S
StoryPublisher
Guest
राजीव ने मोबाइल में फ़ोटो देखी और उसको ज़ूम किया और उसके लौड़े ने झटका मारा। कोई तो बात थी इस शमा में। बहुत मासूम सा चेहरा, गोरा रंग, बड़ी बड़ी आँखें और लम्बी सूराहिदार गरदन और उसके नीचे टॉप में से साफ़ पता चलता था कि उम्र से बहुत बड़ी चूचियाँ । उफ़्फ़्फ क्या क़यामत चीज़ थी। वो अपना लौड़ा ऐडजस्ट करके कहा: बेटी ये तो बहुत सुंदर है।
चारु: वाह अंकल ये आपको सुंदर लगी और इसके अब्बा को मैं सुंदर लगी। हा हा ।
राजीव चारु की जाँघ सहला कर बोला: अरे बेटी तुम तो बहुत सुंदर हो ही। तो हैरानी की क्या बात है कि तुम उसे सुंदर लगी। और क्या खाओगी?
चारु: गुपचुप यानी पानी पूरी।
राजीव ने वो भी मँगवाया और बोला: बेटी शमा का नम्बर है क्या?
चारु: जी अंकल है ना।
राजीव: तो उसे फ़ोन लगाओ और उसे बताओ कि वो भी मुझे बहुत पसंद आयी है।
चारु हंस कर: ठीक है अंकल लगाती हूँ।
चारु ने फ़ोन लगाया और बोली: शमा कैसी है? —-//////
अरे मैंने तेरी फ़ोटो मेरे अंकल को दिखाई तो वो तो तुझपे फ़िदा हो गए हैं । ——//////
सच कह रही हूँ। —-///: अच्छा मेरी बात पर विश्वास नहीं है तो ले उनसे ही बात कर ले।
राजीव: हाय शमा कैसी हो?
शमा: नमस्ते अंकल।
राजीव: नमस्ते बेटा नमस्ते। आज चारु ने तुम्हारी फ़ोटो दिखाई। तुम तो बहुत स्वीट हो और तुम्हारी आवाज़ भी उतनी ही स्वीट है। बहुत अच्छा लगा तुमसे बात करके।
शमा : थैंक यू अंकल। अब्बा भी यहीं हैं ।आप उनसे भी बात कर लीजिए ना। मैं उनको फ़ोन दे रही हूँ।
तारिक: हाय सर जी कैसे हैं ? मेरा नाम तारिक है।
राजीव: हाय मेरा नाम राजीव है । मैं ठीक हूँ। आपकी बेटी शमा और मेरी बहू की बहन चारु सहेलियाँ हैं । बहुत पटती है दोनों में।
तारिक: हाँ जी बहुत अच्छी फ़्रेंड्स है दोनों? उसी ने मुझे आपके बारे में बताया था? मुझे तो चारु की फ़ोटो बहुत पसंद आयी। आपको शमा की फ़ोटो कैसी लगी?
राजीव: अरे बहुत ही प्यारी बच्ची है वो भी।
तारिक: अरे मुझे पता चला है कि चारु बिना मॉ बाप की लड़की है। आपने उसको सहारा दिया है।
राजीव: हाँ जी और शमा की भी माँ नहीं है मुझे चारु ने बताया है।
तारिक: हाँ जी इसकी अम्मी का ३ साल पहले ही इंतक़ाल हुआ है।
राजीव: ओह बेचारी बच्ची। पर आपने तो बड़े प्यार से पाला है ना। ऐसा चारु बता रही थी।
तारिक हँसकर: हा हा उतने ही प्यार से जितने प्यार से आपने चारु को पाला है। मुझे शमा ने बताया है सब। तभी तो मैंने कहा कि अगर आप चाहें तो किसी संडे को आप दोनों मेरे घर मेहमान बन सकते हैं । बहुत मज़ा आएगा।
राजीव: आपने इसके पहले भी ऐसा कभी किसी के साथ किया है क्या?
तारिक: सर अब आपसे क्या छिपाऊँ ? हाँ ऐसे ही हम दोनों एक बार इसकी एक सहेली और उसके पापा से मिल चुके हैं । बहुत मज़ा आया था।
राजीव: ओह मुझे भी ऐसा अनुभव है। चलिए प्रोग्राम बनाते हैं। अभी रखता हूँ।
चारु: अंकल क्या सच में आप और मैं उनसे मिलेंगे क्या?
राजीव मुस्कुरा कर: तुम क्या चाहती हो?
चारु शर्मा कर: मुझे क्या पता कि क्या सही है और क्या ग़लत?
राजीव: अच्छा बताओ जब हम शकील और उसकी पोती से मिले थे तो तुमको मज़ा आया था कि नहीं?
चारु शर्माकर: आया था।
राजीव: बस ऐसे ही यहाँ भी आएगा । चलो अब चलते हैं। इनका प्रोग्राम किसी दिन का बनाते हैं । संडे तो नहीं हो पाएगा।
चारु: अंकल परसों हमारी छुट्टी है।
राजीव हँसते हुए: वाह बड़ी जल्दी है हमारी बिटिया को। वो आँख मारता हुआ बोला : चलो अँधेरा भी हो रहा है।
कार में बैठकर उसकी जाँघ दबाते हुए वो बोला: तो परसों का पक्का कर लूँ? वो हाथ बढ़ाकर उसकी चूची भी दबा दिया। बाहर अँधेरा हो चला था सो उसने फ़ायदा उठाया।
चारु: आऽऽऽह जैसे आपकी मर्ज़ी। मैं क्या बोल सकती हूँ। उसने अपनी जाँघों को भींच लिया क्योंकि उसकी बुर पनिया रही थी।
राजीव: हम्मम चलो ऐसा करते हैं कि तुम मुँह से मत बोलो कि जाना है या नहीं? पर एक काम करो अगर जाना है तो मेरा लंड दबा दो और नहीं जाना है तो लंड मत दबाओ।
चारु: धत्त कोई ऐसा करता है क्या?
राजीव: बस अब ये तुम्हारे पास आख़री मौक़ा है कि लंड दबाओ और परसों मज़ा करो वरना हम नहीं जाएँगे।
अब चारु ज़ोर ज़ोर से हँसने लगी और बोली: उफ़्फ़्फ अंकल आप भी ना बहुत अजीब अजीब बात करते हो। और उसने राजीव के पैंट के ऊपर से उसका लंड पकड़ कर दबा दिया। थोड़ी देर दबाकर वो अपना हाथ हटा ली।
राजीव हँसकर: मुझे अपनी बात का जवाब मिल गया। चलो फिर से शमा को फ़ोन लगाओ और स्पीकर मोड में रखो। चारु ने फ़ोन लगाया और बोली: हाँ शमा लो अंकल से बात करो।
राजीव कार चलाते हुए बोला: शमा बेटी तुम्हारे अब्बा से बात कराओ।
शमा: जी अंकल अभी देती हूँ। अब्बा राजीव अंकल का फ़ोन है।
तारिक: हाँ सर जी कहिए?
राजीव: अरे अभी चारु ने बताया कि परसों उसके कोलेज में छुट्टी है। संडे मुझे सूट नहीं करता तो अगर आप एक दिन की छुट्टी ले लो तो हम परसों का प्रोग्राम आपके घर में रख सकते हैं।
तारिक: वाह बहुत ख़ूब। एक दिन की छुट्टी तो ले ही लूँगा चारु बिटिया के लिए।
अब राजीव कमीनी हँसी हँसकर: क्या करोगे चारु बिटिया के साथ?
तारिक: उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़ सर जी क्यों अभी से खड़ा कर रहें हैं। चोदूँगा और क्या करूँगा सर जी।
राजीव फिर से सेक्सी आवाज़ निकाल कर: और मैं क्या करूँगा शमा बेटी तुम्हारे साथ?
शमा के हँसने की आवाज़ आयी और वो कुछ नहीं बोली। तब तारिक बोला: अरे शमा बोल ना मैं भी आपसे चुदवाऊँगी। बोल अंकल से।
शमा हँसते हुए: आऽऽऽऽऽह अबब्बाऽऽऽ दुखता है ना। हाँ मैं अभी वही करूँगी जो चारु करेगी।
राजीव: चारु तो तुम्हारे अब्बा से चुदवाएगी । तुम क्या करोगी साफ़ साफ़ बोलो ना।
शमा फिर से हँसी: उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ अब्बाऽऽऽऽऽ धीरे से ना। आऽऽऽह हाँ मैं भी अंकल से चुदवाऊँगी।
तारिक: सर जी, ज़ोर ज़ोर से चूची दबायी तभी साफ़ साफ़ बोली। हा हा हा।
राजीव: यार बहुत मज़ा आएगा परसों। तुम्हारी बेटी भी लगता है खेली खाई है। अब तक कितनों से चुदवा चुकी है?
तारिक: जी अब तक तीन लोगों से मुझे मिलाकर । आप आएँगे तो विस्तार से बातें होंगी। चारु का स्कोर कहाँ तक पहुँचा है?
राजीव: उसका भी ३ ही है। मैं मेरा बेटा शिवा और एक और बुज़ुर्ग बंदा शकील। बस अब तक तीन लोगों से ही चुदी है।
तारिक: इसे भी मैंने, मेरे अब्बा ने और एक मेरे दोस्त ने ही चोदा है अब तक। मस्त टाइट फुद्दी है साली की। चारु की भी फुद्दी तो टाइट होगी?
राजीव अपना हाथ बढ़ाकर उसकी जाँघों के जोड़ को दबाया और फुद्दी मसलते हुए बोला: हाँ मस्त टाइट फूलि हुई फुद्दी है। अभी दबा भी रहा हूँ।
चारु आऽऽऽऽऽह कर उठी।
तारिक हँसते हुए: मैंने भी शमा को अपनी गोद में ले लिया है और उसकी सलवार के अंदर से उसकी पैंटी में हाथ डालकर उसकी फुद्दी में दो ऊँगली डाल कर उसे मस्त कर रहा हूँ। अब इसे चोदूंग़ा । उधर शमा की सिसकियाँ सुनाई दे रही थी फ़ोन पर। वो उन्न्न्न्न उन्ननन कर रही थी।
राजीव: चलो आप उसे चोदो मैं रखता हूँ। अब उसने फ़ोन काट दिया।
चारु: उफ़्फ़्फ अंकल उसके अब्बा अभी उसे चोद देंगे। पर मेरा क्या होगा? वो अपनी बुर खुजा कर बोली।
राजीव: जब शिवा मुन्नी की लेगा तो मैं तुम्हारी ले लूँगा। ठीक है? वो हाथ बढ़ाकर फिर से उसकी बुर को दबा दिया।
चारु: आऽऽऽह अंकल मुझे पैंटी बदलनी पड़ेगी पूरी गीली हो गयी है।
राजीव: बेटी जब लोग सेक्सी बातें करते हैं तो चड्डी और पैंटी गीले होते ही हैं। इसमे कुछ अजीब नहीं है।
तभी घर आ गया और वो दोनों सब सामान उठाकर घर में घुसे । सात बजने वाले थे।
सरला और मालिनी बैठे बातें कर रहे थे।
सरला: मालिनी तुम और चारु कमरा सज़ा दो । मैं मुन्नी को सज़ा देती हूँ।वैसे कौन सा कमरा सजेगा?
मालिनी: पापा का और कौन सा? मेरे कमरे में तो गुड़िया सो रही है। चारु का कमरा छोटा है।
राजीव: हाँ हाँ मेरे कमरे में सजावट कर लो। वो ऐसा कहकर टी वी देखने लगा।
अब मालिनी और चारु समान लेकर राजीव के बेडरूम में गए और उन्होंने कमरे को फूलों से सजाना शुरू किया।
सरला एक नयी सी ड्रेस लेकर मुन्नी के कमरे में घुसी। मुन्नी अपने कपड़े आलमारी में रख रही थी। वो बोली: चाची क्या हुआ?
सरला: ये कपड़े शिवा ने दुकान से भिजवाए हैं तुम्हारे लिए।
मुन्नी उत्साह से कपड़ों को देखी और ख़ुश होकर बोली: चाची बहुत सुंदर घाघरा चोली है ना? और ये क्या है?
वो पैकेट खोली तो उसमें एक बहुत ही सेक्सी ब्रा और पैंटी थी। वो शर्मा गयी और बोली: देखो चाची इसमें भला क्या छिपेगा?
सरला: अरे छिपाना थोड़े है दिखाना है सब कुछ।
इस पर दोनों हँसने लगे।
मुन्नी: चाची बहुत तो नहीं दुखेगा ना?
सरला: अरे नहीं थोड़ी सी जलन सी होगी बस। वैसे भी शिवा अच्छा लड़का है प्यार से करेगा। डर मत। और हम सब होंगे ना।
मुन्नी चौंकी: क्या मतलब, आप सब होंगे ? यानी?
सरला: बेटी ये फ़ैसला हुआ है कि शिवा हम सबके सामने तुम्हारी सील खोलेगा।
मुन्नी: धत्त ऐसा भी कहीं होता है भला? मैं शर्म से मर जाऊँगी।
सरला: कुछ नहीं होगा। बल्कि हम सबके रहने से तेरा दर्द भी कम हो जाएगा।
मुन्नी: पता नहीं मुझे अजीब सा लग रहा है। जीजू इसके लिए राज़ी हैं ?
सरला: वो तो बोला है कि तेरी बुर में मालिनी अपने हाथ से उसका लौड़ा ख़ुद पकड़ कर डालेगी। तभी वो तुझे चोदेगा।
मुन्नी: ओह ऐसा क्या?
सरला: हाँ बहुत प्यार करते हैं दोनों एक दूसरे को।
चल अब कपड़े बदल ले फिर मैं तेरा सिंगार करती हूँ।
अब वो मुन्नी को सजाने लगी।
उधर कमरा भी सज गया था। बस इंतज़ार था तो शिवा का।
तभी दरवाज़े की घंटी बजी। राजीव उठकर दरवाज़ा खोला
चारु: वाह अंकल ये आपको सुंदर लगी और इसके अब्बा को मैं सुंदर लगी। हा हा ।
राजीव चारु की जाँघ सहला कर बोला: अरे बेटी तुम तो बहुत सुंदर हो ही। तो हैरानी की क्या बात है कि तुम उसे सुंदर लगी। और क्या खाओगी?
चारु: गुपचुप यानी पानी पूरी।
राजीव ने वो भी मँगवाया और बोला: बेटी शमा का नम्बर है क्या?
चारु: जी अंकल है ना।
राजीव: तो उसे फ़ोन लगाओ और उसे बताओ कि वो भी मुझे बहुत पसंद आयी है।
चारु हंस कर: ठीक है अंकल लगाती हूँ।
चारु ने फ़ोन लगाया और बोली: शमा कैसी है? —-//////
अरे मैंने तेरी फ़ोटो मेरे अंकल को दिखाई तो वो तो तुझपे फ़िदा हो गए हैं । ——//////
सच कह रही हूँ। —-///: अच्छा मेरी बात पर विश्वास नहीं है तो ले उनसे ही बात कर ले।
राजीव: हाय शमा कैसी हो?
शमा: नमस्ते अंकल।
राजीव: नमस्ते बेटा नमस्ते। आज चारु ने तुम्हारी फ़ोटो दिखाई। तुम तो बहुत स्वीट हो और तुम्हारी आवाज़ भी उतनी ही स्वीट है। बहुत अच्छा लगा तुमसे बात करके।
शमा : थैंक यू अंकल। अब्बा भी यहीं हैं ।आप उनसे भी बात कर लीजिए ना। मैं उनको फ़ोन दे रही हूँ।
तारिक: हाय सर जी कैसे हैं ? मेरा नाम तारिक है।
राजीव: हाय मेरा नाम राजीव है । मैं ठीक हूँ। आपकी बेटी शमा और मेरी बहू की बहन चारु सहेलियाँ हैं । बहुत पटती है दोनों में।
तारिक: हाँ जी बहुत अच्छी फ़्रेंड्स है दोनों? उसी ने मुझे आपके बारे में बताया था? मुझे तो चारु की फ़ोटो बहुत पसंद आयी। आपको शमा की फ़ोटो कैसी लगी?
राजीव: अरे बहुत ही प्यारी बच्ची है वो भी।
तारिक: अरे मुझे पता चला है कि चारु बिना मॉ बाप की लड़की है। आपने उसको सहारा दिया है।
राजीव: हाँ जी और शमा की भी माँ नहीं है मुझे चारु ने बताया है।
तारिक: हाँ जी इसकी अम्मी का ३ साल पहले ही इंतक़ाल हुआ है।
राजीव: ओह बेचारी बच्ची। पर आपने तो बड़े प्यार से पाला है ना। ऐसा चारु बता रही थी।
तारिक हँसकर: हा हा उतने ही प्यार से जितने प्यार से आपने चारु को पाला है। मुझे शमा ने बताया है सब। तभी तो मैंने कहा कि अगर आप चाहें तो किसी संडे को आप दोनों मेरे घर मेहमान बन सकते हैं । बहुत मज़ा आएगा।
राजीव: आपने इसके पहले भी ऐसा कभी किसी के साथ किया है क्या?
तारिक: सर अब आपसे क्या छिपाऊँ ? हाँ ऐसे ही हम दोनों एक बार इसकी एक सहेली और उसके पापा से मिल चुके हैं । बहुत मज़ा आया था।
राजीव: ओह मुझे भी ऐसा अनुभव है। चलिए प्रोग्राम बनाते हैं। अभी रखता हूँ।
चारु: अंकल क्या सच में आप और मैं उनसे मिलेंगे क्या?
राजीव मुस्कुरा कर: तुम क्या चाहती हो?
चारु शर्मा कर: मुझे क्या पता कि क्या सही है और क्या ग़लत?
राजीव: अच्छा बताओ जब हम शकील और उसकी पोती से मिले थे तो तुमको मज़ा आया था कि नहीं?
चारु शर्माकर: आया था।
राजीव: बस ऐसे ही यहाँ भी आएगा । चलो अब चलते हैं। इनका प्रोग्राम किसी दिन का बनाते हैं । संडे तो नहीं हो पाएगा।
चारु: अंकल परसों हमारी छुट्टी है।
राजीव हँसते हुए: वाह बड़ी जल्दी है हमारी बिटिया को। वो आँख मारता हुआ बोला : चलो अँधेरा भी हो रहा है।
कार में बैठकर उसकी जाँघ दबाते हुए वो बोला: तो परसों का पक्का कर लूँ? वो हाथ बढ़ाकर उसकी चूची भी दबा दिया। बाहर अँधेरा हो चला था सो उसने फ़ायदा उठाया।
चारु: आऽऽऽह जैसे आपकी मर्ज़ी। मैं क्या बोल सकती हूँ। उसने अपनी जाँघों को भींच लिया क्योंकि उसकी बुर पनिया रही थी।
राजीव: हम्मम चलो ऐसा करते हैं कि तुम मुँह से मत बोलो कि जाना है या नहीं? पर एक काम करो अगर जाना है तो मेरा लंड दबा दो और नहीं जाना है तो लंड मत दबाओ।
चारु: धत्त कोई ऐसा करता है क्या?
राजीव: बस अब ये तुम्हारे पास आख़री मौक़ा है कि लंड दबाओ और परसों मज़ा करो वरना हम नहीं जाएँगे।
अब चारु ज़ोर ज़ोर से हँसने लगी और बोली: उफ़्फ़्फ अंकल आप भी ना बहुत अजीब अजीब बात करते हो। और उसने राजीव के पैंट के ऊपर से उसका लंड पकड़ कर दबा दिया। थोड़ी देर दबाकर वो अपना हाथ हटा ली।
राजीव हँसकर: मुझे अपनी बात का जवाब मिल गया। चलो फिर से शमा को फ़ोन लगाओ और स्पीकर मोड में रखो। चारु ने फ़ोन लगाया और बोली: हाँ शमा लो अंकल से बात करो।
राजीव कार चलाते हुए बोला: शमा बेटी तुम्हारे अब्बा से बात कराओ।
शमा: जी अंकल अभी देती हूँ। अब्बा राजीव अंकल का फ़ोन है।
तारिक: हाँ सर जी कहिए?
राजीव: अरे अभी चारु ने बताया कि परसों उसके कोलेज में छुट्टी है। संडे मुझे सूट नहीं करता तो अगर आप एक दिन की छुट्टी ले लो तो हम परसों का प्रोग्राम आपके घर में रख सकते हैं।
तारिक: वाह बहुत ख़ूब। एक दिन की छुट्टी तो ले ही लूँगा चारु बिटिया के लिए।
अब राजीव कमीनी हँसी हँसकर: क्या करोगे चारु बिटिया के साथ?
तारिक: उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़ सर जी क्यों अभी से खड़ा कर रहें हैं। चोदूँगा और क्या करूँगा सर जी।
राजीव फिर से सेक्सी आवाज़ निकाल कर: और मैं क्या करूँगा शमा बेटी तुम्हारे साथ?
शमा के हँसने की आवाज़ आयी और वो कुछ नहीं बोली। तब तारिक बोला: अरे शमा बोल ना मैं भी आपसे चुदवाऊँगी। बोल अंकल से।
शमा हँसते हुए: आऽऽऽऽऽह अबब्बाऽऽऽ दुखता है ना। हाँ मैं अभी वही करूँगी जो चारु करेगी।
राजीव: चारु तो तुम्हारे अब्बा से चुदवाएगी । तुम क्या करोगी साफ़ साफ़ बोलो ना।
शमा फिर से हँसी: उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ अब्बाऽऽऽऽऽ धीरे से ना। आऽऽऽह हाँ मैं भी अंकल से चुदवाऊँगी।
तारिक: सर जी, ज़ोर ज़ोर से चूची दबायी तभी साफ़ साफ़ बोली। हा हा हा।
राजीव: यार बहुत मज़ा आएगा परसों। तुम्हारी बेटी भी लगता है खेली खाई है। अब तक कितनों से चुदवा चुकी है?
तारिक: जी अब तक तीन लोगों से मुझे मिलाकर । आप आएँगे तो विस्तार से बातें होंगी। चारु का स्कोर कहाँ तक पहुँचा है?
राजीव: उसका भी ३ ही है। मैं मेरा बेटा शिवा और एक और बुज़ुर्ग बंदा शकील। बस अब तक तीन लोगों से ही चुदी है।
तारिक: इसे भी मैंने, मेरे अब्बा ने और एक मेरे दोस्त ने ही चोदा है अब तक। मस्त टाइट फुद्दी है साली की। चारु की भी फुद्दी तो टाइट होगी?
राजीव अपना हाथ बढ़ाकर उसकी जाँघों के जोड़ को दबाया और फुद्दी मसलते हुए बोला: हाँ मस्त टाइट फूलि हुई फुद्दी है। अभी दबा भी रहा हूँ।
चारु आऽऽऽऽऽह कर उठी।
तारिक हँसते हुए: मैंने भी शमा को अपनी गोद में ले लिया है और उसकी सलवार के अंदर से उसकी पैंटी में हाथ डालकर उसकी फुद्दी में दो ऊँगली डाल कर उसे मस्त कर रहा हूँ। अब इसे चोदूंग़ा । उधर शमा की सिसकियाँ सुनाई दे रही थी फ़ोन पर। वो उन्न्न्न्न उन्ननन कर रही थी।
राजीव: चलो आप उसे चोदो मैं रखता हूँ। अब उसने फ़ोन काट दिया।
चारु: उफ़्फ़्फ अंकल उसके अब्बा अभी उसे चोद देंगे। पर मेरा क्या होगा? वो अपनी बुर खुजा कर बोली।
राजीव: जब शिवा मुन्नी की लेगा तो मैं तुम्हारी ले लूँगा। ठीक है? वो हाथ बढ़ाकर फिर से उसकी बुर को दबा दिया।
चारु: आऽऽऽह अंकल मुझे पैंटी बदलनी पड़ेगी पूरी गीली हो गयी है।
राजीव: बेटी जब लोग सेक्सी बातें करते हैं तो चड्डी और पैंटी गीले होते ही हैं। इसमे कुछ अजीब नहीं है।
तभी घर आ गया और वो दोनों सब सामान उठाकर घर में घुसे । सात बजने वाले थे।
सरला और मालिनी बैठे बातें कर रहे थे।
सरला: मालिनी तुम और चारु कमरा सज़ा दो । मैं मुन्नी को सज़ा देती हूँ।वैसे कौन सा कमरा सजेगा?
मालिनी: पापा का और कौन सा? मेरे कमरे में तो गुड़िया सो रही है। चारु का कमरा छोटा है।
राजीव: हाँ हाँ मेरे कमरे में सजावट कर लो। वो ऐसा कहकर टी वी देखने लगा।
अब मालिनी और चारु समान लेकर राजीव के बेडरूम में गए और उन्होंने कमरे को फूलों से सजाना शुरू किया।
सरला एक नयी सी ड्रेस लेकर मुन्नी के कमरे में घुसी। मुन्नी अपने कपड़े आलमारी में रख रही थी। वो बोली: चाची क्या हुआ?
सरला: ये कपड़े शिवा ने दुकान से भिजवाए हैं तुम्हारे लिए।
मुन्नी उत्साह से कपड़ों को देखी और ख़ुश होकर बोली: चाची बहुत सुंदर घाघरा चोली है ना? और ये क्या है?
वो पैकेट खोली तो उसमें एक बहुत ही सेक्सी ब्रा और पैंटी थी। वो शर्मा गयी और बोली: देखो चाची इसमें भला क्या छिपेगा?
सरला: अरे छिपाना थोड़े है दिखाना है सब कुछ।
इस पर दोनों हँसने लगे।
मुन्नी: चाची बहुत तो नहीं दुखेगा ना?
सरला: अरे नहीं थोड़ी सी जलन सी होगी बस। वैसे भी शिवा अच्छा लड़का है प्यार से करेगा। डर मत। और हम सब होंगे ना।
मुन्नी चौंकी: क्या मतलब, आप सब होंगे ? यानी?
सरला: बेटी ये फ़ैसला हुआ है कि शिवा हम सबके सामने तुम्हारी सील खोलेगा।
मुन्नी: धत्त ऐसा भी कहीं होता है भला? मैं शर्म से मर जाऊँगी।
सरला: कुछ नहीं होगा। बल्कि हम सबके रहने से तेरा दर्द भी कम हो जाएगा।
मुन्नी: पता नहीं मुझे अजीब सा लग रहा है। जीजू इसके लिए राज़ी हैं ?
सरला: वो तो बोला है कि तेरी बुर में मालिनी अपने हाथ से उसका लौड़ा ख़ुद पकड़ कर डालेगी। तभी वो तुझे चोदेगा।
मुन्नी: ओह ऐसा क्या?
सरला: हाँ बहुत प्यार करते हैं दोनों एक दूसरे को।
चल अब कपड़े बदल ले फिर मैं तेरा सिंगार करती हूँ।
अब वो मुन्नी को सजाने लगी।
उधर कमरा भी सज गया था। बस इंतज़ार था तो शिवा का।
तभी दरवाज़े की घंटी बजी। राजीव उठकर दरवाज़ा खोला