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आओ बाहर देखें।” देवराज चौहान ने कहा।
देवराज चौहान और जगमोहन बाहर निकलते चले गए। बीस मिनट बाद वे लौटे।
नगीना आई सत्या?” देवराज चौहान ने पूछा।
नहीं जी।” देवराज चौहान कुर्सी पर जा बैठा। जगमोहन बेचैनी से चहलकदमी करने लगा।
“मुझे हैरानी है कि मोना चौधरी, नगीना के पास यहां आई और फिर दोनों ही गायब हो गए।” देवराज चौहान बोला।
“भाभी खतरे में है। मैंने पूर्वाभास में, भाभी को अजीब सी जगह पर बेहोश पड़े देखा था। मैं जानता हूं कि मेरा पूर्वाभास गलत नहीं हो सकता। हर बार वो सही निकला है।” जगमोहन बोला
।
“मैं मोना चौधरी को नहीं छोडूंगा।” देवराज चौहान का चेहरा कठोर हो चुका था।
जगमोहन ने ठिठककर देवराज चौहान को देखा। कुछ पल देवराज चौहान को देखने के बाद व्याकुल स्वर में कह उठा। “ये जथूरा की चाल है।”
देवराज चौहान ने सख्त नजरों से जगमोहन को देखा।
मोना चौधरी इस तरह नगीना के पास आकर गड़बड़ नहीं कर सकती, फिर भाभी भी कम नहीं है। कुछ बात तो है ।” ।
“नगीना के पास मोना चौधरी आई और उसके बाद नगीना गायब हो गई।”
“हां, ऐसा हुआ है, परंतु ये सब जथूरा की चाल है, हमें कालचक्र को नहीं भूलना चाहिए। हम जानते हैं कि जथूरा हम सब को लड़वाने की चेष्टा कर रहा है। पोतेबाबा ने भी ये बात स्वीकारी है।” जगमोहन होंठ भींचकर बोला—“हमें सब्र के साथ काम लेना है। जथूरा की चाल को पहचानना है कि...”
देवराज चौहान उठ खड़ा हुआ।
“तुम सब्र के साथ काम लो।”
देवराज चौहान ने कड़वे स्वर में कहा “मैं मोना चौधरी को देखता हूं।”
जल्दबाजी मत करो।” जगमोहन और भी ज्यादा परेशान हो उठा।
ये तो स्पष्ट है कि नगीना के गायब होने के पीछे मोना चौधरी का हाथ है।”
हां लेकिन।”
अब क्या तुम ये कहना चाहते हो कि वो मोना चौधरी होकर भी मोना चौधरी नहीं थी।”
“ये नहीं कहना चाहता।”
मैं समझने की चेष्टा कर रहा हूं कि जथूरा कैसी चाल चल रहा है?"
“वो कोई भी चाल नहीं चल रहा। नगीना के गायब होने के पीछे मोना चौधरी है, मैं ये जानता हूं।”
“मैं इंकार नहीं करता, परंतु ये भी कहता हूं कि इन सब हरकतों के पीछे जथूरा काम कर रहा है।” |
“मैं नहीं मानता।”
तुम्हें मानना पड़ेगा।” जगमोहन ने तेज स्वर में कहा—“पोते बाबा ने स्पष्ट कहा है कि जथूरा अब हम सबके लिए कालचक्र छोड़ेगा। हम सबमें झगड़ा करवा देगा, ताकि हम लड़ मरें और पूर्वजन्म के सफर के काबिल न रहें। जथूरा हमें पूर्वजन्म के सफर से रोकना चाहता है, शायद हमारा वो सफर उसके लिए, नुकसान से भरा है। हम पहले ही तय कर चुके हैं कि हम सब्र से काम लेंगे और झगड़ा नहीं करेंगे। अब तुम बे-सब्र हुए जा रहे हो।”
नगीना मेरी पत्नी है।”
मेरी भी भाभी है वो। मुझे उसकी चिंता है।”
जितनी मुझे है, उतनी चिंता तुम्हें नहीं हो सकती जगमोहन ।” देवराज चौहान ने होंठ भींचकर कहा।
| जगमोहन ने देवराज चौहान की आंखों में झांका और गम्भीर स्वर में बोला।
“हो सकता है कि मुझे तुमसे भी ज्यादा चिंता हो।”
तुम मुझे समझो मैं...।”
मैं सब समझ रहा हूं, तभी तो शांत हूं।”
क्या मतलब?”
“जो जथूरा चाहता है, उसे होने से रोक रहा हूं।”
देवराज चौहान जगमोहन को देखने लगा।
“जथूरा चाहता है कि हम झगड़े। जगमोहन ने पुनः कहा—“और हम ऐसा करेंगे नहीं ।” ।
। “और नगीना?” देवराज चौहान का चेहरा क्रोध से भरा हुआ था।
उसके बारे में कोई रास्ता निकालते हैं कि उसे तलाश कर सकें। तुम्हारे पास मोना चौधरी का फोन नम्बर है?”
“नहीं।”
मेरे पास पारसनाथ का नम्बर है।” जगमोहन बोला-“मैं अभी उससे बात करता हूं।”
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देवराज चौहान और जगमोहन बाहर निकलते चले गए। बीस मिनट बाद वे लौटे।
नगीना आई सत्या?” देवराज चौहान ने पूछा।
नहीं जी।” देवराज चौहान कुर्सी पर जा बैठा। जगमोहन बेचैनी से चहलकदमी करने लगा।
“मुझे हैरानी है कि मोना चौधरी, नगीना के पास यहां आई और फिर दोनों ही गायब हो गए।” देवराज चौहान बोला।
“भाभी खतरे में है। मैंने पूर्वाभास में, भाभी को अजीब सी जगह पर बेहोश पड़े देखा था। मैं जानता हूं कि मेरा पूर्वाभास गलत नहीं हो सकता। हर बार वो सही निकला है।” जगमोहन बोला
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“मैं मोना चौधरी को नहीं छोडूंगा।” देवराज चौहान का चेहरा कठोर हो चुका था।
जगमोहन ने ठिठककर देवराज चौहान को देखा। कुछ पल देवराज चौहान को देखने के बाद व्याकुल स्वर में कह उठा। “ये जथूरा की चाल है।”
देवराज चौहान ने सख्त नजरों से जगमोहन को देखा।
मोना चौधरी इस तरह नगीना के पास आकर गड़बड़ नहीं कर सकती, फिर भाभी भी कम नहीं है। कुछ बात तो है ।” ।
“नगीना के पास मोना चौधरी आई और उसके बाद नगीना गायब हो गई।”
“हां, ऐसा हुआ है, परंतु ये सब जथूरा की चाल है, हमें कालचक्र को नहीं भूलना चाहिए। हम जानते हैं कि जथूरा हम सब को लड़वाने की चेष्टा कर रहा है। पोतेबाबा ने भी ये बात स्वीकारी है।” जगमोहन होंठ भींचकर बोला—“हमें सब्र के साथ काम लेना है। जथूरा की चाल को पहचानना है कि...”
देवराज चौहान उठ खड़ा हुआ।
“तुम सब्र के साथ काम लो।”
देवराज चौहान ने कड़वे स्वर में कहा “मैं मोना चौधरी को देखता हूं।”
जल्दबाजी मत करो।” जगमोहन और भी ज्यादा परेशान हो उठा।
ये तो स्पष्ट है कि नगीना के गायब होने के पीछे मोना चौधरी का हाथ है।”
हां लेकिन।”
अब क्या तुम ये कहना चाहते हो कि वो मोना चौधरी होकर भी मोना चौधरी नहीं थी।”
“ये नहीं कहना चाहता।”
मैं समझने की चेष्टा कर रहा हूं कि जथूरा कैसी चाल चल रहा है?"
“वो कोई भी चाल नहीं चल रहा। नगीना के गायब होने के पीछे मोना चौधरी है, मैं ये जानता हूं।”
“मैं इंकार नहीं करता, परंतु ये भी कहता हूं कि इन सब हरकतों के पीछे जथूरा काम कर रहा है।” |
“मैं नहीं मानता।”
तुम्हें मानना पड़ेगा।” जगमोहन ने तेज स्वर में कहा—“पोते बाबा ने स्पष्ट कहा है कि जथूरा अब हम सबके लिए कालचक्र छोड़ेगा। हम सबमें झगड़ा करवा देगा, ताकि हम लड़ मरें और पूर्वजन्म के सफर के काबिल न रहें। जथूरा हमें पूर्वजन्म के सफर से रोकना चाहता है, शायद हमारा वो सफर उसके लिए, नुकसान से भरा है। हम पहले ही तय कर चुके हैं कि हम सब्र से काम लेंगे और झगड़ा नहीं करेंगे। अब तुम बे-सब्र हुए जा रहे हो।”
नगीना मेरी पत्नी है।”
मेरी भी भाभी है वो। मुझे उसकी चिंता है।”
जितनी मुझे है, उतनी चिंता तुम्हें नहीं हो सकती जगमोहन ।” देवराज चौहान ने होंठ भींचकर कहा।
| जगमोहन ने देवराज चौहान की आंखों में झांका और गम्भीर स्वर में बोला।
“हो सकता है कि मुझे तुमसे भी ज्यादा चिंता हो।”
तुम मुझे समझो मैं...।”
मैं सब समझ रहा हूं, तभी तो शांत हूं।”
क्या मतलब?”
“जो जथूरा चाहता है, उसे होने से रोक रहा हूं।”
देवराज चौहान जगमोहन को देखने लगा।
“जथूरा चाहता है कि हम झगड़े। जगमोहन ने पुनः कहा—“और हम ऐसा करेंगे नहीं ।” ।
। “और नगीना?” देवराज चौहान का चेहरा क्रोध से भरा हुआ था।
उसके बारे में कोई रास्ता निकालते हैं कि उसे तलाश कर सकें। तुम्हारे पास मोना चौधरी का फोन नम्बर है?”
“नहीं।”
मेरे पास पारसनाथ का नम्बर है।” जगमोहन बोला-“मैं अभी उससे बात करता हूं।”
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