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Guest
माथुर- हाँ बेटी चल अब चूस ! दिखा ज़रा अपना जलवा कितना दम हैं तुझमें !शालू अब दोनो लंड को एक साथ चूसने लगी ! वो ऐसे ही नशे मे थी ऊपर से दो दो लंड को चूसने मे उसे और भी नशा आने लगा ! बीच मे माथुर और गुप्ता भी अपनी कमर चलाते और लंड को हलक मे उतार देते ! दोनो लंड इतने बड़े थे की अकेले चूसना ही किसी तक़लीफ़ से कम नहीं था और अब तो दोनो एक साथ उसके मुँह मे थे !
शालू को दिक्कत तो हो रही थी किंतु इस नये अनुभव की ललक के कारण वो कुछ देर दोनो को एक साथ ब्लोजब देने लगी ! ऐसा तो उसने ना किसी क्लिप मे देखा था ना कभी अपनी किसी सहेली से सुना था ! ये तो एकदम नया तजुर्बा था ! मगर हर नई चीज़ हमेशा सुखदाई नहीं होती उसका मुँह अब दुखने लगा था ! उसने दोनो लंड बाहर निकाल कर कहा
शालू- सर अब मेरा मुँह दर्द कर रहा है ! मैं अब अपने ढंग से करूँगी !
गुप्ता- ठीक है बेटी जैसा तुम चाहो वैसा करो ! हम तुम्हारे हुक्म के गुलाम हैं !
शालू- चुप रहिये सर ! गुलाम ऐसा नहीं करते जो आपलोग अभी कर रहे थे ! मेरी तो जान ही निकल रही थी साँस भी नहीं ले पा रही थी !
माथुर- सॉरी बेटी ! चल अब तुझे जैसे करना है तू कर !
शालू- ठीक है सर आप लेट जाओ ! माथुर लेट गया तब शालू ने उसका लंड चूसना शुरू कर दिया और गुप्ता को पास खींच कर उसके लंड को मुठियाने लगी ! वो गुप्ता की गोटियों से भी खेल रही थी !
लगातार पाँच मिनिट की चुसाई के बाद अब माथुर का लंड पूरा टन टॅना गया था ! अब उसे अपने अगले एक्सन पर काम करना था ! सो उसने कहा।
माथुर-बिटिया तू एक काम कर चल आ बैठ जा इस पर बहुत चूस लिया तूने अब ज़रा इसे असली मज़ा लेने दे !शालू ने माथुर के दोनो तरफ पैर किया और फिर उनका टोपा अपनी बुर मे रख कर धीरे धीरे दबाव डालने लगी ! क्षण भर मे ही पूरा लंड शालू की गीली चूत मे समा गया ! अब शालू माथुर के लंड पर कुद रही थी जबकि गुप्ता के लंड को चूस रही थी ! एक शरीफ घर की लाडली और एक इज़्ज़तदार घर की मॉडर्न लड़की अब दो दो मर्दों को एक साथ खुश करना अच्छी तरह से सीख गई थी !
शालू को दिक्कत तो हो रही थी किंतु इस नये अनुभव की ललक के कारण वो कुछ देर दोनो को एक साथ ब्लोजब देने लगी ! ऐसा तो उसने ना किसी क्लिप मे देखा था ना कभी अपनी किसी सहेली से सुना था ! ये तो एकदम नया तजुर्बा था ! मगर हर नई चीज़ हमेशा सुखदाई नहीं होती उसका मुँह अब दुखने लगा था ! उसने दोनो लंड बाहर निकाल कर कहा
शालू- सर अब मेरा मुँह दर्द कर रहा है ! मैं अब अपने ढंग से करूँगी !
गुप्ता- ठीक है बेटी जैसा तुम चाहो वैसा करो ! हम तुम्हारे हुक्म के गुलाम हैं !
शालू- चुप रहिये सर ! गुलाम ऐसा नहीं करते जो आपलोग अभी कर रहे थे ! मेरी तो जान ही निकल रही थी साँस भी नहीं ले पा रही थी !
माथुर- सॉरी बेटी ! चल अब तुझे जैसे करना है तू कर !
शालू- ठीक है सर आप लेट जाओ ! माथुर लेट गया तब शालू ने उसका लंड चूसना शुरू कर दिया और गुप्ता को पास खींच कर उसके लंड को मुठियाने लगी ! वो गुप्ता की गोटियों से भी खेल रही थी !
लगातार पाँच मिनिट की चुसाई के बाद अब माथुर का लंड पूरा टन टॅना गया था ! अब उसे अपने अगले एक्सन पर काम करना था ! सो उसने कहा।
माथुर-बिटिया तू एक काम कर चल आ बैठ जा इस पर बहुत चूस लिया तूने अब ज़रा इसे असली मज़ा लेने दे !शालू ने माथुर के दोनो तरफ पैर किया और फिर उनका टोपा अपनी बुर मे रख कर धीरे धीरे दबाव डालने लगी ! क्षण भर मे ही पूरा लंड शालू की गीली चूत मे समा गया ! अब शालू माथुर के लंड पर कुद रही थी जबकि गुप्ता के लंड को चूस रही थी ! एक शरीफ घर की लाडली और एक इज़्ज़तदार घर की मॉडर्न लड़की अब दो दो मर्दों को एक साथ खुश करना अच्छी तरह से सीख गई थी !