तभी सरला
सरला: नीतू
नीतू; हाँ माँ।
सरला: क्या रवि का अरुन के बराबर है।
नीतू : क्या माँ।
सरला; तू सब समझ रही है मैं किस की बात कर रही हूँ।
नीतू; नहीं माँ उनका मुस्किल से अरुन से आधा भी नहीं है।
और वो ये सब भी नहीं करते है जो अरुन आप के साथ करते है।
सरला: तभी तू इतना गौर कर रही है।
हाय रे माँ बेटी की किस्मत दोनों के पति निठल्ले।
नीतू: माँ ये हमारे साथ क्यों ।
मुझे ये सब नहीं देखना चाहिए था न देखति न मुझे पता चलता की ये सब भी होता है सेक्स में।
पता नहीं सरला के दिमाग में क्या आता है।
सरला: तुझे अपने भाई का लंड कैसा लगता है
नीतू: कुछ नहीं बोलती।
सरला: बोल ना नीतू।
नीतू; माँ बहुत बड़ा है यकींन नहीं होता की इतना बड़ा लंड हो सकता है और सोचती हूँ इतना बड़ा अंदर जा सकता है आप तो पीछे भी लेती हो मुझे तो आगे लेने में ही डर लग रहा है।
एक बार छुने का मन करता है की ये सपना है या हक़ीक़त।
सरला: मतलब तू लेना चाहती है अंदर।
नीतू: नहीं माँ मेरे कहने का ये मतलब नहीं था।
सरला: समझ गई तेरा भी दिमाग ख़राब हो गया है अरुन के लंड को देख कर जैसे मेरा हुआ था और मैं तो उसकी दीवानी हो गई हु तभी तो बेटे के लंड के बारे में बेटी से बात कर रही हू।
गलती तेरी नहीं है।
चल सो जा सुबह होने वाली है सब सो रहे है।
और हम माँ बेटी बेटे और भाई के लंड की दीवानी हो गई है।
सरला: उसका लंड लेगी।
नीतू ; माँआआआआ।
सरला: बोल ना।
नीतू: अगर आप की मर्ज़ी होगी तो ।
मुझे पता है पापा नहीं देंगे क्यों की जब बुआ उनके पास सो रही थी फिर भी वो आपके पास आये
तो वो मुझे क्यों प्यार करेंगे।
सरला: उसमे और तुझे में बहुत फ़र्क़ है।
छोड़ इन बातों की सो जा।
कल बात करते है।
नीतु मन ही मन क्या सच में मम्मी सीरियस है।
अगली सुबह।
रमेश और रवि ब्रेकफास्ट करने के बाद अपने २ ऑफिस चले जाते है और अरुन भी कॉलेज के लिए रेडी होकर निकल जाता है।
और घर पे लेडीज रह गई।
तीनो ब्रेकफास्ट टेबल पे
प्रीति: भाभी अरुन की शादी कब कर रही हो।
सरला: तुम भी दीदी अभी अरुन की उम्र क्या है।
प्रीति: क्यों २१ का होने वाला है।
सरला: अभी उम्र ही क्या है।
प्रीति: बेचारा की कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है रात भर जागा रहता है।
सरला: आप को कैसे पता।
प्रीति: बस कल रात बात हुई थी बेचारे को नीन्द नहीं आ रही थी।
कितना हॅंडसम लड़का और कोई गर्ल फ्रेंड नही।
सरला: मन ही मन उसे किसी गर्ल फ्रेंड की ज़रूरत नहीं है उसकी माँ ही काफी है उसकी हर इच्छा पूरी करने के लिए और ज़रूरत पड़ी तो बहन भी लाइन में है ।
प्रीति: क्या हुआ भाभी क्या सोचने लगी।
सरला: कुछ नहीं ।
जैसे आप सोच रही है ऐसा नहीं होगा।
नीतू: माँ सही बोल रही है अरुन की कोई न कोई गर्ल फ्रेंड जरुर होगी।
सरला: दीदी आप को इतनी फिकर है तो जाओ बन जाओ। बुआ तो भतीजा की गर्ल फ्रेंड बन सकती है।
प्रीति: कहाँ भाभी अब इस उम्र में अगर जवानी में मिला होता तो बना लेती।
सरला: अब क्या प्रॉब्लम है जीजाजी तो घर पे है।
बात तो कर सकती हो भतीजे से।
प्रीति; भाभी आप भी न ।
नीतू;माँ सही तो बोल रही है।
आप अरुन की बुआ हो मैं होती तो सेट कर लेती
और हॅसने लगती है।
और मन ही मन मैं तो बना लुंगी उनको अपना बॉय फ्रेंड और उनकी गर्ल फ्रेंड बन जॉंऊंगी।,,,,,,,,
ऐसे ही बात करते हुए ब्रेकफास्ट करती है।
प्रीति: मैं थोड़ी देर आराम कर लु रात को सो नहीं पायी।
सरला: हाँ आप जाओ अरुन के रूम में।
और सरला और नीतू किचन में।
नीतू: माँ आप ये क्यों कर रही हो।
सरला: क्या।
नीतू:यही बुआ को पापा की गर्ल फ्रेंड बना लो।
सरला: मैं तो मज़ाक़ कर रही थी।
पर तेरी बुआ ने मेरी शादी के बाद तेरे पापा से कई बार दुर किया है।
हम कही जाते थे तो साथ चलना।
मुझे कही उनके साथ जाना तो मुझे कुछ काम हैं बोलकर उनको अपने साथ ले जाती थी।
इसलिये मैं चाहती हूँ की ये अरुन के प्यार में पड़ जाए
और अपने पति से दुर हो जाए।