• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

पापा की दुलारी जवान बेटियाँ complete

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
यस पापा .. चोद डालो मुझे .. आहह फाड़ डालो मेरी चूत को " ........ वह चीखी और पापा के साथ सेक्स की उसकी कामना और भी प्रबलता से बंसल के सामने स्पष्ट हो गयी.

रीना ने अपनी टांगे ऊपर की और जितना उठा सकती थी उठा ली और फिर अपनी जांघे अपने पिता की नंगी पीठ पर बाँधने लगी .... इसमें सफल होने के बाद वह पागलो की तरह अपने चूतड़ हिलाती हुई .... अपनी गीली और कसी चूत से बंसल के लंड को किसी बाज़ारू रंडी की तरह अपनी चूत में लेने लगी.

ज्यों - ज्यों बंसल अपनी बेटी की कामुतेजित हरक़तों पर गौर फरमाता गया उसके बदन में खुद ब खुद ऐंठन आने लगी ........ " क्या रीना भी मेरी और शालू की तरह गरम और सेक्सी है ? " ......... उसका यह सोचना हुआ और इसके फॉरन बाद रीना के मूँह से उसके लिए एक सवाल फूटा.

रीना- पापा अभी आप क्या कर रहे हो ? ........ उसने अपने पिता की पीठ पर अपने तीखे व नुकीले नाख़ून गढ़ाते हुए पूछा.

बंसल" ओह .......... प्यार कर रहा हूँ अपनी बेटी से ....... बंसल ने शांत भाव से जवाब दिया.

रीना-ज़्यादा झूठ मत बोलो पापा .. आप अपनी बेटी को चोद रहे हो .. अभी उसकी चूत में आप का मोटा लंड है " ........बासना से भरी रीना क्या - क्या बड़बड़ा रही थी उसे कोई होश नही रहा बस वह " चोदो - चोदो " की रट लगाती हुई सिसके जा रही थी.

बंसल-आह बेटी।तेरी बूर कितनी टाइट और गरम है।आज तूने मुझे खुश कर दिया बेटी।आज मेरा लंड मेरी अपनी कुँवारी बेटी की चूत को फाड़कर कितना मज़ा दे रहा है।मैं तुझे रोज चोदना चाहता हूँ बेटी।तेरी कुँवारी गांड भी मारना चाहता हूँ मेरी बच्ची।अपनी कुँवारी गाण्ड मारने देगी ना मुझे।इतना कहकर बंसल जोर जोर से रीना को पेलने लगता है।
 
रीना-हाँ पापा।अब तो मैं पूरी आपकी हो गई हूँ।अब आपका जब मन करे मुझे चोदना।मैं अपनी कुँवारी गाँड भी आपको दूँगी आप जी भर के पेलना।आपके लिए मैं कितना भी दर्द बर्दास्त कर लूँगी।

बंसल-आह बेटी।अब तो मत शरमा मुझसे।अब तू मेरा लौड़ा चूसेगी ना।अपना दूध मुझे पिलायेगीं ना।

रीना-अपनी एक चूची को अपने पापा के मुँह में घुसा देती है और बोलती है।चूसो पापा।जी भर के चूसो मेरी चूचियों को।काट डालों मेरे निप्पलों को।अब ये आपके लिए ही है।अब मैं आपका लंड भी चुसूँगी और आपका लंड का जूस भी पि जाउंगी।

बंसल पर तो जैसे अपनी बेटी की बात का उल्टा असर हुआ .... वह सकते में आने की बजाए और तेजी से उसकी चूत में पेलने लगा था.

कुछ देर बाद वह अपना लंड चूत से बाहर निकालने लगा वह भी तब तक .... जब तक उसके लंड का गीला और फूला सुपाड़ा उसकी बेटी की चूत के होंठो के बीचो बीच ना आ जाए .... फिर पूरे ज़ोर से उसने अपने चूतड़ नीचे की ओर लाते हुए एक ज़ोरदार झटका मारा और उसका विकराल लंड रीना की चूत में जड़ तक समा गया .... अपनी सग़ी बेटी की चूत में लगाए गये इस पहले भयानक धक्के ने उसे ऐसा मनभावन आनंद दिया कि रीना के साथ खुद उसका पूरा जिस्म काँप गया.

" आईईईईईईईईईईईईईई पापा और ज़ोर से " ......रीना किसी बरसों की प्यासी, अतिकामुक लड़की की तरह अपने चूतड़ उच्छालती हुई चुदवाने लगी .... जब वह अपनी चूत अपने पिता के लंड पर मारती तो उसकी गोल मटोल चूचियाँ वाइब्रट करती हुई बुरी तरह से हिलने लगती और बंसल अपनी बेटी की ताल से ताल मिलाते हुए अपना लंड उसकी मखमली चिकनी चूत में पूरी गहराई तक पेलने लगता है।
 
ऐसे ही ज़ोर से पापा ..... आअहह .......... म्‍म्म्ममममममम " ....... रीना ने अपनी बाहें बंसल के कंधों के इर्द गिर्द लपेटते हुए उसे अपने ऊपर लिटा लिया .... गहरी साँसों के साथ उसका कराहना घनघोर चीखों में बदल बदल जाता .... जब वह अपनी चूत से अपने पिता के लंड को ज़ोर से भींचने लगती .... बंसल ने भी उसके कंधे पर अपना सर रखकर एक गहरी साँस ली और फिर अपने जिस्म की पूरी ताक़त लगाते हुए उसकी चुदाई करने लगा .... वह हुंकार भरते हुए अपने घोड़े जैसे लंड को बेटी की मलाईदार चूत में पेलता रहा और अति शीघ्र ही रीना को अपने अंदर से रस उमड़ता महसूस होने लगा .... मोटे लंड से पूरी भरी पड़ी उसकी प्यारी चूत बुरी तरह संकुचित होते हुए पिता के लंड को और भी ज़्यादा कसने लगी थी.

अब रीना बहुत ज्यादा उतेज़ित हो चुकी थी।वह पागलों की तरह अपने पापा के चेहरे को चूसने लगती है और अपने गालो को अपने पापा के होंठो से रगड़ने लगती है।बंसल भी रीना को जोर जोर से पेलते हुए उसके फुले हुए गालों को चूसने और काटने लगता है।

इसी तेज धक्के के साथ रीना झड़ जाती है।और कुछ शांत हो जाती है लेकिन बंसल अपनी बेटी को चोदते रहता है तभी शालू वापस आ जाती है।

अब बंसल धीरे धीरे धक्के लगाने लगा रीना भी मजे में आहे भरने लगी शालू भी गरम हो कर अपनी चुत में उंगली करने लगी थी। अब रीना अपनी कमर उछाल कर अपने पापा के लंड को जवाब देने लगी बंसल ने भी अपने धक्को की रफ़्तार बढ़ा दी थी पूरे कमरे में सिर्फ़ ‘पच्छ…पच्छ’ और ‘आहह…..उम्मह’ की ही आवाज़ आ रही थी । थोड़ी देर बाद रीना का बदन अकड़ने लगा था वो चरम पर पहुंच चुकी थी उसकी चुत भल भल पानी छोड़ते हुए झड़ने लगी रीना आंखें बंद कर के अपनी पहली चुदाई का मजा लेने लगी।
 
बंसल अभी तक नहीं झड़ा था पर रीना के झड़ने के बाद उसने धक्के लगाने कम कर दिए थे तभी शालू उसके पास अपनी चुत में उंगली करते आई और अपनी चुत उसके मुंह से लगा दी बंसल उसके दिल की बात समझ गया उसने शालू की चुत को अपने दोनों हाथों से खोला और उसमें अपनी जीभ घुसा दी गरम गरम जीभ अंदर घुसते ही शालू अपने आप को रोक नहीं पाई और झड़ने लगी बंसल ने तुरंत अपनी जीभ बाहर निकल ली फिर भी शालू का थोड़ा सा पानी उसे पीना ही पड़ा उसे उसका स्वाद अजीब सा लगा अब शालू रीना के साइड में बैठ गई थी ।

रीना-पापा।अब मेरी चूत में जलन हो रही है।आप अपना लंड निकाल लो।बाद में मेरी चुदाई कर लेना।

अब आप दीदी की चुदाई कर लो।मैं देखना चाहती हूँ की आप का घोड़े जैसा लंड दीदी अपने गांड में कैसे ले लेती है।
 
रात अभी बाकी है।चुदाई जारी रहेगी।अगला अपडेट जल्दी ही।thanks
 
आखीरकार आपने मेरी कुँवारी छोटी बहन को चोद ही लिया, क्यों पापा? मजा आया कुँवारी चूत का?”

शालू और बंसल रीना को देखते हैं। रीना शरम के मारे अपना चेहरा अपने पापा की छाती में छुपा लेती है।

बंसल- “शालू बेटी मेरी छोटी बेटी की चूत बिल्कुल मख्खन जैसी है। मेरी जान ऐसे लग रहा था जैसे स्वर्ग में हूँ…” और पच्च की आवाज के साथ अपना लण्ड रीना की चूत से बाहर निकाल लेता है। उसके लण्ड पे रीना की चूत का खून लगा हुआ था।

शालू एक कपड़ा लेकर उसे साफ करती है, और रीना की आँखों में देखते हुए अपने पापा के लण्ड को अपने मुँह में ले लेती है और चूसने लगती है- “गलप्प-गलप्प-गलप्प…”

रीना और शालू की नजरें मिली हुई थीं।बंसल बेड पे लेटकर सांसें ले रहा था और शालू उसके लण्ड को आइसक्रीम की तरह चूसे जा रही थी।

रीना की आँखें अपनी बहन पे से हट नहीं रही थीं। वो दिल में सोचने लगती है- “कितनी चुदक्कड़ है मेरी दीदी…” फिर रीना उठकर बैठ जाती है, और अपनी चूत देखने लगती है। उसकी चूत पे भी खून लगा हुआ था। जब वो अपने हाथ से अपनी चूत को छूती है तो एक अजीब सा मीठा-मीठा दर्द उसके जिस्म में होने लगता है।

बंसल की आँखें बंद थीं, पर शालू के लण्ड को लगातार चूसने से वह और भी फ़ुफ़कारने लगता है।

रीना उठकर बाथरूम में चली जाती है, और अपनी चूत पानी से साफ करके वापस रूम में आती है। सामने शालू अपने पापा के ऊपर लेटी हुई थी और दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे।

बंसल शालू की गाण्ड मसल रहा था। शालू ‘आह्ह’ की सिसकारियां भर रही थी। शायद वो बहुत गरम हो चुकी थी, रीना और पापा की चुदाई देखकर।

बंसल शालू को साइड में लेटा देता है- “एक मिनट रुक, मुझे पेशाब करके आने दे शालू बेटी…”

शालू साइड में होकर अपनी चूत रगड़ने लगती है। बंसल के बाथरूम में जाते ही रीना जो वहीं खड़ी थी शालू के पास आ जाती है। दोनों बहनें एक दूसरे को देखने लगती हैं। जहाँ रीना के जवान बड़े-बड़े चूचे और उसपे गुलाबी निपल एकदम खड़े थे, वहीं शालू की हल्की भूरे रंग की बड़ी-बड़ी चूचियां भी रीना को आवाज दे रही थीं कि आ जा मेरी बहन और चूस ले अपनी दीदी की चूचियां।

रीना के कदम अपनी दीदी की तरफ बढ़ जाते हैं।

शालू रीना को अपनी बाहों में ले लेती है।
 
रीना- “दीदी आज मैं बहुत खुश हूँ…” और रीना अपनी चूचियां अपनी बड़ी बहन की चूचियां पे रगड़ने लगती है।

शालू- “हाँ छोटी,पापा का मोटा लंड है ही ऐसा… वो जानता है किसे कैसे खुश किया जाए?” शालू दिल ही दिल में- “तेरी चूत ने पापा का लण्ड जो निगल लिया है। अब तो तू खुश होगी ही छोटी…”

रीना शालू की आँखों में देखते हुए अपने नाजुक होंठ शालू के होंठों पे रख देती है, और दोनों बहनें मज़े के गहरे समुंदर में डूब जाती हैं। दोनों जल्द से जल्द बंसल का लण्ड लेना चाहती थीं। पर अभी तो एक दूसरे की चूत पे चूत रगड़कर अपने जिस्म की गरमी कम कर रही थीं।

शालू अपनी टाँगें खोलकर रीना की कमर पे लपेट लेती है, और उसे किस किए जाती है।

रीना- “मुआह्ह… उंन्ह… गलप्प श्स्स्सस्स उंह्ह…दीदी… आह दीदी मेरी चूत दुख रही है उंह्ह…”

शालू- “एक बार और पापा तुझे चोद लेंगे, फिर दर्द नहीं होगा छोटी गलप्प…”

दोनों जमकर एक दूसरे की चूत के क्लिट से मजा लेने लगती हैं।

तभी बंसल बाथरूम से वापस आता है। वो सामने ऐसा नजारा देखकर पहले थोड़ा ठिठक जाता है। उसे ऐसी उम्मीद नहीं थे इन दोनों से। फिर दिल ही दिल में खुश होता हुआ- “चलो अच्छा है, मेरे लण्ड का दर्द थोड़ा कम होगा इससे…” और बंसल आगे आकर शालू की गाण्ड पे धीरे से थप्पड़ मारता है।

शालू-आह पापा।रीना ने कह दिया मेरी गांड मारने को तो आप गांड पे थप्पड़ मारने लगे।

बंसल शालू की कमर पकड़कर थपाथप लगातार 5 से 6 जोरदार थप्पड़ मार देता है। जिससे शालू की गाण्ड लाल हो जाती है, और उसकी आँखों में आँसू आ जाते हैं।

रीना- “आराम से पापा ,दीदी को दर्द हो रहा है…”

बंसल- “अच्छा दीदी की बड़ी चिंता है… अभी जब मैं तुम्हारी कुँवारी चूत में पेल रहा था तो तुम्हारी दीदी ने तुम्हारा मुँह कैसे बंद किया था तब तुम्हे दर्द नहीं हो रहा था।

रीना-फिर भी पापा।

बंसल-अरे बेटी तुम्हारी दीदी लण्ड तो किसी रंडी की तरह लेती है…” चूत में भी और गाण्ड में भी।

बंसल शालू को डोगी स्टाइल में कर देता है, और पीछे अपना लण्ड उसकी गाण्ड में पेलने लगता है।
 
शालू- “उंह्ह… वहाँ नहीं आह्ह… पहले चूत में उंन्ह… अह्ह…”

बंसल का आधा लण्ड शालू की गाण्ड में जा चुका था।

बंसल एक जोर का धक्का मारता है और पूरा लंड अपनी बेटी की गांड में जड़ तक पेल देता है फिर वो अपनी स्पीड बढाने लगा था,रीना के सामने शालू अपनी गाण्ड आगे पीछे करते हुए अपने पापा का मूसल लण्ड अपनी गाण्ड के छोटे से सुराख में ले रही थी और सिसकारियां भर रही थी। ये सब देखकर रीना की चूत में भी चींटियां रेंगने लगती हैं, और वो शालू के पास आकर बैठ जाती है।

रीना को लंड अंदर बाहर होते देखकर बड़ा मज़ा आ रहा था.. वो बंसल के पास खड़ी हो गई। अब बंसल रीना की चूचियों को चूस रहा था और साथ में.. शालू की टाइट गदराई गाण्ड भी मार रहा था।

रीना- आह्ह.. मज़ा आ रहा है.. पापा.. उई काटो मत ना.. आह्ह.. दीदी की गाण्ड में कैसे लौड़ा अन्दर-बाहर हो रहा है.. इनको कितना मज़ा आ रहा होगा ना।

शालू- आई.. अई आह्ह.. हाँ बहना आह्ह.. अई उफ्फ.. मज़ा तो बहुत आ रहा है.. आह्ह.. जब तेरी गाण्ड में लौड़ा जाएगा.. तब तू देखना कितना.. अई आह्ह.. मज़ा आता है।

बंसल अब रफ्तार से गाण्ड मारने लगा था । इस बार विकास ने कुछ सोचा और झट से लौड़ा गाण्ड से बाहर निकाल लिया और रीना से बोला ।

बंसल-रीना बेटी थोडा मेरे लंड़ को पकड़कर अपनी दीदी के गांड पर सेट करो।
 
रीना अपने पापा का मोटा लंड पकड़कर अपनी बड़ी बहन के गांड के भूरे छेद पर रखती है तभी बंसल एक जोर का धक्का मारता है और उसका लंड शालू की गांड को फैलाते हुए पूरा जड़ तक घुस जाता है।फिर बंसल जोर जोर से शालू की गांड मारने लगता है।

बंसल- “देख क्या रही है? बेटी, अपनी चूत शालू के मुँह के पास ले जा। वो चाटेगी तेरी चूत को आह्ह… इसकी गाण्ड बहुत टाइट है…”

शालू- तो जैसे दूसरी दुनियां में थी। अपने पापा की जबरदस्त गाण्ड चुदाई से उसकी हल्की-हल्की सांस निकल रही थी। वो अपना मुँह रीना की चूत के पास ले जाती है, और उसकी अभी-अभी चुदी चूत को चाटने लगती है- गलप्प-गलप्प अह्ह… आराम से आह्ह… गलप्प…”

रीना अपने दोनों पैर खोलकर अपने पापा की आँखों में देखते हुए अपनी चूत शालू से चुसवा रही थी। वो फिर से इतनी उत्तेजित हो चुकी थी कि अभी अपनी दीदी की गाण्ड से लण्ड निकालकर खुद की चूत में लेना चाहती थी।

बंसल अपने लौड़े को अपनी बेटी की गाँड से बाहर निकालकर शालू के संभालने से पहले ही उसकी चूत में पेल देता है- “अह्ह… बहुत अच्छा लग रहा है। शालू बेटी तेरी चूत में मेरा लण्ड आह्ह…” वो भी रीना की आँखों में देखते हुए शालू को चोद रहा था। ये एहसास उसके लिए एकदम नया और सुखद था कि अपनी बड़ी बेटी को छोटी बेटी के सामने चोदे।

बंसल-अरे शालू बेटी तेरी गांड में मेरा लंड कैसे और कितना घुस रहा है रीना बेटी को दिखाई नहीं पड़ रहा।तू ऐसा कर बेटी की मैं नीचे लेटता हूँ।तू अपनी गांड मेरे लंड पे रखकर बैठ।

शालू-ओके पापा।आप लेटो।अब मैं आपको चोदूंगी।
 
बंसल बेड पर लेट जाता है।उसका 9 इंच का मोटा लंड छत की तरफ खड़ा है।शालू अपनी गांड का छेद अपने पापा के मोटे लंड पर एडजस्ट करती है और धीरे धीरे नीचे बैठने लगती है।बंसल का मोटा लंड शालू की गाण्ड फाड़ते हुए अंदर घुसने लगता है।रीना हैरत भरी नजरों से देखती है की इतना बड़ा लंड दीदी की छोटी सी गांड में पूरा घुस चूका है पर दीदी मुस्कुरा रही है।

कुछ ही देर बाद शालू अपने पापा के लंड पर कूदने लगती है इधर बंसल भी निचे से अपने लंड को शालू की गांड में जड तक पेलने लगता है।बहुत ही सेक्सी सीन है एक बाप अपनी सगी बेटी की गांड मार रहा है और दूसरी बेटी के होंठो को चूस रहा है।

शालू-आह पापा।कितना मज़ा आ रहा है।चोदो अपनी बेटी की गांड को।फाड़ डालो मेरी गांड को अपने मोटे लंड से।मेरी गांड में बहुत खुजली हो रही है।जब से आपका लंड मेरी गांड में गया है जी चाहता है हमेशा आपका लंड मेरी गांड में ही रहे।

बंसल-हाय बेटी कितनी टाइट और गरम गांड है तेरी।लगता है मेरा लंड किसी गरम भट्टी में चला गया है।

शालू और जोर जोर से अपने पापा के लंड पर कूदने लगती है।वह मुँह से बहुत सेक्सी आवाजे निकालती रहती है जिससे बंसल का लंड अपने चरम पर पहुँच जाता है।तभी शालू अपनी गांड अपने पापा के लंड पर चांप देती है और झड़ने लगती है।
 
Back
Top