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ब्रा वाली दुकान complete

दोपहर 2 बजने से कुछ देर पहले राफिया दुकान पर आ गई, मुझे उम्मीद थी कि वह जरूर आएगी क्योंकि एक तो मैं जानता था कि वह नाराज होने का नाटक कर रही है या फिर अस्थायी तौर पर एक दम से लंड देखकर घबरा गई है , अन्यथा इच्छा तो उसकी भी है देखने के लिए, और दूसरी बात उसकी मजबूरी भी थी। राफिया आई तो मैंने उससे पूछा कि कॉलेज में कुछ खाया तो उसने कहा हाँ जी समोसे खा लिए थे। मैंने पूछा और कुछ मँगाऊ ??? तो उसने कहा नहीं रहने दें। इस दौरान 2, 3 ग्राहक भी आईं जिन्हें मैं ने उनकी पसंद की ब्रा दिखाकर फ्री किया और 2 बजे तो मैंने दरवाजा लॉक कर दिया और राफिया के सामने काउन्टर पर आकर खड़ा हो गया, पहले मैंने सोचा था सोफे पर उसके साथ ही बैठ जाऊं मगर फिर सोचा कि अब जरा इसको लाइन पर वापस लाना है तो धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ना चाहिए यूं एकदम से बढ़ना अच्छी बात नहीं है। काउन्टर में वापस गया तो राफिया ने कहा आपने 4 बजे का क्यों कहा अम्मी को ??? आप तो 2 बजे बंद करते हो दुकान ??

मैंने कहा हां 4 बजे इसलिए कहा कि मुझे तुमसे बात करनी थी तो सोचा कुछ समय मिल जाएगा और अगर 4 बजे से पहले भी तुम्हें छोड़ आउन्गा तो भी आंटी ने कौन सा कुछ कहना है। यह सुनकर राफिया अपनी जगह से उठी और बोली चलिए तो मुझे छोड़ आइए . मैंने कहा ऐसे नहीं, पहले आराम से आराम से बैठो, मेरी बात सुनो, अपना मूड ठीक करो तो तुम्हें छोड़कर आउन्गा

मेरी बात सुनकर राफिया वापस सोफे पर बैठ गई और बोली- जी बताएं क्या बात करनी है आपने। मैंने कहा पहले यह बताओ तुम्हें गुस्सा किस बात का है? तुम मुझसे बात क्यों नहीं करती? न फोन ना दुकान पर आती हो और अब भी मुझसे ऐसे बात कर रही हो जैसे मैंने तुम्हें कोई नुकसान पहुंचा दिया हो। वह बोली- आप अच्छी तरह जानते हैं कि मुझे किस बात का गुस्सा है। मैंने कहा नहीं मैं नहीं जानता। तुम बताओ किसका गुस्सा है ?? वह बोली उस दिन जो कुछ आपने कैमरे के सामने क्या उसका ....

मैंने कहा वह तो मलीहा के साथ किया वह मेरी मंगेतर है, तुम्हारे साथ तो ऐसा कुछ नही किया। गुस्सा करना था तो मलीहा को करती तुम्हें मुझसे किस बात का गुस्सा है ??? वह बोली मलीहा आपी के साथ आपको यह सब करना था तो मुझे कैमरे पर क्यों दिखाया ??? मैंने कहा मैंने कब दिखाया तुम्हें? तुमने खुद ही जबरन मुझसे कैमरा ऑनलाइन करवाया था, मैं तो तुम्हें मना करता रहा कि मत कर्वाओ कैमरा ऑनलाइन। मेरी बात सुनकर राफिया चुप हो गई। जाहिर सी बात है उसके पास मेरी बात का जवाब नहीं था। फिर मैंने राफिया से पूछा कि अगर तुम्हें इतना बुरा लगा था कि मैंने तुम्हें वह सब क्यों दिखाया तो तुम स्क्रीन बंद कर सकती थी, मगर तुम देखना चाहती थी इसीलिए तो तुम अंत तक स्क्रीन चालू करके बैठी रही और देखती रही। तुम देखना चाहती थी इसलिए मैंने तुम्हें वह सब कुछ दिखाया था, मुझे पता था कि तुम यह सब देखना चाहती हो। इस पर राफिया ने ठंडे स्वर में कहा नहीं मुझे नहीं पता था कि तुम ये सब कुछ करोगे, और न ही मैं यह देखना चाहती थी। मुझे लगता था कि बस आप चुंबन ही करेंगे। यह कह कर राफिया चुप हुई तो मैंने कहा नहीं, उस दिन तूने मलीहा और मुझे देखा था जब हम चुंबन कर रहे थे, उसने अपनी कमीज ऊपर उठा रखी थी और मैं उसके सीने पर प्यार कर रहा था जब तुम ट्राई रूम में ब्रा बदल रही थी। तुम्हें पता था कि आज भी मलीहा के बूब्स देखूंगा।

इस पर राफिया ने कहा, हां मगर जो कुछ आपने दिखाया उसकी मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। राफिया की बात पर मैंने कहा अब मैं तो तुम्हारा मन पढ़ नहीं सकता कि तुम क्या देखना चाहती हैं। मुझे लगा कि तुम हम दोनों को सेक्स करते हुए देखना चाहती हो इसलिए जितना हम कर सकते थे यहां वह मैंने तुम्हें दिखा दिया। या तो तुम पहले मुझे बता देती कि क्या दिखाना है और ज़्यादा आगे ना बढ़ता। मेरी बात सुनकर राफिया चुप बैठी रही। फिर मैंने कहा अगर मैंने तुम्हें दिखा भी दिया तो तुम स्क्रीन बंद कर सकती थीं मगर आपने भी तो स्क्रीन बंद नहीं किया। इस पर भी राफिया चुप बैठी रही। फिर मैं काउन्टर से निकला और राफिया के साथ सोफे पर बैठ कर उसका हाथ अपने हाथ में पकड़ लिया। उसने पहले हाथ छुड़ाने की कोशिश की लेकिन फिर मेरे न छोड़ने पर अपनी प्रतिरोध समाप्त कर दी। फिर मैंने राफिया से कहा कि वास्तव में गलती तो तुम्हारी भी है। तुम जिस तरह मुझे आकर्षित कर रही थी मैंतो यही समझा कि तुम मेरा यह देखना चाहती हो। मेरी बात सुनकर राफिया ने काँपती हुई आवाज़ में कहा मैंने कब आपको आकर्षित किया ??? मैंने कहा तुम ही तो मुझे पूछ रही थी कि आपको ब्रा कैसा लगा ??? तुम्हारा यह विचार था कि मैं तुम्हें कैमरे से देख रहा हूँ। जब कि मैं नहीं देख रहा था, तुमने जब बार बार पूछा कि बताओ आपको कैसा लगा तो मैं तो तुम्हारी बात समझ ही नहीं सका कि तुम क्यों पूछ रही हो, लेकिन जब मुझे पता लगा कि तुम कैमरे के बारे में जानती हो उसके बावजूद तुमने वहां जाकर अपना ब्रा बदला और वापस आके मुझसे पूछा कि कैसा लगा ??? तो इसका मतलब तुम्हारे मन में था कि मैं तुम्हें बिना कपड़े के देख रहा हूँ और तुम्हें इस बात की कोई चिंता नहीं, अगर मैंने वास्तव में कैमरा ऑनलाइन किया होता और तुम्हे देख लेता तो मतलब तुम को बुरा नहीं लगता . अब राफिया बोली वह तो मैंने अपना सीना छुपा कर ब्रा पहना था और ब्रा पहनने के बाद कपड़ा हटाकर शीशे में देखा था कि कैसा लग रहा है, और तभी आप भी देख लेते, मगर ब्रा तो पहना हुआ था मैंने तब, बिल्कुल नंगी तो नहीं थी पर।

राफिया की यह बात सुनकर मैंने उससे पूछा अच्छा अगर मैं तुम्हें अब कहूँ कि मुझे दिखाओ तुमने कौन सा ब्रा पहन रखा है तो तुम दिखाओगी ??? इस पर राफिया बोली अभी तो आपकी और मेरी लड़ाई है। यह सुनकर मैंने एक ठहाका लगाया और कहा चलो अब हम दोनों सुलह कर लेते हैं, तो कल तुम्हे एक ब्रा गिफ्ट करूंगा, वह तुम ट्राई रूम में जाकर बदलना और फिर मुझे पता चलेगा . इस पर राफिया थोड़ा हंसी और बोली नहीं अब नहीं दिखाउन्गी आपको। मैंने कहा अरे वाह .... अब क्यों नहीं दिखाओगी ???

राफिया ने कहा बस अब नहीं दिखा पाउन्गी . मैंने कहा अच्छा बाबा मत दिखाना मगर अपना मूड तो सही कर लो, अच्छी खासी अपनी साली से बात कर लेता था, जब से तुमने मेरा वो देखा है तुम तो ऐसे डरती हो मेरे से जैसे मैंने कोई कांड कर दिया तुम्हारे साथ। मेरी बात पर राफिया इठला कर बोली आप कर के तो दिखाएँ बलपूर्वक फिर बताऊँगी आपको। मैं उस पर हंसा और कहा न भई तुम तो कोई जंगली बिल्ली लगती हो मुझे तुमसे जबरन कोई काम नही करना . चलो अब अपना मूड सही करो तो तुम्हें समोसे खिलाउन्गा, मुझे खुद भी जोर की भूख लग रही है। इस पर राफिया बोली मेरे मूड को क्या हुआ ??? ठीक तो है .... उसकी बात सुनकर मैं हंस पड़ा और समोसे मंगवा लिए। समोसे खाने के बाद राफिया और मैंने कुछ इधर उधर की बातें कीं और इतने में 4 बजने में आधा घंटा रह गया तो मैंने राफिया ने कहा चलो उठो अब मुझे छोड़ आओ . 4 बजे तक राफिया को घर छोड़कर वापस दुकान पर आ चुका था। इस बार वह रिलैक्स होकर बैठी थी मेरे साथ जुड़ कर, और जब भी मैं ब्रेक लगाता उसके मम्मे मेरी कमर पर लगते मगर वह इस बार पीछे नहीं हटी।

 
अब मैं संतुष्ट था कि राफिया का मूड सही हो गया है अब धीरे धीरे उसको चुदाई के लिए भी राजी किया जा सकता था जोकि मुश्किल नहीं था। अगले दिन सुबह फिर से राफिया को लेने चला गया और उसको कॉलेज छोड़कर दुकान खोल ली। और उम्मीद के अनुसार 2 बजे से कुछ देर पहले ही राफिया दुकान में आ गई। आज वह बहुत खुश दिख रही थी और उसकी वजह यही थी कि मैंने कल उसका मूड ठीक कर दिया था। राफिया सोफे पर बैठ गई और मेरे खाली होने का इंतजार करने लगी। इसी दौरान एक पुरुष और महिला ने दुकान में प्रवेश किया और लड़का अपने साथ आने वाली लड़की को ब्रा दिखाने लगा। लड़की थोड़ा शरमा रही थी जबकि लड़का ब्रा उसके आगे कर उससे पूछ रहा था कि यह बताओ कैसा है? यह बताओ कैसा है ....

राफिया इन दोनों को बड़ी उत्सुकता के साथ देख रही थी शायद वह पहली बार लड़का लड़की को एक साथ इस तरह देखा ब्रा खरीदते देख रही थी जबकि इससे पहले केवल लड़कियाँ ही आती थीं राफिया के होते हुए। लड़की को जब एक ब्रा पसंदीदा आ गया तो लड़के ने उसकी कीमत पूछी मैंने कीमत बताई, तो लड़के ने कहा अगर यह सही नहीं हुआ तो बदल सकता है? मैंने पूछा कि कैसे सही नहीं हुआ? तो लड़के ने कहा अरे भई मतलब अगर फिटिंग सही न हुई। मैंने लड़के को कहा पीछे ट्राई रूम मौजूद है आप वहाँ जाँच कर सकते हैं। लड़के ने कहा अरे वाह, फिर तो यह भी देख सकते हैं कि कौन सा अच्छा लग रहा है ?? मैंने कहा जी बिल्कुल। लड़के ने कहा अगर एक लेना हो मगर पसंद ज़्यादा हों तो वे ट्राई कर सकते हैं? मैंने कहा जी बिल्कुल, लेकिन यह ध्यान रखें कि अगर कोई और ज़्यादा छोटा हो तो वह जबरन पहनने की कोशिश न करें।

लड़के ने कहा वह आप परेशान न हों कोई ज़बरदस्ती नहीं होगी, यह कह कर उसने अपने सामने पड़े 34 आकार ब्रा में से 4 ब्रा उठाए और लड़की को बोला चलो यहीं पर चेक कर लो ताकि एक ही बार सही वाला लें। कौन बार बार बदलता फिरेगा। लड़की थोड़ी हिचकी मगर लड़के के आग्रह पर वह ट्राई रूम की तरफ चली गई। और लड़के ने ट्राई रूम मे जा कर दरवाजा बंद कर लिया। मैं समझ गया था कि अंदर क्या होने वाला है ... इसी के साथ मेरे मन में एक योजना भी आ गई जिसको मैंने जल्दी अमली जामा पहनाने की ठान ली। वो जैसे ही अंदर गए राफिया के चेहरे पर जिज्ञासा के भाव काफी थे। वह आदत से मजबूर देखना चाहती थी कि अंदर क्या होगा मगर अबकी बार वह मुझसे कहते हुए संकोच कर रही थी क्योंकि उसकी इस इच्छा के परिणाम में मैं उसे अपना 8 इंच का लोड़ा दिखा चुका था। राफिया के चेहरे पर जिज्ञासा देखकर मैंने राफिया को कहा लगता है उन्हे ब्रा चेक नहीं करना बल्कि दोनों ने मजे करने हैं अंदर। मेरी बात सुनकर राफिया मुस्कुराई और बोली मुझे भी ऐसे ही लगता है।

मैंने कहा देखते हैं कि अंदर क्या कर रहे हैं। यह कह कर मैंने कैमरा ऑनलाइन किया और कंप्यूटर स्क्रीन भी ऑन कर ली। मैं जानता था कि राफिया भी देखना चाह रही है, लेकिन मैंने उसे बुलाया नहीं देखने के लिए। स्क्रीन ऑनलाइन हुई तो लड़की अपनी कमीज उतार चुकी थी और लड़के ने उसको चूतड़ों से पकड़ कर थोड़ा ऊपर उठाया हुआ था और अपना चेहरा उसके मम्मों पर रख कर उन्हें प्यार कर रहा था।

मैंने कहा उह तेरी खैर, आराम नाल कर यार ..... मेरी बात सुनकर राफिया समझ गई कि अंदर काम चालू है, और मजबूर होकर खुद ही सोफे से उठकर काउन्टर से अंदर आ गई और स्क्रीन पर नज़र पड़ी तो और आते ही वह अंदर होने वाली कारगुजारी देखने लगी। लड़की के शरीर पर कपड़े नहीं थे और लेकिन उसके 34 आकार के मम्मे लाल सुंदर ब्रा में कैद थे और लड़का अब उसके नितंबों के नीचे हाथ रखकर उसे ऊपर गोद में उठा चुका था। और लड़की अपने दोनों पैर लड़के की कमर के आसपास डाले ऊपर मुंह करके अपनी सिसकियाँ रोकने की कोशिश कर रही थी। उन्हें ऐसा प्यार करता देखकर शायद राफिया की योनी गीली होनी शुरू हो गई थी, उसका शरीर हल्का हल्का कांप रहा था और उसकी नजरें लगातार स्क्रीन पर जमी हुई थीं। फिर लड़के ने लड़की को नीचे उतारा और एक ही झटके में उसका ब्रा उतार दिया। जैसे ही लड़की का ब्रा उतरा उसके 34 आकार के सुंदर मम्मे ब्रा के चंगुल से निकलते ही खुशी से उछलने लगे। मगर लड़के ने तुरंत ही उसके मम्मों को अपने हाथ से पकड़ कर जोर से दबाया और फिर अपना मुंह बाएं मम्मे पर रख कर उसको चूसना शुरू कर दिया। इस दौरान लड़की का एक हाथ लड़के की गर्दन पर था और वह लगातार अपना हाथ उसकी गर्दन पर मसल रही थी और साथ ही हल्की हल्की सिसकियाँ भी ले रही थी। मैंने राफिया को देखा तो वो स्क्रीन पर देखने में व्यस्त थी। उसकी गर्मी में भी इजाफा हो चुका था।

कुछ देर तक लड़की के मम्मे चूसने के बाद लड़के ने उसकी सलवार भी उतार दी और उसकी लाल रंग की पैन्टी के ऊपर से ही उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। जैसे ही लड़के ने लड़की की चूत पर अपने होंठ रखे मुझे राफिया की एक हल्की सी सिसकी सुनाई दी। शायद उसे यह महसूस हुआ था कि उसकी चूत पर किसी ने होंठ रख दिए हैं, वो बहुत ज्यादा गर्म हो रही थी यह सब देखकर। मैंने एक नज़र राफिया को देखा मगर उसकी नज़रें स्क्रीन से हिलने का नाम नहीं ले रही थीं, वह बिना पलक झपकाए ट्राई रूम में होने वाला सीन देख रही थी। और उसकी भारी भारे साँसों से उसका सीना धौंकनी की तरह चल रहा था। फिर मैंने फिर से कंप्यूटर स्क्रीन पर देखा जहां लड़का अभी तक घुटनों के बल बैठा लड़की की पैन्टी को चाट रहा था और लड़की बेहाल हुए जा रही थी। फिर कुछ देर बाद लड़के ने अपनी पेंट की जिप खोल कर उसमें से अपना लंड निकाल लिया और लड़की को दिखाने लगा। लंड देखकर राफिया कंप्यूटर स्क्रीन के थोड़ा और नजदीक हो गई थी। लड़के का लंड थोड़ा छोटा था, उसकी लंबाई 5 से 6 इंच तक होगी। जैसे ही लड़के ने अपना लंड निकाला उसने लड़की का सिर पकड़कर नीचे झुका दिया और लड़की ने तुरंत ही अपना मुंह खोल कर उसकी टोपी को अपने मुंह में ले लिया। शायद वह पहले भी अपने प्रेमी के लंड की चुसाइ लगा चुकी थी।

 
मैंने अब राफिया को देखा जिसकी नजरें अब तक स्क्रीन पर जमी हुई थीं। मैंने राफिया को आवाज दी तो उसने चौंक कर मेरी तरफ देखा, मैंने कहा कैसा लगा ??? वह थोड़ा सा मुस्कुराई और बोली वास्तव अच्छा जोड़ा है यह तो। मैंने राफिया से कहा राफिया यार बड़ा दिल कर रहा है इस लड़की की लेने का ... राफिया बोली क्या मतलब ?? मैंने कहा मतलब इस लड़की को चोदने का मन कर रहा है। राफिया बोली उसका प्रेमी उसके साथ है .. मैंने कहा उसकी चिंता मत करो, वो दुम दबाकर भागेगा यहाँ से। बस तुम अनुमति दो और वादा करो कि मलीहा को नहीं बताओगी, मेरा बहुत मन कर रहा है इस लड़की को चोदने का।

राफिया बोली पहले कभी आपने किसी लड़की ...... ??? मैंने कहा नहीं पहले नहीं, लेकिन अब कंट्रोल नहीं हो रहा। राफिया ने कहा, अगर मैं कहूँ कि आप इस लड़की के साथ कर लो तो इस लड़के का क्या करोगे ?? मैंने कहा उसको तुम मुझ पर छोड़ दो ... बस मुझे डर है कि तुम मलीहा को ना बताओ, तब वो मुझसे नाराज होगी। राफिया तुरंत बोली नहीं में मलीहा नहीं बताऊंगी

मैंने कहा छोड़ो जाने दो। वह तुम्हारी बहन है क्या तुम उसे नही बताओगी और यह कोई छोटी बात भी नहीं है। यह कह कर चुप हो गया और फिर से कंप्यूटर स्क्रीन पर देखने लगा जहां लड़की जमीन पर बैठी चुसाइ लगाने में व्यस्त था ... मगर राफिया ने मुझे हाथ से पकड़ कर फिर से अपनी ओर घुमाया, उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी और एक जिज्ञासा कि लड़की को कैसे चोदा जाता है। उसने कहा मेरा आपसे वादा है कि मैं मलीहा को कुछ भी नहीं बताऊंगी मगर मेरी एक शर्त है। मैंने कहा वह क्या ?? राफिया बोली वो यह कि आप इसे ट्राई रूम में नहीं बल्कि मेरे सामने चोदोगे

राफिया के मुंह से शब्द "चोदो" सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा। वह इस समय फुल मस्ती में थी और वास्तव में देखना चाह रही थी कि लड़की को कैसे चोदा जाता है। मैं अपनी जगह से खड़ा हुआ और अपना लंड हाथ में पकड़ कर बोला, मैं कैसे मान लूँ कि तुम मलीहा को नहीं बताओगी अगर अब मैं उसको चोद दूँ और बाद में तुमने मलीहा को बता दिया तो ???

राफिया ने झुंझला कर कहा रही हूँ न कि मैं नहीं बताऊँगी, बस आप मेरे सामने उस लड़की को चोदो। मैंने फिर से कहा नहीं नहीं तुम बता दोगी इस पर राफिया फिर गुस्से में बोली मैंने कहा ना नहीं बताऊंगी, अगर बता दिया तो मुझे भी चोद देना।

यह सुनकर मैंने राफिया से कहा चलो ठीक है बस तुम यहाँ सोफे पर बैठो मैं लड़के को भगाने जा रहा हूँ। राफिया तुरंत सोफे पर जाकर बैठ गयी, शायद मुझसे ज्यादा उसको जल्दी थी। उसने शायद कभी किसी से चुदाई नहीं करवाई थी और फिल्मों में चुदाई देख रखी होगी, इसलिए अब वह अपनी आँखों के सामने चुदाई होता देखना चाह रही थी। और उसने जो अंतिम बात कि अगर मैंने मलीहा को बता दिया तो मुझे चोद दे, इससे पहले ही मुझे विश्वास था कि वह मलीहा को नहीं बताएगी, क्योंकि जब मैं उसके सामने लड़की को चोदुन्गा और वह भी वहां मौजूद होगी तो भला वह किस मुंह से मलीहा को बताएगी कि मेरा बहनोई मेरे सामने एक गैर लड़की को चोद रहा था और मैं खड़ी उनकी चुदाई देखकर गर्म हो रही थी।

बहरहाल राफिया को सोफे पर बिठा कर मैं गरजदार आवाज़ में बोला ओ बे हरामी के बच्चे तुझे मेरी ही दुकान मिली है इस तरह की बेगैरती करने के लिए। यह कह कर मैंने पहले की तरह ही ट्राई रूम का दरवाजा खोल दिया। यूं अचानक हमले से लड़की को तो समझ नहीं आया कि क्या करना है वह केवल अपने बूब्स पर हाथ रखकर पीछे होकर बैठ गई। उसकी आँखों में स्पष्ट रूप से डर लग रहा था, जबकि लड़के ने मेरी उम्मीद के मुताबिक तुरंत अपने लंड को अपनी पेंट में घुसेड़ कर मुझे धक्का देकर बाहर भाग निकला। मैं भी उसके पीछे भागा लेकिन मेरी उसे पकड़ने की मेरी कोई मंशा नहीं थी। दरवाजा मैंने बंद किया ही नहीं था, उस लड़के ने दरवाजा खोला और अपनी बाइक स्टार्ट करके तुरंत भाग निकला। जानबूझकर उससे कुछ दूरी रख कर उसके पीछे गया था ताकि उसे भागने का समय मिल सके।

लड़का बाहर भागा तो मैंने दुकान का दरवाजा लॉक कर दिया और सोफे पर बैठी राफिया को आँख मारी और कहा, तुम साइन बोर्ड चेंज करो मैं लड़की को लाया यहाँ। यह कह कर में ट्राई रूम में गया जहां लड़की अपना ब्रा पहन चुकी थी और अब कमीज उठाकर पहनने लगी थी, मैं अंदर गया तो उसने फिर से कमीज की मदद से अपना शरीर कवर करने की कोशिश की, लेकिन मैं उसे हाथ से पकड़ कर बाहर ले आया। वह लड़खड़ाती हुई मेरे साथ बाहर आई और मेरी मिन्नतें करने लगी प्लीज़ मुझे जाने दो फिर ऐसी हरकत नहीं करूंगी। मैंने चिल्लाकर कहा, तुझे जाने दूँ, यहाँ ऐसी बेगैरती करते हुए शर्म नहीं आई तुमको। तुझे तो अभी बाजार में नंगा दौड़ाता हूँ। यह सुनकर लड़की बोली नहीं प्लीज़ ऐसा मत करो, मुझ पर दया करो। तुम जो कहोगे मैं करूंगी, प्लीज़ मुझे जाने दो। मुझे बदनाम मत करो। मैंने कहा जब अंदर लंड चूस रही थी तब बदनामी का डर कहाँ था। वह लड़की आँसू के साथ रो रही थी और फिर से कहने लगी प्लीज़ मुझे माफ कर दो, मुझसे गलती हो गई आगे से ऐसे नहीं करूंगी। मुझे जाने दो प्लीज़, तुम जो कहोगे मैं करूंगी लेकिन मुझे जाने दो।

मैंने उस लड़की को कहा पहले यह रोना धोना बंद कर फिर बात करता हूँ तुझसे बेगैरत अब दरवाजा खोलकर तुझे ऐसे ही नंगे बाहर धक्का दे दूंगा। मेरी धमकी काम कर गई और उसने तुरंत ही अपने आंसू साफ किए और रोना भी बंद कर दिया, लेकिन उसने अपना बदन अब तक छिपा रखा था। जब वह शांत हुई तो मैंने कहा अब बताओ क्या किया जाय तुम्हारे साथ ??? मेरी बात सुनकर वह लड़की चुपचाप मेरी तरफ देखती रही और फिर धीमी-सी आवाज़ में बोली, प्लीज़ मुझे जाने दो। मैंने कहा ऐसे कैसे जाने दो। तुम मेरी दुकान पर आकर ऐसी हरकतें करो तो उसका मुझे भी तो कुछ लाभ होना चाहिए। मेरी बात सुन कर उसको एक शॉक लगा और उसने अनिश्चित नज़रों से मेरी ओर देखा। मैं थोड़ा आगे बढ़ा और उसके कंधे पर हाथ रखकर उसको हल्का सा दबा कर बोला, देख लो, फैसला तुम्हारे हाथ में है, मेरे पास कैमरे लगे हुए हैं, सबूत है कि तुम यहाँ अश्लीलता कर रही थी, अगर मैंने यह वीडियो लोगों को दिखा दिया, तो किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगी। लेकिन अगर तुम मेरे साथ भी वही करो जो तुम अपने प्रेमी के साथ कर रही थी तो मैं तुम्हें जाने दूँगा और उनके वीडियो डिलीट कर दूंगा।

मेरी बात सुनकर वह लड़की सोच में पड़ गई तो मैंने कहा तुम्हारे पास सोचने का समय नहीं है, मैंने दरवाजा खोल कर अपनी दकानदारी भी करनी है, अब फैसला तुम्हारे हाथ में है और बिना समय बर्बाद किए ... लड़की भी मेरी बात समझ गई थी और उसे मालूम था कि अब उसकी चूत ही उसकी जान बचा सकती है, उसके अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं है। और तुरंत ही उसने फैसला कर लिया कि चूत देनी ही पड़ेगी वरना बदनामी होगी। यह सोच कर लड़की ने हां में अपना सिर हिलाया तो मैंने उसकी कमीज पकड़ कर उसके शरीर से हटाई और सोफे पर फेंक दी।

अब वह लड़की जिसका नाम अलीना था मेरे सामने नंगी खड़ी थी। उसके शरीर पर केवल एक लाल रंग का ब्रा और लाल रंग की पैंटी थी और उसके भरे हुए 34 आकार के मम्मे ब्रा से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। उसने अब अपने हाथ भी मम्मों से हटा लिए थे और नीचे कर लिए थे। मैंने आगे बढ़कर अपने दोनों हाथों से अलीना को कमर से पकड़ कर अपने पास कर लिया। अलीना की उम्र मुश्किल से 20 साल ही होगी, वह एक युवा हसीना थी और निश्चित रूप से सेक्स की भूख उसमें बहुत ज़्यादा थी तभी तो ट्राई रूम में ही लंड चूसने बैठ गई थी। अलीना को अपने पास करके मैंने अपने होंठ अलीना के होंठों पर रख कर उन्हें चूसना शुरू कर दिया। उसके 34 साइज़ के मम्मे मेरे सीने में धंस गये अलीना के रसीले होंठ मुझे बहुत सुकून पहुंचा रहे थे और नीचे से मेरा तना हुआ लंड अलीना की लाल रंग की पैन्टी को छू रहा था। मेरा लंड अब तक अलीना को अपनी चूत पर महसूस हो चुका था और उसे पता चल गया था कि आज वह एक जबरदस्त किस्म के लंड से चुदने वाली है। कुछ ही देर के चुंबन के बाद अलीना ने मुझे प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया था और अब वह अपना मुंह खोलकर जीभ अन्दर आने का रास्ता दे चुकी थी। जैसे ही मैंने अपनी ज़ुबान अलीना मुंह में डाली उसने मेरी जीभ को चूसना शुरू कर दिया। यह मेरे लिए ग्रीन सिग्नल था कि अब अलीना अपने आप को मेरे हवाले कर चुकी थी और वह मानसिक और शारीरिक रूप से सेक्स के लिए तैयार हो चुकी थी।

मेरे पास समय नहीं था क्योंकि मुझे अलीना को चोदने के साथ राफिया पर भी ट्राई मारनी थी इसलिए अब मैंने अलीना के होंठों को छोड़ कर अपना चेहरा उसके 34 साइज़ के मम्मों पर रख दिया और पीछे से उसके ब्रा की हुक खोल कर उसके बूब्स को ब्रा की कैद से मुक्त कर दिया। जैसे ही अलीना के मम्मे उछलते हुए बाहर निकले मैंने उसके मम्मों को अपने हाथों में जकड़ लिया और उनको मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। उसके छोटे ब्राउन रंग के निप्पल बहुत सुंदर थे जिन पर तेजी से अपनी ज़ुबान चला रहा था। अलीना की पीठ राफिया की ओर थी वह शायद अब तक यह नहीं जान सकी थी कि यहां हम दोनों के अलावा कोई और भी है। जब मैं अलीना के मम्मे चूस रहा था तो पीछे बैठी राफिया बोली उसका मुंह तो मेरी ओर करो मुझे भी दिखे कुछ। राफिया की बात सुनकर अलीना के शरीर को एक झटका लगा और वो तुरंत मेरे पीछे हट कर खड़ी हो गई और एक बार फिर अपने बूब्स पर हाथ रखकर कभी राफिया और कभी मुझे देखने लगी। उसे विश्वास नहीं आ रहा था कि मैं किसी की उपस्थिति में ही उसके मम्मे चूस रहा हूँ। उसका मुंह आश्चर्य के मारे खुला था। अलीना को ज़्यादा सफाई देने की बजाय मैंने इतना ही कहा उसकी चिंता मत करो और आगे बढ़कर अलीना को अपनी बाँहों में भींच कर उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया और उसके बाद फिर से उसके बूब्स को मुँह में लेकर उसके निप्पल को अपने दांतों से काटना शुरू कर दिया, लेकिन इस बार अलीना का चेहरा राफिया की ओर था और उसे अलीना के निप्पल मेरे मुंह में नज़र आ रहे थे।

कुछ देर तक अलीना के मम्मे चूसने के बाद मैंने उसके मम्मों को छोड़ा और अपनी कमीज और बनियान उतार दी। उसके बाद अपना नाड़ा खोलने के लिए हाथ बढ़ाए मगर फिर रुककर राफिया को देखा, वह बड़ी जिज्ञासा के साथ मेरी सलवार पर नजरें जमाए हुए थी, जब मेरे हाथ रुके तो उसने चौंक कर मेरी तरफ देखा। मैंने कहा राफिया सोच लो, उतार दूँ अपनी सलवार ??? राफिया चुप रही कुछ नहीं बोली, तो मैंने कहा कि मलीहा को तो नहीं बताओगी ??? इस बार राफिया कपकपाती आवाज में बोली नहीं बताऊंगी , यह सुनने की देर थी कि मैंने अपनी सलवार उतार दी और अब मैं राफिया और अलीना के सामने पूरा नंगा खड़ा था।

और जानबूझकर राफिया के एक थोड़े से करीब होकर खड़ा हो गया था। अपने चेहरे के सामने 8 इंच मोटा ताजा लंबा लंड देखकर राफिया की आँखें आश्चर्य के मारे खुली रह गई थीं जबकि अलीना की नजर पड़ी तो वह भी एकदम हैरान हुई और बोली तुम्हारा तो बहुत लंबा है। मैंने अलीना को देखा और कहा पसंद आया ??? वह खुश होती हुई बोली हां बहुत अच्छा है, सोहेल का तो छोटा है इससे बहुत। मैंने कहा आओ फिर चूसो इसे। वह तुरंत आगे बढ़ी और राफिया के साथ सोफे पर बैठ कर मेरा लंड अपने हाथ में लेकर पहले उसको खुशी से देखने लगी फिर उसने अपने होंठों को मेरे लंड की टोपी पर रख कर उसको एक बार चूमा और फिर अपनी जीभ बाहर निकाल कर मेरे लंड पर टोपी से लेकर आंडो तक फेरने लगी। इस दौरान राफिया बहुत बेसब्री से मेरे लंड को देख रही थी और उसका सीना धौंकनी की तरह चल रहा था।

इससे पहले कि मैं और राफिया की हालत को देखता अलीना ने अपना पूरा मुँह खोला और मेरा लंड अपने मुँह में प्रवेश कर खुद ही अपने मुंह से चुदाई शुरू कर दी। वह पूरा मुंह खोले तेज तेज अपने मुंह को मेरे लंड के ऊपर आगे पीछे कर रही थी। उसके चुसाइ लगाने के अंदाज से मुझे विश्वास हो गया था कि उम्र में वास्तव में अलीना इतनी बड़ी नहीं, लेकिन वह काफी समय से चुसाइ लगा रही है। चुसाइ लगाने के दौरान अपनी जीभ की नोक को वह जब मेरे लंड की टोपी पर फेरती तो मुझे बड़ा मज़ा मिलता। अलीना ने अपने दोनों हाथ मेरे चूतड़ों पर रखे हुए थे और तेजी के साथ मेरे लंड की चुसाइ लगा रही थी। इस दौरान मेरी मजे की तीव्रता से सिसकियाँ निकल रही थीं और राफिया हैरानगी से कभी मुझे और कभी अलीना को चुसाइ करते देख रही थी। मैंने इस दौरान राफिया से पूछा कि तुम्हें मुंह में लेना है मेरा लंड? तो उसने मना कर दिया और सोफे से उठकर अंदर काउन्टर में जाकर खड़ी हो गई और वहां से हमारा सेक्स देखने लगी।

अलीना कभी मेरे लंड की चुसाइ लगाती तो कभी मेरे आंडों को मुंह में लेकर उनको चुसती . अलीना के मुंह से लगातार राल भी टपक रही थी मगर उसे इस बात की कोई परवाह नहीं थी वो तो बस मेरे लंड की चुसाइ करने में व्यस्त थी। फिर मैंने अलीना से पूछा कि कब से चुदाई करवा रही हो ?? तो उसने मेरा लंड अपने मुंह से निकाला और बोली पहले जब मैं 16 साल की थी तब पड़ोस के एक अंकल ने मुझे बहाने से अपने घर बुलाकर मुझे चोदा था। और उसके बाद वह अक्सर मुझे बहाने से घर बुलाकर चोदते रहे, तब से मुझे लंड लेने का शौक है। यह कह कर वह फिर से मेरे लंड की चुसाइ करने में व्यस्त हो गई।

मैंने अलीना से फिर पूछा कि अब तक सबसे बड़ा लंड किसका था जो तुम्हारी योनी में गया ??? अलीना ने एक बार फिर से मेरा लंड मुंह से निकाला और बोली एक मेरे स्कूल टीचर हैं उनका लंड बहुत बड़ा था और वह मुझे ट्यूशन पर सज़ा देने के लिए रोक लेते थे और जब सारे बच्चे चले जाते तो मुझे चोदते थे और एक मेरी बड़ी बहन के पति का लंड बड़ा है। उसके बाद आज तुम्हारा लंड है जो इतना बड़ा मिला है। यह कह कर वह फिर से चुसाइ लगाने में व्यस्त हो गई और मैं सोचने लगा कि यह तो चुदाई में बहुत माहिर हो गई है, और जो लड़का उसके साथ था वास्तव में वह उसे नहीं फंसा रहा था बल्कि इसने ही उसे फंसाया होगा क्योंकि यह तो पक्की रंडी बन चुकी थी। इसीलिए इतनी आसानी से मेरा लंड लेने के लिए राजी हो गई थी। जब अलीना जी भर कर मेरे लंड की चुसाइ लगा चुकी तो मैंने उसके मुँह से अपना लंड निकाला और उसको सोफे पर लिटा कर उसकी पैन्टी उतार दी। उसकी चूत बालों से पूरी तरह मुक्त थी लेकिन उसकी चूत पर चिकना पानी चमक रहा था जिससे मुझे अंदाजा हो रहा था कि वह काफी गर्म हो चुकी है। मैंने उसकी दोनों टांगों को थोड़ा अपनी तरह खींचा और उसकी चूत के ऊपर झुक कर उसकी योनी में अपनी ज़ुबान रखकर उसको चाटना शुरू कर दिया।

योनी पर ज़ुबान लगते ही अलीना ने एकदम अपने चूतड़ों को ऊपर उठा लिया सिसकियां लेने लगी। मेरा इस समय अलीना की योनी चाटने का मूड नहीं था, मैं जल्द से जल्द उसको चोदना चाहता था, मगर राफिया को दिखाने के लिए उसे और ज़्यादा गर्म करने के लिए मैंने अलीना की चूत चाटना शुरू की थी। 2 मिनट तक उसकी चूत चाटने के बाद मैंने राफिया से पूछा तुम्हारी भी चूत चूसू ??? राफिया कुछ नही बोली मात्र उसने इनकार में सिर हिलाया और बोली उसको चोदोगे कब ??? मैंने कहा लो अब चोद देता हूँ। यह कह कर मैंने अपना लोड़ा अपने हाथ में पकड़ा और उसकी टोपी अलीना की चिकनी चूत के छेद पर रख कर एक जोरदार झटका मारा। अलीना की एक हल्की चीख निकली और मेरा आधे से ज़्यादा लोड़ा उसकी चूत में गायब हो गया। अलीना अपने दर्द को नियंत्रित करते हुए बोली धीरे ..... बहुत समय बाद इतना बड़ा लोड़ा मिला है .. मैंने कहा चिंता न कर यह लोड़ा तुझे खूब मज़ा देने वाला है, यह कह कर मैंने अपना लंड बाहर निकाला महज टोपी को ही चूत में रहने दिया और एक और जोरदार धक्का लगाया और फिर लगातार धक्कों का सिलसिला शुरू हो गया। मेरे हर धक्के पर अलीना के बड़े मम्मे उछलने लगते और उसके मुंह से आह ह हह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह, आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हह ह ह। । । । ओहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह हु हु हु ..मज़ा आ रहा हाइईईईईईईईईईईईई.. ावहह हु हु हु ... ओ ह ह ह ह ह की सिसकियाँ निकालने लगी। राफिया के रास्ते में शायद अलीना के पैर आ रहे थे इसलिए वह लंड और योनी का मिलान नहीं देख पा रही थी, मुझे इस बात का अंदाज़ा हुआ तो मैंने राफिया को कहा बाहर आकर करीब से देख लो। मेरी बात सुनकर राफिया काउन्टर से बाहर आ गई और हैरानगी के साथ अलीना की छोटी योनी में मेरा घोड़े जैसा लंड अंदर बाहर जाता देखने लगी।

 
मैंने राफिया पूछा कैसा लग रहा है हम दोनों का सेक्स ??? वह धीमी आवाज में बोली मज़ा आ रहा है .. मैंने कहा कभी तुमने भी चुदाई करवाई है किसी से ??? इस पर राफिया चौंककर बोली नहीं नहीं .... मैं कुंवारी हूँ अभी तक। मैंने कहा क्या लगता है तो आज तुम्हें लड़की से औरत क्यों न बनाया जाए ?? तुम्हारी योनी को भी लंड मिलन का एहसास दिलाया जाए ??

मेरी बात सुनकर राफिया बोली नहीं नहीं, शादी के बाद ही अपने पति से चुदाई करवाउन्गी . हमारी बातें सुनकर अलीना बोली कौन है ये रंडी जो हमारी चुदाई देख भी रही है और चुदना भी नहीं चाहती। उसकी बात सुनकर मैं हंसने लगा और कहा कोई नहीं, मेरी नई प्रेमिका है, बस थोड़ा शरमा रही है। मगर मुझे उम्मीद है मेरा लंड देखकर यह भी रह नहीं पायेगी और अभी कुछ ही देर में इसकी टाइट और कुंवारी योनी में मेरा लंड होगा। मेरी इस बात पर राफिया मुझे गुस्से से घूरने लगी मगर मैंने उसके गुस्से को नजरअंदाज करते हुए अलीना की चूत में धक्के लगाना जारी रखे। अलीना की चूत अब टाइट हो चुकी थी और उसकी पकड़ मेरे लंड पर काफी सख्त थी साथ ही उसकी सिसकियाँ पहले की तुलना में काफी तेज थी, मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है। मैंने 2, 3 ज़्यादा जानदार धक्के लगाए तो अलीना की चूत ने हार मान ली और उसकी सहन जवाब दे गई।

अलीना की चूत से पानी का फव्वारा निकला और इस दौरान उसकी जोरदार सिसकियों से दुकान गूंजने लगी, अलीना के शरीर में कुछ झटके लगे और फिर शांत हो गई। मैंने उसकी चूत से लंड निकाला और राफिया की ओर होकर उससे पूछा तुम भी ज्वाइन करो हम दोनों को बहुत मजा आएगा। मगर राफिया एकदम पीछे हट गई और बोली नहीं मुझे नहीं करना यह सब। मैं केवल देखूंगी .

मैं राफिया के साथ बिल्कुल भी सख्ती नहीं करना चाहता था इसलिए उसका ख्याल मन से निकाल कर फिर से अलीना की ओर आया। अब मैंने उसको अपने ऊपर लिटा लिया और खुद सोफे पर लेट गया। अलीना ने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर रखा और एक ही धक्के में सारा लंड अपनी चूत में ले लिया। मैंने उसे अपने ऊपर लिटा कर उसे कमर से कस कर पकड़ लिया और उसकी चूत में जोरदार धक्के लगाना शुरू कर दिया। इस स्थिति में मुझे चुदाई का बहुत मज़ा आ रहा था और मेरी गति काफी तेज थी। अलीना ने भी अपनी चूत को टाइट किया हुआ था जिसकी वजह से उसकी चूत की दीवारों पर मेरे लंड का घर्षण पहले की तुलना में बहुत अधिक था . मेरा लंड पूरी तरह से अलीना की चूत से बाहर निकलता महज टोपी अंदर रहती और फिर एक पावरफुल धक्के के साथ लंड अपने रूट मे अलीना की चूत में गायब हो जाता।

राफिया अब मेरे पैरों की ओर जा कर खड़ी हो गई थी जहां से उसे अलीना की चूत में मेरा लंड अंदर बाहर धक्के लगाता स्पष्ट नजर आ रहा था। फिर मैंने एक जोरदार धक्का लगाया और लंड योनी से वापस निकालते हुए मैंने अपने लंड की टोपी को भी अलीना की चूत से बाहर निकाल दिया। उसके बाद मैंने अपना हाथ अपने लंड पर रखा और उसे अलीना की चूत में प्रवेश कराने लगा मगर जानबूझकर लंड उसकी चूत के छेद पर रखने की बजाय उसके चूतड़ों की लाइन पर रख दिया। अलीना की आवाज़ आई ये चूत नहीं है।, यह कह कर अलीना अपने हाथ पीछे ले जाने लगी मगर मैंने उसे रोका और राफिया से कहा राफिया प्लीज़ मेरा लंड इसकी चूत के छेद पर तो रख दो मुझे दिखाई नहीं दे रही चूत। अलीना भी मेरी बात समझ गई कि मैं राफिया का हाथ अपने लंड पर लगवाना चाह रहा हूँ। इसलिए उसने भी फिर से अपना हाथ पीछे ले जाने की कोशिस नहीं की। राफिया जिसको चुदाई देखने का शौक था वह थोड़ा घबराई, हिचकी, मगर फिर चुदाई देखने के शौक ने उसके अंदर हिम्मत पैदा की, उसने कांपते हाथों से मेरा लंड पकड़ा और अलीना की चूत के छेद पर रख दिया, चूत का छेद मलते ही मेरे लंड ने एक धक्का लगाया और चूत में गायब हो गया। मैंने एक बार फिर अलीना की चूत में पंप चलाना स्टार्ट कर दिया।

कुछ देर इसी स्थिति में अलीना को चोदने के बाद मैंने अपनी स्थिति बदलने की सोची और अब की बार खुद सोफे पर बैठ गया और अलीना को अपनी गोद में बिठा कर अपने सीने से लगा लिया और नीचे उसकी चूत में धक्के लगाना जारी रखे। यहां भी मैंने फिर से वही हरकत की, यानी जानबूझकर अलीना की चूत से लंड बाहर निकाला और राफिया को कहा कि वह लंड अलीना की चूत के छेद पर रख दे। इस बार राफिया ने बिना किसी हिचकिचाहट के मेरा लंड पकड़ा और अलीना की चूत पर रख दिया और मेरे धक्के फिर से शुरू हो गए। मैंने एक दो बार यही हरकत की और अब की बार मुझे राफिया को कहना नहीं पड़ा वह खुद ही मेरा लंड पकड़ती और अलीना चूत पर रख देती और मैं फिर से धक्के लगाना शुरू कर देता है।

5 मिनट तक इसी तरह अलीना को चोदता रहा तो मुझे लगने लगा कि अब मेरा लंड ज़्यादा अलीना की चूत चुदाई नहीं कर सकता। मेरे आंडों से पानी की एक पतली धार निकल कर मेरे लंड की टोपी तक पहुँच चुकी थी और अब सारा दबाव मेरी टोपी में मौजूद था तभी मुझे अलीना की चूत में पानी का सैलाब आता महसूस हुआ तो मैंने ज़्यादा तेजी से अलीना की चूत में धक्के लगाना शुरू कर दिए। जब अलीना की योनी अपना सारा पानी छोड़ चुकी तो मैंने तुरंत अलीना को अपनी गोद से नीचे उतारा और फर्श पर खड़ा होकर अपने लंड को हाथ में पकड़ कर मुठ मारने लगा। अलीना भी समझ गई कि मेरी वीर्य निकालना है उसने अपना हाथ आगे बढ़ाया और मेरे हाथ से लंड पकड़ लिया और खुद मेरे लंड की मुठ मारने लगी और मेरे लंड की टोपी का रुख अपने मुंह की तरफ करके मुंह खोल कर बैठ गई। अलीना के नरम नरम हाथों में मेरा लंड वीर्य छोड़ने को तैयार था और राफिया यह दृश्य बहुत जिज्ञासा के साथ देख रही थी, तभी मेरे लंड से गाढ़ी वीर्य की एक धार निकली और सीधे अलीना के मुंह में चली गई जिसके बाद अलीना ने अपना मुंह तो बंद कर लिया और आँखें भी बंद कर लीं मगर मेरे लंड की मुठ मारना जारी रखा और मेरे लंड कुछ धार निकलकर अलीना के मुंह पर गिरती चली गईं।

जब मेरा लंड खाली हो गया और सारा वीर्य छोड़ चुका तो अलीना ने अपनी जीभ बाहर निकाल कर अपनी ज़ुबान में मौजूद वीर्य दिखाया और फिर ज़ुबान वापस अंदर ले जाकर सारा वीर्य निगल गई और फिर से जीभ बाहर निकाली तो उसके मुंह में वीर्य मौजूद नहीं था । फिर उसने अपनी उंगली से अपने चेहरे पर लगे वीर्य को साफ किया और अपनी उंगलियों को चाटने लगी जैसे कोई कुल्फी खोया चाटता है। मेरा लंड अब तक ढीला नही हुआ था उसमें सख्ती मौजूद थी, लेकिन वह पहले की तरह तना हुआ था। उसकी लम्बाई पहले जैसे ही थी मगर पहले उसका रुख छत की ओर था तो अब उसका रुख पृथ्वी की ओर था। फिर अलीना ने पास पड़े एक कपड़े से अपना चेहरा साफ किया और उठकर मेरे लंड पर एक चुम्बन दिया और फिर अपने होंठ मेरे होंठों पर रख कर कुछ देर चूसती रही। उसके होठों पर मुझे मेरे वीर्य का स्वाद महसूस हो रहा था। फिर अलीना ने अपने कपड़े पहने और मुझे वीडियो डिलीट करने का कह कर दुकान से चली गई।

अलीना के जाने के बाद मैंने फिर से दुकान बंद की। मैं अभी तक नंगा ही था। अलीना के जाने के बाद सोफे पर नंगा ही बैठ गया और और राफिया से कहा राफिया कहो कैसा लगा ???

राफिया बोली बहुत मज़ा आया। मैंने कहा अगर देखकर इतना मज़ा आया है तो सोचो जब तुम्हारी योनी में मेरा लंड जाएगा तब कितना मजा आएगा। इस पर राफिया ने कहा जी नहीं आपका लंड मलीहा की योनी में ही जाएगा, मेरी योनी में मेरे पति का लंड ही जाएगा। यह सुनकर मैंने राफिया का हाथ पकड़ा और उसे अपनी तरफ खींच कर सोफे पर अपने साथ बिठा लिया। उसने पहले तो उठने की सरसरी सी कोशिश की मगर फिर वहीं बैठ गई और मेरे लंड की ओर देखने लगी। फिर बोली ये बैठेगा नहीं क्या ???

मैंने कहा जब तक तुम यहाँ मौजूद हो यह कैसे बैठ सकता है ??? इस पर राफिया बोली सलमान भाई शर्म करो मैं आपकी साली हूँ। मैंने कहा साली भी तो आधी घरवाली ही होती है। पत्नी घर में रात को बिस्तर गर्म करती है तो साली वैसे ही अपनी अदाओं से अपने जीजा को गर्म करती रहती है। यह सुनकर राफिया हंसने लगी और बोली बहुत ठरकी हैं सलमान भाई आप भी। मैंने राफिया से कहा राफिया तुम भी दो न अपनी चूत, मेरा मन कर रहा है तुम्हें चोदने को। यह सुनकर राफिया ने कहा नहीं सलमान भाई ऐसा नहीं हो सकता।

मैन ने कहा, चलो एक बार मेरे लंड की चुसाइ ही लगा दो अपने मुँह में लेकर मगर राफिया ने इसके लिए भी मना कर दिया। फिर मैंने कहा अपने हाथ से पकड़ कर एक बार मुठ ही मार दो मेरे लंड की मगर मुझे यहाँ भी विफलता प्राप्त हुई। फिर मैंने राफिया से कहा अच्छा चलो फिर मुझे इतनी अनुमति तो दो कि मैं तुम्हारी कुंवारी योनी को अपनी जीभ से चाट सकूँ मगर यहां भी मुझे मना ही सुनना पड़ा और अब राफिया कुछ सीरियस हो गई थी और बोली- अब आप अपने कपड़े पहनें और मुझे घर छोड़ दें समय हो रहा है। जब मुझे दाल गलती और योनी मिलती नजर नहीं आई तो मैंने भी ज़्यादा प्रयास करना उचित नहीं समझा और अपने कपड़े पहन कर राफिया को घर छोड़ आया। राफिया की चूत तो नही मिली मगर अलीना की चूत भी कुछ कम न थी उसको चोद कर बहुत मज़ा आया था और वह भी अच्छी चुदाई कराना जानती थी। उसने भी चुदाई के दौरान अपनी योनी को बार बार टाइट करके मुझे बहुत मज़ा दिया था।

 
अगले दिन रूटीन के अनुसार फिर राफिया को लेने घर गया तो वो पहले से तैयार थी और बाइक पर मेरे साथ बैठ गई। कुछ दूर जाने के बाद मुझे महसूस हुआ कि राफिया पहले की तुलना में आज मेरे साथ कुछ ज्यादा ही चिपक कर बैठी थी और मुझे उसका शरीर भी कुछ गर्म लग रहा था। मगर फिर मैंने उसको अपना भ्रम समझा और राफिया को कॉलेज छोड़ने के बाद दुकान पर आ गया। रूटीन के अनुसार काम जारी रहा जब 1 बजकर 45 मिनट पर राफिया दुकान में आ गई और आकर सोफे पर बैठ गई। 2 बजे तक सभी ग्राहकों को निपटा देने के बाद मैंने दरवाजा बंद लॉक कर दिया क्योंकि मुझे राफिया कुछ परेशान दिख रही थी।

दरवाजा बंद करने के बाद राफिया के पास बैठ गया और उससे पूछा कि क्या प्रॉब्लम है ?? मगर राफिया कुछ नही बोली। मैंने फिर पूछा तो वह भड़कती हुई दृष्टि से मेरी ओर देखने लगी। उसकी नज़रों में प्यास थी, सेक्स की प्यास, लंड की प्यास ..... उसकी सांसें भी तेज तेज चल रही थी ... मैं समझ गया कि कल दुकान से जाने के बाद राफिया सारा दिन सारी रात अलीना और मेरी चुदाई के बारे में सोचती रही होगी और अपनी चूत में उंगली डाल कर अपना पानी निकाल चुकी होगी मगर जब आराम नहीं मिला तो उसने रात में सोच लिया होगा कि वह अपनी चूत मेरे हवाले करके अपनी चूत की प्यास बुझाएगी .

यह विचार मन में आते ही मैंने बेझिझक राफिया से पूछ लिया "लंड चाहिए" ?? राफिया ने भी बिना ठहराव हाँ में सर हिला दिया और मैंने बैठे बैठे ही राफिया के गले में अपनी बाहें डाल दी और उसके मख़मली नरम और मुलायम होंठों पर अपने होंठ रख कर उन्हें चूसना शुरू कर दिया। सुबह वाला मेरा शक सही साबित हुआ कि राफिया के शरीर में गर्मी थी और उसे लंड की ज़रूरत महसूस हो रही थी। राफिया ने भी सभी शर्मो हया को ताक पर रखते हुए मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया। 5 मिनट मैं राफिया के होंठ चूसता रहा, कभी उसके मुंह में जीभ डाल कर उसको लहराता तो कभी उसकी ज़ुबान अपने मुँह में लेकर उसको चूसने लगता। राफिया मेरा भरपूर साथ दे रही थी मगर चुंबन से ही मुझे अंदाजा हो गया था कि वो इस काम में अनाड़ी है। उसके शरीर में गर्मी थी उत्सुकता थी मगर अनुभव की कमी थी। मेरी बाहों में उसका शरीर कांप रहा था लेकिन उसके शरीर की गर्मी से मुझे लग रहा था कि वह कितनी शिद्दत से लंड की ज़रूरत महसूस कर रही होगी। कुछ देर चुंबन करने के बाद मैंने राफिया की कमीज के ऊपर से ही उसके मम्मों को पकड़ लिया और उन्हें दबा दबा कर कमीज के ऊपर से ही चूसने लगा।

राफिया ने मुझे बिल्कुल भी मना नहीं किया और अपना एक हाथ मेरी गर्दन पर रख कर और दूसरा हाथ कमर पर रख कर मुझे प्यार करने लगी। थोड़ी देर कमीज के ऊपर से उसके मम्मे चूसने के बाद मैं अपनी जगह से खड़ा हुआ और राफिया को भी खड़ा करके अपनी गोद में उठा लिया। और फिर से उसके रसीले होंठों का शहद पीने लगा। राफिया ने अपनी दोनों टाँगें मेरी कमर के गिर्द लपेट ली थीं और बड़ी शिद्दत के साथ वह मेरे चुंबनों का जवाब दे रही थी। इसी तरह चुंबन करते करते मैं राफिया की गर्दन पर आया और इस बात का ध्यान करते हुए कि मेरे दांत के निशान उसकी गर्दन पर न पड़े उसको चूमने लगा। वह निस्संदेह एक कुंवारी लड़की थी और उसमे विनय हया भी थी मगर इस समय सेक्स की ज़रूरत ने उसे मजबूर कर दिया था कि वह अपने ही जीजा के लंड को लेने के लिए तैयार थी।

मैं तो यह बात जानता था कि लंड पर पहला हक मलीहा का है मगर मेरे लंड को यह बात कौन समझाता जिसके सिर पर योनी का भूत सवार था, उसे तो बस चूत चाहिए थी चाहे किसी की ही क्यों न हो। चुंबन के दौरान मेरा एक हाथ राफिया की कमर पर तो दूसरा उसके चूतड़ों पर था। गर्दन को चूसने के बाद मैंने राफिया के कंधे से कमीज साइड पर हटाई तो उसके कंधे पर ब्रा स्ट्रिप दिख रही थी। राफिया ने ब्लैक कलर का ब्रा पहन रखा था जो मैंने ही उसे लेकर दिया था।

राफिया के गोरे गोरे कंधे पर मैंने अपनी ज़ुबान फेरना शुरू किया तो राफिया की सिसकियाँ निकलना शुरू हो गई, उसने अपने दोनों हाथ मेरे गले में डाले हुए थे और पैर मेरी कमर के आसपास लपेट रखे थे राफिया के कंधे से होता हुआ मैं राफिया के सीने पर आया, मगर उसकी कमीज का गला थोड़ा छोटा होने की वजह से मुझे उसके बूब्स खूबसूरती देखने को न मिल सकी। मगर मैंने फिर भी उसके सीने और कंधे और गर्दन को चाटना जारी रखा। गर्दन से अपनी जीभ फेरता हुआ मैं उसके कानों की लो तक ले गया और फिर उसके कान में अपनी जीभ फेरने लगा जिससे राफिया को बहुत मज़ा आया। 5 से 10 मिनट मैं राफिया को गोद में उठाए उसे चूमता रहा फिर मैंने राफिया को गोद से नीचे उतारा और उसकी कमीज को सीने तक ऊपर उठा कर उसके मम्मों पर टूट पड़ा। काले रंग के ब्रा में उसके बूब्स का उभार और मम्मों के मिलान पर बनने वाली गहरी रेखा बहुत ही सेक्सी लग रही थी। मेरी ज़ुबान फौरन ही उसके मम्मों के मिलान पर बनने वाली गहरी लाइन में घूमने लगी जबकि मेरा एक हाथ उसकी नग्न कमर से नीचे सरकता हुआ उसके चूतड़ों तक चला गया। मेरा एक हाथ राफिया की कमर पर था जबकि दूसरा हाथ उसके चूतड़ दबाने में व्यस्त था और ऊपर से मेरी जीभ उसके मम्मों की मालिश कर रही थी। इससे द्विपक्षीय मज़ा राफिया की सहनशक्ति से बाहर हो रहा था, यह उसकी जिंदगी का पहला सेक्स था इसलिये उसका शरीर ना ही बहुत गर्म हो रहा था बल्कि हल्का हल्का कांप भी रहा था। राफिया के दोनों हाथ मेरी गर्दन के आसपास लिपटे हुए थे।

फिर मैंने अपने एक हाथ से राफिया के ब्रा के हुक खोल दिए और उसका ब्रा धीरे से उतार कर पीछे सोफे पर फेंक दिया और उसके 34 आकार के मम्मों को ध्यान से देखने लगा। गोल सुडौल ऊपर को उठे हुए मम्मे अपनी मिसाल आप थे। उन पर थोड़ा ब्राउन रंग का दायरा और हल्के गुलाबी रंग के छोटे निपल्स राफिया की कुंवारी जवानी को चार चांद लगा रहे थे। राफिया के मम्मों को देख कर मैं स्वतः ही उन पर झुकता चला गया, मेरी जीभ बाहर आई और उसकी नोक सीधी राफिया के छोटे से तने हुए निप्पल को चाटने लगी जिससे राफिया की सिसकियाँ बढ़ने लगीं। पीछे से मेरा हाथ अब उसके चूतड़ों को फिर से दबाने में व्यस्त हो गया था, लेकिन अंतर यह था कि पहले यह हाथ सलवार के ऊपर से ही राफिया के चूतड़ दबा रहा था जबकि अब मेरा हाथ राफिया की सलवार में प्रवेश कर चुका था और उसके नरम और मुलायम मांस से भरे हुए चूतड़ दबाने में व्यस्त था। कुछ देर तक इसी तरह राफिया के मम्मे चूसने के बाद मैंने राफिया को सोफे पर लिटा दिया और खुद अपनी कमीज और सलवार खुद ही उतार कर उसके ऊपर लेट गया। राफिया के ऊपर लेटने से पहले मैंने राफिया की सलवार भी उतार दी थी। उसने नीचे से पैन्टी नहीं पहनी हुई थी इसलिये सलवार उतारते ही मुझे राफिया की टाइट कसी हुई चूत का नजारा देखने को मिला।

राफिया की चूत पहली नज़र में ही बता रही थी कि वह अभी तक कुंवारी है और किसी भी लंड ने उसे अभी तक छुआ भी नही है। उसकी चूत के होंठ आपस में मिले हुए थे और चूत पर हल्के हल्के पतले बाल थे। मैंने राफिया के दोनों पैरों को खोला और खुद उनके बीच बैठ कर उसकी चूत के ऊपर झुक गया। पहले मैंने अपना हाथ बड़ी नरमी से राफिया की कोमल और नाजुक चूत के ऊपर फेरा तो उसकी एक सिसकी निकली और उसका पूरा शरीर कांप गया। फिर मैंने अपनी जीभ बाहर निकाली और राफिया की चूत के लबों ऊपर ज़ुबान फेरने लगा। उसकी चूत का स्वाद नमकीन था और कुंवारी चूत की गर्मी अपने जोबन पर थी। मैंने राफिया की चूत को चाटना शुरू किया तो उसने मजे की तीव्रता से दाए बाएं सिर मारना शुरू कर दिया और अपने दोनों पैरों को आपस में इस तरह मिला लिया कि मेरा सिर उसकी टांगों के बीच फंस गया था और उसने अपने दोनों हाथों से मेरा सिर पकड़ कर चूत के ऊपर दबा दिया था।

राफिया पेट पर कपकपाहट स्पष्ट दिख रही थी, यह किसी डर के कारण नहीं थी बल्कि उसकी चूत पर जीभ रगड़ने से मिलने वाले मजे की वजह से था। मैं कुछ देर तक उसकी चूत को चाटता रहा और उसकी चूत से निकलने वाला गाढ़ा नमकीन पानी मेरी जीभ को अपने अनोखे स्वाद से मजा देता रहा। फिर मैंने उसकी टाँगें खोली और उसकी चूत से सिर निकाल लिया। मैंने राफिया के चेहरे की ओर देखा तो वह टमाटर की तरह लाल हो रहा था। तीव्रता की भावनाओं की वजह से उसका चेहरा गर्म भी हो रहा था और उसकी आँखों में वासना स्पष्ट दिख रही थी।

अब मैंने राफिया को खींच कर उसकी स्थिति कुछ इस तरह बदल ली कि उसका चेहरा सोफे के नीचे के हिस्से वाली तरफ था जहां मैं खड़ा था और उसकी टाँगें सोफे की टेक वाली साइड पर थीं। मैंने राफिया को थोड़ा ऊपर की तरफ धकेला तो उसकी कमर दोहरी हो गई, अब उसका सिर सोफे की सीट पर था और उसकी चूत सोफे की तकनीक पर थी, तो मैं अपने दोनों पैर चौड़े करके और सोफे पर घुटनों के बल इस तरह बैठ गया कि मेरा 8 इंच का लोड़ा राफिया के मम्मों से टकराने लगा। फिर मैंने राफिया से पूछा फिल्मों में लड़कियों का लंड चूसना देखा है न ??? राफिया ने कहां हां देखा है, यह कह कर उसने मेरी बात सुने बिना मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ लिया और उसे अपनी मुट्ठी में खींच लिया। मैं भी उसकी चूत के ऊपर झुक गया और अपनी जीभ फिर से उसकी चूत पर रख कर उसको चाटने लगा। राफिया की गर्म साँसें मुझे अपने लंड पर महसूस हो रही थी। वह मेरा लोड़ा हाथ में पकड़े दोबारा देख रही थी मगर अब तक उसने मेरा लंड अपने मुँह में नहीं लिया था।

कुछ देर तक उसकी चूत चाटने के बाद मैंने राफिया से कहा कि मेरा लंड मुंह में लेकर चूसे तो उसने धीरे धीरे मेरे लंड टोपी अपने मुँह के पास और फिर अपनी जीभ बाहर निकाल कर टोपी पर रख कर उसका स्वाद महसूस किया । फिर उसने रहकर रह कर यही हरकत दोहराई और बार बार अपनी जीभ मेरे लंड टोपी पर रगड़ते रही। फिर उसने हिम्मत की और एक ही बार में मेरे लंड की टोपी को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। जैसे ही उसने मेरी टोपी को चूसना शुरू किया मैंने भी फिर से अपनी ज़ुबान उसकी चूत पर रख कर उसको चाटना शुरू कर दिया।

मैंने राफिया की योनी के लबों को अपने हाथ से थोड़ा खोला और उसकी योनी के छेद पर अपनी जीभ रख कर उस पर दबाव बढ़ाने लगा। जिससे राफिया की सिसकियाँ निकलने लगी मगर मेरा लंड उसके मुंह में होने की वजह से कोई स्पष्ट आवाज नहीं आ रही थी। राफिया मेरा आधा लंड मुंह में ले चुकी थी और उसको चूसने में व्यस्त थी। ये उसकी पहली लंड चुसाइ थी इसलिए उम्मीद के मुताबिक मुझे थोड़ी तकलीफ हो रही थी मगर उसे इस बारे में बताकर में उसका मनोबल नही तोड़ना चाहता था, लेकिन मैं उसे उकसाने लगा कि तुम चुसाइ बहुत अच्छी करती है, लगी रहो इसी तरह। राफिया और मैं 5 मिनट तक इसी तरह 69 की स्थिति में योनी और लंड चाटते रहे। फिर कुछ देर बाद राफिया ने मेरा लंड अपने मुंह से निकाल लिया और सेक्सी आवाज में सिसकियाँ लेने लगी ... आह ह हओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह..... चाटो मेरी योनी को सलमान भाई ... आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह ह हईईईईईईईईईई हुहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ..... उफ़फफफफफफफफफ्फ़ एफ एफफफफफफफफफफफ्फ़ आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ... हाइईईईईईईईईईईईईई मेरी योनी ...... जोर से चाटो इसे ..... आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हह ह हईईईईईईईईईईईईईईई सलमान भाई ... खा जाओ अपनी साली की योनी को ..... आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह ह ह हइयीयायियैआइयैयीयीयियी हज्ज्ज्ज्ज्ज इन आवाजों के साथ उसके शरीर में कपकपाहट काफी बढ़ गई थी और फिर वह बोली सलमान भाई मेरी योनी में कुछ हो रहा है, कोई चीज़ चुभ रही है। मैंने उसकी बात का जवाब देने की बजाय उसकी योनी के छेद पर अपनी जीभ की गति और भी तेज कर दी और फिर कुछ ही देर के बाद राफिया की कुंवारी योनी का पहला पानी मेरे चेहरे पर अमृत की तरह बरसने लगा। पानी निकलने के दौरान राफिया का शरीर बुरी तरह कांप रहा था। उसको जीवन में पहली बार योनी से पानी निकलने का मज़ा मिला था क्योंकि सेक्स के दौरान मैंने राफिया से पूछा कि कल उसने फिगरिन्ग की थी तो उसने बताया था कि उसने कभी फिगरिन्ग नहीं की।

 
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