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पाप पुण्य complete

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रिक्की समझ गयी कि उसकी पोल खुल चुकी है. उसका सिर शरम से झुक गया.

रिक्की को चुप देख कर मैंने अपना हाथ उसकी टी शर्ट के अंदर डाल के उसके पेट को सहलाते हुए बोला, “रिक्की तू बोल क्या मैं झूठ बोल रहा हूँ.

रिक्की मुझे विनती करने लगी, “नहीं भैया पर प्लीज़ रिशू को मत बोलना. वो मम्मी पापा को बता देगा. आज के बाद मैं उन दोनों से कभी नहीं मिलूँगी”

मोनू: "तू ऐसी क्या गारंटी देती है कि तुझ पे मुझे भरोसा हो कि तू फिर से उन लड़कों पे अपनी जवानी नहीं लुटायेगी?”

रिक्की: “जो शर्त आप कहें, मैं आपका कोई भी कहना मानने को तैयार हूँ लेकिन रिशू और मम्मी को मत बोलना प्लीज."

मैंने रिक्की का चेहरा हल्के से सहलाते हुए उसे खड़ा किया और बोला, “ रिक्की साली बेवकूफ़ तू जितना अंकुर और जय के लिए करती है उतना तू मेरे लिए करेगी तो किसी से कुछ नहीं कहूँगा."

रिक्की सब समझती थी लेकिन उसे ऐसी उम्मीद नहीं थी. वो इतनी कनफ्यूज़ हो गयी कि उसने मेरा हाथ भी अपनी चूचियों से नहीं हटाया.

मैंने दोनों हाथों से रिक्की का स्कर्ट उठा के पैंटी पे हाथ घुमाते हुए कहा “एक मौका देता हूँ तुझे रिक्की... अगर तू अपना यह हुस्न हमें देगी तो जबान से एक शब्द भी नहीं निकालुँगा. अब तू बता तेरा क्या इरादा है? बोल साली?”

रिक्की को मोनू की भाषा सुन कर हैरानी हुई पर वो मोनू का मक्सद समझ गयी. वो थोड़ी पीछे हटी और बोली, “यह आप क्या कर रहे हो मेरे साथ? मुझे शरम आ रही है आपकी बातों से. आप जैसा बोल रहे हो वैसा कुछ नहीं होता अंकुर और जय के साथ मेरा. प्लीज़ मैं आपकी छोटी बहन की तरह हूँ?”

मैं रिक्की के पास आ के उसकी गर्दन पकड़ के उसे अपनी तरफ खींच के उसके गाल चूम लिए. फिर रिक्की के बदन को अपने से सटाता हुआ बोला, “साली तुझे मेरे मुँह से सुनना है ना कि वो दोनों तेरे साथ क्या-क्या करते हैं? चल अब बताता हूँ तुझे सब बात.”

रिक्की ने कुछ जवाब नहीं दिया और ना ही उसने मुझसे दूर हटने की कोशिश की. मैने उसकी चूचियों पे हाथ रखते हुए बोला, “ज़रा स्कर्ट उतार.”

रिक्की चौंकते हुए बोली, “नहीं भैया प्लीज़, यह क्या कह रहे हैं आप? मेरी स्कर्ट क्यों उतारने को बोल रहे हैं आप?”

मैंने रिक्की की चूचियों को मसलना ज़ारी रखा और बोला, “साली चुप-चाप खड़ी रह. नाटक मत कर और अपनी स्कर्ट उतार.”

रिक्की बिना कुछ जवाब दिए चुप-चाप खड़ी रही. मैंने उसका टी-शर्ट ऊपर किया और रिक्की के नंगे मम्मे देख के बहुत उत्तेजित हो गया. रिक्की के कच्चे आम जैसे कड़क मम्मे और ब्राउनिश गुलाबी निप्पल मुझे भा गए. फिर मोनू ने ही स्कर्ट के हुक खोले तो रिक्की का स्कर्ट पैरों में गिर गया. रिक्की आँखें बँद करके खड़ी थी और मोनू ने भी रिक्की के बदन से उसका टी- शर्ट हटा दिया. अब रिक्की सिर्फ़ एक लाल पैंटी और काले हाई हील के सैंडल पहने शरमाते हुए खड़ी थी.
 
तभी अचानक रिशू भी अपनी चाभी से घर का दरवाजा खोल कर अन्दर आ गया.

रिशू: अरे ये क्या कर रहे हो तुम दोनों? रिक्की तू यहाँ मोनू के सामने नंगी क्यों खड़ी है.

रिक्की ने अपने हाथों से अपना सीना छुपा लिया और बोली: देखो ये मोनू भैय्या मेरे साथ क्या कर रहे है.

रिशू: क्या कर रहा था मोनू.

मोनू: आजा रिशू, बताता हूँ की मैं क्या कर रहा था और तेरी बहन क्या करती है.

और मैंने रिक्की के दोनों हाथ पकड़ कर उसकी छाती से हटा दिए और उसकी कच्चे आम जैसी चून्चियो को रिशू के सामने पूरा नंगा कर दिया. अपनी बहन की रसीली चून्चिया देख कर रिशू के मुह में पानी आ गया. रिक्की ने अन्दर जाने की कोशिश की पर मैंने उसे कस कर पकड़ लिया था. रिशू ने आगे बढ़ कर अपना एक हाथ रिक्की की दाहिनी चूंची पर रख दिया.

रिक्की बोली, “प्लीज़ भैया, आप दोनों यह क्या कर रहे हैं? मुझे बहुत शरम आ रही है, मुझे जाने दो.”

मैं रिक्की को मसलते हुए बोला, “साली, तुझे शरम आ रही है? अंकुर और जय के सामने शरम नहीं आती? तब तो दिल खोलके चुदवाती है ना? आज तक उनसे चुदवाती थी... आज से हमसे चुदवा.”

रिक्की पहले ही मेरी हरकतों से गरम हो गयी थी पर अब रिशू के आ जाने से वो ज़रा नखरे करते हुए बोली, “ऊम्म्म्म्म भैया ... यह सब मत करो... मैं वैसी लड़की नहीं हूँ. आप बार-बार उन दोनों का नाम क्यों ले रहे हैं? मैंने कुछ नहीं किया उनसे ऐसा वैसा... जैसा आप कह रहे हैं.”

मैं रिक्की की गाँड पे लंड रगड़ते हुए गुस्से से बोला “बहनचोद साली... अंकुर और जय तेरी चुदाई करते हैं... तेरी यह चूत, गाँड, मम्मे चोदते हैं, तू उनका लंड चूसती है और साली अब बोलती है कि तू उनके साथ कुछ नहीं करती. रिशू... यह तेरी बहन रिक्की साली अपने बदन की नुमाइश करती है और मर्दों का लंड खड़ा करती है. उन दोनों को भी अपने बदन के जलवे दिखा-दिखा के इसने ही उकसाया और उनसे चुदवाती है... और अब हमसे अंजान बन रही है... बोल सच कह रहा हूँ ना मैं रिक्की?”
 
रिक्की मोनू के मुँह से गालियाँ सुनके हैरान हुई, उसे अंदाज़ नहीं था कि रिशू के सामने मोनू ऐसी गंदी बातें करेगा और रिशू कुछ नहीं बोलेगा.

रिशू जो रिक्की की चूंची अब अहिस्ता अहिस्ता दबाने लगा था वो रिक्की से बोला

रिशू: सच में तू उन दोनों के साथ ऐसा करती है.

वो रिशू की तरफ देखते हुए ज़रा नीची आवाज़ मैं बोली, “भैया किसी ने आपसे झूठ कहा है... मैं उस तरह की लड़की नहीं हूँ. यह मोनू मेरे बारे में कुछ भी बोलता है. अब वो लड़के मेरे पीछे पड़े हैं तो इसमें मेरा क्या कसूर? और मोनू तू ऐसी गंदी-गंदी बातें मत कर... भैया देखो ना यह मुझे गालियाँ दे रहा है और तुम कुछ नहीं कह रहे.”

मैंने अब रिक्की की पैंटी भी नीचे खींच दी और उसकी गाँड मसलते हुए बोला, “तेरी माँ की चूत साली... और गालियाँ दूँगा तुझे, वही तेरी औकात है... चुदक्कड़ राँड... २-२ मर्दों से चुदवाती है और खुद को शरीफ समझती है... तेरी गाँड मारूँ रंडी साली...

अब रिक्की समझ गयी कि रिशू कुछ नहीं करने वाला और मोनू उसे चोदे बिना नहीं छोडेगा. रिक्की ने अपने सीने से हाथ हटा दिए और अब रिक्की सिर्फ अपने हाई हील के सैंडल पहने बिल्कुल नंगी खड़ी थी और बहुत ही सैक्सी लग रही थी. उसकी चूत पर हलके से सुनहरे रोयें थे जिससे उसकी चूत बहुत खूबसूरत दिख रही थी.

रिशू घुटनों पर बैठता हुआ बोला: क्यों रिक्की मोनू सच कह रहा है क्या. तू उन दोनों से चुदवा चुकी है क्या? मम्मी को पता चलेगा तो उन्हें बहुत दुःख होगा.

अब रिक्की भी बेशरम होके बोली: भैया क्यों ड्रामा कर रहे हो. मोनू जो कह रहा है वो सही है या गलत है तुम लोगो को उससे कोई फरक नहीं पड़ता. तुम लोगो को तो अपने मन की करनी है. वैसे मैं बता दूं की उन दोनों से मैंने सिर्फ चूमा चाटी की है और चून्चिया दबवाई है. आज पहली बार तुम दोनों ने ही मुझे पूरा नंगा देखा है.

ये सुन कर रिशू ने अपना मुह रिक्की की कमसिन चूत पर रख दिया और मैं उसके मम्मे मसलने लगा.
 
रिक्की: लेकिन प्लीज़ मैं आपका सब कहा मानूँगी. ऊउउउउउम्म्म्म्म्... प्लीज़ आराम से मसलो ना... मैं आप दोनों के साथ सब करने को तैयार हूँ... लेकिन प्लीज़ आराम से करना आःह्ह

मोनू और रिशू रिक्की को छोड़ के जल्दी से खुद भी नंगे हो गये. उनके वो मोटे लम्बे लंड देखके रिक्की को डर भी लगा लेकिन खुशी भी हुई.

मोनू रिक्की के निप्पल से खेलते हुए बोला: बहुत नाटक कर रही थी... और कुछ बाकी है?”

अब भी थोड़ी शरमाते हुए रिक्की बोली, “नहीं भैया, अब मेरी तरफ से आपको कोई शिकायत नहीं होगी”

तभी पीछे से रिशू रिक्की की गाँड के छेद को अँगुली से सहलाते हुए बोला, “साली रंडी... चुदक्कड़ छिनाल पहले तुझे जी भरके चोद लेने दे...समझी?”

रिक्की अपने भाई रिशू के मुँह से ये गालियाँ सुनके शर्मा गयी पर रिक्की समझ गयी कि मोनू और रिशू भैया को सेक्स करते वक़्त गलियाँ देना अच्छा लगता होगा.

रिक्की भी कामिनी जैसी रंडी औरत की बेटी और रिशू जैसे ठरकी लौंडे की बहन थी. उसने मन में ये तय किया कि वो मोनू और रिशू भैया को शिकायत का कोई मौका नहीं देगी और उन दोनों से जैसे वो चाहें वैसे चुदवा लेगी. वैसे भी एक साथ २-२ लंड देख कर वो बावरी हुई जा रही थी.

जब मोनू उसके निप्पल चूसने लगा तो रिक्की भी बेशरम होके उसका मुँह अपने मम्मों पे दबाते हुए आँखें बँद करके सिसकरियाँ लेने लगी. पीछे से रिशू उसकी गाँड को अँगुली से सहलाते हुए रिक्की का हाथ अपने लौड़े पे ले गया.

रिक्की उसका गरम लंड सेहलाते हुए बोली, “भैया तुम मुझे छिनाल क्यों बोल रहे हो? मुझे शरम आती है ऐसी गालियाँ सुनके... प्लीज़ मुझे गालियाँ मत दो.”

रिशू अपनी अँगुली थूक से गीली करके आहिस्ता-आहिस्ता रिक्की की कुवारी गाँड में घुसाते हुए बोला, “अब ज्यादा नाटक मत कर मेरी रंडी बेहना. दोस्तों के साथ ना जाने कहाँ-कहाँ चुदवाती है चुदक्कड़ साली और अब भी खुद को अच्छी लड़की समझती है? साली तू सिर्फ़ अब एक अच्छी राँड है और कुछ नहीं... आज के बाद तू सिर्फ़ हमारी रखैल बनके रहेगी. हमें पता है कि तू कैसी लड़की है समझी? इसलिए चुदासी रंडी अब अपनी नकली शरम छोड़ और दिल खोलके हमसे चुदवा ले और देख कैसे हम तुझे उन चूतिये लड़कों से ज्यादा मज़ा देते हैं.”
 
जब रिशू ने उसकी गाँड में अँगुली घुसायी तो रिक्की ने उसका लंड कस के पकड़ लिया. आगे से मोनू उसके निप्पल चूसते हुए उसकी नंगी कमसिन चूत सहलाने लगा. रिक्की अब इन दोनों मर्दों की हर्कतों से काफी गरम होने लगी थी. मोनू और रिशू के कड़क हाथ और लंड उसे बेकरार कर रहे थे.

रिक्की ने भी अब बेशरम होना बेहतर समझा और खुद ही मोनू का लंड पकड़ लिया. अब रिक्की एक साथ २-२ जवान लंडों को सहला रही थी. वो दो मोटे-मोटे लंड पा के बड़ी खुश हुई. अब उसे डर सिर्फ़ इस बात का था कि कहीं इस चुदाई के दौरान उसकी माँ कामिनी ना आ जाये. उसे क्या पता की उसकी चुदाई की कहानी की रचायिता तो उसकी माँ कामिनी ही है.

मोनू के लंड को मुठ मारती हुई रिक्की बोली: ऊफ्फ्फ्फ.... रिशू भैया कितना अच्छा लग रहा है आपका हाथ मेरे बदन पे. कैसा है मेरा बदन

मोनू भैया ? ऊईईई... माँआआआ... भैया आपका लौड़ा तो अंकुर और जय के लंडों से भी बड़ा है... मुझे दर्द तो नहीं होगा ना? रिशू भैया माँ कब वापस आयेगी. मुझे डर इस बात का है कि कहीं हमे इस हालत में माँ ना देख ले.

मोनू ने उसके मम्मे मसलते हुए उसकी चूत में अँगुली डाल दी और पीछे से रिशू अपना लंड रिक्की की गाँड पे रगड़ने लगा.

अपनी अँगुली से रिक्की की चूत को चोदते हुए मोनू बोला, “तू बड़ी हसीन और सैक्सी है... अंकुर और जय तो क्या... तेरा यह जिस्म देख के किसी का भी इमान डोल जाये... देख... तेरी चूंची और चूत और गाँड कितनी खूबसूरत है... साली मेरा लौड़ा देख कैसे मसल रही है रंडी... मुझे मालूम है उन दोनों के लंड हमारे जितने लम्बे-मोटे नहीं हैं... आज तुझे असली लंड का मज़ा देंगे और सुन मेरी कमसिन छिनाल, हमें कामिनी आंटी से कोई डर नहीं है... उस कुत्तिया की चूत हम दोनों बहुत बजा चुके है साली... तुझे चोदते वक्त अगर कामिनी आंटी आ भी गयी तो हम उसे भी चोद डालेंगे. रिशू वैसे तेरी माँ भी बहुत मस्त माल है क्यों...? और उसे तेरे साथ चोदने में और मज़ा आयेगा रिक्की.”
 
मोनू के मुँह से अपनी माँ के लिए ऐसी बात सुनके रिक्की शरमा गयी. उसे अपनी माँ के नाजायज़ सम्बंधों के बारे मे शक तो था पर उसे यह बिल्कुल नहीं पता था कि उसकी माँ इतनी चुदासी है कि कहीं भी किसी से भी चुदवा सकती है. अब हम दोनों रिक्की से आगे पीछे से लिपटे थे.

माँ के लिए गालियाँ सुनके भी रिक्की आगे से मोनू की अँगुली से चूत चुदवा रही थी और पीछे से रिशू का लंड अपनी गाँड पे रगड़वा रही थी. रिशू ने रिक्की को फिर अपनी तरफ घुमाया और उसके मम्मे मसलते हुए चूसने लगा.

रिक्की भी उससे मस्ती से अपने मम्मे चुसवाती हुई बोली, “रिशू मोनू हमारी माँ के बारे में इतना गंदा क्यों बोल रहा है? मुझे शरम आती है उसके लिए ऐसी बातें सुनके.”

रिशू उसके दोनों मम्मे चूसते हुए बोला, “छिनाल... वो उसके बारे में बात करता है तो तुझे शरम आती है पर नंगी होकर हमसे चुदवाने में शर्म नहीं आती. सुन माँ आयेगी शाम तक तब तक तू बेशरम होके हमसे चुदवा...

फिर रिशू ने रिक्की को सोफ़े पे बिठाया और वो दोनों रिक्की के हाथों में अपने लंड पकड़ा के उसके सामने खड़े हो गये.

रिक्की दोनों के लंड सहलाते हुए बोली, “ऊफ्फ्फ्फ.... भैया , आप दोनों के लंड काफी लम्बे और मोटे हैं... मुझे दर्द होगा... लेकिन कोई बात नहीं... मैं यह दर्द सह लूँगी. भैया आज मेरा नसीब है कि २-२ तगड़े मर्द मुझे चोदने वाले हैं... लगता है कि आज मेरे बदन की खैर नहीं.”

मोनू रिक्की के मम्मे मसलते हुए अपना लंड रिक्की के चेहरे पे रगड़ने लगा और बोला: साली... रंडी... आज तू २-२ लंड से चुदवा के देख. अब हमेशा तू दो लंड ही मांगेगी... तू तो कमसिन छिनाल है... राँड... आज हम दोनों तुझे रंडी की तरह चोदेंगे... क्यों रिशू ठीक बोल रह हूँ ना मैं?”
 
रिक्की ने बिना बोले मोनू का लंड पकड़ कर चूमा और आहिस्ता-आहिस्ता मुँह में लेके चूसने लगी. धीरे-धीरे करके रिक्की अब मोनू का पूरा लंड चूस रही थी. बीच-बीच में वो मोनू की गोटियाँ भी चूस रही थी. मोनू भी मस्ती में रिक्की का मुँह चोदने लगा. तब रिक्की दूसरे हाथ से रिशू का लंड हिलाने लगी और रिशू उसके मम्मे मसलने लगा.

मोनू का लंड चूस कर उसे और कड़क बना के रिक्की बोली

रिक्की: ओह भैया आज तक मैंने चुम्मा चाटी तो बहुत की, चूंची भी दबवाई पर इस चूत में आज तक ऊँगली के अलावा कुछ नहीं गया. आज मैं पहली बार आप दोनों से चुदवाने जा रही हूँ. भैया अब आप दोनों अपने-अपने लौड़े मेरी चूत, मुँह और गाँड में डालके मुझे चोदो और अपनी रंडी बनाओ.

मोनू ने अपना लंड रिक्की के मुँह से निकाला और रिक्की को नीचे ज़मीन पे बिठा के बोला: चल मेरी प्यारी रंडी... आज तुझे अपने लंडों से चोद कर तेरी इच्छा भी पूरी करते हैं और चेक भी करते है की तू कुवारी है या नहीं... रिशू भाई मैं इस रंडी की चूत चोदूँगा और तुम इस छिनाल की गाँड मारना. चल रिक्की पहले कुत्तिया बनके रिशू का लंड अपनी गाँड में डलवा ले... बाद में तेरी चूत में लंड घुसाता हूँ. रिशू भाई तुम लंड पर कुछ तेल वेळ लगा लो.

रिशू किचेन में जाकर अमूल बटर का पैकेट ले आया और रिक्की कुत्तिया बन गयी. रिशू ने उसके पीछे आके उसकी गाँड खोल के अमूल बटर अपनी ऊँगली में लगा कर उसकी गांड में डाल दिया और ऊँगली से उसकी गांड चोदने लगा. गांड की गर्मी से बटर पिघल गया और रिशू की ऊँगली अपनी बहन की गांड में आराम से जाने लगी. फिर रिशू ने थोडा बटर और लेकर दो उंगलिया रिक्की की गांड में डाल दी. धीरे धीरे रिशू ने लगभग आधा पैकेट मक्खन अपनी बहन की गांड में डाल दिया और बाकि का मक्खन अपने लंड पर लगा कर अपना लंड उसकी गाँड के छेद में दबाने लगा. रिक्की ने अपनी गाँड पूरी ढीली छोड़ दी और रिशू के लंड का सुपाड़ा अंदर घुस गया. फिर रिक्की की कमर पकड़ के रिशू ने हल्के से आगे पीछे होके १५-२० धक्कों से पूरा लंड रिक्की की गाँड में घुसा दिया. मक्खन की वजह से उसकी गांड बहुत चिकनी हो गयी थी पर फिर भी उसे दर्द हुआ क्योंकि रिशू का लंड काफी बड़ा था.
 
रिक्की दर्द से बोली, “रिशू भैया ... प्लीज़ आराम से डाल मेरी गाँड में अपना लंड. ऊउउफ्फ्फ्फ... रिशू... हाँ...आराम से... दर्द हो रहा है.”

रिशू ने थोड़ी देर तो धीरे धीरे धक्के लगाये पर जब लंड आराम से रिक्की की गाँड में जाने लगा तो रिशू ने रिक्की के ऊपर पूरा ज़ोर डाल दिया और उसकी चून्चिया मसलते हुए बोला “ले कुत्तिया राँड... तुझे मेरा लौड़ा चाहिए था ना? अब देख कैसे तेरी गाँड मारता हूँ छिनाल... तेरी माँ की चूत... रंडी है साली तू... मेरी रंडी है... मेरे लंड की रखैल है समझी...?”

रिक्की को रिशू के धक्कों से जितना मज़ा आ रहा था उतना ही मज़ा उसके मुँह से गालियाँ सुनके भी आ रहा था. वो बेशरम होके बड़ी मस्ती से गाँड पीछे करके रिशू का लंड ज्यादा से ज्यादा अपनी गाँड में लेने लगी.

अब रिशू मस्ती से रिक्की की गाँड मारने लगा तो रिक्की मोनू का लंड पकड़के उसे सहलाते हुए एकदम रंडी की अदा से बोली, “मोनू भैया अब आप भी कुछ करो ना... आप जैसे चाहो वैसे आज मुझे चोदो... आप दोनों के खेल से मैं बड़ी चुदासी हो गयी हूँ.”

मोनू ने रिक्की के मम्मे मसलते हुए रिशू को नीचे लेटने के लिए बोला तो रिशू रिक्की को अपने ऊपर लेके लेट गया. मोनू ने रिक्की की टाँगें फैला के अपने हाथों से रिक्की की हलके रोयों से ढकी हुई चूत खोली. उसकी गीली गुलाबी चूत देख के मोनू खुश हुआ और अपना मोटा लंड रिक्की की कुवारी चूत पे रख के बेरहमी से रिक्की के मम्मे मसलते हुए अपना लंड रिक्की की चूत में घुसाने लगा. रिक्की की चूत में आज तक कभी लंड नहीं गया था. जब वो बहुत उत्तेजित होती थी तो कोई पतला बैगन अपनी चूत में घुसा लेती थी पर मोनू का लंड बैगन के मुकाबले बहुत मोटा था.

मोनू के बड़े और मोटे लंड से रिक्की को काफी तकलीफ हुई पर मोनू ने जबरदस्ती अपना आधा लंड उसकी चूत में ठूस दिया जिससे उसकी चीख निकल गयी. ईईईईईईईईईईइ आःह्ह्ह मोनू भैयाआआअ निकाल लूऊऊऊओ नाआही मार दाआल्ला ओह्ह्ह्हह्ह.

रिशू: अबे मुह बंद कर वरना मोहल्ले वाले भी आ जायेंगे इसे चोदने.

रिशू की बात सुन कर मोनू ने अपने होठों से रिक्की का मुह बंद कर दिया और उसकी चीख घुट के रह गयी. मोनू धीरे धीरे अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा. रिक्की के मम्मों के मसले जाने से और गाँड में लंड के धक्कों की वजह से थोड़ी देर में उसका दर्द उसे ज्यादा महसूस नहीं हो रहा था.
 
अब रिक्की फिर से मस्ती में आवाजे करने लगी. अआह येस्स जोर से रिशू भैया अआह फक्क मी

मोनू आधा लंड उसकी चूत में घुसा के बोला, “छिनाल... साली... तेरी माँ की चूत... हरामी राँड... अब कैसे खुल के चुदवा रही है. तेरी माँ की चूत चोदूँ... साली कितना नाटक कर रही थी और अब मज़े ले रही है २-२ मर्दों से... बहनचोद आज तेरी चूत और गाँड फाड़के रख देंगे हम दोनों.”

मोनू ने रिक्की की गरम गीली और टाईट चूत में लंड घुसा के धक्के पे धक्का मारके पूरा लौड़ा अंदर घुसेड़ दिया और रिक्की के निप्पल खींचते हुए बोला, “ले साली रिक्की रंडी... मेरा लौड़ा ले... कसम से तेरे जैसी कम्सिन माल आज पहली बार चोद रहा हूँ. बहनचोद तेरी जैसी लड़की मिले तो सारा काम छोड़ के दिन रात सिर्फ़ तुझे ही चोदता रहूँगा.”

दोनों दोस्त बड़ी बेरहमी से रिक्की के बदन से खेलते हुए उसको चोद रहे थे. रिशू तो ज़ोरदार धक्कों से रिक्की की गाँड मार रहा था. रिक्की मोनू के मुँह से अपने लिए और अपनी माँ के लिए गंदी गालियाँ सुनके और उत्तेजित हो गयी.

अपनी कमर आगे पीछे करके चुदवाती हुई रिक्की बोली, “आओ मोनू भैया ... अपनी इस चुदासी राँड की चूत में डालो अपना लौड़ा... उउउउउउउफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ.... मोनू... हाँ ऊँऊँऊँऊँ.... और डालो राजाआआआ... फाड़ डालो मेरी चूत और रिशू भैया तुम भी ऐसे ही मारो मेरी गाँड... भैया आप और रिशू मुझे जितनी चाहे उतनी गालियाँ दो लेकिन मेरी माँ को क्यों गालियाँ दे रहे हो?”

अब रिक्की की गाँड में रिशू का लम्बा लंड और चूत में मोनू मोटा लौड़ा कयामत ढा रहे थे. दोनों वहशियों की तरह रिक्की को अपने बदन के बीच रख के बड़ी बेरहमी से एक रास्ते की रंडी जैसे चोद रहे थे.

अब रिशू नीचे से रिक्की की गाँड मारते-मारते उसके मम्मे बेरहमी से मसलते हुए बोला, “कुत्तिया राँड... मोनू और मैं जो गालियाँ चाहेंगे वो देंगे... माँ को आने दे तेरे सामने उसकी भी गाँड मारूँ छिनाल...

मोनू: तेरी माँ को गधे के लंड से चुदवाऊँगा कुतिया... तू मत सिखा कि तुझसे कैसे बर्ताव करना है... ऐसे तगड़े लंड मिले हैं तो हमसे गालियाँ खाके चुदवा. हम तुझे और तेरी माँ को जो दिल में आये वो गालियाँ देंगे समझी रखैल?”

मोनू अब चोदते-चोदते झड़ने के करीब था. इसलिए उसने अपना लंड रिक्की की चूत से निकाला और उसके सीने पे बैठ के रिक्की का मुँह खोलके अपना लंड उसमें घुसा के बोला “हाय... सालीईईईईई राँड... तेरीईईई माँ की चूत.... ये ली... चूस मेरा लौड़ा छिनाल और ले पी मेरा पानी.”
 
रिक्की मोनू का लंड अपने हाथ में पकड़ के अपने मुँह में ज़ोर से चूसने लगी. मोनू भी जोश में आ के रिक्की के मम्मे बेरहमी से दबाते हुए रिक्की का मुँह चोदने लगा और ८-१० धक्कों में झड़ने लगा. झड़ते-झड़ते मोनू ने पूरा लंड रिक्की के मुँह में घुसा दिया. उसके लंड का पानी रिक्की के हलक तक गया और रिक्की ने वो पानी आहिस्ता-आहिस्ता पी डाला. अपना पूरा पानी रिक्की के मुँह मै छोड़के मोनू ने लंड रिक्की के मुँह से निकाला और सोफ़े पे बैठ के रिक्की और रिशू की चुदाई देखने लगा.

मोनू के झड़ने के बाद और उसका पूरा पानी पीने के बाद रिक्की पूरी तरह गाँड खोल के रिशू से चुदवानी लगी. हाथ पीछे डाल के वो रिशू की कमर सहलाते हुए बोली, “रिशू चोद साले हरामी... मेरी गाँड... तेरी बहुत दिनों से नज़र थी ना मुझ पे... साले मार मेरी गाँड... मोनू भैया आप प्लीज़ मेरी चुचियों को मसलते हुए उनको चूसो... जब रिशू मेरी गाँड में झड़ेगा तब मुझे अपनी चुचियाँ आपके मुँह में चाहिए... प्लीज़ आओ ना भैया ...”

रिक्की ने बेशरम हो के अपने मम्मे उठा के मोनू की तरफ़ कर दिए. मोनू ने सोफ़े पर बैठ कर रिक्की को अपने पास आने को बोला तो रिशू रिक्की को खड़ी करके कुत्तिया के पोज़ में उसकी गाँड मारने लगा. रिक्की सोफ़े को पकड़ के झुक गयी जिससे उसके मम्मे मोनू के मुँह में अपने आप आ गये और वो रिक्की की चूचियाँ बारी-बारी मसलके चूसने लगा.

रिशू अब बड़े ज़ोरों से रिक्की की गाँड चोदने लगा. धक्कों पे धक्के मारते-मारते वो तो जैसे रिक्की की गाँड को ड्रिल करते हुए बोला, “तेरी माँ की चूत... हरामी राँड... हम से नखरा कर रही थी... साली जब से गाँड और चूत में हमारे लंड लिए तब से बड़ी मस्त हो रही है ना छिनाल...? तेरी माँ को चोदूँ साली... अब देख कैसे गाँड पीछे करके मरवा रही है और मोनू से छिनाल जैसी अपने मम्मे चुसवा रही है... कसम से रिक्की आज से मैं तुझे अपनी रंडी बनाके रखुँगा. तू है इतनी मस्त माल कि साली बार-बार तुझे चोदने को दिल करता रहेगा. ये ले... और ले... और ले मेरा लौड़ा अपनी गाँड में मादरचोद... आज तेरी गाँड को बताता हूँ कि तेरे भाई का लंड कैसे चोदता है तेरी जैसी छिनाल बहन को.”

मोनू ने रिक्की के मम्मे चूसते हुए उसकी चूत में अँगुली डाल दी और रिक्की भी छिनाल जैसी मोनू का लंड सहलाती हुई बोली, “हाँ साले रिशू तेरे और मोनू भैया के लंड में जो मज़ा आया वो कहीं नहीं होगा... तुम्हारे इन मोटे लम्बे लंडों के लिए मैं हमेशा के लिए तुम्हारी रंडी बनने को तैयार हूँ. तुम दोनों जब... जहाँ और जैसे चाहो... मुझे चोदो... मैं खुशी-खुशी तुमसे चुदवाउँगी मेरे राजा... आज के बाद मैं तुम दोनों की राँड बनके रहूँगी. रिशू तुझे कैसा लगा मेरा यह बदन और मेरी गाँड राजा?”

रिक्की की बातें सुनके रिशू उसकी गाँड पे थप्पड़ मारते हुए रिक्की को चोदने लगा और मोनू उसके निप्पल चबाते हुए चूसने लगा. रिक्की दर्द और वासना से बेहाल होके चुदवा रही थी. वो दोनों गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए रिक्की को छिनाल जैसे चोद रहे थे.

जब मोनू ने ज़रा ज़ोर से रिक्की के निप्पल को चबाया तो दर्द से रिक्की बोली. “ऊउउउउउउउफ्फ्फ्फ्फ.... मोनू साले हरामीईईई... आराम से चबा न मेरा निप्पल... बहुत दर्द हो रहा है मुझे....”
 
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