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माँ की अधूरी इच्छा complete

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तो दोस्तों कैसा लगा आज का अपडेट।
 
नीतु : भाई सुसु आई है।

अरून नीतू के उपर से उठता है और नीतू को गोदी में लेने लगता है।

नीतू: मैं चलि जाऊंगी

और जैसे ही उठती है उसके मुह से चीख निकल जाती है।

सरला: इसलिए अरुन तुझे कह रहा था अब तू कुवारी नहीं रही तेरी भी चुत फट गई है तो दर्द तो होगा। जा भाई के साथ जा।

और अरुन नीतू को अपनी गोदी में उठा कर बाथरूम ले जाता है और उसे अपनी गोदी में ही बिठा कर सुसु करवाता है और अपने हाथों से उसकी चुत धोता है और

अरुण: सॉरी नीतू।।

नीतू; क्यु।

अरुण; तुम्हारी चुत से खून निकाल दिया।

नीतू: मुझे पता है पहली बार में ऐसे होता है ।

अरुण: पर तुम तो ।

नीतू: मुझे पता है तुम्हे किनकी बातें पसंद है उसलिए उस टाइम नाराज कर रही थी।

भाई जब मरद का लंड पहली बार चुत या गाण्ड में जाता है तो खून निकलता है मैं जानती हु शादीसुदा औरत हु कुवारी नही।

अरुण: खून तो कुवारी का निकलता है।

नीतू: हाँ आप के मुसल के हिसाब से मैं अभी भी कुवारी हु और रहूँगी क्यों की आप जब जब चोदोगे मेरी चुत और गाण्ड से खून बहेगा।

अरुण:' क्या तुम मुझे गाण्ड भी दोगी।

नीतू: बिलकुल तभी तो तुम्हारी रांड नंबर २ बनुंगी।

और अरुन नीतू को किस करता है और बाहर आ लाता है और बेड पे लिटा देता है।

सरला चलो मैं चलती हू।

अरुण: कहाँ जान।

सरला'; टाइम देखो ७ बह रहे है चुदाई करते करते टाइम का पता नहीं लगा।

अरुण: पर मुझे अभी नीतू की गाण्ड मारनी है।

सरला: वो सब रात को तुम थक गये होगे ।

और नीतू की गाण्ड आराम से मारनी पड़ेगी नहीं तो कल सुबह हम माँ बेटी दोनों लंगड़ा कर चल रही होंगी और तुम्हारे पापा परेसान की क्या हुआ दोनों को एक साथ।

अरुण: पर रात को कैसे आप तो पापा के साथ सोओगी।

सरला: नहीं रात को हम माँ बेटी दोनों तुम्हारे रूम में सोयेंगे।

थोड़ी देर ऐसे ही लेटे रहने के बाद।

सरला उठती है ।

चल नीतू खाना बना लेते है तेरे पापा आने वाले होंगे।

नीतु उठ कर कपडे पहनने की कोशिश करती है।

सरला: रहने दे तेरे पापा उर्फ़ भाई उर्फ़ पति कपडे नहीं पहनने देंगे।

और नीतू को नंगी ही साथ लेकर किचन में आ जाती है

दोनो माँ बेटी लंगड़ा कर चल रही थी।

नीतू: माँ चुत में लंड लेके तो चला नहीं जा रहा गाण्ड में लुंगी तो क्या होगा।

सरला: बेटा भाई के मुसल के मजे लेने है तो दर्द तो सहना पड़ेगा और पापा के सामने ठीक से चलना नही तो सवाल करेंगे क्या हुआ लंगड़ा क्यों रही है।

नीतू: ठीक है माँ।

और तभी अरुन वहाँ आ जाता है।

और नीतू के गाँड पे चुटकी काट लेता है।

नीतू: आआआअह्ह माँ देखो न भाई ने क्या किया ।

सरला: अरुन क्यो परेसान कर रहा है अपनी नई रांड को।

अरुण; माँ क्या चुदकड़ माल है तेरी बेटी।

सरला: क्यों तेरी नहीं है कोइ।

अरुण: है है न मेरी पर्सनल रँडी नंबर २

नीतू: भाई क्या मुझे आप अपनी पत्नी नहीं बना सकते।

अरुण: बहना चुद के तो पहले ही मेरी पत्नी बन गई और गाण्ड मरवाने के बाद मेरी रांड बन जाओगी।

सरला उनकी बात सुन कर हँसते हुए काम कर रही थी।

तभी अरुन सरला से।

अरुण: माँ फ्रीज़ में कुछ गाज़र या मुली पड़ी है।

सरला: हाँ बेटा खाने के टाइम सलाद काट लुंगी।

अरुण: माँ मुझे नहीं खानी।

सरला: तो।

अरुण: तुम दोनों की चुत को खिलानी है।

सरला: मतलब फिर बदमाशी।

सरला समझ जाती है।

अरुन फ्रीज में से दो गाज़र निकालता है।

और सरला और नीतू के पास आ कर।

दोनो गाज़र उनको दीखाता है।

अरुण: दोनों में कौन से किसे पसंद है।

सरला तो समझ गयी थी पर नीतू अभी भी अन्जान थी

और मोटी वाली गाज़र देख कर नीतू ।

नीतू: मुझे ये मोटी वाली पसंद है।

सरला हँस पड़ती है।

नीतू: माँ हँस क्यों रही हो।

सरला: अभी पता चल जाएगा।

और अरुन मोटी वाली गाज़र ले कर नीतू के सामने घुटनो पर बैठ जाता है।

और उसकी चुत पे हाथ फेरने लगता है।

नीतू: जान ऐसा मत करो न अभी भी दर्द हो रहा है।

अरुण: चिंता मत कर मेरी बुलबुल अभी इन्तज़ाम करता हू।

और नीतू की दोनों टांगे फैला कर उसकी चुत को जीभ से चाटने लगता है।

नीतू: आआआ ह्ह्हह्ह मजा आ रहा है और आँख बंद करके मज़ा लेने लगती है।

और यही उसकी भूल थी।

मौका देख कर अरुन वो मोटी वाली गाज़र जो नीतू की पसंद थी उसकी चुत में घुसा देता है।

नीतु एकदम से हुए इस हमले को झेल नहीं पाती। और उसके मुह से चीख निकल जाती है।

नीतू; आआआअह्ह उउउउउउउह माँआआआआ मारररररररर डाआआआआआ क्या किया

और निचे देखती है ।

अरुन ने पूरी गाज़र नीतू की चुत में उतार दी थी।

नीतू: आआआअह्ह माआआआआ देखो माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह भाई ने क्या किया ।फाड़ दिया मेरी चूत को।

सरला: नीतू को समझाते हुए कुछ नहीं होगा मेरी बच्ची जब भाई का मुसल झेल गई तो ये गाज़र क्या चीज है।

चुप हो जा ।

सरला नीतू को समझा रही थी उसे पता था की अगला नंबर उसी का था।

और उतनी देर में अरुन दूसरी गाज़र सरला की चुत में पेल देता है।

सरला: आआआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई धीरे धीरे डाल अरुन आआआआ माआआआआ.
 
और नीतू एकदम से सरला को देखती है।

नीतू: माँ चुप हो जाओ जब भाई का मुसल झेल लि हो ये गाज़र क्या चीज है।

और दोनों एक दूसरे को देख कर हँस पड़ती है।

और दोनों के चूतों में गाज़र डाल कर अरुण खड़ा हो जाता है और अपनी दोनों रांडो को अपनी बाँहों में ले कर।

जब तक सारा खाम ख़तम करके मेरे रूम में आओगी

तब तक ये गाज़र तुम दोनों की चूतों में पड़ी रहेगी।

और जिसकी चुत में गाज़र नहीं मिली उसको आज मेरा लंड नहीं मिलेंगा और सजा मिलेगी।

सरला और नीतू

नही नहीं ऐसा मत करना हम नहीं निकालेंगी

जब तक आप अपने हाथ से नहीं निकालोगे।

ये गाज़र हमारी चूतों में पड़ी रहेंगी।

अरुण: गुड गर्ल्स और दोनों के होंठो को चूसने लगता है।

अरुण: चलो जल्दी से काम ख़तम करो।

और किचन के स्लीप पे बैठ जाता है और दोनों को गाज़र की बजह से हो रही परेसानी का मजा लेता है।

नीतू: माँ कुछ कुछ हो रहा है।

सरला: देखती जा अभी बहुत कुछ होगा।

नीतू: माँ चलने में प्रॉब्लम हो रही है।

सरला: थोड़ी देर होगी फिर एडजस्ट हो जायेगी।

अरुण: क्या बात हो रही है मेरी रंडियों।

सरला: कुछ नहीं नीतू को समझा रही थी।

अरुण: अच्छा तुम्हे कितना एक्सपीरियंस है कितनी बार ली है गाज़र इससे पहले जो नीतू को समझा रही हो।

सरला: वो सिर्फ आप ने एक बार गाण्ड मारी थी तभी आपने मुली डाल दी थी।

अरुण: फिर ज्यादा मत समझा नहीं तो तेरी गाण्ड में एक मुली और डाल दुँगा।

सरला: नहीं मेरे मालिक एक ही बहुत है।

अरुण: तो चलो बातें कम करो और काम जल्दी २ ख़तम करो फिर तुम दोनों की गाण्ड का उद्घाटन करना है।

सरला: मेरी का तो हो गया है।

अरुण: कोई नहीं एक बार और कर दुँगा।

सरला: पता नहीं तुम्हारे पापा कब आयेंगे

अरुण: क्यों अभी से खुजाने लगी क्या तेरी गांड।

सरला: वो तो रोज़ ही खुजाती है जब से आप का लंड लिया है।

और इसी तरह से मज़ाक़ करते हुए वो दोनों चूत में गाज़र लिए रमेश का इंतज़ार करती है।

 
रमेश के आने के बाद दोनों नाइटी पहन लेती है और गाज़र अब भी उनदोनो की चुत में था।

रमेश: क्या हुआ तुम दोनों ऐसे क्यों चल रही हो।

सरला: रमेश के कान में।

वो हम दोनों शॉपिंग पे गई थी तो ज्यादा चलने की बजह से जांघे छिल गई है।

रमेश कुछ नहीं बोलता।

और सभी खाना खा लेते है अरुन अपने रूम में आ जाता है।

नीतु रमेश से।

नीतू: पापा मैं और मम्मी साथ साथ अरुन के रूम में सो जाएंगे।

जब से आई हु मम्मी के साथ नहीं लेटी।

रमेश: जैसा तुम दोनों को अच्छा लगे और अपने रूम में चला जाता है।

सरला: नीतू चल किचन का काम जल्दी ख़तम करते है नही तो हमारे खसम नाराज तो जाएंगे।

नीतु: हाँ माँ गाज़र डाले डाले मेरी चुत ने इतना पानी छोडा है की मेरी दोनों जाँघे गीली फ़ीलिंग हो रखी है।

पता नहीं भाई ये नये नये आईडिया कहाँ से लाता है।

हम दोनों को चोदे बिना ही उन्होंने हमारी चुत का पानी निकाल दिया है ।

सरला: यही तो स्पेशल है हमारे खसम में।

और दोनों किचन में जल्दी २ काम ख़तम करती है।

तभी अरुन वहां आता है।

और कितना टाइम लगेगा रांडो ।

जितना तुम मुझे इंतज़ार कराओगी उतनी ही बेरहमी से तुम्हारी गाण्ड फाड़ूंगा समझी रांड और रूम में चला जाता है।

सरला: मैं बोल रही थी न जल्दी २काम ख़तम करो।हो गया न नाराज अब बहुत बेरहमी से हमारी चुत और गांड चोदेगा।

नीतू: कोई बात नहीं माँ जीतनी बेरहमी से मारेंगे दर्द होगा पर मजा भी उतना ज्यादा आयेगा।

क्यूं ।

सरला: हाँ मेरे राजा का मुसल है ही ऐसा।

चलो जल्दी करो।

और दोनों जल्दी से काम ख़तम करती है।

और सरला नीतू को 2 गिलास दूध गरम करने के लिए बोलती है और 1 में काफी सारे ड्राई फ्रूट्स डाल कर गिलास में लेती है और 1नीतू को देति है और 1 में नींद की गोली डालकर रमेश को पिला आती है फिर दोनों जल्दी से अरुन के रूम में आ जाती है और अंदर से गेट बंद कर लेती है।

सरला नीतू को दूध का गिलास अरुन को देने के लिए बोलती है।

अरुण: मिल गई फुर्सत आ गई अपने खसम की याद या और तडपाना है।

सरला: नहीं स्वामी ऐसी बात नहीं है काम पड़ा था वही ख़तम कर रहे थे।

नीतु की तरफ देखते हुए तुम्हे कुछ कहना है।

नीतू: जान जीतनी आप को जल्दी है उससे ज्यादा हमें जल्दी है अपनी ठुकाई कराने की।

है ना माँ।

सरला: हाँ राजा।

चलो ग़ुस्सा छोडो और गरम गरम दूध पी लो ।

नीतु लाई है स्पेशल ड्राई फ्रूट्स वाला।

अरुण: ओह तो दोनों रांड मिलकर रिश्वत लाई है।

सरला: ऐसा नहीं है।

अरुण: बहन की लोडी सफाई दे रही है।

सरला चुप हो जाती है।

अरुण: पता है कितनी देर से सुसु लग रही है सोचा तुम्हे भी लग रही होगी तो अपनी गोदी में ले जा कर करवा दुँगा।

नीतु और सरला दोनों एक साथ ।

बहुत तेज लग रही है राजा ।

और दोनों भाग कर अरुन की बाँहों में आ जाती है।

और अरुन दोनों को अपनी बाँहों में उठा कर बाथरूम ले जाता है ।

और उतार देता है।

अरून सरला से।

अरुण;सॉरी वो।

सरला: चुप एकदम मुझे पता है मेरा राजा मुझ से ज्यादा दुर नहीं रह सकता गलती मेरी है हमें काम कल के लिए छोड देना चाहिए था पर क्या करती मुझे पता था की आप रात भर हमारी फाड़ोगे तो सुबह हम चलने के लायक नहीं रहेंगी इसलिए सोचा काम आज ही ख़तम कर ले।

और अरुन सरला के होंठो को चुसने लगता है ।

और नीतू उन दोनों माँ बेटे का प्यार देख कर इमोशनल हो जाती है अरुन नीतू को ऐसे देख कर अपनी बाँहो में ले लेता है और कुछ देर सरला को किस करके नीतू के होठ चुसने लगता है।
 
सरला: जानू सुसु लग रही है।

अरून कुछ देर नीतू के रसीले होंठो को चुसने के बाद

टॉयलेट सीट पे बैठ जाता है।

और सरला को अपनी गोदी में बैठने के लिए बोलता है

पोजीशन

अरुन वेस्टर्न टॉयलेट सीट पे बैठा था और सरला नंगी उसकी पेट से अपनी पीठ लगा पैर लटका कर बैठी थी

अरून पीछे झुकता है और साथ में सरला को अपने साथ झुकाता है और दोनों टांगे उठाता है और फैलाकर मुतने के लिए बोलता है।

सरला: पर जान गाज़र।

अरुण: तुम्हे उससे कोई प्रॉब्लम है तुम सुसु करो ।

और सरला विस्सल की आवाज़ करते हुए मुतने लगती है

नीतु खड़ी होकर चुप चाप देखति रही थी ।

सरला: क्या देख रही है अभी तेरा नंबर आने वाला है

तभी अरुन सरला के होंठो को चुमने लगता है और सरला सुसु कर रही होती है

और उसी टाइम अरुन सरला की चुत पे हाथ फेरने लगता है।

सरला कुछ बोलना चाहती है पर बोल नहीं पाती

अरून का हाथ सरला के सुसु से गिला हो जाता है

अरुण सरला के होंठो को छोड़ते हुए ।

कितनी गरम है माँ तुम्हारी पेशाब।

सरला: क्या कर रहे हो बेटा तुम्हारे हाथ गन्दा हो गया

नीतु जरा पानी लाना।

अरुण: नहीं नीतू ।माँ तुम से मैंने बोला है न तुम्हारी कोई चीज़ गन्दी नहीं है।

चली उठो मेरी दूसरी रांड को भी पेशाब करना है।

और सरला उठ जाती है और नीतू उसकी गोदी में आ कर बैठ जाती है नीतू को काफी शरम आ रही थी।

अरुण :नीतू के कान में।

शरम आ रही है।

नीतू: हाँ में सर हिलाती है।

अरुण: ज्यादा शरमा मत और मुतना शुरु कर।

और नीतू मुतने लगती है और अरुन फिर से नीतू की चुत पे हाथ फेरने लगता है।

नीतू: आआआअह्ह भाई आआआअह्ह और मुतती रहती है और अरुण उठ कर दोनों की चुत पानी से साफ़ करता है और दोनों की चुतो से गाज़र निकाल देता है।

दोनो के मुह से राहत की साँस निकलती है।

अरुण: देखो कैसे लम्बी साँस ले रही है जैसे मैंने गाण्ड फाड़ दी हो।

नीतू: जानू फाड़ ही दी देखो कैसे अंदर से छिल गई है और अपनी चुत की दोनों फांको को खोल कर दिखाती है।

अरुण: ओह मेरी प्यारी बहना की चुत लाल पड़ गई और दोनों सरला और अरुन हँसने लगते है।

तब नीतू को एहसास होता है की उसने अपनी चुत अपने हाथों से खोल रखी है और अरुन को दिखा रही है।वो शरम के मारे सरला के पीछे चुप जाती है।

और फिर तीनो बाथरूम से बाहर आ जाते है।

रूम में आने के बाद।

सरला: आप ने सुसु तो की नही।

अरुण: रहने दो कही तुम दोनों को मेरा सु सु करने का स्टाइल पसंद न आये इसलिए मैंने नहीं की।

सरला: पागल हो क्या आप। ऐसा हो सकता है की आप कुछ करो और हमें पसंद न आये।

चलो आप सुसु कर लो नहीं तो दर्द होने लगेगा आप के मुसल में।

नीतू: हाँ भाई आप जो भी करते हो हमें अच्छा लगता है

और तीनो दोबारा बाथरूम में आ जाते है।

सरला: बोलो कैसे सुसु करना है आप को।

अरुण: अपनी दोनों रंडियों के उपर ।

सरला: क्या मतलब ।

अरुण: तुम जैसे मेरे लंड को पकड़ कर दिवार पे डिज़ाइन बनाती हो वैसे ही तुम दोनों के शरीर पर डिज़ाइन बनाना है।

सरला: बस इतनी सी बात और नीतू को लेकर अरुन के सामने खड़ी हो जाती है और दोनों अपनी अपनी नाइटी उतार कर नंगी हो जाती है।

सरला: चलो शुरु जो जाओ मेरी जान।

और अरुन अपना लंड पकड़ कर सरला की चुत पे धार मार कर मुतने लगता है और कभी नीतू की चुत पर तो कभी सरला की चूत पर।

अरुन की पेशाब की गरम गरम धार की बजह से दोनों की चुत में कुछ कुछ होने लगता है।

और दोनों आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआ माआआअआज़ाअ मजा आ रहा है जान।

और अरुन सु सु रोक कर सरला के पास आता है।

सरला: अब क्या मेरी जान।

अरुण कुछ नहीं बोलता और सरला के चुत में लंड पेल कर मुतने लगता है।

सरला: आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई क्या मरररररररर रहा हीआईईईईइ

इतने में अरुन सरला की चुत से लंड निकाल कर नीतू की चुत में पेल देता है और मुतने लगता है ।

और नीतू भी सीसिया जाती है।

और इस तरह दोनों रंडियों की चुत में पेशाब करता है और

उनकी चुत से पेशाब बाहर आ जाता है।

फ़िर उनकी चुत और गाण्ड को पानी से अच्छे से सफाई करता है और सभी बाहर आ जाते है।

सरला: अरुन से।

अब से जो भी मन करे हमसे पूछने की ज़रूरत नहीं है जो मन करे कर लेना जान।

अरुण: ओके और दोनों को अपनी बाँहों में भर लेता है और तीनो बेड पर बैठ जाते है और नीतू अरुन को दूध वाला गिलास देती है पहली तूम दोनों।

अरुण: जल्दी पीओ मेरी रांडो।

सरला: मेहनत तुम्हे करनी है हमें तो मज़े लेने है इस लिए तुम पी लो ।

अरुण: जीतनी मेहनत मुझे करनी आज उतनी तुम्हे भी करनी है।

और दोनों को पहले अपने हाथ से दूध पिलाता है फिर खुद पीता है।

 
दुध पिने के बाद तीनो एक दूसरे को देखते है जैसे पूछ रहे हो अब क्या।

अरुण: चलो तैयार हो जाओ मेर होने वाले बच्चो की माँ

और दोनों शरमा जाती है।

और दोनों अरुन के कान में। हमें इंतज़ार रहेगा।

अरुन: चिंता मत करो अगले महिने दोनों के पीरियड्स नहीं आने दुँगा।

और दोनों को बेड के सहारे झुका कर फर्श पर खड़ा कर देता है।

पोसिशन दोनों बेड पे अपने हाथ टीका कर और फर्श पे पैर फेला कर खड़ी थी।

और अरुन दोनों के पीछे जा कर खड़ा हो जाता है

और दोनों के टाँगे फैला देता है और इस पोजीशन में दोनों माँ बेटी की गाण्ड का छेद साफ़ नज़र आ रहा था।

उनके पीछे घुटनो पर बैठ जाता है और दोनों की गाँडो के छेद में अपने दोनों हाथों की एक एक ऊँगली में थूक लगा के पेल देता है।

और दोनों के मुह से सिसकारी निकल जाती है।

सरला को तो कम पर नीतू को बहुत दर्द हुआ।

नीतू: आह माँ मार ड़ाला ।

सरला: धीरे नीतू ।

नीतू: आह स स माँ बहुत दर्द हो रहा है।

सरला: जानती हु पर बेटी अभी तो अरुन ने अपनी एक ऊँगली डाली है जब पूरा मुसल जायेगा तो क्या होगा।

नीतू: आह ओह माँ आह से आ माँ दर्द सह लुंगी पर मुझे अपने पापा का लंड अपनी चुत और गाण्ड दोनों में लेना है तभी मैं आप की तरह पापा की पक्का वाली रांड बन पाऊँगी इसलिये मुझे जितना भी दर्द सहना पड़ेगा मैं सह लुंगी ।

सरला: ये हुई न बात मेरी रानी बेटी ।

अरुन और तेज़ तेज़ अंदर बाहर करो अपनी ऊँगली

और अरुन तेज़ तेज़ करने लगता है और सरला की गाण्ड से ऊँगली निकाल कर उसकी गाण्ड पे जीभ लगा कर चाटने लगता है।

सरला: आह जान क्यों गन्दी जगह अपनी जीभ लगाते हो।

आआआह आ माँ माँ आह कितना अच्छा लगता है मेरे राजा

नीतु देख रही थी की अरुण माँ की गाण्ड चाट रहा था

नीतू; आह माँ आहहह नहीं मेरी भी चाटो ना पापा।

और अरुन नीतू के गाण्ड से ऊँगली निकाल कर उसके गाण्ड के छेद में जीभ लगा कर चाटने लगता है।

और नीतू सीसीसीसी मज़ा आ गया था ।

क्या चाटते हो।

सरला: जान अब पेल दो न।

अरुण: किसके में डालुँ पहले ।

सरला: नीतू के गाँड में जान ।उसे बहुत दर्द होगा तो उसी हिसाब से उसकी गाण्ड मारनी पडेगी।

और जेली को उठा कर नीतू के गाण्ड के भूरे छेद में मल देती है।

अरुण: जान इसको खड़ा तो करो अपना लंड को हिलाते हुए।

और उसकी ये बात सुन कर दोनों माँ बेटी एकदम से अरुन के लंड के पास मुह करके बैठ जाती है और दोनों उसके लंड को चुसने लगती है ।

कभि कोई टट्टों को

कोई लंड को।

फिर टोपे को।

तो कोई ज़ड को और

एक दूसरे से छिनने लगती है जैसे होड लगी हो किसी चीज़ की।

अरुण: हो गया भाई खड़ा करना है निचोड़ना नहीं है

और दोनों उसकी ओर देख के भी नहीं रूकती है पागलो की तरह चुसती रहती है।

अरुण: आ आह और चूसो ऐसे हे आह ओह माँ मर गया उफ मज़ा आ रह है चुसो मेरी रांडो चुसो मेरे लंड को मजा आ गया निकालो मेरा पानी और पि जाओ

आह ओह माँ आह से आ माँ मार ड़ाला रांडो मेरी रण्डियों ने।

और वो दोनों तो जैसे कुछ सुन ही नहीं रही थी

और दोनों एक दूसरे से छिना झपटी कर रही थी।

जैसे लड रही हो की ये मेरा है की मेरा है।

तभी अरुन का शरीर अकडने लगता है सरला समझ जाती है।

और अरुन के टोपे को नीतू से छिन कर अपने मुह में लेती है और जोर जोर से चुसने लगती है।

और तभी अरुन पिचकारी छोड देता है और सरला उसका पानी पिने लगती है और फिर अपने मुह से निकाल कर नीतू के मुँह में देती है और दोनों माँ बेटी अरुन का पानी पी जाती है और चाट चाट कर साफ़ कर देती है ।
 
अरुन पानी निकलने के बाद बेड पे बैठने लगता है और सरला और नीतू उसे बेड पर लिटा देती है और खुद उसके बगल में लेट जाती है।

सरला और नीतू दोनों अरुन के लंड को सहलाने लगती है

और अरुन के एक एक निप्पल को दोनों मुह में ले कर चुसने लगती है।

इन हरकतो की बजह से अरुन का लंड खड़ा होने लगता है।

अरुण: आआआअह्ह माआआआआह

किसका नंबर लगाऊ।

सरला: नीतू को घोड़ी बनने का इशारा करती है।

और थोड़ी और जेली लगाती है नीतू की गाण्ड और अरुन के लंड पर।

और अरुन पीछे आ कर नीतू की गाण्ड के सुराख़ पे लंड का सुपाडा लगा कर हल्का सा झटका मारता है।

नीतू: आह भाई धीरे पेलना पहली बार मेरी गांड पर किसी ने लंड रखा है।

सरला: चिंता मत कर भाई है आराम से करेगा।

और होने वाले बच्चो का बाप भी है।

नीतू: उई माँ

अरुन थोड़ा और जोर लगाता है थोड़ा सा लंड नीतू की कुँवारी गांड में घुस जाता है।

नीतू;हाय भाई आराम से डालो

और सिसकने लगती है।

सरला अरुन को इशारा करती है आराम आराम से करेगा तो तकलिफ ज्यादा होगी एक ही बार में पेल दे पूरा ।

और सरला नीतू का सर अपनी गोदी में रख लेती है।

और बिना समय गँवाये एक जबरदस्त झटका मारता है जेली की चिकनाइ और लंड के वार से नीतू की गाण्ड ककड़ी की तरह फट जाती है और लंड झटके से नीतू की गाण्ड में घुस जाता है।और नीतू के मुँह से चीख निकल जाती है।

वो तो सरला का ध्यान था वो उसके मुह पे अपना हाथ रख देती है जिससे उसकी चीख उसके मुह में डब जाती है।

और अरुन नीतू के मम्मे पकड़ कर मसलता है और अपने लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगता है।

धीरे धीरे करने से और मम्मे के मसलने से नीतू को थोड़ा आराम मिलता है ।

नीतू: आआआअह्ह भाई तुम बहुत बेरहम हो आह कितनी बेदरदी से आप ने लंड घुसाया है कोई रहम नहीं किया।

अब तो धीरे धीरे कर रहे हो ।

अपनी बाकि की बेहरमी भी दिखा दो ,कोइ रहम मत करो।

उऊउउउउउह रवि देखो एक ही दिन में तुम्हारी बीवी की उसके भाई ने अपनी माँ के साथ मिल कर चुत और गाण्ड फाड़ दी लोहे की रॉड से अगर आआआअह्ह उउउउउउउह तुम्हारे पास ये रॉड होती तो मैं तुम्हारे निचे होती उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह्

फट गई मेरी गाण्ड पक्का खून निकल रहा होगा

तभी सरला देखती है।

सरला: हाँ बेटी तेरी गाण्ड का भी उदघाटन हो गया मेरे बेटे के लंड से।

आआआआह उउउउउउउह माआआआआ अव मैं अरुन की पक्की वाली रांड और बीवी बन गई।

सरला: हाँ मेरी बच्ची अब तुम मेरी सौतन भी बन गई।

नीतू: उउउउउउउह माआआआआ भाई से बोलो मेंरे पर कोई रहम न करे कर ले अपने मन की।भाई भी क्या याद रखेगा किस दिलवाली से पाला पड़ा है।

आआआआह।
 
अरून उसकी बातें सुन कर और जोर जोर से धक्के मारने लगता है।

नीतू; आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह क्या चोदा था भाई मस्त है। बन गया मेरा खसम आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ मरररररररर डाआआआआआ मेरी जान , मेरे भाई,मेरे पति ने ।

उऊउउउउउह और कितनी देर पेलेगो मेरी जान।

अरुण: गलती तुम दोनों की है मेरा पानी क्यों निकाला मेरा लंड चूस के। नहीं तो अभी तक निकल गया होता। और तेज़ तेज़ गाण्ड मारने लगता है ।

नीतू: माँ उउउउउउउह बचा लो मुझे ये तो मुझे चलने लायक भी नहीं छोडेंगे।

सरला: थोड़ी देर और सबर कर ले बेटी।

उऊउउउउउह माआआआआह

अरून नीतू की गाण्ड से एक झटके से लंड निकाल लेता है।

नीतू: अअअअअ भाई क्यों निकाला मजा आ आ रहा था ।

अरुण: तूने ही तो बोला।

नीतू : माँ बोलो न भाई को लड़कियों तो नखरे करती ही है। और अरुन बेड पे लेट जाता है उसका लंड किसी खुटे की तरह खड़ा था।

अरुण: अब जिस को गाण्ड फड़वानी हो इस खुटे पे अपनी अपनी चुत या गाण्ड रख कर बैठ जाए।

सरला और नीतू दोनों एक दूसरे को देखती है।

जैसे कह रही हो पहले मैं पहले मैं।

अरुण: क्या हुआ मेरी बुलबुलो क्या सोच रही हो।

तभी नीतू।

नीतू: माँ आप बैठ जाओ मैं तब तक थोड़ा आराम कर लु।भाई ने मेरी गाँड फाड़ दी है।

और सरला अरुन के लंड पे अपनी गाण्ड के सुराख़ को रख कर बैठने लगती है।

सरला: आआआअह्ह ओह माँ ।

ऐसे बैठने से अरुन का लंड सरला के गाण्ड में ज़ड तक घुस जाता है।

और पहली बार सरला को ऐसा लग रहा था की लंड गाण्ड में घुसा है और मुँह से बाहर आ जाएगा।

सरला: आह अरुन क्या लंड है तेरा मेरे राजा मैं तो निहाल हो गई आह अगर मैंने तुझे नहीं पाया होता तो मेरी ज़िन्दगी बर्बाद थी आह ओह मज़ा आ रहा है और अरुन के लंड पे उछल उछल कर अपनी गाण्ड अरुन के लंड पे पटक रही थी।

नीतू: माँ हटो न अब मुझे भी झूला झुलना है अपने खसम के लंड पे।

और सरला हट जाती है और नीतू अरुन के लंड पे बैठने लगती है ।

नीतू ; आह माँ क्या लंड है एकदम खम्बे जैसा ऐसा लग रहा है मेरी गाण्ड दो हिस्सो में बँट रही है।

ओर धीरे धीरे पूरा लंड अपनी गाण्ड में ले लेती है।

अरून नीतू के मम्मे पकड़ लेता है और नीतू अरुन के लंड पे उछलने लगती है।

नीतू: माँ माज़ा आ गया खसम के लंड का ।

आज सही मायने में मैं सुहागिन बनी हु असली मरद की

जो औरत की फाड़ना जानता है और एक औरत को रात को खुश कैसे रखते है जानता है।

आआआअह्ह भाई मेरे राजा कहते हुए उछलती रहती है।

करीब आधे घंटे बारी बारी से दोनों अरुन के लंड पे झूला झूलती है पर अरुन का लंड पानी छोड़ने का नाम नहीं ले रहा था।

तब दोनों माँ बेटी अरुन के दोनों तरफ बैठ जाती है और अरुन के लंड को चुसने लगती है।

अरुण: आआआ क्या हुआ रांडो थक गई पर अपने पति का पानी नहीं निकल पाई।

पर दोनों में से कोई नहीं सुनति और अरुन के लंड को चुसती रहती है।
 
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