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भाई बहन,ननद भाभी और नौकर

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Part-11

भाई बहन,ननद भाभी और नौकर

रश्मि ने अब " इन्सर्ट पेन ड्राइव" वाले ऑप्शन को सेलेक्ट किया और जिस पेन ड्राइव पर खुद उसका नाम लिखा था, उसे टी वी स्क्रीन के साइड में उचित स्थान में इन्सर्ट कर दिया। पेन ड्राइव लगाते ही टी वी स्क्रीन पर उन सभी सज़ाओं के वीडियो आने लगे जो कुसुम ने रश्मि को समय समय पर दी थीं। रश्मि का मन तो कर रहा था कि इस पेन ड्राइव को चुरा ले या इसके वीडियो डिलीट कर दे लेकिन उसने फिलहाल ऐसा कुछ न करना ही उचित समझा और उस पेन ड्राइव को निकाल कर दूसरी पेन ड्राइव लगा दी जिस पर घरेलू नौकर अर्जुन का नाम लिखा हुआ था।

पेन ड्राइव लगाते ही जो पहला वीडियो टी वी स्क्रीन पर आया उसे देखकर रश्मि के मानो होश ही उड़ गए। वीडियो में अर्जुन कुसुम के कमरे में पूरी तरह निर्वस्त्र अवस्था मे खड़ा हुआ था और कुसुम उससे कान पकड़कर उठक बैठक लगवा रही थी। अर्जुन का नंगा बदन बेहद आकर्षक और सुडौल था क्योंकि वह कॉलोनी के पार्क में रोजाना सुबह शाम जाकर कसरत भी करता था। कुसुम ने अपने हाथ मे एक बेंत पकड़ा हुआ था जिसे वह बीच बीच मे अर्जुन के नितम्बों पर जोर जोर से मारते हुए कह रही थी-'ठीक से लगा उठक बैठक, नही तो और पिटेगा मुझसे।"

जब वह उठक बैठक लगा चुका तो कुसुम उससे बोली-" चल अब मुर्गा बन कर दिखा। "

अब अर्जुन गिड़गिड़ाते हुए कुसुम से बोला- " मेम साहब, मुझे मुर्गा मत बनाओ बहुत शर्म आती है।"

कुसुम अब सोफे से उठकर उसके पास जाकर खड़ी हो गई और उसके गाल पर चपत लगाती हुई बोली-" अच्छा अब तुझे शर्म भी आने लगीं ? "

इसके बाद कुसुम बारी बारी से अर्जुन के दोनों गालों पर थप्पड़ लगाती रही। जिस तरह से कुसुम अर्जुन के चपत लगा रही थी, उसे देखकर यही लग रहा था कि वह अर्जुन का यौन शोषण ही कर रही थी। पहले वह अपने हाथ को उसके गालों पर सहलाते हुए अच्छी तरह से फील कर रही थी और फिर उसी हाथ को उठाकर उसके गाल पर हल्के से चपत लगा रही थी। अंग्रेजी में कहा जाए तो कुसुम अर्जुन को Playful Slaps लगा कर अपनी उत्तेजना को शांत कर रही थी।

काफी देर अर्जुन के गालों पर चपत लगाने के बाद कुसुम बोली-" ठीक है तू खुद मुर्गा नही बन रहा है तो मुझे जबरन तुझे मुर्गा बनाना पड़ेगा।"

यह कहने के साथ ही कुसुम निर्वस्त्र खड़े अर्जुन के पीछे जाकर उसके बदन से सटकर खड़ी हो गई और उसे पीछे से झुकाकर मुर्गा बनाने का प्रयास करने लगी। अर्जुन को मुर्गा बनाने के बहाने कुसुम ने उसके नंगे बदन को लगभग हर जगह से फील कर लिया था। कुसुम की इन हरकतों से अर्जुन का लंड भी पूरी तरह तनकर खड़ा हो गया था जिसे कुसुम किसी न किसी बहाने से कई बार फील कर चुकी थी। जब कुसुम ने अर्जुन को मुर्गा बना दिया तो वह फिर से सोफे पर बैठ गई और बोली-'अब इसी तरह मुर्गा बने हुए मेरे नज़दीक चल कर आ "

अर्जुन मुर्गा पोजीशन में ही कुसुम के नजदीक पहुंच गया। अब कुसुम ने अर्जुन के पीछे से ऊपर उठे नितम्बों पर हाथ फिरा फिराकर उन पर चपत लगाने शुरू कर दिए। कुसुम चपत लगाते हुए लगातार यह बोल रही थी कि अर्जुन अपने नितम्बों को और नीचे झुकाये जबकि वह खुद भी यह जानती थी कि 5 फिट 9 इंच लंबाई वाले अर्जुन के लिए यह संभव ही नही था।

कुछ देर तक कुसुम अर्जुन के नितम्बों को इसी तरह चपत मार मार कर फील करती रही और उसके बाद उसने अर्जुन को हुक्म देते हुए कहा-'चल अब उठकर खड़ा हो जा। मैं अब बहुत थक गई हू और बिस्तर पर सोने जा रही हूँ। तू बिस्तर पर आ जा और मेरे पैरों को दबाकर मेरी थकान दूर कर। "

इसके बाद कुसुम बिस्तर पर जाकर लेट गई । कुसुम ने एक हल्के नीले रंग का पारदर्शी गाउन पहना हुआ था और उसके अंदर से उसकी ब्रा और पैंटी साफ नजर आ रही थी।

अर्जुन बिस्तर पर जाकर कुसुम की साइड में बैठ गया और झिझकता हुआ अपने हाथों को कुसुम के पैरों पर फिराने लगा। कुसुम ने अपने गाउन की फ्रंट ज़िप खोल दी और अर्जुन से सख्त आवाज में बोली-'ठीक से करो मालिश, अपने हाथों को और ऊपर लेकर आओ।"

अर्जुन कुसुम का इशारा समझकर अपने हाथों को धीरे धीरे कुसुम की जांघों पर फिराने लगा। कुसुम की पैंटी अब तक गीली हो चुकी थी । अर्जुन के हाथ कुसुम की पैंटी पर से खिसकते हुए अब उसके चिकने पेट पर आकर रुक से गये क्योंकि उसकी हिम्मत नही हो रही थी कि वह अपने हाथों को कुसुम के उन्नत उरोजों तक ले जाये। कुसुम ने लेटे लेटे ही अर्जुन के गाल पर एक जोर का थप्पड़ मारा और बोली-"तुझे कुछ भी काम ठीक से करना नहीं आता क्या ? अपने हाथों को और ऊपर लेकर आ और मेरे इन उरोजों की भी ठीक से मालिश कर।"

अब अर्जुन ने कुसुम के निर्देशानुसार उसके उरोजों को भी दबाना सहलाना शुरू कर दिया।

इसके बाद यह वीडियो खत्म हो गई थी और कोई और वीडियो शुरू हो गई लेकिन रश्मि के पास समय कम और काम बहुत ज्यादा था। इसलिए उसने अब अर्जुन की पेन ड्राइव निकालकर मोहित के नाम वाली पेन ड्राइव इन्सर्ट कर दी थी।

मोहित कुसुम का छोटा भाई है जो उम्र में कुसुम से लगभग 5 साल छोटा है। मोहित के अलावा कुसुम के दो और भाई हैं और उसकी कोई बहन नही है। मोहित 22 साल का, शोभित 24 साल का और सबसे बड़ा भाई रोहित 30 साल का है। ख़ुद कुसुम 27 साल की है।

शेष अगले भाग में.....
 
Part-12

भाई बहन,ननद भाभी और नौकर

मोहित के नाम वाली पेन ड्राइव डालते ही जो वीडियो शुरू हुआ उसमें कुसुम एक छड़ी हाथ मे पकड़े हुए सोफे पर बैठी थी और उसके सामने फर्श पर मोहित मुर्गा बना हुआ था। मोहित के बदन पर सिर्फ एक अंडरवियर था और कुसुम उसके नितम्बों पर लगातार छड़ी के स्ट्रोक लगा लगा कर यह कहती सुनाई दे रही थी-" आज तेरी ऐसी हालत बनाऊंगी कि तू आगे से अपना होम वर्क जरूर करके लाएगा।"

वीडियो को देखकर ऐसा लग रहा था कि यह वीडियो काफी पुरानी थी और कुसुम की शादी के पहले की थी। उस समय कुसुम की उम्र लगभग 23 साल रही होगी और मोहित की उम्र 18 साल रही होगी। कुसुम शुरू से ही अँग्रेजी में टॉपर रही थी इसीलिए 12 वीं में पढ़ने वाले छोटे भाई की वह पढ़ाई लिखाई में मदद कर रही थी। लेकिन जो कोई इस वीडियो को देख लेगा वह तो यही कहेगा कि कुसुम छोटे भाई को पढ़ाने के बहाने उसका किस बेदर्दी के साथ यौन शोषण कर रही थी।

अपने नितम्बों पर छड़ी के स्ट्रोक लगने से मोहित लगातार सुबक सुबक के रो रहा था लेकिन कुसुम को इसमें भी मज़ा आ रहा था।

जब मोहित की हिम्मत जबाब देने लगी तो वह मुर्गा बने बने ही गिड़गिड़ाया-'सॉरी दीदी, अब छड़ी मत मारो। बहुत दर्द हो रहा है-आज मुझे छोड़ दो, अब कल से मैं रोजाना होम वर्क करके लाऊंगा।"

मोहित के इस तरह गिड़गिड़ाने पर कुसुम के चेहरे पर एक विजयी मुस्कान दौड़ गई और वह मोहित से बोली-"चल अब उठकर खड़ा हो जा।अब तुझे मैं ऐसी सज़ा दूँगी जिसमे तुझे बिल्कुल दर्द नही होगा।"

मोहित जो काफी समय से मुर्गा बना हुआ अपने नितम्बों पर छड़ी के स्ट्रोक झेल रहा था, कुसुम की इस बात को सुनकर बहुत खुश हुआ और फटाफट उठकर खड़ा हो गया लेकिन उसकी खुशी उस समय यकायक गायब हो गई जब कुसुम ने उससे कहा-"अब अपना अंडरवियर भी उतारो"

मोहित का चेहरा शर्म से एकदम लाल हो गया था-कुसुम चुपके चुपके उसकी तरफ देखकर मुस्करा रही थी-"जल्दी उतारो । अंडरवियर उतारने से तुम्हे कोई दर्द भी नही होगा-तुम भी तो यही चाहते थे कि तुम्हे कोई ऐसी सज़ा मिले जिसमे दर्द न हो, अब जल्दी करो वरना..."

मोहित एकदम सहम सा गया था, कुसुम की बात पूरी होने से पहले ही उसने अपना अंडरवियर उतार दिया और अब वह कुसुम के सामने एकदम निर्वस्त्र अवस्था मे खड़ा था और अपने दोनों हाथों से अपने तने हुए लंड को छुपाने का असफल प्रयास कर रहा था लेकिन कुसुम ने तो मोहित के साथ मस्ती करने का मूड बनाया हुआ था इसलिए उसने बेहद कड़क आवाज़ मे मोहित को हुक्म दिया-"अपने दोनों हाथ ऊपर उठाओ और जब तक मैं ना कहूँ, तुम्हारे हाथ ऊपर ही रहने चाहिए"

मोहित ने अब अपने दोनों हाथों को ऊपर उठा लिया।

कुसुम अब उससे बोली- "थोड़ा आगे आओ मेरे नजदीक आओ "

मोहित थोड़ा आगे बढ़कर खड़ा हो गया।

कुसुम कुछ समय तक मोहित को निहारती रही फिर उसने अपने हाथ मे पकड़ी हुई छड़ी को मोहित के बदन पर फिराना शुरू कर दिया।

मोहित बेबस सा खड़ा कुसुम के इस यौन उत्पीड़न को इसलिए सहे जा रहा था कि कहीं कुसुम दुबारा से उसके बदन पर छड़ी के स्ट्रोक लगाना शुरू न कर दे।

कुसुम अब अपनी छड़ी को मोहित के तने हुए लंड के इर्द गिर्द गोल गोल घुमा रही थी। उसकी छड़ी काफी देर तक मोहित के लंड से खेलती रही।

कुछ देर बाद कुसुम ने मोहित के लंड से अपनी छड़ी हटा ली और बोली-"अब आज की सज़ा खत्म करने से पहले तुम अपने कान पकड़कर 100 बार उठक बैठक लगाओ।"

मोहित फिर गिड़गिड़ाने लगा- "दीदी, मैं बहुत थक गया हूँ। मुझसे अब यह नही होगा।"

कुसुम ने फिर उसकी तरफ मुस्करा कर देखा और सख्त आवाज़ में बोली-''कोई बात नही-अगर 100 उठक बैठक नही लगानी हैं तो मैं तुम्हे सज़ा का एक और विकल्प दे रही हूँ। इधर मेरी टाँगों पर उल्टे होकर लेट जाओ ताकि मैं तुम्हारे नितम्बों पर 10 छड़ी के स्ट्रोक लगा सकूं।'

मोहित ने बडी उम्मीद से कुसुम की तरफ देखते हुए कहा-" दीदी, आप छड़ी बहुत जोर से तो नही मारोगी ? "

कुसुम मुस्कराती हुई बोली- " अच्छा चल एक और रियायत देती हूँ- तुझे छड़ी से डर लग रहा है ना। मैं छड़ी की जगह अपने हाथों से तेरे नितम्बों पर 20 स्ट्रोक लगाऊंगी। ठीक है ? "

" हाँ दीदी, ठीक है ।" मोहित खुश होता हुआ बोला

कुसुम लाल रंग के शॉर्ट और सफेद टॉप पहने हुए थी। उसका शार्ट इतना शार्ट था कि उसकी पूरी जाँघे लगभग नंगी ही थीं। कुसुम ने अपनी जांघों को फैलाया और फिर मोहित से बोली- " आजा, इन पर उल्टा होकर लेट जा'

मोहित आगे बढ़ा और जिस तरह से कुसुम कह रही थी उस तरह उसकी जांघों पर उल्टा होकर लेट गया। कुसुम ने मोहित के बदन को अपनी टाँगों पर ठीक से एडजस्ट किया और उसके नंगे बदन पर हाथ फिराने लगी।

कुसुम ने अब मोहित से कहा-" अब मैं अपने हाथों से तुम्हारे नितम्बों पर 20 स्ट्रोक लगाऊंगी। मेरे हर स्ट्रोक के बाद तुझे गिनती बोलनी है। अगर गिनती भूला तो वह स्ट्रोक काउंट नही होगा।"

अब कुसुम ने अपने हाथ को मोहित के नितम्बों पर जी भरकर फिराया और फिर अपने हाथ से एक हल्का सा स्ट्रोक लगा दिया। मोहित लगातार गिनती कर रहा था। कुसुम की हरकतों से लग रहा था कि उसका असली मकसद अपने हाथों को मोहित के नितम्बो पर फिरा फिरा कर मस्ती करना था। 20 स्ट्रोक पूरे होने से पहले ही यह वीडियो खत्म हो गई थी और कोई वीडियो शुरू हो गई थी। रश्मि ने देखा कि रात के 12 बज गए थे। उसने मोहित के नाम की पेन ड्राइव भी निकाल ली और बॉक्स मे पड़ी दूसरी पेन ड्राइव और सी डी को देखने लगी।

शेष अगले भाग में...
 
PART-13

भाई बहन,ननद भाभी और नौकर

रश्मि प्लास्टिक के बॉक्स में पेन ड्राइव और सी डी पर लिखे हुए नाम देख ही रही थी कि अचानक उसकी नज़र एक लिफाफे पर पडी. लिफाफा स्टैप्लर पिन लगाकर बंद किया हुआ था लेकिन लग रहा था कि उसके अंदर कोई सी डी थी. लिफाफे पर सिर्फ पल्ल्वी लिखा हुआ था. रश्मि इस समय वीडियो देख देखकर पूरी तरह उत्तेजित हो चुकी थी और अपने शरीर की गर्मी मिटाने का कोई बहाना ढूंढ रही थी. उसने उस बॉक्स को दराज़ में वापस रख दिया और टी वी स्क्रीन पर बैक बटन दबा दिया. बैक बटन दबाते ही वहां तीन ऑप्शन डिस्प्ले में आ गए -पहला ऑप्शन था- रश्मि , दूसरा ऑप्शन था-अर्जुन और तीसरा ऑप्शन था-गेस्ट रूम.

रश्मि समझ गयी थी कि इन तीनों कमरों का लाइव टेलीकास्ट पल्ल्वी भाभी यहां से देखती थीं. क्योंकि खुद रश्मि का कमरा और गेस्ट रूम इस समय बंद पड़ा था, इसलिए वहां तो कुछ देखने के लिए था नहीं, इसलिए रश्मि ने "अर्जुन" वाले ऑप्शन पर क्लिक कर दिया और वह यह देख कर हैरान रह गयी कि अर्जुन के साइड रूम का एक़दाम साफ़ सीन टी वी स्क्रीन पर नज़र आ रहा था. रात के बारह बजने के बाबजूद अर्जुन अभी तक जाग रहा था और अपनी टी शर्ट और निक्कर पहने बिस्तर पर उल्टा लेटकर अपने मोबाइल में कुछ पोर्न फिल्म वगैरा देख रहा था.

रश्मि को अब अपनी उत्तेजना और गर्मी को शांत करने का एक आईडिया यकायक आया और उसने इंटरकॉम पर अर्जुन का नंबर दबा दिया -अर्जुन इतनी रात में इंटरकॉम की घंटी बजने पर एकदम हड़बड़ा सा गया और फोन को उठाकर बोला-" जी मेमसाब"

रश्मि उससे बोली-"अर्जुन जरा इधर आओ मेरे कमरे में"

"जी मेमसाब" कहकर अर्जुन ने अपना फोन रख दिया और पल्ल्वी के कमरे की तरफ आने लगा जहां इस समय रश्मि ने डेरा डाला हुआ था

रश्मि ने दरवाज़ा अंदर से खोल दिया था. अर्जुन कमरे में घुसा तो उसे रश्मि कहीं दिखाई नहीं दी. अर्जुन जैसे ही कमरे में घुसा तो रश्मि को पता चल गया, उसने साइड रूम से बैठे बैठे ही उससे कहा-" दरवाज़ा अंदर से बंद कर दो और इधर मेरे पास आओ साइड रूम में."

अर्जुन जैसे ही दरवाज़ा बंद करके साइड रूम में आया तो उसने देखा कि रश्मि एक सोफेनुमा कुर्सी पर पैरों को फैलाकर बैठी हुई थी और साथ ही में वह टी वी स्क्रीन पर भी देख रही थी जहां से अर्जुन के कमरे का पूरा सीन नज़र आ रहा था. अर्जुन यह देखकर एकदम हक्का बक्का रह गया कि उसके कमरे का पूरा सीन यहां बैठकर लाइव देखा जा सकता है.

अर्जुन रश्मि के आगे अब इस तरह खड़ा था मानों उसकी कोई बहुत बड़ी चोरी पकड़ी गयी हो

"क्या चल रहा है यह सब ? इतनी देर से मोबाइल में क्या देख रहे थे ? " रश्मि ने उससे कड़क आवाज़ में पूछा

अर्जुन एकदम घबरा सा गया -" जी मेमसाब कुछ नहीं, वस् ऐसे ही नींद नहीं आ रही थी"

रश्मि लेकिन कहाँ मानने वाली थी-" साफ़ साफ़ बताओ, मोबाइल में क्या देख रहे थे. लाओ इधर दिखाओ अपना मोबाइल" कहकर रश्मि ने अर्जुन का मोबाइल झटककर अपने हाथ में ले लिया और उसमे गैलरी में जाकर वीडियो और तस्वीरें देखने लगी.

अर्जुन अब समझ गया था कि आज उसकी खैर नहीं है क्योंकि उसके मोबाइल में तो काफी खतरनाक किस्म के वीडियो मौजूद थे.

एक वीडियो २ मिनट का था जिसमे पल्ल्वी भाभी अपने बेड पर एकदम निर्वस्त्र अवस्था में लेटी हुई थीं. और भी कई वीडियो थे लेकिन रश्मि इस समय जल्दी में थी.

उसने बनावटी गुस्सा दिखाते हुए अर्जुन की तरफ देखा-" यह क्या है ? तुम यहां काम करने आये हो या इस तरह की जलील हरकतें करने के लिए ?" तुम यहां छिप छिप कर पल्ल्वी भाभी के नंगे वीडियो बनाते रहते हो-हम इसकी सैलरी देते हैं तुम्हे ? सुबह होने दो मैं मम्मी को तुम्हारी सारी करतूतें दिखाकर तुम्हारी कल से ही छुट्टी करवाती हूँ."

अर्जुन को अब यह समझ में आ चुका था कि रश्मि ने उसे रँगे हाथों बदमाशी करते हुए पकड़ लिया है-वह घबराकर रश्मि के पैरों में गिर पड़ा और उसके पैर पकड़कर बोला-"मेमसाब हम बहुत गरीब आदमी हैं, हम पर रहम करो. आप लोग जो तन्खा हमारे घर हर महीने भिजवाते हो उससे हमारे घर में माँ और दो बहनों का पालन पोषण होता है.| आगे से मुझसे कोई गलती नहीं होगी. इस बार मुझे माफ़ कर दो और किसी को भी कुछ मत बताओ, यही मेरी आपसे विनती है."

रश्मि तो उसे नौकरी से निकलवाना चाहती ही नहीं थी. वह तो यही चाहती थी कि अर्जुन उसके कंट्रोल में आ जाए और जिस तरह से अर्जुन उसके दोनों पैरों को पकड़कर फर्श पर बैठा हुआ था, वह इस बात का प्रमाण था कि वह इस समय रश्मि के पूरे कंट्रोल में था.

रश्मि ने अब कहना शुरू किया-"तुम्हारा अपराध माफी के लायक है या नहीं , यह तो मैं अब बाद में सोचूंगी . फिलहाल तुम्हे इस दुष्कर्म की सजा तो जरूर मिलेगी."

अर्जुन ने और कसकर रश्मि के पैर पकड़ लिए और बोला-" मेमसाब आप जो भी सजा देना चाहें दे दें लेकिन मुझे नौकरी से मत निकालें"

रश्मि को अब समझ आ चुका था कि अब यह चिकना लौंडा उसका "स्लेव" भी आसानी से बन जाएगा.

रश्मि अब उससे बोली-"ठीक है अब जरा खड़े हो जाओ"

अर्जुन खड़ा हो गया-उसकी नज़रें झुकी हुई थीं

रश्मि उससे बोली-"चल अपने कपडे उतार"

"जी मेमसाब" कहकर अर्जुन ने अपने कपडे उतारने शुरू कर दिए. जब उसके बदन पर सिर्फ एक अंडरवियर बच गया तो वह रुक गया लेकिन रश्मि उससे फिर कडककर बोली-"रुक क्यों गया, इसे भी उतार"

अर्जुन ने अपना अंडरवियर भी उतार दिया और उसका लंड तनकर एकदम खड़ा हो गया -अपने दोनों हाथों से अर्जुन अपने तने हुए लंड को छिपाने का प्रयास करने लगा.

रश्मि ने उसे फिर हुक्म दिया-" अपने दोनों हाथ ऊपर उठाकर तब तक खड़ा रह जब तक मैं तुझे अगला हुक्म न दूँ."

"जी मेमसाब" कहकर अर्जुन ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए

रश्मि सोफे पर बैठी बैठी अपनी दोनों टाँगे हिलाते हुए यह सब कुछ देख रही थी और जिस तरह से अर्जुन उसकी हर बात को बिना किसी सवाल के मानने के लिए विवश हो रहा था , उससे रश्मि को अब काफी मज़ा भी आ रहा था. रश्मि की जोनों जांघों के बीच काफी खलबली मच रही थी और उसका योनि प्रदेश पूरी तरह गीला हो चुका था.

रश्मि ने अपने पास राखी एक छड़ी उठाई और उस छड़ी से अर्जुन के शरीर को छेड़ना शुरू कर दिया -काफी देर तक अपनी छड़ी को उसने अर्जुन ले लंड पर घुमाया और फिर बोली-" चल अब पीछे घूमकर दिखा"

अर्जुन पीछे घूम गया और रश्मि ने अपनी छड़ी से दो तीन स्ट्रोक उसके नितम्बों पर जड़ दिए. अर्जुन सब कुछ सहे जा रहा था क्योंकि उसके पास और कोई चारा नहीं था. उसे मालूम था कि रश्मि न सिर्फ नौकरी से निकलवा सकती थी बल्कि पुलिस में भी शिकायत दर्ज़ करा सकती थी.

रश्मि से अब कंट्रोल नहीं हो रहा था. वह सोफे से उठी और छड़ी को एक तरफ रख दिया .इसके बाद उसने एक काले रंग का ब्लाइंड फोल्ड उठाकर उसे अर्जुन की आँखों पर कसकर बांध दिया. रश्मि ने अर्जुन के हाथों को भी नीचे किया और दोनों हाथों को पीछे ले जाकर उनमे हथकड़ी लगा दी.

"चलो नीचे घुटनों के बल बैठ जाओ" रश्मि ने अर्जुन को हुक्म दिया और उसने तुरंत हुक्म का पालन किया .

इसके बाद रश्मि ने अर्जुन को अपनी जरूरत के हिसाब से एडजस्ट किया और बोली-"ठीक इसी पोजीशन में बैठे रहो

अर्जुन की आँखों पर काला ब्लाइंड फोल्ड बंधा हुआ था और उसके हाथ पीछे बंधे हुए थे. इसके चलते न तो वह कुछ देख पा रहा था और न ही कुछ और कर सकने की हालत में था.

रश्मि ने अब अपना निक्कर और पैंटी फटाफट उतार फेंकी और अपने योनि प्रदेश को अर्जुन के चेहरे पर ले जाकर धीरे धीरे रगड़ने लगी.

रश्मि ने उसके दोनों गळून पर चपत मारते हुए कहा-"चल अपनी जीभ निकल और इसे चाट चाट कर साफ़ करता रह."

अर्जुन को यह समझने में काफी समय लगा कि उसके साथ क्या हो रहा है. रश्मि ने इस तरह से अर्जुन के साथ जी भरकर मस्ती की और अर्जुन क़ी जीभ से अपने योनि प्रदेश को चटवा चटवा कर अपनी सारी उत्तेजना और गर्मी को शांत करके राहत की सांस ली. इसके बाद उसने अर्जुन की हथकड़ी भी खोल दी और ब्लाइंड फोल्ड भी खोलते हुए कहा-" जाओ अब जरा अपना मुंह वगैरा ठीक से धोकर दुबारा से मेरे पास वापस आओ"

अर्जुन समझ गया कि उसकी सजा अभी बाकी है

अर्जुन अपने कपडे पहनना चाहता था लेकिन रश्मि ने उसके नितम्बों पर एक जोर की छड़ी मारते हुए कहा-" ऐसे ही जाओ-जब तक मैं न कहूँ कपडे नहीं पहनने हैं."

अर्जुन निर्वस्त्र अवस्था में ही कमरे के बाहर अपना मुंह धोने चला गया जिसे रश्मि की योनि प्रदेश की रगड़ाई ने पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया था. रात के दो बज चुके थे लेकिन रश्मि को आज बहुत दिनों बाद मस्ती करने का मौका मिला था जिसे वह जी भरकर इस्तेमाल कर लेना चाहती थी.

अर्जुन पूरी तरह अपने चेहरे को साफ़ करके दुबारा कमरे में घुसा और रश्मि ने दुबारा उससे दरवाज़े को अंदर से बंद करवा दिया. वैसे तो रश्मि की मम्मी पहली मंज़िल के कमरे में सोती थीं और सुबह से पहले उनके उठने की कोई सम्भावना भी नहीं थी लेकिन फिर भी रश्मि कोई चांस नहीं लेना चाहती थी.

इस बीच रश्मि ने भी अपने कपडे बदल लिए थे और अपने शरीर पर सिर्फ एक पारदर्शी गाउन पहन लिया था जिसके अंदर उसने कुछ भी नहीं पहना हुआ था .वह पूरी तरह रिलैक्स होकर सोफे पर बैठी हुई थी.

अर्जुन रश्मि के सामने निर्वस्त्र अवस्था में खड़ा हुआ रश्मि के अगले आदेश की प्रतीक्षा कर रहा था

शेष अगले भाग में ......
 
Part-14

भाई बहन,ननद भाभी और नौकर

रश्मि ने देखा कि अर्जुन निर्वस्त्र अवस्था में उसके सामने खड़ा हुआ है। वह बॉक्स में रखी पेन ड्राइव और सी डी को भी जल्द से जल्द चेक करना चाहती थी इसलिए उसने दुबारा से बॉक्स खंगालना शुरू कर दिया।

अर्जुन से रश्मि बोली- " तुम अब ऐसा करो कि अपने कान पकड़ो और 100 बार उठक बैठक लगाओ। गिनती भी बोलते रहना। चलो अब शुरू हो जाओ।'

अर्जुन ने अपने कान पकड़कर गिनती बोलते हुए उठक बैठक लगाना शुरू कर दिया। अर्जुन नंगा होने की वजह से बहुत शर्म और जलालत महसूस कर रहा था जो उसके चेहरे से साफ झलक रही थी।

रश्मि ने उसे अपनी उंगली के इशारे से कहा-"थोड़ा मेरे नजदीक आओ "

अर्जुन थोड़ा आगे बढ़कर रश्मि के नज़दीक आकर खड़ा ही गया और फिर से उठक बैठक लगाने लगा। उसका लंड पूरी तरह तनकर खड़ा हो गया था।

50 उठक बैठक के बाद ही अर्जुन की हिम्मत जबाब दे गई और वह गिड़गिड़ाकर रश्मि से बोला- "मेंम साब, अब और उठक बैठक मत लगवाओ-आप जो कहो मैं करने के लिए तैयार हूँ।"

रश्मि ने उस पर मानो अहसान जताते हुए कहा- " कोई बात नही, थोड़ा तुझे आराम करवा देती हूँ। चल फर्श पर अपने घुटनों के बल बैठ जा "

अर्जुन फर्श पर घुटनों के बल जैसे ही बैठा, रश्मि अपना एक पैर अर्जुन के चेहरे पर ले गई और अपने पैर को उसके पूरे चेहरे पर फिराने लगी। अपने पैर के अंगूठे को रश्मि ने काफी देर तक अर्जुन के होंठों पर फिराया और फिर यकायक उससे बोली- " इसे अपने मुंह मे ले और इसे ठीक से चूस। "

अर्जुन ने अब रश्मि के पैर के अंगूठे को चूसना शुरू कर दिया। रश्मि अपनी इस नई नई मिली "अनोखी ताकत " का पूरा मज़ा ले रही थी।

रश्मि ने अपने हाथ मे चमड़े का हंटर भी पकड़ रखा था जिसे वह अर्जुन के ऊपर इस्तेमाल करने का बहाना ढूंढ रही थी।

रश्मि ने अपने पैर का अंगूठा उसके मुंह से निकला और बोली- " अब तुम मेरे पैर के तलवों को अपनी जीभ से चाटो। "

अर्जुन ने उसके तलवों को चाटना शुरू करने मे कुछ देरी कर दी तो रश्मि ने फटाफट उसके बदन पर हंटर लगाने शुरू कर दिए- "मेरे हुक्म की तुरंत तामील नही हुई तो तेरी खाल खेंच लूंगी, चल तलवे चाट।'

अर्जुन अब रश्मि के तलवे चाटने लगा और रश्मि मुस्करा मुस्करा कर यह सब एन्जॉय करने लगी।

कुछ देर बाद रश्मि ने अर्जुन की आंखों पर फिर से ब्लाइंड फोल्ड बांध दिया । इसके बाद रश्मि ने अपने गाउन की फ्रंट ज़िप खोल दी। वह अंदर से पूरी तरह निर्वस्त्र थी लेकिन क्योंकि अर्जुन की आंखों पर ब्लाइंड फोल्ड बंधा था, इसलिए वह रश्मि को नही देख सकता था।

रश्मि ने उसे अपनी नंगी जांघों पर उलटा करके लिटा लिया। रश्मि ने अर्जुन के बदन को इस तरह से एडजस्ट लिया था ताकि उसका तना हुआ लंड रश्मि की जांघों के बीच के योनि प्रदेश से रगड़ खाता रहे। रश्मि ने एक बार उसके पूरे बदन पर अपना हाथ फेरने के बाद अपना हाथ उसके नितम्बों पर लाकर रोक दिया । अब वह नितंबों को सहला सहला कर उन पर अपने हाथ से ही स्ट्रोक लगा रही थी। अर्जुन को रश्मि एक सेक्स टॉय की तरह इस्तेमाल कर रही थी। कुछ देर बाद रश्मि ने अर्जुन को फिर से फर्श पर अपनी दोनों जगहों के बीच बिठा लिया और उसके चेहरे को पकड़कर उसे अपने योनि प्रदेश पर रगड़ने लगी- " इसे चाट चाट कर साफ कर। यही तेरी सज़ा है।"

अर्जुन अपने होंठों से उसके योनि प्रदेश को चूमने चाटने लगा। रश्मि तो मानो क्लाइमेक्स की जन्नत पर लगभग पहुंच ही चुकी थी। कुछ देर बाद उसने अपना गाउन फिर से पहन लिया और अर्जुन का ब्लाइंड फोल्ड खोलकर बोली-" चलो अब सुबह के 6 बजने वाले हैं। अपने कपड़ें पहनो और मेरे लिए चाय लेकर आओ। तुम्हारा फोन आज मेरे पास ही रहेगा क्योंकि उसकी मुझे ठीक से जाँच करनी है।'

अर्जुन ने अपने कपड़े पहने और चाय लेने चला गया।

शेष अगले भाग में...
 
PART-15

भाई बहन,ननद भाभी और नौकर

जैसे ही अर्जुन चाय लेने गया, रश्मि एकदम अलर्ट होकर बैठ गयी. उसे समझ में आ गया था कि उसके पास समय अब कम है और सभी पेन ड्राइव और सी डी को खंगालने में अच्छा खासा समय लग सकता है. अभी यह भी नहीं मालूम कि पल्ल्वी भाभी का आगे का क्या प्रोग्राम है. इन्ही ख्यालों में रश्मि उलझी हुई थी कि उसी समय उसके मोबाइल फ़ोन की घंटी बज उठी. पल्ल्वी का फोन आया था. रश्मि ने जल्दी से फोन को उठाया-" रश्मि, पापा की तबियत अब बिलकुल ठीक है, लेकिन वह अभी कुछ दिनों अस्पताल में ही रहेंगे. मैं यहां किसी जरूरी काम की वजह से रुक रही हूँ और 15-20 दिन बाद वापस आऊंगी. तुम्हारे भैया से भी फोन पर बात हुई है. वह तुम्हारी पढाई को लेकर चिंतित हैं , इसलिए मैं यहां से मोहित और शोभित दोनों को तुम्हारे पास भेज रही हूँ. मोहित तुम्हारी अंग्रेजी की पढाई में मदद कर देगा और शोभित तुम्हे गणित पढ़ा देगा. तुम्हारे एग्जाम अब 3 महीने बाद ही होने वाले हैं और समय कम है. इसलिए मैंने इन दोनों को यह हिदायत दे दी है कि तुम्हारी पढाई अच्छी तरीके से कराएं ताकि इस बार तुम जरूर पास हो जाओ. ऐसा करना कि शोभित को मेरे कमरे में ठहरा देना और मोहित के लिए गेस्ट रूम कि सफाई करवा देना. बाकी सब बातें मैंने इन दोनों को समझा दी हैं. लगभग दस बजे तक दोनों तुम्हारे पास पहुँच जाएंगे."

रश्मि इतनी लम्बी बात सुनकर एकदम सकपका गयी और उसे कुछ समझ में नहीं आया कि फोन पर भाभी से क्या बोले. उसने "ठीक है भाभी, आप अपना ख्याल रखना" कहा और उसके बाद पल्ल्वी ने फोन काट दिया.

रश्मि को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो रहा है. उसने फिर से घड़ी देखी. साढ़े 6 बज रहे थे. उसी समय अर्जुन भी चाय लेकर आ गया. रश्मि ने अर्जुन से कहा-" सबसे पहले गेस्ट रूम की सफाई कर दो, वहां अभी कोई गेस्ट आने वाले हैं.सफाई कर लो तो मुझे यहां आकर बता देना."

अर्जुन सर झुकाकर बोला-" जी मेमसाब, जैसा आपने कहा है, वैसा ही होगा."

रश्मि अर्जुन के इस बदले हुए रवैये पर हैरान भी थी और खुश भी हो रही थी लेकिन अभी उसका दिमाग इस नयी आफत की तरफ लगा हुआ था जो पल्ल्वी भाभी ने बैठे बिठाये पैदा कर दी थी. रश्मि ने चाय का कप उठाया और चाय पीते पीते अगले दो घंटो में उसे क्या करना है, उसके बारे में सोचने लगी. उसके पास सिर्फ दो ढाई घंटे ही थे क्योंकि मोहित और शोभित दोनों वहां से चल पड़े थे और यहां आने में उन्हें 3 घंटे से ज्यादा नहीं लगने वाले थे. मतलब वे दोनों हर हाल में यहां 10 बजे तक पहुँच जाएंगे.

अब रश्मि ने सबसे पहले अर्जुन के मोबाइल के सारे वीडियो और फोटो अपने मोबाइल में फटाफट ट्रांसफर करके उन्हें अर्जुन के मोबाइल से डिलीट भी कर दिया. ज्यादातर फोटो और वीडियो पल्ल्वी भाभी के सोते समय बनाये गए लग रहे थे लेकिन वे भी काफी खतरनाक किस्म के थे . एक वीडियो में पल्ल्वी भाभी बिस्तर पर निर्वस्त्र होकर सो रही थीं और अर्जुन अपने लन्ड को उनके होंठों के करीब ले जाकर अपने लन्ड से उनके होंठों को सहला रहा था. इस तरह के वीडियो किस तरह से और किन हालातों में बने थे यह जानने के लिए तो अर्जुन से ही पूछताछ करनी पड़ेगी. लेकिन फिलहाल इस सब आपत्तिजनक मसाले को रश्मि ने अर्जुन के मोबाइल से हटाकर अपने मोबाइल में ट्रांसफर कर दिया था.

इसके बाद रश्मि ने प्लास्टिक बॉक्स में रखी हुई पेन ड्राइव और सी डी की तरफ ध्यान देना शुरू किया. उसने सोचा कि अगर शोभित इस कमरे में रहेगा तो उसके हाथों में यह सब पेन ड्राइव और सी डी आ जाएंगी.पल्ल्वी भाभी का ध्यान शायद इस और नहीं गया होगा. लिहाज़ा रश्मि ने यह तय किया कि पूरे बॉक्स को उठाकर वह टेबल की दराज़ में वापस रख देगी और दराज़ में लॉक लगाकर उसकी चाबी अपने पास रख लेगी. लेकिन उससे पहले वह कुछ ऐसा मसाला अपने कब्ज़े में भी कर लेना चाहती थी जिससे पल्ल्वी की कोई कमजोर नस उसके हाथों में आ जाए. हालांकि अर्जुन के फोन से मिली तस्वीरें और वीडियो भी पल्ल्वी को परेशान करने के लिए काफी थे लेकिन रश्मि कुछ और धमाकेदार और मसालेदार वीडियो की उम्मीद कर रही थी. सबसे पहले रश्मि ने उस लिफाफे के स्टेपल पिन खोल दिए जिन पर पल्ल्वी का नाम लिखा हुआ था. उस लिफाफे के अंदर 2 सी डी रखी हुई थीं और एक लेटर रखा हुआ था जिस पर लिखा था-" पल्ल्वी, अब तेरी शादी हो गयी है-जैसा मैंने तुझसे वादा किया था कि शादी के बाद मैं तुझे यह सब वीडियो वापस कर दूंगा, वह मैं अपना वायदा पूरा कर रहा हूँ. इन दोनों सी डी में वह सभी वीडियो हैं जो मैंने तुम्हे गणित की पढाई कराने के दौरान तुम्हे सजा देने के बहाने बनाये थे. इनके अलावा मेरे पास तुम्हारे और कोई वीडियो या तस्वीरें नहीं हैं. अब तुम्हारी शादी हो चुकी है, इसलिए तुम इन्हे तुरंत ही अपनी तसल्ली करने के बाद नष्ट कर देना क्योंकि अगर यह वीडियो तुम्हारे पति विमल के हाथों में गलती से भी पड़ गए तो बहुत बड़ा अनर्थ हो सकता है और तुम्हारी शादी भी टूट सकती है.-तुम्हारा बड़ा भाई रोहित."

रश्मि ने यह सब पढ़ा और साथ में राखी दोनों सी डी को भी देखा-एक पर लिखा था -पल्ल्वी के साथ मस्ती पार्ट-1 और दूसरी पर लिखा था-पल्ल्वी के साथ मस्ती पार्ट-2

रश्मि ने फैसला कर लिया कि यह दोनों सी डी और पूरा लिफाफा तो वह हर हाल में अपने पास रख लेगी क्योंकि यह इकलौती चीज़ ऐसी है जिसकी वजह से पल्ल्वी अपने घुटनों के बल रश्मि के सामने बैठकर सारी जिंदगी उसकी गुलामी करेगी. रश्मि अब फटाफट अपने कमरे में जाने की तैयारी करने लगी. उसने उस पल्ल्वी लिखे लिफाफे के अलावा बाकी सब कुछ दराज़ में वापस रख दिया और उस पर लॉक लगाकर उसकी चाबी भी अपने पास रख ली. अब पल्ल्वी अपना और अर्जुन का मोबाइल, दराज़ की चाबी और पल्ल्वी के नाम वाला लिफाफा लेकर अपने कमरे में जाने की तैयारी में थी. इतनी देर में अर्जुन वहां आ गया-" मेम साब आपके हुक्म के मुताबिक गेस्ट रूम मैंने अच्छी तरह साफ़ कर दिया है."

रश्मि खुश हुई और बोली-"ठीक है अब जरा इस कमरे को भी मेरे सामने ही साफ़ करो " और वह फिर से अपने मोबाइल में अर्जुन के मोबाइल से डाउनलोड किये गए वीडियो और तस्वीरों को देखने लगी. रश्मि ने घड़ी की तरफ देखा-अभी साढ़े आठ ही बजे थे और उसके पास समय अभी लगभग एक डेढ़ घंटे का ही समय बचा था. अर्जुन कमरे की सफाई किये जा रहा था. रश्मि ने अर्जुन से पूछा-" मम्मी सो कर उठ गयी क्या ?"

" जी हाँ मेम साब, सोकर उठ गयी हैं और इस समय वे बाथरूम में हैं " अर्जुन ने जबाब दिया

इतनी देर में रश्मि को मम्मी की आवाज़ सुनायी दी-" रश्मि बेटा, पल्ल्वी कहाँ है दिखाई नहीं दे रही है."

यह पूछते पूछते मम्मी पल्ल्वी के कमरे में ही घुस आईं. रश्मि ने विस्तार से मम्मी को सारी बात बताई और यह भी बताया कि दस बजे तक भाभी के दोनों भाई भी यहाँ पहुँचने वाले हैं. मैं इसलिए यह कमरा भी साफ़ करा रही हों और गेस्ट रूम भी साफ़ करा दिया है.

"ठीक है बेटा, देखना दोनों को कोई तकलीफ न होने पाए. एक तो वे दोनों हमारे मेहमान है. दूसरे वे दोनों ही सिर्फ तुम्हारी पढाई में मदद करने के लिए आ रहे हैं."

रश्मि ने मम्मी को आश्वस्त करते हुए कहा-" नहीं मम्मी जी, दोनों को कोई तकलीफ नहीं होगी, आप बिल्कुल चिंता न करें."

इसके बाद मम्मी दुबारा से ऊपर अपने कमरे में चली गयी थीं क्योंकि यह उनकी पूजा का समय था. अर्जुन भी कमरे की सफाई कर चुका था. रश्मि ने दोनों मोबाइल, दराज़ की चाबी और पल्ल्वी नाम का लिफाफा अपने हाथों में लिया और अर्जुन से बोली-"अब इस कमरे को बंद करके उसकी चाभी मुझे दे दो और मेरे साथ मेरे कमरे में चलो और मेरे कमरे की बढ़िया सी सफाई करो."

" जी मेम साब जैसा आपका हुक्म" कहकर अर्जुन रश्मि के साथ कमरे से बाहर आ गया और कमरे में ताला लगाकर उसकी चाबी रश्मि को सौंप दी. इसके बाद वह रश्मि के कमरे की तरफ चल दिया जो पहली मंजिल पर मम्मी के साथ वाले कमरे के साथ लगा हुआ था.

अपने कमरे में आने के बाद जितनी देर में अर्जुन ने रश्मि के कमरे की सफाई की, उतनी देर में रश्मि ने अपना लैपटॉप खोलकर उसमे पल्ल्वी की दोनों सी डी डाउनलोड कर लीं.साथ ही अपने मोबाइल में जो वीडियो और तस्वीरें उसने अर्जुन के मोबाइल से डाउनलोड की थीं उनका बैक अप भी लैपटॉप में ले लिया. लिफाफे में पल्ल्वी के बड़े भाई का जो कबूलनामा लिखा रखा था उसकी भी एक सॉफ्ट कॉपी

रश्मि ने लैपटॉप में सेव कर ली.

अब तक अर्जुन कमरे की सफाई कर चुका था. रश्मि उससे बोली-"ठीक है, अब तुम जाओ और सबके लिए नाश्ते की तैयारी करो."

"जी मेमसाब" कहकर अर्जुन वहां से चला गया और रश्मि भी अब निश्चिन्त होकर वाशरूम में फ्रेश होने चली गयी.

शेष अगले भाग में......
 
PART-16

इधर रश्मि मोहित और शोभित के आने का इंतज़ार कर रही थी उधर वे दोनों रास्ते भर अपने ख्याली पुलाव बनाते हुए आ रहे थे.

मोहित और शोभित दोनों भाई कम दोस्त ज्यादा थे और एक दूसरे से सभी तरह की बातें साझा कर लेते थे. दोनों की उम्र में भी कोई ज्यादा अंतर नहीं था. मोहित इस समय 22 साल का था और शोभित 24 साल का. मोहित इस समय अंग्रेजी से बी ए कर चुका था और इस समय अंग्रेजी से ही पोस्टग्रेजुएट कर रहा था. शोभित इस समय साइंस से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहा था.

शोभित कार चला रहा था और मोहित उसके साथ वाली सीट पर बैठा हुआ था.

मोहित ने शोभित से कहा -" सुना है भैया, पल्ल्वी दीदी की ननद जिसे हम अंग्रेजी और गणित पढ़ाने जा रहे हैं, बड़ी हॉट और सेक्सी है."

शोभित ने भी उसकी हाँ में हाँ मिलाते हुए कहा-" हाँ भाई, काफी सेक्सी और मस्त माल है. इसीलिए तो मैंने यहां आने के लिए हाँ क़र दी वरना मैं भला क्यों यहां आने के लिए राजी होता."

मोहित यह सुनकर एकदम चहककर बोला-"फिर तो बहुत मज़ा आएगा. पढाई के बहाने हम उसे पूरी तरह से अपने कब्ज़े में क़र लेंगे."

अब शोभित बोला-"देख भाई हमें अपनी पूरी तैयारी बहुत तरीके से और योजनाबद्ध ढंग से करनी होगी ताकि वह हमारे चंगुल में फंस जाए और जो हम कहें बस वही करे"

शोभित फिर अचानक मोहित की तरफ देखने लगा-" अरे पल्ल्वी दीदी ने तो तुझे भी अंग्रेजी पढाई थी जब तू 12 वीं क्लास में था."

मोहित ने जबाब दिया-" हाँ मुझे भी अंग्रेजी पढाई थी.लेकिन उस बात का फिलहाल तू जिक्र क्यों क़र रहा है "

शोभित बोला-" कुछ नहीं बस ऐसे ही. सुना है पल्ल्वी दीदी तुझे पढाई के बहाने सजा भी देती थीं "

मोहित यह सुनकर एकदम सकपका गया और बोला-" हाँ पढाई में यह सब तो चलता ही रहता है-ठीक से पढाई न करने पर टीचर सजा तो देगा ही.मुझे भी मिलती थी."

शोभित फिर बोला-" जैसी सजा पल्ल्वी दीदी तुझे देती थीं ठीक उसी तरह की सजा वह रश्मि को भी देती हैं."

मोहित को लग रहा था कि शोभित को पल्ल्वी दीदी ने काफी कुछ बताकर भेजा है और वह पूरी बात अभी भी नहीं बता रहा है.

जब मोहित चुप होकर कुछ सोचने लगा तो शोभित ने उसकी चुप्पी तोड़ते हुए कहा-" क्या सोच रहा है- अरे हम दोनों भाई भी हैं और दोस्त भी-हम लोगों में आपस में कुछ छुपा नहीं है. दरअसल कल पल्ल्वी दीदी कह रही थीं कि तुम दोनों पढाई कराते कराते ही रश्मि के साथ जितनी चाहो मौज़ मस्ती क़र सकते हो. मेरी तरफ से तुम्हे पूरी छूट है."

यह सुनते ही मोहित का लन्ड तो जीन्स के अंदर ही एकदम तनकर खड़ा हो गया-"अरे यह बात तूने अभी तक क्यों नहीं बताई थी. अब तो रश्मि के साथ हम दोनों जी भरकर मौज मस्ती करेंगे."

शेष अगले भाग में ........
 
PART-17

रश्मि तैयार हो चुकी थी . साढ़े नौ बजे थे. उसका दिमाग अभी भी पल्ल्वी के कमरे में रखे उस बॉक्स पर लगा था जिसमे पेन ड्राइव और सी डी रखे हुए थे. उसे लगा कि अभी कुछ समय है और उसका उसने इस्तेमाल करने के लिए दुबारा से चाभी अपने हाथ में ली और पल्ल्वी के कमरे की तरफ आ गयी. जल्दी से उसने कमरा खोला और साइड रूम में आकर दराज़ खोलकर उसमे रखी पेन ड्राइव और सी डी पर लिखे नामों को देखने लगी. किसी पर हनीमून लिखा था, किसी पर सुहागरात लिखा था. एक पेन ड्राइव पर मोहित लिखा था. रश्मि ने इस पेन ड्राइव को अपने पास रख लिया और बाकी के सामान को देखने लगी. एक छोटा सा लिफाफा था जिस पर शोभित लिखा हुआ था. इस लिफाफे को भी रश्मि ने उठाकर अपने पास रख लिया और सब कुछ बंद करके फटाफट अपने कमरे में वापस आ गयी. कमरे में वापस आने के बाद उसने शोभित का नाम लिखा लिफाफा खोला तो उसमे एक पेन ड्राइव और एक लेटर मिला-लेटर शोभित ने पल्ल्वी को लिखा था-" सॉरी दीदी. मैंने आपको ब्लैकमेल करके आपके साथ जो कुछ भी किया और जो भी वीडियो बनाई थीं, अब वे सब मैं आपको वापस लौटा रहा हूँ ताकि आप अपनी शादी शुदा जिंदगी सुकून से गुजार सको. जो कुछ हमारे बीच हुआ उसे भूलने की कोशिश करना और इस लेटर और पेन ड्राइव को नष्ट कर देना क्योंकि अगर यह विमल जीजाजी के हाथ में पड़ गए तो हमारे सारे राज खुल जायेंगे और तुम्हारी शादी टूट जाएगी. तुम्हारा छोटा भाई-शोभित"

रश्मि ने उसे पढ़ा और मन ही मन बोली-यह तो पूरा का पूरा खानदान ही अव्वल दर्ज़े का भ्रष्ट है -सब एक दुसरे के साथ लगे हुए है.

अभी क्योंकि समय कम था और 10 बजने ही वाले थे, रश्मि ने दोनों पेन ड्राइव और लेटर फिलहाल संभालकर अपनी अलमारी में रख दिए और किचन में इण्टरकॉम करके बोली-" अर्जुन नाश्ता तैयार हुआ कि नहीं."

अर्जुन बोला-" जी मेमसाब, तैयार हो चुका है, टेबल पर लगाने की तैयारी कर रहा हूँ."

रश्मि ने अपना कमरा बंद किया और नीचे डाइनिंग रूम में टेबल पर पहुँच गयी. वहां उसने मम्मी को भी बुला लिया. कुछ ही देर में मोहित और शोभित भी आ गए.

मम्मी उन दोनों से उनके पापा का हालचाल पूछने के बाद कहने लगीं-" अब तुम दोनों फटाफट फ्रेश होकर हमारे साथ नाश्ता कर लो. नाश्ता एकदम तैयार है."

10 मिनट में दोनों फटाफट फ्रेश होकर नाश्ते की टेबल पर आ गए थे. मम्मी उन दोनों से लगातार कह रही थीं-" पल्ल्वी ने यह बहुत अच्छा किया की तुम दोनों को इसकी पढाई कराने यहां भेज दिया-यह अंग्रेजी और गणित में काफी कमजोर है और दो साल से फेल हो रही है."

मोहित और शोभित दोनों एक साथ मम्मी से कहने लगे-" आप बिलकुल टेंशन न लें मम्मी जी. हम रश्मि को बहुत अच्छी तरह से पढाई करवाएंगे और यह इस बार जरूर पास हो जाएगी."

यह कहकर दोनों भाई रश्मि की ओर देखने लगे. रश्मि ने इस समय एक लाल रंग की टी शर्ट और नीली जींस पहनी हुई थी और बहुत ही सेक्सी और हॉट लग रही थी.

रश्मि उन दोनों की तरफ देखकर औपचारिकतावश मुस्करायी और बोली-"आप लोग नाश्ता शुरू कीजिये -बातें तो सारे दिन होती रहेंगी"

और सब लोग नाश्ता करने में लग गए

नाश्ता करने के बाद नाश्ते की टेबल पर ही मम्मी के सामने यह भी तय हो गया कि मोहित गेस्ट रूम में रहेगा और शोभित पल्ल्वी दीदी के रूम में रहेगा.

शाम को 4 बजे से 6 बजे तक रश्मि को मोहित के पास अंग्रेजी पढ़ने जाना होगा और एक घंटे के ब्रेक के बाद शाम को 7 बजे से 9 बजे तक रश्मि को शोभित के पास गणित पढ़ने जाना होगा.

शेष अगले भाग में ........
 
Part-18

नाश्ते के बाद जब मोहित और शोभित को यह मालूम पड़ा कि शोभित जिस कुसुम के रूम में ठहरेगा, वह नीचे ग्राउंड फ्लोर पर है और मोहित जिस गेस्ट रूम में ठहरेगा वह फर्स्ट फ्लोर पर मम्मी और रश्मि के बीच वाला रूम है, तो उन दोनों को कुछ अटपटा सा लगा और मम्मी से कहने लगे- "आंटी जी, रश्मि तो अभी कुसुम दीदी के कमरे में रह ही रही है, उसे क्यों डिस्टर्ब करें। हम दोनों ऊपर ही चले जाते है, गेस्ट रूम और रश्मि के रूम में हम दोनो का रहना ठीक रहेगा।"

इससे पहले कि मम्मी कुछ जबाब देतीं, रश्मि ने ही कह दिया-" हाँ मम्मी, ठीक बात है। यही ठीक रहेगा। मैं कुसुम भाभी के कमरे में ही रह जाती हूँ। "

मम्मी को अब शायद मंदिर जाने की जल्दी थी, सो वह बोली -" रश्मि तुझे जो ठीक लगे सो कर ले। इन दोनों को बस कोई तकलीफ ना हो। मुझे भजन कीर्तन के लिए मंदिर जाना है। तुम और अर्जुन सब देख लेना। "

इसके बाद मम्मी तो रोज की तरह मंदिर चली गयी। रश्मि अपने कमरे में गई और एक बैग में अपना सब " जरूरी" सामान लेकर कुसुम के कमरे में ही दुबारा से आ गयी और ऊपर गेस्ट रूम में मोहित और रश्मि के रूम में शोभित ने अपना डेरा जमा दिया।

रश्मि ने उन दोनों को बता दिया कि अगर उन्हें किसी भी चीज़ की जरूरत पड़े तो वे बेझिझक इण्टरकॉम पर अर्जुन को बोल दें।

इसके बाद सब लोग अपने अपने कमरों में, अर्जुन किचिन में और मम्मी मंदिर जा चुकी थी।

रश्मि ने कुसुम के कमरे में दुबारा से आकर राहत की सांस ली क्योंकि यही तो वह कमरा था जिससे किचिन और गेस्ट रूम दोनों पर नज़र रखी जा सकती थी। इसके अलावा अब यहां पर रश्मि बाकी बची हुई पेन ड्राइव और सी डी वगैरा भी चेक कर सकती थी।

इस समय दिन के 11 बज रहे थे। अर्जुन लंच की तैयारी 1 बजे शुरू करता है और 2 बजे टेबल पर लंच लगा देता है।

रश्मि ने अपनी जीन्स और टी शर्ट उतारकर एक हल्का सा गाउन पहन लिया था, जो कई जगहों से पारदर्शी भी था। साइड रूम में जाकर रश्मि ने टी वी स्क्रीन को ऑन कर दिया और गेस्ट रूम पर क्लिक कर दिया। गेस्ट रूम में इस समय मोहित और शोभित दोनों सोफे पर बैठे हुए कुछ सोच रहे थे। मोहित ने शोभित से कहा- " भैया कुछ समझ नही आ रहा है कि कब कैसे और क्या करना है। "

शोभित ने उससे हंसते हुए कहा-" अरे तू टेंशन मत ले। सब हो जाएगा। इसमें इतना सोचने विचारने की भला क्या बात है. कुसुम तो मुझसे 3 साल बड़ी थी लेकिन फिर भी मैंने उसे ब्लैकमेल करके अपनी सेक्स स्लेव बना लिया था- रश्मि को तो मैं आज से ही अपने इशारों पर नचाना शुरू कर दूंगा। "

मोहित फिर से बोला- " में आपकी नही, अपनी बात कर रहा हूँ। पहले 4 बजे रश्मि मेरे पास पढ़ने आएगी। आपको इन चीजों का अनुभव है, मुझे नही है।"

शोभित फिर हंसने लगा- " मोहित तुझे भी उतना ही अनुभव है जितना मुझे है। बस तुझे लगता है याद नही आ रहा है। "

मोहित ने फिर शोभित की तरफ हैरानी से देखा और शोभित उसकी दुविधा समझकर उसे बताने लगा- " तुझे 12 वीं क्लास में कुसुम अंग्रेजी पढ़ाती थी तू उस समय 18 साल का था और कुसुम 22 साल की थी। अब रश्मि भी 12 वीं क्लास में है, 18 साल की है और तू खुद 22 साल का है। जिस तरह कुसुम ने तुझे पढ़ाई के बहाने पेला था, बस उसी तरह तुझे रश्मि को पेलना है। "

शोभित की यह बात सुनकर मोहित का कुछ हौसला तो जरूर बढ़ा लेकिन उसे वह दिन भी याद आ गए जब कुसुम ने अंग्रेजी पढ़ाने और उसमें सज़ा देकर उसे हर रोज जलील किया था। कुसुम ने एक तरह से उसका यौन शोषण ही किया था और वही उसे अब रश्मि के साथ करना है। मोहित इन्ही खयालों में खोया हुआ था और पास बैठा शोभित उसकी टेंशन को समझते हुए उसकी जांघों पर हाथ फिराने लगा।

दोनों ने अपने कमरे में जाकर अपनी जीन्स उतार दी थी और टी शर्ट और निक्कर पहन लिए थे, जिसमे से उन दोनों की जांघों का काफी हिस्सा साफ दिख रहा था।

रश्मि यह सब अपने कमरे में बैठी हुई लाइव देख रही थी और उसे बहुत मज़ा आ रहा था। उसने अर्जुन को इण्टरकॉम पर बोला- " जरा मेरे लिए एक कप चाय लेकर आ "

अर्जुन को चाय का आर्डर देने के बाद रश्मि फिर से गेस्ट रूम के लाइव टेलिकास्ट को देखने लगी। शोभित अभी भी मोहित की जांघों को सहलाये जा रहा था और मोहित उसकी इस हरकत का कोई विरोध भी नही कर रहा था।

शोभित समझ गया था कि मोहित से कुछ नही हो पायेगा क्योंकि वह "डोमिनेटिंग" टाइप का नही बल्कि " सबमिसिव " टाइप का था और रश्मि को क्या किसी को भी अपने काबू में करने के लिए रॉब दाब वाला इंसान होना चाहिए जो शायद मोहित नही था।

शोभित अचानक मोहित से बोला- " देख भाई, तेरा डर दूर करने का एक ही तरीका है कि तुझे पूरी ट्रेनिंग दी जाए कि तुझे रश्मि के साथ कैसे करना है। अब तू सबसे पहले दरवाज़े को अंदर से बंद करके आ, फिर तेरी ट्रेनिंग शुरू करते हैं। "

मोहित उठा और गेस्ट रूम के दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया। जब वह शोभित की तरफ वापस आने लगा तो शोभित ने उससे कहा- " देख मैं मोहित का रोल कर रहा हूँ और तू अब रश्मि का रोल कर रहा है। जिस तरह से मैं तुम्हारे साथ अब करूंगा वही सब कुछ तुम्हे 4 बजे जब रश्मि तुम्हारे पास पढ़ने आएगी, तुम्हे उसके साथ करना है।"

शोभित अब मोहित की तरफ देखकर बोला- "अब तुम्हारी ट्रेनिंग शुरू होती है।"

इतनी देर में अर्जुन चाय लेकर रश्मि के पास आ गया- " मेमसाब चाय "

अर्जुन चाय देकर चला गया तो रश्मि ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और आगे का लाइव टेलिकास्ट देखने लगी।

शोभित ने सोफे पर बैठे बैठे अपने दोनों पैरों को फैला लिया और मोहित से सख्त आवाज़ में कहा- " इधर आकर बैठ मेरे पास "

मोहित तुरंत ही फर्श पर शोभित की दोनों टाँगों के बीच घुटनों के बल बैठ गया। शोभित के निक्कर के अंदर उसका लंड पूरी तरह तनकर खड़ा हो गया था जिसे वह अपने एक हाथ से सहला भी रहा था।

अचानक शोभित अपने एक हाथ को मोहित के गाल पर ले गया और उसे थोड़ी देर सहलाने के बाद उसके गाल पर एक जोरदार थप्पड़ मारते हुए बोला- " एक घंटे से मैं तुझे यह लेसन याद कराने की कोशिस कर रहा हूँ लेकिन तुम्हारा तो पढ़ाई लिखाई में मन ही नहीं लगता है। यह कहते ही शोभित ने मोहित के दूसरे गाल पर भी थप्पड़ लगा दिया और बोला - " चल अब तुझे सज़ा देनी ही पड़ेगी, तभी तेरा मन पढ़ाई में लगेगा। चल खड़ा हो जा। "

मोहित खड़ा हो गया

" कपड़े उतार अपने " शोभित ने अपने निक्कर के अंदर तने हुए लंड को सहलाते हुए मोहित से कहा

मोहित बिना किसी विरोध के अपने कपड़े उतारने लगा। टी शर्ट के बाद उसने अपना निक्कर भी उतार दिया। अब उसके बदन पर सिर्फ एक अंडरवियर बचा था। शोभित ने कुछ देर उसके अंडरवियर के ऊपर ही अपना हाथ फिराया । मोहित का लंड भी सख्त होकर तन गया था। शोभित खाया खेला खिलाड़ी था और मोहित को ट्रेनिंग देने के बहाने ही उसका यौन शोषण कर रहा था।

काफी देर तक मोहित के अंडरवियर में कैद लंड को सहलाने के बाद शोभित ने मोहित से कहा - " चल अब इसे भी उतार "

मोहित ने अंडरवियर उतार दिया और अपने तने हुए लंड को अपने दोनों हाथों से ढकने लगा।

शोभित अपने लंड को निक्कर के ऊपर से ही सहलाता हुआ मोहित से बोला

- " दोनों हाथों से अपने कान पकड़ो और गिनकर 100 उठक बैठकें लगाओ और गिनती भी बोलते रहो। गिनती नही बोली तो वह उठक बैठक काउंट नही होगी। चलो शुरू हो जाओ। "

मोहित कान पकड़कर उठक बैठक लगाने लगा और गिनती भी बोल रहा था। शोभित अपने सामने अपने से मात्र 2 साल छोटे भाई को निर्वस्त्र अवस्था में उठक बैठक लगवा रहा था और इसी उत्तेजना में उसका लंड बेकाबू हुए जा रहा था।

मोहित लगभग 50 उठक बैठक लगाकर ही काफी थक गया और रुककर बोला- " बस भाई अब और नही हो रहा है बहुत थक गया हूँ। "

शोभित ने दरियादिली दिखाते हुए मोहित से कहा - " कोई बात नही, तेरी बाकी की सज़ा मैं माफ करता हूँ। अब तू इधर आकर मेरी टाँगों के बीच मे बैठ। "

मोहित अब फर्श पर शोभित की दोनों टाँगों के बीच मे बैठा हुआ था। शोभित ने अपने निक्कर में से अपने तने हुए लंड को बाहर निकाला और उसे मोहित के होंठों पर घुमाने लगा। जब शोभित को लगा कि अब लंड पूरी तरह गर्म हो चुका है तो उसने मोहित को आर्डर दिया- " मुंह खोलकर इसे अंदर लो और अपनी जीभ इसके ऊपर फिराओ। इसके अंदर से जो रस निकलेगा उसे सारा का सारा तुझे पीना है। एक बूंद भी नीचे गिरी तो और सख्त सजा मिलेगी। "

इसके बाद मोहित ने शोभित के लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और उस पर अपनी जीभ फिरा फिराकर उसे चाटने लगा। शोभित तो मानों बैठे बिठाए जन्नत में पहुंच गया था। बीच बीच मे शोभित यह कहते हुए मोहित के दोनों गालों पर चपत लगाता रहा कि - " ठीक से चाटो। ठीक से चूसो। "

कुछ देर बाद शोभित के लंड ने मोहित के मुंह मे अपने वीर्य रस की पिचकारी छोड़ दी जिसे मोहित एक आज्ञाकारी स्टूडेंट की तरह चुपचाप पी गया।

रश्मि जो इस सारे तमाशे का लाइव टेलिकास्ट देख रही थी, अब उसने रिकॉर्ड का बटन ऑफ कर दिया और इस रिकॉर्ड की गई फ़िल्म को एक पेन ड्राइव में ट्रांसफर करने लगी।

शेष अगले भाग में.....
 
Part-19

रश्मि ने अब तक जो कुछ भी गेस्ट रूम में मोहित और शोभित के बीच हुआ, उसे रिकॉर्ड करके वीडियो बना लिया लेकिन गेस्ट रूम में लाइव अभी भी चल रहा था।

मोहित से अपना लंड चुसवाने के बाद शोभित ने मोहित से पूछा-" अब समझ मे आया कि रश्मि को किस तरह ट्रैप करके उसे अपनी सेक्स स्लेव बनाकर उसके मुंह मे किस तरह अपना लंड डालना है या फिर और समझाऊं ?"

मोहित बोला- " अब मैं समझ गया हूँ कि मुझे क्या और कैसे करना है। "

शोभित मोहित की बात सुनकर उठ खड़ा हुआ और बोला- " ठीक है, मैं अब अपने कमरे में चलता हूँ। चल अपने कपड़े पहन लें वरना किसी और ने अगर तुझे इस हालत में देख लिया तो। वह भी तुझे पेल देगा।"

रश्मि इस सारे तमाशे को देखकर पूरी तरह उत्तेजित हो चुकी थी और उसकी भी इच्छा हो रही थी कि वह भी किसी को इसी तरह पेलकर अपनी आग को शांत कर ले। उसने मोबाइल में समय देखा। अभी दोपहर के सवा बारह बजे थे। उसने जल्दी से अर्जुन को इण्टरकॉम लगाया-" मेरे पास आओ फटाफट "

अर्जुन फौरन ही रश्मि के सामने हाज़िर हो गया-" जी मेमसाब, क्या हुक्म है?"

रश्मि ने सोफे पर बैठे बैठे ही अपनी टाँगों को फैलाते हुए अर्जुन से कहा-" चल इधर आकर बैठ मेरी दोनों टाँगों के बीच मे।"

अर्जुन अब फर्श पर रश्मि की दोनों टाँगों के बीच मे आकर बैठ गया और उसके अगले आदेश की प्रतीक्षा करने लगा। रश्मि एक फ्रंट ज़िप वाला गाउन पहने हुए थी और अंदर उसने कुछ भी नही पहना हुआ था। रश्मि ने अर्जुन के मोबाइल से जो वीडियो अपने फोन में डाउनलोड किये थे, उनमे से एक खास वीडियो को उसने अर्जुन को दिखाते हुए पूछा-" यह सब क्या है ? "

दरअसल इस वीडियो में कुसुम निर्वस्त्र अपने पलंग पर लेटी हुई सो रही थी और अर्जुन अपने एक हाथ को कुसुम के निर्वस्त्र बदन पर फिरा रहा था और दूसरे हाथ से अपने लंड को सहला रहा था। अर्जुन कुछ नही बोला तो रश्मि ने उसके गाल पर जोर का थप्पड़ लगाते हुए कहा-" जल्दी बोल। तुझे 1 बजे लंच भी बनाना है।"

इससे पहले कि रश्मि अर्जुन को अगला थप्पड़ मारती, अर्जुन बोलने लगा- " कुसुम मेमसाब हर रोज रात में सोने से पहले एक गिलास जूस पीती थीं और उस जूस में एक या दो बूंद एक दवा भी मिलवाती थीं जिससे कि उन्हें जूस पीने के बाद गहरी नींद आ जाये। जूस में दवा मिलाकर मैं ही ले जाता था। जूस पीते पीते वह मुझसे अपने पैरों की मालिश करवाती थीं और फिर जब वह सो जाती थी तो उस समय मैं उनके बदन से मनमाने ढंग से खिलवाड़ करके अपने मोबाइल में उसका वीडियो बना लेता था। "

रश्मि ने बनावटी गुस्सा दिखाते हुए दो चपत अर्जुन के गालों पर जड़ दिए और उसकी आंखों पर काली पट्टी बांध दी। अब रश्मि ने अपने गाउन की फ्रंट ज़िप खोल दी और अर्जुन के चेहरे को अपनी जांघों के बीच भीगे हुए योनि प्रदेश पर ले आयी और कडककर बोली- " अपनी जीभ से चाट चाटकर इसे साफ कर । " एक हाथ से रश्मि ने अर्जुन के चेहरे को पकड़ा हुआ था और दूसरे हाथ मे उसने चमड़े का हण्टर पकड़ा हुआ था जिसे वह बीच बीच मे अर्जुन के बदन पर मारती जा रही थी। हालांकि अर्जुन रश्मि के निर्देश के अनुसार ही उसकी योनि को एक आज्ञाकारी स्लेव की तरह चाट रहा था फिर भी रश्मि अपनी अथॉरिटी और डोमिनेशन दिखाने के लिए उसे यह कहते हुए हंटर लगा रही थी- " ठीक से चाट चिकने नही तो और पिटेगा।"

अर्जुन की चटाई से कुछ ही देर में रश्मि की उत्तेजना शांत हो गई और वह अपने क्लाइमेक्स पर पहुंच गई। गाउन की ज़िप बंद करने के बाद रश्मि ने अर्जुन की आंखों की पट्टी भी खोल दी और बोली- " वह दवा तेरे पास है जिसे जूस में मिलाकर तू कुसुम भाभी को लंबी नींद में सुला देता था ? "

अर्जुन बोला- " जी मेंम साब, कुसुम मेमसाब ने ही मुझे वह दवा की बोतल दी थी और कहा था कि इसे किचिन में ही अपने पास रखो और जब मैं कहूँ कि कितनी दवा मिलाकर जूस लाना है तो उतनी दवा मिलाकर ले आया करो। "

रश्मि ने अर्जुन से कहा- " ठीक है अभी तुम जाओ और लंच का इंतज़ाम करो। लंच के बाद मेरे पास वह दवा की बोतल लेकर आ जाना। "

अर्जुन " जी मेम साब " कहता हुआ वहां से चला गया।

शेष अगले भाग में......
 
PART-20

अर्जुन ने 1.30 बजे ही लंच लगा दिया था और क्योंकि मम्मी तो मंदिर गयी हुई थीं, मोहित, शोभित और रश्मि ने फटाफट लंच की टेबल पर आकर 2 बजे तक लंच फिनिश भी कर लिया था. दोनों ने ही लंच के समय ज्यादा बातचीत नहीं की और यह कहकर कि उन्हें कुछ देर आराम करके सफर की थकान दूर करनी है , जल्द ही अपने कमरे में वापस चले गए. जाने से पहले वह चाय पीने की फरमायश अर्जुन से कर गए थे. जैसे ही वे दोनों ऊपर अपने कमरे में गए, रश्मि अर्जुन के साथ किचिन में आ गयी और बोली-" अब उस दवा की बोतल को दिखा जिसकी एक या दो बूँद जूस या चाय में मिलाने से लम्बी और गहरी नींद आ जाती है."

अर्जुन किचिन के साथ लगे हुए अपने साइड रूम में चला गया, रश्मि भी उसके पीछे पीछे वहीं आ गयी.

अर्जुन ने एक अलमारी में से दवा की बोतल निकलकर रश्मि को पकड़ा दी. रश्मि ने उसे अलट पलट कर देखा-दवा का नाम था-“स्लीप वेल” और उस पर लिखा था कि 3 घंटे की गहरी नींद के लिए एक बूँद और 6 घंटे की गहरी नींद के लिए दो बूँद दवा किसी जूस या चाय में डालकर पियें. यह भी लिखा था कि 2 बूँद से ज्यादा दवा एक बार में न लें.

रश्मि ने बोतल अलमारी में वापस रखते हुए अर्जुन से कहा-"आगे से इस इस दवा का इस्तेमाल मेरे हुक्म के बिना किसी हालत में नहीं होना चाहिए. अभी जब तुम मोहित और शोभित के लिए चाय लेकर जाओगे तो दोनों की चाय में दो-दो बूँद दवा डालकर ले जाना."

यह कहकर रश्मि जैसे ही अलमारी बंद करने लगी, उसकी नज़र एक कंडोम के पैकेट पर पडी. उसने कंडोम के पैकेट को हाथ में लेकर अर्जुन की तरफ देखा-" यह क्या है ?"

अर्जुन एकदम सकपका गया और बोलै-" जी मेमसाब यह कंडोम हैं-पल्ल्वी मेम साब ने मुझे यहां रखने के लिए दिए हैं."

रश्मि बोली-" ठीक है, फिलहाल तुम जल्दी से उन दोनों मेहमानों को चाय पिलाकर मेरे पास आओ -तब बताना कि यह कंडोम तुम्हे किसने और क्यों दिए हैं."

यह कहकर रश्मि वहां से निकलकर अपने कमरे में चली गयी और अर्जुन चाय बनाने लगा.

दरअसल रश्मि यह नहीं चाहती थी कि आज उसका सामना मोहित या शोभित किसी से भी हो. वह उन दोनों के सामने जाने से पहले उन दोनों पेन ड्राइव का वीडियो देखना चाहती थी जिन्हे पल्ल्वी के बड़े भाई रोहित और छोटे भाई शोभित ने अपने कबूलनामे के साथ भेजा था. रश्मि के पास हालांकि पल्ल्वी और उसके इन दोनों भाईओं के खिलाफ पहले से ही काफी मसाला था-मोहित की पेन ड्राइव वाला वीडियो तो वह पहले ही देख चुकी थी. उसे अब यह लग रहा था कि इन दोनों पेन ड्राइव में बेहद धमाकेदार वीडियो उसे देखने को मिलेंगे और उसके बाद ही वह आगे की योजना तय करेगी. उसने इसी मकसद से अर्जुन से कहकर दोनों को 6-6 घंटे की लम्बी नींद में सुला दिया ताकि वह बिना किसी रूकावट के इन दोनों वीडियो का आनंद ले सके.

रश्मि का कमरा इस समय खुला हुआ था क्योंकि वह अर्जुन का इंतज़ार कर रही थी. रश्मि ने घड़ी में समय देखा. इस समय 3 बज चुके थे. रश्मि ने टी वी स्क्रीन को ऑन कर दिया और अर्जुन के रूम पर क्लिक कर दिया. अर्जुन अपने कमरे में नहीं था. अब रश्मि ने गेस्ट रूम पर क्लिक कर दिया. गेस्ट रूम में मोहित और शोभित एक साथ सोफे पर बैठे चाय पी रहे थे और अर्जुन जो अभी तक वहीं खड़ा हुआ था, उससे शोभित पूछ रहा था-" क्यों बे, यह लौंडिया क्या पट जाएगी ? "

अर्जुन कुछ नहीं बोला. उसे कुछ समझ नहीं आया कि यह क्या पूछ रहे हैं. इस बार मोहित ने अर्जुन से पुछा-" अरे भाई, तुमसे यह पूछा जा रहा है कि यह जो लड़की है रश्मि, किस तरह की है, क्या यह हमारे काबू में आ जाएगी -हम उसे अभी 4 बजे से ट्यूशन पढ़ाएंगे और उसे सजा देने के बहाने उससे काफी मज़े भी लेंगे."

अर्जुन को बहुत गुस्सा आया और वह कहने लगा-" रश्मि मेम साब का आप कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते- जैसा आप सोच रहे हैं, वैसा कुछ भी होने वाला नहीं है."

मोहित और शोभित को अर्जुन से ऐसे जबाब की उम्मीद बिलकुल नहीं थी. वे दोनों एकदम अर्जुन पर भड़क गए. पहले मोहित ने उसके गालों पर दो तमाचे जड़ दिए और उसके बाद शोभित ने उठकर उसके दो थप्पड़ लगा दिए.

अर्जुन कुछ बोला नहीं और अपने गाल सहला कर बोला- " मैंने ऐसा तो कुछ नहीं बोला कि आप को इतना बुरा लग जाए कि आप मार पीट पर ही उतारू हो जाओ. जो सवाल आपने किया मैंने तो सिर्फ उसका जबाब ही दिया था. यह जरूरी थोड़ी है कि आपकी पसंद का ही जबाब हो."

दोनों अब अपनी चाय को ख़त्म करके चाय के खाली कपों को सामने पडी सेंटर टेबल पर रख चुके थे और उनकी हालत अब ऐसी लग रही थी मानों उन्हें गहरी नींद आने वाली हो. मोहित सोफे से उठकर बेड पर जाकर लेट गया और बोला-" मैं थोड़ी देर आराम कर लेता हूँ भैया -4 बजे मुझे ट्यूशन पढ़ानी है."

शोभित भी सोफे से उठकर बेड की तरफ आ गया और बोला-" मुझे भी बड़ी नींद आ रही है , कुछ देर मैं भी आराम कर लेता हूँ."

इसके बाद दोनों भाई बेड पर लेटकर सो गए. मोहित ने चाय के कपों को टेबल पर से उठाया और वहां से चला आया.

अब रश्मि ने टी वी स्क्रीन ऑफ़ कर दिया और अर्जुन के बारे में सोचने लगी कि उसने मेरी वजह से इन दोनों से दो-दो थप्पड़ खा लिए जबकि उनकी बदतमीजी भरे सवाल का उसने तो सही जबाब ही दिया था. अब रश्मि को पूरा विश्वास हो गया कि अर्जुन उसके प्रति पूरी वफ़ादारी से काम कर रहा है क्योंकि उसकी गैर हाज़िरी में भी वह रश्मि के खिलाफ कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं था चाहे उसके लिए उसे थप्पड़ ही क्यों न खाने पड़ गए. रश्मि ने अब तय कर लिया कि समय आने पर अर्जुन को उसकी इस वफ़ादारी का भरपूर इनाम दिया जाएगा.

कुछ देर में अर्जुन रश्मि के कमरे में पहुँच गया

रश्मि उसके साथ इस तरह से पेश आ रही थी मनो उसने अभी टी वी स्क्रीन पर कुछ भी नहीं देखा था.

रश्मि अर्जुन से पूछने लगी-" चाय में दवा मिलकर दे आया क्या ?"

" जी मेम साब" अर्जुन बोला

"अभी थोड़ी देर में किसी बहाने से उन दोनों के कमरे में चाय का कप लेने के बहाने जाना और देखना कि क्या वे सो गए हैं या नहीं." रश्मि ने उससे कहा जबकि वह यह खुद देख चुकी थी कि दोनों सो चुके थे.

अर्जुन उससे बोला- " मेमसाब वे दोनों 6-6 घंटे के लिए सो चुके हैं और अब रात में 9 बजे से पहले नहीं उठेंगे.उन लोगों ने मुझे कुछ पूछताछ करने के लिए वहीं रोक लिया था और सारी चाय मेरे सामने ही ख़त्म कर दी थी इसलिए वे दोनों मेरे सामने ही सो गए थे."

रश्मि उससे बोली-" वे दोनों तुझसे क्या पूछताछ कर रहे थे ?"

अर्जुन पहले तो चुप रहा लेकिन फिर झिझकते हुए बोला-" मेमसाब वे दोनों आपके बारे में कुछ गलत बात कर रहे थे और मैंने उन्हें कुछ कहा तो उन दोनों ने मेरे दो-दो तमाचे भी जड़ दिए."

रश्मि अंदर ही अंदर अर्जुन से अब बहुत खुश थी. उसने आगे उससे कुछ नहीं पूछा और बोली- "ठीक है कोई बात नहीं-जब तेरा मौका लगे तो तू उन दोनों से अपने मारे हुए थप्पड़ों का बदला ले लेना. अभी तू बैठ जा."

अर्जुन हमेशा की तरह रश्मि के सामने फर्श पर बैठ गया लेकिन आज रश्मि ने उसे रोक दिया और बोली-" सामने कुर्सी रखी है, उस पर बैठो"

अर्जुन बड़ा हैरान था- "मेम साब आप के सामने मैं कुर्सी पर कैसे बैठ सकता हूँ. मेरी जगह तो यहीं नीचे आपके क़दमों में ही है. मैं यहीं ठीक हूँ."

रश्मि को अब हंसी आ गयी और बोली-" तुम्हे मेरी हर बात माननी है-जहां मैं कह रही हूँ, वहां बैठ जाओ-चलो जमीन से उठो और कुर्सी पर बैठ जाओ."

अर्जुन अब फर्श से उठकर सामने पडी कुर्सी पर बैठ गया.

अब रश्मि उससे बोली-"अब बता, तेरे कमरे में कंडोम कैसे रखे हुए हैं ? क्या शरारत करता रहता है तू चुपके चुपके ?"

अर्जुन को रश्मि का व्यवहार कुछ बदला बदला सा लग रहा था क्योंकि अब वह उसको डाँट-फटकार की जगह आराम से बात कर रही थी. अर्जुन बोला-" मेम साब मुझे बताते हुए शर्म आती है-फिर भी आपका आदेश होगा तो मुझे आपको बताना ही पड़ेगा."

रश्मि की उत्सुकता और बढ़ गयी -" हाँ हाँ बताओ, डरने की कोई जरूरत नहीं है. मम्मी 6 बजे आएंगी और वे दोनों सो चुके हैं. तुम जो भी कहना चाहो कह सकते हो."

अब अर्जुन ने बताना शुरू किया-" मेम साब, पल्ल्वी मेम साब ने मुझे यह कंडोम रखने के लिए दिए थे. कभी कभी वह मुझे सजा देने के बहाने पूरी तरह नंगा कर देती थीं और फिर मेरे तने हुए लण्ड पर कंडोम चढ़ाकर उसे अपने मुंह में लेकर चूसती थीं. अभी तक ऐसा वह 3 बार कर चुकी हैं."

रश्मि ने अपने मन में सोचा-"पल्ल्वी तो बड़ी रंगीली और अय्याश निकली. पति की गैर हाज़िरी में नौकर का ही चूस लिया."

रश्मि ने अब अर्जुन की तरफ देखकर कहा-" ठीक है, जो हुआ सो हुआ. तेरी इसमें क्या गलती है. लेकिन फिलहाल मैं तेरे काम से और मेरे प्रति तेरी वफ़ादारी से बहुत खुश हूँ और इसलिए तुझे आज कुछ ऐसी वीडियो दिखाऊंगी, जिन्हे देखकर तू अपने मोबाइल पर जो रोज रात को पोर्न वीडियो देखता है, उन्हें भी भूल जायेगा."

अर्जुन को अपने कानों पर मानों यकीन ही नहीं हो रहा था- रश्मि के मुंह से यह सब सुनकर उसे बहुत अच्छा लग रहा था और उसे यह भी लग रहा था कि अब उसकी नौकरी तो कम से कम पक्की है क्योंकि रश्मि उसके काम से बहुत खुश है.

इसके बाद रश्मि ने पहले शोभित के नाम वाली पेन ड्राइव टी वी स्क्रीन में लगा दी और अर्जुन की तरफ देखकर बोली-" अब जरा असली पोर्न फिल्म के मज़े ले."

यह कहने के बाद रश्मि भी सोफे पर पीछे होकर आराम से बैठ गयी और दोनों टी वी स्क्रीन की और देखने लगे.

शेष अगले भाग में......
 
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