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अब उसका दिमाग शांत हो गया था। मस्तिष्क में बिजलियां चमकनी बंद हो गई थीं।
कई पलों तक जगमोहन स्टेयरिंग पर सिर रखे रहा। फिर उसने सिर उठाया। सीधा बैठा।
चेहरा पसीने से भरा हुआ था। अभी भी वह लम्बी सांसें ले रहा था। खुली आंखों के सामने वो सब कुछ तैर रहा था, जो उसके मस्तिष्क ने अभी-अभी देखा था।
प्रधानमंत्री की हत्या होने जा रही थी।
जबकि देश का प्रधानमंत्री एक अच्छा और शरीफ इंसान था। जनता में मशहूर था।
ये नहीं होना चाहिए। जगमोहन ने रूमाल निकालकर अपना पसीने से भरा चेहरा पोंछा।
क्या हुआ?” पोतेबाबा की गम्भीर आवाज कानों में पड़ी।
“तुम?” जगमोहन ने बगल वाली सीट की तरफ देखा–“तुम अभी गए नहीं?" ।
नहीं, मैं तुम्हारे पास ही बैठा था। क्या हुआ था तुम्हें अभी?”
जगमोहन दो पल चुप रहकर बोला।
तुम देश के प्रधानमंत्री को हादसे में मारने जा रहे हो?”
“हम नहीं मार रहे, वो तो हादसा होगा। तुम ये क्यों सोचते हो कि हम लोगों की जान लेते हैं?”
लेकिन वो हादसा जथूरा ने ही रचा है।”
“ठीक समझे ।”
प्रधानमंत्री शरीफ है, उसकी जान मत लो।”
तभी तो जथूरा उसकी जान लेने के लिए हादसा रच चुका है कि वो शरीफ है। वो शरीफ मरेगा तो कोई दूसरा प्रधानमंत्री बनेगा। षड्यंत्र भी होंगे और जथूरा को नए हादसे रचने का और भी मौका मिलेगा।” पोतेबाबा की आवाज कानों में पड़ी। ।
“तो तुम नहीं मानोगे?”
“मेरे हाथ में कुछ भी नहीं है। मैं तो तुम्हारे पास हूं। हादसे तो उस दुनिया में बैठा जथूरा रच रहा है।”
कैसे रचे जाते हैं हादसे?” “जथूरा सोचता है और अपने शिष्यों को बताता है कि कौन-सा हादसा कैसे रचना है। मैं वहां होता हूं तो जथूरा की इस काम में पूरी सहायता करता हूं। वैसे जथूरा के विद्वानों की जमात हादसों के तरीकों को सोचती है। विद्या ग्रहण किए हजारों शिष्य हैं जथूरा के जो आदेश के मुताबिक हादसों को रचते हैं। फिर रचे जा चुके हादसों का माप-तौल अनुभवी लोगों द्वारा किया जाता है कि हादसे को ठीक से रचा गया है या नहीं। अगर रचे हादसे में कोई कमी होती है तो उसे पुनः दुरस्त करने के लिए वापस भेज दिया जाता है। जो हादसा ठीक होता है उसे तुम्हारी दुनिया में उन नामों पर भेज दिया जाता है, जिसके लिए हादसा तैयार किया जाता है।”
“कैसे भेजा जाता है?"
“बहुत ही आसान है। जैसे तुम्हारी दुनिया के लोग मोबाइल फोन से एस.एम.एस. भेजते हैं, कुछ ऐसा ही सिस्टम हमारे पास है, परंतु उस तकनीक को हम गुप्त रखते हैं ताकि कोई हमारी वो तकनीक खराब न कर दे।”
“तुम लोगों ने बहुत तरक्की कर रखी है।”
“बहुत ज्यादा। तुम्हारी दुनिया से बड़े विद्वान हमारी दुनिया में हैं।”
“मैं पूर्वजन्म की दुनिया में कई बार जा चुका हूं।” जगमोहन गम्भीर स्वर में बोला।
खबर है मुझे ।” अब नहीं जाना चाहता।” क्योंकि वहां बड़े-बड़े खतरे होते हैं?”
“हां, वे ख़तरे हमारी दुनिया के लोगों पर भारी पड़ते हैं।” जगमोहन ने गहरी सांस ली।
तुम पूर्वजन्म का सफर न करो, यही मैं चाहता हूं, ये ही जथूरा चाहता है।”
क्या मतलब?” ।
“जथूरा के हादसों में दखल दोगे तो तुम्हें पूर्वजन्म का सफर करना पड़ सकता है।”
कई पलों तक जगमोहन स्टेयरिंग पर सिर रखे रहा। फिर उसने सिर उठाया। सीधा बैठा।
चेहरा पसीने से भरा हुआ था। अभी भी वह लम्बी सांसें ले रहा था। खुली आंखों के सामने वो सब कुछ तैर रहा था, जो उसके मस्तिष्क ने अभी-अभी देखा था।
प्रधानमंत्री की हत्या होने जा रही थी।
जबकि देश का प्रधानमंत्री एक अच्छा और शरीफ इंसान था। जनता में मशहूर था।
ये नहीं होना चाहिए। जगमोहन ने रूमाल निकालकर अपना पसीने से भरा चेहरा पोंछा।
क्या हुआ?” पोतेबाबा की गम्भीर आवाज कानों में पड़ी।
“तुम?” जगमोहन ने बगल वाली सीट की तरफ देखा–“तुम अभी गए नहीं?" ।
नहीं, मैं तुम्हारे पास ही बैठा था। क्या हुआ था तुम्हें अभी?”
जगमोहन दो पल चुप रहकर बोला।
तुम देश के प्रधानमंत्री को हादसे में मारने जा रहे हो?”
“हम नहीं मार रहे, वो तो हादसा होगा। तुम ये क्यों सोचते हो कि हम लोगों की जान लेते हैं?”
लेकिन वो हादसा जथूरा ने ही रचा है।”
“ठीक समझे ।”
प्रधानमंत्री शरीफ है, उसकी जान मत लो।”
तभी तो जथूरा उसकी जान लेने के लिए हादसा रच चुका है कि वो शरीफ है। वो शरीफ मरेगा तो कोई दूसरा प्रधानमंत्री बनेगा। षड्यंत्र भी होंगे और जथूरा को नए हादसे रचने का और भी मौका मिलेगा।” पोतेबाबा की आवाज कानों में पड़ी। ।
“तो तुम नहीं मानोगे?”
“मेरे हाथ में कुछ भी नहीं है। मैं तो तुम्हारे पास हूं। हादसे तो उस दुनिया में बैठा जथूरा रच रहा है।”
कैसे रचे जाते हैं हादसे?” “जथूरा सोचता है और अपने शिष्यों को बताता है कि कौन-सा हादसा कैसे रचना है। मैं वहां होता हूं तो जथूरा की इस काम में पूरी सहायता करता हूं। वैसे जथूरा के विद्वानों की जमात हादसों के तरीकों को सोचती है। विद्या ग्रहण किए हजारों शिष्य हैं जथूरा के जो आदेश के मुताबिक हादसों को रचते हैं। फिर रचे जा चुके हादसों का माप-तौल अनुभवी लोगों द्वारा किया जाता है कि हादसे को ठीक से रचा गया है या नहीं। अगर रचे हादसे में कोई कमी होती है तो उसे पुनः दुरस्त करने के लिए वापस भेज दिया जाता है। जो हादसा ठीक होता है उसे तुम्हारी दुनिया में उन नामों पर भेज दिया जाता है, जिसके लिए हादसा तैयार किया जाता है।”
“कैसे भेजा जाता है?"
“बहुत ही आसान है। जैसे तुम्हारी दुनिया के लोग मोबाइल फोन से एस.एम.एस. भेजते हैं, कुछ ऐसा ही सिस्टम हमारे पास है, परंतु उस तकनीक को हम गुप्त रखते हैं ताकि कोई हमारी वो तकनीक खराब न कर दे।”
“तुम लोगों ने बहुत तरक्की कर रखी है।”
“बहुत ज्यादा। तुम्हारी दुनिया से बड़े विद्वान हमारी दुनिया में हैं।”
“मैं पूर्वजन्म की दुनिया में कई बार जा चुका हूं।” जगमोहन गम्भीर स्वर में बोला।
खबर है मुझे ।” अब नहीं जाना चाहता।” क्योंकि वहां बड़े-बड़े खतरे होते हैं?”
“हां, वे ख़तरे हमारी दुनिया के लोगों पर भारी पड़ते हैं।” जगमोहन ने गहरी सांस ली।
तुम पूर्वजन्म का सफर न करो, यही मैं चाहता हूं, ये ही जथूरा चाहता है।”
क्या मतलब?” ।
“जथूरा के हादसों में दखल दोगे तो तुम्हें पूर्वजन्म का सफर करना पड़ सकता है।”