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भाभी ने इंग्लीश पढ़ाई complete

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Guest
भाभी ने इंग्लीश पढ़ाई



दोस्तो आज एक और कहानी लेकर आया हूँ जो आपको ज़रूर पसंद आएगी

भाइयो ये घटना उस वक़्त की है, जब मैं फर्स्ट ईयर में था..

मुझे मेरी ज़िंदगी का, सबसे हसीन पल जीने को मिला..पाठकों, मैं एक साधारण कद काठी वाला, 21 साल का लड़का हूँ..

हाँ!! पर, मेरे लंड का साइज़ 6-6.5 इंच लंबा है..

मैं पिछले 5-6 साल से, नियम से नहाने से पहले अपने लंड की मसाज सरसों के तेल से करता हूँ.. जिससे, मेरा लंड काला तो ज़रूर हो गया है पर मोटा बहुत है.. जो किसी भी औरत को खुश ही नहीं, पागल कर सकता है..

मेरे घर के सामने, एक भाभी रहती हैं.. जिनका नाम, अनीता था और उनकी एक चार साल की लड़की थी..

उनका पति, सरकारी नौकरी में थे..

वो मुझे बहुत अच्छी लगती थीं, एक दम चोदने के लिए ही बनी औरत..

मैं उन्हें चोदना चाहता था और ये सच भी हुआ..

तो, ये बात तब की है, जब मैं उनसे इंग्लीश का ट्यूशन पढ़ता था..

मैं उनको देख के, एकदम मस्त हो जाता था क्यूंकि उनका फिगर “36-30-38” था..

क्या मस्त बड़े बड़े मम्मे थे, उनके..

देख कर, ऐसा लगता था के ब्रा को फाड़ के अभी निकल आएँगे और गाण्ड तो बस, पूछो मत.. एक दम, चौड़ी..

जब भी देखो तो चोद चोद कर, फाड़ डालने का मन करता था..

मैं रोज़ दोफहर के 2 बजे, उनके यहाँ पढ़ने जाता था..

आप समझ ही गये होंगें की मेरा मन, बिल्कुल भी पढ़ाई में नहीं था..

मैं बस, उनहीं को घूरता रहता था..

वो जब भी कोई सवाल समझाने, सामने झुकती थीं तो मैं उनकी क्लीवेज देखता था..

मैं रोज़ घर जाकर, उनके नाम की मूठ मारा करता था.

फिर ऐसे ही करते करते, मेरी परीक्षा करीब आ गई और मेरे प्री बोर्ड में बहुत कम मार्क्स आए..

घर पे, मेरे पापा ने बहुत पिटाई लगाई और भाभी से भी शिकायत की..

उन्होंने बोला – क्या पढ़ाती हैं, आप… अगर, ऐसा ही चलता रहा तो इसका क्या होगा… ये फैल हो जाएगा…

फिर, मैं जब भाभी के यहाँ पढ़ने गया तो भाभी ने भी मुझे खूब डांटा और कहा – मस्तराम, तुम कभी नहीं सुधरने वाले… तुम्हारी वजह से, मुझे दस बातें सुननी पड़ीं..

इधर, वो डाँट रहीं थीं.. उधर, मैं उनके मम्मे देख रहा था.. जो बार बार, हिल रहे थे..

तभी उन्होंने मुझे ज़ोर से थप्पड़ लगा दिया और मुझे गुस्सा आ गया और मैं वहाँ से चला आया..

साला, जिसे देखो मुझे पीटे जा रहा था..!! !!

खैर, 2-3 दिन मैं उनके यहाँ पढ़ने नहीं गया..

वो मुझे बार बार कॉल करती थीं पर मैंने कॉल नहीं उठाया..

फिर एक दिन दोपहर, उनका मैसेज आया –मस्तराम, तुरंत मेरे घर आओ…

मैं उनके घर पर गया..

उन्होंने, मुझे सोफे पे बैठने को कहा और मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक ले कर आईं..

फिर, वो मुझे प्यार से समझाने लगीं – देखो मस्तराम अगर तुम पढ़ोगे नहीं तो तुम्हारा भविष्य क्या होगा…

मैं – भाभी, मैं पढ़ना चाहता हूँ पर पढ़ नहीं पता हूँ… मैं ध्यान नहीं लगा पता हूँ, भाभी…

भाभी – क्यूँ… कोई परेशानी है तो बताओ…

मैं – है… पर, आप नहीं समझोगे, भाभी…

भाभी – अरे, बताओ तो… मैं क्यूँ नहीं समझूंगी…

मैं – नहीं… मैं आपसे के कहूँगी तो आप मरोगी…

भाभी – अरे बाबा!! नहीं मारूँगी… अब बोलो भी…

मैं – मैं आपसे प प प्यार र र करता हूँ… आई लव यु, भाभी… आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो… आप बहुत स स स से से सेक्सी हो… मैं आप को देख कर, एक दम खो जाता हूँ और हर वक़्त, आपके बारे में सोचने लगता हूँ…

भाभी का चेहरा गुस्से से लाल था और वो मुझ पर बहुत ज़ोर से चिल्लाई और कहा – मैं तुमसे कितने बड़ी हूँ और तुम मेरे बारे में ऐसा सोचते हो…

मैं डर गया..

फिर भी हिम्मत करके, बोला – भाभी, इसमें मेरी क्या ग़लती है… प्यार तो उम्र देख के नहीं होता ना..

वो बोलीं – देखो मस्तराम, ऐसा नहीं हो सकता और तुम अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो…

फिर उन्होंने, मुझसे जाने को कहा..

लेकिन, मैं वहां खड़ा रहा..

फिर, मैं बोला – अगर, आप मुझे ना मिलीं तो मैं कभी भी परीक्षा में पास नहीं हो सकता… और, वहां से चला गया..

फिर 2 दिन बाद, शाम को उनका कॉल आया और वो मुझसे कहने लगीं – मस्तराम, प्लीज मुझे भूल जाओ…

मैं – मैं आपको नहीं भूल सकता… मैं बस आपको चाहता हूँ, भाभी…

भाभी – प्लीज, मस्तराम मान जाओ और पढ़ाई पे ध्यान दो…

मैं – नहीं, भाभी… मैं अपने आप को नहीं समझा सकता… अब आपकी शादी, पहले हो गई तो मैं क्या करूँ… और हाँ भाभी, मैं आपको बिना पाए, परीक्षा कभी पास नहीं कर सकता…

भाभी – मस्तराम प्लीज ऐसा मत करो… मैं ज़बरदस्ती में, बदनाम हो जाउंगी…

मैं – भाभी, मुझे जो कहना था मैने कह दिया, अब आगे आप की मर्ज़ी… और, मैंने कॉल काट दिया..

फिर कुछ देर बाद, भाभी का मैसेज आया की देखो, मुझे सोचने का कुछ वक़्त दो…

मैंने भी ठीक है… का मैसेज, भेज दिया..

मैं फिर भाभी के बारे में सोचने लगा की क्या कभी भाभी की.चूत और दूध के दर्शन होगें..

फिर 2 दिन बाद, भाभी ने मुझे अपने घर बुलाया और कहा – देखो मस्तराम, मैं सिर्फ़ तुम्हारी पढ़ाई के लिए, हाँ कर रही हूँ..

मैं बहुत खुश हुआ और मुझे तो विश्वास ही नहीं हुआ की मैने एक शादीशुदा भाभी को पटा लिया..

मैं उनको धन्यवाद बोलने लगा, तभी वो बोलीं – एक मिनट… सॉफ सॉफ बात करते हैं… ये तो मैं समझती हूँ की ये प्यार व्यार तो चलो सब ठीक है, असल में, तुम्हें मेरे बदन में ज़्यादा रूचि है… मैं समझती हूँ, तुम्हारी उम्र में ये आम है… लेकिन, लेकिन… एक बात सॉफ सॉफ सुन लो… मेरी एक शर्त है, पहले तुम परीक्षा में 70% लाकर दिखाओ तो आगे कुछ होगा…

मेरा चेहरा उदास हो गया और, मैं बोला – भाभी, ये तो ठीक नहीं है…

तो भाभी ने कहा – अच्छा, ठीक है… उदास मत हो… तुम, हर सनडे सिर्फ़ 10 मिनट मेरे ब ब ब्रेस्ट (मम्मे) दबा सकते हो और एक किस (चुमी) कर सकते हो…

मैं खुश हो गया और उनसे वादा किया के मैं 70% लाकर दिखाऊंगा..

भाभी बोलीं – ठीक है, देखते हैं…

तभी मैंने बिना सोचे समझे, उनके मम्मे पकड़ लिए तो वो थोडा गुस्से में आ गईं और मेरा हाथ ज़ोर से झटकते हुए बोलीं – आज नहीं… सनडे… जाओ, जाकर पढ़ाई करो..

और… …

मैं खूब दिल लगा कर, पढ़ने लगा और कुछ दिन बाद, सनडे आ गया..

मैंने सुबह उठते ही साथ, 9 बजे भाभी को कॉल किया की भाभी मैं आ रहा हूँ…

तो भाभी बोलीं – अभी नहीं.. अभी सब घर पे हैं… 12 बजे आना…

मुझसे सब्र नहीं हो रहा था और मैं बस उनके बारे में सोच सोच के पागल हो रहा था..

मैं अपनी जिंदगी में पहली बार, चुचियाँ दबाने वाला था..

एक बार तो सिर्फ़ सोच सोच कर ही, मेरे लंड ने मूठ छोड़ दिया.. !!! !!

तभी 12 बज गये और मैं उनके घर पहुँच गया..

आज भाभी मुझे देख कर मुस्कुराई और कहा – सब्र तो बिल्कुल नहीं है..

तो मैंने कहा – इतने दिन से तो सब्र की है…

फिर भाभी ने दरवाजा बंद किया और मैंने उन्हें अपनी और खींच लिया और दीवार की तरफ धकेल दिया और अपना हाथ दोनों मम्मे पे रख के, बुरी तरह दबाने लगा..

क्या मम्मे थे यार..

एक दूध मेरे तो दोनों हाथ में नहीं आ रहा था..

ऐसा लग रहा था की आज भाभी का सूट और ब्रा फाड़ कर, उन्हें आज़ाद कर दूँ और मैं उनके दूध खूब ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा..

भाभी की आँखें बंद थीं..

फिर, वो बोलीं – आराम से मस्तराम, आराम से…

उनके मुंह से मस्तराम सुनकर, मैं तो और जोश में आ गया और ज़ोर ज़ोर से दूध बुरी तरह मसलने लगा और भाभी भी धीरे धीरे सिसकारियाँ भरने लगीं – अन्ह… आराम से मस्तराम आराम से.. उन्ह म म्ह ह ह म ह म ह ह म म ह ह… आँह ह आ ह आ आ आ आ आ… उंह… इयान्ह इस्सस स स स स स स s s s s s…

और फिर एकदम से, उन्होंने मुझे धक्का दिया और कहा – चलो, तुम्हारे 10 मिनट हो गये…

मैं बोला – पर अभी किस नहीं हुआ…

वो बोलीं – ये तुम्हारी ग़लती है… तुमने की ही नहीं..

मैं उदास हो गया और जाने लगा..

तभी पीछे से भाभी बोलीं – सुन, चल उदास मत हो… कर ले, किस…

मैं बहुत खुश हो गया और उनके होठों को अपने होठों में ले कर, चूसने लगा पर उन्होंने मुझे जल्दी हटा दिया और बोलीं – बेटर लक, नेक्स्ट टाइम…

मैं जाने लगा तो वो मुझसे बोलीं – मस्तराम, अब घर जा कर, ज़्यादा हस्तमैथुन मत करना… समझ आया की नहीं…

मैं घर आ कर, फिर से पढ़ने लगा और अगले सनडे का इंतेज़ार करने लगा..

और एक बार फिर, सनडे आ गया और मैं फिर भाभी के घर गया तो वो मुझे देख क बोलीं – आ गया मस्तराम, शिकार करने…

मैं मुस्कुराने लगा तो वो बोलीं – क्या बात है… देखो, मस्तराम शरमाता भी है…

और मैंने उन्हें तुरंत अपनी बाहों में भर लिया और उनके होठों को चूसता रहा और दोनों हाथ से, उनके मम्मे दबाता रहा..

मैं उनके दूध बहुत ही ज़ोर से दबा रहा था..

भाभी ने अपना मुँह छुड़ाकर, कहा – अरे, आराम से दबाओ… मैं कहीं नहीं भागी जा रही…

मैंने कहा – भाभी, टाइम तो भाग रहा है ना…

वो हंस पड़ीं और मैं फिर से उन्हें किस करने लगा और दूध दबाने लगा और मेरा टाइम हो गया…

ऐसा करते करते, मेरी परीक्षा हो गई और मेरा रिज़ल्ट आने वाला था..!! !!

रिज़ल्ट के एक दिन पहले, दोपहर में मैं भाभी के पास गया तो वो बोलीं – क्यूँ मस्तराम… बड़ा उदास लग रहा है…

मैंने कहा – हाँ भाभी…

भाभी – क्यूँ…

मैं – कल मेरा रिज़ल्ट आ रहा है…

भाभी – इसलिए उदास है की कहीं फैल ना हो जाए…

मैं – नहीं… इसलिए की कहीं मेरा सपना ना टूट जाए…

भाभी – कौन सा सपना…

मैं – आपके साथ से.. से.. (सेक्स) करने का…

और हम दोनों हँस पड़े..

तभी मैंने उन्हें गिफ्ट दिया..

उन्होंने मेरे सामने ही खोला..

उसमें काले रंग की ब्रा और काले रंग की छोटी सी पैंटी थीं, जिसमें गाण्ड की तरफ बस एक खपची थी, जिससे गाण्ड की सिर्फ़ दरार छुपती..

भाभी ने कहा – ये किसके लिए…

मैंने कहा – आपके लिए… अगर कल मैं पास हुआ तो जब हम — (सेक्स) करेंगे तो आप ये पहनना और अगर फैल हुआ तो एक दो बार पहन कर, ब्रा पैंटी मुझे दे देना… मैं उसे सूंघ के ही, आपके बदन की खुशबु लेता रहूँगा…

भाभी बोलीं – अरे चिंता मत कर रे… कल जो होगा, कल देखा जाएगा… टेंशन ना ले… और, मेरे हाथ अपने मम्मे पे रख दिए और बोला – मेरे मस्तराम, आज तो मज़े ले लो…

मैं उनके मम्मे को दबाने लगा, खूब ज़ोर ज़ोर से और उनके होठों को खूब ज़ोर के चूसा..

वो बोलीं – अरे, मस्तराम… कल मौका मिलेगा…

मैं उनकी सुने बिना, उनके दूध ज़ोर ज़ोर से दबाता रहा और अगले दिन सुबह मेरा रिज़ल्ट आ गया.. !!! !!

मैं 82% से पास हुआ था..

मैं बहुत खुश हुआ..

आज तक, कभी मेरे इतने मार्क्स नहीं आए थे और मैं भाभी क घर जा कर बोला की मैं 70% नहीं ला पाया…

भाभी किचिन में आटा माढ़ रही थीं और बोलीं – कोई बात नहीं… बेटर लक नेक्स्ट टाइम… और हंसने लगीं…

मैं उनके पीछे गया और बोला – मेरी भाभी जान, 70% नहीं 82% आए हैं और उनकी गाण्ड को सहलाने लगा और मम्मे दबाने लगा..

भाभी – अभी, कोई देख लेगा… अभी नहीं, दूर हटो…

मैं दूर हट गया तो वो बोलीं – चुम्मियाँ करने को मिलती थीं तो पढ़ाई हो गई… नहीं तो, पढ़ाई का नाम भी नहीं था…

मैंने कहा – ये सब, आपकी मेहरबानी है…

फिर, मैंने पूछा – कब शुरू करें…

तो उन्होंने कहा – सब्र करो, मस्तराम… सब्र का फल, मीठा होता है…

अब, मैं बोला – तो, अब तक क्या कर रहा था…

वो हंस पड़ीं और कहा – चलो, ठीक है… अब तुम जाओ… मैं तुम्हें शाम को कॉल करती हूँ…

मैं चला आया और शाम को भाभी के कॉल का इंतेज़ार करने लगा..

आज तक, कभी मेरे इतने मार्क्स नहीं आए थे और मैं भाभी क घर जा कर बोला की मैं 70% नहीं ला पाया…

भाभी किचिन में आटा माढ़ रही थीं और बोलीं – कोई बात नहीं… बेटर लक नेक्स्ट टाइम… और हंसने लगीं…

मैं उनके पीछे गया और बोला – मेरी भाभी जान, 70% नहीं 82% आए हैं और उनकी गाण्ड को सहलाने लगा और मम्मे दबाने लगा..

भाभी – अभी, कोई देख लेगा… अभी नहीं, दूर हटो…

मैं दूर हट गया तो वो बोलीं – चुम्मियाँ करने को मिलती थीं तो पढ़ाई हो गई… नहीं तो, पढ़ाई का नाम भी नहीं था…

मैंने कहा – ये सब, आपकी मेहरबानी है…

फिर, मैंने पूछा – कब शुरू करें…

तो उन्होंने कहा – सब्र करो, मस्तराम… सब्र का फल, मीठा होता है…

अब, मैं बोला – तो, अब तक क्या कर रहा था…

वो हंस पड़ीं और कहा – चलो, ठीक है… अब तुम जाओ… मैं तुम्हें शाम को कॉल करती हूँ…

मैं चला आया और शाम को भाभी के कॉल का इंतेज़ार करने लगा.. !!! !!

भाभी का कॉल आया तो वो बोलीं – कल, जब बेटी स्कूल जाएगी और अंकल दफ़्तर जाएँगे, तब 10 बजे आना और तुम्हरे पास सिर्फ़ 1 बजे तक का टाइम है…

मैं बहुत खुश हुआ और भाभी से “आई लव यु” बोला और उनसे कहा – कल मेरी गिफ्ट वाली, ब्रा और पैंटी पहनना…

तो उन्होंने कहा – हाँ!! बाबा, वही पहनुँगी… चलो, मेरे टाइगर अपनी नथ उतरवाने की तैयारी कर लो…

मैं रात भर सो नहीं पाया और कम से कम, 4 बार मूठ मारा..

सुबह 9 बजे, उनके पति के जाते ही, मैं उनके घर पहुँच गया और भाभी मुझे देख कर कहने लगीं – हे भगवान… तुम्हें तो बिल्कुल ही सब्र नहीं है…

मैं बोला – क्या करूँ, भाभी… कंट्रोल नहीं होता…

फिर, वो बोलीं – थोडा, वेट करो… मुझे अभी काम है…

मैं वेट करने लगा पर मुझसे रहा नहीं जा रहा था..

एक एक पल, सदियों के समान लग रहा था..

कुछ देर इंतेज़ार करने के बाद, मैं किचन में गया और उनके पीछे खड़ा हो कर उन्हें गले पे किस करने लगा तो बोलीं – उफ्फ मस्तराम, अब मुझे गुस्सा आ रहा है…!!! !!

पर मैं कहाँ उनकी कुछ सुनने वाला था और उन्हें अपनी तरफ करके लीप किस करने लगा और ज़ोर ज़ोर से उनके दूध दबाने लगा तो भाभी बोलीं – आराम से, मस्तराम… आज 3 घंटे हैं, तुम्हारी पास…

मैने फिर भी नहीं सुना और मैं उनके पूरे चेहरे पे किस करने लगा और उनके सूट को उतारने लगा..

लेकिन, मैं उनका सूट नहीं उतार पा रहा था तो भाभी बोलीं – रुक जा, मेरे राजा… खा जाएगा क्या, मुझे… मैं उतारती हूँ… तू बेडरूम में चल…

पहले मैं और फिर भाभी, बेडरूम में आ गये..

अब भाभी ने अपना सूट उतारा और मैंने तो 10 सेकेंड से भी कम समय में अपने सारे कपड़े उतार दिए और पूरा नंगा हो गया..

पहले भाभी ने अपनी कमीज़ उतारी और फिर सलवार..

उन्होने सलवार का नाडा, इतनी धीरे धीरे खोला की मुझे गुस्सा आने लगा..

खैर, कुछ ही देर में भाभी ब्रा और पैंटी में थीं और मैं पूरा नंगा था..

मेरा लंड देख कर, भाभी बोलीं – वाह यार, मस्तराम… तेरा तो काफ़ी मोटा है… और ये सुनते ही, मुझसे रहा ना गया और मैं उनके को किस करने लगा और बेड पे लिटा दिया और ब्रा क अंदर हाथ डाल कर, मम्मे दबाने लगा..

पहली बार, मैने नंगे दूध पर हाथ लगाया था और मुझे हर पल ऐसा लग रहा था की मैं झड़ पड़ूँगा..

भाभी भी दूध पर हाथ लगते ही – इनयः याहह ह ह ह ह ह… उन्हम म म म म म… इस्स स स स स स स स स स स sss ss… करने लगीं और मैंने उनकी ब्रा निकाल दी..

उनके मम्मे देख के तो मैं दंग रह गया..

वाह!! क्या बूब थे..

एक दम गोरे और उस पर गुलाबी निप्पल..

मुझसे रहा ना गया और मैं उनके निप्पल चूसने लगा और एक मम्मे को दबाने लगा..

बदहवासी में, मैने उनके निप्पल पर काट लिया तो भाभी चिल्ला पड़ीं – उफ्फ फ फ फ फ फ याह: धीरे…

फिर मैं उनकी टुंडी पे किस करने लगा..

कुछ देर उनके दूध, टुंडी और पेट को हवसी जैसे चूमने चाटने के बाद, मैं उनकी चूत को पैंटी के ऊपर से रगड़ने लगा..

मैं उनकी चूत की खुशबु को सूंघ कर, बहुत खुश था और मुझसे रहा ना गया और मैंने उनकी पैंटी उतार दी..

जैसे ही उनकी नंगी चूत मेरे सामने आई, मेरा संयम टूट गया और मेरे लंड ने मूठ निकाल दिया..

मेरे लंड से तब झटके मार मार के, इतना गाड़ा और इतना ज़्यादा मूठ निकला.. जितना, आज तक कभी नहीं निकला था..

पर ताजुब इस बात का था की निकलने के बाद भी मेरा आधा लंड खड़ा रहा और मैं उनकी चूत एकटक देखने लगा..

उनकी चूत थोड़ी सी साँवली थी, पर एकदम सॉफ..

उस पर, एक भी बाल नहीं था..

मेरी उनकी चूत से, नज़रें ही नहीं हट रही थीं.. !!! !!

तभी भाभी बोलीं – बड़ी देर कंट्रोल कर लिया, मस्तराम… चिंता मत करो, पहली बार में ऐसा ही होता है… पर, रुक क्यों गए… चालू रखो, अपनी चूमा चाटी…

मैं बोला – हाँ!! भाभी… पहली बार, देख रहा हूँ… जी भर के देख तो लेने दो…

मैं उनकी चूत पे पहले किस करना लगा और फिर जीभ डाल कर, खूब ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा..

भाभी बहुत ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ ले रहीं थीं – उन्हममम मम म म म म म म म म म म… इस्स सस स स स स स स स स स स… आह आ आ आ आहह ह ह ह ह ह आ आ आ आ आ आ आ आ आ… इन्यह ह ह ह ह ह… या या या आया आया या आ हा… ज़ोर से चूसो, मस्तराम… अन्म उन्ह म्म… शाबाश… हाँ हाँ हाँ… उफ्फ फ फ फ… और चूसो… और, मेरा सिर अपनी चूत में लगातार दबा रही थीं..

वाह, क्या टेस्ट था उनकी चूत का..

मज़ा आ गया था, तभी भाभी बोलीं – आँह… इस्स… उन्हम म्म… मैं आ रही हूँ…

तभी भाभी बोलीं – पीएगा मस्तराम, मेरा पानी…

मैने कहा – हाँ भाभी, पिलाओ ना… और उन्होने मेरा सिर बहुत ज़ोर से अपनी चूत में दबा दिया और मैं उनका पूरा रस पी गया..

फिर, वो बोलीं – तुमने तो मेरी चूत चूस के, आज मुझे खुश कर दिया…

मेरी चूत, आज किसी ने पहली बार चूसी है..

तभी मैंने कहा – भाभी, अब आपकी बारी… और, मैने अपना लंड उनके मुंह में दे दिया और उन्होने भी खूब चूसा और मैं उनके मुंह में ही झड़ गया..

वाह, क्या टेस्ट था उनकी चूत का..

मज़ा आ गया था, तभी भाभी बोलीं – आँह… इस्स… उन्हम म्म… मैं आ रही हूँ…

तभी भाभी बोलीं – पीएगा मस्तराम, मेरा पानी…

मैने कहा – हाँ भाभी, पिलाओ ना… और उन्होने मेरा सिर बहुत ज़ोर से अपनी चूत में दबा दिया और मैं उनका पूरा रस पी गया..

फिर, वो बोलीं – तुमने तो मेरी चूत चूस के, आज मुझे खुश कर दिया…

मेरी चूत, आज किसी ने पहली बार चूसी है..

तभी मैंने कहा – भाभी, अब आपकी बारी… और, मैने अपना लंड उनके मुंह में दे दिया और उन्होने भी खूब चूसा और मैं उनके मुंह में ही झड़ गया..

थोड़ी देर, हम ऐसे ही लेटे रहे..
 


फिर, हम एक दूसरे को किस करने लगे और कुछ ही देर में, हम 69 की पोज़िशन मे आ गये..

थोड़ी देर बाद, मैंने उनसे पूछा – भाभी, आपके यहाँ आइसक्रीम है क्या…

वो बोलीं – आइस क्रीम का क्या करोगे…

तो मैंने बोला – बताओ ना…

वो बोलीं – किचिन में फ़्रीज़ में होगी…

मैं तुरंत जा कर, किचिन से आइस क्रीम लाया और उनकी टुंडी पर रख कर, उसे चूसने लगा..

भाभी बोलीं – वाह, मेरे राजा… क्या स्टाइल है… मज़ा आ गया… अन्म उन्हम्म… मस्तराम और…

फिर मैंने आइस क्रीम, उनकी चूत में डाली तो भाभी कप कपा उठी और बोलीं – फूह ह ह ह ह ह…

मैंने उनकी चूत चूसना शुरू किया तो वो मेरा सिर, अपनी चूत में दबाने लगीं और कहने लगीं – उफ्फ फ्फ मस्तराम… मार डाल, मुझे आज… आह आह आह आह आह आह… इयाः इयह उःम उन्म हम्म म म म म म…

फिर मैंने उनकी लीप किस करने लगा..

हम एक दूसरे के होंठ ज़ोर से चूस रहे थे..

अब मैंने उनकी चूत पे अपना लंड रगड़ा तो भाभी बोलीं – रुक… ऐसे नहीं… पहले, कंडोम पहन…

मैं बोला – नहीं भाभी… ये मेरा पहली बार है, इसलिए मैं ऐसे ही करूँगा…

भाभी बोलीं – नहीं मस्तराम… रूको… बिना कंडोम के करने से, हम दोनों को बहुत प्रोबलम हो सकती है…

वो कहती रहीं और इधर, मैंने अपना लंड चूत पे रख कर धक्का लगा दिया..

वो फिसल गया..

ऐसा, तीन चार बार हुआ..

भाभी बोलीं – आराम से, मस्तराम… और मेरा लंड पकड़ कर उन्होने अपनी चूत के छेद पर रखकर कहा – भाड़ में गया, कंडोम… देखेंगें, जो होगा… चल, अब डाल…

अब जब मैंने धक्का मारा तो मेरा सिर्फ़ लंड का टोपा अंदर गया और भाभी चीख पड़ीं – आँह माआ हह… आराम से मस्तराम…

और मैंने फिर एक धक्का मारा तो और थोड़ा लंड अंदर गया और भाभी और ज़ोर से चीखी – इनहया याः इया या या या या या ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह….

फिर मैंने और एक धक्का दिया तो लंड पूरा चूत के अंदर था और इस बार भाभी बोलीं – मर र र र र र गई ई ई ई ई ई… तेरा तो सच में घोडे जैसा है… अहहाहा हहाहा आइ इह इयाः…

अब मैं भाभी क ऊपर लेट गया और उनके लिप्स को.चूसने लगा और दूध दबाने लगा और जब भाभी का दर्द शांत हुआ तो मैं फिर से शॉट लगाने लगा..

भाभी – आ आह ह आह आ आ आ ह ह ह आह आ आ आह ह ह ह… म्न्ह मन्ह मर गयइ… आराम से मस्तराम… और चोद… और चोद… फाड़ दे, मेरी आज… अहहहाहा आह अह आ आ अहहा… इयै याया आ आ या अय हेया… और तेज़ और तेज़… ज़ोर से, और ज़ोर से… शाबाश शाबाश शाबाश… अहहहः अएआएआएआए… चोद चोद चोद चोद चोद चो द द द द दहस s s s…

भाभी के मुँह से चूत और चोद जैसे शब्द सुनने से, मैं 5-7 मिनट तक चोदने के बाद, बिना कंडोम के भाभी के अंदर ही झड़ गया..

फिर, मैं भाभी को एक लीप किस करके, उनके बगल में लेट गया और ना जाने कब, हम सो गये..

भाभी ने मुझे लगभग 12:50 पे उठाया तो मैंने उन्हें बाहों में भरा और पूछा – भाभी, मैं आपको कैसा लगा…

उन्होंने कहा – बेहतरीन, मेरे राजा… ऐसा लगा ही नहीं, तू अपनी नथ उतरवा रहा है… मुझे तो लगा तू मेरी नथ उतार रहा है…

मैं बहुत खुश हो गया और उनके बेड पे लिटा कर किस करने लगा और उनके मम्मे दबाने लगा तो वो बोलीं – नहीं, मस्तराम अब नहीं… अब बस… बाकी बाद में, मेरी बेटी स्कूल से आती ही होगी…

मैं उठा और पूछा – भाभी, आपको मज़ा आया… मतलब, अब मैं आपको कभी भी च.. चा.. (चोद) सकता हूँ…

वो ज़ोर से हंसते हुए, बोलीं – वाह राजा… तू तो बहुत चालू निकला… हाँ!! मुझे भी तेरा लंड पसंद आया… पर जब हम अकेले हो तब ही… और पढ़ाई भी ऐसे ही करनी पड़ेगी…

मैं बहुत खुश हो गया पर मुझे उम्मीद नहीं थी की भाभी इतनी आसानी से चूत और लंड बोलती होगीं..

खैर, मैंने उनको एक स्वीट लीप किस दी और चला गया..

भाभी के साथ चुदाई करने के बाद, मैं अपने घर आ गया और जब मैं अपने घर आया तो बहुत थक चुका था.. इसलिए, मैं सो गया..

पिछली रात, मैंने 4 बार मूठ मारा था और पिछले कुछ घंटों में मेरा 3 बार निकला था..

एक बार तो सिर्फ़ भाभी की चूत देख कर, एक बार उनके मुँह में और एक बार भाभी की चूत में..

सही पूछिए तो, मैं इतना थक गया था की मुझे बेहोशी जैसी आ रही थी..

खैर, फिर शाम को जब मैं उठा तो फ्रेश हो कर छत पर वॉक करने लगा.. तभी, भाभी का कॉल आया तो भाभी ने पूछा – कैसा है, मेरा मस्तराम…

मैंने कहा – बस भाभी, अभी भी यही सोच रहा हूँ की मैंने आपको सच में चोदा है या ये सपना था…

भाभी ज़ोर से हंस पड़ीं और बोलीं – मस्तराम, इतने मज़े लूटे और अब कह रहे हो की सपना है…

और हम दोनों ही हंस पड़े..

फिर मैंने पूछा – भाभी, अगला खेल कब खेलेंगें…

भाभी – अभी नहीं, मस्तराम… अंकल की कल से नाइट ड्यूटी है तो अब जल्दी मौका नहीं मिलेगा…

और मैं उदास हो गया तो भाभी बोलीं – आज ही तो चोदा है, मेरे राजा… अब थोडा सब्र कर ले…

मैं – नहीं भाभी… सब्र ही तो नहीं होता… मुझे तो हर जगह आपकी ही गुलाबी चूत और निप्पल दिखाई दे रहे हैं… मेरा तो खड़े खड़े अब (लण्ड) दुखने लगा है…

भाभी – चल हट… रखती हूँ… बाय…

इधर, मैं तो भाभी को चोदने की लिए बुरी तरह तड़प रहा था..

भाभी जब भी दिखतीं, उनको पकड़ कर चोद डालने का मन करता था..

फिर उन्हीं दिनों, भाभी मेरे घर आईं और मम्मी से बातें करने लगीं..

तभी मम्मी को कोई और भी मिलने आ गया और मम्मी बाहर चली गईं..

मैंने मौका देखा और भाभी को अपने रूम में ले आया..

मैं – अब कहाँ जाओगी बच कर, भाभी जान…

भाभी – मस्तराम छोड़ो… कोई देख लेगा…

मैं कहाँ भाभी की सुनने वाला था..

मैंने भाभी को लीप पर, कस कर किस करने लगा और ज़ोर से मम्मे दबाने लगा..

वाह यार, क्या मज़ा आ रहा था.. इतने दिन बाद तो मौका मिला था..

तभी भाभी ने किस करना बंद किया और बोलीं – आराम से … मुझे पता है तुम प्यासे हो, पर आराम से करो…

मैंने सॉरी बोला और फिर शुरू हो गया..

भाभी फिर सिसकारियाँ भरने लगीं – आहsss आहsss अहहहाहा आह अह आ आ अहहा… इयै याया आ आ या अय हेया… आह आह अहहाहा हहाहा आइ इह इयाः आह… आराम से टाइगर… आ आ आ आ s s s s s s s s s… इनहया याः इया या या या या या ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह… और फिर मम्मी ने आवाज़ दी तो भाभी चली गईं..

मैं तुरंत अपने कमरे का दरवाजा लॉक करके, मूठ मारने लगा और उस दिन फिर से मैंने तीन बार मूठ मारी.. !!! !!

शाम को भाभी का कॉल आया तो भाभी ने पूछा – क्यूँ … कितनी मूठ मारी, आज…

मैं थोडा शरमा गया और बोला – क्या करूँ, भाभी… मैं चुदाई के लिए, तड़प रहा था…

तभी भाभी बोलीं – चल, ठीक है… कल 1 बजे, घर आना… मेरे पास तेरे लिए सरप्राइज है…

तो मैंने पूछा – सही में… बताओ ना, क्या है…

वो बोलीं – बोला ना… अभी नहीं, कल…

अब मैं सोच सोच कर, पागल हो रहा था की क्या सरप्राइज है..

फिर जब मैं उनके घर गया तो मैंने देखा की वो एकदम अकेली थीं और घर पर कोई नहीं था..

मैंने पूछा – भाभी, भैया कहाँ है…

तो वो बोलीं – वो, स्कूल गये हैं… 15-20 मिनट में आएँगे…

ये सुनते ही, मैं समझ गया की क्या सर्प्राइज़ है और मैंने भाभी को अपनी तरफ खींचा और बाहों में ले कर बोला – सर्प्राइज़ तो, बड़ा मस्त है…

भाभी बोलीं – चल, ठीक है… कल 1 बजे, घर आना… मेरे पास तेरे लिए सरप्राइज है…

तो मैंने पूछा – सही में… बताओ ना, क्या है…

वो बोलीं – बोला ना… अभी नहीं, कल…

अब मैं सोच सोच कर, पागल हो रहा था की क्या सरप्राइज है..

फिर जब मैं उनके घर गया तो मैंने देखा की वो एकदम अकेली थीं और घर पर कोई नहीं था..

मैंने पूछा – भाभी, भैया कहाँ है…

तो वो बोलीं – वो, स्कूल गये हैं… 15-20 मिनट में आएँगे…

ये सुनते ही, मैं समझ गया की क्या सर्प्राइज़ है और मैंने भाभी को अपनी तरफ खींचा और बाहों में ले कर बोला – सर्प्राइज़ तो, बड़ा मस्त है…!

वो बोलीं – तुझे पसन्द आया ना… लेकिन, अभी सिर्फ़ मम्मे तक ही क्यूंकि चोदने के लिए टाइम नहीं है…

मैंने बोला – ठीक है… और उन्हें बेड पे गिरा दिया..

भाभी – ओउच!! आराम से, मस्तराम…

ये सुनते ही, मुझे फिर से जोश आ गया और मैंने अपनी टी शर्ट निकाल कर उनके ऊपर आ गया और उन्हें लीप किस करने लगा और मम्मे दबाने लगा..

और फिर मैंने भाभी के सूट में हाथ डाल कर, ब्रा खोल दी और उनके मम्मे के निप्पल को जैसे ही छुआ तो मानो जैसे एक नया जोश आ गया हो..

मैंने निप्पल को कस के मसला तो भाभी चीख पड़ीं – आँहम्ह… मर गयइ… आराम से…

मुझसे रहा ना गया और मैंने उनका सूट और ब्रा उतार दी और उनके मम्मे देख कर तो पागल सा हो गया..

ऐसा लग रहा था की मैं उन्हें पहली बार देख रहा हूँ..

अब भाभी बोलीं – ऐसे क्या देख रहा है… पहली बार देख रहा है, क्या…

मैं हंस पड़ा और भाभी पे टूट पड़ा..

मेरे मुंह में भाभी का एक बूब था और दूसरे को हाथ से दबा रहा था..

भाभी – आह हह आ आ आ आह ह ह ह ह ह आ आ आ आ आ आ आ आ आ आह उंह ह ह ह ह आह इहह स स ह ह टाइगर..

तभी मैंने उनकी निप्पल को काट लिया तो भाभी चीख पड़ीं – आँह ह ह ह ह आ आ हह आ हुम्म आ आ आ आ…

मैंने उनके मुंह पे हाथ रखा और लीप किस करने लगा..

तभी अंकल की बायक का हॉर्न सुना तो हमने अपने कपड़े पहने लिए और अलग बैठ गये और मैं अंकल से नमस्ते बोल कर वहां से चला आया..

फिर घर पर आ कर, भाभी के नाम की मूठ मारने लगा..

मूठ क्या मारी, एक दो बार हिलाया और अपने आप ही निकल गया..

दिन यून्हीं निकलने लगे और इसी तरह भाभी के बारे में सोच सोच कर, मैं उन्हें चोदने के लिए तड़पने लगा.!!

ऐसा करते करते, एक महीना हो गया जब मैंने पहली बार भाभी को चोदा था..

आप में से बहुत से लोग समझते होगें की किसी को पहली बार चोदने के बाद दूसरी बार चोदने की जो तड़प होती है, वो साली मिटती ही नहीं है..

लेकिन, मेरी ये तड़प जल्दी ही मिट जाने वाली थी.. उसके कुछ ही दिन बाद, दोपहर को भाभी का कॉल आया..

मैं – हैलो, भाभी जान…

भाभी – क्या कर रहे हो, मस्तराम…

मैं – कुछ नहीं भाभी, अपनी किस्मत को कोस रहा हूँ…

भाभी – क्यों…

मैं – मेरे सामने मस्त वाली मिठाई है पर खाने का मौका नहीं मिल पा रहा… अब आप ही बताओ, मैं क्या करूँ…

भाभी – तू मुझे मिठाई बोल रहा है, रे…

मैं – अरे वाह!! भाभी, आप तो बहुत समझदार हो…

भाभी – वो तो, मैं हूँ…

मैं – भाभी मेरा (लण्ड) फट जाएगा… प्लीज, कुछ करो ना…

भाभी – अरे बाबा!! इसलिए तो कॉल किया है… सुन…

मैं – बोलो, बोलो…

भाभी – मेरी पूरा परिवार, कल रात को 2 दिन के लिए बाहर जा रहा है… शादी में… बस मैं और मेरी बेटी रुक रहे है क्यूंकि उसकी परीक्षा है… सो, तू अपना गुबारा फटने से बचा सकता है… पर हाँ, सिर्फ़ दिन में…

मैं – भाभी, क्या कह रही हो आप… आपने तो मुझे खुश कर दिया… ओह भाभी, आप बहुत अच्छी हो…

भाभी – चल, अब ज़्यादा खुश मत हो… रेडी हो जा, सेकेंड इनिंग के लिए… !!! !!

मैं – अरे, मैं तो हमेशा ही रेडी रहता हूँ भाभी… पर भाभी, मेरी एक ख्वाहिश है…

भाभी – क्या…

मैं – भाभी, हम सिर्फ़ दिन में ही कर पाएँगे और मैं आपको एक बार, रात भर चोदना चाहता हूँ…

भाभी – बाप रे, रात भर… मैं तो मर ही जाउंगी…

मैं – भाभी, प्लीज कुछ करो ना… मेरी प्यारी भाभी…

भाभी – चल, अब मखन मत लगा… अच्छा कुछ सोचती हूँ… बाय…

मैं – बाय, भाभी…

ये खबर सुनकर तो मैं फूला नहीं समा रहा था..

मैं बहुत ज़्यादा खुश था की मेरा इंतज़ार ख़त्म हुआ..

फिर, अगले दिन दोपहर को भाभी मेरे घर पर आईं और मम्मी से कुछ बात करके चली गईं..

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था..

खैर, उसके थोड़े देर बाद भाभी का कॉल आया..

भाभी – रेडी हो जा, मेरे शेर…

मैं – किस के लिए, भाभी…

भाभी – अरे, अपनी ख्वाहिश पूरी करने के लिए…

मैं – मतलब्…

भाभी – मैंने तेरी मम्मी से बात कर ली है की मैं अकेली हूँ और मस्तराम को मेरे यहाँ सोने भेज देना…

मैं – क्या कह रही हो, भाभी… ओह भाभी, आपकी जितनी तारीफ़ करूँ, कम है…

भाभी – हाँ हाँ, ठीक है…

मैं – भाभी, मैं आज अपनी सुहाग रात मानना चाहता हूँ…

भाभी – मतलब…

मैं – मतलब, आप बिल्कुल दुल्हन की तरह तैयार होना, प्लीज़… मैं बेड सज़ा दूँगा और आप मेरे लिए दूध भी बना लेना…

भाभी – वाह मेरे शेर, तू तो बिना शादी के ही सुहाग रात के मज़े लेना चाहता है…

मैं – भाभी, प्लीज मना मत करना, प्लीज…

भाभी – अच्छा, ठीक है… पर यार, मेरी बेटी भी तो है…

मैं – आप उसे जल्दी सुला कर, दूसरे कमरे में लेटा देना…

भाभी – मैं तो परेशान हो गई हूँ, तेरी ख़्वाहिशों से… चल अब, बाय…

मैं – ओह!! भाभी, आप कितनी प्यारी हो… बाय बाय…

फिर, शाम को भाभी का परिवार शादी में चला गया और उसके कुछ देर बाद मैसेज आया की संजय, तुम 7 बजे घर आ जाना…

मैंने भी, ठीक है का मैसेज कर दिया..

फिर, मैं शाम के 7 बजे भाभी के यहाँ गया तो भाभी अपनी साड़ी सेलेक्ट कर रही थीं..

मैंने उनसे अंकल की बाइक की चाबी लेकर, बाज़ार गया फूल लेने..

मैं बाज़ार से ढेर सारे लाल गुलाब ले आया..

और भाभी को एक गिफ्ट दिया..

भाभी – मस्तराम, इसमें क्या है…

मैं – खुद खोल के देख लो…

भाभी – इसमें तो लाल रंग की नेट वाली ब्रा पैंटी है…

मैं – हाँ!! आज आप यही पहनना…

भाभी – ठीक है, पर कंडोम लाए हो ना…

मैं – नहीं… भाभी, प्लीज ऐसे ही करने दो ना…

भाभी – मुझे पता था तुम यही कहोगे, इसलिए मैंने पहले अंकल के रखे हैं…

मैं – क्या, भाभी…

और मैं फूल फ्रिज में रखने चला गया और हॉल में टीवी देखने लगा.. !!! !!

उसके कुछ देर बाद, भाभी आई और कहने लगीं की उनकी बेटी सो गई है.. ये सुनते ही, मैंने भाभी को अपनी बाहों में ले लिया..

भाभी – अभी ही शुरू हो जाओगे… मुझे तैयार नहीं होने दोगे…

मैं – हाँ!! जल्दी तैयार हो… जब तक, मैं बेड सजाता हूँ…

भाभी – ठीक है…

मैंने थोड़ी ही देर में, पूरा बेड सज़ा दिया और भाभी का इंतेज़ार करने लगा.. लेकिन, भाभी को पूरे 2 घंटे लगे तैयार होने में..

जब भाभी आईं तो मैं उन्हें देखता रह गया..

क्या लग रही थीं, यार..

एक दम सेक्स की देवी..

लाल साड़ी, डीप कट का बैक लेस ब्लाउज और सबसे मस्त वो कमरधनी..

आज तो, उनसे नज़र नहीं हट रही थीं..

भाभी ने आज पूरा बॉडी वैक्स करा था..

तभी भाभी बोलीं – क्या देख रहा है… और, मेरे हाथ में दूध का गिलास दे दिया..

मैंने गिलास लिया और भाभी बेड पर घूँघट करके बैठ गईं..

मैंने दूध पिया और भाभी क पास गया और उनके पास बैठ गया..

फिर मैंने धीरे से भाभी का घुघंट हटाया और उनका चेहरा थोड़ा ऊपर किया..

भाभी तो सच में, बिल्कुल शरमा रही थीं.. !!

मैंने भाभी क लीप पर एक सॉफ्ट किस दी और भाभी के कान पर अपने होंठ फेरने लगा और फिर भाभी के हाथ चूमने लगा..

फिर मैंने भाभी के हाथ से उनकी लाल चूड़ी उतार दी और फिर उनकी कान की बालियां भी उतार दी..

और फिर, मैंने भाभी के बालों को जैसे ही खोला तो भाभी बोलीं – सेंडी ह ह ह ह ह s s s s s s s s s…

फिर, मैंने भाभी क गले का हार निकाला और उन्हें बेड पे लिटा दिया और उनके ऊपर गुलाब की पंखुड़ियाँ डालने लगा..

और उनके ऊपर आ कर, उनके होंठो को चूसने लगा.. खूब चूसा..

भाभी हाफ़ने लगीं..

फिर मैं उनके पूरे चेहरे पे और उनकी गले पे किस करने लगा..

भाभी, मेरे बालों में हाथ फेर रही थीं..

फिर मैंने भाभी का पल्लु हटा दिया और उनके एक मम्मे को ब्लाउज को ऊपर से दबाने लगा, ज़ोर ज़ोर से..

भाभी सिसकारियाँ भरने लगीं – आह आँह… फूह यान्ह… आ आ आ आ आ आ आ आ उंह… इयान्ह ह ह ह ह ह आह आ आ आ आह ह हा… उफ्फ मा ह उंह आह… आराम से, सेंडी…

पर हमेशा की तरह, मैंने कुछ भी नहीं सुनी..

फिर मैंने उनका ब्लाउज खोला और उनकी ब्रा के ऊपर से मम्मे दबाने लगा..

 


उफ्फ!! क्या लग रहे थे, उनके बूब लाल नेट वाली ब्रा में..

भाभी – अन्म आह इस्स… आह आह अहहहाहा आह अह आ आ अहहा… इयै याया आ आ या अय हेया… आह आह अहहाहा हहाहा आइ इह इयाः आह… आराम से, मस्तराम… आ आ आ आ स स स स स स स स स… इनहया याः इया या या या या या ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह… उई माआअ…

फिर, मैं भाभी की पीठ पे किस करने लगा और अपने मुंह से उनकी ब्रा खोल दी..

इसके बाद, मैंने उन्हें सीधा किया और ब्रा हटा दी..

भाभी के मम्मे देख कर… …

भाभी – अन्म आह इस्स… आह आह अहहहाहा आह अह आ आ अहहा… इयै याया आ आ या अय हेया… आह आह अहहाहा हहाहा आइ इह इयाः आह… आराम से, सेंडी… आ आ आ आ स स स स स स स स स… इनहया याः इया या या या या या ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह… उई माआअ…

फिर, मैं भाभी की पीठ पे किस करने लगा और अपने मुंह से उनकी ब्रा खोल दी..

इसके बाद, मैंने उन्हें सीधा किया और ब्रा हटा दी..!

भाभी के मम्मे देख कर तो मुझे नया जोश आ गया..

उफ्फ!! क्या मम्मे थे, यारों..

एक दम गोल और वो गुलाबी निप्पल तो पूछो ही मत..

जितनी बार भी देख लो.. ऐसा ही लगता था, जैसे पहली बार देखें हो..

मैंने उनके एक बूब पे अपनी जीभ जैसे ही रखी, भाभी की फिर से सिसकारी निकल गई – इस्स स स स स स… मस्तराम र र र र र… नहीं स स स स स… उन्हम्मह म म म म म…

इधर, मैं उनके बूब को मुंह में ले कर चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा..

भाभी, लगातार आवाज़े निकाल रहीं थीं – उन्हम्म… इनयः इस्स उफ्फ फूहस आह हह आ आ आ आह उन्म आह आ हह आह… और ज़ोर से मेरे शेर… आह आह अहह…

फिर, मैंने भाभी का निप्पल कटा तो भाभी चीख पड़ीं – आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ मस्तराम र र र र र…

अब मैं भाभी की टुंडी पे किस करने लगा और उनकी कमरधनी को उतार दिया..

फिर, मैंने उनकी साड़ी को खींच कर उतार दिया और उसके बाद पेटीकोट भी निकाल दिया..

अब भाभी, सिर्फ़ नेट वाली पैंटी में थीं..

मैं चूत की खुशबु पा कर, महक उठा और चूत पे पैंटी के ऊपर से, जैसे ही जीभ लगाई तो भाभी ने तेज़ सिसकारी ली – उन्हम्म…

मैं चूत को ऊपर से ही चाटने लगा और फिर मैंने भाभी की पैंटी उतार दी..

क्या चूत थी वो..

दुनिया की सबसे खूबसूरत चीज़, दूसरी बार मेरे सामने थी..

थोड़ी सी साँवली और पूरी तरह सॉफ..

एक भी बाल नहीं और काँच की तरह चमकती हुई..

अब मुझसे रहा नहीं गया और मैं उनकी चूत को बेतहाशा चाटने लगा..

क्या स्वाद था, यार.. मज़ा आ गया..

भाभी, अब बेकाबू हो रहीं थीं और मुँह से गालियाँ निकलने लगीं – सेंडी र र र र र… माँ की चूत त त त त त त… मार डाला रे तूने ने ने ने ने ने… उन्हम्म… और चाट ले मेरे शेर और चाट… खा जा, मेरी चूत… बहन चोद द द द द द द… तूने मुझे बदजलन औरत बना दिया रे, कुत्ते… और ये सब कहते कहते, वो मेरा सिर चूत में ज़ोर ज़ोर से दबाने लगीं.. भाभी प्यार से मुझे सेंडी कहने लगी

किसी औरत के मुँह से, मैंने पहली बार गाली सुनी थी और मुझे नहीं पता था की किसी औरत के मुँह से गाली सुनने में इतना मज़ा आता है..

मैं बिल्कुल मस्त हो गया और भाभी की चूत में तेज़ी से अंदर बाहर करने लगा और भाभी को बोला – भाभी, जब झड़ने वाली हो तो मुझे बता देना…

भाभी – हाँ हन न न न न न न… चूस अभी स स स स स…

मैंने अपनी उंगली की स्पीड और बड़ा दी..!

और थोड़ी देर बाद, भाभी बोलीं – सेंडी र र र र र मैं आ रही हूँ..

और मैं भाभी का सारा रस पी गया..

अचानक, भाभी बोलीं – मस्तराम, मुझे पेशाब आ रही है…

मैं – ठीक है, भाभी…

भाभी – तूने देखा है कभी, किसी औरत को पेशाब करते हुए…

मैं – नहीं भाभी…

भाभी – देखेगा…

मैं – हाँ, भाभी…

भाभी हंस दी और मुझे अपनी टाँगों के बीच में बैठने को बोला..

मैं – भाभी, यहाँ पर…

भाभी – क्यूँ, क्या हुआ…

मैं – कुछ नहीं…

भाभी को पेशाब करता देखने के लिए, मैं मचल रहा था और भाभी सीन्ह.. की आवाज़ के साथ, लेटे लेटे पलंग पर ही पेशाब करने लगीं..

उनकी धार इतनी तेज़ थी की मेरे पेट पर टकरा रही थी..

फिर, मैं अपना लण्ड उनकी धार के नीचे लाया और ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा..

मैं बता नहीं सकता, मुझे कितना मज़ा आ रहा था..

इधर, भाभी की धार रुकी.. उधर, मेरे लण्ड ने पिचकारी छोड़ दी और मेरा मूठ सीधे भाभी की चूत के ऊपर जाकर गिरा !!

मैं भाभी के बगल में लेट गया और फिर, उनको लीप किस करने लगा..

थोड़ी देर बाद, भाभी मेरे ऊपर आ गईं और मेरे सारे कपड़े उतार कर, मुझे बेतहाशा किस करने लगीं.

धीरे धीरे नीचे जाते हुए, वो मेरे लण्ड को मुंह में लेकर चूसने लगीं..

दोस्तो, उस दिन मुझे पता चला लोग लड़कियों से ज़्यादा शादीशुदा औरतों के लिए क्यूँ मरते हैं..

क्या मज़ा आ रहा था, मैं ना बता सकता हूँ ना लिख सकता हूँ..

खैर, मेरा लण्ड चूस कर, भाभी ज़ोर से मेरे लण्ड को हिलाने लगीं और बोलीं – मूत…

मैं – क्या भाभी…

भाभी – मूत ना…

मैं कोशिश करने लगा और भाभी मेरे लण्ड के छेद पर कुछ इस तरह उंगली घुमाने लगी की जल्द ही, मेरी धार निकल गई..

भाभी, पहले अपने गालों पर फिर अपने गले और दूध पर मेरी धार लेने लगीं..

पहली बार, मुझे एहसास हुआ की मूतने में भी इतना मज़ा आ सकता है

ऐसा लग रहा था, मैं बस मूतता रहूं और भाभी ऐसे ही मेरी मूत से नहाती रहें..

खैर, एक दूसरे की मूत में नहाए हम 69 की पोज़िशन में आ गए और मैं उनकी चूत चाटने लगा और वो मेरा लण्ड चूसने लगीं..

फिर मैं उठा और जाने लगा तो भाभी बोलीं – कहाँ जा रहे हो…

मैं बोला – अभी आया, भाभी… बस 1 मिनट में…

मैं किचिन में गया और फ्रिज में से रसगुल्ले और ढेर सारी चामस्तराम ले कर, बेडरूम में आया..

भाभी ने पूछा – अब, ये क्या है…

तो मैं बोला की रसगुल्ले…

भाभी बोलीं – उफ्फ… अब इनका क्या करोगे…

मैंने कहा – बस भाभी, देखती जाओ…

भाभी बोलीं – तुम्हें कैसे पता की फ्रिज में रसगुल्ले हैं… तो मैंने कहा – मैं जब फ्रिज में फूल रख रहा था तो तब देखे थे…

फिर, मैं रसगुल्ले ले कर भाभी के पास गया और एक रसगुल्ला ले कर उसमें एक उंगली से छेद किया और उनके एक मम्मे की निप्पल में फँसा दिया..

ऐसा ही, दूसरे दूध में किया..

फिर, मैं उनके बूब से रसगुल्ले खाने लगा और धीरे धीरे निप्पल भी चबाने लगा..!

भाभी आवाज़े निकालने लगीं – आईई उई उह्म… सेंडी… खा जा मेरी चुचियाँ…

फिर मैं उनकी चूत के पास आ गया और एक रसगुल्ला उनकी चूत के अंदर रख दिया और दूसरा उनकी चूत के ऊपर और आस पास रगड़ दिया..

अब मैं चामस्तराम मे डुबी भाभी की चूत चाटने लगा..

भाभी – आहम्म उईईए सस्स्शह…

और जैसे ही, मैंने उनकी चूत के अंदर का रसगुल्ला खाना शुरू किया भाभी ने अपनी जांघें फैला दी और मेरा सिर दोनों हाथ से दबाने लगीं और बोलीं – सेंडी, मार डालेगा क्या मुझे, आज… आआअहह… आहष्ह… उफ्फ्ह… तूने मुझे रांड़ बना दिया, साले… हाय!! क्या मज़ा आ रहा है, चुदाई के नंगे नाच में… असल चुदाई तो आज हो रही है… उंह इयाः

अब मैं उनकी टुंडी पे गया और उस पर चामस्तराम भर के उसे चाटने लगा..

भाभी सिसकारी लेने लगीं..

फिर भाभी मेरे लण्ड के पास आईं और उस पे चामस्तराम लगाकर, उसे चाटने लगीं..

उफ्फ!! क्या मज़ा आ रहा था, यार..

भाभी बोलीं – सेंडी, कहाँ से लाते हो ऐसे आइडिया… तुमने तो मुझे अभी से ही खुश कर दिया…

मैं बोला – बस देखती जाओ, भाभी… और उन्हें बेतहाशा लीप किस करने लगा..

किस करते करते, मैं भाभी के मम्मे दबाने लगा…

भाभी – उन्हम्म… मस्तराम, अब डाल भी दो… कितना तड़पएगा…

मैं बोला – जैसी आपकी मर्ज़ी, भाभी जान…

अब मैं भाभी की चूत क पास गया और मूत और चामस्तराम से मस्तराम भाभी की चूत पर, अपने लण्ड का सुपरा रखा और एक तेज़ झटका लगाया तो लण्ड का सुपरा थोड़ा अंदर गया और भाभी चीख.पड़ीं – अहहआहम्म… मर र र र र र गई ई ई ई ई ई टाइगर र र र र र… आराम से मस्तराम, आराम से… आ ह आ आ आ आ आ आ आ ह…

फिर मैंने एक और झटका लगाया तो.थोड़ा और लण्ड अंदर गया तो भाभी, फिर चीखी – मादार चोद द द द द द स स स स s s s… मार डालेगा, क्या या या आह आ आ आ ह ह ह ह ह…

अब मैंने एक झटका और लगाया तो पूरा लण्ड अंदर गया तो भाभी बोलीं – सेंडी रुक जा… मत डाल, यार… पता नहीं क्यूँ, आज बहुत दर्द हो रहा है…

मैं बिना कुछ बोले उन्हें लीप किस करने लगा और भाभी का दर्द शांत होने के बाद, मैंने शॉट लगाने शुरू कर दिया..

कुछ देर बाद, भाभी सिसकारियाँ निकालने लगीं – शाबाश… ऐसे ही मुन्ना, ऐसे ही… हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ… माँ की चूत… चोद, अपनी भाभी को… बना दे, मुझे बदजलन कुतिया… चोद दद चोद द दद चोद द द दद चोद द द द दद चोद द द द द द द द द द द… उफ्फ उन्हम्म म्म म्ह… इयाः उम्ह… आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ… आँह मस्तराम जू ह ह s s s s s कब से तड़प रही थी, ऐसी मस्त चुदाई के लिए… इस्स स स स स स… मेरे बहन के लौड़े पति के सामने, रोज़ शराफत का ढोंग करना पड़ता है… माँ का लौड़ा, ऊपर आ कर 10 धक्के लगा कर, सो जाता है… अहंह मुम्ह या या या या… चोद चोद चोद चोद चोद चोद चोद… माँ की चूत त त त त त त त त ह ह ह ह… उसे क्या पता, चुदाई के वक़्त औरत रंडी की तरह चुदना चाहती है… अन्ह: सेंडी र र र र र र… किसी और ने नहीं रे, मेरे पति ने मुझे रंडी बना दिया… आहम्मइयाः उंह ह ह ह ह ह… चोद डाल सेंडी, मुझे चोद डाल… रंडी जैसे चोद मुझे… गाली दे मुझे, बहन चोद… और तेज़ सेंडी, और तेज़… फाड़ डाल, आज अपनी भाभी की… बक ना गाली, मुझे मादार चोद द द द द द द द द द द s s s…

फिर क्या था, जब भाभी ही बोल रही थीं तो मैं भी शुरू हो गया और आज तक जितनी गलियाँ सुनी थीं, सब उन्हें दे डालीं..

मैं – हाँ!! बहन की लौड़ी… तू है, छिनाल… साली, कोठे की कुतिया तेरी माँ की चूत… रंडी की औलाद, तू तो गालियों में नंगी घूम कर, सड़क के कुत्तो के निचे भी लेट जाएगी… तेरी माँ का भोसड़ा, रांड… बता, आज तक कितनो का लण्ड ले चुकी है… मुझे तो बहन के लौड़े, तेरे गांडू पति पर हंसी आती है… हरामजादी, नाटक तो ऐसे करती है रांड़, जैसे तुझसे शरीफ कोई औरत नहीं हो,.. असल में तो, साली तू कोठे वाली को पीछे छोड़ दे… माँ चोद डालूँगा, मैं तेरी आज… भोसड़ा तो तेरी चूत है ही… भोसड़ी का बाप बना दूँगा, तेरी चूत का… साली माँ की लौड़ी, तेरी माँ की चूत छीनाल… तुझे तो चार चार लण्ड से अपने सामने, चुदवा डालूँगा…

भाभी भी अब पूरे जोश में आ गईं और बोलीं – उन्हम्म… इनयः इस्स उफ्फ फूहस आह हह आ आ आ आह उन्म आह आ हह आह… जितनी तेरी झांट पर बाल हैं, उससे ज़्यादा लण्ड खा लिए हैं मेरी चूत ने… आहम्मइयाः उंह ह ह ह ह ह… मैं कब मना कर रही हूँ… चार क्या, चालीस लण्ड से चुदवा दे… बोला ले ना अपने किसी दोस्त को मादार चोद द द द द द द द द द द s s s… दोनों मिल कर मेरी गाण्ड और चूत चोदना… मज़ा आ जाएगा रे… उफ्फ उन्हम्म म्म म्ह… इयाः उम्ह… और ज़ोर लगा, तेरी माँ का भोसड़ा… आह आ आ आ ह ह ह ह ह…

मैं इतना ज़्यादा उकस गया था की इसके बाद, भाभी को 1-2 मिनट तक चोदने के बाद ही, मैं झड़ने वाला था तो भाभी से बोला की मैं आ रहा हूँ…

 


भाभी बोलीं – हाँ!! सेंडी… मैं भी झड़ने वाली हूँ… ज़ोर ज़ोर से चोद…

मैंने अपनी स्पीड बहुत बड़ा दी..!!

भाभी – उन्ह इनयः अहह माह हह ह ह ह ह ह ह… और तेज़ मस्तराम… और तेज़…

और एक झटके के साथ, मैं झड़ गया…

और.. भाभी के ऊपर ही लेट गया…

कसम से, आज समझ आया की चुदाई से ज़्यादा मज़ा और नशा, किसी चीज़ में नहीं.. बस, साथी भाभी जैसा बिंदास हो..

मैं ये भी समझ गया की शादी के बाद, मैं अपनी पत्नी से बिल्कुल खुल के रहूँगा..

वैसे ही बिंदास चुदाई किया करूँगा, जैसी भाभी के साथ करी..

नहीं तो, पता चले कुछ सालों बाद, कोई और मेरी बीवी के साथ मज़े कर रहा है और मुझ पर हंस रहा है..

वैसे ग़लत भी क्या है, भाभी अपने पति के साथ ऐसी चुदाई कर नहीं पाती थीं..

मुतना, मुतवाना या गली गलोच तो दूर, चूत लण्ड भी नहीं बोल पाती होंगीं क्यूंकी भैया यही सोचते, साली मेरी बीवी कितनी चालू है.. तो फिर भाभी की भी क्या ग़लती..

खैर, कुछ देर बाद मैं बोला – कैसा लगा, भाभी…

भाभी बोलीं – तुम जैसा तो कोई नहीं चोद सकता…

फिर थोड़ी देर यूँही बातें करने के बाद, हम 69 की पोज़िशन में आ गए..

और, मैं भाभी की चूत चाटने लगा और वो, मेरा लण्ड चूसने लगीं..

फिर, मैं उठा और भाभी को डॉगी स्टाइल में खड़ा किया और उनकी चूत पे अपना लण्ड रखा तो लण्ड एक ही झटके में, आधा अंदर चला गया तो भाभी चीखी – अहह मर ग य इ रे… उ ई ई ई , आराम से… आराम से…

मैंने फिर एक झटका लगाया तो पूरा लण्ड भाभी की चूत में समा गया..

भाभी, फिर चीख पड़ीं – सेंडी, मर ग यइ s s s… उंह ह ह ह ह ह… तुम तो आज, मुझे मार ही डालोगे…

फिर, मैं भाभी के मम्मे दबाने लगा..

और भाभी के थोड़ा शांत होने के बाद, मैंने धक्के लगाने शुरू किए..

भाभी तो बस, आवाज़े निकालने में लगीं थीं..

अहह आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ… उईई माह ह ह ह ह ह s s s s s… आह आह आह… और तेज़ सेंडी… और तेज़… फाड़ दे… आह आह आह आह आह आह… इयाः या या या या या या या या या या या…

और, एक बार फिर कुछ मिनट तक चोदने के बाद, मैं झड़ गया और भाभी के बगल में लेट गया..

भाभी बोलीं – सच में मज़ा आ गया, मस्तराम…

मेरी तो अब कुछ बोलने की हिम्मत ही नहीं बची थी..

पर साली नियत, अभी तक नहीं भरी थी.

मैंने भाभी को अपनी बाहों में लिया और उनके मम्मे चूसने लगा..

भाभी – सेंडी, प्लीज़ काटना मत…

और, तभी मैंने उनका निप्पल काट लिया..

भाभी बोलीं – अहह: मर ग यइ s s s ss ss… तुम नहीं सुधरोगे, …

मैं हंस दिया..

अब भाभी ने मेरा लण्ड हाथ में लिया और बोलीं – ये तो सोने का नाम ही नहीं ले रहा, रे…

मैं बोला – ऐसा ही है… आपके लिए, हमेशा रेडी है…

भाभी बोलीं – आज तो मेरी निगोडी चूत भी बाबरी हो चली है… आ जा बुझा डाल ना, इसकी आग… और मेरे लण्ड को ज़ोर से मसलने लगीं !!! !!

मैं बोला – भाभी, अब कुछ नया चाहिए…

भाभी बोलीं – क्या नया चाहिए…

तो मैंने अपना हाथ, उनकी नरम नरम गाण्ड पे रख कर कहा – ये…

तो उन्होंने मेरा हाथ हटा दिया और बोलीं – नहीं… मेरी गाण्ड आज तक, मेरे पति ने भी नहीं मारी…

मैं बोला – अच्छा है ना… इसका उद्घाटन, मुझे करने दो…

अब भाभी बोलीं – नहीं, सेंडी… उसमें बहुत दर्द होगा…

मैं – नहीं होगा, भाभी… मैं ना, आराम से डालुगा…

भाभी मनाए नहीं मान रहीं थीं..

ना जाने कितनी देर, मानने पर और मेरे बार बार बोलने पे वो मान गईं और बोलीं – चल, ठीक है… तुम जीते और मैं हार गई… लेकिन, आराम से डालना और अगर दर्द हुआ तो प्लीज फ़ौरन निकाल लेना…

मैं बोला – हाँ भाभी, बिल्कुल…

फिर मैंने लण्ड भाभी के मुंह में दे कर, कुछ देर चूसवाया और उनकी गाण्ड के नीचे एक तकिया लगाकर, उनकी गाण्ड के छेद पर अपना लण्ड रखा और धक्का लगाया तो लण्ड अंदर नहीं गया..

भाभी की गाण्ड, बहुत ज़्यादा टाइट थी..

अब मैं उनसे पूछ कर, किचन से सरसों का तेल लाया और भाभी से अपने लण्ड पे लगवाया और मैंने उनकी गाण्ड में खूब सारा तेल भर दिया..

फिर गाण्ड के छेद पे रख कर एक दमदार झटका मारा तो भाभी चीख पड़ीं – नहीं ही ही ही ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह s s s s s टाइगर र र र र र र र र र र र र मर र र र र र र र र र र र गय इ स स स स स स स स स स… प्लीज ज ज ज ज ज ज ज ज s s s s s बाहर र र र र र र र र र र र निकल s s s अपने लण्ड को..

मुझे कुछ नहीं सुनना था सो, मैंने नहीं सुना और थोड़ी देर रुकने के बाद फिर एक झटका मारा तो थोडा और लण्ड अंदर गया तो भाभी और ज़ोर से चीखी – अहह आ आ ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह मर गयइ ई ई ई ई ई ईई ई s s s s s s s s s s s s s s s s s…

मैंने बिना परवाह किए और बिना देर किए, और एक झटका मारा तो इस बार पूरा लण्ड भाभी की गाण्ड में अंदर तक समा गया और भाभी बोलने लगी – सेंडी प्लीज, निकाल लो ह ह ह ह ह…

भाभी की आँखों से आँसू आ गए और भाभी की गाण्ड से थोड़ा ब्लड भी आ गया था..

अब मैं थोडा रुका और भाभी को किस करने लगा और मम्मे दबाने लगा.

कुछ देर बाद, भाभी का दर्द शांत होने लगा और मैंने शॉट मारना शुरू किए..

भाभी बुरी तरह चिल्लाने लगीं..

पूरा कमरा फ़च फ़च… की आवाज़ से गूँज रहा था..

और पता नहीं कौन सी बार, मैं भाभी की गाण्ड में झड़ गया और उनके ऊपर बिल्कुल पस्त होकर लेट गया..!!

भाभी बोलीं – कुछ भी कहो, सेंडी तूने मेरी गाण्ड फाड़ दी आज…

मैं बोला – थैंक्स, भाभी जान… अपनी कुँवारी गाण्ड मुझे देने के लिए… और, उन्हें लीप किस करने लगा..

उस रात, मैंने भाभी की 3 बार चूत मारी और 2 बार गाण्ड मारी..

और फिर, हम 3 बजे हम सो गये..

सुबह 6 बजे, अलार्म बजा तो भाभी उठीं और मुझे उठाया और कहा – मस्तराम उठो… कपड़े पहन लो… और, ये फूल बेड पे से साफ कर दो… मेरी बेटी कमरे में आ ना जाए…

मैं उठा तो मुझे ज़ोर से चक्कर आ रहे थे..

पर कपड़े पहन कर, सारे फूल साफ किए और फिर से सो गया..

मैं जब सुबह 9 बजे उठा तो मैं थोडा फ्रेश हुआ और रात के बारे में सोच कर खुश होने लगा..

अब तक, मुझे बहुत कमज़ोरी आ रही थी..

मैं भाभी को ढूँढने लगा..

उस रात, मैंने भाभी की 3 बार चूत मारी और 2 बार गाण्ड मारी..

और फिर, हम 3 बजे हम सो गये..

सुबह 6 बजे, अलार्म बजा तो भाभी उठीं और मुझे उठाया और कहा – सेंडी उठो… कपड़े पहन लो… और, ये फूल बेड पे से साफ कर दो… मेरी बेटी कमरे में आ ना जाए…

मैं उठा तो मुझे ज़ोर से चक्कर आ रहे थे..

पर कपड़े पहन कर, सारे फूल साफ किए और फिर से सो गया..

मैं जब सुबह 9 बजे उठा तो मैं थोडा फ्रेश हुआ और रात के बारे में सोच कर खुश होने लगा..

अब तक, मुझे बहुत कमज़ोरी आ रही थी..

मैं भाभी को ढूँढने लगा..

भाभी किचिन में थीं और नाश्ता बना रही थीं..

मैं उनके पीछे गया और उन्हें हग किया तो भाभी बोलीं – उठ गया, तू…

तो मैंने – ह्म्म्म्म बोला और भाभी के गले पे किस करने लगा..

भाभी बोलीं – अब भी चैन नहीं है… थके नहीं हो क्या… छोड़ दो मुझे, नहीं तो अब मैं प्राण त्याग दूँगी…

तो मैंने भाभी को अपनी तरफ किया और उनके होठों पे हाथ फेरते हुए बोला – शेर और शेरनी, कभी शिकार करने से थकते हैं, क्या…

भाभी मुझे लीप किस करने लगीं और फिर बोलीं – वो जो भी हो… पहले नाश्ता कर लो… थोड़ी ताक़त जुटा लो, फिर जितना चाहे शिकार कर लेना…

मैं बोला – ठीक है, भाभी… जैसी आपकी मर्ज़ी…

असल बात तो ये थी, मुझ में बिल्कुल ताक़त नहीं बची थी..

फिर हम हॉल में बैठ गये और टीवी देखते देखते, नाश्ता करने लगे और मैंने भाभी से कहा की आपके बदन की खुशबु मुझे अपनी तरफ खींचती है… इसलिए, मैं आपके बिना नहीं रह पता हूँ…

इस पर भाभी बोलीं – चल हट… बड़ा आया, खुशबु आती है… कौन सी, खुशबु… मेरी चूत की ना…

तो हम दोनों ही हंस पड़े और मैंने भाभी से पूछा – सही बताओ भाभी… कैसा लगा रात को…

वो बोलीं – ऐसा लगता है, तुम तो सिर्फ़ चोदने क लिए बने हो…

मैं थोड़ा सा शरमा गया तो भाभी बोलीं – साले, अब बड़ी शरम आ रही है… रात में नहीं आ रही थी, शरम…

अब मैं भाभी के पास गया और उनका हाथ पकड़ा और उनसे कहा – मुझे आपसे कुछ कहना है…

भाभी – हाँ!! कहो…

मैं – भाभी, सही में… आई लव यु, भाभी…

भाभी – अच्छा, मतलब तुम फिर से चुदाई करना चाहते हो…

मैं – नहीं भाभी… वो तो, मैं ऐसे भी कर सकता हूँ… भाभी सही में, मैं आपसे प्यार करने लगा हूँ और मैं आपको खोना नहीं चाहता… अपने जो मेरे लिए किया है, वो कोई नहीं कर सकता… अपने मुझे सबसे बड़ी खुशी दी है…

भाभी – मस्तराम, देख… हर औरत की कुछ तमन्ना होती है, जो वो अपने पति के साथ पूरी नहीं कर सकती… लगभग, सभी औरत अपने जीवन में एक बार तो खुल के चुदाई करना चाहती हैं… खैर, शुरू में मैंने ये तेरी पढ़ाई और अपने मज़े के लिए किया था… लेकिन, मुझे नहीं मालूम था, तू इतना बड़ा चोदु है… तुझे एक राज़ की बात बताती हूँ, लगभग हर औरात की जिंदगी में कोई ना कोई राज़ होता है, तू बस मेरा वो राज़ है… इस प्यार व्यार को छोड़… समझा…

मैं – भाभी, बस आप बताओ की आप मुझसे प्यार करते हो की नहीं…

भाभी – हाँ!! मस्तराम… अगर, प्यार ना करती तो तुझे कभी दुबारा सेक्स करने की इज़ाज़त नहीं देती…

मैं – फिर, मैंने भाभी के लीप पे एक सॉफ्ट किस की…

भाभी – मस्तराम, अब हम सिर्फ़ महीने में 2 बार सेक्स करेंगे… ठीक है…

मैं – ठीक है, भाभी… पर मैं आपके मम्मे कभी भी दबा सकता हूँ…

भाभी – हाँ बाबा, ठीक है… पर जब भी मौका मिले तब… ठीक है… देख मस्तराम एक बात ठीक से समझ ले, तुझसे मैं प्यार करती हूँ, वो ठीक है पर मेरी शादीशुदा जिंदगी पर कोई भी आँच आईं तो मैं तुझे फंसाने से पहले, एक बार भी नहीं सोचूँगी… तू सही समझ या ग़लत, औरत कितनी भी बड़ी रांड़ हो, अपने पति के सामने सावित्री ही रहती है… समझ गया की नहीं…

मैं – हाँ!! ठीक है… लेकिन, अभी तो एंजाय करे ना, भाभी…

फिर मैंने भाभी को सोफे पे लिटा दिया और ज़ोर से लीप किस करने लगा और मम्मे दबाने लगा..

भाभी – आराम से… आह आह आह आह आह… इस्स स स स स स स स स स s s s s s s…

फिर, मैंने भाभी का सूट उतारने लगा तो भाभी बोलीं – रूको मैं उतारती हूँ… तुमसे नहीं होगा…

अब मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिया और हम बेडरूम में आ गए..

भाभी बेड पे लेट गई और मेरे लण्ड को देख के बोलीं – जवान लड़कों की यही बात मुझे पसंद है… तेरी तरह, उनके लण्ड को कभी चैन नहीं मिलता…

मैं उनके ऊपर आ गया और उनके बूब को चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा..

भाभी – आह उनमह इस्स स स स s s s s s s… आह इयाः या या या या या या आया… आराम से सेंडी… और मैंने भाभी की निप्पल काट ली..

अब भाभी चीखी – अहह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह आ न न न ह ह ह… र र र र र र र र र र… तुम नहीं सुधरोगे…

मैंने भाभी की पैंटी उतार दी और उनकी चूत चाटने लगा..

भाभी मेरा सिर चूत मे दबाने लगीं और आवाज़े निकालने लगीं – ह ह ऊए ऊए ऊए ऊए आह आह आह सेंडी… खा लो पूरी चूत… खा लो…

अब हम 69 की पोज़िशन में आ गए और भाभी मेरा लण्ड चूसने लगीं..

फिर मैं उठा और भाभी की चूत पे अपना लण्ड रगड़ा और एक झटके मे आधा लण्ड अंदर डाल दिया..

भाभी चीख पड़ीं – साले आराम से डालो… मार गयी… आ ई ई ई ह ह ह ह ह ह ह ह s s s s s s…

और फिर दूसरे झटके में पूरा लण्ड भाभी की चूत मे समा गया और भाभी बोलीं – आनह मार गयइ… आह आह आह अहह…

फिर मैं शॉट मारने लगा..

भाभी – और तेज़… और तेज़… आह आह आह आह आह आह अहह अहह…

फिर मैं थोड़ी देर बाद झड़ गया और भाभी के ऊपर लेट गया..

मैंने भाभी को लीप किस की और उनके मम्मे दबाने लगा और उनकी चूत मे लण्ड डाला दिया और फिर हम सो गये..

फिर 1 बजे, भाभी ने मुझे उठाया और हमने कपड़े पहने..

जब मैं अपने घर जाने लगा तो भाभी बोलीं – टाइगर, तुमने कल मेरी रियल सुहागरात मनवाई है… और मुझे लीप किस करने लगीं..

मैंने भाभी को “आई लव यू” बोला और मैं अपना घर चला गया..

 


आपको याद होगा, उस दिन भाभी को रात भर और सुबह चोदने के बाद, मैं दोपहर में अपने घर आ कर नहाने चला गया, खाना खा कर सो गया..

फिर शाम को, जब 5 बजे उठा तो भाभी के बारे में सोच कर मुस्कुराने लगा और अपने आप से कहने लगा – यार, चलो एक और इनिंग हो जाए..

मैं फ्रेश हुआ और भाभी के घर गया तो वो अपनी बेटी को पढ़ा रही थीं..

मैं उनके पास गया तो भाभी मुझे देखकर मुस्कराने लगीं..

फिर, भाभी ने पढ़ाई ख़तम की तो मैं और उनकी बेटी टीवी देखने लगे तो भाभी बोलीं – मस्तराम चाय पीओगे… तो मैंने हाँ बोला और फिर, भाभी चाय बनाने चली गईं..

मैं थोड़ी देर बाद, किचन में गया तो भाभी फ्रिज से दूध निकाल रही थीं..

मैं उनके पास गया और उनकी गाण्ड पे हाथ फेरने लगा तो भाभी के मुंह से सिसकारी निकल गई..

उन्होंने तुरंत, मेरा हाथ हटाया और कहा – नहीं… मेरी बेटी आ जाएगी… अभी नहीं…

मैं बेशरम, कहाँ सुनने वाला था..

भाभी के पीछे गया और उनके सूट में हाथ डाला और उनकी ब्रा खोल दी तो भाभी चिल्लाई –मस्तराम मना किया ना, गधे…

लेकिन, मैंने भाभी को अपनी तरफ किया और कहा – भाभी, प्लीज… बस, मम्मे दबा लेने दो…

भाभी बोलीं – अभी, मेरी बेटी है… उसने देख लिया तो अनर्थ हो जाएगा…

मैं बोला की नहीं देखेगी ना, भाभी…

मेरे बहुत फोर्स करने पे वो बोलीं – तुम पहले मेरी ब्रा का हुक लगाओ… तो मैंने लगा दिया..

वो बोलीं – तुम मेरी बेटी के पास बैठो… मैं आती हूँ… फिर, मौका देखकर उसे खेलने भेजती हूँ…

मैंने ऐसा ही किया और उनकी बेटी के साथ, टीवी देखने लगा..

थोड़ी देर बाद, भाभी आईं और हम चाय पीने लगे.. तभी भाभी ने उनके बेटी को खेलने भेज दिया और कमरे का दरवाजा लॉक कर दिया..

और मेरे पास आ कर बोलीं – तुम्हें कितना सेक्स पसंद है… कल रात भर किया और सुबह भी किया… फिर भी कम है… तो मैं बोला – सॉरी, भाभी…

तो भाभी बोलीं – चल ठीक है… पर बेटा, थोड़ा कंट्रोल किया करो… रोज़ रोज़ करने में मज़ा नहीं आता…

मैंने ठीक है बोला… और चुप बैठा रहा तो भाभी बोलीं – अब बैठे क्या हो… जो करना है, करो… थोड़ी देर में ये (उनके पति) आने वाले होंगे…

मैं ये सुनते ही, उनके पास गया और उनके गाल पे अपना एक हाथ रखा और उनके होंठ अपने पास ला कर बोला – आई लव यू… भाभी, हर चीज़ के लिए, धन्यवाद…

तो भाभी बोलीं – हाँ हाँ… ठीक है… अब मस्का मत लगा… आई लव यू, टू… और भाभी मेरे होठों को चूसने लगीं..

मैं भाभी को पूरे जोश में जवाब देने लगा और देखते ही देखते, हम गरम होने लगे तो मुझसे रहा ना गया और मैं उनका सूट उतारने लगा तो वो बोलीं – सेंडी, कपड़े मत उतार… टाइम नहीं है…

इस पर, मैं बोला – प्लीज, भाभी… सिर्फ़ सूट उतार लो…

तो वो मान गई और उन्होंने अपना सूट निकाल दिया !! !!

मैं उनकी काली ब्रा.को ऊपर से ही टच करने लगा और मम्मे दबाने लगा..

फिर मैंने भाभी को बेड पर लिटा दिया और मैं उनकी ब्रा को ऊपर करके, उनके मम्मे दबाने लगा और चूसने लगा..

भाभी सिसकारियाँ भरने लगीं – आ ह आ ह आ ह आ ह हह…, आराम से… अन्म उन्ह: आ आ आ आ आ आ आ आ आ…

इधर, मैंने भाभी का निप्पल काट लिया तो भाभी – आह माह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह s s s s s s s s… अहह s s s… करके चीखीं और मेरा सिर पकड़कर, ऊपर किया और किस करने लगीं..

तभी मैं उनकी चूत पे हाथ फेरने लगा तो भाभी ने मेरा हाथ पकड़ा और बोलीं – नहीं सेंडी, तुमने सिर्फ़ मम्मे तक कहा था…

मैं बिचारा चुप रह गया..

भाभी बोलीं – अरे, मेरे शेर उदास मत हो… चोद लो, पर पूरे कपड़े मत उतारो… और बस, एक बार ही चोदना….

इस पर मैं मान गया और उनकी सलवार को खोल के नीचे गिरा दिया और उनकी पैंटी को भी नीचे कर दिया और उनकी चूत की खुशबु लेने लगा..

वाह!! क्या मादक खुशबु थी..

फिर, जैसे ही मैंने भाभी की चूत पे किस किया, भाभी – अहह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह s s s… उम्म्म्म म म म म म म म म… कहने लगीं..

अब मैं उनकी चूत चाटने लगा तो भाभी – आ ह आ ह आ ह… ऊ ऊ ऊऊ… आ ह आ ह आ ह आ ह… और चाटो … आह आह… और, मेरा सिर दबाने लगीं..

कुछ देर बाद, मैं उठा और अपनी पैंट और अंडरवियर उतार दी और अपना लण्ड निकाल के भाभी के हाथ में दिया तो भाभी बोलीं – सेंडी, तुम्हरा लण्ड ना मेरी चूत के लिए बिल्कुल ठीक है… ये मेरी चूत के बिल्कुल आख़िरी कोने तक जाकर, मुझे सुकून देता है…

मैं शरमा गया..

इस पर भाभी बोलीं – ओययी होइई… और मेरा लण्ड मुंह में लेकर चूसने लगीं और मैं ज़ोर ज़ोर से, उनके मम्मे दबाने लगा और हम 69 की पोज़िशन मे आ गये..

फिर भाभी बोलीं – , ज़्यादा टाइम वेस्ट ना करो… अब डाल दो… ज़्यादा टाइम नहीं है…

मैं उनकी चूत चाटने लगा तो भाभी – आ ह आ ह आ ह… ऊ ऊ ऊऊ… आ ह आ ह आ ह आ ह… और चाटो सेंडी… आह आह… और, मेरा सिर दबाने लगीं..

कुछ देर बाद, मैं उठा और अपनी पैंट और अंडरवियर उतार दी और अपना लण्ड निकाल के भाभी के हाथ में दिया तो भाभी बोलीं – सेंडी, तुम्हरा लण्ड ना मेरी चूत के लिए बिल्कुल ठीक है… ये मेरी चूत के बिल्कुल आख़िरी कोने तक जाकर, मुझे सुकून देता है…

मैं शरमा गया..

इस पर भाभी बोलीं – ओययी होइई… और मेरा लण्ड मुंह में लेकर चूसने लगीं और मैं ज़ोर ज़ोर से, उनके मम्मे दबाने लगा और हम 69 की पोज़िशन मे आ गये..

फिर भाभी बोलीं – सेंडी, ज़्यादा टाइम वेस्ट ना करो… अब डाल दो… ज़्यादा टाइम नहीं है… !!! !!

अब मैं उठा और लण्ड उनकी चूत पे रखा और एक झटका मारा तो मेरा लण्ड आधा भाभी की चूत में समा गया और भाभी चीखीं – अहह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह s s s s s s s… सेंडी स स स स s s s s s… आराम से… और फिर मैंने एक झटका मारा तो पूरा लण्ड भाभी की चूत में था और भाभी बोलीं – अहह मर गयइ ई ई ई ईई ई…. ओहंहम्ह आराम से कर…

फिर, मैंने भाभी को लीप किस की और फिर शॉट लगाने शुरू किया तो भाभी आवाज़े निकालने लगीं – आ ह आ ह आ ह आ ह आ ह… ऊ ऊ ऊऊ… आ ह आ ह आ ह… और तेज़ और तेज़…, आ ह आ ह आ ह आ ह s s s s s ss… उ ई ईई…

और भाभी को 2-4 मिनट तक चोदने क बाद, मैं झड़ गया और लण्ड भाभी की चूत में ही रहने दिया और उनके ऊपर लेट गया और बोला – मज़ा आ गया…

तो भाभी बोलीं – हाँ यार, मुझे भी…

फिर भाभी ने मेरा लण्ड अपनी चूत से निकाला और मैं उनके बगल में लेट गया और उनको लीप किस करने लगा और उनके मम्मे दबाने लगा और जैसे ही, मैंने उनके बूब को चूसा और एक निप्पल कटा तो भाभी – अन्ह… बोलीं और मेरे सिर में घुमा कर चाटा मारा और बोलीं – चलो, बस करो…

और, फिर वो उठीं और अपने कपड़े पहनने लगीं और कपड़े पहनने के बाद, मेरे पास आईं और बोलीं – उठो सेंडी, कपड़े पहनो… और मेरे लण्ड को, हाथ में लिया और बोलीं – ये, फिर खड़ा हो गया…

तो, मैं बोला – तुम ही बैठा दो, भाभी…

अब भाभी ने मेरे लण्ड पे, एक किस की और मेरी अंडरवियर पहना दी..

मैं उठा और अपनी पैंट पहनी..

फिर, हम फ्रेश हुए और बैठ गये..

तभी उनके घर की बेल बजी और भाभी ने दरवाजा खोला तो उनकी बेटी, खेल कर आ गई थीं..

अब मैं जाने लगा तो भाभी ने मुझे चुपके से एक सॉफ्ट लीप किस दी और बाय बोला..

मेरा और भाभी का रीलेशन, इसी तरह चलता रहा.. लेकिन, मेरी एक ग़लती की वजह से भाभी ने मुझसे बात करना बंद कर दी थीं..

हुआ ये की एक दिन शाम को, भाभी का मुझे कॉल आया और उन्होंने कहा – मस्तराम, मुझे कल अपनी बेटी के स्कूल जाना है… उसके स्कूल में पेरेंट्स टीचर मीटिंग है… पर मेरे इनको छुट्टी नहीं मिल रही है तो तुम मेरे साथ चलना…

इस पर मैंने कहा – ठीक है… कितने बजे चलना है…

तो वो बोलीं – 11 बजे…

मैंने कहा – ठीक है, भाभी…

पर अगले दिन, सुबह 10 बजे मेरे दोस्त घर पे आ गये और मुझे मूवी के लिए ले गये..

मैं भी उनके साथ चला गया और मूवी देखने लगा..

फिर, हम सब ढाबे में खाना खाने चले गये..

वहां पे मैंने अपना मोबाइल चेक किया तो उसमें भाभी के 20 मिस कॉल थे..

ये देखकर, मुझे याद आया की मुझे भाभी के साथ, उनकी बेटी के स्कूल जाना था..

मैंने तुरंत भाभी को कॉल किया तो भाभी ने कॉल काट दिया..

भाभी मेरा कॉल नहीं पिक कर रही थीं.. वो बार बार, कॉल काट रही थीं..

फिर, मैं अपने घर आया और भाभी से अकेले मिलने का मौका ढूँढने लगा..

आख़िर, मुझे शाम को मौका मिला.. जब, उनकी बेटी ट्यूशन गई तो मैं भाभी के पास गया..

भाभी, तब एक किताब पढ़ रही थीं..

मुझे देखकर, मुँह बनाते हुए बोलीं – टाइम मिल गया, तुम्हें…

मैं बोला – मुझे माफ़ कर दो, भाभी… मेरे दोस्त घर पे आ गये थे और मुझे मूवी के लिए ले गये… मैं बिल्कुल भूल गया था के मुझे आपके साथ जाना है… माफ़ कर दो ना, भाभी…

इस पर भाभी बोलीं – क्यूँ, सेक्स करना नहीं भूलते तुम… जब लंड में आग लगती है तो तो भाभी फ़ौरन याद आ जाती हैं… और तुम्हें कितने कॉल किए मैने… कॉल क्यों नहीं उठाया…

तो मैंने कहा – वो भाभी, मेरा मोबाइल साइलेंट पे था…

अब भाभी बोलीं – वाह!! कितना अच्छा बहाना है…

मैं बोला – नहीं भाभी, मैं झूठ नहीं बोल रहा…

भाभी बोलीं – वो, जो भी है… तुम्हारी वजह से, मुझे कितनी बातें सुनने को मिलीं, अपने पति से… क्यूंकि, मैं अपनी बेटी के स्कूल नहीं जा पाई… बस चूत चाहिए होती है तो लंड हिलाते हुए, आ जाते हो…

मैंने भाभी को फिर से सॉरी बोला..

अब वो गुस्से में बोलीं – बस, यार… मैं कोई रंडी नहीं हूँ… समझे तुम… अब बहुत हो गया… अब ना ही, मैं तुमसे बात करूँगी और ना ही, तुम मुझसे… हमारा जो भी रीलेशन था… अब ख़तम… और एक बात समझ लो, प्यार – व्यार तो मैं वैसे भी तुमसे नहीं करती थी… वो तो, मैं जो अपने पति के साथ नहीं कर पाती थी, वो तुम्हारे साथ करके अपनी प्यास बुझा लेती थी… तुम मेरे लिए बस एक मस्त लंड हो और कुछ नहीं… अगर, कुछ भी उल्टा सीधा करने की सोची भी तो सबको बता दूँगी की मुझे अकेले पा कर मेरी इज़्ज़त पर हाथ डालने की कोशिश करी, तुमने… समझ आ गया या नहीं…

मैं ये सुनकर रो पढ़ा पर भाभी नहीं मानी और बोलीं – चल बे, अपना ये रोना अपने घर जा के रो… चूतिया साला… भाग यहाँ से…

अब मैंने उनका हाथ पकड़ा तो भाभी मेरा हाथ झटकते हुए बोलीं – हाथ हटा… जा रहा है या चिल्ला कर, लोगों को इक्कठा करूँ…

फिर उन्होंने मुझे दरवाजे की तरफ उंगली दिखाई और दरवाजा बंद कर दिया..

मैं अपने घर आ कर, फूट फूट कर रोने लगा.. !!! !!

फिर, मैंने भाभी को 5 महीनों तक बहुत बार मनाया पर भाभी नहीं मानी..

यहाँ तक उन्होंने मेरे एक भी कॉल को अटेंड तक नहीं किया और ना ही, किसी मैसेज का जवाब दिया..

मैं अंदर से बहुत टूट चुका था..

भगवान से रोज़ दुआ करता था की भाभी मान जाए और आख़िर, वो वक़्त भी आ गया, जब भाभी मान गईं..

हमारे घर के पास एक भैया रहते हैं.. उनकी शादी थी..

हम सब, उनकी बारात में जा रहे थे तो मुझे पता चला की भाभी भी अपने पति और बेटी के साथ जा रही हैं..

मैंने सोच लिया था, चाहे जैसे भी हो, मुझे भाभी को मानना ही है..

फिर, हम लोग बारात के लिए बस से चल पड़े..

मैं जब बस में गया तो देखा की भाभी अपनी बेटी के साथ बैठी थीं तो मैं उनके पास गया और उन्हें कल्टी में एक लेटर दिया..

उसमें लिखा था की भाभी, अब तो माफ़ कर दो… 5 महीने हो गये हैं… मुझसे ग़लती हो गई… अब तो प्लीज माफ़ कर दो, ना… आई मिस यू, सो मच…

भाभी ने वो लेटर पढ़ के फाड़ फेंक दिया और कोई जवाब नहीं दिया..

मैं फिर उदास हो गया और कुछ नया सोचने लगा..

सोचते ही सोचते, हम लोग होटल पहुँच गये.. जहाँ हम लोग रुकने वाले थे..

मैंने अपने दोस्त के साथ वही कमरा लिया, जो भाभी के कमरे के बिल्कुल बगल में था और हमारे फ्लोर में, बस हम दोनों ही के कमरे थे.. बाकी सब के, नीचे वाले फ्लोर में थे..

फिर, हम लोग फ्रेश होने लगे और तैयार हो कर नीचे आ गये..

मैंने नीचे देखा तो भाभी के पति और उनकी बेटी थी.. भाभी नहीं थीं..

मैंने उनकी बेटी से पूछा – मम्मी कहाँ हैं, गुड़िया… तो वो बोली – मम्मी, अभी तैयार हो रही हैं…

मेरे दिमाग़ में अनायास एक आइडिया आया और मैं मेडिकल स्टोर से स्लीपिंग पिल्स की एक स्ट्रीप लेकर, भाभी के रूम पे गया और दरवाजा पे नॉक किया..

भाभी बोलीं – कौन है…

मैं कुछ नहीं बोला और फिर से डोर नॉक किया तो भाभी ने डोर खोला..

भाभी, मुझे देखकर बोलीं – मस्तराम, तुम… क्या काम है…

मैं बोला – मुझे आपसे कुछ बात करनी है…

भाभी बोलीं – पर मुझे तुमसे कोई बात नहीं करनी…

अब मैं बोला – भाभी, बस 2 मिनट… प्लीज…

भाभी बोलीं – ठीक है… फिर मैं रूम में गया और रूम लॉक कर दिया..

भाभी, तैयार होने लगीं और बोलीं – जो भी बोलना है, जल्दी बोलो…

मैंने कहा – भाभी, आई लव यू… मैं आपके बिना नहीं जी सकता… जब आप मुझे माफ़ नहीं कर सकती… तो मैं जी कर क्या करूँगा…

फिर, मैंने स्लीपिंग पिल्स की स्ट्रीप निकाली… …

फिर, जब मैंने स्लीपिंग पिल्स की स्ट्रीप निकाली तो भाभी उसे देख के बोलीं – मस्तराम, तुम पागल हो क्या… फेको उसे… और मेरे हाथ से छुड़ाने लगीं..

फिर, भाभी ने मुझे खींच कर 2 चाटें मारे और स्ट्रीप ले के खिड़की से बाहर फेंक दी..

मेरे आँसू आ गये और मैं बोला – अगर, आपने मुझे आज माफ़ नहीं किया तो मैं मर जाऊंगा… और, मैं वहाँ से चला गया…

फिर मैं अपने रूम में गया और फ्रेश हो कर, बाहर बारात में चला गया..

थोड़ी देर बाद, भाभी नीचे आईं तो मैं उन्हें देख कर दंग रह गया..

क्या लग रही थीं, यार..

काली साड़ी, डीप कट स्लीव लेस ब्लाउज.. वो भी बैकलेस.. बाल खुले हुए.. और वो कमरधनी तो उनके गोरे चिकने पेट पर, सोने पे सुहागा लग रही था..

एक दम अप्सरा लग रही थीं..

उनको तो देख के, किसी भी आदमी का लण्ड अपनी आप झड़ जाए..

वो एक दम कहर बरपा रही थीं..

उनकी क्लीवेज से साफ दिख रहा था की भाभी ने आज, ब्रा नहीं पहनी है.. क्यूंकि उनके मम्मे ब्लाउज फाड़ कर, आज़ाद होने को मचल रहे थे..

तभी मेरे दोस्त ने मुझे हिलाया और बोला – क्या देख रहा है, गान्डू… शादीशुदा है… पिटवाएगा क्या !!! !!

मैं बोला – अरे नहीं भाई, कुछ नहीं… और तब अहसास हुआ की मैं क्या कर रहा हूँ.. सब मिलकर मारेंगें..

और मैं फिर से उदास हो गया और पूरी बारात में, ऐसे ही उदास ही रहा और बाकी सब नाचते गाते मैरिज गार्डेन पहुँच गये..

वहाँ, जय माला होने लगीं और मैं एक कोने में बैठ गया और दूर से भाभी को देखने लगा..

मैं भाभी के फिगर के हर हिस्से को गौर से देख रहा था और पुराने दिन, याद करने लगा..

फिर, थोड़ी देर बाद सब खाना खाने चले गये पर मैं नहीं गया..

 


भाभी ने वहां मुझे नहीं देखा तो 5 महीने बाद, उनका पहला मैसेज आया की कहाँ हो,मस्तराम

उनका मैसेज देखकर, मैं खुशी से पागल हो गया और भाभी को जवाब किया की स्टेज के पास हूँ…

भाभी का जवाब आया की खाना खाने, आओ…

मैंने जवाब दिया की मुझे खाना नहीं खाना…

भाभी का जवाब आया – क्यों नहीं खाना…

इस पर, मैंने जवाब दिया की जब तक आप मुझे माफ़ नहीं करोगी, मैं खाना नहीं खाऊँ गा…

भाभी बोलीं –मस्तराम, मैंने तो तुम्हें कब का माफ़ कर दिया… मैं तो तुम्हें सबक सीखना चाहती थीं की किसी को प्रॉमिस करो तो उसे पूरा करो, तोडो मत…

अब मैंने जवाब दिया की हाँ भाभी, मेरी ग़लती थी… मुझे माफ़ कर दो…

भाभी का जवाब दिया – ठीक है… चलो, अब खाना खाने आओ…

मैंने जवाब दिया – अपने मुझे सही में माफ़ कर दिया ना…

तो भाभी का जवाब आया – हाँ बाबा, माफ़ कर दिया… जल्दी आओ, मैं इंतेज़ार करूँगी…

फिर, मैं खाने वाले एरिया में गया..

वहां एक टेबल पर, भाभी के साथ उनकी बेटी और 4-5 दोस्त बैठे थे..

मैं वहां पहुँचा तो सबने मुझे खाना खाने को कहा..

मैंने बोला – रूको, मैं प्लेट ले कर आता हूँ…

इस पर, भाभी बोलीं – अरे!!इसी में खा लो…

तो मैं उनके बगल में बैठ गया और खाना खाने लगा.. !!! !!

खाना खाते खाते, भाभी की तरफ जब मैंने गौर से देखा तो लण्ड खड़ा हो गया…

तभी, भाभी धीरे से बोलीं –खुद पर कंट्रोल करो… मुंह से लार टपक रही है… साफ नज़र आ रहा है…

मुझसे रहा नहीं गया और मैंने चुपके से उनके पेट पे हाथ रख दिया..

भाभी ने मुझे आँखें दिखाईं और इशारों में हाथ हटाने को बोला पर मैं ढीट, कहाँ मानने वाला था..

इसी तरह, मैं खाना खाते खाते भाभी से फ्लर्ट करने लगा और खाना खाने के बाद, मैं बोला – भाभी, अब तो हलुआ खाने का मन कर रहा है…

ये सुनकर, भाभी को ठस्का लग गया और मैंने उन्हें पानी दिया..

तभी एक दोस्त बोला – यार मस्तराम, खाने में तो हलुआ है ही नहीं… तू कहाँ से खाएगा…

मैं हंस पड़ा और बोला – यार, हलुआ तो मैं ज़रूर खाऊंगा… आख़िर, 5 महीने से नहीं खाया है…

फिर, भाभी थोडा ग़ुस्से में वहां से उठ कर, वहां से चली गईं और मुझे कॉल किया..

मैंने बोला – हाँ, भाभी…

भाभी बोलीं – मस्तराम क्या है… क्या तमाशा है ये… कौन सा हलुआ खाना है तुम्हें… क्या नाटक कर रहे हो, सबके सामने

तो मैं बोला – क्यूँ भाभी… क्या किया मैंने…

अब भाभी बोलीं – पागल हो गये हो, क्या… देखो, मस्तराम तुम्हारे इसी उतावले पन की वजह से मैंने तुमसे पला झाड़ लिया था… मरने मूरने का नाटक नहीं करते तो अभी भी मैं नहीं मानती… तुम्हारी समझ में क्यूँ नहीं आता, मैं शादीशुदा हूँ… मेरे लिए मेरे पति और परिवार से बढ़ कर, ना तुम हो ना तुम्हारा लंड…

मैं बोला – देखो भाभी, वो सब ठीक है पर आज मैं कंट्रोल नहीं कर सकता… प्लीज, आज मना मत करो…

भाभी बोलीं – उफ्फ!! मस्तराम तुझ से बड़ा चूतिया आशिक़ मैंने अपनी जिंदगी में नहीं देखा… वैसे मैंने भी बहुत दिनों से किसी जवान लंड के साथ ताबड़ तोड़ चुदाई नहीं की… चूत में तो मेरी भी कई महीनों से आग लगी है… पर, अगर मैं मान भी गई तो हम कहाँ करेंगे… अगर सीधी साधी चुदाई करनी होगी तो पति के नीचे ही, चूत लेकर लेट जाउंगी ना… इतनी रिस्क क्यूँ लूँगी…

इस पर मैं बोला – भाभी, आप चिंता मत करो… आपको जैसी पसंद है, वैसी ही चुदाई होगी… बस, आप सब मुझे पे छोड़ दो…

भाभी बोलीं – चल, ठीक है… मूत पिएगा ना, मेरी…

मैं बोला – हाँ भाभी, बिल्कुल… आज तो आप कहोगी तो आपकी टट्टी भी खा लूँगा… बस, एक बार चोद लेने दो… नहीं तो सच में भाभी, मेरा लंड फट ही जाएगा…

भाभी बोलीं – हट… घिने कहीं के… चल रखती हूँ…

फ़ोन रख कर, मैं प्लान बनाने लगा और थोड़ी देर बाद, भाभी को कॉल किया तो भाभी बोलीं – हाँ , बोलो…

मैंने कहा – भाभी, आपके हब्बी तो ताश खेलने में मस्त हैं और आपकी बेटी अपने दोस्तों के साथ, खेल रही है…

वो बोलीं – हाँ तो…

मैंने कहा – भाभी, मैं बाहर कार में आपका इंतेज़ार कर रहा हूँ… जल्दी से, आ जाओ… हम होटल में चलते हैं…

भाभी बोलीं – पगला तो नहीं गया है,कोई भी मुझे आते हुए देख लेगा…

मैं बोला – क्या भाभी, कोई बहाना बना कर आ जाओ…

भाभी बोलीं – अच्छा ठीक है… थोड़ी देर में, मौका देख कर आती हूँ…

फिर थोड़ी देर बाद, भाभी का कॉल आया – मस्तराम, कार का दरवाजा खुला रखो… मैं आ रही हूँ !!! !!

मैंने दरवाजा खोल दिया और थोड़ी देर बाद, भाभी आ गईं और कार में बैठ गई..

फिर वो बोलीं – तुम ना, एक दिन मरवाओगे… और फिर बोलीं – चलो ना अब, जल्दी… कोई देख लेगा तो तुम्हारा लंड उखाड़ के फेंक दूँगी…

इस पर, मैं हंस दिया और गाड़ी चलाने लगा..

भाभी ने एक मेडिकल स्टोर पे गाड़ी रुकवाई और बोलीं – मस्तराम जाओ, कंडोम ले आओ…

मैं बोला – अरे नहीं, भाभी… ऐसे ही, करने दो ना… बिल्कुल मज़ा नहीं आता है, कंडोम पहन के… एक बार तो करने दो… आपकी चूत का गरम गरम रस मेरे लंड पे बहेगा तो मज़ा आ जाएगा…

भाभी बोलीं – अच्छा, बड़ा आया… रस बहने दो… सीधे सीधे बताओ, चोदना है की नहीं…

मरता क्या ना करता, चुपचाप जाकर मैं कॉन्डोम ले आया..

भाभी ने कहा – चलो अब… कोई टेंशन नहीं है…

फिर वो बोलीं – मस्तराम आज कुछ स्पेशल चीज़ मत करना…

तो मैं बोला – स्पेशल, मतलब…

भाभी बोलीं – वही, तुम्हारी आइस क्रीम और फिर चामस्तराम…

मैं बोला – क्यों, भाभी…

भाभी बोलीं – यार, दो घंटे नहाने के बाद, मेरे बदन से चिपचिपाहट गई थी… समझे की नहीं…

तो मैं बोला – ठीक है, भाभी… कोई बात नहीं…

कुछ देर में हम होटल पहुँच गये और हम अपने फ्लोर पे गये तो भाभी बोलीं – किस के रूम मे !!! !!

मैं बोला – आपके… आपके रूम में, कोई नहीं आएगा…

भाभी बोलीं – ठीक है…

फिर हम अपने रूम में गये और मैंने डोर लॉक किया और फिर भाभी के पास गया और उनके चेहरे पे उंगलियाँ फेरते हुए बोला – भाभी जान, आज 5 महीने बाद आपको छू रहा हूँ…

भाभी ने मेरे हाथ पे किस किया और बोलीं – तो किसका वेट कर रहे हो… आओ, अपनी प्यास बुझा लो…

मैं भाभी के होंठों को अपने होठों में लेकर, चूसने लगा और खूब चूसा..

हम दोनों की जीभ, आपस में मिलने लगी..

फिर, मैं भाभी के मम्मे दबाने लगा..

आह!! क्या मज़ा आ रहा था, यार..

मेरा अंदाज़ा था की आज भाभी ने ब्रा नहीं पहनी थी..

मैं बहुत ही ज़ोर ज़ोर से, भाभी की मम्मे दबाने लगा और फिर मैंने भाभी की पीठ पे हाथ ले जाकर, भाभी का ब्लाउज खोल दिया और मम्मे एक दम से खुल के सामने आ गये..

तो भाभी बोलीं – आराम से… तू इतना बेसब्र क्यूँ हैं… और फिर, मैंने भाभी का ब्लाउज उतार कर, भाभी को बेड पे लिटा दिया और उनको लीप किस करना लगा और मम्मे दबाने लगा…

कुछ देर धीरे धीरे, और फिर ज़ोर से मम्मे दबाने पर भाभी सिसकारियाँ करने लगीं – आ ह आ ह आ ह आ ह अहह उन्म्म… इनयः इयाः उफ्फ फू या ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह s s s s s… आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ… और, फिर मैंने उनके निप्पल पे जीभ रखी तो भाभी लगभग चिल्ला पड़ीं – ई ई या ह म्म ह आ ह्मः माह स स स स स स स स स स s s s s s…

फिर, मैं भाभी के निप्पल को चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा भाभी लगातार – आ ह आ ह आ ह आ ह ऊ ऊ ऊ ऊ… आ ह आ ह आ आ आअशह इश् इस्स इयाः म्म ह ह ह ह ह s s s s s… और मैंने भाभी की निप्पल काटी तो भाभी चीखीं – अहह मर र र र र र र र गयइ मस्तराम झ ह ह ह ह ह ह ह ह ह s s s s s…

अब मैं भाभी की टुंडी पे किस करने लगा और उनकी कमर पर पहनी, कमरधनी को किस करने लगा और उसे धीरे से उतार दिया..

इसके बाद, उनकी चूत पे ऊपर से हाथ फेरने लगा और फिर मैंने जल्दी से भाभी की साड़ी और पेटीकोट उतार दिया और भाभी की पैंटी देखी तो मज़ा आ गया..

छोटी सी काली पैंटी थीं..

एक दम टाइट, वो उनकी चूत और गाण्ड में घुसी जा रही थी..

मैं भाभी की झांट के बाल, साफ देख सकता था..

वो पैंटी के ऊपर से भी दिख रहे थे..

मैं भाभी की पैंटी को सूंघने लगा..

यार, क्या मादक महक थी.. मज़ा आ गया.. एक नशा सा चढ़ गया, मुझे..

फिर, मैंने भाभी की पैंटी उतारी तो मैं दंग रह गया..

भाभी की चूत पे लंबे और मस्त काले घने बाल थे..

इतने बाल की उनके चूत के छेद को ढूँढना मुश्किल था..

भाभी बोलीं – क्या देख रहे हो…

मैं बोला – आपके चूत का जंगल… अपने अपनी झांट के बाल, कब से नहीं बनाए…

भाभी बोलीं – बहुत दिन से, यार… तेरे भैया को तो कोई मतलब है नहीं… 4-6 दिन में कभी मूड हुआ तो गाउन या साड़ी उठा कर 5-10 धक्के लगा देते हैं… और फिर, तेरे जैसे कोई दूसरा जवान चूतिया लंड नहीं मिला ना…

मैं ये सुन कर, थोडा उदास हो गया तो भाभी बोलीं – अरे मज़ाक कर रहीं हूँ, मेरे भोले बलम… तू तो ज़रा ज़रा सी बात पर मुँह बना लेता है… चल अब, क्या देखता ही रहेगा… आ जा मैदान में…

मैं बालों वाली चूत को आज पहली बार देख रहा तो मुझसे रहा ना गया और मैं भाभी की चूत को चाटने लगा..

मेरे होंठों का स्पर्श पाते ही भाभी – स स्स्स्स्स् शह… करने लगीं..

उनकी मदहोशी देख कर, मैं भाभी की चूत को ज़ोर ज़ोर से चाटने लगा और भाभी – उनमह इस्स इयाः या माह ह ह ह आ ह आ ह आ ह आ ह आ ह आ ह आ ह हह स स स स… मस्तराम य य य य य य य… और ज़ोर से… और ज़ोर से… खा जा, अपनी भाभी की छीनाल चूत… इयाः माह आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ ह ह ह ह ह ह ह s s s s s s… उफ्फ फ फ्फ फ़फ्फ़… और वो मेरा सिर चूत में ज़ोर से दबाने लगीं और थोड़ी देर मे भाभी झड़ गईं..

फिर, भाभी मेरे ऊपर आईं और मुझे लीप किस करने लगीं और मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरे लण्ड को बुरी तरह मसलने लगीं और बोलीं – लगता है, तेरे लण्ड को कुछ ज़्यादा ही जल्दी है… अभी से झटके मार रहा है…

मैं बोला – भाभी तो शांत कर दो ना…भाभी ने मेरा लण्ड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगीं – वाह!! क्या मज़ा आ रहा था… मैं तो बस भाभी के सिर को अपने लण्ड की तरफ धकेल रहा था..

फिर थोड़ी देर बाद, हम 69 की पोज़िशन में आ गये और खूब मज़े लेने लगे..

अब मैं सीधा हुआ और भाभी को लीप किस करके, बोला – तैयार हो, भाभी शेर की सवारी के लिए…

तो वो बोलीं – आ जा, मेरे शेर…

मैंने तुरंत अपने लण्ड को भाभी की चूत पे रखा और एक झटका मारा तो लण्ड का टोपा थोड़ा अंदर गया तो भाभी चीखीं – आईं ई ई या याश्न मम हह हः आइ इयाः s s s s s… अह आअहह आ आ आ… मर गयइ s s s… अहह आराम से,…

मैं समझ गया की भाभी की चूत बहुत दिनों से नहीं चुदीं है…

थोड़ा और झटका मारने पे, आधा लण्ड अंदर गया तो भाभी चीखीं – अहह ह ह ह ह ह ह ह ह ह… उ ई ई ई या… आईं ई ई अहह s s s…

फिर तीसरे झटके में, लण्ड अंदर गया और भाभी चिल्ला पड़ीं – उन्हम्म… आईं ईई अहह मर गयइ… और मे भाभी को लीप किस करने लगा और उनके मम्मे दबाने लगा तो भाभी मेरी पीठ में नाख़ून चुभाने लगीं..

एक बार फिर, भाभी का दर्द शांत होने पर मैंने शॉट लगाने शुरू किए..

भाभी – आ ह आ ह आ ह आ ह आ ह ऊ ऊ ऊ ऊ… आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आइन्या या या… ई इम्ह स स स स स स स s ss s ss.. और तेज़… और तेज़… आह आह आह आ आए आ आए आए… फाड़ दो,… आ ह आ ह आ ह आ ह… और, पूरा कमरा फ़च फ़च की आवाज़ से गूंजने लगा..

मैं भाभी को 5 मिनट तक चोदने के बाद, बोला – भाभी, मैं आ रहा हूँ…

तो भाभी बोलीं – समा जाओ, मुझमे ही…

मैं आया.. आया.. .. और मैं आ गया.. .. ..

और… … अपना सारा रस भाभी की चूत में डाल दिया और भाभी के बगल में लेट गया और उनको लीप किस करने लगा..!!

कुछ देर बाद ही, मैं भाभी की मम्मे दबाने लगा और भाभी मेरे लण्ड को हिलाने लगीं.. जिससे, मेरा लण्ड फिर खड़ा हो गया तो भाभी बोलीं – उफ्फ मां!! ये तो फिर जाग गया…

मैं बोला – अभी सुला देता हूँ, भाभी जान… और, मैं उनकी गाण्ड पे हाथ फेरने लगा..

तो भाभी बोलीं – प्लीज, मस्तराम आज गाण्ड मत मारना… बहुत दर्द होता है… और, यहाँ तो कुछ है भी नहीं, जो तुम अपने लण्ड पे लगाओ और आराम से चला जाए…

इस पर, मैं बोला – आप चिंता मत करो… मैं सब कर लूँगा…

अब मैं उठा, भाभी को उल्टा किया और उनकी गाण्ड को सूंघने लगा..

क्या खुशबु थी, यार..

एक दम नशीली और मदमस्त गाण्ड..

अब मैंने भाभी की गाण्ड में, उंगली अंदर डाली तो भाभी बोलीं – आईं ईए या या हुम इस्मह इयान्ह अहह… आराम से…

और मैं धीरे धीरे, उंगली अंदर बाहर करने लगा और फिर धीरे से दूसरी उंगली भी डाल दी..

भाभी तो बस चिल्लाए ही जा रहीं थीं – आइन्या या या या आया आ औया माह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह आ ह आह आ ह आह माह इस्स स स स स स स स स स स s s s ss sss… आराम से,

फिर, मैंने अपना लण्ड भाभी से चुस्वाया और उनकी गाण्ड में रख के झटका मारा तो लण्ड फिसल गया..

अब मैंने भाभी की गाण्ड पे, ढेर सारा थूक लगाया और फिर झटका मारा तो लण्ड का टोपा अंदर गया तो भाभी चीखीं – आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ इयाः या या आया आ… अहह आईं ईई ई ह उईई… प्लीज नही ह ह ह ह हह स स स स स स स स स s s s ss s sss…

मैंने परवाह किए बिना, थोड़ी देर बाद फिर एक झटका मारा तो आधा लण्ड अंदर गया तो भाभी ज़ोर से चीखीं – नहीं स स स स स स स स स स स स स स स स स s s ss sss sssss…

फिर मैंने देर ना करते हुए, पूरा लण्ड अंदर डाल दिया और भाभी बोलीं – मर गयइ ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई… प्लीज मस्तराम , निकाल लो स स स स स s s s ss ss ss ssssss…

भाभी के आँसू आ गये थे तो मैं थोड़ा रुका और भाभी के मम्मे दबाने लगा और भाभी का दर्द शांत होने के बाद, मैं शॉट लगाने लगा..

भाभी लगातार – आइयै यान इयान्यः इस्स स स स आह आ ह आह आ ह अहह आईंईईर उईई आह आह आह अहह आह… नहीं मस्तराम नहीं स स स स स स sssssss… आ ह आह आ ह आह आहआह आ ह आह… आईं ईई अहह… कर रहीं थीं..

और मैं 2-4 मिनट तक चोदने के बाद, झड़ गया और फिर से भाभी की बगल में लेट गया.. !!

फिर थोड़ी देर बाद, भाभी को लीप किस की तो भाभी बोलीं – बस मस्तराम, अब और नहीं… हमें गार्डेन भी जाना है…

मैंने तुरंत अपने मोबाइल में टाइम देखा तो रात के 2:30 बज गये थे तो भाभी बोलीं – मस्तराम 4 बजे का अलार्म लगा दो और सो जाओ…

 


फिर हम बिछड़े, तोता मैना एक दूसरे की बाहों में सो गये..

4 बजे मेरा अलार्म बजा तो मैं जाग गया और भाभी को देखा तो वो सो रही थीं..

उफफ्फ़!! कितनी प्यारी लग रही थीं..

उनके चेहरे पे, उनके बाल आ रहे थे..

मैंने भाभी के चेहरे से बाल हटाए और उनके माथे पे एक किस की तो भाभी उठ गईं और बोलीं – 4 बज गये, क्या…

मैं बोला – हाँ…

भाभी उठने लगीं तो मैंने उनका हाथ पकड़ कर, अपने पास खींच लिया तो वो बोलीं – छोड़ो… अब जाना है…

मैंने भाभी को लीप किस की तो भाभी बोलीं – मना कर दिया ना, अब… बस हो गया…

मैंने भाभी से पूछा – भाभी, पर आप ने अभी मुता तो है ही नहीं… आप जानती हो मुझे ये कितना पसंद है…

तो भाभी बोलीं – अच्छा जी… तो ये बताओ अपने ऊपर मुतवाना पसंद है या मेरी गरमा गरम मूत पीना पसंद है…

और, वो ज़ोर से हंस पड़ीं..

फिर वो फ़ौरन उठ गईं और फ्रेश हो कर कपड़े पहने और तैयार हो गईं..

मैं भी जल्दी जल्दी तैयार हो गया और हम गार्डेन के लिए निकल पड़े..

गार्डेन पहुँच कर, मैंने भाभी से बोला – भाभी, आप अंदर जाओ और अंदर सब ठीक हो तो मुझे मैसेज कर देना…

भाभी बोलीं – ठीक है…

और, मेरे लीप पे एक किस की और बोलीं – यार, मज़ा आ गया आज…

मैं बोला – मुझे भी…

थोड़ी देर बाद, भाभी का मैसेज आया की सब ठीक है…

फिर मैं अंदर गया और दोस्तों के साथ बाते करते करते, मैं वही सोफे पे सो गया..

सुबह 7 बजे, मेरे दोस्त ने मुझे उठाया और मैं फ्रेश हो कर बैठ गया..

थोड़ी देर बाद, भाभी मेरे पास आए और मुझे गुड मॉर्निंग विश किया और मुझे चाय दी..

भाभी ने अब सूट पहना हुआ था तो मैंने पूछा – भाभी, आपने कपड़े कब बदल लिए तो वो बोलीं – तेरे भैया को भी मुझे खुश रखना पड़ता है… और उन्होंने मुझे आँख मार दी..

मैंने पूछा – तो, कैसी लगीं रात को शेर की सवारी…

भाभी बोलीं – यार, ऐसा लगा जैसे पहली बार सवारी की हो… मज़ा आ गया…

अब मैंने पूछा – भाभी, भैया या और किसी ने पूछा नहीं की रात भर कहाँ थीं…

भाभी बोलीं – पूछा तो था, पर मैंने बोल दिया की बात करते करते मेरी आँख लग गई थी, औरतों के एक रूम में…

खैर, हम थोड़ी देर बाद बिदाई करा कर घर लौटने लगे..

और थोड़ी देर बाद हम घर पहुँच गए, एक यादगार और शानदार शादी को एन्जॉय करके.. ..

आखिरकार, मैंने फिर से भाभी को पटा ही लिया.. ..

मेरी और भाभी की प्यार और सेक्स लाइफ, दोनों ही मस्त चल रही थीं..

हम हफ्ते में मौका मिलते ही, कम से कम एक बार तो सेक्स कर ही लेते थे और कभी कभी तो 2-3 बार भी..

भाभी भी आज कल, मेरी सेहत का बहुत ख़याल रखने लगीं थीं..

अक्सर, वो मुझे जिनजर जूस और बाय्ल्ड अंडे देती रहती थीं..

मैं उनसे पूछता था तो वो बोलती थीं – इससे तुम्हारा सेक्स स्टेमिना बढ़ेगा..

मैं भी बड़ी खुशी से पी लेता था..

हम काफ़ी एंजाय कर रहे थे और ऐसे ही, हमें एक साल हो गया..हमारी चुदाई की सालगिरह आने वाली थीं.. जब मैंने पहली बार, भाभी को चोदा था..

मैं बहुत खुश था और सोच रहा था की इसे अलग स्टाइल से मनाऊंगा..

तो, हमारी सालगिरह के दो दिन पहले, मैं भाभी से फोन पर बात कर रहा था..

मैं भाभी से बोला – भाभी, हमारी सालगिरह आने वाली है… तो भाभी बोलीं – कौन सी सालगिरह, भाई…

तो, मैं बोला – हमारी पहली चुदाई की…

इस पर भाभी हंस पड़ीं और बोलीं – अच्छा जी, तुझे याद है…

मैं बोला – हाँ!! क्यों नहीं… इस दिन को मैं कैसे भूल सकता हूँ, जब मैंने पहली बार एक अप्सरा को चोदा था…

भाभी बोलीं – ओह ओ!! अच्छा जी…

मैं बोला – हाँ भाभी, बिल्कुल…

भाभी बोलीं – वैसे मुझे भी ये दिन जिंदगी भर, याद रहेगा… जब मैंने एक शेर के लण्ड को, चूत के अंदर लिया था और उसके उपर मुता था…

मैं बोला – ह्म्म्म्म… क्या भाभी, आप भी…

भाभी बोलीं – अच्छा चल, वैसे सालगिरह का क्या प्लान है…

मैं बोला – प्लान क्या है… बस, पूरी रात और दिन आप में ही खोना है…

भाभी बोलीं – ठीक है…

मैं बोला – वाह!! भाभी आप तो तुरंत मान गईं…

भाभी बोलीं – पर, ये कैसे होगा…

मैं बोला – आप हो ना… कैसे भी करो… मुझे मालूम है, आपका दिमाग़ कंप्यूटर से भी तेज़ चलता है… परसो रात और अगला दिन, आप मेरी ही हो…

भाभी बोलीं – ज़िद मत करो, मस्तराम… सब घर पर हैं… मैं कितना भी दिमाग़ चला लूँ, ऐसा नहीं हो सकता…

तो मैं बोला – प्लीज भाभी… कैसे भी करो… ये काफ़ी ख़ास दिन है, मेरे लिए और मैं इसे वेस्ट नहीं जाने दे सकता… मैं तो सेलिब्रेट ज़रूर करूँगा…

अब भाभी, कुछ सोच कर बोलीं – चल, अच्छा देखती हूँ…

मैं बोला – मुझे कल शाम तक बताओ…

भाभी बोलीं – देख, मैं वादा तो नहीं करती पर कोशिश करती हूँ… और, बाय बोल के फोन रख दिया !!!

फिर, मैं भाभी से बात करके अपने दोस्त के साथ घूमने चला गया और रात को सोते वक़्त, सोचने लगा – भाभी को क्या गिफ्ट दूँ..

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था..

मैं बहुत परेशान था..

तभी, मैंने सोचा – क्यों ना, भाभी को एक साड़ी गिफ्ट करूँ… जो वो हमेशा पहन सके… और, मैं साड़ी कन्फर्म करके, उस रात के सपने देखने लगा और सो गया..

फिर, मैं सुबह उठा और भाभी को मैसेज किया की कुछ बात बनी…

इस पर, भाभी का जवाब आया की कल शाम को ही तो अपनी बात हुए थी… थोड़ा टाइम तो दो…

मैंने, ठीक है… बोल दिया और नाश्ता करके भाभी के लिए, साड़ी लेने चला गया..

मुझे बड़ी मुश्किल से एक साडी पसंद आईं..

वो, डार्क ग्रीन रंग की थी..

मैंने वो साडी पैक करा ली और वो गिफ्ट, अपने घर में छुपा कर रख दिया और लंच करके सो गया..

फिर, शाम को जब भाभी का कॉल आया तो मैं उठा..

भाभी बोलीं – मस्तराम, देख कल हम सालगिरह सेलिब्रेट नहीं कर सकते…

मैं बोला – क्यों, भाभी… ऐसा क्यूँ…

भाभी बोलीं – देख, सब घर पे है… कोई, कहीं नहीं जा रहा…

तो मैं गुस्से में बोला – आप झूठ बोल रही हो ना…

भाभी बोलीं – नहीं, यार तुम्हारी कसम…

मुझे बहुत गुस्सा आया और मैं बोला – भाभी, मैं कुछ नहीं जानता… अगर कल हमने सालगिरह नहीं सेलिब्रेट की तो मैं आपसे कभी बात नहीं करूँगा…

भाभी बोलीं – प्लीज, मस्तराम… देखो, मान जाओ… ऐसा मत करो… पर मैं नहीं माना और कॉल रख दिया..

भाभी कॉल करती रही पर मैंने नहीं उठाया और ना ही, किसी मैसेज का जवाब किया..

फिर, अगले दिन सुबह भाभी का मैसेज आया..

सालगिरह की बधाई…

मैंने भी – आपको भी… लिख कर, भेज दिया और नहाने चला गया..

नहाने के बाद, मैंने नाश्ता किया और मौका देखकर, भाभी के घर गया गिफ्ट लेकर..

भाभी, टीवी देख रही थीं..

वो मुझे देख कर खुश हुई और बोलीं – आओ मस्तराम, बैठो…

मैं बोला – मैं ऐसे ही, ठीक हूँ…

वो बोलीं – बड़ा गुस्सा आता है, तुझे…

तो मैंने कुछ नहीं बोला और फिर थोड़ी देर बाद कहा – आपको तो इस दिन की कोई परवाह नहीं है… पर मुझे है, इसलिए ये आपके लिए गिफ्ट और सालगिरह की बधाई… और, वहाँ से चला आया..

भाभी पीछे से बुलाती रहीं पर मैं नहीं रुका.. !

मैं उस पूरा दिन, बहुत उदास था.. कुछ समझ नहीं आ रहा था, क्या करूँ.. इसलिए, मैं दिन भर सोता रहा और मैंने भाभी के किसी भी मैसेज या कॉल का जवाब नहीं दिया..

फिर, मैं फ्रेश हो गया और अपनी बाल्कनी में खड़े हो कर, चाय पीने लगा..

तभी थोड़ी देर बाद, भाभी अपने दरवाजे पर आई और मुझे देखकर मुस्कराने लगीं..

मैंने उन्हें इग्नोर किया और चला गया, अपने रूम में..

मेरा मूड, बहुत खराब हो रखा था..

कहीं मन नहीं लग रहा था और मैंने, रात का खाना भी नहीं खाया था और तभी रात के करीब 9 बजे, भाभी मुझे फोन करने लगीं..

मैंने फोन नहीं उठाया..

फिर कई बार फोन करने के बाद, उनका एक मैसेज आया की प्लीज, फोन उठाओ… ज़रूरी काम है…

मैसेज पढ़कर, मैंने सोचा – फोन कर ही लेता हूँ…

तो भाभी ने फोन उठाते ही बोला – क्या बदतमीज़ी है ये, फोन क्यों नहीं उठा रहे थे…

मैंने बोला – आपको पता है, क्यों नहीं उठा रहा था…

तो वो बोलीं – हाँ!! मुझे पता है… पर, जब रात में कॉल किया तो कोई ज़रूरी कम ही होगा ना…

मैं बोला – हाँ, ठीक है… अब बताओ तो क्या ज़रूरी काम है…

इस पर, भाभी बोलीं – हाँ तो सुनो… जल्दी से, तैयार हो जाओ… अपनी सालगिरह सेलिब्रेट करने को…

मैंने कहा – मतलब…

भाभी बोलीं – वो बाद में समझाउंगी… बस में तुम्हें 10:30 बजे कॉल करूँगी तो आ जाना… मैं घर का दरवाजा खुला रखूँगी…

अब मैं बोला – अरे, पर बाकी के घर वाले कहाँ गये तो भाभी बोलीं – तुम्हें क्या करना है… तुम्हें जैसा बोला है, वैसा करो… और ऐसा कहकर, उन्होंने फोन रख दिया..

मैं बहुत खुश हुआ और जल्दी से खाना खा कर, अपने घर पर कह दिया की मैं अपने दोस्त के यहाँ जा रहा हूँ, सोने… और, मैं बाहर आ गया और मार्केट चला गया..

वहाँ से मैंने कंडोम और डेरी मिल्क सिल्क ले ली, भाभी के लिए और भाभी के फोन का वेट करने लगा..

थोड़ी देर बाद, भाभी का कॉल आया और कहा – मस्तराम, मैंने दरवाजा खोल रखा है… जल्दी से आ जाओ…

मैं बोला – ठीक है… और मौका देखकर, भाभी के घर में चला गया..

भाभी ने जल्दी से दरवाजा बंद किया और मुझसे कहा की ज़रा भी आवाज़ नहीं करना और मेरा हाथ पकड़ के चल दी..

पूरे घर में अंधेरा था और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था तो तभी भाभी ने एक कमरे का ताला खोला और हम उसमें चले गये वहाँ भाभी ने लाइट चालू की तो मैंने देखा की वो भाभी का स्टोर रूम था पर ये स्टोर रूम कम हनिमून स्वीट, लग रहा था..यहाँ भाभी ने एक गद्दा बिछा रखा था, उस पर लाल गुलाब पड़े थे, मोमबती रखी थीं और एक गिलास दूध भी था और एक छोटी बोटल रखी थीं..

मुझे कुछ समझ नहीं आया की ये बोटल किस की है तो भाभी से पूछने क लिए पीछे मुड़ा तो मैं तो दंग रह गया..

भाभी क्या लग रही थीं..

एक दम गरमा गरम और सेक्स की मूरत लग रही थीं..

उन्होंने वही साड़ी पहनी थीं, जो मैंने गिफ्ट की थी और बैकलेस ब्लाउज..

बाल खुले हुए और वो कातिल कमरधनी देख कर तो मुझसे रहा ही नहीं जा रहा था..

फिर, भी मैंने कंट्रोल करके भाभी से पूछा – आख़िर, ये सब आपने किया कैसे…

भाभी बोलीं – उनके सारे घर वाले गरमी में छत पर ही सोते है तो उन्होंने उनके पति के दूध के गिलास में नींद की गोली डाल दी, जिससे वो रात भर सोते रहें..

मैं बोला – लेकिन, आपकी बेटी…

वो बोलीं – वो तो सुबह 7 बजे तक उठती है… तब तक, सिर्फ़ हम दोनों हैं…

मैंने कहा – वाह!! भाभी मान गया, आपको… क्या सर्प्राइज़ दिया है, आपने…

फिर मैंने पूछा – बाकी, सब तो ठीक है पर वो एक बोटल किस चीज़ की है…

वो बोलीं – सरसों के तेल की…

मैं बोला – पर क्यों…

तो वो बोलीं – तुम गाण्ड तो मरोगे, नहीं ना…

मैं बोला – क्यों नहीं मारूँगा…

भाभी बोलीं – तेल लगाकर मारना… जिससे दर्द कम होगा और आवाज़ भी कम होगी…

मैं बोला – ठीक है, भाभी…

और, भाभी ने सारी मोमबती जला दी और लाइट बंद कर दी और मेरे पास आकर, मेरे चेहरे पे हाथ फेरते हुए बोलीं – मस्तराम, सालगिरह मुबारक हो…

अब मैं भी जोश में आने लगा और भाभी के होंठ पे हाथ फेरते हुए बोला – तुम्हें भी, भाभी जान… और, उन्हें डेरी मिल्क दी और कंडोम निकाल कर साइड में रखे..

भाभी बोलीं – वाह यार, आज तुम्हें कंडोम लाना याद रहा…

मैं बोला – हाँ भाभी ले आया…

भाभी बोलीं – वेरी गुड…

फिर क्या था..

मैं भाभी के पास गया और उन्हें नीचे बेड पे बैठाया तो भाभी बोलीं – पहले दूध तो पी लो… और, उन्होंने अपने हाथ से मुझे दूध पिलाया..

फिर, मैंने उनके कान पे होंठ फेरने लगा..

अब, भाभी सिसकारी निकालने लगीं – आ आह उन्म उःमह… और, फिर मैंने भाभी के होंठ को चूसने लगा और भाभी भी मेरा साथ देने लगीं..

फिर करीब 5 मिनट बाद, हमने किस छोड़ी तो हम दोनों हाँफने लगे..

भाभी बोलीं – मेरे राजा, जान निकाल दी, एक किस ने ही… अभी तो पूरी रात बाकी है…

मैं बोला – बस, आप अब देखती जाओ…

फिर, मैं भाभी के पूरे चेहरे पर किस करने लगा और ऊपर से मम्मे दबाने लगा..

भाभी की साँसें, तेज़ चलने लगीं..

अब भाभी आवाज़े निकालने लगीं – आह आह आह आह हह इनयह्मम… और, फिर मैंने भाभी का ब्लाउज खोल दिया और ब्रा भी निकल फेंकी..

भाभी के निप्पल देख के, मुझे तो बस मज़ा आ गया और मैं बिना देर किए उन्हें मुंह में लेकर चूसने लगा और तभी मैंने निप्पल काटा तो भाभी चीखीं – आईंई या ह… मस्तराम, काट मत…

तो मैं दूसरे मम्मे की निप्पल चूसने लगा और उसे भी काटा तो भाभी फिर चीखीं और बोलीं – मना किया ना… मत काटो… और, मैं उनके दोनों मम्मे दबाने लगा और भाभी आवाज़े निकालने लगीं – आह आ ह आह आ ह आह आ ह आइनाया स स स स स स स…

फिर, मैं भाभी की टुंडी पे किस करने लगा और उनकी कमरधनी को उतार दिया..

इसके बाद, मैंने उनकी साड़ी उतार दी और पेटीकोट भी..

अब भाभी, अपनी गुलाबी रंग की पैंटी मे थीं..

मैं चूत की खुशबु पा कर, महक उठा और चूत पे पैंटी के ऊपर से जैसे ही जीभ लगाई तो भाभी ने तेज़ सिसकारी ली – आ ह ह ह ह स स स स स…

अब मैं चूत को ऊपर से ही चाटने लगा और फिर मैंने भाभी की पैंटी उतार दी..

क्या चूत थी यार, एक दम गुलाबी और वो भी पूरी सॉफ..

मुझसे रहा ना गया और मैं चूत को, चटा चट चाटने लगा..

उफ्फ!! क्या स्वाद था, यार.. मज़ा आ गया..

भाभी – आह आह आह आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ… और चाट और चाट… और, मेरा सिर चूत में दबाने लगीं.

फिर मैं चूत में उंगली अंदर बाहर करने लगा और भाभी को बोला की जब झड़ने वाली हो तो बता देना..

भाभी – ह्म्म्म्मम बोलीं.. और, मैंने अपनी उंगली की स्पीड बड़ा दी..

थोड़ी ही देर बाद, भाभी बोलीं – स स स स मस्तराम … मैं आ रही हूँ… मैं आई……

मैं भाभी का सारा रस पी गया और भाभी को फिर लीप किस करने लगा..

अब, भाभी मेरे ऊपर आ गईं और सारे कपड़े उतार कर, मुझे किस करने लगीं.

फिर कुछ ही देर में, मेरे लण्ड को मुंह में लेकर चूसने लगीं..

थोड़ी देर बाद, हम 69 की पोज़िशन में आ गये और मैं उनकी चूत चाटने लगा और वो मेरा लण्ड चूसने लगीं..

जल्द ही, मैं झड़ गया और हम एक दूसरे की बाहों में कुछ देर लेटे रहे..

अब, भाभी बोलीं – आज नहीं करोगे, कुछ स्पेशल… स्टाइल का… तभी, मुझे एक आइडिया आया..

मैंने भाभी को सीधा किया और डेरी मिल्क, जो भाभी के लिए लाया था उसे अपना हाथ में मसल कर उनके दोनों मम्मे पे लगा दी और उनकी टुंडी पर भी और उनकी चूत में भी लगा दी, उंगली डालकर..

अब मैं उनके चुचे की डेरी मिल्क खाने लगा और धीरे धीरे, निप्पल भी चबाने लगा..

भाभी सिसकारियाँ निकालने लगीं – इनयः याहह ह ह ह ह ह… उन्हम म म म म म… इस्स स स स स स स स स स स सस्स स… उन्हममम मम म म म म म म म म म म… इस्स सस स स स स स स स स स स… आह आ आ आ आहह ह ह ह ह ह आ आ आ आ आ आ आ आ आ… इन्यह ह ह ह ह ह… या या या आया आया या आ हा… ज़ोर से चूसो, राजा… अन्म उन्ह म्म… शाबाश… हाँ हाँ हाँ… उफ्फ फ फ फ… और चूसो…

फिर, मैं उनकी चूत के पास आ गया और उनकी चूत के ऊपर की डेरी मिल्क भी चाटने लगा..

भाभी – आँह… इस्स… उन्हम म्म… और जैसे ही, मैंने उनकी चूत के अंदर की डेरी मिल्क चाटना शुरू किया.. भाभी ने अब अपनी जांघें फैला दी और मेरा सिर दोनों हाथ से दबाने लगीं और सिसकारियाँ लेते हुए बोलीं – आँह… इस्स… उन्हम म्म… उफ्फ फ्फ मस्तराम… मार डाल, मुझे आज… आह आह आह आह आह आह… इयाः इयह उःम उन्म हम्म म म म म म… आआअहह आह आह आह आह ष्ह…

 


अब मैं उनकी टुंडी पे गया और उस पर लगी डेरी मिल्क भी चाटने लगा..

भाभी अब बहुत ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगीं – अहह सस्स्स्स्शह आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आँह माआ हह… आराम से मस्तराम… इनहया याः इया या या या या या ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह….

फिर भाभी मेरे लण्ड के पास आई और उस पर डेरी मिल्क लगाकर, उसे चाटने लगीं..

क्या मज़ा आ रहा था, यार..

फिर भाभी बोलीं –मस्तराम आख़िर कहाँ से लाते हो ऐसे आइडिया…

मैं बोला – बस देखती जाओ… और, उन्हें लीप किस करने लगा..

फिर, मैं भाभी के मम्मे दबाने लगा..

भाभी – उन्हाया… मस्तराम अब डाल भी दो… कितना तडपाएगा…

मैं बोला – जैसी आपकी मर्ज़ी, भाभी जान…

अब मैं भाभी की चूत के पास गया और अपने लण्ड का सुपाड़ा भाभी की चूत के छेद पे रखा और एक तेज़ झटका लगाया तो लण्ड का सुपाड़ा थोड़ा अंदर गया और भाभी चीख पड़ीं – आराम से मस्तराम , आराम से…

फिर मैंने एक और झटका लगाया तो थोड़ा और लण्ड अंदर गया तो भाभी चीखीं – मर र र र र र गई ई ई ई ई ई…

कुछ देर बाद, मैंने एक झटका और लगाया तो पूरा लण्ड अंदर गया तो भाभी चीखीं – अहहाहा हहाहा आइ इह इयाः… आ आह ह आह आ आ आ ह ह ह आह आ आ आह ह ह ह… म्न्ह मन्ह मर गयइ… आराम से मस्तराम… और चोद… और चोद… फाड़ दे, मेरी आज… अहहहाहा आह अह आ आ अहहा… इयै याया आ आ या अय हेया… और तेज़ और तेज़… ज़ोर से, और ज़ोर से… शाबाश शाबाश शाबाश… अहहहः अएआएआएआए… चोद चोद चोद चोद चोद चो द द द द दहस स स स…

और, भाभी को मैंने ज़ोर ज़ोर शॉट लगाने शुरू कर दिए..

भाभी तो बस, सिसकारियाँ निकालने लगीं – आह हह आ आ आ आह ह ह ह ह ह आ आ आ आ आ आ आ आ आ आह उंह ह ह ह ह आह इहह स स ह ह..

भाभी को करीब 5 मिनट तक चोदने के बाद, मैं झड़ने वाला था..

मैं भाभी से बोला – मैं आ रहा हूँ…

फिर मैंने अपनी स्पीड बड़ा दी..

हम पूरे पसीने में नहा गये थे और भाभी के पसीने की खुश्बू में, गजब सा नशा था.. जिसके वजह से, मैं भाभी को इतना चोद सका और झड़ गया..

फिर, मैं भाभी के ऊपर ही लेट गया..

अब मैं बोला – कैसा लगा, भाभी…

भाभी बोलीं – एक बात तो माननी पड़ेगी, तुम जैसा तो कोई नहीं चोद सकता… मज़ा तो मुझे तेरे साथ, सच में बहुत आता है… आज तो ऐसा लगा, जैसे तू मेरी नथ उतार रहा हो…

थोड़ी देर पड़े पड़े यूँही बात करने के बाद, हम 69 की पोज़िशन में आ गये..

असल में, भाभी को मेरी ये ही बात पसंद थी की मेरा फट से, फ़ौरन तैयार हो जाता था, दूसरे राउंड के लिए..

खैर, मैं फिर से भाभी की चूत चाटने लगा और वो मेरा लण्ड चूसने लगीं..

अब मैं उठा और भाभी को, अपने लण्ड के ऊपर खड़ा किया और उनकी चूत पे अपना लण्ड रखा तो लण्ड एक ही झटके में आधा अंदर चला गया तो भाभी चीखीं – अन्म आह इस्स… आह आह अहहहाहा आह अह आ आ अहहा… इयै याया आ आ या अय हेया… आह आह अहहाहा हहाहा आइ इह इयाः आह… आराम से,… आ आ आ आ स स स स स स स स स… इनहया याः इया या या या या या ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह… उई माआअ…

और, अगले झटके में तो पूरा लण्ड भाभी की चूत में समा गया..

अब भाभी, बहुत ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगीं – आह आँह… फूह यान्ह… आ आ आ आ आ आ आ आ उंह… इयान्ह ह ह ह ह ह आह आ आ आ आह ह हा… उफ्फ मा ह उंह आह… आराम से,… अन्म आह इस्स… आह आह अहहहाहा आह अह आ आ अहहा… इयै याया आ आ या अय हेया… आह आह अहहाहा हहाहा आइ इह इयाः आह… आराम से, टाइगर… आ आ आ आ स स स स स स स स स… इनहया याः इया या या या या या ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह… उई माआअ…

फिर मैं भाभी के मम्मे, ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा..

कुछ ही देर में झड़ गया और भाभी के बगल में लेट गया..

भाभी बोलीं – मज़ा आ गया, मस्तराम…

अब मैंने भाभी को अपनी बाहों में लिया और उनके मम्मे खूब ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा..

भाभी फिर से आवाज़े करने लगीं – इस्स स स स स स…नी… नहीं स स स स स… उन्हम्मह म म म म म… और मेरे लण्ड को दुबारा मसलने लगीं..

इस बार थोड़ी देर बाद में, लण्ड खड़ा हुआ तो भाभी ने फट से उस अध खड़े लंड को मुंह में ले लिया और चाटने लगीं..

मैं उनका सिर दबाने लगा और बोला – और अंदर लो ना, भाभी… और ज़ोर से चूसो…

कुछ देर बाद, मैं खड़ा हुआ और भाभी को उल्टा किया और उनकी गाण्ड पे सरसों का तेल लगा दिया और फिर गाण्ड क छेद पे अपना लण्ड रख क झटका मारा तो भाभी – आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ टाइगर र र र र र… उन्हम्म… इनयः इस्स उफ्फ फूहस आह हह आ आ आ आह उन्म आह आ हह आह… और ज़ोर से मस्तराम आह आह अहह…

मैने थोड़ी देर रुकने के बाद, फिर एक झटका मारा तो थोड़ा और लण्ड अंदर गया और भाभी और ज़ोर से चीखीं – मस्तराम नी नी नी नी नी … माँ की चूत त त त त त त… मार डाला रे तूने ने ने ने ने ने… उन्हम्म… बहन चोद द द द द द द… कुत्ते…

अब मैंने बिना देर किए और एक झटका मारा तो पूरा लण्ड भाभी की गाण्ड में समा गया और भाभी की आँखो से आँसू आ गये और भाभी की गाण्ड से थोड़ा ब्लड भी आ गया था..

अब मैं भाभी को किस करने लगा और मम्मे दबाने लगा..

भाभी बहुत ज़ोर ज़ोर से कहने लगीं – मादरचोद द द द द द स स स स स स स… मार डालेगा, क्या या या आह आ आ आ ह ह ह ह ह… और, पूरा कमरा फ़च फ़च की आवाज़ से गूँज रहा था..

और फिर 1-2 मिनट तक चोदने के बाद, मैं भाभी की गाण्ड में झड़ गया और उनके ऊपर लेट गया !!! !!

फिर, हम एक दूसरे की बाहों में लेट कर करीब 4 बजे सो गये..

सुबह करीब 6:30 बजे, भाभी आईं और मुझे उठाया..

मैंने अभी भी कुछ नहीं पहना था और लण्ड खड़ा ही था तो भाभी ने लण्ड को मुंह में लिया और हल्का सा काटा तो मैं हड़बड़ा कर उठ गया..

इस पर भाभी हंस पड़ीं और बोलीं – चलो उठा और जाओ… और कपड़े पहन लो…

मैंने उन्हें अपनी और खींचा और पूछा – भैया गये…

वो बोलीं – हाँ और उनकी बेटी भी गईं…

मैं बोला – सही में…

भाभी बोलीं – हाँ, सही में… हम पूरे दिन, अकेले ही है…

ये सुनकर, मुझसे रहा ना गया और मैं उन्हें किस करने लगा तो भाभी किस छुड़ा कर उठीं और बोलीं – उठो कपड़े पहनो और फ्रेश हो कर, नाश्ता कर लो…

मैं बोला – नाश्ता, मैं एक ही शर्त पे करूँगा… आज हम दोनों जब तक अकेले हैं, कोई भी कपड़े नहीं पहनेगा…

भाभी बोलीं – ठीक है, ठीक है… पर उठो तो…

फिर, मैं उठा और फ्रेश हो कर किचन में गया तो भाभी ने सारे कपड़े उतार दिए थे..

मैं बोला – ये हुई ना बात, भाभी… और फिर, हम नाश्ता करने लगे और चाय पीने लगे..

कुछ देर तक, बातें करते रहे..

कुछ देर बाद भाभी बोलीं – मैं नहा कर, आती हूँ…

इस पर मैं बोला – ठीक है… और मैं, टीवी देखने लगा और भाभी बाथरूम में, नहाने चली गईं..

मैंने सोचा – क्यों ना आज, भाभी को नहाते वक़्त चोदा जाए… और, मैं बाथरूम में गया..

भाभी, शावर ले रही थीं..

मैं उनके पास गया और फ़ौरन, उनकी चूत को चाटने लगा..

भाभी बोलीं – मस्तराम, तुम यहाँ क्यों आए… मैं नाहकर आ रही थीं, ना…

तो, मैं बोला – मैंने सोचा क्यों ना आज नहाते वक़्त चुदाई हो, भाभी…

अब भाभी बोलीं – ठीक है… कर ले, तुझे जो करना है… यहाँ पर भी चोद ले, मेरे बालम… आज तो मैं, तुम्हारी ही रंडी हूँ…

मैं फ़ौरन उनके ऊपर आ गया और लीप किस करने लगा..

मैं उनके दूध को बेतहाशा चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा…

भाभी – आराम से… और तभी मैंने भाभी की निप्पल काटी तो भाभी चीखीं – स स स स मस्तराम , तुम नहीं सुधरोगे…

अब मैं भाभी की चूत चाटने लगा और भाभी, मेरा सिर चूत मे दबाने लगीं और आवाज़े निकालने लगीं –… माँ की चूत त त त त त त… मार डाला रे, तूने ने ने ने ने ने… उन्हम्म… और चाट, और चाट… खा जा, मेरी चूत… बहन चोद द द द द द द… कुत्ते… और ये सब कहते कहते, वो मेरा सिर चूत में और ज़ोर ज़ोर से, दबाने लगीं..

अब हम 69 की पोज़िशन में आ गये और भाभी, मेरा लण्ड चूसने लगीं..

फिर मैं उठा और भाभी की चूत पे अपना लण्ड रखा और एक झटके में, आधा लण्ड अंदर डाल दिया..

भाभी, फिर से चीख पड़ीं – उन्हम्म… इनयः इस्स उफ्फ फूहस आह हह आ आ आ आह उन्म आह आ हह आह… मस्तराम, आराम से…

एक झटके में, मेरा पूरा लण्ड भाभी की चूत मे समा गया और भाभी बोलीं –बहन चोद द द द द द द…

मैं अब ज़ोर ज़ोर से, शॉट मरने लगा..

भाभी – मादरचोद द द द द द स स स स स स स… मार डालेगा, क्या या या आह आ आ आ ह ह ह ह ह… अहहआहम्म… मर र र र र र गई ई ई ई ई … आराम से मस्तराम, आराम से… आ ह आ आ आ आ आ आ आ ह…

थोड़ी ही देर बाद, मैं झड़ गया..

मैंने भाभी को लीप किस किया और धीरे धीरे, उनके मम्मे दबाने लगा..

मज़ा आ गया था, पूरी चुदाई के वक़्त..

शावर से जो ठंडा पानी हमारे गरम बदन पर गिर रहा था, उसका अलग ही मज़ा था…

फिर हम नहा कर बाहर आए और ऐसे ही, बेड पर सो गये.

2 बजे के करीब, मेरी आँख खुली तो मैं किचिन में गया और चाय बनाकर लाया और भाभी को जगाया और बोला – भाभी, लो चाय पी लो और हम चाय पीने लगे..

चाय पीने के तुरंत बाद, भाभी मेरी बाहों मे आ कर बोलीं – तुम्हारे साथ, चुदाई में मुझे वाकई बहुत मज़ा आता है… मैं बस यही चाहती हूँ की तुम इसी तरह, मेरे बदन की आग बुझाते रहो…

फिर, वो मेरे लण्ड को पकड़कर बोलीं – लाओ, मैं इसकी मालिश कर दूँ… और भाभी मेरे लण्ड की बड़े कमसिन तरीके से, मालिश करने लगीं..

मेरा लण्ड तुरंत खड़ा होकर, लोहे ही रोड बनने लगा और मुझसे रहा ना गया और मैंने झटके से भाभी को अपने नीचे किया और एक झटके में पूरा लण्ड, उनकी चूत में घुसेड दिया…

भाभी, बहुत ज़ोर से चीखीं –

मैं भाभी को किस करने लगा और देखा तो भाभी की आँखों से आँसू भी निकल आए थे..

पर, मैंने अपनी स्पीड और बड़ा दी और थोड़ी ही देर में, मैं भाभी की चूत में ही झड़ गया..

थोड़ी देर बाद, भाभी उठीं और कपड़े पहने और मैंने भी कपड़े पहने और मैंने उन्हें एक सॉफ्ट लीप किस दी और उनके सूट के ऊपर से ही, मम्मे पर कटा तो भाभी बोलीं – सुधार जाओ…

और, मैं अपने घर चला गया..

भाभी और मेरी सेक्स लाइफ, काफ़ी अच्छी चल रही थी..

हम काफ़ी खुश थे पर दो महीने से अंकल की नाइट ड्यूटी चल रही थी तो हमें मज़े करने का ज़्यादा मौका नहीं मिलता था..

कभी कभी ही, मिलने पे एंजाय कर लेते थे..

इस बार, हमारे मोहल्ले के हम जो 4 करीबी परिवार थे, सब ने एक हफ्ते का हिमाचल घूमने का प्लान बनाया क्यूंकि हम सर्दियों में जा रहे थे तो हमें, वहां वर्फ़ मे बड़ा मज़ा आएगा..

हमारे ग्रूप में मेरा परिवार, भाभी और उनकी बेटी थे क्यूंकि अंकल की ड्यूटी की वजह से, वो नहीं जा पा रहे थे और हमारे बगल वाला परिवार था तो हम लगभग, 15-20 लोग हो गये थे..

हमने रिज़र्वेशन करा लिया था, ट्रेन का और हम 5 दिन बाद, निकलने वाले थे..

फिर, हमारे जाने का दिन आ गया था और हम शाम को निकल गये..

हम ट्रेन में, बैठ गये थे..

हम हिमाचल के शिमला जा रहे थे तो हमें पहले चंडीगढ़ जाना था..

वहाँ से, बस से शिमला..

हम अगले दिन सुबह 8 बजे के करीब, चंडीगढ़ पहुँच गये थे..

वहाँ से हमने एक मिनी बस बुक की थी, शिमला के लिए..

इस सफ़र मे, मुझे भाभी के साथ बात करने का या कुछ करने का ज़रा सा भी मौका नहीं मिला..

भाभी अपने औरतों के ग्रूप में व्यसत थीं और मैं, अपने दोस्तो के साथ..

बस मौका देख कर, स्माइल पास कर देते थे..

आख़िर हम शिमला पहुँच गये, करीब 11 बजे के करीब और फिर हम अपने होटल में गये..

सभी, अपने अपने रूम में जाकर आराम करने लगे और शाम को हम सभी मिलकर, शिमला की “मॉल-रोड” घूमने गये..

इसी वक़्त, मैंने भाभी से बात की और मौका देखकर, उन्हें चुपके से किस भी कर ली..

उन्होंने थोड़ा गुस्सा दिखाया और बोला – कुछ तो शरम करो… हम मार्केट में हैं… मोहल्ले के कितने लोग हैं, कोई देख लेगा तो…

मैंने कहा – भाभी, कोई नहीं देखेगा… आप चिंता मत करो…

इस पर वो बोलीं – अगर, तुम्हारा लण्ड हर पाँच मिनट में खड़ा नहीं होता तो तुम्हारी गाण्ड पर लात मारने में मुझे पाँच सेकेंड भी नहीं लगते… तुम जवान छोकरों की यही प्राब्लम है, बड़े बेसब्र होते हो… सब्र नाम की चीज़ ही नहीं होती, बस खड़ा लण्ड लिए फिरते रहते हो…

मैंने कहा – अच्छा सॉरी… पर भाभी, ये ठीक नहीं है… आप जब देखो, मुझे धमकी देती रहती हो… मैं आपसे प्यार करता हूँ…

तो वो बोलीं – ठीक है… प्यार करता है तो ये भी सोचा कर, तेरी भाभी बदनाम हो गई तो क्या होगा… चल अब…

फिर हमने बाहर पराठें खाए और करीब 10 बजे, होटल में सोने चले गये..

मैं अपने दोस्तो के साथ वाले रूम में था और भाभी, अपनी बेटी के साथ रूम में थीं..

शिमला में हर जगह पैदाल ही चलना पड़ता है, इस वजह से सब बहुत थक गये थे और फ़ौरन सो गये..

पर, मुझे बिल्कुल नींद नहीं आ रही थी और रात का करीब एक बज गया था तो मैं भाभी के रूम पे गया..

कुछ देर नॉक किया तो भाभी बोलीं – कौन है…

मैं बोला – मस्तराम…

उन्होंने दरवाजा खोला और मुझे देख कर कहा – इतनी रात को… उफ्फ मस्तराम, तुम्हें समझ क्यूँ नहीं आता… यहाँ कोई देख लेगा तो… चलो, अब आ गये हो तो जल्दी से अंदर आ कर, अपनी मां चुदाओ…

इस पर मुझे थोड़ा गुस्सा आया पर मैंने खुद पर काबू कर लिया और सोचा भाभी नाराज़ हो गईं तो चूत मारने का मौका चला जाएगा..

खैर, हम अंदर गये तो उन्होंने बड़ी बेरूख़ी से पूछा – बको, क्या काम है… कौन सा कीड़ा काटा, तुम्हारी गाण्ड में अब…

मैंने बोला – क्या भाभी, आप हमेशा मुझे डांटती रहती हो… मेरे प्यार का नाजायज़ फायदा उठाती हो… मुझे तो आपकी याद आ रही थी, भाभी…

भाभी बोलीं – अच्छा… याद आ रही थी… बरसों से बिछड़ी, लैला हूँ ना मैं तेरी… 3 घंटे पहले तो, मेरे साथ था…

मैंने कहा – अब छोड़ो ना भाभी, ये सब…

फिर मैंने उन्हें किस के लिए पकड़ा तो भाभी पीछे हटी और बोलीं – मस्तराम मेरी बेटी जाग जाएगी…

मैं बोला – क्या भाभी, नहीं जागेगी ना… यहाँ सब नये नये शादीशुदा जोड़े आते हैं… इस ठंडी और बर्फ में चुदाई का मज़ा ही अलग आता है…

मैंने लाख मनाया, लेकिन वो नहीं मानी और कहा – या तू तुम जाओ या हमारा रिश्ता ख़तम…

मुझे झटका लग गया और मैं उन्हें मानने लगा…

बहुत देर बाद, वो मानी और कहा – ठीक है, मेरे बाप… लेकिन, सिर्फ़ एक किस और उसके बाद तू चलता नज़र आएगा…

मैंने बोला – हाँ भाभी… पक्का… और उनके होठों को अपने होठों में लेकर, चूसने लगा..

हम एक दूसरे को किस किए जा रहे थे और जल्दी ही, हमारी जीभ भी आपस में मिलने लगीं और भाभी ने अपने हाथ मेरे कंधे पर रख दिए थे और मैं भी उनके बालों मे हाथ फेरने लगा और फिर उनकी पीठ पे, तभी मैंने महसूस किया की उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी और मैं उनके मम्मे दबाने लगा..

तभी अचानक से, भाभी अलग हुईं और बोला – हो गयी, किस… चलो अब, जाओ निकालो…

मैंने बोला – भाभी, प्लीज एक और ना…

ना जाने उन्हें क्या हुआ, वो बोलीं – जाता है या चिल्ला चिल्ला कर सब को इकठ्ठा करूँ…

मैंने जाने में ही भला समझा और तुरंत चला आया और अपने कमरे में आ कर, सो गया..

अगले दिन, हम सबने ब्रेकफास्ट किया और हम शिमला का फेमस “ग्रीन वैली” देखने गये, जो की अपनी खूबसूरती के लिए वर्ल्ड में फेमस है..

वहां सबने, खूब एंजाय किया..

 


दिन में वहां, हम खूब घूमे और शाम को हम डिन्नर के बाद होटल के गार्डेन में अंताक्षरी खेलने लगे..

मेरा बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा था..

बस भाभी को देख कर, उन्हें चोदने का मन करे जा रहा..

मैंने मौका देखकर, उनसे कहा – भाभी, कब मिलेगा पानी पीने को… बहुत प्यास लगी है…

वो बोलीं – सब्र करो, … सब्र का फल, बहुत मीठा होता है…

और फिर हम सब खेलने लगे और थोड़ी देर बाद, अपने रूम में जाकर सो गये..

मैं समझ नहीं पा रहा था की आख़िर, कब और क्या होगा..

अगले दिन, हम शिमला के सबसे उँचे पॉइंट पर “स्नो फाल” देखने गये और वहां पर भी हमने, खूब मस्ती की..

हमने वहां बर्फ के गोलों से खूब खेला और पूरा दिन वहां बिताया..

वहां बहुत ठंड थीं..

देर शाम, हमने डिनर किया और बैठकर सब बातें करने लगे और फिर हम रात में कल की तरह ही, सोने चले गये..

जब सुबह, हम ब्रेकफास्ट कर रहे थे तभी भाभी आईं और मेरी मम्मी और बाकी औरतों से बोला – मेरी एक सहेली रहती है, चंडीगढ़ में… वो काफ़ी दिन से मुझसे मिली नहीं है और मुझसे बहुत बोल रही है, आने को… मैंने बहुत मना किया पर मान नहीं रही है तो मैं मस्तराम को अपने साथ ले जाती हूँ… 1-2 दिन में, आती हूँ… मेरी बेटी वहां बोर हो जाएगी… आप सबके साथ, बहुत घुली मिली हुई है… अगर, आप लोगों को दिक्कत नहीं हो तो उसे यहीं छोड़ जाऊं… सबके के साथ, घूम लेगी…

मेरी माँ ने और बाकी औरतों ने, खुशी खुशी “हाँ” बोल दिया..

हमने एक कार बुक की और हम चंडीगढ़ को निकल गये..

मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था..

आख़िर, मैं भाभी से पूछ बैठा – भाभी, आख़िर हम आपकी सहेली के यहाँ क्यों जा रहे हैं…

तो भाभी बोलीं – शांत बैठे रहो…

मैंने कहा – प्लीज बताओ ना… कुछ समझ नहीं आ रहा है…

बहुत पूछने पर, वो बोलीं – अरे यार, हम मेरी सहेली के यहाँ नहीं जा रहे है… बस…

मेरा फिर दिमाग़ घूम गया..

मैं समझ नहीं पा रहा था की आख़िर हो क्या रहा है..

लगभग, 2 घंटे बाद हम चंडीगढ़ पहुँच गये और कार, एक मस्त से होटल के सामने रुकी..

जब हम अंदर गये तो वहां रिसेप्शन पर, भाभी ने अपना नाम बताया..

उन्होंने कहा – मेडम, आपका रूम बुक है..

फिर हम रूम में चले गये..

मुझे तो ये सुन कर ही सदमा लग गया की रूम बुक है..

आख़िर, रूम किसने बुक किया था और जब हम रूम में गये तो मेरी आँखें, फटी की फटी रह गईं..

क्या रूम था, यार..

एक दम बड़ा किंग साइज़ बेड, मस्त बेडरूम और बाथरूम तो पूछो मत..

एक बड़ा सा बाथ टब था और स्टीम बाथ भी था..

अब, मेरा दिमाग़ खराब हो रहा था.. आख़िर, हो क्या रहा है..

जब मैंने पूरा रूम देख लिया तो भाभी के पास गया..

वो खिड़की के पास खड़ी थीं तो मैंने पूछा – भाभी, कुछ तो बोलो… आख़िर, ये सब है क्या

वो बोलीं – ये तेरी लिए सर्प्राइज़ है…

मैंने कहा – सर्प्राइज़…

उन्होंने बताया – देख, तेरी चुदाई मुझे भी बेहद पसंद है… तुझ से कहीं ज़्यादा… पर मैं तेरी तरह, बेसब्र नहीं हूँ… मैंने सब पहले से, डिसाइड कर लिया था और होटल भी बुक कर लिया था… मैं तुम्हें सर्प्राइज़ देना चाहती थी… हाँ, मेरी कोई सहेली यहाँ नहीं रहती… ये सब मैंने, हमारी चुदाई के लिए किया है…

ये सुनकर तो मैं खुशी से झूम उठा और भाभी को गोद में उठा लिया और बोला – ओह!! भाभी जान… हम कब तक यहाँ हैं…

तो वो बोलीं – कल रात तक… परसों सुबह, हम निकल जाएँगें वापस शिमला…

फिर, मैंने कहा – पर भाभी, ये होटल तो काफ़ी महंगा होगा…

वो बोलीं – तू क्यूँ इसकी चिंता करता है…

फिर, हम इधर उधर की बातें करने लगे और टीवी देखने लगे और फिर हमने खाना ऑर्डर किया और जब खाना आ गया तो हमने खाना खाया और बातें करने लगे..

थोड़ी देर आराम करने के बाद, भाभी बोलीं – मस्तराम, मैं नहा कर आती हूँ…

मैंने बोला – ठीक है, भाभी…

और मैं खिड़की से बाहर के नज़ारे देखने लगा और सोचा – भाभी के आने के बाद, मैं भी नहा लेता हूँ…

मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और सिर्फ़ अंडरवियर में था..

तभी, भाभी नहा कर आईं..

मैं तो उन्हें देखता रह गया और आँखें, फटी की फटी रह गईं..

भाभी ने एक लाल रंग की पारदर्शी बिकनी पहनी थी और वो बिकनी इतनी छोटी थीं की उनकी गाण्ड तो उसमें आ ही नहीं रही थीं और उनकी गाण्ड की दरार में, घुसी जा रही थी..

उनके बाल, एक दम गीले थे..

मैं तो बस उन्हें देखकर, पागल हो गया था..

भाभी आईने के सामने खड़ी होकर, तैयार होने लगीं तो मैं उनके पास गया और उनके कान में बोला – भाभी, मार डालोगी क्या…

उन्होंने बोला – अच्छा जी…

मैंने कहा – हाँ जी…

फिर, मैंने पूछा – बिकनी कहाँ से आई, भाभी…

उन्होंने बोला – तुम्हें ही खुश करने के लिए खरीदी थी, मेरे बालम…

मैं बोला – और कितने सर्प्राइज़ हैं, भाभी…

तो वो बोलीं – देखते जाओ, बस…

मैं अब बेड पर लेट गया और भाभी को देखने लगा..

मेरे पूरे शरीर में, बहुत दर्द हो रहा था..

शिमला में घूमने की वजह से, बहुत थकान थी..

मैंने भाभी से बोला तो वो बोलीं – दवाई ले लो… पर मैंने मना कर दिया..

फिर वो बोलीं – अच्छा, कोई बात नहीं… मैं मालिश कर दूँ क्या…

मैं फ़ौरन बोला – हाँ, ये ठीक रहेगा… पर हमारे पास तो आयिल नहीं है…

उन्होंने रिसेप्शन पर फोन किया और मसाज आयिल मंगवा लिया..

थोड़ी ही देर में आयिल आ गया तो भाभी बोलीं – चलो अब, नीचे फर्श पे लेट जाओ…!

मैं लेट गया..

भाभी ने हाथ में तेल ले कर, मेरी पीठ पर लगाना शुरू कर दिया..

भाभी के मुलायम हाथों का स्पर्श, मुझे बहुत अच्छा लग रहा था..

फिर, भाभी ने पहले मेरे हाथों की मालिश की और फिर, टाँगों की शुरू कर दी..

जैसे जैसे, मेरी जांघों के पास पहुँची मेरी दिल की धड़कन तेज़ होने लगीं..

मेरा लण्ड धीरे धीरे, हरकत करने लगा..

अब भाभी पाँव पर और लण्ड के चारों तरफ, जांघों पर मालिश करने लगीं.

मेरा लण्ड, बुरी तरह से फनफ़नाने लगा..

लण्ड अंडरवियर से, उभर कर बाहर आ रहा था..

भाभी से ये छुपा नहीं था और उनका चेहरा लाल हो गया था..

भाभी उभार को देखते हुए बोलीं –मस्तराम, लगता है तेरा अंडरवियर फट जाएगा… क्यों क़ैद कर रहा है, बेचारे को… आज़ाद कर दे, इसे और यह कहा कर वो हंस पड़ीं..

मैंने कहा – आप ही, आज़ाद कर दो ना भाभी…

भाभी बोलीं – ठीक है, क्यूँ नहीं… मैं तो लण्ड की दीवानी हूँ… और भाभी ने मेरा अंडरवियर नीचे खींच दिया..

अंडरवियर से आज़ाद होते ही, मेरा 6 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लण्ड किसी “काले कोबरा” की तरह फनफ़ना कर खड़ा हो गया..

भाभी की आँखें फटी रह गयीं और वो बोलीं – एक बात तो है, कितनी बार देख चुकी हूँ तुम्हारा लण्ड पर फिर भी क्यों, जब भी देखो बड़ा ही लगता है…

मैं बोला – ये सब छोड़ो ना, भाभी… आप इसकी भी मालिश कर दो ना…

अब भाभी ने ढेर सा तेल हाथ में लेकर, खड़े हुए लण्ड पे लगाना शुरू कर दिया..

वो बड़े ही प्यार से लण्ड की मालिश करने लगीं और मेरे सुपाड़े से खेलने लगीं..

अचानक, वो तेल से भीगी एक उंगली मेरी गाण्ड के आस पास घुमाने लगीं और एकदम से, उन्होंने उंगली मेरी गाण्ड में घुसा दी..

मैं चिल्ला पड़ा – भाभी स स स स स… नहीं स स स स स…

भाभी ने मेरा अंडरवियर नीचे खींच दिया..

अंडरवियर से आज़ाद होते ही, मेरा 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लण्ड किसी “काले कोबरा” की तरह फनफ़ना कर खड़ा हो गया..

भाभी की आँखें फटी रह गयीं और वो बोलीं – एक बात तो है, कितनी बार देख चुकी हूँ तुम्हारा लण्ड पर फिर भी क्यों, जब भी देखो बड़ा ही लगता है…

मैं बोला – ये सब छोड़ो ना, भाभी… आप इसकी भी मालिश कर दो ना…

अब भाभी ने ढेर सा तेल हाथ में लेकर, खड़े हुए लण्ड पे लगाना शुरू कर दिया..

वो बड़े ही प्यार से लण्ड की मालिश करने लगीं और मेरे सुपाड़े से खेलने लगीं..

अचानक, वो तेल से मस्तराम एक उंगली मेरी गाण्ड के आस पास घुमाने लगीं और एकदम से, उन्होंने उंगली मेरी गाण्ड में घुसा दी..

मैं चिल्ला पड़ा – भाभी स स स स स… नहीं स स स स स…

तब वो, एक हाथ से मेरा लण्ड हिला रही थी और दूसरे हाथ की उंगली से मेरी गाण्ड मार रही थीं..

सच कहूँ तो कुछ देर बाद, मुझे मज़ा आने लगा और मैं भी किसी लड़की की तरह अपनी गाण्ड उठाने लगा..

अब भाभी ने मुझे पलट कर, कुत्ते जैसे होने को बोला..

मेरी गाण्ड का छेद, अब भाभी के सामने था..

इस पोज़ में आते ही, भाभी पीछे से हाथ डाल कर एक हाथ से मेरा लण्ड का मूठ मारने लगी और पहले एक, फिर दो उंगलियों से ज़ोर ज़ोर से मेरी गाण्ड मारने लगीं..

मुझसे रहा नहीं गया और मेरे लण्ड ने बहुत ज़ोर से पिचकारी मारी..

भाभी ने मुझे फिर सीधा किया और मेरे लण्ड को चूमा और मुझे एक चाँटा मारा और बोला – मज़ा आया, अपनी गाण्ड मरवाने में…

मैंने बोला – सच में, भाभी… बहुत मज़ा आया… पर मुझे डर भी लग रहा है की कहीं मैं “गे” तो नहीं बन जाऊंगा…

भाभी बोलीं – चल पागल… हो गई, मालिश… चल, अब नहा ले… और सुन गाण्ड ठीक से धोया कर, सुबह… और, वो हंस पड़ीं..

मैं बोला – क्या भाभी, आप भी… लेकिन, अभी नहाना कहाँ… अब आप तो लेटो, मैं भी तो आपकी मालिश कर दूँ…

वो बोलीं – नहीं, मुझे नहीं करानी मालिश वालिश और वैसे भी मैंने नहा लिया है…

मैं भाभी को मानने लगा… रिक्वेस्ट करने लगा…

कुछ देर बाद, भाभी मान गईं और उल्टा लेट गईं..

मैं भाभी की टाँगों के बीच में बैठ कर, उनकी पीठ पर तेल लगाने लगा..

मेरे उनके मम्मे के आस पास मालिश करने से, वो गरम हो रही थीं..

फिर, मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और पीछे से ही बारी बारी मैं उनके मम्मे को मसलने लगा..

भाभी, जो “सिसकारियों की रानी” थीं के मुँह से तुरंत ही सिसकारियाँ निकलने लगीं..

वो आँखें मूंद कर, लेटी रहीं..

खूब अच्छी तरह मम्मे को मसलने के बाद, मैंने उनकी टाँगों पर तेल लगाना शुरू कर दिया..

जैसे जैसे तेल लगता जा रहा था, भाभी की साँसे तेज़ होने लगीं थीं..

मैं उनकी गोरी गोरी मोटी जांघों के पीछे बैठ कर, बड़ी प्यार से मालिश कर रहा था..

कुछ देर बाद, मैं उनकी गाण्ड दबाने लगा.. और फिर ज़ोर ज़ोर से, उनकी गाण्ड पर बारी बारी से चांटे मारने लगा..

वो बोलीं – बहन चोद स स स… आराम से…

फिर मैंने भाभी को सीधा किया और उनके मम्मे की मालिश करने लगा और उनके निप्पल मसलने लगा..

भाभी ने सिसकारियाँ लेते हुए, मेरे लण्ड को पकड़ लिया और ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगीं..

कुछ देर बाद, मैं उनकी जांघों के बीच में बैठ गया और उनकी पैंटी खींच कर निकाल दी और मैं उनकी टुंडी और चूत के ऊपरी हिस्से पर मालिश करने लगा..

जैसे ही मैंने भाभी की चूत के अंदर उंगलियाँ डाल कर मालिश की तो भाभी की साँसें और तेज़ हो गयीं और वो – इयाः या या या या या या या या या या या… करके सिसकारियाँ लेने लगीं..

अचानक, उन्होंने मुझे अपने नीचे किया और धक्का देकर लिटा दिया और ठीक मेरे लण्ड पर मूतने के पोज़ में बैठ गई..

एक ही पल में, भाभी की चूत से बेहद गरम धार, सीधे मेरे खड़े लण्ड पर गिरने लगी, और भाभी ज़ोर से बोलीं – हिला, अपना लण्ड…

भाभी की गरम गरम मूत मेरे लण्ड पर गिर रही थी और मैं ज़ोर ज़ोर से अपना लण्ड हिला रहा था..

भाभी की चूत में इतनी गरमी थी की ऐसा लगा की मेरी फिर से पिचकारी निकल जाएगी.. पर तभी भाभी की टंकी खाली हो गई..

उफ्फ!! क्या ग़रम मूत थी, भाभी की.. मज़ा आ गया था, कसम से.. अपना लण्ड उनकी मूत से नहलाने में..

जिस तरह भाभी ऊपर आईं थीं, ठीक उसी तरह भाभी ने मुझे फिर ऊपर कर लिया.

जैसे ही मैंने भाभी की चूत के अंदर उंगलियाँ डाल कर मालिश की तो भाभी की साँसें और तेज़ हो गयीं और वो – इयाः या या या या या या या या या या या… करके सिसकारियाँ लेने लगीं..

अचानक, उन्होंने मुझे अपने नीचे किया और धक्का देकर लिटा दिया और ठीक मेरे लण्ड पर मूतने के पोज़ में बैठ गई..

एक ही पल में, भाभी की चूत से बेहद गरम धार, सीधे मेरे खड़े लण्ड पर गिरने लगी, और भाभी ज़ोर से बोलीं – हिला, अपना लण्ड…

भाभी की गरम गरम मूत मेरे लण्ड पर गिर रही थी और मैं ज़ोर ज़ोर से अपना लण्ड हिला रहा था..

भाभी की चूत में इतनी गरमी थी की ऐसा लगा की मेरी फिर से पिचकारी निकल जाएगी.. पर तभी भाभी की टंकी खाली हो गई..

उफ्फ!! क्या ग़रम मूत थी, भाभी की.. मज़ा आ गया था, कसम से.. अपना लण्ड उनकी मूत से नहलाने में..

जिस तरह भाभी ऊपर आईं थीं, ठीक उसी तरह भाभी ने मुझे फिर ऊपर कर लिया..

फिर मुझसे भी रहा ना गया और मैंने भी अपना लण्ड तुरंत भाभी की चूत पर टिकाया और ज़ोर से धक्का दिया..

लण्ड पर तेल लगे होने की वजह से, भाभी की चूत में मेरा लण्ड एक बार में समा गया और भाभी चीख पड़ीं – मस्तराम, मर ग यइ स स स… उंह ह ह ह ह ह… अहह आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ… उईई माह ह ह ह ह ह स स स स स… आह आह आह… आह आह आह आह आह आह… इयाः या या या या या या या या या या या…

मैं भाभी को लीप किस करने लगा और उनके मम्मे दबाने लगा..

फिर मैंने एक झटका और लगाया तो भाभी बोलीं – मादार चोद द द द द द स स स स s s s… मार डालेगा, क्या या या आह आ आ आ ह ह ह ह ह… हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ… माँ की चूत… चोद, अपनी भाभी को… बना दे, मुझे कुतिया… चोद दद चोद द दद चोद द द दद चोद द द द दद चोद द द द द द द द द द द…

पूरा कमरा, फ़च फ़च की आवाज़ से गूँज रहा था..

करीब भाभी को 4-5 मिनट तक चोदने के बाद, मैं झड़ने वाला था तो भाभी से बोला – बहन के लौड़ी, मैं आ रा हूँ…

भाभी बोलीं – तो आ ना, भोसड़ी के… निकाल दे, अपना गरमा गरम मूठ… आ, जल्दी आ…

 


और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और बहुत ज़ोर ज़ोर से शॉट लगाने लगा..

अब भाभी की गालियाँ और सिसकारियाँ और तेज़ हो गईं – मादार चोद स स स स स… तेरी माँ का भोसड़ा… और ज़ोर से… चोद चोद चोद… और तेज़… और तेज़… आह आह आह आह आह आह अहह अहह… अहह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह आ न न न ह ह ह…

और… मैं झड़ गया और थक कर उनके बगल में लेट गया..

फिर, मैंने उनसे बोला – भाभी, मज़ा आ गया आज तो… आपको कैसा लगा…

भाभी बोलीं – मस्तराम, तू तो बड़ा शिकारी हे रे…

इस पर मैं, ज़ोर से हंस पढ़ा..

फिर, मैंने टाइम देखा तो रात के 10 बज रहे थे..

भाभी उठीं और नहाने चली गईं और मैंने खाना ऑर्डर किया और भाभी के आने के बाद, मैं भी नहाने चला गया..

हमने खाना खाया..

फिर, हम बेड पर लेट गये और टीवी देखने लगे..

भाभी सिर्फ़ गाउन में थीं और मैं सिर्फ़ अपनी अंडरवियर में था और हम टीवी देख रहे थे..

रात के करीब एक बज रहे थे तो टीवी पर कुछ ख़ास नहीं आ रहा था तो मैंने टीवी बंद कर दिया..

फिर, मैंने भाभी को अपनी तरफ खींचा और उन्हें किस करने लगा..

हम एक दूसरे को किस किए जा रहे थे और कुछ ही देर में, हमारी जीभ भी मिलने लगी थीं..

लगभग 10 मिनट बाद, हम अलग हुए और हम ज़ोर ज़ोर से हांफने लगे..

थोड़ी देर बाद, मैं अब उनके चेहरे और गाल पर किस करने लगा और उनके गाउन के ऊपर से ही, उनके मम्मे दबाने लगा.

भाभी की साँसें तेज़ हो रही थीं और मैंने उनका गाउन खोल दिया..

भाभी के छोटे छोटे निप्पल देख कर, बस मज़ा आ गया और मैंने बिना देर किए, उन्हें मुंह में लेकर चूसने लगा..

अपनी आदत से मजबूर होकर, जैसे ही मैंने निप्पल काटा तो भाभी चीखीं –स स मस्तराम स्स…

फिर मैं उनके दूसरे मम्मे की निप्पल चूसने लगा और उसे भी काट लिया.. !!! !!

भाभी फिर चीखीं और बोलीं – मादर चोद… अब कटेगा तो तेरी गाण्ड में पूरा डंडा घुसा दूँगी, गान्डू…

मैं हंसने लगा और फिर उनके दोनों मम्मे दबाने लगा और भाभी सिसकारियाँ निकालने लगीं – उफ्फ फ फ फ फ फ याह: धीरे… आह आह आह आह आह आह… उन्म उन्हम्म…

फिर, मैं भाभी की टुंडी पे किस करने लगा और उनकी पूरे जिस्म को चूमने और चाटने लगा..

अब मैं उनके पैरों में गया और उनके पैरों को चाटने लगा और फिर धीरे धीरे उनकी जांगों को चूमा और फिर उनकी चूत पर आ गया..

मैं उसकी खुशबु से पागल हो रहा था और मैंने उस पर जैसे ही जीभ रखी भाभी सिसकारियाँ लेने लगीं और बोलने लगीं – इयाः मस्तराम स स स स… मूत ना, मेरी चूत पर… अहह… उन्ह उंह…

मैंने अपना लण्ड भाभी की चूत की तरफ किया और बोला – कोशिश करता हूँ, भाभी…

भाभी बोलीं – नहीं स स स स स, कोशिश नहीं ह ह ह ह ह, मूत ना… मार अपनी गरम गरम मूत की धार मेरी चूत पर… याहह माह इसस्स… आँह… इस्स… उन्हम म्म…

मैंने थोड़ी कोशिश की और मेरे लण्ड से मूत की धार, सीधे भाभी की चूत के छेद पर गिरने लगी..

भाभी ने अपनी चूत थोड़ी उँची की और ज़ोर ज़ोर से अपनी चूत को रगड़ने लगीं..

मेरी पूरी मूत, उनकी चूत के अंदर जा रही थी..

अपनी टंकी खाली करते ही, भाभी ने मेरा सिर पकड़ कर अपनी चूत में घुसा दिया और ज़ोर से सिसकारी ले कर बोलीं – चाट…

मेरा सिर भाभी ने पूरे ज़ोर से दबा रखा था और ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ ले रहीं थीं – उन्हया… माँ के लौड़े, चाट… आँह आ आ आ आ इनहया… तेरी माँ का भोसड़ा, चाट… आहह उन्ह ह ह ह ह ह… नहीं तो सब को चिल्ला कर बुला लुंगी और बताउंगी की तू मेरा रेप कर रहा है… चाट स स स स स, बहन चोद द द द द द… तेरी माँ की चूत, चाट ह ह ह ह ह… और वो मेरा सिर चूत में ज़ोर ज़ोर से दबाने लगीं..

पहले धीरे धीरे और फिर, सब भूल कर मैं अपनी ही मूत में मस्तराम भाभी की चूत को खूब तेज़ी से चाटने लगा और करीब 5 मिनट चूसने के बाद, भाभी उठीं और मुझे धक्का देकर सीधा किया और सीधे मेरे मुँह पर आकर बैठ गईं..

इसके पहले मैं कुछ समझ पता भाभी ने एक हाथ से मेरा मुँह खोला और सीधे मेरे मुँह के अंदर मूतने लगीं..

भाभी की मूत बहुत गरम थी और सीधे मेरे गले तक जा रही थी, मैं मुँह हिलना चाहता पर भाभी मेरे होंठों के ऊपर ही अपनी चूत लेकर बैठीं थीं..

चाह कर भी, मैं मुँह ज़रा सा भी नहीं हिला पा रहा था..

लगभग 2 मिनट तक, भाभी की गरम गरम मूत सीधे मेरे मुँह से मेरे गले तक जा रही थी..

जब भाभी की टंकी खाली हुई तो वो बहुत ज़ोर से अपनी चूत मेरे होंठों पर और मुँह पर रगड़ने लगीं और बोलीं – इयाहह… मैं आ रही हूँ… इनयः याहह ह ह ह ह ह… उन्हम म म म म म… इस्स स स स स स स स स स स सस्स स.. उन्हममम मम म म म म म म म म म म… इस्स सस स स स स स स स स स स… आह आ आ आ आहह ह ह ह ह ह आ आ आ आ आ आ आ आ आ… इन्यह ह ह ह ह ह… या या या आया आया या आ हा… ज़ोर से चूसो, टाइगर… अन्म उन्ह म्म… शाबाश… हाँ हाँ हाँ… उफ्फ फ फ फ… और चूसो… और, और ज़ोर से मुझे अपनी चूत चाटने लगीं..

जैसे ही, भाभी झड़ी तो मेरा पूरा मुंह फिर से उनके रस से भर गया..

फिर भाभी मेरे चेहरे से उठ गईं और मेरे ऊपर लेट गईं..

मुझे बड़ी मुश्किल से साँस आ रही थी..

भाभी की मूत से मेरा पूरा गला, जल सा रहा था..

पर सच कहूँ तो फिर भी मुझे मज़ा आया था..

खैर, भाभी अब मेरे पूरे जिस्म को चाटने लगीं और कुछ ही देर में, मेरे गले से मेरे लण्ड पर आ गईं और उसे मुंह में ले लिया और खूब ज़ोर ज़ोर से चाटने लगीं और करीब 2-4 मिनट भाभी के चूसने में ही मैं झड़ गया..

भाभी ने मेरा कुछ रस मुँह में ले लिया और बाकी अपने चुचों पर मल लिया..

फिर मेरा रस अपने होंठों पर लाकर, भाभी मुझे लीप किस करने लगीं और उनके मुँह में भरा पूरा रस मेरे मुँह में उड़ेलने लगीं..

इसके बाद हम थोड़ी देर, ऐसे ही लेटे रहे और बात करते रहे..

मैंने भाभी से कहा – भाभी, ऐसा लग रहा है रेप तो आप मेरा कर रहीं थीं..

भाभी हंसने लगीं और बोलीं – क्यूँ… मज़ा नहीं आया…

फिर वो बोलीं – बच्चू, औरत अपनी पे आए तो बड़े से बड़े मर्द को पानी पीला दे… तू तो फिर भी अभी छोटा है… और, भाभी मेरे लण्ड को फिर से हिलाने लगीं..

इतनी थकान के बाद भी वो फिर खड़ा हो गया और मैं भी उनको किस करने लगा और उनके मम्मे दबाने लगा..

वो ज़ोर ज़ोर से, मेरे लण्ड को मसलने लगीं..

फिर, मैं बोला – भाभी, आज मैं भी आपकी तरह कुछ नया करता हूँ और मैं उनके पेट के ऊपर आ गया और कहा – आज, आपके मम्मे चोदता हूँ…

इस पर वो बोलीं – दो छेद कम थे, जो तीसरा खुद बना लिया…

मैं बोला – भाभी, अब आप देखती जाओ बस…

वो बोलीं – ठीक है… देखते हैं…

भाभी ने खुद ही अपने चुचों को दबा लिया और मैंने अपना लण्ड उनके मम्मे की बीच की दरार में डाला और रगड़ने लगा..

सच में यार, क्या मज़ा आ रहा था..

उनके मम्मे “आइसक्रीम” की तरह, मुलायम थे..

करीब 5-7 मिनट रगड़ने के बाद, मैं आने वाला था तो मैंने कहा – भाभी अब आप मुंह खोलो… मैं आ रहा हूँ…

लेकिन, भाभी तब तक मुँह नहीं खोल पाईं और मैंने उनके चेहरे पर अपना सारा माल गिरा दिया..

फिर भाभी उठीं और उन्होंने मेरे लण्ड ही चाट चाट कर साफ कर दिया..

हम फिर से लेट गये और भाभी उनके चेहरे पर गिरे मेरे माल से अपने चेहरे का मसाज करने लगीं..

इसके बाद, मुझ में बिल्कुल भी हिम्मत नहीं बची थी..

अब मुझे चक्कर से आने लगे थे पर थोड़ी ही देर में, भाभी मेरा लण्ड सहलाने लगीं..

इस बार बहुत देर तक मेरा लण्ड खड़ा नहीं हुआ तो भाभी फिर से मेरी गाण्ड की दरार में, उंगलियाँ फिराने लगीं..

गाण्ड के छेद पर भाभी की नरम मुलायम उंगलियाँ लगते ही ना जाने क्या हुआ की मेरा लण्ड अपने आप भाभी को सलामी देने लगा और फिर मैं भी उनकी पीठ चूमने और चाटने लगा..

फिर, हम 69 की पोज़िशन में आ गये और भाभी मेरा लण्ड मुंह में लेने लगीं और मैं भी उनकी चूत में उंगली करने लगा..

अब फिर से भाभी की आवाज़े आने लगीं थीं – आँह… इस्स… उन्हम म्म…

फिर मैंने एक उंगली और डाल दी और अपनी स्पीड बढ़ा दी..

कुछ ही देर में, मैंने अपनी सारी उंगलियाँ भाभी की चूत में डाल दी और ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगा और एक हाथ से चूत के ऊपर सहलाने लगा..

भाभी आवाज़े निकले जा रही थीं – उफ्फ फ्फ टाइगर… मार डाल, मुझे आज… आह आह आह आह आह आह… इयाः इयह उःम उन्म हम्म म म म म म… और तेज़ टाइगर… और तेज… मर र र र र र गई ई ई ई ई ई…

थोड़ी देर बाद, भाभी झड़ गईं और मैं फिर से उनका सारा रस पी गया..

अब मैंने उनको लिटाया और उनकी चूत पे लण्ड को रगड़ने लगा तो भाभी बोलीं – टाइगर, बस अब मत तड़पा… अब मुझसे नहीं रहा जा रहा है… डाल दे, यार… अब तो बदन में भी जान नहीं बची है… जल्दी कर…

मैं बोला – हाँ भाभी, अब तो मेरी हिम्मत भी जवाब दे गई है… पर लण्ड है की मानता ही नहीं…

अब वो बोलीं – चल, अब डाल दे…

मैंने अब देर ना करते हुए, पूरी ताक़त समेट कर एक ज़ोर से झटका मारा तो लण्ड एक ही झटके में अंदर था और भाभी इतनी ज़ोर से चीखीं की मुझे उनके मुंह को दबाना पड़ा..

फिर थोड़ी देर बाद जब उनका दर्द कम हुआ तो बोलीं – बहन चोद, ऐसे डालता है, कोई सांड की तरह…

मैंने सॉरी बोला और शॉट लगाने शुरू कर दिए..

सिसकारियों की रानी, मेरी भाभी चुपचाप पड़े पड़े चुदवा रहीं थीं.. बस बीच बीच में – उन्ह आ उफ़… की हल्की हल्की आवाज़ आ रही थी..

कुछ ही देर में, मैं झड़ने वाला था तो मैंने फिर अपनी स्पीड थोड़ी बड़ा दी और अपना सारा रस बिना कॉन्डम के भाभी की चूत में छोड़ दिया और उनके बगल में गिर गया.

भाभी मेरी बाहों में थीं और हम पूरे पसीने मे नहा गये थे, इतनी ठंड के बावजूद भी..

मुझे कमरे का रूम हीटर भी बंद करना पड़ा था..

 
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