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Guest
मैं अमृतसर में रहती हूं मैं कॉलेज में पढ़ती हूं और बीए थर्ड ईयर की स्टूडेंट हूं मेरी उम्र 21 साल है
मेरी हाइट 5 फुट है मेरा शरीर भरा हुआ है मेरा फिगर अच्छा है 34-28-34 का मुझे टाइट कपड़े पहनने का बहुत शौक है और मुझे लड़को को तड़पाना बहुत्त अच्छा लगता है मैं अपनी दोस्तो में सबसे सेक्सी और स्मार्ट थी कॉलेज के सभी लड़के मुझ पर लाइन मारते थे मुझे भी ये सब अच्छा लगता था .
मेरे कॉलेज में 3 बॉयफ्रेंड थे जिनके साथ मैं एक एक बार सेक्स कर चुकी थी ये कहानी मेरी और मेरे पापा की चुदाई की है हम घर में चार मेंबर है मैं मेरी मां मेरा भाई और मेरे डैड मेरे पापा की उम्र 50 साल है लेकिन वो बहुत ही कम उम्र के लगते है उन्हें देखकर कोई ये नहीं कह सकता की वो 50 के होंगे वो 40-41 साल के जवान लगते है और रोजाना एक्सरसाइज की वजह से उनकी बॉडी भी पूरी शेप में है
अब मैं स्टोरी पर आती हूं बात गर्मियों में कॉलेज की छुट्टियों की है मेरा कॉलेज आउट ऑफ़ स्टेशन था और मैं हॉस्टल में रहती थी गर्मी की छुट्टियों में मैं घर वापिस जाती थी और इस बार भी मैं घर वापिस आ गई मेरे सब बॉयफ्रेंड मुझसे दूर हो गए थे और मुझे दुख था की अब मैं 2 महीने सेक्स नहीं कर पाऊंगी
मैं घर आ गई मैं कॉलेज से बहुत मॉडर्न हो चुकी थी और बहुत फ्रैंक भी मैंने मिनी स्कर्ट और शर्ट डाली हुई थी
मैं घर के अंदर आ गई और सब से मिली और सब बहुत खुश हो गए उसके बाद मैं पापा से मिली, पापा भी बहुत खुश हुए
उन्होंने मुझे ऊपर से नीचे तक देखा और बोले
“नीलम तुम मर्यादाओं को भूल गई हो ? जो ऐसी ड्रेस मेरे सामने डाली हुई है.”
तो मैंने कहा ओके पापा आगे से ऐसी ड्रेसेस नहीं पहनूंगी मुझे थोड़ा गुस्सा आया और थोड़ा दुख भी हुआ
उसके बाद रात हो चुकी थी तो हम सब बैठ कर बातें करने लगे
पापा ने पूछा की नीलम तेरी पढ़ाई कैसी चल रही है
तो मैंने कहा की ठीक चल रही है पापा
उसके बाद सब यूं ही बातें करने लगे और उसके बाद सोने के लिए चले गए मेरा अपना अलग एक रूम है और मैं काफी बोर हो रही थी घर आकर कॉलेज में तो हर टाइम फ़्लर्ट करती थी मैं लेकिन अब मैं घर में आ गई थी
तो मैंने अपने आप को कण्ट्रोल करने की ठान ली बट मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा था मैं अपने रूम में बेड पर लेटी हुई थी और मेरे दिमाग में सेक्स चल रहा था और मैं हॉट हो रही थी मैंने अपने रूम का डोर लॉक किया और अपने फोन में ब्लू मूवीज देखने लगी और मज़ा करने लगी
मूवी में किसिंग सीन चल रहा था बॉय और गर्ल दोनों ही न्यूड थे मुझे भी गर्मी चढ़ने लगी और मैंने अपनी नाइटी को ऊपर कर दिया और उतार दिया ऊपर चादर ओढ़ ली और मूवी को देखते देखते अपने मम्मों को मसलने लगी मुझे मज़ा आने लगा था उसके बाद जब मूवी में चुदाई होने लगी तो मैंने अपनी बीच वाली उंगली को अपनी चूत पर रगड़ा और अंदर दे दिया
मैं अपनी फिंगर को चूत में देकर आगे पीछे करने लगी जिससे में हॉट हो रही थी मेरे मुंह से हलकी हलकी सिसकारियां निकालने लगी मैं मूवीज को देख कर जोर जोर से अपनी चूत में उंगलियां करने लगी थोड़ी देर बाद मेरा पानी निकल आया और में शांत हो गई उसके बाद मुझे चेन की नींद आ गई
मेरी तो ये सोच कर हालत ख़राब हो रही थी की मैं बिना सेक्स किए 2 महीने कैसे काटूंगी मैंने अपनी दोस्त को फ़ोन किया तो उसने कहा की मैंने घर आकर अपने कजिन ब्रदर के साथ अफेयर कर लिया है वो मुझे खूब चोदता है तो मैंने कहा की मैं क्या करू तो उसने कहा की तू भी कोई ऐसा ही जुगाड़ कर ले
फिर उसने फोन काट दिया अब मैं सोचने लगी की मैं ऐसा जुगाड़ कैसे करू मेरे तो सारे रिश्तेदार भी दूर है और मेरा ब्रदर भी छोटा है उसके बाद मेरा ध्यान एक ही शक्स पर गया
वो थे मेरे पापा पहले मैंने सोचा की नहीं ये गलत है ऐसा नहीं होना चाहिए लेकिन मैं तो हवस में अंधी हो चुकी थी तो मैंने ये सोचा की अगर मेरी फ्रंड ये सब कर सकती है तो में क्यों नहीं कर सकती घर की बात घर में ही रह जाएगी और किसी को पता भी नहीं लगेगा.
फिर मैं ये सोचने लगी की पापा को मनाया कैसे जाये वो तो बहुत ही स्ट्रिक्ट नेचर के है मैं रात भर यही सोचती रही पहले मैंने ये पता लगाने की सोची की पापा औरतों को देखते है या नहीं तो मैंने सुबह से अपने मिशन पर काम करना शुरू कर दिया
अगली सुबह जब पापा सुबह सुबह वॉकिंग करने गए तो मैं भी उसी टाइम उठी और वॉकिंग करने के बहाने पापा का पीछा करने लगी पापा घर के बाहर निकल चुके थे मैं भी पापा के पीछे पीछे वॉकिंग कर रही थी हमारे घर के बाहर ही एक पार्क था इसलिए बिना किसी प्रॉब्लम के हम जब मर्जी आ जा सकते थे
मैं पापा के पीछे पीछे थी और पापा आगे अब मैंने नोट किया की पापा रास्ते में जा रही सब सेक्सी लड़कियों और औरतों को देख रहे थे वो लड़कियों को एक्सरसाइज करते हुए देखते थे अब मुझे पता चल गया था की मेरे पापा एक नंबर के ठरकी पापा है, मतलब की काम बन जायेगा और में खुश हो गई.
मेरे दिमाग में एक प्लान चल रहा था मैंने सोचा की क्यों ना पापा को गरम किया जाये ताकि वो खुद ही मेरी प्यास बुझाने के लिए तैयार हो जाएँ.
पापा पार्क में पेड़ के साथ वाली चेयर पर बैठे हुए थे और योग कर रहे थे.
मैं पापा के सामने आ कर खड़ी हो गई मेरी बैक वाली साइड पापा को नजर आ रही थी मैं मुंह पर कपड़ा लगाकर खड़ी थी मैंने टाइट ट्रैक सूट डाल रखा था मैंने सोचा क्यों ना मैं पापा के सामने एक्सरसाइज करू उन्हें ये भी पता नहीं लगेगा कि मैं उनकी बेटी हूं और काम भी हो जायेगा.
तो मैंने अपनी ट्रैक जैकेट उतार दी अब मैं सैंडो और टाइट लोअर में थी और एक्सरसाइज करते टाइम मेरी गांड पापा वाली साइड थी. मैं सेक्सी पोज़ बना बना कर एक्सरसाइज कर रही थी मैंने हलकी सी नजर घुमा कर देखा तो पापा मेरे फिगर को ही देख रही थे.
वो हवस की नजरो से देख रहे थे. मेरा मन एकसाइटेड हुआ और मैं जोर जोर से अपनी गांड हिला हिला कर एक्सरसाइज करने लगी. मैंने पापा को एकदम तड़पा दिया था फिर में जैकेट पहन कर वहां से घर आ गई और बैठकर न्यूज़ पेपर पढ़ने लगी .
थोड़ी देर बाद पापा आ गए जैसे ही पापा ने मुझे देखा वो मुझे देख कर थोड़े शोक हो गए .
उन्हें अब समझ में आ गया था की जिसे वो घूर घूर कर देख रहे थे वो उनकी बेटी थी. मैंने कहा गुड मॉर्निंग पापा. तो उन्होंने टेंशन में जवाब दिया मैंने जानबूझकर कहा क्या हुआ पापा सब ठीक तो है ना ?
तो उन्होंने कहा हां बेटी सब कुछ ठीक है. उसके बाद पापा नहाने चले गए. जब पापा नहा कर बाहर आए तो उनका शरीर देख कर मई तो पागल हो गई मेरा तो दिल कर रहा था की अभी जाकर पापा के सीने से लिपट जाऊ लेकिन मैंने कण्ट्रोल किया.
उसके बाद मैं नहाने चली गई मुझे पापा का शरीर याद आ रहा था तो मैंने नहाते वक्त अपनी चूत में उंगलियां कर ली और अपने आप को शांत कर लिया . उसके बाद सबने नाश्ता किया और पापा ऑफिस चले गए फिर मैंने घर में बैठे बैठे सोचा की ऐसा क्या करू जिससे पापा अपने आप ही मेरी चूत मारने के लिए तैयार जाए .
यही सोचते सोचते शाम हो चुकी थी पापा घर आए तो मैं तैयार होकर बैठी थी क्योकि मां ने कहा था की पापा के साथ मार्किट चली जा कुछ सामान मंगवाना है तो मैं तैयार थी मैंने ब्लैक कलर की मिनी स्कर्ट और रेड कलर का टॉप डाला हुआ था जो की में डेट पर डालती थी
थोड़ी देर बाद पापा घर आए और मां ने कहा की बेटी के साथ मार्किट जाकर जरा सामान ले आओ तो पापा ने कहा ठीक है.
मैं पापा के पास आई तो पापा मुझे ऊपर से लेकर नीचे तक घूरने लगे. मुझे लगा आज फिर डांट पड़ेगी पर पापा ने मुझे मिनी स्कर्ट पहनने पर कुछ भी नहीं कहा था में खुश हो गई की पापा को मैं पसंद हूं.
पापा ने स्माइल करते हुए कहा कि चलें बेटी ?
तो मैंने कहा जी पापा .
पापा तो कार ले कर जाना चाहते थे पर मैंने सोचा की यदि पापा को पटाना है तो स्कूटर ज्यादा ठीक रहेगा तो मैंने पापा को कहा
"पापा! मार्किट में तो बहुत भीड़ होती है. आप स्कूटर ले कर चलें तो आसान रहेगा। और रास्ते में मैं भी स्कूटर चलाना की थोड़ी प्रक्टिस कर लूंगी। बहुत देर से स्कूटर नहीं चलाया है."
पापा मान गए , शायद वो भी चाहते थे क्योंकि स्कूटर पर उन्हें अपनी बेटी के कामुक शरीर के ज्यादा पास होने का मौका मिलता।
खैर हम बाप बेटी स्कूटर पर चल पड़े.
हम मार्किट की तरफ निकाल गए पापा की नजरे मेरी मिनी स्कर्ट पर थी मैं अनजान होने का नाटक कर रही थी मुझे लगने लगा कि पापा मेरी तरफ अट्रेक्ट होने लगे है मैं एक्साइटीड़ थी.
अब पापा मुझसे अब पहले से काफी ज्यादा बात करने की कोशिश करने लगे।
यहां तक कि मेरे पापा अब कोई ना कोई बहाने मुझसे मजाक भी करने लगे।
मैं समझ गई कि पापा मेरे में इंटरेस्ट ले रहे थे।
उनको भी अब शायद लग रहा था कि घर में ही एक मस्त माल चोदने के लिए है तो उसका फायदा उठाया जाए।
उन्हें क्या पता कि यहां खुद उनकी बेटी कब से चुदने को तैयार बैठी है।
मैं तो इस चक्कर में थी कि किसी तरह कुछ मामला आगे बढ़ जाए।
मैंने सोचा कि क्यों ना अभी गरम लोहे पर चोट की जाए.
जब हम घर से थोड़ी दूर आ गए वहां पर खुली सड़क थी और दोनों ओर जंगल ही था. कोई आता जाता भी नहीं था.
मैंने वहां पर कुछ कोशिश करने का सोचा और पापा से कहा
"पापा! यहाँ खुली जगह है. और जंगल है. आप पीछे बैठिये और मुझे थोड़ा स्कूटर चलाने की प्रैक्टिस करने दें. मैंने बहुत दिनों से स्कूटर नहीं चलाया है."
मैं चाहती थी कि जब पापा पीछे बैठे तो उनका लंड मेरी चूत को स्पर्श करे और अगर एक बार ऐसा हो गया तो शायद पापा खुद पर कंट्रोल न रखें और मुझे चोद डालें।
पापा पीछे बैठ गए और मुझे आगे बैठने को कहा तो मैं जान बुझ कर उनसे चिपकी हुई बैठ गई मैंने देखा कि मुझे उनके लंड ने टच नहीं किया था मतलब अभी वो शांत था।
पापा ने मेरी दोनो बाहों के साइड से स्कूटर का हेंडल पकड़ा और मुझे भी हेंडल पकड़ने को कहा और फिर मुझे स्कूटर सिखाने लगे मैं जान भूज कर अपने बाजू दबा देती थी ताकि पापा के बाजू मेरे मुम्मों को टच करने लगें ऐसा करने से मुझे अब मेहसूस हो रहा था कि पापा का लंड खड़ा है होने लगा है मुझे अपनी पीठ पर कोई चीज़ टच करती महसूस हो रही थी।
अब मैं पापा के लंड पर बैठना चाहती थी तो कोई बहाना ढूंढने लगी।
मैंने एक स्कीम सोची और फिर मैंने अपनी चप्पल नीचे गिरा दी और स्कूटर रोक कर कहा कि पापा मैं चप्पल ले कर आई।
जब मैं चपल लेकर आई तो मैंने चोरी से देखा कि पापा का लंड फफक रहा है। मैं जान भुज कर पापा के पेट से सट कर बैठ गई
और इस बार उनका लंड मेरे चूतड़ों के नीचे दब गए तो पापा बोले नीलम कैसे बैठी हो जरा आगे हो कर बैठो तो मैंने कहा कि आगे तो बहुत ही थोड़ी सी जगह है और स्कूटर चलाने लगी।
पापा का लंड मेरे चूतड़ों के नीचे ही दबा हुआ था फनकार रहा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मेरी चूत गीली हो रही थी। लेकिन मैं तो अंजान बनी बैठी थी जैसे कुछ पता ही नहीं हो कि उनका लंड मैं दबा के बैठी हूँ।
मैंने पापा से कहा कि आप हेंडल छोड़ दीजिए मैं चलाती हूं तो मैं धीरे-धीरे स्कूटर चलाने लगी और पापा ने दोनों हाथों से मेरी कमर पकड़ ली और अंजाने में ही उनसे मेरे स्तन टच हो गए तो मुझे लगा कि पापा अपना कंट्रोल खो रहे हैं क्योंकि मैंने महसूस किया कि उनके हाथ मेरे मुम्मों को हल्का हल्का टच करने की कोशिश कर रहे थे.