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" नही कम्मो !!! मैने कोई एहसान नही किया और ना ही मैं तुझे इसे चुकाने को कह रही हूँ .. हमारे पास वक़्त अभी कम है और तुझे घर भी जाना होगा .. तू जब तक आगे की बात बता, मैं तेरी चूत के बाल सॉफ कर दूँगी और मेरी चूत कहीं भागी थोड़ी जा रही है .. जब मर्ज़ी चाट लेना .. मैं खुद तुझे फोन कर के बुलाउन्गि और खूब चुस्वाउन्गि " ...... नीमा की बात कम्मो को ठीक लगी क्यों कि वाकाई उसके पास वक़्त बहुत कम था .... नीमा वॉर्डरोब से शेविंग राज़ेर निकालने चली गयी और कम्मो आगे क्या बोलना है उस पर सोच विचार करने लगी.
नीमा और कम्मो :- संस्कारों के परिवेश में विचरण करने वाली दो ऐसी माताएँ जिन्होने अपना बीता सारा जीवन अपने परिवार और उसकी ज़िम्मेदारियों को अर्पण किया था, आज कामुकता के ज्वर में घोर कलयुगी बनती जा रही हैं. कहाँ वो माँ, जो कभी अपने आँचल को एक पल के लिए भी खुद से जुदा नही होने देती थी आज स्वतः ही नग्नता को धारण करने पर तुली है. पुत्र के साथ पापी संसर्ग स्थापित करने में नीमा तो सफल हो चुकी परंतु कम्मो के तंन और मन की ये अभिलाषा अभी जाने और कितने मोड़ लेगी, ये बहुत ही गंभीर वा जटिल विषय बनता रहा है.
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"हां अब बता तूने मेरे भोले-भले भतीजे के साथ पुणे में ऐसे क्या गुल खिलाए कि तू अब उससे चुदने के लिए मचल उठी है." नीमा वॉर्डरोब से बेड पर चढ़ते हुए बोली, उसके हाथ में शेविंग का पूरा किट था.
"कामिनी !! फिर तूने मुझे छेड़ा, जा नही बताती." कम्मो जो अभी सपनो में खोई हुई थी अचानक से नीमा द्वारा पुच्छे गये अश्लील प्रश्न से तन्ग आ कर बोली.
"बता ना कम्मो, चल माफी मांगती हूँ और फिर आज तो मैं अपनी प्यारी सहेली की चूत को इतना सुंदर बना देना चाहती हू कि निकुंज उसे चूमने पर आम्दा हो उठेगा." नीमा ने मुस्कुरा कर कहा तो कम्मो के चेहरे पर भी मुस्कान उभर आई.
"अगर मैं भी तेरी तरह बेशरम बन गयी तो ना जाने निकुंज मेरे बारे में क्या सोचेगा." कम्मो के ऐसा कहते ही नीमा ने उसकी टाँगो की जड़ को फैला कर काफ़ी मादक द्रश्य उत्पन्न कर दिया और शेविंग गेल को उसकी घनी झान्टो पर हौले-हौले मलने लगी.
"बेशरम बनने में ही तो असली मज़ा है जान. सेक्स के वक़्त गाली-गलोच करना, अश्लील से अश्लील शब्दो का प्रयोग करना और सबसे बड़ी बात तू मा है निकुंज की. अरे मैं तो विक्की को उत्तेजित करने के लिए इतना नीचे गिर जाती हूँ कि वो मुझे किसी बाज़ारू रंडी की तरह चोदने लगता है और मैं पूरी तरह संतुष्ट हो जाती हूँ." नीमा अपने हाथ के घर्षण को चूत की घाटी में प्रवेश कराते हुए बोली.
"आहह नीमा !! तेरे हाथो और बातों के इस्तेमाल से शायद में पागल हो जाउन्गि." कम्मो कराही और खुद ब खुद उसके चूतड़ हवा में थरथराने लगे, नीमा उसके कोमल गुदा द्वार पर अपने अंगूठे को गोलाकार आक्रति में घुमा रही थी.
"हां तो अब बता और ज़रा भी छुपाना मत, वरना मैं तेरी मदद नही कर पाउन्गि." नीमा ने उसे उकसाया और वहीं जेल ने भी अपना काम शुरू कर दिया था, जो कम्मो की घनी झाटो को मुलायम बना रहा था.
"बाथरूम से बाहर आने के बाद निकुंज तैयार होने लगा क्यों कि हमे रघु से मिलने हॉस्पिटल जाना था, वह मुझे ज़रा भी एहसाह नही होने दे रहा था कि वह उस वक़्त किन हलातो से गुज़र रहा है. मैं भी तैयार हुई और दोनो हॉस्पिटल रवाना हो गये पर वहाँ पहुचने पर पता चला कि हम रघु से किसी कारण-वश नही मिल सकते." कम्मो ने साँस ली, नीमा रेज़र में ब्लेड फसा रही थी.
कम्मो :- "हम दुखी मन से होटेल लौट आए, रात का खाना बाहर ही खाया बस सोने की तैयारी चल रही थी. निकुंज तो लेट-ते ही सो गया लेकिन मेरी आँखों में नींद कहाँ थी, उनमें तो रह-रह कर बेटे का विशाल झूलता लंड दिखाई पड़ रहा था और तभी मैने ठान लिया कि मैं उस लंड को खड़ा करने की कोशिश करूँगी परंतु यह कैसे संभव होगा, मैं नही जानती थी."
"फिर तूने क्या किया ?" नीमा ने रेज़र कम्मो की चूत पर घुमाते हुए पुछा, वो सॉफ महसूस कर रही थी कि एक बार झड़ने के बाद वापस उसकी दोस्त की चूत बहने लगी थी.
नीमा और कम्मो :- संस्कारों के परिवेश में विचरण करने वाली दो ऐसी माताएँ जिन्होने अपना बीता सारा जीवन अपने परिवार और उसकी ज़िम्मेदारियों को अर्पण किया था, आज कामुकता के ज्वर में घोर कलयुगी बनती जा रही हैं. कहाँ वो माँ, जो कभी अपने आँचल को एक पल के लिए भी खुद से जुदा नही होने देती थी आज स्वतः ही नग्नता को धारण करने पर तुली है. पुत्र के साथ पापी संसर्ग स्थापित करने में नीमा तो सफल हो चुकी परंतु कम्मो के तंन और मन की ये अभिलाषा अभी जाने और कितने मोड़ लेगी, ये बहुत ही गंभीर वा जटिल विषय बनता रहा है.
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"हां अब बता तूने मेरे भोले-भले भतीजे के साथ पुणे में ऐसे क्या गुल खिलाए कि तू अब उससे चुदने के लिए मचल उठी है." नीमा वॉर्डरोब से बेड पर चढ़ते हुए बोली, उसके हाथ में शेविंग का पूरा किट था.
"कामिनी !! फिर तूने मुझे छेड़ा, जा नही बताती." कम्मो जो अभी सपनो में खोई हुई थी अचानक से नीमा द्वारा पुच्छे गये अश्लील प्रश्न से तन्ग आ कर बोली.
"बता ना कम्मो, चल माफी मांगती हूँ और फिर आज तो मैं अपनी प्यारी सहेली की चूत को इतना सुंदर बना देना चाहती हू कि निकुंज उसे चूमने पर आम्दा हो उठेगा." नीमा ने मुस्कुरा कर कहा तो कम्मो के चेहरे पर भी मुस्कान उभर आई.
"अगर मैं भी तेरी तरह बेशरम बन गयी तो ना जाने निकुंज मेरे बारे में क्या सोचेगा." कम्मो के ऐसा कहते ही नीमा ने उसकी टाँगो की जड़ को फैला कर काफ़ी मादक द्रश्य उत्पन्न कर दिया और शेविंग गेल को उसकी घनी झान्टो पर हौले-हौले मलने लगी.
"बेशरम बनने में ही तो असली मज़ा है जान. सेक्स के वक़्त गाली-गलोच करना, अश्लील से अश्लील शब्दो का प्रयोग करना और सबसे बड़ी बात तू मा है निकुंज की. अरे मैं तो विक्की को उत्तेजित करने के लिए इतना नीचे गिर जाती हूँ कि वो मुझे किसी बाज़ारू रंडी की तरह चोदने लगता है और मैं पूरी तरह संतुष्ट हो जाती हूँ." नीमा अपने हाथ के घर्षण को चूत की घाटी में प्रवेश कराते हुए बोली.
"आहह नीमा !! तेरे हाथो और बातों के इस्तेमाल से शायद में पागल हो जाउन्गि." कम्मो कराही और खुद ब खुद उसके चूतड़ हवा में थरथराने लगे, नीमा उसके कोमल गुदा द्वार पर अपने अंगूठे को गोलाकार आक्रति में घुमा रही थी.
"हां तो अब बता और ज़रा भी छुपाना मत, वरना मैं तेरी मदद नही कर पाउन्गि." नीमा ने उसे उकसाया और वहीं जेल ने भी अपना काम शुरू कर दिया था, जो कम्मो की घनी झाटो को मुलायम बना रहा था.
"बाथरूम से बाहर आने के बाद निकुंज तैयार होने लगा क्यों कि हमे रघु से मिलने हॉस्पिटल जाना था, वह मुझे ज़रा भी एहसाह नही होने दे रहा था कि वह उस वक़्त किन हलातो से गुज़र रहा है. मैं भी तैयार हुई और दोनो हॉस्पिटल रवाना हो गये पर वहाँ पहुचने पर पता चला कि हम रघु से किसी कारण-वश नही मिल सकते." कम्मो ने साँस ली, नीमा रेज़र में ब्लेड फसा रही थी.
कम्मो :- "हम दुखी मन से होटेल लौट आए, रात का खाना बाहर ही खाया बस सोने की तैयारी चल रही थी. निकुंज तो लेट-ते ही सो गया लेकिन मेरी आँखों में नींद कहाँ थी, उनमें तो रह-रह कर बेटे का विशाल झूलता लंड दिखाई पड़ रहा था और तभी मैने ठान लिया कि मैं उस लंड को खड़ा करने की कोशिश करूँगी परंतु यह कैसे संभव होगा, मैं नही जानती थी."
"फिर तूने क्या किया ?" नीमा ने रेज़र कम्मो की चूत पर घुमाते हुए पुछा, वो सॉफ महसूस कर रही थी कि एक बार झड़ने के बाद वापस उसकी दोस्त की चूत बहने लगी थी.