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जगमोहन वापस कमरे में आ गया और धीमे स्वर में बोला।
देवराज चौहान नगीना के वापस आने पर शक कर रहा है। शौहरी ।”
“तू क्यों फिक्र करता है।” शौहरी की फुसफुसाहट कानों में पड़ी—“वो कालचक्र के खेल से बच नहीं सकता।”
रुस्तम और बांके भी कुछ शक में हैं।”
कालचक्र के सामने उसकी हस्ती मिट्टी है। तू अपने काम किए जा ।”
रुस्तम और बांके को बेहोश करूं?”
कर। लेकिन सावधान, देवा को शक न हो तुझ पर। कालचक्र को अड़चन पसंद नहीं ।”
कालचक्र है कौन?” ।
“ये जथूरा के भाई सोबरा की शक्तियों का समुद्र है, जो कभी सोबरा ने जथूरा को खत्म करने के लिए, जथूरा पर छोड़ा था। परंतु तब जथूरा को पहले ही खबर मिल गई कि सोबरा ने कालचक्र छोड़ दिया है तो जथूरा ने कालचक्र पर अपना मायाजाल फैला दिया। मायाजाल ने कालचक्र को धोखे से अपने आगोश में कैद कर लिया
और फिर जथूरा कालचक्र का मालिक बन बैठा। कालचक्र को अपने काबू में कर लिया और सोबरा को बुरी मात मिली, कालचक्र हाथ से निकल जाने से। अब वक्त आने पर जथूरा ने इन सब पर उसी कालचक्र का इस्तेमाल किया है। कालचक्र के भीतर मौजूद हम सब पहले सोबरा के सेवक थे, अब जथूरा का हुक्म मानते हैं, लेकिन काम कालचक्र के ही कर सकते हैं। क्योंकि हम कालचक्र से बंधे पड़े हैं।”
तुम्हारी बातें उलझन से भरी हैं शौहरी ।”
“तू फालतू बातें पूछता ही क्यों है, अपने काम से मतलब रख।” ।
तभी रुस्तम राव ने भीतर प्रवेश किया और जगमोहन के पास ही बेड पर बैठता कह उठा।
बाप ये पूर्वाभास तेरे को कौन कराईला है?”
“मुझे क्या पता?” जगमोहन मुस्करा पड़ा।
वो तेरे से बात नेई करेला?”
मुझे सिर्फ पूर्वाभास ही होता है।” जगमोहन बोला—“पोतेबाबा ने कहा था जथूरा की कोई दुश्मन शक्ति, पूर्वाभास कराकर मुझे खबरें दे रही है। परंतु वो मेरे से बात नहीं कर रही ।”
“वो तेरे को पूर्वाभास काये को कराईला?”
वो जो भी है, ये चाहती है कि हम पूर्वजन्म में प्रवेश कर जाएं। वहां का सफर करें ।” जगमोहन ने गम्भीर स्वर में कहा।
क्यूं बाप?”
“अभी तक जो बातें सामने आई हैं, उससे ये स्पष्ट है कि अगर हम पूर्वजन्म में प्रवेश कर गए तो, हमारा टकराव जथूरा से होगा
और वो टकराव जथूरा के लिए नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए जथूरा हमें रोकने की चेष्टा कर रहा है। देवराज चौहान और मोना चौधरी के पूर्वजन्म में प्रवेश करने पर, दोनों के ग्रह मिलकर एक बड़ी ताकत बन जाते हैं, जो कि जथूरा पर भारी पड़ेंगे। इसलिए जथूरा देवराज चौहान और मोना चौधरी में झगड़ा कराकर, जड़ को खत्म करा देना चाहता है, ताकि जथूरा के लिए हमेशा के लिए खतरा टल जाए।”
देवराज चौहान नगीना के वापस आने पर शक कर रहा है। शौहरी ।”
“तू क्यों फिक्र करता है।” शौहरी की फुसफुसाहट कानों में पड़ी—“वो कालचक्र के खेल से बच नहीं सकता।”
रुस्तम और बांके भी कुछ शक में हैं।”
कालचक्र के सामने उसकी हस्ती मिट्टी है। तू अपने काम किए जा ।”
रुस्तम और बांके को बेहोश करूं?”
कर। लेकिन सावधान, देवा को शक न हो तुझ पर। कालचक्र को अड़चन पसंद नहीं ।”
कालचक्र है कौन?” ।
“ये जथूरा के भाई सोबरा की शक्तियों का समुद्र है, जो कभी सोबरा ने जथूरा को खत्म करने के लिए, जथूरा पर छोड़ा था। परंतु तब जथूरा को पहले ही खबर मिल गई कि सोबरा ने कालचक्र छोड़ दिया है तो जथूरा ने कालचक्र पर अपना मायाजाल फैला दिया। मायाजाल ने कालचक्र को धोखे से अपने आगोश में कैद कर लिया
और फिर जथूरा कालचक्र का मालिक बन बैठा। कालचक्र को अपने काबू में कर लिया और सोबरा को बुरी मात मिली, कालचक्र हाथ से निकल जाने से। अब वक्त आने पर जथूरा ने इन सब पर उसी कालचक्र का इस्तेमाल किया है। कालचक्र के भीतर मौजूद हम सब पहले सोबरा के सेवक थे, अब जथूरा का हुक्म मानते हैं, लेकिन काम कालचक्र के ही कर सकते हैं। क्योंकि हम कालचक्र से बंधे पड़े हैं।”
तुम्हारी बातें उलझन से भरी हैं शौहरी ।”
“तू फालतू बातें पूछता ही क्यों है, अपने काम से मतलब रख।” ।
तभी रुस्तम राव ने भीतर प्रवेश किया और जगमोहन के पास ही बेड पर बैठता कह उठा।
बाप ये पूर्वाभास तेरे को कौन कराईला है?”
“मुझे क्या पता?” जगमोहन मुस्करा पड़ा।
वो तेरे से बात नेई करेला?”
मुझे सिर्फ पूर्वाभास ही होता है।” जगमोहन बोला—“पोतेबाबा ने कहा था जथूरा की कोई दुश्मन शक्ति, पूर्वाभास कराकर मुझे खबरें दे रही है। परंतु वो मेरे से बात नहीं कर रही ।”
“वो तेरे को पूर्वाभास काये को कराईला?”
वो जो भी है, ये चाहती है कि हम पूर्वजन्म में प्रवेश कर जाएं। वहां का सफर करें ।” जगमोहन ने गम्भीर स्वर में कहा।
क्यूं बाप?”
“अभी तक जो बातें सामने आई हैं, उससे ये स्पष्ट है कि अगर हम पूर्वजन्म में प्रवेश कर गए तो, हमारा टकराव जथूरा से होगा
और वो टकराव जथूरा के लिए नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए जथूरा हमें रोकने की चेष्टा कर रहा है। देवराज चौहान और मोना चौधरी के पूर्वजन्म में प्रवेश करने पर, दोनों के ग्रह मिलकर एक बड़ी ताकत बन जाते हैं, जो कि जथूरा पर भारी पड़ेंगे। इसलिए जथूरा देवराज चौहान और मोना चौधरी में झगड़ा कराकर, जड़ को खत्म करा देना चाहता है, ताकि जथूरा के लिए हमेशा के लिए खतरा टल जाए।”