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भाई बहन,ननद भाभी और नौकर

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रात को डिनर करने के बाद सब रश्मि और पल्ल्वी अपने अपने कमरे में चली गयी थीं. मम्मी तो शाम को ६ बजे मंदिर से आने के बाद खाना खाकर शाम ७ बजे ही अपना कमरा बंद करके सो जाती थीं.

रश्मि जब खाना खाकर अपने कमरे में पहुँची तो रत के सवा नौ बज रहे थे. उसे मालूम था कि दस बजे पल्ल्वी भी यहीं आने वाली है और फिर वे दोनों टी वी स्क्रीन पर मम्मी के कमरे में होने वाले तमाशे का लाइव टेलीकास्ट देखने वाले थे.

दस बजे पल्ल्वी रश्मि के कमरे में आ गयी. उसने एक बेहद टाइट शरीर से चिपका हुआ गाउन पहना हुआ था जिसमे से उसकी पूरी फिगर साफ़ दिखाई दे रही थी. रश्मि ने भी अब कपडे बदल लिए थे और वह भी एक गाउन ही पहने हुए थी.

दोनों साइड रूम में आ गयीं. रश्मि ने टी वी स्क्रीन ऑन करके अर्जुन के कमरे का लाइव देखा. अर्जुन अब खाना वगैरा खाकर एकदम तैयार था और मम्मी के कमरे में जाने की तैयारी कर रहा था. आज उसने एक नीली टी शर्ट और जींस पहनी हुई थी, जिस पर उसने एक चमड़े की काली बेल्ट भी बाँधी हुई थी. एक बार उसने अपने मोबाइल में कुछ खोलकर देखा. शायद वह मम्मी का आश्रम वाला वीडियो निकाल रहा था. इसके बाद उसने रश्मि की दी हुई मास्टर चाबी अपनी जींस की जेब में रखी और किचिन से निकलकर ऊपर फर्स्ट फ्लोर पर मम्मी के कमरे की तरफ चला गया.

अब रश्मि ने टी वी स्क्रीन पर बैक बटन दबाकर मम्मी के कमरे का लाइव टेलीकास्ट लगा दिया. मम्मी के कमरे में नाईट बल्ब जल रहा था और वह अपने बिस्तर पर शायद सो रही थीं. उन्होंने एक साड़ी पहनी हुई थी.

कुछ ही देर में मम्मी के कमरे का दरवाज़ा खुला और उसमे अर्जुन घुसकर अंदर आ गया. अर्जुन ने कमरे को अंदर से बंद कर लिया और बिस्तर पर लेटी मम्मी की तरफ एक नज़र डाली. वह शायद सो ही रही थीं, वरना अब तक जाग गयी होतीं. अर्जुन बिस्तर के पास पड़े एक सोफे पर आराम से बैठ गया और कमरे का और उसमे रखे सामान का जायज़ा लेने लगा.

इधर रश्मि टी वी स्क्रीन के पास रखे सोफे पर बैठी हुई थी और उसके सामने वाली कुर्सी पर पल्ल्वी आराम से बैठी हुई थी. दोनों की नज़रें टी वी स्क्रीन पर जमी हुई थीं मानो किसी बहुत रोचक फिल्म शुरू होने वाली हो. यकायक रश्मि के मन में ख्याल आया कि पल्ल्वी को भी बीच बीच में उसकी औकात बताना जरूरी है. रश्मि ने अब तक यह अंदाज़ा भी लगा लिया था कि पल्ल्वी को इस बात में मज़ा आता है कि कोई उसको डोमिनेट करता रहे. यही सोचते हुए उसने पल्ल्वी की तरफ देखकर कड़क आवाज़ में कहा-" भाभी अपने गाउन की ज़िप खोलो"

जैसा कि रश्मि को यकीन था, पल्ल्वी एकदम घबरा गयी और उसने तुरंत अपने गाउन क़ी ज़िप खोल दी. रश्मि ने देखा कि पल्ल्वी ने गाउन के अंदर कुछ भी नहीं पहना हुआ था और एकदम निर्वस्त्र थी. रश्मि ने पल्ल्वी से कहा-" अपनी कुर्सी को थोड़ा और मेरे नज़दीक लेकर आओ."

पल्ल्वी ने अपनी कुर्सी को रश्मि के सोफे के थोड़ा और नज़दीक कर लिया.

अब रश्मि ने अपने दोनों पैरों को रश्मि क़ी चिकनी जाँघों के ऊपर टिका दिया और टी वी क़ी तरफ देखने लगी.

अर्जुन अब अपनी कुर्सी से उठा और अपने हाथ से मम्मी के चेहरे को पकड़कर उन्हें जगाने क़ी कोशिश करने लगा.

शेष अगले भाग में......
 
अर्जुन ने जैसे ही मम्मी को झिंझोड़कर जगाया, वह एकदम उठ गयीं और एकदम चिल्लाकर बोली- " तू मेरे कमरे में मेरी मर्ज़ी के बिना कैसे घुस आया। अभी रुक मैं तेरी खबर लेती हूं।"

इससे पहले कि मम्मी अपना फोन उठा पातीं, अर्जुन ने तड़ातड़ दो तीन थप्पड़ मम्मी के गालों पर लगाते हुए कहा- " यह वीडियो देख जरा और मुझे यह बता कि यह सब बदमाशी कब से चल रही है।"

यह कहकर अर्जुन ने अपना मोबाइल खोलकर मम्मी के हाथ मे पकड़ा दिया।

मम्मी ने वीडियो देखा और एक अपराधी की तरह अर्जुन के आगे सर झुकाकर खड़ी हो गई।

अर्जुन समझ गया कि बात बन चुकी है। उसने जीन्स के अंदर अपने तने हुए लंड को सहलाते हुए एक और चपत मम्मी के गाल पर लगाया और बोला-" सबके सामने तो बड़ी सती सावित्री होने का ढोंग करके मंदिर जाने का बहाना करती है और आश्रम में यह रंगरेलियां मनाई जा रही हैं। यह वीडियो अब क्या मैं कुसुम और रश्मि को भी दिखा दूँ ? "

अब मम्मी एकदम अर्जुन के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगीं- " नही, यह गज़ब मत करना। तुम जो कहोगे वह मैं करने के लिए तैयार हूं। बस यह वीडियो अपने तक ही रखना। "

अर्जुन को जब लगा कि मम्मी पूरी तरह से उसके कंट्रोल में आ चुकी हैं तो वह फिर से सोफे पर अपने पैर फैलाकर बैठ गया और बोला- " चल इधर मेरे सामने आकर खड़ी हो जा "

मम्मी अर्जुन की दोनों टाँगों के बीच मे आकर खड़ी हो गई।

अर्जुन का लंड जीन्स से बाहर निकला जा रहा था।

अर्जुन मुस्कराते हुए मम्मी से बोला- " चल अपनी साड़ी उतार "

मम्मी ने अपनी साड़ी फ़टाफ़ट उतार दी।

मम्मी के बदन पर लाल ब्लाउज और पेटीकोट बच गया था।

अर्जुन ने देखा कि मम्मी ने अपने बदन को एकदम फिट रखा हुआ था और वह अपनी उम्र से कम से कम 10 साल छोटी लग रही थीं। अर्जुन ने अपने हाथ को मम्मी के चिकने और सपाट पेट पर काफी देर तक फिराया और फिर उसके हाथ खिसकते हुए मम्मी के बलाउज में बंद उरोजों को दबाने सहलाने लगे।

मम्मी अर्जुन का विरोध करने की स्थिति में नही थीं इसलिए वह जो कुछ भी कर रहा था, उसे सहते जाने के सिवा उनके पास कोई चारा नही था।

अर्जुन ने मम्मी को अपनी तरफ खींचते हुए अपने चेहरे को मम्मी के नाभि प्रदेश पर रखकर वहां चूमना चाटना शुरू कर दिया। काफी देर तक अपने चेहरे को अर्जुन मम्मी के चिकने पेट पर रगड़ता रहा।

इसी तरह काफी देर मम्मी से मज़े लेने के बाद अर्जुन बोला-" चलो अब अपना ब्लाउज और पेटीकोट भी उतारो।"

ब्लाउज और पेटीकोट उतरते ही अर्जुन एकदम बौरा सा गया और मम्मी की केले जैसी चिकनी जांघों पर अपने हाथ फिराने लगा।

काफी मज़े लेने के बाद अर्जुन बोला : चल अब यह ब्रा और पेन्टी भी उतार और एकदम नंगी हो जा।

मम्मी ने अर्जुन के हुक्म का पालन किया और अपने आखिरी कपड़े भी उतार दिए।

अर्जुन पूरी मस्ती में था : पीछे घूमकर दिखाओ

मम्मी पीछे घूम गई।

अर्जुन मम्मी के नितंबों पर हाथ फिरफिरा कर उन्हें थपथपाने लगा। उसके हाथ मम्मी की पीठ को भी सहला रहे थे।

इसके बाद अर्जुन ने कुछ देर रुककर अपनी टी शर्ट और जीन्स भी उतार दी। अब उसके बदन पर भी सिर्फ एक अंडरवियर था।

वह दुबारा से अपने पैर फैलाकर सोफे पर बैठ गया और मम्मी से बोला : नीचे घुटनों के बल बैठो

मम्मी कुछ समझी नही और अर्जुन के सामने उसकी टाँगों के बीच घुटनों के बल बैठ गयी।

अर्जुन ने बेहद रौबीली आवाज़ में मम्मी से कहा : अंडरवियर में से मेरा लंड बाहर निकालो और उसे अपने मुंह मे लेकर चूसो।

अब मम्मी ने पहली बार इनकार करते हुए कहा : यह सब मैंने पहले कभी नही किया है। यह मैं नही करूंगी

अर्जुन को लगा कि चिड़िया कंट्रोल से बाहर जाने की कोशिश कर रही है। वह बोला : चल खड़ी हो जा। अब तुझे ऐसी सज़ा मिलेगी कि आज के बाद से तू मुझे किसी भी बात के लिए इनकार करना हमेशा के लिए भूल जाएगी।

मम्मी फिर से खड़ी हो गई।
 
अर्जुन ने अपनी जीन्स में से चमड़े की बेल्ट निकाली और उसका एक स्ट्रोक मम्मी के नंगे बदन पर जोर से मारता हुआ बोला : अब तुझे इस बेल्ट के 50 स्ट्रोक लगाए जाएंगे।

अर्जुन बेल्ट के स्ट्रोक लगता जा रहा था और मम्मी जोर जोर से उछल उछल कर चिल्लाते हुए अर्जुन से कह रही थीं : मुझे और मत मारो। मैं तुम्हारा लंड चूसने के लिए तैयार हूँ।

अर्जुन मुस्कराते हुए बोला : अभी तो 20 बेल्ट स्ट्रोक ही लगे हैं। सजा तो पूरी भुगतनी पड़ेगी। अब यह बता कि 30 बेल्ट स्ट्रोक और लगाऊं या फिर तू मुझे 100 उठक बैठक लगाकर दिखाएगी।

मम्मी गिड़गिड़ाते हुए बोली : बेल्ट स्ट्रोक नही। बहुत दर्द हो रहा है। मैं 100 उठक बैठक लगा देती हूँ।

अर्जुन फिर हंसते हुए सोफे पर पैर फैलाकर बैठ गया और बोला : ठीक है। यहां मेरे नज़दीक आओ और कान पकड़कर 100 उठक बैठक लगाओ।

मम्मी का बदन अर्जुन के एकदम नज़दीक था और उठक बैठक लगाते वक्त भी वह उनके नंगे बदन को जगह जगह से दबा सहला रहा था।

40 उठक बैठक लगाने के बाद मम्मी वहीं अर्जुन के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाने लगीं : अब मैं बहुत थक गई हूं। अब दुबारा से गलती नही करूँगी। बस अब और उठक बैठक आज मत लगवाओ।

अर्जुन फिर बोला : देखो अब मैं बिस्तर पर लेट रहा हूँ। वहां बिस्तर पर आ जाओ और मेरा अंडरवियर उतारकर मेरा लंड चूसना शुरू कर दो।

इसके बाद अर्जुन बिस्तर पर जाकर लेट गया और मम्मी से बोला : आओ मुझे खुश करो

मम्मी फ़टाफ़ट बिस्तर पर पहुंच गई और अर्जुन के अंडरवियर में से लंड को निकालकर उसे अपने मुंह मे लेकर चूसने लगी।

अर्जुन बोला : पहले ही लंड चूस लेती तो न बेल्ट के स्ट्रोक लगते और न उठक बैठक लगानी पड़ती। अब आगे से ध्यान रखना। जो कुछ भी मेरा हुक्म हो उसका तुरंत पालन होना चाहिए।

मम्मी पूरी लगन और तल्लीनता से अर्जुन का लंड चूस चूसकर उसे खुश करने की कोशिश कर रही थी।

अचानक अर्जुन ने अपने लंड की पिचकारी छोड़ते हुए मम्मी को आदेश दिया : इसमें से जितना जूस निकले उसे तुझे पीना है। एक भी बूंद बाहर गिरी तो तुझसे उसे भी चटवाऊंगा।

अर्जुन और मम्मी दोनों इस समय पूरी तरह नंगे थे। अर्जुन ने जैसे ही लंड की पिचकारी छोड़ी, मम्मी फ़टाफ़ट सारा जूस पी गयीं लेकिन फिर भी काफी वीर्य रस बाहर अर्जुन की जांघों के अंदरूनी भाग पर गिर गया था।

अर्जुन बोला : पहले मेरे गीले लंड को चाटकर साफ करो और उसके बाद अपनी जीभ से मेरी जाँघों पर गिरे वीर्य को चाटो।

अर्जुन डबल मज़ा ले रहा था। लंड चुसवाने और चटवाने के बाद उसने मम्मी से अपनी जाँघे भी चटवाईं।

मम्मी अर्जुन के अगले आदेश की प्रतीक्षा करते करते लगातार उसकी जाँघों के अंदरूनी भाग को चाट रही थी और अर्जुन को इसमें बेहद मज़ा इसलिए आ रहा था क्योंकि यह सब वह पहली बार करवा रहा था।

कुछ देर और मज़े लेने के बाद अर्जुन बोला : चलो अब फिर से खड़ी हो जाओ।

मम्मी बिस्तर से उतरकर खड़ी हो गई।

अर्जुन बोला : जाओ नीचे जाकर किचिन की सफाई करो। बर्तन साफ करो और मेरे कमरे की भी सफाई करो। अब हर रोज तुम्हे यह काम इसी वक्त करना है जब कुसुम और रश्मि गहरी नींद में सो रहे हों।

मम्मी अपनी साड़ी उठाने लगी

अर्जुन ने मम्मी को साड़ी पहनने से रोक दिया : रात में कोई नही देख रहा है। ऐसे ही नंगी ही किचिन में जाओ और जो मैंने हुक्म दिया है, उसका पालन करो।

मम्मी नंगी ही कमरा खोलकर किचिन की तरफ जाने लगीं।

शेष अगले भाग में
 
Part 43

कुछ देर बाद अर्जुन भी बिस्तर से उठा और अपने कपड़े पहनकर किचिन में पहुंच गया

मम्मी किचिन में उस समय तक बर्तन साफ कर चुकी थी और अब पोछा लेकर फर्श पर सफाई कर रही थी

अर्जुन ने अब अपनी जीन्स उतार दी और एक निक्कर पहन लिया।

निक्कर पहनकर अर्जुन अपने बिस्तर पर ही नीचे पैर लटकाकर बैठ गया और मम्मी को पोछा लगाते देखने लगा।

उधर रश्मि ने मम्मी के कमरे का लाइव बंद होने की वजह से अपनी गर्मी दूर करने के लिए कुसुम से मज़े लेने का प्लान बना लिया। कुसुम अपने गाउन की ज़िप तो पहले ही खोल चुकी थी। रश्मि अब कुसुम से बोली : चलो अब गाउन को उतारो

कुसुम ने फौरन अपना गाउन उतार दिया और अब वह रश्मि के सामने एकदम निर्वस्त्र खड़ी थी। रश्मि ने अपने नज़दीक रखी हथकड़ी को उठाया और उसे कुसुम के दोनों हाथों को ऊपर करके उन्हें हथकड़ी से बांध दिया।

रश्मि समझ चुकी थी कि कुसुम को इस तरह ज़लील होने में बहुत मज़ा आता है इसलिए वह सोफे पर अपनी टाँगे फैलाकर बैठ गयी और अपने गाउन को खोलकर कुसुम से बोली : आओ इधर आकर मेरी गीली योनि को चाटो।

कुसुम के चेहरे को रश्मि ने अपने योनि प्रदेश पर सटा लिया और उसके गालों पर हल्की सी चपत लगाते हुए बोली : चलो अब ठीक से चाट चाट कर मुझे खुश करो।

कुसुम एक अनुभवी सेक्स स्लेव की तरह रश्मि की सेवा करने में लग गई।

इस बीच मम्मी के कमरे में लाइव फिर से शुरू हो गया क्योंकि मम्मी और अर्जुन फिर से कमरे में वापस आ गए थे।

कमरे में आते ही अर्जुन ने मम्मी को आर्डर दिया : चलो अब यहां फर्श पर कान पकड़कर मुर्गा बन जाओ। ठीक से मुर्गा बनो और एक घंटे तक तुम्हे मुर्गा बनना है।

मम्मी फ़टाफ़ट मुर्गा बन गयी।

अब अर्जुन ने मम्मी के कमरे में रखे सामान का जायज़ा लेना शुरू कर दिया। एक बड़ी सी लोहे की अलमारी कमरे से लगे साइड रूम में रखी हुई थी। अर्जुन ने उसे खोलकर देखा तो अंदर अजीब अजीब चीजें रखी हुई थी। दो तीन हथकड़ियां रखी हुई थीं। एक ब्लाइंड फोल्ड रखा था। दो तीन चिकनी लकड़ी के बेंत रखे हुए थे और एक चमड़े का काले रंग का हंटर भी रखा हुआ था। अर्जुन ने चमड़े के हंटर को अपने हाथ मे ले लिया और मम्मी के नज़दीक आकर एक हंटर उनके नितम्बों पर लगा दिया। मम्मी के मुंह से चीख निकली तो अर्जुन ने एक हंटर उनके नितम्बों पर फिर से जड़ दिया।

अर्जुन अब सोफे पर बैठ गया और मम्मी से बोला : ऐसे ही मुर्गा बने बने चलते हुए यहां मेरे नज़दीक आओ

मम्मी जब अर्जुन के सामने मुर्गा पोजीशन में पहुंचीं तो अर्जुन ने मम्मी के चेहरे को सोफे पर अपनी गोद मे एडजस्ट कर लिया और मम्मी के नितम्बों पर हंटर लगाने शुरू कर दिए। हर हंटर के साथ मम्मी जोर से उछलती और उनका चेहरा अर्जुन की गोद मे तन रहे लंड से टकराता।

अर्जुन ने अब अपना निक्कर भी उतार दिया और मम्मी से मुर्गा बने बने ही अपना लंड चूसने को कहा

इधर मम्मी अर्जुन का लंड अपने मुंह मे लेकर चूस रही थीं उधर वह मम्मी के नितम्बों पर थोड़ी थोड़ी देर बाद हंटर के स्ट्रोक लगता जा रहा था।

अर्जुन को जब लगा कि उसका क्लाइमेक्स आने वाला है तो उसने मम्मी को सीधा करके फर्श पर बिठा लिया और बोला : अब मेरे लंड का सारा जूस पी जा। नीचे एक बूंद भी नहीं गिरनी चाहिए।

मम्मी हुक्म के मुताबिक अर्जुन के लंड का सारा जूस पी गई और उसके बाद अर्जुन के कहे बिना ही उसके लंड को अपनी जीभ से चाट चाटकर साफ भी कर दिया।

अब अर्जुन मम्मी से बोला : अब जाकर अपना मुंह साफ करो और बिस्तर पर जाकर लेट जाओ। बाकी मस्ती अब बिस्तर पर ही होगी।

मम्मी मुंह साफ बिस्तर पर एकदम निर्वस्त्र अवस्था मे लेट गई। अर्जुन साइड रूम से हथकड़ी ले आया और उसने मम्मी के दोनों हाथ ऊपर करके उनमे हथकड़ी लगा दी। इसके बाद उसने मम्मी के बदन पर हल्के हल्के हंटर के स्ट्रोक लगाने शुरू कर दिए और मम्मी जोर जोर से उछलने लगीं।

शेष अगले भाग में
 
अर्जुन और मम्मी इस तरह से सेक्सी गेम खेलते खेलते कब सो गए उन्हें मालूम ही नहीं चला. उधर रश्मि भी पल्ल्वी के साथ बिस्तर पर मौज मस्ती करते करते कब सो गयी, यह भी उन्हें सुबह मालूम पड़ा जब दोनों की आँख खुली.

अगले कुछ ही दिनों में पल्ल्वी अपना वीज़ा लगने के बाद अपने पति विमल के पास अमेरिका चली गयी -कुछ दिनों बाद रश्मि ने भी अपनी बारहवीं की पढ़ाई पूरी कर ली और उसने भी अपने बॉय फ्रेंड अभिषेक से शादी कर ली और कनाडा चली गयी. इधर मम्मी और अर्जुन घर पर अकेले बच गए थे

अर्जुन को अब कोई रोकने टोकने वाला तो था नहीं, इसलिए वह चौबीसों घंटे मम्मी को एक सेक्स स्लेव की तरह पेलता रहता था- घर में पैसों की कोई कमी तो थी ही नहीं. मम्मी को भी सरकारी पेंशन हर महीने आ रही थी क्योंकि उनके पति सरकारी नौकरी में थे और विमल भी अमेरिका से काफी पैसा अपनी मम्मी के लिए भेजता रहता था.

फिर एक दिन अचानक ऐसा हुआ कि मम्मी की तबियत अचानक काफी बिगड़ गयी और उन्हें अर्जुन तुरंत ही अस्पताल में भर्ती कराने ले गया. उसने विमल को भी अमेरिका में फोन करके मम्मी की बिगड़ती हालत के बारे में बता दिया था. हालात इतने बिगड़े कि जब तक विमल और पल्ल्वी अमेरिका से वापस मम्मी का हालचाल जानने के लिए इंडिया पहुंचे, मम्मी इस दुनिया को अलविदा कह चुकी थीं.

उधर अर्जुन के घर से भी उसके घर वाले उसे गाँव बुला रहे थे कि वह आये क्योंकि उसकी माँ ने उसकी वहां शादी की बात तय कर रखी है. विमल और पल्ल्वी ने इंडिया में अपना मकान वगैरा सब बेच दिया, रश्मि को फोन पर सब कुछ बताकर अर्जुन को अगले दो महीने की तनखा देकर उसे हमेशा के लिए विदा कर दिया और खुद भी दोनों इंडिया से हमेशा के लिए अमेरिका चले गए.

____________________________________THE END_________________________________________
 
पल्ल्वी के जाने के बाद रश्मि काफी देर तक सो नहीं सकी.

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उसने पल्ल्वी को तो यह बहाना बनाकर भेज दिया कि उसे नींद आ रही है लेकिन नींद उसकी आँखों से कोसों दूर थी

दरअसल वह पल्ल्वी की बातों को सच तो समझ रही थी लेकिन यह नहीं समझ पा रही थी कि आखिर कैसे अपनी ही मम्मी को घर के एक नौकर के हवाले कर दिया जाए तो उन्हें अभी तक "बड़ी मालकिन" कहता आया था

रश्मि ने हालांकि कभी अपनी मम्मी के प्रति इस नज़रिये से सोचा भी नहीं था कि उनकी उम्र अभी सिर्फ ४६ साल की है और उन्होंने अपने आप को एकदम फिट रखा हुआ है.

सबसे बड़ी समस्या तो उसे यह लग रही थी कि क्या वह अर्जुन से यह सब करने के लिए कह भी पाएगी ? यह तो उसे पता था कि अगर अर्जुन को रश्मि की तरफ से छूट मिल गयी तो वह अपनी "बड़ी मालकिन" को भी अपना सेक्स स्लेव बनाने में कोई देर नहीं लगाएगा लेकिन यह सब होगा कैसे ?

यह सब सोचते सोचते रश्मि को भी नींद आ गयी

अगले दिन सब लोगों ने रोज की तरह नाश्ता वगैरा किया और जब मम्मी रोजाना की तरह मंदिर चली गयीं तो रश्मि और पल्ल्वी फिर अपनी कल की बातचीत को आगे बढ़ाने लगीं.

रश्मि : बताओ अब क्या करें भाभी-मैं तो आपकी बात से सहमत हूँ.

पल्ल्वी : देख, कल रात मैंने विमल से भी फोन पर बात करके सारी बात बतायी है. विमल का भी यही कहना है कि मंदिर-आश्रम भेजने में ज्यादा रिस्क है क्योंकि वहां अगर कभी पुलिस वगैरा की रेड हुई तो हमारी भी बदनामी हो सकती है. वह भी यही कह रहे हैं कि अर्जुन के जिम्मे ही यह काम सौंप देना चाहिए.लेकिन उस पर हमारी निगरानी भी रहनी चाहिए.

रश्मि : भाभी, अर्जुन पर निगरानी की फ़िक्र आप बिलकुल मत करो. वह मेरी मर्ज़ी के बिना इस घर में अब कुछ नहीं कर सकता है.

पल्ल्वी : यही देखकर तो मैंने यह सारी बातचीत अब छेड़ी है , क्योंकि मुझे जो अब वैसे भी यहां से अगले १०-१५ दिनों में अमेरिका चले जाना है. जब मैंने यह देख लिया कि अर्जुन तेरे पूरे कंट्रोल में है तभी मुझे यह बात ध्यान आयी कि मंदिर-आश्रम के यौन शोषण से बढ़िया तो अर्जुन का यौन शोषण ही रहेगा.

रश्मि : भाभी , अब आप यह बताओ कि मुझे क्या करना है -मैं तैयार हूँ.

पल्ल्वी : सबसे पहले तो मैं तेरे टी वी स्क्रीन में मम्मी के कमरे की भी सेटिंग कर देती हूँ ताकि तुझे उस कमरे का भी लाइव देखने को मिल सके.

पल्ल्वी इस समय रश्मि के कमरे में ही बैठी थी. उसने टी वी पर सेटिंग करके मम्मी के कमरे को भी लाइव सेटिंग के लिए कनेक्ट कर दिया. अब इस कमरे से घर के बाकी सभी कमरों को लाइव देखा जा सकता था.

इसके बाद पल्ल्वी ने बोलना शुरू किया : अब तुझे अर्जुन को इस काम के लिए तैयार करना होगा. सबसे मुश्किल यही काम है लेकिन इसे सिर्फ तू ही कर सकती है. कल से मम्मी मंदिर नहीं जाएंगी, यह सुनिश्चित करना अर्जुन का काम होना चाहिए. आज रात से ही अर्जुन को अपने काम पर लग जाना चाहिए.

अब रश्मि को सब कुछ समझ आ गया था कि उसे अब क्या करना है

उसने पल्ल्वी से कहा- " ठीक है भाभी, यह जो आश्रम वाली पेन ड्राइव है, आप अभी एक दो दिन के लिए मेरे पास ही रहने दो. मैं इसे अर्जुन को भी दिखाना चाहती हूँ."

यह सब बात करते करते १२ बज गए थे. अर्जुन दोपहर का खाना बनाने की तैयारी कर रहा था. रश्मि ने पल्ल्वी से कहा-" लंच के बाद मैं अर्जुन को अपने कमरे में बुलाकर उसे जरूरी हिदायत दूंगी और उसके बाद आपको भी बताऊंगी कि क्या प्लान है."

२ बजे तक सबने अपना -अपना लंच कर लिया और इसके बाद पल्ल्वी अपने कमरे में चली गयी और रश्मि ने अर्जुन को अपने कमरे में बुला लिया.

अर्जुन आते ही रश्मि से बोला-" जी मेम साब आपने मुझे बुलाया ?"

रश्मि बोली- " हाँ देखो सामने कुर्सी पर बैठ जाओ और एक वीडियो मैं दिखा रही हूँ, उसे ध्यान से देखो."

अर्जुन कुर्सी पर बैठ गया. रश्मि ने आश्रम वाली वीडियो टी वी पर चला दिया और अर्जुन उसे देखने लगा.

एक घंटे में वीडियो ख़त्म हो गया. अर्जुन का लण्ड इस वीडियो को देखकर भी निक्कर के अंदर ही तन कर खड़ा हो गया था

रश्मि ने उससे पुछा-" हाँ, क्या समझ आया.?"

अर्जुन बोला: मेम साब मुझे तो यह सब पहले से ही मालूम है. सुखसागर आश्रम और मंदिर के किस्से तो पूरे शहर में मशहूर हैं- वहां यही सब कुछ नहीं, और भी बहुत कुछ होता है.

रश्मि हैरान होकर बोली : और क्या क्या होता है वहां और तुझे यह सब कैसे मालूम है ?

अर्जुन : मेम साब मैं सुबह शाम पार्क वाले जिम में कसरत करने जाता हूँ, वहां उस मंदिर के एक दो चेले भी कसरत करने आते हैं, वे सब वहां के बारे में बताते रहते हैं.

रश्मि हंसकर बोली : तो तुझे भी क्या आश्रम में चेला बनने की इच्छा है ?

अर्जुन : अरे नहीं मेम साब, वहां तनखा नहीं मिलती है- बस रहो, खाओ और वहां आने वाली औरतों के साथ मौज मस्ती करो. बस......

अर्जुन की बातों को सुनकर अब रश्मि को भी लगने लगा कि पल्ल्वी ठीक कह रही है और मम्मी का वहां जाना तुरंत बंद कर देना चाहिए.
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रश्मि को अब यह समझ नहीं आ रहा था कि अर्जुन के साथ बात को कहाँ से शुरू करे.

उसने कुछ सोचने के बाद अर्जुन से कहा-" देख अर्जुन. तू मेरी हर बात मानता आया है इसलिए मैं तुझे एक और काम की जिम्मेदारी देना चाहती हूँ- लेकिन यह बात मेरे और तुम्हारे बीच ही रहनी चाहिए और किसी को इसके बारे में पता भी नहीं लग्न चाहिए, मम्मी को भी नहीं."

अर्जुन बोला : ठीक है मेम साब, आप जो कहो मैं वह करने के लिए हमेशा ही तैयार हूँ.

रश्मि : मैं यह चाहती हूँ कि मम्मी कल से मंदिर जाना बंद कर दें क्योंकि मुझे यह मालूम पड़ा है कि जिस मंदिर में मम्मी जाती हैं, यह आश्रम उसी मंदिर का हिस्सा है

अर्जुन अब रश्मि को टोकते हुए बोला : " मेम साब आप बुरा न माने तो मैं कुछ कहना चाहता हूँ."

रश्मि बोली : हाँ बोलो, मैं बुरा नहीं मानूंगी.

अर्जुन ने अपना मोबाइल फ़ोन खोलकर उसे रश्मि को देते हुए कहा : " मेम साब जो पार्क के जिम में मंदिर में काम करने वाला चेला राकेश आता है, उसने मुझे अपने मोबाइल में से यह वीडियो दिया है."

रश्मि ने उस वीडियो को देखना शुरू किया : वीडियो में आश्रम के अंदर मम्मी एक चेले के सामने खड़ी हुई थीं उन्होंने सिर्फ ब्लॉउज और पेटीकोट पहना हुआ था. चेला मम्मी के सामने एक कुर्सी पर बैठकर उनके पेट पर हाथ फिर रहा था -" तुम्हारा पेट थोड़ा बाहर की तरफ आना शुरू हो गया है, इसका मतलब है कि आपको फिटनेस के लिए कुछ मेहनत करनी पड़ेगी. ऐसा करो अपनी ब्लॉउज उतारो "

मम्मी ने अपनी ब्लॉउज उतार दी

ब्लॉउज उतारने के बाद चेले ने मम्मी के ब्रा में बंद उरोजों को थोड़ा दबाया सहलाया और फिर बोला-"इसे भी उतारो"

मम्मी ने ब्रा भी उतार दी.

ब्रा उतारने के बाद मम्मी अपने हाथों को अपने उरोजों पर लाकर उन्हें ढकने का प्रयास करने लगीं , लेकिन चेले ने मम्मी से कहा-" अपने दोनों हाथ एकदम सीधे करके ऊपर की तरफ उठाओ और १०० उठक बैठक लगाओ"

मम्मी ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए और चेले के सामने खड़े होकर उठक बैठक लगाने लगीं. कुछ देर बाद मम्मी थक कर रुक गयीं तो चेला बोला- " अभी सिर्फ ४० उठक बैठक हुई है. बिना रुके लगाती रहो. तुम्हारा बदन एकदम फिट होना जरूरी है- जो औरतें फिट नहीं रह सकती हैं, उन्हें आश्रम में एंट्री आगे से नहीं मिलेगी."

मम्मी बड़ी गिड़गिड़ाते हुए बोलीं : लेकिन स्वामी जी, मैं बहुत थक गयी हूँ, कुछ देर बाद रूककर बाकी की उठक बैठक लगा लूंगी."

चेला बोला : ठीक है, अपना पेटीकोट उतारो और यहां मेरी गोद में बैठ जाओ. मैं तुम्हारी थकान भी दूर कर देता हूँ और थोड़ी मालिश भी कर देता हूँ."

मम्मी ऊपर से तो पूरी निर्वस्त्र ही थीं. पेटीकोट उतारने के बाद उनके बदन पर सिर्फ एक पैंटी ही बची थी. चेले ने मम्मी को अपनी गोद में बिठाया और उनके पूरे निर्वस्त्र बदन को जगह जगह से सहलाने-दबाने और मसलने लगा."

यह वीडियो यहीं पर ख़त्म हो गयी थी . रश्मि ने देखा कि वीडियो सिर्फ १० मिनट की थी.

रश्मि ने इस वीडियो को अपने मोबाइल में भी डाउनलोड कर लिया लेकिन अर्जुन के मोबाइल से डिलीट नहीं किया. उसे मन ही मन लगा कि उसका काम अब काफी आसान हो गया है

उसने अर्जुन की तरफ गुस्से से देखते हुए कहा-" तुम्हारे पास ऐसी वीडियो थी और तुमने मुझे बताया तक नहीं."

अर्जुन : मेम साब यही राकेश चेला है जो बड़ी मालकिन के साथ बदतमीजी कर रहा है. यह दो तीन दिन पहले मुझे चिढ़ा रहा था कि "तुम्हारी मालकिन भी हमारे आश्रम में आती है और मैं भी उनके साथ खूब मौज मस्ती करता हूँ." मैंने उसके एक थप्पड़ लगाते हुए कहा था कि तू क्या बकवास कर रहा है तो कल उसने सबूत के तौर पर मुझे यह वीडियो लाकर दी थी और बोला कि "देख मैंने तेरी मालकिन के साथ आज कैसे मजे लिए हैं, उन्हें तू अपनी आँखों से दख ले". मैंने तो डर के मारे आपको कुछ नहीं बताया कि कहीं आप इसे देखकर मुझ पर ही गुस्सा न हो जाओ.
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एक के बाद एक नए खुलासे होने से रश्मि एकदम हैरानी की मुद्रा में थी लेकिन फिर भी उसने अपना संतुलन बनाये रखते हुए अर्जुन से कहना शुरू किया-" कल ने मम्मी मंदिर या आश्रम कहीं भी ना जाएँ, यह तेरी जिम्मेदारी है. जो यह चेला मम्मी के साथ कर रहा है यह सब मम्मी की जरूरत है जो उन्हें डॉक्टर ने बतायी हुई है. अगर मम्मी के साथ कोई इस तरह नियमित रूप से नहीं करेगा तो उनकी मानसिक हालत ख़राब हो सकती है. तुम्हे अपनी "बड़ी मालकिन" के साथ अब वही सब करना है तो एक दबंग मर्द अपनी औरत के साथ करता है. इसी में मम्मी की और हम सबकी भलाई है और तेरी तो मौज़ ही है (रश्मि आखिर में मज़ाक करते हुए हंसती हुई बोली) रश्मि ने देखा कि यह सुनकर अर्जुन का लण्ड अपने निक्कर में एकदम तनकर खड़ा हो गया था.

अर्जुन बोला _ " जी मेम साब. आप कह रही हैं तो मैं यह काम कर दूंगा क्योंकि आपकी कोई बात तो मैं ताल ही नहीं सकता हूँ. लेकिन यह सब मैं करूंगा कैसे ?"

रश्मि बोली-" मेरी हर बात को ध्यान से सुन. आज शाम को जैसे ही हम सब डिनर करके अपने अपने कमरों में चले जाएंगे तो तुम भी अपना डिनर कर लेना और उसके बाद मम्मी के कमरे में चले जाना. यह इस घर के सभी कमरों की मास्टर चाबी है. कमरे के बाहर और अंदर दोनों तरफ से सभी कमरे इस अकेली चाबी से बंद किये या खोले जा सकते हैं. कमरे में घुसने के बाद मम्मी अगर जाग रही हों तो ठीक है, वरना उन्हें जगा देना और यह वीडियो जो तुमने अभी मुझे दिखाया है, उसे मम्मी को भी दिखाना और कड़कदार आवाज़ में पूछना कि यह सब क्या चल रहा है और आप क्या मंदिर में यह सब करने जाती हो ? यह भी कहना कि यह वीडियो मैंने अभी तक किसी को भी नहीं दिखाया है लेकिन जरूरत पड़ने पर किसी को भी दिखा सकता हूँ. बस तुम्हारा काम इतना ही है. इसके बाद मम्मी तुम्हारे कंट्रोल में होंगी. उन्हें यह पता न लगे कि मैंने या पल्ल्वी ने तुम्हे उनके पास भेजा है. इसलिए जो कुछ भी तुम करो उसकी खबर हम लोगों को न लगे, यह दिखाने की कोशिस करना वरना उन्हें लगेगा कि हम सब इस खेल में शामिल हैं. बाकी मेरी तरफ से तुम्हे पूरी छूट है. मेरी दो ही शर्ते हैं- एक तो वही कि बिना कंडोम के सेक्स नहीं होना चाहिए और मम्मी को यह लगे कि यह सारा मामला उनके और तुम्हारे बीच ही है और घर के बाकी लोगों को इसके बारे में कुछ नहीं मालूम है."
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अर्जुन बोला-" ठीक है मेम साब, मैं इसी तरह करने की कोशिश करूंगा. मुझसे कहीं गलती हो तो बीच में आप मुझे रोक कर ठीक करा देना क्योंकि आपने बड़ी शर्तें लगा दी हैं और काम थोड़ा मुश्किल है."

रश्मि बोली-" ठीक है, अब तुम जाकर अपना काम कर लो"

अर्जुन वहां से चला गया. शाम के साढ़े चार बज चुके थे. रश्मि ने दरवाज़ा अंदर से बंद किया और बिस्तर पर लेटकर अपने मन को शांत करने का प्रयास करने लगी.

उसे चैन नहीं मिला तो उसने फोन करके पल्ल्वी को अपने कमरे में बुला लिया.

पल्ल्वी आयी तो रश्मि ने अर्जुन से हुई सारी बातचीत भी पल्ल्वी को बता दी और यह भी बता दिया कि अर्जुन आज रात मम्मी के साथ क्या करने वाला है.

पल्ल्वी ने अपने सर पर हाथ रखकर कहा- " ओह माय गॉड. कैसे कैसे नाटक हमें अभी और देखने हैं. हमने लगता है मम्मी के मामले में देरी कर दी लेकिन चलो देर आये दुरुस्त आये."

रश्मि बोली : भाभी आज रात आप भी मेरे कमरे में ही आ जाना . यहीं सो जाएंगे. अर्जुन आज पहले दिन क्या करता है, यह भी देखना है. सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तक अर्जुन को यह पता था कि वह मेरी निगरानी में है. आज उसे पहली बार ऐसा लग रहा होगा कि आज उसे कोई नहीं देख रहा है. क्योंकि उसे यही पता है कि सिर्फ तीन कमरों का ही लाइव मेरे टी वी पर आता है. मुझे भी आज दोपहर तक यही मालूम था कि सिर्फ तीन कमरों का लाइव हो सकता है लेकिन मम्मी के कमरे का भी लाइव हो सकता है, यह अभी तक मुझे और आपको ही मालूम है."

पल्ल्वी हँसते हुए बोली : तो तू शैतान आज की रात अर्जुन और मम्मी की सेक्सी फिल्म देखेगी ? चल मैं भी देखने के लिए तैयार हूँ.

रश्मि थोड़ी सीरियस होते हुए बोली : नहीं भाभी, पहला दिन है. देखना जरूरी है. कहीं ऐसा न हो कि अर्जुन लो लगे कि कोई देखने वाला तो है नहीं और वह कुछ ऐसा मम्मी के साथ कर दे जो उसे नहीं करना चाहिए."

पल्ल्वी बोली : तेरा सोचना अपनी जगह ठीक है. लेकिन जहां तक मुझे लग रहा है कि अर्जुन जो कुछ भी करेगा, मम्मी को उससे फायदा ही होगा. मम्मी अगर खुश तो हम सब खुश. बस यही सच है."
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इस बातचीत में साढ़े पांच बज गए थे. पल्ल्वी अपने कमरे में चली गयी थी और रश्मि भी फ्रेश होने के लिए वाशरूम में चली गयी.
 
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