पल्ल्वी के जाने के बाद रश्मि काफी देर तक सो नहीं सकी.
उसने पल्ल्वी को तो यह बहाना बनाकर भेज दिया कि उसे नींद आ रही है लेकिन नींद उसकी आँखों से कोसों दूर थी
दरअसल वह पल्ल्वी की बातों को सच तो समझ रही थी लेकिन यह नहीं समझ पा रही थी कि आखिर कैसे अपनी ही मम्मी को घर के एक नौकर के हवाले कर दिया जाए तो उन्हें अभी तक "बड़ी मालकिन" कहता आया था
रश्मि ने हालांकि कभी अपनी मम्मी के प्रति इस नज़रिये से सोचा भी नहीं था कि उनकी उम्र अभी सिर्फ ४६ साल की है और उन्होंने अपने आप को एकदम फिट रखा हुआ है.
सबसे बड़ी समस्या तो उसे यह लग रही थी कि क्या वह अर्जुन से यह सब करने के लिए कह भी पाएगी ? यह तो उसे पता था कि अगर अर्जुन को रश्मि की तरफ से छूट मिल गयी तो वह अपनी "बड़ी मालकिन" को भी अपना सेक्स स्लेव बनाने में कोई देर नहीं लगाएगा लेकिन यह सब होगा कैसे ?
यह सब सोचते सोचते रश्मि को भी नींद आ गयी
अगले दिन सब लोगों ने रोज की तरह नाश्ता वगैरा किया और जब मम्मी रोजाना की तरह मंदिर चली गयीं तो रश्मि और पल्ल्वी फिर अपनी कल की बातचीत को आगे बढ़ाने लगीं.
रश्मि : बताओ अब क्या करें भाभी-मैं तो आपकी बात से सहमत हूँ.
पल्ल्वी : देख, कल रात मैंने विमल से भी फोन पर बात करके सारी बात बतायी है. विमल का भी यही कहना है कि मंदिर-आश्रम भेजने में ज्यादा रिस्क है क्योंकि वहां अगर कभी पुलिस वगैरा की रेड हुई तो हमारी भी बदनामी हो सकती है. वह भी यही कह रहे हैं कि अर्जुन के जिम्मे ही यह काम सौंप देना चाहिए.लेकिन उस पर हमारी निगरानी भी रहनी चाहिए.
रश्मि : भाभी, अर्जुन पर निगरानी की फ़िक्र आप बिलकुल मत करो. वह मेरी मर्ज़ी के बिना इस घर में अब कुछ नहीं कर सकता है.
पल्ल्वी : यही देखकर तो मैंने यह सारी बातचीत अब छेड़ी है , क्योंकि मुझे जो अब वैसे भी यहां से अगले १०-१५ दिनों में अमेरिका चले जाना है. जब मैंने यह देख लिया कि अर्जुन तेरे पूरे कंट्रोल में है तभी मुझे यह बात ध्यान आयी कि मंदिर-आश्रम के यौन शोषण से बढ़िया तो अर्जुन का यौन शोषण ही रहेगा.
रश्मि : भाभी , अब आप यह बताओ कि मुझे क्या करना है -मैं तैयार हूँ.
पल्ल्वी : सबसे पहले तो मैं तेरे टी वी स्क्रीन में मम्मी के कमरे की भी सेटिंग कर देती हूँ ताकि तुझे उस कमरे का भी लाइव देखने को मिल सके.
पल्ल्वी इस समय रश्मि के कमरे में ही बैठी थी. उसने टी वी पर सेटिंग करके मम्मी के कमरे को भी लाइव सेटिंग के लिए कनेक्ट कर दिया. अब इस कमरे से घर के बाकी सभी कमरों को लाइव देखा जा सकता था.
इसके बाद पल्ल्वी ने बोलना शुरू किया : अब तुझे अर्जुन को इस काम के लिए तैयार करना होगा. सबसे मुश्किल यही काम है लेकिन इसे सिर्फ तू ही कर सकती है. कल से मम्मी मंदिर नहीं जाएंगी, यह सुनिश्चित करना अर्जुन का काम होना चाहिए. आज रात से ही अर्जुन को अपने काम पर लग जाना चाहिए.
अब रश्मि को सब कुछ समझ आ गया था कि उसे अब क्या करना है
उसने पल्ल्वी से कहा- " ठीक है भाभी, यह जो आश्रम वाली पेन ड्राइव है, आप अभी एक दो दिन के लिए मेरे पास ही रहने दो. मैं इसे अर्जुन को भी दिखाना चाहती हूँ."
यह सब बात करते करते १२ बज गए थे. अर्जुन दोपहर का खाना बनाने की तैयारी कर रहा था. रश्मि ने पल्ल्वी से कहा-" लंच के बाद मैं अर्जुन को अपने कमरे में बुलाकर उसे जरूरी हिदायत दूंगी और उसके बाद आपको भी बताऊंगी कि क्या प्लान है."
२ बजे तक सबने अपना -अपना लंच कर लिया और इसके बाद पल्ल्वी अपने कमरे में चली गयी और रश्मि ने अर्जुन को अपने कमरे में बुला लिया.
अर्जुन आते ही रश्मि से बोला-" जी मेम साब आपने मुझे बुलाया ?"
रश्मि बोली- " हाँ देखो सामने कुर्सी पर बैठ जाओ और एक वीडियो मैं दिखा रही हूँ, उसे ध्यान से देखो."
अर्जुन कुर्सी पर बैठ गया. रश्मि ने आश्रम वाली वीडियो टी वी पर चला दिया और अर्जुन उसे देखने लगा.
एक घंटे में वीडियो ख़त्म हो गया. अर्जुन का लण्ड इस वीडियो को देखकर भी निक्कर के अंदर ही तन कर खड़ा हो गया था
रश्मि ने उससे पुछा-" हाँ, क्या समझ आया.?"
अर्जुन बोला: मेम साब मुझे तो यह सब पहले से ही मालूम है. सुखसागर आश्रम और मंदिर के किस्से तो पूरे शहर में मशहूर हैं- वहां यही सब कुछ नहीं, और भी बहुत कुछ होता है.
रश्मि हैरान होकर बोली : और क्या क्या होता है वहां और तुझे यह सब कैसे मालूम है ?
अर्जुन : मेम साब मैं सुबह शाम पार्क वाले जिम में कसरत करने जाता हूँ, वहां उस मंदिर के एक दो चेले भी कसरत करने आते हैं, वे सब वहां के बारे में बताते रहते हैं.
रश्मि हंसकर बोली : तो तुझे भी क्या आश्रम में चेला बनने की इच्छा है ?
अर्जुन : अरे नहीं मेम साब, वहां तनखा नहीं मिलती है- बस रहो, खाओ और वहां आने वाली औरतों के साथ मौज मस्ती करो. बस......
अर्जुन की बातों को सुनकर अब रश्मि को भी लगने लगा कि पल्ल्वी ठीक कह रही है और मम्मी का वहां जाना तुरंत बंद कर देना चाहिए.
रश्मि को अब यह समझ नहीं आ रहा था कि अर्जुन के साथ बात को कहाँ से शुरू करे.
उसने कुछ सोचने के बाद अर्जुन से कहा-" देख अर्जुन. तू मेरी हर बात मानता आया है इसलिए मैं तुझे एक और काम की जिम्मेदारी देना चाहती हूँ- लेकिन यह बात मेरे और तुम्हारे बीच ही रहनी चाहिए और किसी को इसके बारे में पता भी नहीं लग्न चाहिए, मम्मी को भी नहीं."
अर्जुन बोला : ठीक है मेम साब, आप जो कहो मैं वह करने के लिए हमेशा ही तैयार हूँ.
रश्मि : मैं यह चाहती हूँ कि मम्मी कल से मंदिर जाना बंद कर दें क्योंकि मुझे यह मालूम पड़ा है कि जिस मंदिर में मम्मी जाती हैं, यह आश्रम उसी मंदिर का हिस्सा है
अर्जुन अब रश्मि को टोकते हुए बोला : " मेम साब आप बुरा न माने तो मैं कुछ कहना चाहता हूँ."
रश्मि बोली : हाँ बोलो, मैं बुरा नहीं मानूंगी.
अर्जुन ने अपना मोबाइल फ़ोन खोलकर उसे रश्मि को देते हुए कहा : " मेम साब जो पार्क के जिम में मंदिर में काम करने वाला चेला राकेश आता है, उसने मुझे अपने मोबाइल में से यह वीडियो दिया है."
रश्मि ने उस वीडियो को देखना शुरू किया : वीडियो में आश्रम के अंदर मम्मी एक चेले के सामने खड़ी हुई थीं उन्होंने सिर्फ ब्लॉउज और पेटीकोट पहना हुआ था. चेला मम्मी के सामने एक कुर्सी पर बैठकर उनके पेट पर हाथ फिर रहा था -" तुम्हारा पेट थोड़ा बाहर की तरफ आना शुरू हो गया है, इसका मतलब है कि आपको फिटनेस के लिए कुछ मेहनत करनी पड़ेगी. ऐसा करो अपनी ब्लॉउज उतारो "
मम्मी ने अपनी ब्लॉउज उतार दी
ब्लॉउज उतारने के बाद चेले ने मम्मी के ब्रा में बंद उरोजों को थोड़ा दबाया सहलाया और फिर बोला-"इसे भी उतारो"
मम्मी ने ब्रा भी उतार दी.
ब्रा उतारने के बाद मम्मी अपने हाथों को अपने उरोजों पर लाकर उन्हें ढकने का प्रयास करने लगीं , लेकिन चेले ने मम्मी से कहा-" अपने दोनों हाथ एकदम सीधे करके ऊपर की तरफ उठाओ और १०० उठक बैठक लगाओ"
मम्मी ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए और चेले के सामने खड़े होकर उठक बैठक लगाने लगीं. कुछ देर बाद मम्मी थक कर रुक गयीं तो चेला बोला- " अभी सिर्फ ४० उठक बैठक हुई है. बिना रुके लगाती रहो. तुम्हारा बदन एकदम फिट होना जरूरी है- जो औरतें फिट नहीं रह सकती हैं, उन्हें आश्रम में एंट्री आगे से नहीं मिलेगी."
मम्मी बड़ी गिड़गिड़ाते हुए बोलीं : लेकिन स्वामी जी, मैं बहुत थक गयी हूँ, कुछ देर बाद रूककर बाकी की उठक बैठक लगा लूंगी."
चेला बोला : ठीक है, अपना पेटीकोट उतारो और यहां मेरी गोद में बैठ जाओ. मैं तुम्हारी थकान भी दूर कर देता हूँ और थोड़ी मालिश भी कर देता हूँ."
मम्मी ऊपर से तो पूरी निर्वस्त्र ही थीं. पेटीकोट उतारने के बाद उनके बदन पर सिर्फ एक पैंटी ही बची थी. चेले ने मम्मी को अपनी गोद में बिठाया और उनके पूरे निर्वस्त्र बदन को जगह जगह से सहलाने-दबाने और मसलने लगा."
यह वीडियो यहीं पर ख़त्म हो गयी थी . रश्मि ने देखा कि वीडियो सिर्फ १० मिनट की थी.
रश्मि ने इस वीडियो को अपने मोबाइल में भी डाउनलोड कर लिया लेकिन अर्जुन के मोबाइल से डिलीट नहीं किया. उसे मन ही मन लगा कि उसका काम अब काफी आसान हो गया है
उसने अर्जुन की तरफ गुस्से से देखते हुए कहा-" तुम्हारे पास ऐसी वीडियो थी और तुमने मुझे बताया तक नहीं."
अर्जुन : मेम साब यही राकेश चेला है जो बड़ी मालकिन के साथ बदतमीजी कर रहा है. यह दो तीन दिन पहले मुझे चिढ़ा रहा था कि "तुम्हारी मालकिन भी हमारे आश्रम में आती है और मैं भी उनके साथ खूब मौज मस्ती करता हूँ." मैंने उसके एक थप्पड़ लगाते हुए कहा था कि तू क्या बकवास कर रहा है तो कल उसने सबूत के तौर पर मुझे यह वीडियो लाकर दी थी और बोला कि "देख मैंने तेरी मालकिन के साथ आज कैसे मजे लिए हैं, उन्हें तू अपनी आँखों से दख ले". मैंने तो डर के मारे आपको कुछ नहीं बताया कि कहीं आप इसे देखकर मुझ पर ही गुस्सा न हो जाओ.
एक के बाद एक नए खुलासे होने से रश्मि एकदम हैरानी की मुद्रा में थी लेकिन फिर भी उसने अपना संतुलन बनाये रखते हुए अर्जुन से कहना शुरू किया-" कल ने मम्मी मंदिर या आश्रम कहीं भी ना जाएँ, यह तेरी जिम्मेदारी है. जो यह चेला मम्मी के साथ कर रहा है यह सब मम्मी की जरूरत है जो उन्हें डॉक्टर ने बतायी हुई है. अगर मम्मी के साथ कोई इस तरह नियमित रूप से नहीं करेगा तो उनकी मानसिक हालत ख़राब हो सकती है. तुम्हे अपनी "बड़ी मालकिन" के साथ अब वही सब करना है तो एक दबंग मर्द अपनी औरत के साथ करता है. इसी में मम्मी की और हम सबकी भलाई है और तेरी तो मौज़ ही है (रश्मि आखिर में मज़ाक करते हुए हंसती हुई बोली) रश्मि ने देखा कि यह सुनकर अर्जुन का लण्ड अपने निक्कर में एकदम तनकर खड़ा हो गया था.
अर्जुन बोला _ " जी मेम साब. आप कह रही हैं तो मैं यह काम कर दूंगा क्योंकि आपकी कोई बात तो मैं ताल ही नहीं सकता हूँ. लेकिन यह सब मैं करूंगा कैसे ?"
रश्मि बोली-" मेरी हर बात को ध्यान से सुन. आज शाम को जैसे ही हम सब डिनर करके अपने अपने कमरों में चले जाएंगे तो तुम भी अपना डिनर कर लेना और उसके बाद मम्मी के कमरे में चले जाना. यह इस घर के सभी कमरों की मास्टर चाबी है. कमरे के बाहर और अंदर दोनों तरफ से सभी कमरे इस अकेली चाबी से बंद किये या खोले जा सकते हैं. कमरे में घुसने के बाद मम्मी अगर जाग रही हों तो ठीक है, वरना उन्हें जगा देना और यह वीडियो जो तुमने अभी मुझे दिखाया है, उसे मम्मी को भी दिखाना और कड़कदार आवाज़ में पूछना कि यह सब क्या चल रहा है और आप क्या मंदिर में यह सब करने जाती हो ? यह भी कहना कि यह वीडियो मैंने अभी तक किसी को भी नहीं दिखाया है लेकिन जरूरत पड़ने पर किसी को भी दिखा सकता हूँ. बस तुम्हारा काम इतना ही है. इसके बाद मम्मी तुम्हारे कंट्रोल में होंगी. उन्हें यह पता न लगे कि मैंने या पल्ल्वी ने तुम्हे उनके पास भेजा है. इसलिए जो कुछ भी तुम करो उसकी खबर हम लोगों को न लगे, यह दिखाने की कोशिस करना वरना उन्हें लगेगा कि हम सब इस खेल में शामिल हैं. बाकी मेरी तरफ से तुम्हे पूरी छूट है. मेरी दो ही शर्ते हैं- एक तो वही कि बिना कंडोम के सेक्स नहीं होना चाहिए और मम्मी को यह लगे कि यह सारा मामला उनके और तुम्हारे बीच ही है और घर के बाकी लोगों को इसके बारे में कुछ नहीं मालूम है."
अर्जुन बोला-" ठीक है मेम साब, मैं इसी तरह करने की कोशिश करूंगा. मुझसे कहीं गलती हो तो बीच में आप मुझे रोक कर ठीक करा देना क्योंकि आपने बड़ी शर्तें लगा दी हैं और काम थोड़ा मुश्किल है."
रश्मि बोली-" ठीक है, अब तुम जाकर अपना काम कर लो"
अर्जुन वहां से चला गया. शाम के साढ़े चार बज चुके थे. रश्मि ने दरवाज़ा अंदर से बंद किया और बिस्तर पर लेटकर अपने मन को शांत करने का प्रयास करने लगी.
उसे चैन नहीं मिला तो उसने फोन करके पल्ल्वी को अपने कमरे में बुला लिया.
पल्ल्वी आयी तो रश्मि ने अर्जुन से हुई सारी बातचीत भी पल्ल्वी को बता दी और यह भी बता दिया कि अर्जुन आज रात मम्मी के साथ क्या करने वाला है.
पल्ल्वी ने अपने सर पर हाथ रखकर कहा- " ओह माय गॉड. कैसे कैसे नाटक हमें अभी और देखने हैं. हमने लगता है मम्मी के मामले में देरी कर दी लेकिन चलो देर आये दुरुस्त आये."
रश्मि बोली : भाभी आज रात आप भी मेरे कमरे में ही आ जाना . यहीं सो जाएंगे. अर्जुन आज पहले दिन क्या करता है, यह भी देखना है. सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तक अर्जुन को यह पता था कि वह मेरी निगरानी में है. आज उसे पहली बार ऐसा लग रहा होगा कि आज उसे कोई नहीं देख रहा है. क्योंकि उसे यही पता है कि सिर्फ तीन कमरों का ही लाइव मेरे टी वी पर आता है. मुझे भी आज दोपहर तक यही मालूम था कि सिर्फ तीन कमरों का लाइव हो सकता है लेकिन मम्मी के कमरे का भी लाइव हो सकता है, यह अभी तक मुझे और आपको ही मालूम है."
पल्ल्वी हँसते हुए बोली : तो तू शैतान आज की रात अर्जुन और मम्मी की सेक्सी फिल्म देखेगी ? चल मैं भी देखने के लिए तैयार हूँ.
रश्मि थोड़ी सीरियस होते हुए बोली : नहीं भाभी, पहला दिन है. देखना जरूरी है. कहीं ऐसा न हो कि अर्जुन लो लगे कि कोई देखने वाला तो है नहीं और वह कुछ ऐसा मम्मी के साथ कर दे जो उसे नहीं करना चाहिए."
पल्ल्वी बोली : तेरा सोचना अपनी जगह ठीक है. लेकिन जहां तक मुझे लग रहा है कि अर्जुन जो कुछ भी करेगा, मम्मी को उससे फायदा ही होगा. मम्मी अगर खुश तो हम सब खुश. बस यही सच है."
इस बातचीत में साढ़े पांच बज गए थे. पल्ल्वी अपने कमरे में चली गयी थी और रश्मि भी फ्रेश होने के लिए वाशरूम में चली गयी.