अरुण: कोई बात नहीं मेरी ही किस्मत ख़राब है जो आप की गाण्ड नहीं मिल पायी।
प्रीति: टेंशन न ले मैं जल्दी आउंगी फिर दोनों मज़े करेंगे
और अब की बार रानी को भी साथ लाऊँगी।
और उसकी भी दिला दुँगी।वह सरला की तरह नखरे नहीं करेगी मेरी बेटी मेरे एक इशारे पे तेरे निचे आ जाएगी।
अरुण : आप नहीं आई तो।
प्रीति: तो तुझे बुला लुंगी और मेरे घर पे तुझे वो सब दूंगी जो तू बोलेगा।
इतने में स्टेशन आ जाता है और अरुन प्रीति को सुभाष के पास छोड़ कर घर के लिए निकल जाता है।
घर पहुच कर डोरबेल बजाता है।
दरवजा सरला खोलती है
अरुन अंदर आ जाता है।
सरला दरवाजा बंद करती है
और जैसे ही दरवाजा बंद होता है
दोनो माँ बेटा एक दूसरे को ऐसे हग करते है जैसे कितने बरसो से बिछडे प्रेमि।
और एक दूसरे को चुमते चाटने लगते है।
और भूल जाते है की घर पर नीतू भी है।
काफी देर तक नीतू उनदोनो का प्यार देखती रहती है।
जब बरदास्त नहीं होता तो।
धीरे से माँ ओ मा
तभी सरला को याद आता है
और नीतू को देखते हुए उसकी तरफ एक बाँह फ़ैला देती है और नीतू भाग कर उसके गले लग जाती है
और सरला अपने दोनों बच्चो को चुमने लगती है
अरून सरला की ऑंखों में देखता है जैसे पूछ रहा हो
नीतू।
सरला ऑंखों से इशारा करती है।
और अरुन सरला और नीतू को अपनी बाँहों में भर लेता है।
नीतु एकदम सिसक पड़ती है क्यों की पहली बार अरुन ने उसकी जवानी में पेहली बार इतनी कस कर भीचा था।
और सरला और नीतू को किस करते लगता है उनके चेहरे पर।
नीतू: आह पापा।
अरुण: नीतू को देखते हुए।
नीतू: ऐसे क्या देख रहे हो जब माँ से प्यार किया और शादी की तो मैं आप की बेटी हुई और उस हिसाब से आप मेरे पापा।
और आज आप की बेटी और बहन माँ के साथ आप को शेयर करना चाहती है और अपने माँ की सौतन बनना चाहती है।
सरला: नीतू के काँधे पे मारते हुए मेरी सौतन बनेगी।
नीतू: हाँ।
सरला: अरुन से , बना ले इसे भी अपनी रांड नो २ और फाड़ दे इसकी भी। कोई रहम कत करना इसपे, मेरी सौतन बनना इतना आसान नहीं है बुआ को देखा कैसे लंगड़ा कर चल रही थी तेरा भी यहि हाल होगा।
नीतू: नहीं होगा मेरे पापा मुझे धीरे से प्यार करेंगे
उन्हें पता है उनका बहुत बड़ा है और उनकी बेटी की चुत और गाण्ड छोटी सी है।
हैं ना पापा।
अरुण: हाँ बेटी मुझे पता है मेरी रानी बेटी अभी छोटी है
इसलिए पापा बेटी को बड़े प्यार से प्यार करेंगे।
नीतू: देखा माँ
पापा क्या बोल रहे है।
सरला: जानती हूँ बेटी ये ऐसे ही है सब की आराम से मारेंगे पर मेरी बेरहमी से ।
हैं ना जान।
अरुण: हाँ मेरी रांड नंबर १ ।
सरला: वो तो मैं हूँ।
अरुण: मुझे रांड नंबर २ भी तुम्हारी बजह से मिल रही है।
सरला: तो चले आप के रूम में रांड नंबर २ का उद्घाटन करने।
अरुण: चलो और दोनों सरला और नीतू को अपनी दोनों बाँहों मैं उठाता है और अपने रूम में आ जाता है।
सरला: देखा नीतू कितनी ताक़त है मेरे बेटे में।
अपनी दोनों रांडो को अपनी गोदी में उठा लाया।
नीतू ; देखा है माँ कितना बड़ा है बिलकुल लोहे की रोड की तरह।
अरून दोनों को इशारा से पास बुलाता है और दोनों की चुत पे हाथ फेरता है
अरुण: क्या चूत है मेरी रांडो की एकदम टाइट जैसे किसी ने इस्तेमाल ही न किया हो।
सरल:आप के लिए बचा के रखी है की आप को कसी हुई चुत और गाण्ड मिल सके।
अरुण: नीतू से ।बेटी कभी चुत चूसवाई है।
नीतू; नहीं पापा उन्हें पसंद नहीं है ये सब।
अरुण: मेरी बच्ची।
और नीतू को बेड पे लीटा देता है और उसकी दोनों टांगे खोल कर अपने काँधे पे रख लेता है और
नीतु की पूरी चुत को उपर से निचे तक चाटने लगता है
नीतु चीख पड़ती है।
हाय पापा क्या कर रहे हो पहले मैंने ऐसे कभी नहीं कराया ।
आह माँ देखो माँ पापा क्या कर रहे है।
सरला नीतू का सर अपनी गोदी में रखती है।
और अपना एक मम्मा उसके मुह में भर देती है।
और अरुन नीतू की चूत चुसता रहता है।
और उसका दाना मुह में ले कर दाँतो से काटने लगता है
नीतु चीखना चाहती है पर सरला का मम्मा मुह में होने के कारन उसकी चीख दब जाती है।
और वो सरला का मम्मा चूसने लगती है।
और अरुन चुत चाट चाट कर चूसता है और उसके छेद में जीभ डाल कर उसकी चुत चोदने लगता है।
नीतु : आह ओह माँ आह सी आ माँ आह सी आ माँ मार ड़ाला हाय क्या चुसते हो मेरे पापा मुझे तो पता ही नहीं था की चुत चुसवाने में इतना मजा आता है।
आह मा।
सरला: बेटे तेरे पापा ने ही मेरी चुत चुसी थी पहली बार तब मुझे भी पता लगा था की चुत चुसवाने में कितना मजा आता है।
नीतू: आ आ सच में माँ बहुत मजा आ रहा है भाई तो मेरी चुत अपनी जीभ से चोद रहे है।
आए आह ओह मा आह सी आ माँ आह सी आ और नीतू का शरीर अकड जाता है और अरुन के मुह में झड जाती है।
और अरुन उसका पानी पिने लगता है।
नीतू: छी पापा ये गन्दा है हटाइये वहाँ से।
पर अरुन नहीं हटता और पूरी चुत चाटकर साफ़ कर देता है।
सरला: वो नहीं सुनेंगे उन्हें कुछ गन्दा नहीं लगता अपनी रांड का ।
अरून सरला को देखते हुए।
सरला: क्या हुआ मालिक।
अरुण: चल लेट तुझे इनविटेशन देना होगा।
सरला: नहीं मेरी जान और लेट जाती है और अपने दोनों हाथों से अपनी चुत की फांकें खोलकर अरुन की ओर कर देती है।
और नीतू का मम्मा अपने मुह में भर लेती है।
नीतू: आह आह माँ क्या कर रही हो।
मत करो मेरी जान निकल गई है अभी
और अरुन सरला की चुत चाटने लगता है ।
सरला: मेरे राजा चूस अपनी रांड की चुत खाजा इसे बहुत तँग करती है आप के बिना ।
आअहह ओह स माँ अरुन और चुसो मेरे राजा
तभी अरुन सरला की गाण्ड में एक ऊँगली डाल देता है।
सरला उछल जाती है। देखा नीतू तेरी कितनी प्यार से चुसी और मेरी बारी आई तो मेरी गाण्ड में ऊँगली डाल दिए।
सरला: मेरे राजा ऐसे करो बहुत अच्छा लग रहा है गाण्ड में काफी दिनों से कुछ गया नहीं था और आज आप मेरी गाण्ड मारोगे मुझे पता है कर दो ऊँगली डाल कर ढिली जिस से आप का लंड आसानी से जा सके।
हा उह उह माँ मार ड़ाला कमिने मादरचोद ने मर गई।
और सरला भी अरुन के मुह में झड जाती है और अरुन उसकी भी चुत चाट चाट कर साफ़ कर देता है।
सरला अरुन को अपने पास बुलाती है और अरुन के होंठो पे किस करती है।
नीतु अभी भी खुली नहीं थी सरला की तरह।
सरला अरुण को बेड पे लीटा देती है और उसकी जीन्स और अंडरवियर उतार देती है और नीतू उसकी टी-शर्ट्स और वेस्ट उतार देति है और इस टाइम अरुन माँ बेटी के बीच में नंगा लेटा था।
और दोनों दोनों तरफ से अरुन को किस करते हुए धीरे धीरे निचे और निचे पहुचती है इस कारन अरुन का लंड खड़ा हो जाता है सरला ने तो उस को पास से देख था पर नीतू पहली बार इतने पास से देख रही थी।
नीतू: माँ ये तो बहुत बड़ा है।
सरला: पर बहुत प्यारा है।
नीतू: प्यारा तो है पर डर लग रहा है।
सरला: तू चिंता मत कर तेरे पापा प्यार से करेंगे।
और झुक के लंड के टोपे पे किस करती है
और नीतू का हाथ पकड़ कर अरुन के लंड पे रख देती है।
अब पकड़ न उस दिन तो तू उसकी दीवानी हो गई थी
और नीतू उसपे हाथ फेरती है ।
नीतू: माआआआआ बहुत गरम है लोहे की तरह ।
सरला: तो मुह में ले कर ठण्डा कर दे।
नीतू ; माँ आप सिख़ाओ न मुझे।
सरला: ओके ।
चल पहले अपने भाई के टट्टों को पकड़ और इन्हे प्यार कर और नीतू के सर को पकड़ कर अरुन के टट्टों पे रख देती है और नीतू टट्टों को जीभ से चाटने लगती है
अरुण: आआआ अअअअअअअ वव्वव्वव्व
और सरला अरुन के टोपे को मुह में ले कर चुसने लगती है।
अरुण पागल हो जाता है ।
दोनो प्यार से अरुन के टट्टों और लन्ड को चूस रही थी
अरुण: आआआअह्ह स्स्स्सस्स्स्स माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ ओह्ह्हह्ह्ह्ह चुसो ऐसे हे जान आराम से
पर दोनों में से कोई कम नहीं पडना चाहती थी और दोनों पोजीशन बदलती है अब नीतू लंड चूस रही थी और सरला टट्टों को।
और अरुन दोनों के सर पकड़ कर अपने लंड पे दबा रहा था।
दोनो नंबर १ की रांड हो क्या चुस्ती हो कोई नहीं कह सकता की पहली बार चूस रही हो ।
लंड चुसते चुसते काफी टाइम हो गया पर अरुन का पानी नहीं निकला था।
तभी सरला उठ कर अरुन के मुह में अपना एक मम्मा देती है और उसके टट्टों पे हाथ फेरती है और नीतू पूरे लंड को मुह में ले कर चुसने की कोशिश करती है।
सरला: नीतू से ।
बेटा पूरा नहीं आएगा तेरे मुह में जितना आये उतना चूस कर पानी निकल अपने मालिक का ।
अरुन सरला के निप्पल को चूस रहा था।।
सरला: आआ राजा चूस इन्हे देख मैंने अपना वादा पूरा किया अपनी बेटी से तेरी लंड को चुसवा रही हूँ और बाद में चुदवा दूँगी और अब तो तूने प्रीति की भी मार ली।
और अब हम दोनों माँ बेटी की चुत और गाण्ड भी एक साथ मिलने वाली है ।
आजा जल्दी आजा। फिर तुझे नीतू की चुत का और गाण्ड का उदघाटन करवाउंगी तेरे लंड से फाड़ दियो इसकी कोई रहम मत करना।
ऐर नीतू इन बातों को सुनकर और गरम हो जाती है और लंड को और जोर जोर से चुसने लगती है।
और सरला अरुन के निप्पल पे अपने नाख़ून से कुरेदने लगती है और अरुन को इस टाइम इतना मजा आ रहा था की उसका शरीर एठने लगता है और नीतू के मुह में झड जाता है।
नीतु अपना मुह हटाने की कोशिश करती है पर सरला हटने नहीं देती। पि जा सारा रस मेरी बेटी ये अमृत है बड़े नसीब वालो को मिलता है।
अरुन नीतू की दोनों टांगो को अपने काँधे पे रखता है और उसकी चुत पे हाथ फेर कर जेली अंदर तक लगा देता है।
अरून की ऊँगली के अंदर होते हो नीतू।
नीतू: आह माँ।
सरला: क्या हुआ बेटी अभी तो पापा ने सिर्फ ऊँगली डाली है।
नीतू: ओके
उधर अरुन अपने लंड को नीतू की रसीली चुत पे घीसने लगता है।
और टोपे को नीतू की चुत के मुह पे रगडने लगता है।
नीतू: माँ पापा को बोलो न चिढाये नहीं डाल दे और इंतज़ार नहीं होता तीन दिन से तड़प रही हूँ इस मुसल को अपनी चुत में लेने के लिये।
अरून सरला को इशारा करता है।
सरला नीतू के मुह में अपना मम्मा देती है और उसके निप्पल को धीरे धीरे मसलने लगती है।
जैसे ही नीतू का ध्यान अरुन से हटता है अरुन एक झटका मारता है और अरुन के लंड का टोपा नीतू की चुत में घुस जाता है और नीतू की चीख निकलती है पर सरला नीतु के मुह पे अपना मुम्मा दबा देती है और उसके बूब्स मसलते रहती है और नीतू की चीख उसके मुह में घुट जाती है।
और अरुन फिर से उतना ही लंड निकाल कर घुसाता है
और सरला अरुन को इशारा करती है ।
अरुन इस बार और तेज़ धक्के मरता है और इस बार में आधा लंड घुस जाता है।
नीतु का सरीर एठने लगता है।
पर सरला उसको नहीं छोड़ती
और अरुन अपने आधे लंड से ही नीतू को चोदने लगता है।और जब सरला की नज़र नीतू की चीख पे पड़ती है तो अरुन को इशारा करती है।
जब अरुन देखता है की नीतू की चुत से खुन निकल रहा था तो अरुन नीतू की चुत से लंड निकल लेता है
नीतु सरला और अरुन को देखति है जैसे पूछ रही हो क्या हुआ।
सरला नीतू को छोड देती है और नीतू अपनी चुत देखती है तो उसकी चुत से खून निकला था।
नीतू: हाय फाड़ दी मेरी चूत पापा ने माँ देखो खून निकल रहा है।
सरला: कोई बात नहीं बेटी पहली बार में खून निकलता है।
नीतू: पिछले 2 साल से चुद रही हु और आप बोल रही हो पहली बार।
सरला: बेटी रवि का अरुन की तरह बड़ा नहीं है हो सकता है पूरा अंदर नहीं जा पाया हो और मरद के लंड से खून ही निकलता है पर बाद में मज़े भी बहुत आते है।
सरला फिर से नीतू के मुह में मम्मा देती है और
अरुन फिर से नीतू की चुत में लंड पेल देता है और इस बार पूरी ताक़त से पूरा का पूरा घुसा देता है।
नीतु उछलने लगती है और उसका सरीर ऐठ जाता है और अपने मुह से सरला का मम्मा निकल कर चीख पड़ती है।
फाड दी पापा ने अब उनको क्या मुह दिखाऊँगी मैं। रवि का लंड तो आधा भी नहीं है मेरी चुत का मुह बड़ा हो जायेगा तो उनको पता चल जायेंगा माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह्
और अरुन नीतू को चोदता रहता है।
सरला: नीतू के सर पे हाथ फेरती हुई।
कुछ नहीं होगा मेरी बेटी पहली बार ऐसा होता है
और तु तो चुदना चाहती थी अपने पापा से
और वो तो तेरी इच्छा पूरी कर रहे है।
नीतू: आह ओह चाहती थी पर चुदना।पर फड़वाना नहीं स स माँ मार डाला पापा के लंड ने ।
नीतू आह ओह माँ आह धीरे करो पापा धीरे आप की बेटी हु। अपनी बेटी को इतनी बुरी तरह नहीं चोदते।
अरुण: आह क्या करुं बेटी तेरी चुत इतनी टाइट है की मेरे लंड भी ऐसा लग रहा है किसी तंग गुफा में फंस गया हो।
ऐसा लग रहा है की कोई गन्ने की मशीन मेरे लंड को पेर रही है।
नीतू: ओह पापा आप की बात सुन के मेरा दर्द बंद हो गया। मेरी चुत फ़टने का अब कोई दुःख नहीं क्यों की मेरे पापा को मजा आ रहा है।मेरी चुत मार के।
आह ओह माँ आह और मारो मेरे राजा मुझे भी अपनी पत्नी बना लो मेरी माँ की सौतन आह ओह।
सरला नीतू के गाल पे हल्का सा थप्पड मारती है।
सौतन बनेगी मेरी।
नीतू: नहीं माँ तुम मेरी दीदी मैं आप की देवरानी।
क्यूं की अब हम दोनों का पति एक ही है।
जब तक नहीं चूदी थी तो मेरे पापा थे और अब चुदाई के बाद मेरे पति।
अब हम दोनों सौतन हुए ना।
सरला हंस देति है ।
मुझे अपने बेटे को तुझसे या किसी से भी शेयर करने में कोई प्रॉब्लम नहीं है जब तक मेरे बेटे को पसंद है।
सरला: चोद अरुन अपनी नई बीवी को फाड़ दे उसकी भी चुत जैसे मेरी फाडी थी।
और अरुन स्पीड तेज़ कर देता है
नीतू: हाँ जान और तेज मारो अपनी बीवी की चुत आज मेरी आप के साथ सुहागरात है बना लो मुझे भी अपनी रँडी पर्सनल राण्ड जो सिर्फ तुम्हारी गुलाम हो और आप के लंड पे मेरा हक़
और अरुन बेहरमी से नीतू की चुत मारने लगता है।
सरला मार और जोर से मार इस रंडी की चुत और बना दे अपने बच्चे की माँ इसको। बिठा दे गर्भ इसका।
नीतू: आह ओह माँ मर ड़ाला हाय क्या माँ आह मजा आ रहा है हाँ मेरी जान बना लो अपना गुलाम आप के लंड की तो मैं गुलाम हो गई मेरे राजा और नीतू झड़ने लग जाती है ।
आह ओह माँ मैं गई।
और उसका शरीर ढिला पड़ जाता है
पर अरुन का अभी नहीं हुआ था।
अरुन सरला को देखता है।
सरला: अभी निकल लो बाद में चोद लेना अभी ये झेल नहीं पायेगी।
अरुण: पर।
सरला: अरुन के होंठो पे ऊँगली रखते हुए मैं अभी जिन्दा हूँ और जब तक मेरी चुत गाण्ड और मुह है मेरे बेटे को परेसान होने की ज़रूरत नहीं ।
अरुण: तो आज तुन मारो अपनी चूत।
सरला: कैसे मेरे राजा।
और अरुन लेट जाता है और सरला को अपने उपर बुलाता है ।
और सरला को अपने लंड पे बैठने के लिए बोलता है।
सरला अरुन के लंड पे धीरे धीरे बैठने लगती है।
उसको ऐसे महसूस हुआ जैसे कोई लोहे की रोड उसको चीरते हुआ उसके अंदर चुत के रास्ते घुस रही है।
सरला: आह माँ माँ आह सी आ आ आह।
क्या क्या सिखायेगा अपनी माँ को और उसके लुंड पे उपर निचे होने लगती है।
इधर नीतू को भी होश आ जाता है और अपनी माँ को लंड की सवारी करते देख वो भी हैरान हो जाती है।
मा तुम ये क्या कर रही हो।
सरला: क्या करूँ बेटी तेरा ये भाई मुझे रोज नये नये स्टाइल से चोदता है देख आज मुझे अपने लंड पे बैठा कर जन्नत की सैर करा रहा है।
नीतु सरला के मम्मे पकड़ कर।
भाई देखो ना माँ के बूब्स कितने बड़े है ।
हम दोनों ने इनका बचपन में दूध पिया है।
आज भी पिए ।
अरुण: बिलकुल और दोनों भाई बहन एक एक निप्पल मुह में ले कर चुसने लगते है।
सरला: आह ओह क्या कर रहे हो शैतान जान लोगे क्या आ आ माँ आ आ । मेरे बच्चो मैं कभी भी नहीं सोच सकती थी मुझे इतना मजा मिलेगा।
और तेज़ तेज अरुन के लंड पे उछलती रहती है।
थोड़ी देर ऐसे चुदने के बाद।
सरला: जान मैं थक रही हूँ अब तुम चोदो न अपनी माँ को।। अरुन सरला को ऐसे ही लंड फसे हुए गोदी में उठाता है और खड़े हो कर सरला को चोदने लगता है।
नीतू: अब ये कौन सा स्टाइल है ।
सरला: तुहे पता नहीं बेटी तेरी भाई कई तरीके से चोदता है और अरुन के गोद में उछलती रहती है।
अरून सरला के दोनों चूतडो को पकड़ कर सरला की कमर को अपने लंड पे उछालते रहता है।
सरला: आ मजा आरहा मार ऐसे ही अपनी माँ की चुत फाड़ दे मेरी बना दे
उसका भोसड़ा अरुन मार ड़ाला कमिने मादरचोद।
चोद मादरचोद आज तो बहनचोद भी बन गया
आह ओह मज़ा आया और सरला अरुन के लंड पे झड जाती है
तभी अरुण
अरुण: मेरा आ रहा है जान बोल कहा निकालूँ।
सरला: नीतू फटाफ़ट लेट।
नीतू: क्यों ।
सरला; अरुन तेरे चुत में अपना पानी निकालेगा तभी तो तू माँ बनेगी अरुन के बच्चो की और अरुन सरला को निचे उतार देता है और नीतू की चुत में पूरा का पूरा लंड एक बार में पूरा पेल देता है और कस कस धक्के मारने लगता है ।
नीतू: आआआअह्ह आह मज़ा आ गया माँ आ आ माँ आहः
आजा मेरे राजा निकाल अपनी बहन की चुत में अपना पानी और बना ले अपने बच्चो की माँ।
और ये सुन कर अरुन झड़ने लगता है।
और इतना झडता है की ।
नीतू: माँ भाई का तो बंद ही नहीं हो रहा।
सरला: अरुन का बहुत पानी निकलता है बेटी बड़ा लंड है न इसका तो पानी भी ज्यादा निलकता है।
नीतू: मुझे लगता है मैं आज ही प्रेग्नंट हो जाऊँगी।
और अरुन नीतू के सिने पे सर रख देता है।
नीतू: प्यार से अरुन के बालों में ऊँगली फ़िराती है।
मेरा भाई और अपना मुम्मा उसके मुह में डाल देती है।
जो काम सरला अरुन के झड़ने के बाद करती थी।
वो आज नीतू कर रही थी
सरला उनदोनो का प्यार देख कर खुश हो जाती है और उनसे चिपक के लेट जाती है और तीनो आँख बंद कर के लेटे रहते है।