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ले ।” सोहनलाल ने कॉफी का प्याला टेबल पर रखा और अपना लेकर सामने ही बैठ गया—“क्या बात है?"
बात?" जगमोहन ने आंखें खोलकर उसे देखा।
“या तो तू थका हुआ है, या किसी उलझन में है। तेरा चेहरा बता रहा है ये...।”
जगमोहन ने कॉफी का प्याला उठाकर घूट भरा। सोहनलाल ने भी सिप ली।
मैं एक-दो दिन से अजीब-से हालातों में फंसा पड़ा हूं।” जगमोहन बोला।
मुझे बता क्या अजीब है?”
तेरे को यकीन नहीं आएगा सुनकर ।” जगमोहन ने गहरी सांस ली।
सुना तो सही।” सोहनलाल के होंठ सिकुड़े। मैं पूर्वजन्म के मामले में फंस चुका हूं।” सोहनलाल के हाथ में थमा कॉफी का प्याला जोरों से हिला।
पूर्वजन्म?” सोहनलाल हड़बड़ाया–
“ये तू क्या कह रहा है?”
मेरे सामने जो हालात हैं, उसी के हिसाब से कह रहा हूं। तुझे जथूरा नाम याद है पूर्वजन्म का?”
जगमोहन को देखते सोहनलाल ने गम्भीरता से इंकार में सिर हिलाया।
पोतेबाबा?” ।
“ये भी नहीं। लेकिन हुआ क्या?” सोहनलाल ने व्याकुल भाव में पूछा।
जगमोहन सारी बातें बताता चला गया कि कैसे हादसों का पूर्वाभास उसे होने लगा है और अदृश्य होता कोई पोतेबाबा उसके पास आ रहा है। सारी बातें, सब कुछ बताया।
सोहनलाल ने पूरी बात सुनी। ठगा-सा उसे देखता रहा।
जगमोहन ने सतनाम वाले हादसे के बारे में भी बताया, जो होने वाला है।
सोहनलाल ने गोली वाली सिगरेट सुलगा ली। “ये तो बहुत खतरनाक बातें बता रहे हो तुम।” सोहनलाल अजीब-से लहजे में कह उठा।
“मैंने पहले ही कहा था कि सुनकर तुम्हें यकीन नहीं आएगा ।”
यकीन तो आया, परंतु ये सब अजीब-सा है। बहुत ही अजीब।”
विश्वास करने के काबिल नहीं?” ‘
“हां, ये बातें मुझे कोई और कहता तो मैं विश्वास नहीं करता।” सोहनलाल ने कश लिया।
“मैंने जो कहा है सच कहा है।” जगमोहन गम्भीर था।
जानता हूं।” सोहनलाल ने सिर हिलाया—“पोते बाबा ने जथूरा के बारे में कुछ नहीं बताया?” ।
जो बताया, वो तुमसे कह दिया है।
” एक बात मेरी समझ में नहीं आई।” सोहनलाल बोला।
“क्या?”
“हादसे तो मुम्बई में कदम-कदम पर होते हैं, हर सेकंड कुछ-न-कुछ होता है, परंतु तुम्हें चुनिंदा हादसों का ही पूर्वाभास क्यों हो रहा है? बाकी हादसों का पूर्वाभास तुम्हें क्यों नहीं, हो रहा?”
“इसका जवाब मेरे पास नहीं है।”
पोतेबाबा से नहीं पूछा?" ।
नहीं, फिर वो मुझे बताएगा ही क्यों?" जगमोहन ने सोच-भरे स्वर में कहा“वो नहीं चाहता कि मैं जथूरा के कामों में खलल डालें। वो मुझे इस रास्ते से हटाने की चेष्टा कर रहा है।”
“और तुम हटना नहीं चाहते।”
“तू ही बता, क्या तेरे को पता हो कि कहीं कोई एक्सीडेंट में मरने वाला है तो तू उसे बचाएगा नहीं?”
| जरूर बचाऊंगा।”
वो ही मैं कर रहा हूं।”
“पोतेबाबा के मुताबिक, तेरी भागदौड़ पूर्वजन्म के सफर की वजह बन सकती है।”
जगमोहन ने होंठ भींच लिए।
पूर्वजन्म की यात्रा खतरनाक है। हम पहले भी कई बार ये दहशत भरा सफर कर चुके हैं और अब नहीं करना चाहते ।”
जगमोहन चुप रहा।
“क्या तुम पूर्वजन्म का सफर करना पसंद करोगे जगमोहन?” सोहनलाल ने पूछा।
“नहीं। वो खतरनाक होता है।”
“ये तो हमारी बात हुई कि खतरनाक होता है, परंतु पोतेबाबा क्यों नहीं चाहता कि हम पूर्वजन्म का सफर करें। वो हमारे इस सफर को शुरू होने से पहले ही रोक देना चाहता है। तुम्हें इन कामों से हटाने पर लगा है?”
जगमोहन चुप रहा। “इस बात की संभावना है कि हमारा सफर पोतेबाबा या जथूरा के लिए तकलीफदेह हो ।”
“ये ही बात है। पोतेबाबा कुछ हद तक स्वीकार कर चुका है। कि मैं पूर्वजन्म वाले हादसों के पीछे भागना छोड़ दें तो मेरा पूर्वजन्म का सफर रुक सकता है और ऐसा होना मेरे और जथूरा दोनों के लिए बेहतर होगा।”
“तुम्हारे लिए तो पता नहीं, परंतु जथूरा के हक में ये अवश्य बेहतर होगा। तभी तो पोतेबाबा तुम्हें रोकने की कोशिश में है।”
जगमोहन ने कुछ नहीं कहा।
बात?" जगमोहन ने आंखें खोलकर उसे देखा।
“या तो तू थका हुआ है, या किसी उलझन में है। तेरा चेहरा बता रहा है ये...।”
जगमोहन ने कॉफी का प्याला उठाकर घूट भरा। सोहनलाल ने भी सिप ली।
मैं एक-दो दिन से अजीब-से हालातों में फंसा पड़ा हूं।” जगमोहन बोला।
मुझे बता क्या अजीब है?”
तेरे को यकीन नहीं आएगा सुनकर ।” जगमोहन ने गहरी सांस ली।
सुना तो सही।” सोहनलाल के होंठ सिकुड़े। मैं पूर्वजन्म के मामले में फंस चुका हूं।” सोहनलाल के हाथ में थमा कॉफी का प्याला जोरों से हिला।
पूर्वजन्म?” सोहनलाल हड़बड़ाया–
“ये तू क्या कह रहा है?”
मेरे सामने जो हालात हैं, उसी के हिसाब से कह रहा हूं। तुझे जथूरा नाम याद है पूर्वजन्म का?”
जगमोहन को देखते सोहनलाल ने गम्भीरता से इंकार में सिर हिलाया।
पोतेबाबा?” ।
“ये भी नहीं। लेकिन हुआ क्या?” सोहनलाल ने व्याकुल भाव में पूछा।
जगमोहन सारी बातें बताता चला गया कि कैसे हादसों का पूर्वाभास उसे होने लगा है और अदृश्य होता कोई पोतेबाबा उसके पास आ रहा है। सारी बातें, सब कुछ बताया।
सोहनलाल ने पूरी बात सुनी। ठगा-सा उसे देखता रहा।
जगमोहन ने सतनाम वाले हादसे के बारे में भी बताया, जो होने वाला है।
सोहनलाल ने गोली वाली सिगरेट सुलगा ली। “ये तो बहुत खतरनाक बातें बता रहे हो तुम।” सोहनलाल अजीब-से लहजे में कह उठा।
“मैंने पहले ही कहा था कि सुनकर तुम्हें यकीन नहीं आएगा ।”
यकीन तो आया, परंतु ये सब अजीब-सा है। बहुत ही अजीब।”
विश्वास करने के काबिल नहीं?” ‘
“हां, ये बातें मुझे कोई और कहता तो मैं विश्वास नहीं करता।” सोहनलाल ने कश लिया।
“मैंने जो कहा है सच कहा है।” जगमोहन गम्भीर था।
जानता हूं।” सोहनलाल ने सिर हिलाया—“पोते बाबा ने जथूरा के बारे में कुछ नहीं बताया?” ।
जो बताया, वो तुमसे कह दिया है।
” एक बात मेरी समझ में नहीं आई।” सोहनलाल बोला।
“क्या?”
“हादसे तो मुम्बई में कदम-कदम पर होते हैं, हर सेकंड कुछ-न-कुछ होता है, परंतु तुम्हें चुनिंदा हादसों का ही पूर्वाभास क्यों हो रहा है? बाकी हादसों का पूर्वाभास तुम्हें क्यों नहीं, हो रहा?”
“इसका जवाब मेरे पास नहीं है।”
पोतेबाबा से नहीं पूछा?" ।
नहीं, फिर वो मुझे बताएगा ही क्यों?" जगमोहन ने सोच-भरे स्वर में कहा“वो नहीं चाहता कि मैं जथूरा के कामों में खलल डालें। वो मुझे इस रास्ते से हटाने की चेष्टा कर रहा है।”
“और तुम हटना नहीं चाहते।”
“तू ही बता, क्या तेरे को पता हो कि कहीं कोई एक्सीडेंट में मरने वाला है तो तू उसे बचाएगा नहीं?”
| जरूर बचाऊंगा।”
वो ही मैं कर रहा हूं।”
“पोतेबाबा के मुताबिक, तेरी भागदौड़ पूर्वजन्म के सफर की वजह बन सकती है।”
जगमोहन ने होंठ भींच लिए।
पूर्वजन्म की यात्रा खतरनाक है। हम पहले भी कई बार ये दहशत भरा सफर कर चुके हैं और अब नहीं करना चाहते ।”
जगमोहन चुप रहा।
“क्या तुम पूर्वजन्म का सफर करना पसंद करोगे जगमोहन?” सोहनलाल ने पूछा।
“नहीं। वो खतरनाक होता है।”
“ये तो हमारी बात हुई कि खतरनाक होता है, परंतु पोतेबाबा क्यों नहीं चाहता कि हम पूर्वजन्म का सफर करें। वो हमारे इस सफर को शुरू होने से पहले ही रोक देना चाहता है। तुम्हें इन कामों से हटाने पर लगा है?”
जगमोहन चुप रहा। “इस बात की संभावना है कि हमारा सफर पोतेबाबा या जथूरा के लिए तकलीफदेह हो ।”
“ये ही बात है। पोतेबाबा कुछ हद तक स्वीकार कर चुका है। कि मैं पूर्वजन्म वाले हादसों के पीछे भागना छोड़ दें तो मेरा पूर्वजन्म का सफर रुक सकता है और ऐसा होना मेरे और जथूरा दोनों के लिए बेहतर होगा।”
“तुम्हारे लिए तो पता नहीं, परंतु जथूरा के हक में ये अवश्य बेहतर होगा। तभी तो पोतेबाबा तुम्हें रोकने की कोशिश में है।”
जगमोहन ने कुछ नहीं कहा।