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माया complete

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"यस... कौन चाहिए आपको..." सामने खड़ी ऋतु ने पूछा....

"उः .... आंटी, शालिनी है.." भारत ने अपने लंड को छुपाने की कोशिश करते हुए कहा

"आप कौन... शालिनीईीईईईईईईई, युवर फ्रेंड ईज़ हियर..." ऋतु ने चिल्लाया और फिर भारत को देखने लगी..

"भारत..." भारत ने बस इतना ही कहा

"भारत.... भारत.. व्हाट ? पूरा नाम बताओ भाई.." ऋतु ने अजीब से भाव बना के चेहरे पे पूछा

"भारत.. वेलकम वेलकम... मोम यह मेरा दोस्त है, कॉलेज में साथ है... भारत, शी ईज़ माइ मोम..." शालिनी ने पीछे से आवाज़ दी..

"आओ भारत... वेलकम टू वेर्मा'स" ऋतु ने भारत को आने की जगह दी.. वेर्मा'स एक पेंट हाउस में रहते थे... टोटल 4 रूम थे जिनमे से एक में शालिनी और एक मैं उसके माँ बाप रहते थे.. एक रूम में फिलहाल शालिनी का कज़िन रह रहा था जो किसी काम से वहाँ आया हुआ था... भारत ने अच्छी तरह घर को देखा, फिर ऋतु से अपने आने की वजह कही..

"भारत.. शालिनी के पापा डिसाइड करेंगे वो.. फिलहाल तुम बैठो, मैं बाहर जा रही हूँ.. शालिनी, मेक हिम फील अट होम..." ऋतु ने कहा और वहाँ से बाहर चली गयी... ऋतु को जाते देख भारत अपनी नज़रों को कंट्रोल नहीं कर पाया, और हिलते हुए ऋतु के चूतड़ देखने लगा.. ऋतु दरअसल कुछ ऐसी लग रही थी.. आगे से और पीछे से..

"भारत. कंट्रोल यार.. " शालिनी ने भारत के हाथ में च्युटि काट के कहा

"व्हाट... वैसे शालिनी.. तेरी मोम तेरी बहेन लग रही है... वो भी छोटी" भारत ने हँस के कहा और ऋतु के जाते ही अपने लिए और शालिनी के लिए एक एक बियर की बॉटल ओपन कर दी.

"हां यार, शी ईज़ वेरी फिट आंड डाइयेट कॉन्षियस... मैं उनसे कभी कभी जलती हूँ बोल, शी ईज़ सो डॅम सेक्सी..." शालिनी ने बियर की बॉटल लेते हुए कहा और दोनो बातें करने लगे... बातें करते करते दोनो ने 2-2 बियर की बॉटल्स खाली कर दी थी...

"यह 2 लास्ट है, इसके बाद स्टॉक ख़तम" भारत ने आखरी बियर की बॉटल्स पकड़ते हुए कहा

"ठीक है यार, दूसरी आ जाएँगी... वैसे तू जानता है हर सीक्रेट ऑफ सेक्सीनेस.." शालिनी की आँखें अब मदहोश लगने लगी थी..

"नहीं तो, तूने बताया ही नहीं,, क्या है बता..." भारत अब ऋतु की बातों में इंटेरेस्ट लेने लगा था

"सेक्स.... दिन में तीन बार सेक्स करती है... तीन बार..." शालिनी ने हल्के नशे में कहा

"तीन बार.. तेरे डॅड तो बहुत लकी हैं यार..." भारत ने एक घूँट लेते हुए कहा

"सिर्फ़ डॅड नहीं.. डॅड के दोस्त भी, और इसकी सहेलियों के पति.. जिसके साथ मौका मिले, उसके साथ चुद जाती है मेरी माँ भारत.. शी ईज़ आ हाइ प्रोफाइल बिच.. आइ हेट हर.... बट आइ लव हर बॉडी....." शालिनी अब खुल के बोलने लगी थी....

"शी ईज़ आ बिच... बट उसकी बॉडी, इस जस्ट पर्फेक्ट भारत..." शालिनी ने अपनी बियर की बॉटल को मूह लगाते हुए कहा

"ओके शालिनी.. कंट्रोल नाउ... शी ईज़ नोट हियर...." भारत ने शालिनी को ठंडा करते हुए कहा

"फक हर... वो यहाँ होती तो क्या कर लेती, मैं क्या डरती हूँ.. .. तुझसे भी चुदवा लेती... शी ईज़ सो.... सो......" शालिनी अपना आपा खोने लगी थी..

"सो नतिंग... " भारत ने टॉपिक बदलना चाहा

"व्हाट... आइ आम जेलस ऑफ हर भारत... हर बोदु.. हर फिगर... " शालिनी अपने होंठ काटने लगी..

"कूल नाउ बेब.. चल तुझे लग गयी है. चल यहाँ से.." भारत ने शालिनी को पकड़ते कहा

"मैं ठीक हूँ यार, बैठ ना... कितने दिन हो गये खुल के बात किए हुए.. और वैसे भी अब मैं भी अपना हिस्सा लेने वाली हूँ.. " शालिनी ने अपने चुचे दबाते हुए कहा

"हिस्सा... पागल है, पैसों की बात कहाँ से आई इसमे.." भारत ने थोड़ा चिल्ला के कहा

"पैसा नहीं... मेरी चुदाई का हिस्सा.. मेरी चूत भी अब रेडी है जवानी जीने के लिए..." शालिनी ने कहके अपनी चूत रगड़ ली और खिलखिला के हँसने लगी

"आज रात को खाने के साथ वाइन लाना, तुझे भी एंजाय करवाउंगी.. जी भर के चोदना मेरी माँ को " शालिनी ने थोड़ा झुक के कहा जिससे उसके चुचे दिखने लगे भारत को उसके लूस टॉप से

 


"नहीं शालिनी.. यू आर ड्रंक.. " भारत ने मूह फेर के कहा, पर उसके दिल में और उसके लंड में उसका इनकार नहीं दिख रहा था...

"ओके ... मैं लाउन्गि वाइन, खाना ला तू बस... " कहके शालिनी वहाँ से उठ गयी और अपने रूम में जाके शवर लेने लगी.. शवर में जाते ही शालिनी ने अपना टॉप और जीन्स उतार दी और नंगी होने लगी.. नंगी होते ही शालिनी शवर के नीचे खड़ी हुई और ठंडी ठंडी पानी की बूँदों के साथ खेलने लगी.. पानी के साथ खेलते खेलते शालिनी ने बॉडी शॅमपू लिया और अपनी पूरी बॉडी पे उसे फेला दिया...शॅमपू मलते मलते शालिनी अपने चुचों के साथ खेलने लगी और एक उंगली ले जाके अपनी चूत में घुसा दी... अच्छी तरह अपनी चूत पे शालिनी ने शम्पू फेलाया और दूसरा हाथ ले जाके अपनी गान्ड पे रगड़ने लगी..

चूत रगड़ते रगड़ते शालिनी गरम होने लगी और तेज़ी से अपनी चूत के अंदर बाहर उंगली करने लगी.. उसकी दो उंगलियाँ चूत के अंदर और दूसरे हाथ से अपना चुचा मसल्ने लगी....

"आहाहहहहा यआःहा आहाहहहहहहहा. ओअम्म्म्मम अहहहहाआहहा.. आज तो तू गयी ऋतु अहहहहा.... भारत सही वक़्त पे आयया अहहहहहहहहहहहहाहा" कहके शालिनी ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और कुछ सेकेंड्स में वो अपना पानी छोड़ने लगी.... कुछ देर फिर नहा के शालिनी अपने कमरे में आई और अपने कपड़े पहेन लिए.. कपड़ो में उसने एक पॅडेड ब्रा और मॅचिंग पैंटी पहेन के खुद को आईने में निहारने लगी....

"उम्म्म.... मैं भी सेक्सी बन जाउन्गि अब.. आइ मीन बहुत ज़्यादा सेक्सी...." शालिनी ने खुद से आईने में देखते हुए कहा और अपने कपड़े निकालने लगी... कुछ देर तक ढूँढ ढूँढ के शालिनी ने अपने वॉर्डरोब से अपने कपड़े निकाले... कपड़े के नाम पे उसने एक वाइट मिनी ड्रेस सेलेक्ट की खुद के लिए जो उसके घुटनो के उपर तक थी, थोड़ा झुकने पे उसकी चूत और चूतड़ के दर्शन हो सकते थे.... ड्रेस पहेन के, शालिनी ने अपने बाल बनाए, और अपना फेव पर्फ्यूम छिड़क लिया.. बाहर जाके शालिनी भारत के पीछे खड़ी हुई, और कहा... " हाउ डू आइ लुक भारत"

भारत जैसे ही पलटा, वो उसे देखता ही रह गया..

"वूव्वववववववव..... लुकिंग सेक्सी बेब..." भारत अपनी जगह से उठा और शालिनी के पास गया....

"उम्म्म... यू आर ब्यूटिफुल बेबी... उम्म्म्म मवाहहहहहा उम्म्म्मम म्म्माकहहहहहा" कहके भारत ने शालिनी के होंठों से अपने होंठ मिला दिए और उन्हे चूसने लगा.... करीब 20 सेकेंड्स के चुंबन के बाद.

"शालिनी.. आइ वॉंट टू फक युवर मोम..." भारत ने अपने लंड पे हाथ घुमा के कहा

"मुझे पता था हरामी... तेरी नज़र मैं पहचान गयी... आंड मैं भी एक बात कहूँ तुझसे... आइ विल फक माइ कज़िन ब्रदर टुनाइट.. ही ईज़ सो हॉट..." शालिनी ने भारत का कॉलर पकड़ के उसे अपने चेहरे के पास खींचते हुए कहा और फिर उसके होंठ चूसने लगी....

कुछ सेकेंड्स के बाद दोनो अलग हुए और बाहर जाके खाना लिया और साथ ही एक वाइन की बॉटल के साथ एक विस्की की बॉटल ली... समान लेके जैसे ही घर आए, शालिनी ने आधी वाइन की बॉटल खाली की और उसमे विस्की मिला ली.. विस्की मिला के, शालिनी ने आधी विस्की की बॉटल बाहर जाके कचरे में गिरा दी...

"यू आर आ बिच..." भारत ने शालिनी को कहा

"देखता जा तू... इसी लिए मैं आज घर आई थी... वैसे तूने किसी घर के मेंबर के साथ सेक्स नहीं किया.." शालिनी ने भारत से सोफा पे बैठते हुए पूछा.. यह सवाल सुनके भारत को प्रीति की याद आने लगी.. और कुछ झलकियाँ उसके सामने सीमी की भी आ गयी..

"नहीं.. इन्सेस्ट नहीं पसंद मुझे.." भारत ने सीरीयस होते हुए कहा

'हाए... उसी में तो नशा है... अलग ही थ्रिल रहता है अपने घरवालों को चोदने में और चुदवाने में... " शालिनी ने अपने पैर खोलते हुए कहा, जिससे भारत को उसकी पैंटी दिख गयी

"घरवालों से चुदवाने में जो मज़ा है, आज मैं उसका अनुभव लेना चाहती हूँ भारत.. आइ वॉंट टू प्ले डर्टी टुडे.." शालिनी ने भारत से लिपट के कहा और उसके बालों में उंगलियाँ चलाने लगी... इन्सेस्ट सुनके एक साइड भारत का लंड खड़ा तो हुआ, पर उसका दिल उसका साथ नहीं दे रहा था.. प्रीति की चुदाई में उसे मज़ा तो आया और वो इन्सेस्ट भी था, पर इन्सेस्ट में माँ के साथ सेक्स का सोच के भारत को उसकी माँ सीमी की याद आने लगी... भारत बेशक इन्सेस्ट की सीमा लाँघ चुका था था, लेकिन सीमी को उसने कभी ग़लत नज़र से नहीं देखा था....

"क्या हुआ अब तुझे.." शालिनी ने भारत को यूँ सोच में डूबा हुआ देख पूछा

भारत :- "कुछ नहीं.. भूख लगी है, और अब तक तेरी मोम भी नहीं आई.."

शालिनी :- भूख और मेरी मोम की... क्या हो गया है तुझे.. खाना खाएगा या मेरी मोम को हाँ

"हाहहहा.... तेरी मोम के साथ खाना" भारत ने आँख मार के जवाब दिया.. और इतने में ऋतु भी घर पे आ गयी... यूँ भारत और शालिनी को गले में बाहें डाले देख ऋतु ने कहा

"उः.. लगता है मैं ग़लत टाइम पे आई हूँ हाँ.. क्या चल रहा है यह.." ऋतु ने अंदर आते हुए पूछा

"बिल्कुल नहीं, सही टाइम पे आई हैं आप... शालिनी और मैं एक दूसरे से प्यार करते हैं.. बस तो टाइम था, तो हम थोड़ा कोज़ी हो रहे थे.. होप यू डोंट माइंड" भारत ने चौंकाने वाला जवाब दिया, जिससे शालिनी और ऋतु एक पल के लिए खामोश सी हो गयी थी... उन्हे यूँ देख भारत ने कहा

 


"मैं मज़ाक कर रहा हूँ, प्लीज़ चिल कीजिए आप दोनो.." भारत ने सोफा पे बैठते हुए कहा..

"क्या यार डरा देता है.. मोम नतिंग, हम कॉलेज का डिस्कशन कर रहे थे.. वैसे आप जल्दी आ गये आप.." शालिनी ने बात को संभालते हुए पूछा..

"हां, ऐसे ही.. वैसे कॉलेज डिस्कशन घर पे नहीं चलेगा, होप तुम दोनो समझ गये मैं क्या कहना चाहती हूँ.. और शालिनी, तुम्हारा कज़िन आज नहीं आ रहा है, उसे कुछ काम आ गया है... डॅड भी लेट आएँगे तुम्हारे, खाना खा लेते हैं." ऋतु ने जैसे ऑर्डर दिया और अपने कमरे में चेंज करने चली गयी.. ऋतु के जाते ही शालिनी का चेहरा मायूस सा हो गया, उसके भाई से चुदवाने की इच्छा , इच्छा ही रह गयी..

"चिंता मत कर बेब.. तेरी मोम को कपड़े बदलने में कितना टाइम लगेगा.." भरा ने शालिनी के फेस को पकड़ के कहा... इससे पहले शालिनी कुछ जवाब देती, भारत अपने होंठ शालिनी के होंठों के पास ले गया और उन्हे चूमने लगा... पहले तो शालिनी को कुछ समझ नही आया, लेकिन फिर सब कुछ भूल के उसका साथ देने लगी..

"उम्म्म्मम ँववाहहहौमम्म्ममम उम्म्मवववाहाहहहा.... यआःा अहहहहहहहा.आ.. उम्म्म्मम अहहहहहहहा... उम्म्म यहाहहाहहहहाः.... सक मी हार्ड बेबी अहहहहहा....ुमँववाहाहहहहहा मवाहाहहहहहहहहहा एसस्स्स्स्साहहहहहहा..... हान्नानाना भरता आजाहहहहहहा लव मी ना आहाहहहाहा...." भारत और शालिनी एक वाइल्ड किस में डूबते चले गये... मौका देख भारत ने खुद को ऋतु के कमरे की तरफ कर दिया जिससे उसको सामने ऋतु आती हुई दिखे... देखते देखते भारत शालिनी के गले और कानो के आस पास चूमने लगा...

"आहहहहा सीईईईई...यॅ अहहहाहा माइ लवर अहहौमम्म्ममाहहहाहा..यॅ बाइट मी देअर ना आहाहाहहा..." शालिनी कसमसाने लगी और अपने हाथ से भारत का फेस पकड़ के अपने चुचों पे रख दिया.. भारत भी शालिनी के चुचों को उसकी ड्रेस के उपर से चूसने लगा, और अपने हाथ पीछे ले जाके उसकी गोल सुडोल गान्ड पे थप्पड़ मारने लगा.. शालिनी को मज़ा और दर्द एक साथ मिल रहा था.. भारत थप्पड़ इतने ज़ोर से मार रहा था कि आवाज़ ऋतु तक सुन सकती थी.. शालिनी हल्की सी आवाज़ में चिल्ला रही थी...

"थोड़ा ज़ोर से चिल्ला मेरी जान... मेक इट किकी, " भारत ने कहा और उसके चुचे छोड़ के नीचे झुक के उसकी ड्रेस उँची कर दी जिससे उसके सामने शालिनी की नंगी चूत आ गयी... उसकी नंगी चूत देख भारत से रहा नहीं गया और अपनी नाक पास ले जाके उसकी चूत को किसी कुत्ते की तरह सूंघने लगा, और पीछे से उसके नंगे चुतडो को ज़ोर ज़ोर से थप्पड़ मारने लगा.. शालिनी के चूतड़ लाल टमाटर हो गये थे अब वो इतनी मस्ती में आ गयी थी कि वो अपने चुचों के साथ खुद ही खेल रही थी...

"अहहाहाहा उफफफ्फ़.. ईट मी भरता अहाहाहहाहा एेआआहहहहः" क़हक़हे शालिनी ने भारत के मूह को अपनी चूत में घुसा दिया, और भारत भी अपनी जीभ बाहर निकाल के उसकी चूत को चाटने लगा....

"अहहहहहा यआःा आहाहहहहः फक मी विद युवर टंग बेबी अहहहहः..यआहहहहा नंगा कर दे ना मुझे अहहहहहा... मेक मी युवर स्लट अहहहहहा" कहके शालिनी मदहोशी भरी आवाज़ लगाने लगी और धीरे धीरे अपने कपड़े खुद उतारने लगी.. देखते देखते शालिनी नंगी हो गयी.. जब उससे रहा नहीं गया, उसने अपना हाथ पीछे ले जाके भारत के हाथ को अपनी गान्ड के छेद पे रखा, भारत समझ गया और एक उंगली शालिनी की गान्ड में घुसाने लगा... पीछे भारत की उंगली शालिनी की गान्ड चुदाई कर रही थी, और आगे उसकी चूत भारत की ज़ुबान से चुद रही थी... शालिनी बहेक सी गयी थी, भारत और वो यह भूल गये थे कि वो कहाँ हैं..

"आहहहा फास्टर बेबी अहहहःआइ एम कमिंग अहहहाहा यआःहा अहहः.." कहके शालिनी चिल्लाने लगी और झड़ने लगी.... शालिनी की टाँगें अकड़ने लगी और उसने अपना सारा पानी भारत के चेहरे पे छोड़ दिया... जैसे ही शालिनी झड़ी, उसने भारत को उसके बालों से पकड़ के अपने चेहरे के पास खेंचा और उसके होंठों को चूमने लगी..... चूमते चूमते भारत ने पीछे देखा तो ऋतु ठीक उनके पीछे थी और उनका यह खेल देख रही थी.. भारत ने उसे इग्नोर किया और शालिनी को चूमना चालू रखा.. 2 मिनिट तक चूमने के बाद भारत शालिनी को पीछे मोडे बिना सोफे पे ले गया, और अपनी जीन्स उतार के अपना लंड बाहर निकाला.. उसका लंड काफ़ी गरम हो चुका था, शालिनी ने देर किए बिना उसका लंड मूह में लिया, और भारत ने पीछे देखा तो ऋतु भी अब अपनी एक उंगली मूह में डाले उसे चूसने लगी थी.. यह देख भारत और ज़्यादा गरम हो गया था... शालिनी उसके लंड को किसी लॉलीपोप की तरह चूसने में लगी हुई थी और पीछे से ऋतु भी वहीं खड़े खड़े अपनी चूत में उंगली करने लगी थी... भारत ने आग में थोड़ा घी डालने का सोचा, और सोचा इस बात से पता चल जाएगा आगे क्या हो सकता है.. शालिनी उसके लंड को चूस चूस के लाल सुर्ख कर चुकी थी..

"अहहहहहः बहन की लौडि अहहहहा सिससिईसी... लंड को छोड़, टटटे कौन तेरी माँ चाटेगि क्या भाडवी कहीं की आहाहसिईईई..." कहके भारत ने ऋतु का रियेक्शन देखा तो उसका जवाब मिल गया... ऋतु पीछे से ही अपनी जीभ हवा में निकाल के घुमाने लगी जैसे कोई लंड चूस रही हो... नीचे से शालिनी ने उसके लंड की चुसाइ चालू रखी और अपने हाथों से उसके टट्टों को सहलाने लगी... भारत देख तो ऋतु को रहा था लेकिन मज़े शालिनी से ले रहा था.. ऋतु को देखते देखते भारत ने शालिनी के बालों को पकड़ा और उसे माउथ फक देने लगा.. भारत इतना गरम हो गया था कि उसे ध्यान ही नहीं रहा कि शालिनी उसका लंड हलक तक ले चुकी थी, अब उसकी साँसें घुटने लगी थी और उसकी आँखों से आँसू आने लगे थे.

"गुणन्ं गन अहहाहा भारत गुणन्ं अहाआहः..आइ एम चोकिंग ओनोव अहहहहा गुणन्ञन् अहहहहाहा" शालिनी बोलने लगी और भारत के लंड को अपने मूह के बाहर निकाल दिया.. जैसे ही शालिनी ने भारत के लंड को बाहर निकाला, भारत ने शालिनी के दोनो पैरों को चौड़ा किया जिससे उसकी चिकनी चूत सामने आ गयी.., बिना किसी देरी के, भारत ने अपना लोहे समान लंड शालिनी की चूत पे सेट किया और एक ही झटके में अंदर घुसा दिया, शालिनी की चूत इतनी गीली हो चुकी थी कि लंड सॅट से अंदर चला गया और उसे दर्द भी नहीं हुआ...

 


"अहहहहहा फक मी हार्ड यआहहा अहहहहहा.. चोद मुझे आहाहहाः चोद अहहाहा.. भडवे अहहहहा मेरी माँ को चोदने आया है ना साले अहहहहहा.. चोद मुझे ऋतु समझ के आहाहहा.. यॅ फक मी अहहहहा... " शालिनी इस बात से अंजान थी कि ऋतु पीछे ही थी, अब वो ज़मीन पे बैठ के अपनी चूत सहला रही थी और और अपनी बेटी को चुदते हुए देख रही थी. उपर से अपनी बेटी के मूह से यह बात सुनके ऋतु और ज़्यादा गरम हो चुकी थी और एक हाथ से अपने चुचे भी सहलाना चालू कर दिया

"अहाहाहा हां मेरी ऋतु आहहहाहा... क्या चूत है तेरी अहहहहहा.. चुचे भी दिखा दे एक बार अहहाहा सीयी.... " भारत के मूह से चुचे की बात सुन ऋतु ने अपना टॉप भी निकाल दिया और शालिनी इस बात को अनसुना करके बस चुदाई का मज़ा लेने लगी....

"यआःा अहहहहा फक मी हार्डर अहहहहा... उम्ममवाहहहहहहा ओह एसस्स्स्सस्स..आहाहहाः मैं आ र्हैइ हूँ अहहहहा..." कहके शालिनी एक बार फिर झड़ने लगी, और अपना सारा पानी भारत के लंड पे छोड़ने लगी.... जैसे ही शालिनी झड़ी, भारत ने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला और खुद

ज़मीन पे लेट गया... शालिनी झट से सोफे से उठी और उसके लंड पे बैठ के उसकी सवारी करने लगी.. ऋतु जो नीचे बैठी हुई थी अब वो भी खड़ी हुई और थोड़ा नज़दीक आ गयी और उन दोनो की चुदाई देखने लगी.. ज़मीन पे चुदवाती शालिनी, ऋतु की बेटी, सामने खड़ी हुई ऋतु, शालिनी की माँ,, यह सीन भारत को बहुत ही गरम कर चुका था.. शालिनी कूद कूद के भारत के लंड को अपनी चूत के अंदर ले रही थी और उधर ऋतु भी अब पता नहीं कितनी बार झाड़ चुकी थी.. जब भारत से रहा नहीं गया, उसने शालिनी को अपने लंड से हटने का इशारा किया.. जैसे ही शालिनी हटी, भारत ने शालिनी को अपनी गोद में उठा लिया जैसे कोई छोटी बच्ची हो.. शालिनी ने अपनी दोनो बाहें भारत के गले में डाली और नीचे से भारत ने अपना लंड उसकी चूत में डाला.. ऐसा सीन ऋतु ने आज तक सिर्फ़ पॉर्न फिल्म में देखा था, गोद में लेके चुदाई.. शालिनी और भारत पूरा ज़ोर लगा रहे थे इस पोज़ीशन में.. जैसे ही भारत को लगा उसका निकलने वाला है, उसने अपने लंड को बाहर निकाला और शालिनी को नीचे बैठने का इशारा किया.. जैसे ही शालिनी नीचे बैठी..

"आहहहहा ऋतु मैं आ रहा हूँ अहहहाहा... उफ़फ्फ़ अहहहहा हियर आइ अम कमिंग ऋतु अहहहहहा..." कहके भारत अपना लंड हिलाने लगा और अपना सारा रस शालिनी के मूह पे छोड़ दिया, जिसे शालिनी ने किसी एक्सपर्ट रंडी की तरह चाट चाट के सॉफ किया.. उधर ऋतु ने भी ज़मीन से अपने कपड़े उठाए और अपने रूम में भाग गयी ताकि शालिनी को पता ना चले...

"अहहहहहा.. साले आज मार ही डाला तूने अहहहहा.. आइएम सो टाइयर्ड आहहहहा.. वेट,आइ एम कमिंग अहाहहाहा...." कहके शालिनी ने भी अपनी ड्रेस उठाई और अपने कमरे में फ्रेश होने चली गयी... शालिनी के जाते ही भारत ने अपने कपड़े पहने और अपने मोबाइल से एसएमएस किया

"पॅक युवर बॅग्स... यूआर कमिंग विद मी"

 
"पॅक युवर बॅग्स... युवर कमिंग विद मी.." भारत ने अपने कपड़े पहेन के मोबाइल से एसएमएस किया...

तुरंत उसका रिप्लाइ भी मिला उसको

"वाइ डू यू से दट..."

"डू ऐज आइ से... विल एक्सप्लेन यू लेटर.." कहके भारत ने अपना मोबाइल बंद कर दिया और वहीं रूम में शालिनी का इंतेज़ार करने लगा... बैठे बैठे भारत अपना दिमाग़ चलाने लगा.. शायद वो कुछ बड़ा करने का सोच रहा था, शायद वो कुछ ऐसा करना चाहता था जिससे उसको कुछ बड़ा फ़ायदा हो... कुछ देर बैठे रहने के बाद भारत ने खुद से बहुत ही धीमे लफ़ज़ो में कहा

"आइ आम सॉरी शालिनी.. तुम मेरे बहुत काम आई हो.. अभी मुझे सिर्फ़ पैसा ही चाहिए, तुम्हारा जितना काम था मैं वो ले चुका हूँ... अब तुम मेरे किसी काम की नहीं..." कहके भारत के चेहरे पे एक शैतानी मुस्कान छा गयी... यह लफ्ज़ कहते ही उसने तुरंत अपना मोबाइल निकाला और ऑन करके फिर एक फोन घुमाया...

"मिस्टर भार्गव... आइ मीन सर... बस एक लास्ट मदद चाहिए आपसे.. " कहके भारत ने भार्गव से अपनी बात कही... जैसे ही भारत ने अपनी बात ख़तम की, कुछ देर तक शांति छाई रही, फिर सामने से भार्गव ने जवाब दिया

"दिस ईज़ नोट पासिबल भारत.. सब फाइनल हो चुका है, और यह करने से कॉलेज का नाम इंटरनॅशनल लेवेल पे भी खराब होगा.." भार्गव ने अपनी कड़क आवाज़ में कहा

"ओफ़कौर्स दिस ईज़ पासिबल सर... क्यूँ नहीं हो सकता... आप जो चाहे कर सकते हैं अपने स्टूडेंट्स के साथ, किसी के भी रूम में, तो यह तो बहुत ही मामूली चीज़ है.." भारत ने भार्गव को शालिनी और उसकी वीडियो क्लिप के बारे में इशारे से कहा

"भारत.. स्टॉप ब्लॅकमेलिंग मी.. तुमने कहा था मुझसे मैं तुम्हारा एक काम कर दूं तो फिर तुम वो क्लिप डेलीट कर दोगे..." भार्गव ज़ोर से चिल्लाते हुए बोला, शायद यह डर था उसका

"सर.. प्रॉमिस, बस यह काम.. इसके बाद कुछ नहीं कर्वाउन्गा आपसे... " भारत ने धीरे से कहा

"बट इसके लिए शालिनी वेर्मा से भी एनओसी चाहिए, और माइक से भी सब ऑर्गनाइज़ करवाना पड़ेगा.. इसके लिए टाइम नहीं है इतना.. तुम जानते हो इन गोरों को.." भार्गव मजबूर होने लगा था...

"माइक की चिंता आप करें, और रही शालिनी की एनओसी की बात, तो वो कल सुबह आपको मैं लाके दूँगा... फिर तो हो जाएगा ना..." भारत ने बड़े ही शांत आवाज़ में कहा

"आइ विल ट्राइ भारत.." कहके भार्गव ने फोन कट किया... फोन कट करके भार्गव के माथे पे पसीना आने लगा , उसके माथे की शिकन बता रही थी कि जो काम उसे भारत ने दिया है करने के लिए वो मुश्किल मे है.. और चाहे कोई भी काम क्यूँ ना हो, भार्गव उसे करने से पहले कई बार सोचता क्यूँ कि वो अगला डीन बनने का सबसे मज़बूत दावेदार जो था.... कुछ देर बैठने के बाद, भार्गव अपने कमरे से निकला और जाके पहुँचा कॉलेज के करेंट डीन के पास...

शालिनी के घर भारत सोचने लगा, जो काम वो चाहता है उसे कैसे अंजाम दिया जाए... आधा घंटा बीत चुका था, ना ऋतु आई थी और ना ही शालिनी.. भारत की सोच में खलल तब पड़ा, जब घर का डोर बेल रिंग हुआ.. किसी को अपने पास ना पाकर भारत खुद ही दरवाज़ा खोलने चला गया..जैसे ही भारत ने दरवाज़ा खोला, सामने खड़े शख्स से उसने सवाल किया

"हां जी.. बोलिए, हाउ कॅन आइ हेल्प यू.."

"यह मेरा घर है मिसटर.. हू आर यू, आंड बाकी के सब लोग कहाँ है.. ऋितुउुुुउउ... ऋितुउुउउ.." शालिनी का बाप घर के अंदर आके किसी पागल कुत्ते की तरह चिल्लाने लगा...

"कमिंग बाबा.. वेट तो..." ऋतु ने आवाज़ दी और 2 मिनिट में बाहर आ गयी...

"ऋतु, हू ईज़ ही... आंड व्हाई दा हेल ईज़ ही इन इर लिविंग रूम..." शालिनी के बाप ने ऋतु से कहा

"सर.. सॉरी, मुझे पता नहीं था आपके बारे में... आंड माइ नेम ईज़ भारत, शालिनी का कॉलेज फ्रेंड हूँ.... हेलो..." कहके भारत ने अपना हाथ आगे बढ़ाया..

"यंग मॅन.. लर्न टू बिहेव... ऋतु, पानी लाओ प्लीज़... वेरी टाइयर्ड टुडे..." कहके शालिनी का बाप फ्रेश होने चला गया, और ऋतु भी मूह फेरके वहाँ से चली गयी.. जैसे भारत ने सोचा था, वैसी शुरुआत नहीं हुई शालिनी के पिता के साथ, उसे कुछ ना कुछ करना पड़ेगा ताके उसके काम में शालिनी का बाप ही उसकी मदद करे... सोचते सोचते भारत वहीं फिर बैठ गया और अपना माथा पकड़ के अपने दिमाग़ को दौड़ाने लगा...

"ड्यूड... सूप... क्या सोच रहा है.." शालिनी की आवाज़ से भारत का ध्यान टूटा

 


"तेरे पापा कुछ ख़ास इंप्रेस नहीं हुए , माइ फर्स्ट इंप्रेशन" भारत ने निराश होके कहा

"चिल कर यार, डिन्नर पे आइम शुवर तू कुछ ना कुछ कर लेगा.." कहके शालिनी भारत के सामने बैठी और बातें करने लगे..... कुछ ही देर में ऋतु और उसका पति दोनो अपने कमरे से बाहर आए और आके सीधा खाने बैठे...

"शालिनी, चलो डिन्नर साथ करते हैं, आज लेट नाइट फ्लाइट से मुझे दिल्ली भी जाना है... आंड आइम हेल पिस्ड ऑफ टुडे..." शालिनी के बाप ने अपने दाँत पीसते हुए कहा

"चिल पॉप्स... क्या हुआ.. आज क्यूँ इतने टेन्षन में है, आंड इससे मिलिए... भारत... माइ फ्रेंड, कम आड्वाइज़र, कम गाइड.. कम.. एवेरितिंग.. बस यूँ समझिए, मैं कहीं भी अटकती नहीं क्यूँ कि भारत मेरे साथ हमेशा होता है.." शालिनी ने डाइनिंग टेबल पे आते हुए कहा और भारत का हाथ पकड़ के उसे भी अपने साथ लाई...

"भारत.. क्या करते हैं तुम्हारे डॅड..." शालिनी के बाप ने इतरा कर पूछा

"उः.. सर, यह उनका कार्ड है.." भारत ने कार्ड थमाया शालिनी के बाप के हाथ में.. जैसे ही शालिनी के बाप ने कार्ड देखा, कुछ देर तक सोच में पड़ गये... फिर अचानक उन्होने कहा

"यू आर सोन ऑफ मिस्टर राकेश.. दा स्टॉक मार्केट मॅग्नेट...." इस आवाज़ में वो बहुत चौंके हुए दिखे

"मॅग्नेट.. पता नही सर, बट हां मैं उनका बेटा हूँ, आंड मैं उन्हे पापा कहता हूँ, मॅगनेट नहीं.." भारत ने सरलता से जवाब दिया

"ओह माइ गॉड... शालिनी, तुमने पहले क्यूँ नहीं बताया.. एक्सट्रीम्ली सॉरी यंग मॅन... आज का दिन ईज़ सो बॅड... एनीवेस, हाउ ईज़ ही दीज़ डेज़, कभी हो सके तो मेरी मुलाक़ात भी कर्वाओ उनसे.. कन्स्ट्रक्षन ठंडा चल रहा है, स्टॉक्स से ही कुछ पैसे बना लूँ इन दिनो हाँ.." शालिनी के बाप ने हँस के कहा

"डॅड, अपने डॅड का पोर्टफोलीयो भारत ही मॅनेज करता है..." शालिनी ने यह लाइन कहके भारत का काम काफ़ी आसान कर दिया

"शालिनी.. तुमने बहुत कुछ छुपाया है मुझसे हाँ... अब चलो भारत को अच्छे से खाना खिलाओ, ही ईज़ आ स्पेशल गेस्ट... आंड भारत फील अट होम बेटा.." शालिनी के बाप ने मस्का मारना स्टार्ट किया

"थ्ट्स ओके सर.. आप को कुछ अड्वाइस चाहिए तो खाने के बाद हम बैठ सकते हैं आपका पोर्टफोलीयो डिज़ाइन करने..." भारत ने अपना पता फेंका

"सर नहीं, अंकल बोलो बेटा. और हां क्यूँ नहीं, चलो जल्दी से ख़ाके बैठते हैं.." शालिनी के बाप को जैसे कोई लॉटरी लगी हो.. खाने के दौरान शालिनी के बाप की खुशी फूले नहीं समा रही थी, वहीं शालिनी और ऋतु बस भारत पे ही अपने नज़रें टिका के बैठे थे.. भारत, अपने मन में आगे की बातें सोचने लगा.. करीब एक घंटे बाद

"अंकल, चलें आपके रूम में डिसकस करने," भारत ने शालिनी के बाप से कहा और वो दोनो एक ही मिनिट में मैन रूम से गायब हो गये.. शालिनी और ऋतु वहीं खड़े खड़े बातें करने लगे और टेबल सॉफ करने लगे...भारत ने करीब 2 घंटे तक बैठ के शालिनी के बाप का पोर्टफोलीयो बनाया और यह सब करते वक़्त वो और कुछ नहीं सोच रहा था.. जब भी वो स्टॉक मार्केट में घुसता, उसे कोई भी चीज़ डिस्टर्ब नहीं करती.. हालत यह थी कि जल्दबाज़ी में शालिनी का बाप पानी लेना भूल गया, और भारत ने हज़ार बार टोका कि उसे कोई डिस्टर्बेन्स नहीं चाहिए बीच में..

"यह लीजिए अंकल.. आप इन सब में इनवेस्ट कर सकते हैं, मिनिमम रिटर्न 75 % इन 8 मंत्स शुवर शॉट.." भारत ने शालिनी के बाप को पेपर पकड़ाते हुए कहा

"यह सब ठीक है भारत, मैं पानी मंगवा लूँ.. तुम तो ऐसे खोए हुए थे लॅपटॉप में कि तुम्हे वक़्त का ध्यान ही नहीं रहा.." शालिनी के बाप ने सुखी आवाज़ में कहा

"सॉरी अंकल, बट मैं कोई काम करता हूँ तो मुझे उसमे डिस्टर्बेन्स अच्छा नही लगता.. आप कितना इनवेस्ट करने वाले हैं वैसे..." भारत ने पूछा...

"मैं सोच रहा हूँ 50 लॅक्स से स्टार्ट करूँ.. " शालिनी के बाप ने जवाब दिया

"फेर एनफ अंकल... वैसे मुझे आपसे कुछ बात करनी है, आपके पास वक़्त हो तो..." भारत ने सीरीयस होके कहा

"आइ हॅव 15 मिनट भारत, अभी बोलो या तो मेरे वापस आने के बाद बोलो, वॉटेवर यू फील.." शालिनी के बाप ने घड़ी देख के कहा

"सर बात शालिनी के रिलेटेड है, बेटर होगा आप देल्ही एक दिन लेट जायें... शालिनी से ज़्यादा इंपॉर्टेंट कुछ नहीं है आपके लिए आइ गेस...." भारत ने अपनी चाल शुरू कर दी.. शालिनी का नाम सुनके शालिनी का बाप थोड़ा सर्प्राइज़ हुआ और भारत के साथ बात करने बैठ गया... 15 मिनट की बात करीबन 45 मिनिट्स चली... भारत की बातें सुनके शालिनी के बाप के चेहरे पे चिंता के भाव आ गये..

 
"शालिनी... किधर हो बेटी, आइ नीड टू टॉक यू, " शालिनी के बाप ने बाहर आके धीरे से कहा

"यस पॉप्स.. इधर ही हूँ.. बोलिए.." शालिनी ने जवाब दिया

"बेटा, तुम्हारी प्लेसमेंट का क्या हुआ, तुमने बताया नहीं.." शालिनी के बाप के आवाज़ में प्यार था

"डॅड... मैं सेलेक्ट हो गयी हूँ गोल्ड्मन सॅक्स में... यूएस जाना है इन 15 डेज़.. यस आइ एम सो हॅपी.."

"तुम यूएस नहीं जा रही.. तुम्हारी शादी की बात करने जा रहे हैं हम कल.. " शालिनी के बाप ने अपनी आवाज़ को उँची करके कहा

"बट डॅड, मेरे करियर का क्या.. आंड मुझे नहीं करनी शादी.." शालिनी ने अपनी आँखें बड़ी करते हुए कहा

"करियर.. कौनसा, मुश्किल से तो पास होती हो.. यह पढ़ाई का टाइम पास बहुत हुआ, नाउ डू व्हाट आइ से.. आंड मुझे इस्पे कोई डिस्कशन नहीं चाहिए... मैं कल की टिकेट्स बुक करता हूँ..." शालिनी के बाप ने चिल्ला के कहा.. इससे पहले शालिनी कुछ जवाब देती, पीठ पीछे से भारत ने उसको इशारे में चुप रहने को कहा.. यह देख शालिनी चुप तो हो गई पर उसके दिल में सवाल भी था.. लेकिन भारत पे उसके अंधे भरोसे की वजह से वो खामोश हो गयी और वहाँ से चली गयी.. कुछ मिनिट में शालिनी का बाप और ऋतु भी अपने रूम में चले गये.. उनके जाते ही भारत ने शालिनी को लिविंग रूम में आने का एसएमएस किया.. जल्द ही शालिनी वहाँ आ गयी..

"चुप रहने को क्यूँ कहा तूने मुझे.. उन्हे जवाब देने देता ना, यह मेरी लाइफ बर्बाद हो जाएगी यार.." शालिनी ने चिंता में आके कहा

"सबसे पहले ठंडा दिमाग़ रख, अंदर उन्होने मुझे पूछा सब कुछ हमारी कॉलेज लाइफ के बारे में और पढ़ाई के बारे में... अचानक उन्होने मुझसे कहा क्या मैं तुझसे शादी करूँगा... ऐसे अचानक यह सवाल सुनके मुझे समझ नही आया मैं क्या करूँ, मुझे खामोश देख के बस, वो बाहर आए और तेरे साथ यह सब बात हुई.." भारत ने चालाकी से पूरा दोष शालिनी के बाप पे डाला...

"मैं कोई शादी नही करने वाली , और ना ही यूएस जाना कॅन्सल करूँगी..." शालिनी अभी भी अपने दिमाग़ को ठंडा नही कर पाई थी

"तुझे पता है कॉलेज प्लेसमेंट में यूएस जाएगी, उसके लिए कितने तरह के डॉक्युमेंट्स सब्मिट करने हैं.. और जिसमे पेरेंट्स की सिग्नेचर चाहिए, उसमे क्या करेगी... फ़र्ज़ी साइन करेगी तो पकड़े जाने पे तेरा करियर ओवर.." भारत ने अपना दबाव बढ़ा दिया

"तो मैं क्या करूँ..शादी कर लूँ, तेरा दिमाग़ क्यूँ बंद है यार..." शालिनी ने भारत पे अपनी भडास निकालते हुए कहा

"सबसे पहले तो एक काम कर, कल देल्ही जा अपने पापा के साथ, देख कौनसा लड़का है और थोड़ा घुमा उनको... और हो सके तो भार्गव को बोलके फिलहाल किसी लोकल कंपनी में सेट्टिंग करवा... अगर मेरी सेलेक्षन हुई तो मैं यूएस जाके तेरा कुछ जुगाड़ बिठा दूँगा... अगर नही हुई तो हम इधर साथ ही होंगे..." भारत ने झूठा आश्वासन देके कहा

"भारत, इतना बड़ा रिस्क मैं नही ले सकती यार.. आइम सॉरी" शालिनी ने मूह फेरते हुए कहा..

"ओके बेब... अगर ऐसा है तो यहाँ से इट’स युवर गेम...प्ले इट वे यू वान्ट.. मैं अब कुछ नही कर सकता..." कहके भारत वहाँ से जाने लगा

"भारत वेट यार... सोचने दे,.... तू शुवर है कि तू वहाँ कुछ सेट्टिंग करवा देगा, ऐसा ना हो कि मैं लटक जाउ..." शालिनी ने कन्फ्यूज़ होके कहा

"तुझे मुझपे भरोसा नहीं है..." भारत ने शालिनी के चेहरे को हाथ में लेके पूछा...

"यू नो ना, खुद से ज़्यादा भरोसा करती हूँ मैं तुझपे, ठीक है चल...बट आइम वेरी अपसेट यार... बोल क्या करना है..." शालिनी ने मायूसी में आके कहा

“भार्गव को फोन घुमा और उसे समझा यह सब प्राब्लम… और उसे कहना कि लोकल ही कोई कंपनी में तू प्लेसमेंट चाहती है…” भारत ने भार्गव को अपने फोन से फोन मिलाया और शालिनी को पकड़ा दिया… शालिनी ने भार्गव से काफ़ी देर तक बात की… भारत दूर खड़े ही शालिनी को देख रहा था… करीब आधे घंटे की बात के बाद शालिनी भारत के पास आई..

शालिनी :- भारत, भार्गव ने ओके तो कहा.. उसे कोई प्राब्लम नहीं है इन सब में, पर मुझे रूबी से बात करनी पड़ेगी अब.. और अगर वो मान गयी तो फिर कंपनी और प्लेसमेंट बोर्ड को भार्गव मना लेगा..

भारत:- रूबी क्यूँ ?

शालिनी:- लोकल बॅंक का इंटरव्यू कल है.. अब उसमे रूबी ही सिर्फ़ अपीयर हो रही है, उसके अलावा जो दूसरी कंपनीज़ हैं उसमे बाकी के स्टूडेंट्स हैं… दूसरे स्टूडेंट्स के सामने मेरे मार्क्स तो कम हैं, रही सिर्फ़ रूबी.. और उसमे भी मुझे बॅंक के सामने अपीयर होके इंटरव्यू देना पड़ेगा….

भारत:- तो तूने क्या सोचा

शालिनी :- क्या सोचूँ… मेरे बाप ने सब ख़तम कर दिया अब… और भार्गव ने भी मुझे वॉर्निंग दी है कि मैं अगर कुछ भी फेक करती हूँ, तो उसकी वजह से कॉलेज की रेपुटेशन खराब होगी, आंड मुझ पे लीगल केस हो सकता है.. चल अब कॅंपस में, रूबी से बात करके देखती हूँ..
 


यह कहके शालिनी अपने रूम में चली गयी, और ढंग के कपड़े पहन के बाहर आ गयी.. भारत और शालिनी रात के 11 बजे कॉलेज कॅंपस जाने को निकल गये. रास्ते में शालिनी ने रूबी को फोन करके सब समझाया और उससे मिलने को कहा... पूरे रास्ते में शालिनी खामोश रही.. लेकिन गाड़ी में एक अजीब सा शोर था.. वो शोर था भारत के दिमाग़ में.. वो जैसा चाहता था, वैसा हो रहा था.. अब वो आगे के बारे में सोचने लगा… इन्ही ख़यालों में भारत और शालिनी कॉलेज पहुँचे और सीधे हॉस्टिल की तरफ बढ़े.. हॉस्टिल में जाते ही उन्होने रूबी के कमरे की तरफ अपना रुख़ मोड़ा.. रूबी के कमरे में पहुँच के शालिनी ने रूबी को सब कुछ समझाया.. रूबी कन्विन्स्ड नहीं लग रही थी, इन सब से, पर वो शालिनी को अच्छे से सुन रही थी.. अंत में रूबी ने शालिनी से सवाल किया

“शालिनी.. पर मुझे तो गोल्ड्मन का इंटरव्यू क्रॅक करना पड़ेगा.. और भार्गव सर से बात भी करनी पड़ेगी ना…”

“वो बात मैने कर ली है.. तू अभी मेरे साथ चल भार्गव सर के पास और मैं सब कुछ राइटिंग में देती हूँ.. उसके बाद तेरा इंटरव्यू रैयेड्यूल होगा.. और कल तेरी जगह मैं चली जाउन्गि इंटरव्यू देने.” कहके शालिनी और रूबी दोनो भार्गव से मिलने चले गये और अकेला छोड़ गये भारत को… करीब 1 घंटे बाद रूबी अपने कमरे में आई और भारत को वहीं खिड़की के पास पाया.. रूबी ने धीरे से रूम को लॉक किया और पीछे से आके भारत को गले लगाया..

“उम्म्म.. तूने उसके साथ ऐसा क्यूँ किया…”

"तू वो सब सोचना छोड़ दे... सबसे पहले यह बता, तेरे इंटरव्यू की डेट क्या है.." भारत ने सीधा होके रूबी से पूछा.. जैसे ही भारत मुड़ा, रूबी के पहाड़ जैसे चुचे, भारत की छाती में धँसने लगे..

"परसो.. जब तेरा और सिड का रिज़ल्ट आएगा, तब.. और कल मुझे शालिनी की हेल्प करनी है इंटरव्यू क्रॅक करने में.. दोपहर को इंटरव्यू है, और सुबह से उसके साथ बैठना पड़ेगा.." रूबी ने अपनी बाहों का हार बनाके भारत के गले में डाल दिया...

"हाए मेरी रानी... कल सुबह के बीच में आज की रात भी तो है... मेरा इनाम तो दे मुझे" कहके भारत अपने होंठ रूबी के होंठों के पास ले गया... रूबी ने भी उसका न्योता स्वीकारा और उसके होंठों को चूमने लगी... "उम्म्म...अहहहहहहहह एसस्स्साहहहह..... लव यू भारत आहाहहहहाहा.... उम्म्म यॅ अहहहहहा....." रूबी चूमते चूमते बड़बड़ाने लगी....

"आहहहहाहा यॅ बाबेआ...... आइ लव यू टू आहाहहा.... येस अहहहहहा...उम्म्म्ममममम यूआर सो हॉट डार्लिंग अहहहाहा........." भारत चूमते चूमते बोलने लगा... भारत के मूह से आइ लव यू सुनके रूबी को एक खुशी हुई, क्यूँ कि जो बंदा लव शब्द से नफ़रत करता था, आज उसके मूह से आइ लव यू निकला... वहीं दूसरी तरफ भारत ने मन बना लिया था कि अब उसे कुछ भी करना पड़े, वो यूएस जाके अपने काम को अंजाम देना चाहता था जिसके लिए रूबी का उसके साथ होना बहुत ज़रूरी था.. भारत और रूबी अपनी किस्सिंग में डूबे हुए था करीब 10 मिनट से.. चूस चूस के दोनो ने अपने होंठों को गीला कर दिया था लेकिन कोई परवाह नहीं कर रहा था.. रूबी खुश थी और भारत बस अपने काम के लिए यह सब कर रहा था...

"उम्म्म अहहाहा बेब... आइ वान्ट टू फक यू नाउ... अहहहहहा.." कहके भारत ने रूबी का टॉप उतार दिया. ब्लू ब्रा से रूबी के चुचे देख उससे कंट्रोल नहीं हो पा रहा था.. जैसे ही उसने अपना हाथ उसकी ब्रा की तरफ बढ़ाया, रूबी ने उसका हाथ रोक दिया और उससे थोड़ी दूर हो गयी..

"उः आहाहा...मिस्टर.. थोड़ा कंट्रोल करो खुद को.. इतनी जल्दी यह मुर्गी तेरे जाल में नहीं आने वाली.. थोड़ी मस्ती तो कर मेरे राजा.." कहके रूबी अपनी ब्रा का स्ट्रॅप थोड़ा नीचे किया और फिर उपर कर दिया... रूबी ने अपना टॉप उठा के पहेन लिया और बेड पे लेट गयी अपनी टाँगें खोल के..

"हम तो मुर्गी को खरीदते हैं.. पर तेरे जैसी मुर्गी को खाने के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ... बोल क्या करना पड़ेगा मुझे.." भारत भी रूबी के खेल में साथ देने लगा...

"उम्म्म.. 2 सवाल पूछूंगी... सही जवाब देगा तो मेरे कपड़े में खुद उतारुँगी.. नहीं तो आज की रात तू अपने लंड पे कॅलंडर लटका लेगा.." कहके रूबी ज़ोर ज़ोर से हँसने लगी

"सवाल पूछ" भारत ने सीरीयस होके जवाब दिया

 


"पहला सवाल.. तूने शालिनी के साथ ऐसा क्यूँ किया.. मुझे एसएमएस किया तूने जब कि तू मुझे यूएस प्लेसमेंट दिलवाएगा, तो उससे पहले तूने मेरे साथ ऐसा क्यूँ किया"

"आइ लव यू रूबी.. शालिनी ईज़ आ फ्रेंड.. हां मुझे बहुत देर से इस बात का एहसास हुआ... आंड शालिनी को मैं दुख नहीं पहुँचा सकता... इस लिए यह सब करना पड़ा.." भारत ने अपनी शर्ट उतार के जवाब दिया..

"उम्म्म..... ओके.. मान लेती हूँ... " यह कहके रूबी ने एक बार फिर अपना टॉप उतार फेंका... "अब दूसरा सवाल.. यह बता, अगर तेरा सेलेक्षन जीएस में नहीं हुआ तो... तूने तो शालिनी से यह कहा है कि तू उधर जाएगा तो उसको बुला लेगा, और अगर नहीं हुआ तो इधर उसके साथ है.. इसका मतलब मैं क्या समझू" रूबी ने सीरीयस होके कहा

(ईडियट.. बिच, इसको वो सब बताने की क्या ज़रूरत थी.. शालिनी, यूआर सच एन ईडियट...) भारत मन ही मन यह सब सोचने लगा.. कुछ देर तक यूही खड़ा रहके भारत ने जवाब दिया

"रूबी.. मैने तुझे कहा कि आइ कन्नोट हर्ट हर.. आंड बिसाइड्स मैं उसके घर पे था. तो सिचुयेशन के हिसाब से मुझे जो सही लगा मैने वो जवाब दिया.. आंड वैसे भी यूएस में तू होगी ना मेरे साथ, तू तो मुझे कंट्रोल करेगी ही.. फिर क्या चिंता है" भारत ने अपनी जीन्स का बेल्ट उतार के जवाब दिया

"अग्रीड.. उधर तो मैं तुझे मेरे काबू मैं ही रखूँगी.. इधर उधर भटकने भी नहीं दूँगी... "कहके रूबी ने अपना लोवर भी उतारा और अब वो सिर्फ़ ब्रा पैंटी में थी... जैसे ही भारत उसके पास गया, रूबी फिर बेड से उठ के दौड़ी और अपनी ब्रा का एक स्ट्रॅप नीचे करके फिर भारत को टीज़ करने लगी

"उम्म्म्म... अब इसे उतारने के लिए कुछ करना पड़ेगा ना तुझे..." रूबी ने अपनी ब्रा की तरफ इशारा करते हुए कहा

"यह बता... मुझसे शादी कब करेगी तू.." भारत ने रूबी की तरफ बढ़ते हुए कहा. भारत के मूह से शादी का सुनके रूबी थोड़ी देर खामोश हुई, और मुस्कुरा के उससे पूछा

"तू मज़ाक कर रहा है.."

"नहीं.. मैने अभी कुछ देर पहले ही मेरी मोम से बात की है.. वो लोग बाहर गये हैं वाकेशन के लिए युरोप टूर पे.. जैसे ही आएँगे हम बात आगे बढ़ा सकते हैं.." यह सुन रूबी थोड़ी देर यूही खड़ी रही, और एक ही सेकेंड में भारत की बाहों में आ गयी...

"आइ लव यू आ लॉट भारत... आइ ट्रस्ट यू आ लॉट नाउ... प्लीज़ मेरा दिल नहीं तोड़ना प्लीज़.." रूबी की आँखें हल्की नम होने लगी...

"हे हे.. अब प्लीज़ रो मत.. और कोई सवाल है तेरे मन में.." भारत ने रूबी के चेहरे को अपने हाथ में लेते हुए पूछा

"नहीं.. " रूबी ने भारत की छाती में मुक्का मारते हुए कहा... दोनो एक बार फिर किस्सिंग में डूब गये और इस बार किस्सिंग करते करते रूबी ने खुद ही अपनी ब्रा और पैंटी उतार दी.. किस्सिंग करते करते भारत रूबी की चूत में अपनी उंगली डालने लगा... रूबी की सिसकारियाँ दबी की दबी रह गयी किस्सिंग की वजह से.. किस्सिंग तोड़के रूबी भारत से दूर हुई थोड़ा, और दरवाज़े के पास वाले ड्रॉयर से तेल की बॉटल निकाली.. तेल को हाथ में लेके रूबी ने अच्छी तरह से अपनी पूरी बॉडी पे तेल लगाना स्टार्ट किया... तेल की वजह से उसका शरीर अच्छी तरह चमकने लगा... तेल लगाते लगाते रूबी अपने बूब्स पे आई और उन्हे तेल लगाने के बहाने मसल्ने लगी... उसका मकसद आज भारत को टीज़ करने का था.. वो भारत को अच्छी तरह गरम करना चाहती थी.. अपने चुचे मसल्ते मसल्ते रूबी गरम होने लगी.. उसके निपल्स एक दम कड़क हो गये... वो आँखें बंद करके बस उस वक़्त का मज़ा ले रही थी

 


रूबी को ऐसे देख, भारत का लंड जीन्स फाड़ना चाहता था.. उसे अकड़न महसूस होने लगी... भारत ने वहीं खड़े खड़े अपनी जीन्स उतार दी और अपने मूसल को आज़ाद कर दिया.. लंड हिलाते हिलाते भारत रूबी के मूह के पास गया और उसके होंठों पे अपने लंड को रख दिया.. अपने होंठों पे कुछ गर्मी पाके जब रूबी ने आँखें खोली, वो दंग रह गयी...

"उम्म्म्म आ अहहहहहा कितना बड़ा लंड है तेरा आज तो आहाहहा... मेरी चूत का भोसड़ा तो बना चुका है साले अहहहहाहा....उम्म्म्म अब क्या करेगा आहहहहहा.." कहके रूबी ने पास में रखा तेल भारत के लंड पे गिरा दिया और उसे मुठियाने लगी... भारत के लंड में भी अब चमक सी आ गयी... उसकी नसें सॉफ दिख रही थी.. रूबी किसी पागल रंडी की तरह लंड को हिलाए जा रही थी.. लंड हिलाते हिलाते रूबी ने अपने तेल वेल हाथ भारत के टट्टों पे भी मल दिए.... कुछ देर तक लंड को जन्गलियो की तरह हिलाने के बाद रूबी ज़मीन पे लेट गयी

"आज मेरे चुचे छोड़ भारत आहहहाहा.. बहुत दर्द करते हैं यह..उम्म्म्मम आहाहहः... आज दिखा तेरे लंड में कितना दम है..." रूबी ज़मीन पे लेट के बोली.. भारत ने एक बार धीरे से अपने लंड को सहलाया और रूबी के पेट पे बैठ अपने लंड को रूबी के चुचों की घाटी में रख के धीरे धीरे घिसने लगा.. तेल से भीगे हुए लंड और चुचे का मिलन, वो सीन किसी का भी लंड खड़ा कर दे... किसी भी औरत की चूत में खलबली पैदा कर दे.. धीरे धीरे भारत अपने तेल से सने हुए लंड को रूबी के चुचों में घिस रहा था.. लंड घिसते घिसते भारत ने अपनी स्पीड बढ़ा दी, और अपने लंड के टोपे को रूबी के मूह के पास ले जाने लगा... जैसे ही भारत के लंड को टोपा रूबी के मूह के पास आता, रूबी अपनी ज़बान निकाल के उसपे घुमा लेती...

हर एक धक्के में रूबी को अलग एहसास आता.. आज भारत के लंड ने उफान सा मचा रखा था.. करीब 20 मिनट हो गये थे इन दोनो के खेल को लेकिन भारत का लंड झाड़ा नहीं था... रूबी के चुचों ने उसके लंड को पागल कर रखा था... "अहहहहा और छोड़ ना आआहहहा..आइ म फक्किंग क्रेज़ी नाउ अहहहहहाहा... और चोद रे मेरे चुचों का आहहहहाहा..... मैं आ रही हूँ अहहहहा सीिईसीईईईईई..." कहके रूबी पहली बार झड़ने लगी... जैसे ही रूबी झड़ी, उसने भारत के लंड को पकड़ा और मूह में लेके उसे चूसने लगी..

"उम्म्म्मम गुउन्ण गन अहहहहहा.. उम्म्म्मम उम्म्म अहाहहाः फक माइ माउथ अहहहाः उम्म्म्म.... अहहहाहा.. यॅ यॅ आहहहहाः यआःहा अहहहहहायआःा आयेआहहहहा..कम फॉर मी आहाहहहा हहाहहाहा.. एसस्सस्स एससस्स अहहहहहहहहा" रूबी अब अपनी पूरी ताक़त के साथ भारत के लंड को हिलाने लगी... लंड पे तेल की वजह से लंड की चमडी बहुत ज़ोर से उपर नीचे हो रही थी, जिससे भारत को एक अलग से मज़ा आ रहा था...

"अहहहहाहा अहहाहा.. यस आइ म कमिंग बेबी अहहहहहा ओह नूओ आहाहहाआहहहहा" इस चीख के साथ भारत ने अपना पूरा माल रूबी के मूह और चुचों पे गिरा दिया... रूबी ने एक पालतू कुतिया की तरह भारत के पूरे माल को अपने चुचों और मूह से खुद को चाट चाट के सॉफ कर दिया.. कुछ सेकेंड्स में ही दोनो बेड पे गये और 69 पोज़िशन में आ गये.. रूबी ने भारत के लंड को मूह में लेके खड़ा करना चालू कर दिया.. भारत का लंड अभी तेल और उसके स्पर्म के मिक्स में भीगा हुआ था.. वहीं रूबी की चूत से भारत को उसका नमकीन स्वाद मज़ा दे रहा था... दोनो हवस की आग में पागल हो चुके थे... बिल्कुल देर ना करते हुए भारत ने अपनी जीभ रूबी की चूत पे रखी और उसे चाटने लगा...

"उम्म्म आहाहहः स्लूरप्प्प्प्प्प स्लूरप्प्प्प्प अहहहहहहा उम्म्म्म..... अहहहहहहाहा... रांड़ हो गयी है साली अहहहहहहा..... स्लूरप्प्प्प्प स्लूरप्रप्प अहहहहहहहा..." भारत रूबी की चूत चाटके बोलने लगा, और बोलते बोलते उसकी गान्ड पे थप्पड़ भी मारने लगा.... रूबी के लिए यह मज़ा बहुत अलग था.. एक बाजू उसकी गान्ड पे थप्पड़ और दूसरी तरफ भारत की ज़बान उसकी चूत पे घूम रही थी.. दर्द और मज़े में रूबी पागल सी होने लगी.... भारत के लंड को भी वो अब चाटने लगी, उसके टट्टों के साथ खेलने लगी... जितने थप्पड़ भारत रूबी की गान्ड पे लगाता, उतनी ही बार रूबी भारत के टट्टों को मसल्ति...

दोनो के शरीर अब पसीने से लथपथ होने लगे थे.. भारत के लंड में अब फिर से वो जान आ गयी थी जो रूबी को चाहिए थी. जैसे ही भारत को यह एहसास हुआ, वो उठ खड़ा हुआ और रूबी को पेट के बल पलंग पे लेटा दिया... रूबी की राइट टाँग को उसने उसकी दिशा में मोड़ दिया और उसकी लेफ्ट टाँग को अपनी राइट टाँग के नीचे दबा दिया.. इस पोज़िशन से रूबी की चूत पूरी खुल गई... भारत ने अपने लंड को उसकी चूत पे सेट किया और दोनो हाथों से रूबी की दोनो टाँगें पकड़ ली... भारत के हाथ का ज़ोर काफ़ी था रूबी को दर्द देने के लिए, लेकिन जैसे ही भारत ने चूत के अंदर अपना लंड घुसाया.. रूबी की ज़बान उसकी हलक में चली गयी.. एक ही झटके में भारत का लंड रूबी की चूत की गहराई में चला गया और चूत की दीवारों से टकराने लगा.. रूबी ने कुछ देर तक दर्द सहेन किया, और फिर धीरे धीरे करके मज़े में चिल्लाने लगी..

"अहहहहहहाहा कैसी पोज़िशन है यह अहहहहहा ओह माइ गोदडड़ आहाहहाहहाआ... एअष्हाहहहा यआहहहः फक मी फास्टर आहहहहहहाहाहाहा"

उस वक़्त वो कुछ इस पोज़िशन में चुदाई कर रहे थे.

 
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