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पापी परिवार

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पापी परिवार--39

इन मुंबई :-

मार्केट मे तीनो बास्किन &;; रॉबिन्स स्टोर पर पहुचे ( आइस-क्रीम )

" चलो जिसे जो ऑर्डर करना हो कर दे "

दीप ने अपनी दोनो बेटियों के चेहरे पर सरसरी निगाह डालते हुए कहा ..निम्मी का उतावला पन और निक्की का शांत, उदास मन उसकी आँखों से नही छुप सका

" नही - नही !!!! आज मटका कुलफी खाना है ..लेकिन उसके पहले ढेर सारी पानी - पूरी "

इससे पहले तीनो मे से कोई भी कार से बाहर उतरता ..निम्मी ने एक और डिमॅंड पेश कर दी

" निम्मी अब मटका कुलफी कहाँ मिलेगी, मुझे नही पता ..हां पानी - पूरी ज़रूर खा लेना "

ड्राइविंग सीट के बगल मे बैठी निम्मी से दीप ने कहा

" चाहिए माने चाहिए, कहीं भी ढूंढीए "

निम्मी अपना मूँह फुलाते हुए बोली और इसके साथ ही निक्की के चेहरे पर खोई मुस्कुराहट वापस लौट आई ..बहेन की ज़िद से ना वो अंजान थी ना दीप

" हां डॅड !!!! मटका कुलफी खाए तो बरसो बीत गये, थोड़ा सर्च कर लेते हैं ..कहीं ना कहीं मिल ही जाएगी "

निक्की ने पिच्छली सीट से थोडा आगे को झुक कर निम्मी के गले मे अपनी बाहें डाल दी ..और बड़े प्यार से उसके मुलायम गालो को मसल्ने लगी ..प्यार तो उसे निम्मी से बेहेद था, पर जता नही पाती थी

[ कुछ भी कहा जाए ' चावला ' फॅमिली का मैं अट्रॅक्षन रघु के बाद, अब सिर्फ़ निम्मी थी ..उसकी अठखेलियाँ, नादानी, पल मे नाराज़गी, पल मे प्यार ..जो जी मे आया बिना सोचे कह देना, पसंद आए तो ठीक .. ' माफी की उम्मीद :- माइ फुट '

पूरे परिवार मे निम्मी अकेली शॅक्स थी, जो जब चाहे किसी के भी रूम मे बिना बताए चली जाती, गले लग जाती, गोद मे बैठ जाती ..फिर चाहे वो गोद उसके डॅड की हो या भाई निकुंज की

सबसे बड़ी बात जो निम्मी के अंदर देखी जा सकती है ..लिहाज और शरम से उसका रिश्ता कोसो दूर था ..कैसे भी कपड़ो मे वो पूरे घर मे घूम लेती, फिर चाहे घर के मर्द उत्तेजित क्यों ना होते रहें ..परिवार का हर सदस्य, चाहे मेल हो या फीमेल ..सभी उसकी प्यारी, छोटी, चंचल, कुँवारी चूत का दीदार अक्सर कर लेते ..पैंटी तो नाम मात्र के लिए पहनी होगी उसने अपने जीवन मे..लेकिन चाह कर भी कोई ज़्यादा दिन तक उस द्रश्य को अपने मश्तिश्क मे क़ैद नही रख पाता ..शायद यही वजह थी जो निम्मी को बिगड़ने का बल मिला और आज बात यहाँ तक पहुच गयी कि उसका सगा पिता, उसके नाम से थर-थर कांपता है / कब विस्फोट हो जाए पता नही ]

" वाउ !!!! वो रहा पानी - पूरी का ठेला "

कार थोड़ी आगे बढ़ी और निम्मी ने चिल्ला कर अपने हाथ से रोड की दूसरी साइड खड़े ठेले की तरफ इशारा किया ..दीप ने फॉरन कार को लेफ्ट मूव किया लेकिन इससे पहले ही उस शैतान ने हॅंड-ब्रेक खीच दिया और गिरने की परवाह किए बागेर ही डोर खोल कर रोड को पार करने लगी

" बेवकूफ़ कहीं की ..निम्मी रुक "

दीप भी चीखा, कार एक झटके के साथ बंद हो गयी और रोड के रश ट्रॅफिक को ध्यान मे ना लाते हुए, वो भी निम्मी के पीछे दौड़ पड़ा

सामने से आती बेहद स्पीड कार की टक्कर निम्मी को ज़रूर लगती अगर दीप ने ज़बरदस्ती उसका हाथ ना पकड़ा होता

घबराहट मे निम्मी की आँखें बंद हो गयी और जब खुली तो उसने खुद को दीप की मज़बूत बाहों मे क़ैद पाया

" पागल है क्या ..बेवकूफ़ "

इसके साथ ही दीप बरस पड़ा ..निक्की भी कार से बाहर उतर आई ..लेकिन अपने डॅड के हाथों का इशारा पा कर वहीं खड़ी उनके लौट आपने का इंतज़ार करने लगी ..अंजाने भय ने उसके बदन को शून्य मे बदल दिया था

" डॅड बस करो ..नही खाना कोई मटका कुलफी "

डाट अगर पहले कभी सही होती, तो आज भी सह लेती ..जान कर की थोड़ी देर पहले उसके मरने के चान्सस 100% थे ..निम्मी के चेहरे पर भी गुस्सा छा गया

" तुझे समझ पाना नामुमकिन है निम्मी ..तू कुछ भी कर मुझे क़ुबूल होगा ..पर अपना ये बच्पना छोड़ दे "

बेटी की रग - रग से वाकिफ़ दीप ने टॉपिक का यहीं एंड कर दिया और दोनो कार के पास पहुच गये

" दी मैं और कुछ नही सुनूँगी ..मुझे घर जाना है "

निक्की उसे कुछ बोल पाती पर इससे पहले ही निम्मी ने उसके मूँह पर भी लगाम कस दी

तीनो घर की तरफ लौटने लगे ..जहाँ दीप निम्मी के बिहेवियर से तंग चुका था वहीं निक्की के मन मे कम्मो की कही बात याद आ गयी .. ' दोनो बहनो को साथ रहना चाहिए, निक्की !!!! बड़ी बहेन होने का फ़र्ज़ निभाना सीख '

घर की गली मे पहुचते ही निक्की का चेहरा खिल उठा

" डॅड एक मिनट. कार रोको "

दीप ने उसका कहा मान कर कार को रोक दिया

" जा शैतान कर ले अपने मन की ..वो सामने खड़ा है तेरी मटका कुलफी का ठेला "

निक्की ने अपने हाथ का इशारा करते हुए कहा

" मुझे नही खाना ..घर चलो "

मूँह फुलाए बैठी निम्मी ताड़ गयी कि अब दोनो बाप-बेटी उसे मनाने मे जुट जाएँगे

" अब नाटक मत कर ..कोई नाराज़ नही है तुझसे ..डॅड 1000/- का नोट ढीला करो फटाफट और मेरी पॉकेट मनी मे जोड़ देना "
 
निक्की ने उसे मक्खन लगाते हुए कहा और अगले ही पल निम्मी के हाथो मे 1000/- का करारा नोट आ गया

" मैं रिटर्न नही करने वाली, तू बाद मे चैंटना मत मुझसे "

कमीनी निम्मी ने अपने दाँत बाहर निकाल दिए और निक्की ने उसके सर पर हाथ फेरते हुए हां का इशारा कर दिया

" डॅड ई'म सॉरी ..मैं इससे बड़ी हूँ, लेकिन इसे सुधार नही पाई ..ट्रस्ट मी !!!! आगे से इसे हमेशा अपने साथ रखूँगी "

निम्मी के थोड़ा दूर जाते ही निक्की ने दीप से कहा ..दीप उसकी बात पर मुस्कुराया लेकिन शंकित भाव से ..वो जानता था .. ' जब मा-बाप का कंट्रोल उसकी छोटी बेटी को नही सुधार पाया तो आगे कोई नही सुधार पाएगा '

थोड़ी देर मे निम्मी 3 कुलफियाँ हाथ मे लिए लौट आई ..1 निक्की के हवाले कर उसने दीप पर नज़र डाली और फॉरन अपनी जीभ बाहर निकाल कर उसे चिढ़ा दिया

" दोनो मेरी हैं ..मेरे ख़याल से अब हमे घर चलना चाहिए "

अगले ही पल निक्की और दीप ज़ोरो से हँसने लगे ..शायद निम्मी का यही बच्पना था जो चाह कर भी कोई उससे ज़्यादा देर तक नाराज़ नही रह पाता था ..बक्की बातों मे उसकी बहुत जादू था, मर्द हो या औरत, अपने कंट्रोल मे कैसे लिया जाए ..निम्मी इसमे मास्टर थी

घर आते ही निक्की अपने रूम मे चली गयी और निम्मी अपने डॅड के साथ हॉल के सोफे पर पसर गयी ..हलाकी उनके बीच अब सिर्फ़ आइ कॉनटॅकटिंग ही शेष थी ..लेकिन इसमे भी निम्मी दीप पर कहेर धाने लगी

केयी तरह की सेडक्टिव आवाज़ें निकालते हुए निम्मी कुलफी को चूँसना स्टार्ट कर देती है, कभी पहली और कभी दूसरी ..मेल्ट कुलफी का लिक्विड उसकी उंगलयों से बह कर हाथो की कोहनियो तक पहुच गया था

" ह्म्‍म्म्म !!!! "

दीप ने पूरा मन बना रखा था, एक नज़र भी निम्मी की तरफ नही देखेगा ..लेकिन दोनो बेहद सॅट कर बैठे हुए थे, वो चाह कर भी सोफे से नही उठ पाया ..उसके कानो मे गूँजती मादक आवाज़ें ..कान के पर्दो को फाड़ने लगी ..थोड़ी देर बाद हालात ऐसे हो गये, दीप के लंड ने पॅंट मे सर उठाना शुरू कर दिया

निम्मी ने अपना काम ज़ारी रखा ..दोनो कुलफ़ियों के टॉप पर अपने दाँत गढ़ाते हुए उसने लंड के सुपाडे जैसा शेप बना लिया और मूँह मे गोल गोल घुमाते हुए पिघले रस को स्क्वर्ट करने लगी

" स्लप्र्रर्र्र्ररर !!!! "

इस मन्मोहक साउंड ने जैसे दीप का सारा कंट्रोल तोड़ दिया और उसने अपना चेहरा जो अब तक ऑपोसिट डाइरेक्षन मे मुड़ा हुआ था, निम्मी के फेस की तरफ घूमा लिया

निम्मी के फेस को देखते ही दीप की गान्ड फट गयी ..उसकी बेटी अपने रसीले होंठो पर कुलफी का टॉप ( सुपाड़ा ) रगड़ती हुई, उसके खड़े लंड को घूर रही थी ..निम्मी की आँखों मे उसने एक तरफ का उतावला पन महसूस किया, जैसे वो अपने डॅड के लंड को उस कुलफी से कंपेर कर रही हो

दीप को समझते देर नही लगी कि जो कुलफी चुसाई का ड्रामा इतनी देर से चल रहा है, वो असलियत मे उसके लंड को इमॅजिन करते हुए हो रहा है ..वो जितना निम्मी की आँखों मे देखता जाता, आँखें उतनी मादक आकार लेती जाती ..कुछ देर बाद उसकी बेटी जैसे किसी बाहरी दुनिया मे पहुँच गयी थी, उसकी पलकों ने जैसे झपकना ही छोड़ दिया

" आईईईई !!!! "

दीप सोफे पर उच्छल पड़ा, वजह थी सपनो मे खोई उसकी बेटी ने कुलफी की टिप को, ज़ोर से अपने दांतो मे भींच कर काट लिया ..अंजाने भय मे आ कर दीप ने फॉरन अपनी आँखें बंद कर ली ..और दुआ मनाने लगा कहीं फ्यूचर मे ये सब सच ना हो जाए ..निम्मी के मन को पढ़ना शायद किसी के बस मे नही था ..एक पल मे नाराज़ हो कर अगले चन्द ज़ेक्स. मे जो मुस्कुरा दे ..ऐसी थी उसकी छोटी बेटी

कुछ देर बाद सोफे पर हलचल हुई ..दीप चाह कर भी अपनी आँखें नही खोल सका, बस शूकर मनाता रहा ..उसकी बेटी उसके खड़े लंड को छु ना ले, यहाँ तक कि उसकी सोच इतनी आगे पहुच गयी जैसे निम्मी ने अपना चेहरा नीचे झुकाना शुरू कर दिया हो, दीप की साँसें रफ़्तार से फूलने लगी ..धीरे-धीरे उसकी बेटी इतने नीचे झुक गयी कि लंड और उसके चेहरे के बीच, ज़रा सा भी फासला नही बचा ..और इसके तुरंत बाद ही खड़ा लंड मुट्ठी मे कसा जा चुका था

" निम्मी !!!! "

दीप पूरी ताक़त से चीखा, लगा जैसे घर मे भूचाल आ गया हो ..फॉरन अपनी आँखें खोल कर उसने सोफे से उठना चाहा ..लेकिन ये क्या उसका लंड तो खुद, उसके हाथ मे था, निम्मी तो हॉल से जा चुकी थी

पसीने से लथपथ दीप को सम्हलने का मौका मिल पाता तब तक उसकी दोनो बेटियाँ हॉल मे दौड़ कर आ गयी

जहाँ निक्की के चेहरे पर घबराहट और सवाल था वहीं निम्मी उसे बेहद शांत खड़ी दिखाई दी, उसका राइट हॅंड जिससे थोड़ी देर पहले उसने कुलफी को पकड़ा हुआ था, एक के बाद एक उंगली उसके मूँह के अंदर जाती ..थोड़ी देर उसमे लगे मीठे रस का स्वाद चूसने के बाद, अगली उंगली का नंबर आ जाता

" वो ..वो डिन्नर का क्या करना है ? "
 
भयवश कहीं निक्की की नज़र उसके पॅंट के फुलाव पर ना पड़ जाए, दीप ने फॉरन पास रखी टेबल से अख़बार उठा लिया ..और सोफे पर वापस बैठते हुए अपनी टाँगो के ऊपर रख दिया

" ज़ोरों की भूक लगी है "

झूठी स्माइल देते हुए दीप ने अपनी घबराहट पर काबू पाना चाहा, जो घटने की बजाए और बढ़ने लगी, निम्मी उसके सोफे की तरफ अपने कदम बढ़ाने लगी थी

" मोम बना कर गयी हैं, बस पाँच मिनट "

इतना कह कर निक्की किचन की तरफ मूड गयी, निम्मी का आगे को बढ़ता हर कदम दीप के रोंगटे खड़े करने को काफ़ी था ..मन मे ऊपर-वाले का नाम जप्ते हुए वो लगातार अपनी चोर नज़रों से उसके चेहरे को देखने की कोशिश मे लगा रहा ..वहीं उसकी बेटी का फेस एक्सप्रेशन इस वक़्त इतना नॉर्मल था जैसे कुछ देर पहले, कुछ हुआ ही ना हो ..आश्चर्य मे भर का दीप का हलक सूखने लगा, जिसे ना तो उसकी थूक तर कर पाती ना ही ए/सी की ठंडक

" निम्मी सामान को टेबल पर रखने मे हेल्प कर "

कानो मे अपनी बड़ी बहेन की आवाज़ सुनाई देते ही निम्मी के कदम पलट कर किचन की तरफ मूड गयी और दीप की जान मे जान लौट आई

" मेरे ही घर मे मेरा बलात्कार हुआ जा रहा है "

दीप ने माथे पर आए पसीने को पोन्छ्ते हुए कहा और साथ ही रिमोट से ए/सी के टेम. को 4 पॉइंट डाउन पर उतार कर, अख़बार से खुद को हवा लगाने लगा

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अगले 30 मिनट. तक चले डिन्नर के दौरान ..निम्मी बिल्कुल चुप रही, शायद ही कोई शब्द उसने अपनी ज़ुबान से बाहर निकाला हो, सिर्फ़ अपनी प्लेट मे मूँह डाले खाती रही

दीप तो हैरान, परेशान था ही, कहीं ना कहीं निक्की को भी उसके चुप रहने से घुटन सी होने लगी ..कुछ भी हो निम्मी के बच्पने का आदि पूरा घर हो चुका था, और सभी उसे हमेशा इसी बच्पने मे देखना चाहते थे

दो रोटी खा कर निम्मी चेर से उठ गयी

" दी मैं सोने जा रही हूँ, आप कमरे मे आ जाना ..गुड नाइट "

रूखी सी आवाज़ मे अपनी छोटी सी बात कह कर निम्मी बहेन के कमरे की तरफ चल दी ..निक्की ने उसे कम खाने को ले कर टोका भी लेकिन वो बिना पीछे मुड़े रूम मे एंटर हो गयी

" बेटा मैं भी सोने जा रहा हूँ ..और हां तेरी मोम को कॉल कर दूँगा, उसका बेग यहीं छूट गया है "

दीप भारी मन से सीढ़ियाँ चढ़ते हुए अपने कमरे मे पहुच गया ..निक्की को तो पता ही नही चला आख़िर बात क्या है, बस अनुमान स्वरूप ..उसकी मोम और भाई के दूर जाने का गम मान कर, वो भी उदास मन के साथ अपने कमरे की तरफ चल दी

बेड पर निम्मी उसे सोती दिखाई दी, प्रेमवश उसके माथे को चूमते हुए निक्की भी जल्द नींद के आगोश मे चली गयी

ओं 1स्ट फ्लोर ..दीप बेड पर सिर्फ़ शॉर्ट्स पहने लेटा, निम्मी के बारे मे सोच रहा था ..अचानक से उसकी बेटी इतनी शांत कैसे हो गयी, दीप को अचंभा हुआ ..दिमाग़ पर ज़्यादा ज़ोर डालने की वजह से बीता पूरा सीन उसकी आँखों मे उतर आया और शॉर्ट्स के अंदर हाथ डाले कब वो मास्टरबेट करने लगा, उसे पता ही नही चला

इसी बीच उसने कम्मो को कॉल लगाया ..और लंड हिलाते हुए पूरा वीर्य अपने शॉर्ट्स मे निकाल दिया

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सुबह 6:30 बजे नीचे हॉल मे रखा लंड लाइन बजने लगा ..दीप की नींद एक पल मे हवा हो गयी, सारी रात सिर्फ़ निम्मी के बारे मे सोच कर वो ज़रा भी नही सो पाया था ..बेड से नीचे उतर कर उसने पोलो टी-शर्ट डाल ली और हॉल मे आ कर कॉल अटेंड किया

" हां बेटा ..ओके ओके ..चल रखता हूँ "

कॉल पर निकुंज ने उसे पुणे पहुचने की जानकारी दी और कुछ हल्की - फुल्की कॉन्वर्सेशन होने के बाद कॉल कट कर, दीप वहीं सोफे पर बैठ गया

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ठीक 10 मिनट बाद उसे निम्मी सीढ़ियों से नीचे उतरती हुई दिखाई दी ..जाने कब वो निक्की के कमरे से अपने कमरे मे पहुचि

" गुड मॉर्निंग डॅड "

बड़ी कातिल स्माइल देते हुए उसने दीप के दोनो गालो को किस किया और पास रखे झाड़ू को उठाने चल दी

इस वक़्त निम्मी ने बेहद ढीली पर्पल लोंग टी-शर्ट और उसके नीचे कॉटन कपड़े का वाइट हाफ पॅंट पहेन रखा था ..एक तरह से उसका हाफ पॅंट तभी नज़र आता जब वो हल्का फूलका झुकती ..बाकी दूर से कोई नही कहता निम्मी ने टी-शर्ट के नीचे कुछ पहेन भी रखा है या नही

" झाड़ू !!!! "

दीप ने हैरत भरी निगाह अपनी बेटी पर डाली, यकीन से परे था निम्मी कभी सॉफ-सफाई के काम भी कर सकती है

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थोड़े अंतराल के बाद ही निम्मी ने अपना मॅजिक फिर से दिखाना शुरू कर दिया ..बड़े सेडक्टिव अंदाज़ मे वो आगे को झुकती और छोटे से पॅंट के अंदर छुपे उसके बड़े-बड़े गोल चूतड़ो का दीदार कर, दीप पर रात का बचा आधा नशा वापस हावी होने लगा

जब वो उसके काफ़ी नज़दीक से झाड़ू मारने लगी तब दीप को क्लियर पता चल गया, निम्मी ने हाफ पॅंट के अंदर पैंटी नही पहनी है, पॅंट टाइट होने से उसकी चूत का उभार काफ़ी उभार कर दिखाई दे रहा था ..और दोनो फांको की सेंटर लाइन पर नज़र जाते ही दीप का लंड शॉर्ट्स से बाहर आने की ज़िद पकड़ने लगा

" डॅड थोड़ा पैर ऊपर कीजिए, सोफे के नीचे सॉफ करना है "

दीप ने उसका कहा मान कर अपने दोनो पैर मोड़ कर सोफे पर रख लिए ..लेकिन यहाँ तो निम्मी जैसे उसे झाड़वा ही देती, दीप नेक टी-शर्ट से बाहर को उच्छाल खाती चुचियों को देखते ही दीप ने अपनी आँखें बंद कर ली और जब खोली तब निम्मी वहीं अपने घुटनो के बल बैठी उसके लंड को घूरती दिखाई पड़ी

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" डॅड ..ये ग़लत है "

निम्मी ने उसके चेहरे को देख कर कहा, जो हाल ही फीका पड़ा गया

" डॅड मैं पूच्छ रही हूँ ....ये क्या है ? "

इस बार निम्मी की आवाज़ थोड़ी ज़्यादा तेज़ थी ..दीप ने घबरा कर अपनी बड़ी बेटी के कमरे के दरवाज़े को देखा, जो ओपन था

" क ..क ..क्या है ? "

हकलाते हुए दीप ने जवाब दिया ..वो सोफे से अब उठ नही पाता ..क्यों कि निम्मी उसके ठीक सामने अपने घुटने मोड बैठी थी ..साथ ही उसने अपने दोनो हाथो से सोफे के जायंट्स पकड़ रखे थे

" एनफ ईज़ एनफ डॅड ..एक बार नही, मैं तीन बार पकड़ चुकी हूँ ..आप जब-जब मुझे देखते हो ..आपका ..ये बड़ा क्यों हो जाता है ? "

दीप की तो जैसे सिट्टी - पिटी गुम हो गयी ..घबरा कर उसने अपने हाथ से खड़े लंड को छुपाना चाहा तभी निम्मी वापस गरज पड़ी

" हाथ हटाओ डॅड ..नही तो मैं दी को बुलाती हूँ ..अब वही आप से सवाल जवाब करेगी "

निम्मी ने अपना चेहरा निक्की के कमरे की तरफ घुमाया ही था कि दीप ने फॉरन अपना हाथ लंड से हटा कर निम्मी के मूँह पर रख दिया

" पागल पन मत कर निम्मी ..आइ'म सॉरी ..चल अब मुझे जाने दे "

दीप ने उसके मूँह को दबाते हुए बोला और तभी निम्मी ने अपने दोनो हाथो का क़ब्ज़ा सीधे उसके खड़े लंड पर कर दिया ..एक साथ जैसे दोनो के बदन झुलस कर रह गये ..जहाँ मस्ती मे भर का दीप के मूँह से करारी आह निकली, वहीं निम्मी की चूत से रस का बाहर आना शुरू हो गया

अपने आप दीप के हाथो की पकड़ उसके मूँह पर से ढीली हो गयी ..लेकिन निम्मी ने ज़रा भी संकोच नही दिखाया और केयी दफ़ा अपनी मुट्ठी को पंप करते हुए दीप को टीस करने लगी ..लंड इस वक़्त बेहद कड़क खड़ा था, जिसके हाथ मे आने के बाद निम्मी का जिस्म बुरी तरह से काँपने लगा ..पर किसी तरह की घबराहट का कोई एक्सप्रेशन दिए बगैर, वो गुस्से से भरी रही

" निम्मी माफ़ कर दे ..मैं तेरा डॅड हूँ बेटा ..छोड़ दे उसे "

दीप को लगा जैसे अभी हाल धरती फटे और वो सोफा समेत उसके अंदर समा जाए ..या उसके घर पर कोई बॉम्ब गिर पड़े ..या तूफान उसे उड़ा कर ले जाए ..लेकिन उस डिफयूज़र का क्या करे जो इस वक़्त अपने हाथो ने उसका हथियार पकड़े बैठी थी ..लंड मे उबाल आना दोगुना हो गया और दीप की साँसे मानो रुक सी गयी, उसे लगा कहीं अगले ही पल वो झाड़ ना जाए

" अच्छा जी !!!! आज मैने आप का नुनु पकड़ लिया तो बड़ी बातें आ रही हैं ..याद है उस दिन कैसे मेरी पुसी चाट रहे थे, और आस होल भी ..तब मैं आप को बेटी नज़र नही आई "

निम्मी ने अपनी नसीली आँखों से दीप को घायल कर दिया ..इस वक़्त उसका चेहरा मानो सिंदूर मे डूबा हुआ लाल दिखाई दे रहा था ..वहीं आगे को झुके होने से उसके बूब्स, डार्क ब्राउन निपल साहित दीप के लिए क्लियर विज़िबल थे

" वो ..वो उस वक़्त ...मैं तेरा इलाज कर रहा था "
 
दीप ने सोचा, तोड़ा एमोशनल हो कर कहेगा तो शायद निम्मी मान जाएगी ..उसने अपना मूँह शरम से नीचे झुका लिया ..बस एक ही चिंता उसे बार बार खाए जा रही थी ..कहीं इस वक़्त निक्की अपने कमरे से बाहर ना निकल आए

" इलाज !!!! चलो ठीक है डॅड ..उस दिन आपने मेरी हेल्प की ..आज मैं आप की कर देती हूँ ..बताओ ये कैसे छोटा होगा ? "

निम्मी मुस्कुरा दी ..दीप फुल उसके क़ब्ज़े मे था ..अब चाहे तो वो उसके इशारे पर नाचने तक को राज़ी हो जाता

" क्या कहा ? "

दीप बेहोश होते - होते बचा ..लगातार खड़े लंड पर बेटी के हाथो का घर्षण उसे सीत्कार करने को मजबूर करने लगा

" मैं हाथ हटा रही हूँ डॅड ..कोई चालाकी मत करना ..मैने नेट पर हर तरह के पेनिस देखे हैं,बड़े छोटे काले गोरे ..लेकिन आज रियल मे देखना है "

इतना कह कर उसने अपने हाथो की पकड़ ढीली कर दी ..लेकिन कहीं दीप उसे धोखा ना दे दे उसने अपना चेहरा निक्की के दरवाज़े की तरफ घुमा लिया, ताकि अगले ही पल कोई नया विस्फोट कर सके

" बेशरम ..मैं तेरा डॅड हूँ "

मौका मिलते ही दीप सोफे से उठने को तैयार हो गया ..निम्मी के बोल्ड पने पर उसे बड़ी हैरानी हुई ..कितनी आसानी से एक बेटी ने अपने बाप से कह दिया, वो पॉर्न देखती है और अब लाइव देखना चाहती है ..वो भी अपने सगे बाप का खड़ा लॉडा

" अच्छा मैं बेशरम !!!! मोम को बोला ना तो आप की खटिया खड़ी हो जाएगी ..डॅड मेरे 3 गिनने से पहले आप का शॉर्ट्स नीचे हो जाना चाहिए ..1 ..... "

निम्मी ने उसे अंतिम चेतावनी दे कर कहा ..दीप को लगा जैसे अभी थप्पड़ से उसका गाल लाल कर दे ..लेकिन वो खुद ग़लती मे था, जब उसने अपनी बेटी को नंगा देखा था तो अब उसकी बेटी भी अपने बाप को नंगा देखना चाहती है ..ये तो गिव &; टेक वाली बात हो गयी

" 2 .... "

दीप पागल सा हो गया ..अगर इसी वक़्त उसने अपने लंड को शॉर्ट्स से आज़ाद नही किया तो पक्का पुणे टूर के बाद, उसकी आत्मा उसके शरीर से आज़ाद हो जायगी ..निम्मी ज़रूर कम्मो को उसका सच बात देगी ये उसे पता था ..बदला लेने मे तो उसकी बेटी से बड़ा कमीन सारे संसार मे मिलना मुश्क़िल होगा

" 3 .... "

टोटल काउंटिंग हुई और दीप ने मजबूर हो कर खड़े लंड को शॉर्ट्स से बाहर निकाल दिया ..निम्मी का चेहरा उसकी टाँगो की जड़ से थोड़ा ही ऊपर था ..लंड नेकेड होते ही उसने अपनी आँखें बंद कर ली

" हो गया ..चल अब हट जाने दे "

दीप ने खुश हो कर कहा कहा क्यों कि निम्मी ने अपनी आँखें बंद कर ली थी, उसने लंड को वापस शॉर्ट्स मे डालना चाहा ..लेकिन ठीक इसी वक़्त निम्मी ने उसे फिर से टोक दिया

" डॅड लाइफ मे 1स्ट टाइम रियल मे देखूँगी ..समझो बात को ..थोड़ा स्ट्रॉंग तो हो जाउ "

निम्मी ने अपनी उंगलियों से शॉर्ट्स की एलास्टिक टटोली ..और कामयाबी के बाद दोनो हाथो की मुट्ठी मे इलास्टिक को कस कर पकड़ लिया ..फॉर शुवर अब दीप का सोफे से उतना नामुमकिन था

" डॅड आँखें खोल रही हूँ "

निम्मी के दिल की धड़कने दीप सॉफ सुन सकता था ..सिर्फ़ इसी सोच से की उसकी बेटी जिस लंड से दुनिया मे आई है आज उसी का दीदार करने को पागल हुई जा रही है ..लंड फूल कर लोहा हो गया

" ओह माइ गॉड ..डॅड ये तो मॉन्स्टर है ..फक !!!! "
 
निम्मी की आँखें बड़ी हो कर काँचों मे तब्दील हो गयी ..शॉर्ट्स के अंदर खड़ा लंड इतना बड़ा होगा ..उसे चक्कर आने लगे ..गुलाबी सुपाडे की गोलाई और नसों का तनाव इतना भयानक था ..निम्मी अपने होंठो को चबाने लगी ..उसकी गरम साँसे लंड की नाज़ुक चमड़ी पर महसूस होते ही दीप मदहोशी से भर गया ..और सुपाडे पर प्री कम का जमावड़ा इकट्ठा होने लगा

" डॅड इसकी स्मेल बहुत स्ट्रेंज है "

निम्मी की चूत अब किसी भी पल झाड़ सकती थी ..उसके बूब्स सख़्त और निपल नुकीले पर नुकीले होने लगे ..थोड़ा सा चेहरा और नीचे झुका कर निम्मी लंड के सुपाडे को सूंघने लगी ..कयि बार ज़ोरदार साँसें अंदर बाहर करने के बाद लंड की खुश्बू जैसे उसकी रूह मे समा गयी

" आहह निम्मी बस कर ..म ..मैं झाड़ जाउन्गा "

दीप का कंट्रोल टूटने लगा, उसकी बेटी के नॅचुरल होंठ इस वक़्त सुपाडे के बेहद नज़दीक थे ..सिर्फ़ ख़याल मात्र से, कहीं निम्मी उसे चूसने ना लग जाए दीप की कमर अपने आप ऊपर उठ गयी ..नतीजा सुपाड़ा निम्मी के होंठो से रगड़ खा गया

" डॅड ये क्या किया ..छ्हीई !!!! "

निम्मी थोड़ा ऊपर हुई ..सुपाडे पर लगे प्रेकुं की बूँद तार बनाते हुए उसके गुलाबी होंठो से चिपक गयी ..बड़ी कातिल अदा से उसने अपनी जीभ को होंठो पर घुमाया और पिता के लंड से निकले स्वाद को चखने लगी

" निम्मी देख लिया ना ..अब बस कर ..निक्की बाहर आ गयी तो पंगा हो जाएगा "

दीप एक तरफ तो लंड को छुपाना चाहता था ..लेकिन दूसरी तरफ अपने आप उसका हाथ निम्मी के सर पर चला गया ..निम्मी तुरंत समझ गयी दीप उससे क्या करवाना चाहता है ..वो खुद भी इसी के लिए बेचैन थी ..चाहती थी हर बंदिश मिटा कर डॅड के लंड को चूसना शुरू कर दे ..लेकिन कितना भी बोल्ड पन लड़की मे क्यों ना हो, अट लास्ट झीजक आना लाज़मी है

" डॅड सिर्फ़ किस करूँगी "

इतना कह कर निम्मी ने अपने होंठ सुपाडे पर रख दिए ..दीप के मूँह से मोनिंग होने लगी और फॉरन निम्मी के होंठो ने सुपाडे को चूमना शुरू कर दिया ..लिसलिसे पदार्थ से सराबोर उसके होंठो ने जादू कर दिया, बड़े प्यार से हौले - हौले वो लंड टिप को होंठो से काटने लगी

इसी पोजिशन मे उसने दीप की आँखों मे झाँका, जिसमे वासना के डोरे सॉफ नज़र आ रहे थे ..लग रहा था जैसे वो कह रही हों .. ' निम्मी प्लीज़ अब तड़पाना छोड़ ..और चूसने लग जा अपने डॅड का लंड '

निम्मी से भी कंट्रोल नही हुआ और उसने स्माइल करते हुए अपने होंठो को खोल दिया

" निम्मी मैं कॉलेज जा रही हूँ ..तू घर पर रुकना "

निक्की की आवाज़ सुन कर दोनो चौंक पड़े ..दीप सोफे उठने को हुआ पर निम्मी के मन ने तो जैसे ठान लिया था, अभी नही तो कभी नही ..वो अपने खुले होंठो के अंदर सुपाड़ा डालने ही वाली थी, कि निक्की के कमरे से उसके बाहर निकलने की आवाज़ें आना तेज़ हो गयी

दीप की आँखों के आगे अंधेरे छा गया ..उसे लगा उसकी ज़िंदगी ख़तम ..लेकिन ठीक इसी पल निम्मी ने उसके शॉर्ट्स की एलास्टिक को छोड़ दिया और .. ' रन डॅड ' .. कह कर नीचे पड़ी झाड़ू अपने हाथ मे पकड़ ली

दीप सोफे से कूदा और निक्की अपने कमरे से बाहर निकल आई

" कहाँ जा रहे हो डॅड ? "

दीप की चाल मेन गेट की तरफ बढ़ते देख निक्की ने पूछा ..सही मायने मे दीप अब तक लंड को शॉर्ट्स के अंदर नही डाल पाया था ..वो तो अच्छा हुआ उसकी पीठ निक्की की तरफ थी वरना आज बहुत बड़ा अनर्थ हो जाता

" व ..वो मेरी एक इम्पोर्टेंट. मीटिंग है बेटा ..मैं थोड़ी देर मे लौट आउन्गा "

दीप मेन गेट तक पहुच गया

" लेकिन डॅड "

निक्की ने हैरान हो कर उसे रोका

" बेटा मीटिंग बहुत बड़े लोगो से है ..समझा कर "

और इतना बोल कर दीप टी-शर्ट &; शॉर्ट्स मे मेन गेट के बाहर चला गया

" डॅड कपड़े तो सही पहेन कर जाओ "

निक्की ने इस बार ज़ोर से चिल्लाया तो ज़मीन पर बैठी निम्मी वहीं फर्श पर लॉट-पोट होने लगी ..अपने सर पर 5-6 बार उंगलियो के राउंड देती हुई उसने दीप को पागल करार दे दिया

" तू सही कह रही है निम्मी ..डॅड पागल हो गये हैं "

इसके साथ ही निक्की भी हँसते हुए सोफे पर गिर पड़ी .....

 
In Mumbai :-

Market me teeno baskin & robbins store par pahuche ( Ice-cream )

" Chalo jise jo order karna ho kar de "

Deep ne apni dono betiyon ke chehre par sarsari nighaah daalte huye kaha ..Nimmi ka utaavala pann aur Nikki ka shant, udaas mann uski ankhon se nahi chhup saka

" Nahi - nahi !!!! Aaj matka kulfi khaana hai ..lekin uske pehle dher saari paani - puri "

Isse pehle teeno me se koi bhi car se baahar utarta ..Nimmi ne ek aur demand pesh kar di

" Nimmi ab matka kulfi kahan milegi, mujhe nahi pata ..haan paani - puri zaroor kha lena "

Driving seat ke bagal me baithi Nimmi se Deep ne kaha

" Chaahiye maane chaahiye, kahin bhi dhoondhiye "

Nimmi apna moonh fulaate huye boli aur iske saath hi Nikki ke chehre par khoyi muskuraahat wapas laut aayi ..Behen ki zid se na wo anjaan thi na Deep

" Haan dad !!!! Matka kulfi khaaye to barso beet gaye, thoda search kar lete hain ..kahin na kahin mil hi jaayegi "

Nikki ne pichhli seat se thoda aage ko jhuk kar Nimmi ke gale me apni baahen daal di ..aur bade pyar se uske mulaayam gaalo ko masalne lagi ..pyar to use Nimmi se behed tha, par jata nahi paati thi

[ Kuch bhi kaha jaaye ' Chawla ' family ka main attraction Raghu ke baad, ab sirf Nimmi thi ..uski athkheliyaan, nadaani, pal me naraazgi, pal me pyar ..jo jee me aaya bina soche keh dena, pasand aaye to theek .. ' Maafi ki ummeed :- My foot '

Poore parivar me Nimmi akeli shaQs thi, jo jab chaahe kisi ke bhi room me bina bataaye chali jaati, gale lag jaati, god me baith jaati ..fir chaahe wo god uske Dad ki ho Ya bhai Nikunj ki

Sabse baadi baat jo Nimmi ke andar dekhi jaa sakti hai ..lijaah aur sharam se uska rishta koso door tha ..Kaise bhi kapdo me wo poore ghar me ghoom leti, fir chaahe ghar ke mard uttejit kyon na hote rahen ..Parivar ka har sadasya, chaahe male ho ya female ..sabhi uski pyari, choti, chanchal, kunwaari choot ka deedaar aksar kar lete ..Panty to naam maatra ke liye pehni hogi usne apne jeevan me..lekin chaah kar bhi koi jyada din tak us drashya ko apne mashtishk me kaid nahi rakh paata ..Shayad yahi wajah thi jo Nimmi ko bigadne ka bal mila aur aaj baat yahan tak pahuch gayi ki uska saga pita, uske naam se Thar-thar kaanpta hai / kab visphot ho jaaye pata nahi ]

" Wow !!!! wo raha paani - puri ka thela "

Car thodi aage badhi aur Nimmi ne chilla kar apne haath se road ki doosri side khade thele ki taraf ishara kiya ..Deep ne foran car ko left move kiya lekin isse pehle hi us shaitaan ne hand-brake kheech diya aur girne ki parwaah kiye bager hi door khol kar road ko paar karne lagi

" Bewkoof kahin ki ..Nimmi ruk "

Deep bhi cheekha, car ek jhatke ke saath band ho gayi aur road ke rush traffic ko dhyaan me na laate huye, wo bhi Nimmi ke peechhe daud pada

Saamne se aati behad speed car ki takkar Nimmi ko zaroor lagti agar Deep ne jabardasti uska haath na pakda hota

Ghabraahat me Nimmi ki ankhen band ho gayi aur jab khuli to usne khud ko Deep ki mazboot baahon me kaid paaya

" Pagal hai kya ..Bewakoof "

Iske saath hi Deep baras pada ..Nikki bhi car se baahar utar aayi ..lekin apne Dad ke haathon ka ishara paa kar wahin khadi unke laut aapne ka intazaar karne lagi ..Anjaane bhay ne uske badan ko shoonya me badal diya tha

" Dad bas karo ..Nahi khaana koi matka kulfi "

Daat agar pehle kabhi sahi hoti, to aaj bhi seh leti ..jaan kar ki thodi der pehle uske marne ke chances 100% the ..Nimmi ke chehre par bhi gussa chha gaya

" Tujhe samajh paana namumkin hai Nimmi ..Tu kuch bhi kar mujhe kubool hoga ..par apna ye bachpana chhod de "

Beti ki rag - rag se waakif Deep ne topic ka yahin end kar diya aur dono car ke paas pahuch gaye

" D main aur kuch nahi sunungi ..mujhe ghar jaana hai "

Nikki use kuch bol paati par isse pehle hi Nimmi ne uske moonh par bhi lagaam kas di

Teeno ghar ki taraf lautne lage ..jahan Deep Nimmi ke behaviour se tanga chuka tha wahin Nikki ke mann me Kammo ki kahi baat yaad aa gayi .. ' Dono behno ko saath rehna chahiye, Nikki !!!! badi behen hone ka farz nibhaana seekh '

Ghar ki gali me pahuchte hi Nikki ka chehra khil utha

" Dad ek min. Car roko "

Deep ne uska kaha maan kar car ko rok diya

" Ja shaitaan kar le apne mann ki ..wo saamne khada teri matka kulfi ka thela "

Nikki ne apne haath ka ishara karte huye kaha

" Mujhe nahi khana ..ghar chalo "

Moonh fulaaye baithi Nimmi taad gayi ki ab dono baap-beti use manaane me jut jaayenge

" Ab naatak mat kar ..koi naraaz nahi hai tujhse ..Dad 1000/- ka note dheela karo fatafhat aur meri pocket money me jod dena "

Nikki ne use makkhan lagate huye kaha aur agle hi pal Nimmi ke haatho me 1000/- ka karaara note aa gaya

" Main return nahi karne waali, tu baad me chaintna mat mujhse "

Kameeni Nimmi ne apne daant baahar nikaal diye aur Nikki ne uske sar par haath ferte huye haan ka ishara kar diya

" Dad I'm sorry ..Main isse badi hoon, lekin ise sudhaar nahi paayi ..Trust me !!!! aage se ise hamesha apne saath rakhungi "

Nimmi ke thoda door jaate hi Nikki ne Deep se kaha ..Deep uski baat par muskuraya lekin shankit bhaav se ..wo janta tha .. ' jab maa-baap ka control uski choti beti ko nahi sudhaar paaya to aage koi nahi sudhaar paayega '

Thodi der me Nimmi 3 kulfiyaan haath me liye laut aayi ..1 Nikki ke hawaale kar usne Deep par nazar daali aur foran apni jeebh baahar nikaal kar use chidha diya

" Dono meri hain ..mere khayal se ab hume ghar chalna chaahiye "

Agle hi pal Nikki aur Deep zoro se hasne lage ..Shayad Nimmi ka yahi bachpana tha jo chaah kar bhi koi usse jyada der tak naraaz nahi reh paata tha ..Bakki baaton me uski bahut jaadoo tha, mard ho ya aurat, apne control me kaise liya jaaye ..Nimmi isme master thi

Ghar aate hi Nikki apne room me chali gayi aur Nimmi apne Dad ke saath hall ke sofe par pasar gayi ..Halaaki unke beech ab sirf eye contacting hi shesh thi ..lekin isme bhi Nimmi Deep par keher dhaane lagi

Kayi tarah ki seductive awaazen nikaalte huye Nimmi Kufli ko choonsa start kar deti hai, kabhi pehli aur kabhi doosri ..Melt kulfi ka liQuid uski unglyon se beh kar haatho ki kohniyo tak pahuch gaya tha

" Hmmmm !!!! "

Deep ne poora mann bana rakha tha, ek nazar bhi Nimmi ki taraf nahi dekhega ..Lekin dono behad sat kar baithe huye the, wo chaah kar bhi sofe se nahi uth paaya ..uske kaano me goonjti maadak awaazen ..Kaan ke pardo ko faadne lagi ..Thodi der baad halaat aise ho gaye, deep ke lund ne pant me sar uthaana shuru kar diya

Nimmi ne apna kaam zaari rakha ..Dono Kulfiyon ke top par apne daant gadaate huye usne lund ke supaade jaisa shape bana liya aur moonh me gol gol ghumaate huye pighle ras ko sQuirt karne lagi

" Slaprrrrrrrr !!!! "

Is manhohak sound ne jaise Deep ka saara control tod diya aur usne apna chehra jo ab tak opposite direction me muda hua tha, Nimmi ke face hi taraf ghooma liya

Nimmi ke face ko dekhte hi Deep ki gaand fat gayi ..uski beti apne raseele hontho par kulfi ka top ( supaada ) ragadti huyi, uske khade lund ko ghoor rahi thi ..Nimmi ki ankhon me usne ek taraf ka utaavla pann mehsoos kiya, jaise wo apne Dad ke lund ko us kulfi se compare kar rahi ho

Deep ko samajhte der nahi lagi ki jo kulfi chusaayi ka drama itni der se chal raha hai, wo asliyat me uske lund ko imagine karte huye ho raha hai ..wo jitna Nimmi ki ankhon me dekhta jaata, ankhen utni madaak akaar leti jaati ..kuch der baad uski beti jaise kisi baahari duniya me pauch gayi thi, uski palkon ne jaise jhapakna hi chhod diya

" Aaiiiii !!!! "

Deep sofe par uchhal pada, wajah thi sapno me khoyi uski beti ne kulfi ki tip ko, zor se apne daanto me bheenh kar kaat liya ..Anjaane bhay me aa kar Deep ne foran apni ankhen band kar li ..aur dua manaane laga kahin future me ye sab sach na ho jaaye ..Nimmi ke mann ko padhna shayad kisi ke bas me nahi tha ..ek pal me naraaz ho kar agle chand secs. me jo muskura de ..Aisi thi uski choti beti

Kuch der baad sofe par halchal huyi ..Deep chaah kar bhi apni ankhen nahi khol saka, bas shukar manaata raha ..uski beti uske khade lund ko chhu na le, Yahan tak ki uski soch itne aage pahuch gayi jaise Nimmi ne apna chehra neeche jhukana shuru kar diya ho, Deep ki sansen raftaar se phoolne lagi ..Dheere-dheere uski beti itne neeche jhuk gayi ki lund aur uske chehre ke beech, zara sa bhi faslaa nahi bacha ..aur iske turant baad hi khada lund muthhi me kasaa ja chuka tha

" Nimmi !!!! "

Deep poori taaQat se cheekha, laga jaise ghar me bhoochal aa gaya ho ..foran apni ankhen khol kar usne sofe se utha chaaha ..lekin ye kya uska lund to khud, uske haath me tha, Nimmi to hall se ja chuki thi

Paseene se lathpath Deep ko samhalne ka mauka mil paata tab tak uski dono betiyaan hall me daud kar aa gayi

Jahan Nikki ke chehre par gabraahat aur savaal tha wahin Nimmi use behad shaant khadi dikaayi di, uska right hand jisse thodi der pehle usne kulfi ko pakda hua tha, ek ke baad ek ungli uske moonh ke andaar jaati ..thodi der usme lage meethe ras ka swaad choosne ke baad, agli ungli ka number aa jaata

" wo ..wo dinner ka kya karna hai ? "

Bhayvash kahin Nikki ki nazar uske pant ke fulaav par na pad jaaye, Deep ne foran paas rakhi table se akhbaar utha liya ..aur sofe par waapas baithte huye apni taango ke oopar rakh diya

" Zoron ki bhook lagi hai "

Jhooti smile dete huye Deep ne apni ghabraaht par kaabu paana chaaha, jo ghatne ki bajaaye aur badhne lagi, Nimmi uske sofe ki taraf apne kadam badhaane lagi thi

" Mom bana kar gayi hain, bas paanch min "

Itna keh kar Nikki kitchen ki taraf mud gayi, Nimmi ka aage ko badhta har kadam Deep ke rongte khade karne ko kaafi tha ..Mann me oopar-waale ka naam japte huye wo lagaataar apni chor nazron se uske chehre ko dekhne ki koshish me laga raha ..wahin uski beti ka face expression is waQt itna normal tha jaise kuch der pehle, kuch hua hi na ho ..Aashcharya me bhar ka Deep ka halQal sookhne laga, jise na to uski thook tar kar paati na hi A/C ki thandak

" Nimmi saamaan ko table par rakhne me help kar "

Kaano me apni badi behen ki awaaz sunaayi dete hi Nimmi ke kadam palat kar kitchen ki taraf mud gaye aur Deep ki jaan me jaan laut aayi

" Mere hi ghar me mera balaatkaar hua ja raha hai "

Deep ne maathe par aaye paseene ko ponchhte huye kaha aur saath hi remote se A/C ke tem. ko 4 point down par utaar kar, akhbaar se khud ko hawa laga

.
 


Agle 30 min. tak chale dinner ke dauraan ..Nimmi bilkul chup rahi, shayad hi koi shabd usne apni zubaan se baahar nikaala ho, sirf apni plate me moonh daale khaati rahi

Deep to hairaan, pareshaan tha hi, kahin na kahin Nikki ko bhi uske chup rehne se ghutan si hone lagi ..Kuch bhi ho Nimmi ke bachpane ka aadi poora ghar ho chuka tha, aur sabhi use hamesha isi bachpane me dekhna chaahte the

Do roti kha kar Nimmi chair se uth gayi

" D main sone ja rahi hoon, aap kamre me aa jaana ..Good night "

Rookhi si awaaz me apni choti si baat keh kar Nimmi behen ke kamre ki taraf chal di ..Nikki ne use kam khaane ko le kar toka bhi lekin wo bina peechhe mude room me enter ho gayi

" Beta main bhi sone ja raha hoon ..aur haan teri mom ko call kar doonga, uska beg yahin chhut gaya hai "

Deep bhaari mann se seedhiyaan chadhte huye apne kamre me pahuch gaya ..Nikki ko to pata hi nahi chala akhir baat kya hai, bas anumaan swaroop ..uski mom aur bhai ke door jaane ka gum maan kar, wo bhi udaas mann ke saath apne kamre ki taraf chal di

Bed par Nimmi use soti dikhaayi di, premvash uske maathe ko chhumte huye Nikki bhi jald neend ke aagosh me chali gayi

On 1st floor ..Deep bed par sirf shorts pehne leta, Nimmi ke baare me soch raha tha ..Achaanak se uski beti itni shaant kaise ho gayi, Deep ko achambha hua ..Dimmag par zyaada zor daalne ki wajah se beeta poora scene uski ankhon me utar aaya aur shorts ke andar haath daale kab wo masturbate karne laga, use pata hi nahi chala

Isi beech usne Kammo ko call lagaaya ..aur lund hilaate huye poora virya apne shorts me nikaal diya

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Subah 6:30 baje neeche hall me rakha land line bajne laga ..Deep ki neend ek pal me hawa ho gayi, saari raat sirf Nimmi ke baare me soch kar wo zara bhi nahi so paya tha ..bed se neeche utar kar usne polo t-shirt daal li aur hall me aa kar call attend kiya

" Haan beta ..Ok ok ..Chal rakhta hoon "

Call par Nikunj ne use pune pahuchne ki jaankaari di aur kuch halki - fhulki conversation hone ke baad call cut kar, Deep wahin sofe par baith gaya

.

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Theek 10 min baad use Nimmi seedhiyon se neechhe utarti huyi dikhaayi di ..jaane kab wo Nikki ke kamre se apne kamre me pahuchi

" Good morning Dad "

Badi kaatil smile dete huye usne Deep ke dono gaalo ko kiss kiya aur paas rakhe jhaadu ko uthaane chal di

Is waQt Nimmi ne behad dheeli purple long t-shirt aur uske neeche cotton kapde ka white half pant pehen rakha tha ..ek tarah se uska half pant tabhi nazar aata jab wo halka fhula jhukti ..baaki door se koi nahi kehta Nimmi ne t-shirt ke neeche kuch pehen bhi rakha hai ya nahi

" Jhaadu !!!! "

Deep ne hairat bhari nigaah apni beti par daali, yakeen se pare tha Nimmi kabhi saaf-safaayi ke kaam bhi kar sakti hai

.

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Thode antraal ke baad hi Nimmi ne apna magic phir se dhikhaana shuru kar diya ..Bade seductive andaaz me wo aage ko jhukti aur chote se pant ke andar chhupe uske bade-bade gol chootado ka deedaar kar, Deep par raat ka bachaa aadha nasha waapas haavi hone laga

Jab wo uske kaafi nazdeek se jhaadu maarne lagi tab deep ko clear pata chal gaya, Nimmi ne half pant ke andar panty nahi pehni hai, pant tight hone se uski choot ka ubaar kaafi ubhar kar dikaayi de raha tha ..aur Dono faanko ki center line par nazar jaate hi Deep ka lund shorts se baahar aane ki zid pakadne laga

" Dad thoda pair oopar kijiye, sofe ke neeche saaf karna hai "

Deep ne uska kaha maan kar apne dono pair mod kar sofe par rakh liye ..lekin yahaan to Nimmi jaise use jhadwa hi deti, deep neck t-shirt se baahar ko uchhaal khaati chhoochiyon ko dekhte hi Deep ne apni ankhen band kar li aur jab kholi tab Nimmi wahin apne ghutno ke bal baithi uske lund ko ghoorti dikhaayi padi

.

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" Dad ..Ye galat hai "

Nimmi ne uske chehre ko dekh kar kaha, jo haal hi feeka pada gaya

" Dad main poochh rahi hoon ....Ye kya hai ? "

Is baar Nimmi ki awaaz thodi jyada tez thi ..Deep ne ghabra kar apni badi beti ke kamre ke darwaaze ko dekha, jo open tha

" K ..K ..Kya hai ? "

Haklaate huye deep ne jawaab diya ..wo sofe se ab uth nahi paata ..kyon ki Nimmi uske theek saamne apne ghutme mode baithi thi ..Saath hi usne apne dono haatho se sofe ke joints pakad rakhe the

" Enough is enough Dad ..ek baar nahi, main teen baar pakad chuki hoon ..Aap jab-jab mujhe dekhte ho ..Aapka ..Ye bada kyon ho jata hai ? "

Deep ki to jaise sitti - pitti gum ho gayi ..ghabra kar usne apne haath se khade lund ko chhupana chaha tabhi Nimmi wapas garaj padi

" Haath hataao Dad ..Nahi to main D ko bulaati hoon ..Ab wahi aap se sawaal jawaab karegi "

Nimmi ne apna cherhra Nikki ke kamre ki taraf ghumaaya hi tha ki Deep ne foran apna haath lund se hata kar Nimmi ke moonh par rakh diya

" Pagal pann mat kar Nimmi ..I'm sorry ..Chal ab mujhe jaane de "

Deep ne uske moonh ko dabaate huye bola aur Tabhi Nimmi ne apne dono haatho ka kabza seedhe Uske Khade lund par kar diya ..Ek saath jaise dono ke badan jhulas kar reh gaye ..jahan Masti me bhar ka Deep ke moonh se karaari aah nikali, wahin Nimmi ki choot se ras ka baahar aana shuru ho gaya

Apne aap Deep ke haatho ki pakad uske moonh par se Dheeli ho gayi ..lekin Nimmi ne zara bhi sankoch nahi dikhaya aur Kayi dafa apni Muthhi ko pump karte huye Deep ko tees karne lagi ..Lund is waQt behad kadak khada tha, jiske haath me aane ke baad Nimmi ka jism buri tarah se kaanpne laga ..par kisi tarah ki ghabraahat ka koi expression diye bageir, wo gusse se bhari rahi

" Nimmi maaf kar de ..Main tera Dad hoon beta ..Chhod de use "

Deep ko laga jaise abhi haal dharti phate aur wo sofa samet uske andar samaa jaaye ..Ya uske ghar par koi bomb gir pade ..Ya toofaan use uda kar le jaaye ..lekin us diffuser ka kya kare jo is waQt apne haatho ne uska hathiyaar pakde baithi thi ..lund me ubaal aana doguna ho gaya aur Deep ki saanse maano ruk si gayi, Use laga kahin agle hi pal wo jhad na jaaye

" Achha ji !!!! aaj maine aap ka nunu pakad liya to badi baatein aa rahi hain ..Yaad hai us din kaise meri pussy chaat rahe the, aur ass hole bhi ..Tab main aap ko beti nazar nahi aayi "

Nimmi ne apni Naseeli ankhon se Deep ko ghayal kar diya ..is waQt uska chehra maano sindoor me dooba hua laal dikhayi de raha tha ..wahin aage ko jhuke hone se uske boobs, dark brown nipple saahit Deep ke liye clear visible the

" Wo ..wo us waQt ...Main tera ilaaj kar raha tha "

Deep ne socha, todha emotional ho kar kahega to shayad Nimmi maan jaayegi ..Usne apna moonh sharam se neeche jhuka liya ..Bas ek hi chinta use baar baar khaaye ja rahi thi ..Kahin is waQt Nikk apne kamre se baahar na nikal aaye

" Ilaaj !!!! Chalo theek hai Dad ..Us din aapne meri help ki ..Aaj main aap ki kar deti hoon ..Bataao ye kaise chota hoga ? "

Nimmi muskura di ..Deep full uske kabze me tha ..Ab chaahe to wo uske ishaare par naachne tak ko raazi ho jaata

" Kya kaha ? "

Deep behosh hote - hote bachha ..lagaataar khade lund par beti ke haatho ka gharshan use sitkar karne ko majboor karne laga

" Main haath hata rahi hoon Dad ..Koi chalaaki mat karna ..Maine net par har tarah ke penis dekhe hain,bade chote kaale gore ..lekin aaj real me dekhna hai "

Itna keh kar usne apne haatho ki pakad dheeli kar di ..lekin kahin Deep use dhokha na de de usne apna chehra Nikki ke darwaaze ki taraf ghuma liya, taaki agle hi pal koi naya vishpot kar sake

" Besharam ..main tera Dad hoon "

Mauka milte hi Deep sofe se uthne ko taiyaar ho gaya ..Nimmi ke bold pane par use badi hairaani huyi ..Kitni asaani se ek beti ne apne baap se keh diya, wo porn dekhti hai aur ab live dekhna chaahti hai ..wo bhi apne sage baap ka khada lauda

" Achha Main besharam !!!! Mom ko bola na to aap ki khatiya khadi ho jaayegi ..Dad mere 3 ginne se pehle aap ka shorts neeche ho jaana chaahiye ..1 ..... "

Nimmi ne use antim chetaavni de kar kaha ..Deep ko laga jaise abhi thappad se uska gaal laal kar de ..lekin wo khud galti me tha, jab usne apni beti ko nanga dekha tha to ab uski beti bhi apne baap ko nanga dekhna chaahti hai ..Ye to give & take waali baat ho gayi

" 2 .... "

Deep pagal sa ho gaya ..Agar isi waQt usne apne lund ko shorts se azaad nahi kiya to pakka pune tour ke baad, uski atma uske shareer se azaad ho jaaygi ..Nimmi zaroor Kammo ko uska sach baat degi ye use pata tha ..Badla lene me to uski beti se bada kameen saare sansaar me milna mushQil hoga

" 3 .... "

Total counting huyi aur Deep ne majboor ho kar khade lund ko shorts se baahar nikaal diya ..Nimmi ka chehra uski taango ki jad se thoda hi oopar tha ..lund naked hote hi usne apni ankhen band kar li

" Ho gaya ..Chal ab hat jaane de "

Deep ne khush ho kar kaha kaha kyon ki Nimmi ne apni ankhen band kar li thi, usne lund ko wapas shorts me daalna chaaha ..lekin theek isi waQt Nimmi ne use fir se tok diya

" Dad life me 1st time real me dekhungi ..Samjho baat ko ..Thoda strong to ho jaau "

Nimmi ne apni ungliyon se shorts ki elastic tatoli ..aur kaamyaabi ke baad dono haatho ki muthhi me elaslic ko kas kar pakad liya ..for sure ab Deep ka sofe se uthna naamumkin tha

" Dad aankhen khol rahi hoon "

Nimmi ke dil ki dhadkane Deep saaf sun sakta tha ..Sirf isi soch se ki uski beti jis lund se duniya me aayi hai aaj usi ka deedaar karne ko pagal huyi jaa rahi hai ..lund phool kar loha ho gaya

" Oh my god ..Dad ye to monster hai ..Fuck !!!! "

Nimmi ki ankhen badi ho kar kanchon me tabdeel ho gayi ..Shorts ke andar khada lund itna bada hoga ..Use chakkar aane lage ..Gulaabi supaade ki golaayi aur nason ka tanaav itna bhayaanak tha ..Nimmi apne hontho ko chaabne lagi ..uski garam saanse lund ki naazuk chamdi par mehsoos hote hi Deep madhoshi se bhar gaya ..aur Supaade par pre cum ka jamaavda ikattha hone laga

" Dad isi smell bahut strange hai "

Nimmi ki choot ab kisi bhi pal jhad sakti thi ..uske Boobs sakht aur Nipple nukeele par nukeele hone lage ..Thoda sa chehra aur neeche jhuka kar Nimmi lund ke supaade ko soonghne lagi ..kayi baar zordaar saansen andar baahar karne ke baad lund ki khushboo jaise uski rooh me sama gayi

" Aahhhhhhh Nimmi bas kar ..M ..Main jhad jaaunga "

Deep ka control tootne laga, Uski beti ke natural honth is waQt supaade ke behad nazdeek the ..Sirf khayaal maatra se, kahin Nimmi use choosne na lag jaaye Deep ki kamar apne aap oopar uth gayi ..Nateeja supaada Nimmi ke hontho se ragad kha gaya

" Dad ye kya kiya ..Chhiiii !!!! "

Nimmi thoda oopar huyi ..Supaade par lage precum ki boond taar baante huye uske gulaabi hontho se chipak gayi ..badi kaatil ada se usne apni jeebh ko hontho par ghumaya aur pita ke lund se nikale swaad ko chakhne lagi

" Nimmi dekh liya na ..Ab bas kar ..Nikki baahar aa gayi to panga ho jaayega "

Deep ek taraf to lund ko chhupaana chaahta tha ..lekin doosri taraf apne aap uska haath Nimmi ke sar par chala gaya ..Nimmi turant samajh gayi Deep usse kya kawaana chaahta hai ..wo khud bhi isi ke liye bechain thi ..Chaahti thi har bandish mita kar Dad ke lund ko choosna shuru kar de ..lekin kitna bhi bold pan ladki me kyon na ho, at last jhijak aana laazmi hai

" Dad sirf kiss karoongi "

Itna keh kar Nimmi ne apne honth supaade par rakh diye ..Deep ke moonh se moaning hone lagi aur foran Nimmi ke hontho ne supaade ko choomna shuru kar diya ..lislise padaarth se saraabor uske hontho ne jaadoo kar diya, bade pyar se haule - haule wo lund tip ko hontho se kaatne lagi

Isi positon me usne Deep ki ankhon me jhaka, jisme vasna ke dore saaf nazar aa rahe the ..lag raha tha jaise wo keh rahi hon .. ' Nimmi please ab tadpana chhod ..aur Choosne lag ja apne Dad ka lund '

Nimmi se bhi control nahi hua aur usne smile karte huye apne hontho ko khol diya

" Nimmi main college ja rahi hoon ..tu ghar par rukna "

Nikki ki awaaz sun kar dono chunk pade ..Deep sofe uthne ko hua par Nimmi ke mann ne to jaise thaan liya tha, abhi nahi to kabhi nahi ..wo apne khule hontho ke andar supaada daalne hi waali thi, ki Nikki ke kamre se uske baahar nikalne ki awaazen aana tez ho gayi

Deep ki ankhon ke aage andhere chha gaya ..use laga uski zindagi khatam ..lekin theek isi pal Nimmi ne uske shorts ki elastic ko chhod diya aur .. ' Run Dad ' .. keh kar neeche padi jhaadu apne haath me pakad li

Deep sofe se kooda aur Nikki apne kamre se baahar nikal aayi

" Kahan ja rahe ho dad ? "

Deep ki chaal main gate ki taraf badhte dekh Nikki ne poochha ..sahi maayne me Deep ne ab tak lund ko shorts ke andar nahi daal paaya tha ..wo to achha hua uski peeth Nikki ki taraf thi varna aaj bahut bada anarth ho jaata

" w ..wo meri ek imp. Meeting hai beta ..Main thodi der me laut aaunga "

Deep main gate tak pahuch gaya

" lekin Dad "

Nikki ne hairaan ho kar use roka

" Beta meeting bahut bade logo se hai ..samjha kar "

Aur itna bol kar Deep t-shirt & shorts me main gate ke baahar chala gaya

" Dad kapde to sahi pehen kar jaao "

Nikki ne is baar zor se chhillaaya to zameen par baithi Nimmi wahin farsh par lot-pot hone lagi ..apne sar par 5-6 baar ungliyo ke round deti huyi usne Deep ko pagal karaar de diya

" Tu sahi keh rahi hai Nimmi ..Dad pagal ho gaye hain "

Iske saath hi Nikki bhi haste huye sofe par gir padi .....

 
पापी परिवार--40

बेड पर अचेत लेटी कम्मो बड़े पशो-पेश मे फसि थी, रोते हुए सिर्फ़ उसे वही बात याद आती रही जो उसके बेटे ने बाथ-रूम मे कॉल कट करते हुए कही थी .. ' आगे जो भी होगा आख़िर भुगतना तो मुझे ही है '

दूसरा झटका उसे नीमा से बात-चीत के दौरान लगा ..उसकी दोस्त के मूँह से उस वक़्त ज़ोरदार सिसकियाँ निकल रही थी, जैसे उसकी धुवांधार चुदाई चल रही हो ..और शायद तभी नीमा ने उसे 30 मीं. से रिटर्न कॉल करने को कहा होगा

एक एक पल सदियों सा बीतने लगा, हलाकी कम्मो ने कॉल पर जो भी जानकारी पूछि ..वो उसकी घबराहट या जल्दबाज़ी कह सकते हैं, वो चाह कर भी निकुंज के दुख मे शरीक नही हो पाती ..बेटे के लंड को छुना या चूसना तो बहुत दूर की बात ..उसके लिए तो ऐसा सोचना तक पाप था

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30 मीं. पश्चात उसने अपने सेल को देखा, बेजान हाथ उसे उठाने तक को मजबूर लगे ..जिस ख़तरनाक मोड़ पर कम्मो खड़ी थी ..उसके एक तरफ खाई ( निकुंज ) और अब दूसरी तरफ कुँवा ( नीमा ) थी

" कॉल पर उससे क्या कहूँगी, मैं ये जानकारियाँ किस लिए ले रही हूँ ? "

खुद के सवाल पर उसकी आँखें बंद हो गयी, जिनकी किनोरो से आँसुओ की बूँदो का निकलना फिर से जारी हो गया ..लज्जा का अनुभव ज़रूरी नही तब ही हो, जब कोई आप के मूँह पर थप्पड़ मार जाए ..असल बेज़्जती तो तब महसूस होती है जब आप का मन बार-बार उसी बात का चिंतन करे

" माना उसने मुझे अपने बेटे के विषय मे बता दिया था, पर मैं नही बता सकती ..एक तो उमर मे वो मुझसे छोटी है, फिर घर समहालने वाली भी तो खुद वही है ..अगर उसका पति दूर ना होता तो यक़ीनन वो वर्तमान हालात के आगे कभी नही झुकती "

कम्मो सोचने मे व्यस्त थी तभी उसका सेल बजने लगा ..उसने पलकें खोल कर स्क्रीन की तरफ देखा ..कॉलिंग नीमा लिखा आ रहा था

" इनके ( दीप ) बारे मे बोल दूँगी "

आँसू पोंछ कर उसने अपने भरे गले को खकारा, ताकि कॉल पर उसके रोने का नीमा को अनुमान ना हो सके

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" हेलो "

कम्मो ने कॉल पिक किया

" हां कम्मो ..सॉरी यार उस वक़्त थोड़ा बिज़ी थी ..हां अब फ्री हूँ ..बोल क्या बात पूच्छना था ? "

नीमा ने जवाब मे कहा ..फॉरन कम्मो की भोएँ तंन गयी ..बीते चार दिन पहले नीमा कितनी गुम्सुम थी, अगर कम्मो उसे समझाने नही जाती, यक़ीनन उसने शूसाइड कर लिया होता ..लेकिन अभी कॉल के वक़्त उसकी आवाज़ मे बेहद उत्साह था, चहेक थी, खुशी थी

कम्मो ( अपने मन मे ) :- " दो ही कारण हो सकते हैं ..या तो विक्की पूरी तरह से ठीक हो गया है, या तो नीमा हालात के हाथो हार गयी है ..थोड़ी देर पहले जो सिसकियाँ मैने सुनी थी, प्रमाण स्वरूप काफ़ी है "

" तुझे सच मे नही पता मैने क्या पूछा था ..ऐसा क्या ज़रूरी काम कर रही थी उस वक़्त ? "

कम्मो ने सवाल किया

" तुझसे कुछ छुपा नही रही, पर ये सच है उस टाइम मैं अपने होश मे नही थी ..क्या पूछा था अब बोल ? "

नीमा ने जवाब दिया

" पहले बता होश कहाँ था तेरा ..मुझे कुछ अजीबो-ग़रीब आवाज़ें भी सुनाई दे रही थी "

कम्मो ने उसकी चुटकी ली, अब ये क्लियर हो गया उस वक़्त नीमा चुदाई मे बिज़ी थी

" कम्मो मैने तुझसे कहा था ना, मैं ज़्यादा दिन ज़िंदा नही रहूंगी, हां मैने अपने अंदर की मा को विक्की के लिए मार लिया है ..जब तेरा कॉल आया, हम सेक्स कर रहे थे "

नीमा ने जवाब दिया बुत इस बार उसकी आवाज़ मे कंपन था, ग्लानि थी ..फिर भी बिना किसी हिचकिचाहट के उसने सच बोल दिया

" ह्म्‍म्म्म !!!! तेरी आवाज़ जब मेरे कानो मे पड़ी, मैं तभी समझ गयी थी, कॉल की दूसरी तरफ क्या चल रहा होगा ..अभी कहाँ हैं दोनो बच्चे ? "

कम्मो ने भी नॉर्मली जवाब दिया ..अगर वो शॉक्ड हो का रिप्लाइ करती, नीमा को ज़रूर हर्ट हो जाता

नीमा :- " स्नेहा तो अपनी मौसी के घर गयी है और विक्की अभी-अभी मेडिकल गया है ..मेरे लिए पेन किल्लर लेने "

कम्मो :- " पेन किल्लर ..किसलिए ? "

" अब जब रात भर मे 6 बार चुदाई हुई होगी ..तो पेन किल्लर तो खानी ही पड़ेगी "

नीमा ने धीमे स्वर मे कहा, बोलते वक़्त उसके गालो पर लाली छा गयी

" 6 बार ..क्या बात कर रही है ..तेरी च ..च ..चूत तो बुरी तरह फट गयी होगी "

इस बार कम्मो बेड पर उच्छल पड़ी ..' एक रात मे 6 बार चुदाई ' ..सुन कर उसके तोते उड़ गये ..सेक्स मे इंटेरेस्ट ना के बराबर होने से वो सिर्फ़ एक राउंड मे ही पस्त हो जाती थी, और नीमा ने एक ही रात मे ' 6 बार ' सेक्स कर लिया वो भी अपने सगे बेटे विक्की के साथ

कम्मो को महसूस हुआ कल रात से उसकी चूचियों मे भारी पन आया है, निपल भी कल रात से ही तने थे, ब्लाउस के अंदर सिर्फ़ पसीना ही पसीना भरा हुआ था , अजीब सी घुटन महसूस कर फॉरन उसने ब्लाउस के ऊपरी दो बटनो को खोल दिया ..असर पड़ा लेकिन नाम मात्र का

" क्या हुआ तू चुप क्यों हो गयी ? "

नीमा हस्ते हुए बोली ..दोनो दोस्त के बीच सेक्स टॉपिक कभी कभार ही हुआ होगा ..लेकिन एक लिमिट से बाहर दोनो ही नही निकल पाए ..पर आज तो जैसे कमाल ही हो गया था ..चूत, चुदाई जैसे शब्द खुल कर मूँह से बोले जा रहे थे

" कुछ नही थोड़ा ब्लाउस अड्जस्ट कर रही थी ..खेर तू बोल क्या बोल रही थी ? "

कम्मो की चढ़ती साँसे नीमा से नही छुप सकी ..बात वो अपने बेटे के साथ हुए सेक्स की कर रही थी, और उसका असर कम्मो पर दिखाई दे रहा था ..शैतानी मे भर कर तुरंत नीमा ने उसके मन की थाह लेने का सोचा

" तो उतार दे ना ब्लाउस को, कौन सा तुझे कोई देख रहा होगा ..मैं तो अभी भी नंगी पड़ी हूँ बेड पर, उठा तक नही जा रहा, विक्की ने हड्डी - हड्डी का चूरमा बना कर रख दिया है ..और चूत तो जैसे फट कर भोसड़ा बन गयी है "

नीमा ने उसे छेड़ते हुए कहा, वो जानती थी एक मा के लिए ये सब सुनना कितना स्ट्रेंज फीलिंग से भरा हो सकता है ..कुछ वक़्त पहले तक तो वो खुद भी यही सोच कर पानी हो जाती थी, लेकिन आज कयि महीनो बाद उसे असीम आनंद की प्राप्ति हुई है, उसका रोम - रोम पुलकित था

" बस कर नीमा शरम नही आती तुझे, मेरी उमर का तो ख़याल कर "

कम्मो से रहा नही गया उसने दो पल को सेल हाथ से छोड़ कर, फुर्ती से अपना ब्लाउस उतार कर बेड पर गिरा दिया ..कुछ गहरी साँसें लेने के बाद उसने वापस सेल अपने कान से चिपकाया

" क्या करूँ कम्मो, आज तो जैसे मैं स्वर्ग मे पहुच गयी हूँ ..कल तक सिवाए किस्मत को दोष देने के अलावा मेरे पास कोई दूसरा चारा नही था, लेकिन आज मैं उसी किस्मत की शुक्रगुज़ार हूँ, जो मुझे चन्द घंटो मे ही इतना सुख मिल गया "

नीमा बोलती रही, और कम्मो बड़े गौर से उसकी बातों को सुनने मे व्यस्त हो गयी ..उसकी चूत मे सिकुड़न आना लाज़मी था, और हुआ भी यही ..अपनी टाँगो को पूरा फैला कर भी कम्मो को चैन नही मिल पाया

" जानती है कम्मो, 3 दिनो से विक्क अपने स्कूल प्रॅक्टिकल मे बिज़ी रहा, मैं जब भी उसके कमरे मे जाती, उसे किताबो मे उलझा पाती ..एक पल को तो मुझे लगता जैसे मैने इस जंग को जीत लिया है, मेरा बेटा अब मास्टरबेट की बुरी लत से आज़ाद हो गया है ..लेकिन दूसरे ही पल मैं उदास हो जाती, शरम नही करूँगी बताने मे ..पर मेरी उदासी की असली वजह थी उसका लंड, जिसे मैने बीते 5 महीनो मे लगातार देखा था ..एक तरह से उसे चूसना मेरे जीवेन की दिनचर्या मे शामिल हो गया था ..कयि - कयि बार तो रात - रात भर मुझे नींद नही आती थी, बस जी मे आता अभी उसके कमरे मे जाउ और सारी रात मज़े से चूसू, उससे खेलु ..आख़िर कब तक एक औरत प्यासी रह सकती है ..मेरे हज़्बेंड के साथ लास्ट चुदाई मैने 10 महीने पहले की थी, वो भी सिर्फ़ एक छोटा सा राउंड

कम्मो पिच्छले कयि महीनो से मेरी चूत मे भयानक आग लगी थी, ऐसी आग जो अब सिर्फ़ लंड से ही बुझ पाती ..मैने बहुत सोचा पर अपना मन नही बदल सकी ..कल जब विक्कीी स्कूल से लौटने वाला था, मैने अपने रूम का गेट खुला छोड़ दिया और सारे कपड़े उतार कर खुद को संवारने लगी, मैने फ़ैसला कर लिया था आज रात मैं उससे से चुद कर ही दम लूँगी

वो घर आने के फॉरन बाद मेरे कमरे मे आ गया, गेट से अंदर झाँकते ही मैं उसे नंगी शीशे के सामने बैठी दिखाई दी, जाने क्यों उसके कदम पीछे हटने लगे और वो मेरे कमरे से बाहर जाने लगा ..लेकिन तभी मैने उसे रोका और अपने पास बुलाया, हौले हौले कदमो से चलता हुआ वो मेरे सामने आ कर खड़ा हो गया, हमारी नज़रें मिली ..हम दोनो की धड़कने तेज़ रफ़्तार से चल रही थी, कम्मो उस वक़्त मेरे हाथ मे कैंची थी, मैं अपनी झाँते काट रही थी

मैं :- " बेटा कुछ काम था क्या ? "

" नो मोम, मैं तो...... "

वो इससे ज़्यादा कुछ नही बोल पाया, लेकिन उसकी नज़र जल्द ही मेरी टाँगो की जड़ को घूर्ने लगी ..मैने लाज़ाकर उसकी आँखों मे देखा, जिनमे बड़ी उत्सुकता थी, उसकी लाल आँखों मे अजीब सी बैचैनि दिखाई दे रही थी ..पहली बार अपनी मा को नंगा देख रहा था, या शायद किसी भी औरत को

वो खड़ा था और मैं चेर पर बैठी थी, पॅंट के अंदर खड़े लंड का फुलाव देखते ही मेरी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया, मैने देर ना करते हुए उसके पॅंट की बेल्ट खोली दी, और अगले ही पल मेरे हाथो मे वापस मेरा खिलौना लौट आया, जिसे मैं 3 दिनो से बहुत मिस कर रही थी

विक्की के लंड मे इतना ज़्यादा तनाव शायद ही मैने कभी देखा होगा, या यूँ कह ले ..उसे अपनी मा का नंगा बदन पसंद आया ..फटी आँखों से अब भी वो सिर्फ़ मेरी चूत को ही निहार रहा था

मैने अपने खुश्क होंठ उसके सूजे सुपाडे पर रख दिए, दोनो ही चीज़ें उस वक़्त अंगार थी ..वो सिसक उठा, और फॉरन मैने अपनी दो उंगलियाँ चूत के अंदर घुसा ली, साथ ही सुपाडे के छेद पर अपनी पायंटेड जीभ चुभाते हुए, उसे तड़पाने लगी ..कल तक जो लंड मेरे लिए बेटे का था, आज मुझे वो किसी गबरू जवान लड़के का दिखाई दे रहा था

उससे सहेन नही हो पाया और उसके हाथो ने मेरे बालो को अपनी मुट्ठी मे भर लिया ..वो चाहता था, मैं फॉरन लंड चूसने लगू पर मैं अगले 5 मिनट तक सिर्फ़ उसे उकसाती रही ..आज शायद उसके मूँह से सुनने को बेताब थी ' मोम चूसो ना '

जल्द ही उसका सबर टूट गया और चिल्लाते हुए उसने ज़बरदस्ती आधा लंड मेरे मूँह के अंदर कर दिया ..मुझे अपना बचाव करने की कोई आज़ादी नही मिल पाई, ज़्यादा वक़्त नही लगा और वो लगभग पूरा लंड मेरे गले के आर - पार निकालने की कोशिश करने लगा ..मैं बार-बार चोक हो जाती, मूँह से बहकर लार मेरी चुचियों तक पहुच गयी थी ..आज पहली बार मैने खुद से सवाल किया .. ' उसका लंड मेरे मूँह मे समा क्यों नही पा रहा ..जिसे मैं आसानी से पूरा निगल लेती थी, आज बड़ा कष्टकारी क्यों लग रहा था '
 
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