सरला: जान आप सोच सकते हो की आप कुछ करो और मुझे अच्छा न लगे पर क्या करूँ तुम्हारे पापा घर पे है।
प्लीज अभी थोड़ी जल्दी कर लो कल चाहो तो पूरे दिन मेरी गाँड मार लेना पर अभी जल्दी कर लो।
अरुण: जान कर तो रहा हूँ लगता है तुम्हारे पति का कुछ करना पडेगा।
सरला: खबरदार जो उसे मेरा पति कहा तो मेरे पति आप हो वो नहीं समझे।
अरुण: हाँ समझ गया मेरी राँड और कस कस कर धक्के मारते रहता है।
सरला समझ जाती है अब क्या करना है
आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ मारररररररर डाआआआआआ कमिने मेरी क्यों मार रहा है इतनी तेज़ अपनी उस बहिन की मारियो जिस के बारे में सोच कर झडता है उसकी मुझ से भी टाइट गाण्ड और चुत होगी मुझ पे रेहम कर मैं पक्का बोल रही हूँ नीतू की दिलवा दूंगी ।
और वो नहीं देगी तो अपनी बड़ी बहिन सोनिया की दिलवा दूंगी नहीं तो उसकी बेटी साक्षी की और वो भी नहीं मानी तो इस खानदान की हर औरत को तेरे निचे लीटा दूंगी ।
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई धीरे धीरे मार मेरी गाण्ड दर्द हो रहा है ।
जलदी झड जा मेरे राजा
और अरुन सरला के बातें सुन कर और कस कस कर चोदने लगता है।
सरला: आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ निकाल अपना पानी और भर दे मेरी गाण्ड को अपने अमृत से
आआआ आ मेरेईईई राजा
ओह उह माँ मर गई।
मेरी जाआआआन
और सरला की बातें सुन कर अरुन का शरीर अकडने लगता है और एकदम से सरला की गाण्ड में झडने लगता है।
आह माँ गया।
आह
सरला: अअअअअआह मेरा बच्चा अअअअआज़ा अपनी माँ की गाण्ड में पीला दे अपना पानी अपनी माँ की गाण्ड को।
और अरुन झड कर सरला के उपर लेट जाता है।
कुछ देर बाद
सरला: जान उठ जाओ
मुझे जाना होगा
वरना तेरे पापा उठ सकते है काफी टाइम हो गया है
अरून साइड हो जाता है।
सरला: अरुन के बालों में ऊँगली फेरते हुए। सो जा मुझे जाना होगा मन तो नहीं है पर मज़बूरी है ।
मुझे तेरे साथ ही सोना है
अरुण: सरला को उसको साइन से पकड़ते हुए
कुछ दिन इंतज़ार कर लो इसका भी इन्तज़ाम करना होगा मैं भी अब अकेले नहीं रह सकता।
और सरला अरुन की बात सुन कर उसे गले लगा लेती है और अपने रूम में अपनी नाइटी उठा कर नंगी ही जाने लगती है।।
अरुण: कहा ।
सरला: रूम में।।
अरुण: हाँ पता है पर ऐसे ही और पहले उसकी गांड और चूत में क्रीम लगाता
है फिर उसकी नाइटी पहना कर उसके रूम के गेट पे छोड़ कर आता है।
इस कहानी के 50 पेज होने पर सभी पाठकों का शुक्रिया।इस कहानी पर इतने कमेंट आ रहे है की मैं जल्दी जल्दी अपडेट दे रहा हूँ ताकि पाठकों को ज्यादा इंतज़ार ना करना पड़े सभी पाठकों को थैंक्स।
नीतू: कल रात को मैंने आप को और अरुन को किस करते हुए देख लिया था और आप दोनों की बातें भी सुन ली थी।
और आज सुबह अरुन को आपके बुटक पे हाथ फेरते हुए देख लिया था और आप ने उसे कुछ नहीं बोला।
सरला एकदम से अपना सर पकड़ के वही बेड पे बैठ गई।
नीतू: डाउट तो मुझे साक्षी की शादी में ही हो गया था जब आप अरुन के मोबाइल पे मैसेज भेज रही थी और वो जवाब दे रहा था और आप पढ़ के मुस्करा रही थी और अचानक से शादी से दोनों का घर आ जाना और पापा से बात करके पता चला की आप दोनों गोवा गये हो तो मुझे कुछ डाउट हुआ और आज सुबह रँगे हाथों पकड़ लिए आप के बुटक(गाँड) पे हाथ फेरते हुए और ये ब्रा पेंटी का एक दम फिट आना।
सरला चुपचाप सुनती रहती है।
नीतू: अब आप कुछ बोलेंगी
सरला रोने लगती है।
नीतू:अब रोने से कुछ नहीं होगा माँ ।
सरला: क्या सुनना चाहती है यही की मेरे और अरुन के बीच क्या चल रहा है।
हाँ मैं प्यार करती हूँ उससे एक माँ हो कर भी प्यार करती हूँ और क्यों न करुं जो प्यार मुझे तेरे पापा से मिलना चाहिए था वो तेरे भाई से मिला
वो मेरी हर ख़ुशी का ख्याल रखता है
जिस चीज़ की ज़रूरत होती है वो लाकर देता है।
तेरे पापा को तो ऑफिस और अपने दोस्तों से फुर्सत नही।तेरी मौसी के यहाँ भी अरुन लेकर गया
और क्या जानना चाहती है ।
मै उससे अब तेरे पापा से भी ज्यादा प्यार करती हूँ और करती रहुँगी।
तूझे जो करना है कर ले मैं किसी से नहीं डरती।
हाँ ये ब्रा पेंटी वो मेरे लिए ही लाया है तूने मुझे अपनी शादी से पहले मेरी ब्रा पेंटी देखी होगी कैसे होती थी आंटी वाली और देख मेरा बेटा कैसे लाया है एकदम मॉडर्न और महँगे वाली जो तेरी पति रवि ने भी तुझे नहीं दिलाई।
मुझे ब्यूटी पार्लर लेके जाता है।
शोप्पिंग कराता है मूवीज ले जाता है ।
पता नहीं मेरी ख़ुशी की लिए क्या क्या नहीं करता
तूझे भी पता है हम लेडीज को थोड़ा प्यार जहा भी मिले हम उसी की तरफ हो जाती है।
मै जानती हूँ मैं गलत हूँ पर मजबूर हू।
और रोती रहती है।
जब सरला काफी देर रो लेती है।
नीतू: मैं जानती हूँ पापा आप से उतना प्यार नहीं करते और आप की केयर भी नहीं करते और रेस्पेक्ट भी नहीं देते ।
पर मोम वो आप का बेटा है कोई और होता तो मैं भी आप का सपोर्ट करती पर वो मेरा भाई और आप का अपना बेटा है।
सरला: बेटा है तभी तो उसको अपनी माँ पर दया आ गई जो तुम्हारे पापा को आनी चाहिए थी।
एक बात बता अगर ये सब किसी बाहर वाले के साथ होता और वो इस बात का फायदा उठा कर मुझे या तेरे पापा को ब्लैकमैल करता तो।
मै मजबूर थी नीतू मुझे कोई और नहीं दिखा जो मुझ से इतना प्यार करता हो।
और सिसकती रहती है।
नीतू: सरला को कन्धो से पकड़ते हुए।
माँ चुप हो जाओ ।
मै समझ सकती हूँ जब किसी पत्नी को पति का प्यार नहीं मिलता तो कैसा लगता है।
फिर भी माँ जब पापा को पता चलेगा तो क्या होगा।
सरला: अब मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता जब तक अरुन मेरे साथ है मैं उसके सहारे जी लुंगी।
नीतू: और जब भाई की शादी होगी तब।
सरला: वो शादी नहीं करेगा उसने मुझ से शादी कर ली है।
नीतू: क्या कब कैसे?
और सरला नीतू को सब बता देति है कैसे एक व्हिस्पर से प्यार और केयर सुरु हुई और शादी पे ख़तम हुई।
पर बड़ी हुशियारी से हनीमून वाली बात और सेक्स वाली छुपा जाती है।
सिर्फ इतना बताती है की प्यार कैसे हुआ और अभी वो इतने फिजिकल नहीं हुए है सिर्फ किस्सिंग और टचिंग होती है और सब से बढ़कर केयरिंग।
नीतू: पर माँ अभी उसकी उम्र २० साल है जब शादी की उमर का होगा तब ।
सरला; तब की तब देखूँगी ।अभी अगर मुझे ज़िंदा और खुश देखना चाहती है तो इस बात को किसी को मत बताना और हो सके तो मेरी हेल्प करना जिससे मैं अभी तेरे और रवि के होते हुए अपने पति और तेरे पापा को खुश रख सकु।
क्यूं की तुम्हारे आने की बजह से वो मेरे साथ टाइम स्पेंड नहीं कर पाएँगे।
नीतू: आय हाय पति भाई मतलब तुम्हारा पति।
और मेरे पापा मतलब।
सरला: जब अरुन मेरे पति हुए तो तेरे पापा हुए न।
नीतू : मर जावां रे , उनको ही ही । इतनी इज्जत अपने नये हस्बैंड को ।
सरला: नीतू को मेरा साथ देगी न बेटी और तुझे मुझपे ग़ुस्सा तो नहीं है।
नीतू: माँ मैं शुरु से चाहती थी आप किसी से अफेयर रख लो पर जानती थी आप ऐसे नहीं हो पर भाई के साथ आप को खुश देखकर मैं आप के लिए बहुत खुश हू।
और मैं हमेशा आप के साथ हू।
सरला; थैंक यू बेटी।
नीतू: माँ थैंक्स बोल के गैर मत बनाओ।
वैसे अरुन ओह सॉरी मेरे पापा कब आयेंगे।
और अगर वो आप से इतना प्यार करते है तो उनको कॉलेज गये ३ ऑवर हो गये उनका कॉल या मैसेज भी नहीं आया। आप को लगता है वो मिस नहीं करते ।
सरला: ऐसा नहीं ही सकता।
और सरला अपना मोबाइल चेक करती है ।
उसने ८ मिस कॉल और ११ मैसेज थे।
ओह शिट रात को मैंने इसे साइलेंट कर दिया था और उसके बाद से चेंज नहीं किया।
नीतु मोबाईल चेक करती है वाक़ई में इतनी कॉल और मैसेज थे।
सरला: मेरा बेबी परेशान होगा मेरे लिये।
और अरुन को कॉल करती है।
सरला: हल्लो।
नीतु इशारा करती है कॉल को स्पीकर पे ड़ालने के लिये
सरला मना करती है।
पर नीतू हाथ जोङकर रिक्वेस्ट करती है और सरला कॉल को स्पीकर पे डाल देती है।
बोलकर शरमा जाती है क्यों की वो भूल गई की नीतू खड़ी है।
नीतु इशारा करते हुए लगे रहो
अरुण: क्या कर रही थी।
सरला: वेट कल रात को मोबइल साइलेंट कर दिया था की तुम्हारा मैसेज आएगा और सुबह याद नहीं रहा और अभी तक नीतू के साथ थी अभी वो पडोसी के यहाँ गई है तब चेक किया मोबाइल तो तुरंत आप को कॉल की है।
सॉरी प्लीज माफ़ कर दो।
सरला: प्लीज प्लीज प्लीज।
अरुण: ओके बाबा मैं ग़ुस्सा नहीं हू।
सरला: अच्छा कब तक घर आ रहे हो।
अरुण: जल्दी आके क्या फायदा नीतू घर पे है।
सरला: मैं अपनी जान को अपने पास देखना चाहती हू।
अरुण: ओके मेरी जान आता हूँ आधे घंटे में।
सरला: क्या पहनूँ।
अरुण: वो पिंक वाला सूट और पिंक वाली ब्रा और पिंक वाली जी स्ट्रिंग।
सरला: शरमा जाती है क्यों की नीतू पास में थी।
ओके जान बाय और एक उउउउउम्मम्मह्ह्ह किस
अरुण:किस ये किसके लिए थी ।
सरला: तुम्हारे लिए बाय फ़ोन रखो ।
ओ जल्दी इस लिए करती है क्यों की उसे पता था की अब अरुन क्या बोल्ने वाला है क्यों की नीतू खड़ी थी और सारी बात सुन रही थी पर जब तक अरुन ने बोल दिया।
अरुण: और छोटू की किस।
सरला: अच्छा बाबा उउउउउम्मम्महहह बस अभी रखो मुझे तैयार भी होना है बाय।
और कॉल डिसकनेक्ट कर देती है।
और अपने रूम में जाने लगती है।
नीतू: पीछे से ये छोटू कौन है माँ।
सरला: कोई नहीं और वहाँ से भाग कर अपने रूम में आ जाती है ।
पर नीतू भी कहा माननेवाली थी।
नीतू: माँ बताओ न ये छोटू कौन है।
सरला: मुझ से मत पूछ और रूम का गेट लगा लेती है।
नीतू: माँ बताओ न छोटू कौन है नहीं तो जो भाई ने यानि पापा ने जो ब्रा पेंटी पहनने के लिए बोला है वो मेरे पास है।
और पापा आप को उन्ही में देखना चाहते है।
सरला: प्लीज नीतू दे दे वो आते होंगे और मैं उसकी इच्छा पूरी न करूँ ये हो नहीं सकता और दरवाजा खोल देती है।
नीतू: ब्रा पेंटी को हाथ में पकड़ कर हिलाते हुए जल्दी बोलो ये छोटू कौन है।
सरला; तो नहीं मानेगी ।
नीतू: नहीं , माँ क्या ये वही छोटू है जो मैं समझ रही हू।
सरला: मुझे क्या पता तू क्या समझ रही है।
नीतू : वही जो पति के पास होता है और जिस के दम पे वो हमें अपना गुलाम समझते है।
सरला: हाँ वही जिसपर लड़को को बहुत घमण्ड होता है।चाहे वो किसी काम का हो या न हो।
नीतू ; नए पापा का कैसा है घमण्ड करने लायक या बस ऐसे ही।
सरला: अब तू मार खाएगी क्या ।जल्दी दे ।
नीतू; अपना हाथ बढ़ा कर सरला के हाथ में ब्रा पेंटी देते हुए।
पर छोड़ती नहीं है
बता न माँ पापा का कैसा है ।
देख लेगी तो बेहोश हो जायेगी और ब्रा पेंटी उसके हाथ से छिनकर दरवाजा बंद कर लेती है।
मुझे सूट में नहीं देखेंगे तो उनका मूड ख़राब हो जायेगा ।
नीतू: तो पहन लो आप इनकी फ़िक्र क्यों करती हो पापा को जो अच्छा लगे वो पहनो उनकी ख़ुशी ज्यादा मायने रखती है।
सरल: पर
नीतू: पर बर छोडो वो कुछ नहीं बोलेंगे बोल दूंगी की जब पापा नहीं होते तो दिन में माँ सूट पहन लेती है।
सरला: नहीं उनको अच्छा नहीं लगेगा की मैं रवि के सामने सूट पहनू। मैं उनसे बात कर लेती हू।
और अरुन को कॉल करती है
और रवि आ गया है बता देती है।
अरुण: नीतू है न वो समझा देगी और पापा को भी उसको बोलो समझायेगी की माँ को सूट पहनने दे घर में।
नीतु इशारा करते हुए सरला को ।बोल दो ठीक है।
सरला ठीक है जैसी आप की मर्ज़ि
कितने देर में आप आ रहे हो।
अरुण: बस १० मिनट थोड़ा ज़ाम था।
और सरला कॉल काट देती है।
नीतू:मैंने बोला था न पापा कुछ नहीं बोलेंगे ।
सरला: पर पूछना भी ज़रूरी था।
तभी रवि नीतू को आवाज़ देता है
और तभी दरवाजे की डोरबेल बजती है।
नीतू: अब की पक्का पापा होंगे ।
सरला: तुझे उनको पापा बोलने में बड़ा मजा आ रहा है अपने भाई को।
नीतू: मजा क्या जब उनकी आप के साथ शादी हुई है तो वो मेरे पापा हुआ न ।
सरला चल जाके गेट खोल बाहर खड़े है वो ।
नीतु गेट खोलती है और अरुन अंदर आ जाता है
तभी रवि भी ड्राइंग रूम में आ जाता है।
वो कुछ बोलता उससे पहले ही।
अरुण: माँ आपने भी नीतू के आते ही सूट पहन लिया
सरला कुछ बोलति उससे पहले नीतू।
नीतू: हाँ तो कुछ लाइफ में चेंज होना चाहिए और आज कल तो सब सूट पहनती है माँ ने पहन लिया तो क्या और मैं तो आज पापा से भी बोलने वाली हूँ।
अरून जैसा आप दोनों की मर्ज़ि।
तभी रवि।
नीतु सही तो बोल रही है।
नीतु देखा इनको भी कोई प्रॉब्लम नही।
अब ठीक है
अरुन ओके मुझे क्या प्रॉब्लम पापा को हो सकती है।
नीतू; उनको मैं समझा दूँगी।
और सब खाने की तयारी करते है।
अरून और रवि डायनिंग टेबल पे
और सरला और नीतू किचन में।
तभी नीतू बाहर आती है और इतने में अरुन किचन में जाता है।
और सरला की कमर पे हाथ फेरता है
सरला: जाओ जान कोई आ जाएगा।
अरुण: कोई नहीं आयेगा
और उसके चूतड़ पे थपड मारता है।
और सरला के मुह से आह निकल जाता है
नीतु सुन लेती है और किचन में आ जाती है और अरुन बाहर चला जाता है।
नीतू: पापा ने छेडा था ना।
सरला: चुप कर ।
नीतू: क्यों , बोलो ना
सरला: हाँ।
नीतू: क्या किया।
सरला: वही बैक पे थप्पड और चुप हो जाती है।
नीतू: माँ लगता है पापा को आप की बैक बहुत पसंद है।
सरला: चुप कर बेशरम।
और नीतू हँस देती है।
माँ मैं उनके साथ खाना ख़ाती हु और पापा को सर्व करने की लिए बोलति हूँ फिर आप दोनों को मस्ती करने जा मौका मिल जायेगा और सरला कुछ बोलति उससे पहले हँसते हुए बाहर आ जाती है और अरुन को किचन में भेज देती है।
नीतु और रवि दोनों डायनिंग टेबल पे ऐसे बैठे थे कि रवि की पीठ किचन की तरफ और नीतू साइड से बैठे थी और तिरछी नज़र से किचन में देखती है।
इधर अरुन किचन में
सरला के बुटक्क पे फिर थप्पड मार देता है।
सरला: क्यों मार रहे हो।
अरुण: ये इतने उभरे हुए क्यों है
सरला: चुप रहो।
अरुण: बताओ न जान।
सरला: आपके लिए और आप ने गाण्ड मार मार कर बाहर निकाल दिए है।
अरुण: बस दस दिन में
सरला: आप के लिए दस दिन ही काफी थे कितना बड़ा है आप का।
अरुण: क्यों अच्छा नहीं लगता।
सरला: बहुत अच्छा है मेरा छोटू ।
जाओ उनको पुडी दे आओ।
और अरुन उनको पुडी सर्व करके फिर किचन में आ जाता है।
अरुण: अंदर क्या पहनी है मेरी जान।
सरला: वही जो आप ने बोला था।
अरुण: दिखाओ ना।
स: कोई देख लेगा बाद मैं
अरुण; नहीं मुझे अभी देखना है।
और सरला के पीछे खड़े हो कर निचे बैठता है और सरला की सलवार जो इलास्टिक वाली थी निचे सरका देता है और सरला के चूतड़ पे किस करने लगता है।
सरला: प्लीज छोड दो कोई आ जायेगा।
अरुण: अभी चोदता हूँ ।
सरला: मैं चोदने की नहीं छोड़ने के लिए बोल रही हू।
ईधर नीतू तिरछी नज़र से अपने माँ और भाई की करतुत देख रही थी सरला के चेहरे के एक्सप्रेशन ऐसे थे जैसे अरुन ने कुछ किया हो।
हो भी क्यों न अरुन ने सरला की पेंटी भी निचे सरका दी थी और आगे आकर उसकी चुत चाट रहा था।
सरला; ओह छोड तो कोई आ गया तो क्या सोचेगा
पर अरुन कुछ नहीं बोलता।
और सरला भी एकदम से निचे बैठ जाती है ।
अरुन के दोनों गालो ओ पकड़ कर प्लीज अभी मान जाओ बाद में पक्का आप जो बोलोगे वो करुँगी।
अरुण: पक्का आज दोगी।
सरला: हाँ पक्का मेरी जान और उसके लिप्स पर किस कर के उठ जाती है।
और नीतू साइड से सब देख रही थी अपनी माँ और नए पापा का रोमांस।
तभी नीतू आवाज़ देती है अरुन अब तुम खा लो मैं सर्व कर देती हूँ।
सरला: उठ जा अरुन नीतू आ जायेगी
और अरुन और सरला उठ जाते है
और नीतू किचन में आ जाती है और अरुन बाहर
नीतू: क्या चल रहा था।
सरला: कहाँ।
नीतू: किचन मैं नीचे।
सरला: कुछ नहीं बस वो अरुन और चुप हो जाती है।
नीतू: लगता है पापा बहुत रोमांटिक है।
मौका मिला नहीं की चालु।
सरला: चुप कर बदमाश तू भी कम नहीं है अरुन से।
नीतू: हु तो उसकी बहन।
कुछ देर ऐसे बात करते २ सरला नीतू से।
सरला: नीतू तेरी थोड़ी हेल्प चाहिये।
नीतू: हाँ बोलो माँ।
सरला: वो क्या है न कि।
नीतू: हाँ बोलो न।
सरला:अरुन कुछ टाइम मेरे साथ अकेले में टाइम स्पेंड करना चाहता है और तेरे और रवि के होते हुए ये पॉसिबल नहीं है तो तुम दोनों कहीं बहार घुम आओ।
नीतू: अच्छा जी अब हम दोनों कबाब में हड्डी बन रहे है।
सरला: ऐसा कुछ नहीं है।
नीतू: तो क्या है।
सरला: बोल न ।
नीतू: ओके ओके बाबा मैं ले जाऊंगी उन्हें ।
अच्छा एक बात पुछु।
सरला: हाँ पुछ।
नीतू: आप दोनों कहा तक पहुंचे ।
सरला: मतलब
नीतू: मतलब फिजीकली।
सरला: शरम नहीं आती अपनी माँ से ऐसे बात करते हुए।
नीतू: ओह हो शरम जैसे आप को आती है।अपनी बेटी से बोल रही हो थोड़ा टाइम दे दो अकेले में।
सरला: चुप कर।
नीतू: बताओ न माँ।
सरला: क्या बेटी।
नीतू: यही की आप और पापा कहाँ तक पहुचे रोमांस में।
सरला: चुप कर।
नीतू: बताओ न माँ।
सरला: जो एक पति और पत्नी के बीच होता है।
नीतू: तभी आप को पता है की मैं पापा के छोटू को देख कर बेहोश हो जाऊँगी।
सरला; नीतू की पीठ पर थप्पड मारते हुए चुप कर बेशरम ।
और नीतू हँसते हुए तो आप को टाइम स्पेंड करना है मैं कुछ करती हू और बाहर आ जाती है।
और नीतू बाहर आ कर रवि से
चलो न कहीं बाहर चलते है घुमने।
रवि: नहीं यार काफी थक गया हु ,कल भी टाइम से जाना है।
थोड़ी देर रेस्ट कर लेता हूँ और अरुन के रूम में चला जाता है।
नीतु ने भी जिद की पर रवि नहीं मानता और बेड पे लेट जाता है।
बाहर आ कर सरला से अरुन भी वही था।
नीतू: माँ वो आराम कर रहे है मैं भी सोच रही हूँ थोड़ा आराम कर लु और आप दोनों भी थोड़ा रेस्ट कर लो और रूम में चलि जाती है।
सरला और अरुन के रूम में जाने का वेट करती है
उसके मन में बहुत कुछ चल रहा था।
इधर सरला और अरुन दूसरे रूम में आ जाते है।
और गेट बंद कर लेते है और अरुन सरला पर टुट पड़ता है।
सरला: आराम से जान कही भाग नहीं रही और अरुन का साथ देने लगती है।
थोड़ी ही देर में दोनों के सरीर पे एक भी कपडा नहीं था।सरला नीतू की बजह से संतुष्ट थी की वो रवि को सम्हाल लेगी पर उसे ये नहीं पता था की उस टाइम दो ऑंखें इन दोनों को देख रही थी और ये कोई
और नहीं नीतू थी जो इन दोनों को दरवाजा के की होल से देख रही थी और रवि सो रहा था और उसने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया ताकि रवि बाहर न आ सके।