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भैया का ख़याल मैं रखूँगी complete



आशना वीरेंदर की टाँगो के बीच उकड़ू बैठ गई. वीरेंदर का लिंग इस समय अपने पूरे शबाब मे खड़ा छत को घूर रहा था.

आशना: देखो कितना घना जंगल उगाया है, सफाई नहीं करते क्या???

वीरेंदर: क्या मुझे बोलने का हक है मेम साहिब?????

आशना: नो, बिल्कुल नहीं. तुम चुपचाप लेटे रहो.

वीरेंदर: मुझे लगता है आज मेमसाहिब मेरी ले कर ही रहेंगी.

आशना ने यह सुनते ही प्यार से वीरेंदर की जाँघ पर एक चपत लगा दी और बोली: बिल्कुल चुप.

वीरेंदर: तो मेरे होंठो पर कुछ ऐसी चीज़ रख दो कि मैं बोल ही ना पाऊ.

वीरेंदर का इशारा समझते ही आशना का चेहरा शरम से लाल हो उठा.

आशना: आप की चालाकी सब समझती हूँ मैं बट आपकी यह इच्छा आज पूरी नहीं हो सकती.

वीरेंदर: तो फिर कब????

आशना: आपकी अर्ज़ी लगा दी है, देखो कब मंज़ूर होती है.

वीरेंदर: बड़ी खड़ूस बॉस मिली है मुझे, जब ज़रूरत हो तब कोई चीज़ इश्यू ही नहीं करती और अगर कहीं बाहर मुँह मारो तो फिर अपने ही रूम से बाहर भी निकला देती है.

आशना(एकदम गुस्से से): आज के बाद कहीं बाहर मुँह मार के दिखाना, मुँह काला करके घर से बाहर निकाल दूँगी, समझे.

वीरेंदर: कॉन साला पागल होगा जो तुम जैसे हीरे को छोड़ कर बाहर नकली मोती खरीदेगा.

आशना: तो फिर चुप चाप लेटे रहो और अपने इस हीरे का कमाल देखते जाओ.

वीरेंदर: ऐसा क्या????

आशना ने झुक कर वीरेंदर के टेस्टेस के पास एक गरम साँस छोड़ी तो वीरेंदर का जिस्म सिहर उठा.

वीरेंदर: आह उूउउफ़फ्फ़ आशना तुमने मुझे पागल कर दिया है.

आशना: श्ह्ह्ह्ह्ह्ह.

आशना ने वीरेंदर के सुपाडे के बिल्कुल करीब अपने नॅचुरल पिंक होंठ रख दिए. वीरेंदर के दिल की धड़कन तेज़ हो गई. आशना ने वीरेंदर की तरफ नज़र उठाकर देखा. वीरेंदर ने आँख के इशारे से उसे आगे बढ़ने को कहा. आशना ने अपने होंठ वीरेंदर के सुपाडे के और करीब कर दिए. आशना की गरम साँसें वीरेंदर के सुपाडे से टकरा रही थी और वीरेंदर के लिंग की गर्माहट आशना अपने चेहरे पर महसूस कर रही थी.

वीरेंदर(धीमे से): कम ऑन,आशना सक मी ऑफ.

आशना ने अपनी आँखें बंद की और अपने होंठ खोल दिए. वीरेंदर को लगा कि वो गाड़ी आ गई. वीरेंदर की आँखें अपने आप ही बंद हो गयी. थोड़ी देर तक आशना ने कोई हरकत नहीं की. वीरेंदर के लिए एक पल भी एक साल के बराबर हो रहा था. वीरेंदर अपनी आँखें खोलकर देखने ही वाला था कि उसे अपने सुपाडे पर कुछ गरम सा गीलापन महसूस हुआ. वीरेंदर के गले से एक आह निकली.वीरेंदर के सुपाडे का गीलापन फिसलते हुए लिंग की सारी लंबाई पर फैलने लगा. वीरेंदर को यह एहसास रोमांचित कर गया.

वीरेंदर समझ नहीं पा रहा था की यह एहसास कैसा है.हालाँकि गीलेपन के अलावा उसे आशना की सांसो की गर्मी भी अपने सुपाडे पर महसूस हो रही थी मगर वो यह नहीं समझ पा रहा था कि उसके सुपाडे से लेकर लिंग की लंबाई पर यह गीला सा क्या है.

अभी वो अपने ख़यालो मे खोया हुआ ही था कि उसे अपने सुपाडे पर फिर से गीलेपन का आभास हुआ. इस बार वीरेंदर ने अपनी आँखें खोली तो देखा कि आशना के होंठ अभी भी वीरेंदर के सुपाडे से काफ़ी दूर हैं और आशना अपने मुँह से थूक उसके सुपाडे पर फैंक रही है. आशना की यह हरकत वीरेंदर को और जोश से भर गयी.

आशना इतनी वाइल्ड होगी उसने यह सोचा भी ना था. आशण एकटक वीरेंदर के लिंग की तरफ देखे जा रही थी. उसे मालूम भी नहीं हुआ कि वीरेंदर आँखें खोलकर उसे देख रहा है. आशना की आँखें अभी भी वीरेंदर के लिंग पर गढ़ी हुई थी. वीरेंदर ने धीरे से आँखें बंद की और बोला: यआः आशना, येआः कम ऑन. यू आर सच आ टीज़ बेबी. सक माइ कॉक आंड गिव मी व्हाट आइ वान्ट.

आशना ने वीरेंदर के लिंग को जड के इर्द गिर्द अपनी उंगलियों से पकड़ लिया. आशना के ठंडे कोमल हाथ वीरेंदर के लिंग पर पड़ते ही दोनो के जिस्म मे झुरजुरी दौड़ गई. वीरेंदर के लिंग को छुने मात्र से ही आशना चरमोत्कर्ष पर पहुँच गयी और आशना की योनि ने वीरेंदर के संपर्क मे आकर अपना पहला स्खलन कर दिया. कुछ देर तक आशना हवा मे गोते खाती रही और जब वो चरमोत्कर्ष भोगकर ज़मीन पर वापिस आई तो उसने आँखें खोलकर वीरेंदर की तरफ देखा.

वीरेंदर भी आँखें खोले उसी की तरफ देख रहा था. आशना का गुलाबी चेहरा और सुर्ख हो गया और आशना की आँखो मे तैरते गुलाबी डोरे देख कर वीरेंदर भी आशना की हालत समझ गया.

वीरेंदर: हो गया????

आशना ने वीरेंदर की आँखो मे देखते हुए शरमा कर हां में गर्दन हिलाई.

वीरेंदर: इतनी जल्दी?????

आशना शरमा दी और उसकी नज़रें अनायास ही झुक गई.

वीरेंदर: अब मेरा क्या होगा??

आशना ने वीरेंदर के लिंग पेर उंगलियों से दबाव बनाया तो वीरेंदर सिसक उठा.

आशना(मदहोशी में): क्लोज़ युवर आइज़ माइ लव.

वीरेंदर: आइ वाना सी.

आशना: प्लीज़ीयी.

वीरेंदर: आइ वान्ट टू सी युवर पिंक लिप्स अराउंड माइ बिग कॉक, प्लीज़ माइ एंजल.

आशना ने दूसरे हाथ से वीरेंदर की टेस्ट्स को हल्के से सहलाया तो वीरेंदर के गले से शब्द निकलना बंद हो गये. उसका बदन थिरका और गले से बस इतना ही निकल पाया "आआआहह ऊऊऊफफफफफफफफफ्फ़".

आशना मुस्कुराने लगी.

वीरेंदर: व्हाट ईज़ तीस????

आशना: जस्ट कन्सोलिंग देम नोट टू वरी, आइ आम हियर.

वीरेंदर: आहह, मुझे लगता है तुम मुझे ऐसे ही क्लाइमॅक्स करवा दोगि.

आशना: बिल्कुल नहीं, आपको रुकना होगा मेरी खातिर, कंट्रोल करना होगा, आइ रियली वाना ब्लो यू.

वीरेंदर ने आँखे बंद की और बोला : ओह माइ गोद, यह लड़की तो सच मैं मेरी जा........................

 


इस से पहले के वीरेंदर अपना सेंटेन्स पूरा कर पाता, वीरेंदर के सुपाडे से निकलता प्रेकुं आशना ने अपनी जीभ से चाट लिया.

वीरेंदर: उूवूऊऊओ.

वीरेंदर की कमर एक दम हवा मे उछल गई.

वीरेंदर ने जैसे ही अपनी आँखें खोली, आशना: जस्ट लुक अट मी.

यह कहते ही आशना ने वीरेंदर के गर्म सुपाडे को अपने नाज़ुक गुलाबी होंठो मे क़ैद कर लिया.

वीरेंदर: आहह एसस्स्स्स्स्स्स्सस्स. सक मी बाबययययी.

आशना ने सुपाडे पर होंठ कस कर वीरेंदर की तरफ नज़रें उठाकर देखा.

वीरेंदर: लुकिंग गॉर्जियस बेबी. यू आर आब्सोल्यूट्ली स्टन्निंग, लुक हाउ युवर नॅचुरल पिंक लिप्स आर क्लोस्ड अराउंड माइ फॅट कॉक.

आशना के गले से बस उउन्न्नहूऊन्न्ह की आवाज़ निकल रही थी. वीरेंदर की आँखो मे देखते देखते ही आशना ने अपने हाथ को वीरेंदर की गोलियों पर फिरना शुरू कर दिया.

वीरेंदर: आअहह होल्ड ऑन सेक्सी लेडी, नहीं तो सारा रस तुम्हारे मुँह मे ही गिर जाएगा.

आशना ने झट से वीरेंदर के सुपाडे को मुँह से बाहर निकाला और बोली: नहीं ना वीरेंदर, प्लीज़ मुँह में मत करना.

वीरेंदर: आज जो मैं कहूँगा वो तुम्हे करना ही पड़ेगा.

आशना: अच्छा जी, कोई ज़बरदस्ती है क्या????

वीरेंदर: प्यार से हर चीज़ मिल जाएगी तो फिर ज़बरदस्ती की क्या ज़रूरत है.

आशना, वीरेंदर की बात सुनकर बस मुस्कुरा दी.

आशना: पूरी की पूरी आपके लिए ही हूँ, बस प्यार से धीरे धीरे खाइए. आपके लिए ही संभाल कर रखा है सब और ये कहते ही आशना ने वीरेंदर के सुपाडे को मुँह मे लेकर उस पर जीभ चलाना शुरू कर दिया.

वीरेंदर एक बार फिर से सातवें आसमान पर उड़ने लगा. धीरे धीरे आशना ने वीरेंदर के लिंग को अपने मुँह मे समाना शुरू कर दिया. करीब 3" लिंग मुँह में उतारने के बाद आशना ने अपनी जीभ चारो तरफ चलाना शुरू कर दी.

वीरेंदर: धीरे आह, दर्द हो रहा है.

आशना ने वीरेंदर की आँखो में देख कर उसे बेफिकर रहने का इशारा किया. आशना जानती थी कि इस से आगे वीरेंदर के सुपाडे की चमड़ी नहीं हटेगी.आशना धीरे धीरे अपना मुँह उपर नीचे करती हुई वीरेंदर को ब्लो जॉब देने लगी. बीच बीच मे वो अपनी जीभ का कमाल भी दिखाती और कभी कभी वीरेंदर की गोलियों को उंगलियों मे पकड़ कर मरोड़ देती. वीरेंदर स्खलन के करीब पहुँचने वाला था.

उसने आशना को आगाह करने के लिए आशना के सर पर धीरे से हाथ मारा. आशना ने वीरेंदर की तरफ नज़र उठाकर देखा.

वीरेंदर: आहाआहह, आइ विल बी कमिंग इन एनी मोमेंट आहह, यू कॅन टेक इट आउट. आशना ने इशारे से हां कहा और वीरेंदर के लिंग को हाथ से जड के पास कस कर पकड़ लिया. वीरेंदर के लिंग मे उबाल बढ़ गया मगर आशना अभी भी पूरी शिद्दत से लिंग को चूसने मे लगी थी.

वीरेंदर: आहह आशना आइ आम कमिंग अयाया.

जैसे ही वीरेंदर के रस की पहली धार आशना के मुँह मे गिरी आशना ने झट से अपने हाथों और मुँह से वीरेंदर के लिंग पर नीचे की तरफ दबाव बढ़ाया और वीरेंदर की "कुमार झिल्ली" का टांका टूट गया. वीरेंदर एक दम कराह उठा. कमरे में वीरेंदर के करहने के अलावा आशना के गले से निकल रहा "उउल्प, उउल्प,उउल्प" का मधुर संगीत गूँज उठा.

आशना ने 4.5" तक लिंग निगल कर वीरेंदर के रस को पीना शुरू कर दिया. वीर्य इतनी मात्रा मे था कि कुछ वीर्य आशना के होंठो के साइड से निकल कर बिस्तर और वीरेंदर की जाँघो के आस पास गिर गया. वीरेंदर के लिंग से निकली एक एक बूँद को पीने के बाद आशना ने वीरेंदर के लिंग को मुँह से निकाला और एक तरफ को लूड़क गयी. वीरेंदर का लिंग भी संतुष्ट होकर एक साइड को लूड़क गया.

दोनो मे से किसी को भी कोई होश ना रहा. दोनो ही अपनी अपनी साँसें संभालने मे लगे थे. करीब 5 मिनट के बाद वीरेंदर को अपने लिंग में हो रही पीड़ा का एहसास हुआ.

वीरेंदर(कराहते हुए): आशना.

आशना: जी.

वीरेंदर: तुमने मुझे वहाँ पर काट लिया क्या???

आशना ने फॉरन सर उठाकर सवालिया नज़रों से वीरेंदर की तरफ देखा. वीरेंदर की नज़र जब आशना के चेहरे पर पड़ी तो वो एक दम से उठ कर बैठ गया.

वीरेंदर: यह यह तुम्हारे होंठो पर खून कैसा, तुम ठीक तो हो????

आशना, वीरेंदर की बात सुनकर शरमा गयी और अपने होंठो पर उंगली फिरा कर देखने लगी.

आशना की नज़र वीरेंदर के लिंग पर पड़ी तो वो एक दम डर गयी लेकिन फिर जल्दी ही संभाल कर बोली: "कोंग्रथस मिस्टर. वीरेंदर".

वीरेंदर हैरानी से आशना को देखने लगा.

आशना: यू आर ए मॅन नाउ हू कॅन प्लीज़ आ वुमन.

वीरेंदर: व्हाट डू यू मीन????

आशना: यू लॉस्ट युवर वर्जिनिटी टू मी मिस्टर. शर्मा.

वीरेंदर की नज़र अपने लिंग पर पड़ी तो बोला: यू मीन, यह खून मेरी वर्जिनिटी का है???

आशना: यॅ एग्ज़ॅक्ट्ली, ओरल कॅविटी डज़'ट कंटेन्स एनी वर्जिनिटी सील. सो, इट मस्ट बी युवर्ज़.

वीरेंदर ने आशना को अपने से चिपका लिया.

वीरेंदर: ओह आशना, थॅंक यू फॉर एवेरितिंग, यू डॉन'ट नो हाउ मच थॅंकफुल आइ आम टू यू.

आशना: यह तो मुझे एक दिन करना ही था वरना सारी ज़िंदगी आप तो मुझे बस सज़ा कर ही रखते और यह कहकर आशना ने अपना चेहरा वीरेंदर की छाती मे छुपा दिया.

वीरेंदर: लेकिन उस वक्त तो इतना दर्द नहीं हुआ मगर अब बहुत ज़्यादा दर्द हो रहा है.

आशना: उस वक्त आप जोश मे थे जनाब और अब आपका खून ठंडा जो पड़ गया है तभी इतनी पेन फील हो रही है. डॉन'ट वरी, एवेरितिंग विल बी ओके वेरी सून.

वीरेंदर: थॅंक्स आशना.

आशना: माइ प्लेषर.

वीरेंदर: नाउ आइ आम फुल्ली एबल टू गिव यू प्लेषर.

आशना: यू बेट????ओन्ली यू कॅन.

 


वीरेंदर, बिस्तर पर पीठ के बल लेट गया और आशना भी वीरेंदर की बगल में वीरेंदर की छाती पर सर रखकर लेट गयी. आशना ने धीरे से अपना हाथ वीरेंदर के मुरझाए हुए लिंग पर रख दिया.

वीरेंदर: आह, अब कोई शरारत मत करना, नहीं तो बहुत दर्द करेगा.

आशना: डॉन'ट वरी, आइ विल टेक केयर ऑफ दट.

यह कहकर आशना,बेड से उठी और अपने बॅग से एक पेन किल्लर निकाल कर उसे खाने को दे दी.

वीरेंदर: यह क्या है???

आशना: पेन किल्लर है, सुबह तक दर्द में काफ़ी आराम मिल जाएगा.

वीरेंदर: तुम तो पूरी तैयारी से आई थी.

आशना: हां, यह पेन किल्लर मैं अपने लिए लाई थी मगर यहाँ तो सारा खेल ही उल्टा हो गया.

वीरेंदर: तेरी तो!! और जैसे ही आशना को पकड़ने के लिए बेड से उठने लगा, दर्द से दोहरा होते हुए वो दोबारा बेड पर गिर गया.

आशना उसकी हालत देखकर हँसने लगी और बोली: मॅन यू जस्ट लॉस्ट युवर वर्जिनिटी, यू मस्ट टेक रेस्ट फॉर सम टाइम, अदरवाइज़, इट विल पेन आ लॉट.

वीरेंदर: बस कुछ दिन रुक जा, पेन किसे कहते हैं सब पता लग जाएगा.

आशना, वीरेंदर के पास बेड पर बैठ जाती है और वीरेंदर की आँखो में देख कर बोलती है"आप के लिए कुछ भी करूँगी और कुछ भी सहूंगी वीरेंदर", आइ लव यू.

आशना ने वीरेंदर को पीछे धकेल कर लिटा दिया और खुद उस से चिपक कर लाइट गयी.

आशना: चलो अब सो जाओ, गुड नाइट.

वीरेंदर: मुझे तो नींद आ जाएगी मगर क्या तुम सो पाओगी.

आशना: आपका मेरे बारे मे इतना सोचना ही बहुत है, आइ विल मॅनेज.

सच तो यह था कि आशना का बदन जल रहा था पुरूष मिलन के लिए मगर वो अपने पहले मिलन को यादगार बनाना चाहती थी. थोड़ी ही देर मे आशना नींद की आगोश मे चली गयी मगर वीरेंदर की आँखो से नींद कोसो दूर थी.

वो सब घटनाओ को जोड़ने की कोशिश कर रहा था. कुछ तो ऐसा था जो उसके दिमाग़ मे चल रही कड़ियों को एक साथ जोड़ता था. उसके पास वक्त बहुत कम था और उसे इस बारे में बहुत कुछ करना था लेकिन वो आशना को इन सब परेशानियों से दूर रखना चाहता था. उसे पता लग चुका था कि आशना और वो दोनो ही एक साजिश का शिकार हुए हैं. वो किसी भी हाल में आशना के साथ बने रिश्ते से पीछे नहीं हटना चाहता था मगर वो यह भी नहीं समझ पा रहा था कि आशना को अपना बनाए रखने के लिए उसे क्या क्या करना होगा. वो आशना को बहुत चाहने लगा था और यह भी जानता था कि आशना भी उस से दूर नहीं रह पाएगी.

काफ़ी देर तक अपने दिमाग़ पर ज़ोर डालने के बाद वीरेंदर ने एक सेफ प्लान पर काम करने का मन बनाया और आशना को आगोश मे लेकर सोने की कोशिश करने लगा. वीरेंदर के आगोश में आते ही आशना थोड़ा सा कसमसाई और फिर चैन से उसकी बाज़ू पर सर रखकर सो गई. आशना के मासूम चेहरे को देखते देखते वीरेंदर भी सपनों की दुनिया में खो गया.

अगले दिन:

आज शरमा निवास में निवास कर रही दोनो लड़कियों के चेहरे खिले हुए थे. उनके चहरे देख कर लग रहा था कि उन्हे दुनिया की सबसे कीमती चीज़ मिल गयी हो. जहाँ रागिनी, बिहारी से पूरी रात चुद कर खिली हुई थी वहीं आशना, वीरेंदर के साथ कुछ अंतरंग पल बिताकर गुलाब की तरह खिली हुई थी. सनडे की सुबह सुबह दोनो चहक रही थी.

वहीं बिहारी और वीरेंदर अभी तक अपने अपने रूम में सो रहे थे. आशना सुबह अपने कमरे में जाकर नहा धोकर तैयार हो चुकी थी. वो वीरेंदर के लिए नाश्ता बनाने नीचे किचन मे आई तो रागिनी भी ठीक उसी वक्त अपने कमरे से तैयार होकर निकली. रागिनी(आशना को देखते हुए): गुड मॉर्निंग दीदी.

आशना ने झूठी हँसी चेहरे पर लाते हुए रागिनी को विश किया. रागिनी ने देखा कि आशना का चेहरे काफ़ी खिला हुआ है लेकिन उसकी चाल देख कर वो समझ गयी कि आशना अभी तक वीरेंदर से चुदि नहीं है. आशना रागिनी को अवाय्ड कर नाश्ता बनाने लगी.

रागिनी: दीदी रात कैसी रही????

रागिनी का सवाल सुनकर आशना का पारा एक दम चढ़ गया मगर अपने गुस्से पर काबू पाकर और फिर मुस्कुरा कर आशना बोली.

आशना: माइंड ब्लोयिंग. मैं कल की रात ज़िंदगी भर नहीं भूल पाउन्गी.

रागिनी(मन में): कैसी लड़की है, अपने भाई के साथ एक ही कमरे में रात गुज़ार कर इतनी खुश है जैसे इसे दुनिया की सबसे बड़ी खुशी मिल गयी हो.

(बिहारी ने रागिनी को यही बताया था कि आशना उसकी (बिहारी) की मौसेरी बेहन है, जबकि रागिनी को यही लगता है कि वीरेंदर ही उसका भाई है)

रागिनी: क्या किया सर ने आपके साथ???

आशना(शर्मकार): तू बहुत शैतान हो गई है रागिनी, चल जल्दी से नाश्ता बनाने में मेरी मदद कर.

आशना ने बात को टालना चाहा मगर रागिनी भला सच जाने बिना कहाँ मानने वाली थी.

रागिनी: यह क्या बात हुई दीदी, मैने आपको अपने बारे मे सब सच सच बता दिया और आप मुझसे ही छुपा रही हैं.

आशना: मैं कुछ नहीं छुपा रही हूँ. हां मैं उनके साथ उनके रूम में थी मगर मैने उन्हे कुछ भी करने नहीं दिया.

इतना सुनते ही रागिनी का दिल एक दम बल्लियों उछल्ने लगा. वो जानती थी कि फ्रस्ट्रेशन में वीरेंदर उसके पास ज़रूर आएगा.

रागिनी: लेकिन ऐसा क्यूँ दीदी???आप तो बहुत जल्द शादी करने वाले हो ना????

आशना: शादी हुई तो नहीं ना???जैसे ही तुम्हारे सर मुझसे शादी करेंगे हम दोनो एक हो जाएँगे.

रागिनी के पास इस से आगे बोलने को कुछ नहीं था. वो आशना के रूखे पन से यह अंदाज़ा लगा बैठी कि शायद सेक्षुयल फ्रस्ट्रेशन के कारण आशना ऐसा बिहेव कर रही है. उसने भी चुपचाप आशना की हेल्प करना शुरू कर दिया.

थोड़ी देर बाद आशना ने ही चुप्पी तोड़ी और बोली: काका कहीं दिखाई नहीं दे रहे, कहीं बाहर गये हैं क्या???

रागिनी: चाचू शायद अभी तक सो रहे हैं.

आशना: उनकी तबीयत तो ठीक है ना???

रागिनी: जी दीदी, कह रहे थे कि आज सनडे है तो नाश्ता तुम बना दो, मैं आज थोड़ा आराम करना चाहता हूँ.

आशना: ठीक किया, बेचारे सारा दिन काम मे ही लगे रहते हैं.

रागिनी(मन में): सारा दिन इस काम में लगे रहें तो और क्या चाहिए दीदी मगर सच तो यह है कि कुछ देर काम करने के बाद उनका तो काम ही तमाम हो जाता है.

आशना: तुम काका को जगा दो, मैं भी वीरेंदर को फ्रेश होने के लिए बोल देती हूँ.

आशना वीरेंदर के रूम के पास पहुँच कर डोर नॉक करती है.

वीरेंदर: कम इन आशना, आइ आम रेडी.

आशना ने दरवाज़े की नॉब घूमाकर डोर खोला तो सामने वीरेंदर को एक दम फ्रेश खड़े देख कर मुस्कुरा उठी.

आशना: आप कब उठे????

वीरेंदर: अरे मैं तो दर्द के मारे सारी रात सो नहीं पाया.

आशना: मतलब???

वीरेंदर: आशना तुम कितनी भोली हो मैं जानता हूँ, मेरी वर्जिनिटी ख़तम करके मुझसे "मतलब"पूछती हो, साला रात से दुख रहा है.

आशना की हँसी छूट गयी.

वीरेंदर: हंस लो, जितना हँसना है हंस लो. उस दिन देखूँगा जब तुम्हारी....... ..........

इससे पहले कि वीरेंदर पूरा सेंटेन्स बोल पाता, आशना ने आगे बढ़कर अपना हाथ वीरेंदर के होंठो पर रख दिया.

आशना: उस दिन का उस दिन देखेंगे, अभी चलिए नीचे चलकर नाश्ता कर लीजिए.

वीरेंदर: नीचे नहीं जा पाउन्गा मैं.

आशना: क्यूँ, क्या हुआ??????.

वीरेंदर: चलने से इसे रगड़ लग रही है और दर्द होता है.

आशना(शरमाते हुए): सब ठीक हो जाएगा, बस थोड़े दिनों में यह एक दम तैयार हो जाएगा.

वीरेंदर: तब तक मेरा काम हो जाएगा, आआहह यार यह अंडरवेर भी नहीं पहना जा रहा.

आशना: तो अंडरवेर उतार कर एक ढीला सा पायजामा पहन लीजिए और नाश्ता करके थोड़ी देर आराम कर लीजिए. आज लंच पर भी तो जाना है.

वीरेंदर: हां याद आया, अच्छा सुनो तुम अपनी फ्रेंड को बोल दो कि ठीक 1:00 बजे हमें होटेल............ की पार्किंग में मिले.

आशना: वो अकेली नहीं आ रही है, उसका फियान्से भी साथ होगा.

वीरेंदर: अच्छा तो आज दो सहेलिओं ने अपने अपने फियांसियों के साथ घूमने का प्रोग्राम बनाया है.

आशना: इरादा तो कुछ ऐसा ही है.

वीरेंदर: देन लेट मी प्लान सम्तिंग एग्ज़ाइटेड फॉर दा ईव्निंग.

आशना(एग्ज़ाइटेड हो जाती है):आइ लव यू वीरेंदर.

वीरेंदर: सिर्फ़ बोलती हो, करने कुछ भी नहीं देती.

आशना की आँखें एकदम शरम से झुक गयी. वीरेंदर ने उसकी चिन को पकड़ कर उसके चेहरे को उपेर उठा कर कहा: थॅंक्स फॉर दा नाइट ट्रीट मेरी "पगली गुड़िया".

 


आशना झट से वीरेंदर के सीने से चिपक गयी और तेज़ तेज़ साँसें लेने लगी.

आशना: आपने मुझे भी बेशरम बना दिया, पता नहीं रात को मुझे क्या हो गया था.

वीरेंदर: काश तुम हमेशा ऐसी ही रहो.

आशना ने उसकी पीठ पर धीरे से मुक्का मारा और बोली: बस थोड़े दिनो की तो बात है, फिर हम हमेशा के लिए एक दूसरे के हो जाएँगे. वीरेंदर ने आशना को और ज़ोर से चिपका लिया. काफ़ी देर ऐसे ही गले लगे रहने के बाद वीरेंदर बोला: आशना, एक बात पूछूऊँ???

आशना(वीरेंदर के सीने से चिपके हुए): हुउऊउनम्म.

वीरेंदर: तुमने इतनी आसानी से यह सब कैसे कर दिया???

आशना ने अपना चेहरा उठाकर वीरेंदर र्की तरफ देखा और आँखो के इशारे से पूछा "क्या".

वीरेंदर मुस्कुराया और बोला: एक ही झटके में मेरी सील खचक, क्या जादू किया तुमने.

आशना का चेहरा शरम से लाल हो गया और झूठा गुस्सा दिखाते हुए उस से दूर होते हुए बोली: जाओ मैं नहीं करती आपसे बात, आप बहुत गंदे हैं.

वीरेंदर: अच्छा बाबा सॉरी बट सच मे मैं खुद भी हैरान हूँ कि जो काम मैं अब तक नहीं कर पाया वो तुमने एक ही झटके में कर दिया.

आशना: "डर के आगे जीत है" बुद्धू और यह कह कर आशना दरवाज़े की तरफ भागी.

वीरेंदर वहीं खड़ा उसे देखते हुए मुस्कुराता रहा.

आशना(दरवाज़े के पास पहुँच कर): जल्दी से चेंज करके नीचे आ जाइए. थोड़ी देर धूप में बैठो सब ठीक हो जाएगा.

वीरेंदर: धूप में बैठ कर क्या होगा, तुम अपने मुँह से ही सेक दो थोड़ी देर.

आशना ने वीरेंदर को ठेंगा और जीभ दिखाई और नीचे चल दी. थोड़ी देर बाद वीरेंदर भी एक लूस सा लोवर और टी-शर्ट पहन कर नीचे आ गया. अंडरवेर ना पहनने के कारण वीरेंदर को बड़ा अजीब लग रहा था मगर अब वो काफ़ी फ्रीली चल सकता था. नीचे आते ही उसने देखा आशना की नज़र उसके क्रॉच एरिया पर है.

वीरेंदर(धीमे से): निकल कर दिखाऊ क्या???

आशण के चेहरे की लाली एक दम बढ़ गयी और आशना ने शरमा कर "ना" में इशारा किया.

नाश्ता करते समय वीरेंदर ने रागिनी से बिहारी के बारे में पूछा तो रागिनी ने बस इतना ही कहा कि "उनकी तबीयत ठीक नहीं है". नाश्ते के दौरान ज़्यादा बात नहीं हुई. आशना रागिनी की एक एक हरकत को बड़े ध्यान से देख रही थी. उसके चेहरे को देख कर सॉफ पता चल रहा था कि वो वीरेंदर से बात करना चाहती है मगर वीरेंदर ब्रेकफास्ट करने में इतना खोया हुआ था कि उसने ना तो रागिनी की तरफ ध्यान दिया और ना ही आशना की तरफ.

आशना का दिल किया कि नाश्ते की प्लेट उठाकर रागिनी के मुँह पर दे मारे मगर वीरेंदर की हिदायत उसे याद थी.

ब्रेकफास्ट के बाद वीरेंदर(आशना से): आशना, मैं थोड़ी देर धूप में बैठ कर आराम करना चाहता हूँ, देखना मुझे कोई डिस्टर्ब ना करे. थोड़ी देर बाद मैं तुम्हे फोन करूँगा, तुम भी बाहर आ जाना.

आशना(रागिनी के सामने ही): क्यूँ क्या हुआ मेरी जान, बहुत थक गये हो क्या????? चलो आप थोड़ी देर आराम कर लो फिर लंच पर भी तो चलना है.

वीरेंदर समझ गया कि आशना ने यह बात रागिनी को जलाने के लिए कही है.

यह बात सुनकर रागिनी ने सारे बर्तन समेटे और किचन की तरफ चल दी.

आशना(रागिनी से): रागिनी आज मेरे और वीर (आशना बचपन में वीरेंदर को वीर भैया कहकर बुलाती थी) के लिए लंच मत बनाना, आज हम दोनो बाहर जा रहे हैं. रागिनी ने बिना किसी प्रतिक्रिया के गर्दन हिला कर हां कहा.

वीरेंदर काफ़ी देर बाहर बैठकर धूप का आनंद लेता रहा और साथ ही पिछली सारी घटनाओं को एक क्रम में जोड़ने की कोशिश करने लगा. करीब 11:00 बजे उसके सेल पर एक फोन आया.

वीरेंदर: हेलो.

कॉलर: हां सर टिकेट्स बुक हो गयी हैं. शाम 5:00 बजे की टिकेट्स हैं.

वीरेंदर: थॅंक्स, मैं शाम को आकर आपसे टिकेट्स कलेक्ट कर लूँगा.

तभी उसे अपने कंधे पर किसी के हाथ का एहसास हुआ. वीरेंदर ने चौंक कर पीछे की तरफ देखा. पीछे आशना को खड़ा देख कर वीरेंदर ने उसे साथ बैठने का इशारा किया और फोन काट कर जेब में डाल दिया.

आशना सवालिया नज़र से वीरेंदर को देख रही थी.

वीरेंदर: व्हाट????

आशना: आप कहीं जा रहे हो वीरेंदर????

वीरेंदर(आशना की तरफ हैरानी से देखते हुए): हां, तुम्हे किसने बताया???

आशना: कहाँ जा रहे हो????

वीरेंदर: यह मेरे सवाल का जवाब नहीं है.

आशना: और मेरे सवाल का जवाब भी यह नहीं है.

वीरेंदर: सोच रहा हूँ कि कुछ दिन सिंगापुर होकर आ जाउ. वहाँ से कुछ एलेक्ट्रॉनिक आइटम्स को इम्पोर्ट करना है, इसी बहाने डील भी हो जाएगी और वैसे भी अब 13थ नवंबर. तक टाइम काटने के लिए कुछ ना कुछ तो करना ही पड़ेगा.

आशना: तो इसका मतलब आप मुझे छोड़ कर जा रहे हैं.

वीरेंदर: तो और क्या, अगर तुम्हे साथ ले गया तो फिर जाने का क्या मतलब. मैं तो इसी लिए जा रहा हूँ कि कुछ दिन तुमसे दूर रहूं तो शायद दिन जल्दी निकल जायें.

आशना: मेरे आपके साथ जाने से आपको क्या प्राब्लम होगी???

वीरेंदर: प्राब्लम मुझे तो नहीं होगी लेकिन तुमने जिस ज़ख़्मी शेर को खून चखाया है शायद उसे हो क्यूंकी अब वो तुम्हे देख कर चुप तो बैठने वाला नहीं.

आशना को जब वीरेंदर की बात का मतलब समझ आया तो वो शरम से उसके गाल लाल हो गये.

आशना: यू रास्कल, बस इसी लिए आप मुझसे दूर जा रहे हो??? लेकिन मैने तो बस इतना ही कहा था कि शादी 13थ नवंबर. को करेंगे. अगर प्यार करते हो तो मुझे इतना पागल कर दो कि बाकी की रिस्ट्रीकेशंस अपने आप ही हट जायें.

वीरेंदर की आँखें यह सुनकर चमक उठी. इस से पहले कि वो कुछ बोलता या करता आशना तेज़ी से उठकर घर के अंदर की तरफ चल दी.

वीरेंदर: साली तीखी मिर्च है यह लड़की तो. इसका पता ही नहीं चलता कुछ. क्या सोचती है और क्या चाहती है, मैं तो परेशान हो गया हूँ इस लड़की से.

 


दरवाज़े के पास पहुँच कर आशना ने वीरेंदर को आवाज़ लगा कर कहा "त्रिवेणी से फोन पर बात हो गयी है, दोपहर एग्ज़ॅक्ट 2:00 बजे पहुँचना है".

वीरेंदर: तुम मेरे रूम में चलो, मैं अभी आता हूँ.

आशना: मैं अपने रूम में जा रही हूँ, जिसे मुझसे काम हो वो मेरे रूम में आ जाए.

वीरेंदर, थोड़ी देर वहीं बैठ कर सुस्ताता रहा.

करीब 11:30 बजे उसने अपने रूम में जाने का फ़ैसला किया.

वीरेंदर, जैसे ही उठने को हुआ, उसे सामने से रागिनी आती हुई दिखाई दी.

रागिनी, मुस्कुराते हुए उसकी तरफ ही आ रही थी.

रागिनी: गुड मॉर्निंग सर.

वीरेंदर: गुड मॉर्निंग और यह कहकर वीरेंदर रागिनी को क्रॉस करके आगे की तरफ बढ़ गया.

रागिनी: मुझसे कोई ग़लती हो गयी सर???

वीरेंदर ने पीछे मुड़कर देखा: नो, क्यूँ क्या हुआ????

रागिनी: यही तो मैं जानना चाहती हूँ सर कि क्या हुआ????

वीरेंदर: मतलब????

रागिनी: सर परसों तक तो सब ठीक था लेकिन फिर अचानक आपने मुझे इग्नोर करना क्यूँ शुरू कर दिया???

वीरेंदर: इग्नोर??? नहीं तो.

रागिनी: सर मैं बच्ची नहीं हूँ सब समझती हूँ कि आप मुझे इग्नोर कर रहे हो.

वीरेंदर: रागिनी, यह तो मैं भी जानता हूँ कि तुम अब बच्ची नहीं रही लेकिन यकीन मानो मैं तुम्हे इग्नोर नहीं कर रहा बट हां मेरी प्रिफरेन्सस बदल गयी है.

रागिनी: प्रिफरेन्सस??? क्या आशना दीदी अब आपकी पहली प्रेफरेन्स बन गयी है सर.

वीरेंदर: रागिनी, तुमसे यह पहले भी बता चुका हूँ कि आशना ही मेरी पहली और आख़िरी प्रेफरेन्स है और रहेगी. तुम मेरी ज़िंदगी में आई, मुझे कुछ हसीन पल दिए मैं उसके लिए तुम्हारा शुक्रगुज़ार हूँ मगर आशना मेरी ज़िंदगी है और यही सच है.

रागिनी स्टॅच्यू बनी उसे देखती रही.

वीरेंदर: मैं बहक गया था और शायद मैने तुम्हारा नाजायज़ फ़ायदा उठाया लेकिन यकीन मानो मैं हर सज़ा भुगतने के लिए तैयार हूँ.

रागिनी: सर, सज़ा तो मैं भुगत रही हूँ दो दिन से. हर पल दिमाग़ मैं आपका ख़याल रहता है. आपकी एक नज़र के लिए आँखें तरस जाती है लेकिन आप मेरी और प्यार से देखते ही नहीं.

वीरेंदर: लीव दिस टॉपिक, आइ हॅव टू गो.

रागिनी:हाउ सर, हाउ कॅन आइ लीव यू???

वीरेंदर: एनफ ईज़ एनफ रागिनी, मैं अभी तुमसे ज़्यादा बात करके बात को बढ़ाना नहीं चाहता. हम कल ऑफीस में बात करेंगे.

रागिनी के चेहरे पर स्माइल आ जाती है.

रागिनी: सर कल मैं किसी भी कीमत पर आपको अपने प्यार का सबूत दे दूँगी और आपको जता दूँगी कि मैं आपसे कितना प्यार करती हूँ.

वीरेंदर: नाउ गो टू युवर रूम.

वीरेंदर हाल में पहुँचा तो आशना हाल में ही बैठी हुई थी. आशना को देख कर वीरेंदर एक दम ठिठक कर रुक गया.

आशना ने वीरेंदर की तरफ देखा, वीरेंदर की नज़रें झुक गयी. आशना मुस्कुरा उठी.

आशना: वीरेंदर आप कब जा रहे हैं???? मैं आपका समान पॅक कर दूं????

वीरेंदर ने आशना की तरफ देखा और उसके मुस्कुराते चेहरे को देख कर वीरेंदर का तनाव कम हुआ.

आशना: डॉन'ट वरी, आइ नो मेरे प्यार में गिरफ्तार होकर आप किसी और के पास नहीं जा सकते.

वीरेंदर ने आशना को गले से लगा लिया.

वीरेंदर: जस्ट ट्रस्ट मी. आइ विल डू एवेरितिंग फाइन फॉर यू.

आशना ने भी वीरेंदर को कस कर गले से लगा लिया.

आशण(वीरेंदर के कान में): वीर भैया, आपकी दीवानी अंदर आने ही वाली होगी. इस से पहले कि वो हमे देख कर बेहोश हो जाए, आप मुझे छोड़ दीजिए.

वीरेंदर ने एक झटके में आशना को अपनी बाहों में उठा लिया और सीडीयों की तरफ चल दिया. आशना ने अपनी बाहें वीरेंदर के गले में डाल दी. रागिनी जैसे ही घर के अंदर दाखिल हुई, सामने का नज़ारा देख कर उसका खून खोल उठा. वीरेंदर की पीठ उसकी तरफ थी इस लिए ना तो वीरेंदर और ना ही आशना उसे देख पाई.

आशना: छोड़ो भी वीर, क्या उपर तक ऐसे ही उठा कर ले जाओगे???

वीरेंदर: एक बार हुकुम तो करो राजकुमारी सब कुछ ऐसे खड़े खड़े ही कर दूं.

आशना ने वीरेंदर का कान पकड़ लिया और बोली: जितना तंग करोगे उतना इंतज़ार करवाउन्गी बच्चू.

वीरेंदर: अपना फंडा लो अलग है. अपना तो सोचना है कि हमेशा ट्राइ करते रहो, कभी ना कभी तो चान्स मिलेगा ही.

आशना(मुस्कुरा कर) : बदमाश कहीं के.

वीरेंदर ने आशना के सर को उठाकर अपने होंठ उसके होंठों से जोड़ दिए. अपने रूम तक पहुँचते पहुँचते उसने आशना के होंठों का रस चूसना जारी रखा. आशना अपनी टाँगें हवा में पटकती रही मगर वीरेंदर की मज़बूत बाहों में छटपटाने के अलावा वो और कुछ ना कर सकी. अपने रूम के पास जाकर वीरेंदर ने आशना को नीचे उतारा तो आशना लड़खड़ा गयी.

वीरेंदर: संभालो अपने आप को, प्यार का इतना नशा अच्छी बात नहीं.

आशना का चेहरा शरम और सेक्स के नशे में लाल हो गया था. वीरेंदर ने जेब से चाबी निकाल कर अपने रूम का दरवाज़ा खोला.

वीरेंदर: कम इन.

आशना(धीमे से): "नो" और ना मैं अपनी गर्दन भी हिला दी.

वीरेंदर: कम ऑन, आइ नीड यू.

आशना: प्लीज़ वीरेंदर, मुझे फोर्स मत करो नहीं तो कुछ हो जाएगा.

वीरेंदर, आशना की बाज़ू पकड़ कर रूम के अंदर ले गया और टाँग मार कर दरवाज़े को धडाक से बंद कर दिया. नीचे खड़ी रागिनी को ऐसा लगा जैसे यह दरवाज़ा उसके मुँह पर मारा गया हो.

 
 


रागिनी: साली कुतिया कहीं की, नखरे तो ऐसे करती है जैसे कभी चुदेगि नहीं.

बिहारी, जो कि यह सारा नज़ारा देख रहा था, रागिनी की हालत देख कर मुस्कुरा उठा.

बिहारी: क्या हुआ मेरी रानी आज बहुत उदास दिख रही है??

रागिनी: आपने देखे उस कुतिए के नखरे.

बिहारी: सब कुछ देखा और तुम्हारी हालत भी देखी.

रागिनी: मुझे नहीं लगता कि आपसे किया हुआ वादा मैं निभा पाउन्गी.

बिहारी: तुम चिंता मत करो, मेरे पास अभी तुरुप का इक्का है.

रागिनी: तुरुप का इक्का????

बिहारी: वक्त आने पर सब बता दूँगा.

रागिनी: अगर जल्दी ही कुछ ना किया तो वक्त हाथ से निकल जाएगा विराट.

बिहारी: वो सब मैं देख लूँगा, तुम सबसे पहले यह बताओ कि रेकॉर्डिंग हो गयी इनकी रास लीला की.

रागिनी: अभी कॅमरा उसके रूम में ही है. नाश्ता करके जब वीरेंदर बाहर गया तो मैं इसके कमरे में गयी थी मगर पता नहीं क्यूँ आज इसने दरवाज़े को लॉक करके रखा हुआ था.

बिहारी: तुम भी कितनी पागल हो, मुझे पहले बताया होता, मेरे पास इस घर के हर दरवाज़े की एक ड्यूप्लिकेट चाबी है.

रागिनी(खुशी से): सच!!! तो एक काम करते हैं आज दोपहर को जब यह बाहर जाएँगे तो सारी तिजोरी सॉफ करके यहाँ से निकल जाते हैं.

बिहारी: बस इतने सालो मे यही तो पता नहीं लगा है कि तिजोरी है कहाँ. मैने कयि बार वीरेंदर के कमरे की तलाशी ली मगर तिजोरी नहीं मिली.

रागिनी: तिजोरी यहीं कहीं होगी, आज उनके जाने के बाद हम मिलकर चेक करेंगे.

बिहारी: तिजोरी मिल भी जाए और हम उसे सॉफ भी कर दें तो चोरी के इल्ज़ाम में कभी ना कभी पकड़े ही जाएँगे. वीरेंदर की पहुँच बहुत उपर तक है. सबसे अच्छा यही रहेगा कि तुम वीरेंदर को अपने जाल में फँसाने की कोशिश करती रहो और मैं देखता हूँ कि उनकी कल की वीडियो का क्या करना है.

तभी उन्हे वीरेंदर के रूम का दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आती है. आशना मुँह फुलाए बाहर निकलती है.

वीरेंदर: अरे यार सुनो तो सही.

आशना: तो आप कहीं नहीं जा रहे??? फिर मुझसे झूठ क्यूँ बोला आपने??? जाओ मैं आपसे बात नहीं करती.

यह कहकर आशना अपने रूम में घुस गयी. वीरेंदर भी उसके पीछे पीछे उसके रूम में घुस गया. वीरेंदर लगातार हँसे जा रहा था और आशना ने रोनी सी सूरत बना रखी थी.

वीरेंदर(हंसते हुए): आइ आम सॉरी यार, आक्च्युयली मैं कहीं नहीं जा रहा, टिकेट्स तो आज शाम के शो की बुक करवाई है. मैने सोचा कि लंच के बाद हम सब मूवी देखने चलेंगे, काफ़ी टाइम हो गया मूवी देखे हुए.

आशना: लेकिन यह सब आप मुझे तब भी तो बता सकते थे.

वीरेंदर: तुमने मेरे बताने से पहले ही पूछ लिया के "आप कहीं जा रहे हो क्या", तो मैने भी मज़ाक में तुम्हे झूठी कहानी सुना दी.

आशना: आप बहुत बुरे हैं वीर, जानते हो मैं कितना परेशान हो गयी थी.

वीरेंदर: परेशान तो मैं भी हो गया था जब तुम मुझे छोड़ कर बंगलोर चली गयी थी, मैने तो तुमसे कोई शिकायत नहीं की.

आशना वीरेंदर के सीने से चिपक गयी और बोली 'आइ आम सॉरी लव".

वीरेंदर: चलो अब जल्दी से दे दो.

आशना(चौंक कर): क्या???

वीरेंदर: जो तुम देना चाहो. वैसे अब मैं बिल्कुल अच्छा फील कर रहा हूँ और कुछ भी ले सकता हूँ बशर्ते देने वाले का दिल बड़ा हो.

आशना ने वीरेंदर को कस कर पकड़ लिया और बोली " सब आपका है वीर", जब मर्ज़ी जो चाहे ले लेना.

वीरेंदर: ऐसा क्या???

आशना ने वीरेंदर की आँखो में देख कर हां मैं गर्दन हिलाई. वीरेंदर ने आशना के माथे को चूम कर उसे गले से लगा लिया.

वीरेंदर: काश यह पल कभी ख़तम ना हो, तुम हमेशा ऐसे ही मेरी बाहों में रहो.

आशना: बहुत तंग करूँगी मैं.

वीरेंदर: हम तो तंग होने के लिए तैयार बैठे हैं.

आशना: प्रॉमिस मी वीरेंदर मुझे छोड़ कर कहीं नहीं जाओगे.

वीरेंदर: पक्का प्रॉमिस जब तक ज़िंदा हूँ...........

आशना(वीरेंदर के होंठो पर हाथ रखते हुए): नो वीर, आपको मेरी भी उम्र लग जाए.

वीरेंदर: इतनी उमर का क्या करूँगा यार, बस एक बार मेरी हो जाओ उसके बाद तो ज़िंदगी से और कुछ नहीं चाहिए.

आशना: भगवान करे आपकी तमन्ना जल्द ही पूरी हो.

वीरेंदर: अच्छा छोड़ो अब मुझे, कोई देख लेगा तो क्या सोचेगा हमारे बारे में.

आशना ने चेहरा उठा कर वीरेंदर की तरफ देखा और बोली: यही कि दो प्रेमी कितने पागल हैं, जब देखो चिपके ही खड़े रहते हैं और दोनो हँसने लगे. इनकी बातों के दौरान बिहारी ने वीरेंदर के रूम में रखा कॅमरा उठा लिया.

कुछ देर बाद वीरेंदर अपने रूम में आ गया.

नीचे आकर बिहारी ने कॅमरा रागिनी को छुपाने के लिए दे दिया.

रागिनी: शायद इसकी बॅटरी ख़तम हो गयी है.

बिहारी: तुम चार्जिंग पर लगा दो, इनके जाने के बाद इनकी रास लीला हॉल में बड़ी एलसीडी पर देखेंगे.

रागिनी: आप भी थोड़ी देर आराम कर लीजिए, मैं खाना बना देती हूँ. आज हमारे पास भी सनडे एंजाय करने का काफ़ी टाइम होगा.

बिहारी: तेरी चूत का दिल नहीं भरता कभी.

रागिनी: आप जब साथ होते हो तो, इसे आपकी खुश्बू आ जाती है और यह फड़कना शुरू कर देती है.

 


करीब 1:45 पर आशना और वीरेंदर अपने अपने रूम से बाहर निकले. वीरेंदर डार्क ब्राउन पॅंट कोट में था और क्रीम शर्ट के साथ उसने डार्क ब्राउन कलर की टाइ पहनी थी. आशना ने ब्लॅक कलर की स्किन टाइट कॅप्री और स्काइ ब्लू टॉप पहना था जो कि उसकी कुवर्व्स को और भी ज़्यादा नुमाया कर रहा था.

वीरेंदर: मुझे तो लगता है आज तुम्हारी फ्रेंड त्रिवेणी का ब्रेकप हो जाएगा.

आशना( सवालिया नज़रो से वीरेंदर की तरफ देखते हुए): क्या मतलब?????

वीरेंदर: मतलब यह कि तुम्हे देख कर कहीं उसके बॉय फ्रेंड ने अपना इरादा बदल लिया तो????

आशना: फिर तो पक्का ब्रेकप हो जाएगा आज उसका.

वीरेंदर एक दम शॉक्ड होकर: क्या मतलब???

आशना: उसका बाय्फ्रेंड चाहे अपना इरादा बदले ना बदले मगर मेरी फ्रेंड आपको देख कर एक बार तो ज़रूर सोचेगी.

आशना की बात सुनकर दोनो हँसने लगे.

वीरेंदर: मुझे तो मेरी "पगली गुड़िया" ही चलेगी.

आशना: और मुझे मेरे "वीर".

दोनो बातें करते हुए घर से बाहर निकल गये. वीरेंदर ने जाते हुए बिहारी को बता दिया कि रात को वो देर से आएँगे तो डिन्नर के लिए वो लोग उनका वेट ना करें.

बाहर आकर वीरेंदर ने गाड़ी स्टार्ट की और आशना के पास जाकर ब्रेक लगा दी. वीरेंदर ने झट से गियर को न्यूट्रल करके हॅंड ब्रेक लगाई तो आशना बोली: इट्स ओके मिस्टर. वीर, मैं जानती हूँ कि आपको मॅनर्स हैं बट इस तरह से तो मैं सिर पर चढ़ जाउन्गी.

आशना डोर खोलकर गाड़ी में वीरेंदर के साथ वाली अगली सीट पर बैठ गयी.

वीरेंदर: सर पर क्यूँ चढ़ोगी, तुम्हारी जगह तो कहीं और है.

आशना: जब देखो तब एक ही बात सूझती है आपको, बिल्कुल त्रिवेणी की तरह ही बातें करते हो आप. सच में मुझे लगता है कि आज बेचारे डॉक्टर. विजय और मेरा दिल टूटने वाला है.

वीरेंदर: तो तुम्हारी फ्रेंड के बाय्फ्रेंड डॉक्टर. हैं???

आशना: जी हां और त्रिवेणी भी उसी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रही है, वहीं पर दोनो की मुलाकात हुई और फिर बात यहाँ तक पहुँच गयी है कि नेक्स्ट ईयर वो दोनो भी शादी करने वाले हैं.

वीरेंदर: वाउ, ग्रेट, यह तो बहुत अच्छी बात है.

आशना: कितना टाइम लगेगा हमे वहाँ पहुँचने में.

वीरेंदर: बड़ी जल्दी है त्रिवेणी से मिलने की.

आशना: आज करीब 3 साल बाद मिल रहे हैं हम दोनो.

वीरेंदर: ओह शिट, तो फिर मैं और विजय तो बस आपको देखते ही रहेंगे, आपकी बातें ही ख़तम नहीं होंगी तो हम पर ध्यान कब दोगि आप लोग.

आशना: चिंता मत करो, आपका ख़याल भी रखूँगी.

वीरेंदर: सच!!!

आशना(रूठने का नाटक करते हुए): देखो आपने फिर बात कहाँ घुमा दी, आप बड़े गंदे हैं.

वीरेंदर: बंदे की तारीफ के लिए शुक्रिया, रात को इसका इनाम भी दूँगा.

आशना: जी नहीं, मुझे कोई इनाम नहीं चाहिए.

वीरेंदर: हम किसी का उधार नहीं रखते. गंदा कहा है तो अब गंदा काम करना ही पड़ेगा.

इसी नोक झोंक में वो दोनो होटेल पहुँच गये. पार्किंग करके, जैसे ही वो आयेज बढ़े, सामने से आती कार में बैठी एक लड़की को देख कर वीरेंदर के मुँह से निकला "वाउ, क्या हॉट लड़की है यार". आशना ने ज़ोर से अपनी कोहनी वीरेंदर की बगल में मारी और फिर कार में बैठी लड़की की तरफ देखा तो उसके चेहरे के भाव एक दम बदल गया.

आशना ने तेज़ी से अपना हाथ हिलाते हुए कहा " हाई त्रिवेणी". कार रुकी और त्रिवेणी तेज़ी से कार से बाहर निकली और दोनो सहेलियाँ एक दूसरे की तरफ भागी. दोनो इतनी ज़ोर से गले मिली कि वीरेंदर और विजय कभी उन दोनो को तो कभी एक दूसरे को देखते. विजय ने गाड़ी पार्क की और गाड़ी से उतर कर वीरेंदर से हाथ मिलाते हुए कहा: यार हम खुद ही एक दूसरे को इंट्रो दे देते हैं, इन्हे तो इसकी फ़ुर्सत ही नहीं.

दोनो ने एक दूसरे को अपनी अपनी इंट्रो दी और फिर वीरेंदर बोला:चलो अब एक दूसरे को छोड़ो और हमें भी एक एक मोका दो. वीरेंदर की बात सुनकर दोनो एक दूसरे से दूर हुई और त्रिवेणी झट से बाहें फैलाई वीरेंदर की तरफ बढ़ी.

वीरेंदर एक दम सकपका गया.

त्रिवेणी: हग मी ना जीजू, यू आर सो हॉट यार.

वीरेंदर, त्रिवेणी की बात सुनकर झैन्प गया. आशना और विजय वीरेंदर की हालत देख कर ज़ोर से हंस दिए.

त्रिवेणी: जीजू आपकी साली बाहें फैलाई खड़ी है और लोग हम पर हंस रहे हैं. आइए हम भी इन्हे जीजू साली का प्यार दिखा दें.

आशना: बस कर अब, यहीं पर सारा फ्लर्ट कर लेगी तो शाम तक कुछ नहीं बचेगा.

वीरेंदर खिसियाया हुआ आशना के पीछे पीछे चल दिया. एक कॉर्नर पर टेबल पर चारो बैठ गये.

विजय: वीरेंदर, डॉन'ट टेक इट अदरवाइज़, यह है ही ऐसी.

त्रिवेणी: क्यूँ???? इसका क्या मतलब??? मुझे तो लगा कि जीजू को मैं हॉट लगी हूँ तो गले मिलकर इनकी इतनी सी इच्छा तो पूरी कर हे सकती हूँ, क्यूँ आशना, इतना हक तो बनता है ना यार???

आशना: मेरी माँ, तुम्हारा हक कोई छीन सकता है क्या, तुम उसे जीने लायक ही नहीं छोड़ोगी.

बातों बातों में सभी एक दूसरे के बारे में पूछने लगे.

 


विजय ने जब वीरेंदर के बारे में पूछा तो आशना झट से बोली: इनका रेडीमेड गारमेंट्स का बिज़्नेस है. (आशना नहीं चाहती थी कि त्रिवेणी को वीरेंदर पर शक हो क्यूंकी त्रिवेणी वीरेंदर के बारे मैं बहुत कुछ जानती थी).

वीरेंदर ने भी चुप रहने में ही भलाई समझी.

त्रिवेणी: यह यहाँ देल्ही मे और तुम बंगलोर में, तो फिर आप दोनो मिले कहाँ.

वीरेंदर: वो एक बार एक फ्लाइट के दौरान आपकी सहेली मुझे अपना दिल दे बैठी. मैने भी इसका हाथ थाम लिया तो यह सब कुछ छोड़ छाड़ कर मेरे साथ देल्ही आ गयी.

त्रिवेणी: वाउ, लव इन दा एयर.

वीरेंदर: यॅ, आप पहले नहीं मिली ना.

इस बार झैन्पने की बारी त्रिवेणी की थी. वीरेंदर की बात सुनकर विजय खिलखिलाकर हंस दिया.

विजय: भाई वाह, साली साहिबा को आख़िर जीजू ने चुप करवा ही दिया.

त्रिवेणी ने विजय की कमर में चुटकी काट ली.

त्रिवेणी: आपको तो बाद में देख लूँगी मैं.

ऐसे ही बातों बातों में वेटर ने खाने का ऑर्डर लिया. खाना खाते हुए भी त्रिवेणी और आशना की बातें चलती रही. त्रिवेणी वीरेंदर से और वीरेंदर त्रिवेणी और विजय से काफ़ी इंप्रेस्ड हो गये थे. आशना ही एक ऐसी थी जो कि सब को पहले से ही जानती थी. खाना खाने के बाद वीरेंदर ने आइस्क्रीम का ऑर्डर दिया.

त्रिवेणी: आशना यार एक बात तो बताओ, थोड़ी देर पहले जब हम ने आप दोनो को बाहर देखा तो उस वक्त तुमने जीजू को ज़ोर से कोहनी क्यूँ मारी थी???

त्रिवेणी का सवाल सुनते ही वीरेंदर का गला सूख गया. आशना मुस्कुरकर वीरेंदर की तरफ देखती है और बोलती है: तुम्हारे जीजू ने बात ही ऐसी की थी.

त्रिवेणी(वीरेंदर की तरफ देखते हुए): अरे ऐसा क्या बोल दिया जीजू आपने जो आशना आपको बीच बाज़ार मारने के लिए कूद पड़ी.

वीरेंदर: एम्म्म मुझे याद नहीं है अब.

आशना ने मुस्कुराते हुए वीरेंदर की तरफ देखा और बोली " घर जाकर याद दिला दूँगी".

त्रिवेणी: वाउ, कितने लकी हो तुम लोग, शादी से पहले ही साथ रह रहे हो. एक हम हैं, 3 साल से अफेयर चल रहा है लेकिन अभी तक एक रात भी साथ नहीं गुज़ारी.

वीरेंदर और विजय दोनो ही एक दूसरे का मुँह देखने लगे.

त्रिवेणी: डॉन'ट टेक इट अदरवाइज़ जीजू, मेरा मतलब हम ने कभी भी एक साथ 3-4 घंटे से ज़्यादा वक्त नहीं गुज़ारा और अकेले तो बिल्कुल नहीं.

वीरेंदर को शरमाता हुआ देख कर विजय ठहाका लगा कर हंस पड़ा.

विजय: यार वीरेंदर, यह तो ऐसे ही बातें करती है. सामने वाला बेचारा बातें सुनकर ही पानी पानी हो जाए लेकिन मेडम के चेहरे पर मज़ाल है कि शिकन तक भी आए.

त्रिवेणी: मेरी तारीफ हो रही है या खिंचाई???

आशना: अच्छा छोड़ो यह सब. (वीरेंदर की तरफ देखते हुए): वीरेंदर आगे का क्या प्रोग्राम है अब???

त्रिवेणी: ठंड रख मेरी जान, घर जाकर आगे का प्रोग्राम बना लिओ, अभी तो थोड़ा टाइम हमारे साथ भी बिताओ यार.

आशना, त्रिवेणी की बात सुनकर शरमा दी.

त्रिवेणी: हाए मैं मर जावां, तेरी यही अदा तो मैं आज तक नहीं भूली हूँ जाना.

तभी वेटर, आइस क्रीम लेकर आगया.

त्रिवेणी: एक्सक्यूस मी, आइ हॅव टू यूज़ वॉश रूम.

आशना: मी टू.

वीरेंदर: जल्दी आ जाना, तुम दोनो का पता नहीं वहाँ भी बातें करना शुरू हो जाओ.

त्रिवेणी: डॉन'ट वरी जीजू, आपकी आशना से सिर्फ़ बातें ही कर सकती हूँ, बाकी सारा हक तो आपका ही है.

आशना: त्रिवेणी, जस्ट कम वित मी यार, इट्स एनफ.

दोनो हंसते हुए वहाँ से चली गयी.

विजय: बुरा मत मानना भाई, त्रिवेणी की नेचर ही ऐसी है.

वीरेंदर: डॉन'ट बी फॉर्मल यार. मैं तो खुश हूँ आप जैसे दोस्त पाकर.

विजय: वैसे वी बोथ आर लकी टू गेट दीज़ गर्ल्स ऐज और लाइफ पारेटनर्स.

वीरेंदर: टोटली अग्री वित यू ब्रो.

वहीं वॉशरूम में:

त्रिवेणी: वाउ आशना यार, जीजू ईज़ सो हॉट. आइ आम जेलस.

आशना: तुम्हारे जीजू का भी तुम्हारे बारे में यही ख़याल है.

त्रिवेणी: व्हाट डू यू मीन???

आशना: उनको कोहनी इसीलिए मारी थी क्यूंकी उन्होने तुम्हे देख कर कहा था " वाउ क्या हॉट लड़की है यार".

त्रिवेणी: सच!!! या अल्लाह, अब इस से बड़ी खुशी मुझे और कोई नहीं चाहिए.

आशना: तो बात आगे चलाऊ क्या???

त्रिवेणी: ना बाबा ना, विजय का क्या होगा फिर और मुझे तेरा भी तो सोचना है यार. चल तेरे लिए इतनी कुर्बानी तो दे ही देती हूँ. तू भी क्या याद रखेगी कि त्रिवेणी ने किस तरह तुझसे दोस्ती निभाई थी.

आशना: तू बिल्कुल नहीं बदली यार.

त्रिवेणी: लेकिन तू तो बदल गयी है यार. कहाँ, वो 3 साल पहले वाली बोरिंग सी अकड़ू लड़की और कहाँ यह आशना जिसने लाइफ को एंजाय करना और जीना सीख लिया. आइ आम सो हॅपी फॉर यू.

दोनो ने एक दूसरे को गले लगा लिया और दोनो की आँखें नम हो गयी.

त्रिवेणी: चल यार जल्दी से वरना हमारे उनको कहीं हम पर शक ना हो जाए.

आशना(अपनी आँखें पोछते हुए): वीरेंदर, जानते हैं कि मैं लेसबो नहीं हूँ.

त्रिवेणी: वो तो विजय भी जानते हैं कि मुझे जो चीज़ पसंद है वो तुम्हारे पास नहीं है.

दोनो खिलखिलाकर हंस दी.

 
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