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तभी दरवाज़े में खट खट हुई और चारु घबरा कर उसकी गोद से उठी और वो भी उठा और बोला: अरे बेटी घबराओ मत । देखता हूँ कौन है?
इसके बाद वो चारु के सामने बड़ी बेशर्मी से अपना खड़ा लंड ऐडजस्ट किया और चारु का चेहरा शर्म से लाल हो गया । वो उसकी ये हरकत को ग़ौर से देखी थी। फिर वो मुस्कुरा कर उसके गाल चूमा और जाकर दरवाज़ा खोला। सामने चपरासी खड़ा था और उसके हाथ में चारु का फ़ोल्डर था। वो बोला: आप सतनाम साहब से बात कर लो वो ऐसा बोले हैं।
चपरासी के जाने के बाद करन ने दरवाज़ा बंद कर दिया और आकर चारु के साथ सट कर बैठ गया और फ़ोल्डर खोला और फिर सतनाम को फ़ोन लगाया: हेलो हाँ भाई बोलो।
सतनाम: यार मैंने तो उसका अड्मिशन ओके कर दिया है। पर उसकी फ़ोटो देखकर मन डोल गया है। यार तू तो साला पक्का मज़ा ले रहा होगा। मेरा भी काम बना दें ना यार।
करन: यार ये भी कोई पूछने की बात है। तेरा भी काम बन जाएगा। थोड़ी ठंड रख अभी। अच्छा बाई और थैंक्स।
फिर वो चारु को प्यार से देखा और बोला: बेटी बधाई हो तुम्हारा अड्मिशन हो गया। देखो सतनाम ने साइन कर दिया और ये लो मैंने भी साइन कर दिया। ये कहकर वो भी साइन कर दिया। अब वो बोला: बधाई हो बेटी । आओ थोड़ा सा प्यार कर लें। ये कहकर वो उसे हल्के से अपनी गोद में खिंचा और वो चुपचाप आकर उसके लंड के ऊपर बैठ गयी। अब वो बिना हिचकिचाए उसके गाल चूमने लगा और उसकी चूचियाँ दबाने लगा । और हाँ इस बार उसने अपने हाथ का दबाव थोड़ा बढ़ा दिया था। और वो आऽऽऽऽह अंकल कर उठी। अब वो उसकी गाँड़ को अपने लंड पर दबा रहा था और गाल और होंठ चूसते हुए उसकी चूची मसल रहा था। चारु को लगा कि वो मस्ती से पागल हो जाएगी। उसकी पैंटी गीली होने लगी थी। अब वो आऽऽऽऽह करने लगी। उसे लंड की रगड़ जींस के ऊपर से अपनी गाँड़ और बुर में महसूस हो रही थी। ना चाहते हुए भी उसकी कमर हिलने लगी थी। उसे वो रगड़न बहुत मस्त लग रही थी। अब करन ने उसका टॉप उठाया और उसकी ब्रा के ऊपर से वो उसकी चूचियाँ दबाने लगा।
चारु ने अपना हाथ टॉप पर ले जाकर उसे नीचे कर दिया और बोली: आऽऽऽह अंकल नहीं कपड़े मत उतारिए। प्लीज़।
करन: बेटी मैंने उतारे कहाँ ? मैं तो सिर्फ़ थोड़ा ऊपर किया था। उसने फिर से टॉप को उठाया और उसकी चूचियाँ ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगा। उफफफफ क्या अमरूद की तरह सख़्त चूचियाँ थीं । अब उसने एक हाथ नीचे लेज़ाकर उसकी बुर की जगह को जींस के ऊपर से ही पंजे में लेकर दबाना शुरू किया। वो मस्ती से अपनी कमर हिलाने लगी। अब करन ने उसकी जींस का जीप खोला और अपना एक हाथ उसकी ओपनिंग में डाल दिया। उसने सीधे एक ही झटके में अपना हाथ उसकी पैंट से होते हुए उसकी पैंटी के अंदर डाल दिया। अब उसका हाथ उसकी झाँटों से भरी बुर में चला गया। वो अपनी उँगलियों से उसकी झाँटें सहलाया और बोला: बेटी, बहुत झाँटें बढ़ा रखीं हैं? साफ़ नहीं करती क्या?
चारु शर्माकर: आऽऽऽऽह अंकल हाथ निकाल लीजिए ना प्लीज़ ।
करन: बस अभी निकाल लेता हूँ। आऽऽऽहहह कितनी गीली हो रही है तुम्हारी बुर। वो अपनी ऊँगली उसकी बुर में चला कर बोला : बेटी झाँटें साफ़ किया करो। तभी तो इसे प्यार करने का मज़ा आएगा। कैसे साफ़ करती हो?
चारु: आऽऽऽह अंकल कैंची से साफ़ करती हूँ। आऽऽऽहहह।
करन एक ऊँगली उसकी क्लिट पर चलाकर: बेटी, क्रीम का इस्तेमाल करो और बिलकुल चिकनी रखो तभी तो पूरा मज़ा आएगा जब मैं इसे प्यार करूँगा। ठीक है ना? अब वो भी अपना लंड उसकी गाँड़ में रगड़ने लगा और मस्ती से भर कर आऽऽऽऽह्हा बेएएएएएएएटी कहकर अपनी पैंट में झड़ने लगा।
चारु अपनी कमर हिलाकर: आऽऽऽऽऽऽहहह अंकल उइइइइइइइ हाऽऽवायययय । जीइइइइइइ ठीइइइइइइक है। उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ ।
तभी करन का पूरा हाथ भीग गया। जवान लड़की अपना फ़ौवारा छोड़ दी। अब करन ने अपना गीला हाथ बाहर निकाला और हाँफती हुई चारु को दिखाकर उसे चाटने लगा। चारु की आँखें हैरानी से फैल गयीं और वो बोली: छी ये आप क्या कर रहे हैं।
करन मुस्कुरा कर बोला: बेटी शहद चाट रहा हूँ। मस्त स्वाद है और क्या ख़ुशबू है। वैसे मेरी पैंट भी भीग गयी है। वो सामने से लंड के ऊपर से गीलापन दिखाकर बोला: बेटी मैं भी इसके सामने अपना ब्रीफ़ केस रख कर छिपाऊँगा। वो अपनी ऊँगली फिर से चाटा।
चारु: छी क्या कह रहे हैं? गंदी जगह की चीज़ गंदी ही होगी ना।
करन: बेटी ये तो स्वर्ग का द्वार है। ये कैसे गंदी हो सकती है। बस अगली बार तुम झाँटें साफ़ करना क्रीम से फिर देखकर कैसा मज़ा देता हूँ। यह कहते हुए उसने चारु की जींस की जीप बंद कर दी। चारु की जींस थोड़ी गीली हो गयी थी नीचे से जैसे उसने पिशाब कर दिया हो।
चारु: अंकल देखिए ना पूरी गीली दिख रही है। उफफफ लोग क्या सोचेंगे?
करन: अरे बेटी वो नीचे की तरफ़ है। खड़ी हो जाओ। देखो वो तुम्हारी जाँघों के बीच छिप गयी ना। बेकार परेशान हो रही हो।
फिर वो भी खड़ा हुआ और उसको अपनी बाँहों में भरकर बोला: बेटी सच बताओ। मज़ा आया कि नहीं?
चारु शर्माकर: आया तो पर अंकल यह ग़लत है। अब आप ऐसा फिर नहीं करिएगा। प्लीज़ ।
करन उसके होंठ चूमते हुए उसकी गोल गोल गाँड़ को जींस के ऊपर से दबाकर बोला: उफफफ क्या मस्त गाँड़ है। वैसे बेटी ये तो ट्रेलर था असली पिक्चर तो अभी बाक़ी है।
चारु अपने आप को छुड़ाती हुई बोली: उफफफ अंकल छोड़िए ना प्लीज़ । घर जाना है देर हो रही है।
करन: अच्छा लो अपना फ़ोल्डर । अब बताओ कब मिलोगी? तुम्हारे स्टेज शो की भी प्लानिंग करनी है ना? एक काम करो मोबाइल नंबर दे दो ताकि मैं प्रोग्राम की प्लानिंग करके तुमको बता दूँ।
फिर दोनों ने एक दूसरे के नम्बर शेयर किए। जाने से पहले करन ने एक बार और उसको पकड़कर चूमा और उसकी चूचियाँ और गाँड़ दबाकर कहा: बाई बेटी फिर मिलते हैं।
चारु बाहर आयी और उसने फ़ोल्डर अपनी बुर के सामने रखा ताकि उसकी गीली पैंट किसी को ना दिखे।
उधर उसके बाहर जाते ही करन ने राजीव को फ़ोन लगाया और कहा: भाई आपका काम हो गया। आज इस कुँवारी जवानी को मैंने सेक्स का पहला पाठ पढ़ा दिया है। फिर वो उसके साथ हुए पूरे घटना क्रम के बारे में उसे बताया। राजीव पूरा सुनकर बोला: तो वो झड़ गयी? वाह यार कमाल कर दिया। थैंक्स यार । मैं तुमसे बाद में बात करूँगा वो आती दिख रही है।
जब वो कैंटीन के पास पहुँची तो वहाँ उसे राजीव मिला और उसे देखकर वो बाहर आया और दोनों कार में बैठे। राजीव ने नोटिस किया था कि वो फ़ोल्डर को सामने रखकर कुछ छिपा रही है। उसे पता था कि वो क्या छुपा रही है। वो मन ही मन मुस्कुराया।
राजीव: बेटी अड्मिशन हो गयी?
चारु: जी अंकल हो गयी। थैंक्स ।
राजीव: मेरा दोस्त है ही ऐसा। उसने मदद की ना?
चारु का चेहरा करन की हरकतों को याद करके लाल हो गया और वो बोली: जी अंकल ने पूरी मदद की।
फिर मन में सोची और क्या क्या किया वो आपको कैसे बताऊँ?
राजीव उसको तिरछि निगाहों से देखते हुए बोला: अंकल अच्छे हैं ना?
चारु लाल होकर: जी जी अच्छे हैं। वो मुझे स्टेज पेरफ़ोरमेंस में भी मदद करेंगे। मैं क्लासिकल डान्स सीखी हूँ ना।
राजीव: वाह ये तो बढ़िया रहेगा । आज हमको भी घर में दिखाना अपना डान्स । ठीक है ना?
चारु: आज नहीं कल दिखाऊँगी। आज थक गयीं हूँ।
राजीव मुस्कुराया कि उँगलियों से झड़ कर ही इतना थक गयी हो। जब चुदाई होगी तो क्या करोगी?
वो मज़े से बात करते हुए घर पहुँचा ।