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मैं फिर नीचे बैठी, और बाथरूम में और अपनी चूत को चौड़ा करके करके मूतने लगी और मुतते टाइम मेरी चूत से बहुत मीठी आवाज आ रही थी, जो पहले बहुत कम आती थी, आज वो आवाज भी बहुत तेज थी। मैं मूतने लगी और मूतने के बाद मैं वापस राज के रूम में आई और दोनों को देखने लगी।
राज का लण्ड अभी भी अकड़ा हुआ था, यानी कुछ फूला हुआ था। वो शायद बाथरूम के कारण ऐसा दिख रहा था। फिर मैं चुपचाप उसके लण्ड के पास बैठी और अपने हाथों में ले लिया और उसको किस करने लगी और फिर किस करने के बाद मैं राज के बगल में लेट गई।
राज के लण्ड को पकड़कर उसके सुपाड़े को देखने लगी और सोच रही थी कि कोई लड़की इसकी इतनी दीवानी क्यों होती है? कितना मस्त लण्ड है ये, जो दर्द भी देता है और बाद में मजा भी। ऐसे ही सोचते-सोचते मेरी आँखे लग गई, यानी मैं फिर से सो गई। हम तीनों ही पूरे नंगे सोए हुए थे।
उसके बाद सुबह-सुबह मेरी भाभी ने मुझे मेरी गाण्ड पर चांटे मारने शुरू कर दिए और जोर से बोली-“साली रंडी खड़ी हो, देख 6:00 बज गये हैं…”
मैं हड़बड़ाकर उठी और देखा तो राज भी जगा हुआ है और दोनों अभी तक नंगे थे, राज का लण्ड पेशाब भरे होने के कारण फूला हुआ है। मैं खड़ी हुई और उनको देखने लगी।
मुझसे राज बोला-“साली रंडी लगता है तेरी चूत की गर्मी नहीं बुझी …” और खड़ा होकर मेरे पास आया और बोला-“साली मेरा लण्ड पकड़कर सोई है ना… अब देख कैसे टाइट है, इसे ठंडा कौन तेरी माँ करेगी आकर?” और जोर से मेरी चुची को मसल दिया।
मैं एक बार फिर चीख पड़ी-“ओह्ह… माँ ऽ आराम से भोसड़ी के कुत्ते…”
राज ने मुझे छोड़ दिया। फिर भाभी मेरे पास आ गई और मेरे बालों को पकड़ा और मुझसे बोली-“साली रंडी, गाली देती है माँ की लौड़ी, अपने मालिक को भैनचोद कुतिया चुदक्कड़… अभी देख कैसे तेरी माँ को चोदते हैं हम…” और दोनों हँसने लगे।
मैं बोली-“प्लीज़ सुबह-सुबह तो सोने दो, बाद में खूब चोद लेना। अभी मुझे सोना है प्लीज़्ज़ भाभी मुझे सोने दो…”
राज बोला-“साली हरामन छीनाल, तुझे नंगा देखकर कोई बूढ़ा भी तुझे नहीं छोड़ेगा, मैं तो फिर जवान हूँ साली… तेरी जवानी को सारा रस मुझे पीना है और तुझे सोने की लगी है कुतिया…” और मुझे किस करने लगा। उसने मेरे बालों को कसकर पकड़ा था और मेरे होंठों को बेरहमी से चूस ने लगा और काटने लगा और अपने एक हाथ से मेरी चुची को रगड़ने लगा।
जिसके कारण मेरी चुची में जलन होने लगी और मैं कराहने लगी और अपने पैरों को हिलाने लगी। तभी मेरी भाभी ने मेरे पैरों को पकड़ा और मेरी टांगों को चौड़ा दिया और साली कुतिया ने मेरी चूत में दो उंगली घुसा दी और मुझे अपनी उंगलियों से चोदने लगी, और अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटने लगी।
करीब 5 मिनट तक भाभी ने मेरे चुची को रगड़ा और मेरी चूत को चूसा , जिसके कारण मैं फिर से गरम हो गई और भाभी के सिर को अपनी चूत पर दबाने लगी, और उसे अंदर घुसाने लगी, और राज के लण्ड को पकड़कर हिलाने लगी।
उसके बाद राज का लण्ड पूरा टाइट हो गया और राज ने मुझे छोड़कर भाभी को हटा दिया और मेरी चूत में अपने लण्ड को टिका कर रगड़ने लगा। मेरी चूत गीली होने के कारण उसका लण्ड भी गीला हो रहा था। फिर उसने मेरी चूत में एक झटके में अपना सारा लण्ड पेल दिया और मेरे ऊपर आ गया।
मैं पूरी तरह से चुदासी हो चुकी थी और राज के लण्ड को अपनी चूत में लेने लगी। पर राज का इरादा कुछ और था, तो उसने दो चार झटके मारे और लण्ड निकाल लिया और मुझे और भाभी को 69 में लेटा दिया। मैं ऊपर थी और भाभी नीचे थी, हम दोनों एक दूसरे की चूत को चाटने लगे।
तभी राज ने पीछे से मेरी गाण्ड को पकड़ा और अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया और झटके देने लगा। उसके लण्ड को मैं मजे से चूत में लेने लगी। राज ने फिर मेरी चूत में धक्के देने शुरू कर दिए। मैं भी पूरी तरह से साथ देने ही लगी थी की राज ने मेरी चूत में अपना मूत भरना शुरू कर दिया।
उसका गरम-गरम मूत मेरी चूत में करते ही मैं उसे हटाने लगी। पर राज ने मुझे टाइट पकड़ लिया और मेरी चूत में अपना मूत करने लगा। नीचे से मेरी भाभी बाहर आ रहे राज के मूत को चाटने लगी और पीने लगी। राज ने आधा ही मूता मेरी चूत में और अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और मुझे और भाभी को बैठने को बोला, तो हम दोनों बैठ गये।
उसके बाद राज ने हमें लण्ड चूस ने का इशारा किया। जैसे ही हम लण्ड चूस ने लगे तो उसने फिर से हमारे मुँह में मूत ना शुरू कर दिया। उसने पहले भाभी के मुँह में मूता , रंडी आराम से राज का मूत पी गई, और मुझे पकड़कर मेरे मुँह में मूता और मुझे जबरदस्ती पिलाया। फिर नीचे से मुझे चटवाया। मैं भी अब मजा लेने लगी और उसके मूत को चाटने लगी।
उसके बाद मेरी भाभी खड़ी हुई और राज से बोली-“राजा, मेरा भी मूत आ रहा है…”
तो मैंने झट से भाभी की चूत के मुँह लगा दिया।
राज भी वहीं बैठ गया और बोला-“कर दे रंडी साली…”
और भाभी मेरे और राज के ऊपर मूतने लगी। मैं और राज भाभी का मूत पी गये। राज तो बड़े मजे से भाभी की चूत में अपना मुँह घुसा-घुसाकर उसका मूत पी रहा था।
उसके बाद राज ने मुझे बोला-“साली कुतिया तेरी चूत का भी पिला दे रंडी मुझे…” तो मैं भी खड़ी हो गई और राज ने मेरी चूत पर मुँह लगा दिया। मैं भी सुर्र्ररर सुर्र्ररर की आवाज से मूतने लगी। राज ने मेरी चूत को चाट-चाटकर मेरा सारा मूत पिया और फिर हम तीनों एक दूसरे के होंठों को किस करने लगे।
उसके बाद राज ने मुझे घोड़ी बना दिया और भाभी को मेरे सामने लेटा दिया और मुझे भाभी की चूत चाटने को बोला। मैं उसकी चूत को चाटने लगी, और राज पीछे से मेरी चूत में अपना लण्ड पेलने लगा, और झटके देने शुरू कर दिए।
उसके बाद राज ने ने मेरी चूत में उंगली घुसाकर और चूत के रस से गीली करके बाहर निकाली और लण्ड को फिर से घुसाकर मुझे चोदने लगा। राज के हर झटके के साथ मेरा मुँह भाभी की चूत से चिपक जाता और राज गीली उंगली को मेरी गाण्ड के छेद में घुसाने लगा। उसकी उंगली मुझे अच्छा आनंद दे रही थी।
राज ने धीरे-धीरे अपनी उंगली पूरी मेरी गाण्ड में घुसाकर उसे अंदर-बाहर करने लगा और मेरी चुदाई करने लगा। कमरे में एक बार फिर से चुदाई का माहौल हो गया था। और फिर राज ने मेरी गाण्ड पर कुछ क्रीम टाइप डाला और मेरी गाण्ड में अंदर तक डालने लगा। मुझे कुछ अजीब सा लगा तो मैं उसे रोकने लगी, तो उसने मेरी गाण्ड पर चांटे मारे।
मैं फिर से भाभी की चूत चाटने लगी और राज ने ढेर सारी वो क्रीम मेरी गाण्ड में अपनी उंगली से भरने लगा। उसके बाद उसने अपना लण्ड मेरी चूत से निकाला और मेरी गाण्ड के छेद पर रख दिया, और उसे मेरी गाण्ड पर रगड़ने लगा। उसके लण्ड रखते ही मैं कांप गई और उसे ना करने को बोलने लगी।
दोस्तो उस दिन भाभी और राज ने मेरा बुरा हाल कर दिया फिर शाम को मैं और भाभी घर आ गये . पर अब मेरी चूत को लंड खाने की लत लग गई थी और इसी तरह २ दिन और निकल गये
राज का लण्ड अभी भी अकड़ा हुआ था, यानी कुछ फूला हुआ था। वो शायद बाथरूम के कारण ऐसा दिख रहा था। फिर मैं चुपचाप उसके लण्ड के पास बैठी और अपने हाथों में ले लिया और उसको किस करने लगी और फिर किस करने के बाद मैं राज के बगल में लेट गई।
राज के लण्ड को पकड़कर उसके सुपाड़े को देखने लगी और सोच रही थी कि कोई लड़की इसकी इतनी दीवानी क्यों होती है? कितना मस्त लण्ड है ये, जो दर्द भी देता है और बाद में मजा भी। ऐसे ही सोचते-सोचते मेरी आँखे लग गई, यानी मैं फिर से सो गई। हम तीनों ही पूरे नंगे सोए हुए थे।
उसके बाद सुबह-सुबह मेरी भाभी ने मुझे मेरी गाण्ड पर चांटे मारने शुरू कर दिए और जोर से बोली-“साली रंडी खड़ी हो, देख 6:00 बज गये हैं…”
मैं हड़बड़ाकर उठी और देखा तो राज भी जगा हुआ है और दोनों अभी तक नंगे थे, राज का लण्ड पेशाब भरे होने के कारण फूला हुआ है। मैं खड़ी हुई और उनको देखने लगी।
मुझसे राज बोला-“साली रंडी लगता है तेरी चूत की गर्मी नहीं बुझी …” और खड़ा होकर मेरे पास आया और बोला-“साली मेरा लण्ड पकड़कर सोई है ना… अब देख कैसे टाइट है, इसे ठंडा कौन तेरी माँ करेगी आकर?” और जोर से मेरी चुची को मसल दिया।
मैं एक बार फिर चीख पड़ी-“ओह्ह… माँ ऽ आराम से भोसड़ी के कुत्ते…”
राज ने मुझे छोड़ दिया। फिर भाभी मेरे पास आ गई और मेरे बालों को पकड़ा और मुझसे बोली-“साली रंडी, गाली देती है माँ की लौड़ी, अपने मालिक को भैनचोद कुतिया चुदक्कड़… अभी देख कैसे तेरी माँ को चोदते हैं हम…” और दोनों हँसने लगे।
मैं बोली-“प्लीज़ सुबह-सुबह तो सोने दो, बाद में खूब चोद लेना। अभी मुझे सोना है प्लीज़्ज़ भाभी मुझे सोने दो…”
राज बोला-“साली हरामन छीनाल, तुझे नंगा देखकर कोई बूढ़ा भी तुझे नहीं छोड़ेगा, मैं तो फिर जवान हूँ साली… तेरी जवानी को सारा रस मुझे पीना है और तुझे सोने की लगी है कुतिया…” और मुझे किस करने लगा। उसने मेरे बालों को कसकर पकड़ा था और मेरे होंठों को बेरहमी से चूस ने लगा और काटने लगा और अपने एक हाथ से मेरी चुची को रगड़ने लगा।
जिसके कारण मेरी चुची में जलन होने लगी और मैं कराहने लगी और अपने पैरों को हिलाने लगी। तभी मेरी भाभी ने मेरे पैरों को पकड़ा और मेरी टांगों को चौड़ा दिया और साली कुतिया ने मेरी चूत में दो उंगली घुसा दी और मुझे अपनी उंगलियों से चोदने लगी, और अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटने लगी।
करीब 5 मिनट तक भाभी ने मेरे चुची को रगड़ा और मेरी चूत को चूसा , जिसके कारण मैं फिर से गरम हो गई और भाभी के सिर को अपनी चूत पर दबाने लगी, और उसे अंदर घुसाने लगी, और राज के लण्ड को पकड़कर हिलाने लगी।
उसके बाद राज का लण्ड पूरा टाइट हो गया और राज ने मुझे छोड़कर भाभी को हटा दिया और मेरी चूत में अपने लण्ड को टिका कर रगड़ने लगा। मेरी चूत गीली होने के कारण उसका लण्ड भी गीला हो रहा था। फिर उसने मेरी चूत में एक झटके में अपना सारा लण्ड पेल दिया और मेरे ऊपर आ गया।
मैं पूरी तरह से चुदासी हो चुकी थी और राज के लण्ड को अपनी चूत में लेने लगी। पर राज का इरादा कुछ और था, तो उसने दो चार झटके मारे और लण्ड निकाल लिया और मुझे और भाभी को 69 में लेटा दिया। मैं ऊपर थी और भाभी नीचे थी, हम दोनों एक दूसरे की चूत को चाटने लगे।
तभी राज ने पीछे से मेरी गाण्ड को पकड़ा और अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया और झटके देने लगा। उसके लण्ड को मैं मजे से चूत में लेने लगी। राज ने फिर मेरी चूत में धक्के देने शुरू कर दिए। मैं भी पूरी तरह से साथ देने ही लगी थी की राज ने मेरी चूत में अपना मूत भरना शुरू कर दिया।
उसका गरम-गरम मूत मेरी चूत में करते ही मैं उसे हटाने लगी। पर राज ने मुझे टाइट पकड़ लिया और मेरी चूत में अपना मूत करने लगा। नीचे से मेरी भाभी बाहर आ रहे राज के मूत को चाटने लगी और पीने लगी। राज ने आधा ही मूता मेरी चूत में और अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और मुझे और भाभी को बैठने को बोला, तो हम दोनों बैठ गये।
उसके बाद राज ने हमें लण्ड चूस ने का इशारा किया। जैसे ही हम लण्ड चूस ने लगे तो उसने फिर से हमारे मुँह में मूत ना शुरू कर दिया। उसने पहले भाभी के मुँह में मूता , रंडी आराम से राज का मूत पी गई, और मुझे पकड़कर मेरे मुँह में मूता और मुझे जबरदस्ती पिलाया। फिर नीचे से मुझे चटवाया। मैं भी अब मजा लेने लगी और उसके मूत को चाटने लगी।
उसके बाद मेरी भाभी खड़ी हुई और राज से बोली-“राजा, मेरा भी मूत आ रहा है…”
तो मैंने झट से भाभी की चूत के मुँह लगा दिया।
राज भी वहीं बैठ गया और बोला-“कर दे रंडी साली…”
और भाभी मेरे और राज के ऊपर मूतने लगी। मैं और राज भाभी का मूत पी गये। राज तो बड़े मजे से भाभी की चूत में अपना मुँह घुसा-घुसाकर उसका मूत पी रहा था।
उसके बाद राज ने मुझे बोला-“साली कुतिया तेरी चूत का भी पिला दे रंडी मुझे…” तो मैं भी खड़ी हो गई और राज ने मेरी चूत पर मुँह लगा दिया। मैं भी सुर्र्ररर सुर्र्ररर की आवाज से मूतने लगी। राज ने मेरी चूत को चाट-चाटकर मेरा सारा मूत पिया और फिर हम तीनों एक दूसरे के होंठों को किस करने लगे।
उसके बाद राज ने मुझे घोड़ी बना दिया और भाभी को मेरे सामने लेटा दिया और मुझे भाभी की चूत चाटने को बोला। मैं उसकी चूत को चाटने लगी, और राज पीछे से मेरी चूत में अपना लण्ड पेलने लगा, और झटके देने शुरू कर दिए।
उसके बाद राज ने ने मेरी चूत में उंगली घुसाकर और चूत के रस से गीली करके बाहर निकाली और लण्ड को फिर से घुसाकर मुझे चोदने लगा। राज के हर झटके के साथ मेरा मुँह भाभी की चूत से चिपक जाता और राज गीली उंगली को मेरी गाण्ड के छेद में घुसाने लगा। उसकी उंगली मुझे अच्छा आनंद दे रही थी।
राज ने धीरे-धीरे अपनी उंगली पूरी मेरी गाण्ड में घुसाकर उसे अंदर-बाहर करने लगा और मेरी चुदाई करने लगा। कमरे में एक बार फिर से चुदाई का माहौल हो गया था। और फिर राज ने मेरी गाण्ड पर कुछ क्रीम टाइप डाला और मेरी गाण्ड में अंदर तक डालने लगा। मुझे कुछ अजीब सा लगा तो मैं उसे रोकने लगी, तो उसने मेरी गाण्ड पर चांटे मारे।
मैं फिर से भाभी की चूत चाटने लगी और राज ने ढेर सारी वो क्रीम मेरी गाण्ड में अपनी उंगली से भरने लगा। उसके बाद उसने अपना लण्ड मेरी चूत से निकाला और मेरी गाण्ड के छेद पर रख दिया, और उसे मेरी गाण्ड पर रगड़ने लगा। उसके लण्ड रखते ही मैं कांप गई और उसे ना करने को बोलने लगी।
दोस्तो उस दिन भाभी और राज ने मेरा बुरा हाल कर दिया फिर शाम को मैं और भाभी घर आ गये . पर अब मेरी चूत को लंड खाने की लत लग गई थी और इसी तरह २ दिन और निकल गये