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करीब ९ बजे मैंने रिशू का नंबर डायल किया. दो बार बेल बजी और रिक्की ने फ़ोन उठाया...
हेलो रिशू है. मैं मोनू बोल रहा हूँ. मैंने पुछा
एक मिनट होल्ड करना. रिक्की बोली.
१ मिनट बाद रिशू ने फ़ोन उठाया और बिना कुछ सुने ही बोला, मैं १० बजे तक आ जाऊँगा.
अरे सुनो तो जल्दी मत करो. मैंने बोला पर मेरी बात सुनने से पहले ही उसने फ़ोन काट दिया था.
उसको लगा होगा की घर पर दीदी अकेली है इसी लिए मैंने फ़ोन किया है.
मैंने फिर से फ़ोन लगाया. फिर रिक्की ने उठाया और कहा भैया तो आपसे बात करके बाहर निकल गए. अब मैं परेशान हो गया.
तब तक दीदी की आवाज़ आई. किस्से बात कर रहा था. कही जा रहा है क्या.
अब मैं उन्हें क्या बताता. दीदी वो रिशू आने के लिए बोल रहा था. उसकी एक बुक मेरे पास आ है वो ही लेने आ रहा है. मैं बात संभालता हुआ बोला.
मोनू मैंने पहले भी तुमसे कहा है वो लड़का ठीक नहीं है फिर तूने उसे घर क्यों बुलाया. दीदी बोली.
नहीं नहीं दीदी रिशू दिल का अच्छा लड़का है. बस पढाई में थोडा कमज़ोर होने की वजह से एक दो बार फेल हो गया वरना ऐसी उसमे कोई ख़राब बात नहीं है. मैंने जवाब दिया.
कुछ भी हो उसको जल्दी से चलता कर देना. बोल कर दीदी किचन में चली गयी.
इधर दीदी को रिशू में कोई इंटरेस्ट नहीं है और उधर वो ऐसे आ रहा है जैसे की दीदी टाँगे फैलाये चूत पसारे उसके लंड का इंतज़ार कर रही है.
मुझे अब उसके ऊपर गुस्सा भी आ रहा था की बिना मेरी बात सुने वो मेरे घर आने के लिए निकल पड़ा. पता नहीं आगे क्या होगा.
हेलो रिशू है. मैं मोनू बोल रहा हूँ. मैंने पुछा
एक मिनट होल्ड करना. रिक्की बोली.
१ मिनट बाद रिशू ने फ़ोन उठाया और बिना कुछ सुने ही बोला, मैं १० बजे तक आ जाऊँगा.
अरे सुनो तो जल्दी मत करो. मैंने बोला पर मेरी बात सुनने से पहले ही उसने फ़ोन काट दिया था.
उसको लगा होगा की घर पर दीदी अकेली है इसी लिए मैंने फ़ोन किया है.
मैंने फिर से फ़ोन लगाया. फिर रिक्की ने उठाया और कहा भैया तो आपसे बात करके बाहर निकल गए. अब मैं परेशान हो गया.
तब तक दीदी की आवाज़ आई. किस्से बात कर रहा था. कही जा रहा है क्या.
अब मैं उन्हें क्या बताता. दीदी वो रिशू आने के लिए बोल रहा था. उसकी एक बुक मेरे पास आ है वो ही लेने आ रहा है. मैं बात संभालता हुआ बोला.
मोनू मैंने पहले भी तुमसे कहा है वो लड़का ठीक नहीं है फिर तूने उसे घर क्यों बुलाया. दीदी बोली.
नहीं नहीं दीदी रिशू दिल का अच्छा लड़का है. बस पढाई में थोडा कमज़ोर होने की वजह से एक दो बार फेल हो गया वरना ऐसी उसमे कोई ख़राब बात नहीं है. मैंने जवाब दिया.
कुछ भी हो उसको जल्दी से चलता कर देना. बोल कर दीदी किचन में चली गयी.
इधर दीदी को रिशू में कोई इंटरेस्ट नहीं है और उधर वो ऐसे आ रहा है जैसे की दीदी टाँगे फैलाये चूत पसारे उसके लंड का इंतज़ार कर रही है.
मुझे अब उसके ऊपर गुस्सा भी आ रहा था की बिना मेरी बात सुने वो मेरे घर आने के लिए निकल पड़ा. पता नहीं आगे क्या होगा.