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बजाज का सफरनामा

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चुटकुला : धोने का कपङा

एक छोटा बच्चा अपनी माँ के नहाते वक्त उसके बाथरूम में जाता है और उसके गुप्तांगों के पास बाल देखता है। बच्चे ने अपने माँ से पूछा, “माँ, यह क्या है?”

उसने उत्तर दिया, “यह मेरा धोनेवाला कपङा है।”

बच्चा वहाँ से चला गया।

एक शाम को औरत अपने पति के साथ चुदाई शुरू करने वाली थी तो पति ने उससे कहा कि आज कुछ अलग करेंगे और वह अपनी झाँटे साफ कर ले। वह मान गयी।

करीब एक सप्ताह के बाद बच्चा फिर अपनी माँ के बाथरूम में जाता है और बाल नदारद पाता है। अतः वह चिन्तित होकर अपनी माँ से पूछता है, “माँ, आपके धोनेवाले कपङे का क्या हुआ?”

वह उत्तर देती है, “खो गया।”

उसी दिन बाद में बच्चा दौङता हुआ अपनी माँ के पास आया और बोला, “माँ, मुझे तुम्हारा धोनेवाला कपङा मिल गया।”

वह आश्चर्च से पूछती है, “कहाँ मिला तुम्हें?”

बच्चे ने उत्तर दिया, “पङोस वाली आंटी उससे डैडी का चेहरा साफ कर रही थी!”

:roll: io
 
भाभी का दूध कहानी 3

आज जब मैं अपने उन दिनो की याद करता हूं तो मुझे लगता है कि बचपन लौट आया लेकिन मैं यह जानता हूं कि यह हो नहीं सकता।बात उन दिनो की है जब मैं 11th में पढ़ता था। मेरे ठीक बगल वाले घर में अक भाभी रहती थी। उनकी फ़ीगर बहुत अच्छी थी वैसे यह अब मुझे लगता है, उस समय तो केवल उन्हें देखने का मन करता था और मैं उनके घर चला जाता था भाभी मुझे खूब प्यार करती थी।उनका एक छोटा बेबी था जो उनका दूध पीता था जब वो एक दिन दूध पी ही रहा था तो मैने भाभी से पूछा कि बेबी को दूध मीठा लगता है या फ़ीका? इस बात पर भाभी मुसकराते हुए बोली तुम थोड़ा पी कर देखो भाभी ने अपने हाथ पर थोड़ा सा दूध निकाला और मुझे पीने के लिए दिया मैने दूध पी कर कहा ये तो बहुत अच्छा लगता है। भाभी हंसने लगी उस दिन से मैं भाभी को और प्यार करने लगा। एक दिन जब मैं भाभी के घर गया तो भाभी कोई दवा की बोतल देख रही थी मैने भाभी से पूछा तो वह बोली तेरे भैया लाये है और यह तेरे काम की चीज नहीं है, मैं बोला देखूं तो, जब मैने बोतल देखी तो उस पर बूब्स बने हुए थे मैने भाभी से पूछा की यह क्या है तो भाभी उदास हो गई और कहा कि मेरे बूब्स बहुत छोटे हैं इसलिए तेरे भैया यह दवा लाये हैं जिससे यह बड़े हो जाएंगे। मैने कहा क्या इसे पीना पड़ेगा तो वह बोली नहीं इसे तो वहां लगाना पड़ता है, मैने भाभी से कहा चलो मैं लगा दुंगा तो वह कुछ नहीं बोली। दूसरे दिन मैं दोपहर में गया तो देखा भाभी दवा लगा रही थी मैने भाभी से कहा कि लाओ मैं लगा देता हूं कुछ सोचने के बाद भाभी ने कहा दरवाजा तो बंद कर आओ
 
भाभी का दूध कहानी 3



जब मैं दरवाजा बंद कर भाभी के पास गया तो भाभी ने मुझे अपने पास बुला लिया मैने देखा भाभी ने अपना ब्लाउज़ और ब्रा नहीं पहने हुए हैं, उनके गोरे-गोरे मम्मे ठीक निम्बु के आकार के हैं मैने भाभी से कहा इतने छोटे मम्मे में तो दूध ज्यादा नहीं होता होगा और छओतू का पेट भी नहीं भरता होगा? तो उन्होनें कहा नहीं ऐसी बात नहीं है मुझे यकीन ही नहीं आ रहा था तो उन्होनें कहा लो चेक कर लो, वो वहीं बेड पर लेट गई मैं उनके पास बेड पर झुक कर उनका दूध पीने लगा। ओह! उनका दूध तो वाकई मीठा था और दूध भी तेजी से निकल रहा था। भाभी के निप्पले भी तन गये थे अब मुझे अच्छा लग रहा था मैं भाभी के मम्मे तेजी से दबाने लगा भाभी भी आंख बंद कर न जाने क्या सोच रही थी, अब मैं भाभी से पुरी तरह सट गया और मेरे होंठ भाभी के होंठों से जुड़ गये, ये मुझे तब पता चला जब भाभी मुझे हटाते हुए अपने कपड़े ठीक करने लगी तभी मुझे छोटू के रोने की आवाज सुनाई दी। भाभी ने छोटू को उठा कर अपनी गोदी में ले लिया, हम वहीं बिस्तर पे बैठ कर बातें करने लगे, पता नहीं क्यों आज मुझे घर जाने का मन नहीं कर रहा था, तब भाभी ने कहा अब तुम जाओ अभी भैया आ जायेंगे, तुम कल जल्दी आना और ये सब तुम किसी से नहीं बताना।दूसरे दिन मैं भाभी के घर गया तो भाभी ने मुस्करा कर कहा आज तो बहुत जल्दी आ गये अभी तो मैं नहाई ही नहीं हूं तो मैने कहा कोई बात नहीं मैं यहीं बैठ जाता हूं आप नहा लो। भाभी बेडरूम जा कर अपने बाथ रूम में नहाने लगी तभी छोटू के रोने की आवाज आई मैं भी बेडरूम में जा कर छोटू को थपकी देने लगा तभी भाभी नहा कर केवल टोवल लपेट कर बाहर आई और मुझे देख कर बोली मैने तो तुम्हे बाहर बैठने के लिये कहा था तो मैने कहा छोटू रो रहा था। भाभी ने मेरे सामने ही अपना गाउन पहन लिया अब हम दोनो बेड पर बैठ कर बातें करने लगे, क्योंकि हल्की ठंड लग रही थी इसलिये हम लोगो ने कम्बल ओढ रखा था सामने टीवी चल रहा था, बात करते करते हम दोनो एक दूसरे से सत गये थे और अचानक भाभी ने कहा तुमने कभी किसी को नंगी देखा है तो मैने कहा कि आप नाराज तो नहीं होगि तो उन्होनें कहा नहीं, तो मैने कहा रात में जब आप और भैया नंगे सोते हो तो मैने आप दोनो को देखा है तब भाभी ने कहा कि तुम तो अपने घर रहते हो तब कैसे देखते हो तो मैने कहा कि जब मैं छत पर जाता हूं तो अपके बेडरूम की खिड़की से सब कुछ दिखता है भाभी ने कहा तुम बहुत बदमाश हो, अब से हम अपनी खिड़की बंद रखेंगे भाभी से मैने कहा कि ऐसा मत करना।

टीवी पर कोई रोमांस सीन चल रहा था मैं भाभी से और सट गया और भाभी से बोला मुझे आपका दूध पीना है भाभी की सांसे गरम हो गई थी भाभी ने अपना गाउन के बटन खोल दिये और कम्बल के अन्दर मेरे पैंट को खोलने लगी, उनकी चूंचियां अब तन गई थी मेरे हाथ उनके गाउन के नीचे कुछ छूने का प्रयास करने लगे अब हम पूरी तरह से खुल चुके थे
 
भाभी का दूध कहानी 3 प्रेषक:संजय

भाभी ने मेरे पैंट के अन्दर हाथ डाल दिया था मेरा औजार बुरी तरह तन गया था, जब मैने भाभी की चूत पर हाथ रखा तो मेरे बदन में बिजली सी दौड़ गयी अब हम एक दूसरे को पूरी तरह महसूस कर रहे थे। तभी भाभी ने कहा चलो अब मैं तुम्हे बताती हूं कि मजा कैसे लिया जाता है। हम दोनो ने अक दूसरे के कपड़े उतार दिए, मैं तो एक टक भाभी को देखने लगा भाभी ने कहा ऐसे मत देखो मुझे शरम आ रही है। भाभी की चूत पर एक भी बाल नहीं था भाभी ने मुझे लिटा कर मेरे औजार को धीरे धीरे सहलाना शुरु किया, मैं भाभी की छोटी चूंचियों को मसल रहा था भाभी का बदन ऐंठता जा रहा था काफ़ी देर तक ये सब करने के बाद भाभी ने मेरे औजार को चूमते हुए कहा ये तो बहुत ही प्यारा सा है मैं इसे अब वो सारी तरकीबें सिखाउंगी जिससे तुम जिंदगी को जीना सीख जाओगे। मैने भाभी से कहा भाभी मैं भी आपकी चूत की चुम्मी लूंगा भाभी ने कहा ठीक है मैं लेट जाती हूं मैने भाभी की चूत की चुम्मी ली और अपने जीभ के आगे की नोक से अन्दर जाने की कोशिश करने लगा लेकिन शायद भाभी को बहुत एक्साइटमेंट लग रहा था इस लिए उसने मेरे सिर को हटा दिया। अब हम दोनो बैठ गये मैं उनके गोद में लेट गया भाभी मेरे होंठों पर अपनी उंगलियां फ़िरा रही थी मैने उसकी एक उंगली अपने मुंह में डाल कर चूसने लगा भाभी अपनी आंखों को बंद रखे हुए थी अचानक फोन की घंटी बजी मेरे घर से फोन था मुझे तुरन्त ही जाना पड़ा मैने भाभी की एक चुम्मी ले कर जाने लगा तो भाभी ने कहा कल फिर मिलेंगे।फ़िर जब मैं भाभी के घर गया तो उस समय लगभग दिन के 2 बज रहे थे भाभी ने मुझे देखते ही कहा, कितनी देर से मैं तुम्हारी ही प्रतिक्षा कर रही थी, चलो मेरी आज मालिश करो। ये कह कर भाभी ने एक बोतल निकाली और मुझे दे कर कहा चलो अपना चेहरा घुमा लो, जिससे मैं अपने कपड़े उतार दूँ, मैने भाभी को अपनी तरफ़ खींचते हुए कहा अब किससे शरम कर रही हो? मैं उसके ब्लाउज़ को खोलने लगा। मैने धीरे धीरे उसका ब्लाउज़ को उतारा, भाभी ने काले रंग की ब्रा पहन रखी थी जो भाभी के गोरे बदन पर काफ़ी जँच रही थी। भाभी ने अपनी आँखें बंद कर दी थी अब मैने उनसे अपने दोनो हाथों को उठाने के लिए कहा, मेरी नजर भाभी की आर्मपिट पर पड़ी वहाँ पर एक भी बाल नहीं थे वो जगह काफ़ी सेक्सी लग रही थी मुझसे रहा नहीं गया मैने भाभी की आर्मपिट पर अपने होंठ रख कर चूसने लगा भाभी भी सिसकारियां भरने लगी और बोली पहले मालिश कर लो उसके बाद ये सब करेंगे। मैने भाभी की ब्रा निकाल दी ओह क्या चूचियाँ थी गुलाबी रंग की चूचियों पर गहरे रंग के निप्पल सितम ढा रहे थे, मैने तुरन्त ही अपने हाथों से एक को पकड़ लिया और दूसरी को अपने जीभ से सहलाने लगा। 5 मिनट के बाद भाभी ने कहा चलो लेट जाती हूँ अब तुम मेरी मालिश करो, भाभी ने समझाया कि तेल निकाल कर सीधे चूचिओं पर गिराओ और क्लोकवाइज़ अपनी हथेलियों से मालिश करो, मैं अपनी हथेलियां फ़ैला कर कुछ तेल उस पर डाला और भाभी के बूब्स पर मालिश करने लगा। भाभी लेटी हुई थी और मैं उसकी बगल में बैठा था मेरे लंड में तनाव आने लगा, मैं बूब्स की तेजी से मालिश करने लगा भाभी बोली एक समान दबाव बना कर ठीक तरह से मालिश करो लेकिन थोड़ी देर बाद मैं फ़िर तेजी से मालिश शुरु कर देता, अब भाभी ने कहा मुझे समझ में आ गया है ऐसा क्यों हो रहा है, भाभी ने कहा तुम अपनी पैंट उतार दो मैने तुरन्त ही आज्ञा का पालन किया, भाभी ने मेरे लंड की तरफ़ देखते हुए कहा चलो मैं तुम्हारे लंड की मालिश करती हूँ तुम मेरे बूब्स की करो जिस तेजी से मैं करूंगी उसी तरह तुम भी करना, अब एक हाथ से भाभी मेरे लंड को आगे पीछे कर रही थी और मैं भाभी की चूचियों की मालिश कर रहा था अचानक मुझे लगा कि मेरे लंड से वीर्य निकलने वाला है और जब तक मैं कुछ समझता सारा वीर्य निकल कर भाभी की चूचियों पर फ़ैल गया.

भाभी ने आँखें खोल कर पूछा क्या झड़ गया क्या? मैं कुछ नहीं बोला तो भाभी ने कहा अब इससे भी मालिश कर दो मैने भाभी की चूचियों पर लग भग 25 मिनट तक मालिश की। उसके बाद भाभी ने कहा चलो लेट जाओ मैं जब लेट गया तो भाभी ने अलमारी से एक क्रीम निकाली और मेरे लंड और मेरे बाल्स पर लगा दिया मैने भाभी से कहा ये क्या लगाया है तो उसने कहा अभी थोड़ी देर में पता चल जाएगा करीब आधे घंटे तक भाभी मेरे लंड से खेलती रही उसके बाद उसने मेरे लंड को कपड़े से पोंछ दिया, आश्चर्य, मेरे लंड के चारों तरफ़ के बाल गायब हो गये थे भाभी ने कहा कल ये मेरे मुंह में घुसे जा रहे थे इस लिए मैने इन्हें साफ़ कर दिया है। अब मेरी समझ में आया कि भाभी की चूत पर कोई बाल क्यो नहीं थे भाभी ने मेरी नाभि और लंड पर उपर से तैल डाल दिया और मालिश करने लगी भाभी के मुलायम हाथ और जैतून के तैल ने मेरे शरीर में बिजली सी दौड़ा दी मेरा लंड भाभी को सलामी देने लगा, मैं भी एक हाथ से भाभी की चूत खोजने लगा वातावरण गरम हो चुका था अब भाभी ने अपनी साड़ी और पेटीकोट निकाल दिया, मैं भाभी की चूत को पैंटी के ऊपर से ही चूमने लगा, ओह क्या खुश्बू आ रही थी। साइड से मैने जीभ घुसाने का प्रयास करने लगा तो भाभी ने अपने से ही पैंटी निकाल दी अब मेरे सामने दुनिया की सबसे खूबसूरत सृष्टि थी भाभी ने कहा इसकी मालिश नहीं करोगे? मैने कहा क्यों नहीं, यह कह कर मैने चूत की मालिश शुरु कर दी चूत के दोनो भाग खोल कर देखे तो उनसे रस बह रहा था मैने उसका स्वाद चखने के लिए अपने होंठों को सही जगह फ़िट कर दिया वाह! क्या स्वाद था दुनिया की किसी चीज में ऐसा नशा नहीं होता जो मुझे मिल रहा था नमकीन स्वाद मेरे मुंह में भर गया और तभी भाभी ने अपने हिप्स को आगे पीछे ढकेलना शुरु कर दिया करीब 7 मिनट बाद भाभी ने मेरे सिर को पीछे ढकेल दिया और निढाल हो गई मैने उनके बूब्स छूने चाहे तो उन्होंने मना कर दिया, कुछ देर तक हम उसी तरह रहे फ़िर भाभी ने कपड़े पहनने शुरु कर दिये मैने भि अपने कपड़े पहन लिए फ़िर मैने कहा मेरा मन तुम्हारी चूत को चोदने को कर रहा है भाभी ने कहा फ़िर किसी दिन करेंगे मैं जब चलने लगा तो भाभी ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया हम दोनो एक दूसरे को पकड़ कर काफ़ी देर तक खड़े रहे तभी घड़ी ने 4 बजे की घंटी बजाई तो भाभी ने छूटते हुए कहा अब घर जाओ कल मैं नहीं रहुंगी जब मैं आ जाउंगी तो तुम आना। दूसरे दिन मुझे भाभी की याद आती रही
 
कहानी सब को कैसी लगी comment जरूर करे आपके कमेंट का इंतज़ार रहेगा
 
कविता

बसा है मेरे मन मंदीर में,

बस, मेरे मोहन का लौडा.

हर गुज़रा लमहा मोहन बीन,

जैसे सीने पर एक हथौडा.

याद मुझे आता है वो din,

जब हमने देखी थी "आतीश",

बीच हॉल में बैठ के हमने,

कैसे की व्हो, प्यारी साजिश.

फिल्म शुरू होते ही एक दम,

हाथ तेरा घुस गया शर्ट में,

सहलाये माममे तुमने और,

आग लग गयी मेरे तन-मॅन में.

फीर तुमने 'जीप' खोली अपनी,

मैंने हाथ बढाया था,

मेरी बेचैनी पे मुस्काकर,

मम्मा तुमने सहलाया था.

मेरे हाथ पे, थूक रगड़ के,

तुमने लौडा पकडाया फीर,

पौना घंटा रगड़ा लंड और,

फीर रक्छा लौड़े पे मेरा सीर.

चूसा तुमको, कई पलों तक,

फीर तुमने झटका खाया,

मेहनत मेरी रंग लायी और,

मुँह मी "चरणामृत आया".

डाली तुमने ऊँगली मुझमे,

और फीर चूत सहलाई थी,

कुच्छ आँखे, बस हमपे ही थी,

देख के मैं घबराई ठी.

बडे प्यार सी उस गंजे को,

कैसे तुमने टोका था,

"उल्लू Picture, है पर्दे पर",

ये कह करके रोका था.

और सबर, कर पान अब्तो,

हो गया था बिल्कुल नामुमकिन,

कैसे घुसे थे, हम टॉयलेट में,

कैसे दौड़ फीर हर पल-छीन.

नंगा करके तुमने मुझको,

टांग मेरी जो उठाई फीर,

छाती-काटी, फुड्डी मेरी,

दील ने ली अंगडाई फीर.

आखीर फीर वो लमहा आया,

जब चूत मी तुमने डाला लंड,

मौसम था जनवरी का लेकीन,

किसको परवाह, कैसी ठुंड?

कंधे पे थी, टांग मेरी इक,

लंड तुम्हारा अन्दर था,

कैसे मोहन, उठा-उठा के,

तुमने मुझको चोदा था.

नीकल रही थी, चीखें मेरी,

नीकल गया था दुनिया का डर,

ऐसी थी बेरहम चुदायई,

भूल गयी थी बाबुल का घर.

ठीक वक़्त पे, पीछे हटकर,

खींच लिया अपना " लींग,

मुँह मी लौड़ा डाला तुमने,

धन्य हुई पाके "रियल थीग".

कितने प्यारे हो तुम मोहन,

मेरी खुशिया हैं तुमको प्यारी,

तृप्त हो गए थे तुम फीर भी,

चूसी फीर सी मेरी फुड्डी न्यारी.

निकले थे जब हम-तुम बाहर,

कैसा घज़ब नज़ारा था,

सिह्पके ठे दरवाज़े सी चौदह,

चौदह लंडो का नज़ारा था.

हंसी थी कितना बाद में मैं जब,

किस्सा तुमने समझाया मुझको,

मूठ मारना क्या होता है,

जब तुमने बतलाया मुझको.

एक बरस सी हूँ मैं तनहा,

चूत मेरी प्यासी है मोहन,

प्लेस आ जाओ, अमरीका से अब,

सिर्फ तुम्हारा, है ये तन-मॅन
 
फ़िल्मी गाना

चोदू बनाया - ३ आपने ) - २

तेरे बीन सुनी सुनी हैं बाहें

तेरे बीन प्यासी प्यासी नीगाहें

तेरे बीन बीन असर Meri आहें) - २

तेरेबीन

(तेरे बीन लम्हा लम्हा सताए

तेरे बीन बेकरारी जलाए

तेरे बीन चैन मुझको ना आये) - २

तेरेबीन

(मेरी इन निगाहो में तेरे चूत बसी है

गहरे हैं अरमान तुझे चोदने की आग लगी है ) - २

(अपने ही प्यार सी तोः मैं अब चुदने लगी हु

तेरे बाजुओ में आके टूटने लगी हु ) -२

तेरे बीन जीना नही हैं गवारा

तेरे बीन लंड का नही हैं गुजरा

तेरे बीन कौन अपना सहारा

(चोदू बनाया - ३ आपने ) - २

(तेरे चुदाई के फास्लो का सिल्सिला हैं

दर्देलंड का यह सबब हमको मीला हैं ) - २

(मेरे सेमें ने मुझको पागल कर दिया है

हस्तमैथुन करने पे अब मजबूर कर दिया है ) - २

तेरे बीन रात कट टी नही हैं

तेरे बीन प्यास मिट टी नही हैं

तेरे बीन दुरी घाट टी नही हैं

(चोदू बनाया - ३ आपने ) - २
 
इस एक ट्रीट में कहानी चुटकले शायरी कविता song सब कुछ मिलेगा बस आपका सहयोग मिलना जरूरी है । आपका सहयोग रहेगा तो बजाज का सफरनामा युही चलता रहेगा
 
. है.

कबीर के सेक्सी दोहे :

कल चोदे सो आज चोद,

आज चोदे सो अब,

बीबी तो चुदती रहेगी,

पड़ोसन चोदेगा कब !

ऐसी लड़की चोदिये,लंड का आपा खोये,

औरों से चुदी ना हो,बीबी वो ही होये !

बड़ा हुआ तो क्या हुआ, तेरा लंड हुजुर,

हमने भी तो लड़कियों से,मज्जे लिए भरपूर !

करत करत चुदाई से,

लंड होत बलवान,

चूत मैं आवत जावत से,

लंड बने महान !

कुंवारी कलि ना चोदिये,

चूत पे करे घमंड,

चुदी चुदाई चोदिये,

जो लपक के लेवे लंड !

चोदते चोदते सुबह हो गयी लंड पे पड़ गए छाले,

चूत फट के गुफा हो गयी वाह रे चोदने वाले
 
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