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रात को डिनर करने के बाद सब रश्मि और पल्ल्वी अपने अपने कमरे में चली गयी थीं. मम्मी तो शाम को ६ बजे मंदिर से आने के बाद खाना खाकर शाम ७ बजे ही अपना कमरा बंद करके सो जाती थीं.
रश्मि जब खाना खाकर अपने कमरे में पहुँची तो रत के सवा नौ बज रहे थे. उसे मालूम था कि दस बजे पल्ल्वी भी यहीं आने वाली है और फिर वे दोनों टी वी स्क्रीन पर मम्मी के कमरे में होने वाले तमाशे का लाइव टेलीकास्ट देखने वाले थे.
दस बजे पल्ल्वी रश्मि के कमरे में आ गयी. उसने एक बेहद टाइट शरीर से चिपका हुआ गाउन पहना हुआ था जिसमे से उसकी पूरी फिगर साफ़ दिखाई दे रही थी. रश्मि ने भी अब कपडे बदल लिए थे और वह भी एक गाउन ही पहने हुए थी.
दोनों साइड रूम में आ गयीं. रश्मि ने टी वी स्क्रीन ऑन करके अर्जुन के कमरे का लाइव देखा. अर्जुन अब खाना वगैरा खाकर एकदम तैयार था और मम्मी के कमरे में जाने की तैयारी कर रहा था. आज उसने एक नीली टी शर्ट और जींस पहनी हुई थी, जिस पर उसने एक चमड़े की काली बेल्ट भी बाँधी हुई थी. एक बार उसने अपने मोबाइल में कुछ खोलकर देखा. शायद वह मम्मी का आश्रम वाला वीडियो निकाल रहा था. इसके बाद उसने रश्मि की दी हुई मास्टर चाबी अपनी जींस की जेब में रखी और किचिन से निकलकर ऊपर फर्स्ट फ्लोर पर मम्मी के कमरे की तरफ चला गया.
अब रश्मि ने टी वी स्क्रीन पर बैक बटन दबाकर मम्मी के कमरे का लाइव टेलीकास्ट लगा दिया. मम्मी के कमरे में नाईट बल्ब जल रहा था और वह अपने बिस्तर पर शायद सो रही थीं. उन्होंने एक साड़ी पहनी हुई थी.
कुछ ही देर में मम्मी के कमरे का दरवाज़ा खुला और उसमे अर्जुन घुसकर अंदर आ गया. अर्जुन ने कमरे को अंदर से बंद कर लिया और बिस्तर पर लेटी मम्मी की तरफ एक नज़र डाली. वह शायद सो ही रही थीं, वरना अब तक जाग गयी होतीं. अर्जुन बिस्तर के पास पड़े एक सोफे पर आराम से बैठ गया और कमरे का और उसमे रखे सामान का जायज़ा लेने लगा.
इधर रश्मि टी वी स्क्रीन के पास रखे सोफे पर बैठी हुई थी और उसके सामने वाली कुर्सी पर पल्ल्वी आराम से बैठी हुई थी. दोनों की नज़रें टी वी स्क्रीन पर जमी हुई थीं मानो किसी बहुत रोचक फिल्म शुरू होने वाली हो. यकायक रश्मि के मन में ख्याल आया कि पल्ल्वी को भी बीच बीच में उसकी औकात बताना जरूरी है. रश्मि ने अब तक यह अंदाज़ा भी लगा लिया था कि पल्ल्वी को इस बात में मज़ा आता है कि कोई उसको डोमिनेट करता रहे. यही सोचते हुए उसने पल्ल्वी की तरफ देखकर कड़क आवाज़ में कहा-" भाभी अपने गाउन की ज़िप खोलो"
जैसा कि रश्मि को यकीन था, पल्ल्वी एकदम घबरा गयी और उसने तुरंत अपने गाउन क़ी ज़िप खोल दी. रश्मि ने देखा कि पल्ल्वी ने गाउन के अंदर कुछ भी नहीं पहना हुआ था और एकदम निर्वस्त्र थी. रश्मि ने पल्ल्वी से कहा-" अपनी कुर्सी को थोड़ा और मेरे नज़दीक लेकर आओ."
पल्ल्वी ने अपनी कुर्सी को रश्मि के सोफे के थोड़ा और नज़दीक कर लिया.
अब रश्मि ने अपने दोनों पैरों को रश्मि क़ी चिकनी जाँघों के ऊपर टिका दिया और टी वी क़ी तरफ देखने लगी.
अर्जुन अब अपनी कुर्सी से उठा और अपने हाथ से मम्मी के चेहरे को पकड़कर उन्हें जगाने क़ी कोशिश करने लगा.
शेष अगले भाग में......
रश्मि जब खाना खाकर अपने कमरे में पहुँची तो रत के सवा नौ बज रहे थे. उसे मालूम था कि दस बजे पल्ल्वी भी यहीं आने वाली है और फिर वे दोनों टी वी स्क्रीन पर मम्मी के कमरे में होने वाले तमाशे का लाइव टेलीकास्ट देखने वाले थे.
दस बजे पल्ल्वी रश्मि के कमरे में आ गयी. उसने एक बेहद टाइट शरीर से चिपका हुआ गाउन पहना हुआ था जिसमे से उसकी पूरी फिगर साफ़ दिखाई दे रही थी. रश्मि ने भी अब कपडे बदल लिए थे और वह भी एक गाउन ही पहने हुए थी.
दोनों साइड रूम में आ गयीं. रश्मि ने टी वी स्क्रीन ऑन करके अर्जुन के कमरे का लाइव देखा. अर्जुन अब खाना वगैरा खाकर एकदम तैयार था और मम्मी के कमरे में जाने की तैयारी कर रहा था. आज उसने एक नीली टी शर्ट और जींस पहनी हुई थी, जिस पर उसने एक चमड़े की काली बेल्ट भी बाँधी हुई थी. एक बार उसने अपने मोबाइल में कुछ खोलकर देखा. शायद वह मम्मी का आश्रम वाला वीडियो निकाल रहा था. इसके बाद उसने रश्मि की दी हुई मास्टर चाबी अपनी जींस की जेब में रखी और किचिन से निकलकर ऊपर फर्स्ट फ्लोर पर मम्मी के कमरे की तरफ चला गया.
अब रश्मि ने टी वी स्क्रीन पर बैक बटन दबाकर मम्मी के कमरे का लाइव टेलीकास्ट लगा दिया. मम्मी के कमरे में नाईट बल्ब जल रहा था और वह अपने बिस्तर पर शायद सो रही थीं. उन्होंने एक साड़ी पहनी हुई थी.
कुछ ही देर में मम्मी के कमरे का दरवाज़ा खुला और उसमे अर्जुन घुसकर अंदर आ गया. अर्जुन ने कमरे को अंदर से बंद कर लिया और बिस्तर पर लेटी मम्मी की तरफ एक नज़र डाली. वह शायद सो ही रही थीं, वरना अब तक जाग गयी होतीं. अर्जुन बिस्तर के पास पड़े एक सोफे पर आराम से बैठ गया और कमरे का और उसमे रखे सामान का जायज़ा लेने लगा.
इधर रश्मि टी वी स्क्रीन के पास रखे सोफे पर बैठी हुई थी और उसके सामने वाली कुर्सी पर पल्ल्वी आराम से बैठी हुई थी. दोनों की नज़रें टी वी स्क्रीन पर जमी हुई थीं मानो किसी बहुत रोचक फिल्म शुरू होने वाली हो. यकायक रश्मि के मन में ख्याल आया कि पल्ल्वी को भी बीच बीच में उसकी औकात बताना जरूरी है. रश्मि ने अब तक यह अंदाज़ा भी लगा लिया था कि पल्ल्वी को इस बात में मज़ा आता है कि कोई उसको डोमिनेट करता रहे. यही सोचते हुए उसने पल्ल्वी की तरफ देखकर कड़क आवाज़ में कहा-" भाभी अपने गाउन की ज़िप खोलो"
जैसा कि रश्मि को यकीन था, पल्ल्वी एकदम घबरा गयी और उसने तुरंत अपने गाउन क़ी ज़िप खोल दी. रश्मि ने देखा कि पल्ल्वी ने गाउन के अंदर कुछ भी नहीं पहना हुआ था और एकदम निर्वस्त्र थी. रश्मि ने पल्ल्वी से कहा-" अपनी कुर्सी को थोड़ा और मेरे नज़दीक लेकर आओ."
पल्ल्वी ने अपनी कुर्सी को रश्मि के सोफे के थोड़ा और नज़दीक कर लिया.
अब रश्मि ने अपने दोनों पैरों को रश्मि क़ी चिकनी जाँघों के ऊपर टिका दिया और टी वी क़ी तरफ देखने लगी.
अर्जुन अब अपनी कुर्सी से उठा और अपने हाथ से मम्मी के चेहरे को पकड़कर उन्हें जगाने क़ी कोशिश करने लगा.
शेष अगले भाग में......