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भाई बहन,ननद भाभी और नौकर

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PART-21

टी वी स्क्रीन पर वीडियो शुरू हो चुकी थी

एक कमरे में एक सोफे पर शोभित बैठा हुआ था. अचानक कमरे का दरवाज़ा खुलता है और उसमे उसकी बहन पल्ल्वी आती दिखाई देती है

पल्ल्वी शोभित से उम्र में लगभग ३ साल बड़ी है

शोभित को देखकर पल्ल्वी गुस्से में उसकी तरफ देखकर कहती है-" हाँ अब बता शोभित, तूने मुझे यहां क्यों बुलाया है."

शोभित मुस्कराते हुए पल्ल्वी की तरफ देखकर बोलता है-" तुम अपनी इस खूबसूरत जवानी को सिर्फ रोहित भैया पर ही लुटाती रहोगी या हमें भी कुछ मज़ा लेने दोगी. यह मान लिया कि रोहित बड़े भैया हैं लेकिन हम भी तो इतने छोटे नहीं हैं कि तुम्हारी इस गदरायी जवानी का मज़ा न ले सकें."

पल्ल्वी शोभित से कहने लगी-" यह बता तू क्या चाहता है मुझसे ?"

अब शोभित बोला-" मैंने कल बड़े भैया के कमरे में किसी काम से गया था, भैया तो सो रहे थे, मैंने उनका मोबाइल उठाया तो उसमे तुम्हारा यह सेक्सी गाने वाला वीडियो देखा और उसे मैंने अपने मोबाइल में भी डाउन लोड कर लिया है-कहो तो दिखाऊं तुम्हे ? " यह कहकर शोभित ने अपने मोबाइल पर वीडियो चलाना शुरू कर दिया-वीडियो में पल्ल्वी शायद नंगी होकर "टिप टिप बरसा पानी" पर रोहित भैया के सामने डांस कर रही थी

पल्ल्वी अब गिड़गिड़ाने लगी-" बंद करो इसे . रोहित भैया तो मुझसे यह सब जबरन करवाते हैं. तुम मुझसे क्या चाहते हो ? "

शोभित का लण्ड अब अपनी पैंट के अंदर एकदम तनकर खड़ा हो गया था-पैंट के ऊपर से ही अपने लण्ड पर हाथ फिराते हुए वह पल्ल्वी से बोला-" यह वीडियो मैं तुम्हारी सभी फ्रेंड्स के मोबाइल पर फॉरवर्ड कर सकता हूँ. आखिर वे सब भी तो तुम्हारे इस छुपे हुए टैलेंट के बारे में जानने की हकदार हैं."

पल्ल्वी अब गिड़गिड़ाने लगी-" अब तू मेरा सगा भाई होकर मुझे ही ब्लैकमेल करेगा क्या ? "

शोभित अब बोला-" मैं तुझे ब्लैकमेल क्यों करूंगा भला. तुम तो मेरी बड़ी बहन हो. मैं तो यह चाहता हूँ कि जो मज़ा रोहित भैया तुम्हे अंग्रेजी की ट्यूशन पढ़ाने के बहाने इतने महीनों से लेते आ रहे हैं, उसी तरह का कुछ मज़ा मुझे भी मिलना चाहिए."

अब पल्ल्वी को लगा कि वह शोभित के जाल में भी फंस चुकी है.इसलिए वह हारे हुए खिलाड़ी की मुद्रा में बोली-" ठीक है, बता तू मुझसे क्या चाहता है"

शोभित ने सामने दीवार पर लगी घड़ी की तरफ देखा- रात के साढ़े दस बज रहे थे. वह बोला-" देखो इस समय घर पर मेरे और तुम्हारे सिवाय सिर्फ मोहित ही है जो ऊपर कमरे में सो रहा है. मम्मी-पापा बड़े भैया को लेकर आज शाम ही शादी के लिए दुसरे शहर जा चुके हैं. फिर भी तुम ऐसा करो कि दरवाज़े को अंदर से बंद कर लो."

पल्ल्वी ने कमरे के दरवाज़े को अंदर से बंद कर लिया और शोभित की तरफ देखने लगी. शोभित को लग रहा था कि पल्ल्वी उसके जाल में पूरी तरह फंस चुकी है और इसी उत्तेजना में वह अपने तने हुए लण्ड को पैंट के ऊपर से ही सहलाए जा रहा था.

अपने लण्ड को इस तरह से सहलाते हुए शोभित पल्ल्वी से बोला- "तुमने वह फिल्म देखी है ना-"इन्साफ का तराज़ू." उस फिल्म में जिस तरह से पद्मिनी कोल्हापुरे ने अपने कपडे राज बब्बर के लिए उतारे थे, बिलकुल उसी तरह तुम भी अपने सारे कपडे एक एक करके उतारो.चलो शुरू हो जाओ."

पल्ल्वी अब फिर से गिड़गिड़ाने लगी-" देखो यह सब ठीक नहीं है-मेरे कपडे उतरवाकर मुझे नंगा मत करो प्लीज़."

शोभित फिर कहने लगा-" ठीक है, तुम्हारी मर्ज़ी है. फिर मैं यह तुम्हारा हॉट न्यूड वीडियो तुम्हारी फ्रेंड्स को भेज देता हूँ."

पल्ल्वी उसे रोकते हुए बोली-" नहीं नहीं.ऐसा मत करना. मैं उन लोगों को भला क्या मुंह दिखाऊंगी."

शोभित को अब अपनी ताकत का अहसास होने लगा था-" ठीक है, फिर तुम वह सब करोगी जो मैं तुम्हे करने के लिए कहूंगा. चलो अपने सब कपडे उतारो और पूरी तरह नंगी हो जाओ."

अब पल्ल्वी ने अपने कपडे उतारने शुरू कर दिए. सबसे पहले उसने अपनी टी शर्ट उतारनी शुरू की.

टी शर्ट उतारने के बाद वह जैसे ही रुकी, शोभित फिर बोला-" गुड़. अब अपनी जींस भी उतारो"

पल्ल्वी अब अपनी जींस भी उतारने लगी और अब उसके खूबसूरत बदन पर सिर्फ ब्रा और पैंटी ही बचे थे जिसमे उसका संगमरमरी बदन साफ़ दिखाई दे रहा था.

कुछ देर शोभित इसी तरह से टकटकी लगाकर पल्ल्वी के अधनंगे बदन को देखता रहा. उसने भी पहली बार पल्ल्वी को इस हालत में देखा था.

रश्मि ने चुपके से अर्जुन की तरफ देखा. अर्जुन का लण्ड अपने निक्कर के अंदर पूरा तनकर खड़ा हो चूका था और उसके चेहरे पर हर्ष मिश्रित विस्मय के भाव साफ़ दिख रहे थे. उसने कभी सोचा भी नहीं होगा कि कभी उसे ऐसी "रियल पोर्न फिल्म" भी देखने को मिलेगी.

रश्मि ने अर्जुन को छेड़ते हुए पुछा-" क्यों मज़ा आ रहा है न ?"

अर्जुन रश्मि की इस आवाज़ से अचानक चौंक गया . वह फिल्म देखने में इतना मशगूल हो गया था कि यह भूल ही गया था कि वह इस समय रश्मि के साथ उसमे कमरे में बैठकर यह फिल्म देख रहा है. उसने कुछ जबाब नहीं दिया और शर्माने सा लगा.

रश्मि अब आगे की फिल्म देखने लगी.

पल्ल्वी को काफी समय तक ब्रा और पैंटी में निहारने के बाद अब शोभित उससे बोला-" चल अब यह बाकी के कपडे भी उतार दे "

पल्ल्वी ने एक एक करके पहले ब्रा और फिर पैंटी अपने बदन से अलग कर दिए और अपने एक हाथ से अपने उरोजों को और दुसरे हाथ से अपनी योनि को छुपाने की कोशिश करने लगी.

अब शोभित पूरी मस्ती करने के मूड में आ चुका था-" अपने दोनों हाथ ऊपर उठाओ और धीरे धीरे चलती हुई मेरे नज़दीक आओ"

पल्ल्वी ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए और धीरे धीरे चलकर शोभित की तरफ जाने लगी.

शोभित ने इस बीच अपनी टी शर्ट और पैंट उतार फेंकी थी और वह इस समय सिर्फ अपने अंडरवियर में था, जिसमे उसका लण्ड पूरी तरह तनकर बाहर निकलने को बेताब हो रहा था

जब पल्ल्वी उसके एकदम नज़दीक आकर खड़ी हो गयी तो शोभित अपने सोफे पर से उठा और पल्ल्वी के पीछे जाकर उससे चिपककर खड़ा हो गया. उसका तना हुआ लण्ड अब पल्ल्वी के गदराये हुए सुडौल नितम्बों को रगड़ रहा था और शोभित अपने दोनों हाथों से पल्ल्वी के उरोजों को मसल रहा था. शोभित के हाथ फिसल फिसल कर उसके चिकने पेट और पतली कमर पर भी बार बार आ रहे थे. काफी देर तक शोभित इसी तरह से पल्ल्वी के निर्वस्त्र बदन से खेलता रहा फिर उसने उसके बदन को पलटकर अपनी तरफ कर लिया और उसके बदन को अपने बदन से सटाकर उसके चेहरे को चूमने लगा. पल्ल्वी शर्म और ज़लालत से पूरी तरह लाल और गर्म हो चुकी थी

शोभित अब दुबारा से सोफे पर बैठ गया और उसने अपनी टांगों के बीच में पल्ल्वी को खड़ा करके उसकी चिकनी योनि पर अपना हाथ फिराना शुरू कर दिया, इसके बाद उसने पल्ल्वी के चिकने पेट पर अपने चेहरे को काफी देर तक रगड़ रगड़ कर मज़े लिए. अपने चेहरे को शोभित ने पल्ल्वी के चिकने पेट से हटाया तो उसके हाथ पल्ल्वी की मखमली जांघों को नापने लगे. शोभित के हाथों मानों कोई मनपसंद सेक्सी खिलौना लग गया था जिससे वह खेलता ही जा रहा था.

अब शोभित के सब्र का बांध भी टूटने ही वाला था. उसने अब पल्ल्वी को नीचे अपनी दोनों टांगों के बीच बिठा लिया और अपने अंडरवियर में से अपने तने हुए लण्ड को उसके नरम होंठों पर फिराता हुआ बोला-" चल अब इसे अपने मुंह में लेकर चूस."

पल्ल्वी ने अपना मुंह नहीं खोला तो शोभित ने उसके दोनों गालों पर चपत लगाते हुए फिर से कड़क आवाज़ में कहा-" मुंह खोलो और लण्ड को चूसो."

पल्ल्वी ने अब शोभित के लण्ड को अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी. शोभित सोफे पर अधलेटा सा होकर मानों जन्नत में पहुँच चूका था.

काफी देर तक शोभित इसी तरह से अपने लण्ड को पल्ल्वी से चुसवाता रहा और फिर बोला-" मेरे लण्ड से अब वीर्य रस निकलने वाला है. तुझे वह सारा रस पीना है, उसकी एक बूँद भी जमीन पर नहीं गिरने चाहिए वरना तुझे और सजा मिलेगी"

पल्ल्वी ने शोभित के लण्ड को चूसते हुए उसके निकले वीर्य रस को भी पी लिया और उसके बाद शोभित ने अपने लण्ड को उसके मुंह से निकालकर उसके दोनों गलों पर हलकी सी चपत लगाकर कहा-" इतना सेक्सी और मस्त माल अब तक मेरी नज़रों से कैसे बचा रहा, मैं तो इस बात पर हैरान हूँ. रोहित भैया ने तो सच में तुमसे बहुत मज़े लिए होंगे. चल आज के लिए इतनी ही मौज़ मस्ती ठीक है-अब तो तू मेरी सेक्स स्लेव बन चुकी है-मेरा जब मन हुआ करेगा तुझे इसी तरह से पकड़कर मसल दिया करूंगा.चल अब अपने कपडे पहन ले और अपने कमरे में जाकर आराम कर ले."

पल्ल्वी ने फटाफट अपने अपडे पहन लिए और जाने के लिए मुड़ी. उसी समय शोभित ने उसे रोकते हुए कहा-" अरे जाने से पहले आज की इस फिल्म का वीडियो तो देखती जाओ"

दरअसल शोभित ने पल्ल्वी के आने से पहले ही अपने कमरे में सीक्रेट कैमरा लगा दिया था जिसमे आज की सारे खेल की सेक्सी वीडियो रिकॉर्ड हो गयी थी. उसने अपना कैमरा चलाकर पल्ल्वी को दिखाना शुरू कर दिया -अब पल्ल्वी को लगा की वह शोभित के जाल में बुरी तरह फंस चुकी है. उसने अपना सर नीचे झुका लिया. शोभित ने अपने एक हाथ से उसके चेहरे को ऊपर उठाते हुए कहा-" कल ठीक रात को दस बजे मेरे कमरे में आओ और हाँ एक गाना है " चल बैठ जा बैठ गयी, खड़ी हो जा-खड़ी हो गयी." यह गाना हेमा मालिनी और देवानंद पर फिल्माया गया है. यू ट्यूब पर इस गाने को देखकर कल के लिए इस गाने की प्रेक्टिस करके आना . कल तुम्हे नंगा होकर मेरे लिए इस गाने पर डांस करना है."

इसके बाद पल्ल्वी कमरे से बाहर जाने लगी और शोभित ने दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया.

इसके बाद रश्मि ने वीडियो को पॉज़ मोड़ पर लाकर रोक दिया और अर्जुन की तरफ देखा- वह पूरी तरह गर्म और उत्तेजित अवस्था में लग रहा था. उसका निक्कर के अंदर तना हुआ लण्ड उसकी अंदरूनी हालत की गवाही दे रहा था. पल्ल्वी ने घडी की तरफ देखा- शाम के पांच बज चुके थे.

रश्मि की अपनी हालत भी काफी गर्म और उत्तेजक हो चुकी थी. उसने अर्जुन से कहा-" अब आगे की फिल्म कल देखेंगे"

अर्जुन एकदम निराश होकर बहुत झिझकते हुए बोला-" जी मेम साब ,लेकिन वह गाना तो सिर्फ पांच मिनट का ही होगा, उसे तो आज ही देख लेना चाहिए"

रश्मि अर्जुन की इस बड़ी हुई हिम्मत को देखकर चौंक सी गयी और मन ही मन खुश होती हुई बोली-" आय हाय, क्या बोला , फिर से बोल जरा."

रश्मि सोफे से उठकर कुर्सी पर बैठे हुए अर्जुन के पास आकर खड़ी हो गयी. अर्जुन ने शर्माकर अपना चेहरा नीचे झुका लिया था. रश्मि ने अर्जुन की कुर्सी को अपनी दोनों टांगों बीच फंसा लिया और उसके झुके हुए चेहरे को अपने हाथों से ऊपर उठाते हुए बोली-" अब शर्मा मत, बोल कि तुझे पल्ल्वी का गाना देखना है."

इसके बाद रश्मि ने अपने गाउन की ऊपर की ज़िप खोलकर अपने उरोजों को बहार निकाला और अर्जुन से बोली-" चल पहले इन्हे अपने मुंह में लेकर चूस और मेरी गर्मी शांत कर. फिर मैं तुझे वह गाना भी आज ही दिखाऊंगी."

अर्जुन अब रश्मि के उरोजों को अपने हाथों में पकड़कर उन्हें अपने मुंह में लेकर चूसने लगा. दोनों उरोजों को चुसवाने के बाद रश्मि की आग कुछ शांत हुई और उसने सोफे पर बैठते हुए कहा-" चल अब मैं तुझे वह गाना भी दिखाती हूँ."

रश्मि ने देखा कि अर्जुन का निक्कर अब पूरी तरह भीग चुका था और उसका लण्ड भी अब शांत हो चुका था.

रश्मि ने टी वी स्क्रीन को पॉज़ मोड से हटा दिया और अगले दिन की वीडियो शुरू हो गयी. पल्ल्वी अंदर कमरे में आती है. शोभित पहले से ही सोफे पर बैठा हुआ है, उससे कहता है-" आज तुमसे बहुत मज़े लेने हैं. सबसे पहले अपने कपडे उतारो और जो गाना मैंने तुम्हे कल बताया था उस पर डांस करके दिखाओं."

पल्ल्वी का चेहरा शर्म और ज़लालत से पूरी तरह लाल हो चुका था. उससे तीन साल छोटा उसका भाई उसे सेक्स स्लेव बनाकर उसे अपने सामने नंगा करके अपने पसंद के गाने पर नचवा रहा है.और वह यह सब न चाहते हुए भी कर रही है.

इधर पल्ल्वी ने अपने कपडे उतारे उधर शोभित ने म्यूजिक सिस्टम पर गाना चला दिया

गाना बजता रहा और निर्वस्त्र अवस्था में पल्ल्वी गाने के बोलों के हिसाब से कभी उठती रही और कभी बैठती रही. हेमा मालिनी का रोल कर रही पल्ल्वी को बीच बीच में शोभित देवानंद बनकर पकड़ता, मसलता और सहलाता रहा

गाना ख़त्म होते ही रश्मि ने टी वी बंद कर दिया और अर्जुन से बोली-" चल तेरी फरमायश पूरी करवा दी मैंने. अब जाकर अपने कपडे बदल ले और मम्मी के लिए खाने का इंतज़ाम कर.आधे घंटे बाद वह आने वाली ही होंगी."

अर्जुन ने अपने भीगे हुए निक्कर को देख लिया था लेकिन गाना देखते हुए उसका लण्ड दुबारा से खड़ा हो चुका था. रश्मि की आवाज़ सुनकर वह कुर्सी से उठा और फटाफट कमरे से निकल गया. रश्मि ने कमरे को अंदर से बंद किया और टी वी स्क्रीन को ऑन करके गेस्ट रूम का बटन दबा दिया. मोहित और शोभित दोनों गहरी नींद में पहले की तरह ही सोये हुए थे.

रश्मि ने दुबारा से टी वी बंद किया और कमरे के अंदर के ही बाथरूम में नहाकर अपनी गर्मी मिटाने के लिए घुस गयी.

शेष अगले भाग में
 
PART-22

रश्मि जब बाथरूम से बाहर निकलकर तैयार हुई उसी समय दरवाज़े की घंटी बज उठी. रश्मि ने घड़ी देखी -६ बज चुके थे -इसका मतलब मम्मी आ गयी थीं.

रश्मि ने बहार जाकर दरवाज़ा खोला

मम्मी अंदर आ गयी और रश्मि से पूछने लगीं-"तुम सब ने खाना वगैरा तो ठीक से खा लिया कि नहीं ? "

रश्मि बोली- " हाँ मम्मी हमने खाना भी खा लिया है और चाय भी पी ली है लेकिन चाय पीने के बाद मोहित और शोभित दोनों को शायद सफर की थकान की वजह से नींद आ गयी है. वे दोनों अभी भी शायद सोकर नहीं उठे हैं."

मम्मी बोलीं-" कोई बात नहीं, जब सोकर उठ जाएँ तो उनसे चाय नाश्ते के लिए जरूर पूछ लेना."

रश्मि बोली- " ठीक है मम्मी. आपका खाना भी अर्जुन ने तैयार कर रखा है. आप थोड़ा फ्रेश हो लें, मैं उससे कहती हूँ कि आपका खाना लगा दे."

रश्मि की मम्मी मंदिर से रोजाना लगभग ६ बजे आने के बाद ७ बजे तक डिनर करके ऊपर अपने कमरे में सोने चली जाती थीं.

इसके बाद रश्मि की मम्मी नीचे वाशरूम में फ्रेश होने चली गयीं और तब तक रश्मि ने उनका खाना टेबल पर लगवा दिया था.

खाना खाने के बाद रश्मि की मम्मी ऊपर अपने कमरे में सोने चली गयीं.

मम्मी के ऊपर जाने के बाद रश्मि ने किचिन में जाकर अर्जुन से कहा-"मेरे लिए एक चाय बनाकर लाओ "

कुछ ही देर में अर्जुन रश्मि के लिए चाय बनाकर ले आया.

रश्मि ने चाय उसके हाथ से ली और बोली-" ९ बजे यह लोग सोकर उठेंगे. तुम ऐसा करना कि साढ़े आठ बजे डिनर बनाना शुरू करना और ९ बजे तक टेबल पर डिनर लगा देना."

रश्मि को मालूम था कि ३-४ लोगों का खाना अर्जुन आधे घंटे में बना देता था. काफी चीज़ें तो उसके पास तैयार ही रहती थीं.

"ठीक है मेमसाब" कहकर अर्जुन वहां से जाने लगा तो रश्मि ने उसे रोक लिया-" अभी सिर्फ सात बजे हैं. डेढ़ घंटा बाकी है. तुम दरवाज़ा अंदर से बंद करके यहां आकर बैठो"

रश्मि अपनी इस नयी नयी मिली आज़ादी का पूरा फायदा उठा रही थी-अर्जुन को उसने अपने कब्ज़े में कर ही लिया था.

अर्जुन दरवाज़ा बंद करके रश्मि के पास वापस आया और फर्श पर उसके पैरों के पास बैठने लगा.

रश्मि ने उससे कहा-" सामने जो कुर्सी है, उसे उठाकर यहां मेरे पास लाओ और उस पर बैठ जाओ"

रश्मि एक टी शर्ट और छोटा सा टाइट निक्कर पहने हुए सोफे पर बैठी हुई थी.

अर्जुन भी एक टी शर्ट और निक्कर पहने हुए था. वह कुर्सी को थोड़ा रश्मि के नज़दीक लेकर आया और उस पर बैठ गया

रश्मि ने अपनी नंगी टाँगे उठाकर सामने फैलाते हुए अर्जुन की टांगों के ऊपर रख दीं और बोली-" मैं आगे की वीडियो चला रही हूँ. तुम मेरे साथ वीडियो भी देखो और मेरे पैरों को भी दबाते रहो."

वीडियो शुरू होने से पहले ही अर्जुन ने रश्मि के हुक्म के मुताबिक उसके पैरों को दबाना शुरू कर दिया.

रश्मि ने टी वी ऑन किया और सबसे पहले गेस्ट रूम पर क्लिक करके वहां का लाइव देखने का प्रयास किया. मोहित और शोभित दोनों अभी तक सो रहे थे. अर्जुन को आज मालूम पड़ा कि यहां बैठे बैठे गेस्ट रूम का लाइव देखा जा सकता है. अब उसे रश्मि के अपने प्रति बदले बदले व्यवहार का कारण भी समझ आने लगा था. उस दिन जब उसने रश्मि के खिलाफ बदतमीजी करने के लिए मोहित और शोभित को उल्टा जबाब देकर उनसे दो-दो थप्पड़ खाये थे, तभी से रश्मि के मन में शायद अर्जुन के लिए "सॉफ्ट कॉर्नर" बन गया था. यह बात रश्मि भी महसूस कर रही थी और अब अर्जुन को भी यह बात समझ आ गयी थी.

रश्मि अर्जुन की तरफ देखकर बोली-" क्यों चौक गया ? मैं तेरे कमरे का लाइव भी यहां बैठे बैठे देख सकती हूँ." यह कहकर रश्मि ने बैक जाकर इस बार अर्जुन लिखे बटन को दबा दिया और फिर अर्जुन के कमरे का लाइव वहां नज़र आने लगा. अर्जुन मन ही मन सोचने लगा कि इसका मतलब मैं 24 घंटे पल्ल्वी की निगरानी में रहता था.

इसके बाद रश्मि ने टी वी स्क्रीन पर उसी वीडियो को शुरू कर दिया जो शोभित और पल्ल्वी के बीच हुए " बैठ जा खड़ी हो जा" गाने के बाद अब आगे शुरू होना था. गाना ख़त्म होने के बाद शोभित ने पल्ल्वी के निर्वस्त्र बदन को अपनी गिरफ्त में लेकर उसे जमीन पर गिरा दिया था और उसके ऊपर लेटकर अपने पूरे बदन को पल्ल्वी के बदन पर रगड़ रहा था. शोभित ने भी गाने के बीच में ही अपने सारे कपडे उतार दिए थे सिर्फ अंडरवियर ही उसके शरीर पर बाकी बचा था. कुछ देर तक वह इसी तरह कमरे के फर्श पर ही पल्ल्वी के नंगे बदन को रौंदता रहा फिर कुछ देर बाद शोभित पल्ल्वी के बदन को फ़िल्मी स्टाइल में अपने कंधे पर उल्टा डालकर उसके सुडौल नितम्बों पर हाथ फिराते हुए अपने बेड पर ले आया और उसे वहां लिटा दिया.पल्ल्वी के दोनों हाथ उसने ऊपर उठाकर एक रस्सी से बांध दिए. इसके बाद शोभित ने एक और रस्सी ली और पल्ल्वी के दोनों पैरों को भी बांध दिया. अब पल्ल्वी पूरी तरह बेबस होकर पलंग पर लेटी हुई थी.

पल्ल्वी की इस हालत को देखकर उधर शोभित का लन्ड खड़ा हो चुका था और इधर अर्जुन का लन्ड भी तन गया था.

रश्मि के पैरों को अर्जुन लगातार एक आज्ञाकारी सेवक की तरह दबाए जा रहा था. रश्मि ने अपने पैर के एक अंगूठे को उसके खड़े हुए लन्ड पर निक्कर के ऊपर से ही घुमाते हुए पुछा-" क्यों मज़ा आ रहा है न ?"

अर्जुन शर्मा गया -" जी मेम साब सब आपकी मेहरबानी है."

रश्मि उसकी बात से और फूल के कुप्पा हो गयी और बोली-" ठीक है, अब आगे देखते हैं क्या होता है."

दोनों फिर वीडियो देखने लगे.

अब शोभित बेड पर पल्ल्वी के नज़दीक आकर बैठ गया था और अपने हाथों को उसके पूरे बदन पर फिरा फिराकार मज़े ले रहा था. जैसे ही उसने अपने हाथों को उसकी चिकनी योनि पर फिराना शुरू किया , पल्ल्वी जोर जोर से उछलने लगी. पल्ल्वी को इस तरह से उछलते देख शोभित को यकायक एक आईडिया आया और वह अपनी अलमारी में से एक छड़ी निकालकर ले आया. छड़ी का एक सिरा कुछ नुकीला था और दूसरा सिरा गोलाई लिए हुए था. पहले उसने छड़ी के नुकीले सिरे को पल्ल्वी के पूरी बदन पर फिराना शुरू कर दिया. पल्ल्वी और जोर से उछलने लगी और " नहीं प्लीज़- नहीं प्लीज़" बोलने लगी. शोभित को इस सारे खेल में अकल्पनीय आनंद आ रहा था-उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कभी इतनी खूबसूरत लौंडिया उसके सामने बिस्तर पर इस तरह से थाली में परोसे हुए खाने की तरह पडी होगी और वह उसका मनमाने तरीके से यौन शोषण कर रहा होगा-लेकिन यह सब हकीकत में हो रहा था. अब उसने छड़ी का दूसरा सिरा जो कि गोलाई लिए हुए था, उसे भी पल्ल्वी के पूरे बदन पर फिराना शुरू कर दिया. पल्ल्वी फिर से उछल उछल कर आवाज़ें करने लगी. शोभित ने अब छड़ी के गोल सिरे को पल्ल्वी के होंठो पर फिराते हुए उससे कहा-" इसे मुंह में लेकर यह समझते हुए चूसो मनो मेरा लन्ड चूस रही हो" यह कहकर उसने छड़ी के गोल सिरे को पल्ल्वी के मुंह में घुसा दिया और पल्ल्वी उसे लन्ड की तरह चूसने लगी.

जब इस तरह से पल्ल्वी के साथ खेलते हुए काफी समय हो गया तो शोभित ने अपना अंडरवियर उतार दिया और पल्ल्वी के दोनों उरोजों के ऊपर आकर बैठ गया और अपने लन्ड को उसके होंठों पर घुमाते हुए बोला-" ले अब असली लन्ड को चूस"

पल्ल्वी ने उसके लन्ड को अपने मुंह में ले लिया और उसे एक सेक्स स्लेव की तरह चूसने लगी.शोभित को जन्नत का आनंद आ रहा था - वह बीच बीच में पल्ल्वी के दोनों गालों पर हलके हलके चपत लगा लगा कर यह भी बोल रहा था-" ठीक से चूसो-ठीक से चूसो"

कुछ देर बाद शोभित अपने क्लाइमेक्स पर पहुँच गया और उसने अपने लन्ड का सारा जूस पल्ल्वी के मुंह में छोड़ दिया. पल्ल्वी ने उस सारे जूस को तो पी लिया लेकिन उसका लन्ड खुद उस जूस से ऊपर तक गीला हो गया था. शोभित ने पल्ल्वी से कहा-" अपनी जीभ से मेरे इस गीले लन्ड को ठीक से साफ़ करो."

इसके बाद पल्ल्वी ने अपनी जीभ को उसके लन्ड के ऊपर फिरा फिराकर उसके लन्ड को पूरी तरह साफ़ कर दिया.

अब शोभित पूरी तरह संतुष्ट होकर बेड से उठा और अपने कपडे पहन लिए. इसके बाद उसने पल्ल्वी के हाथ पैरों की रस्सियां भी खोल दीं और उसे भी कपडे पहनने के लिए कहा.

पल्ल्वी ने अपने कपडे पहन लिए और कमरे से बाहर जाने लगी तो शोभित ने उसे फिर से रोकते हुए कहा-"कल घर पर पूरे दिन कोई नहीं होगा. मम्मी पापा और बड़े भैया शादी में से कल शाम वापस आएंगे और कल सुबह ही मोहित पास के शहर में अपना इंटरव्यू देने जाएगा और शाम तक ही वापस आएगा.कल जैसे ही मोहित घर से बाहर जाए, तुम घर का दरवाज़ा अंदर से बंद कर लेना और सारे दिन अपने पूरे कपडे उतारकर ही रहना. अगर ऐसा नहीं किया तो तुम्हे पता है मैं क्या कर सकता हूँ."

इसके बाद पल्ल्वी कमरे के बाहर चली गयी और शोभित ने कमरा अंदर से बंद कर लिया.

शेष अगले भाग में......
 
Part-23

इसके बाद इस पेन ड्राइव में वीडियो खत्म हो गई थी। इसका मतलब शोभित ने कुसुम को ब्लैकमेल करने के मकसद से यही वीडियो बनाई होंगी। रश्मि ने अब समय देखा। 8 बजे थे। उसने अपने पैरों को अर्जुन की टाँगों के ऊपर से हटाते हुए कहा-"अब उठ जा और डिनर की तैयारी कर।"

अर्जुन " जी मेम साब " बोलता हुआ उठा और कमरे से निकलकर किचिन की तरफ चला गया।

रश्मि अब जल्दी से रोहित और कुसुम की पेन ड्राइव देखना चाहती थी। उसने जल्दी से उस पेन ड्राइव को लगाया और वीडियो शुरू हो गया। रोहित के कमरे में कुसुम अपने कान पकड़कर खड़ी हुई थी। यह बहुत पुरानी वीडियो लग रही थी जब कुसुम खुद 18 साल की रही होगी और उस समय रोहित से अंग्रेजी की ट्यूशन पड़ती थी। कुसुम ने एक टी शर्ट और बहुत छोटा सा टाइट निक्कर पहना हुआ था जिसमे उसकी दूधिया जाँघे साफ दिख रही थी।

रोहित अपने हाथ में एक छड़ी लेकर बैठा हुआ था और बीच बीच मे कुसुम की जांघों पर छड़ी मारता हुआ कह रहा था-' " तुम्हारा पढ़ाई में मन ही नही लगता है, इसलिए बार बार फेल हो जाती हो- अब तुम मेरी स्टूडेंट हो। मैं देखता हूँ तुम कैसे नही पढ़ती हो।"

कुसुम गिड़गिड़ाते हुए कह रही थी- " भैया बहुत दर्द हो रहा है। अब प्लीज़ छड़ी से मत मारो। अब मैं मन लगाकर पढ़ाई किया करूंगी। "

रोहित ने अब अपने हाथ की छड़ी एक तरफ रखते हुए कुसुम से कहा- " ठीक है लेकिन सज़ा तो तुम्हे मिलेगी। कान पकड़े पकड़े 100 उठक बैठक लगाओ। अपनी उठक बैठक गिनती भी रहना। और थोड़ा मेरे नज़दीक आकर खड़ी हो जाओ ताकि तुम्हे अगर छड़ी मारनी भी हो तो आसानी से मारी जा सके। "

रोहित सोफे पर टी शर्ट और जीन्स पहने बैठा हुआ था। उसकी जीन्स के अंदर जिस तरह उसका लंड एकदम तनकर खड़ा हो चुका था, वह साफ दिख रहा था। वह कुसुम को सज़ा देने के बहाने एक तरह से उसका यौन शोषण ही कर रहा था।

कुसुम उठक बैठक लगाने के लिए थोड़ा आगे उसके नज़दीक आकर खड़ी हो गई तो उसने अपनी छड़ी को उसकी दोनों टाँगों पर फिराते हुए कहा-" थोड़ी टांगे फैलाओ और फिर उठक बैठक लगाना शुरू करो।"

कुसुम अब गिनती करते हुए उठक बैठक लगाने लगी। रोहित अपने खड़े हो चुके लंड को जीन्स के ऊपर से ही सहलाये जा रहा था।

कुसुम अभी मुश्किल से 25 उठक बैठक लगा पाई थी कि वहीं जमीन पर ढेर हो गई और बोली-' " बस अब मुझसे और नही लगाई जाएंगी। "

रोहित तो शायद यही चाहता था- " चलो अपने कपड़े उतारो और मुर्गा बनकर दिखाओ।"

कुसुम ने अपनी टी शर्ट और निक्कर उतार दिए। उसके खूबसूरत बदन पर अब सिर्फ एक ब्रा और पैंटी बची थी जिसमे उसकी पूरी फिगर नज़र आ रही थी। रोहित ने कुछ समय उसके अधनंगे बदन को जी भरकर देखा और फिर बोला- " चलो मुर्गा बनो। "

कुसुम गिड़गिड़ाने लगी- " भैया मैं बहुत थक गई हूं । मुझे मुर्गा मत बनाओ कोई और सज़ा दे दो ।"

अब रोहित ने अपनी जीन्स उतार दी और अब वह भी टी शर्ट और निक्कर में था। उसने उँगली के इशारे से कुसुम से कहा- " इधर आओ और मेरी जाँघों के ऊपर उल्टी होकर लेटो। मैं तुम्हें अब अपने हाथों से सज़ा दूंगा। "

कुसुम रोहित के नज़दीक आ गई। रोहित ने उसे अपनी जांघों पर लिटाते समय यह ध्यान रखा कि उसके दोनों उरोज उसकी बायीं जांघ पर टिके रहें और कुसुम के नितम्बों को उसने अपनी दायीं जाँघ पर टिका दिया। रोहित का तना हुआ लंड कुसुम के चिकने पेट से टकरा रहा था। रोहित अपने हाथ को उसके पूरे बदन पर फिराते हुये उसके नितम्बों तक ले आया। कुछ देर तक नितम्बों को सहलाने के बाद उसने अपने हाथ से एक जोर का स्ट्रोक उसके नितम्बों पर लगा दिया।

शेष अगले भाग में......
 
PART-24

रोहित अपने हाथों को पल्ल्वी के चिकने नितम्बों पर घुमा घुमा कर उन पर अपने हाथों के स्ट्रोक लगाता जा रहा था और पल्ल्वी हर स्ट्रोक के बाद अपने शरीर को उठाकर उछल रही थी. पल्ल्वी जब उछल रही थी तो उसका पूरा बदन, उरोज और पेट रोहित के खड़े लण्ड और जाँघों से इस तरह टकरा रहा था मानों कोई खूबसूरत लड़की उसे लैप डांस का मज़ा दे रही हो. बीच बीच में वह उसके बदन को अपनी जांघों पर ठीक से एडजस्ट करने के बहाने कभी उसके ब्रा में कैद उरोजों को तो कभी उसकी चिकनी जाँघों को दबा सहला रहा था. कुल मिलकर पल्ल्वी का पूरा बदन इस समय रोहित के लिए एक खिलौना बना हुआ था और वह उससे जी भरकर खेल रहा था.

कुछ देर बाद रोहित ने पल्ल्वी के बदन को अपनी टांगों पर उल्टा करके लिटा लिया. अब पल्ल्वी का चेहरा, उसके उन्नत उरोज, चिकना पेट और मखमली जांघें रोहित की आँखों के सामने थीं. रोहित ने अपने हाथ को उसके चिकने पेट पर फिराया और फिर उसे नीचे की तरफ योनि के ऊपर से होते हुए उसकी चिकनी जाँघों को दबाने सहलाने लगा. पल्ल्वी को लग भी रहा था कि रोहित यह कोई सजा नहीं दे रहा है बल्कि उसके साथ बदतमीजी कर रहा है. उसने विरोध करते हुए कहा-" भैया यह क्या बदमाशी कर रहे हो आप मेरे साथ."

रोहित के हाथ इस समय पल्ल्वी के उन्नत उरोजों को दबाने सहलाने में व्यस्त थे. पल्ल्वी की यह बात सुनकर वह एकदम भड़क सा गया और बोला-" नालायक, एक तो पढाई ठीक से नहीं करती और ऊपर से जुबान कैंची की तरह चलाती है. मैं तुझे अब बताऊंगा कि बदमाशी कैसे करते हैं. चल खड़ी हो जा."

यह कहकर रोहित ने पल्ल्वी को अपनी टांगों पर से हटाते हुए उसे खड़ा कर दिया और फिर अपनी दोनों टांगों के बीच घुटनों के बल जबरन बिठा दिया. इससे पहले कि पल्ल्वी कुछ समझ पाती, रोहित ने अपने अंडरवियर को नीच खिसकाते हुए अपने तने हुए लण्ड को पल्ल्वी के होंठों के आगे करते हुए कहा-" इसे अपने मुंह में लेकर चूस.अब तुझे हर रोज मेरा लण्ड चूसना होगा. नहीं चूसेगी तो तेरी मैं रोजाना जो वीडियो बनाता हूँ उन्हें तेरे दोस्तों को फॉरवर्ड कर दूंगा."

पल्ल्वी ने अभी भी अपना मुंह नहीं खोला तो रोहित ने उसके दोनों गालों पर बारी बारी से चपत लगाते हुए कड़क आवाज़ में उसे आदेश दिया-" लण्ड चूस साली वरना तेरी खाल उधेड़ दूंगा."

पल्ल्वी ने अब अपना मुंह खोला और रोहित के लण्ड को मुंह के अंदर लेते हुए उसे चूसने लगी."

यह वीडियो यहीं पर ख़त्म हो गयी थी.

इससे पहले कि दूसरी वीडियो शुरू होती, रश्मि ने समय देखा- पौने नौ बज रहे थे. उसने अब पेन ड्राइव बाहर निकाल ली और गेस्ट रूम का "लाइव टेलीकास्ट" लगा दिया. मोहित और शोभित दोनों अभी भी सो ही रहे थे. पल्ल्वी वहीं बैठी उन लोगों के जागने का इंतज़ार करने लगी. इस बीच वह उठकर वाशरूम भी चली गयी. वाशरूम से बाहर वापस आयी तो उसके हाथ में एक कांच का गिलास था जिसमे पीले रंग का कुछ जूस जैसा तरल पदार्थ भरा हुआ था- ऐसा लगता था कि रश्मि के मन में कुछ अलग तरह की खुराफात चल रही थी और वह कांच के गिलास में अपना पेशाब भरकर ले आयी थी. उसने उस कांच के गिलास को पास पडी टेबल पर रख दिया और धीरे धीरे मुस्कराते हुए फिर से अपने सोफे पर बैठकर गेस्ट रूम के लाइव टेलीकास्ट को देखने लगी. उसने देखा कि अब मोहित सोकर उठ चुका है और वह झिंझोड़ झिंझोड़कर शोभित को भी जगा रहा है. शोभित भी कुछ देर में जब जाग गया तो दोनों आपस में बातचीत शुरू कर देते हैं.

शोभित : अरे तूने मुझे पहले क्यों नहीं जगाया. मैं इतनी देर तक कैसे सोता रहा ?

मोहित : मुझे नहीं पता, मैं तो खुद अभी दो मिनट पहले ही सोकर उठा हूँ. मुझे भी बड़ी तेज नींद आ गयी थी.

शोभित : लगता है, हम लोगों को सफर की थकान कुछ ज्यादा ही हो गयी थी.

मोहित : लेकिन भैया, ऐसी थकान पहले तो कभी नहीं हुई

शोभित : लगता है, रश्मि भी ट्यूशन पढ़ने आयी होगी और हम लोगों को इस तरह से सोता देख वापस चली गयी होगी.

मोहित : हाँ, मुझे भी कुछ ऐसा ही लग रहा है. अब तो मुझे तेज भूख भी लग रही है

शोभित : हाँ, भूख तो मुझे भी लग रही है. ऐसा करते हैं, किचिन में फोन करके पूछते हैं.

शोभित ने अब किचिन में फोन लगा दिया-" अर्जुन, डिनर तैयार है क्या ?"

अब रश्मि समझ गयी कि आगे क्या होने वाला है और उसने टी वी को अब बंद कर दिया और बाहर किचिन की तरफ जाने लगी.

रश्मि अभी किचिन तक पहुँची भी नहीं थी कि उसने देखा कि अर्जुन डाइनिंग टेबल पर खाना लगा रहा था. रश्मि वहीं डाइनिंग टेबल पर ही रुक गयी और बोली-" सब तैयारी हो चुकी है ?"

"जी मेम साब, मोहित और शोभित भी नीचे ही आ रहे हैं डिनर करने. उनका अभी फोन आया था." अर्जुन कहता हुआ फिर से किचिन में कुछ और लाने चला गया और रश्मि वहीं टेबल पर बैठ गयी और उन दोनों के आने का इंतज़ार करने लगी.

कुछ ही देर में दोनों आते दिखाई दिए. जब डिनर टेबल पर पहुंचे तो रश्मि ने कहा-" आप तो लगता है, सफर की थकान कि वजह से काफी गहरी नींद में सो गए थे. खैर अब आइये , डिनर तैयार है."

अर्जुन भी किचिन से आ गया और उसने तीनों को डिनर सर्व कर दिया.

डिनर करते करते शोभित रश्मि से बोला-"आज आपकी दोनों ट्यूशन रह गयीं"

रश्मि बोली-" कोई बात नहीं, आज भी डिनर के बाद एक ट्यूशन तो हो ही सकती है. हाँ, आज की ट्यूशन ऊपर आपके कमरे में नहीं हो सकेगी क्योंकि ममी का कमरा ऊपर आप लोगों के कमरे के साथ ही है और उनकी नींद में बेवजह का डिस्टर्बेंस होगा."

अब मोहित बोला-" ठीक है , डिनर के बाद ठीक १० बजे का समय रखते हैं. मैं आपके कमरे में नीचे अंग्रेजी पढ़ाने आ जाता हूँ."

शोभित भी बोला-" हाँ ठीक है. मैं आज के बदले में कल दो बार क्लास ले लूँगा एक बार सुबह और एक बार शाम को. इस तरह से पढाई का कोई नुक्सान नहीं होगा."

इस बातचीत के साथ डिनर करके सब लोग एक बार फिर अपने अपने कमरे में चले गए.

रश्मि भी अपने कमरे में आ गयी और उसने अंग्रेजी की कपि और किताब निकालकर टेबल पर रख दीं.

इसके बाद उसने किचिन में अर्जुन को फोन लगाया-" खाना खाकर मेरे पास आ जाना."

इस समय रात के साढ़े नौ बज रहे थे. आधे घंटे बाद अंग्रेजी की ट्यूशन होनी थी. रश्मि फटाफट वाशरूम जाकर फ्रेश हो गयी और उसने अब अपने कपडे भी बदल लिए थे. उसने टी शर्ट और निक्कर के ऊपर ही एक गाउन भी पहन लिया था.

इसके बाद वह कमरे में रखी कुर्सी और टेबल पर बैठकर अपनी कॉपी किताब खोलकर यह देखने लगी कि पल्ल्वी ने उसे अंग्रेजी में कहाँ तक पढ़ाकर छोड़ा था ताकि वह उसके आगे की पढाई अब नए टीचर मोहित के साथ शुरू कर सके.

कुछ देर में वहां अर्जुन भी आ गया.

रश्मि उसे देखकर बोली- " अर्जुन तुम अंदर साइड रूम में जाकर चुपचाप कुर्सी पर बैठ जाओ. जब मैं तुम्हे किसी काम से बुलाऊँ, तभी यहां आना, वरना वहीं साइड रूम में ही बैठे रहना."

अर्जुन साइड रूम में आ गया. रश्मि भी उसके पीछे पीछे आयी और उसे टी वी स्क्रीन के साथ लगी कुर्सी पर बिठाकर बाहर वाले कमरे में आ गयी और मोहित के वहां आने का इंतज़ार करने लगी.

ठीक दस बजे मोहित कमरे में घुस आया- उसने एक टी शर्ट और जींस पहनी हुई थी.

रश्मि ने उसे देखा और उसे बैठने का इशारा करते हुए बोली-" आइए आप यहां कुर्सी पर बैठिये. या फिर जहां आपको ठीक लगे, वहां बैठ सकते हैं. पल्ल्वी भाभी तो यहीं इस कुर्सी पर ही बैठकर पढ़ाती हैं."

मोहित वहीं रश्मि के सामने वाली कुर्सी पर बैठ गया. दोनों के बीच में टेबल थी. रश्मि ने उसे अपनी कॉपी और किताब खोलकर बता दिया कि पल्ल्वी भाभी उसे कहाँ तक की पढाई करा चुकी हैं ताकि मोहित को यह मालूम हो सके कि उसे आअज कहाँ से पढाई शुरू करनी है.

अब मोहित ने अपने हाथ में किताब लेकर नया चैप्टर खोला और उसे समझा समझा कर पढ़ाने लगा-लगभग १५ मिनट तक मोहित पाठ को समझा समझा कर रश्मि को पढ़ाता रहा और फिर उससे बोला-"अब इस पाठ के आखिर में अभ्यास के लिए जो पांच सवाल पूछे गए हैं, उनका उत्तर अपनी कॉपी में लिखकर मुझे दिखाओ. उससे यह मालूम हो जाएगा कि तुमने इस पाठ को ठीक से समझा है या नहीं."

रश्मि अब कॉपी पर एक एक करके पाँचों सवालों के जबाब लिखने लगी.

रश्मि अपने जबाब लिखने में व्यस्त थी और मोहित के दिमाग में उथल पुथल इस बात को लेकर चल रही थी कि अब आगे इस लड़की को कैसे अपने जाल में फांसा जाए. वह रश्मि को फंसाने की योजना बनाने लगा और रश्मि को दिखाने के लिए उसने वहीं रखी एक मैगजीन उठा ली और उसके पन्ने पलटने लगा. लेकिन उसका ध्यान मैगजीन में नहीं रश्मि के खूबसूरत बदन में लगा हुआ था जिसे वह हर हालत में भोगना चाहता था.

शेष अगले भाग में ......
 
PART-25

रश्मि ने लगभग आधे घंटे बाद सभी सवालों के जबाब लिखकर अपनी कॉपी मोहित के आगे रख दी-" मैंने सभी सवालों के जबाब लिख दिए हैं."

मोहित के मन में जो विचार शृंखला अब तक चल रही थी, उसकी वजह से उसका लण्ड खड़ा हो चूका था और वह बहुत ही उत्तेजित अवस्था में था. रश्मि भी आज सारा दिन पेन ड्राइव में पल्ल्वी के साथ शोभित और रोहित की रियल पोर्न फ़िल्में देख देख कर बेहद गर्म और उत्तेजित अवस्था में थी.

उसने रश्मि की कॉपी में उसके लिखे हुए जबाबों को पढ़ना शुरू कर दिया- कुछ देर पढ़ने के बाद वह कहने लगा-" इन पांच जबाबों में से सिर्फ एक ही जबाब पूरी तरह सही है-बाकी चार जबाब गलत हैं. इसलिए अब तुम्हे गलत जबाब लिखने के लिए सजा मिलेगी."

यह कहकर मोहित एकदम कडककर बोला-"चलो अब खड़ी हो जाओ."

रश्मि को शरारत सूझ रही थी. उसने सोचा कि जरा देखूं तो यह आगे और क्या क्या बकवास करने वाला है. वह कुर्सी से उठकर खड़ी हो गयी

मोहित के सर पर तो इस समय अपनी उत्तेजना का भूत सवार था, वह फिर कडककर बोला-"चलो अब अपने अपडे उतारो और कान पकड़कर 100 उठक बैठक लगाओ."

रश्मि ने अब आवाज़ देकर अर्जुन को बुलाया और अर्जुन साइड रूम से एकदम भागकर वहां कमरे में आ गया-" जी मेम साब, आपने मुझे बुलाया."

मोहित ने अर्जुन को देखा तो उसके चेहरे पर हवाईआं उड़ने लगीं. उसे पता ही नहीं था कि रश्मि ने अर्जुन को वहां छुपाकर बिठाया हुआ था.

रश्मि ने अर्जुन से कहा-" दरवाज़े को अंदर से बंद कर दो" और अर्जुन ने दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया.

मोहित को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो रहा था.

दरवाज़ा अंदर से बंद होने के बाद रश्मि ने अर्जुन से कहा-" मोहित अपने कपडे उतारकर अपने कान पकड़कर 100 उठक बैठकें लगाना चाहता है. तुम उसकी इस काम को करने में कुछ मदद कर दो."

अर्जुन रश्मि का इशारा समझ गया और बोला- " जी मेम साब, आप आराम से सोफे पर बैठिये. मैं इसकी पूरी मदद करूंगा."

इसके बाद रश्मि सोफे पर आराम से एक टांग के ऊपर दूसरी टांग रखकर बैठ गयी और इस लाइव तमाशे को देखने लगी.

अर्जुन अब मोहित की तरफ बढ़ा और बोला-" तुम अपने कपडे खुद ही उतारोगे या फिर मैं तुम्हारी कुछ मदद करूँ ?"

मोहित हालांकि अर्जुन से लगभग 3 साल छोटा था लेकिन कद काठी और शारीरिक बनाबट में वह हर लिहाज़ से मोहित पर भारी था. उसकी लम्बाई भी 5 फिट 9 इंच थी जबकि मोहित की लम्बाई 5 फिट 6 इंच के आसपास थी.

मोहित के चेहरे पर डर और कन्फ्यूजन साफ़ दिख रहा था. वह बोला-" अब मैं कुछ नहीं पढ़ाऊंगा. मुझे यहां से जाने दो. मैं पल्ल्वी दीदी को बताऊंगा कि..."

इससे पहले कि मोहित कुछ आगे बोलता, अर्जुन ने एक जोर का थप्पड़ मोहित के गाल पर रसीद करते हुए कहा-" बकबास बंद कर और अपने सारे कपडे उतार."

रश्मि को लग रहा था कि पेन ड्राइव देख देखकर अर्जुन भी थोड़ा एक्सपर्ट हो गया है और जो काम उसे करना चाहिए, उसमे उसकी सही से मदद कर रहा है.

अब मोहित ने अपना थप्पड़ खाया गाल सहलाते हुए रश्मि की तरफ देखा-" आप कुछ कहती क्यों नहीं. देखिये आपके नौकर ने मेरी कितनी इंसल्ट कर दी आपके सामने ही और आपने इसे कुछ नहीं कहा."

रश्मि अब हँसते हुए बोली-" मोहित तुम अर्जुन की बात मान क्यों नहीं लेते. अर्जुन जैसा जैसा कहता है, वैसा वैसा करते रहो फिर तुम्हे कोई परेशानी नहीं होगी. चलो अपने कपडे उतारो."

अर्जुन को अब रश्मि की तरफ से पूरी छूट मिल चुकी थी और इसके साथ ही उसका लण्ड भी अब एकदम तनकर खड़ा हो गया था.

मोहित ने फिर रश्मि की तरफ देखा-" लेकिन मैंने क्या गुनाह किया है- मैं अपने अपडे क्यों उतारूँ ?"

रश्मि फिर शरारत से मुस्करायी और बोली-" तुमने कोई गुनाह नहीं किया है, यही तुम्हारा गुनाह है. ट्यूशन पढ़ाने के बहाने तुम लोग अपने स्टूडेंट्स को जिस तरह अपनी हवस का शिकार बनाने का सपना देखते हो, वह क्या काम बड़ा गुनाह है ? ज्यादा होशियारी मत दिखाना, तुम्हारी और तुम्हारे दोनों भाईओं और तुम्हरी बहन पल्ल्वी की पूरी कुंडली मेरे हाथों में है.तुम लोगों ने एक दुसरे को ट्यूशन पढ़ाते हुए कैसे सेक्स लीलाएं की हैं, सबके वीडियो मेरे पास हैं-सारे वीडियो वायरल कर दिए जाएंगे.इसलिए भलाई इसी में है कि जो कहा जा रहा है, उसे चुपचाप करते जाओ."

मोहित को अब लगा कि वह पूरी तरह से फंस चूका है तो उसने अपने कपडे उतारने शुरू कर दिए.

रश्मि अर्जुन की तरफ देखकर थोड़ी शरारती लेकिन कड़क आवाज़ में बोली- " अर्जुन मैं यहीं सोफे पर बैठी देख रही हों. तुम इसे अपने कब्ज़े में लेकर इसके पहले कपडे उतरवाओ और फिर कान पकड़कर 100 उठक बैठकें लगवाओ."

अर्जुन रश्मि का इशारा समझ गया था.अर्जुन खुद एक कुर्सी पर बैठ गया और मोहित से रौबीली आवाज़ में बोला-" इधर मेरे सामने आकर खड़े जो जाओ और अपने बाकी के कपडे भी उतारो."

मोहित अपनी टी शर्ट उतार चुका था और ऊपर से एकदम निर्वस्त्र था. अब उसने अपनी जींस के बटन खोलकर उसे भी उतारना शुरू कर दिया. जींस उतारने के बाद उसके बदन पर बस एक टाइट अंडरवियर ही बचा था जिसमे से उसका खड़ा हो चुका लण्ड साफ़ महसूस हो रहा था. मोहित क्योंकि अभी सिर्फ 22 साल का ही था और उसके बदन पर अभी कहीं भी ज्यादा बाल नहीं आये थे.उसका गोरा बदन बेहद चिकना और सुडौल था. अर्जुन ने अपने हाथ को उसके अंडरवियर पर फिराया और बोला-"चल इसे भी उतार दे."

अब मोहित हाथ जोड़कर अर्जुन के आगे गिड़गिड़ाया-" नहीं प्लीज़, इसे मत उतरवाओं"

रश्मि कुछ दूर पर ही सोफे पर बैठी इस तमाशे का मज़ा ले रही थी. वह अपने सोफे से उठी और साइड रूम से एक छड़ी, एक हथकड़ी और एक ब्लाइंड फोल्ड लेकर वहां आ गयी.

उसने जोर से एक छड़ी मोहित के नितम्बों पर मारते हुए कहा-" जल्दी उतार अपना अंडरवियर. हमारे पास ज्यादा समय नहीं है, तेरे नखरे देखने के लिए."

इसके बाद मोहित ने अपना अंडरवियर भी उतार दिया और अब वह एकदम निर्वस्त्र अवस्था के अर्जुन के सामने खड़ा हुआ था. वह अपने हाथों से अपने लण्ड को ढकने लगा तो अर्जुन ने उसे आदेश देते हुए कहा-" चल घुटनों के बल नीचे बैठ."

जैसे ही मोहित घुटनों के बल फर्श पर बैठा, अर्जुन ने उससे उसके हाथ ऊपर उठवाये और रश्मि के हाथ से हथकड़ी लेते हुए उसके दोनों हाथों में हथकड़ी बाँध दी.

मोहित एकदम बेबस सा हो गया था. उसके यकायक कहा-" मुझे बहुत जोर की प्यास लगी है. प्लीज़ मुझे पानी पीना है."

रश्मि के चेहरे पर फिर से शरारती मुस्कान आ गयी और उसने टेबल पर रखे कांच के गिलास को उठाकर अर्जुन को थमाते हुए कहा-" इसमें मेरी पेशाब भरी हुई है-इसे पीकर इसकी कई जन्मों की प्यास दूर हो जाएगी."

अर्जुन ने रश्मि की पेशाब से भरे गिलास को अपने हाथों में लिया और उसे मोहित के होंठो से लगाकर बोला-" पियो इसे."

मोहित को प्यास तो बहुत जोर से लगी थी लेकिन उसे पानी की जगह रश्मि की पेशाब पीने को मिलेगी, यह तो उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था. मोहित अपना मुंह खोलने में झिझक रहा था, अर्जुन अपने बाएं हाथ में पेशाब का गिलास पकडे हुए था, उसने दाएं हाथ से एक जोर का थप्पड़ मोहित एक गालों पर जड़ते हुए कहा-" जल्दी मुंह खोल और रश्मि मेम साब की पेशाब पी. जब तक नहीं पियेगा, तेरे गालों पर मैं इसी तरह चपत लगाता रहूंगा." आठ-दस थप्पड़ खाने के बाद मोहित ने अपना मुंह खोला और गिलास में भरी हुई रश्मि की पेशाब को जल्दी जल्दी पी गया.

जब मोहित सारी पेशाब पी गया तो अर्जुन ने उसे छेड़ते हुए पुछा-" क्यों पेशाब पीकर मज़ा आया ?"

रश्मि लगातार अपने मोबाइल में इस सारे तमाशे का वीडियो बना रही थी.

मोहित ने अर्जुन को कोई जबाब नहीं दिया तो अर्जुन ने फिर उसके थप्पड़ लगाते हुए कहा-" जबाब नहीं देगा तो ऐसे ही पिटेगा. बोल पेशाब पीकर मज़ा आया कि नहीं ?"

मोहित को लगा कि अगर वह कहेगा कि मज़ा नहीं आया तो यह लोग मुझे और बुरी तरह पीटेंगे, इसलिए उसने कह दिया- " हाँ "

अर्जुन की अब हिम्मत और बढ़ गयी और एक चपत और लगाते हुए बोला-" ठीक से बोल कि हाँ मुझे रश्मि मेम साब की पेशाब पीकर बहुत मज़ा आया "

अब मोहित बोला- " हाँ, मुझे रश्मि मेम साब की पेशाब पीकर बहुत मज़ा आया."

अर्जुन अब रश्मि की और देखकर हंसकर बोला-" देखिये मेम साब आपकी पेशाब पीकर इसे कितना मज़ा आ रहा है"

रश्मि अपनी इस बढ़ती हुई ताकत का अंदाज़ा लगाकर ही बेहद गर्म और उत्तेजित हुई जा रही थी. अर्जुन के हाथों में भी मोहित के रूप में एक खिलौना हाथ लग गया था और उसे वह बात बात पर थप्पड़ लगा रहा था. अचानक अर्जुन मोहित से बोला-" चल अब फिर से खड़ा हो जा"

मोहित फिर से खड़ा हो गया. उसके हाथ ऊपर की तरफ हथकड़ी से बंधे हुए थे और इसलिए अब उसका पूरा बदन अर्जुन के खेलने के लिए उपलब्ध था.

रश्मि खुद जान बूझकर अर्जुन को ज्यादा से ज्यादा मौका देना चाहती थी क्योंकि उसे लग रहा था कि वह काफी दिनों से उसकी बड़ी वफ़ादारी से सेवा कर रहा है और खुद अर्जुन अपनी गर्मी और उत्तेजना शांत करने के लिए कुछ भी नहीं कर पा रहा था. रश्मि सोफे पर से उठकर साइड रूम में जाने लगी और अर्जुन से शरारतपूर्ण ढंग से बोली-" मैं कुछ देर साइड रूम में कुछ काम कर रही हों. तब तक तुम इस चिकने लौंडे से जितने चाहों मज़े ले सकते हो."

अब कमरे में रश्मि नहीं थी और मोहित अर्जुन के सामने अपने हाथ ऊपर किये हुए निर्वस्त्र अवस्था में बैठा हुआ था. अर्जुन का लण्ड अब बेकाबू हो रहा था. उसने कुछ देर मोहित की चिकनी जांघों को सहलाया और फिर उससे बोला-" चल पीछे घूम जा"

मोहित पीछे घूमकर खड़ा हो गया तो अर्जुन ने उसके चिकने नितम्बों पर अपने हाथ फिराने शुरू कर दिए.अब अर्जुन ने भी अपनी टी शर्ट और निक्कर उतार दिए और अंडरवियर पहने हुए मोहित की पीठ से चिपककर खड़ा होते हुए अपने अंडरवियर में कैद लण्ड को उसके नितम्बों पर रगड़ने लगा. अपने हाथों को वह उसके सीने पर, चिकने पेट और टांगों पर लगातार फिरता जा रहा था. कुछ देर बाद अर्जुन ने मोहित को अपनी कैद से आज़ाद किया और उससे दुबारा कहा-" चल अब मेरी टांगों के बीच अपने घुटनों के बल बैठ जा"

मोहित को इसका कोई अंत दिखाई नहीं दे रहा था.- उसे हर बार यही लग रहा था कि कि बस अब इस उत्पीड़न के बाद उसे छोड़ दिया जायेगा लेकिन ऐसा हो नहीं रहा था.

मोहित जैसे ही अर्जुन की दोनों टांगों के बीच अपने घुटनों के बल बैठा, अर्जुन ने अपना अंडरवियर नीचे खिसकाकर उसमे से अपने खड़े लण्ड को निकाला और उसे मोहित के होंठो पर टिकाते हुए कडककर बोला-" चल अब इसे चूस."

मोहित ने एक बार में मुंह नहीं खोला तो अर्जुन ने उसके गालों पर एक दो तमाचे और जड़ दिए -" अपना मुंह खोल और उसके अंदर इस लण्ड को लेकर ठीक से चूस. तेरी चुसाई से मुझे मज़ा नहीं आया तो तेरी और पिटाई की जाएगी."

अब मोहित ने अपना मुंह फटाफट खोलकर उसमे अर्जुन के लण्ड को लेकर उस पर अपनी जीभ फिरानी शुरू कर दी. अर्जुन काफी देर तक इसी तरह से मोहित के साथ मुख मैथुन करता रहा और जब उसका क्लाइमेक्स आने को हुआ तो उसने मोहित से कहा-" मेरा सारा जूस तुझे पी जाना है, एक भी बूँद गिरना नहीं चाहिए."

मोहित एक आज्ञाकारी सेक्स स्लेव की तरह अर्जुन का सारा जूस पी गया.अर्जुन ने अपना लण्ड उसके मुंह में से निकाला तो देखा कि उस पर काफी वीर्य लगा हुआ था. उसने अब मोहित से कहा-" इसे अपनी जीभ से चाट चाट कर साफ करो."

जब मोहित ने उसके लण्ड को अपनी जीब से चाट चाट कर पूरी तरह साफ़ कर दिया तो अर्जुन की नज़र अपने पैरों पर पड़ गयी जहां वीर्य की कुछ बूंदे गिरी पडी थीं.

अर्जुन ने अब मोहित को फिर से हुक्म दिया-" देखो मैंने कहा था कि मे्रे जूस की एक भी बूँद नीचे नहीं गिरनी चाहियें. लेकिन तुमने मे्रे पैरों पर वीर्य की कितनी बूँदें गिरा दी हैं. अब तुम्हे इन्हे अपनी जीभ से चाट चाट कर साफ करना होगा."

अर्जुन लगातार अपने मोबाइल पर इस सारे तमाशे की वीडियो बनाता जा रहा था.

इस बार मोहित का सब्र जबाब दे गया और बोला-" अब बस भी करो- मुझे और कितना ज़लील करोगे?"

अर्जुन भी अपनी पूरी मस्ती में था-" जमीन पर उल्टा होकर लेट जा और अपनी जीभ से मे्रे पैरों को चाट चाट कर साफ़ कर-अभी तो तुझे और भी ज़लील होना है. जल्दी कर अभी तो तेरी खबर रश्मि मेम साब भी लेंगी."

मोहित जल्दी से जमीन पर उल्टा होकर लेट गया और अपनी जीभ से अर्जुन के पैरों को चाट चाट कर साफ करने लगा

अर्जुन को मज़ा आ रहा था. वह खुश होता हुआ बोला-"ऐसे ही मे्रे पैरों को चाटता रह और मुझे खुश करता रह, इसी में तेरी भलाई है."

अर्जुन ने आखिर में उससे अपने पैरों के तलवे भी चटवाये और फिर उसे दुबारा से घुटनों के बल बिठा दिया

जब दुबारा से मोहित अपने घुटनों के बल बैठा तो अर्जुन ने पास में रखा काले रंग का ब्लाइंड फोल्ड निकलकर उसकी आँखों पर बाँध दिया और बोला-" अब ऐसे ही बैठा रह.अब तेरी क्लास थोड़ी देर में शुरू होगी." यह कहकर अर्जुन ने फटाफट अपने कपडे पहन लिए और साइड रूम में रश्मि के पास जाकर खड़ा हो गया-" जी मेमसाब , क्या मैं अब चला जाऊं ?"

रश्मि उससे बोली-" हाँ तुम जाओ लेकिन जब तक मैं न कहूँ, जागते रहना मैं किसी भी समय तुम्हे फोन करके बुला सकती हूँ."

रश्मि दरअसल साइड रूम में बैठकर गेस्ट रूम पर नज़र रखे हुए थी, जहाँ अभी तक शोभित जगा हुआ था-वह शायद इस इंतज़ार में था कि मोहित वापस आकर उसे आज की "सज़ा" के बारे में बताएगा. रात के सवा ग्यारह बज चुके थे.

अर्जुन अपने रूम में चला गया था. रश्मि साइड रूम से उठकर मेन रूम में आ गयी. वहां जमीन पर मोहित पूरी तरह निर्वस्त्र अपने दोनों हाथों को ऊपर किये बैठा था जिन पर हथकड़ी लगी हुई थी. उसकी आँखों पर काली पट्टी भी जाते जाते अर्जुन बांध गया था.

रश्मि ने कमरे के दरवाज़े को फिर से बंद किया और अपने सारे कपडे उतारकर पूरी तरह निर्वस्त्र हो गयी. कुर्सी पर बैठी बैठी वह चुपचाप काफी देर तक अपने सामने बैठे मोहित को देखती रही. उसके बाद उसने अपने पैरों को उसके चेहरे पर ले जाकर उसके चेहरे को अपने पैरों से रगड़ना- सहलाना शुरू कर दिया.रश्मि ने अपने हाथ में चमड़े का हंटर पकड़ा हुआ था.अपने पैर के अंगूठे से वह मोहित के होंठों पर घुमाने लगी और घुमाते घूमते अंगूठे को उसके मुंह में घुसेड़ने की कोशिश करने लगी. जब मोहित उसके इशारे को नहीं समझा तो उसने लगातार 4-5 हंटर उसके नंगे बदन पर लगाए और बोली-" मुझे बोलने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए. मे्रे इशारों को समझो और मुझे खुश करने की कोशिश करो. इसी में तुम्हारी भलाई है." इतना सुनते ही मोहित ने अपना मुंह खोलकर उसमे रश्मि के पैर के अंगूठे को लेकर चूसना शुरू कर दिया.

कुछ देर बाद रश्मि ने उसे जमीन पर ही सीधा होकर लेट जाने के लिए कहा. मोहित अब जमीन पर लेट गया. उसके हाथ ऊपर की तरफ ही थे क्योंकि वे बंधे हुए थे. अब रश्मि उठकर उसके बदन पर आकर बैठ गयी और मोहित के नंगे बदन पर जगह जगह अपने हाथ फिराने लगी.कुछ देर बाद उसने अपने गीले हो चुके योनि प्रदेश को मोहित के चेहरे पर रगड़ना शुरू किया और उससे बोली-"अपनी जीभ से इसे चाटो और सहलाओ"

रश्मि मज़े मज़े में जन्नत में पहुँच गयी थी- उसने फिर मोहित से कहा-" आपनी जीभ को ठीक से अंदर तक डालकर चाटो" मोहित ने आपनी जीभ को रश्मि के योनि के अन्दर डालकर उसे चाटना शुरू कर दिया. इतना मज़ा आज तक रश्मि को पहले कभी नहीं आया था. यह सेक्स लीला जब काफी देर तक चल चुकी तो रश्मि ने आपनी योनि का जूस मोहित को पी जाने के लिए कहा. मोहित के पास रश्मि की हर बात मानते जाने के सिवाय और कोई विकल्प नहीं था.

रश्मि जब मोहित से जी भरकर मज़े लूट चुकी तो उसने अपने कपडे पहन लिए और वाशरूम में जाकर फ्रेश होने चली गयी. वाशरूम से वापस आयी तो मोहित उसी तरह जमीन पर लेटा हुआ था.

रश्मि ने उसे जमीन से उठकर बैठने का आदेश दिया. जब वह उठकर बैठ गया तो रश्मि ने उसका ब्लाइंड फोल्ड खोल दिया. अब मोहित देख सकता था.

"अब तुम इसी हालत में अपने कमरे में जाओ और अपने भैया शोभित को सारी कहानी जाकर सुनाओ-वह तुम्हारा बड़ी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं" रश्मि ने मोहित को हुक्म देते हुए कहा

मोहित थोड़ा सकपका गया-" लेकिन मैं नंगा ... मे्रे कपडे और यह मे्रे बंधे हुए हाथ...?"

रश्मि बोली- " मैंने कहा कि अपने कमरे में ऐसे ही जाओ तो ऐसे ही जाना होगा. चलो ..नहीं तो मैं तुम्हारी मदद के लिए अर्जुन को..."

रश्मि को बीच में ही रोकता हुआ मोहित उसी तरह हाथ ऊपर उठाये निर्वस्त्र अवस्था में अपने कमरे में जाने लगा. इसके बाद रश्मि ने फोन करके अर्जुन को बुलाया और उससे बोली-" यह मोहित के सारे कपडे और हथकड़ी की चाबी ऊपर गेस्ट रूम में लेकर जाओ. मोहित की हथकड़ी खोलकर हथकड़ी वापस ले आना और जो तुम्हे ठीक लगे सो करना."

अर्जुन ने हथकड़ी की चाबी और मोहित के कपडे उठाये और गेस्ट रूम की तरफ चल पड़ा.

शेष अगले भाग में.....
 
PART-26

जैसे ही अर्जुन मोहित के कपडे और हथकड़ी की चाबी लेकर गया, रश्मि ने टी वी स्क्रीन को ऑन करके गेस्ट रूम का "लाइव" लगा लिया.

वहां शोभित हक्का बक्का होकर मोहित की तरफ देख रहा था जो पूरी तरह से निर्वस्त्र खड़ा था और उसके दोनों हाथ भी ऊपर की तरफ हथकड़ी से बंधे हुए थे.

इस बीच में अर्जुन भी वहीं पहुँच गया था जिसके हाथ में मोहित के कपडे थे.

अर्जुन को देखकर शोभित घबराता हुआ चिल्लाकर बोला- " अरे यह सब क्या तमाशा है ? किसने मोहित की यह हालत की है ?"

अर्जुन ने एक जोर का थप्पड़ अब शोभित के गाल पर लगाया और बोला-" ज्यादा ऊँची आवाज़ में बोलने की जरूरत नहीं है. देख नहीं रहा कि कितनी रात हो चुकी है और तू बड़ी मालकिन की नींद ख़राब करने की कोशिश कर रहा है ? "

बड़ी मालकिन से अर्जुन का मतलब मम्मी से था जिनका कमरा उन्ही दोनों कमरों के साथ लगा हुआ था.

अपने गाल पर अर्जुन का थप्पड़ लगा देखकर शोभित और भी बौखला गया और अर्जुन की तरफ मारने के लिए दौड़ा, लेकिन अर्जुन जितना हट्टा कट्टा था, उसके आगे शोभित की भला क्या औकात थी. अर्जुन तो अब तक सिर्फ इसलिए खामोश था और इन दोनों का लिहाज़ कर रहा था क्योंकि यह घर के मेहमान थे लेकिन जब से रश्मि मेमसाब का इशारा अर्जुन को मिला है. तब से उसके हौसले बुलंद हो गए हैं.

मोहित सर झुकाये खड़ा हुआ था, वह शोभित से बोला- " भैया, लड़ाई झगड़ा बंद करो और पहले मेरे बारे में सोचो. कल तुम्हारी भी ऐसी हालत हो सकती है.

अर्जुन ने अब मोहित की तरफ देखकर कहा-" देख चिकने तूने मेरी बहुत बढ़िया सेवा की है, इसलिए मैं तेरे कपडे भी वापस लेकर आ गया हूँ और तेरी इस हथकड़ी को भी खोल रहा हूँ. अगर तू अपना सहयोग आगे भी इसी तरह देता रहेगा तो आराम से रहेगा, वरना रश्मि मेम साब तेरे साथ क्या करेंगी, यह तू जानता ही है."

यह कहने के साथ ही अर्जुन ने मोहित की हथकड़ी खोलकर उसे कपडे पहनने के लिए कहा और मोहित फटाफट कपडे पहनने लगा.

इस बीच शोभित दुबारा से अर्जुन के ऊपर जोर से झपटा लेकिन अर्जुन ने उसे अपनी गिरफ्त में लेकर उसके दो तीन करारे तमाचे लगाए और फिर उसने मोहित के हाथ से खोली हुई हथकड़ी से शोभित के हाथ बांध दिए.

शोभित मोहित की तरफ देखकर कहता रहा-" अरे मोहित देख यह मेरे साथ क्या कर रहा है, तू मेरे मदद कर."

अब मोहित शोभित को देखकर बोला-" भैया, अब हम लोग पूरी तरह से रश्मि के बिछाये हुए जाल में बुरी तरह फंस चुके हैं. इसलिए अब हमें वही सब कुछ करना होगा, जो रश्मि चाहती है."

अर्जुन का लण्ड दुबारा से तनकर खड़ा हो चुका था और वह अपने निक्कर के ऊपर से ही उस पर हाथ फिराए जा रहा था.

इस बीच अर्जुन ने शोभित के दोनों गालों पर एक एक थप्पड़ रसीद करते हुए उसे हुक्म दिया-" चल अब बेड पर सीधा होकर लेट जा. तुझे ज्यादा गर्मी चढ़ी हुई है, उसे ठंडा करना पड़ेगा."

और पिटाई न हो जाए, इस डर से शोभित जल्दी से बेड पर सीधा होकर लेट गया.

उसके हाथ हथकड़ी से ऊपर की तरफ बंधे हुए थे इसलिए वह एकदम बेबस अवस्था में था.

अब अर्जुन वहां पड़े सोफे पर अपनी एक टांग के ऊपर दूसरी टांग रखकर बैठ गया और वहां खड़े हुए मोहित से बोला-" चल इसकी पैंट उतार दे"

मोहित को लग रहा था कि उसके पास अर्जुन के हुक्म को मानते जाने के सिवाय और कोई रास्ता नहीं है. वह आगे बढ़ा और उसने शोभित की पैंट उतार दी. अब उसके बदन पर एक अंडरवियर रह गया था.

अर्जुन ने मोहित को फिर से हुक्म दिया-" इसका अंडरवियर भी उतारो. बिलकुल नंगा कर दो इस चिकने को." मोहित ने अब शोभित का अंडरवियर भी उतारकर उसके बदन से अलग कर दिया. शोभित अभी भी ठीक से समझ नहीं पा रहा था कि यह उसके साथ क्या और क्यों हो रहा है.और यह रश्मि का मामूली नौकर उन लोगों की ऐसी दुर्गति किस हिम्मत से कर रहा है.

अब अर्जुन ने शोभित को आदेश दिया-" चल चिकने अब उठकर इधर आ मेरे नज़दीक."

शोभित बेड से उठकर अर्जुन की तरफ आ गया

अर्जुन ने उसे फिर हुक्म दिया- " यहां फर्श पर मेरी टांगों के बीच अपने घुटनों के बल बैठ जा"

शोभित जिस तरह अर्जुन ने कहा था, उसी तरह बैठ गया.

मोहित वहां खड़ा खड़ा अपने बड़े भाई को अर्जुन के हाथों ज़लील होते हुए देख रहा था. और रश्मि अपने टी वी स्क्रीन पर यह सब लाइव देख रही थी. रश्मि को यह उम्मीद नहीं थी कि अर्जुन की हिम्मत इतनी बढ़ जाएगी और वह इस तरह से दोनों भाईओं पर अकेले ही काबू पा जायेगा.

शोभित नीचे से तो पूरी तरह नंगा हो चुका था लेकिन उसके बदन पर बची एकमात्र टी शर्ट भी अर्जुन को खटक रही थी. हाथों में हथकड़ी लगे होने की वजह से उसे उतारा नहीं जा सकता था. अर्जुन ने मोहित को आदेश दिया-" देख वह सामने कैंची रखी है. उसे उठाकर ला."

मोहित ने कैंची लाकर अर्जुन के हाथ में दे दी और अर्जुन उस कैंची से शोभित की टी शर्ट को काट काट कर उसके बदन से अलग करने लगा.

अचनाक अर्जुन को ध्यान आया कि वह दरवाज़ा अंदर से बंद करना तो भूल ही गया है. उसने मोहित से कहा-" अंदर से दरवाज़ा तो बंद कर ले. वरना तुम दोनों को इस हालत में किसी ने देख लिया तो तुम किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे."

मोहित ने अब दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया और वहां रखी एक कुर्सी पर बैठने लगा.

अर्जुन उस पर एकदम भड़क उठा-" तुझे बैठने के लिए किसने कहा बे ? चल अपने कान पकड़ और दीवार से सटकर खड़ा हो जा"

मोहित कान पकड़कर दीवार से लगकर खड़ा हो गया

अर्जुन ने काट काट कर शोभित की पूरी टी शर्ट उसके बदन से हटा दी थी और अब शोभित उसके सामने पूरी तरह निर्वस्त्र अपने बंधे हुए हाथों को ऊपर किये हुए अपने घुटनों के बल बैठा हुआ था.

दोनों को अपने पूरे कब्ज़े में देखकर अर्जुन एकदम उत्तेजित और गर्म हो चुका था और निक्कर के अंदर उसके लण्ड की लम्बाई लगातार बढ़ती जा रही थी.

अर्जुन ने अब शोभित के दोनों गालों को सहला सहला कर उन पर हलके हलके चपत लगाने शुरू कर दिए. पहले अर्जुन अपने हाथ को कुछ देर तक उसके गालों पर गोल गोल घूमता और फिर एक जोरदार चपत लगा देता. जब इस यौन शोषण से अर्जुन का दिल भर गया तो उसने अपने अंडरवियर को नीचे खिसका कर उसमे से अपने तने हुए लण्ड को निकालकर उसे शोभित के होंठों पर फिराते हुए कहा-" चल अब इसे अपने मुंह में लेकर अच्छी तरह से चूस."

शोभित उसके लण्ड को चूसने लगा. उसकी इतनी दुर्गति पहले कभी नहीं हुई थी. आज रश्मि का एक मामूली सा नौकर उसे पूरी तरह नंगा करके उससे अपना लण्ड चुसवा रहा था और वह यह सब करने के लिए मजबूर था.

अर्जुन बीच बीच में उसके गालों पर यह कहकर भी चपत लगता जा रहा था-" ठीक से चूस. मज़ा नहीं आ रहा है."

अर्जुन अपने मोबाइल में इस सब तमाशे का वीडियो भी बनता जा रहा था. जब उसे लगा कि अब उसके लण्ड से उसका जूस निकलने को है तो उसने शोभित को सख्त हिदायत देते हुए कहा-" सारा जूस पीना है तुझे. एक भी बूँद नीचे गिरी तो जहां गिरेगी वहीं पर अपनी जीभ से चाटनी पड़ेगी."

यह कहते ही अर्जुन ने अपने लण्ड की तेज पिचकारी शोभित के मुंह में छोड़ दी और शोभित उसके जूस को पीने लगा.

अर्जुन ने इसके बाद अपने भीगे हुए लण्ड को शोभित से चाट चाट कर साफ़ भी करवाया. वीर्य की कुछ बूँदें अर्जुन के पैरों पर भी गिर गयी थीं. अर्जुन ने शोभित से कहा-" इन्हे भी चाट चाट कर साफ करो."

शोभित फर्श पर लगभग अधलेटा सा होकर अर्जुन के पैरों को अपनी जीभ से चाट चाट कर साफ़ करने लगा. अर्जुन अपनी पूरी मस्ती में था. उसने शोभित से अपने पैरों के तलवे भी चटवाये. इस सारे तमाशे का वीडियो अर्जुन लगातार अपने मोबाइल पर बनाता रहा.

अर्जुन अब संतुष्ट हो चुका था. उसने अब शोभित की हथकड़ी भी खोल दी और उठता हुआ बोला-" रात बहुत हो गयी है, अब दोनों अपने अपने कपडे पहनकर अपने अपने कमरे में जाकर चुपचाप सो जाओ. किसी से कुछ कहा तो तुम्हारे सारे वीडियो वायरल कर दिए जाएंगे."

अर्जुन अब सीधा नीचे रश्मि के पास पहुंचा और उसे हथकड़ी और उसकी चाबी थमते हुए बोला-" वे दोनों अब सो रहे हैं."

अर्जुन शायद यह भूल गया था कि रश्मि यहां अपने कमरे से गेस्ट रूम का लाइव देख सकती है. रश्मि ने जब मुस्कुराते हुए उससे पूछा-" इतनी देर तक वहां तू क्या कर रहा था ?"

जब रश्मि ने उससे इस तरह से पूछा और उसने देखा कि टी वी स्क्रीन पर अभी भी गेस्ट रूम का सीन लाइव था, तो उसे लगा कि मानों उसकी चोरी पकड़ी गयी है. वह फटाफट जमीन पर लेट गया और अपने चेहरे को रश्मि के पैरों के ऊपर रखते हुए बोला-" मेम साब , माफ़ करना, आपकी परमिशन के बिना ही मैंने शोभित से भी कुछ मज़े ले लिए हैं. इसके लिए अगर मुझे आप कोई सजा देना चाहो तो दे सकती हो."

रश्मि उसके इस तरह से दंडवत होकर माफी मांगने के तरीके से बहुत खुश हो गयी और बोली-" अरे नहीं. तुझे उन दोनों को पेलने के लिए मुझसे बार बार परमिशन लेने की जरूरत नहीं है. मैंने सब देख लिया है-तूने बहुत बढ़िया तरीके से उन दोनों को पेला है."

इसके बाद अर्जुन वहां से चला गया और रश्मि ने भी कमरा अंदर से बंद करके सोने के लिए बिस्तर का रुख कर लिया.

शेष अगले भाग में....
 
PART-27

अगले दिन सुबह जब सब लोग सोकर उठे तो मम्मी को छोड़कर सबकी दुनिया बदल चुकी थी. मोहित और शोभित एक तरह से रश्मि और अर्जुन के गुलाम बन चुके थे.

सुबह के वक्त सब लोगों ने नाश्ते की मेज पर एक साथ नाश्ता किया और इसके बाद रोजाना की तरह मम्मी लगभग ग्यारह बजे मंदिर में भजन-कीर्तन के लिए चली गयीं जहां से उनकी वापसी का समय शाम के ६ बजे का था.

रश्मि मज़े लेने के साथ साथ अपनी पढाई का भी नुकसान नहीं करना चाहती थी. उसने मम्मी के जाते ही शोभित को अपने कमरे में बुलवा लिया और उसे आर्डर देते हुए बोली-" आज से तुम मुझे हर रोज सुबह ११ बजे से १२ बजे तक मैथ पढ़ाया करोगे. मैथ इतनी बढ़िया तरीके से पढ़ानी है कि मैं इस बार जरूर पास हो जाऊं. इस बार अगर मैथ में मैं फेल हुई तो तुम्हारी सारी वीडियो मैं खुद वायरल कर दूंगी. मोहित को भी यही बात ठीक से समझा देना. अब चलो मैथ पढ़ना शुरू कर दो."

इसके बाद शोभित ने रश्मि को अच्छी तरह से समझा समझा कर मैथ पढ़ाना शुरू कर दिया. रश्मि भी उसकी पढ़ाई गयी आज की ट्यूशन से काफी संतुष्ट नज़र आ रही थी. शोभित के जाते ही रश्मि ने मोहित को अपने कमरे में बुलवाया और उसे भी वही चेतावनी देकर कायदे से उसे अंग्रेजी पढ़ाने की हिदायत दी. मोहित ने भी रश्मि को अच्छी तरह समझा समझा कर अंग्रेजी पढाई और जब एक बज गया तो रश्मि ने उन दोनों से कहा-" अब तुम दोनों नीचे टेबल पर आकर लंच कर लो."

इसके बाद रोजाना का रूटीन यही बन गया. ११ से बारह बजे मैथ की ट्यूशन, १२ से १ बजे तक अंग्रेजी की ट्यूशन और १ बजे लंच का समय.

लंच करने के बाद रश्मि एक दो घंटे खुद भी अपनी पढाई वगैरा करती थी. स्कूल उसे नहीं जाना होता था क्योंकि कोरोना की वजह से सब पढाई घर से ही हो रही थी और अब सिर्फ मार्च में बारहवीं के बोर्ड एक्जाम ही होने थे.

मोहित और शोभित को यह नहीं पता था कि रश्मि के टी वी स्क्रीन पर उन लोगों के गेस्ट रूम का लाइव आता है. शोभित का कमरा हालांकि अलग था लेकिन वह अक्सर मोहित के साथ गेस्ट रूम में ही रहता था.

रश्मि अपने सभी कामों से और पढाई वगैरा से निपटी तो ३ बज चुके थे. उसने टी वी स्क्रीन खोला ताकि कुछ और पेन ड्राइव लगाकर उनके वीडियो भी देखे जा सकें. लेकिन तभी उसने गेस्ट रूम का लाइव देखना शुरू कर दिया और दोनों की बातचीत सुनने लगी.

मोहित : अब क्या करें भैया, हम लोग तो बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं.

शोभित : हाँ, हम लोगों ने तो बड़े बड़े ख़याली पुलाव बनाये थे, लेकिन पास पलट गए हैं और अब हम अपनी १८ साल की स्टूडेंट रश्मि और उसके १९ साल के नौकर अर्जुन के "सेक्स स्लेव" बनकर रह गए हैं- मेरा तो मन करता है, यहां से चुपचाप रात को भाग चलें."

मोहित : अरे नहीं हम ऐसा नहीं कर सकते हैं-रश्मि की पढाई अगर ठीक से नहीं हुई तो वह पास नहीं होगी और अगर वह पास नहीं हुई तो हमारे वीडियो वायरल कर देगी."

शोभित : फिर तू ही कुछ बता, मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है.

मोहित : मेरे पास एक आईडिया है.

शोभित : क्या आईडिया है

मोहित : हमें अर्जुन की मदद लेनी चाहिए

शोभित : वह कैसे हमारी मदद करेगा और क्यों करेगा ? वह तो रश्मि का बड़ा वफादार नौकर मालूम पड़ता है. देखा नहीं पहले ही दिन उसने हमें कैसे खरी खोटी सुनायी थी.

मोहित : हाँ, वह तो है, लेकिन फिर भी एक बार कोशिश करके देख लेने में हर्ज़ भी क्या है

शोभित : हाँ ठीक है, जैसा तू चाहे मैं करने के लिए तैयार हूँ.

मोहित : ठीक है, मैं जरा अर्जुन के पास किचिन में उससे मिलकर आता हूँ. वह वहीं साइड रूम में रहता है.

शोभित : हाँ, लेकिन जरा संभलकर जाना, वह कहीं तेरा वहीं पकड़कर रेप न कर डाले.

मोहित : हाँ हाँ कोई बात नहीं है. अब कुछ तो रिस्क लेना ही पड़ेगा

यह कहकर मोहित गेस्ट रूम से निकलकर अर्जुन के कमरे की तरफ चल दिया.

रश्मि ने अब मन ही मन हँसते हुए अर्जुन के कमरे का लाइव लगा दिया और वहां का तमाशा देखने लगी.

मोहित अर्जुन के साइड रूम में घुसा तो उस समय अर्जुन अपने बिस्तर पर लेटकर आराम कर रहा था. उसने अचानक मोहित को वहां देखा तो वह थोड़ा हैरान हुआ और बोलै-" हाँ बोलो, कुछ चाहिए क्या ?"

मोहित कुछ बोलने की बजाये उसके बिस्तर पर उसके पैरों की तरफ बैठ गया और उसके पैरों को पकड़कर उन्हें दबाते हुए बोला-"प्लीज़ हमारी कुछ मदद करो"

अर्जुन सब समझ रहा था कि यह लोग अब उसे मस्का क्यों लगा रहे हैं. फिर भी उसने पुछा-" बताओ, क्या मदद चाहिए तुम्हे."

मोहित : हमें यहां से वापस घर जाना है-हमें जाने में मदद करो अर्जुन जी

अर्जुन से तो लाइफ में पहली बार किसी ने ऐसे "अर्जुन जी" कहकर बात की थी. वह हालांकि फूल कर कुप्पा हो रहा था लेकिन उसे खुद समझ नहीं आ रहा था कि वह भला इन दोनों की क्या मदद कर सकता है. ऊपर से मोहित उसके पैरों के पास बैठा अर्जुन के पैरों को भी ऐसे दबा रहा था मानों वह उसका खरीदा हुआ गुलाम हो. उसका निक्कर के अंदर लण्ड एकदम तनकर खड़ा हो गया था.

अर्जुन अब उससे बोला : तुम्हारे पास अपनी कार है-उसकी चाबी तुम्हारे ही पास है. कार में बैठो, चाबी लगाओ और अपने घर के लिए रवाना हो जाओ. तुम्हे कौन रोक रहा है ?

मोहित : नहीं, हम ऐसे चले गए तो रश्मि अपनी मम्मी और पल्ल्वी दोनों से शिकायत कर देगी कि हम दोनों उसे बिना पढ़ाये ही भाग गए . तुम ऐसा करो कि हमें किसी तरह से वह सारी वीडियो दिलवा दो जो रश्मि ने हमें ब्लैकमेल करने के लिए अपने कब्ज़े में कर राखी हैं, उसके बदले में तुम जो कहोगे हम कर देंगे.

अर्जुन : साफ़ साफ़ बताओ कि तुम क्या कर दोगे मेरे लिए अगर मैं यह सब तुम्हारे लिए कर दूँ तो ?

मोहित ( कुछ झिझकते हुए) : हम लोग ऐसा इंतज़ाम कर सकते हैं कि तुम पल्ल्वी को ब्लैकमेल करके उससे इस घर में हर रोज मज़े ले सकते हो.

अर्जुन यह सुनकर एकदम अपने बिस्तर से उठकर बैठ गया. उसे यह उम्मीद नहीं थी कि यह दोनों अपनी जान बचाने के लिए अपनी बहन को ही थाली में परोसकर दे देंगे.

अर्जुन एकदम उस पर भड़क गया और बोला: एक मिनट के अंदर यहां से दफा हो जा. वरना मेरा माथा घूम गया तो तेरी और तेरे उस नालायक भाई की बड़ी दुर्गति करूंगा.

मोहित लेकिन फिर भी नहीं माना और बोला : एक बार सोच लीजिये अर्जुन जी..

अब अर्जुन का गुस्सा एकदम सातवें आसमान पर था, उसने मोहित के दो तीन थप्पड़ लगाते हुए उसे आर्डर दिया- " चल अपने सारे कपडे उतार "

मोहित को लगा कि शायद यह सब करने से उसकी कुछ बात बन जाएगी, उसने अपने सारे कपडे उतार दिए.

अब अर्जुन ने उससे कहा -इस बिस्तर पर उल्टा होकर लेट जा

मोहित निर्वस्त्र अवस्था में बिस्तर पर उल्टा होकर लेट गया

अर्जुन ने अब मोहित के दोनों हाथ और दोनों पैर बिस्तर के चारों कोनों से कसकर रस्सी से बाँध दिए

और बोला-अब तेरी बकबास करने की यही सजा है कि मम्मी जी के आने तक तू यहां इसी तरह नंगा बंधा पड़ा रहेगा."

अर्जुन ने अब साइड रूम का दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया था और वहीं बिस्तर के पास पडी कुर्सी पर बैठकर मोहित के नंगे बदन पर हाथ फिराने लगा. एक छड़ी उठाकर अर्जुन ने उस छड़ी के स्ट्रोक मोहित के नितम्बों पर लगाने शुरू कर दिए . मोहित छड़ी के स्ट्रोक लगने से बिलबिलाता रहा और अर्जुन से यही कहता रहा-" अर्जुन जी, मुझे बहुत दर्द हो रहा है. मैं तो आपका सेवक हूँ. मुझे मारो मत. जो आप कहोगे, वही करूंगा."

अब अर्जुन ने फटाफट अपने कपडे उतारे और उल्टा होकर मोहित के ऊपर ही लेट गया और अपने बदन को मोहित के बदन पर रगड़ने लगा. अर्जुन का लण्ड मोहित के चिकने नितम्बों पर रगड़ा जा रहा था और इससे अर्जुन काफी उत्तेजित हुआ जा रहा था. उसने अपना खड़ा लण्ड धीरे धीरे मोहित के पिछवाड़े में घुसेड़ दिया और मोहित को बुरी तरह रौंदने लगा.

यह सब करते करते शाम के ५ बज गए थे. अर्जुन ने अब अपने कपडे पहने. मोहित की रस्सी खोलकर उसे खड़ा होने को कहा और बोला-" चल अब अपने कमरे में इसी तरह नंगा ही चलकर जा."

मोहित गिड़गिड़ाया : देखों मैं रो आपकी सभी बातें मान रहा हूँ, फिर आप मुझे इतना ज़लील क्यों कर रहे हो. अभी तो दिन का वक्त है-मैं पूरी तरह निर्वस्त्र अवस्था में ऊपर के कमरे तक कैसे चलकर जाऊँगा ? रास्ते में रश्मि का कमरा भी पड़ेगा."

अर्जुन हँसता हुआ बोला-" हाँ वह तो है-रश्मि मेम साब का कमरा भी रास्ते में पड़ेगा. हो सकता है, उनकी तेरे नंगे बदन पर नज़र पड़ जाए और वह भी तुझसे लगे हाथों कुछ मज़े ले लें. देख तेरा भला तभी हो सकता है जब रश्मि मेम साब को खुश कर दे. सिर्फ मुझे खुश करने से कुछ होने वाला नहीं है."

इसके बाद मोहित निर्वस्त्र अवस्था में ही अपने कमरे की तरफ चल पड़ा.

रश्मि तो यह सब लाइव देख ही रही थी, जैसे ही मोहित उसके कमरे के दरवाज़े के पास से गुजरा, रश्मि ने दरवाज़ा खोला और बोली-" तुम इस समय यहां इस तरह नंगे कैसे घूम रहे हो. चलो इधर आओ, तुम्हे इसकी सजा मिलेगी."

इसके बाद रश्मि ने उसे अपने कमरे में निर्वस्त्र अवस्था में ही बुलाकर दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया और सोफे पर बैठकर उससे बोली-" चलो अपने कान पकड़ो और १०० उठक बैठक लगाओ."

मोहित को इस ज़लालत की बिलकुल उम्मीद नहीं थी. वह पूरी तरह निर्वस्त्र था. और उसे उसकी ३ साल छोटी स्टूडेंट अपने सामने खड़ा करके १०० उठक बैठक लगाने को कह रही थी.

शेष अगले भाग में .....
 
Part-28

रश्मि मुस्कराते हुए मोहित को देख रही थी--"चलो शुरू हो जाओ नही तो मुझे छड़ी उठानी पड़ेगी।"

छड़ी का नाम सुनकर मोहित जल्दी जल्दी उठक बैठक लगाने लगा।

उठक बैठक लगाते समय मोहित का लंड ऊपर नीचे होकर हिल रहा था लेकिन वह अपने दोनों हाथों से कान पकड़े हुए था इसलिए कुछ भी कर सकने में असमर्थ था।

रश्मि के हाथ मे अब एक चमड़े का हंटर आ गया था। उसने जोर जोर से दो तीन हंटर मोहित के बदन पर लगाते हुए कहा-" उठक बैठक लगाते वक़्त उनकी गिनती भी करनी होती है। चलो अब गिनती करते हुए दुबारा से लगानी शुरू करो। "

मोहित गिनती करते हुए उठक बैठक लगा रहा था और रश्मि को उसके बदन पर बीच बीच मे हंटर मारने में बहुत मज़ा आ रहा था। उसकी जांघों के बीच योनि का भाग पूरी तरह उत्तेजना से गीला हो गया था। 25 उठक बैठक लगाकर ही मोहित रश्मि के कदमों में गिर पड़ा और गिड़गिड़ाने लगा- " मैं बहुत थक चुका हूँ। मुझे अर्जुन ने भी बहुत बुरी तरह सज़ा दी है। रश्मि ने उस पर अहसान सा जताते हुए कहा- " तुमने पहले क्यों नही बताया कि तुम थके हुए हो। चलो अब तुम्हारी सज़ा को बदल देते है। अब इस सज़ा में तुझे कोई थकान नही होगी। "

यह कहकर रश्मि ने मोहित की आंखों पर ब्लाइंड फोल्ड बांध दिया और फिर अपने गाउन को खोलकर उसने अपनी जांघें खोल लीं। अब उसने मोहित के चेहरे को अपनी दोनों जाँघों के बीच मे सेट किया और उसे आर्डर दिया- " चलो इसे अपनी जीभ से चाट चाट कर साफ करो। ठीक से करोगे तो ठीक है वरना रात में तुम्हे और सख्त सजा दूँगी। "

मोहित रात में मिलने वाली सज़ा से बचने के लिए बढ़िया तरीके से रश्मि के गीले योनि प्रदेश को चाट चाट कर साफ करने लगा। रश्मि के बिना कहे ही वह अपनी जीभ को उसकी योनि के अंदर घुसाकर उसे चाट रहा था। रश्मि अपनी पूरी मौज ले रही थी और जन्नत का मज़ा लूट रही थी। रश्मि का जब क्लाइमेक्स आया तो उसने और पानी निकाला जिसे मोहित एक आज्ञाकारी सेक्स स्लेव की तरह पी गया।

पूरी तरह ख़ुश होने के बाद रश्मि ने मोहित को अपनी गिरफ्त से आज़ाद किया और अपना गाउन बन्द करके मोहित का ब्लाइंड फोल्ड भी खोल दिया। मोहित के दोनों गालों को सहलाकर रश्मि बोली - " अब तुम्हे आज और सज़ा नही मिलेगी। तुमने मुझे इस समय बहुत खुश किया है। अब उठो और अपने कमरे में पहुंचकर कपड़े पहन लो। मम्मी भी आने वाली होंगीं। "

मोहित वहाँ से चला गया और रश्मि उससे ली गई मस्ती के बारे में सोचने लगी।

शेष अगले भाग में....
 
PART-29

कुछ देर बाद मम्मी आ गयी थीं और वे रोजाना की तरह सात बजे तक खाना खाकर अपने कमरे में सोने के लिए चली गयीं

अगले दिन सुबह नाश्ते की टेबल पर जब मम्मी. रश्मि , मोहित और शभित सभी मौजूद थे, उस समय मम्मी ने मोहित और शोभित की तरफ देखकर पुछा-" बेटा, रश्मि की पढाई कैसी चल रही है ? तुम लोगों को यहां कोई परेशानी तो नहीं है न ?"

शोभित ने फटाफट मम्मी को जबाब दिया-" आंटीजी, रश्मि की पढाई बहुत बढ़िया चल रही है. वह इस बार जरूर पास हो जाएगी. और रश्मि के होते हुए हम लोगों को भला क्या परेशानी हो सकती है ? सब बढ़िया चल रहा है."

मम्मी यह सब सुनकर नाश्ता वगैरा करके अपने कमरे में चली गयीं और रोजाना की तरह मंदिर में भजन कीर्तन के लिए लगभग ११ बजे रवाना हो गयीं.

इसके बाद रोजाना वही रूटीन चलता रहा. ११ बजे से एक बजे तक रश्मि की ट्यूशन होती, १ बजे लंच होता, १ बजे से ३ बजे तक सब लोग अपने अपने कमरे में अपना अपना काम या आराम करते और फिर ३ बजे से साढ़े पांच बजे तक रश्मि और अर्जुन कभी कभी अलग अलग और कभी एक साथ मिलकर मोहित और शोभित को पेल देते. यही पेलने का सिलसिला रात में दीनार करने के बाद भी रोजाना चलता था.

इसी तरह से १५ दिन कब बीत गए किसी को पता भी नहीं चला. एक दिन नाश्ते की टेबल पर ही मम्मी ने बताया -" आज शाम को 8 बजे तक पल्ल्वी आ जाएगी. उसका आज सुबह ही फोन आया था. वह रश्मि, मोहित और शोभित सब के बारे में पूछ रही थी. उसने यह भी कहा है कि मोहित और शोभित की अब वहां जरूरत है. इसलिए तुम दोनों अपनी वापसी की भी तैयारी कर लो. तुम लोग अभी ही नाश्ता वगैरा करके निकल जाना ताकि पल्ल्वी के वहां से चलने से पहले तुम लोग वहां पहुँच जाओ."

उसके बाद नाश्ता करते ही उन दोनों ने अपने जाने की तैयारी शुरू कर दी थी. रश्मि की पढाई भी अब लगभग पूरी ही हो चुकी थी और उसे अब सिर्फ प्रेक्टिस करने की जरूरत थी.

अर्जुन और रश्मि अचानक बदले इस घटनाक्रम को देखकर आगे आने वाले समय की योजना मन ही मन बनाने में व्यस्त थे. मम्मी के मंदिर जाने के बाद मोहित और शोभित भी अपनी कार में सामान रखने के बाद रश्मि और अर्जुन से हाथ जोड़कर बोले-" हम लोगों ने आपको पूरा सहयोग किया है-हमारा ख्याल रखना प्लीज़ ."

इसके बाद वे दोनों भी अपनी कार को दौड़ाते हुए अपने घर के लिए निकल गए.

रश्मि और अर्जुन इस समय घर में अकेले थे लेकिन उनका दिमाग इस समय उस योजना को अंजाम देने में व्यस्त था, जिसे उन्होंने आज शाम के बाद अंजाम देना है.

अर्जुन इस सारे घटनाक्रम से बहुत खुश दिखाई दे रहा था. उसे कहीं न कहीं इस बात का यकीन हो गया था कि इस घर में तख्ता पलट हो चुका है और सत्ता की चाबी अब पल्ल्वी के हाथों से निकलकर रश्मि के हाथों में आ चुकी है.

अर्जुन रश्मि के प्रति शुरू से ही बहुत वफादार था-इस बात को रश्मि भी जानती है और इसी वफ़ादारी का फायदा अब अर्जुन को मिलने जा रहा था.

रश्मि ने अर्जुन को अपने कमरे में बुलाया और उससे बोली-" ऊपर मेरे रूम की सफाई कर दो और पल्ल्वी का सारा सामान यहां से ले जाकर वहीं सेट कर दो. आज से पल्ल्वी वहीं मेरे वाले रूम में रहेगी"

" जी मेम साब" कहकर अर्जुन वहां से जाने लगा तो रश्मि ने उसे रोका-" अभी मेरी बात पूरी नहीं हुई है. आज के बाद से इस घर में वही होगा जो मैं कहूंगी.पल्ल्वी अब मेरे कब्ज़े में आ चुकी है और उसे मेरे इशारों पर नाचना होगा. तुम अब कोई भी काम मेरी परमिशन के बिना नहीं करोगे, समझे ? "

" जी मेमसाब समझ गया " अर्जुन खुश होता हुआ बोला

रश्मि उसकी छुपी हुई खुशी को देख भी रही थी और समझ भी रही थी. वह हंसती हुई उससे अब बोली-" ठीक है, अब तुम जाओ और जो काम बताया है उसे करो."

इसके बाद अर्जुन ऊपर कमरे में रश्मि वाले कमरे की सफाई करने चला गया ( इस कमरे में अभी तक शोभित मेहमान बनकर रह रहा था)

कुछ देर बाद अर्जुन रश्मि के पास आया और उसके हाथ में एक पेन ड्राइव देते हुए बोला-" मेम साब यह पेन ड्राइव मुझे बिस्तर पर तकिये के नीचे रखी मिली है. यह हो सकता है शोभित ने गलती से यहां छोड़ दी हो."

रश्मि ने उससे पेन ड्राइव ले ली और बोली- " ठीक है, इसे मैं देखती हूँ. तुम फटाफट अपना काम निपटाओ और फ्री होकर मेरे पास आओ."

इसके बाद रश्मि ने उस पेन ड्राइव को अपने टी वी स्क्रीन पर चला दिया और उसके होश उड़ गए

वीडियो में पल्ल्वी शोभित के सामने खड़ी है और उससे कह रही है-" देख अब मेरी शादी हो चुकी है. अब तू मुझे वह सब वीडियो लौटा दे जो तूने मुझे शादी से पहले ब्लेकमेल करने के लिए बनाये थे."

शोभित पल्ल्वी से कहता है -" एक बार वह सब करो जो मैं तुमसे कह रहा हूँ फिर मैं तुम्हारे सारे वीडियो वापस कर दूंगा. अबकी बार मैं तुम्हारा वीडियो नहीं बनाऊंगा"

यह शायद पल्ल्वी की शादी के तुरंत बाद की वीडियो थी. रश्मि ने सोचा कि इस पल्ल्वी का भाई कितना बड़ा हरामी है-उससे कह रहा है कि इस बार वीडियो नहीं बनाएगा और फिर भी वीडियो बना ली बदमाश ने."

अब रश्मि ने आगे देखना शुरू किया

शोभित एक पेन लिफाफा पल्ल्वी को दिखता हुआ कह रहा था-" देखों मैंने सारे वीडियो इस पेन ड्राइव में तुम्हे वापस देने के लिए ही रखे हुए हैं. साथ में मैंने यह लेटर भी लिखा हुआ है कि तुम इसे खुद अपने हाथों से इसे नष्ट करके अपनी तसल्ली कर लेना."

रश्मि ने देखा कि यह तो वही लिफाफा है जो उसे पेन ड्राइव के बॉक्स में मिला था और जिसकी वीडियो वह देख भी चुकी है.

रश्मि को अब सारा माजरा समझ में आ गया कि यह वह वीडियो है जिसके बारे में पल्ल्वी को भी आज तक नहीं पता है-शोभित शायद इस पेन ड्राइव को यहां किसी गलत इरादे से ेलकर आया होगा लेकिन रश्मि और अर्जुन ने इन दोनों के सारे इरादों पर पानी फेर दिया और फिर यह पेन ड्राइव वह याहं पर गलती से भूल गया.

अब रश्मि ने उस वीडियो को और आगे देखना शुरू किया

शोभित पल्ल्वी से कह रहा था-" एक बार अपने सारे कपडे उतारकर अपना खूबसूरत बदन मुझे दिखाओ पल्ल्वी"

पल्ल्वी को कुछ समझ नहीं आ रहा था. उसने अपनी साड़ी उतारनी शुरू कर दी. अब उसके बदन पर ब्लॉउस और पेटीकोट बचे थे. शोभित ने उन्हें भी उतरवा लिया. अब पल्ल्वी के बदन पर सिर्फ ब्रा और पेंटी ही बचे थे.

शोभित अपने खड़े लण्ड को अपने निक्कर के ऊपर से ही सहलाता हुआ बोला-" अपनी ब्रा और पैंटी भी उतारो पल्ल्वी. बिलकुल नंगी होकर दिखाओ अगर तुम्हे यह पेन ड्राइव वापस चाहिए तो."

पल्ल्वी ने न चाहते हुए भी अपनी ब्रा और पैंटी भी उतार दी और इससे पहले कि वह अपने हाथों से अपने उरोजों और योनि को ढकती, शोभित उससे बोला-अपने दोनों हाथ ऊपर उठाओ और धीरे धीरे चलती हुई मेरे नज़दीक आओ."

पल्ल्वी ने शर्म के मारे अपनी ऑंखें बंद कर लीं और वह शोभित के नज़दीक आकर खड़ी हो गयी. शोभित ने उसे अपनी टांगों के बीच में खड़ा करके उसके निर्वस्त्र बदन को चरों तरफ से खूब जी भरकर दबाया सहलाया और चूमा और फिर उससे बोला-" चलो अब नीचे बैठकर मेरा लण्ड चूसो."

काफी देर लण्ड चुसवाने के बाद शोभित ने पल्ल्वी को वह पेन ड्राइव वाला लिफाफा तो दे दिया लेकिन पल्ल्वी को यह नहीं बताया कि जो आज उसने पल्ल्वी के साथ दुष्कर्म किया है, उसका वीडियो भी वह सीक्रेट कैमरे से बना रहा है.

इसके बाद यह वीडियो ख़त्म हो गयी और रश्मि अपने माथे पर हाथ रखकर सोचने लगी-" यह कैसे भाई बहन है -कैसी अय्याश फैमिली है."

रश्मि ने इस पेन ड्राइव के कुल दस मिनट के वीडियो को अपने मोबाइल में भी ट्रांसफर कर लिया और पेन ड्राइव को अपने पास संभालकर रख लिया.

शेष अगले भाग में....
 
PART-30

रश्मि अब अपने कमरे में से पल्ल्वी के सामान को अलग करके इकठ्ठा कर रही थी, जिसे वह अर्जुन के हाथों ऊपर कमरे में भेजना चाहती थी.

अर्जुन कुछ ही देर में रश्मि के पास आया और बोला-" मेम साब दोनों कमरों की अच्छी तरह से सफाई कर दी है मैंने. आपकी अलमारी में से यह सब सामान उठाकर मैं ले आया हूँ."

रश्मि ने उससे अपना सामान कमरे में रखवा लिया और पल्ल्वी का जो सामान उसने निकाल कर रखा था, उसकी तरफ इशारा करती हुई अर्जुन से बोली-" यह सारा सामान ऊपर वाले कमरे में रख आओ."

यह सब करते कराते दोपहर के बारह बज गए थे. अर्जुन फिर से रश्मि के पास आ गया और बोला- " मेम साब अब सब सामान सेट कर दिया है. अब और क्या हुक्म है.मेरे लिए."

रश्मि को भी कुछ समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या किया जाए. उसने अर्जुन से कहा-" अपना मोबाइल मुझे दे और यहां नीचे बैठकर मेरे पैरों को दबा."

रश्मि सोफे पर बैठकर अर्जुन के मोबाइल में गैलरी में जाकर वीडियो और फोटो देखने लगी और अर्जुन वहीं फर्श पर बैठा उसके पैरों को दबाने लगा.

अर्जुन ने मोहित और शोभित को पेलते हुए कई वीडियो बनायी थीं. रश्मि ने उन्हें अर्जुन के मोबाइल से डिलीट नहीं किया लेकिन उन्हें अपने मोबाइल में भी ट्रांसफर कर लिया. एक वीडियो में मोहित अर्जुन को यह ऑफर दे रहा था कि वह पल्ल्वी के साथ अर्जुन के रोजाना मज़े करवा सकता है. इस वीडियो को भी रश्मि ने अपने फ़ोन में ट्रांसफर कर लिया.

कुछ देर बाद रश्मि ने अर्जुन को उठने के लिए कहा और उसका मोबाइल उसे वापस देते हुए कहा-" यह मोहित और शोभित की वीडियो जो तूने बनाई हैं, इनका तू क्या करेगा ? "

अर्जुन बोला- " मुझे नहीं मालूम. मैंने तो उन्हें डराने धमकाने के लिए ऐसे ही बना ली थीं. आप चाहें तो इन्हे हटा दें या जो चाहें करें. मैं तो सिर्फ आपका सेवक हूँ."

रश्मि हँसते हुए बोली- " हाँ ठीक है, तू मेरी सेवा किये जा-तुझे मेवा जरूर मिलेगी. मैंने तेरे मोबाइल से वीडियो हटाई नहीं हैं, तू चाहे तो इनका इस्तेमाल अपनी मर्ज़ी से जैसे चाहे कर सकता है.. फिलहाल तुम लंच का इंतज़ाम करो. मैं जल्दी ही लंच कर लूंगी. उसके बाद तुम भी कर लेना."

डेढ़ बजे तक रश्मि और अर्जुन दोनों लंच कर चुके थे. रश्मि और अर्जुन दोनों ही आगे के बारे में सोच सोच कर बहुत उत्तेजित हुए जा रहे थे. अर्जुन का लण्ड तो बार बार अपने निक्कर में से निकलकर बाहर आने को मचल सा रहा था.

रश्मि ने अर्जुन को अपने कमरे में बुला लिया और उसे कुर्सी पर बैठने को कहा

अर्जुन कुर्सी पर बैठ गया

रश्मि ने टी वी स्क्रीन ऑन किया और गेस्ट रूम का बटन दबाया. गेस्ट रूम का सीन टी वी पर आ गया लेकिन वहां कुछ नहीं हो रहा था इसलिए कुछ देखने के लिए नहीं था. इसके बाद उसने चेक करने के लिए रश्मि वाले रूम ( जिसमे अब पल्ल्वी को रहना था) का बटन दबाया, वहां भी खाली कमरे का सीन टी वी पर आ गया. अब रश्मि ने अर्जुन के कमरे का भी बटन दबा दिया. दरअसल पल्ल्वी के आने से पहले रश्मि सब कुछ चेक कर रही थी कि कहीं कुछ गड़बड़ हो तो उसे सेट करे. अर्जुन को तो यह पहले ही मालूम पड़ गया था कि उसके कमरे की निगरानी भी इसी कमरे से की जाती है. लेकिन रश्मि की निगरानी से उसे कोई ऐतराज़ नहीं था.

अब रश्मि ने अर्जुन के निक्कर में बने टेंट को देखकर उसे छेड़ते हुए कहा-" तू क्या क्या ख़याली पुलाव बना रहा है ? थोड़ा काबू में रख अपने आप को. तेरी पल्ल्वी मेम साब आने वाली है आज शाम को."

अर्जुन शर्माते हुए बोला- " कुछ नहीं मेम साब. मेरे लिए तो आप ही मेम साब हैं. पल्ल्वी सिर्फ पल्ल्वी है और इससे ज्यादा कुछ नहीं."

रश्मि खुश होते हुए बोली- " चल इसी बात पर तुझे एक बढ़िया सी रियल पोर्न फिल्म दिखा रही हूँ. फिल्म की हीरोइन पल्ल्वी और हीरो मेरे विमल भैया हैं."

यह कहने के साथ रश्मि ने जिस पेन ड्राइव पर " हनीमून" लिखा था, उसे टी वी स्क्रीन में लगा दिया और अगले ही पल वीडियो चलना शुरू हो गया.

पल्ल्वी और विमल भैया होटल के एक कमरे में थे

विमल भैया पल्ल्वी से कह रहे थे- " तुम्हे मालूम है कि शादी होने के तुरंत बाद पति पत्नी हनीमून पर क्यों आते हैं ? "

पल्ल्वी बोली- " मौज मस्ती करने और क्या."

विमल बोला- " नहीं. हनीमून का मतलब होता है कि पति अपनी पत्नी की ट्रेनिंग करे कि उसे आगे लाइफ में अपने पति को किस तरह खुश रखना है."

पल्ल्वी हंसकर बोली - " तो फिर शुरू करो ट्रेनिंग."

इसके बाद विमल खुद वहां एक सोफे पर बैठ गया और उसने पल्ल्वी से कहा-" अब तुम यहां मेरे पास खड़ी हो जाओ ताकि तुम्हारी ट्रेनिंग शुरू कर सकूं."

पल्ल्वी अभी भी कुछ नहीं समझ पा रही थी कि यह क्या मजाक चल रहा है. वह सोफे पर बैठे विमल के सामने खड़ी हो गयी. विमल एक टी शर्ट और निक्कर पहने हुए था और पल्ल्वी शिफॉन की एक साड़ी पहने हुए थी जो उसके सुडौल बदन पर एकदम चिपक सी गयी थी.

विमल ने पल्ल्वी से कहा- " अभी एक गाना मैं मोबाइल पर बजाऊंगा. उस गाने पर तुम्हे थिरक थिरक कर उसी तरह नाचना है जिस तरह से फिल्म में इस गाने पर हीरोइन नाची थी. ठीक से नाचोगी तो इस पहले लेसन में तुम पास हो जाओगी वरना तुम्हे ट्रेनिंग देकर नाचना सिखाना पड़ेगा."

विमल का लण्ड निक्कर के अंदर एकदम तनकर खड़ा हो गया था और उसे वह अपने हाथ से लगातार सहलाये जा रहा था.

उसी समय उसने अपने मोबाइल पर यूं ट्यूब खोलकर उसे होटल के कमरे में लगे स्मार्ट टी वी स्क्रीन से कनेक्ट कर दिया और अब यूं ट्यूब पर गाना टी वी पर आने लगा

गाना फिल्म डर्टी पिक्चर से था- "चुटकी जो तूने काटी है यहां वहां- ऊ लाला ऊ लाला..."

टी वी स्क्रीन पर विद्या बालन नाच रही थी और होटल के कमरे में विमल के सामने पल्ल्वी नाच रही थी.

विमल भी सोफे से उठकर खड़ा हो गया था और बीच बीच में पल्ल्वी के बदन से उसी तरह छेड़छाड़ कर रहा था जिस तरह से फिल्म में हीरो कर रहा था.

गाना ख़त्म हुआ और विमल बोला-" चलो इस लेसन में तो तुम पास हो गयीं. अभी ऐसे कई लेसन बाकी हैं."

अब विमल पल्ल्वी से बोला- " अब दूसरा लेसन शुरू होता है. इसमें तुम्हे पति की हर बात बिना किसी सवाल किये माननी होती है यह मानकर कि पति ही परमेश्वर है और जो उसका हुक्म है उसे हर हालत में मानना ही पत्नी का परम कर्तव्य है.अब तुम ऐसा करो कि एक एक करके अपने सारे कपडे उतारो और एकदम निर्वस्त्र हो जाओ."

पल्ल्वी तो पहले भी कई बार अपने भाईओं के सामने ही अपने सारे कपडे उतार चुकी थी इसलिए उसने फटाफट अपने सारे कपडे उतार दिए और अपने हाथ खुद ही ऊपर करके खड़ी हो गयी..

विमल ने तो कभी कल्पना ही नहीं की थी कि पल्ल्वी एक ही बार में अपने सारे कपडे उतार कर इस तरह से अपने हाथ ऊपर करके सेक्सी पोज में खड़ी हो जाएगी. उसका लण्ड अब बेकाबू हुआ जा रहा था.

रश्मि ने चुपके से अर्जुन की तरफ देखा. उसकी हालत भी बहुत ख़राब हुई जा रही थी और उसका लण्ड एकदम निक्कर से बाहर निकलने को बेताब था.

रश्मि ने अपने पैरों को अर्जुन की टांगों के ऊपर फैलाकर रखा और अपने एक पैर को उसके तने हुए लण्ड पर निक्कर के ऊपर से ही घुमाने लगी.

अर्जुन चुपचाप रश्मि की इस छेड़खानी का मज़ा लेता रहा और टी वी की तरफ देखता रहा.

अब विमल ने एक और गाना चला दिया -" अंग लगा दे रे मोहे रंग लगा दे रे"

गाना चलाने के बाद विमल बोला-"अब इस गाने पर थिरक थिरक कर नाचो."

पल्ल्वी जो एकदम नंगी खड़ी थी इस गाने पर थिरक थिरक कर नाचने लगी. वह सोफे पर बैठे हुए विमल के एकदम नज़दीक आकर खड़ी हो गयी थी और अपने नंगे बदन को गाने में दिए स्टेप्स के मुताबिक विमल के बदन से रगड़ने का प्रयास कर रही थी जिसकी वजह से विमल का सब्र एकदम जबाब दे गया और उसने गाना बीच में ही रोककर कुसुम को अपने घुटनों के बीच बिठा लिया और अपने निक्कर में से तने हुए लण्ड को उसके आगे करते हुए आर्डर दिया-" इसे अपने मुंह में लेकर इस पर अपनी जीभ फिरा फिराकर इसकी सेवा करो. यह तुम्हारा आज का तीसरा लेसन है. कुछ ही देर में इसके अंदर से जो जूस निकलेगा उसे भी तुम्हे जमीन पर एक भी बूँद गिराए बिना पी जाना है.कहीं भी गलती नहीं होनी चाहिए."

पल्ल्वी तो इस काम में एक्सपर्ट थी. उसने बिना किसी झिझक के विमल के लण्ड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और उसके सारे वीर्य रस को भी पी गयी. पल्ल्वी जिस तरह से एक सेक्स स्लेव की तरह विमल की हर बात को मानती चली जा रही थी, उससे विमल की हिम्मत तो अब बढ़ती ही जा रही थी.

वह कुछ इस तरह का लेसन पल्ल्वी के लिए सोचने लगा जिसे पल्ल्वी न माने और वह पल्ल्वी को उसके लिए सजा देकर उसकी ट्रेनिंग को आगे बढ़ाये लेकिन पल्ल्वी तो शायद कोई मौका ही विमल को नहीं दे रही थी.

शेष अगले भाग में....
 
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