शालु - ओह शांत हो जा बताती हुँ। ये होटल का ही एक क्लीनिंग स्टाफ है।। एक दिन सुबह मैं बहुत सेक्स के लिए उतावली थी कुछ समझ नहीं आ रहा था की क्या करूँ तभी ये क्लीनिंग स्टाफ जिनको मैं रामू अंकल कह के बुलाती हूँ ये दिख गये। थोड़े बूढ़े हैं लेकिन मुझे चोरी चोरी नज़र से अक्सर मेरे प्राइवेट पार्ट की तरफ देखा करते थे। तो मैंने सोचा क्यों न ट्राई करूँ तो इनको रूम की सफाई के लिए बुला ली और जब ये काम में बिजी थे तो बिस्तर पे सारे कपड़े निकाल के एकदम नंगी चादर के अंदर लेट गई।
मै उनको बोली की अंकल ये चादर भी बदल दिजिये जैसे ही वो चादर हटाये मैं नंगी हो गई वो देखते रह गए मूझे। तब मैं उनका हाथ पकड़ अपनी चूचि पे रखी और बेड पे खीच ली उनको फिर क्या था अच्छे से चुदवाई।
रीना - माय गॉड दीदी।। बहुत हॉट हो आप। और पापा कहाँ थे।
शालु - पापा बहार सिगरेट लेने गए थे।
रीना - दीदी तुमको डर नहीं लगा।। पापा आ जाते तो।। तुम्हे क्लीनिंग स्टाफ के साथ सेक्स करते हुए पकड़ लेते तो।
शालु - मैं उस वक़्त सेक्स के लिए इतनी पागल थी की पापा आ भी जाते तो भी मैं रामु अंकल से चुद्वाती रहती। उस वक़्त मुझे सिर्फ लंड चाहिए था। मैं नहीं रुकती।
रीना - बेशर्म हो आप।
शालु- बेशरमी कैसी छोटी , मैं एडल्ट हूँ। हक़ है मुझे सेक्स करने का।
तूझे क्या लगता है पापा देखे होते तो क्या करते।
रीना - नहीं पता दीदी शायद डाँटते या तुम बच्ची नहीं हो ये सोच के तुम्हे सेक्स करने देते। अनदेखा कर चले जाते।
शालु - हाँ।
रीना -शर्माते हुए या फिर एक और बात हो सकती थी।।
शालु - क्या।
तूम्हे छूप कर चुद्वाते हुए देखते हे हे हे।
शालु - शालु आगे बढ़कर रीना की पेटीकोट उठा कर उसकी बुर थाम लेती है।। साली मुझे चिढ़ाएगी।। देख तेरी बुर कैसे पानी छोड़ रही है ये सब सुनकर।
रीना-- आह दीदी।।सॉरी।
शालु - सॉरी की बच्ची तू ऐसे नहीं मानेगी।।
शालु रीना के बुर में २ उँगली डाल कर बाहर निकाल लेती है। उसकी उँगलियाँ बुर के रस से चमचमा रही थी।।
शालु- अब ये तेरी चुत के रस से भीगी उँगलियाँ पापा को दूंगी सूँघने और चाटने के लिये।
रीना शालु को पकड़ने की न कामयाब कोशिश करती है।
शालु - अब तू देख मुझे चिढ़ाएगी?? देख मैं क्या करती हूँ।
शालु एक हाथ से साड़ी ठीक कर बाथरूम से बाहर निकल जाती है। इधर रीना घबड़ाहट में थी की न जाने शालु क्या करने वाली है जैसे तैसे साड़ी ठीक कर उसके पीछे पीछे बाथरूम से बाहर आ जाती है।
रीना धड़कते दिल से बाथरूम से बाहर आती है शालु को बिस्तर पे बैठा देख उसका दिल ज़ोरों से धड़कने लगा। शालु अपनी बायीं हाथ पीछे छुपाये बैठी थी। वो सोच में पड़ी थी की शालु जो बाथरूम में बोल कर आयी है क्या वो सच में करने वाली है। नहीं नहीं दीदी ऐसा नहीं करेंगी वो तो ऐसे ही मुझे तँग कर रही हैं आज सुबह से।
उधर बंसल अपने कैमरा में व्यस्त था। शालु पापा से।
शालु - पापा कैसी लग रही हूँ।
बानसाल - बहुत ही प्यारी मेरी लाड़ली।
शालु - अच्छा पापा रीना घर से इतने सारे पकवान लाई थी अपने रास्ते के लिये? आप टेस्ट किये।
बंसल- नहीं बेटी।
शालु- तो फिर आप लेट हो गए मैं तो सारा खा गई। मम्मी ने बहुत सारे मीठे और काफी अच्छे अच्छे व्यंजन बना के रीना को दिया था।
बंसल- तुम दोनों तो बड़े बदमाश हो मुझे पूछा भी नही।।
शालु - पापा आप तो जानते हैं मम्मी का बनाया हुआ पकवान मैं कभी नहीं मिस करती न ही शेयर करती हूँ। वैसे भी मम्मी मेरे लिए भेजती है आप के लिए नही। आप चाहो तो थोड़ी सी चासनी टेस्ट करा देती हूँ।
बंसल- वाह बेटी कराओ न मुझे भी बहुत भूख लगी है।
शालु- ऐसे नहीं पहले आप अपनी आँखे बंद करो।
बंसल- लेकिन बेटी ऑंखें क्यों बंद करुं।
शालु- क्योंकि सरप्राइज है।
बंसल - ओके बाबा लो कर ली बंद आँख।
बंसल आँखे बंद कर लेता है। शालु बेड के पास से एक डार्क ब्लू कलर की रुमाल निकलती है और पापा की आँखे बाँधने लगती है। एक हाथ से रुमाल बाँधने में शालु को परेशानी होती है तो वो रीना को आवाज़ लगाती है।
बंसल - ये क्या कर रही हो बेटी।
शालु- चुप रहिये।।। चास्नी टेस्ट करना है तो चुपचाप मेरी बात मानिए। रीना आ मेरी मदद कर।
रीना को अबतक कुछ भी समझ में नहीं आता की दीदी किस व्यंजन की बात कर रही है। वो सोचती है शायद दीदी अपनी बात भूल गई और मैं खामोंखाह डर रही थी। वो तो अपनी गिली उँगलियाँ पापा के रुमाल से टच भी होने नहीं दे रही।। मैं पागल डर रही थी।। रीना ख़ुशी से बेड पे चढ़ कर दीदी की मदद करती है और रुमाल को कस के बंसल की आँखों पे बाँध देती है।
शालु - पापा पहले स्मेल का तो मजा ले लो।। कहते हुए शालु अपनी चिपचिपी उंगलियाँ सामने लाती है।
रीना ये देख के दंग रह जाती है अब उसे समझ में आता है की दीदी किस चासनी की बात कर रही थी।। और मैं नादान खुद रुमाल बाँधने में मदद की।। ओह गॉड़। रीना शर्म से पूरी तरह लाल हो जाती है।।
इधर शालू तिरछी निगाह से रीना को देखते हुए कहती है।। क्यों रीना मुझे परेशान कर रही थी न।। अब देख मैं कैसे बदला लेती हूँ।
बंसल - क्या परेशान की रीना कैसा बदला मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा।
शालु - वो पापा सुबह मैं और रीना माँ का भेजा हुआ मिठाई खा रहे थे।। जब रीना की प्लेट खाली हो गई तो वो चोरी से मेरे प्लेट से मिठाई ले कर खा गई। तो मुझे बहुत ग़ुस्सा आया और मैं इससे दो मिठाई छीन ली और इससे बोली की तेरे सामने खाऊँगी और पापा को भी खिलाऊँगी तुझे नहीं दूंग़ी।
बंसल - ओह तुमलोग भी न हमेश झगडते हो छोटी छोटी बात पे।
शालु अब बड़े ही हॉट अन्दाज़ में पापा की गोद में बैठ जाती है।
आआह्ह्ह ये स्मेल कैसा।।।?
शालू- उंगलियाँ पापा के नाक के बिलकुल पास ले जाती हुई।। यही तो रीना स्पेशल है? शालु रीना को आँख मारती है। रीना एकदम सहमे हुए बस देखती है।।
बंसल - रीना स्पेशल।।? तुम तो बोली की इसकी माँ ने बनाया है।
शालु - हाँ माँ ने बनाया है बट रीना लाई है बिलकुल ताज़ा ताजा।
कहते हुए शालु रीना की बुर के पानी से सनी अपनी दोनों उंगलियाँ पापा के मुँह में डाल देती है।
आआह्ह्ह्हह हम्म्म्म कितना स्वदिष्ट है। (बंसल को समझते देर नहीं लगती की ये रीना की चुत का जूस है क्योंकि शालु का जूस तो उसने कई बार पिया था।)
इधर रीना जब पापा को बेतहाशा अपनी बुर का रस चाटते हुए देखती है तो उसकी साँसें और तेज़ हो जाती है। उसने शालु से ये उम्मीद नहीं की थी की वो सच में ऐसा कर देगी।
बंसल के होठ मुह पे चारो तरफ रीना की वाइट जूस साफ़ नज़र आती है।।आह शालु कितना टेस्टी है जी करता है सारा दिन खाऊं।। और इसकी स्मेल उफ्फ्फ मजा आ गया।
और दो न।
शालु - और नहीं है पापा अब फिर कभी। शालु बंसल की आँखों की पट्टी खोलती है।
रीना बिस्तर से उतर के सामने खड़ी हो जाती है।
बंसल - पट्टी खुलते ही।।। थैंक यु रीना बेटी अगली बार आना तो मेरे लिए बचा के रखना ऐसा जूसी व्यंजन मैं कभी नहीं खाया।
रीना कोई जवाब नहीं दे पाती।
वो हड़बड़ा कर बेड की साइड में जाती है तो उसकी मोटी मोटी जाँघे आपस में रगड खा कर फिसल रही होती है।। हलकी सी पीच सी आवाज़ आती है जो पास में बैठी शालु भाँप लेती है।। रीना हैरान थी शायद उसके पापा जब उसके बुर का रस पी रहे थे तो वो शॉक तो थी लेकिन साथ ही साथ उनकी ये हरकत देख बेतहाशा पानी भी छोड़ रही थी।। और स्खलित भी हुई। एक पांव के ऊपर दुसरा पाँव रख रीना कुछ अंदाज़ा लगाना चाहती है तो उसे पता चलता है की पेंटी न पहनने की वजह से उसकी जूस जाँघो तक आ गई हैं और जाँघे अंदर से गिली हो गई हैं।
तभी शालु रीना के पास आकर कानो में कहती है।।
शालु - ओह रीना लगता है तेरी चासनी और निकल रही है।।। पापा को और चाहिए उन्हें बहुत पसंद आया तेरी चासनी जा न पीला दे पापा को।। अपनी प्लेट से ही पीला दे मेरी जान।। उन्हें ज्यादा मजा आएगा।
कहते हुए शालु ने साड़ी के ऊपर से रीना की बुर जोर से दबा दी।
अपनी जीभ पे होठ फेरते हुए वो रीना की कई फोटो निकालता है।।
शालु रीना के पास आती है। वाह मेरी छोटी मॉडल तू तो स्टार बन गई। अब चल नेक्स्ट पोज़ पेट का एरिया दीखाते हुवे स्ट्रेच मार्क के लिये।
रीना - ओके दीदी।
शालु - साड़ी तो नीचे बांध।
रीना - ओके। रीना थोड़ा सा साड़ी नीचे कर लेती है। नाभि के जस्ट निचे।। बंसल की वासना भरी नज़र रीना के नाभि पे टीक जाती है।
शालु - और नीचे कर न देख ऐसे जैसे मॉडल करती है।
कहते हुए शालु अपनी साड़ी नवेल से काफी नीचे कर देती है।
रीना थोड़ी हिचकिचाते दिखती है तो शालु उसके क़रीब फ़र्श पे बैठ जाती है। वो रीना की कमर के पास दोनों साइड से साड़ी पकड़ के पुरा नीचे खीच देती है। रीना शर्म से लाल हो जाती हैं।
शालु - पापा ये ठीक है।।
बंसल पेंट में अपना लंड एडजस्ट करते हुए हाँ बेटी ये ठीक है।। फिर क्लिक क्लिक। हर एक क्लिक के साथ रीना की गोरी पेट चमक उठती थी।
बंसल - कैमरा में फोटो देखते हुए बेटी शालु रीना की पेट पे लाइट बहुत रिफ्लेक्ट कर रही है तुम्हारे पास कोई कॉम्पैक्ट पाउडर हो तो लगा दो।
शालु - ओके पापा अभी लगाती हूँ।
शालु अपने पर्स से कॉम्पैक्ट निकालती है और फ़र्श पे बैठी रीना की कमर और पेट के खुले हिस्सो पे लगाती है।
ओह पापा जरा आप लगाए मैं ये फ़ोन ले लूँ बॉस का है शायद। शालु कॉम्पैक्ट पाउडर पापा को दे खुद बेड पे बैठ किसी से बात करने लगती है।
इधर बंसल पहली बार इतने क़रीब से रीना की नाभि देख रहा था।। जैसे ही उसका हाथ रीना की खुली पेट को टच किया रीना के तन बदन में अजीब सी सुरसुराहट पैदा हो गई।। बंसल कॉम्पैक्ट पाउडर लगाने के बहाने रीना की नाभि पे उंगलियाँ चलाने लगता है। रीना इस छुअन से मदहोश सी खड़ी अपने दांतो के बीच नीचे वाले होठ को दबा लेती है। अजीब सी सनसनाहट होती है उसके जिस्म में।
बंसल किसी प्रोफेशनल की तरह कॉम्पैक्ट लगाने के बाद उसकी ४-५ तस्वीर लेता है।
शालु फ़ोन डिसकनेक्ट कर बंसल से बोलती है।
फोन जोहरी जी का फ़ोन था बोल रहे थे की दूसरी मॉडल का पिक्चर आ गया है अगर १० मिनट के अंदर फोटो नहीं भेजा तो वो उसी मॉडल को सेलेक्ट कर लेंगे। वो और वेट नहीं कर सकते।
बंसल - क्या? लेकिन हमने तो अभी फोटोशूट शुरू किया है। इतना जल्दी कैसे होगा?
शालु - पापा मैं भी उनको कन्विन्स करने की कोशिश की बट वो बोल रहे थे की फर्स्ट ऑडिशन यानी स्ट्रेच मार्क का पिक्स भेजो वो दूसरी मॉडल से कम्पेयर करेंगे और अपने बॉस को दिखाने के बाद बतायेंगे।
बनसल - ओके इसका मतलब अभी ५ मिनट में ये पिक्चर तो भेज सकते है।। राइट?
रीना को बहुत अजीब लग रहा था जैसे की वो अपने पापा के सामने किसी दुल्हन की तरह बिस्तर पे नंगी हो रही हो।।
बंसल जिस थाइस को अबतक सिर्फ जीन्स में देखा करता था और सोच के मुट्ठ मारता था। आज उसकी किस्मत मेहरबान थी जो वो रीना की नंगी जाँघो को देख पा रहा था।
बंसल के लिए रीना की मोटी जाँघ देख अपने लंड पे कण्ट्रोल कर पाना बहुत मुश्किल था।। दिल तो किया की वो रीना की साड़ी पूरा उठा दे और बेड पे उसके ऊपर चढ़ उसकी चुत में अपना लंड पेल दे। बट वो जल्दीबाजी कर पूरा प्लान ख़राब नहीं करना चाहता था और शालु पे भरोसा कर वो प्लान के मुताबिक़ चल रहा था।
रीना चौक गई क्यों की वो पेंटी नहीं पहनी थी उसे नहीं पता की सामने कहीं पापा को दिख न जाए कुछ। और उसकी पुसी जूस जो अभी तक उसके इनर थाइस पे बह रही थी।
शालु - क्या हुआ रीना क्या सोच रही है जल्दी कर न।
रीना को उस वक़्त बस मॉडल बनाने पे फोकस करना था वो सब कुछ भूल बेड पे सीधी हो जाती है।
क्लिक क्लिक्क्।।
शालु - ओह रीना तुझे कितना पसीना हो रहा है थाइस पे।। पापा देखो न।।
शालु बंसल का हाथ पकड़ रीना की गरम थाइस पे रख देती है।
रीना की नंगी जाँघ छूते ही बंसल का लंड झटके खाने लगता है और उसका गाढा वीर्य पेंट के अंदर ही झड जाता है। झडते वक़्त बंसल रीना की जाँघ को जोर से पकड़ के मसल देता है। इधर रीना भी पूरी तरह से विचलित हो जाती है।।
बंसल - ओह बेटी तुम तो काफी वेट हो गई हो।।। आई मीन इतना सारा पसीना।
रीना भला क्या बोलती की ये पसीना नहीं कुछ और है तो इसलिए चुप रहती है।
शालु - पापा जोहरी जी बोल रहे थे की पिक्चर बिलकुल सिंपल थे।। उनको हॉट मॉडल चाहिए जो हॉट दिखने के साथ साथ हॉट एक्सप्रेशन भी दे और उन्होंने नेक्स्ट फोटोशूट जो की पुरुषों की सेक्सुअल पावर को बढ़ाने वाले कैप्सूल की है उसे मना ही कर दिया।
बंसल - क्यों ? क्या बोला उन्होंने?
शालु - वो बहुत मजाक उड़ा रहे थे।।
बोल रहे थे ऐसी बहनजी जैसी मॉडल की पिक्चर को तो मैं अपने बॉस को भी न भेजूँ मैं ही रिजेक्ट करता हुँ। जो एक सिंपल स्ट्रेच क्रीम का ऐड नहीं कर सकती वो शीलाजीत का भला कैसे करेगी।। और बोले की पिक्चर में साफ़ दिखाई दे रहा है की उसे ऐसे पेट या थाइस दिखाने में कितनी शर्म आ रही है।
जबकी हमे तो सेक्स से भरी मॉडल चहिये। उन्होंने ये भी कहा की वो दूसरी मॉडल ने तो पहले ही ऐड में अपने सारे कपडे उतार दिए।। थाइस के स्ट्रेच मार्क फोटो शूट में वो पूरी नंगी थी तो ऐसे में बॉस ने तुरंत सेलेक्ट कर दिया। शिलाजित के ऐड में तो न जाने क्या कर दे वो।
बंसल - छी मुझे जोहरी से ऐसी उम्मीद नहीं थी।। खुद को दोस्त कहता है मेरा।।
शालु - पापा जोहरी अंकल ने उस मॉडल का भी फोटो भेजा है।।
बंसल - कौन है दिखाओ।।
शालु प्लान के मुताबिक पहले से ही एक पूरी नंगी लड़की का फोटो अपने मोबाइल में रखी थी जो सिर्फ अपने हाथ से पुसी ढकी थी।। और दोनों एक दूसरे की तरफ देख मुस्कराते है।।
शालु - चौंकते हुए।। पापा। ये तो वही है।। साली कुतिया।
बंसल - ओह माय गॉड नेहा।। शीट।।तो इसका मतलब जोहरी हमसे खेल रहा था।।
दोनो सर पकड़ बेड पे बैठ जाते है।
रीना- क्या हुआ पापा।।। दीदी।। मुझे भी तो बताओ।।
बंसल - क्या बताऊँ बेटी।। सॉरी मैंने तुम्हारे दिल में मॉडल बनाने का सपना जगाया।। अब पॉसिबल नहीं है।
रीना - मायुस हो कर लेकिन क्यों पापा।।?? क्योँ।।? क्या बात कर रहे है आप दोनों मुझे कुछ समझ नहीं आ रह।। और ये नेहा कौन है?
बंसल - बेटा शांत हो जाओ सब बताता हूँ।
बेटा ये नेहा जोहरी जी की भतीजी है, जोहरी का भाई हमारे ही ऑफिस में काम करता है। बेटी इसका भाई बहुत ही नालायक है कंपनी का बहुत नुक्सान भी हुआ इसकी वजह से। और वहीँ मैं रात दिन मेहनत कर इस कंपनी को इस मुकाम पे लाया। बट इसके बावजूद कुछ महीनो पहले जोहरी ने नेहा यानी अपनी भतीजी को बॉस से मिलवा दिया उसने न जाने क्या ' किया की बॉस ने सबके सामने मेरी बेइज्जती की मुझे निकम्मा बोले और तो और उल्टा मेरे दुश्मन जोहरी के भाई को प्रमोशन दे डाला।