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भाभी का बदला

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सुबह 8:00 बजे मेरी आँखे खुली तो मैं बेड पर फिर से पड़ी-पड़ी सोचने लगी।

करीब 9:00 बजे भाभी मेरे रूम में आई और मुझसे बोली-“तैयार हो जाओ, मार्केट चलना है समान लेने…”

मैं बोली-ठीक है और मैं तैयार हो गई। फिर हम बाजार में आ गये। हमने पहले नाश्ता किया।

उसके बाद भाभी के साथ रात की पार्टी के लिए कुछ समान खरीदा और दिन में एक बजे हम राज के घर आ गये। हमने कुछ देर आराम किया, और 4:00 बजे राज के घर पर नॉक हुई। राज ने दरवाजा खोला तो सामने एक जीन्स टाप में लड़की खड़ी थी, जिसकी उम्र कोई 27-28 साल होगी, अंदर आई और हमारा परिचय करवाया गया।

उसका नाम मुश्कान था जो एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी। फिर उसने मुझे अपने साथ चलने को कहा, तो मैं और भाभी उस लड़की के साथ चले गये। राज हमें खुद उस लड़की के घर लेकर गया और हमें वहां छोड़कर अपने घर आ गया था। उसने पहले भाभी को और फिर मुझे अंदर बुलाया। मैं अंदर गई।

तो वो भाभी की वैक्सिंग कर रही थी और भाभी बस ब्रा पैंटी में थी। उसने भाभी की बॉडी को ऐसा चमका दिया था कि भाभी के शरीर पर कोई बाल नहीं था। उसने अच्छे से सॉफ किया था। बाद में मुझे भी उसने ब्रा पैंटी में किया और मेरी वैक्सिंग की और मेरी झांटों को सॉफ कर दिया। करीब 7:00 बजे तक उसने मुझे और भाभी के तैयार कर दिया, जैसे आज बर्थ-डे राज का नहीं मेरा और भाभी का हो।

उसके बाद भाभी ने अपने कपड़े निकाले जो रात की पार्टी के लिए थे। उसने सबसे पहले एक कप वाली ब्रा पैंटी का सेट निकाला, जो ब्लैक था और पहन लिया। मैं भाभी को देखती रही और सोचती रही कि साली रंडी, तूने कहां फँसा दिया मुझे? उसकी पैंटी नेट वाली थी, सारे चूत ड़ दिखाई दे रहे थे, और चुचियाँ भी दिखाई दे रही थीं, बस चूत के ऊपर छोटा सा कपड़ा लगा था। फिर भाभी ने एक साइड टाप पहना और नीचे से घुटनों तक की ब्लैक स्कर्ट पहन ली और नीचे से हाई हील के सैंडल पहन लिए और अपने बालों को खुला रखा था। मेरी भाभी एक रंडी पॉर्नस्टार लग रही थी।

उसके बाद भाभी ने मुझे भी एक कपड़ों का सेट दिया और बोली-“पायल ये पहन लो…”

मैंने उस सेट को खोला तो देखा की मेरे लिए भी भाभी ने खुद के जैसे कपड़े लिए थे। जिसमें से लाइट पिंक ब्रा कप और नेट वाली पैंटी को पहना दिया और उसके बाद मुझे उसने रेड टाप और ब्लू स्कर्ट पहना दी। मैं मेरी भाभी के जैसे किसी रंडी की तरह दिख रही थी। फिर मुझे नीचे से हाई हील पहना दिया, और मुश्कान ने राज को काल किया और बोला-“राज तुम इनको लेकर जा सकते हो…”

राज करीब 7:00 बजे हमें लेने आया। हम उसके साथ चले गये। मैं और भाभी राज के घर चले गये। वहां जाकर देखा तो राज के घर में कुछ दोस्त आ चुके थे।

हम सबसे मिले एक दूसरे से परिचय किया। उस पार्टी में राज के कुल 8 दोस्त थे, जो सभी लगबग 25 साल से ऊपर के होंगे, और हम सबको मिलकर कुल 11 लोग पार्टी में थे। 7:30 बजे पार्टी शुरू की गई और उस पार्टी में कुल 5 फ़ीमेल मेंबर थीं, जिसमें मैं, मेरी भाभी और 3 लड़कियां और थीं, बाकी 6 पुरुष थे। उसके बाद पार्टी शुरू हुई। सबसे पहले राज ने केक काटा और रजनी भाभी को खिलाया, और फिर मुझे खिलाया, फिर उसने सबको अपने हाथों से केक खिलाया। सबने राज को बधाई दी और गिफ्ट दिए।

फिर शुरू हुई उनकी असली पार्टी। राज ने केक को हटा दिया और वाइन की बोतल रख दी, और सब मिलके ड्रिंक करने लगे। म्यूजिक ओन किया और सब डान्स करने लगे। मैं भी पार्टी को एंजाय कर रही थी। सब एक साथ डान्स कर रहे थे, और ड्रिंक कर रहे थे। उसके 5 के 5 दोस्त मिलकर उन 3 लड़कियों के साथ डान्स कर रहे थे। डान्स के नाम पर वो लोग उनके जिस्म का मजा ले रहे थे, कोई चुची दबा रहा था, कोई गाण्ड सहला रहा था।

फिर मुझे भी डान्स में शामिल कर लिया गया और मेरे साथ भी वही काम हुआ, कोई मेरी चूत को छेड़ रहा था, तो कोई मेरी गाण्ड को सहला देता। फिर हम 11 के 11 लोग नशे में ऐसे ही डान्स करने लगे, तो और सब एक दूसरे के मजे ले रहे थे। उधर ड्रिंक पर ड्रिंक की जा रही थी और लड़कियों के जिस्म का मजा लिया जा रहा था, लड़कियां भी पूरा साथ दे रही थीं।

पर मुझे थोड़ा अजीब अजीब लग रहा था। फिर अचानक के राज के एक दोस्त ने मुझे अपनी बाहों में ले लिया और मेरे होंठों को मुँह में लेकर चूस ने लगा। मैं उसकी बाहों में छटपटाने लगी। पर म्यूजिक की आवाज में और नशे में कोई ध्यान नहीं दे रहा था। उसने जोर से मेरी चुची को मसल दिया और मुझे छोड़ दिया। ये सब इतनी जल्दी हुआ की मैं बस होश में नहीं आ सकी, उससे पहले तो मेरे साथ ऐसा हो गया। मैं साइड में जाकर सोफे पर बैठ गई और सोचने लगी कौन था?

तभी राज मेरे पास आया और मुझे बीयर से भरा गिलास दिया, पिला दिया, और मुझे फिर से डान्स के लिए ले आया। मैं उनके साथ फिर से डान्स करने लगी, दो घंटे तक ऐसे ही पार्टी चलती रही, और सब लोग एक दूसरे के जिस्मों के मजे ले रहे थे। यहां तक की राज ने भी मेरे जिस्म का खूब मजा लिया।

फिर राज ने सभी को खने के लिए बोला। सबने खाना खाया और एक-एक करके अपने-अपने घरों की तरफ जाने लगे। रात 11:00 बजे तक सभी लोग जा चुके थे। मैं सोफे पर बैठी हुई थी, खाना खा चुकी थी। फिर राज और भाभी ने घर की सॉफ सफाई की और दोनों ने खाना खाया। फिर हम बैठकर बातें करने लगे। नशे में होने के कारण मुझे नींद भी आ रही थी, पर भाभी और राज ने मुझे वहीं बैठा लिया था, तो मैं बैठी हुई उनसे बातें कर रही थी। मैं इतनी ज्यादा नशे में थी कि मैं सही से बैठ भी नहीं पा रही थी, और ना ठीक से खड़ी हो पा रही थी।

फिर भाभी ने मुझे सहारा दिया और राज के बेडरूम में ले जाकर उसके बेडरूम में लेटा दिया। ये कमरा मैंने आज देखा था। मैंने अंदर जाने के बाद देखा कि सामने की दीवार पर एक बड़ा सा एल॰सी॰डी॰ टीवी लगा है और उसके बाद दो सोफासेट लगे हैं, उनके बीच में टेबल लगी हुई है, एक तरफ डबल बेड लगा है, खिड़की में ऐसी फिट था, जिसको भाभी ने ओन कर दिया और मुझे बेड पर लेटा दिया और खुद बाहर चली गई।

उसके बाद भाभी और राज कुछ देर बाद आए। मैं बेड पर बेसुध पड़ी हुई थी। ड्रिंक ज्यादा होने ने कारण शरीर में बेचैनी हो रही थी और मैं बेड पर इधर-उधर करवटें ले रही थी। उसके बाद भाभी आई, तो मैंने उनको ठंडा पानी देने के लिए बोला।

उन्होंने मुझे पानी पिलाया और बाथरूम ले जाकर मुझे उल्टियाँ करने को बोला। पर मैंने कोशिस की तो उल्टियाँ नहीं आईं। फिर भाभी ने मेरे सारे कपड़े खोल दिए और मुझे नहाने के लिए बोला। मैं शावर के नीचे खड़ी हो गई और जैसे-जैसे ठंडा पानी मेरे शरीर पर गिर रहा था वैसे-वैसे मेरा नशा भी उतरने लगा। मैं करीब 20 मिनट तक ऐसे ही खड़ी नहाती रही।

बाथरूम का दरवाजा खुला हुआ था, और मैं अंदर पूरी नंगी थी, नहा रही थी। मुझे नहीं माल म था की मेरे नहाने का वीडियो बनाया जा रहा है। मैं नहाने के बाद कुछ होश में आई तो मैंने देखा बाथरूम का दरवाजा खुला था और भाभी मुझे देख रही थी।

मैंने उनसे कपड़े लिए और खुद को सॉफ किया, और अपने कपड़े पहन लिए। मुझे मेरी भाभी ने फिर वही कपड़े दिए थे, जो मैंने पार्टी में पहने थे, और मुझे रूम में ले जाकर चेयर पर बैठा दिया। भाभी ने मुझे फिर से तैयार कर दिया, जैसे मैं पहले थी, जैसे अभी किसी और पार्टी में जाना है। नहाने के कारण काफ़ी हद तक मेरा नशा उतर चुका था।

उसके बाद मैं अब होश में थी और मैं और भाभी बातें बात कर रहे थे। तभी राज भी उसी रूम में आ गया, और हम बैठ गये वहां। फिर से पार्टी की बातें होने लगी। भाभी ने ड्रिंक बहुत कम की थी और राज भी मुझे होश में लग रहा था। फिर उन्होंने मुझसे पूछा की पायल क्या तुम सही हो?

मैं बोली-हाँ, मैं बिल्कुल सही हूँ ।

राज बोला-उतर गया नशा?

मैं शर्मिंदा हो गई, और बोली-“सारी कुछ ज्यादा ही पी ली थी पर इटस ओके नाउ। अभी मैं सही हूँ …”

राज बोला-“रजनी यार, हमने तो पी ही नहीं आज…”

रजनी भाभी बोली-“यार मैंने कौन सा पी है? बस एक बीयर पी थी, पर पायल ने तो आज पूरा पिया है…” कहकर राज और रजनी हँसने लगे।

मैं बोली-“सारी भाभी आगे से नहीं पीउँगी…”

राज बोला-“क्या यार पायल, हमारे साथ पी लेती? इतनी पीने की क्या जरूरत थी, जो होश भी नहीं रहे?”

मैं बोली-सारी राज जी।

राज बोला-अभी तो होश में हो ना? या और पिओगी?

मैं बोली-अभी इक्षा नहीं है पीने की।

राज बोला-ओके, पर हम लोग तो पिएँगे अभी।

मैंने कहा-हाँ, आप लोग पी लो मैं बस आपके साथ बैठ जाती हूँ ।

भाभी बोली-पायल यहां बैठने से काम नहीं चलेगा, अब तुमको कुछकरना होगा।

मैं बोली-क्या करूं मैं अब?

भाभी ने मुझे एक पेन ड्राइव दिया और बोली-ले इसे उसे एल॰सी॰डी॰ में लगा दे।

मैंने लगा दिया और वापस भाभी के पास आकर बैठ गई। भाभी ने उसे ओन किया। ओन करते ही मेरे होश उड़ गये और मैं चकित हो गई, और मैं उसे बंद करने को बढ़ी। पर राज ने मुझे पकड़ लिया।

***** *****

 
सभी दोस्तो का साथ बनाए रखने के लिए धन्यवाद दोस्तो
 
साथ बनाए रखने के लिए धन्यवाद दोस्तो
 
जैसे ही पेन ड्राइव एल॰सी॰डी॰ में लगाया गया, और ओन हुआ मैं एकदम से सन्न हो गई और उसे बंद करने को बढ़ी। लेकिन राज ने मुझे पकड़ लिया और सोफे पे बैठा दिया, अब मैं राज और भाभी के बीच में बैठी थी। मुझे खुद पर इतनी शर्म आ रही थी कि मैं क्या बताऊूँ। दोस्तों एक बार रांड़ भी ये कह दे की तुझसे बड़े कोई रंडी नहीं होगी।

मैं बस नीचे आँखे किए बैठी हुई थी और राज और भाभी बीयर पीते हुए उस वीडियो को देख रहे थे। वो वीडियो मेरा और भाभी का था, जो भाभी ने पहले दिन बनाया था। मैं उस वीडियो में किसी रंडी से कम नहीं लग रही थी। मैं राज और भाभी के जाल में पूरी तरह से फँसी हुई थी, पर अब कर भी क्या सकती थी? वो वीडियो चलता रहा और दोनों मजे लेकर बीयर पीते रहे। रात के 12:00 बज चुके थे। उसके बाद राज और भाभी नशे में थे। मैं बस वहीं बैठी हुई थी। उसके बाद दोनों मुझे देखने लगे।

फिर भाभी खड़ी हुई और राज को खड़ा करके होंठों को चूस ने लगी और फिर उसे छोड़कर मुझे खड़ा किया, मेरे बाल पकड़े और राज से बोली-“राज मेरे राजा, आज का ये तेरा गिफ्ट है, साली को खूब चोदना जी भर के। ये मेरी रंडी ननद है और तेरा बर्थ-डे गिफ्ट है। अपने गिफ्ट को अच्छे से इश्तेमाल करना। आज इसकी चूत और गाण्ड मैं तुम्हें तोहफे में दे रही हूँ …”

ये सब बातें सुनकर मैं पूरी तरह से चकित हो गई और सोचने लगी कि मेरी रंडी भाभी ने मुझे कहां फँसा दिया है और टीवी पर मेरी और भाभी की चुदाई का वीडियो चल रहा रहा था।

उसके बाद राज ने बस हल्की सी मुश्कान दी तो भाभी खड़ी हुई और नशे में लड़खड़ाते हुए राज के सामने आकर खड़ी हो गई। राज भी खड़ा हो गया। दोनों ने एक दूसरे की आँखों में देखा और दोनों के होंठ आपस में चिपक गये। राज भाभी के होंठों को चूस ने लगा और अपने हाथों से भाभी की गाण्ड और कमर को सहलाने लगा।

मैं वहीं सोफे पर बैठी नजारा देख रही थी।

फिर भाभी ने मेरे बाल पकड़े और मुझे खड़ा किया और बोली-“आज से तुम इसकी कुतिया हो, अपने इस मालिक का पूरा खयाल रखना…”

मैं डरी हुई सहमी सी खड़ी हुई थी। भाभी ने मुझे राज के हवाले कर दिया और राज ने मुझे अपनी बाहों में कस लिया, और मेरे होंठों को चूस ने लगा। मैं बस उसकी बाहों में से छूटने की कोशिस कर रह रही थी। राज मेरे होंठों को चूस रहा था और उसके हाथ मेरी गाण्ड को भींच रहे थे।

उसके बाद राज में मुझे छोड़ दिया और खुद सोफे पर बैठ गया, और भाभी को अपने पास खींच लिया। फिर उसके होंठों को चूस ने लगा। मैं वहां चुपचाप खड़ी हुई थी।

भाभी बोली-“साली कुतिया, अपने मालिक को खुश कर…”

राज बोला-“मेरी रंडी बनेगी साली? आज इसकी माँ चोदुन्गा साली की, बहुत मस्त कुतिया है ये तो। रजनी आज इसकी चूत का मजा लूँ गा…” कहकर भाभी की चुची को जोर से दबा दिया।

भाभी-“आऔहछ… राज आराम से, मैं कहीं भागी नहीं जा रही। आज की पूरी रात तुम मुझे जैसे चाहे वैसे चोदो, पर इस रंडी को भी चोदना है आज तुमको, बहुत मस्त चूत है साली की, एकदम लाल और इसकी 32” साइज की मस्त चुचियाँ हैं। रंडी की पिंक निपल है। साली को मस्त होकर चोदो राज आज इस कुतिया को। साली की चीखें निकलनी चाहिए, ताकि मुझे मजा आए…”

राज बोला-“चिंता ना कर मेरी रानी, आज तू भी चीखेगी तो ये भी चीखेगी… साली रंड्डया हो तुम आज मेरी, और मैं तुम्हारा मालिक…”

फिर राज खड़ा हुआ और मेरे पास आकर मुझसे बोला-“साली रंडी, जैसा बोलता हूँ वैसा ही करना, नहीं तो आज की रात तेरी चूत और गाण्ड पर कोई रहम नहीं होगी, और अपने दोस्तों से भी चुदवाऊूँगा तुझे, और सब तेरे जिस्म को नोंच डालेंगे मिलकर। अगर तू चाहती है कि बस तुझे मैं चोदूं तो चुपचाप जो कहता हूँ , वो कर… नहीं तो फिर सबके सामने चुदेगी और तुझे नोंच डालेंगे सबके सब मिलकर और तेरा वीडियो मैं नेट पर डाल दूँगा ।

मैं बस सुन रही थी, और खड़ी हुई थी। भाभी खड़ी हुई और मेरे पास आई और मेरे गाल पर एक जोर से चांटा मारा और बोली-“साली कुतिया, जवाब कौन तेरी माँ देगी?”

मेरी आँखों से आूँस आ गये और मैंने कहा-“जो कहोगे करूंगी, बस आप लोग इसे नेट पर मत डालना प्लीज़्ज़…”

राज ने मुझे अपनी बाहों में लिया और मेरे गालों को चूमने लगा, प्यार से मुझे किस करने लगा और बोला-“क्या रजनी साली, ऐसे भी कोई मारता है? देख साली इसके गाल लाल कर दिए तूने ?”

मैं बस राज की बाहों में थी और राज मुझे चूम रहा था। मुझे चूम ते हुए वो सोफे के पास ले गया और खुद सोफे पर बैठ गया और बोला-“बैठ जा मेरी रंडी तू भी…”

मैं राज के पास सोफे पर बैठ गई।

भाभी बोली-“साली यहां आ हमारे बीच में, और नीचे बैठ साली कुतिया…”

और मैं जाकर नीचे बैठ गई।

उसके बाद दोनों ने टेबल पर से बीयर ली और पीने लगे। फिर राज ने मुझे पकड़ा और अपनी बीयर की बोतल से मुझे पिलाने लगे। मैं नहीं पीना चाहती थी और मैंने मुँह हटा लिया। राज ने मुझे छोड़ दिया और मेरे गाल पर इस बार राज ने चांटा मारा।

मैं रो पड़ी।

राज बोला-“साली नखरे करती है माँ की लौड़ी, पार्टी में तो पी रही थी…”

मैं बोली-“प्लीज़… मुझे उल्टी आ जाएगी…”

राज बोला-“साली पी चुपचाप…”

और मैं पीने लगी, मैंने 2-3 घूँट पिये।

और फिर राज हँसने लगा और बोला-“साली रंडी है तू आज मेरी, और आज तू वो करेगी जो मैं कहूँ गा…” कहकर राज ने बीयर पीनी शुरू कर दी।

वो पूरा नशे में था। उसने मुझे बोला-“रंडी खड़ी हो…”

मैं फट से खड़ी हो गई।

राज बोला-जा बाहर से केक लेकर आ।

मैं बाहर गई और केक लेकर आ गई। राज अंदर भाभी को किस कर रहा था। मैं केक लेकर आई और टेबल पर रख दिया। राज ने भाभी को छोड़ा और खड़ा हुआ, और मुझे होंठों पर किस करने लगा।

मैं खड़ी हुई बस उसका साथ दे रही थी। फिर राज ने मेरी गाण्ड को जोर से भींचा और छोड़ दिया। फिर भाभी को खड़ा किया और बेड पर ले गया और मुझे भी बुला लिया। मैं वहां जाकर खड़ी हो गई।

राज ने भाभी को बोला-रजनी मेरी रंडी, साली आज तूने बहुत अच्छा गिफ्ट दिया है। अब इसको इश्तेमाल करने का समय आ गया है, कहकर राज ने मुझे बेड पर धक्का दिया, मेरे ऊपर खुद लेट गया और मुझे किसी जंगली कुत्ते की जैसे किस करने लगा। वो नशे में पूरा टुन्न था।

वो मेरे लाल गुलाबी होंठों चूस रहा था और मेरे 32” साइज की चुचियों को टाप के ऊपर से ही मसल रहा था। मैं बस बेड पर पड़ी हुई थी। उसने मेरे होंठों को काटना शुरू कर दिया। वो मुझे पूरी तरह से रगड़ रहा था। उसके बाद उसने भाभी को बेड पर लेटा लिया। अब राज कभी मुझे, तो कभी भाभी को किस कर रहा था। हम दोनों किसी किसी कुतिया या रंडी के जैसे बेड पर पड़ी हुई थीं।

उसके बाद राज ने करीब हमें ऐसे 20 मिनट तक चूसा और हमारी चुचियों को रगड़ा और और मुझे बेड से थोड़ा सा उठाकर मेरा टाप निकालकर फैंक दिया। फिर भाभी का टाप निकल दिया। और फिर मुझे अपने और भाभी के बीच में लेटा लिया और किस करने लगा।

 
अब दोनों मुझे किस कर रहे रहे थे। राज तो मुझे कुत्ते के जैसे काट रहा रहा था और अपने दांतों से मेरे कंधे के पास और चुची के आसपास निशान बना दिए थे।

उसके दांतों के निशान मेरे गोरे चिकने शरीर पर सॉफ दिखाई दे रहे थे, मुझे दर्द भी हो रहा था, और मेरी चूत भी गीली होने लगी थी। राज ने मेरी स्कर्ट में हाथ डाला और मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चूत से खेलने लगा। मैं उसके हाथों के स्पर्श से गीली हो रही थी और मेरी चूत पानी निकालने लगी थी।

उसके बाद राज ने मेरे पेट पर किस की और भाभी मेरे होंठों को चूस रही थी। धीरे-धीरे राज नीचे की तरफ बढ़ने लगा और फिर उसने मेरी स्कर्ट को खोल कर निकाल दिया। अब मैं बस अब ब्रा-पैंटी में थी, मेरा पूरा गोरा बदन दिख रहा था। राज मेरी गोरी चिकनी जांघों को देखते ही मुझ पर टूट पड़ा और मेरी जांघों को किस करने लगा, और चाटने लगा जैसे कोई कुत्ता चाट रहा हो। फिर उसके बाद वो मेरी जांघों को काटने लगा और दाँत गाड़ने लगा।

मेरे मुँह से अपने आप ही सिसकारियां निकलने लगीं-“ओह्ह… राज प्लीज़्ज़ आअह्ह…”

भाभी ने मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल दी और मुझसे चुसवाने लगी। मैंने भाभी की चुची को पकड़ लिया और दबाने लगी, और मैं वासना में इतनी डूब चुकी थी कि सब कुछ भूल कर मजा लेने लगी थी। उसके बाद राज मेरी चूत को किस करने लगा और कभी-कभी वो मेरी चूत को अपनी जीभ से पैंटी के ऊपर से ही छेड़ रहा था। मेरी पैंटी भी गीली हो चुकी थी। मैं बस मजा ले रही थी और राज मेरे जिस्म का पूरा मजा ले रहा था। आज मैं पूरी तरह से एक रंडी बनी हुई थी, मुझे बिल्कुल भी शर्म नहीं आ रही थी। मैं भाभी की चुची को मसलने में लगी हुई थी।

फिर भाभी ने मेरी ब्रा को खोल दिया और मेरी 32” साइज की चुचियों को आजाद कर दिया। मेरी चुचियाँ बिल्कुल टाइट थीं। फिर भाभी मेरी एक चुची को मुँह में लेकर चूस ने लगी और काटने लगी, और नीचे से राज ने मेरी पैंटी को निकाल दिया और मेरी टांगे चौड़ी करके मेरी चूत को देखने लगा।

मैं बस सिसकारने लगी-“ओह्ह… भाभी चूसो मेरी चुची …”

राज ने बिना देरी किए मेरी चूत के ऊपर अपना मुँह टिका दिया।

उसकी गरम जुबान का एहसास होते ही मेरी चूत ने अपना कामरस बाहर फैंक दिया और मैं चीख पड़ी-“अह्ह… राज मैं गई…”

फिर राज ने मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया, चाट-चाट के मेरी चूत का सारा रस सॉफ कर दिया। पर शायद राज को मेरा झड़ना बुरा लगा, क्योंकी वो ज्यादा देर तक मेरी चूत को नहीं चाट पाया था। उसने मेरी भाभी को मेरे ऊपर से हटा दिया और मुझे खड़ी होने को बोला। मैं खड़ी हुई, मैं पूरी तरह से नंगी थी और झड़ने के कारण मेरे शरीर में इतनी जान नहीं थी की मैं सही से खड़ी हो सकूँ ।

पर राज पर तो पूरी हवस चढ़ी हुई थी। राज ने मुझे जल्दी खड़ी होने को बोला। जैसे ही मैं खड़ी हुई तो उसने मेरे बाल पकड़े और सही से खड़ा किया और बोला-साली, माँ की लौड़ी, हरामी रंडी कुतिया झड़ गई…” कहकर मेरी चुची पर जोर से चांटा मारा।

मैं चीख पड़ी-“ओह्ह… माँ ऽ राज प्लीज़्ज़ नहीं…”

राज-साली चुप रंडी भोसड़ी की कुतिया, तेरी चूत की आग आज मैं शांत करूंगा…” और फिर उसने मेरी चुचियों पर जोर-जोर से चांटे मारने शुरू कर दिए चटाक-चटाक एक के बाद एक दोनों चुचियों पर चटाक-चटाक की आवाजें कमरे में गूँज रही थीं।

मैं चीखने लगी-“राज प्लीज़्ज़ छोड़ दो मुझे, नहीं प्लीज़्ज़ राज…”

राज ने 15-20 चांटों में चुचियों को लाल कर दिया और फिर फट से मेरी चूत में अपनी 3 उंगलियाँ घुसा दी। मैं इस झटके के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी। मेरी चुचियों में दर्द हो रहा था और ऊपर से राज की 3 अूँगुलिया मेरी चूत में घुस चुकी थीं।

मैं जोर से चीखी-“ओह्ह… माँ ऽ राज प्लीज़्ज़ नहीं… भाभी मुझे बचाओ राज से…”

राज ने अूँगुलिया अंदर बाहर करनी शुरू कर दी और मैं कुछ देर तक चीखती रही, मैं अपने हाथों से उसको रोकने की कोशिस करती रही।

पर मेरी रंडी भाभी खड़ी हुई, और बोली-“साली बहन की लौड़ी ने मेरे दोनों हाथ पीछे से पकड़ लिए और राज अब पूरा स्पीड में मेरी चूत में अूँगुलिया अंदर बाहर कर रहा था।

मैं बस चीख चिल्ला रही थी-“राज प्लीज़्ज़… नहीं, छोड़ दो आआह्ह… माँ स्प्लज़्ज़…”

करीब 5 मिनट तक राज ऐसे ही मेरी चूत को चोदता रहा और मुझे गालियाँ देता रहा और भाभी भी मेरा पूरा मजा ले रही थी। उसके बाद राज ने मेरी चूत से उंगली निकाल ली और मुझे छोड़ दिया, और भाभी को लेकर बेड पर लेट गया।

और मैं वहीं पड़ गई। मैं फर्श पर नंगी पड़ी हुई थी। भाभी और राज बेड पर अपनी कामलीला कर रहे थे। राज ने भाभी को नंगा कर दिया। मेरी भाभी किसी रंडी के जैसे राज के साथ मजा ले रही थी। राज ने मेरी भाभी की चुचियों को चूस ना शुरू कर दिया और अपने हाथों से भाभी की चूत को सहलाने लगा। उसके बाद करीब 5 मिनट तक चुचियों को चूस ने के बाद राज ने भाभी की चूत पर अपना मुँह टिका दिया और उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया।

भाभी सिसकारने लगी-“ओह्ह… राज मेरे राजा, चाट आआअह्ह… मुँह और अंदर तक घुसा अपनी जीभब आआऽऽ मेरे चोद कुत्ते चाट मेरी चूत को… और चाट, पी जा इसका पानी… मेरे राजा चाट मेरी चूत को…”

राज-“हाँ मेरी रंडी रानी, साली भोसड़ी की क्या माल है तेरी चूत । हाँ मेरी कुतिया साली, आज तेरी ननद और तुझे चोद-चोदकर अपनी रंडियाँ बना लूँ गा ओह्ह… मेरी रन्डी, बहन की लौड़ी, ले साली…”

भाभी-“आह्ह… मेरे कुत्ते चाट जोर से साल्ले… चाट अपनी कुतिया की चूत माँ के लौड़े चाट…” और करीब ऐसे ही राज और भाभी एक दूसरे को गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए मजे कर रहे थे।

फिर राज ने भाभी को छोड़ा और मेरे पास आया। मैं अभी तक नीचे पड़ी हुई थी, मेरी चुचियाँ लाल थीं, मैं कंधे के बल पड़ी हुई थी जिससे मेरे चूत ड़ बाहर निक ले हुए थे। राज ने आते ही मुझे देखा और मेरी नंगी गाण्ड के चूतड़ों पर जोर से चांटा मारा। मुझे बहुत तेज लगी और एक ही चांटे में मेरा एक चूतड़ लाल हो गया, और मुँह से चीख निक ली, मैं राज को गुस्से से देखने लगी।

राज बोला-“साली माँ की लौड़ी, खड़ी हो। यहां तू आराम करने नहीं अपनी चूत मरवाने आई है…”

मैं कुछ नहीं बोली, तो राज ने अपनी बेल्ट निकाली। मैं उसकी बेल्ट देखते ही खड़ी हो गई। फिर राज ने भाभी को अपने पास बुलाया और हमको अपने कपड़े खोलने को बोला। मैंने और भाभी ने राज के कपड़े खोलने शुरू कर दिए, हमने उसके कपड़े निकाल दिए।

अब राज सिर्फ़ अंडरवेर में था। उसका अंडरवेअर उसका बड़ा सा लण्ड छुपाने की नाकाम कोशिस कर रहा था। राज ने भाभी को सोफे पर टांगे चौड़ी करके बैठा दिया, भाभी की चूत एकदम लाल थी और पूरी तरह से गीली थी, उसका पानी निकल रहा था। फिर राज ने मेरी अपनी भाभी की चूत पर कुछ केक लगा दिया और अपनी उंगलियों से अंदर तक घुसा दिया, और मुझे भाभी की चूत चाटने को बोला।

मैं भाभी के पास गई और नीचे बैठ गई। मेरे नीचे बैठते ही भाभी ने मेरे बाल पकड़े और बोली-“साली रंडी जल्दी कर, बहन की लौड़ी। मेरी चूत को चाटकर ठंडा कर…” और मेरा मुँह अपनी चूत पर टिका दिया।

मैं भाभी की चूत चाटने लगी और भाभी भी अपनी चूत चटवाई का मजा लेने लगी।

इतनी देर में पीछे से राज ने मेरी गाण्ड को पकड़कर उठा दिया और मुझे कुतिया की तरह कर दिया और पीछे से मेरी चूत पर केक लगाना शुरू कर दिया, और फिर अपनी उंगलियों से अंदर तक लगा दिया। उसकी उंगलियाँ अपनी चूत में जाते ही मैं सिसकार उठी-“ओह्ह… राज प्लीज़्ज़…”

भाभी ने मेरा मुँह अपनी जांघों में कस लिया, मुझे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। राज ने पीछे से मेरी चूत को चौड़ा करके अपना मुँह लगा दिया। उसका मुँह लगते ही मुझे मजा आया। अब मैं भाभी की चूत को और राज मेरी चूत को चाट रहे थे। मैं भाभी की चूत में से केक को निकालकर उनकी चूत के रस के साथ खा रही थी, और राज मेरी चूत रस के साथ केक को खा रहा था और हम मजा ले रहे थे।

मैं एक बार फिर से सातवें आसमान पर थी और मेरी चूत में बहुत तेज खुजली हो रही थी, यानी मैं पूरी तरह से चुदने को तैयार थी।

 
उधर मेरी भाभी अपनी गाण्ड को उठा-उठाकर अपनी चूत को मेरे मुँह पर रगड़ रही थी, और राज पीछे से मेरी चूत को अपनी जीभ घुसा-घुसाकर चाट रहा था। भाभी और मेरी सिसकारी कमरे में गूँज रही थी।

भाभी-“ओह्ह… अह्ह… साली चाट रंडी जोर से उम्म्म्म…म भोसड़ी की खा जा मेरी चूत ओह्ह… रंडी कुतिया छिनाल, चाट जोर से…”

मैं भी बस भाभी की चूत का मजा ले रही थी और मेरी भी सिसकारी निकल रही थी-“ओह्ह… राज मेरे राजा अब चोद दे चूत ऊह्ह… हुम्म… उिफ़्… अह्ह… ओह्ह… रज्जा चाट जोर से, बना दे आज रंडी आह्ह… चाट…”

मैं भाभी की और राज मेरी चूत को चाटे जा रहे थे। तभी मेरी भाभी अकड़ने लगी, वो अपनी जांघों में मुझे भींचने लगी तो मैं समझ गई की साली झड़ने वाली है।

भाभी सिसकी-“बस अह्ह… मेरी रंडी चाट, माँ की लौड़ी, भोसड़ी की, जोर से साली छिनाल्ल्ल कुतिया, माँ कि लौड़ी अह्ह… मैं गई कुतिया…” और उनका ढेर सारा चूत -रस बाहर आ गया और मेरे मुँह को अपनी जांघों में पूरी तरह से दबा लिया।

मैं भाभी की चूत का रस पीने लगी। करीब 5 मिनट तक वो ऐसे मेरा मुँह दबाए सोफे पर बैठी रही। फिर उन्होंने अपनी जांघों को ढीला किया तो मुझे कुछ राहत मिली और मैं हाँफने लगी। भाभी की चूत को मैं चाटने लगी। उनकी चूत के रस से मेरा सारा मुँह गीला हो गया था, जो मेरे गालों पर भी लग गया था, एकदम सफेद चूत का रस था।

***** *****

राज ने मुझे छोड़ दिया और भाभी की चूत के पास आया। भाभी की चूत पर बाकी बचा रस राज ने चाटकर सॉफ कर दिया। फिर राज ने मेरे गालों पर लगे भाभी की चूत रस को चाटकर सॉफ किया और मेरे होंठों को चूस ना शुरू किया और मेरे मुँह में जीभ डालकर भाभी की चूत का रस चाटने लगा। मैं उसके मुँह में जीभ डालकर अपनी चूत का नमकीन और मीठा रस पीने लगी।

भाभी सोफे पर पड़ी हुई हाँफ रही थी। मैं और राज वहीं बैठे हुए एक दूसरे के मुँह से चूत के रस का मजा ले रहे थे।

उसके बाद राज ने मुझे छोड़ दिया और वही बैठकर मुझे बीयर लाने को बोला। मैं खड़ी हुई और नंगी ही उसके लिए उसके फ्रिज से बीयर लेकर आई और उसे दिया।

तो राज बोला-रंडी तू नहीं पियेगी?

मैं बस मुश्कुरा दी और वहीं नीचे राज के साथ बैठकर बोतल से बीयर पीने लगी। जब मैं बीयर पीती तो राज मेरी चुची को पीता, और जब राज बीयर पीता तो मैं उसके सीने पर किस करती। उसके बाद मेरी भाभी भी नीचे आ गई और मैं उन दोनों के बीच में बैठी थी।

हम तीनों एक ही बोताल से बीयर पी रहे थे और एक दूसरे को चूम चाट रहे थे। बीयर की एक बोतल गटकने के बाद मुझे भी अब नशा होना लगा था और मैं राज को अपने ऊपर खींचने लगी।

मेरी भाभी ने मेरे बालों को पकड़ा और खुद मेरे होंठों को चूस ने लगी, और चूस ने के बाद मुझे छोड़कर राज से बोली-“राज मेरे राजा, अब देर ना कर बहुत रात हो गई, अब वो समय आ गया की तू इस रंडी को चोदकर आज इसकी चूत का भोसड़ा बना दे, और अपनी कुतिया बना ले। उसके बाद जब तेरा मन हो इसे चोद लेना…”

राज ने भी हाँ में हाँ मिलाई और बोला-“हाँ मेरी रजनी रंडी, आज तेरी इस ननद की चूत को चोदकर मैं इसको औरत बना दूँगा और आज से ये मेरी नई कुतिया होगी। साली की चूत में बहुत गर्मी है, देख अभी भी पानी छोड़ रही है और चुदने को बेताब है।

मैं पहले से चुदासी थी तो मैं कुछ बोली नहीं। पर राज ने मेरे मन की बात बोल दी। वो बोला-“मेरी कुतिया तैयार है तेरी चूत अब चुदने को?”

मैं बस इतना सा बोली-जी हाँ।

तो मेरी भाभी बोली-साली कुतिया, अपने राजा को बोल की तुझे चोद दे… बोल इसे की अपना लण्ड घुसा दे।

मैं बोली-“मेरे राजा मेरे मालिक अब अपनी इस कुतिया को चोद दो, और फाड़ दो मेरी चूत को, बना दो मुझे आज रंडी…”

राज खुश हो गया और प्यार से मेरा हाथ पकड़कर अपने लण्ड पर रख दिया और बोला-“ले मेरी रंडी इससे खेल अभी…”

तो मैं उसके लण्ड को अंडरवेर के ऊपर से सहलाने लगी और धीरे-धीरे राज के सीने पर किस करती हुई नीचे जाने लगी।

फिर उसके लण्ड को अंडरवेर के ऊपर से ही किस करने लगी और फिर मैंने उसके लण्ड को बाहर निकाल लिया। वैसे मैं राज का लण्ड पहले भी देख चुकी थी, लेकिन आज मुझे और भी बड़ा लग रहा था। जैसे ही मैंने लण्ड को बाहर निकाल तो उसका 8” इंच लंबा मोटा लण्ड मेरी आँखों के सामने था, और मैं उसे फटी आँखों से देख रही थी।

मुझे डर लग रहा था और सोच रही थी की पायल आज तो तेरी चूत को भोसड़ी नहीं, ये लण्ड भोसड़ा बना देगा, मैं मन में सोचने में लगी थी।

तभी राज ने मुझे बोला-“साली बहन की लौड़ी देखेगी ही, या मेरे लण्ड को चूसेगी भी…”

मैं आज पहली बार अपने हाथों में लण्ड लेकर देख रही थी, क्या मस्त लोहे की राड जैसा लण्ड था एकदम टाइट और गरम था। फिर मैंने उसे अपने मुँह के पास किया तो एक अजीब सी महक मेरी सांसों में भरने लगी। फिर राज ने अपने लण्ड को मेरे मुँह में डाल दिया। उसका लाल सुपाड़ा फूल कर इतना मोटा हो चुका था की मेरे मुँह में नहीं जा रहा था, और ऊपर कुछ चिकना सा निकल रहा था, जिसे मैंने अपने मुँह में महसूस किया।

राज बोला-साली कैसा लगा मेरे लण्ड का टेस्ट?

मैं कुछ नहीं बोली। मुझे पहली बार में अच्छा नहीं लगा तो मैंने बाहर निकाल दिया।

भाभी खड़ी हुई और केक का कुछ टुकड़ा राज के सुपाड़े पर लगा दिया और मुझे फिर चूस ने को बोली। मैं फिर चूस ने के लिए मुँह में लेने लगी, और फिर धीरे-धीरे चूस ना शुरू किया। जैसे-जैसे राज के लण्ड से पानी आने लगा तो मुझे उसका लण्ड चूस ने में मजा आने लगा, और मैं उसके लण्ड को चूस ने लगी। राज उसे अंदर तक घुसाने लगा, जिससे मेरी सांसें रुकने लगी, और उधर भाभी ने मेरी चूत पर कब्जा कर लिया और वो मेरी चूत को चाटने लगी।

मैं इतनी गरम हो चुकी थी की मैंने राज के लण्ड को 5 मिनट चूस ने के बाद बाहर निकाल दिया और बोली-“राज प्लीज़… अब घुसा दो अपना…”

भाभी बोली-“साली रंडी तड़प रही है लण्ड के लिए…”

राज बोला-आज इसको अच्छे से तड़पा-तड़पाकर चोदुन्गा साली को…” और राज ने फिर चूस ने को बोला।

मैं बोली-“प्लीज़… पहले मेरी चूत की खुजली मिटा दो…”

राज बोला-नहीं, पहले लण्ड चूस कुतिया…”

मैं इतनी पागल और गरम हो चुकी थी की राज की बात मुझे बुरी लगी। राज मेरी हवस को कुछ नहीं समझ रहा था और मेरी चूत लण्ड के लिए तड़प रही थी और खुद-ब-खुद पानी बहा रही थी। फिर राज ने मेरे मुँह से लण्ड निकाला और बोला-“रजनी कुतिया, चल अब इस साली को आज इसकी औकात दिखाते हैं…”

 
भाभी बोली-“हाँ ठीक है…”

फि र भाभी मुझे बोली-“खड़ी हो रंडी…”

मैं उठी और बोली-बोलो क्या करना है? पर प्लीज़ मुझे लण्ड दे दो।

राज हँसने लगा बोला-साली आज तुझे अपनी रंडी बनाना है मुझे, तो चोदुन्गा ही। लेकिन पहले कुतिया तेरी औकात देख लें क्या है? और उसने मुझे भाभी की चूत को चाटने को बोला।

भाभी खड़ी हुई और सोफे पर बैठ गई और बोली-“ले रंडी, तेरी मालकिन की चूत को चाट…”

मैं जैसे ही चाटने लगी, राज ने मेरे बालों को पकड़ लिया और बोला-“रजनी, अब साली के मुँह पर मूत दे…”

मैं बोली-“नहीं प्लीज़… ऐसा मत करो…”

राज बोला-“लण्ड लेना है तो जो कहता हूँ कर…”

ये सुनकर भाभी खुश हो गई और बोली-“साली कुतिया एक बूँद नीचे नहीं गिरना चाहिए, नहीं तो तेरी खैर नहीं है…”

मैं कुछ नहीं बोली और मुँह खोलकर बैठ गई।

भाभी सोफे से खड़ी हुई, अपनी चूत को मेरे मुँह के पास किया, बोली-“ले रंडी चाटना शुरू कर मेरी चूत को…”

मैंने भाभी की चूत को चाटना शुरू किया तो एक मिनट में ही भाभी ने मूत ना शुरू कर दिया और उसका गरम-गरम मूत मेरे मुँह के अंदर जा रहा था, और मेरे मुँह पर गिर रहा था। मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था, पर मजबूर थी, पीती रही। भाभी अपना मूत मेरे मुँह पर करती रही और मूतने के बाद सोफे पर बैठ गई। मैं उसके मूत से सारी भीग चुकी थी और फर्श पर उसका मूत फैला हुआ था।

राज ने मुझे देखा, और बोला-“क्या रंडी लाई है रजनी यार? आज आज तो तूने मुझे खुश कर दिया है…” कहकर राज ने मेरे होंठों को चूस ना शुरू कर दिया, और भाभी के मूत का मजा लेने लगा।

फिर उसने मुझे वहीं उसके मूत में लेटा दिया और मेरी बॉडी पर से भाभी का मूत चाटने लगा। उसके बाद राज ने मुझे किस की और मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया। उसकी जीभ जैसे ही मेरी चूत में घुसी तो मैं सिसकार पड़ी-“अह्ह… राज प्लीज़्ज़… अब्ब ना तड़पा मेरे मालिक, चोद डाल अपनी कुतिया को…”

राज बोला-हाँ साली, अब तेरी चूत को फाड़ने का समय आ गया है, उसके बाद तेरी गाण्ड भी फाड़नी है…”

फिर राज ने भाभी को बोला-“रजनी इस रंडी के दोनों हाथ पकड़ ले…” कहकर राज ने मेरे दोनों हाथ ऊपर करके भाभी को पकड़ा दिए और बोला-“रजनी, देख साली अब कैसे चीखती है कुतिया?”

रजनी बोली-राज मेरे राजा, आज इसकी चूत को ऐसा चोद की चीखें पूरे मोहल्ले में सुनाई दें।

राज बोला-“हाँ, आज इसका मुँह बंद नहीं करूंगा, बस आज चीखने दे…” फिर राज ने मेरी दोनों टांगों को पकड़ा और चौड़ी कर दी, और मेरी चूत को देखने लगा। पहले उसने मेरी चूत को अच्छे से देखा और फिर अपनी दो उंगलियों से मेरी चूत को चौड़ा किया और उसको किस करी, फिर ढेर सारा थूक मेरी चूत में भर दिया और अपनी चोदने की पोजीशन में आ गया और मेरी दोनों टांगों को हवा में चौड़ी करके उनको अपने कंधों पर टिका लिया।

***** *****

राज ने मेरी दोनों टांगों को हवा में उठाकर अपने लण्ड पर रख लिया और अपना मूसल जैसा लण्ड मेरी चूत पर टिका दिया। उसका लण्ड मेरी चूत पर टिकने के कारण गीला हो गया था। क्योंकी राज ने ढेर सारा थूक मेरी चूत में भर रखा था और ऊपर से मेरी चूत अपना रस बहा रही थी। राज ने अपना लण्ड मेरी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया। उसका लाला सुपाड़ा गीला होकर चमक रहा था, और लण्ड की गमी के कारण मेरी चूत पानी-पानी हो रही थी और बार-बार राज के लण्ड को अंदर लेने की कोशिस कर रही थी।

पर मुझे डर भी था की आज ये लण्ड मेरी छोटी सी चूत का भोसड़ा बना देगा। ऊपर से मैं कुछकर भी नहीं सकती थी। मेरी रंडी रजनी भाभी ने मेरे दोनों हाथ ऊपर साइड करके पकड़ रखे थे।

मैं बस जमीन पर लेटी हुई पड़ी थी और राज के लण्ड का चूत में घुसने का इंतजार कर रही थी और बस पड़ी हुई सिसकार रही थी। जैसे-जैसे राज का लण्ड मेरी चूत पर रगड़ता रहा वैसे-वैसे मेरी चूत लण्ड की गमी से गीली होती जा रही थी और मैं राज से लण्ड घुसाने की भीख मांग रही थी-“प्लीज़्ज़… राज अब घुसा दो मेरे मालिक, फाड़ दे मेरी चूत को रज्जा… गुस्सा दे अपना लण्ड… बना ले आज रंडी मुझे अह्ह… राज प्लीज़्ज़…”

फिर राज ने भाभी को इशारा किया और भाभी ने मेरे दोनों हाथों को कसकर पकड़ लिया और राज ने मेरी कमर को पकड़ा और एक जोरदार झटका मारा। उसका झटका इतना जोरदार था की उसके लण्ड का सुपाड़ा मेरी चूत को फाड़ता हुआ मेरी चूत में आधा घुस गया।

और मैं जोर से चीख पड़ी-“ओह्ह… माँ ऽ नहीं राज बाहर निकाल अपना लण्ड…” और मैं रोने लगी, मेरी आंखों से आँसू आ गये। क्योंकी राज का लण्ड उस प्लास्टिक के लण्ड से मोटा और बड़ा था। उसका आधा लण्ड मेरी चूत में फँसा हुआ था।

राज ने मेरी कमर को छोड़कर अपने हाथों से मेरी चुची को रगड़ना शुरू कर दिया, उनको दबाने लगा और निप्पलो को चूस ना शुरू कर दिया। मेरी चूत में बहुत तेज दर्द हो रहा और मुझे मुझे ऐसा लग रहा जैसे किसी ने मेरी चूत में तलवार डालकर काट दी हो। चूत में उसका लण्ड किसी गरम आग के जैसे लग रहा था। मैं पूरी तरह से दर्द से तड़प रही थी और राज के नीचे से निकलने की कोशिस कर रही थी। पर मेरे हाथ भाभी ने पकड़े थे और राज मेरे ऊपर था, तो मैं कुछ नहीं कर सकती थी। बस राज के नीचे पड़ी हुई थी और राज मेरे जवान जिस्म का पूरा मजा ले रहा था उसका मोटा लंबा लण्ड मेरी चूत में फँसा हुआ था, और राज मेरी चुची को चूस रहा था और बारी-बारी दोनों चुचियों को काट रहा था और मैं चीख रही थी।

 
नये वर्ष की बहुत बहुत शुभकामनाएँ दोस्तो
 
राज पूरा जंगली कुत्ता था। इस समय वो मेरी चीखें सुनना चाहता था। मेरी भाभी मेरी चूत के फटने का मजा ले रही थी, राज का साथ दे रही थी और राज को और बुरी तरह चोदने केलिये उकसा रही थी। उसके बाद भी राज ने मेरे ऊपर कोई रहम नहीं किया और मेरी चूत में अपने लण्ड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया। राज अपने लण्ड से मेरी चूत को चोदने लगा।

मुझे उसके हर झटके में एक दर्द का एहसास हो रहा था। राज मुझे चोदने लगा, मैं नीचे पड़ी हुई बस अपनी चूत में राज का हबसी लण्ड जेल रही थी। मेरी सारी चुदने की इक्षा खतम हो चुकी थी, क्योंकी मेरी चूत में बहुत तेज दर्द हो रहा था, जो मुझसे सहन नहीं हो रहा था।

फिर भी राज और मेरी रंडी भाभी ने मुझे छोड़ा नहीं और मेरी चूत को चोदना जारी रखा। उसके बाद राज ने मेरी चूत से अपने लण्ड को बाहर निकाल लिया और मेरी चूत को देखने लगा, और बोला-“साली क्या टाइट चूत है तेरी? मेरी कुतिया मजा आ गया आज तो, मेरी रंडी पायल तेरी चूत को फाड़कर…”

राज ने फिर मेरी चूत पर ढेर सारा थूक दिया और अपना लण्ड मेरी चूत पर रख दिया और उसे अंदर घुसाने लगा। मुझे लगा उसके लण्ड का लाल सुपाड़ा मेरी चूत के रस और थूक से गीला होने के कारण चूत में आराम से घुस गया, पर इस बार राज शायद मेरी चूत में अपना पूरा लण्ड ठूंसना चाहता था। तो राज ने आधे लण्ड को घुसाकर मेरी चूत की चुदाई शुरू की और मुझे चोदने लगा। मुझे अब कुछ कम दर्द हो रहा था और मेरी चूत भी राज के लण्ड का साथ देने लगी।

पर तभी राज को पता नहीं क्या हुआ कि वो मुझे और दर्द देना चाहता था। उसने मुझे जोर-जोर से मेरी चुची पर चांटे मारने शुरू कर दिए, मेरे चुचों को काटना शुरू कर दिया और अपने लण्ड की स्पीड बढ़ा दी और मुझे चोदने लगा।

मैं बस-“नहीं राजऽऽ प्लीज़्ज़… निकाल लो, छोड़ दोऊ उईई माँ ऽ प्लीज़्ज़…”

राज बोला-“चीखऽऽ साली और कुतिय्या…” कहकर राज ने अपने लण्ड को मेरी चूत में सुपाड़े तक बाहर निकाला और एक जोरदार झटका मेरी चूत में मारा, जिससे राज का पूरा लण्ड मेरी चूत को फाड़ता हुआ सीधे मेरे बच्चेदानी से टकराया और उसका लण्ड मेरी चूत में अंदर तक घुस गया।

मेरी एक जोरदार चीख निक ली-“ओह्ह… माँ ऽ बचा ले इस्स कुत्ते से…” और मेरी चूत में बहुत तेज दर्द हो रहा था, मेरी आँखे बाहर निकल आईं और मैं बेहोश हो गई।

उसके बाद राज कुछ देर तक ऐसे ही मेरे ऊपर पड़ा रहा। पता नहीं कितनी देर बाद मेरे ऊपर मेरी रंडी भाभी ने पानी डाला। जब मैं होश में आई तो राज मेरे ऊपर लेटा हुआ था, उसका मूसल जैसा लण्ड मेरी चूत में था। पर अब मेरी चूत में दर्द कम था शायद मुझे कुछ देर ऐसे ही रखा गया था और मैं होश में आते ही राज से छूटने की कोशिस करने लगी। पर राज ने मुझे अच्छे से पकड़ा हुआ था और मेरी भाभी उस कुत्ते का साथ दे रही थी। मेरे होश में आते ही राज ने मुझे चोदना शुरू कर दिया और अपने लण्ड से मेरी चूत की चुदाई शुरू कर दी

पहले आराम-आराम से मुझे चोद रहा था और मेरे होंठों को, गालों को, गर्दन को चूस रहा था, काट रहा था। मेरा गोरा जिस्म पूरा लाल हो चुका था, जगह-जगह उसके काटने के निशान बन गये थे। फिर राज ने अपनी स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी। उसके बाद राज ने मुझे जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया। और मैं बस नीचे पड़ी-पड़ी उसके लण्ड को झेल रही थी, मेरी चूत में दर्द हो रहा था, उसका मूसल जैसा लण्ड मेरी चूत को फाड़ने में लगा हुआ था,

मुझे दर्द दे रहा था जिसके कारण मेरी चीखें निकल रही थीं-“राजऽ प्लीज़्ज़ बाहर निकाल लो अपना लण्ड ओह्ह… माँ ऽ बचा ले मुझे इस कुत्ते सेा छोड़ो मुझे साल्ल्ले और निकाल ले अह्ह… मार दिया राज प्लीज़्ज़… मेरी चूत को छोड़ दो…”

और राज मुझे चोदने में लगा हुआ था, उसके ऊपर कोई बात का असर नहीं हो रहा था। वो तो मुझे बस चोदने में लगा था। उसके बाद राज ने लौड़ा मेरी चूत से निकाला और फिर एक झटके में घुसा दिया।

मैं चीखी-“ओह्ह… माँ ऽ आज्ज फाड़ दी तेरीऽऽ बेटीई की चूत ओह्ह… माँ …”

राज ने धक्के चालू रखे और फिर राज ने मेरी भाभी को बोला-“साली कुतिया, देख कैसे चीख रही है तेरी कुतिया ननद?”

भाभी बोली-राज मजा आ गया कुतिया की चीखें सुनकर, साली क्या मस्त चीखती है, रंडी साली को चोद आज इसे…”

राज ने मेरी तरफ देखा तो मेरी आँखों में आूँस पड़ा था, मैं रहम की भीख माँग रही थी। पर राज ने अपने लण्ड की स्पीड बढ़ा दी और मुझे दनादन चोदने लगा। करीब 10 मिनट तक मेरी दिन भरी चुदाई होती रही और मैं दर्द से चीखती रही। पर उसके बाद मेरी चूत का लावा फूट पड़ा।

तो राज को पता चल गया, और वो मेरी चूत से लण्ड निकालकर बोला-“देख रंडी का रस निकल गया…” और भाभी को बोला-“ले तेरी कुतिया की चूत का रस आ गया है…”

भाभी ने फट से मेरे हाथ छोड़ दिए और खड़ी होकर मेरी चूत के पास आ गई, और राज मेरे मुँह के पास आ गया। राज का लौड़ा मेरी चूत के रस गीला था, और उसपर बहुत सा सफेद गाढ़ा पानी लगा हुआ था। भाभी ने मेरी चूत पर अपना मुँह लगा दिया और मेरी चूत को चाटने लगी।

मैं झड़ चुकी थी मेरे अंदर कोई विरोध करने की हिम्मत नहीं थी, तो बस निढाल पड़ी थी। भाभी मेरी चूत को चाटकर मेरी चूत का रस पी रही थी,और राज ने अपना लण्ड मेरे मुँह में दे दिया। मैं उसके लण्ड को चूस रही थी। मुझे अब कुछ कुछ आराम मिल रहा था।

फिर भाभी ने मेरी चूत का सारा रस पी लिया और अपना मुँह हटाया तो उसके मुँह और होंठों के पास मेरी चूत का रस लगा हुआ था और राज का लौड़ा मैंने चाटकर सॉफ कर दिया था। राज और भाभी ने एक बार फिर से जगह बदली, यानी राज फिर से मेरी चूत के पास था और अपना लण्ड मेरी चूत पर घिसने लगा और भाभी ने मेरे होंठों को चूस ना शुरू कर दिया और अपने चेहरे से मेरा माल चटवा रही थी।

जिससे मुझे बहुत उत्तेजना होने लगी और इस बार मेरी चूत ज्यादा पानी छोड़ने लगी। राज ने मोका देखते हुए मेरी चूत में फिर से अपना लण्ड घुसा दिया। इस बार दर्द बहुत कम था और मुझे भी अच्छा लगा।

***** *****

 
मैंने भाभी के मुँह से सारा रस चाट लिया और मैं अब बस चुदना चाहती थी, मेरे ऊपर चुदाई की वासना पूरी तरह आ चुकी थी और मैं बस अब मजा लेना चाहती थी, तो मैंने भी राज का साथ देना शुरू कर दिया और राज को उत्तेजित करने लगी।

और उससे बोलने लगी-“अह्ह… ओह्ह… साल्ले घुसा जोर से अह्ह… फाड़ दे कुत्ते साल्ल्ले ओह्ह… भैन की लौड़े ओह्ह… मादरचोद… चोद मुझे साल्ले आअह्ह… ओह्ह… मेरे चोद कुत्ते क्या लौड़ा है भोसड़ी के आह्ह… फाड़ दे आज मेरी चूत , बना ले अपनी रंडी कुतिया ओह्ह… चोद माँ के लौड़े…”

राज भी बोला-“साली कुतिया, ले खा मेरा लौड़ा, रन्डी मा की लौड़ी… क्या रन्डी है आह्ह… बहन की लौड़ी क्या चूत है… साली माँ की लौड़ी छिनाल्ल हरामजादी गस्ती भोसड़ी की आज तेरी चूत का भोसड़ा अह्ह…”

मैं जोर से-“माँ के लौड़े आह्ह… राज्ज्जा बजा मेरी चूत को ओह्ह… जोर-जोर से फाड़ आज साली को… चोद मेरे कुत्ते… हाँ जोर से बजा मेरी चूत को ओह्ह… माँ मजा आ रहा है साल्ले भोसड़ी के हरामी ओह्ह… चोद मेरी चूत को अह्ह… ऊह्ह माँ ऽ कम ओन अह्ह… ओह्ह… राज कम ओन… राज चोद रे जोर से, फाड़ दे आह्ह… कम ओन्न तेज चोदो… चोदो मुझे, बहुत तड़पाती है, चोदो आज पूरी फाड़ दो मेरी चूत को… राज और जोर से चोदो, फाड़ डालो अपनी कुतिया की चूत … ऊओह्ह… आज चोद डालो मेरी चूत को, फाड़ डालो अपनी कुतिया रंडी की चूत को… आज अपनी रंडी की चूत पर रहम मत करो, साली को फाड़ डालो… राज चोदो और जोर से चोदो… पूरा घुसा दो अपना लौड़ा, और फाड़ दो मेरी चूत को… आज अपनी रंडी को चोदो, बना दो आज इसका भोसड़ा… राज चोदो अपनी पायल को और… फाड़ दे… ओह्ह… चोदो और जोरन से तेज अह्ह… कम ओन चोदो… बके जा रही थी और राज मुझे चोदे जा रहा था।

फिर 15 मिनट की चुदाई के बाद मेरी बॉडी अकड़ने लगी और मैं अपनी गाण्ड को जोर-जोर से उठाने लगी तो राज समझ गया की मेरा पानी आने वाला है। राज ने अपनी स्पीड और बढ़ाई और चोदने लगा।

मैं-“और जोर से आमम्म्म… उह्ह… म् म्म्मम… माँ ऽ ऊह्ह… मेर कुत्ते बहनचोद अह्ह… ओह्ह… चोदो और जोर से बहन के लौड़े चोद अब अह्ह… कम ओन और तेज चोदो…”

फिर राज भी गरम था तो राज में भी मुँह खोल दिया और और मेरी चुची पर काटने लगा और चांटे मारने लगा और बोलने लगा साली-“कुतिया रंडी, चूत फाड़ुँगा तेरी आज्ज… तुझे कुतिय्या बना दूँगा बहन की लौड़ी खा मेरे लण्ड को साली हरामी…” और मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी।

फिर राज मुझको चोद रहा की तभी अचानक मैं जोर से चीखने लगी और जोर-जोर से गाण्ड उठाने लगी-“मैं आने वाली हूँ … राज मेरे होने वाला है…” और फिर तेज झटके के साथ मैं चीखने लगी-“ओह्ह… मैं गई रज्जा मैं गई आज्ज चोद भैनचोद जोर से उम्म। और जोर से मार उम्म्म्म… आआऽऽ ह्म् म्म्म… उम्म्म्म… मैं आने वाली हूँ राजा, मेरे कुत्ते राज…” और मैं झड़ गई, फिर चुपचाप पड़ गई।

फिर राज ने भी अपने लण्ड की स्पीड बड़ा दी और वो मेरे पानी की गर्मी सहन नहीं कर पाया और फिर राज भी-“साली कुतिया रंडी, ले खा मेरा लण्ड ओहओ मेरा रस्स आने वाला है…” और मेरी चूत में अपने लण्ड की पिचकारी मार दी, और हर झटके के साथ उसका लण्ड अपना गरम-गरम (रस) मेरी चूत में भर रहा था।

उसका रस इतना गरम था की मेरी चूत में मजा आ गया उसका रस लेकर। फिर राज मेरी ऊपर पड़ गया और उसने अपने लण्ड की आख़िरी बूँद तक मेरी चूत में भर दी। मैं और राज पूरे पसीने में भीगे हुए थे और राज मेरे ऊपर पड़ा हुआ अपने लण्ड का पानी मेरी चूत में भर रहा था। उसके करीब 5 मिनट बाद राज मेरे ऊपर से हटा तो उसका लण्ड अभी भी टाइट था और मेरी चूत से फक की आवाज से निकल गया।

मैं और राज अब नीचे जमीन पर पड़े हुए थे। मेरी चूत से राज का लण्ड निकालते ही भाभी मेरे और राज के पैरों के बीच आ गई और राज के लण्ड पर से मेरी चूत का लगा हुआ रस चाटने लगी, और राज के लण्ड को मुँह में लेकर मजे लेकर चूस ने लगी। उसने राज का लण्ड चूस कर चाटकर सॉफ कर दिया। फिर मेरी टांगों के बीच आकर मेरी चूत को चाटने लगी। मेरी चूत से राज का और मेरा रस बाहर आ रहा था। मेरी भाभी जीभ अंदर घुसा-घुसाकर हमारा मिला जुला रस चाट रही ही और भाभी ने कुछ ही देर में हमारा रस चाटकर सॉफ कर दिया।

उसके बाद भाभी मेरे ऊपर आ गई और मेरे होंठों को चूस ने लगी। उसके होंठों से मुझे चूत और लण्ड के रस का टेस्ट मिल रहा था, तो मैं भी पूरा साथ दे रही थी। फिर भाभी ने मेरे बालों को सहलाते हुए मुझसे पूछा और बोली-“क्यों मेरी कुतिया, मजा आया मेरे यार का लण्ड अपनी चूत में लेकर उससे चुदकर और अपनी चूत का भोसड़ा बनवाकर?”

मैं कुछ नहीं बोली और भाभी को अपनी बाहों में कस लिया और उनके होंठ चूस ने लगी और मुश्कुराने लगी।

मेरी भाभी बोली-“साली रंडी, तू सच में बहुत बड़ी छिनाल है, इतना मोटा लंबा लण्ड लेकर भी मुश्कुरा रही है…” और भाभी ने मुझे हग करके जोरदार किस किया और फिर मुझे छोड़ दिया और जाकर राज से चिपक गई और उसके लण्ड से खेलने लगी।

मेरे अंदर कोई ताकत नहीं थी तो मैं वहीं पड़ी हुई सब देख रही थी और भाभी राज के लण्ड को सहलाने लगी और फिर से उसके लण्ड को तैयार करने लगी, और राज के सीने पर किस करने लगी, और अपनी चुचियों को रगड़ने लगी। फिर धीरे-धीरे वो राज के लण्ड के पास पहुँच गई और अपनी दोनों चुचियों को राज के लण्ड पर रगड़ने लगी।

और मैं बस पड़ी हुई देख रही थी और बहुत ज्यादा थकी थी तो मेरी आँखे अब बंद होने लगी थीं, यानी मुझे नींद आने लगी और मैं सो गई। उसके बाद क्या हुआ मुझे कुछ नहीं पता।

पर सुबह करीब 4:00 बजे मेरी आँखे खुली तो देखा कि राज और भाभी एक दूसरे से चिपके हुए हैं, और सो रहे हैं। मैं खड़ी हुई और सीधे बाथरूम की तरफ गई। वहां जाकर सबसे पहले मैंने अपनी चूत को देखा तो देखकर दंग रह गई, क्योंकी मेरी चूत फट चुकी थी और चौड़ी हो गई थी और सूजी हुई थी और मेरे जिस्म पे कई जगह दांतों के निशान थे।

 
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