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बंसल - हाँ बेटी, तुम ठीक कहती हो। अच्छा हुआ हम इनके चँगुल से जल्दी छूट गये।
शालु - मैंने तो पहले ही सोच लिया था, जितना जल्दी मैं उनके लंड का पानी निकलूँगी उतना जल्दी वो हमे जाने देंगे। तभी तो मैंने उन दोनों का लंड चूस कर सारा माल अपने मुह में ही निकाल लिया।
बंसल - हाँ बेटी।
शालु - ओह ये पुलिस वालों का भी कितना गाढ़ा और चिपचिपा होता है न पापा। मैं तो उनके मुट्ठ से नहा ली हूं।
बंसल - हाँ ये पुलिस वाले रफ़ होते है, कभी कभी महीनो तक ये अपनी बीवीयों से दूर होते है। शायद इसलिए ये जवान लड़कियां को चोदे बगैर नहीं छोड़ते और इनके मुट्ठ भी ज्यादा गाढा होता है।
शालु - हाँ बॉडी तो रफ़ होती ही है, उस पुलिस वाले ने तो मेरी बुर को इतनी जोर से चाटा की मैं अपने आप को सँभाल नहीं पायी और उसके मुह में ही झड गई थी। उस पुलिस वाले ने तो मेरी बुर का सारा पानी टेस्ट किया होगा।
बंसल - क्या? क्या तुम्हे उनसे अपना बुर चटवाना अच्छा लगा?
शालु - हाँ पापा वो मुझपे ऐसे टूटे थे जैसे सालों से उन्हें कोई मिला न हो। उनकी भूख मुझे उत्तेजित कर रही थी। आज पहली बार मैं अपने पापा के सामने ही दो मर्दो से चुद रही थी।
बंसल - बेटी, अगर ऐसा था तो तूने मुझे पहले क्यों नहीं कहा। उनके साथ-साथ मैं भी तेरी चुत का रस पी लिया होता।
शालु - छी पापा वो लोग क्या सोचते की आप बाप होकर अपनी बेटी का चुत पी रहे है।
बंसल - वैसे तुझे उनका लंड झाडते हुए देख मुझे बहुत मजा आया।
शालु - सच पापा?
बंसल - हाँ बेटी।।
शालु - अगर ऐसा है तो दिजिये मैं आपके लंड का भी पानी निकाल देती हूँ।
शालु - मैंने तो पहले ही सोच लिया था, जितना जल्दी मैं उनके लंड का पानी निकलूँगी उतना जल्दी वो हमे जाने देंगे। तभी तो मैंने उन दोनों का लंड चूस कर सारा माल अपने मुह में ही निकाल लिया।
बंसल - हाँ बेटी।
शालु - ओह ये पुलिस वालों का भी कितना गाढ़ा और चिपचिपा होता है न पापा। मैं तो उनके मुट्ठ से नहा ली हूं।
बंसल - हाँ ये पुलिस वाले रफ़ होते है, कभी कभी महीनो तक ये अपनी बीवीयों से दूर होते है। शायद इसलिए ये जवान लड़कियां को चोदे बगैर नहीं छोड़ते और इनके मुट्ठ भी ज्यादा गाढा होता है।
शालु - हाँ बॉडी तो रफ़ होती ही है, उस पुलिस वाले ने तो मेरी बुर को इतनी जोर से चाटा की मैं अपने आप को सँभाल नहीं पायी और उसके मुह में ही झड गई थी। उस पुलिस वाले ने तो मेरी बुर का सारा पानी टेस्ट किया होगा।
बंसल - क्या? क्या तुम्हे उनसे अपना बुर चटवाना अच्छा लगा?
शालु - हाँ पापा वो मुझपे ऐसे टूटे थे जैसे सालों से उन्हें कोई मिला न हो। उनकी भूख मुझे उत्तेजित कर रही थी। आज पहली बार मैं अपने पापा के सामने ही दो मर्दो से चुद रही थी।
बंसल - बेटी, अगर ऐसा था तो तूने मुझे पहले क्यों नहीं कहा। उनके साथ-साथ मैं भी तेरी चुत का रस पी लिया होता।
शालु - छी पापा वो लोग क्या सोचते की आप बाप होकर अपनी बेटी का चुत पी रहे है।
बंसल - वैसे तुझे उनका लंड झाडते हुए देख मुझे बहुत मजा आया।
शालु - सच पापा?
बंसल - हाँ बेटी।।
शालु - अगर ऐसा है तो दिजिये मैं आपके लंड का भी पानी निकाल देती हूँ।