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रीना- अपनी जीभ को अपने होंठो पर फेर कर गीला करती हुई, क्यो आपके चूसने से मेरे होंठ जो मिर्ची से लाल हो गये है वह ठीक हो जाएगे क्या।
बंसल- हाँ तेरी दीदी जब कुछ खा कर मेरे पास बैठती है तो मैं उसके होंठो को चूस लेता हूँ और उसे काफ़ी अच्छा लगता है, तेरे होंठ भी बिल्कुल लाल हो रहे है तेरी दीदी की तरह ही।
रीना- आपका मन कर रहा है क्या मेरे होंठ चूसने को।
बंसल- रीना को अपनी बाँहो में भर कर उसके रसीले होंठो को खूब कस कर पीने लगता है और रीना उसकी बाँहो से चिपकते हुए आह पापा क्या कर रहे हो, क्या मेरे होंठ आपको इतने अच्छे लगते है।
बंसल- उसके रस भरे होंठो को पी कर हाँ बेटी तेरे होंठ बहुत सुंदर है।
बंसल 10 मिनट तक अपनी बेटी के लाल लाल रसीले होंठो को चूसता रहता है और उसके हाथ रीना की बड़ी बड़ी चूचियों के निप्पलो को चुटकियों में मसलने में लगे थे।रीना भी पूरी गरम होकर अपने पापा को किस करने लगती है।
कुछ देर बाद दोनों अलग हो जाते है।
रीना-चलो पापा।अब होटल चलते है वही खाना खा लेंगे।
बंसल-ठीक है बेटी मेरा भी लंड खड़ा हो गया है।जल्दी चलो।
फिर दोनों होटल पहुँचकर अपने रूम में आ जाते है।
रीना- पापा क्या पहन कर दिखाऊ टॉप और स्कर्ट या जीन्स टीशर्ट।
बंसल- पहले तो तू अपनी पेंटी ट्राइ करले कहीं छोटी तो नही है।
रीना- मुस्कुराते हुए पापा आपके सामने कैसे ट्राइ करूँ मुझे शरम आती है।
बंसल- उसका हाथ पकड़ कर उसे अपनी गोद में बैठा कर उसके गालो को चूमते हुए, क्यो अब क्या तू बड़ी हो गई है जो मेरे सामने शर्मा रही है, अभी कल ही तो मेरे सामने पूरी नंगी हो गई थी,कई बार मेरा लंड ले चुकी है बेटी। चल अपनी जीन्स उतार कर मुझे यह लाल वाली पेंटी पहनकर दिखा और हाँ जा पहले जाकर दरवाजा बंद कर दे।
रीना-पापा वो दीदी साथ में रहती थी ना इसलिए कम शरम लगती थी।आज अकेली हूँ ना।
रीना- मुस्कुराते हुए अपने पापा के सीने से अपने मोटे-मोटे दूध को दबा कर उनसे चिपकती हुई, पापा आप मुझसे बहुत प्यार करते है ना मेरे एक बार कहने पर ही आप तुरंत मुझे शॉपिंग करने ले गये।
बंसल- हाँ तेरी दीदी जब कुछ खा कर मेरे पास बैठती है तो मैं उसके होंठो को चूस लेता हूँ और उसे काफ़ी अच्छा लगता है, तेरे होंठ भी बिल्कुल लाल हो रहे है तेरी दीदी की तरह ही।
रीना- आपका मन कर रहा है क्या मेरे होंठ चूसने को।
बंसल- रीना को अपनी बाँहो में भर कर उसके रसीले होंठो को खूब कस कर पीने लगता है और रीना उसकी बाँहो से चिपकते हुए आह पापा क्या कर रहे हो, क्या मेरे होंठ आपको इतने अच्छे लगते है।
बंसल- उसके रस भरे होंठो को पी कर हाँ बेटी तेरे होंठ बहुत सुंदर है।
बंसल 10 मिनट तक अपनी बेटी के लाल लाल रसीले होंठो को चूसता रहता है और उसके हाथ रीना की बड़ी बड़ी चूचियों के निप्पलो को चुटकियों में मसलने में लगे थे।रीना भी पूरी गरम होकर अपने पापा को किस करने लगती है।
कुछ देर बाद दोनों अलग हो जाते है।
रीना-चलो पापा।अब होटल चलते है वही खाना खा लेंगे।
बंसल-ठीक है बेटी मेरा भी लंड खड़ा हो गया है।जल्दी चलो।
फिर दोनों होटल पहुँचकर अपने रूम में आ जाते है।
रीना- पापा क्या पहन कर दिखाऊ टॉप और स्कर्ट या जीन्स टीशर्ट।
बंसल- पहले तो तू अपनी पेंटी ट्राइ करले कहीं छोटी तो नही है।
रीना- मुस्कुराते हुए पापा आपके सामने कैसे ट्राइ करूँ मुझे शरम आती है।
बंसल- उसका हाथ पकड़ कर उसे अपनी गोद में बैठा कर उसके गालो को चूमते हुए, क्यो अब क्या तू बड़ी हो गई है जो मेरे सामने शर्मा रही है, अभी कल ही तो मेरे सामने पूरी नंगी हो गई थी,कई बार मेरा लंड ले चुकी है बेटी। चल अपनी जीन्स उतार कर मुझे यह लाल वाली पेंटी पहनकर दिखा और हाँ जा पहले जाकर दरवाजा बंद कर दे।
रीना-पापा वो दीदी साथ में रहती थी ना इसलिए कम शरम लगती थी।आज अकेली हूँ ना।
रीना- मुस्कुराते हुए अपने पापा के सीने से अपने मोटे-मोटे दूध को दबा कर उनसे चिपकती हुई, पापा आप मुझसे बहुत प्यार करते है ना मेरे एक बार कहने पर ही आप तुरंत मुझे शॉपिंग करने ले गये।