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भाभी ने इंग्लीश पढ़ाई
दोस्तो आज एक और कहानी लेकर आया हूँ जो आपको ज़रूर पसंद आएगी
भाइयो ये घटना उस वक़्त की है, जब मैं फर्स्ट ईयर में था..
मुझे मेरी ज़िंदगी का, सबसे हसीन पल जीने को मिला..पाठकों, मैं एक साधारण कद काठी वाला, 21 साल का लड़का हूँ..
हाँ!! पर, मेरे लंड का साइज़ 6-6.5 इंच लंबा है..
मैं पिछले 5-6 साल से, नियम से नहाने से पहले अपने लंड की मसाज सरसों के तेल से करता हूँ.. जिससे, मेरा लंड काला तो ज़रूर हो गया है पर मोटा बहुत है.. जो किसी भी औरत को खुश ही नहीं, पागल कर सकता है..
मेरे घर के सामने, एक भाभी रहती हैं.. जिनका नाम, अनीता था और उनकी एक चार साल की लड़की थी..
उनका पति, सरकारी नौकरी में थे..
वो मुझे बहुत अच्छी लगती थीं, एक दम चोदने के लिए ही बनी औरत..
मैं उन्हें चोदना चाहता था और ये सच भी हुआ..
तो, ये बात तब की है, जब मैं उनसे इंग्लीश का ट्यूशन पढ़ता था..
मैं उनको देख के, एकदम मस्त हो जाता था क्यूंकि उनका फिगर “36-30-38” था..
क्या मस्त बड़े बड़े मम्मे थे, उनके..
देख कर, ऐसा लगता था के ब्रा को फाड़ के अभी निकल आएँगे और गाण्ड तो बस, पूछो मत.. एक दम, चौड़ी..
जब भी देखो तो चोद चोद कर, फाड़ डालने का मन करता था..
मैं रोज़ दोफहर के 2 बजे, उनके यहाँ पढ़ने जाता था..
आप समझ ही गये होंगें की मेरा मन, बिल्कुल भी पढ़ाई में नहीं था..
मैं बस, उनहीं को घूरता रहता था..
वो जब भी कोई सवाल समझाने, सामने झुकती थीं तो मैं उनकी क्लीवेज देखता था..
मैं रोज़ घर जाकर, उनके नाम की मूठ मारा करता था.
फिर ऐसे ही करते करते, मेरी परीक्षा करीब आ गई और मेरे प्री बोर्ड में बहुत कम मार्क्स आए..
घर पे, मेरे पापा ने बहुत पिटाई लगाई और भाभी से भी शिकायत की..
उन्होंने बोला – क्या पढ़ाती हैं, आप… अगर, ऐसा ही चलता रहा तो इसका क्या होगा… ये फैल हो जाएगा…
फिर, मैं जब भाभी के यहाँ पढ़ने गया तो भाभी ने भी मुझे खूब डांटा और कहा – मस्तराम, तुम कभी नहीं सुधरने वाले… तुम्हारी वजह से, मुझे दस बातें सुननी पड़ीं..
इधर, वो डाँट रहीं थीं.. उधर, मैं उनके मम्मे देख रहा था.. जो बार बार, हिल रहे थे..
तभी उन्होंने मुझे ज़ोर से थप्पड़ लगा दिया और मुझे गुस्सा आ गया और मैं वहाँ से चला आया..
साला, जिसे देखो मुझे पीटे जा रहा था..!! !!
खैर, 2-3 दिन मैं उनके यहाँ पढ़ने नहीं गया..
वो मुझे बार बार कॉल करती थीं पर मैंने कॉल नहीं उठाया..
फिर एक दिन दोपहर, उनका मैसेज आया –मस्तराम, तुरंत मेरे घर आओ…
मैं उनके घर पर गया..
उन्होंने, मुझे सोफे पे बैठने को कहा और मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक ले कर आईं..
फिर, वो मुझे प्यार से समझाने लगीं – देखो मस्तराम अगर तुम पढ़ोगे नहीं तो तुम्हारा भविष्य क्या होगा…
मैं – भाभी, मैं पढ़ना चाहता हूँ पर पढ़ नहीं पता हूँ… मैं ध्यान नहीं लगा पता हूँ, भाभी…
भाभी – क्यूँ… कोई परेशानी है तो बताओ…
मैं – है… पर, आप नहीं समझोगे, भाभी…
भाभी – अरे, बताओ तो… मैं क्यूँ नहीं समझूंगी…
मैं – नहीं… मैं आपसे के कहूँगी तो आप मरोगी…
भाभी – अरे बाबा!! नहीं मारूँगी… अब बोलो भी…
मैं – मैं आपसे प प प्यार र र करता हूँ… आई लव यु, भाभी… आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो… आप बहुत स स स से से सेक्सी हो… मैं आप को देख कर, एक दम खो जाता हूँ और हर वक़्त, आपके बारे में सोचने लगता हूँ…
भाभी का चेहरा गुस्से से लाल था और वो मुझ पर बहुत ज़ोर से चिल्लाई और कहा – मैं तुमसे कितने बड़ी हूँ और तुम मेरे बारे में ऐसा सोचते हो…
मैं डर गया..
फिर भी हिम्मत करके, बोला – भाभी, इसमें मेरी क्या ग़लती है… प्यार तो उम्र देख के नहीं होता ना..
वो बोलीं – देखो मस्तराम, ऐसा नहीं हो सकता और तुम अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो…
फिर उन्होंने, मुझसे जाने को कहा..
लेकिन, मैं वहां खड़ा रहा..
फिर, मैं बोला – अगर, आप मुझे ना मिलीं तो मैं कभी भी परीक्षा में पास नहीं हो सकता… और, वहां से चला गया..
फिर 2 दिन बाद, शाम को उनका कॉल आया और वो मुझसे कहने लगीं – मस्तराम, प्लीज मुझे भूल जाओ…
मैं – मैं आपको नहीं भूल सकता… मैं बस आपको चाहता हूँ, भाभी…
भाभी – प्लीज, मस्तराम मान जाओ और पढ़ाई पे ध्यान दो…
मैं – नहीं, भाभी… मैं अपने आप को नहीं समझा सकता… अब आपकी शादी, पहले हो गई तो मैं क्या करूँ… और हाँ भाभी, मैं आपको बिना पाए, परीक्षा कभी पास नहीं कर सकता…
भाभी – मस्तराम प्लीज ऐसा मत करो… मैं ज़बरदस्ती में, बदनाम हो जाउंगी…
मैं – भाभी, मुझे जो कहना था मैने कह दिया, अब आगे आप की मर्ज़ी… और, मैंने कॉल काट दिया..
फिर कुछ देर बाद, भाभी का मैसेज आया की देखो, मुझे सोचने का कुछ वक़्त दो…
मैंने भी ठीक है… का मैसेज, भेज दिया..
मैं फिर भाभी के बारे में सोचने लगा की क्या कभी भाभी की.चूत और दूध के दर्शन होगें..
फिर 2 दिन बाद, भाभी ने मुझे अपने घर बुलाया और कहा – देखो मस्तराम, मैं सिर्फ़ तुम्हारी पढ़ाई के लिए, हाँ कर रही हूँ..
मैं बहुत खुश हुआ और मुझे तो विश्वास ही नहीं हुआ की मैने एक शादीशुदा भाभी को पटा लिया..
मैं उनको धन्यवाद बोलने लगा, तभी वो बोलीं – एक मिनट… सॉफ सॉफ बात करते हैं… ये तो मैं समझती हूँ की ये प्यार व्यार तो चलो सब ठीक है, असल में, तुम्हें मेरे बदन में ज़्यादा रूचि है… मैं समझती हूँ, तुम्हारी उम्र में ये आम है… लेकिन, लेकिन… एक बात सॉफ सॉफ सुन लो… मेरी एक शर्त है, पहले तुम परीक्षा में 70% लाकर दिखाओ तो आगे कुछ होगा…
मेरा चेहरा उदास हो गया और, मैं बोला – भाभी, ये तो ठीक नहीं है…
तो भाभी ने कहा – अच्छा, ठीक है… उदास मत हो… तुम, हर सनडे सिर्फ़ 10 मिनट मेरे ब ब ब्रेस्ट (मम्मे) दबा सकते हो और एक किस (चुमी) कर सकते हो…
मैं खुश हो गया और उनसे वादा किया के मैं 70% लाकर दिखाऊंगा..
भाभी बोलीं – ठीक है, देखते हैं…
तभी मैंने बिना सोचे समझे, उनके मम्मे पकड़ लिए तो वो थोडा गुस्से में आ गईं और मेरा हाथ ज़ोर से झटकते हुए बोलीं – आज नहीं… सनडे… जाओ, जाकर पढ़ाई करो..
और… …
मैं खूब दिल लगा कर, पढ़ने लगा और कुछ दिन बाद, सनडे आ गया..
मैंने सुबह उठते ही साथ, 9 बजे भाभी को कॉल किया की भाभी मैं आ रहा हूँ…
तो भाभी बोलीं – अभी नहीं.. अभी सब घर पे हैं… 12 बजे आना…
मुझसे सब्र नहीं हो रहा था और मैं बस उनके बारे में सोच सोच के पागल हो रहा था..
मैं अपनी जिंदगी में पहली बार, चुचियाँ दबाने वाला था..
एक बार तो सिर्फ़ सोच सोच कर ही, मेरे लंड ने मूठ छोड़ दिया.. !!! !!
तभी 12 बज गये और मैं उनके घर पहुँच गया..
आज भाभी मुझे देख कर मुस्कुराई और कहा – सब्र तो बिल्कुल नहीं है..
तो मैंने कहा – इतने दिन से तो सब्र की है…
फिर भाभी ने दरवाजा बंद किया और मैंने उन्हें अपनी और खींच लिया और दीवार की तरफ धकेल दिया और अपना हाथ दोनों मम्मे पे रख के, बुरी तरह दबाने लगा..
क्या मम्मे थे यार..
एक दूध मेरे तो दोनों हाथ में नहीं आ रहा था..
ऐसा लग रहा था की आज भाभी का सूट और ब्रा फाड़ कर, उन्हें आज़ाद कर दूँ और मैं उनके दूध खूब ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा..
भाभी की आँखें बंद थीं..
फिर, वो बोलीं – आराम से मस्तराम, आराम से…
उनके मुंह से मस्तराम सुनकर, मैं तो और जोश में आ गया और ज़ोर ज़ोर से दूध बुरी तरह मसलने लगा और भाभी भी धीरे धीरे सिसकारियाँ भरने लगीं – अन्ह… आराम से मस्तराम आराम से.. उन्ह म म्ह ह ह म ह म ह ह म म ह ह… आँह ह आ ह आ आ आ आ आ… उंह… इयान्ह इस्सस स स स स स स s s s s s…
और फिर एकदम से, उन्होंने मुझे धक्का दिया और कहा – चलो, तुम्हारे 10 मिनट हो गये…
मैं बोला – पर अभी किस नहीं हुआ…
वो बोलीं – ये तुम्हारी ग़लती है… तुमने की ही नहीं..
मैं उदास हो गया और जाने लगा..
तभी पीछे से भाभी बोलीं – सुन, चल उदास मत हो… कर ले, किस…
मैं बहुत खुश हो गया और उनके होठों को अपने होठों में ले कर, चूसने लगा पर उन्होंने मुझे जल्दी हटा दिया और बोलीं – बेटर लक, नेक्स्ट टाइम…
मैं जाने लगा तो वो मुझसे बोलीं – मस्तराम, अब घर जा कर, ज़्यादा हस्तमैथुन मत करना… समझ आया की नहीं…
मैं घर आ कर, फिर से पढ़ने लगा और अगले सनडे का इंतेज़ार करने लगा..
और एक बार फिर, सनडे आ गया और मैं फिर भाभी के घर गया तो वो मुझे देख क बोलीं – आ गया मस्तराम, शिकार करने…
मैं मुस्कुराने लगा तो वो बोलीं – क्या बात है… देखो, मस्तराम शरमाता भी है…
और मैंने उन्हें तुरंत अपनी बाहों में भर लिया और उनके होठों को चूसता रहा और दोनों हाथ से, उनके मम्मे दबाता रहा..
मैं उनके दूध बहुत ही ज़ोर से दबा रहा था..
भाभी ने अपना मुँह छुड़ाकर, कहा – अरे, आराम से दबाओ… मैं कहीं नहीं भागी जा रही…
मैंने कहा – भाभी, टाइम तो भाग रहा है ना…
वो हंस पड़ीं और मैं फिर से उन्हें किस करने लगा और दूध दबाने लगा और मेरा टाइम हो गया…
ऐसा करते करते, मेरी परीक्षा हो गई और मेरा रिज़ल्ट आने वाला था..!! !!
रिज़ल्ट के एक दिन पहले, दोपहर में मैं भाभी के पास गया तो वो बोलीं – क्यूँ मस्तराम… बड़ा उदास लग रहा है…
मैंने कहा – हाँ भाभी…
भाभी – क्यूँ…
मैं – कल मेरा रिज़ल्ट आ रहा है…
भाभी – इसलिए उदास है की कहीं फैल ना हो जाए…
मैं – नहीं… इसलिए की कहीं मेरा सपना ना टूट जाए…
भाभी – कौन सा सपना…
मैं – आपके साथ से.. से.. (सेक्स) करने का…
और हम दोनों हँस पड़े..
तभी मैंने उन्हें गिफ्ट दिया..
उन्होंने मेरे सामने ही खोला..
उसमें काले रंग की ब्रा और काले रंग की छोटी सी पैंटी थीं, जिसमें गाण्ड की तरफ बस एक खपची थी, जिससे गाण्ड की सिर्फ़ दरार छुपती..
भाभी ने कहा – ये किसके लिए…
मैंने कहा – आपके लिए… अगर कल मैं पास हुआ तो जब हम — (सेक्स) करेंगे तो आप ये पहनना और अगर फैल हुआ तो एक दो बार पहन कर, ब्रा पैंटी मुझे दे देना… मैं उसे सूंघ के ही, आपके बदन की खुशबु लेता रहूँगा…
भाभी बोलीं – अरे चिंता मत कर रे… कल जो होगा, कल देखा जाएगा… टेंशन ना ले… और, मेरे हाथ अपने मम्मे पे रख दिए और बोला – मेरे मस्तराम, आज तो मज़े ले लो…
मैं उनके मम्मे को दबाने लगा, खूब ज़ोर ज़ोर से और उनके होठों को खूब ज़ोर के चूसा..
वो बोलीं – अरे, मस्तराम… कल मौका मिलेगा…
मैं उनकी सुने बिना, उनके दूध ज़ोर ज़ोर से दबाता रहा और अगले दिन सुबह मेरा रिज़ल्ट आ गया.. !!! !!
मैं 82% से पास हुआ था..
मैं बहुत खुश हुआ..
आज तक, कभी मेरे इतने मार्क्स नहीं आए थे और मैं भाभी क घर जा कर बोला की मैं 70% नहीं ला पाया…
भाभी किचिन में आटा माढ़ रही थीं और बोलीं – कोई बात नहीं… बेटर लक नेक्स्ट टाइम… और हंसने लगीं…
मैं उनके पीछे गया और बोला – मेरी भाभी जान, 70% नहीं 82% आए हैं और उनकी गाण्ड को सहलाने लगा और मम्मे दबाने लगा..
भाभी – अभी, कोई देख लेगा… अभी नहीं, दूर हटो…
मैं दूर हट गया तो वो बोलीं – चुम्मियाँ करने को मिलती थीं तो पढ़ाई हो गई… नहीं तो, पढ़ाई का नाम भी नहीं था…
मैंने कहा – ये सब, आपकी मेहरबानी है…
फिर, मैंने पूछा – कब शुरू करें…
तो उन्होंने कहा – सब्र करो, मस्तराम… सब्र का फल, मीठा होता है…
अब, मैं बोला – तो, अब तक क्या कर रहा था…
वो हंस पड़ीं और कहा – चलो, ठीक है… अब तुम जाओ… मैं तुम्हें शाम को कॉल करती हूँ…
मैं चला आया और शाम को भाभी के कॉल का इंतेज़ार करने लगा..
आज तक, कभी मेरे इतने मार्क्स नहीं आए थे और मैं भाभी क घर जा कर बोला की मैं 70% नहीं ला पाया…
भाभी किचिन में आटा माढ़ रही थीं और बोलीं – कोई बात नहीं… बेटर लक नेक्स्ट टाइम… और हंसने लगीं…
मैं उनके पीछे गया और बोला – मेरी भाभी जान, 70% नहीं 82% आए हैं और उनकी गाण्ड को सहलाने लगा और मम्मे दबाने लगा..
भाभी – अभी, कोई देख लेगा… अभी नहीं, दूर हटो…
मैं दूर हट गया तो वो बोलीं – चुम्मियाँ करने को मिलती थीं तो पढ़ाई हो गई… नहीं तो, पढ़ाई का नाम भी नहीं था…
मैंने कहा – ये सब, आपकी मेहरबानी है…
फिर, मैंने पूछा – कब शुरू करें…
तो उन्होंने कहा – सब्र करो, मस्तराम… सब्र का फल, मीठा होता है…
अब, मैं बोला – तो, अब तक क्या कर रहा था…
वो हंस पड़ीं और कहा – चलो, ठीक है… अब तुम जाओ… मैं तुम्हें शाम को कॉल करती हूँ…
मैं चला आया और शाम को भाभी के कॉल का इंतेज़ार करने लगा.. !!! !!
भाभी का कॉल आया तो वो बोलीं – कल, जब बेटी स्कूल जाएगी और अंकल दफ़्तर जाएँगे, तब 10 बजे आना और तुम्हरे पास सिर्फ़ 1 बजे तक का टाइम है…
मैं बहुत खुश हुआ और भाभी से “आई लव यु” बोला और उनसे कहा – कल मेरी गिफ्ट वाली, ब्रा और पैंटी पहनना…
तो उन्होंने कहा – हाँ!! बाबा, वही पहनुँगी… चलो, मेरे टाइगर अपनी नथ उतरवाने की तैयारी कर लो…
मैं रात भर सो नहीं पाया और कम से कम, 4 बार मूठ मारा..
सुबह 9 बजे, उनके पति के जाते ही, मैं उनके घर पहुँच गया और भाभी मुझे देख कर कहने लगीं – हे भगवान… तुम्हें तो बिल्कुल ही सब्र नहीं है…
मैं बोला – क्या करूँ, भाभी… कंट्रोल नहीं होता…
फिर, वो बोलीं – थोडा, वेट करो… मुझे अभी काम है…
मैं वेट करने लगा पर मुझसे रहा नहीं जा रहा था..
एक एक पल, सदियों के समान लग रहा था..
कुछ देर इंतेज़ार करने के बाद, मैं किचन में गया और उनके पीछे खड़ा हो कर उन्हें गले पे किस करने लगा तो बोलीं – उफ्फ मस्तराम, अब मुझे गुस्सा आ रहा है…!!! !!
पर मैं कहाँ उनकी कुछ सुनने वाला था और उन्हें अपनी तरफ करके लीप किस करने लगा और ज़ोर ज़ोर से उनके दूध दबाने लगा तो भाभी बोलीं – आराम से, मस्तराम… आज 3 घंटे हैं, तुम्हारी पास…
मैने फिर भी नहीं सुना और मैं उनके पूरे चेहरे पे किस करने लगा और उनके सूट को उतारने लगा..
लेकिन, मैं उनका सूट नहीं उतार पा रहा था तो भाभी बोलीं – रुक जा, मेरे राजा… खा जाएगा क्या, मुझे… मैं उतारती हूँ… तू बेडरूम में चल…
पहले मैं और फिर भाभी, बेडरूम में आ गये..
अब भाभी ने अपना सूट उतारा और मैंने तो 10 सेकेंड से भी कम समय में अपने सारे कपड़े उतार दिए और पूरा नंगा हो गया..
पहले भाभी ने अपनी कमीज़ उतारी और फिर सलवार..
उन्होने सलवार का नाडा, इतनी धीरे धीरे खोला की मुझे गुस्सा आने लगा..
खैर, कुछ ही देर में भाभी ब्रा और पैंटी में थीं और मैं पूरा नंगा था..
मेरा लंड देख कर, भाभी बोलीं – वाह यार, मस्तराम… तेरा तो काफ़ी मोटा है… और ये सुनते ही, मुझसे रहा ना गया और मैं उनके को किस करने लगा और बेड पे लिटा दिया और ब्रा क अंदर हाथ डाल कर, मम्मे दबाने लगा..
पहली बार, मैने नंगे दूध पर हाथ लगाया था और मुझे हर पल ऐसा लग रहा था की मैं झड़ पड़ूँगा..
भाभी भी दूध पर हाथ लगते ही – इनयः याहह ह ह ह ह ह… उन्हम म म म म म… इस्स स स स स स स स स स स sss ss… करने लगीं और मैंने उनकी ब्रा निकाल दी..
उनके मम्मे देख के तो मैं दंग रह गया..
वाह!! क्या बूब थे..
एक दम गोरे और उस पर गुलाबी निप्पल..
मुझसे रहा ना गया और मैं उनके निप्पल चूसने लगा और एक मम्मे को दबाने लगा..
बदहवासी में, मैने उनके निप्पल पर काट लिया तो भाभी चिल्ला पड़ीं – उफ्फ फ फ फ फ फ याह: धीरे…
फिर मैं उनकी टुंडी पे किस करने लगा..
कुछ देर उनके दूध, टुंडी और पेट को हवसी जैसे चूमने चाटने के बाद, मैं उनकी चूत को पैंटी के ऊपर से रगड़ने लगा..
मैं उनकी चूत की खुशबु को सूंघ कर, बहुत खुश था और मुझसे रहा ना गया और मैंने उनकी पैंटी उतार दी..
जैसे ही उनकी नंगी चूत मेरे सामने आई, मेरा संयम टूट गया और मेरे लंड ने मूठ निकाल दिया..
मेरे लंड से तब झटके मार मार के, इतना गाड़ा और इतना ज़्यादा मूठ निकला.. जितना, आज तक कभी नहीं निकला था..
पर ताजुब इस बात का था की निकलने के बाद भी मेरा आधा लंड खड़ा रहा और मैं उनकी चूत एकटक देखने लगा..
उनकी चूत थोड़ी सी साँवली थी, पर एकदम सॉफ..
उस पर, एक भी बाल नहीं था..
मेरी उनकी चूत से, नज़रें ही नहीं हट रही थीं.. !!! !!
तभी भाभी बोलीं – बड़ी देर कंट्रोल कर लिया, मस्तराम… चिंता मत करो, पहली बार में ऐसा ही होता है… पर, रुक क्यों गए… चालू रखो, अपनी चूमा चाटी…
मैं बोला – हाँ!! भाभी… पहली बार, देख रहा हूँ… जी भर के देख तो लेने दो…
मैं उनकी चूत पे पहले किस करना लगा और फिर जीभ डाल कर, खूब ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा..
भाभी बहुत ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ ले रहीं थीं – उन्हममम मम म म म म म म म म म म… इस्स सस स स स स स स स स स स… आह आ आ आ आहह ह ह ह ह ह आ आ आ आ आ आ आ आ आ… इन्यह ह ह ह ह ह… या या या आया आया या आ हा… ज़ोर से चूसो, मस्तराम… अन्म उन्ह म्म… शाबाश… हाँ हाँ हाँ… उफ्फ फ फ फ… और चूसो… और, मेरा सिर अपनी चूत में लगातार दबा रही थीं..
वाह, क्या टेस्ट था उनकी चूत का..
मज़ा आ गया था, तभी भाभी बोलीं – आँह… इस्स… उन्हम म्म… मैं आ रही हूँ…
तभी भाभी बोलीं – पीएगा मस्तराम, मेरा पानी…
मैने कहा – हाँ भाभी, पिलाओ ना… और उन्होने मेरा सिर बहुत ज़ोर से अपनी चूत में दबा दिया और मैं उनका पूरा रस पी गया..
फिर, वो बोलीं – तुमने तो मेरी चूत चूस के, आज मुझे खुश कर दिया…
मेरी चूत, आज किसी ने पहली बार चूसी है..
तभी मैंने कहा – भाभी, अब आपकी बारी… और, मैने अपना लंड उनके मुंह में दे दिया और उन्होने भी खूब चूसा और मैं उनके मुंह में ही झड़ गया..
वाह, क्या टेस्ट था उनकी चूत का..
मज़ा आ गया था, तभी भाभी बोलीं – आँह… इस्स… उन्हम म्म… मैं आ रही हूँ…
तभी भाभी बोलीं – पीएगा मस्तराम, मेरा पानी…
मैने कहा – हाँ भाभी, पिलाओ ना… और उन्होने मेरा सिर बहुत ज़ोर से अपनी चूत में दबा दिया और मैं उनका पूरा रस पी गया..
फिर, वो बोलीं – तुमने तो मेरी चूत चूस के, आज मुझे खुश कर दिया…
मेरी चूत, आज किसी ने पहली बार चूसी है..
तभी मैंने कहा – भाभी, अब आपकी बारी… और, मैने अपना लंड उनके मुंह में दे दिया और उन्होने भी खूब चूसा और मैं उनके मुंह में ही झड़ गया..
थोड़ी देर, हम ऐसे ही लेटे रहे..
दोस्तो आज एक और कहानी लेकर आया हूँ जो आपको ज़रूर पसंद आएगी
भाइयो ये घटना उस वक़्त की है, जब मैं फर्स्ट ईयर में था..
मुझे मेरी ज़िंदगी का, सबसे हसीन पल जीने को मिला..पाठकों, मैं एक साधारण कद काठी वाला, 21 साल का लड़का हूँ..
हाँ!! पर, मेरे लंड का साइज़ 6-6.5 इंच लंबा है..
मैं पिछले 5-6 साल से, नियम से नहाने से पहले अपने लंड की मसाज सरसों के तेल से करता हूँ.. जिससे, मेरा लंड काला तो ज़रूर हो गया है पर मोटा बहुत है.. जो किसी भी औरत को खुश ही नहीं, पागल कर सकता है..
मेरे घर के सामने, एक भाभी रहती हैं.. जिनका नाम, अनीता था और उनकी एक चार साल की लड़की थी..
उनका पति, सरकारी नौकरी में थे..
वो मुझे बहुत अच्छी लगती थीं, एक दम चोदने के लिए ही बनी औरत..
मैं उन्हें चोदना चाहता था और ये सच भी हुआ..
तो, ये बात तब की है, जब मैं उनसे इंग्लीश का ट्यूशन पढ़ता था..
मैं उनको देख के, एकदम मस्त हो जाता था क्यूंकि उनका फिगर “36-30-38” था..
क्या मस्त बड़े बड़े मम्मे थे, उनके..
देख कर, ऐसा लगता था के ब्रा को फाड़ के अभी निकल आएँगे और गाण्ड तो बस, पूछो मत.. एक दम, चौड़ी..
जब भी देखो तो चोद चोद कर, फाड़ डालने का मन करता था..
मैं रोज़ दोफहर के 2 बजे, उनके यहाँ पढ़ने जाता था..
आप समझ ही गये होंगें की मेरा मन, बिल्कुल भी पढ़ाई में नहीं था..
मैं बस, उनहीं को घूरता रहता था..
वो जब भी कोई सवाल समझाने, सामने झुकती थीं तो मैं उनकी क्लीवेज देखता था..
मैं रोज़ घर जाकर, उनके नाम की मूठ मारा करता था.
फिर ऐसे ही करते करते, मेरी परीक्षा करीब आ गई और मेरे प्री बोर्ड में बहुत कम मार्क्स आए..
घर पे, मेरे पापा ने बहुत पिटाई लगाई और भाभी से भी शिकायत की..
उन्होंने बोला – क्या पढ़ाती हैं, आप… अगर, ऐसा ही चलता रहा तो इसका क्या होगा… ये फैल हो जाएगा…
फिर, मैं जब भाभी के यहाँ पढ़ने गया तो भाभी ने भी मुझे खूब डांटा और कहा – मस्तराम, तुम कभी नहीं सुधरने वाले… तुम्हारी वजह से, मुझे दस बातें सुननी पड़ीं..
इधर, वो डाँट रहीं थीं.. उधर, मैं उनके मम्मे देख रहा था.. जो बार बार, हिल रहे थे..
तभी उन्होंने मुझे ज़ोर से थप्पड़ लगा दिया और मुझे गुस्सा आ गया और मैं वहाँ से चला आया..
साला, जिसे देखो मुझे पीटे जा रहा था..!! !!
खैर, 2-3 दिन मैं उनके यहाँ पढ़ने नहीं गया..
वो मुझे बार बार कॉल करती थीं पर मैंने कॉल नहीं उठाया..
फिर एक दिन दोपहर, उनका मैसेज आया –मस्तराम, तुरंत मेरे घर आओ…
मैं उनके घर पर गया..
उन्होंने, मुझे सोफे पे बैठने को कहा और मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक ले कर आईं..
फिर, वो मुझे प्यार से समझाने लगीं – देखो मस्तराम अगर तुम पढ़ोगे नहीं तो तुम्हारा भविष्य क्या होगा…
मैं – भाभी, मैं पढ़ना चाहता हूँ पर पढ़ नहीं पता हूँ… मैं ध्यान नहीं लगा पता हूँ, भाभी…
भाभी – क्यूँ… कोई परेशानी है तो बताओ…
मैं – है… पर, आप नहीं समझोगे, भाभी…
भाभी – अरे, बताओ तो… मैं क्यूँ नहीं समझूंगी…
मैं – नहीं… मैं आपसे के कहूँगी तो आप मरोगी…
भाभी – अरे बाबा!! नहीं मारूँगी… अब बोलो भी…
मैं – मैं आपसे प प प्यार र र करता हूँ… आई लव यु, भाभी… आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो… आप बहुत स स स से से सेक्सी हो… मैं आप को देख कर, एक दम खो जाता हूँ और हर वक़्त, आपके बारे में सोचने लगता हूँ…
भाभी का चेहरा गुस्से से लाल था और वो मुझ पर बहुत ज़ोर से चिल्लाई और कहा – मैं तुमसे कितने बड़ी हूँ और तुम मेरे बारे में ऐसा सोचते हो…
मैं डर गया..
फिर भी हिम्मत करके, बोला – भाभी, इसमें मेरी क्या ग़लती है… प्यार तो उम्र देख के नहीं होता ना..
वो बोलीं – देखो मस्तराम, ऐसा नहीं हो सकता और तुम अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो…
फिर उन्होंने, मुझसे जाने को कहा..
लेकिन, मैं वहां खड़ा रहा..
फिर, मैं बोला – अगर, आप मुझे ना मिलीं तो मैं कभी भी परीक्षा में पास नहीं हो सकता… और, वहां से चला गया..
फिर 2 दिन बाद, शाम को उनका कॉल आया और वो मुझसे कहने लगीं – मस्तराम, प्लीज मुझे भूल जाओ…
मैं – मैं आपको नहीं भूल सकता… मैं बस आपको चाहता हूँ, भाभी…
भाभी – प्लीज, मस्तराम मान जाओ और पढ़ाई पे ध्यान दो…
मैं – नहीं, भाभी… मैं अपने आप को नहीं समझा सकता… अब आपकी शादी, पहले हो गई तो मैं क्या करूँ… और हाँ भाभी, मैं आपको बिना पाए, परीक्षा कभी पास नहीं कर सकता…
भाभी – मस्तराम प्लीज ऐसा मत करो… मैं ज़बरदस्ती में, बदनाम हो जाउंगी…
मैं – भाभी, मुझे जो कहना था मैने कह दिया, अब आगे आप की मर्ज़ी… और, मैंने कॉल काट दिया..
फिर कुछ देर बाद, भाभी का मैसेज आया की देखो, मुझे सोचने का कुछ वक़्त दो…
मैंने भी ठीक है… का मैसेज, भेज दिया..
मैं फिर भाभी के बारे में सोचने लगा की क्या कभी भाभी की.चूत और दूध के दर्शन होगें..
फिर 2 दिन बाद, भाभी ने मुझे अपने घर बुलाया और कहा – देखो मस्तराम, मैं सिर्फ़ तुम्हारी पढ़ाई के लिए, हाँ कर रही हूँ..
मैं बहुत खुश हुआ और मुझे तो विश्वास ही नहीं हुआ की मैने एक शादीशुदा भाभी को पटा लिया..
मैं उनको धन्यवाद बोलने लगा, तभी वो बोलीं – एक मिनट… सॉफ सॉफ बात करते हैं… ये तो मैं समझती हूँ की ये प्यार व्यार तो चलो सब ठीक है, असल में, तुम्हें मेरे बदन में ज़्यादा रूचि है… मैं समझती हूँ, तुम्हारी उम्र में ये आम है… लेकिन, लेकिन… एक बात सॉफ सॉफ सुन लो… मेरी एक शर्त है, पहले तुम परीक्षा में 70% लाकर दिखाओ तो आगे कुछ होगा…
मेरा चेहरा उदास हो गया और, मैं बोला – भाभी, ये तो ठीक नहीं है…
तो भाभी ने कहा – अच्छा, ठीक है… उदास मत हो… तुम, हर सनडे सिर्फ़ 10 मिनट मेरे ब ब ब्रेस्ट (मम्मे) दबा सकते हो और एक किस (चुमी) कर सकते हो…
मैं खुश हो गया और उनसे वादा किया के मैं 70% लाकर दिखाऊंगा..
भाभी बोलीं – ठीक है, देखते हैं…
तभी मैंने बिना सोचे समझे, उनके मम्मे पकड़ लिए तो वो थोडा गुस्से में आ गईं और मेरा हाथ ज़ोर से झटकते हुए बोलीं – आज नहीं… सनडे… जाओ, जाकर पढ़ाई करो..
और… …
मैं खूब दिल लगा कर, पढ़ने लगा और कुछ दिन बाद, सनडे आ गया..
मैंने सुबह उठते ही साथ, 9 बजे भाभी को कॉल किया की भाभी मैं आ रहा हूँ…
तो भाभी बोलीं – अभी नहीं.. अभी सब घर पे हैं… 12 बजे आना…
मुझसे सब्र नहीं हो रहा था और मैं बस उनके बारे में सोच सोच के पागल हो रहा था..
मैं अपनी जिंदगी में पहली बार, चुचियाँ दबाने वाला था..
एक बार तो सिर्फ़ सोच सोच कर ही, मेरे लंड ने मूठ छोड़ दिया.. !!! !!
तभी 12 बज गये और मैं उनके घर पहुँच गया..
आज भाभी मुझे देख कर मुस्कुराई और कहा – सब्र तो बिल्कुल नहीं है..
तो मैंने कहा – इतने दिन से तो सब्र की है…
फिर भाभी ने दरवाजा बंद किया और मैंने उन्हें अपनी और खींच लिया और दीवार की तरफ धकेल दिया और अपना हाथ दोनों मम्मे पे रख के, बुरी तरह दबाने लगा..
क्या मम्मे थे यार..
एक दूध मेरे तो दोनों हाथ में नहीं आ रहा था..
ऐसा लग रहा था की आज भाभी का सूट और ब्रा फाड़ कर, उन्हें आज़ाद कर दूँ और मैं उनके दूध खूब ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा..
भाभी की आँखें बंद थीं..
फिर, वो बोलीं – आराम से मस्तराम, आराम से…
उनके मुंह से मस्तराम सुनकर, मैं तो और जोश में आ गया और ज़ोर ज़ोर से दूध बुरी तरह मसलने लगा और भाभी भी धीरे धीरे सिसकारियाँ भरने लगीं – अन्ह… आराम से मस्तराम आराम से.. उन्ह म म्ह ह ह म ह म ह ह म म ह ह… आँह ह आ ह आ आ आ आ आ… उंह… इयान्ह इस्सस स स स स स स s s s s s…
और फिर एकदम से, उन्होंने मुझे धक्का दिया और कहा – चलो, तुम्हारे 10 मिनट हो गये…
मैं बोला – पर अभी किस नहीं हुआ…
वो बोलीं – ये तुम्हारी ग़लती है… तुमने की ही नहीं..
मैं उदास हो गया और जाने लगा..
तभी पीछे से भाभी बोलीं – सुन, चल उदास मत हो… कर ले, किस…
मैं बहुत खुश हो गया और उनके होठों को अपने होठों में ले कर, चूसने लगा पर उन्होंने मुझे जल्दी हटा दिया और बोलीं – बेटर लक, नेक्स्ट टाइम…
मैं जाने लगा तो वो मुझसे बोलीं – मस्तराम, अब घर जा कर, ज़्यादा हस्तमैथुन मत करना… समझ आया की नहीं…
मैं घर आ कर, फिर से पढ़ने लगा और अगले सनडे का इंतेज़ार करने लगा..
और एक बार फिर, सनडे आ गया और मैं फिर भाभी के घर गया तो वो मुझे देख क बोलीं – आ गया मस्तराम, शिकार करने…
मैं मुस्कुराने लगा तो वो बोलीं – क्या बात है… देखो, मस्तराम शरमाता भी है…
और मैंने उन्हें तुरंत अपनी बाहों में भर लिया और उनके होठों को चूसता रहा और दोनों हाथ से, उनके मम्मे दबाता रहा..
मैं उनके दूध बहुत ही ज़ोर से दबा रहा था..
भाभी ने अपना मुँह छुड़ाकर, कहा – अरे, आराम से दबाओ… मैं कहीं नहीं भागी जा रही…
मैंने कहा – भाभी, टाइम तो भाग रहा है ना…
वो हंस पड़ीं और मैं फिर से उन्हें किस करने लगा और दूध दबाने लगा और मेरा टाइम हो गया…
ऐसा करते करते, मेरी परीक्षा हो गई और मेरा रिज़ल्ट आने वाला था..!! !!
रिज़ल्ट के एक दिन पहले, दोपहर में मैं भाभी के पास गया तो वो बोलीं – क्यूँ मस्तराम… बड़ा उदास लग रहा है…
मैंने कहा – हाँ भाभी…
भाभी – क्यूँ…
मैं – कल मेरा रिज़ल्ट आ रहा है…
भाभी – इसलिए उदास है की कहीं फैल ना हो जाए…
मैं – नहीं… इसलिए की कहीं मेरा सपना ना टूट जाए…
भाभी – कौन सा सपना…
मैं – आपके साथ से.. से.. (सेक्स) करने का…
और हम दोनों हँस पड़े..
तभी मैंने उन्हें गिफ्ट दिया..
उन्होंने मेरे सामने ही खोला..
उसमें काले रंग की ब्रा और काले रंग की छोटी सी पैंटी थीं, जिसमें गाण्ड की तरफ बस एक खपची थी, जिससे गाण्ड की सिर्फ़ दरार छुपती..
भाभी ने कहा – ये किसके लिए…
मैंने कहा – आपके लिए… अगर कल मैं पास हुआ तो जब हम — (सेक्स) करेंगे तो आप ये पहनना और अगर फैल हुआ तो एक दो बार पहन कर, ब्रा पैंटी मुझे दे देना… मैं उसे सूंघ के ही, आपके बदन की खुशबु लेता रहूँगा…
भाभी बोलीं – अरे चिंता मत कर रे… कल जो होगा, कल देखा जाएगा… टेंशन ना ले… और, मेरे हाथ अपने मम्मे पे रख दिए और बोला – मेरे मस्तराम, आज तो मज़े ले लो…
मैं उनके मम्मे को दबाने लगा, खूब ज़ोर ज़ोर से और उनके होठों को खूब ज़ोर के चूसा..
वो बोलीं – अरे, मस्तराम… कल मौका मिलेगा…
मैं उनकी सुने बिना, उनके दूध ज़ोर ज़ोर से दबाता रहा और अगले दिन सुबह मेरा रिज़ल्ट आ गया.. !!! !!
मैं 82% से पास हुआ था..
मैं बहुत खुश हुआ..
आज तक, कभी मेरे इतने मार्क्स नहीं आए थे और मैं भाभी क घर जा कर बोला की मैं 70% नहीं ला पाया…
भाभी किचिन में आटा माढ़ रही थीं और बोलीं – कोई बात नहीं… बेटर लक नेक्स्ट टाइम… और हंसने लगीं…
मैं उनके पीछे गया और बोला – मेरी भाभी जान, 70% नहीं 82% आए हैं और उनकी गाण्ड को सहलाने लगा और मम्मे दबाने लगा..
भाभी – अभी, कोई देख लेगा… अभी नहीं, दूर हटो…
मैं दूर हट गया तो वो बोलीं – चुम्मियाँ करने को मिलती थीं तो पढ़ाई हो गई… नहीं तो, पढ़ाई का नाम भी नहीं था…
मैंने कहा – ये सब, आपकी मेहरबानी है…
फिर, मैंने पूछा – कब शुरू करें…
तो उन्होंने कहा – सब्र करो, मस्तराम… सब्र का फल, मीठा होता है…
अब, मैं बोला – तो, अब तक क्या कर रहा था…
वो हंस पड़ीं और कहा – चलो, ठीक है… अब तुम जाओ… मैं तुम्हें शाम को कॉल करती हूँ…
मैं चला आया और शाम को भाभी के कॉल का इंतेज़ार करने लगा..
आज तक, कभी मेरे इतने मार्क्स नहीं आए थे और मैं भाभी क घर जा कर बोला की मैं 70% नहीं ला पाया…
भाभी किचिन में आटा माढ़ रही थीं और बोलीं – कोई बात नहीं… बेटर लक नेक्स्ट टाइम… और हंसने लगीं…
मैं उनके पीछे गया और बोला – मेरी भाभी जान, 70% नहीं 82% आए हैं और उनकी गाण्ड को सहलाने लगा और मम्मे दबाने लगा..
भाभी – अभी, कोई देख लेगा… अभी नहीं, दूर हटो…
मैं दूर हट गया तो वो बोलीं – चुम्मियाँ करने को मिलती थीं तो पढ़ाई हो गई… नहीं तो, पढ़ाई का नाम भी नहीं था…
मैंने कहा – ये सब, आपकी मेहरबानी है…
फिर, मैंने पूछा – कब शुरू करें…
तो उन्होंने कहा – सब्र करो, मस्तराम… सब्र का फल, मीठा होता है…
अब, मैं बोला – तो, अब तक क्या कर रहा था…
वो हंस पड़ीं और कहा – चलो, ठीक है… अब तुम जाओ… मैं तुम्हें शाम को कॉल करती हूँ…
मैं चला आया और शाम को भाभी के कॉल का इंतेज़ार करने लगा.. !!! !!
भाभी का कॉल आया तो वो बोलीं – कल, जब बेटी स्कूल जाएगी और अंकल दफ़्तर जाएँगे, तब 10 बजे आना और तुम्हरे पास सिर्फ़ 1 बजे तक का टाइम है…
मैं बहुत खुश हुआ और भाभी से “आई लव यु” बोला और उनसे कहा – कल मेरी गिफ्ट वाली, ब्रा और पैंटी पहनना…
तो उन्होंने कहा – हाँ!! बाबा, वही पहनुँगी… चलो, मेरे टाइगर अपनी नथ उतरवाने की तैयारी कर लो…
मैं रात भर सो नहीं पाया और कम से कम, 4 बार मूठ मारा..
सुबह 9 बजे, उनके पति के जाते ही, मैं उनके घर पहुँच गया और भाभी मुझे देख कर कहने लगीं – हे भगवान… तुम्हें तो बिल्कुल ही सब्र नहीं है…
मैं बोला – क्या करूँ, भाभी… कंट्रोल नहीं होता…
फिर, वो बोलीं – थोडा, वेट करो… मुझे अभी काम है…
मैं वेट करने लगा पर मुझसे रहा नहीं जा रहा था..
एक एक पल, सदियों के समान लग रहा था..
कुछ देर इंतेज़ार करने के बाद, मैं किचन में गया और उनके पीछे खड़ा हो कर उन्हें गले पे किस करने लगा तो बोलीं – उफ्फ मस्तराम, अब मुझे गुस्सा आ रहा है…!!! !!
पर मैं कहाँ उनकी कुछ सुनने वाला था और उन्हें अपनी तरफ करके लीप किस करने लगा और ज़ोर ज़ोर से उनके दूध दबाने लगा तो भाभी बोलीं – आराम से, मस्तराम… आज 3 घंटे हैं, तुम्हारी पास…
मैने फिर भी नहीं सुना और मैं उनके पूरे चेहरे पे किस करने लगा और उनके सूट को उतारने लगा..
लेकिन, मैं उनका सूट नहीं उतार पा रहा था तो भाभी बोलीं – रुक जा, मेरे राजा… खा जाएगा क्या, मुझे… मैं उतारती हूँ… तू बेडरूम में चल…
पहले मैं और फिर भाभी, बेडरूम में आ गये..
अब भाभी ने अपना सूट उतारा और मैंने तो 10 सेकेंड से भी कम समय में अपने सारे कपड़े उतार दिए और पूरा नंगा हो गया..
पहले भाभी ने अपनी कमीज़ उतारी और फिर सलवार..
उन्होने सलवार का नाडा, इतनी धीरे धीरे खोला की मुझे गुस्सा आने लगा..
खैर, कुछ ही देर में भाभी ब्रा और पैंटी में थीं और मैं पूरा नंगा था..
मेरा लंड देख कर, भाभी बोलीं – वाह यार, मस्तराम… तेरा तो काफ़ी मोटा है… और ये सुनते ही, मुझसे रहा ना गया और मैं उनके को किस करने लगा और बेड पे लिटा दिया और ब्रा क अंदर हाथ डाल कर, मम्मे दबाने लगा..
पहली बार, मैने नंगे दूध पर हाथ लगाया था और मुझे हर पल ऐसा लग रहा था की मैं झड़ पड़ूँगा..
भाभी भी दूध पर हाथ लगते ही – इनयः याहह ह ह ह ह ह… उन्हम म म म म म… इस्स स स स स स स स स स स sss ss… करने लगीं और मैंने उनकी ब्रा निकाल दी..
उनके मम्मे देख के तो मैं दंग रह गया..
वाह!! क्या बूब थे..
एक दम गोरे और उस पर गुलाबी निप्पल..
मुझसे रहा ना गया और मैं उनके निप्पल चूसने लगा और एक मम्मे को दबाने लगा..
बदहवासी में, मैने उनके निप्पल पर काट लिया तो भाभी चिल्ला पड़ीं – उफ्फ फ फ फ फ फ याह: धीरे…
फिर मैं उनकी टुंडी पे किस करने लगा..
कुछ देर उनके दूध, टुंडी और पेट को हवसी जैसे चूमने चाटने के बाद, मैं उनकी चूत को पैंटी के ऊपर से रगड़ने लगा..
मैं उनकी चूत की खुशबु को सूंघ कर, बहुत खुश था और मुझसे रहा ना गया और मैंने उनकी पैंटी उतार दी..
जैसे ही उनकी नंगी चूत मेरे सामने आई, मेरा संयम टूट गया और मेरे लंड ने मूठ निकाल दिया..
मेरे लंड से तब झटके मार मार के, इतना गाड़ा और इतना ज़्यादा मूठ निकला.. जितना, आज तक कभी नहीं निकला था..
पर ताजुब इस बात का था की निकलने के बाद भी मेरा आधा लंड खड़ा रहा और मैं उनकी चूत एकटक देखने लगा..
उनकी चूत थोड़ी सी साँवली थी, पर एकदम सॉफ..
उस पर, एक भी बाल नहीं था..
मेरी उनकी चूत से, नज़रें ही नहीं हट रही थीं.. !!! !!
तभी भाभी बोलीं – बड़ी देर कंट्रोल कर लिया, मस्तराम… चिंता मत करो, पहली बार में ऐसा ही होता है… पर, रुक क्यों गए… चालू रखो, अपनी चूमा चाटी…
मैं बोला – हाँ!! भाभी… पहली बार, देख रहा हूँ… जी भर के देख तो लेने दो…
मैं उनकी चूत पे पहले किस करना लगा और फिर जीभ डाल कर, खूब ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा..
भाभी बहुत ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ ले रहीं थीं – उन्हममम मम म म म म म म म म म म… इस्स सस स स स स स स स स स स… आह आ आ आ आहह ह ह ह ह ह आ आ आ आ आ आ आ आ आ… इन्यह ह ह ह ह ह… या या या आया आया या आ हा… ज़ोर से चूसो, मस्तराम… अन्म उन्ह म्म… शाबाश… हाँ हाँ हाँ… उफ्फ फ फ फ… और चूसो… और, मेरा सिर अपनी चूत में लगातार दबा रही थीं..
वाह, क्या टेस्ट था उनकी चूत का..
मज़ा आ गया था, तभी भाभी बोलीं – आँह… इस्स… उन्हम म्म… मैं आ रही हूँ…
तभी भाभी बोलीं – पीएगा मस्तराम, मेरा पानी…
मैने कहा – हाँ भाभी, पिलाओ ना… और उन्होने मेरा सिर बहुत ज़ोर से अपनी चूत में दबा दिया और मैं उनका पूरा रस पी गया..
फिर, वो बोलीं – तुमने तो मेरी चूत चूस के, आज मुझे खुश कर दिया…
मेरी चूत, आज किसी ने पहली बार चूसी है..
तभी मैंने कहा – भाभी, अब आपकी बारी… और, मैने अपना लंड उनके मुंह में दे दिया और उन्होने भी खूब चूसा और मैं उनके मुंह में ही झड़ गया..
वाह, क्या टेस्ट था उनकी चूत का..
मज़ा आ गया था, तभी भाभी बोलीं – आँह… इस्स… उन्हम म्म… मैं आ रही हूँ…
तभी भाभी बोलीं – पीएगा मस्तराम, मेरा पानी…
मैने कहा – हाँ भाभी, पिलाओ ना… और उन्होने मेरा सिर बहुत ज़ोर से अपनी चूत में दबा दिया और मैं उनका पूरा रस पी गया..
फिर, वो बोलीं – तुमने तो मेरी चूत चूस के, आज मुझे खुश कर दिया…
मेरी चूत, आज किसी ने पहली बार चूसी है..
तभी मैंने कहा – भाभी, अब आपकी बारी… और, मैने अपना लंड उनके मुंह में दे दिया और उन्होने भी खूब चूसा और मैं उनके मुंह में ही झड़ गया..
थोड़ी देर, हम ऐसे ही लेटे रहे..