriyat nahi hogi… Shama ne kaha. Ye tumne bahut achcha kiya Neha jo tumne Shree ko yahan bula liya warna to hum phir yahan akele rah jate.. Vashu ne khush hote hue kaha.. kinte baje ki train se aa raha hai Shree… Shama ne poocha… yehi koi 5 baje ki train hai uski aur wo yaha 5.30 tak pahunchega… Neha ne kaha. Ok tab tak thoda aaram kar lete hai… aur sabhi apne kamron me aaram karne chali gayee….
Sham ke samay Shama Shree ko lene ke liye apni scooty leker station pahunchi aur Shree ki train ka intzar karne lagi… Shama theek time par pahunch gayee … train ko aane mein bas kuch hi pal bache the..... thodi hi der mein train aa gayee yatri utarane lage… Shama khadi hui eke k coach se utarate hue yatriyon ko dekh rahi hai ki use jaldi se Shree dikh jaye jiske liye wo yaha aayi hai.. par use Shree use dikhayee nahi de raha hai… Shama bade gour se sab ko dekhg rahi hai kahin to Shree deikhega hai… aur phir ek coach se ek handsome naujawan utarta hai… Shama use dekhti hai aur doud kar uske paas jati hai…. Dono ek dusre ko dekhte hi pahchan lete hai…. Hi bhaiya kaise ho… Shama Shree ke paas jate hi use wish karti hai… main theek hun didi… aap batayiye aur sab kaise hain… Shree aage badhkar Shama ke gale lagte hue use wish karta hai… dono ke beech formal batein hoti hai aur fir dono ghar ke liye nikalte hain… didi aapka to maan nahi lag raha hoga Sweety ke bina aur Raj aur Preeti bhi yahan nahi hai.. Shree ne poocha… pahle nahi laga par ab tum aa gaye to man lag jayega .. Shama ne jwab diya… dono parking mein aa gaye aur Shama apni scooty ko start karti hai Shree uske peeche baith jata hai aur dono aise hi batein karte hue ghar aa jate hain… dono ghar pahunchte hain aur Neha darwaja kholti hai Shree aage badhte hue Neha ke pair chuta hai aur wish karta Neha bhi use asirwad deti hai aur ander aane ko kahti hai… Vashu drawing room mein baithei hai Shree Vashu ke bhi pair chuker asirvad leta hai… Shama rasoi se pani leker aati hai aur Shree ko deti… Shree pani peeta hai… Neha Shree ko kahti beta haath munh dhoker fresh ho jao main main kuch khane ko lati hoon… kahker Neha rasoi mein chali jati hai… Vashu Shama ko kahti hai beta Shree ko Raj ka room dikha do aur saman usme rakhwa do.. Shree ke pass sirf ek bag tha jise uthaker wo Shama ke peeche peeche uper aa jata hai… Shama Raj ke room mein aa jati hai Shree bhi peeche peeche room mein aata hai… bhaiya hai aapka room aap yahan rahenge aur baraber wale room mein main thehsri hooon… aap fresh hoker neeche aa jao… kahker Shama neeche aa jati hai… aur Vashu ke pass beith jati hai… Neha ne chaye naste ready kiya aur drawing room mein hi leker aa gayee aur teeno beith ker Shree ka wait karne lage… kuch hi der mein Shree bhi neeche aata hai aur fir chaye peete hain aur batein karte hai… ghar mein sab kaise hai tumhare mummy papa aur Ruchi kaisi hai.. sab theek hain mousi ji sab maje mein hain.. Ruchi bhi theek hai B.com 1st mein hai… Shree jawab deta hai… tumhari padhayee kaise chal rahi hai… NEha ne poocha.. achchi chal rahi bas ye entrance ho jaye fir admission ka dekhte hai… Shree ne jawab diya.. Rcuhi ki bhi chutiyan hongi use bhi le aate… Shama ne kaha… main to kaha tha par usne mana kar diya wo kah rahi thi ki jab sabhi yahan honge tabhi aaungi… Shree ne jawab diya … aur aise hi sab batein karte rahe… chaye khatm hone ke baad Neha ne Shree se kaha Beta jao aarama kar lo… bahut thak gaye hoge safar kar ke…. Shree uthkar uper room mein chala jata hai… Shama bhi apne roo mein chali jati hai… Vashu aur Neha juthe baraton ko saaf karne ke liye rasoi mein chali jati hai… sab kaam nipta lene ke baad… Vashu mein aaj Shree ke pasand ka khana bana lun… Neha Vashu se poochti hai… maroongi ek agar aage se kisi cheej ke poocha to ye tumhara hi ghar hai jo chahe karo khao peeyo.. Shree bhi mere bête jaisa hai uske liye kuch bhi banao… ye koi poochne ki baat hai.. Vashu ne thoda gussa karte hue kaha… Vashu ko gussa karte dekh Neha Vashu ke pass aati hai aur apne dono hatho se apne kaan pakad kar sorry bolti hai… Neha ko aise dekh kar Vashu ka gussa furr ho jata hai… aur wah Neha ko gale laga leti hai… dono ki choochiyan ek dusre se takrati hai aur dono ki aah nikal jati hain fir dono hasne lagti hai… Neha abhi khana banana mein thoda wakt hai kyun na dono baith kar batei karein aur waise bhi mujhe tumse raat ke bare me poochna hai.. haan ye theek rahega… aur dono rasoi se nikal kar Vashu ke mein mein jane lagti hai… udhar Shama kisi kaam se fir se neeche aati hai… seedhiyon se utarte hue wah Vashu aur Neha ke khikhilate hue chehron ko dekhti hai… dono Vashu ke room mein chali jati hai… Shama ko raat ki baat yaad aa jati hai aur wo utsuktawas unki batein sunne ke liye usi khudki ke pass aa jati hai… aur dono ki batein sunne ke liye khidki se apna kaan laga deti hai…
नेहा और वाशु रूम में आती हैं जैसे ही दोनो रूम में आती हैं वाशु ने सवालों की झड़ी लगा दी.........
क्या हुआ? कैसे हुआ?....... सब पूछने लगी.... फिर नेहा ने वासू को रात को क्या क्या हुआ सब बात दिया दोनो बातें कर रही थी और हंस भी रही थी.... शमा खिड़की से सब सुन रही थी..... शमा शॉक्ड हो जाती है ....
शमा को विस्वास ही नही हो रहा था कि इस सब में वाशु भी शामिल है और ये सब दोनो की मर्ज़ी से हुआ है... अभी तक तो जैसा सोचा था सब वैसे ही हुआ है..... पर अब श्री के आने के बाद हमे कुछ दिन तक शायद ही कोई मौका मिले..... नेहा ने वासू से कहा
...... हां शायद तुम ठीक ही कह रही हो........ वाशु ने जवाब दिया . हमे जल्दी ही कोई ना कोई रास्ता निकालना होगा ..... देव से चुदने के बाद मैं अब और ज़्यादा इंतजार नही कर सकती..... नेहा ने अपनी बेचैनी को जाहिर करते हुए कहा.
कुछ तो सोचना ही पड़ेगा वैसे भी मैं तुम्हे ज़्यादा बेचैन नही देख सकती कोई ना कोई हाल ज़रूर निकलेगा..... वाशु ने नेहा को तसल्ली देते हुए कहा. ठीक है जैसा तुम कहो पर जो भी करना सोच समझ कर करना नेहा ने कहा. अभी तो मुझे थोड़ा आराम की ज़रूरत है तुम भी थोड़ा आराम कर लो थोड़ी ही देर बाद खाने का भी टाइम होने वाला है हम रात में इस बारे में बात करेंगे .... और ये कहकर वाशु अपने अपने रूम में चली जाती है.... बाहर खिड़की से सब सुन रही शमा को जब लगा वाशु भर आने वाली वो वहाँ से हटकर अपने रूम में चली जाती है...
शमा को समझ नही आ रहा था कि क्या हो रहा है.. वह वाशु और अपनी मम्मी नेहा की बातों को सोचते हुए उपेर अपने रूम की ओर जाती है… फिर कुछ सोच कर वह आगे राज के रूम की ओर बढ़ जाती है जहाँ श्री सोया हुआ था शमा ये सोचते हुए शायद श्री उठ गया होगा क्यूँ ना उससे गप्पे लड़ायी जायें… पर वहाँ पहुँच कर भी शमा ने देखा की श्री अभी तक सोया हुआ है.. शमा ने सोच उसे उठा कर पर वह रुक गये और अपने रूम में वापस लौट गयी… अपने रूम में आकर शमा रात और दिन के घटना क्रम के बारे में सोचने लगती है… शमा खुद राज (या कहें राज के लंड को)को बहुत मिस कर रही थी… शमा ये जानने को उत्सुक थी अब आगे क्या होगा..? क्या आज फिर उसकी मम्मी देव से चुदने जाएगी? … क्या देव अंकल आज फिर उसकी मम्मी की चुदाई करेंगे..? या आज वाशु उनके कमरे में जाएगी? यही सोचते सोचते शमा की आँख लग जाती है…
रात को 8 बजे देव घर आ जाते हैं.. वाशु और नेहा ने खाना तय्यार कर लिया है और दोनो डाइनिंग टेबल पर खाना लगा रहे हैं… नेहा बच्चो को बुला लाओ शायद वो अभी तक सो रहे हैं… वाशु ने नेहा से कहा. नेहा श्री और शमा को बुलाने उपेर चली जाती है… वाशु खाना लगाने के बाद
देव को बुलाने अपने रूम में चली जाती है जहाँ देव ऑफीस से आने के बाद चेंज कर रहे थे.. नेहा शमा के रूम के पास जाकर डोर नॉक करती है.. आवाज़ सुनकर शमा जाग जाती है. वह उठकर दरवाजा खोलती है और नेहा अंदर आ जाती है… क्या बेटा अभी भी सोई हुई हो रात को सोना नही है क्या..
शमा नेहा की बात सुनकर घबरा सी जाती है फिर संभालते हुए… नही माँ वो बस ऐसे ही आँख लग गयी थी….शमा कहती है.
कोई बात नही चलो फ्रेश होकेर नीचे आ जाओ खाना लग गया है सब वेट कर रहे है मैं श्री को बुलाने जा रही हूँ.…कहकर नेहा श्री के रूम पर जकेर दस्तक देती है. दो तीन बार दस्तक देने पर श्री उठ जाता है जो सफ़र की थकान होने के कारण गहरी नीं में था.. उठकर डोर ओपन करता है और सामने नेहा यही अपनी मौसी को देखता है… नेहा श्री से कहती है चलो बेटा फ्रेश हो नीचे आ जाओ खाना लग गया है और सभी तुम्हारा वेट कर रहे है..
ठीक है मौसी मैं बस अभी आया…. श्री कहता हुआ वॉशरूम में घुस जाता है. नेहा वापस नीचे चली जाती है…
कुछ देर बाद सब खाना खा चुके होते है और सभी आपस में बातें कर रहे थे… देव श्री से उसके फ्यूचर प्लान के बारे में बातें करते हैं और उसकी पढ़ाई के बारे में पूछते हैं.. श्री देव को सब बताता है और ऐसे ही सभी बातें करते है… कुछ देर बाद देव उठकर अपने रूम में चले जाते हैं… शमा और श्री भी उठकर अपने अपने रूम में चले जाते हैं. वाशु और नेहा रसोई का काम निपटने में लगी है और जल्दी ही वो सब काम ख़तम कर लेती हैं. नेहा तुम रूम में चलो मैं देव से पूछ कर आती हूँ कुछ चाहिए तो नही… वाशु ने नेहा से कहा.
देव को अब तुमसे कुछ नही चाहिए… कहकर नेहा हंसते हुए अपने रूम में चली जाती है. वाशु भी देव से मिलने चली जाती है…
वाशु जैसे ही रूम मे एंटर करती है वाशु देखती है देव सिर्फ़ शॉर्ट्स मे बेड पर लेटे हुए आराम कर रहे हैं... मैं नेहा के रूम में जा रही हूँ आपको कुछ चाहिए तो नही..”वाशु देव से पूछती है”.
वाशु की आवाज़ सुनकर देवजैसे नींद से जागते है और उठकर बैठ जाते हैं. वाशु देव के पास बेड पर बैठ जाती है और पूछती है आपको कुछ चाहिए क्या?
देव वाशु के सर को पीछे से पकड़ कर अपने पास करते है और वाशु के होंठो पर किस करने के बाद कहते हैं.. तुम आज भी नेहा के पास जा रही हो क्या.. मुझे अकेले नींद नही आती तुम्हे ये पता है ना..
बस कुछ ही दिनो की तो बात है फिर सब नॉर्मल हो जाएगा और हम फिर से एक दूसरे के साथ होंगे.. वासू ने कहा. (तो फिर जल्दी जाओ ना यहाँ से तुम जाओगी तभी तो नेहा यहाँ आएगी और मैं उसकी जबरदस्त चुदाई करूँगा... देव अपने मन मे सोचते हुए). कुछ देर बाद वाशु नेहा के रूम मेी चली जाती है..
श्री उपर राज के रूम में बैठा राज के कंप्यूटर पर अपने एग्ज़ॅम की तय्यारी कर रहा है. ये एग्ज़ॅम उसके फ्यूचर के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है तय्यारी तो उसने बहुत पहले से कर रक्खी थी बस इंतजार था कि कब ये एग्ज़ॅम हो और वो उसको पास करले तो उसे एक अच्छे कॉलेज मे अड्मिशन मिल जाएगा जिससे वो इंजीनियरिंग कर सके. अभी एग्ज़ॅम में एक दिन बाकी है और श्री नेट से कुछ ओल्ड पेपर्स ढूंड रहा है जिससे वो और तय्यारी कर सके...
वहीं दूसरी और शमा अपने बेड लेटी हुई कल रात की घटनाओं के बारे में सोच रही है.. उसे अभी भी यकीन नही हो रहा है कि ऐसा सच मे हुआ है.. उसे विस्वास ही नही हो रहा था कि उसने अपनी मम्मी को अपने देव अंकल के साथ चुदाई करते हुए देखा है... शमा ये जानने को उत्सुक है कि क्या आज भी वो दोनो ऐसा करेंगे.. क्या उसे आज भी नीचे जाकर देखना चाहिए या नही!!! पर उसे अभी उपर आए हुए आधा घंटा ही हुआ है शमा अभी कुछ देर और वेट करने का सोचती है.. उसे एक एक पल काटना बहुत भारी लगता है.. वह सोचती है कैसे ये टाइम कटेगा... तभी उसे श्री का ख्याल आता है और वो उसके रूम की तरफ चल देती है.. रूम के पास पहुँच कर शमा दरवाजे पर दस्तक देती है...
आहट सुनकर श्री दरवाजा खोलता है और सामने शमा को खड़े देखता है. अरे शमा तुम इस वक्त आओ... श्री चोन्क्ते हुए शमा से कहता है..
क्यों मैं तुम्हारे रूम में नही आ सकती क्या.. शमा ने कहा और अंदर आ गयी..
नही ऐसी कोई बात नही आओ बैठो.
वो क्या है ना मुझे नींद नही आ रही थी तो सोचा कि तुमसे ही कुछ बातें की जायें कहीं मैने तुम्हे डिस्टर्ब तो नही कर दिया.. शमा ने कहा और जाकर बेड पर बैठ गयी.